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प्राइवेट स्कूल में ईसाई धर्मांतरण का धंधा, ‘हनुमान चालीसा’ पर आपत्तिजनक टिप्पणी: गरीब महिलाओं-बच्चियों को जुटाया, हिन्दू विरोधी भाषण

साथ ही कई ऐसी पुस्तकें भी मिली हैं, जिनमें हिन्दू धर्म के बारे में अनाप-शनाप लिख कर घृणा फैलाने का कार्य किया जा रहा था।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के एक प्राइवेट स्कूल में ईसाई धर्मांतरण का मामला सामने आया है। बैरागढ़ इलाके में इसकी सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुँची। ये मामला ‘क्राइस्ट मेमोरियल स्कूल’ का है, जिसका संचालन करने वाले लोग ईसाई समुदाय से ही आते हैं। सूचना मिली कि यहाँ कुछ लोगों के ईसाई धर्मांतरण के प्रथम चरण की प्रक्रिया कराई जा रही है। हिन्दू समाज के कई महिला-पुरुष भी वहाँ पर उपस्थित थे।

कुल मिला कर स्कूल में शैक्षणिक कार्यों के नाम पर संदिग्ध गतिविधियाँ चल रही थीं। स्कूल के संचालक को भी हिन्दू धर्म के विरोध में भाषण देते हुए पाया गया। साथ ही कई ऐसी पुस्तकें भी मिली हैं, जिनमें हिन्दू धर्म के बारे में अनाप-शनाप लिख कर घृणा फैलाने का कार्य किया जा रहा था। बैरागढ़ पुलिस ने तुरंत छापेमारी कर वहाँ के लोगों को हिरासत में लिया और थाने ले गई। हिन्दू संगठनों ने भी बताया कि धर्म-परिवर्तन का काम कराया जा रहा था।

आक्रोशित हिन्दू संगठनों ने मौके पर पहुँच कर स्कूल का घेराव भी किया। उन्होंने वहाँ सब कुछ देखा और सबूत के रूप में वीडियो भी बना लिया। स्थानीय भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा भी इसकी सूचना मिलते ही हरकत में आए और कमिश्नर से बात कर के FIR की माँग की। पुलिस ने भी FIR दर्ज कर लिया है। स्कूल में ग्रामीण इलाकों से गरीब परिवार की महिलाओं-बच्चियों को भी बुलाया गया था। जहां-फूँक और ‘चमत्कार’ दिखाए जा रहे थे।

FIR में 5 लोगों को आरोपित बनाया गया है, जिसमें स्कूल के संचालक भी शामिल हैं। हिन्दू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप भी है। साथ ही स्कूल में गरीबों को जुटा कर हनुमान चालीसा के खिलाफ भी गलत बातें की जा रही थीं। साथ ही अन्य सनातन धार्मिक ग्रंथों को भी निशाना बनाया जा रहा था। स्कूल के संचालकों के नाम मैनिस मैथ्यूज और पाल पोलूस हैं। हिन्दू विरोधी भाषण देने में ये दोनों सबसे आगे थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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