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‘कोरोना हेलमेट’ पहन सड़क पर उतरी पुलिस, लॉकडाउन में बाहर निकले लोगों को समझाने का अनोखा तरीका

"हम सभी कदम उठाते हैं लेकिन फिर भी लोग सड़कों पर निकल आते हैं। इसलिए यह कोरोना हेलमेट एक ऐसा कदम है जो हम यह सुनिश्चित करने के लिए उठा रहे हैं कि लोग पुलिस की बात को गंभीरता से लें। हेलमेट कुछ अलग करने की कोशिश है।"

कोरोना वायरस महामारी की गंभीरता को लेकर लोगों के बीच जागरूक फैलाने के लिए चेन्नई पुलिस ने एक अनोखा तरीका अपनाया है। एक स्थानीय कलाकार ने एक पुलिस अधिकारी के साथ मिलकर लॉकडाउन के दौरान लोगों को सड़कों पर निकलने से रोकने के लिए एक अनोखा ‘कोरोना’ हेलमेट बनाया है। सड़कों पर 24 घंटे सेवा दे रहे पुलिस कर्मियों ने कहा कि हेलमेट लोगों को जागरूक करने में उपयोगी साबित हो रहा है।

सड़क पर कोरोना हेलमेट पहनकर लोगों से मिलने वाले पुलिस इंस्पेक्टर राजेश बाबू ने कहा, “हम लोगों को जागरूक करने के लिए उनसे बात कर रहे थे। लेकिन उनके बीच जागरूकता बहुत कम है। इसलिए हमने कुछ अलग करने की सोची। हमने एक हेलमेट डिजाइन किया है जो कोरोना वायरस की तरह दिखता है। हमने कुछ ऐसा करने के बारे में सोचा, जो लोगों को डराए और उन्हें घर पर बनाए रखे।”

उन्होंने कहा, “हम सभी कदम उठाते हैं लेकिन फिर भी लोग सड़कों पर निकल आते हैं। इसलिए यह कोरोना हेलमेट एक ऐसा कदम है जो हम यह सुनिश्चित करने के लिए उठा रहे हैं कि लोग पुलिस की बात को गंभीरता से लें। हेलमेट कुछ अलग करने की कोशिश है। जब मैं इसे पहनता हूँ तो कोरोना वायरस का विचार यात्रियों के दिमाग में आता है। विशेष रूप से बच्चे इसे देखकर प्रतिक्रिया देते हैं।” इंस्पेक्टर राजेश ने कहा कि उन्होंने यह हेलमेट पहनकर लोगों को इससे बचने और लॉकडाउन के दौरान घर रहने के फायदों के बारे में बताया। 

बता दें कि इस ‘कोरोना हेलमेट’ को चेन्नई के आर्टिस्ट गौतम ने डिजाइन किया। उन्होंने यह हेलमेट लोगों में जागरूकता लाने के लिए तैयार किया है। पुलिस इससे लोगों को जागरूक कर रही है। गौतम ने इस संबंध में बात करते हुए कहा, “पुलिस 24 घंटे काम कर रही है। वहीं लोग इसको लेकर गंभीर नहीं है। मैं पुलिस के लिए कुछ करना चाहता था इसलिए ये तैयार किया।”

स्वास्थ्य मंत्रालय के आँकड़ों के मुताबिक अभी तक तमिलनाडु में कोरोना वायरस के कुल 38 मामले सामने आए हैं। इनमें से 6 विदेशी नागरिक हैं। वहीं एक आदमी की कोरोना से राज्य में मौत हो चुकी है। साथ ही दो लोग अस्पताल से ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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