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तेलंगाना: TikTok पे पुलिस वैन से IG को ‘धमकी’, विवादों में गृहमंत्री के पोते फुरकान का वीडियो

TikTok एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। कल ही एक भड़काऊ TikTok वीडियो को लेकर बॉलीवुड कलाकार एजाज खान को गिरफ्तार किया गया है। अब तेलंगाना के गृह मंत्री मोहम्मद महमूद अली के पोते फुरकान अहमद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उनका पोता पुलिस वैन के ऊपर बैठकर टिक-टॉक वीडियो बना रहा है। वीडियो में, एक और युवक है जो एक IG के लिए फिल्म का डायलॉग बोल रहा है।

इस वीडियो में गृह मंत्री का पोता फुरकान अहमद IG को संभलने की धमकी दे रहा है और परिणाम भुगतने के लिए कह रहा है। फुरकान अहमद के इस टिक-टॉक वीडियो को लोग खूब पसंद कर रहे हैं। हालाँकि, कुछ लोगों ने इस वीडियो में सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया है।

2 दिन पहले बनाया गया था वीडियो

वीडियो में फुरकान अहमद के साथ बैठा अन्य व्यक्ति अचानक नीचे उतरता है और एक फिल्म के डॉयलाग पर होंठ हिलाता है और कथित रूप से आईजी रैंक के एक अधिकारी को ‘धमकाता’ है। इस वीडियो क्लिप को लेकर गृह मंत्री मोहम्मद महमूद अली ने कहा कि वे दो दिन पहले एक समारोह में यकतपुर गए थे, जहाँ एक स्थानीय व्यक्ति ने यह वीडियो बनाया था।

इस वीडियो के विवादों में आने के बाद तेलंगाना के गृह मंत्री ने कहा, “मेरा पोता सिर्फ वाहन के ऊपर बैठा था और किसी स्थानीय व्यक्ति ने यह वीडियो बनाया। हम इसकी जाँच करेंगे। मेरे पोते का इससे कोई लेना-देना नहीं है।” पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस के सभी वाहन डीजीपी के नाम के तहत पंजीकृत हैं और यह वाहन गृह मंत्री को आवंटित था।

बकरीद पर न दें गाय की कुर्बानी, तेलंगाना के मंत्री के बाद यूनाइटेड मुस्लिम फोरम ने भी की अपील

विभिन्न मुस्लिम संगठनों के संघ ‘यूनाइटेड मुस्लिम फोरम’ ने बकरीद पर गाय की कुर्बानी नहीं देने की अपील की है। ईद-उल-अजहा जो बकरीद के नाम से भी जाना जाता है 12 अगस्त को है। इससे पहले तेलंगाना के मंत्री मोहम्मद महमूद अली ने भी इसी तरह की अपील अपने समुदाय के लोगों से की थी।

रिपोर्टों के मुताबिक यूनाइटेड मुस्लिम फोरम ने कहा है कि भारतीय कानून के हिसाब से भेड़, बकरी एवं अन्य पशुओं की कुर्बानी जायज है।

फोरम ने अलग-अलग समुदायों के बीच किसी भी तरह के तनाव, भीड़ हत्या (लिचिंग) और जन-हानि को रोकने के लिए राज्य सरकार से ‘गौ रक्षकों’ पर अंकुश लगाने के लिए वाजिब कदम उठाने की भी माँग की है। उन्होंने कहा नागरिकों की जान एवं संपत्ति की सुरक्षा के लिए राज्य एवं केंद्र सरकार को कानून बनाने चाहिए। मुस्लिम संघ ने कहा है कि सभी त्योहार शांति और एकता के साथ मनाए जाने चाहिए।

गौरतलब है इससे पहले तेलंगाना के मंत्री मोहम्मद महमूद अली ने भी अपने समुदाय के लोगों से बकरीद पर गाय की कुर्बानी नहीं देने की अपील की थी। अली ने कहा था कि हिन्दू धर्म में गाय सम्मानित है और उसकी पूजा की जाती है। उन्होंने कहा था कि मुस्लिम भाई गाय की कुर्बानी देने से परहेज करें, इसके अलावा वे अन्य जानवरों की कुर्बानी दे सकते हैं।

राँची: Ola कैब ड्राइवर का गला रेतने वाला मोहम्मद सैफ गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

झारखंड की राजधानी राँची के तमाड़ थाना क्षेत्र में बीते रविवार (जुलाई 14, 2019) को एक कैब ड्राइवर का गला रेत दिया गया था। ड्राइवर का रिम्स में इलाज चल रहा है। इस मामले में पुलिस ने मुहम्मद सैफ को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपित लोअर बाजार थाना क्षेत्र के पत्थलकुदवा रोड, मिलत नगर निवासी मोहम्मद सैफ है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर चाकू, मोबाइल और सिम कार्ड बरामद किया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, हिंदपीढ़ी के नदी ग्राउंड के पास रहने वाले ओला ड्राइवर मो. शमशेर आलम (36) की रविवार की रात चार अज्ञात अपराधियों ने गला रेत हत्या करने की कोशिश की। लेकिन, शमशेर चंगुल से भाग निकला और तमाड़ के पास एक मंदिर के करीब जा गिरा। वहाँ एक व्यक्ति ने उसकी मदद की, अपना फोन दिया। फोन से शमशेर ने घर वालों को बताया कि वह परेशानी में है। फिर मदद करने वाले व्यक्ति ने ही तमाड़ थाना को सूचना दी।

पुलिस पहुँची और उसे पहले तमाड़ स्वास्थ्य केंद्र ले गई। यहाँ प्राथमिक इलाज के बाद शमशेर काे रिम्स में भर्ती कराया गया। डाॅक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति गंभीर है। सोमवार को होश आने के बाद शमशेर ने पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। गाड़ी से तीन मोबाइल मिले हैं, जिसमे दो शमशेर के हैं और एक घटना अंजाम देने वालाें के।

होश आने पर शमशेर ने परिवार वालों को बताया कि दो लोगों ने जमशेदपुर जाने के लिए कैब बुक कराई। कांटाटोली में बैठे। आगे बढ़ने पर दो लोग जबरन आकर बैठ गए। तमाड़ के पास पीछे से दो लोगो ने पकड़ लिया और गला रेतने लगे। शमशेर ने इस पर गाड़ी खेत में घुसा दी और खुद गाड़ी से कूद कर भागते वक़्त एक मंदिर के पास गिर गया।

एसएसपी अनीश गुप्ता के निर्देश पर ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। बुक कराए गए मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपित मोहम्मद सैफ को मिलत कॉलोनी से पकड़ा गया। उसने पुलिस के समक्ष अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस को उसने एक अन्य नाबालिग सहयोगी का नाम भी बताया है। पुलिस उसको गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है। छापेमारी टीम में बुण्डू डीएसपी अशोक रविदार, सिल्ली डीएसपी चन्द्रशेखर, थाना प्रभारी बुण्डू राजकुमार यादव, तमाड़ा थाना प्रभारी चन्द्रशेखर आजाद और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

पूरा मामला

14 जुलाई के रात मोहम्मद फैज ने टाटा जाने के लिए Ola कैब बुक की थी। 15 जुलाई को हिन्दपीढ़ी के रहने वाले शमशेर कांटाटोली चौक पहुँचे और दोनो आरोपित उसमें सवार हुए और गाड़ी टाटा ले जाने को कहा। उलीडीह गाँव के पास पीछे बैठे मोहम्मद सैफ ने चाकू से शमशेर पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से शमशेर ने गाड़ी से नियंत्रण खो दिया जिस कारण गाड़ी खेत में जा गिरी। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके बाद शमशेर को मृत समझ गाड़ी से बाहर फेंक दिया और कार लेकर भागने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो पाए।

अस्पताल में शमशेर को धार्मिक नारे लगवाने की बात कहने के लिए उकसाया गया

पुलिस का कहना है कि हालाँकि शमशेर ने FIR में कहीं भी उसे धार्मिक नारे लगाने के लिए मजबूर करने की बात नहीं कही है, लेकिन कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं कि यह प्रकरण धार्मिक नारे लगवाने से सम्बंधित है। पुलिस का कहना है कि उन लोगों की तलाश की जा रही है, जो इस मामले में धार्मिक रंग डालकर अफवाह फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।

पुलिस के मुताबिक अपराधी पेशेवर नहीं हैं। घटना कार लूटने के लिए अंजाम दी गई। सबसे पहले ओला कैब बुक किया गया था ताकि सुनसान इलाके में जाकर लूट की घटना को अंजाम दिया जा सके। जिसका विरोध करने पर शमशेर का गला रेता गया।

बिहार: मवेशी चोर नौशाद कुरैशी सहित 3 को लोगों ने पीटकर मार डाला, एक गंभीर

बिहार में मवेशी चोरी के आरोप में 3 लोगों की पीट-पीटकर मार डालने की ख़बर सामने आई है। घटना सारण ज़िले के बनियापुर गाँव की है। स्थानीय लोगों के मुताबिक तीनों मवेशी चोर थे। पुलिस के अनुसार, घटना शुक्रवार सुबह करीब 4:30 बजे की है। ग्रामीणों ने कथित रूप से मवेशियों को ले जा रही पिकअप वैन के साथ चार लोगों को पकड़ लिया और उनकी जमकर पिटाई की। 

पुलिस ने चारों को अस्पताल पहुँचाया। डॉक्टरों ने बताया कि दो की मौत अस्पताल लाए जाने से पहले ही हो गई थी। एक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। एक अन्य गंभीर रूप से घायल है और फ़िलहाल उसका इलाज बनियापुर स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। मृतकों की पहचान नौशाद क़ुरैशी, राजू नट और वीरेश नट के रूप में की गई है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, रात के करीब 1 बजे चारों मवेशी चोर अपनी पिकअप वैन से गाँव में दाखिल हुए। कथित तौर पर तस्करों ने पहले बुधु राम की चार बकरियाँ चुरा ली। फिर भैंस चुराने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान कुछ ग्रामीण जग गए। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कथित पशु तस्करों को पीछा कर पकड़ लिया और उनकी लाठी-डंडों से पिटाई शुरू कर दी।

कथित पशु तस्करों के ख़िलाफ़ ग्रामीणों ने मामला दर्ज करवाया है। वहीं, कथित पशु तस्करों के परिजनों ने भी ग्रामीणों के ख़िलाफ़ FIR दर्ज कराई है। मृतकों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए हैं। पुलिस तीनों कथित पशु तस्करों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जाँच कर रही है।

निकाह से किया इनकार… तो प्रेमी रफ़ीक ने गला घोंटकर मार डाला

पिछले दिनों मध्य प्रदेश से भाग कर राजस्थान के अजमेर आई एक महिला की हत्या की ख़बर सामने आई थी। इस मामले में पुलिस ने हत्या की गुत्थी को सुलझा ली है और फ़रार आरोपित को गिरफ़्तार कर लिया है। दरअसल, शाहिस्ता नाम की लड़की ने रफ़ीक से निकाह करने पर इनकार कर दिया था। इस बात से आहत रफ़ीक ने ही उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी थी। हत्या की इस वारदात को अंजाम देने वाली बात रफ़ीक ने अब क़बूल कर ली है।

ज़िला पुलिस कप्तान कुँवर राष्ट्रदीप के अनुसार, 15 जुलाई को गंज थाना क्षेत्र के पास स्थित होटल गुलाब पैलेस में शाहिस्ता नाम की महिला की हत्या कर दी गई थी। हत्या शाहिस्ता के ही प्रेमी रफ़ीक द्वारा किए जाने की बात सामने आई है। इस मामले की जाँच की गई और इस संदर्भ में मध्य प्रदेश की शाजापुर पुलिस को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद उन्होंने आरोपित रफ़ीक की तलाश शुरू कर दी और उसे गिरफ़्तार कर अजमेर पुलिस के हवाले कर दिया।

ख़बर के अनुसार, यह बात भी सामने आई है कि रफ़ीक के ख़िलाफ़ बलात्कार, हत्या की कोशिश, डकैती जैसे संगीन मामले भी दर्ज हैं। इन मामलों में रफ़ीक से पूछताछ जारी है। 

इससे पहले, पुलिस अधीक्षक सरिता ने सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया था कि मध्य प्रदेश की शाहिस्ता गुल, रफ़ीक के साथ घर से भागी थी। शुक्रवार (12 जुलाई 2019) को उन्होंने अजमेर के होटल में ठहरने के लिए कमरा लिया। लेकिन सोमवार (जुलाई 15, 2019) को दोनों में कहासुनी हो गई। झगड़े में बीच-बचाव करने के लिए होटल वाले भी वहाँ पहुँचे लेकिन रफ़ीक ने उन्हें निजी मामला कहकर वहाँ से जाने को कह दिया। कमरे के बाहर हुई दोनों की हाथापाई सीसीटीवी में भी कैद हुई थी।

घटना के थोड़ी देर बाद रफ़ीक मेडिकल की दुकान जाने की बात कहकर होटल से निकला और फिर फ़रार हो गया। कुछ देर बाद शक़ होने पर जब होटल कर्मचारियों ने कमरे में जाकर देखा तो महिला बेसुध बिस्तर पर पड़ी थी। उसे अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया और बताया कि उसकी हत्या गला घोंटकर की गई है। सीसीटीवी फुटेज में आखिरी बार रफ़ीक को 10 बजे होटल में देखा गया।

गाय से दुष्कर्म के आरोपित को पकड़वाने वाले कार्यकर्त्ता गिरफ्तार, ‘धार्मिक भावना आहत करने’ का आरोप

कर्नाटक के मंगलौर में गाय के साथ दुष्कर्म करने वाला एक मामला बृहस्पतिवार (जुलाई 17, 2019) को सामने आया था, जिसमें मोहम्मद अंसारी नाम के एक शख्स को खेत में गाय के साथ अप्राकृतिक सेक्स करते हुए ग्रामीणों द्वारा देखा गया। ग्रामीणों के मुताबिक अंसारी ने पहले गाय के पाँवों को रस्सी से बाँधा और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस घटना ने अब एक नया मोड़ ले लिया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, मंगलौर पुलिस ने गाय के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपित मोहम्मद अंसारी को पकड़वाने वाले 3 कार्यकताओं को गिरफ्तार कर लिया है। अभि, सुशांत और प्रज्वल के खिलाफ ‘धार्मिक भावनाओं को आहत’ करने के साथ ही अन्य मामलों में केस दर्ज किया गया है। उन पर IPC की धारा 506 (आपराधिक धमकी), 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना), 323 (जानबूझ कर स्वेच्छा से किसी को चोट पहुँचाना) और 153A (किसी भी जाति, समुदाय आदि के विरुद्ध भड़काने के लिए बोलना) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

अभि, सुशांत और प्रज्वल ने गाँव के लोगों के साथ मिलकर अंसारी को गाय से दुष्कर्म करते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। जबकि दूसरा केस मोहम्मद अंसारी के खिलाफ धारा 377 के अंतर्गत दर्ज किया गया है।

ऑपइंडिया ने पुलिस से सम्पर्क कर के पता लगाया कि तीनों कार्यकर्ताओं को धार्मिक भावनाओं को आहत करने के अपराध में गिरफ्तार किया गया है।

दरअसल, मोहम्मद अंसारी नाम के एक शख्स को खेत में गाय के साथ अप्राकृतिक सेक्स करते हुए ग्रामीणों द्वारा देखा गया था। ग्रामीणों के मुताबिक अंसारी ने पहले गाय के पाँवों को रस्सी से बाँधा और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया।

अंसारी को रंगे हाथों पकड़ने के बाद जब गाँव के लोग उससे पूछताछ कर रहे थे तो उसकी कमीज की जेब से नारियल तेल की बोतल भी मिली, जिसे उसने दुष्कर्म को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किया था। साथ ही जब वह पकड़ा गया, तब उसकी कमीज पर गोबर के भी निशान थे।

इस पूरी घटना से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें स्पष्ट देखा जा सकता है कि मूलत: झारखंड का रहने वाला अंसारी किस बेशर्मी के साथ अपने कुकर्म को स्वीकार रहा है। इस वीडियो में गाँव वाले अंसारी से कहते नजर आ रहे हैं, “हम गाय को अपनी माँ की तरह पूजते हैं और तुम उसके साथ सेक्स कर रहे हो।”

इस वीडियो में गाँव वाले उससे पूछते हैं कि वो यहाँ कितनी बार आया है, जिसके जवाब में वह ‘एक बार आया हूँ’ कहता है। ग्रामीण उससे पूछते हैं कि क्या तुम ये सब अपनी बहन के साथ भी करते हो?

इस वीडियो में देखा जा सकता है कि अंसारी पहले गाँव वालों से माफ़ी माँगता है और फिर उनकी सख्ती देखकर रोने लगता है।

इसके बाद गुस्साए गाँव वालों ने अंसारी से गाय के पाँव छूकर माफी माँगने को कहा, लेकिन जैसे ही अंसारी वहाँ पहुँचा, गाय उसे देखकर डर गई और वहाँ से भाग गई। गाय की व्यथा देखकर गाँव वाले मोहम्मद अंसारी पर भड़के और उससे बोले, “ये भाग रही है क्योंकि ये तुमसे डर गई है। देखो, तुमने क्या किया कि बेचारा जानवर भी भाग रहा है, उसे लग रहा है कि तुम वही सब करने दोबारा आए हो।”

इसके बाद कावोर पुलिस ने भी इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जिस समय अंसारी दुष्कर्म को अंजाम दे रहा था, उस समय गाँव वालों ने उसे रंगे हाथों पकड़ा। पुलिस ने उसके ख़िलाफ़ मामले को दर्ज कर लिया था।

सपा सांसद आजम खान भू-माफिया घोषित, UP के एंटी-भू माफिया पोर्टल पर भी जुड़ गया नाम

जमीन कब्जाने के 23 से अधिक मामलों में फँसे समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व सांसद आजम खान को रामपुर प्रशासन ने भू-माफिया घोषित कर दिया है। साथ ही उनका नाम राज्य सरकार के एंटी-भू माफिया पोर्टल पर भी सूचिबद्ध कर दिया गया है।

जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह के मुताबिक भू-माफिया उन्हें घोषित किया जाता है जो दंबगई से जमीनों पर कब्जा करने के आदी हों, जो अवैध कब्जा छोड़ने के लिए तैयार न हों, और जिनके नाम अवैध तरीके से जमीन हथियाने संबंधी मामले के मद्देनजर पुलिस केस में दर्ज हो। ऐसे लोगों का नाम उत्तर प्रदेश एंटी भू-माफिया पोर्टल पर दर्ज कराया जाता है और सरकार इनकी निगरानी करती है। इस पोर्टल की शुरुआत 2017 में सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी ताकि भू-माफियों की पहचान हो सके।

खबरों की मानें तो उपजिलाधिकारी सदर प्रेम प्रकाश तिवारी का कहना है कि आजम खान का नाम भू-माफिया पोर्टल पर दर्ज करवा दिया गया है। अब आगे की कार्रवाई नियमानुसार होगी।

रामपुर के एसपी अजय पाल शर्मा के कल (जुलाई 18, 2019) दिए बयान के मुताबिक आज की तारीख़ में आजम खान के ऊपर जमीन कब्जाने के मामले में 23 प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। जिनमें किसानों ने उन पर उन्हें धमकाने और अवैध रूप से जमीन जब्त करने का आरोप लगाया है। इसकी जाँच के लिए टीम का गठन हो चुका है

बता दें कि आजम खान और उनके साथी आलेहसन पर आलियागंज के 26 किसानों की जमीन हड़पने का आरोप है। इन सभी किसानों ने जिलाधिकारी को शपथ-पत्र लिखकर शिकायत की थी कि उनकी जमीनों को आजम खान ने जबरन हथिया कर जौहर यूनिवर्सिटी में मिला दिया। जब किसानों ने इसका विरोध किया तो उनके साथी तत्कालीन सीओ सिटी आलेहसन ने उन्हें डराया धमकाया और हवालात में न केवल बंद किया बल्कि झूठे आरोप में जेल भेजने की धमकी दी। जिस कारण ये लोग आवाज उठाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।

कॉन्ग्रेस की कमान संभालने के लिए पर्दे के पीछे से साजिश रच रहीं हैं प्रियंका गॉंधी: रिपब्लिक TV का दावा

क्या प्रियंका वाड्रा कॉन्ग्रेस की अध्यक्ष बनना चाहती हैं, जबकि उनके भाई राहुल गॉंधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा देते हुए साफ कर दिया था कि उनका उत्तराधिकारी गॉंधी परिवार से नहीं होगा। रिपब्लिक टीवी की माने तो भाई की इस भावना के विपरीत प्रियंका वाड्रा पार्टी की कमान संभालने के लिए पर्दे के पीछे से अपने दॉंव चल रही हैं। रिपोर्ट में शीर्ष सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अध्यक्ष पद पर अपनी दावेदारी पुख्ता करने के लिए वह अपने करीबी नेताओं के साथ काम कर रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक प्रियंका इस बात से बेहद नाराज हैं कि राहुल ने सार्वजनिक तौर पर कहा कि उनका उत्तराधिकारी कोई गॉंधी न हो। लेकिन, वह फिलहाल सार्वजनिक तौर पर राहुल की बात काटते नहीं दिखना चाहतीं, इसलिए उनके वफादार पूर्व सांसद राजीव शुक्ला इस अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं।

शुक्ला उत्तर प्रदेश के कानपुर से ताल्लुक रखते हैं। यहीं से कॉन्ग्रेस सांसद रहे श्रीप्रकाश जायसवाल भी प्रियंका को पार्टी अध्यक्ष बनाने की मॉंग कर रहे हैं। इस पर उनका कहना है कि मेरे साथ ‘कई लोगों’ का मानना है कि प्रियंका वाड्रा को पार्टी अध्यक्ष बनना चाहिए। वह गॉंधी परिवार से ताल्लुक रखती हैं और उनमें पार्टी का नेतृत्व करने का दमखम भी है।

राजीव शुक्ला के इशारे पर प्रियंका को कमान देने की मॉंग करने वाले एक अन्य नेता भक्त चरण दास हैं। उनका कहना है कि राहुल के उत्तराधिकारी के तौर पर प्रियंका को जिम्मेदारी संभालनी चाहिए, क्योंकि वह सर्वमान्य नेता हैं। जायसवाल और भक्त के बयानों में समानता पर गौर कीजिए।

पर्दे के पीछे से प्रियंका को सलाह दे रहे एक अन्य व्यक्ति हैं, प्रशांत किशोर। सूत्रों के अनुसार किशोर की पार्टी जदयू आधिकारिक तौर पर भाजपा की साझेदार है, इसलिए वे खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। लेकिन, इस अभियान के वे भी महत्वपूर्ण सूत्रधार है। अध्यक्ष बनने के लिए बेहद उत्साहित प्रियंका वाड्रा ने रणनीति के ही तहत नेल्सन मंडेला के साथ अपनी तस्वीर पोस्ट करते हुए कहा कि मंडेला उन्हें राजनीति में देखना चाहते थे। यह हास्यास्पद है, क्योंकि मंडेला की मृत्यु दिसंबर 2013 में हो गई थी। जिस तस्वीर के साथ प्रियंका ने यह दावा किया है वह कम से कम 18 साल पुरानी है।

दिलचस्प यह भी है कि लोकसभा चुनाव में पराजय के बाद जब जिम्मेदारी लेते हुए कई नेताओं ने इस्तीफे दिए, प्रियंका ने ऐसा नहीं किया। जबकि, पूर्वी उत्तर प्रदेश में उनके प्रचार ने पार्टी को सबसे ज्यादा नुकसान पहुॅंचाया और कॉन्ग्रेस एक सीट पर सिमट गई। जाहिर है कि कॉन्ग्रेस की हार में प्रियंका अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने का मौका देख रही हैं। राहुल की जगह लेने के लिए मिल रहे व्यापक समर्थन को देख प्रियंका अब पार्टी के भीतर मजबूती से अपने पांसे चल रही हैं।

सूत्रों के हवाले से रिपब्लिक टीवी ने बताया है कि प्रियंका ने 2019 के चुनावी नतीजों को राहुल को बेदखल करने के मौके के तौर पर देखा। शुरुआत में उन्हें अपने प्रदर्शन की समीक्षा होने की उम्मीद नहीं थी। उनके प्रचार करने के तरीकों की आलोचना हुई। अमेठी में स्मृमि ईरानी के सामने वे पूरी तरह नाकाम रहीं। पूर्वी उत्तर प्रदेश, जहॉं की वह प्रभारी थीं जन समर्थन हासिल करने में असफल साबित हुईं। उनके भाषण असरदार नहीं थे। वोटरों से बात करते वक्त उनका आलोचनात्मक रवैया पार्टी को महॅंगा पड़ा।

इससे चिंतित प्रियंका ने बेहद सावधानी से खुद को चर्चा के केंद्र से हटाया। सीडब्ल्यूसी की बैठक में गॉंधी परिवार के बाहर के नेताओं की तरह ही राहुल के इस्तीफे का विरोध किया। इसी दौरान उन्होंने राजीव शुक्ला के साथ एक गुपचुप बैठक की। शुक्ला ने उन्हें एक महीने तक इंतजार करने की सलाह दी। उस वक्त प्रियंका को यह अंदाजा नहीं था कि पार्टी के भीतर से गॉंधी परिवार के बाहर के किसी युवा नेता मसलन, राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और मध्य प्रदेश के ज्योतिरादित्य सिंधिया को अध्यक्ष बनाने की चर्चा शुरू हो सकती है।

चालीस पार की उम्र वाले इन दोनों नेताओं को राहुल का मजबूत विकल्प माना जाता है। दोनों के पास मास अपील होने के साथ-साथ सक्रिय राजनीति में डेढ़ दशक से ज्यादा का अनुभव भी है। इसे देखते हुए प्रियंका के खेमे ने भी अपने अभियान को आगे बढ़ाने का फैसला किया। प्रियंका पर दबाव तब और बढ़ गया जब 6 जुलाई को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने युवा नेतृत्व जरूरत बताते हुए सचिन पायलट या ज्योतिरादित्य सिंधिया का समर्थन करने के स्पष्ट संकेत दिए।

इसके हफ्ते भर के भीतर ही प्रियंका को प्रोजेक्ट करने का अभियान लॉन्च कर दिया गया। इसके पीछे सोच यह है कि पार्टी अध्यक्ष के तौर पर गॉंधी ही गॉंधी की जगह ले। इससे पायलट और सिंधिया की दावेदारी किनारे लग जाएगी और कॉन्ग्रेसी परंपरा के अनुसार वे भी प्रियंका का समर्थन करेंगे। तो इस तरह कॉन्ग्रेस में अध्यक्ष पद हथियाने का रंगमंच सज गया है। इसमें एक तरफ प्रियंका वाड्रा हैं तो दूसरी ओर सचिन पायलट या ज्योतिरादित्य सिंधिया।

पुलिस चौकी के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ: हरियाणा के यमुनानगर में माहौल तनावग्रस्त

हरियाणा में एक अल्पसंख्यक युवती द्वारा दो हिंदू भाईयों पर छेड़छाड़ का झूठा केस दर्ज कराने का आरोप लगाते हुए युवकों के परिजनों व हिंदू संगठन के सदस्यों ने यमुनानगर की हमीदा पुलिस चौकी के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। इन लोगों ने जय श्रीराम का नारा लगाने के साथ थाने के बाहर धरना देकर हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। इस दौरान परिजनों ने माँग की कि इन दोनों भाइयों पर लगाया गया झूठा केस रद्द किया जाए।

पुलिस ने मनाने की कोशिश की, लेकिन लोग अपनी माँग पर अड़े रहे

चौकी के बाहर होते हंगामे को देख डीएसपी हेडक्वार्टर सुभाषचंद व थाना शहर यमुनानगर प्रभारी रतन सिंह मौक़े पर पहुँचे और भड़के लोगों को समझाने का प्रयास किया। हालाँकि वे शुरुआती प्रयास में सफल नहीं रहे क्योंकि भड़के लोग पुलिस की मानने को तैयार नहीं थे। सड़क पर बैठे ये लोग इस दौरान युवकों पर दर्ज हुए केस को झूठा बताते हुए रद्द करने की माँग पर अड़े रहे।

माहौल बिगाड़ने वालों को शांति कमिटी से किया जाए बाहर

इस दौरान इन लोगों ने समुदाय विशेष के लोगों पर आरोप भी लगाया कि पुराना हमीदा में कुछ लोग हिंदूओं के खिलाफ झूठी शिकायतें देकर माहौल बिगाड़ रहे हैं। इसलिए वे चाहते हैं कि अल्पसंख्यक समुदाय की बनाई गई शांति कमिटी से उन लोगों को बाहर किया जाए, जो हिंदू लड़कियों को उनके घर से भगाने में शामिल रहे हैं।

नाबालिग के अलावा उसके बड़े भाई पर आरोप, जो घटना वाले दिन मौजूद भी नहीं था

हिंदू समुदाय के लोगों के मुताबिक अल्पसंख्यक युवती ने दो हिंदू युवकों पर झूठी शिकायत दर्ज कराई है। इसमें एक नाबालिग का नाम भी है। इसके अलावा लड़की ने नाबालिग लड़के के बड़े भाई दीपक को भी छेड़खानी का आरोपित बताया है, जबकि परिजनों का कहना है कि वह तो घटना के दिन वहाँ मौजूद ही नहीं था।

डीएसपी ने दिलाया जाँच का भरोसा

परिजनों का कहना है कि पुलिस ने मामले की जाँच किए बिना ही दोनों भाइयों को गिरफ्तार किया है। इसलिए उन्होंने डीएसपी से कहा है कि वह उसकी जाँच करें, यदि शिकायत में सच्चाई मिले तो ही मामला दर्ज हो, वरना इसे रद्द किया जाए। परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस युवकों को झूठा फँसा रही है तो फिर वह लोग प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे। हालाँकि गुस्साए लोगों द्वारा चौकी के बाहर करीब 2 घंटे हंगामे के बाद डीएसपी ने स्वयं मामले की जाँच का भरोसा दिलाकर उन्हें मनाया।

अमर उजाला की खबर के मुताबिक इंसाफ़ की खातिर गुरुवार (जुलाई 19, 2019) की शाम करीब पौने 6 बजे विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल व पुराना हमीदा क्षेत्र की महिलाएँ काफी संख्या में हमीदा चौकी के पास आकर बैठीं और फिर हनुमान चालीसा पढ़ने लगीं।

इंसाफ़ नहीं मिला तो भविष्य में भी होगा विरोध

हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं का कहना है कि दोनों भाइयों पर दर्ज हुए मामले रद्द होने चाहिए। उनके मुताबिक कुछ लोग इलाके का माहौल बिगाड़ रहे हैं। उनके मुताबिक समुदाय विशेष के लोग उनकी बहन-बेटियों पर व्यंग्य कसते हैं, जिसके कारण इलाके का माहौल बिगड़ता है। लेकिन जब वे अपनी शिकायत लेकर एसपी सहित अन्य अधिकारियों के पास जाते हैं तो सभी एक ही जवाब देते है कि ‘जाँच करेंगे’।

नबील द्वारा संघ कार्यकर्ता की लड़की भगाकर निकाह करने के कारण इलाके में पहले से तनाव का माहौल

बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही इस इलाके में संघ कार्यकर्ता की बेटी को समुदाय विशेष का एक युवक नबील अपने साथ भगा ले गया था और बाद में उससे निकाह कर लिया था। कहा जा रहा है कि इस घटना के बाद इलाके में समुदाय विशेष के लोगों ने आतिशबाजी करते हुए पार्टी की थी, जिसकी सूचना हिंदू संगठनों ने पुलिस को दी थी। लोगों का आरोप है कि इस घटना के बाद कई हिंदू परिवार की लड़कियों से छेड़छाड़ हुई। इस संबंध में कुछ महिलाओं ने पुलिस को शिकायत भी दी, लेकिन पुलिस ने कोई उचित कार्रवाई नहीं की।

सचिन तेंदुलकर बने ICC हॉल ऑफ़ फ़ेम में शामिल होने वाले छठे भारतीय क्रिकेटर

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले सचिन तेंदुलकर को इंटरनेशल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बृहस्पतिवार (जुलाई 18, 2019) देर रात अपने हॉल ऑफ फेम सम्मान से नवाजा। उनके अलावा दक्षिण अफ्रीका के लेजंड क्रिकेटर एलन डॉनल्ड और ऑस्ट्रेलिया की पूर्व महिला पेसर कैथरीन फिट्जपैट्रिक को भी आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया है। लंदन में हुए एक समारोह में इन तीनों दिग्गजों को यह सम्मान दिया गया।

ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल किए जाने पर सचिन ने आईसीसी को धन्यवाद दिया है। सचिन तेंदुलकर, हॉल ऑफ फेम में शामिल होने वाले छठे भारतीय क्रिकेटर हैं। उनसे पहले आईसीसी ने क्रिकेट हॉल ऑफ फेम में पूर्व क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी, वर्ल्ड कप विजेता कप्तान कपिल देव, दिग्गज सुनील गावसकर, राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले को शामिल किया था।

इस उपलब्धि पर सचिन ने कहा, “आईसीसी क्रिकेट हाल ऑफ फेम में शामिल किया जाना सम्मान की बात है। आईसीसी ने इस सम्मान से जिस भी खिलाड़ी को नवाजा है, उन सभी ने इस खेल को बढ़ाने और उसकी लोकप्रियता में इजाफा करने में अपना अहम योगदान दिया है। मुझे खुशी है कि मेरा भी इसमें थोड़ा सा योगदान रहा।”

सचिन तेंदुलकर को जब यह सम्मान दिया गया उस समय उनकी पत्नी और बेटी भी उनके साथ थीं

46 साल के सचिन तेंदुलकर की गिनती दुनिया के महान बल्लेबाजों में होती है। उनके नाम अब भी कई रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिन्हें कोई तोड़ नहीं सका है। वह वनडे और टेस्ट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उनके नाम 100 इंटरनैशनल सेंचुरी दर्ज हैं, जो कि एक रिकॉर्ड है।