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जिस रफीक के साथ शादी करने को घर से भागी महिला, उसी ने होटल में गला घोंट मार डाला

राजस्थान के अजमेर स्थित गुलाब पैलेस नामक होटल में घर से भागी हुई महिला की हत्या का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक यहाँ गंज थाना क्षेत्र के होटल में उसके प्रमी ने उसकी गला घोंट कर हत्या कर दी और फिर वहाँ से फरार हो गया। दोनों मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं और शुक्रवार (जुलाई 12, 2019) को यहाँ होटल में पति-पत्नी के रूप में ठहरे थे। दोनों यहाँ शादी करने के लिए आए थे, जिसके लिए उन्होंने वकील से भी बात की थी।

खबर के अनुसार पुलिस अधीक्षक सरिता ने सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश की शाहिस्ता गुल, रफीक के साथ घर से भागी थी। शुक्रवार को उन्होंने अजमेर के होटल में ठहरने के लिए कमरा लिया। लेकिन सोमवार (जुलाई 15, 2019) को दोनों में कहासुनी हो गई। झगड़े में बीच-बचाव करने के लिए होटल वाले भी वहाँ पहुँचे लेकिन रफीक ने उन्हें निजी मामला कहकर वहाँ से जाने को कह दिया। कमरे के बाहर हुई दोनों की हाथापाई सीसीटीवी में भी कैद हुई है।

घटना के थोड़ी देर बाद रफीक मेडिकल की दुकान जाने की बात कहकर होटल से निकला और फिर फरार हो गया। कुछ देर बाद शक होने पर जब होटल कर्मचारियों ने कमरे में जाकर देखा तो महिला बेसुध बिस्तर पर पड़ी थी। उसे अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया और बताया कि उसकी हत्या गला घोंटकर की गई है।

सीसीटीवी फुटेज में आखिरी बार रफीक 10 बजे होटल में देखा गया। फिलहाल उसकी तस्वीर जारी करके उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने शाहिस्ता के परिजनों को पूरे मामले की सूचना दे दी है और कहा है कि उनकी मौजूदगी में शव का मेडिकल बोर्ड से परोस्टमार्टम करवाया जाएगा।

हीना ख़ान ने गीता बन कर पुजारी से रचाई शादी, अगले दिन भागने की कोशिश में गिरफ़्तार

मध्य प्रदेश के राजगढ़ में एक महिला और दलाल ने मिलकर धोखाधड़ी का ऐसा जाल बिछाया, जिसमें एक पुजारी फँस गए। उक्त पुजारी की शादी नहीं हो रही थी और इसको लेकर वो परेशान था। इसका फायदा उठाते हुए एक दलाल ने एक मुस्लिम महिला से उसकी शादी करा दी। सबसे बड़ी बात यह कि पुजारी को शादी से पहले यह तक नहीं बताया गया कि महिला मुस्लिम है। महिला को हिन्दू कह कर पुजारी से मिलवाया गया।

यह मामला खिलचीपुर स्थित गदिया कला गाँव का है। यहाँ एक दलाल ने न सिर्फ़ मुस्लिम महिला से पुजारी की धोखे से शादी करा दी बल्कि सवा लाख रुपए भी ऐंठ ले गया। महिला ने शादी के अगले ही दिन ससुराल से भागने का प्रयास किया, जिस पर परिजनों ने उसे रोका। इसके बाद महिला हंगामा करने लगी। स्थिति बिगड़ते देख लोगों ने पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने मौके पर पहुँच कर उक्त महिला को गिरफ़्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि गाँव के मंदिर का पुजारी अशोक कई दिनों से अपनी शादी के प्रयास में था। इसका फायदा उठाते हुए दलाल नारायण ने उस से सवा लाख रुपए ठग लिए और एक मुस्लिम महिला से मिलवाया। पुजारी को धोखे में रखने के लिए महिला का नाम गीता बताया गया।

इसके बाद महिला को राजगढ़ बुलाया गया और मंदिर में ही शादी की रस्म पूरी की गई। इसके बाद दलाल नारायण कोर्ट मैरिज की तैयारी करने के बहाने चंपत हो गया। शादी के बाद उक्त महिला बीमार होने का बहाना कर भाग रही थी। महिला का असली नाम हीना ख़ान है। उसने पुलिस को सारी कहानी बताई। लेकिन, अभी तक दलाल नारायण सिंह का कोई अता-पता नहीं है।

J&K में हिन्दुओं व RSS कैडर को हथियारों से लैस किया जा रहा: PDP ने केंद्र पर लगाया बड़ा आरोप

जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों ने अपने स्थानीय दस्तों को हथियार व अन्य साजोसामान सप्लाई किया है। लेकिन, कश्मीर की प्रमुख राजनीतिक पार्टी पीडीपी ने केंद्र सरकार पर हिन्दुओं को हथियारों से लैस करने का आरोप लगाया है। राज्य के कई गाँवों में ‘विलेज डिफेंस कमिटी’ गठित की गई है, जो भारतीय सुरक्षा बलों की देखरेख में काम करती है। लेकिन, पीडीपी ने सुरक्षा बलों के नाम पर भी सांप्रदायिक राजनीति खेलना शुरू कर दिया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सिर्फ़ स्थानीय हिन्दुओं को हथियारों से लैस किया जा रहा है।

टाइम्स नाउ की ख़बर के अनुसार, पीडीपी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय यह सब स्थानीय भाजपा नेताओं के कहने पर कर रहा है। पार्टी ने कहा कि सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों, जैसे किश्तवाड़ में स्थानीय लोगों को हथियार सप्लाई किए जा रहे हैं। पीडीपी नेता फिरदौस ने कहा कि पूर्व में हथियारों का इस्तेमाल रंगदारी, बलात्कार और लूटपाट के लिए किया जाता रहा है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार न सिर्फ़ स्थानीय जनता बल्कि आरएसएस कैडर को भी हथियारों से लैस कर रही है।

पीडीपी नेता ने दावा किया कि राज्य में संभावित विधानसभा चुनावों को देखते हुए वर्ग विशेष के वोट बैंक को अपने पक्ष में करने के लिए जम्मू को एक युद्धस्थल की तरह प्रयोग किया जा रहा है। बता दें कि डोडा और किश्तवाड़ इलाक़ों में विलेज डिफेंस कमिटियों (VDC) ने सुरक्षा बलों के आतंकरोधी ऑपरेशन में काफ़ी मदद की है। अब पीडीपी आत्मरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों को सांप्रदायिक रंग दे रही है।

सरकार ने वीडीसी को और मजबूत करने का कार्य किया है और इस दिशा में क़दम बढ़ाया जा रहा है। जम्मू कश्मीर के पूर्व उप-मुख्यमंत्री कविंदर सिंह ने कहा कि पीडीपी एंटी-नेशनल बातें कर रही है। उन्होंने वीडीसी की तारीफ़ करते हुए कहा कि उसने सुरक्षा के लिए काफ़ी अच्छा काम किया है।

कॉन्ग्रेस MLA रौशन बेग को हवाई जहाज से उतार कर लिया हिरासत में: ₹1500 करोड़ की हेराफेरी

कर्नाटक में कॉन्ग्रेस विधायक रौशन बेग को आईएमए पोंज़ी स्कीम से जुड़े मामले में एसआईटी ने हिरासत में ले लिया है। बेग को बंगलौर में हिरासत में लिया गया। राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार में मंत्री रह चुके रौशन बेग बंगलौर के ही शिवाजीनगर क्षेत्र से विधायक हैं। उन्हें एसआईटी ने तब हिरासत में लिया, जब वह केम्पेगौडा हवाई अड्डे पर फ्लाइट में बैठने जा रहे थे। एसआईटी के जाँच अधिकारी व डीसीपी गिरीश ने कहा कि फ़िलहाल उन्हें हिरासत में लिया गया है और जल्द ही एसआईटी के सामने पेश किया जाएगा।

वहीं इस पूरे मामले पर आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने दावा किया कि रौशन बेग को मुंबई भगाने में कर्णाटक भाजपा के अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा का सहयोगी संतोष उनकी मदद कर रहा था। कुमारस्वामी ने दावा किया कि संतोष भागने में सफल रहा लेकिन एसआईटी ने बेग को हिरासत में ले लिया। सीएम कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायक योगेश्वर भी कार्रवाई के वक़्त वहीं पर मौजूद थे।

कुमारस्वामी ने ट्वीट कर लिखा कि रौशन बेग चार्टर्ड फ्लाइट में येदियुरप्पा के सहयोगी संतोष के साथ मुंबई जाने की फ़िराक़ में थे, तभी एसआईटी उन्हें हिरासत में लेने में कामयाब रही। उन्होंने भाजपा विधायक योगेश्वर की मौजूदगी पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि यह सब राज्य सरकार को अस्थिर करने के लिए भाजपा द्वारा किए जा रहे हॉर्स ट्रेडिंग का हिस्सा है। हालाँकि, कर्णाटक भाजपा ने कुमारस्वामी पर फेक न्यूज़ फैलाने और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। भाजपा ने कहा कि उस फ्लाइट में बेग अकेले थे, कोई दूसरा यात्री नहीं था।

भाजपा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने अब कॉन्ग्रेस-जेडीएस सरकार को बचाने के लिए सरकारी मशीनरी का प्रयोग करना शुरू कर दिया है। बेग को 19 जुलाई तक एसआईटी के समक्ष पेश होने का समय दिया गया था। भाजपा ने कहा कि यह दिखाता है कि राज्य सरकार आप अपने ही विधायकों को ब्लैकमेल कर रही है।

रौशन बेग 7 बार विधायक रह चुके हैं और वह कॉन्ग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार में मंत्रीपद न मिलने से नाराज़ चल रहे थे। हाल ही में उन्हें कॉन्ग्रेस ने पार्टी से निलंबित कर दिया था। बेग को राज्य में मुस्लिमों का चेहरा माना जाता है। आईएमए स्कैंडल लगभग 1500 करोड़ रुपए का हो चुका है और 40,000 से भी अधिक लोग इस मामले में शिकायत दर्ज करा चुके हैं। मामले का मुख्य आरोपित मंसूर ख़ान अभी भी फरार है।

25 गायों की मौत, 35 घायल: मवेशियों की तस्करी कर भाग रहा ट्रक पलटा, ओडिशा पुलिस पर सवाल

ओडिशा में एक ट्रक पलट जाने के कारण 25 गायों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। 35 अन्य गायों के घायल होने की भी ख़बर है। इस ट्रक में गायों को अवैध तरीके से ले जाया जा रहा था। अवैध ट्रांसपोर्टिंग के दौरान ही यह हादसा हुआ। यह घटना ओडिशा के बालासोर में सोमवार (जुलाई 15, 2019) को सुबह 6 बजे घटी। इन मवेशियों को अवैध तरीके से ट्रांसपोर्ट कर पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा था। पुलिस के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग 60 पर इन मवेशियों को लेकर जा रहा वाहन अचानक से फिसल गया, जिस कारण यह दुर्घटना हुई।

इन मवेशियों को काफ़ी बुरी स्थिति में रखा गया था। अवैध ट्रांसपोर्टिंग को अंजाम देने के लिए उनके साथ बेरहमी की गई थी। सभी गायों के पाँव बाँध कर रखे गए थे। 60 गायों को लेकर जा रहे ट्रक ड्राइवर और उसका सहयोगी भाग खड़े हुए। इसी वर्ष फरवरी को स्थानीय लोगों ने 3 ऐसे ट्रकों को पकड़ा था, जिसमें मवेशियों को अवैध तरीके से ले जाया जा रहा था। ग्रामीणों ने कुछ मवेशी स्मगलरों की पिटाई भी की थी। ताज़ा मामले में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस गायों की तस्करी को लेकर निष्क्रिय है और कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। बजरंग दल ने पुलिस से मवेशी तस्करों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

पर्यावरण एवं पशु कल्याण मंत्रालय ने ओडिशा सरकार को पहले से ही आगाह कर रखा है कि राज्य के 6 जिलों से मवेशियों को ट्रांसपोर्ट कर पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना ले जाया जा रहा है। मंत्रालय ने ओडिशा के परिवहन विभाग को सभी प्रमुख जगहों ख़ासकर राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में चेक पोस्ट बनाने को कहा था ताकि ‘कैटल ट्रैफिकिंग’ कर रहे अपराधियों को दबोचा जा सके।

मंत्रालय ने ओडिशा सरकार से एक कण्ट्रोल रूम स्थापित करने की भी सलाह दी थी, जहाँ जनता मवेशियों की ट्रैफिकिंग और संदिग्ध ट्रांसपोर्टिंग को लेकर अपनी शिकायतें दर्ज करा सके। जानवरों पर क्रूरता के ख़िलाफ़ पहले से ही क़ानून है। करंदर ने ओडिशा सरकार को उस क़ानून के तहत कार्रवाई करने को कहा था।

24 घंटे में लौटूँगा हिंदुस्तान, देश छोड़ना सबसे बड़ी गलती: इस्लामिक बैंकिंग घोटाले का आरोपित मंसूर खान

बेंगलुरु में ‘आई मॉनेटरी एडवाइजरी’ (I Monetary Advisory) के नाम से फर्जी इस्लामिक बैंक चलाने और समुदाय विशेष के निवेशकों से ₹1500 करोड़ ठगने के आरोपित मोहम्मद मंसूर खान ने वीडियो जारी कर 24 घंटे के भीतर हिंदुस्तान लौटने की घोषणा की है। आईएमए के कथित पोंज़ी स्कीम स्कैंडल से जुड़े मामले प्रकाश में आने के बाद, माना जाता है कि, आरोपित मंसूर खान ने दुबई की राह ली थी। मंसूर ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि अब तक हिंदुस्तान आने से पिछले कुछ दिनों से नासाज़ चल रही तबियत रोक रही थी। “मैं आने का पूरा बंदोबस्त कर रहा हूँ इंशाल्लाह… सबसे पहले तो मेरा हिंदुस्तान छोड़ के जाना ही सबसे बड़ी गलती थी… जो मैं हरगिज़ नहीं जाना चाहता था, लेकिन कुछ ऐसे हालात बन गए कि मुझे ये कदम उठाना पड़ा।” मंसूर ने यह भी दावा किया कि देश छोड़ने का फैसला नेताओं और ‘एंटी-सोशल एलिमेंट्स’ के दबाव में लेना पड़ा।

नज़दीकी सहयोगी की गिरफ़्तारी

दक्षिण के नीरव मोदी कहे जाने वाले मंसूर खान के सहयोगी सईद मुजाहिद के ठिकानों पर पिछले महीने SIT ने छापेमारी की थी। इसके बाद SIT ने मुजाहिद को भी हिरासत में ले लिया था। इसी मामले में कॉन्ग्रेस नेता और कर्नाटक के मंत्री बीज़ेड ज़मीर अहमद खान भी शक के घेरे में हैं। परवर्तन निदेशालय (ईडी) को दिए गए एक हलफनामे में ज़मीर ने IMA ज्वेल्स को अपनी एक सम्पत्ति ₹5 करोड़ में बेचने की बात कबूली थी।

करोड़ों खातों से, अरबों की सम्पत्ति ज़ब्त

जाँच एजेंसियों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की है और आरोपित कम्पनी की ₹190 करोड़ से अधिक की संपत्ति ज़ब्त की जा चुकी है। जाँच एजेंसियों ने कम्पनी के 52 बैंक खातों से ₹12 करोड़ भी ज़ब्त किए हैं। ईडी का कहना है कि आईएमए किसी भी प्रकार का बिजनेस नहीं कर रही थी बल्कि एक पोंजी स्कीम चला रही थी।

‘हलाल बैंकिंग’ के सब्ज़-बाग़ में डूबे समुदाय विशेष वाले

आरोप है कि मंसूर ख़ान ने समुदाय विशेष का धन हड़पने की योजना बनाई थी, जिसके तहत इस्लामिक बैंकिंग और हलाल निवेश के नाम पर एक फ़र्म बनाई गई जिसका नाम रखा ‘आई मॉनेटरी एडवाइज़री’ (I Monetary Advisory)। इस्लामिक बैंक के नाम पर मंसूर ख़ान ने अपने समुदाय के लोगों से इस फ़र्म में निवेश करने को कहा। इस समुदाय का एक बड़ा वर्ग कुरान में ब्याज हराम होने के चलते बैंकों में पैसा रखने में असहज महसूस करता है। आरोप है कि मंसूर ने समुदाय विशेष से पैसे निवेश करवा कर और उन्हें 14% से 18% के लाभ का सपना दिखाया, जोकि झूठा निकला।

86% उज्ज्वला लाभार्थी दूसरा सिलेंडर खरीदते हैं, सीने में दिक्कत में भी कमी आई है: पेट्रोलियम मंत्री

उज्ज्वला स्कीम की बड़ी विपक्षी आलोचना, कि एक सिलेंडर लेने के बाद लोग दूसरा सिलेंडर लेने में रुचि नहीं दिखाते, का पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खण्डन किया है। संसद में उन्होंने दावा किया कि 86% के करीब उज्ज्वला लाभार्थी दूसरा सिलेंडर लिए हैं। गरीब परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन देने की ‘उज्ज्वला’ योजना को मोदी सरकार की सबसे महत्वाकाँक्षी योजनाओं में से एक माना जाता था, और लोक सभा में अकेली भाजपा के 303 सांसदों को पहुँचाने में इसकी बड़ी भूमिका मानी जाती है। प्रधान लोक सभा के प्रश्न काल में बोल रहे थे।

9000 डिस्ट्रीब्यूटरों ने एलपीजी सुलभ बनाई

धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी दावा किया कि पिछले पाँच वर्षों में 9000 वितरकों (डिस्ट्रीब्यूटरों) का नेटवर्क खड़ा कर एलपीजी को सर्वसुलभ बनाया गया है। यह वितरक तेल विपणन कंपनियों (ऑइल मार्केटिंग कम्पनीज़, OMCs) के माध्यम से खड़े किए गए हैं। प्रधान द्वारा दिया गया 86% उज्ज्वला लाभार्थियों द्वारा नियमित ग्राहक बनने का आँकड़ा भी इन्हीं कंपनियों के द्वारा दिए गए आँकड़ों पर आधारित है। “OMCs ने सूचित किया है कि कम-से-कम एक साल पुराने गैस कनेक्शन धारकों में से लगभग 86% दूसरे सिलेंडर के लिए लौट कर आए हैं।” उन्होंने एलपीजी सब्सिडी भी ‘पहल’ (प्रत्यक्ष हस्तांतरण लाभ) के तहत लोगों के खाते में सीधे हस्तांतरित किए जाने की जानकारी सदन को दी।

7 करोड़+ गैस कनेक्शन, 14 की बजाय 5 किलो के सिलेंडर का विकल्प

धर्मेंद्र प्रधान ने सदन को यह भी सूचित किया कि तेल कंपनियाँ लोगों को एलपीजी गैस के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करने हेतु विभिन्न कदम उठा रही हैं। मसलन, आवश्यकतानुसार लोग 14 किलो के बड़े सिलेंडर को 5 किलो के छोटे सिलेंडर से भी बदल सकते हैं, एलपीजी के लगातार इस्तेमाल के फायदों और इसके सुरक्षित प्रयोग के प्रति जागरूकता के लिए प्रधान मंत्री एलपीजी पंचायत का आयोजन आदि। इसके अलावा जो लोग रीफिल के लिए नहीं आते, उन तक एसएमएस के ज़रिए पहुँचना, होर्डिंग, बैनरों का प्रयोग आदि भी कंपनियों द्वारा किए जाने की बात धर्मेंद्र प्रधान ने की।

प्रधान ने यह भी बताया कि 8 जुलाई, 2019 तक के आँकड़ों के हिसाब से तेल कंपनियाँ देश में लगभग 7.34 करोड़ कनेक्शन बाँट चुकीं हैं। उन्होंने एक और बड़ा दावा यह भी किया कि उज्ज्वला योजना के कार्यान्वन के बाद से देश में सीने में दिक्कत की शिकायतों में 20% कमी आई है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने उज्ज्वला अपनाने के लिए लोगों से जो अपील की थी, उसमें एक भावनात्मक पहलू महिलाओं को उपले और कण्डे पर खाना बनाने में होने वाली श्वास-संबंधी और सीने की अन्य बीमारियों का भी था।

मदरसे में मंदिर बनाने की बात पर BJP के पूर्व मेयर ने कहा- ‘AMU में भी एक मंदिर बनना चाहिए’

सलमा अंसारी द्वारा चाचा नेहरू मदरसे में मंदिर बनवाने का ऐलान करने के बाद मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। एक ओर इस्लामी धर्मगुरू जहाँ इसका विरोध करते नजर आ रहे हैं। वहीं अलीगढ़ की पूर्व मेयर एवं भाजपा नेता शकुंतला भारती ने उनके इस कदम की तारीफ़ की है। साथ ही अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में मंदिर बनाने की भी माँग की है।

टाइम्स नॉउ को दिए साक्षात्कार में भाजपा नेता ने कहा, “उनकी भावनाओं का हम सम्मान करते हैं। इतना सुंदर विचार उनके मन में आया, हम उनका समर्थन करते हैं कि उन्होंने दृढ़ संकल्प के साथ एक अच्छे भारतीय नागरिक होने का परिचय दिया है। वो मंदिर बनवा रही हैं उनकी भावना के साथ हैं हम, और जो भी हम लोगों से सहयोग होगा हम करने के लिए तैयार हैं।”

खबरों के मुताबिक भारती ने आगे ये भी कहा, “अगर मदरसा में उनकी (सलमा की) इच्छा है कि एक मंदिर बनाया जाए तो अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में भी एक मंदिर बनाया जाना चाहिए।”

पूर्व मेयर से जब पत्रकार ने सलमा अंसारी के फैसले का विरोध करने वाले लोगों के बारे में पूछा तो उन्होंने जवाब दिया,”मदरसा उनका है। वो वहाँ क्या कर रही हैं क्या नहीं कर रही हैं, पहले तो उन्हें हस्तक्षेप करने का अधिकार ही नहीं है और अगर ये हस्तक्षेप कर रहे हैं तो ये गलत है। किसी की भावनाओं को दबाना, किसी की इच्छाओं का दमन करना, कानून के तहत नहीं आता है। ऐसे लोगों के विरुद्ध वास्तव में कार्रवाई होनी चाहिए।”

शकुंतला कहती हैं कि उन्हें बड़ा अफसोस होता है जब लोग कहते हैं यूनिवर्सिटी में जिन्ना की तस्वीर लगनी चाहिए। उनका पूछना है आखिर क्यों जिन्ना की तस्वीर लगनी चाहिए और इसका विरोध आज तक क्यों नहीं किया गया है।

बता दें कि सलमा अंसारी के इस फैसले पर समुदाय विशेष के लोगों का कहना है कि जो मंदिर बनवाएगा वो मुस्लिम नहीं हैं। अगर उन्हें (सलमा) को मंदिर बनवाना है तो वह अपने घर में बनवाएँ।

‘PM मोदी संसद में हिंदी बोलकर बहस का स्तर गिरा रहे’: MDMK चीफ वायको

मरुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कषगम (MDMK) के महासचिव और राज्यसभा सांसद वायको ने हिंदी को लेकर विवादित बयान दिया है। 23 साल बाद राज्यसभा पहुँचे वायको ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत ज्यादातर सदस्यों के हिंदी में संबोधन पर आपत्ति व्यक्त की। वायको यहीं नहीं रुके, उन्होंने यह भी कहा कि हिंदी के कारण भी संसद में बहस का स्तर नीचे गिर गया है। उनके विचार में प्रधानमंत्री का सिर्फ हिंदी में संबोधन के पीछे ‘हिंदी, हिंदू, हिंदू राष्ट्र’ की सोच है। वायको का कहना है कि पीएम मोदी सिर्फ हिन्दी बोलकर देश को हिन्दू राष्ट्र बनाना चाहते हैं।

वायको ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पहले संसद में विभिन्न विषयों पर गहरी जानकारी रखने वालों को भेजा जाता था। आज डिबेट का स्तर हिंदी की वजह से गिर गया है। वे बस हिंदी में चिल्लाते हैं। यहाँ तक कि पीएम मोदी भी सदन को हिंदी में संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंदी में कौन सा साहित्य है? इसकी तो जड़ें ही नहीं हैं। वायको ने कहा कि संस्कृत एक मृत भाषा है। संसद में किसी के हिंदी बोलने पर सदस्य हेडफ़ोन लगा लेते हैं। कोई नहीं समझ पाता इसको।

वायको ने आगे कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी संसद में अंग्रेजी बोला करते थे। मोरारजी देसाई भी संसद में इंग्लिश बोलते थे। इंदिरा गाँधी, राजीव गाँधी, पीवी नरिसिम्हा राव और मनमोहन सिंह भी सदन को अंग्रेजी में संबोधित करते थे। उन्होंने कहा कि सिर्फ मोदी ही बार-बार हिंदी के प्रति प्यार जताते रहते हैं। वो ही हिंदी के कट्टरपंथी हैं। उनकी नजर में हिंदी बोलने के पीछे प्रधानमंत्री की मंशा ‘हिंदी, हिंदू, हिंदू राष्ट्र’ की है। संसद में अंग्रेजी भाषा का इस्तेमाल होना चाहिए।

एमडीएमके महासचिव ने कहा कि जब तक संसद में संविधान की मान्यता प्राप्त सभी 28 भाषाओं में बातचीत शुरू नहीं हो जाती, तब तक सिर्फ अंग्रेजी में ही बातचीत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू एक महान लोकतांत्रिक थे, जो संसद के सत्र को कभी नहीं छोड़ते थे। लेकिन मोदी शायद ही सत्र में भाग लेते हैं। यदि नेहरू एक पहाड़ हैं, तो मोदी उस पहाड़ का केवल एक हिस्सा हैं।

केरल CPM प्रमुख के बेटे ने बलात्कार के मामले में DNA के लिए ब्लड सैंपल देने से किया इनकार

केरल CPM प्रमुख कोडियरी बालाकृष्णन के बेटे बिनॉय कोडियरी ने DNA टेस्ट के लिए अपना ब्लड सैंपल देने से इनकार कर दिया। बिनॉय ने यह तर्क़ दिया कि वो बीमार है इसलिए ब्लड सैंपल नहीं दे सकता।

पिछले बुधवार को बिनॉय को डिंडोशी सेशन कोर्ट से अग्रिम ज़मानत मिल गई थी। हालाँकि, अदालत ने उसे DNA टेस्ट कराने का आदेश दिया है क्योंकि DNA टेस्ट ही एकमात्र ऐसा सबूत रहेगा, जिससे इस मामले पर फ़ैसला लिया जाएगा।

ख़बर के अनुसार, बिनॉय आज ओशिवारा स्टेशन पहुँचा और जाँच अधिकारी ने उससे इस मामले पर 30 मिनट तक पूछताछ की। उसने अधिकारी को बताया कि वो बीमार था इसलिए अपना ब्लड सैंपल नहीं दे सका। अपनी बात को सच साबित करने के लिए उसने एक मेडिकल सर्टिफिकेट भी दिखाया। साथ ही उसने आश्वासन दिया कि वो इस मामले में अपना पूरा सहयोग देगा।

अब बिनॉय को अगले सोमवार को अपना ब्लड सैंपल देना होगा।

दरअसल, बिनॉय कोडियरी के ख़िलाफ़ एक 33 वर्षीय महिला ने बलात्कार का मामला दर्ज करवाया था। मुंबई पुलिस ने बिनॉय के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया। अपनी शिक़ायत में महिला ने बिनॉय पर आरोप लगाया कि उसने उसे शादी का झाँसा देकर उसके साथ एक दशक से अधिक समय तक बलात्कार किया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि बिनॉय ने उसे नहीं बताया था कि वो पहले से शादीशुदा है। इसके अलावा महिला ने यह दावा भी किया था कि उसका और बिनॉय का एक आठ साल का बेटा भी है।

शिक़ायत दर्ज होने के बाद से ही बिनॉय फ़रार था। पुलिस ने उसके लिए लुक आउट नोटिस भी जारी किया। बिनॉय की स्थिति पर केरल के एक पत्रकार ओ अब्दुल्ला ने उसे इस केस से निपटने के लिए इस्लाम क़बूल करने का सुझाव दिया था।