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संदेशखाली में जो हुआ उसके लिए 100% TMC जिम्मेदार: बंगाल HC ने लगाई ममता सरकार को फटकार, शाहजहाँ शेख के वकील को भी लताड़ा

संदेशखाली मामले पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने बंगाल सरकार को फटकारा। मामले तो बेहद शर्मनाक बताते हुए कोर्ट ने कहा कि अगर राज्य में नागरिकों की सुरक्षा खतरे में है जो इसकी जिम्मेदारी सारी राज्य सरकार की है।

कोर्ट ने कहा, “संदेशखाली में जो हुआ अगर उसमें 1 फीसदी भी सच्चाई है तो ये बेहद शर्मनाक है क्योंकि बंगाल सांख्यिकी रिपोर्ट में खुद को महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित राज्य बताने का दावा करता है।”

कोर्ट ने कहा, “संदेशखाली में जो हुआ उसके लिए पूरा जिला प्रशासन और सत्तारूढ़ दल को नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए। यदि किसी नागरिक की सुरक्षा खतरे में है तो 100% जिम्मेदारी सत्तारूढ़ दल की है; इसमें भी सरकार जिम्मेदार है।”

बता दें कि कलकत्ता हाईकोर्ट इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई कर रहा है। इस दौरान वकील प्रियंका टिबरेवाल ने कोर्ट को बताया कि उन्हें संदेशखाली में कई शिकायतें मिली हैं। इतने सारे लोग आए। लेकिन ये कहते हैं कि कुछ नहीं हुआ।

उन्होंने बताया, “मैं हलफनामा रिकॉर्ड में रख रही हूँ। मैं उनके नामों का उल्लेख नहीं कर रही हूँ, अन्यथा वे लोग खतरे में पड़ जाएँगे। एक महिला थी जो अपने पिता से मिलने गई थी। लौटी तो उसकी जमीन हड़प ली और उसे ले जाकर उससे रेप हुआ।”

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, टिबरेवाला ने बताया, “यहाँ ज्यादातर पीड़िताएँ अनपढ़ हैं। ई-मेल तो भूल जाइए, वो खत भी नहीं लिख सकती हैं। हमारे पास 500 से ज्यादा महिलाओं ने सेक्शुअल असॉल्ट की शिकायत की है। हमारे पास एफिडेविट हैं, जिनमें कहा गया है कि केवल एक शाहजहाँ गिरफ्तार हुआ है। उसके 1000 साथी गाँव में घूम रहे हैं और शाहजहाँ के खिलाफ बयानबाजी ना करने के लिए धमका रहे हैं। ये लोग कह रहे हैं कि अगर महिलाओं ने बयान दिया तो उनके पति-बच्चों का सिर काटकर फुटबॉल खेलेंगे।”

मुख्य न्यायाधीश ने इस केस की सुनवाई के दौरान जहाँ बंगाल सरकार को फटकारा तो वहीं शेख शाहजहाँ के वकील को भी डाँट लगाई। उन्होंने केस में आरोपों के जाँच की माँग की थी। मुख्य न्यायाधीश शिवगणनम ने कहा, “आप एक ऐसे आरोपित की ओर से पेश हो रहे हैं जिसकी जाँच चल रही है। आप पहले अपने आसपास के अंधकार को दूर करें, फिर अपनी शिकायत व्यक्त करें।”

‘जहाँ पर दूसरों से उम्मीद खत्म, वहाँ से मोदी की गारंटी शुरू’: PM ने बंगाल में कहा- देश के लिए कड़े फैसले लेने जरूरी, संदेशखाली के अपराधी जेल में काटेंगे जीवन

लोकसभा चुनाव 2024 में प्रचार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार (4 अप्रैल 2024) को पश्चिम बंगाल के कूचबिहार पहुँचे। यहाँ उन्होंने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) और कॉन्ग्रेस पर हमला बोला। इसके साथ ही उन्होंने संदेशखाली में टीएमसी के पूर्व नेता शाहजहाँ शेख द्वारा किए गए अपराध का मुद्दा भी उठाया।

पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल के विकास के लिए राज्य में भाजपा का मजबूत होना बहुत जरूरी है। भाजपा ही है, जो राज्य की माताओं-बहनों पर होने वाले अत्याचार को रोक सकती है। उन्होंने कहा कि पूरे देश ने देखा है कि कैसे तृणमूल सरकार ने संदेशखाली के गुनहगारों को बचाने के लिए पूरी ताकत लगा दी। संदेशखाली की महिलाओं के साथ जो हुआ वह तृणमूल के अत्याचार की पराकाष्ठा थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाजपा ने संकल्प लिया है कि वह संदेशखाली के दोषियों को सज़ा दिलवाकर ही रहेगा। उन्हें जेल में ही जिंदगी काटनी पड़ेगी। उन्होंने कहा, “आज दुनिया कहती है कि मोदी मजबूत नेता है। दुनिया कहती है कि मोदी कड़े और बड़े फैसले लेने वाला नेता है। मैं तो विनम्रता से यही कहना चाहता हूँ कि मोदी तो भारत की जनता का बहुत सामान्य सेवक है।”

उन्होंने कहा, “मोदी ने कड़े फैसले लिए ताकि… देश भ्रष्टाचार से मुक्त हो। देश आतंकवाद से मुक्त हो। 140 करोड़ भारतीयों को नए अवसर मिलें। 21वीं सदी भारत के लिए महत्वपूर्ण है। अब समय आ गया है कि हम एक विकसित भारत का निर्माण करें। हम दिल्ली में कमजोर सरकार बर्दाश्त नहीं कर सकते। हमें केंद्रीय स्तर पर स्थिरता चाहिए।”

पीएम ने कहा, “मोदी आपके भविष्य की चिंता कर रहा है, आपकी आने वाली पीढ़ियों के सा​मने से दशकों पुरानी चुनौतियों को हटा रहा है। मोदी की नीयत सही है, इसलिए दशकों बाद जम्मू-कश्मीर को धारा-370 से मुक्ति मिली है। दशकों बाद नारी शक्ति वंदन अधिनियम पास हुआ। 500 वर्ष बाद अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बना है। जहाँ दूसरों से उम्मीद खत्म होती है, वहाँ से मोदी की गारंटी शुरू होती है।”

पीएम मोदी ने कहा, “आजादी के बाद हमारे देश में 6-7 दशक तक लोगों ने सिर्फ और सिर्फ कॉन्ग्रेस का मॉडल देखा। पिछले 10 सालों में देश ने पहली बार पूर्ण बहुमत वाली भाजपा सरकार का मॉडल देखा है। यह चुनाव देश का चुनाव है। देश को दुनिया को तीसरी बड़ी आर्थिक ताकत बनाने का चुनाव है। इसलिए देश में एक स्थिर और मजबूत सरकार चाहिए।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “पिछले 10 साल में देश में जो विकास हुआ है वह सिर्फ ट्रेलर है। अभी तो मुझे बहुत कुछ करना है। अभी तो हमें देश को, पश्चिम बंगाल को बहुत आगे ले जाना है। मेरे विरोधी कहते हैं कि मोदी का परिवार नहीं है। मेरे लिए मेरा भारत ही मेरा परिवार है।” उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने गरीबों को उनका हक दिया। देश को भ्रष्टाचार मुक्त और आतंक मुक्त बनाने का प्रयास किया।

पीएम मोदी ने कहा, “तृणमूल कॉन्ग्रेस और लेफ्ट की राजनीति झूठ, भ्रम और दुष्प्रचार पर टिकी है। INDI गठबंधन अपने आप में झूठ और भ्रम का प्रत्यक्ष उदाहरण है। तृणमूल के गुंडे आपको वोट देने से रोकते हैं तो पूरी हिम्मत से खड़े हो जाइए। इस बार चुनाव आयोग बहुत जागरूक है। आपके एक-एक वोट की ताकत वे समझते हैं। इसलिए आप निडर होकर वोट करने निकलिए।”

उन्होंने कहा, “21वीं सदी का ये समय, भारत के लिए बहुत अहम है। ये समय विकसित भारत बनाने का है। जब भारत विकसित होगा तो बंगाल उसका सबसे बड़ा लाभार्थी होगा। ये समय महाराज नर नारायण, चीला राय और ठाकुर पंचानन वर्मा जैसे महान सपूतों के सपनों को पूरा करने का समय है।”

नरेंद्र मोदी ने कहा कि टीएमसी, वामपंथी और कॉन्ग्रेस भले ही बागी नजर आते हों, लेकिन पर्दे के पीछे ये सभी पार्टनर हैं। टीएमसी नेताओं के घर से भारी मात्रा में पैसे मिले हैं। ‘नौकरी देने’ की आड़ में ये लोगों को लूटते हैं। उन्होंने कहा, “मैं कहता हूँ ‘भ्रष्टाचार हटाओ’, वे कहते हैं ‘भ्रष्ट नेताओं को बचाओ’।”

मोदी राज में 115% बढ़ गई राहुल गाँधी की संपत्ति, BJP सरकार की लाई योजनाओं में भी कर रखा है निवेश: कॉन्ग्रेस नेता पर चल रहा POCSO का भी केस

कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी लगातार पिछले 10 वर्षों से मोदी सरकार पर अर्थव्यवस्था को लेकर हमले बोलते आए हैं। उनका दावा रहा है कि देश में गरीबी और बेरोजगारी बढ़ रही है। वह यह भी दावा करते रहे हैं कि इस दौरान लोगों की कमाई घटी है। राहुल गाँधी के यह दावे स्वयं उन पर ही फिट नहीं बैठ रहे। राहुल गाँधी की सम्पत्ति बीते 10 वर्षों में 115% बढ़ी है। यह जानकारी उनके द्वारा लोकसभा चुनाव के लिए जमा किए गए हलफनामे से मिली है।

कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ने बुधवार (3 मार्च, 2024) को केरल के वायनाड में एक रोड शो के बाद अपना नामांकन किया। यहाँ दाखिल हलफनामे में उन्होंने बताया कि उनके पास ₹20.39 करोड़ की कुल चल-अचल सम्पत्ति है। 2014 के लोकसभा चुनाव में अमेठी में दाखिल किए गए हलफनामे में राहुल गाँधी ने बताया था कि उनके पास कुल ₹9.4 करोड़ की सम्पत्ति है। इस प्रकार देखा जाए तो पिछले 10 वर्षों में उनकी सम्पत्ति में 115% की वृद्धि हुई है।

राहुल गाँधी ने अपने हलफनामे में सारी जानकारियाँ दी हैं। इस हलफनामे के अनुसार, राहुल गाँधी को वित्त वर्ष 2022-23 में ₹1.02 करोड़ की कमाई हुई है। इससे पहले के भी 4 वर्षों में उन्हें औसतन ₹1.25 करोड़ की कमाई हुई है। उनके पास वर्तमान में ₹55000 नकद है।

राहुल गाँधी सम्पत्ति
राहुल गाँधी की बीते वर्षों में कमाई

उनके पास ITC, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस, हिन्दुस्तान यूनिलीवर, इंफोसिस समेत कई नामी कम्पनियों में शेयर हैं। उनके पास कुल 25 कम्पनियों में ₹4.33 करोड़ के बाजार मूल्य के शेयर हैं। उनके पास कॉन्ग्रेस के अखबार नेशनल हेराल्ड वाली कम्पनी यंग इंडिया में भी ₹1.9 लाख के शेयर हैं। राहुल गाँधी ने कई प्रकार के म्यूच्यूअल फंड में भी निवेश कर रखा है।

राहुल गाँधी सम्पत्ति
राहुल ने म्यूच्यूअल फंड्स में भी निवेश किया हुआ है

राहुल गाँधी के हलफनामे के अनुसार, उनके पास HDFC बैंक के 4 म्यूच्यूअल फंड है जो कि अलग-अलग कैटेगरी के हैं। उनका इन म्यूच्यूअल फंड में ₹3.81 करोड़ का निवेश है। इसके अलावा उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा द्वारा जारी किए जाने वाले गोल्ड बॉन्ड्स भी ₹15.21 लाख का निवेश किया हुआ है। यह योजना मोदी सरकार ने नवम्बर 2015 में चालू की थी।

राहुल गाँधी के पास ₹4.20 लाख का सोना भी है। इसके अलावा उन्होंने ₹61.52 लाख निवेश भी PPF खाते में किया हुआ है। उनके अचल सम्पत्ति की कुल कीमत ₹9.24 करोड़ है।

राहुल गाँधी सम्पत्ति
राहुल गाँधी की चल सम्पत्ति

राहुल गाँधी के पास अपनी बहन प्रियंका गाँधी के साथ संयुक्त स्वामित्व में दिल्ली में एक जमीन है। यह दिल्ली में महरौली में है जिसकी कीमत ₹2.10 करोड़ है। इसके अलावा गुरुग्राम में दो ऑफिस स्पेस भी ले रखे हैं, इनकी कीमत खरीद के समय ₹7.93 करोड़ थी। इन अचल संपत्तियों का वर्तमान बाजार मूल्य ₹11.15 करोड़ है। राहुल गाँधी की वर्तमान में कुल सम्पत्ति ₹20.39 करोड़ है। उनके ऊपर ₹49 लाख का बकाया भी है। 2019 से तुलना की जाए तो उनकी सम्पत्ति में इजाफा हुआ है।

राहुल गाँधी की अचल सम्पत्ति

उन्होंने इस हलफनामे में बताया है कि उनके ऊपर 18 आपराधिक मामले हैं जिनमें से सूरत में उनके खिलाफ दायर किए गए मामले में उन्हें 2 वर्षों की सजा भी हुई है। उनको यह सजा ‘सारे मोदी चोर होते हैं’ बयान पर मिली थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई हुई है। उनके खिलाफ एक नाबालिग रेप पीड़िता के अभिभावकों की पहचान उजागर करने के मामले में POCSO के तहत मुकदमा दर्ज है।

राहुल गाँधी ने अपनी शिक्षा के विषय में बताया है कि उन्होंने 1989 में CBSE से सीनियर सेकेंडरी, 1994 में अमेरिका के फ्लोरिडा से बीए और कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के ट्रिनिटी कॉलेज एम फिल किया है। एम फिल उन्होंने 1995 में किया है।

नवरात्रि में नए ठिकाने के बारे में बताएँगे संजय निरुपम, कहा- कॉन्ग्रेस में 5 पावर सेंटर, एक बहनजी का भी: गौरव वल्लभ BJP में हुए शामिल

लोकसभा चुनाव के नजदीक आते ही कॉन्ग्रेस के कई नेता पार्टी छोड़ भाजपा में शामिल होना शुरू हुए हैं। एक साथ बड़े नेताओं ने आज बीजेपी की सदस्यता ली। इसमें एक गौरव वल्लभ और अनिल शर्मा हैं। इनके अलावा एक अन्य नेता हैं जिन्होंने कॉन्ग्रेस छोड़ी है उनका नाम संजय निरुपम है लेकिन उन्होंने अभी घोषणा नहीं की है कि वो किस पार्टी में जाएँगे। उन्होंने कहा कि वो खरमास खत्म होने के बाद नवरात्रि में तय करेंगे कि उन्हें किस ओर जाना है।

संजय निरुपम ने कॉन्ग्रेस छोड़ने के बाद जमकर अपना गुस्सा उतारा। उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी के निष्कासन से पहले ही अपना इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा कि पार्टी संरचनात्मक और वैचारिक तौर पर बिखरी हुई है। उन्होंने बताया कि कॉन्ग्रेस पार्टी में 5 पावर सेंटर हैं, जिनकी अपनी लॉबी चलती है। इनमें पहला नाम सोनिया गाँधी का है। दूसरा राहुल गाँधी का है। तीसरा बहन जी (प्रियंका गाँधी) का है। चौथा अध्यक्ष (मल्लिकार्जुन खड़गे) का है जिनकी लॉबी में ऐसे लोग शामिल हैं जिनके पास अनुभव तक नहीं है और अध्यक्ष से जुड़कर वो हाईकमान बन गए हैं। पाँचवा नाम है वो केसी वेणुगोपाल है। वो भी अपने ढंग से राजनीति करते रहते हैं। वो हिंदी बोलते हैं किसी को समझ नहीं आता, अंग्रेजी बोलते हैं समझ नहीं आता और मलयाली बोलते हैं वो कोई समझ नहीं पाता।

उन्होंने कहा कि इन लोगों की लॉबियों के कारण योग्य लोगों का कष्ट बढ़ता जा रहा है। वह बोले कि ये सब वो पिछले 5 सालों से गंभीरता से महसूस कर रहे थे और बड़ी पैमाने में कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं में निराशा बनी हुई।

संजय निरुपम ने कहा सेक्युलरिज्म में धर्म का विरोध नहीं, सर्व धर्म सद्भाव होना चाहिए। मगर कॉन्ग्रेस ने नेहरूवियन सेक्युलरिज्म के विचार को अपनाया। वामपंथी रामलला का सीधा विरोध करेंगे। अब कॉन्ग्रेस उसी राह पर आगे चल पड़ी है, इसलिए रामलला विराजमान के कार्यक्रम का कॉन्ग्रेस ने सीधे तौर पर विरोध किया।

इसके अलावा संजय निरुपम ने ये भी बताया कि वो कॉन्ग्रेस से क्यों नाराज थे। उन्होंने बताया, “महाराष्ट्र में जिस तरह से कॉन्ग्रेस पार्टी ने उनके दबाव में आकर समर्पण करके शिवसेना (यूबीटी) के साथ उनकी शर्तों पर गठबंधन किया और जिस तरह से कॉन्ग्रेस ने सीटें छोड़ीं। यही कारण है कि मैं नाराज था। आने वाले दिनों में कॉन्ग्रेस पार्टी कमजोर हो जाएगी और धीरे-धीरे मुंबई में दब जाएगी…मैं किस पार्टी में शामिल होऊँगा, यह मैं आपको आने वाले दिनों में बताऊँगा भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता अभी भी चरम पर है और लगातार बढ़ रही है।”

गौरतलब है कि आज अनिल शर्मा ने भी भाजपा हेडक्वार्टर में आकर पार्टी की सदस्यता ली। उनके साथ राजद के एक नेता उपेंद्र प्रसाद भी बीजेपी में शामिल हुए हैं।

इनके अलावा बीजेपी का हिस्सा होने के बाद जहाँ गौरव ने कहा ” मेरा दृष्टिकोण हमेशा से था कि श्रीराम मंदिर बने तो वो लोग भी वहाँ जाएँ, लेकिन कॉन्ग्रेस ने इसे मना किया, मैं ये बर्दाश्त नहीं कर सकता। गठबंधन के नेता सनातन पर सवाल उठाते हैं, कॉन्ग्रेस इन पर जवाब क्यों नहीं देती। मैंने भाजपा ज्वाइन कर ली है। उम्मीद है मेरी काबिलियत और जानकारी भारत को आगे बढ़ाए।”

इधर TMC को ‘लॉटरी किंग’ ने इलेक्टोरल बॉन्ड से दिया चंदा, उधर ‘फ्यूचर गेमिंग’ के खिलाफ कोलकाता पुलिस ने 2 केस बंद किए: रिपोर्ट

लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन का धंधा कई राज्यों में फैला है, खासकर केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और त्रिपुरा में। उसके खिलाफ कोलकाता में जाँच चल रही थी। कोलकाता पुलिस ने 2 एफआईआर दर्ज की थी। लेकिन उसने इलेक्टोरल बॉन्ड से सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस को इतना चंदा दे दिया, कि उसके खिलाफ कोलकाता पुलिस ने जाँच ही बंद कर दी और क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी। वो भी तब, जब मामले में ईडी भी जाँच शुरू कर चुकी थी और 400 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति को भी जब्त कर चुकी थी। कोलकाता पुलिस ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट में कहा कि लॉटरी किंग की कंपनी के खिलाफ मामला ‘गड़बड़ी’ से दर्ज हुआ था, उसके खिलाफ तो कोई ढंग का मामला है भी नहीं। ये अलग बात है कि ईडी कोलकाता पुलिस और कोर्ट से ये कहती रही कि लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन की कंपनी फ्यूचर गेमिंग के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं।

द प्रिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, कोलकाता पुलिस ने सैंटियागो मार्टिन की कंपनी फ्यूचर गेमिंग और होटल सर्विसेज के खिलाफ दो मामलों को बंद कर दिया, वो भी उस समय, जब फ्यूचर गेमिंग ने इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से टीएमसी को मोटी रकम दी थी। फ्यूचर गेमिंग कंपनी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में लोकप्रिय ‘डियर लॉटरी’ गेम चलाती है। इसी मामलों में धोखाधड़ी के केस में कंपनी के खिलाफ कोलकाता पुलिस जाँच कर रही थी।

एसबीआई की ओर से जब इलेक्टोरल बॉन्ड का पूरा डाटा सार्वजनिक किया गया, तो सारे तार आपस में जुड़ गए। इलेक्टोरल बॉन्ड के डाटा के मुताबिक, फ्यूचर गेमिंग ने अक्टूबर 2020 में टीएमसी को सबसे पहले 1 करोड़ रुपए दिए, फिर जुलाई 2021 में 30 करोड़, अक्टूबर 2021 में 46 करोड़ और जनवरी 2022 में 60 करोड़। वहीं, कोलकाता पुलिस ने दिसंबर 2021 और जनवरी 2022 में इस कंपनी के खिलाफ चल रहे मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करते हुए केस को बंद कर दिया।

कोलकाता पुलिस में फ्यूचर गेमिंग के खिलाफ एफआईआर 2019 की थी। इसी एफआईआर के बेस पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी मनी लॉन्ड्रिंग की जाँच कर रही थी। ईडी ने 28 मई 2021 को ये केस दर्ज किया गया। इस मामले में ईडी ने अप्रैल 2022 को 409.92 करोड़ की संपत्तियाँ जब्त की थी। लेकिन कोलकाता पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट की वजह से अब उसने इस केस को कोलकाता हाई कोर्ट में चैलेंज किया है और क्लोजर रिपोर्ट को बेस बनाकर कहा है कि ईडी ने गलत तरीके से उसके खिलाफ कार्रवाई की है।

इस बीच, ईडी ने कोर्ट को बताया है कि फ्यूचर गेमिंग कंपनी के खिलाफ उसके पास काफी सबूत हैं और इस केस को आगे बढ़ाने के पर्याप्त कारण हैं। ईडी ने अप्रैल 2022 में लॉटरी विनियमन अधिनियन 1998 की धारा 7(3) और 9 के तहत ये कार्रवाई की है और उसके पास काफी सबूत हैं। ईडी ने बाकायदा प्रेस रिलीज जारी कर इस बात की जानकारी दी थी।

हालाँकि कलकत्ता हाई कोर्ट ने इस केस की अगली सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं की है, लेकिन ये साफ है कि कलकत्ता हाई कोर्ट में ईडी के सामने कोलकाता पुलिस की वो क्लोजर रिपोर्ट फ्यूचर गेमिंग के काफी काम आने वाली है। मामला साफ है कि इलेक्टोरल बॉन्ड द्वारा उसने पश्चिम बंगाल की सरकार चलाने वाली पार्टी टीएमसी को जो पैसे दिए हैं, वो साफ बता रहे हैं कि ये पैसे क्यों दिए गए और उन पैसों के बदले में उसका क्या काम हुआ। वहीं, टीएमसी ने कहा है कि उसे मालूम नहीं कि किसने पार्टी को चंदा दिया। इस मामले में भाजपा ने टीएमसी पर जोरदार हमला बोला है और कहा है कि टीएमसी ने भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए केंद्रीय जाँच एजेंसियों की कार्रवाई में अडंगा डाला है।

खास बात ये है कि फ्यूचर गेमिंग टीएमसी को अक्टूबर 2020 से जनवरी 2024 तक कुल 542 करोड़ रुपए इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से दे चुकी है, जो इस कंपनी द्वारा किसी भी राजनीतिक पार्टी को दिया गया सबसे बड़ा दान है। इस कंपनी ने तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी डीएमके को दूसरा सबसे बड़ा चंदा दिया है। डीएमके को भी मार्टिन की कंपनी ने 500 करोड़ से अधिक की राशि दी है। इस कंपनी (फ्यूचर गेमिंग और होटल सर्विसेज) ने पिछले 5 वर्षों में चुनावी बांड के माध्यम से ₹1,368 करोड़ का सबसे बड़ा राजनीतिक दान दिया है।

फ्यूचर गेमिंग के खिलाफ ये दो मामले

फ्यूचर गेमिंग के खिलाफ कोलकाता पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की थी। जिसमें फ्यूचर गेमिंग और होटल सर्विसेज के खिलाफ पहली एफआईआर जून 2019 में भवानीपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। यह शिकायत कालीघाट के एक व्यक्ति ने दर्ज कराई थी जिसने ‘डियर लॉटरी’ का नियमित खरीदार होने का दावा किया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि ” लॉटरी सिस्टम में करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की गई।” इस एफआईआर में फ्यूचर गेमिंग पर आईपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), 34 (सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने के लिए कई व्यक्तियों द्वारा किया गया आपराधिक कार्य), 406 (आपराधिक विश्वासघात), 417 और 419 (धोखाधड़ी), 418 (धोखाधड़ी), 419 (प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी), 420 (धोखाधड़ी और बेईमानी) और लॉटरी (विनियमन) अधिनियम, 1998 के प्रावधान के तहत मामला दर्ज किया गया था।

अगस्त 2019 में कोलकाता के बेलियाघाटा पुलिस स्टेशन में दायर दूसरी एफआईआर में शिकायतकर्ता ने कहा कि मनचाहे लोगों को लॉटरी जिताई गई। ऑपइंडिया ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि किस तरह से लॉटरी के जरिए पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी के लोगों को फायदा पहुँचाया गया। सीबीआई ने भी नवंबर 2022 में बताया था कि टीएमसी के नेता अनुब्रत मंडल और उनकी बेटी सुकन्या ने तीन साल में 5 लॉटरी जीती। इस मामले में अनुब्रत मंडल को सीबीआई ने नवंबर 2022 में गिरफ्तार किया था, तो बेटी सुकन्या को अप्रैल 2023 में गिरफ्तार किया।

ये खबर मूल रूप से अंग्रेजी में प्रकाशित की गई है, मूल रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

अयोध्या में रामलला विराजमान, काशी का भी काम हुआ, अब मथुरा कर रही इंतजार: CM योगी, बोले- हेमा मालिनी ने दिलाई नई पहचान तो कॉन्ग्रेसियों को बुरी लगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार (4 अप्रैल 2024) को मथुरा में जनसभा को संबोधित किया। लोकसभा चुनाव 2024 में इस सीट पर भाजपा ने पूर्व अभिनेत्री हेमा मालिनी को एक बार फिर से मैदान में उतारा है। सीएम योगी ने भगवान श्रीकृष्ण की नगरी से ‘राधे-राधे’ और ‘बिहारी लाल की जय’ के नारों से अपने संबोधन की शुरुआत की।

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने कहा, “अयोध्या, मथुरा और काशी में सबसे पहले चुनाव मथुरा में हो रहा है, तो संदेश यहीं से जाना चाहिए। अयोध्या में रामलला विराजमान हो गए हैं। काशी का भी काम हो गया है। अब मथुरा इंतजार कर रही है।” उन्होंने कहा कि सपा-बसपा और कॉन्ग्रेस हमारी आस्था का सम्मान नहीं कर सकते, तो उन्हें देश का बोझ लेकर चलने की जरूरत नहीं है।

सीएम योगी ने कहा, “कन्हैया के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने 16 कला के साथ अवतार लिया था। आज कला जगत की हेमा मालिनी मैदान में हैं। लीलाधारी भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली, जनपद मथुरा के वासी अपना एक-एक वोट कमल के निशान पर भाजपा को देने जा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि हेमा मालिनी पर राधारानी और भगवान कृष्ण का आशीर्वाद है।

सीएम योगी ने कहा, “हेमा ने इस क्षेत्र को नई पहचान दी है। हेमा मालिनी ने भारत की नृत्य संस्कृति, सिनेमा संस्कृति को पूरे जगत में पहचान दिलाई है। कॉन्ग्रेसियों को यह बात बुरी लगती है। उनको भगवान भी बचा पाएगा या नहीं उसको लेकर संदेह होता है। हालात ये हैं कि किसी भी दल में प्रत्याशी ढूंढने पर भी नहीं मिल रहा है। वे उधार में प्रत्याशी ला रहे हैं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में हर तरफ से मोदी जी के लिए आवाज आ रही है। उन्होंने कहा कि भारतवासियों ने ऐसी सरकार देखी है, जिसने राष्ट्रीय स्वाभिमान को 56 इंच चौड़ा किया। उन्होंने देश में एक भार फिर से मोदी सरकार बनाने के लिए लोगों से संकल्प लेने का आग्रह किया।

सीएम योगी ने ब्रज की बात करते हुए कहा, “अयोध्या में राम मंदिर के लिए 500 वर्ष इंतजार और संघर्ष करना पड़ा। अयोध्या में अब प्रभु राम का स्मरण हो रहा है। रामलला विराजमान होने के बाद वहाँ के लोगों की आय बढ़ी है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि का मामला भी न्यायालय में है। अब हमें पूरा फोकस ब्रजभूमि पर करना है। राम आए हैं, कृष्ण भी आएँगे।”

स्थानीय सांसद हेमा मालिनी की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉन्ग्रेस में देश में 60 वर्षों तक शासन किया। उसने ना ही काशी के बारे में सोचा और ना ही मथुरा के बारे में सोचा। उन्होंने पूछा, कॉन्ग्रस ने काशी के बारे में क्यों नहीं सोचा? मथुरा वृन्दावन के बारे में क्यों नहीं सोचा? मथुरा की सांसद हेमा बनीं तब उनके सुझाव पर विकास के कार्य आगे बढ़ाये।

हालात के मारे, महत्वाकांक्षी माता के बच्चे, परिवारवाद के शिकार… कंगना रनौत ने कॉन्ग्रेस के ‘परिवार’ पर किया वार, कहा- जिससे प्रेम किया उससे शादी नहीं कर पाए राहुल गाँधी

हिमाकल प्रदेश के मंडी से लोकसभा उम्मीदवार अभिनेत्री कंगना रनौत ने कहा है कि राहुल गाँधी पर दबाव डाल कर राजनीति करवाई जा रही है। उन्होंने कहा है राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी हालात के मारे हुए हैं और उन पर सोनिया गाँधी दबाव डाल कर राजनीति करवा रही हैं।

कंगना रनौत ने यह बातें आजतक से एक साक्षात्कार में कहीं। कंगना ने इस दौरान कॉन्ग्रेस और गाँधी परिवार पर हमला किया। कंगना रनौत ने कहा, “राहुल गाँधी हालातों के मारे हैं। वह एक महात्वाकांक्षी माता के बेटे हैं, जितना उन्हें नाकाम बताने की कोशिश हुई है, वह उतना हैं नहीं। बच्चे परिवारवाद का शिकार हो जाते हैं। खाली बाहरी ही नहीं शिकार होते। लगता है यही शिकार राहुल गाँधी हैं। वो एक्टिंग कर सकते हैं। सुनने में आता है वो किसी महिला से प्रेम करते हैं, शादी नहीं हो पाई।”

आप यह बातचीत नीचे लगे वीडियो में 14 मिनट से 18 मिनट के बीच सुन सकते हैं।

कंगना ने आगे कहा, “मुझे नहीं मालूम उनका घर क्यों नहीं बसा, उनकी शादी क्यों नहीं हुई। हमने उड़ती उड़ती खबरें सुनी हैं। उनका कोई करियर नहीं बन पा रहा है। मुझे वो अकेले लगते हैं, उन पर प्रेशर डाला जा रहा है। वह 60 साल के होने वाले हैं, उन्हें युवा बता कर लॉन्च किया जाता है। मैंने फिल्म इंडस्ट्री में भी यही देखा है।”

कंगना ने कहा कि राजनीति राहुल गाँधी का काम नहीं है और उनकी माता जी यह समझ नहीं रही हैं, मुझे लगता है कि उनसे राजनीति जबरदस्ती करवाई जा रही है। उन्होंने प्रियंका गाँधी पर भी इस दौरान टिप्पणी की। कंगना रनौत ने कहा, “राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी मुझे हालात के मारे लगते हैं और दोनों ही अच्छे लगते हैं। मुझे लगता है कि उनकी माताजी को उन्हें इस तरीके से टॉर्चर नहीं करना चाहिए। मुझे लगता है कि वह लोग अच्छे बच्चे हैं, लेकिन वह नहीं हुआ है, अब दोनों ही परेशान रहते हैं।”

कंगना रनौत ने अरविन्द केजरीवाल की गिरफ्तारी पर कह़ा कि अन्ना हजारे ने भी इसको लेकर आगाह किया था। कंगना रनौत ने बॉलीवुड में किए गए संघर्ष को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि वह अब अपनी जमीन पर वापस लड़ने आई हैं इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। कंगना ने कहा कि उनमें संयम की कोई कमी नहीं है।

कंगना रनौत को भाजपा ने हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट उम्मीदवार बनाया है। वह लगातार इस सीट पर जोर शोर से प्रचार में जुटी हैं। उनके उम्मीदवार घोषित किए जाने पर उनके खिलाफ कॉन्ग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत और अन्य लोगों ने काफी अपमानजनक बातें की थी।

‘CM की कुर्सी’ पर ‘धर्मपत्नी’, दीवार पर भगत सिंह और अंबेडकर के बीच जेल में बंद AK: चौथी बार प्रकट हो सुनीता केजरीवाल ने खड़ा किया नया विवाद

शराब घोटाले में जेल में बंद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने वीडियो जारी करके मुख्यमंत्री के कथित संदेश को पढ़ा है। इन सबके के बीच जो सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सुनीता ने शहीद भगत सिंह और बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के बीच अरविंद केजरीवाल की तस्वीर लगाकर उन्हें महान साबित करने की कोशिश की। इसको लेकर भाजपा ने तंज कसा है।

सुनीता केजरीवाल ने गुरुवार (4 अप्रैल 2024) को अपना वीडियो संदेश जारी किया और कहा कि अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी (AAP) के सभी विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों में जाने के लिए कहा है, ताकि वहाँ की जनता को किसी तरह की दिक्कत ना हो। ये कथित मैसेज अरविंद केजरीवाल ने तिहाड़ जेल से अपनी पत्नी सुनीता केजरीवाल के माध्यम से भेजा है।

सुनीता ने कहा, “मैं सुनीता केजरीवाल, अरविंद केजरीवाल जी की धर्मपत्नी। आपके केजरीवाल जी ने सभी विधायकों के लिए जेल से संदेश भेजा है।” केजरीवाल के कथित संदेश को पढ़ते हुए सुनीता ने आगे कहा, मैं जेल में हूँ। इस वजह से मेरे किसी दिल्ली वासी को किसी तरह की तकलीफ नहीं होनी चाहिए। हर विधायक इलाके के रोज दौरा करे और लोगों से पूछे कि उन्हें कोई दिक्कत तो नहीं हो रही।”

उन्होंने आगे कहा, जिसको जो समस्या है, उसे (विधायक) दूर करे। मैं केवल सरकारी विभागों की समस्याओं का समाधान करने की बात नहीं कर रहा। हमें लोगों की बाकी समस्याओं का समाधान करने की भी कोशिश करनी है। दिल्ली के दो करोड़ लोग मेरा परिवार हैं। मेरे परिवार में कोई किसी भी वजह से दुखी नहीं होना चाहिए। भगवान सबका भला करे।”

सुनीता केजरीवाल जितनी देर तक यह संदेश पढ़ती रहीं, उनकी पृष्ठभूमि में दीवार पर तीन तस्वीरें लगी दिखीं। इन तस्वीरों में शहीद भगत सिंह और बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की तस्वीरें दीवार पर टँगी दिखीं। इन दोनों तस्वीरों के बीच में अरविंद केजरीवाल की तस्वीर दिखी। इसके पहले बैंकग्राउंड में सिर्फ भगत सिंह और अंबेडकर की ही तस्वीरें दिखती थीं।

अरविंद केजरीवाल को महान बताने और भगत सिंह एवं बाबासाहेब अंबेडकर के समक्ष खड़ा करने पर भाजपा ने आम आदमी पार्टी पर हमला बोला है। दिल्ली भाजपा ने सोशल मीडिया साइट X पर एक पोस्ट करके लिखा कि ‘जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है और यह आपियों पर सटीक बैठता है’। पार्टी ने कहा कि यह AAP की रोज-रोज की ड्रामेबाजी है।

भाजपा ने लिखा, “शराब की दलाली खाकर, घोटाले कर जेल पहुँचा शराब का सरगना केजरीवाल अब अपनी तुलना शहीद भगत सिंह जी से और बाबासाहब भीमराव अंबेडकर जी से करने लगा है। आखिर कोई इतना आत्ममुग्ध कैसे हो सकता है? रही बात अपने निकम्मे विधायकों को संदेश देने की तो शीशमहल में जब मिलने आए तब संदेश क्यों नहीं दे दिया? इसका मतलब स्पष्ट है पिछले 9 साल से आपके विधायक क्षेत्र में नहीं रहे और मौज-मस्ती, पॉलिटिकल टूर में बिजी रहे?”

भाजपा ने आगे लिखा, ” दिल्ली के लोगों ने देखा है कि हर साल पानी की किल्लत हो, कोरोना काल हो, दिल्ली में बाढ़ आई हो या कोई भी समस्या हो तब आपके विधायक गायब रहे? यह नौटंकी बंद कीजिए, दिल्ली की जनता अब आप की सच्चाई समझ चुकी है। रोज रोज सोशल मीडिया और मीडिया में आकर ड्रामेबाजी करने से बेहतर होगा की जनहित के काम पर ध्यान दें।”

तलाक सानिया मिर्जा को, निकाह सना जावेद से, क्या मैसेज नवल सईद को भेज रहे थे शोएब मलिक… नाम सुनते ही हँस पड़ी पाकिस्तानी अभिनेत्री

पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब मलिक पहले जहाँ अपने क्रिकेट के कारण चर्चा में होते थे तो अब वही शोएब मलिक सानिया मिर्जा से तलाक और अपने तीन निकाह के कारण चर्चा में रहते हैं। कुछ समय पहले उन्होंने पाकिस्तानी अभिनेत्री सना जावेद से निकाह किया था और अब उनका एक नई एक्स्ट्रेस से नाम जुड़ना शुरू हो गया है। एक्ट्रेस का नाम नवल सईद है।

नवल ने हाल में पाकिस्तानी यूट्यूब चैनल के ‘लाइफ ग्रीन है’ शो पर खुलासा किया था कि उन्हें कई क्रिकेटरों के मैसेज आते हैं। इस शो में वह ऐजाज असलम, नादिया खान के साथ दिखाई दी थी। यहाँ उन्होंने बातों-बातों में खुलासा किया ता कि नवल को क्रिकेटर फ्लर्टी टेक्स मैसेज भेजते हैं।

शो होस्ट द्वारा इस संबंध में कई बार सवाल पूछने पर भी नवल ने किसी क्रिकेटर का नाम नहीं लिया। इसके बाद बाकी लोगों ने खुद ही अंदाजा लगाना शुरू किया कि हो सकता है ये नसीम शाह हो। मगर, फिर नवल ने हिंट दी कि वो शादीशुदा है। इसके बाद थोड़ा और हँसी-मजाक हुआ, तब नादिया ने सीधे-सीधे शोएब मलिक का नाम ले दिया और इसे सुन नवल हँसती रहीं।

इंटरव्यू में हुई ये बातचीत 16 मिनट के स्लॉट के बाद देख सकते हैं। भले ही इसमें सीधे-सीधे नाम नहीं लिया गया है लेकिन हर किसी का अंदाजा यही है कि ये नाम शोएब मलिक का है। नवल इस तरीके से क्रिकेटरों द्वारा मैसेज किए जाने पर विरोध करती हैं।

वो कहती हैं, “हम क्रिकेटरों का बहुत सम्मान करते हैं और उन्हें उसी के अनुसार व्यवहार करना चाहिए। अभिनेताओं के मुकाबले लोग उन्हें ज्यादा अपनी प्रेरणा मानते हैं। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए।” उनके इस कमेंट के बाद अब शोएब मलिक को सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल किया जा रहा है। उन्हें गाली दी जा रही है, उन्हें रास्कल और न जाने क्या-क्या यूजर्स बोल रहे हैं। लोगों का कहना है कि लोग उन्हें हीरो मानते थे और वो किन चक्करों में पड़े हुए हैं।

बता दें कि नवल सईद पाकिस्तान की नई एक्ट्रेस हैं। उन्होंने 2018 में यकीन का सफर से अपना डेब्यू किया था। इसके बाद वो एज़ाबान, फरियाद, सितम, दिल ए वीरन, दाग ए दिल और माह ए तमाम जैसे सीरियलों में दिखाई दीं।

वायनाड में स्मृति ईरानी ने धनुष पर चढ़ाई प्रत्यंचा… SDPI के समर्थन पर कॉन्ग्रेस को घेरा, कहा- सनातन विरोधी माहौल बनाते हैं राहुल गाँधी

केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने केरल के वायनाड में राहुल गाँधी पर हमला बोला है। ईरानी ने कहा है कि राहुल गाँधी ने अपनी नामांकन रैली में मुस्लिम लीग के झंडे छुपाए हैं। ईरानी ने कॉन्ग्रेस पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन PFI की राजनीतिक शाखा SDPI का समर्थन लेने पर भी हमला बोला।

केन्द्रीय मंत्री ईरानी वायनाड से भाजपा के लोकसभा उम्मीदवार के सुरेन्द्रन के नामांकन के लिए पहुँची थी। यहाँ उन्होंने नामांकन से पहले रोड शो में हिस्सा लिया। उन्होंने लोगों से सुरेन्द्रन को वोट देने की अपील की और कॉन्ग्रेस तथा इसके उम्मीदवार राहुल गाँधी पर हमला बोला।

उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस पार्टी की नामांकन रैली में मुस्लिम लीग के झंडों का छुपाया जाना इस बात का सबूत है कि राहुल गाँधी लीग से समर्थन लेने पर शर्मिन्दा हैं। जब वो उत्तर भारत में आएँगे और मंदिर-मंदिर जाएँगे तो मुस्लिम लीग से अपने गठबंधन को छुपा पाएँगे।” मंत्री ईरानी ने कहा कि यदि वह इतने ही शर्मिन्दा हैं तो उन्हें यह समर्थन नहीं लेना चाहिए।

स्मृति ईरानी ने कॉन्ग्रेस और प्रतिबंधित आतंकी संगठन PFI की राजनीतिक विंग SDPI के गठबन्धन पर कहा कि राहुल गाँधी संविधान के प्रति अपनी शपथ को झुठला चुके हैं। उन्होंने कहा कि PFI बैन हो चुकी है फिर भी राहुल गाँधी ने चुनाव जीतने के लिए यह गठबंधन किया।

विपक्षी पार्टियों के INDI गठबंधन को लेकर स्मृति ईरानी ने कह़ा कि उनके पास नेता, नीति और नियत तीनों नहीं है। वायनाड सीट पर कॉन्ग्रेस के खिलाफ सीपीआई उम्मीदवार एनी राजा के उतारे जाने पर भी गठबंधन की एकता को लेकर स्मृति ईरानी ने प्रश्न उठाए। उन्होंने कहा कि इस गठबंधन में दिल्ली में गले मिला जाता है जबकि केरल में भीख माँगी जाती है।

राहुल गाँधी पर स्मृति ईरानी ने दक्षिण भारत में सनातन के विरुद्ध माहौल तैयार करने का आरोप भी जड़ा। उन्होंने कहा कि दक्षिण में मुस्लिम लीग का समर्थन लेने वाले राहुल गाँधी सनातन के विरुद्ध माहौल बनाते हैं, उत्तर भारत में आकर वह मंदिरों को जाने लगते हैं।

उन्होंने रोड शो में जनता को संबोधित करते हुए कहा कि अमेठी लोकसभा को गाँधी परिवार अपना परिवार बताता रहा लेकिन कोई विकास नहीं हुआ। उन्होने कहा कि अमेठी का जिला दफ्तर तब बना जब देश में मोदी सरकार आ गई। उन्होंने अमेठी में किए गए विकास कार्यों का ब्यौरा भी दिया। स्मृति ईरानी ने केरल में मारे गए आरएसएस कार्यकार्ताओं को भी याद किया। उन्होंने कहा कि केरल में भाजपा और आरएसएस का कार्यकर्ता होना मतलब मौत का सामान घर लाना होता था।

गौरतलब है कि केरल की इस बार राहुल गाँधी केरल की वायनाड लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। उनके खिलाफ भाजपा ने केरल प्रदेश अध्यक्ष के सुरेन्द्रन को उतारा है जबकि सीपीआई ने इस सीट एनी राजा को उम्मीदवार बनाया गया है। राहुल गाँधी ने इस सीट गुरुवार (3 अप्रैल, 2024) को अपना नामांकन दाखिल किया था। राहुल गाँधी को 2019 में अमेठी लोकसभा में धूल चटाने वाली स्मृति ईरानी अब वायनाड में भी उन्हें चुनौती दे रही हैं।