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कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष से मिलें बागी MLA, इस्तीफे पर आज ही करें फैसला: सुप्रीम कोर्ट

16 विधायकों के इस्तीफे के कारण एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस-जेडीएस सरकार पर गिरने का खतरा मंडरा रहा है। बागी विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष पर जान-बूझकर इस्तीफे स्वीकार नहीं करने का लगाया था आरोप।

कर्नाटक में जारी सियासी संकट के बीच सुप्रीम कोर्ट ने कॉन्ग्रेस-जद(एस) गठबंधन के 10 बागी विधायकों को गुरुवार शाम छह बजे विधानसभा अध्यक्ष के सामने पेश होने को कहा है। शीर्ष अदालत ने कहा है कि इसके बाद यदि विधायक चाहें तो वे इस्तीफा दे सकते हैं। साथ ही विधानसभा अध्यक्ष को भी आज ही उनके इस्तीफे पर फैसला करने का निर्देश दिया गया है।

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने बागी विधायकों से कहा, “कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष से शाम छह बजे मिलिए और अगर आपकी इच्छा इस्तीफा देने की है तो उन्हें (अध्यक्ष को) सौंप दीजिए।” अदालत ने कहा है कि दिन के बाकी बचे वक्त में अध्यक्ष को इस्तीफे पर फैसला लेना होगा। उनके फैसले से शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को अवगत कराया जाएगा।

बागी विधायक फिलहाल मुंबई के एक होटल में ठहरे हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के डीजीपी को बागी विधायकों के मुंबई से बेंगलुरु पहुंचने के बाद हवाई अड्डे से विधानसभा तक सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश भी दिया है।

कर्नाटक सरकार के मंत्री और कॉन्ग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने कहा है कि उन्हें भरोसा है कि सभी विधायक सरकार के साथ हैं और अपना इस्तीफा वापस ले लेंगे। इससे पहले बुधवार को शिवकुमार बागी विधायकों से मिलने मुंबई भी गए थे। लेकिन, उन्हें होटल में एंट्री नहीं मिली। इसके बावजूद विधायकों से मुलाकात के लिए अड़े रहने पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया था और बाद में रिहा कर बेंगलुरु भेज दिया गया।

बागी विधायकों ने यह कहते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था कि विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार पक्षपात पूर्ण तरीके से काम कर रहे हैं और जान-बूझकर उनके इस्तीफे स्वीकार नहीं कर रहे।

गौरतलब है कि 16 विधायकों के इस्तीफे के कारण एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस-जेडीएस सरकार पर गिरने का खतरा मंडरा रहा है। यदि विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए तो सरकार अल्पमत में आ जाएगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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