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कश्मीर पर UN फूलों का हार लेके नहीं खड़ा, हमारी कौम भी 100 करोड़ के बाज़ार के साथ हो गई: पाक विदेश मंत्री

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी का एक बयान ट्विटर पर आया है, जिसमें वह कूटनीतिक रूप से पाकिस्तान के कश्मीर मामले पर हिंदुस्तान का कुछ न बिगाड़ पाने का इकबाल करते दिख रहे हैं। 1:24 और 0:57 मिनटों के दो भागों के इस वीडियो में कुरैशी रक्षात्मक लहजे में पाकिस्तानी प्रेस को अपनी सरकार की मजबूरियाँ गिनाते हुए देखे जा सकते हैं।

‘आप के लिए हार लेके नहीं खड़े’

पहले वीडियो में कुरैशी कहते हैं कि UN की सुरक्षा परिषद के पाँचों सदस्य (ब्रिटेन, अमेरिका, चीन, रूस, फ़्रांस) पाकिस्तान के लिए हार लेके नहीं खड़े। उनमें से कोई भी (अगर पाकिस्तान कश्मीर का मसला सुरक्षा परिषद में ले जाना चाहे तो) रुकावट बन सकता है। उन्होंने पाकिस्तान और कश्मीर के लोगों को ‘मूर्खों के (काल्पनिक) स्वर्ग’ (“fool’s paradise”) में न रहने की सलाह दी।

“हकीकत-पसंदाना (यथार्थवादी) तरीके से देखिए। जज़्बात उभारना बहुत आसान है। मुझे… (चुटकी बजाते हुए) दो मिनिट लगेंगे। मैं 35-36 साल से सियासत कर रहा हूँ, बाएँ हाथ का काम है। जज़्बात उभारना तो आसान काम है, ऐतराज़ करना उससे भी आसान है (पाकिस्तानी प्रेस की ओर इशारा करते हुए)। लेकिन, एक… एक मसले को समझकर आगे (UN में) ले जाना पेचीदा है। आगे वो लोग (UN सदस्य) आपके लिए हार लेके नहीं खड़े। सिक्योरिटी काउन्सिल में जो P-5 मेंबर्स हैं, उनमें से… कोई भी रुकावट बन सकता है। क्या आपको कोई शक है? नहीं होना चाहिए। Do not live in a fool’s paradise. Let the people of Pakistan be aware. पाकिस्तानियों को, कश्मीरियों को बाखबर रहना चाहिए। कोई वहाँ आपके लिए मुंतज़िर नहीं खड़ा, कि कोई वहाँ आपकी दावत के लिए नहीं खड़ा। ये तो आपको नई जद्दोजहद का आगाज़ करना पड़ेगा। कोई ऐसा साज़गार माहौल नहीं है।”

‘उम्मा के मुहाफ़िज़ों ने बहुत से investments कर रखीं हैं वहाँ’

कुरैशी आगे दूसरे वीडियो में अपने बयान-ए-दर्द जारी रखते हुए बताते हैं कि जिस इस्लाम, और उसकी उम्मा (कौम) का भरोसा था, वह भी गच्चा दे गई। उम्मा वाले तो हिंदुस्तान की 100 करोड़ की आबादी के बाजार के लालच में पड़ गए हैं, और पाकिस्तान बेचारा अकेला हो गया है।

“उनके इंट्रेस्ट्स हैं। मैं आपको पहले अर्ज़ कर चुका। मैंने इशारतन कह दिया। एक अरब (की आबादी की) की मार्केट है। और यहाँ इस खित्ते (क्षेत्र) में अब नई… आपने realignment देखी है (अरब देशों के हिंदुस्तान की तरफ झुकाव की ओर इशारा)। देखी है न आपने? मेरा इशारा आप समझ गए। एक नई realignment है, एक अरब की मार्केट है। बहुत से लोगों ने वहाँ इन्वेस्टमेंट्स कर रखीं हैं। वैसे तो हम उम्मा और इस्लाम की बात तो करते हैं, पर उम्मा के मुहाफ़िज़ों ने बहुत सी इंवेस्टमेंट्स कर रखीं हैं वहाँ (हिंदुस्तान में)। उनके मफ़ादात हैं वहाँ। तो मैंने कहा ये कश्मीर का मसला आज का है? ये पिछले 5 अगस्त से शुरू हुआ है? ये तो सात दहाईयों से है। तीस साल से क्या हुआ इस पर? मैं सवाल करता हूँ न! क्या ये मसला कोई नया है?”

हिन्दू-विरोधी अमेरिकन प्रोफेसर ने राणा अयूब को बताया ISI की कठपुतली, फिर डिलीट किए ट्वीट्स

अमेरिका की हिन्दू-विरोधी राजनीतिक विशेषज्ञ क्रिस्टीन फेयर ने ट्विटर पर भारतीय प्रोपेगंडाबज पत्रकार राणा अयूब को जम कर लताड़ा लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला कि अयूब भी उन्हीं की तरह हिन्दू-विरोधी है, क्रिस्टीन ने अपना ट्वीट डिलीट कर लिया। यह सब नीचे स्क्रीनशॉट के रूप में संलग्न किए गए इस ट्वीट से शुरू हुआ जब राणा अयूब द्वारा ईद की मुबारकबाद देने पर क्रिस्टीन भड़क गईं।

राणा अयूब को लताड़ने के बाद क्रिस्टीन ने अपना ट्वीट डिलीट कर लिया

क्रिस्टीन ने राणा अयूब को लताड़ते हुए लिखा:

“तुम बलूचिस्तान के नागरिकों, पश्तून और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के नागरिकों के लिए ख़ास दुआ क्यों नहीं कर रही हो? पाकिस्तानियों द्वारा इन सब पर अत्याचार किया जा रहा है। तुम्हारी फौज (पाकिस्तानी) और आईएसआई द्वारा तालिबान के आतंकियों का इस्तेमाल कर अफ़ग़ानों का नरसंहार कराया जा रहा है। “

इसके बाद किसी ट्विटर यूजर ने क्रिस्टीन को याद दिलाया कि अयूब तो भारतीय है। क्रिस्टीन ने जवाब दिया कि उन्हें पता है कि अयूब भारतीय हैं। लेकिन, उन्होंने आरोप लगाया कि राणा अयूब भारतीय होने के बावजूद पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई की कठपुतली की तरह व्यवहार करती हैं।

क्रिस्टीन ने लिखा ‘मुझे पता हैं कि राणा अयूब भारतीय हैं लेकिन वह ISI की कठपुतली की तरह कार्य करती हैं’

बाद में जब क्रिस्टीन को एहसास हुआ कि राणा अयूब भी उन्हीं की तरह हिन्दू विरोधी हैं तो उन्होंने माफ़ी माँगते हुए ट्वीट्स डिलीट कर लिया। लेकिन, साथ ही उन्होंने राणा अयूब की पत्रकारिता पर सवाल भी खड़े किए। क्रिस्टीन अक्सर ‘गाय’ और ‘गोशाला’ का जिक्र कर प्रधानमंत्री मोदी और हिन्दुओं पर निशाना साधती रहती हैं। उन्होंने बताया था कि वह गोमूत्र पीने वालों से घृणा करती हैं।

क्रिस्टीन ने भगवान राम पर विवादित टिप्पणी करते हुए उन्हें ‘shmuck’ तक कहा था। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने राणा अयूब की पुस्तक ‘गुजरात फाइल्स’ को नकारते हुए कहा था कि यह अनुमानों और कल्पनाओं से भरा पड़ा है। राणा अयूब अक्सर संघ, भाजपा और उनके समर्थकों को निशाने पर लेती रहती हैं। अमित शाह के केंद्रीय गृहमंत्री बनने के बाद राणा अयूब काफ़ी खफा नज़र आई थीं।

पाक राजनयिक अब्दुल बासित ने दी धमकी, कहा- अगर भारत अपनी हदें पार करे तो युद्ध के लिए आगे बढ़ा जाए

केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाए जाने से पाकिस्तान की बौखलाहट साफ़ नज़र आती है। पाकिस्तान के नेता बिना सोचे-समझे तरह-तरह की बयानबाज़ी कर रहे हैं। इसी कड़ी में, भारत में पाकिस्तान के राजनयिक रहे अब्दुल बासित ने भारत के साथ युद्ध की धमकी दी है। सोशल मीडिया पर उन्होंने साफ़ कहा कि अगर भारत हद पार करता है तो युद्ध करना चाहिए।

अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, “कश्मीर में संघर्ष के चार मोर्चे हैं। पहला, नैशनल कॉन्फ्रेंस द्वारा सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई। दूसरा, पाकिस्तान को आत्मनिर्णय के साथ कूटनीतिक प्रयास जारी रखने चाहिए। तीसरा, पाकिस्तानी और कश्मीरी प्रवासी इस संबंध में काम करते रहें। चौथा, सबसे महत्वपूर्ण यह है कि कश्मीर में राजनीतिक लड़ाई को पाकिस्तान कमजोर न होने दे। यदि भारत अपनी हदें पार करे तो युद्ध के लिए आगे बढ़ा जाए।” 

अब्दिल बासित का ज़हर यहीं समाप्त नहीं हुआ बल्कि एक क़दम और आगे बढ़ते हुए उन्होंने अपने एक अन्य ट्वीट में लिखा, “पाक को जम्मू और कश्मीर सेल को जम्मू और कश्मीर में विशेष दूत की अध्यक्षता में विदेशी कार्यालय में स्थापित करना चाहिए। उपयुक्त संगठनात्मक संरचना एक सुसंगत और प्रभावी कूटनीति के लिए ज़रूरी है।”

अपने नापाक इरादे स्पष्ट करते हुए अब्दुल बासित ने पाकिस्तान सरकार से जम्मू-कश्मीर के मामलों के लिए विदेश मंत्रालय में अलग सेल बनाने की माँग भी की और सुझाव दिया कि इस सेल का नेतृत्व विशेष राजनयिक करें। पाकिस्तान की झुंझलाहट इस बात से साफ़ पता चलती है कि ईद-उल-अजहा के मौक़े पर उसने बीएसएफ से ईद की मिठाई लेने से इनकार कर दिया

भारतीय जवानों ने बाघा-अटारी बॉर्डर पर पाकिस्तानी रेंजर्स को ईद की मिठाई दी लेकिन उन्होंने मना कर दिया। दरअसल, जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 निष्क्रिय होने से पाक बौखलाया हुआ है। बीएसएफ के एक अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान की तरफ से बकरीद पर अटारी-वाघा बॉर्डर पर और हुसैनीवाला बॉर्डर पर मिठाई देने और लेने के लिए कोई संदेश नहीं आया। पहले ऐसे त्योहारों पर संदेश पाक की तरफ से दिन में ही मिल जाता था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ।

इधर, पाकिस्तानी वायुसेना लद्दाख सीमा के पास अपने लड़ाकू विमान तैनात कर रही है। यह पाकिस्तानी लड़ाकू विमान भारत के केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की सीमा के पास पाकिस्तानी स्कार्दू हवाई अड्डे पर तैनात किए जा रहे हैं। इस पर भारत की लगातार नजर बनी हुई है। जानकारी के मुताबिक, शनिवार (अगस्त 10, 2019) को पाकिस्तानी वायुसेना के तीन सी-130 हरक्यूलस परिवहन विमानों को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख सीमा के पास तैनात किए गए हैं। इस ख़बर के सामने आने के बाद संबंधित भारतीय एजेंसियाँ ​​सीमावर्ती क्षेत्रों में पाकिस्तानियों की आवाजाही पर कड़ी नज़र रख रही हैं।

मुशर्रफ के अरबपति सम्बन्धी के कार्यक्रम में मीका ने किया परफॉर्म, ट्विटर पर मचा बवाल

जहाँ भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच पाकिस्तानी नेता लगातार भड़काऊ बयान दे रहे हैं, इसी बीच गायक मीका सिंह द्वारा पाकिस्तानी अरबपति के कार्यक्रम में परफॉर्म करने की ख़बर आई है। ट्विटर पर लोगों ने मीका सिंह से नाराज़गी जताई क्योंकि कराँची में जिस व्यक्ति के यहाँ उन्होंने परफॉर्म किया, वह पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का कजन भाई है।

मीका सिंह के साथ इस कार्यक्रम में 14 कलाकारों के क्रू को परफॉर्म करने के लिए बुलाया गया था। लोकप्रिय पाकिस्तानी पत्रकार नायला इनायत ने मीका सिंह की परफॉरमेंस पर टिप्पणी करते हुए लिखा:

“मैं इस बात से ख़ुश हूँ कि मीका सिंह ने कराँची में जनरल मुशर्रफ के सम्बन्धी की मेहँदी कार्यक्रम में परफॉर्म किया। अगर उन्होंने नवाज शरीफ के किसी सम्बन्धी के कार्यक्रम में ऐसा किया होता तो पाकिस्तानी लोग ‘गद्दारी’ से जुड़ा हैशटैग ट्रेंड कर रहे होते।”

बता दें कि पाकिस्तान ने भारतीय फिल्मों पर रोक लगा दी है और भारतीय गानों व अन्य मीडिया कंटेंट को भी प्रतिबंधित कर दिया है। पाक वेबसाइट्स पर प्रकाशित ख़बरों के अनुसार, मीका सिंह को कराँची, इस्लामाबाद और लाहौर में कार्यक्रम करने के लिए 30 दिनों का वीजा दिया गया है।

मीका सिंह द्वारा कराँची में परफॉर्म करने से न सिर्फ़ पाकिस्तानी बल्कि भारतीय ट्विटर यूजर्स भी खफा नजर आए। जहाँ भारतीय लोगों ने सवाल किया कि इस तनाव भरे माहौल में जब पाकिस्तान ने भारत से संबंधों को तोड़ना शुरू कर दिया है, मीका को पाकिस्तान जाने की क्या ज़रूरत थी? वहीं पाकिस्तान के लोगों ने अपनी सरकार से नाराज़गी जताते हुए पूछा कि भारतीय गायक को वीजा क्यों दिया गया?

वहीं कई लोगों ने मीका सिंह का समर्थन भी किया। कुछ ट्विटर यूजर्स ने लिखा कि मीका एक कलाकार हैं और एक कलाकार के लिए बाउंड्री मायने नहीं रखता। कुछ यूजर्स ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए लिखा कि पाकिस्तान बॉलीवुड कलाकारों के बिना रह ही नहीं सकता।

कॉन्ग्रेस नेता का दावा उनका परिवार श्री राम के बड़े बेटे लव का वंशज, वाल्मीकि रामायण में है ज़िक्र

सुप्रीम कोर्ट के सवाल के जवाब में श्री राम के वंशजों ने दावा करना शुरू कर दिया है। पहले जयपुर की राजकुमारी दीया कुमारी के बाद राजस्थान के एक और राजघराने ने भगवान श्री राम का वंशज होने का दावा किया है। अब यह दावा करने वाले हैं जयपुर के गुर्जर राजपूत गोत्र के सत्येंद्र सिंह राघव, जो कॉन्ग्रेस के प्रवक्ता और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिवक्ता भी हैं।

‘क्या राम के कोई वंशज अभी भी हैं?’

पूरा मामला शुरू तब हुआ जब अयोध्या में मंदिर की भूमि के मालिकाना हक़ की सुनावाई में जज ने राम लला विराजमान के वकील से पूछा कि क्या भगवान राम का कोई वंशज अयोध्या या दुनिया में कहीं हैं। जवाब में पहले तो जयपुर राजघराने की राजकुमारी दीया कुमारी आगे आईं और उन्होंने खुद को और अपने परिवार को भगवान राम का वंशज बताया।

राजसमंद से भाजपा सांसद दीया कुमारी ने दावा किया कि उनका परिवार भगवान राम के पुत्र राजकुमार कुश से संबद्ध है। उनका कहना है कि जयपुर के पूर्व राजा और उनके पिता महाराजा भवानी सिंह कुश की 307वीं पीढ़ी के थे।

बीजेपी सांसद ने इस बात का सबूत भी पेश किया। उन्होंने एक पत्रावली दिखाई, जिसमें भगवान राम के वंश के सभी पूर्वजों का नाम क्रम से लिखा हुआ है। इसी पत्रावली में 209वें वंशज के रूप में सवाई जयसिंह और 307वें वंशज के रूप में दीया के पिता महाराजा भवानी सिंह का नाम लिखा हुआ है। साथ ही दीया ने कहा कि राम मंदिर मामले की सुनवाई तेजी से हो और इस पर कोर्ट जल्द अपना फैसला सुनाए।

अब राघव का भी रघुकुल पर दावा

सत्येंद्र सिंह राघव का दावा है कि उनका परिवार श्री राम के बड़े बेटे राजकुमार लव का वंशज है। अपनी बात के समर्थन में वह वाल्मीकि रामायण का ज़िक्र करते हैं, जिसमें उल्लेख है कि लव का राज्य उत्तर कौशल था, जिसमें आज की अयोध्या नगरी आती है। राघव का कहना है कि लव के भाई कुश का राज्य, जिनकी वंशबेल में उत्पन्न होने का दावा जयपुर का राजवंश करता है, दक्षिण कौशल के शासक थे

CM योगी ने जारी किया अयोध्या में श्रीरामचंद्र एयरपोर्ट की जमीन अधिग्रहण के लिए ₹200 करोड़

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अयोध्या में श्री रामचंद्र एयरपोर्ट बनाने के लिए 2 अरब रुपए के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है। यह राशि नागरिक उड्डयन विभाग ने भूमि अधिग्रहण के लिए जारी की है। 

ख़बर के अनुसार, अयोध्या में एयरपोर्ट के निर्माण के लिए 6 अरब 40 करोड़ 26 लाख 96 हज़ार 501 रुपए की योजना प्रस्तावित है। इससे पहले, प्रदेश सरकार ने पहली किस्त के तौर पर दो करोड़ रुपए मार्च 2019 में जारी किए थे। फ़िलहाल, वहाँ मौजूदा हवाई पट्टी पर 177 एकड़ ज़मीन उपलब्ध है, बाक़ी 287 एकड़ ज़मीन का अधिग्रहण किया जाना बाक़ी है।

ग़ौरतलब है कि वर्ष 2013-14 से ही अयोध्या के हवाई पट्टी के रनवे के विस्तार की योजना पर चल रही थी। यूपी में बीजेपी के सत्ता पर आसीन होने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव कार्यक्रम के समय श्री रामचंद्र एयरपोर्ट के निर्माण की घोषणा की थी।

अयोध्या में श्री रामचंद्र एयरपोर्ट की योजना के साथ अनुपूरक बजट में ही अयोध्या ज़िले के ज़िला अस्पताल को अपग्रेड कर मेडिकल कॉलेज बनाने रास्ता भी साफ़ हो गया था। बता दें कि इस मेडिकल कॉलेज का नाम राजा दशरथ रखने के निर्णय लिया गया था, जिस पर लोगों ने अपनी खुशी भी ज़ाहिर की थी।

व्यस्त बाजार में फैज़ान ने हवाई फायरिंग कर बनाया Tik-Tok वीडियो, गिरफ़्तार

सेंट्रल दिल्ली के चाँदनी महल क्षेत्र में एक व्यक्ति द्वारा हवाई फायरिंग कर टिक-टॉक वीडियो बनाए जाने का मामला सामने आया है। उक्त व्यक्ति का नाम फैज़ान है, जिसने अपना 32वाँ जन्मदिन मनाते हुए ऐसा किया। सबसे बड़ी बात तो यह कि फैज़ान ने जिस क्षेत्र में ये हरकत की, वहाँ ट्रैफिक भी अधिक रहता है और लोगों की भीड़ भी होती है। फैज़ान ने भीड़भाड़ वाले बाजार में हवाई फायरिंग की। हालाँकि, उसे गिरफ़्तार कर लिया गया है।

सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के डिप्टी पुलिस कमिश्नर मनदीप सिंह रंधावा ने बताया कि फैज़ान अपने 32वें जन्मदिवस के अवसर पर ‘कुछ अलग’ करना चाहता था, जिसके लिए उसने एक व्यक्ति से कंट्री-मेड पिस्तौल ख़रीदी। इसके बाद उसने भीड़भाड़ वाले इलाक़े में जाकर हवाई फायरिंग की। वीडियो में जीन्स और टीशर्ट पहने फैज़ान को हवाई फायरिंग करते हुए देखा जा सकता है।

पुलिस अब उस व्यक्ति की तलाश में जुट गई है, जिसनें फैज़ान को पिस्तौल सप्लाई किया था। फैज़ान के पिता का कैटरिंग का व्यापार है और वह भी इस काम में अपने पिता का हाथ बँटाता है।

50 साल के युसूफ़ शेख़ ने 7 साल की बच्ची का अपहरण कर मँगवाई भीख, यौन शोषण की भी आशंका

मुंबई के अँधेरी में पुलिस ने 50 वर्षीय यूसुफ़ शेख़ को एक सात साल की बच्ची का अपहरण करने और उससे भीख मँगवाने के आरोप में गिरफ़्तार किया है। जानकारी के अनुसार, बच्ची ने पिछले तीन महींने में 5,000 रुपए की भीख माँगी। पुलिस ने बताया कि वो नाबालिग बच्ची को मेडिकल जाँच के लिए भेज रहे हैं जिससे यह पता चल सके कि शेख ने कहीं उसका यौन उत्पीड़न तो नहीं किया।

दरअसल, बच्ची का अपहरण उस समय हुआ जब वो रेलवे स्टेशन के पास सड़क किनारे खेल रही थी। उसके माता-पिता, जो बेघर हैं और सड़क के किनारे रहते हैं, उन्होंने अपनी बेटी की काफ़ी तलाश की, लेकिन जब वो नहीं मिली तो उन्होंने थाने में बच्ची के लापता होने की शिक़ायत दर्ज कराई।

पुलिस अधिकारी ने बताया,

“एक सतर्क नागरिक, मनीष रमेश पगार, जो एक कॉर्पोरेट के साथ कार्यरत है, उन्होंने जब सोशल मीडिया पर हमारे द्वारा पोस्ट की गई लड़की की फोटो देखी, तो हमें उस बच्ची के लापता होने के बारे में सूचित किया। पगार की जानकारी से हमें बच्चे को ट्रैक करने में मदद मिली।”

रविवार (11 अगस्त) को, मुंबई पुलिस ने ट्वीट किया, “अंधेरी पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर अनिल गायकवाड़ और उनकी टीम ने एक सतर्क नागरिक मनीष रमेश पगार की मदद से एक छोटी बच्ची के अपहरण का मामला सुलझाया। वरिष्ठ निरीक्षक लालसाहेब शेट्टी ने उनके बहुमूल्य सहयोग (सूचना देने) के लिए पगार का सम्मान किया।”

ख़बर के अनुसार, अजमेर और राजस्थान में आरोपियों की तलाश में कोई सुराग न मिल पाने की स्थिति में अँधेरी पुलिस ने बच्ची की फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी थी। पुलिस ने कहा, “मनीष पगार ने बच्ची को देखा था। टिप-ऑफ ने हमें प्रभादेवी से बच्ची को ट्रैक करने में मदद की, जहाँ शेख उससे भीख मँगवाता था।” पुलिस ने बताया कि शेख पर भारतीय दंड संहिता के तहत अपहरण और भीख मँगवाने के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।

खुद को NGO कर्मी बता संदिग्ध महिला ने तिहाड़ में किया प्रवेश, जाँच के आदेश

ख़ुद को ग़ैर सरकारी संगठन (NGO) का सदस्य बताकर एक महिला अपने प्रेमी से मिलने तिहाड़ जेल में घुस गई। कथित तौर पर चार दिनों तक उनकी मीटिंग पाँच घंटे से अधिक समय तक चली। इस घटना से दक्षिण एशिया की इस सबसे बड़ी जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। जेल अधिकारियों ने उसके प्रमाण पत्रों को बिना ठीक से जाँचे उसे जेल में प्रवेश की अनुमति दी।

ख़बर के अनुसार, हत्या के एक मामले में महिला के प्रेमी को जेल हो गई थी। जेल में बंद शख्स ने तिहाड़ जेल के एक कर्मचारी के रूप में मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर महिला से दोस्ती की। वह पिछले कुछ महीनों से उसके संपर्क में था और जुलाई में 26 दिन की पैरोल पर उसे मिला था।

जेल में बंद शख़्स की पहचान हेमंत के रूप में हुई है, जो कि जेल नंबर-2 में बंद है और उसने उस महिला से शादी करने के लिए सहमति जताई थी। यहाँ तक कि उसने जेल परिसर के भीतर इंडियन बैंक की शाखा में एक बैंक खाता भी खोला, जिसमें महिला को नोमिनी बनाया था।

हेमंत के जेल जाने के बाद, महिला ने एक NGO के सदस्य के रूप में पेश होकर तिहाड़ अधिकारियों से संपर्क किया और हेमंत से मिलने की अनुमति माँगी। किसी भी जेल अधिकारी ने महिला के दस्तावेज़ों की उचित जाँच करने की ज़हमत नहीं उठाई।

धोखाधड़ी तब सामने आई जब जेल अधिकारियों ने NGO के अधिकारियों से महिला के नाम का उल्लेख किया। तब यह पाया गया कि वह जेल में कैदियों को कपड़े बाँटने का दावा करने के लिए दाखिल हुई थी। 

तिहाड़ के प्रवक्ता AIG राज कुमार ने कहा कि इस संबंध में शिक़ायत दर्ज होने के बाद उन्होंने जाँच का आदेश दिया। जेल अधीक्षक और अन्य कर्मचारियों, जिन्होंने कथित रूप से मिलने की सुविधा प्रदान की उनसे पूछताछ जारी है।

पाकिस्तान का झूठ पकड़ा गया, चला रहा था कश्मीर पुलिस के हाथों CRPF जवानों की हत्या का फेक न्यूज़

पाकिस्तानी पत्रकार-कम-प्रोपेगंडाबाज़ वजाहत एस खान के ट्विटर हैंडल से झूठा प्रोपेगंडा फैलाया जा रहा है कि कश्मीर पुलिस के मुस्लिम कर्मी ने CRPF जवानों की गोली मारकर हत्या कर दी है।

इस प्रोपेगंडा के खिलाफ न केवल कश्मीर के पूर्व डीजीपी ने मीडिया से बात करते हुए इसे झूठा बताया, बल्कि CRPF के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी इसका खंडन किया गया है।

यहीं नहीं, CRPF ने बयान जारी कर साफ़ किया कि कश्मीर में काम कर रहीं विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच सौहार्द और तालमेल की कोई कमी नहीं है। इसके अलावा कश्मीर मामलों के जानकार माने जाने वाले वरिष्ठ पत्रकार आदित्य राज कौल ने भी इस फ़र्ज़ी न्यूज़ के पीछे ISI और पाकिस्तानी सेना की प्रोपेगंडा-विंग ISPR (इंटर-सर्विसेज़ पब्लिक रिलेशन्स) का हाथ होने का दावा किया है।

ISI की साइबर युद्धनीति का हिस्सा

मीडिया खबरों के अनुसार यह पाकिस्तान और उसकी ख़ुफ़िया एजेंसी ISI की साइबर युद्धनीति का हिस्सा है, जिससे हिंदुस्तान में, और खासकर सुरक्षा बलों में, तनाव भड़का कर शांति भंग किया जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि चूँकि जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद से हिंसा भड़काने के पाकिस्तान के सभी प्रयास नाकाम हो रहे हैं, इसलिए हताशा में यह कदम उठाया गया है। उसे कोई अंतरराष्ट्रीय समर्थन नहीं मिल रहा, हिंदुस्तान से व्यापारिक रिश्ते तोड़ लेने का खमियाज़ा भी पाकिस्तान को ही अपने यहाँ बेकाबू हो रही महँगाई के रूप में भुगतना पड़ रहा है।

कौन हैं वजाहत खान?

अपने फेसबुक बायो के अनुसार यह प्रोपेगंडा फ़ैलाने वाला वजाहत खान पाकिस्तान का इकलौता एम्मी अवॉर्ड के लिए नामित पत्रकार है। इसके अलावा वह न केवल पाकिस्तान के ‘दुनिया न्यूज़’ के लिए काम करता है, बल्कि Times Of London और अमेरिका के NBC News से भी जुड़ा हुआ है। इसके अलावा वह अतीत में CNN और BBC जैसे मीडिया संस्थानों के लिए भी काम कर चुका है।