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चीन ने गलवान घाटी हथियाया, क्या जमीन तोहफे में देने के लिए जम्मू-कश्मीर से 370 हटाया: महबूबा मुफ्ती

भारत-चीन के हालिया तनाव के बहाने जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने फिर से आर्टिकल 370 हटाए जाने का मसला उठाया है। उन्होंने कहा है कि इसके कारण जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था। साथ ही आरोप लगाया है कि चीन को जमीन तोहफे में देने के लिए इसे हटाया गया।

महबूबा ने कहा है कि अनुच्छेद 370 को हटाना “गैरकानूनी” था और यह स्थानीय लोगों के अधिकारों को छीनने के लिए किया गया था।

उन्होंने ट्वीट कर कहा, “अनुच्छेद 370 को अवैध तरीके से खत्म किया गया ताकि यहॉं की जमीन ली जा सके और स्थानीय लोगों को अधिकारविहीन किया जा सके। आज चीन ने गलवान घाटी को हथिया लिया है और भारत की सरकार इसे स्वीकार भी नहीं कर रही है। क्या जम्मू कश्मीर को इसलिए अलग किया गया ताकि यहॉं की जमीन चीन को तोहफे के तौर पर दी जा सके।”

महबूबा मुफ्ती का यह बयान तब आया जब प्रधानमंत्री मोदी आश्वस्त कर चुके हैं कि गलवान घाटी में हिंसक झड़प के दौरान हमने जमीन नहीं खोई है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा था कि हमारे किसी पोस्ट पर किसी का कब्जा नहीं है और सेना को खुली छूट दी गई है। उन्होंने कहा था कि भारत, शांति और मित्रता चाहता है। लेकिन अपनी संप्रभुत्ता की रक्षा उसके लिए सर्वोपरि है।

सर्वदलीय बैठक के दौरान शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, “चीन ने ना तो हमारी सीमा में घुसपैठ की है, ना ही किसी पोस्ट को कब्जे में लिया है। हमारे 20 जवान वीरगति को प्राप्त हुए, लेकिन जिन्होंने भारत माता को आँख दिखाई उन्हें सबक सिखा दिया।”

पीएम ने बताया था, ”हाल में तैयार किए गए इन्फ्रास्ट्रक्चर से एलएसी पर पेट्रोलिंग क्षमता बढ़ गई है। पहले जिन इलाकों की निगरानी नहीं होती थी। वहाँ भी अब हमारे जवान निगरानी और जवाब देने में सक्षम हैं। बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर, सामानों और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति से दुर्गम इलाके पहले के मुकाबले आसान हो गए हैं।”

गौरतलब है कि पिछले साल 5 अगस्त को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त कर आर्टिकल 370 खत्म कर दिया था। साथ ही राज्य को दो भागों में विभाजित कर दिया था। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अब दोनों ही केंद्र शासित प्रदेश हैं। महबूबा मुफ्ती राज्य की उन नेताओं में से एक हैं जिन्हें आर्टिकल 370 ह​टाए जाने के बाद सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत हिरासत में लिया गया था।

गलवान घाटी में चीन और भारत के बीच हिंसक झड़प

लद्दाख की गलवान घाटी में हाल ही में भारत और चीनी सैनिकों के बीच हाथापाई और खूनी झड़प हुआ, जिसमें भारत के 20 जवान वीरगति को प्राप्त हुए, जबकि चीन के 43 से अधिक जवानों के हताहत होने की सूचना सामने आई हैं। चीन अभी तक अपने सैनिकों की मौत का आँकड़ा छुपा रहा है और सीमा पर संघर्ष के लिए भारत को ही दोषी ठहरा रहा है। लद्दाख में हुई हिंसक झड़प के बाद से दोनों देशों के बीच हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।

बता दें चीनी सेना ने पहले से ही अपने पास लाठी-डंडे, रॉड, हॉकी स्टिक, बेसबॉल क्लब, ड्रैगन पंच, पाइप, पत्थर, कीलें, बूट की नोक जमा कर रखी थी। इनका ही इस्तेमाल उन्होंने हिंसा के दौरान किया। वहीं पहाड़ी पॉइंट 14 पर पहले से मौजूद चीनी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों को निशाना बनाते हुए उनके ऊपर बड़े-बड़े पत्थरों को फेक कर भी हमला किया। बिना किसी हथियार के भारतीयों सैनिकों ने उनका डट कर मुकाबला किया।

अली भाई के लिए हथियार लेकर आया था पाकिस्तानी ड्रोन, राइफल और ग्रेनेड बँधे थे: BSF ने मार गिराया

जम्मू-कश्मीर में ड्रोन के जरिए आतंकियों तक हथियार पहुॅंचाने की पाकिस्तान की कोशिश को सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया है। पाकिस्तान ने भारतीय जवानों की रेकी और हथियारों की सप्लाई के लिए शनिवार (जून 20, 2020) सुबह एक ड्रोन भेजा था। बीएसएफ जवानों की मुस्तैदी के चलते इसे मार गिराया गया।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शनिवार सुबह 5.10 बजे कठुआ के हीरानगर सेक्टर के ऊरक पाकिस्तानी ड्रोन उड़ता हुआ दिखाई दिया। जिसे सीमा पर मुस्तैदी से तैनात बीएसएफ के जवानों ने मार गिराया। ड्रोन में कुछ हथियार भी बँधे हुए थे। अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन के साथ एक राइफल, दो मैगजीन, 60 राउंड और सात ग्रेनेड बँधे हुए थे, जिन्‍हें जब्‍त कर लिया गया है।

बीएसएफ के महानिरीक्षक एनएस जमवाल ने कहा कि यह एक बड़ी कामयाबी है। पाकिस्तान पंजाब में जो कर रहा है, उसी तरह के तौर-तरीकों को यहाँ भी अपनाया है। छह कोप्टर ड्रोन का वजन लगभग 17.5 किलोग्राम था और खेप का वजन लगभग पाँच से छह किलोग्राम था।

उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से, यह इस तरफ किसी को हथियार और गोला-बारूद उपलब्ध कराने का एक प्रयास था। वह कौन था, जाँच का विषय है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि ड्रोन में एक चरखी जैसा यंत्र लगा था, जिसकी मदद से पूरी खेप को गिराकर उसे वापस पाकिस्तान जाना था।

बीएसएफ के महानिरीक्षक एनएस जमवाल के मुताबिक ड्रोन से बरामद हुआ हथियार किसी ‘अली भाई’ नाम के व्यक्ति को दिया जाना था, क्योंकि ड्रोन के अंदर से अली भाई के नाम की एक पर्ची भी हथियारों के साथ चिपकी हुई मिली है।

उन्होंने बताया कि बीएसएफ जवानों ने नौ गोलियाँ चलाई और ड्रोन को भारतीय क्षेत्र में 250 मीटर अंदर की ओर मार गिराया। बीएसएफ और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुँच गए हैं और मामले की छानबीन की जा रही है। अधिकारी ने बताया कि जनवरी 2020 में नगरोटा टोल प्लाजा पर जैश-ए-मोहम्मद के मारे गए आतंकी के पास से भी ऐसे ही हथियार बरामद हुए थे।

₹50000 करोड़, 6 राज्य-116 जिले: PM मोदी ने गरीब कल्याण रोजगार अभियान का फूँका बिगुल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (20 जून 2020) को 50 हजार करोड़ रुपए की लागत वाली गरीब कल्याण रोजगार अभियान (Pradhanmantri Garib Kalyan Rojgar Yojana) की शुरुआत की। दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस अभियान को उन्होंने बिहार के खगड़िया जिले के तेलिहार गॉंव से हरी झंडी दिखाई।

इस अभियान का उद्देश्य कोरोना वायरस की महामारी से प्रभावित प्रवासी मजदूरों को उनके गाँव में ही रोजगार उपलब्ध कराकर उन्हें लाभ पहुँचाना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और 6 राज्यों के मुख्यमंत्रियों व अन्य अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान‘ लॉन्च इवेंट में भाग लिया। इस योजना के तहत प्रवासी मजदूरों के लिए 25 तरह के काम के विकल्प मुहैया कराए जाएँगे।

देशभर में लॉकडाउन के चलते कई प्रवासी श्रमिक अपने घर वापस लौट गए हैं और बेरोजगार हैं। ऐसे ही श्रमिकों को लाभान्वित करने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान की शुरुआत की है। यह योजना उन छह राज्यों पर केंद्रित रहेगी, जहाँ सबसे ज्यादा प्रवासी मजदूर वापस लौटे हैं।

इस योजना का शुभारम्भ करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज जब मैं बिहार के लोगों से बात कर रहा हूँ तो मैं गौरव के साथ इस बात का ज़िक्र करना चाहूँगा कि बिहार रेजिमेंट ने पराक्रम दिखाया है हर बिहारी को इस पर गर्व है। जिन वीरों ने बलिदान दिया है उनके प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूँ।

इस कार्यक्रम के तहत बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा के 116 जिलों को कवर किया जाएगा। इन सभी जिले में लॉकडाउन के दौरान 25 हजार से अधिक प्रवासी श्रमिक वापस लौटे हैं। 50 हजार करोड़ रुपए के लागत वाले इस योजना के तहत रोजगार प्रदान करने और बुनियादी ढाँचे के निर्माण के लिए 25 विभिन्न प्रकार के कार्यों का गहन और केंद्रित कार्यान्वयन शामिल होगा।

इसके साथ ही यह अभियान 12 विभिन्न मंत्रालयों और विभागों- ग्रामीण विकास पंचायती राज, सड़क परिवहन और हाइवे, खनन, पेयजल व सैनिटेशन के जरिए सफल होगा।

पड़ोसियों से दुष्टता कर रही कम्युनिस्ट पार्टी, सीमा पर भड़का रही तनाव: चीन पर अमेरिकी विदेश मंत्री

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने चीन पर तीखा हमला किया है। उन्होंने चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी को दुष्ट करार देते हुए कहा कि वह भारत के साथ सीमा पर तनाव भड़का रही है।

गलवान घाटी में बीते दिनों चीन के साथ हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक बलिदान हो गए थे। माइक पोंपियो (Mike Pompeo) ने इस इलाके पर चीन के दावे को भी अवैध बताया।

एक ऑनलाइन सम्मेलन के दौरान उन्होंने यह बात कही। पोंपियो ने कहा, “पीएलए (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी) ने विश्व के सबसे अधिक जनसंख्या वाले लोकतंत्र भारत के साथ सीमा तनाव बढ़ा दिया है। वह दक्षिण चीन सागर का सैन्यीकरण कर रहा है और अवैध रूप से दावा कर रहा है।”

अमेरिकी विदेश मंत्री पोंपियो ने कहा कि चीन की सीसीपी ‘नाटो’ (NATO) जैसे संस्थानों के जरिए दुनिया में बरकरार आजादी और उससे होने वाली तरक्की को खत्म करना चाहती है। वह सिर्फ चीन को फायदा पहुँचाने वाले नियम-कायदे अपनाना चाहती है। 

उन्‍होंने कहा, “कम्‍युनिस्‍ट पार्टी न केवल अपने पड़ोसियों के साथ दुष्‍टता कर रही है, बल्कि उसने कोरोना वायरस के बारे में दुनिया से झूठ बोला और इसे पूरी दुनिया में फैलने दिया। साथ ही विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन पर दबाव डाला कि वह उसके पापों को छिपाए। लाखों लोग कोरोना वायरस से मारे गए और वैश्विक अर्थव्‍यवस्‍था तबाह हो गई। महामारी के इतने दिनों बाद भी चीन ने ज‍िंदा वायरस के नमूने तक पहुॅंच मुहैया नहीं कराई है।”

उल्लेखनीय है कि हाल ही के दिनों में व्यापार, कोरोना वायरस के प्रकोप को लेकर चीन के गलत रवैए, उइगर मुस्लिमों के शिविर में मानवाधिकारों के हनन, हांगकांग की स्थिति और दक्षिण चीन सागर में चीनी गतिरोध बढ़ाने सहित कई मुद्दों पर अमेरिका और चीन के बीच अनबन हुई है। पोंपियो ने यह भी कहा कि चीन अमेरिका और यूरोप के बीच साइबर कैम्पेन के जरिए गलत प्रचार कर रही है, ताकि यहाँ की सरकारों को कमजोर किया जा सके।

गौरतलब है कि चीन के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार (जून 19, 2020) को लद्दाख क्षेत्र स्थित गलवान घाटी में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को चीन की तरफ बताया है। चीन के इस दावे से एक दिन पहले ही भारत ने गलवान घाटी पर चीनी सेना के संप्रभुता के दावे को खारिज कर दिया था और बीजिंग को अपनी गतिविधियाँ एलएसी के उस तरफ तक ही सीमित रखने की चेतावनी देते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि भारत अपनी सम्प्रभुता में हस्तक्षेप का जवाब देने में सक्षम है।

भारतीय सेना मजबूत, चीन को हरा सकती है, राहुल गाँधी आप नेतागिरी मत करना: गलवान में जख्मी सैनिक के पिता

लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ झड़प में 20 जवान बलिदान हो गए थे। इस मुद्दे पर कॉन्ग्रेस नेता लगातार बयानबाजी कर रहे हैं। कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी भी सरकार को घेरने की कोशिश में अनर्गल सवाल उठा रहे हैं।

राहुल ने शुक्रवार (जून 19, 2020) को गलवान घाटी में घायल हुए जवान के पिता बलवंत सिंह का वीडियो ट्वीट कर सरकार को घेरा था। वहीं, अब जवान के पिता का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने राहुल को इस मुद्दे पर राजनीति न करने की नसीहत दी है।

वीडियो में वो कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी को जवाब दे रहे हैं। वीडियो में वे कह रहे हैं, “ये भारतीय सेना मजबूत सेना है। चीन को हरा सकती है। और भी देशों को हरा सकती है। राहुल गाँधी, आप नेतागिरी मत करना। ये राजनीति अच्छी नहीं है। मेरा छोरा पहले भी फौजी में लड़ा। अब फिर लड़ेगा शेर की तरह। भगवान करे ठीक हो जाए तो फिर लड़ेगा देश के लिए।”

गौरतलब है कि राहुल गाँधी ने गलवान घाटी की हिंसक झड़प में घायल हुए एक जवान के पिता के बयान से जुड़ा वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट किया था, “यह देखकर दुख होता है कि भारत सरकार के वरिष्ठ मंत्री प्रधानमंत्री को बचाने के लिए झूठ बोलने पर उतर आए हैं। अपने झूठ से हमारे शहीदों का अपमान मत करिए।” इसी के जवाब में घायल जवान के पिता का यह वीडियो सामने आया है।

घायल जवान के पिता का बयान आने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी घटिया राजनीति करने के लिए राहुल गाँधी पर निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “एक बहादुर जवान के पिता के पास राहुल गाँधी के लिए बड़ा ही स्पष्ट जवाब है। ऐसे समय में जब पूरा देश एकजुट है, तब राहुल गाँधी को भी घटिया राजनीति से ऊपर उठना चाहिए और राष्ट्रीय हित के साथ एकजुटता में खड़े होना चाहिए।”

इससे पहले कॉन्ग्रेस नेता ने एक ट्वीट में कहा था कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि गलवान में चीनी हमला पूर्व नियोजित था। भारत सरकार सो रही थी और उसने समस्या से इनकार कर दिया था। इसकी कीमत हमारे शहीद जवानों को चुकानी पड़ी।

गौरतलब है कि भारत और चीन की सेनाओं के बीच लद्दाख बॉर्डर पर गलवान घाटी के पास हिंसक झड़प में चीन के 43 सैनिकों के हताहत होने की बात मीडिया में सामने आई। भारतीय सेना ने स्पष्ट किया है कि इस झड़प में 20 भारतीय सैनिकों को वीरगति प्राप्त हुई।

इससे पहले शुक्रवार (जून 19, 2020) को इस मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्वदलीय बैठक की। इस दौरान उन्होंने बताया था कि सेना को खुली छूट दी गई है। उन्होंने सबको आश्वस्त किया कि हमारी एक इंच जमीन भी कोई नहीं ले सकता। हमारे किसी पोस्‍ट पर दूसरे देश का कब्‍जा नहीं है।

ताहिर हुसैन ने मजहब का हवाला दे भीड़ को ‘काफिरों’ की हत्या के लिए उकसाया: दिल्ली दंगों के दो और मामलों में चार्जशीट दाखिल

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के दंगों से संबंधित दो और मामलों में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने शुक्रवार (जून 19, 2020) को अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किए। दोनों ही आरोप-पत्रों में आम आदमी पार्टी (AAP) के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन को मुख्य आरोपित बनाया गया है।

पहला चार्जशीट चाँदबाग के एक पार्किंग लॉट में आगजनी और दंगे से संबंधित है। इसमें कम से कम सौ वाहनों में आग लगा दी गई थी। दूसरा मामला करावल नगर इलाके में एक गोदाम में लूटपाट और आगजनी से संबंधित है। दोनों ही घटनाओं में ताहिर हुसैन को मास्टरमाइंड बताया गया है।

आरोप पत्र चश्मदीदों के बयान के आधार पर तैयार किया गया है। साथ ही इलाके के सीसीटीवी फुटेज और आरोपितों के फोन कॉल रिकार्ड को भी आधार बनाया गया है। पुलिस के अनुसार चश्मदीदों का कहना है कि ताहिर हुसैन घटना वाले दोनों दिनों में 40-50 गुंडों की भीड़ का नेतृत्व कर रहा था।

दिल्ली पुलिस ने गवाहों के बयान का हवाला देते हुए चार्जशीट में बताया कि ताहिर ने भीड़ को मजहब के नाम पर उकसाया। हुसैन ने अपनी बिल्डिंग भीड़ के हवाले कर दिया और उनसे ‘काफिरों’ को मारने के लिए कहा।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर हिन्दुस्तान टाइम्स को बताया कि दोनों आरोप-पत्रों में ताहिर हुसैन, उसके छोटे भाई शाह आलम और कम से कम दस अन्य लोगों पर दंगा करने, घातक हथियारों से लैस होने, आग या विस्फोटक पदार्थ का इस्तेमाल करने, गैर कानूनी सभाएँ करने और आपराधिक षड्यंत्र का आरोप लगाया गया है।

दोनों घटनाएँ 24 फरवरी को हुईं और 27 फरवरी को दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गईं। पुलिस की ओर से कोर्ट में दाखिल पहली चार्जशीट के मुताबिक ताहिर हुसैन ने एक भीड़ का नेतृत्व करते हुए करावल नगर स्थित एक गोदाम को लूटा और फिर उसे आग के हवाले कर दिया। गोदाम के मालिक का कहना था कि इस आगजनी में उसके कई जरूरी कागजात जलकर राख हो गए और उसे करीब 25-30 लाख रुपए का नुकसान हुआ। बाद में ताहिर हुसैन और पाँच अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया।

दूसरे चार्जशीट में उल्लेख किया गया है कि हुसैन और उसके छोटे भाई शाह आलम आठ अन्य लोगों के साथ प्रदीप पार्किंग लॉट के पास पहुँचे और उसका शटर तोड़ दिया। इसके बाद वे पहली मंजिल पर पहुँच गए और वहाँ मौजूद लोगों के पैसे और कीमती सामान लूट लिए। वहाँ एक शादी समारोह के लिए भोजन की तैयारी चल रही थी। हुसैन और अन्य लोगों ने तैयार किए गए भोजन को भी बर्बाद कर दिया और फिर पार्किंग लॉट में पेट्रोल बम फेंक दिया, जहाँ उस समय कई वाहन खड़े थे। बम ने प्रदीप पार्किंग में खड़े सभी वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। ताहिर हुसैन के खिलाफ इससे पहले भी चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।

बता दें कि ताहिर हुसैन फिलहाल आईबी स्टाफ अंकित शर्मा की हत्या और दिल्ली हिंसा में संलिप्तता के चलते गिरफ्तार है। आईबी में कार्यरत अंकित शर्मा की हत्या करने के बाद उनकी लाश को नाले में फेंक दिया गया था। मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपित सलमान ने बताया था कि दंगाइयों ने अंकित का मजहब जानने के लिए उनके कपड़े उतारे थे। धर्म पुख्ता कर उन्हें चाकुओं से गोद डाला। सलमान ने बताया कि उसने खुद अंकित पर 14 बार चाकू से वार किए। अंकित के चेहरे पर काला कपड़ा डाल उन्हें आप के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन के घर में ले जाया गया था। अंकित का शव 26 फरवरी को चॉंदबाग के नाले से मिला था।

उल्लेखनीय है कि सीएए, एनआरसी विरोध के नाम पर 23-24 फरवरी को दिल्ली में शुरू हुई हिंदू विरोधी हिंसा में 53 लोगों ने अपनी जान गँवा दी थी। 200 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस दौरान दंगाइयों ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर, घोंडा, चांदबाग, शिव विहार, भजनपुरा, यमुना विहार इलाकों में सरकारी और निजी संपत्ति को काफी नुकसान पहुँचाया था।

26/11: ताज होटल में की थी मुंबई हमले की प्लानिंग, तहव्वुर राणा को भारत के हवाले कर सकता है अमेरिका

अमेरिका ने तहव्वुर हुसैन राणा को फिर से गिरफ्तार किया है। 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमलों के सिलसिले में उसे भारत के हवाले किए जाने की संभावना है।

राणा 26/11 हमले की साजिश रचने में शामिल था। लश्कर आतंकियों के इस हमले में 166 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें कई विदेशी नागरिक थे।

पाकिस्तान में पैदा हुए राणा को 2009 में अमेरिका में गिरफ्तार किया गया था। उसे डेनमार्क के अखबार पर हमले की साजिश रचने तथा लश्कर-ए-तैयबा की मदद करने के जुर्म में दोषी ठहराते हुए 14 साल की सजा सुनाई गई थी।

मुंबई हमलों की जॉंच से पता चला था कि राणा मुंबई आया था। ताज होटल में रुका था और यहीं से उसने हमले का पूरा प्लान तैयार किया था। हमले के दौरान यह होटल आंतकियों के मुख्य निशाने में से एक था।

इस मामले के एक अन्य साजिशकर्ता डेविड कोलमैन हेडली को छद्म पहचान बनाने के लिए उसने अपने बिजनेस फर्म के नाम का इस्तेमाल करने की अनुमति भी दे रखी थी। भारत काफी समय से राणा के प्रत्यर्पण की मॉंग कर रहा था।

इस सिलसिले में अमेरिकी अधिकारियों से चर्चा करने के लिए 13 दिसंबर 2018 को एनआईए की टीम ने दौरा किया था।

बताया जाता है कि इसी को ध्यान में रखकर उसे दोबारा गिरफ्तार किया गया है। एनबीटी की रिपोर्ट के अनुसार भारत सरकार ट्रंप प्रशासन के ‘पूरे सहयोग’ के साथ पाकिस्तानी कैनेडियाई नागरिक के प्रत्यर्पण के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर रही है।

मुंबई हमलों के दौरान नौ आतंकी मौके पर ही ढेर कर दिए गए थे। एक आतंकी अजमल कसाब जिंदा पकड़ा गया था। बाद में उसे फॉंसी दी गई थी।

मेरी प्रोफाइल फोटो से न्यूड पिक बनाकर गंदे मीम्स बनाते हैं: काजल ने खोली भीम आर्मी के रावण की पोल ​

भीम आर्मी का मुखिया चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण सोशल मीडिया में महिलाओं के लिए कितनी गंदी भाषा का इस्तेमाल करता है, इस पर एक रिपोर्ट हमने कल प्रकाशित की थी। लड़कियों के ट्वीट्स के नीचे रेप की बात, वेश्या कहना, जिस्म बेचने वाली कहना आदि पतितों वाली बातें लिखना उसकी हॉबी है।

रावण हर महिला के लिए इसी तरह की गंदी जुबान का इस्तेमाल करता है। जो महिलाएँ अक्सर उसके निशाने पर रहती हैं, उनमें से एक नाम वीडियो ब्लॉगर काजल हिंदुस्तानी का है। रावण के घटिया, अश्लील और गाली भरे ट्वीट्स को ले कर काजल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ऑपइंडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने ऑपइंडिया हिंदी के संपादक अजीत भारती के सवालों का विस्तार से जवाब दिया और रावण के करतूतों की पोल खोली।

गुजरात से आने वाली काजल हिंदुस्तानी ने बताया कि 2017 के विधानसभा चुनावों में विपक्षी दलों ने ‘विकास गांडो थायो छे’ का नारा दिया था। इसका मतलब होता है कि गुजरात में विकास पागल हो गया। गुजराती होने के नाते यह मुझे बुरा लगा तो मैंने इसके जवाब में कुछ आँकड़ों के साथ एक वीडियो बनाया। वह इतना वायरल हुआ कि उसे 7-8 मिलियन व्यू मिले। इस वीडियो के वायरल होते ही इनका नारा फेल हो गया।

इसके बाद से ही गुजरात का स्वयंभू दलित नेता जिग्नेश मेवाणी गैंग और चन्द्रशेखर का गैंग मैरे पीछे पड़ गया। 2017 के बाद तो रावण ने मुझे इतना परेशान कर दिया कि वह मुझे लाइन चैटिंग करता था। मेरी हर पोस्ट पर कमेंट करता था। लेकिन मैंने कभी उसके कभी जवाब नहीं दिया, क्योंकि वह इस लायक नहीं था। रावण ने एक- डेढ़ साल तक मुझे लगातार परेशान किया। उसने मेरे बच्चों के बारे में भी पता कर लिया।

अजीत भारती के साथ काजल हिंदुस्तानी की पूरी बातचीत सुनें

काजल ने आगे बताया कि जिग्नेश मेवाणी और रावण जैसे लोगों की हरकतों को देखकर तो ऐसा लगता है कि ये लोग 24 घंटे पोर्न देखते होंगे। इसलिए हर एक महिला को ये गंदी नजर से देखते हैं। मेरे लिए ‘बिस्तर गर्म’ करने जैसे शब्दों को पढ़कर लगता है कि ये लोग कितने कुंठित हैं। इनके अंदर भरी गंदगी को कोई भी कर्मचारी साफ नहीं कर सकता।

काजल ने बताया कि रावण ने उनके लिए इतने अश्लील शब्दों का प्रयोग किया कि वह बता भी नहीं सकतीं। लेकिन बीते दिनों रावण द्वारा उन पर किए गए सभी कमेंट सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। उन्होंने कहा मैं उन सभी भाई-बहनों का शुक्रिया अदा करूँगी जिन्होंने मेरा सपोर्ट किया। मुझे भारतीय महिला होने पर गर्व है। मुझे खुशी है कि इस मामले में सहारनपुर पुलिस और महिला आयोग ने एक्शन लिया है।

काजल आगे सवालों का जवाब देते हुए बताती हैं कि ये जो भीम-मीम वाले लोग हैं वे उनकी प्रोफाइल से फोटो निकालकर न्यूड पिक बनाकर गंदे मीम्स बनाते हैं। इन्हें देखकर कोई भी महिला सुसाइड कर सकती है। चौंकाने वाली बात यह है कि ऐसे लोगों के अकाउंट्स को ट्विटर वेरीफाइ करता है।

अपने नाम के पीछे हिंदुस्तानी लगाने को लेकर काजल ने बताया कि गुजरात में 2017 में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान उन्हें जिग्नेश मेवाणी वगैरह ने ब्राह्मण होने को लेकर बहुत टार्गेट किया था। इसके बाद उन्होंने अपने नाम के पीछे हिंदुस्तानी लगा लिया, जिससे कि समाज में कोई जाति को लेकर द्वेष पैदा न हो और जातिवाद की राजनीति समाप्त हो।

आपको बता दें कि भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर उर्फ रावण के कुछ पुराने ट्वीट सामने आए थे। इनमें से हरेक में एक बात कॉमन है कि वह महिलाओं को भद्दी गालियॉं दे रहा है।

20 जांबाज बलिदान हुए, लेकिन जिन्होंने आँख उठाकर देखा उन्हें सबक सिखाकर गए: PM मोदी

चीन के साथ हालिया तनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (जून 19, 2020) सर्वदलीय बैठक की। इस दौरान उन्होंने सबको आश्वस्त किया कि हमारी एक इंच जमीन भी कोई नहीं ले सकता। हमारे किसी पोस्‍ट पर दूसरे देश का कब्‍जा नहीं है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “चीन ने ना तो हमारी सीमा में घुसपैठ की है, ना ही किसी पोस्ट को कब्जे में लिया है। हमारे 20 जवान वीरगति को प्राप्त हुए, लेकिन जिन्होंने भारत माता को आँख दिखाई उन्हें सबक सिखा दिया।”

पीएम ने कहा कि पहले चीन के सैनिकों को कोई नहीं रोकता था, लेकिन अब रोकने पर तनाव बढ़ा है। वास्‍तविक नियंत्रण रेखा पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। साथ ही बॉर्डर पर निर्माण कार्य तेजी से चलेगा। पीएम ने बताया कि हमने अपनी सेना को हर जरूरी कार्रवाई करने के लिए खुली छूट दे दी है।

पीएम ने बताया, ”हाल में तैयार किए गए इन्फ्रास्ट्रक्चर से एलएसी पर पेट्रोलिंग क्षमता बढ़ गई है। पहले जिन इलाकों की निगरानी नहीं होती थी। वहाँ भी अब हमारे जवान निगरानी और जवाब देने में सक्षम हैं। बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर, सामानों और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति से दुर्गम इलाके पहले के मुकाबले आसान हो गए हैं।”

पीएम ने कहा, “मैं आप सभी को और सभी राजनीतिक दलों को ये विश्वास दिलाता हूँ कि हमारी सेना किसी भी जवाबी कार्रवाई के लिए सक्षम है। आप सभी ने जो विचार रखे हैं वह बहुत महत्वपूर्ण हैं। हम सभी देश की सीमाओं की रक्षा में दिन रात लगे हैं। हमारे वीर जवानों के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं। उनकी वीरता उनके कौशल उनकी सूझबूझ पर देश अटूट विश्वास रखता है।”

गौरतलब है कि आज भारत चीन-सीमा विवाद पर इस बैठक में 20 दल के नेता शामिल हुए। सभी ने प्रधानमंत्री के समक्ष अपना अपना मत रखा और एकजुटता दिखाई। शिवसेना प्रमुख ने इस बैठक में तो यहाँ तक कहा कि हमारी सरकार में इतनी क्षमता है कि आँखें निकालकर हाथ में दे दे।

नाम नहीं बता सकते, क्योंकि वह 14 साल का ही है, लेकिन इस उम्र में भी उसने इस्लामी आतंकी हमले की साजिश रची

इस्लामी आतंकी हमले की साजिश रचने के आरोप में ब्रिटेन में एक 14 साल का बच्चा पकड़ा गया है। नाबालिग होने के कारण उसकी पहचान का खुलासा नहीं किया गया है।

ब्रिटेन के हैम्पशायर से कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने 14 वर्षीय नाबालिग को हिरासत में लिया। उसे गुरुवार को एक अदालत में पेश किया गया।

14 साल के इस लड़के पर बुधवार को ब्रिटेन के आतंकवाद संबंधी कानून की इस्लामी आतंकवाद संबंधी धारा 5 (1) (ए) के उल्लंघन के तहत आरोप तय किए गए। आतंकवाद रोधी पुलिस ने एक बयान में कहा कि पहले उस लड़के को 12 जून को हैम्पशायर पुलिस ने गिरफ्तार किया था, मगर बाद में उसकी गिरफ्तारी आतंकवाद विरोधी कानून के तहत हुई।

जानकारी के मुताबिक, लड़के को पुलिस ने पहले पिछले हफ्ते शुक्रवार को हैम्पशायर कांस्टेबुलरी से गिरफ्तार किया। बाद में CTPSE जासूसों की मदद से नाबालिग को आतंकवाद अधिनियम की धारा 41 के तहत पकड़ लिया गया।

CTPSE (Counter Terrorism Policing South East) ने कहा, “इस्लामिक आतंकवाद के आरोपों में हैम्पशायर में लड़के की गिरफ्तारी ईस्टले (Eastleigh) के समुदाय को चिंतित कर सकती है, लेकिन हैम्पशायर कांस्टेबुलरी इस जाँच पर काउंटर टेररिज्म पुलिसिंग साउथ ईस्ट में सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहा है और हम आपको आश्वस्त करना चाहते हैं कि यह मामला अलग है। इससे समुदाय को कोई जोखिम नहीं है।”

इस बीच आतंकवाद विरोधी इकाई ने आम लोगों से भी अपील की कि अगर उन्हें कुछ भी संदिग्ध दिखे तो उसकी जानकारी दें, क्योंकि वह आतंकवादी गतिविधि से जुड़ा हो सकता है।

CTPSE ने कहा, “अगर आपको लगता है कि आपने कुछ संदिग्ध देखा जो आपकी चिंता को बढ़ाता है और आतंकवादी गतिविधियों से कहीं से जुड़ा होने के संकेत करे, तो बेझिझक उसकी रिपोर्ट करें। अपनी सोच पर विश्वास रखें, दूसरों पर भरोसा न करें और यदि आपने किसी विशेष स्थान पर या दिन के किसी विशेष समय में किसी विशेष संदिग्ध व्यवहार को महसूस किया, तो अपने संदेहों को पुलिस के साथ साझा करें।”