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अवमानना के दोषी प्रशांत भूषण के समर्थन में उतरे 41 वकील, भूषण ने ‘समाज कल्याण’ के लिए माँगी फ्री स्पीच की अनुमति

अदालत की अवमानना के दोषी ठहराए जाने के बाद 41 वकील प्रशांत भूषण के समर्थन में आगे आए हैं। इनमें आधे वरिष्ठ हैं। इन वकीलों का कहना है कि इस मामले में कोर्ट अपने फैसले को अमल में नहीं लाए। वहीं, खुद प्रशांत भूषण ने सोमवार (अगस्त 17, 2020) को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि सार्वजनिक हित के लिए भ्रष्टाचार के मुद्दों को उठाने वाले वकीलों को फ्री स्पीच के तहत ऐसा करने की अनुमति दी जानी चाहिए।

भूषण 2009 में तहलका पत्रिका को दिए एक साक्षात्कार में अपनी टिप्पणी पर आपराधिक अवमानना ​​के आरोपों का जवाब दे रहे थे। वहीं, उनके वकील वकील राजीव धवन ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वे इस मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशांत भूषण ने पूर्व CJI पर जो बयान दिया था, वो अवमानना कैसे हो गया?

वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इस मामले में वो रिव्यू पीटिशन दायर करेंगे। 2009 में भूषण के खिलाफ दर्ज अवमानना के मुकदमे का ज़िक्र करते हुए धवन ने कहा कि उस समय इनका ये कथन कोर्ट की अवमानना कैसे हो सकता है, जिसमें भूषण ने कहा था कि हाल ही में रिटायर हुए जजों में से 16 भ्रष्ट हैं, उन्होंने सेवारत जजों के बारे में तो कुछ कहा ही नहीं था।

राजीव धवन ने दलील दी कि स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले प्रशांत भूषण को दोषी तय करने वाले अपने फैसले के एक हिस्से में तो कोर्ट ने विवादास्पद ट्वीट्स को अवमानना बताया है, लेकिन दूसरे हिस्से में उसे अवमानना नहीं माना है, ऐसे में भूषण कोर्ट के सामने पुनर्विचार याचिका दाखिल करेंगे ताकि स्थिति स्पष्ट हो।

शुक्रवार (अगस्त 14, 2020) को सुप्रीम कोर्ट ने वकील प्रशांत भूषण को कोर्ट की अवमानना वाले मामले में दोषी करार दिया था। न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा, न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने भूषण को अवमानना का दोषी ठहराते हुए कहा कि इसकी सजा पर 20 अगस्त को बहस सुनी जाएगी।

प्रशांत भूषण ने देश के सर्वोच्च न्यायालय और मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे के खिलाफ ट्वीट किया था, जिस पर स्वत: संज्ञान लेकर कोर्ट कार्यवाही कर रहा है। गत 27 जून को प्रशांत भूषण ने अपने ट्विटर अकाउंट से एक ट्वीट सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ और दूसरा ट्वीट मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे के खिलाफ किया था। 22 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट की ओर से प्रशांत भूषण को नोटिस मिला था।

प्रशांत भूषण ने अपने पहले ट्वीट में लिखा था कि जब भावी इतिहासकार देखेंगे कि कैसे पिछले छह साल में बिना किसी औपचारिक इमरजेंसी के भारत में लोकतंत्र को खत्म किया जा चुका है, वो इस विनाश में विशेष तौर पर सुप्रीम कोर्ट की भागीदारी पर सवाल उठाएँगे और मुख्य न्यायाधीश की भूमिका को लेकर पूछेंगे। न्यायालय ने इस मामले में एक याचिका का संज्ञान लेते हुये प्रशांत भूषण के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही के लिए उन्हें 22 जुलाई को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

बेंगलुरु दंगा: पकड़ाया समीउद्दीन अल-हिंद आतंकी समूह से, RSS कार्यकर्ता मर्डर के आरोपितों से भी था संपर्क

हाल ही में कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के एक हिस्से में विवादास्पद फेसबुक पोस्ट पर की गई कथित टिप्पणी को लेकर हुई हिंसा के सिलसिले में बेंगलुरु पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। बेंगलुरु के संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) संदीप पाटिल ने कहा कि 11 अगस्त की रात को डीजे हल्ली पुलिस स्टेशन में हुई हिंसा के सिलसिले में उनके द्वारा समीउद्दीन को हिरासत में लिया गया है।

शीर्ष पुलिस ने कहा कि जाँच के दौरान समीउद्दीन आरएसएस कार्यकर्ता रूद्रेश हत्या मामले के एक आरोपित के संपर्क में पाया गया। इसके अलावा, समीउद्दीन पिछले कुछ वर्षों से अल-हिंद आतंकवादी समूह के सदस्यों के साथ भी संपर्क बनाए हुए था।

इस बीच कर्नाटक के गृह मंत्री बसवराज बोम्मई ने सोमवार (अगस्त 17, 2020) को कहा कि कॉन्ग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति, जिनके घर पर 11 अगस्त की रात हिंसा हुई थी, ने एफआईआर में किसी का नाम नहीं लिया है।

कर्नाटक के मंत्री ने आगे कहा, “लेकिन उन्होंने (अखंड श्रीनिवास मूर्ति) कहा कि जब भी उन्हें पता चलेगा कि इसमें कौन शामिल है, तो वह सूचित करेंगे। हम उनका सहयोग चाहते हैं। उनके घर को जलाने की जाँच कराने के लिए हमारे पास अपने गवाह हैं। हम जल्द जाँच शुरू करेंगे।”

गौरतलब है कि कर्नाटक के गृह मंत्री बसवराज बोम्मई ने पिछले महीने राज्य में अल-हिंद आतंकवादी समूह की कथित उपस्थिति पर टिप्पणी की थी। मंत्री ने एक अखबार को बताया था कि इस साल की शुरुआत में जनवरी में पुलिस द्वारा एक अल-हिंद मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया था। 2018-19 में एक और जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया। दोनों मामलों में लगभग 50 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

उल्लेखनीय है कि फेसबुक पर विवादित पोस्ट पर कथित विवादित टिप्पणी श्रीनिवास मूर्ति के भतीजे पी नवीन ने की थी। बेंगलुरु पुलिस ने हिंसा में अपनी जाँच जारी रखी है, जिसमें चार लोग मारे गए। आगजनी में कथित रूप से शामिल होने के लिए 58 और लोगों को गिरफ्तार किया गया।

बेंगलुरु पूर्व के लिए पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) एसडी शरणप्पा ने आईएएनएस को बताया, “हमने शुक्रवार से अब तक 58 और लोगों को गिरफ्तार किया है, दंगों में उनकी भूमिका के लिए आयोजित किए गए संदिग्धों की कुल संख्या अब तक 264 है।”

एसडी शरणप्पा ने आगे कहा, “गिरफ्तार किए गए लोगों में से मुख्य आरोपित पूछताछ के लिए हमारी (पुलिस) हिरासत में हैं, जबकि अन्य को शहर के बाहरी इलाके में केंद्रीय जेल और 14 दिनों की न्यायिक हिरासत के तहत बल्लारी जेल में रखा गया है। उनके दंगों में उनकी भूमिका पर जाँच प्रक्रिया जारी है।”

‘…जो नामुमकिन था, उसे IAF ने आसान कर दिखाया’- जान बचाने पर वायु सेना को बिलासपुर पुलिस ने किया सैल्यूट

देश के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण स्थिति वाकई बेहद खराब है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से एक ऐसी घटना सामने आई, जहाँ स्थिति ऐसी हो गई थी कि मौसम खराब होने के बावजूद IAF को खुद मौके पर पहुँचना पड़ा।

दरअसल, बिलासपुर के पास खूंटाघाट डैम में तेज बारिश के दौरान एक शख्स फँस गया था। जिसे पहले बिलासपुर टीम ने रेस्क्यू करने की बहुत कोशिश की। लेकिन वह इस प्रयास में असफल रहे। इसके बाद उन्होंने IAF को संपर्क किया।

बिलासपुर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल दिपांशु काबरा ने स्वयं इस वीडियो को ट्विटर पर शेयर किया। उन्होंने बताया कि 34 वर्षीय जीतेंद्र कुमार कश्यप खूँटाघाट में कूदा लेकिन पानी के भारी बहाव के कारण वह वहाँ से निकल नहीं पाया।

उन्होंने पहले बताया कि डैम में फँसा हुआ युवक रविवार से छोटे से पेड़ से टिका हुआ था। आसपास लोगों की भीड़ उमड़ी थी। अंधेरा होने के बाद पुलिस सक्रिय हुई। दीपक काबरा ने बताया कि बिलासपुर पुलिस, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फंड (एसडीआरएफ), एनटीपीसी और एसईसीएल की टीमों ने रात भर उसे बचाने और निकालने की कोशिश की, लेकिन कई प्रयासों के बावजूद उस व्यक्ति को रेस्क्यू नहीं किया जा सका।

उन्होंने कहा कि फँसा हुआ व्यक्ति रात भर पत्थर पर बैठा हुआ था। भारी बहाव, खराब मौसम और अंधेरा होने के कारण युवक ठीक से नजर भी नहीं आ रहा था।

एसपी प्रशांत अग्रवाल ने भी कहा कि रेस्क्यू टीम रविवार शाम से मौके पर थी, लेकिन बहाव बहुत तेज था। इसके चलते रेस्क्यू में दिक्कत हो रही थी।

दीपक काबरा ने भी अपने ट्वीट में यही बताया कि जब बहुत हालत बहुत खराब हो गई तो भारतीय वायु सेना से हेलीकॉप्टर भेजने का अनुरोध किया गया।

वे आगे लिखते हैं, “जो हमारे लिए असंभव लग रहा था, उसे भारतीय वायुसेना ने बेहद आसान कर दिया।” उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए दिखाया कि कैसे एक वायु सैनिक ने स्वयं की जान को खतरे में डालकर खुद पानी में जाकर व्यक्ति को लाने का फैसला किया। लेकिन तेज हवा के कारण ये मुमकिन नहीं हो पाया। बाद में किसी और तरीके से युवक का रेस्क्यू किया गया।

पूरे ऑपरेशन के वीडियो को शेयर करते हुए बिलासपुर पुलिस ने भारतीय वायु सेना को इतने प्रतिकूल मौसम में भी ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए सैल्यूट किया। छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश भगेल ने भी युवक को बचाने के लिए IAF को शुभकामनाएँ दीं।

अपनी ओर से जारी बयान में वायुसेना ने बताया कि छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के पास रतनपुर में बाढ़ की चपेट में आए एक व्यक्ति को बचाने के लिए 16 अगस्त को रात 10 बजे एंटी नक्सल टास्क फोर्स के मुख्यालय को सूचना मिली। इसके बाद IAF Mi-17 V5 ने रायपुर से खूघाट बांध के लिए सुबह 05:49 बजे बचाव अभियान के लिए उड़ान भरा।

Mi-17 V5 क्रू ने घटनास्थल पर पहुँचकर मौसम और अवरोधों को देखते हुए साइट को नेविगेट किया। इसके बाद बचाव पट्टी के साथ केबल को नीचे उतारा गया और जीवित बचे व्यक्ति को सुरक्षित बचाया गया। चुनौतीपूर्ण मौसम और प्रतिकूल स्थितियों के बावजूद बचाव मिशन को बेहद व्यावसायिकता के साथ अंजाम दिया गया, जिससे किसी का जीवन बच पाया।

तिरंगे से शराब और अंडरगार्मेंट्स: राष्ट्रीय ध्वज का भी अपमान कर चुका है कृष्ण को बियर बार में दिखाने वाला अकरम

भगवान कृष्ण को बियर बार में बिकनी वाली लड़कियों से घिरा दिखाने के बाद असम के विवादित कलाकार अकरम हुसैन के ख़िलाफ़ कार्रवाई की माँग दोबारा से तेज हो गई है। हालाँकि, उसने अपनी घृणित सोच का पहली बार प्रदर्शन नहीं किया है।

साल 2015 में अकरम हुसैन की एक अन्य पेंटिंग चर्चा में आई थी। ये पेंटिंग तिरंगे की थी। इस पेंटिग में अकरम ने दिखाया था कि तिरंगे जैसी आकृति में से शराब की बोतलें और अंडरगार्मेंट्स निकल रहे हैं।

इस पेंटिंग के सामने आने के बाद गुवाहाटी में बहुत विवाद हुआ था। इसे एक प्रदर्शनी में लगाया था गया था, जहाँ वकील धर्मनंदा ने इसे देखकर एफआईआर दर्ज करवाई थी। उनके अलावा हिंदू संगठनों ने भी इस पर विवाद किया था।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी अकरम हुसैन की निंदा हुई थी। ऑल इंडिया पैट्रियाटिक फोरम की असम ब्रांच ने यह कहते हुए हुसैन की निंदा की थी कि उन्होंने कला की स्वतंत्रता के नाम पर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया है।

फोरम ने कहा था, “तिरंगे की पेंटिंग बनाकर उसमें से प्रतीकात्मक रूप से शराब की बोतलें, अंडरगार्मेंट्स और अन्य आपत्तिजनक चीजें बाहर निकलते हुए दिखाकर हुसैन ने भारतीय सभ्यता, संस्कृति, धर्म और धरोहर को कमजोर तरीके से पेश किया है। उनकी हरकत बिलकुल माफी लायक नहीं है।”

फोरम ने आगे कहा था, “प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट ट्रू नेशनल ऑनर ऐक्ट ऑफ 1971 के अंतर्गत यदि कोई भी व्यक्ति सार्वजिनक या किसी अन्य जगह पर राष्ट्रीय ध्वज के प्रति लोगों की भावना को भड़काता या अपमानित करता है तो वह सजा का हकदार होगा।”

बता दें, अकरम हुसैन द्वारा श्रीकृष्ण की पेंटिग की आलोचना भी असम सत्र महासभा में उस समय की गई थी। कुछ संस्थानों ने हुसैन के लिए कड़ी सजा की माँग की थी। हालाँकि वहीं, कुछ लोगों ने इसे कलाकार की अभिव्यक्ति कहते हुए हुसैन को बचाने का प्रयास किया था।

बता दें श्रीकृष्ण की विवादित पेंटिंग पर अंतरराष्ट्रीय संस्था इस्कॉन ने भी इस पेंटिंग पर आपत्ति जताते हुए असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनवाल से अकरम हुसैन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की माँग की है। संस्था ने इस पेंटिंग को ऑफेंसिव करार देते हुए कहा कि सरकार को पेंटर के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। जब 2015 में इसे लेकर विवाद हुआ था तो पेंटर अकरम हुसैन ने माफ़ी माँगते हुए इस पेंटिंग को हटा लिया था।

BJD सांसद ने मीडिया को दी खुली धमकी, कहा- वही हस्र करूँगा जो अभिजीत अय्यर मित्रा का हुआ था

नवीन पटनायक के बीजू जनता दल (BJD) के सांसद अनुभव मोहंती ने प्रेस रिलीज जारी कर एक मीडिया संस्थान और पत्रकारों को धमकाया है। सांसद मोहंती ने धमकी देते हुए कहा कि वो इन पत्रकारों का वही हस्र कर देंगे, जो अभिजीत अय्यर मित्रा का किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘ओडिशा टेलीविजन नेटवर्क (OTN)’ हर वो गलत चीजें कर रहा है, जो मीडिया को नहीं करनी चाहिए।

BJD सांसद ने कहा कि डिजिटल माध्यमों के उद्भव के बाद फेक न्यूज़ फैलाना आसान हो गया है। उन्होंने मीडिया को सलाह देते हुए कहा कि वो पक्षपात न करे और ठीक तरीके से काम करे। अनुभव मोहंती ने दावा किया कि OTV ने काफी पहले ही पत्रकारिता के सारे मूल्यों को त्याग दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अब ये चैनल भाजपा नेता विजयंत पांडा के हाथों की कठपुतली बन गया है।

अनुभव मोहंती ने मारोप लगाया कि मीडिया संस्थान सालों से उनके खिलाफ दुष्प्रचार फैला रहा है, वो भी बिना किसी सबूत के। उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि अब समय या गया है जब उससे कानूनी तरीके से निपट जाए। अनुभव मोहंती ने आरोप लगाया कि चैनल अब पांडा के ‘गंदे राजनीतिक इरादों’ को पूरे करने के चक्कर में प्रोपेगेंडा चैनल बन गया है।

उन्होंने खुद के बारे में कहा कि जब एक सांसद इस कठिन समय में अपने लोगों के लिए काम करने में लगा हुआ है, ऐसे में उस पर झूठे आरोप लगाना और उनके खिलाफ दुष्प्रचार करना अफसोसजनक, खेदजनक और गैर पेशेवर है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि ‘फ्री स्पीच’ के ठेकेदार इस मामले में चुप हो जाते हैं, जबकि ओडिशा के बाहर के ऐसे मामलों पर खुल कर बोलते हैं।

BJD नेता अनुभव मोहंती ने चैनल को धमकी देते हुए ये भी आरोप लगाया कि उसने अपने इस गंदे खेल में कोविड-19 वॉरियर्स को भी नहीं बख्शा और एक ऐसा वीडियो को शेयर किया, जिससे डॉक्टरों की बदनामी हुई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कार्रवाई की जा रही है और उन पर निशाना साधने वालों के खिलाफ आईपीसी की धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया गया है। साथ ही जेल भेजने की धमकी भी दी।

अनुभव मोहंती ने लिखा कि उनसे भिड़ने का क्या अंजाम होता है, ये जानने के लिए वो लोग अपने उस मित्र से बात करें, जो कोणार्क मंदिर गए थे। बता दें कि उनका इशारा पत्रकार और विश्लेषक अभिजीत अय्यर मित्रा की ओर था, जिन्हें ओडिशा में काफी दिनों तक जेल मे बंद कर कर रखा गया था। अपने धमकी भरे पत्र में BJD सांसद अनुभव मोहंती ने अंत में ‘जय जगन्नाथ’ भी लिखा है।

जहाँ तक अनुभव मोहंती की बात है, वो सलमान खान के बड़े फैन नजर आते हैं। वो अक्सर सोशल मीडिया पर सलमान खान की तस्वीरें डालते रहते हैं और उनसे लाइक करने की गुहार भी लगाते रहते हैं। उन्होंने एक बार लिखा था कि सलमान खान उनके आइडल हैं और उन्होंने एक बार माँ दुर्गा की कमरे में बंद होकर पूजा की थी और भगवान से माँगा था कि वो सलमान खान की तरह दिखने लगे। वो सलमान खान से मिल भी चुके हैं।

बेंगलुरु दंगा एक योजना का हिस्सा है, और कुछ नहीं: अजीत भारती का वीडियो । Ajeet Bharti on Bengaluru Riots

बेंगलुरु के दंगे की अगर आप पूरी डिटेल को न भी देखें कि सड़क पर कितने लोग उतरे, किसने क्या किया, तो भी समझ जाएँगे कि ये काम किसका है, किस स्टाइल में होता है और हर बार इसका स्क्रीनप्ले पूर्वनियोजित तरीके से लिखा हुआ रहता है। ये हर जगह सेम स्क्रिप्ट इस्तेमाल करते हैं, चाहे वो दिल्ली हो, यूपी हो, गुजरात हो या फिर झारखंड।

इनका स्क्रिप्ट ये है कि ये बहुत आहत होने वाले समुदाय हैं। और इनका शिकार होते हैं काफिर और स्टेट मशीनरी। जब इनकी जनसंख्या 1% होगी, ये सहिष्णु बनकर रहने का दिखावा करेंगे, मगर जैसे-जैसे ये बढ़ता है, ये अपना दायरा बढ़ाते हैं और उसमें किसी को आने की इजाजत नहीं देते। फिर ये नीचता दिखाते हुए महिलाओं से छेड़छाड़ करते हैं। 10% पर पहुँचने पर दंगा भड़काते हैं। दंगा भड़काने का इनका मकसद होता है कि हम तुम्हें बता रहे हैं कि हमारी ताकत क्या है।

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बेंगलुरु के दंगाइयों से ही होगी नुकसान की वसूली, क्लेम कमिश्नर की होगी नियुक्ति: CM येदियुरप्पा

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने सोमवार (अगस्त 17, 2020) को कहा कि राज्य सरकार बेंगलुरु के केजी हल्ली, डीजी हल्ली में हुई हिंसक घटनाओं में सार्वजनिक और निजी संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन करेगी और दोषियों से ही नुकसान की लागत वसूल करेगी।

सीएम येदियुरप्पा ने ट्वीट करते हुए कहा, “हमारी सरकार ने केजी हल्ली और डीजी हल्ली में हुई हिंसक घटनाओं में सार्वजनिक और निजी संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन करने और दोषियों से लागत वसूलने का फैसला किया है। हम माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार माननीय उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएँगे और क्लेम कमिश्नर की नियुक्ति करेंगे। गैरकानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम (यूएपीए) के तहत डीजे हल्ली और केजी हल्ली हिंसक घटनाओं के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू की गई है।”

उन्होंने आगे कहा कि मामले में विस्तृत जाँच करने के लिए एक विशेष जाँच दल का गठन किया गया है। येदियुरप्पा ने ट्वीट में लिखा, “मामले की विस्तृत जाँच के लिए एक विशेष जाँच दल का गठन पहले ही किया जा चुका है और तीन विशेष अभियोजकों की एक टीम नियुक्त की जाएगी। वारंट जारी होने पर एसआईटी गुंडा अधिनियम को लागू करने पर विचार करेगी।”

बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त कमल पंत ने अपने आदेश में कहा कि 18 अगस्त तक दंगा प्रभावित इलाकों में किसी भी स्थान पर दो से अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने, किसी भी तरह के हथियार ले जाने और किसी भी सार्वजनिक बैठक को आयोजित करने पर प्रतिबंध है। उन्होंने कहा कि हिंसा करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। एहतियात के तौर पर, शहर की पुलिस ने प्रतिबंधात्मक आदेशों को 18 अगस्त तक बढ़ा दिया है।

कॉन्ग्रेस विधायक आर श्रीनिवास मूर्ति के रिश्तेदार पी नवीन द्वारा मोहम्मद पैगम्बर को लेकर कथित रूप से एक आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर डीजे हल्ली और आसपास के इलाकों में संप्रदाय विशेष की दंगाई भीड़ द्वारा हिंसा करने में तीन लोगों की मौत हो गई था और कई वाहन जला दिए गए थे।

उल्लेखनीय है कि गत मंगलवार (अगस्त 11, 2020) की रात पूर्वी बेंगलुरु केजी हल्ली, डीजे हल्ली और पुल्केशी नगर में अल्लाह-हो-अकबर और नारा-ए-तकबीर के नारों के बीच हिंसा फैल गई। 1000 से भी अधिक की संप्रदाय विशेष की भीड़ ने अल्लाह-हो-अकबर और नारा-ए-तकबीर के नारों के बीच पुलिस स्टेशन को जला डाला। यह दंगे पैगंबर मुहम्मद पर कथित रूप से आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट को लेकर भड़के थे।

संप्रदाय विशेष की 1000 से भी अधिक की भीड़ ने स्थानीय विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के घर को घेर लिया और तोड़फोड़ शुरू कर दी। सबसे पहले तो केजी हल्ली पुलिस स्टेशन के सामने एक हज़ार से ज्यादा की संख्या में संप्रदाय विशेष के लोग इकट्ठे हो गए और कॉन्ग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के रिश्तेदार नवीन की गिरफ्तारी की माँग करने लगे। इसके बाद उन्होंने विरोध-प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू कर दी। इसी तरह विधायक के आवास के बाहर भी विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया। उनके घर के बाहर गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। कई घण्टों तक आगजनी चली।

पुलिस स्टेशन के बाहर मजहबी नारेबाजी हुई, पत्थरबाजी की गई और गाड़ियों को फूँक दिया गया। पूर्वी भीमाशंकर के डीसीपी को डंडों और पत्थरों से निशाना बनाया गया। वहीं डीजे हल्ली में पुलिस की एक गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया। रात के करीब 10:30 बजे अतिरिक्त पुलिस बल की टुकड़ियाँ आईं। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हवाई फायरिंग की। यहाँ तक कि पुलिस को थाने के भीतर घुसने के लिए भी संप्रदाय विशेष की भीड़ ने जगह नहीं दी।

उत्तराखंड के देवसलसारी स्थित कोणेश्वर महादेव मंदिर की यात्रा: अजीत भारती का वीडियो । Ajeet Bharti visits Koneshwar Mahadev Temple

उत्तराखंड के देवलसारी स्थित कोणेश्वर महादेव मंदिर बनने के पीछे की मान्यता है कि एक दिन भगवान शिव यहाँ पर घूमने आए। उन्हें यह जगह बहुत अच्छी लगी। उन्होंने साधु का वेश बनाकर ग्रामीणों से यहाँ पर बसने के लिए थोड़ी सी जगह माँगी। मगर ग्रामीणों ने यह कहकर मना कर दिया कि यहाँ पर जौ के खेत हैं। इसलिए उन्हें बसने के लिए नहीं दे सकते।

भगवान शिव ने रातोंरात सारे जौ के खेतों को देवदार में बदल दिया। इस तरह से मंदिर का निर्माण हुआ। यहाँ पर मंदिर के बाहर के दो पत्थरों की कहानी है कि यह एक शिवलिंग था। एक गौमाता यहाँ पर सुबह-शाम आकर दूध गिराकर चली जाती थी। घर पर किसान को गाय का दूध ही नहीं मिलता था। जब किसान को यह बात पता चली तो उसने हथौड़े से पत्थर पर वार किया, पत्थर का तो कुछ नहीं हुआ, हथौड़ा टूट गया। इसके बाद से मंदिर में आने वाले ग्रामीण पत्थर की भी पूजा करने लगे।

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अब्दुल अब्दुल अब्दुल… : अजीत भारती का अब्दुल वाला वीडियो । Ajeet Bharti roasts Ravish Kumar and Rahat Indori

बंगलुरु में दंगे हो गए, कॉन्ग्रेस विधायक के भतीजे ने किसी हिन्दूघृणा से रिसते पोस्ट के नीचे कोई कमेंट किया और अल्पसंख्यक समुदाय को बुरा लग गया। जिस हिसाब से आजकल रेखाएँ क्षीण और धुँधली होती जा रही हैं, भाजपा वालों के काम भी कॉन्ग्रेस वाले करते नजर आ रहे हैं। खैर, बुरा इसलिए लगा क्योंकि बुरा लगने पर सिर्फ उनका ही हक है।

‘आहत होना’ या ‘संवेदनशील मैटर’ आदि का मसला भारतीय समाज के उन संसाधनों जैसा है जिस पर मनमोहन सिंह ने कहा था कि इस पर पहला हक अल्पसंख्यकों का ही है। हिन्दू लोग कट्टर होते हैं। अब किसी ने कृष्ण को थोड़ा सा बलात्कारी कह ही दिया तो क्या हो गया? अनभिज्ञ होगा, पढ़ता-लिखता नहीं होगा, कह दिया थोड़ा सा। अब कह ही दिया तो बात बढ़ाने की क्या जरूरत थी? क्या एक अल्पसंख्यक संविधान प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग नहीं कर सकता?

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बाबा, लड़कियाँ, बलात्कार और हत्या: प्रकाश झा के ‘आश्रम’ में हिन्दुओं को बदनाम करने के लिए सब कुछ

बॉलीवुड का हिन्दूफोबिया थमता नहीं दिख रहा है। अभी महेश भट्ट की ‘सड़क-2’ को लेकर विवाद ख़त्म भी नहीं हुआ था कि प्रकाश झा अपनी नई सीरीज ‘आश्रम’ लेकर आ धमके हैं। इसमें वे एक बाबा को विलेन बना कर आस्था और अपराध के संयोग को दिखाने का दावा कर रहे हैं।

अजय देवगन को लेकर ‘अपहरण’, ‘गंगाजल’ ‘राजनीति’ और ‘सत्याग्रह’ जैसे फ़िल्में निर्देशित कर चुके प्रकाश झा इस सीरीज से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स में कदम रख रहे हैं।

इस सीरीज में मुख्य भूमिका बॉबी देओल की है, जिन्होंने एक बाबा का किरदार निभाया है। इसके ट्रेलर की शुरुआत में ही बाबा का भव्य आश्रम दिखाया जाता है, जहाँ वो कह रहा होता है, “एक रूप, महास्वरूप! मैं आप सबको मोक्ष की राह पर लेकर जाऊँगा। जापनाम! जापनाम!” इसके बाद बाबा और आश्रम की भव्यता और जनता में उनके प्रभाव को लेकर ये दिखाया जाता है कि अंधविश्वासी है।

ट्रेलर में ‘हमारे देश में जब लोग विश्वास करना शुरू करते हैं तो बाढ़ सी आ जाती है” डायलॉग के जरिए ये दिखाने की कोशिश की गई है कि हिन्दुओं में साधु-संतों के सारे शिष्य या अनुयायी मूर्ख होते हैं। बाबा को अलग-अलग तरीके से दिखाया गया है। बाबा को सिंहासन पर बैठे और लोगों को उसका पाँव छूते दिखाया गया है। एक व्यक्ति कहता है कि जब तक बाबा जैसे लोग हैं, हमारे समाज को आगे जाने से कोई नहीं रोक सकता।

इसके बाद फिर बॉलीवुड के उसी घिसे-पिटे ढर्रे पर चलते हुए कहानी में कुछ राजनेताओं की एंट्री होती है और बाबा के बारे में राजनीतिक हलकों में चर्चा होती है। साथ ही बाबा के डायलॉग ‘मैं उपदेश नहीं, सन्देश देता हूँ – शांति का‘ के जरिए उसे डरावना दिखाने का प्रयास किया गया है। इसके बाद बाबा को ‘गॉडमैन’ की जगह ‘कॉनमैन’ कह कर बताया गया है कि वो कितना बड़ा अपराधी है।

बॉबी देओल अभिनीत प्रकाश झा की सीरीज ‘आश्रम’ एमेक्स प्लेयर पर रिलीज होगी

दिलचस्प बात ये है कि बाबा को दिखाया तो गया है सूफी वाले लुक्स में लेकिन आश्रम में यज्ञाग्नि, शुद्ध हिंदी और उसके अनुयायियों को देख कर स्पष्ट पता चलता है कि ये सीरीज हिन्दुओं और हिन्दू साधु-संतों को बदनाम करने के लिए बनाई गई है। इसके बाद बाबा को बलात्कारी और खूनी दिखाया जाता है। 9 लड़कियाँ गायब होती हैं और बाबा को अव्वल दर्जे का व्यभिचारी दिखाया जाता है, जो बलात्कार कर के लड़कियों का खून कर देता है।

साथ ही बताया गया है कि आश्रम में आने वाली लड़कियों का बलात्कार किया जाता है और फिर मार डाला जाता है। इसके बाद ‘भक्ति और भ्रष्टाचार’ जैसे टैगलाइन्स देकर बाबा को ज्यादा से ज्यादा बुरा दिखाने की कोशिश होती है। जल अर्पण करती महिलाओं से लेकर बाबा के बोलचाल तक, स्पष्ट पता चलता है कि ये हिन्दुओं को बदनाम करने की साजिश है। ये सीरीज एमेक्स प्लेयर पर रिलीज होगी।

बॉलीवुड में अक्सर पंडितों और साधु-संतों को धोखेबाज और बलात्कारी दिखाया जाता रहा है, जबकि संप्रदाय विशेष के किरदारों को ईमानदार और देश के लिए मर-मिटने वाला प्रदर्शित किया जाता रहा है। इसी तरह ‘सड़क-2’ में भी महेश भट्ट एक ऐसी कहानी लेकर आ रहे हैं, जिसमें एक साधु को बुरा दिखाया जाएगा और उसके काले कृत्यों का खुलासा किया जाएगा। इसमें भी एक डरावने बाबा को विलेन दिखाया गया है। फ़िलहाल इसका ट्रेलर यूट्यूब पर डिसलाइक का रिकॉर्ड बना रहा है।