Home Blog Page 4149

टिकैत का 26 जनवरी को लाल किले से इंडिया गेट मार्च का ऐलान, SFJ ने कहा था- खालिस्तानी झंडा फहराओ, इनाम पाओ

गणतंत्र दिवस के जश्न से हफ्ते भर पहले भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत ने गुरुवार (14 जनवरी 2021) को एक ऐलान किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी 26 जनवरी को लाल किले से इंडिया गेट तक मार्च निकालेंगे और अमर जवान ज्योति पर तिरंगा फ़हराएँगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ स्वघोषित ‘किसान’ राकेश टिकैत ने दावा किया कि इस मार्च का ‘नज़ारा ऐतिहासिक’ होगा, जहाँ एक तरफ ‘किसान’ होंगे और दूसरी तरफ ‘जवान’।

टिकैत के मुताबिक़ किसान संगठन के नेता सरकारी प्रतिनिधियों, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, रेलवे मंत्री पीयूष गोयल, राज्य मंत्री सोम प्रकाश के साथ 9वें राउंड की बैठक करेंगे। प्रदर्शनकारी सरकार के साथ अपनी बातचीत जारी रखेंगे और दिल्ली के तमाम बॉर्डर्स पर अपना विरोध-प्रदर्शन भी जारी रखेंगे। 

राकेश टिकैत की इस घोषणा के ठीक दो दिन पहले खालिस्तानी आतंकवादी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) ने गणतंत्र दिवस के मौके पर इंडिया गेट पर खालिस्तानी झंडा फहराने वाले को 1.8 करोड़ रुपए का इनाम देने का ऐलान किया था। खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे पंजाब के किसानों को लिखे गए पत्र में कहा गया था कि 26 जनवरी को इंडिया गेट पर खालिस्तानी झंडा फहराने वाले व्यक्ति को 1.8 करोड़ रुपए का इनाम दिया जाएगा। 

11 जनवरी को SFJ ने भारत में रहने वाले ऐसे सिखों जो खालिस्तानी आंदोलन का समर्थन करते हैं, उन्हें भड़काने के लिए यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो साझा किया। पन्नू ने उस वीडियो में युवा सिखों को संबोधित करते हुए कहा कि वह लाल किले पर खालिस्तानी झंडा फहराएँ और भारतीय झंडे को दिल्ली के हर कोने से हटा दें। उसने कहा, “26 जनवरी को सिख पूरी दिल्ली में ट्रैक्टर्स से घूमें और हर तिरंगा हटा दें। भारत का झंडा दबाव का प्रतीक है इसे सिख पिछले कई सालों से झेल रहे हैं। भारत का हर झंडा हटा कर कुचल दिया जाना चाहिए।”

पन्नू ने यहाँ तक दावा किया कि अगर भारत का झंडा हटाते हुए कोई सिख गिरफ्तार किया जाता है है तो उसका संगठन उन लोगों को भारत से बाहर निकाल कर यूके में बसाने की व्यवस्था करेगा।

किसान आंदोलन में खालिस्तानी आतंकवादी समूह की भागीदारी 

ये बात लगभग सभी जान चुके हैं कि खालिस्तानी आतंकवादी संगठन ने लोगों को मोदी सरकार के खिलाफ़ भड़काने के लिए किसान आंदोलन पर कब्ज़ा कर लिया है। 12 जनवरी को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष कहा कि उनके पास पुख्ता सबूत मौजूद हैं कि किसान आंदोलन में खालिस्तानी तत्व शामिल हैं। 

प्रदर्शन के दौरान तमाम ‘किसानों’ ने हिंसा भड़काने का प्रयास किया और खालिस्तान समर्थक नारे भी लगाए। पंजाब के किसानों को मोदी सरकार के खिलाफ भड़काने के मामले में SFJ की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। एक और अहम बात ये है कि पाकिस्तान प्रायोजित खालिस्तानी आतंकी संगठन SFJ ने पहले पंजाब और हरियाणा के किसानों को खालिस्तान का समर्थन करने के लिए 1 मिलियन डॉलर का लालच दिया था। 

किसानों को भड़काने के लिए राकेश टिकैत की धमकियाँ  

स्वघोषित किसान नेता राकेश टिकैत की 26 जनवरी को दिल्ली में मार्च निकालने की धमकी के कुछ हफ्ते पहले ही इन्होंने दिल्ली को जोड़ने वाले एक्सप्रेसवे को ब्लॉक करने की चेतावनी दी थी। इनका कहना था कि सरकार तीन कृषि सुधार क़ानूनों को लेकर प्रदर्शनकारियों की माँग स्वीकार नहीं करती है तो वह ‘चक्का जाम’ करेंगे। इसके पहले राकेश टिकैत ने कहा था कि 2024 के पहले उनकी विरोध-प्रदर्शन रोकने की योजना नहीं है।   

मारपीट से रोका तो शाहबाज अंसारी ने भीम आर्मी के नेता रंजीत पासवान को चाकुओं से गोदा, मौत

भीम आर्मी के पूर्व जिलाध्यक्ष रंजीत पासवान उर्फ ​​जॉन की बुधवार (जनवरी 13, 2021) रात बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में करजा थानांतर्गत पकरी गाँव में शाहबाज ने चाकू मारकर हत्या कर दी। इस घटना के पीछे कारण पड़ोसी शाहबाज अंसारी उर्फ़ रिंकू के भाई के साथ रंजीत पासवान का विवाद बताया गया है।

पुलिस ने आरोपित शाहबाज अंसारी को गिरफ्तार कर मामले की जाँच कर शुरू कर दी है। भीम आर्मी नेता रंजीत की हत्या के बाद उनके समर्थकों ने लगभग 2 घंटे तक शव के साथ प्रदर्शन किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, मृतक के पोस्टमॉर्टम होने के बाद जब शव घर पहुँचा तो हजारों की संख्या में लोग उनके घर के पास इकट्ठे होए गए और डीएसपी और डीएम को मृतक रंजीत के घर बुलाने की माँग करने लगे।

प्रदर्शनकारियों ने मृतक रंजीत के परिजन को सरकारी नौकरी, मुआवजे के रूप में डेढ़ करोड़ रुपए और उसकी हत्या करने वाले को फाँसी पर लटकाने की माँग भी की। डीएसपी सरैया राजेश शर्मा और डीएम ने मौके पर पहुँचकर लोगों को आश्वासन देकर अंत्येष्टि के लिए मनाया।

भीम आर्मी नेता रंजीत पकड़ी चौक पर जिम सेंटर भी चलाते थे और उनकी माँ पूर्व वार्ड सदस्य हैं। बुधवार रात शाहबाज और रंजीत के छोटे भाई के बीच मोबाइल में वीडियो देखने को लेकर विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ गया और बात हाथापाई तक पहुँच गई। इसे देखते हुए रंजीत भी वहाँ पहुँच गया। जब रंजीत ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो शाहबाज अंसारी ने उसके जाँघ और पेट में चाकू घोंप दिया, जिसके बाद उसे स्थानीय लोगों की मदद से बैरिया के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उन्हें डॉक्टरों की एक टीम ने मृत घोषित कर दिया।

रंजीत की मौत की खबर सुनकर गुस्साए ग्रामीणों ने शाहबाज के घर पर हंगामा कर दिया। घटना के बाद आरोपित अपने पूरे परिवार के साथ घर से फरार हो गया। घर पर जब लोगों को आरोपित नहीं मिले तो ग्रामीणों ने उसके घर में आग लगा दी।

घटना की सूचना मिलते ही करजा स्टेशन की पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद, एसएसपी जयंत कांत, सिटी एसपी राजेश कुमार और सरैया एसडीपीओ सहित बड़ी संख्या में पुलिस थानों ने मौके पर पहुँचकर लोगों को शांत किया।

‘कोरोना वैक्सीन से नपुंसकता नहीं’: 20 लाख डोज लेने ब्राजील से आया विशेष विमान, देश में 16 जनवरी से अभियान

16 जनवरी 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत भारत में करेंगे। इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कोरोना वैक्सीन से जुड़े भ्रम को दूर करने की कोशिश की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस वैक्सीन से नपुंसकता का खतरा नहीं है। वहीं भारत से 20 लाख कोविड वैक्सीन की डोज ले जाने के लिए ब्राजील ने विशेष विमान भेजा है।

कोविड 19 वैक्सीनेशन के पहले दिन देश के 2934 अलग-अलग हिस्सों में लगभग 3 लाख स्वास्थ्य कर्मचारियों को वैक्सीन लगाई (शॉट) जाएगी। केंद्र सरकार ने वैक्सीन, कोवीशील्ड (covishield) की 1.1 करोड़ डोज़ सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया से खरीदी है। इसके अलावा भारत बायोटेक इंडिया लिमिटेड से कोवैक्सीन (covaxin) की लगभग 55 लाख डोज़ खरीदी गई है। टीकाकरण से पहले केंद्र ने गाइडलाइन जारी कर बताया है कि गर्भवती और दूध पिलाने वाली महिला इसे न लगवाएँ, क्योंकि उन्हें अभी तक किसी भी कोरोना वायरस-रोधी टीके के क्लिनिकल ट्रायल का हिस्सा नहीं बनाया गया है।

क्या वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स हैं?

डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि जैसा कि अलग वैक्सीन का मामलों में देखा गया है, कुछ लोगों को वैक्सीन लगवाने के बाद हल्का बुखार, सिर दर्द या शरीर में दर्द जैसे सामान्य साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। लेकिन इस तरह के साइड इफेक्ट्स अस्थायी हैं और कुछ समय बाद अपने आप ही ख़त्म हो जाते हैं।   

केंद्रीय स्वस्थ्य मंत्री ने बताया कि ऐसे कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं मौजूद हैं जो इस बात का दावा करते हों कि वैक्सीन आदमी या औरतों को नपुंसक बनाती है। अभी तक कोरोना वायरस की वजह से भी नपुंसकता की बात सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी के लिए प्रशासनिक और आधिकारिक सूत्रों की ही सहायता लें। ऐसे संवेदनशील समय में किसी भी तरह की अफ़वाहों पर भरोसा नहीं करें। 

दूसरी तरफ ब्राज़ील को कोविड 19 वैक्सीन की 20 लाख डोज़ दिए जाने की तैयारियाँ भी लगभग पूरी हो चुकी हैं। दरअसल पिछले हफ्ते ब्राज़ील के राष्ट्रपति जेयर बोल्सनारो ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने भारत के वैक्सीनेशन अभियान को प्रभावित किए बिना वैक्सीन प्रदान करने का निवेदन किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ ब्राज़ील ने सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया से एक समझौता किया था। ब्राज़ील ने इसके पहले चीन से वैक्सीन मँगाई थी, लेकिन वो किए गए दावों के अनुसार प्रभावी नहीं थी। 

पुणे की फर्म ने ऑक्सफ़ोर्ड द्वारा तैयार की गई वैक्सीन का निर्माण करने के लिए एस्ट्राज़ेनेका (AstraZeneca) के साथ समझौता किया है। वैक्सीन की पहली खेप सीरम इंस्टीट्यूट भेजेगा और इसके अलावा ब्राज़ील ने वैक्सीन के लिए भारत बॉयोटेक का भी चुनाव किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक़, “भारत की वर्तमान क्षमता से ज़्यादा वैक्सीन स्टोर करने का कोई मतलब नहीं है। इसलिए दूसरे देशों को भेजे जाने वाली वैक्सीन से भारत का वैक्सीनेशन अभियान प्रभावित नहीं होगा।”    

कैपिटल हिल दंगे भड़काने में वामपंथी एक्टिविस्ट गिरफ्तार, बायडेन के शपथ ग्रहण में लेडी गागा और जेनिफर का परफॉर्म

पिछले दिनों यूएस कैपिटल हिल में हुई अराजकता और उपद्रव में एक ‘ट्रंप विरोधी अनार्किस्ट’ वामपंथी कार्यकर्ता पर दंगों में कथित भागीदारी के संबंध में आपराधिक केस दर्ज किया गया है। ‘फॉक्स न्यूज’ का दावा है कि जॉन सुलिवान ने उन्हें बताया था कि वह कैपिटल में ट्रंप समर्थक भीड़ के ‘दस्तावेज़’ लेने गया था।

एक फेडरल क्रिमिनल कम्प्लेन के अनुसार, उटाह आधारित समूह ‘इंसरजेंस यूएसए’ के संस्थापक जॉन सुलिवान को कथित तौर पर वीडियो में प्रदर्शनकारियों को उकसाते हुए सुना गया, जिसे उन्होंने एफबीआई को प्रदान किया था। वामपंथी कार्यकर्ता ने यह वीडियो अपने YouTube और Twitter अकाउंट में बदले हुए नाम Jayden X.g द्वारा भी साझा किया है।

एफबीआई द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद वामपंथी कार्यकर्ता सुलिवान को वाशिंगटन, डीसी में संघीय अदालत में बृहस्पतिवार (जनवरी 14, 2021) को आरोपित ठहराया गया है। वह अब अपने गृह राज्य उटाह में, टॉयले काउंटी में हिरासत में है।

एफबीआई के विशेष एजेंट मैथ्यू द्वारा हस्ताक्षरित एक शपथ पत्र के अनुसार, भवन के अंदर जॉन सुलिवान ने दंगाइयों से कहा, “हमें इसे जला देना होगा, ये हमारा घर है म*****।”

वामपंथी कार्यकर्ता एक प्रतिबंधित इमारत और गलत आचरण के साथ ही दंगों में शामिल होने और उपद्रव भड़काने के कारण सिविल डिसऑर्डर के संघीय आरोपों का सामना कर रहा है।

सुलिवान ने भी कथित तौर पर पुलिस को बताया कि वह दंगों के दौरान कैपिटल में मौजूद था, और उसने एक टूटी हुई खिड़की से अंदर प्रवेश किया। जब प्रदर्शनकारी कैपिटल के प्रवेश द्वार के पास एक दीवार पर चढ़ गए, तब उसने कथित तौर पर वीडियो में कहा, “तुम लोग कमाल के हो, आगे बढ़ो।”

रिपोर्ट्स के अनुसार, सुलिवान ने दंगाइयों के अंदर घुसने के बाद जश्न मनाया और उसे वीडियो में यह कहते हुए भी सुना गया कि ‘हम इस इतिहास का हिस्सा हैं’।

जो बायडेन के शपथ ग्रहण समारोह में प्रस्तुति देंगी लेडी गागा और जेनिफर लोपेज

अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेंगे। इस दौरान, पॉप गायिका लेडी गागा 20 जनवरी को जेनिफर लोपेज के साथ जो बायडेन के शपथ ग्रहण के दौरान राष्ट्रगान गाएँगी। वहीं, यूएस कैपिटल पर हमले को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ बुधवार (जनवरी 13, 2021) को महाभियोग प्रस्ताव पारित कर दिया गया। वह दूसरी बार महाभियोग का सामना करने वाले अमेरिका के पहले राष्ट्रपति बन गए हैं।

दुकान में घुस कर मोहम्मद आदिल, दाउद, मेहरबान अली ने हिंदू महिला को लाठी, बेल्ट, हंटर से पीटा: देखें Video

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहाँ मोहम्मद आदिल, दाउद, मेहरबान अली और एक अन्य युवक रूबी देवी नाम की एक महिला के साथ बेवजह मारपीट, गाली गलौज करते हुए नजर आए। कथिततौर पर बदमाशों ने महिला के कपड़े भी सबके सामने उतारने की कोशिश की। आरोपितों ने महिला और बचाव में आए उसके नाबालिग बच्चे को लाठी-डंडों, बेल्ट और हंटर से पीटा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला फिरोजाबाद जिले के थाना रसूलपुर क्षेत्र है। जहाँ रविवार को दूसरे समुदाय के कुछ युवक अचानक से महिला के दुकान में घुस गए और उसे बेरहमी से उसे मारने-पीटने लगे। इस दौरान युवकों ने दुकान का सामान उठाकर सड़क पर फेंक दिया। सोशल मीडिया पर इस घटना की पूरी वीडियो वायरल हो रही है।

वायरल वीडियो में आप देख सकते है कि आरोपित युवक महिला को घेर कर पहले उसके कपड़े खींचते हैं, उसके साथ लाठी-डंडों, बेल्ट और हंटरों से मारपीट करते हैं। वहीं जब महिला का नाबालिग बेटा माँ को बचाने के लिए बाल्टी लेकर दौड़ता है तो बदमाश उसे भी बेरहमी से मारते हैं। इस मारपीट के दौरान मुस्लिम युवक महिला के दुकान के काउंटर को पलटते और दुकान में तोड़फोड़ मचाते हुए भी दिखाई देते हैं। वीडियो में एक आरोपित महिला को बेल्ट मारता हुआ भी दिखाई दे रहा है।

v

वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले पर संज्ञान लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़िता के पति मनोज बघेल ने आरोपितों के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी, जिसके आधार पर पुलिस ने मोहम्मद आदिल और उसके भाई दाऊद, मेहरबान अली और एक अज्ञात के खिलाफ धारा 354, 452, 323, 504, 506, 427 के तहत मामला दर्ज किया। बाद में इनमें से दाऊद एवं आदिल को गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया।

क्या है मामला?

थाना रसूलपुर क्षेत्र नगला बरी चौराहे के समीप मनोज बघेल का मकान है। मकान में वह परचून की दुकान चला कर अपने परिवार का भरण पोषण करता है। थाना प्रभारी निरीक्षक रसूलपुर फतेह बहादुर सिंह भदौरिया ने बताया कि रविवार को शीतल खां रोड निवासी मोहम्मद आदिल बाइक से आ रहा था। उस दौरान रास्ते में उसकी बाइक एक ई-रिक्शा चालक से टकरा गई।

उनके मुताबिक इसी कारण आदिल रिक्शा चालक को मारने पर उतारू हो गया। किसी तरह ई-रिक्शा चालक मारपीट से बचकर मौके से भाग निकला। लेकिन पास की दुकान में बैठी महिला को ई-रिक्शा चालक के परिवार का समझ कर आदिल ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसके साथ मारपीट और अभद्रता शुरू कर दी।

इस मामले में एसपी सिटी मुकेशचंद्र मिश्र का कहना है कि सोशल मीडिया पर महिला की पिटाई के वीडियो वायरल के मामले में थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट दर्ज करके दो आरोपितों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस बाकी अन्य आरोपितों की धर पकड़ में जुटी है।

बकैत की नई रिपोर्ट (S02E08): मोदी की फोटो से दिक्कत, टोपी से प्रेम?

बकैत की नई रिपोर्ट में आज: मोदी समर्थकों की भीड़ से समस्या, आंदौलनकारी किसानों, बुर्कावालियों की भीड़ से प्रेम? भारतीय कोवैक्सिन से दिक्कत, कोवीशील्ड से प्रेम? कैसे कर लेते हैं बकैताधीश?

पूरा वीडियो यहाँ क्लिक कर के देखें

‘गहलोत जी, बेजुबान बकरे की फरियाद भी सुन लो’: मकर संक्रांति पर राजस्थान सरकार को हुई पक्षियों की चिंता, जारी किया विज्ञापन

हिंदुओं के त्योहार आते ही सेकुलर अजेंडा चलाने के लिए तरह-तरह के अभियान शुरू हो जाते हैं। अभी हाल में मकर संक्रांति के मौके पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से बेजुबान परिंदों की चिंता जाहिर की गई।

राजस्थान सरकार के इस विज्ञापन में पक्षी की तस्वीर के साथ लिखा है, “बेजुबान परिंदे करते हैं फरियाद। भरने दो हमें उड़ान, न छीनो हमारे प्राण।” इस विज्ञापन के बगल में सीएम गहलोत की तस्वीर है।

अब इसी विज्ञापन पर गौर करवाते हुए भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट किया है। उन्होंने इसे हिंदुओं के त्यौहारों के खिलाफ घृणित अभियान कहा है। वह लिखते हैं, “हमारे त्यौहारों को हिंसा और दुःख का प्रतीक बताने की बेशर्म कोशिश। जिन त्यौहारों पर लाखों जीवों की हत्या ही त्यौहार होता है, उनको शांति का प्रतीक बताना और हमारे उत्सवों के प्रति नफरत पैदा करना। ये अस्वीकार्य है। इसको रोकना ही होगा।”

कपिल मिश्रा के अलावा कई सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इस विज्ञापन पर अपनी राय दी है। लोगों का मत यह नहीं है कि वो पतंग उड़ाकर पक्षियों की जान लेना चाहते हैं। बस उनका सवाल है कि यह जागरूकता दूसरे समुदाय के ऐसे त्योहार पर क्यों नहीं फैलाई जाती जब सैंकड़ों जानवरों को त्योहार की रीत के नाम पर कुर्बान कर दिया जाता है।

संजीव कुमार लिखते हैं, “गहलोत जी परिंदों के साथ-साथ बेजुबान बकरे, भेड़ों, मुर्गों इत्यादि कि फरियाद भी सुन लो। एक बार सुनकर तो देखो। कॉन्ग्रेस निकाल ही तो देगी, भाग्य कहीं और आजमा लेना। वैसे भी कॉन्ग्रेस कितने दिन की है।”

अभय प्रताप सिंह लिखते हैं, “बकरीद की बधाई देते समय गहलोत को बेजुबानों का दर्द याद नहीं रहता? मुद्दा बेजुबानों का नहीं है बल्कि मुद्दा ये है कि कॉन्ग्रेस किस तरह हिंदुत्व की भावनाओं को कुचलती है, हिंदू आस्थाओं को खत्म करने के प्रयास में रहती है!”

कोर्ट की दी जिम्मेदारी नहीं निभा सकता: कॉन्ग्रेस समर्थक BKU नेता भूपिंदर सिंह ने SC की कमेटी से किया खुद को अलग

किसान आंदोलन को लेकर बनाई गई सुप्रीम कोर्ट की चार सदस्यीय कमेटी से भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपिंदर सिंह मान ने खुद को अलग कर लिया है। बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय ने 12 जनवरी, 2021 को नए कृषि कानूनों पर रोक लगाते हुए चार समिति सदस्यों को नामित किया था, जो किसानों के मुद्दों को सुलझाने के उपायों पर काम करेंगे और शीर्ष अदालत में इसकी एक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

भूपिंदर सिंह मान ने पत्र लिखकर खुद को समिति से दूर करने की जानकारी दी। उनके मुताबिक उन्होंने किसान एवं जनभावना को देखते हुए यह फैसला लिया। मान ने पत्र में लिखा, “मैं अपने किसानों और पंजाब के प्रति वफादार हूँ। इनके हितों से कभी कोई समझौता नहीं कर सकता। मैं इसके लिए कितने भी बड़े पद या सम्मान की बलि चढ़ा सकता हूँ। मैं कोर्ट की ओर से दी गई जिम्मेदारी नहीं निभा सकता। मैं खुद को इस कमेटी से अलग करता हूँ।”

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI), एसए बोबड़े और जस्टिस एएस बोपन्ना और वी रामसुब्रमण्यम की तीन- न्यायाधीश पीठ ने उक्त समिति का गठन किया था। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नामित इस समिति में तीन अन्य सदस्य डॉ प्रमोद कुमार जोशी, अशोक गुलाटी (कृषि अर्थशास्त्री) और अनिल घणावत (शेटकरी संगठन के अध्यक्ष) हैं।

बता दें कि पिछले दिनों ऐसी खबरें सामने आई थीं कि सुप्रीम कोर्ट की चयनित समिति के सदस्यों ने कृषि कानूनों में सुधार के लिए समर्थन दिखाया। लेकिन यह बात ध्यान देने योग्य है कि भारतीय किसान यूनियन के नेता भूपिंदर सिंह मान और बीकेयू ने 2019 के आम चुनावों में कॉन्ग्रेस पार्टी का समर्थन किया था। यहाँ तक ​​कि भारतीय किसान यूनियन ने भूपेंद्र सिंह मान का एक वीडियो भी साझा किया था, जिसमें उन्होंने कॉन्ग्रेस पार्टी के लिए अपने समर्थन की घोषणा की।

महमूद गजनवी को खदेड़ने वाली कौन है वो जाँबाज ‘डायन’ जिसके किरदार में नज़र आएँगी कंगना: फिल्म की हुई घोषणा

अपनी बेहतरीन अदाकारी और बेबाक अंदाज के जरिए पहचान बनाने वाली अभिनेत्री कंगना रनौत जल्द ही जम्मू-कश्मीर की जाबांज रानी दिद्दा के रोल में नजर आएँगी। खबर है कि कंगना मणिकर्णिका रिटर्न्स पर काम शुरू करने वाली हैं। बता दें जम्मू-कश्मीर की रानी दिद्दा ने खूंखार आक्रांता महमूद गजनवी को दो बार खदेड़ा था। रानी दिद्दा का नाम जम्मू-कश्मीर के इतिहास में सम्मान से लिया जाता है।

कंगना ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “हमारा भारतवर्ष साक्षी रहा है झाँसी की रानी जैसी कई वीरांगनाओं की कहानी का। ऐसी ही एक और अनकही वीरगाथा है कश्मीर की एक रानी की, जिसने महमूद गजनवी को एक नहीं, दो बार हराया। ले कर आ रहे हैं कमल जैन और मैं, मणिकर्णका रिटर्न: द लिजेंड ऑफ दिद्दा।”

खबरों के मुताबिक, कंगना की नई फिल्म ‘मणिकर्णिका रिटर्न्‍स: द लीजेंड ऑफ दिद्दा’ बड़े पैमाने पर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनाई जाएगी। कंगना ने साल 2019 की मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झाँसी के बाद निर्माता कमल जैन फ्रेंचाइजी को वापस लाने के लिए एक बार फिर से हाथ मिलाया है। फिल्म की शूटिंग जनवरी 2022 से शुरू होने की संभावना है।

इसके अलावा कंगना रनौत आने वाले समय में फिल्म ‘थलाइवी’ में दिवंगत नेत्री जयललिता का भी किरदार बड़े पर्दे पर निभाती नजर आएँगी।

गौरतलब है कि कंगना जम्मू कश्मीर की जिस रानी का किरदार निभाने जा रही हैं वह ऐसी वीरांगनाओं में से है जिन्होंने मुगल आक्रमणकारी के छक्के छुड़ा दिए थे। एक नहीं बल्कि दो बार युद्ध में महमूद गजनवी को हराने वाली रानी दिद्दा एक पैर से अपंग थी। विकलांग होने के बावजूद बड़े बड़े राजा उनको सामने अपना शीश झुकाते थे।

पर्दे पर आने वाली इस जांबाज रानी की कहानी सबके रोंगटे खड़े कर देगी। दिव्यांग और माँ बाप द्वारा छोड़े जाने के बावजूद रानी दिद्दा ने अपनी जिंदगी में कभी हार नहीं मानी। कहा जाता है दिद्दा पुरुष सत्तात्मक समाज द्वारा बनाए गए नियमों के सख्त खिलाफ थीं। इसी के चलते उन्होंने उनके बने-बनाए नियम खूब तोड़े और खुद के नियम बनाए। अपनी इन हरकतों की वजह से वह पुरुषवादी समाज के आँखों में चुभने लगी थीं, जिसके चलते लोगों ने उन्हें डायन तक की उपाधि दे दी।

कॉलर ट्यून पर अब नहीं सुनाई देंगे अमिताभ बच्चन: जानिए किसकी आवाज पड़ेगी अब कॉल करते समय कानों में

अब से आपको फोन कॉल करते समय ‘दो गज दूरी मास्क है जरूरी’ अमिताभ की आवाज वाली यह कॉलर ट्यून नहीं सुननी पड़ेगी। 15 जनवरी, 2021 यानी कल से अमिताभ की जगह एक महिला आर्टिस्ट की आवाज में लोगों को कॉलर ट्यून सुनाई देगी।

बता दें कि हाल ही में अमिताभ बच्चन की आवाज वाली कॉलर ट्यून हटाने के लिए कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें वह कोरोना के प्रति सतर्कता बरतने का संदेश देते थे। कॉलर ट्यून में वह कहते थे:

“हमारा देश और पूरा विश्व आज कोविड-19 की चुनौती का सामना कर रहा है। कोविड-19 अभी खत्म नहीं हुआ है, ऐसे में हमारा फर्ज है कि हम सतर्क रहें। इसलिए जब तक दवाई नहीं, तब तक कोई ढिलाई नहीं। कोरोना से बचाव के लिए जरूरी है, नियमित रूप हाथ धोना, मास्क पहनना और आपस में उचित दूरी बनाए रखना। याद रखिए दो गज दूरी, मास्क है जरूरी। खाँसी बुखार या साँस लेने में कठिनाई होने पर हेल्पलाइन नंबर 1075 पर संपर्क करें।”

कहा जा रहा अब नए कॉलर ट्यून में वॉयस ओवर आर्टिस्ट जसलीन भल्ला वैक्सीन की तैयारियों और इसे लेकर फैल रही अफवाहों को रोकने के लिए लोगों को जागरूक करेंगी। अब से कॉलर ट्यून में लोगों को टीके को लेकर जागरूक किया जाएगा और संदेश दिया जाएगा कि वो किसी भी तरह की अफवाह में न आएँ। अमिताभ बच्चन की आवाज में कॉलर ट्यून से पहले आप जसलीन भल्ला की आवाज में कोरोना की कॉलर ट्यून सुनते थे।

बता दें कि देश में 16 जनवरी से कोरोना वायरस से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान की शुरुआत होगी और प्रत्येक टीकाकरण केंद्र पर एक सत्र में हर दिन अधिकतम 100 लोगों को टीके दिए जाएँगे।

गौरतलब है कि दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई थी, जिसमें बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन की आवाज़ को कोरोनो वायरस के खिलाफ सावधानियों और बचाव का संदेश देने वाली कॉलर ट्यून से हटाने का अनुरोध किया गया था। याचिका में इसे हटाने का आधार यह बनाया गया कि अमिताभ बच्चन स्वयं, परिवार के कुछ सदस्यों के साथ, वायरस से संक्रमित थे।

इस PIL के अनुसार, कोरोना के संक्रमण के खतरों से सावधानी के बारे में बताने वाली इस कॉलर ट्यून में अमिताभ बच्चन की जगह उन कोरोना वॉरियर्स की आवाज शामिल करने की बात कही गई है, जिन्होंने संक्रमण के कारण जारी लॉकडाउन के दौरान लोगों की सेवा की।