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12 साल की नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म में परवेज़ और टनटन गिरफ़्तार, साहिल फ़रार

उत्तर प्रदेश के जौनपुर से एक 12 साल की बच्ची के साथ हैवानियत की ख़बर सामने आई है। अपने घर से कूड़ा फेंकने के लिए निकली बच्ची को परवेज़, साहिल समेत तीन दरिंदों ने उसका अपहरण किया। सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम देने के बाद सभी वहाँ से फऱार हो गए। 

पीड़ित बच्ची के परिजनों को जब इस घटना के बारे में पता चला तो उन्होंने पुलिस में शिक़ायत दर्ज कराई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया और परवेज़ व उसके एक साथी को धर-दबोचा। दुष्कर्म में शामिल साहिल फ़िलहाल फ़रार है।

दरअसल, जौनपुर शहर कोतवाली क्षेत्र के मछलीशहर पड़ाव के एक मोहल्ले में 12 साल की मासूम शाम के समय कूड़ा फेंकने के लिए घर से बाहर निकली थी। पहले से घात लगाए आरोपितों ने उसे पकड़ लिया और पास के हाते में ले गए। वहाँ परवेज़, साहिल, टनटन समेत अन्य साथियों ने उसका सामूहिक बलात्कार किया। काफ़ी देर बाद जब बच्ची घर नहीं पहुँची तो परिजनों ने परेशान होकर उसकी तलाश शुरू कर दी।

काफ़ी तलाश के बाद परिजनों को बच्ची बदहवास हालत में मिली, उसे उसी अवस्था में घर लाया गया, जहाँ होश आने के बाद उसने आपबीती बताई। एसपी मिश्रा ने बताया कि मामला दर्ज कर वारदात को अंजाम देने वाले दो आरोपित टनटन और परवेज़ को गिरफ़्तार कर लिया गया है और साहिल अभी भी फ़रार है जिसे जल्द गिरफ़्तार कर लिया जाएगा।

मुल्ला साबित करें कि सिंदूर व बिंदी लगाना हराम है: सैयद वसीम रिज़वी

शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिज़वी ने तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की सांसद नुसरत जहां के सिंदूर और बिंदी लगाने के माममले में उलेमा के फ़तवों पर कड़ी आपत्ति जताई।

उन्होंने कहा कि हर मुस्लिम शादीशुदा महिला को अपने हिसाब से सजने-सँवरने का हक़ है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि मुल्ला को यह साबित करना चाहिए कि आख़िर सिंदूर और बिंदी लगाना हराम है।

ख़बर के अनुसार, रिज़वी ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि कोई भी मुस्लिम महिला सिंदूर लगाती है, चूड़ियाँ पहनती है, मंगलसूत्र पहनती है या बिंदी लगाती है तो यह शरियत के तौर पर हराम नहीं है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि वो दुनिया के सभी मुल्लाओं को चैलेंज करते हैं और यह साबित करके दिखाएँ कि किस शरियत में लिखा है कि सिंदूर लगाना हराम है। 

TMC सांसद नुसरत जहां के ख़िलाफ़ जारी किए गए फ़तवे की निंदा करते हुए रिज़वी ने कहा कि हिन्दुस्तान में यह तालिबानी मानसिकता का प्रचार है। इस तरह का फ़तवा जारी करने वाले लोगों से कड़ाई से निपटने की आवश्यकता है।

पिछले दिनों उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल बोर्ड के अध्यक्ष सैयद वसीम रिज़वी ने कहा था कि अगर समय रहते प्राथमिक मदरसे बंद न किए गए तो 15 साल बाद देश का आधे से ज़्यादा अल्पसंख्यक ISIS की विचारधारा का समर्थक हो जाएगा। इसके पीछे वजह उन्होंने बताई कि दुनिया में देखा गया है कि कोई भी मिशन चलाने के लिए बच्चों को निशाना बनाया जाता है।

इरशाद ने किया शिवलिंग पर पेशाब, पुलिस ने किया गिरफ़्तार, इलाके में तनाव

दिल्ली के चाँदनी चौक इलाके में दुर्गा मंदिर में तोड़-फोड़ की ख़बरों का सिलसिला अभी थमा भी नहीं था कि साम्प्रदायिक तनाव को बढ़ाने की एक और कोशिश की गई। इरशाद उर्फ़ ईरानी नाम के एक शख़्स ने शहर के जहाँगीरबाद में महादेव के मंदिर में शिवलिंग पर पेशाब किया। जिससे इलाके में तनाव का माहौल है। प्राचीन शिव मंदिर की पवित्रता को तार-तार करने वाले इरशाद के ख़िलाफ़ बजरंग दल के सदस्यों ने पुलिस में शिक़ायत दर्ज की। इसके बाद बुलंदशहर पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ़्तार कर लिया।

सुदर्शन न्यूज़ की एक ख़बर के अनुसार, बजरंग दल के सदस्य यतिंदर गेहना ने बताया:

“ईरानी नाम के एक मुस्लिम व्यक्ति को जहांगीराबाद क्षेत्र की पुरानी मंडी के प्राचीन शिव मंदिर के शिवलिंग पर पेशाब करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। वह अक्सर मंदिर परिसर के आसपास छिपा हुआ पाया जाता था। यहाँ के लोग उसके कृत्य से नाराज़ हैं। वह वहाँ से भाग गया है। उसके ख़िलाफ़ पुलिस शिक़ायत दर्ज की गई थी और उसे घर से भगा दिया गया था।”

बुलंदशहर पुलिस ने इस घटना की पुष्टि करते हुए ट्वीट किया कि आरोपी ‘इरशाद’ को भारतीय दंड संहिता धारा-295 के तहत (धर्म का अपमान करने के इरादे से पूजा स्थल पर चोट पहुँचाना या परिभाषित करना) और धारा-153 ए (विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) के तहत मामला दर्ज किया गया है और उसे तुरंत जेल भेज दिया गया।


JNU: छात्र संघ अध्यक्ष सहित 20 छात्र निलंबित, प्रवेश परीक्षा में धाँधली का है आरोप

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ एकबार फिर धरने पर जाने के कगार पर है। दरअसल, यूनिवर्सिटी ने जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष एन साई बालाजी के साथ बीस छात्रों को निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए छात्रों में पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष का नाम भी शामिल है। छात्रसंघ अध्यक्ष एन साई बालाजी ने विवि प्रबंधन पर अकादमिक गतिविधियों से निलंबित करने का आरोप लगाया है। इस बारे में जेएनयू की फ्रीलांस प्रोटेस्टर शेहला रशीद ने ट्वीट कर के जानकारी दी है।

इन सभी लोगों पर प्रवेश परीक्षा में गड़बड़ी करने का आरोप है। पूर्व में एमफिल की डिग्री रोकने के बाद विवि कुलपति ने अध्यक्ष एन साई बालाजी समेत अन्य छात्र नेताओं को अकादमिक गतिविधियों से निलंबित कर दिया है।यह मुद्दा शुक्रवार (जून 05, 2019) को तब सामने आया जब जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष एन साई बालाजी ने यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स पोर्टल पर अपडेट चेक करने के लिए लॉग इन किया। लॉग इन करते हुए ही उन्हें निलंबन की सूचना दिखाई दी। जिसके बाद यूनिवर्सिटी के दूसरे छात्रों ने भी इस बात की शिकायत की है।

ऑनलाइन पंजीकरण के दौरान दिखाई जा रही जानकारी के अनुसार उन्हें चीफ प्रॉक्टर की तरफ से निलंबित किया गया है। हालाँकि, जेएनयू प्रशासन ने छात्रसंघ अध्यक्ष के आरोपों पर कोई जवाब नहीं दिया है। निलंबित छात्रों का कहना है कि इस मामले में वे यूनिवर्सिटी के आधिकारिक नोटिस आने का इंतजार करेंगे फिर कोई फैसला लेंगे।

4 बीवियों वाले ससुर ने बहू को बनाया हवस का शिकार, FIR दर्ज

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक बहू ने अपने ससुर पर रेप का आरोप लगाया है। बहू के मुताबिक उसके ससुर की पहले से ही 4 बीवियाँ, लेकिन फिर भी उसकी हवस की भूख मिटी नहीं और एक दिन अपनी बहू को बाथरूम में पीठ पर साबुन लगाने के बहाने से बुलाकर उसका रेप कर दिया।

किसी तरह पीड़ित बहू ने शोर मचाया तो पीड़िता की आवाज सुनकर परिवार के अन्य लोग जब वहाँ इकट्ठा हुए तो ससुर ने तुरंत सारा आरोप अपनी बहू पर जड़ दिया, जिसके बाद उल्टा उसके घरवालों ने उसे ही कमरे में बंद कर दिया। पीड़िता ने कई घंटे बाद अपने परिजनों को पूरी घटना की सूचना दी और 100 नंबर पर फोन करके पुलिस को बुलाया।

खबरों के अनुसार बदनामी के डर से परिवारवालों ने घटना को दबाने का पूरा प्रयास किया था, लेकिन पीड़िता ने किसी की नहीं सुनी और न्याय की गुहार लगाने पुलिस के पास पहुँच गई।

मुबारकपुर थाने की रहने वाली पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामले को दुष्कर्मी ससुर के ख़िलाफ़ FIR दर्ज कर लिया है और बताया है कि महिला अपने ससुर से निजात पाने की बात कर रही है।

कर्नाटक में अब तक 14 MLA ने दिया इस्तीफा, संकट में कॉन्ग्रेस-JDS की कुमारस्वामी सरकार

कर्नाटक में राजनीतिक संकट गहराया हुआ है। जानकारी के मुताबिक, अभी तक कॉन्ग्रेस और जेडीएस के 14 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। अगर इनका इस्तीफा मंजूर हो जाता है तो कुमारस्वामी सरकार अल्पमत में आ जाएगी। उपमुख्यमंत्री और कॉन्ग्रेस नेता डीके शिवकुमार इन विधायकों को मनाने में जुटे हुए हैं। इस मामले पर विधानसभा स्पीकर रमेश कुमार ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी को लेने जाना था, इसलिए वह घर चले गए। रविवार (जुलाई 7, 2019) को छुट्टी है और सोमवार (जुलाई 8, 2019) को वह बेंगलुरु में नहीं हैं। इसलिए अब इस मामले को वह मंगलवार (जुलाई 9, 2019) को देखेंगे।

जेडीएस नेता एच विश्वनाथ ने इस बारे में बात करते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार के खिलाफ अब तक 14 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। उनका कहना है कि वो लोग राज्यपाल से भी मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि उन लोगों ने इस्तीफे को मंजूर करने के लिए स्पीकर को पत्र भी लिखा है। जेडीएस नेता का कहना है कि गठबंधन सरकार लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है।

बता दें कि, विधायकों का इस्तीफा ऐसे वक्त पर आया है, जब मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी अमेरिका में हैं। वहीं इनमें से 3 विधायकों का कहना है कि वह पूर्व सीएम सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं। अगर आलाकमान सिद्धारमैया को सीएम बनाता है तो वे इस्तीफा वापस लेने को तैयार हैं। 

इससे पहले, इस्तीफे को लेकर कॉन्ग्रेस विधायक रामालिंगा रेड्डी का बयान सामने आया था। उन्होंने कहा था कि वो विधानसभा अध्‍यक्ष को अपना इस्‍तीफा सौंपने आए हैं। रेड्डी ने कहा कि वो अपनी बेटी (कॉन्ग्रेस विधायक सौम्‍या रेड्डी) के अगले कदम के बारे नहीं जानते। साथ ही उन्‍होंने कहा था कि वो पार्टी में किसी को भी इसका दोष नहीं दे रहे हैं। रेड्डी का कहना था कि उन्हें लगता है कि कुछ मुद्दों पर पार्टी में उनकी उपेक्षा की जा रही है। इसीलिए उन्होंने इस्‍तीफा देने का फैसला लिया।

पुलिस की लापरवाही से फरार हुआ बलात्कारी असलम, बहन ने दोबारा करवाया गिरफ्तार

आगरा में सामूहिक दुष्कर्म के बाद फरार आरोपित असलम को उसकी बहन ने खुद ही पुलिस बुलाकर गिरफ्तार करवा दिया। असलम नामक यह आरोपित पुलिस की लापरवाही से गुरुवार (जून 4, 2019) को जेल से फरार होकर अपनी बहन के पास पहुँचा था, जहाँ बहन ने उसे बातों में उलझाकर, पुलिस को उसकी जानकारी दे दी और एक बार फिर उसे आगरा पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया।

अमर उजाला की खबर के मुताबिक सामूहिक दुष्कर्म के मामले में असलम को गुरुवार को अन्य बंदियों के साथ दीवानी पेशी पर लाया गया था। लेकिन जिला कारागार ले जाते हुए कैदियों की ठीक ढंग से गिनती नहीं हुई, जिसके चलते आरोपित वहाँ से भागकर अपनी बहन के घर पहुँच गया। वहीं, जब शाम को पुलिसकर्मी, बंदियों को जेल में दोबारा दाखिल करने गए तो उन्हें गिनती में असलम नहीं मिला। जिसके बाद उसके फरार होने की जानकारी पुलिसकर्मियों को मिली।

बताया जा रहा है, इस मामले में पुलिस ने इस हद तक लापरवाही दिखाई कि जब उनसे पूछा गया कि असलम की पेशी हुई थी या नहीं? तो वह जवाब तक नहीं दे पाए। असलम के फरार होने के मामले की जाँच एसपी प्रोटोकॉल डा. एमपी सिंह ने की। जिसमें पुलिसकर्मियों की लापरवाही से बंदी के भागने की बात सामने आई।

दीवानी पेशी से फरार हुए असलम को जब उसकी बहन ने अपने घर देखा तो वह हैरान रह गई। बहन ने उससे पूछा जब वह जेल में था तो यहाँ कैसे आ गया। इस पर उसने जवाब दिया कि वह हवालात में रह गया था इस कारण वह भटकता हुआ उसके घर आ गया है।

असलम की बात सुनते ही उसकी बहन ने उसे अपने घर में बैठा लिया और बातों में उलझाए रखा। फिर उसने असलम की जानकारी न्यू आगरा पुलिस को दे दी, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपित के फरार होने के इस मामले में पुलिस लाइन के एसआई उदयवीर सिंह ने मुख्य आरक्षी समुंद्र सिंह, आरक्षी अरविंद कुमार (ड्यूटी वितरण), शेर सिंह (चेकिंग ड्यूटी), प्रवीण (निगरानी एवं चेकिंग ड्यूटी), सिपाही अजय प्रताप सिंह, आरक्षी साजिद और बंदी असलम के खिलाफ धारा 223, 224 में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

गढ़चिरौली नक्सली हमले में NCP नेता गिरफ़्तार, 1 नागरिक समेत 16 पुलिसकर्मी हुए थे ब्लास्ट का शिकार

राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) के कुरखेड़ा तहसील अध्यक्ष, कैलाश रामचंदानी को गढ़चिरौली में IED ब्लास्ट मामले में गिरफ़्तार किया गया। इस हमले में 15 पुलिसकर्मी और एक नागरिक मारे गए थे। इस विस्फोट मामले को स्थानीय पुलिस द्वारा राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) को सौंप दिया जाएगा।

ख़बर के अनुसार, महाराष्ट्र के गढ़चिरौली ज़िले में नक्सलियों द्वारा एक सुरक्षा वाहन को निशाना बनाया गया था। नक्सलियों ने कुरखेड़ा तहसील में उस समय IED ब्लास्ट किया था जब राज्य अपना स्थापना दिवस मना रहा था। इस ब्लास्ट में 15 पुलिसकर्मियों और एक नागरिक की जान चली गई थी।

इससे पहले, इस मामले में गढ़चिरौली पुलिस ने टॉप नक्सली कमांडर नर्मदक्का और उसके पति किरण कुमार को गिरफ़्तार किया था। उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए इनपुट और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दिलीप हिदामी, परसाराम तुलवी, सोमनाथ मडावी, किसान हिडामी और सुक्रु गोटा को भी गिरफ़्तार किया।

इन 5 आरोपितों को हिरासत में लेने के बाद, उनके पूछताछ के बाद कुरखेड़ा तहसील अध्यक्ष, कैलाश रामचंदानी का नाम हमले में शामिल होने का पता चला। कैलाश एक इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान के मालिक हैं और पिछले कई महीनों से NCP के ज़िला अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे हैं। पुलिस का मानना है कि इस धमाके में कई अन्य बड़े नाम भी शामिल हो सकते हैं।

अगले 2-3 दिनों में गढ़चिरौली पुलिस NIA को जाँच सौंप देगी। यह पूछे जाने पर कि NIA को जाँच क्यों सौंपी जा रही है, गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक शैलेश बलकवडे ने कहा कि NIA ने कुछ नक्सली मामलों को उठाने का फ़ैसला किया है। उन्होंने कहा, “उन्होंने छत्तीसगढ़ और झारखंड में भी कुछ मामले उठाए हैं।”

प्रदेश की 1 लाख बेटियों का सामूहिक विवाह कराएँगे CM योगी, प्रत्येक बेटी को मिलेंगे ₹51 हजार

उत्तर प्रदेश में होने वाले उपचुनाव की तैयारियों में जुटे सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक और बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने यह निर्णय लिया है कि अगले साल मार्च तक एक लाख गरीब कन्याओं का विवाह कराया जाएगा। सीएम पहले से ही कई सामूहिक विवाह कार्यक्रमों में गरीब घर की बेटियों की शादी करवा चुके हैं। इसके जरिए योगी 2 लाख घरों तक अपनी पहुँच बना लेंगे। इसमें एक लाख कन्याओं के साथ-साथ उनके पति के घर तक योगी की पहुँच बनेगी।

इस बार सामूहिक विवाह कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया जाएगा। इसमें बड़े स्तर पर विवाह कराए जाएँगे। इसके लिए विवाह की चार शुभ तिथियाँ निर्धारित की जाएँगी। समाज कल्याण विभाग इसकी पूरी रुपरेखा तय करेगा। विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार ने इसकी जानकारी प्रशासन और क्षेत्र के अधिकारियों को दे दी है। विशेषकर जिलाधिकारियों से कहा गया है कि इन आयोजनों को सफल बनाने में पूरा सहयोग करें।

मुख्यमंत्री द्वारा करवाई जा रही इन शादियों में सांसद और विधायक के अलावा समाज के प्रतिष्ठित लोगों को भी बुलाया जाएगा। इसके साथ ही कन्या को दी जाने वाली राशि भी इस बार बढ़ा दी गई है। पहले एक बेटी को सरकार की तरफ से 35 हजार रुपए मिलते थे लेकिन अब 51 हजार रुपए कन्यादान के रूप में दिए जाएँगे।

समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में 9 फरवरी को हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम में दस हजार बेटियों की शादी करवाने का लक्ष्य था, लेकिन 15 हजार बेटियों की शादी करवाई गई थी। इस बार भी हर जिले से रिपोर्ट माँगी गई हैं जिसके बाद पता चलेगा कि किस जिले में कितनी बेटियाँ हैं और किस जिले में कितनी बेटियों का सामूहिक विवाह होगा। फिर उसी हिसाब से शादी की तैयारियाँ की जाएँगी।

गुजरात राज्यसभा उपचुनाव: जुगलजी ठाकोर, विदेश मंत्री जयशंकर जीते, कॉन्ग्रेस को मिला ‘लड्डू’

गुजरात के हिस्से की राज्यसभा सीटों पर हुए उपचुनावों में विदेश मंत्री एस जयशंकर और भाजपा के दूसरे उम्मीदवार जुगलजी ठाकोर ने जीत हासिल की है। उन्हें भाजपा के 100 विधायकों के अतिरिक्त दो बागी कॉन्ग्रेसियों, एनसीपी और छोटे दलों का भी समर्थन मिला है। जयशंकर ने अपनी जीत के लिए भाजपा को धन्यवाद दिया है।

कॉन्ग्रेस का कानूनी दाँव नाकाम

कॉन्ग्रेस पर तंज़ कसते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने बताया कि कॉन्ग्रेस सुप्रीम कोर्ट तक गई, लेकिन उसके हाथ निराशा ही लगी; हमारे दोनों उम्मीदवार भारी मतों से विजयी हुए हैं। गौरतलब है कि जयशंकर और जुगलजी ठाकोर को 105-105 मत प्राप्त हुए, जबकि कॉन्ग्रेस उम्मीदवारों चन्द्रिका चूड़ास्मा और गौरव पंड्या को 70-70 मतों से ही संतोष करना पड़ा। कॉन्ग्रेस दोनों राज्यसभा सीटों का चुनाव अलग-अलग कराए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई थी, लेकिन अदालत ने निर्वाचन आयोग के अधिकार क्षेत्र में दखल देने से साफ़ इंकार कर दिया। भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में मंतदान करने के तुरंत बाद कॉन्ग्रेस बागियों अल्पेश ठाकोर और धवल सिंह झाला ने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया। इसके अलावा कॉन्ग्रेस की सहयोगी और संप्रग की अंग राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (राकांपा) के एक विधायक और भारतीय ट्राइबल पार्टी के दो विधायकों का भी वोट मिला।

कॉन्ग्रेस ने नहीं मानी हार

कॉन्ग्रेस अभी भी हार मानने के मूड में नहीं दिख रही है। उसने विधानसभा अध्यक्ष और रिटर्निंग अफसर को लिखित आपत्तिपत्र देकर ठाकोर और झाला के मतों को ख़ारिज करने की माँग की है। आरोप लगाया है कि उन्होंने पारी व्हिप का उल्लंघन किया था। जयशंकर ने इस मौके पर कहा कि विदेशमंत्री होने के नाते विदेश में भारी तादाद में बसे भारतीयों से संपर्क अब वह गुजरात के प्रतिनिधि के तौर पर भी करेंगे।