Home Blog Page 5573

अगर हम केवल मुस्लिमों बारे में सोचते तो तीन तलाक पर मोदी का सिर कलम कर देते: TMMK अध्यक्ष मोहम्मद शरीफ़

तमिलनाडु में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की हत्या की धमकी देने वाले एम मोहम्मद शरीफ़ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पेरम्बलूर जिले में बुधवार (28 अगस्त) को हुई इस गिरफ़्तारी के पीछे उनका 5 दिन पहले का भड़काऊ भाषण बताया गया है, जिसमें क्रमशः तीन तलाक और 370 के मुद्दे पर मोदी और अमित शाह की हत्या की धमकी दी गई थी। इस्लामिस्ट संगठन तमिलनाडु मुस्लिम मुन्नेत्र कळगम (TMMK) से जुड़े मोहम्मद शरीफ़ ने यह बयान पार्टी की नुक्कड़ सभा के दौरान पेरम्बलूर के लब्बैकुडिकाडु में दिया था।

त्रिची स्थित मारसिंगपेट के रहने वाले शरीफ पर पुलिस ने निषेधाज्ञा उल्लंघन, लोकसेवक (प्रधानमंत्री, गृह मंत्री) को धमकी देने, शांति भंग और आपराधिक धमकी के आरोप लगाए हैं। उनके खिलाफ तमिलनाडु भाजपा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। 25 अगस्त के अपने भाषण में शरीफ़ ने कहा था, “अगर हम केवल मुस्लिमों की सोच रहे होते, तो अमित शाह इस समय जीवित न होते, नरेंद्र मोदी जीवित न होते और संसद संसद न होती। लेकिन हमने ऐसा नहीं  किया। क्यों? क्योंकि हमारे अंदर भारत के कानून, लोकतंत्र और संविधान के लिए सम्मान है।” 

TMMK के अध्यक्ष एमएच जवाहिरुल्लाह ने शरीफ की  टिप्पणी की निंदा करते हुए जानकारी दी कि शरीफ को TMMK के मूल्यों का उल्लंघन करने के लिए मुख्यालय के वक्ता के पद से हटा दिया गया है। 

TMMK और उसकी समर्थक पार्टियाँ (जिनमें द्रमुक, माकपा, भाकपा जैसे बड़े दल शामिल हैं) मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहीं हैं। उपर्युक्त बड़े दलों के अलावा वीसीके, क्रिश्चियन गुडविल मूवमेंट जैसे छोटे संगठन भी इसमें शामिल हैं।

‘मायावती बिजली के नंगे तार जैसी, बीजेपी ने 3 बार CM बनाया, जान बचाई फिर भी धोखा दिया’

उत्तर प्रदेश के नवनियुक्त राज्य मंत्री गिरिराज सिंह धर्मेश ने बसपा सुप्रीमो मायावती पर तीखे हमले किए हैं। मायावती की तुलना बिजली के नंगे तार से करते हुए उन्होंने कहा है कि जो भी उनके करीब जाएगा उसका अस्तित्व ख़त्म जाएगा।

उन्होंने कहा, “मायावती बिजली के नंगे तार जैसी हैं। उन्हें जो भी छुएगा, मर जाएगा। भाजपा ने उन्हें तीन बार मुख्यमंत्री बनाया, उनकी जान बचाई लेकिन उन्होंने उसे धोखा दिया।” उन्होंने बसपा संस्थापक काशीराम की मौत पर भी संदेह जताया है। उन्होंने कहा, “काशीराम की मौत स्वभाविक नहीं थी। उनकी मौत संदेहास्पद परिस्थितियों में हुई थी। वे मायावती की निगरानी में थे। काशीराम की बहन ने कहा था कि मायावती ने उनकी हत्या की है। मैं मुख्यमंत्री से इस मामले की सीबीआई जॉंच की गुजारिश करूंगा।”

धर्मेश आगरा छावनी से विधायक हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में वे समाज कल्याण तथा अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति कल्याण राज्यमंत्री हैं। बकौल धर्मेश मायावती विश्वसनीय नहीं हैं और उन्होंने सबको धोखा दिया है।

उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान सपा का इस्तेमाल कर उन्होंने 10 सीटें जीती और नतीजे आने के बाद उसे भी धोखा दे दिया। उनके अनुसार, मायावती के पास अब कोई विकल्प नहीं बच गया। उन्होंने जो अकूत संपत्ति जुटाई है उसकी जॉंच हो रही है। इससे डर कर उन्होंने अपने सुर बदले हैं। उल्लेखनीय है कि केंद्र की मोदी सरकार के प्रति ​हाल के समय में मायावती के रुख में नरमी देखी जा रही है।

पंजाब: 13 साल की बच्ची को अगवा कर दुष्कर्म करने वाला पादरी परवेज गिरफ्तार

पंजाब के गुरदासपुर में बुधवार (अगस्त 28, 2019) को पुलिस ने नाबालिग से बलात्कार के आरोप में एक पादरी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपित पादरी को स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

पीड़िता की माँ के मुताबिक उनकी 13 वर्षीय बेटी 9वीं कक्षा की छात्रा है। जो स्कूल जाने के लिए मंगलवार (अगस्त 27, 2019) की सुबह घर से निकली थी, लेकिन दोबारा घर नहीं लौटी।

बच्ची के गायब होने से परेशान परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी और स्थानीय चर्च के पादरी परवेज पर शक जताया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पादरी के घर में छापेमारी की और बच्ची को बरामद किया।

हालाँकि, छापेमारी से पहले परवेज लड़की के घर में होने की बात से इनकार कर रहा था। लेकिन जब पुलिस ने जाँच की तो पाया कि उसने लड़की को चारपाई के नीचे छिपा रखा था।

पुलिस ने तुरंत लड़की को वहाँ से निकाला और लड़की की माँ के बयान पर आरोपित पादरी परवेज के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

भूमाफिया आज़म ख़ान के ख़िलाफ़ डकैती का भी मामला दर्ज, सपा नेता की बढ़ी मुश्किलें

समाजवादी पार्टी के नेता और रामपुर के सांसद आज़म खान का विवादों से गहरा नाता है। इसी कड़ी में अब वो एक नई मुश्किल में फँस गए हैं। भूमाफ़िया घोषित किए जाने के बाद अब आज़म ख़ान के ख़िलाफ़ कोतवाली थाने में डकैती का मामला दर्ज किया गया है। आरोप के अनुसार, रामपुर पब्लिक स्कूल बनाने के नाम पर ज़मीन  लेकर पीड़ितों को दूसरी जगह बसाया गया। एक पीड़ित के मुताबिक़, उसे दूसरी जगह बसाने के बाद फिर से हटा दिया गया।

इस मामले में सरायगेट घोसियान के रहने वाले नन्हें नामक व्यक्ति ने FIR दर्ज कराई। नन्हें नाम के व्यक्ति और कुछ अन्य लोगों द्वारा शिक़ायत की गई थी, इसमें उन्होंने कहा कि पहले तो उन्हें लालच देकर उनकी ज़मीनें छीनी और उनका घर तोड़ दिया। इस दौरान लूटपाट और मारपीट को भी अंजाम दिया गया।

रामपुर के एसपी अजयपाल शर्मा ने FIR की पुष्टि करते हुए बताया,

“कुछ लोगों के द्वारा ये शिक़ायत की गई थी कि पहले उनको लालच दिया गया, कहा गया कि उनको दूसरी जगह विस्थापित किया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उनके घरों को तोड़ा गया, मारपीट की गई और सामान आदि को लूट लिया गया। प्रथम दृष्टया जाँच में ये मामले सही पाए गए हैं।”

एसपी ने बताया कि इस मामले में दो FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें छ: लोगों को नामज़द किया गया है, इनमें सांसद आज़म खान, पूर्व सीओ आले हसन, फ़साहत शानू, वीरेंद्र गोयल, एसओजी का एक पूर्व सिपाही धर्मेंद्र आदि शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया कि यहाँ एक स्कूल बनाया जाना था और इसी कारण से मकानों को तोड़ा गया।

एसपी ने कहा, “फ़िलहाल साक्ष्य का संकलन किया जा रहा है और जो बातें जाँच में सामने आएँगी उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।”

ग़ौरतलब है कि सपा नेता आज़म ख़ान पर किसानों की ज़मीन कब्जाने का आरोप भी लग चुका है। उनके ख़िलाफ़ क़रीब 30 मुक़दमें पहले से ही दर्ज हैं। इसके अलावा हाल ही में, उनके हमसफर रिसॉर्ट की दीवार पर बुलडोजर चलाया गया था। बता दें कि यह रिसॉर्ट उनके बेटे अब्दुल्ला के नाम पर था। रिसॉर्ट की दीवार तोड़ने के संदर्भ में सिंचाई विभाग ने पहले ही उन्हें नोटिस दे दिया था। जानकारी के अनुसार, अखिलेश सरकार में रिसॉर्ट की ज़मीन के लिए आज़म ख़ान ने सिंचाई विभाग के नाले की एक हज़ार वर्ग गज ज़मीन पर अवैध क़ब्ज़ा कर रखा था।

सपा नेता आज़म ख़ान पर ज़मीन हड़पने के अलावा, आलिया मदरसे से किताबें चोरी करने और रामपुर क्लब से शेरों की मूर्तियाँ चोरी करने का आरोप भी लगा है। पुलिस की कार्रवाई में आज़म की अली जौहर यूनिवर्सिटी में छापेमारी के दौरान मुमताज सेंट्रल लाइब्रेरी से चोरी की लगभग दो हज़ार किताबें और पांडुलिपियाँ ज़ब्त की थी। साथ ही कुछ एंटीक फर्नीचर भी ज़ब्त किया गया था।

पी चिदंबरम की गिरफ़्तारी से ख़ुश हूँ, अब कार्ति भी गिरफ़्तार होंगे: इन्द्राणी मुख़र्जी

इन्द्राणी मुखर्जी ने सरकारी जाँच एजेंसियों को आईएनएक्स मीडिया केस में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम के बारे में अहम जानकारियाँ दी थीं। इन्द्राणी इस केस में अप्रूवर बन गई और उनके ही बयानों के कारण पी चिदंबरम की गिरफ़्तारी का रास्ता साफ हुआ। इन्द्राणी ने चिदंबरम की गिरफ़्तारी पर ख़ुशी जताई है। बेटी की हत्या के आरोप में जेल में बंद इन्द्राणी ने पी चिदंबरम की गिरफ़्तारी को अच्छी ख़बर बताया। उन्होंने सेशन कोर्ट में मीडिया से बात करते हुए अपनी बात साझा की।

इन्द्राणी मुखर्जी ने आशा जताई कि कार्ति चिदंबरम की ज़मानत भी कैंसल कर दी जाएगी और वह गिरफ़्तार होंगे। इन्द्राणी ने कहा कि वो इस पूरे घटनाक्रम पर नज़र रख रही थीं।

इन्द्राणी मुखर्जी और उनके पति पीटर मुखर्जी भी आईएनएक्स मीडिया केस में आरोपित हैं। फिलहाल दोनों ही शीना बोरा हत्याकांड के आरोप में जेल में बंद हैं। शीना इन्द्राणी और उनके पहले पति की बेटी थी। इन्द्राणी ने खुलासा किया था कि आईएनएक्स मीडिया को एफआईपीबी अप्रूवल दिलाने के बदले में चिदंबरम ने उन्हें अपने बेटे के व्यापार में मदद करने को कहा था। कार्ति चिदंबरम ने भी मुखर्जी दम्पति से रिश्वत की माँग की थी। एफआईपीबी क्लीयरेंस में हुई अनियमितताओं को ठीक काटने के लिए कार्ति पर 1 मिलियन डॉलर रिश्वत माँगने का आरोप है।

ज्ञात हो कि पी चिदंबरम को अगस्त 21, 2019 को उनके दिल्ली के ज़ोर बाग़ स्थित आवास से गिरफ़्तार किया गया था। गिरफ़्तारी के बाद कोर्ट ने उन्हें सीबीआई की कस्टडी में भेज दिया। बाद में उनकी कस्टडी की अवधि बढ़ा दी गई। इस तरह से अब चिदंबरम 30 अगस्त तक सीबीआई की कस्टडी में रहेंगे। उन्हें गिरफ़्तार करने के लिए सीबीआई के अधिकारियों को उनके घर की दीवार लाँघनी पड़ी थी। अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज होने के बाद गायब चिदंबरम अचानक से कॉन्ग्रेस मुख्यालय के प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रकट हुए थे।

जुलाई 2019 में इन्द्राणी मुखर्जी आईएनएस मीडिया केस में अप्रूवर बनी थीं। उन्होंने माँग की थी कि अप्रूवर बनने और सबकुछ सही-सही खुलासा करने के लिए उन्हें सज़ा से माफ़ी दी जाए। 2007 में आईएनएक्स मीडिया को 307 करोड़ के विदेशी निवेश के लिए अप्रूवल मिला था। इस मामले में कार्ति चिदंबरम की भी गिरफ़्तारी हो चुकी है लेकिन उन्हें ज़मानत पर रिहा कर दिया गया था।

‘कश्मीर भारतीय लोकतंत्र का आंतरिक मुद्दा, इस मसले पर इमरान का बयान भड़काऊ और बेहूदा’

हाल ही में पाकिस्तान के मुद्दे पर हुई बैठक में शामिल हुए अमेरीकी सांसद ने कश्मीर को भारत का आंतरिक मामला बताया है और साथ ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को नसीहत दी कि उन्हें अब अपनी बयानबाजी को शांत करने की जरूरत है।

भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने कहा, “कश्मीर भारतीय लोकतंत्र का आंतरिक मुद्दा है और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को अपने बयानों को शांत करने की जरुरत है एवं उन्हें भारत से युद्ध और संघर्ष को बढ़ावा नहीं देना चाहिए।” उनकी मानें तो इमरान खान की ऐसी बयानबाजी बहुत हास्यास्पद है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रो खन्ना ने ये बात कैलिफोर्निया के फ्रीकमेंट में भारतीय-अमेरिकी समुदाय से मुखातिब होते हुए कही। उन्होंने इस दौरान इमरान खान द्वारा परमाणु युद्ध की धमकी को बेहूदा और नफरत से भरा बताया, साथ ही कहा कि इमरान खान अपने भड़काऊ बयानों में गुस्से को शांत करें और किसी विवाद या युद्ध की स्थिति को बढ़ावा न दें।

इसके अलावा बता दें कि सिलिकॉन वैली का प्रतिनिधित्व कर रहे रो खन्ना के साथ कार्यक्रम में मौजूद कश्मीरी मूल के लोगों ने गरीबी और आतंकवाद से लोकतांत्रित तरीके से समाधान को लेकर भारत सरकार की तारीफ की है। जिससे साफ़ हो गया है कि भले ही पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र के पास पहुँचकर उलटी सीधी बयानबाजी कर रहा है लेकिन वास्तविकता में कश्मीरी मुद्दे पर अमेरिका में न केवल शीर्ष अधिकारी और नेता बल्कि वहाँ की आम जनता भी भारत के ख़िलाफ़ और पाकिस्तान के समर्थन में बोलने को तैयार नहीं हैं।

इमरान ख़ान केवल कठपुतली, सारे अहम फैसले ले रही पाकिस्तानी फौज: US रिपोर्ट से लगी मुहर

पाकिस्तान में फौज का दखल नई बात नहीं है। जब से इमरान खान प्रधानमंत्री बने हैं तभी से कहा जा रहा है कि फौज की कठपुतली से ज्यादा उनकी कोई हैसियत नहीं है। अब अमेरिकी कॉन्ग्रेस की एक रिसर्च रिपोर्ट ने भी इन दावों पर मुहर लगाई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक इमरान के कार्यकाल में भी सरकारी कामकाज में फौज का दखल बरकरार है। सुरक्षा और विदेश जैसे अहम मामलों में फैसले पाकिस्तानी फौज ही लेती है।

रिपोर्ट बाईपार्टीशन कॉन्ग्रेसनल रिसर्च सर्विस (CRS) ने तैयार किया है। रिपोर्ट तैयार करने वाली टीम में यूएस कॉन्ग्रेस के सदस्य शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री बनने से पहले इमरान खान के पास कोई प्रशासनिक अनुभव नहीं था। साथ ही कहा गया है कि आम चुनाव में पाक फ़ौज ने अच्छा-खासा दखल दिया ताकि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ की हार हो सके।

अमेरिकी रिपोर्ट की मानें तो पाकिस्तानी फ़ौज ने आम चुनाव में अपने हिसाब से हेरफेर किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि इमरान खान ने ‘नया पाकिस्तान’ का नारा देकर युवाओं को रोज़गार, अच्छी शिक्षा और सभी नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ इत्यादि देने का वादा तो कर दिया था, लेकिन उनकी सारी बातें हवा-हवाई साबित हो रही हैं। यूएस की रिपोर्ट में इसका कारण पाकिस्तान की बदहाल अर्थव्यवस्था को बताया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, अगर इमरान खान को अपने वादे पूरे करने हैं तो पाकिस्तान सरकार को अन्य राष्ट्रों से क़र्ज़ लेना पड़ेगा और ख़र्च में भारी कमी करनी पड़ेगी। सीआरएस अमेरिका के कॉन्ग्रेस की एक स्वतंत्र रिसर्च इकाई है जो समय-समय पर विभिन्न विषयों पर रिपोर्ट तैयार करती रहती है। इस रिपोर्ट के आधार पर अमेरिकी कॉन्ग्रेस के नेताओं को किसी भी विषय पर अध्ययन करने के बाद उचित निर्णय लेने में आसानी होती है।

इमरान खान की जीत के लिए अमेरिकी एजेंसी ने पाकिस्तान में फ़ौज और न्यायपालिका के गठजोड़ को ज़िम्मेदार ठहराया है। रिपोर्ट का कहना है कि इन दोनों से मिल कर नवाज़ शरीफ की हार सुनिश्चित की। 2018 में हुए उस चुनाव में कई बार लोकतान्त्रिक मूल्यों को ताक पर रखा गया और आतंकी संगठनों को भी चुनाव में हिस्सा लेने की छूट दी गई।

अलवर पुलिस ने पूर्व फौजी को बेरहमी से पीटा, Video Viral

राजस्थान पुलिस का बर्बर चेहरा अब अलवर में देखने को मिला है। पुलिस ने यहॉं शांतिपूर्वक चल रहे एक आंदोलन को खत्म करने के लिए जमकर लाठियाँ बरसाई। साथ ही पूर्व फौजी अमर चंद मीणा को बेरहमी से पीटा।

आदिवासी समाज से आने वाले मीणा के पुलिस ने कपड़े फाड़ दिए और उनसे बदसलूकी भी की। आदिवासी मीणा समाज के प्रदेशाध्यक्ष के साथ हुई इस पूरी घटना का वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें देखा जा सकता है कि किस बेरहमी से बुजुर्ग पर लाठियाँ भाँजी गई हैं।

जानकारी के मुताबिक लाठी चार्ज में एबीवीपी के संगठन मंत्री शमशेर सिंह, चेतन जैमन, समर्थक अमरचंद मीणा, राकेश चौधरी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित चतुर्वेदी, छात्रनेता रजनीश जैमन, सचिन यादव, माेहित चाैधर अनेक छात्रों को भी चाेटें आई हैं।

घटना आरआर कॉलेज चौराहे के पास हुई। यहाँ छात्र मतगणना में धांधली को विरोध करने के लिए जुटे थे। अमरचंद ने बताया कि चुनाव में 2 मत से हारी पूजा ने उन्हें फोन पर कर धांधली के बारे में बताया। मीणा समाज का प्रदेशाध्यक्ष होने के नाते वे वहाँ पहुँचे थे। वे एएसपी से बात कर रहे थे तभी पीछे से पुलिस ने निर्ममता से मारपीट की।

उल्लेखनीय है कि आदिवासी समाज या दलित समाज पर राजस्थान पुलिस की दिखाई क्रूरता का ये पहला मामला नहीं हैं। कॉन्ग्रेस के सत्ता में आने के बाद पुलिस और प्रशासन की मनमानिया दिन पर दिन बढ़ रही हैं और कानून व्यवस्था की हालत चरमराती जा रही है।

कोयंबटूर में NIA की छापेमारी, अगरतला से पकड़ा गया JMB आतंकी नज़ीर शेख

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने तमिलनाडु के कोयंबटूर शहर में पाँच जगहों पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और पेन ड्राइव ज़ब्त किया गया है। खबर लिखे जाने तक छापेमारी जारी थी। NIA ने बांग्लादेशी आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिद्दीन (JMB) के आतंकवादी नज़ीर शेख को भी गिरफ्तार किया है।

NIA ने 26 अगस्त को अगरतला से JMB के प्रमुख संचालक नज़ीर शेख को गिरफ़्तार किया है। आतंकी को 7 जुलाई को बेंगलुरु के एक घर से विस्फोटकों की बरामदगी के सिलसिले में गिरफ़्तार किया गया है।

ख़बर के अनुसार, पिछले दिनों NIA ने इस्लामिक स्टेट के मॉड्यूल्स की तलाश में कोयंबटूर शहर में सात जगहों पर छापा मारा था और आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) के सरगना को हिरासत में लिया था। इस IS मॉड्यूल का सरगना मोहम्मद अजहरुद्दीन श्रीलंका में ईस्टर को हुए बम धमाका करने वाले जहरान हाशिम से बहुत प्रभावित था। NIA ने इस संबंध में एक नया मामला दर्ज किया था। 

आतंकी संगठन ISIS के एक मॉड्यूल का सरगना मोहम्मद अजहरुद्दीन आरोपित जहरान हाशिम के साथ फेसबुक के ज़रिए लगातार सम्पर्क में था। दोनों के बीच बातचीत होती रहती थी, इसी सिलसिले में NIA ने छापेमारी की थी और मोहम्मद अजहरुद्दीन को उसके घर से गिरफ़्तार किया था।

हाल ही में, कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फ़ोर्स (STF) की टीम ने बिहार के गया शहर से आतंकी संगठन JMB के कुख्यात आतंकी एजाज़ अहमद को गिरफ़्तार किया था। पुलिस ने उसके पास से भारी मात्रा में जिहादी दस्तावेज़ बरामद किए थे। अहमद लम्बे समय से बिहार के गया में वेश और नाम बदलकर रह रहा था। STF के सूत्रों ने इस बात का भी ख़ुलासा किया था कि वो किसी बड़े हमले की साजिश रच रहा था।

पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले के पारुई इलाक़े का निवासी एजाज़ अहमद आतंकी संगठन JMB के आला नेताओं के साथ मिलकर काम कर रहा था। उसका मुख्य कार्य इस आतंकी संगठन से युवाओं को जोड़ना था।

AMU में भाजपा विधायक के नाती के साथ रैगिंग, 60 सीनियर छात्रों ने घेर कर किया गाली-गलौज

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में भाजपा विधायक के नाती के साथ रैगिंग की ख़बर सामने आई है। अलीगढ़ स्थित बरौली विधानसभा क्षेत्र के विधायक दलवीर सिंह चौधरी के नाती विजय कुमार सिंह का दाखिला इस साल एएमयू के विदेशी भाषा विभाग (स्पेनिश) में हुआ है। बुधवार (अगस्त 28, 2019) को यूनिवर्सिटी में उनका पहला दिन था। तभी शिक्षकों के सामने ही कुछ सीनियर छात्र कक्षा में घुस आए और नए छात्रों से जबरन उनका नाम-पता पूछने लगे।

सीनियर छात्र सभी जूनियर छात्रों को खड़ा करा कर उनसे सवाल पूछ रहे थे। जब विजय ने खड़ा होने से मना कर दिया तो उनके साथ ज्यादतियाँ की गईं। नाम बताने से इनकार करने पर सीनियर छात्र गाली-गलौज पर उतर आए। भड़के हुए सीनियर छात्रों ने अपने अन्य साथियों को भी बुला लिया। जब यूनिवर्सिटी प्रशासन को सूचना दी गई तो प्रोक्टोरियल टीम ने पहुँच कर मामला शांत कराया। विजय ने बताया कि वह गली-गलौज करने वाले छात्रों की पहचान कर सकते हैं।

इसके बाद दोपहर को विजय जब फिर से क्लास करने जा रहे थे, तब 60 सीनियर छात्रों ने उन्हें घेर लिया और फिर से अभद्रता करनी शुरू कर दी। अन्य छात्र भी वहाँ पर जुट गए और काफ़ी देर तक बहस होती रही। इसके बाद अन्य छात्रों के वहाँ जुटने के बाद सीनियर्स पीछे हट गए। विजय ने बताया कि वह दिल्ली जाकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय में इस घटना की शिकायत करेंगे, क्योंकि एएमयू जैसे बड़े संस्थान में इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए।

विजय ने बताया कि प्रॉक्टर कार्यालय की टीम भी उनके ख़िलाफ़ ही बातें कर रही थीं। यूनिवर्सिटी प्रशासन की टीम चर्चा कर रही थी कि अजय सिंह ने उन्हें परेशान कर रखा था, अब ये भी परेशान करने आ गया। बता दें कि छात्र नेता अजय सिंह ने यूनिवर्सिटी में तिरंगा यात्रा निकाली थी, जिसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उन पर और उनके अन्य साथियों पर गंभीर आरोप लगा कर कार्रवाई की थी। पुलिस ने कहा है कि यूनिवर्सिटी की जाँच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।