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रामनवमी और हनुमान जयंती मनाने चली कॉन्ग्रेस घर में ही घिरी, MLA आरिफ मसूद ने कहा- रमजान की बात क्यों नहीं

कमलनाथ ने प्रदेश के पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक पत्र जारी कर रामनवमी और हनुमान जयंती को भव्य तरीके से मनाने का निर्देश दिया है।

मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस के गले की फाँस पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का एक आदेश बन गया है। इस आदेश में कमलनाथ ने पार्टी कार्यकर्ताओं को रामनवमी और हनुमान जयंती मनाने के निर्देश दिए हैं। भोपाल से पार्टी विधायक आरिफ मसूद ने इस पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इससे गलत मिसाल स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने पूछा है कि रामनवमी औऱ हनुमान जयंती के बीच आखिर कॉन्ग्रेस रमजान को कैसे भूल गई।

मसूद ने कहा, “जो परिपत्र जारी किया है उस पर मुझे ऐतराज है। ऐसे परिपत्र राजनीतिक दलों को जारी नहीं करने चाहिए। हम जिस विचारधारा में काम करते हैं उसमें सभी को साथ लेकर चलते हैं। आपने रामनवमी और हनुमान चालीसा का जिक्र किया, लेकिन आप अंबेडकर जयंती, गुड फ्राइडे औऱ रमजान का जिक्र नहीं किया। ये तीनों बड़े त्योहार पड़ने वाले हैं। बाकियों और हममें एक फर्क है और वो ये कि दूसरी पार्टियाँ एक धर्म की बात करती हैं और हम सभी की। बेहतर यही रहेगा कि हम राजनीतिक बात, आंदोलन की बात करें। धार्मिक त्योहार होते हैं और होते रहेंगे, इन्हें न कोई रोक सका है और न कोई रोक पाएगा।”

गौरतलब है कि 10 अप्रैल रामनवमी है और 16 अप्रैल को हनुमान जयंती है। इसी को देखते हुए एमपी कॉन्ग्रेस के चीफ कमलनाथ ने प्रदेश के पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक पत्र जारी किया है। इसमें उन्होंने रामनवमी के दिन राम कथा और रामलीला करने और 16 अप्रैल को हनुमान जयंती के अवसर पर हनुमान चालीसा का पाठ कर इसे भव्य तरीके से मनाने का निर्देश दिया है। ये निर्देश बड़े से लेकर सबसे छोटे स्तर तक के कार्यकर्ता के लिए था। इस बीच प्रदेश के गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने मसूद की आपत्ति पर चुटकी लेते हुए कहा कि मसूद इस बात को पचा नहीं पा रहे हैं कि इफ्तार का आयोजन करने वाली पार्टी अब मंदिरों के चक्कर क्यों लगा रही है?

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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