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दिल्ली के CM आवास में सुनीता केजरीवाल का सजा ‘दरबार’, AAP विधायकों-मंत्रियों की लगी हाजिरी: 6 महीने बाद संजय सिंह को बेल, सुप्रीम कोर्ट ने कहा – यह मिसाल नहीं

AAP नेता संजय सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है। वहीं उधर पति अरविंद केजरीवाल की अनुपस्थिति में पत्नी सुनीता केजरीवाल ने AAP (आम आदमी पार्टी) के विधायकों की बैठक बुलाई है। बता दें कि अरविंद केजरीवाल और राज्यसभा सांसद संजय सिंह, दोनों ही शराब घोटाले में जेल में हैं। पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी इसी मामले में जेल जा चुके हैं। अरविंद केजरीवाल की गैर-मौजूदगी में सुनीता को ही पार्टी व सरकार का सर्वेसर्वा माना जा रहा है।

सुनीता केजरीवाल ने बुलाई AAP विधायकों की बैठक

अरविंद केजरीवाल के जेल में जाने के बाद ये सवाल लगातार उठ रहे हैं कि दिल्ली में सरकार कैसे चलेगी। इसी बीच सुनीता केजरीवाल एक्शन में आ गई हैं। पहले उन्होंने 3 बार अपने पति वाली कुर्सी से बैठ कर मीडिया को संबोधित किया, उसके बाद रामलीला मैदान में I.N.D.I. गठबंधन की रैली में भी भाषण दिया। दिल्ली में AAP के 62 विधायक हैं। अब सभी विधायक व मंत्री सुनीता केजरीवाल से मिलने पहुँचे, जिनमें आतिशी, सौरभ भरद्वाज, कैलाश गहलोत और गोपाल राय शामिल थे। 62 में से 55 MLA इसमें पहुँचे।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास पहुँच कर सभी मंत्री-विधायकों ने सुनीता केजरीवाल से मिल कर उन्हें बताया कि वो सब उनके साथ हैं। बकौल सौरभ भारद्वाज, जेल में बंक CM और पार्टी के बीच सुनीता एक सेतु हैं। इस घटनाक्रम पर दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि AAP में सत्ता संघर्ष चल रहा है, कोई किसी पर भरोसा नहीं करता। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे जाँच आगे बढ़ रही है, AAP नेताओं के नाम सामने आते जा रहे हैं। सुनीता केजरीवाल को मुख्यमंत्री बनाए जाने की भी अटकलें हैं।

संजय सिंह को सुप्रीम कोर्ट से जमानत

वहीं मंगलवार (2 अप्रैल, 2024) को ही AAP के राजयसभा सांसद संजय सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी। ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने कहा है कि अब उन्हें कस्टडी में रखने की आवश्यकता नहीं है। जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस प्रसन्ना V वराले ने ये फैसला सुनाया। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने ASG राजू से कहा था कि वो PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के सेक्शन-45 के तहत संजय सिंह को बेल दे सकता है, ये सेक्शन कहता है कि आरोपित के दोषी प्रतीत न होने या जमानत पर बाहर होने के दौरान उसके अपराध में फिर से शामिल न होने की संभावना पर बेल दी जा सकती है।

साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कारोबारी दिनेश अरोड़ा जो इस मामले में आरोपित है और अब सरकारी गवाह बन चुका है, उसने अपने शुरुआती बयानों में संजय सिंह का नाम नहीं लिया था। संजय सिंह 4 अक्टूबर, 2023 को ED द्वारा गिरफ्तार किए गए थे। 2 दिसंबर को ट्रायल कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका ख़ारिज कर दी थी। वहीं 9 फरवरी को हाईकोर्ट ने उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया था। आरोप है कि शराब घोटाले में दिनेश अरोड़ा ने संजय सिंह के करीबी को 1 करोड़ रुपए दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने बेल देते हुए कहा कि इस केस को मिसाल न माना जाए।

पहले 4 साल के बेटे को सुनाई लोरी, फिर मारने से पहले गला दबाकर तड़पाया: ‘शातिर औरत’ के खिलाफ 642 पन्नों की चार्जशीट, जहर देने से पुलिस का इनकार

गोवा के एक होटल में 7 जनवरी 2024 को सूचना सेठ नाम की एक महिला ने अपने ही 4 वर्षीय बेटे की गला घोंट कर हत्या कर दी थी। जाँच में सामने आया था कि सूचना ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि बच्चे की शक्ल उसके पति यानी बच्चे के पिता से मिलती थी। वहीं सूचना सेठ का अपने पति से घेरलू हिंसा का केस चल रहा था। हत्या के बाद में सूचना सेठ को कर्नाटक के चित्रदुर्ग से गिरफ्तार कर लिया गया था। अब पुलिस ने इस केस की जाँच करके अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में पुलिस में मौत की वजह दम घुटना बताते हुए अरोपिता को शातिर करार दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सूचना सेठ के खिलाफ पणजी के बाल न्यायालय में दर्ज चार्जशीट 642 पेज की है। पुलिस ने कुल 59 गवाहों के बयान लिए हैं। सूचना सेठ पर IPC की धारा 302 और 201 के अलावा गोवा चिल्ड्रेन्स एक्ट 2003 के तहत कार्रवाई की गई है। चार्जशीट में बताया गया है कि मौत से पहले बच्चे को कोई भी नशा नहीं दिया गया था। मौत की वजह दम घुटना और झटके लगना बताया गया है। पुलिस ने अपनी चार्जशीट में इस बात का भी जिक्र किया है कि अरोपिता न सिर्फ शातिर दिमाग की है बल्कि उसने जाँच को कई बार भटकाने की भी कोशिश की।

चार्जशीट में पुलिस ने आगे बताया है कि जनवरी 2022 में सूचना सेठ ने अपने पति वेंकटरमन से कहा कि वो तलाक लेना चाहती है। इस बाबत सूचना ने बेंगलुरु की एक अदालत में याचिका भी दाखिल कर दी। इसी के साथ बेंगलुरु की ही अदालत में सूचना सेठ ने एक अन्य याचिका दाखिल की थी। इस याचिका में बच्चे की कस्टडी अपने पति को न दे कर अपने ही पास रखने की माँग की गई थी। बच्चे की कस्टडी वाली याचिका पर अगस्त 2022 में सूचना सेठ के पक्ष में फैसला आया था। यह फैसला एक्स-पार्टी था जो दूसरे पक्ष के हाजिर न होने पर दिया जाता है।

सूचना सेठ के पति वेंकटरमन ने इस आदेश के खिलाफ अन्य अदालत में मुकदमा लड़ा। 9 दिसंबर 2022 को एक अदालत ने सूचना सेठ के पति को हर मंगलवार और गुरुवार को शाम 7 बजे से 7:30 के बीच अपने बेटे से वीडियो कॉल पर बात करने की अनुमति दे दी। बाद में 10 अप्रैल 2023 को अदालत ने बच्चे के पिता को हर शनिवार सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक अपने बेटे से मुलाकात की भी इजाजत दे दी। हालाँकि अदालत के आदेश के बावजूद सूचना सेठ किसी न किसी बहाने से अपने पति को उसके बेटे से मिलने से रोकती रहीं।

दाखिल चार्जशीट में सूचना सेठ द्वारा काली स्याही से टिशू पेपर पर लिखा एक पुर्जा बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाया। इस पुर्जे में लिखा गया था, “बच्चा अपने पिता के पास नहीं जाना चाहता। मेरे पूर्व पति और फैमिली कोर्ट के जज मुझे धमकी दे रहे हैं कि अगर मैंने उनकी मर्जी के खिलाफ अपने बच्चे को न भेजा तो वो मुझे जेल भेज देंगे। मेरे वकील के पास मेरे बच्चे को बचाने का कोई रास्ता नहीं बचा है। मैं इसे बर्दाश्त नहीं कर सकती।” यह पुर्जा कर्नाटक में बरामद हुए ट्रॉली बैग में मिला था। इसी बैग में मृत बच्चे की लाश मिली थी।

इस पुर्जे में लिखे शब्दों को सूचना सेठ की हैंडराइटिंग से मिलान करवाने के लिए फोरेंसिक एक्सपर्ट के पास भेजा गया है। पुलिस को टिशू पेपर में लिखे इन शब्दों से हत्या के मकसद को जस्टिफाई करने में मदद मिलेगी।

बताते चलें कि सूचना सेठ और वेंकटरमन का विवाह नवम्बर 2010 में हुआ था। यह शादी कोलकाता में हुई। 14 अगस्त 2019 को इन्हे चिन्मय नाम का बेटा हुआ था। कोरोना काल में सूचना और उनके पति के रिश्ते बिगड़ गए थे। इसी के बाद अगस्त 2022 में सूचना ने वेंकट रमण के खिलाफ घरेलू हिंसा का मुकदमा दायर किया था। आए दिन खुद की पिटाई का आरोप लगाते हुए सूचना ने वेंकटरमन से हर माह ₹2.5 लाख गुजरा भत्ते की माँग की थी।

यहाँ ये भी जानना जरूरी है कि सूचना खुद एक कम्पनी की सीईओ हैं और काफी अच्छा पैसा कमाती है। सूचना अपने परिचितों से बताया करती थीं कि उन्हें अपने बेटे में वेंकटरमन का चेहरा नजर आता है। बच्चे की हत्या से कुछ समय पहले वेंकटरमन ने सूचना को कॉल कर के अपने बेटे से मिलवाने की गुहार लगाई थी। हालाँकि तब सूचना ने किसी पब्लिक प्लेस पर दोनों की मुलाकात करवाने का वादा किया था। बाद में सूचना अपने बेटे को ले कर गोवा चली गई। यहाँ वो एक होटल में रुकीं।

होटल के कमरे में ही सूचना ने बच्चे को गला दबा कर मार डाला। हत्या से पहले उन्होंने अपने बेटे को लोरी सुनाई थी। इसके बाद वो बच्चे की लाश सूटकेस में भर कर अपने साथ ले गईं। सूचना सेठ जिस गाडी से जा रहीं थी उसी के ड्राइवर ने उन्हें शक होने पर पुलिस से गिरफ्तार करवाया था। यह गिरफ्तारी कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में हुई।

‘शेख हसन तोड़ गया मेरा मंदिर, पुलिस ने मुझे ही मारा’ : संदेशखाली के बाद अब शांतिनिकेतन की पीड़िता ने साझा किया दर्द, TMC पार्षद भी शामिल

बंगाल के शांतिनिकेतन से हाल में एक हिंदू महिला की वीडियो वायरल हुई। महिला का दावा था कि टीएमसी के गुंडों ने उसके मंदिर को तोड़ दिया और उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया। महिला का नाम दुर्गा रॉय है। उसने टीएमसी के पार्षद और कुछ अन्य लोगों पर उसके साथ ज्यादती करने का आरोप लगाया।

बीरभूम जिले के बोलपुर शहर की शांतिनिकेतन निवासी दुर्गा मीडिया से कहती सुनी गईं- “तृणमूल कॉन्ग्रेस के पार्षद ने पुलिस के साथ आकर मेरा मंदिर तोड़ा और पुलिस ने (उनपर कार्रवाई करने की जगह) मुझे ही गिरफ्तार कर लिया।”

दुर्गा बताती हैं, “मैं पूरी घटना को रिकॉर्ड कर रही थी लेकिन उन्होंने मेरा फोन ले लिया और हर सबूत भी डिलीट कर दिया। बाद में पुलिस ने मुझे जेल में डाल दिया। मैं जब शाम में जेल से छूटी तो मैंने आकर देखा मेरा मंदिर पूरा तोड़ दिया गया था और उन्होंने वहाँ इस प्रकार से अवैध निर्माण भी शुरू कर दिया था कि मेरी बाउंडरी की नींव कमजोर हो जाए।”

दुर्गा रॉय ने अपनी शिकायत में टीएमसी पार्षद चंदन मंडल और शेख हसन का नाम लिया है। पीड़िता ने कहा, “टीएमसी पार्षद चंदन मंडल भी इसमें शामिल है। वो मेरे मंदिर की जमीन को कब्जाना चाहते हैं। मैंने एसपी के पास शिकायत दी, महिला आयोग में शिकायत दी लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा।”

महिला ने बताया कि मंदिर तुड़वाने में हाथ शेख हसन का है। उन्होंने पुलिस को बताया कि जमीन का मामला विचाराधीन है लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी। उनका दावा है कि जेल में बंद करके उनको बेरहमी से पीटा गया। इसके अलावा उनके साथ गाली-गलौच भी हुई।

वह कहती हैं- “मैं लगातार डर में जी रही हूँ। अनजाने लोग मेरे इलाके में आते हैं और मुझे मेरे नाम से बुलाते हैं। मैं अपने घर में कैद हो गई हूँ और बाहर पाँव भी नहीं रख पाती। मुझे न्याय चाहिए। न्यायपालिका जो भी फैसला देगी मैं उसे स्वीकारूँगी। लेकिन, पुलिस मुझे क्यों मार रही है? मैं अपने बच्चों को अकेले पाल रही हूँ।” उन्होंने कहा, “पुलिस मुझसे पूछ सकती थी कि क्या ये अवैध कब्जा है क्या या नहीं, लेकिन कोई नोटिस नहीं आया और पुलिस मेरी सुनने को भी तैयार नहीं थी।”

ईटीवी बांग्ला के अनुसार, दुर्गा कॉय ने पुलिस के सामने एक स्थानीय रसूख वाले शख्स का नाम देकर कहा था कि वो आदमी उनकी जमीन कब्जाने के प्रयास में है। उस व्यक्ति का नाम देब्रता चौधरी है जिसने इन सभी इल्जामों से अपना पल्ला झाड़ लिया है और कहा कि सारे आरोप झूठे हैं।

बता दें कि कुछ समय पहले बंगाल के संदेशखाली में तृणमूल कॉन्ग्रेस के गुंडों द्वारा प्रताड़ित लोगों ने अपनी आवाज उठाई थी। बाद में इस मामले में शेख शाहजहाँ, शिबू प्रसाद हाजरा और उत्तम सरदार जैसे लोग गिरफ्तार हुए थे।

‘मंदिर में मांस फेंकने से बेहोश हो जाते हैं हिंदू’: 3 मुस्लिम नाबालिगों ने जो वीडियो में देखा वही राजस्थान में किया, कोर्ट ने छोड़ दिया; देवस्थान की दीवारों पर चिपके मिले थे लोथड़े

राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक मंदिर के भीतर मांस के टुकड़े फेंके जाने का मामला सामने आया है। इस घटना से नाराज हिन्दू समुदाय के लोगों ने एकजुट हो कर विरोध जताया। पुलिस ने 3 नाबालिगों को हिरासत में लिया है जो कि मुस्लिम वर्ग के बताए जा रहे हैं। मांस फेंकने के पीछे तीनों आरोपितों की मंशा मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहोश करने की थी। मंदिर परिसर को धुलवा कर फिर से शुद्ध करवाया गया है। घटना 29-30 मार्च 2024 की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना जयपुर के भट्टा बस्ती इलाके की है। यहाँ बना लक्ष्मीनारायण मंदिर आसपास के हिन्दुओं की आस्था का केंद्र है। 31 मार्च की सुबह यहाँ जब श्रद्धालु दर्शन और पूजा के लिए आए तो उन्होंने मंदिर की दीवारों पर मांस के लोथड़े चिपके देखे। इस से लोगों में आक्रोश पनप गया। कुछ ही देर में मंदिर में लोगों की भीड़ जमा होने लगी। आसपास के हिन्दू संगठन के सदस्यों को पता चला तो वो मांस फेंकने वालों पर कड़ी कार्रवाई की माँग करने लगे। मंदिर के अंदर का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।

घटना की जानकारी होते ही पुलिस मौके पर पहुँची और जाँच में जुट गई। भट्टाबस्ती की रहने वाले 70 वर्षीया बुजुर्ग दमयंती ने इस घटना की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई। जाँच कर रहे पुलिस अधिकारी ने आसपास के CCTV फुटेज खँगाले। इन वीडियो में मुस्लिम समुदाय के 3 नाबालिग दिखे जिनकी उम्र 10 से 12 वर्ष के बीच बताई जा रही है। तीनों को पहचान कर के हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में तीनों नाबालिगों ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो देखी थी। इस वीडियो में दिखाया गया था कि मंदिर में मांस फेंकने की वजह से हिन्दू बेहोश हो जाते हैं।

बताया जा रहा है कि इसी वीडियो को देख कर तीनों ने असल जीवन में ऐसा करने की प्लानिंग की। अपने प्लान को अंजाम देने के लिए तीनों आरोपित मीट बेचने वाली दुकान पर गए। यहाँ उन्होंने मांस खरीदा और रात होने का इंतजार किया। जब अँधेरा हो गया तो इन तीनों ने मंदिर परिसर में मांस फेंका और भाग निकले। पुलिस ने लोगों को समझा-बुझा कर शांत करवाया। मंदिर परिसर को गंगाजल से धुलवा कर शुद्ध करवाया गया है। पूजा-पाठ फिर से चालू हो गया है। फिलहाल हालात सामान्य बताए जा रहे हैं। इस मामले में प्रशासन जरूरी कानूनी कार्रवाई कर रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने माना खराब आर्थिक हालत के लिए केरल खुद जिम्मेदार, राहत देने से किया इनकार: अब 5 जजों की संविधान पीठ सुनेगी ‘कर्ज सीलिंग’ का केस

केरल की वामपंथी सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने तगड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने कहा है कि केरल की खराब आर्थिक हालत के लिए उनका खुद का कुप्रबन्धन जिम्मेदार है। सुप्रीम कोर्ट ने अधिक उधार लेने सम्बन्धी केरल सरकार की याचिका को भी खारिज कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (1 अप्रैल, 2024) को सुनवाई करते हुए केरल सरकार को लताड़ लगाई। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने केरल सरकार द्वारा लगाई गई अंतरिम याचिका पर उसे राहत देने से मना किया। केरल सरकार ने याचिका लगाई थी कि उसे अधिक उधार लेने की अनुमति केंद्र सरकार द्वारा दी जाए। अभी केंद्र सरकार ने इस पर रोक लगा रखी है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में केरल सरकार के याचिका लगाने के बाद से उसे ₹13,608 करोड़ की सहायता मिल चुकी है।

कोर्ट ने इस दौरान कहा कि केरल की आर्थिक स्थिति उसकी सरकारों के कुप्रबन्धन के कारण बिगड़ी है। ऐसे में हम केंद्र सरकार को आपको और अधिक पैसे उधार देने को नहीं कह सकते। कोर्ट ने कहा कि यदि केरल को अधिक उधार लेने की अनुमति दी गई तो और राज्य भी पहले अपनी आर्थिक स्थिति खराब करेंगे और बाद में अधिक लाभ माँगेंगे। कोर्ट ने यह निर्णय देते हुए केंद्र द्वारा केरल सरकार के उधार लेने पर लगाई रोक को हटाने से इंकार की माँग करने वाली अंतरिम राहत की याचिका को ख़ारिज कर दिया।

कोर्ट ने इसी सुनवाई में केरल सरकार की एक और याचिका को संविधान पीठ को सौंपा। केरल सरकार ने यह याचिका केंद्र सरकार की शक्तियों को लेकर लगाई है। केरल सरकार की यह याचिका केंद्र सरकार द्वारा राज्यों की उधारी पर रोक जैसे मुद्दों को लेकर लगाई गई है। जस्टिस सूर्यकांत वाली बेंच ने इस मामले को संविधान पीठ के सामने रखते हुए इसके अंतर्गत 6 प्रश्नों के परीक्षण की बात कही है।

गौरतलब है कि अपनी खराब आर्थिक हालत का ठीकरा केरल की वामपंथी सरकार केंद्र सरकार पर फोडती रही है। केरल सरकार का कहना है कि उसकी कर्ज लेने की सीमा को केंद्र सरकार ने कम कर दिया है जिससे उसे रोजाना के खर्चों में तक दिक्कत आ रही है। उधर केंद्र सरकार का कहना है कि केरल कि सरकार ने बजट के बाहर भी बड़ी उधारियाँ ली जिसके कारण यह स्थिति आई है।

केरल सरकार की खराब आर्थिक हालत को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया था केंद्र सरकार उसे एक बार में ₹5,000 करोड़ का पैकेज दे। हालाँकि, केरल सरकार ने इसे नाकाफी बताते हुए वापस याचिका लगाई थी और कहा था कि उसे कम से कम ₹10,000 करोड़ चाहिए होंगे।

लोकसभा चुनावों के बीच सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय केरल की वामपंथी सरकार के लिए काफी कठिन साबित होने वाला है। सरकार के कई विभागों के कर्मचारियों की पेंशन और फंड सरकार के पास अटकी हुई हैं। वह इसमें फेल हो रही है। इस निर्णय के बाद केरल को अतिरिक्त पैसा भी नहीं मिलेगा। ऐसे में सरकार की किरकिरी हो रही है।

आतिशी मार्लेना, सौरभ भारद्वाज, राघव चड्ढा, दुर्गेश पाठक… दिल्ली की मंत्री ने बताया दारू घोटाले में अब किन-किन की बारी, CM केजरीवाल ने ED को बताए थे 2 मंत्रियों के नाम

शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की रिमांड खत्म होने पर 1 अप्रैल को कोर्ट में सुनवाई हुई थी। इस दौरान ईडी ने कोर्ट को बताया था कि अरविंद केजरीवाल ने पूछताछ में दो नेताओं के नाम लिए हैं जिन्हें शराब कारोबारी विजय नायर रिपोर्ट करता था। उन नेताओं के नाम- आतिशी मार्लेना हैं और सौरभ भारद्वाज। इस खुलासे के बाद आज इन दोनों आम आदमी पार्टी के नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

आतिशी मार्लेना ने मीडिया में अपनी बात रखते हुए कहा कि अभी ईडी चार और आम आदमी पार्टी के नेताओं को गिरफ्तार करेगी। इन चार में इन्होंने खुद का नाम लिया और बाकी तीन नेता जिनके नाम लिए- उनमें सौरभ भारद्वाज, दुर्गेश पाठक और राघव चड्ढा का नाम है।

ईडी के सामने अपना नाम आने के बाद आतिशी ने इसका ठीकरा भाजपा पर फोड़ा। उन्होंने कहा कि भाजपा के एक नेता ने उनके करीबी से संपर्क साधा है। उनको बोला है की आतिशी को अपना करियर बचा के रखना है तो वह जल्द भाजपा में शामिल हो जाए, अन्यथा उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा। उन्हें मालूम हुआ कि भाजपा आम आदमी पार्टी को कुचलना चाहती है। इस कड़ी में उनके साथ-साथ सौरव भारद्वाज, राघव चड्ढा और दुर्गेश पाठक को जल्दी ही गिरफ्तार किया जाएगा। उनके घरों पर भी रेड की जाएगी और फिर समन भेज कर तलब किया जाएगा। उस दौरान उन्हें गिरफ्तार करने की योजना है।

इसी तरह सौरभ भारद्वाज ने भी आतिशी मार्लेना के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि 31 मार्च को जो जोश रामलीला मैदान में दिखा उससे भाजपा के होश उड़ गए। उन्हें लगा सब कुछ किए जाने के बाद AAP आखिर खड़ी कैसे है। भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार वैसी ही हो गई है जो आवाज उठाएगा उसको जेल भेजकर डराकर शासन चलाना चाहती है।

सौरभ भारद्वाज ने मीडिया से कहा कि उन्होंने दिल्ली में रैली की तो उनके पास बड़े नेताओं के नंबर भी नहीं थे। नंबर माँग माँगकर सबको रैली में शामिल होने को कहा गया। इस रैली में इतने बड़े लोग आए इसे देख बीजेपी परेशान हो गई। उन्हें लग रहा है कि उन्होंने सब करके देख लिया, फिर भी आम आदमी पार्टी कैसे डटी है। सौरभ भारद्वाज ने कहा, “दादागिरी हो गई और खुल्लमखुल्ला गुंडगर्दी हो रही है। ये डरा धमकाकर सत्ता चला रहे हैं। यह बात मैं न भी बोलूँ तो भी जनता जानती है।”

कोर्ट में उनका और आतिशी का नाम लिए जाने पर सौरभ भारद्वाज ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो बातें फैलाई जा रही हैं कि केजरीवाल ने दो नेताओं को फँसा दिया, वो बात सीबीआई-ईडी के दस्तावेज में डेढ़ साल से हैं। अरविंद केजरीवाल की न्यायिक हिरासत के दौरान देश के एएसजी बोल रहे हैं तो क्या मकसद है? उन्होंने कहा कि भाजपा सोशल मीडिया पर ऐसे कैंपेन चलाने के लिए तैयार थी। ऐसी बातें फैलाना उनकी स्ट्रैटेजी है।

बता दें कि 1 अप्रैल 2024 को जब केजरीवाल के मामले में कोर्ट में सुनवाई हुई उस समय कोर्ट में सौरभ भारद्वाज और आतिशी मार्लेना कोर्ट में ही थे। जैसे ही इन दोनों नेताओं का नाम लिया गया वैसे ही इन्होंने एक दूसरे को देखा और सुनीता केजरीवाल की ओर भी देखा, लेकिन सुनीता केजरीवाल ने इनकी तरफ नहीं देखा। इनकी इस प्रतिक्रिया पर खूब मीडिया में खबर चली और बाद में यही देखते हुए लोग ये कहना शुरू किए कि अरविंद केजरीवाल ने अपने दो नेताओं को फँसा दिया।

‘आग लगाने वालों को चुन-चुनकर साफ करें’: उत्तराखंड से PM मोदी ने कॉन्ग्रेस के ‘शहजादे’ पर किया वार, कच्चातिवु से लेकर करतारपुर कॉरिडोर तक का किया जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (2 अप्रैल, 2024) को उत्तराखंड के रुद्रपुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस के शाही परिवार के शहज़ादे ने ऐलान किया है कि अगर देश ने तीसरी बार भाजपा सरकार को चुना तो आग लग जाएगी। पीएम मोदी ने कहा कि 10 साल सत्ता से बाहर रहने पर ये लोग देश में आग लगाने की बात कर रहे हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि ऐसे लोगों को चुन-चुन कर साफ़ कर दीजिए, इस बार इनको मैदान में नहीं रहने दीजिए।

पीएम मोदी ने कॉन्ग्रेस को आपातकाल की मानसिकता वाली पार्टी बताते हुए कहा कि उसका लोकतंत्र पर भरोसा नहीं बचा है, इसीलिए वो जनादेश के विरोध में लोगों को भड़का रही है, भारत को अस्थिरता की तरफ ले जाना चाहती है, अराजकता में झोंकना चाहती है। उन्होंने कर्नाटक के कॉन्ग्रेस नेता DK सुरेश का बयान याद दिलाया, जिन्होंने देश के टुकड़े करने की बात की। पीएम मोदी ने याद दिलाया कि कैसे उन्हें कॉन्ग्रेस ने टिकट तक दे दिया।

प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि कैसे दिवंगत जनरल विपिन रावत का भी कॉन्ग्रेस ने अपमान किया था, ऐसी पार्टी से देशभक्ति की भाषा गले नहीं उतरती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भाजपा CAA के माध्यम से माँ भारती में आस्था रखने वालों को भारत की नागरिकता देती है तो कॉन्ग्रेस को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। उन्होंने पाकिस्तान से आए गरीबों और सिख परिवारों की बात करते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस कितना भी विरोध करे, इन लोगों के पास मोदी की गारंटी है, उन्हें नागरिकता मिलेगी।

पीएम मोदी ने कहा कि गुरु नानक, गुरु गोविंद सिंह, गुरु रामराय और उदासी संतों से इस धरती का जुड़ाव है। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे गुरु नानक की पवित्र धरती हमसे छिन गई, दशकों तक हमें अपने गुरु को दूरबीन से देखना पड़ा। उन्होंने करतारपुर कॉरिडोर बनाने के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस कमजोरी न दिखाती तो हमारी सीमाओं पर नज़र डालने की किसी की हिम्मत नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस ने माँ भारत के टुकड़े किए, इसका ताज़ा उदाहरण अब सामने आया है।

पीएम मोदी ने तमिलनाडु के पास समुद्र में कच्चाथीवू द्वीप का जिक्र करते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस ने इसे श्रीलंका को दे दिया, इसके आसपास भी भारतीय मछुआरे गलती से भी चले जाते हैं तो उन्हें जेल में बंद कर दिया जाता है। पीएम मोदी ने कहा कि उत्तराखंड वीरों की भूमि है, इसीलिए इस खुलासे का जिक्र आवश्यक है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि कैसे सीमावर्ती गाँवों को भाजपा सरकार ने अंतिम की जगह देश का प्रथम गाँव माना और वहाँ तेज़ विकास किया। उन्होंने OROP (वन रैंक, वन पेंशन) वाले फैसले का जिक्र करते हुए सैनिक परिवारों को साधा।

उन्होंने बताया कि अब तक इसके तहत 1 लाख करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यहाँ एक तरफ ईमानदारी है, दूसरी तरफ भ्रष्टाचारियों और परिवारवादियों का जमावड़ा है जो उन्हें दिन-रात गाली दे रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि हम ‘भ्रष्टाचार हटाओ’ कहते हैं, वो ‘भ्रष्टाचारी बचाओ’ कह रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि वो भ्रष्टाचारियों से डरने वाले नहीं है, हर भ्रष्ट पर कार्रवाई जारी रहेगी और उनके तीसरे कार्यकाल में भ्रष्टाचार पर और तेज़ प्रहार होगा।

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार हर गरीब और मध्यम वर्ग का हक़ छीनता है और वो ऐसा होने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले 5 साल अभूतपूर्व होंगे, जहाँ देशहित में बड़े फैसले होंगे। पीएम मोदी ने कहा, “देवभूमि के ध्यान से ही मैं सदा धन्य हो जाता हूँ। है भाग्य मेरा, सौभाग्य मेरा – मैं शीश नवाता हूँ।” उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में 12 लाख घरों तक पानी पहुँचा, साढ़े 5 लाख शौचालयों का निर्माण हुआ, 5 लाख महिलाओं को ‘उज्ज्वला’ गैस कनेक्शन मिला, 3 लाख लोगों को ‘स्वामित्व योजना’ के तहत प्रॉपर्टी के कार्ड मिले, 35 लाख लोगों के बैंक खाते खुलवाए गए, छोटे किसानों को 2220 करोड़ रुपए सीधे खाते में भेजे गए।

पीएम मोदी ने कहा, “मैंने यहाँ AIIMS का सैटेलाइट सेंटर बनाने की गारंटी दी थी जो पूरी कर के दिखाई। ये दशक उत्तराखंड का दशक होने वाला है, बाबा केदार के आशीर्वाद से ये मेरे मुँह से निकला था। मेरा लक्ष्य है – 24 घंटे बिजली देने का, बिजली का बिल जीरो हो। बिजली से कमाई भी हो। इसके लिए ‘PM सूर्यघर’ मुफ्त योजना शुरू की है, इसके तहत छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए सरकार पैसा दे रही है। AC, 3-4 पंखे, एसी-फ्रिज और इलेक्ट्रिक व्हीकल की चार्जिंग में 300 यूनिट बिजली लगती है जो मुफ्त मिलेगी और जो ज़रूरत से ज्यादा होगी उसे सरकार खरीदेगी और आपकी कमाई होगी।”

सरकारी नौकरी वाले लड़के को चाय पर घर बुलाया, फिर लड़की को भेज करवाई FIR, थाने बुलाकर मंदिर में करवा दी शादी: बिहार के इस ‘पकड़ौआ विवाह’ में कई ट्विस्ट

बिहार के बेगूसराय से राजस्व विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी का पकड़ौआ विवाह करवाने का मामला सामने आया है। बताया गया है कि लड़की के घर वालों ने परीक्षा के बहाने अपनी बेटी को लड़के के पास भेजा और बाद में FIR करवा दी। दोनों को साथ में लाकर बाद में पुलिस की मौजूदगी में विवाह करवा दिया गया। लड़के के परिजनों ने इस मामले में हेराफेरी और धोखे से शादी करने के आरोप लगाए हैं।

जानकारी के अनुसार, बेगूसराय जिले के छौराही थाना क्षेत्र के रहने वाले रिंटू कुमार के घर समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के जागेश्वर प्रसाद अपनी बेटी रानी चन्द्रप्रभा का रिश्ता लेकर पहुँचे थे। रिंटू सीतामढ़ी जिले में राजस्व विभाग में तैनात हैं। रिंटू और उनके परिजनों ने रानी चन्द्रप्रभा से विवाह को मना कर दिया था।

इसके एक माह बाद रिंटू कुमार जब सीतामढ़ी से बेगूसराय लौटे तो लड़की परिजनों ने लड़की रानी चन्द्रप्रभा को अपने रिश्तेदारों के यहाँ भेज दिया। लड़की के यह रिश्तेदार उसी गाँव के निवासी हैं जहाँ रिंटू कुमार का परिवार और वह स्वयं रहते हैं। इस दौरान रिंटू कुमार को लड़की के रिश्तेदारों ने चाय पर बुलाया था। यहाँ पर लड़की ने रिंटू को चाय बना कर पिलाई।

इसके बाद रिंटू वापस अपने काम पर चले गए। कुछ दिनों बाद रिंटू को लड़की के रिश्तेदारों ने फ़ोन करके कहा कि एक लड़के का परीक्षा सेंटर उनके ही कार्यस्थल के आसपास पड़ा है इसलिए वह उसकी सहायता कर दें और अपने कमरे पर उसे रोक दें। रिंटू के घर वालों का आरोप है कि यहाँ लड़के की जगह लड़की पहुँच गई।

लड़की के रिंटू के पास पहुँचते ही उसके परिजनों ने पुलिस के पास इस मामले में FIR करवा दी और कहा कि रिंटू उनकी लड़की का अपहरण कर ले गया है। इस पर पुलिस ने रिंटू को फ़ोन किया और कहा कि उनके पास जो लड़की है, उसे लेकर तुरंत वह विभूतिपुर थाना में आ जाएँ।

पुलिस ने इसके बाद समस्तीपुर स्टेशन से रिंटू और लड़की को बरामद कर लिया और उन्हें अपने साथ थाने ले आई। यहाँ पर एक मंदिर में रिंटू और लड़की चन्द्रप्रभा की शादी करवा दी गई। यह शादी पुलिस की मौजूदगी में हुई लेकिन इसमें रिंटू के परिवार का कोई व्यक्ति शामिल नहीं था।

लड़की के परिजनों ने कहा है कि यह प्रेम विवाह था, लड़का-लड़की एक दूसरे को जानते थे। इसीलिए उनका विवाह कर दिया गया है और लड़की को रिंटू के साथ भेज दिया गया है। उधर बेगूसराय में लड़के के परिजनों ने कहा है कि लड़के को पकड़ कर जबरन पकड़ौआ विवाह करवाया गया है।

उन्होंने कहा है कि उनके बेटे के पकड़ौआ विवाह के विषय में कोई जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने इस मामले में पुलिस पर भी प्रश्न उठाए हैं। लड़के के परिजनों ने कहा है कि पकड़ौआ विवाह के बाद से उनका अपने बेटे से कोई सम्पर्क नहीं हो पा रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले दिसम्बर में वैशाली जिले से पकड़ौआ विवाह का मामला सामने आया था।

जिसने छोड़ दिया था इस्लाम, सरेआम जलाता था कुरान… रमजान के महीने में मार दिया गया उसे, नॉर्वे में मिली लाश? – कुछ कह रहे शेर, कट्टरपंथी दे रहे गाली

आपको मुस्लिमों की पवित्र पुस्तक कुरान जलाए जाने की घटना याद होगी। जिसने कुरान को जलाया था, उसके समर्थन में भी कई लोग सामने आए थे और विरोध में भी। समर्थक कह रहे थे कि साल्वान मोमिका जैसी हिम्मत रखने वाले लोग विरले ही पैदा होते हैं, वहीं विरोधी ‘सर तन से जुदा’ के नारे दे रहे थे। साल्वान मोमिका ईरान की फ़ौज के पूर्व नेता थे। बाद में वो इस्लाम के सबसे बड़े आलोचकों में से एक बन गए। अब सोशल मीडिया और मीडिया में उनकी लाश मिलने की खबरें तैर रही हैं। इस्लामी कट्टरपंथी अब भी उन्हें भला-बुरा कह रहे हैं।

साल्वान मोमिका ने इस्लाम की आलोचना करते हुए भाषण देना शुरू कर दिया था और कुरान भी जलाया था। कुरान इस्लाम में सर्वोच्च पुस्तक है और इसे आसमानी किताब भी कहा जाता है क्योंकि माना जाता है कि इसमें जो लिखा है वो अल्लाह का कथन है। जून 2023 में स्टॉकहोम में साल्वान मोमिका ने वहाँ की सबसे बड़ी मस्जिद के सामने कुरान जलाया था, जिसके वीडियो और तस्वीरें चारों तरफ वायरल हुई थीं। अब ‘रेडियो जेनोआ’ ने अपनी खबर में बताया है कि उनकी मौत हो चुकी है।

‘Radio Genova’ ने लिखा कि साल्वान मोमिका का मृत शरीर बरामद हुआ है। हालाँकि, बाद में मीडिया संस्थान ने लिखा कि जिस ‘Visegrad 24’ के आधार पर उसने ये ट्वीट किया था, उस ट्वीट को 1 मिलियन इम्प्रेशन के बावजूद डिलीट कर दिया गया है। हालाँकि, खुद ‘X’ (ट्विटर) ने उस ट्वीट ने नीचे ‘कम्युनिटी नोट’ में लिख दिया था कि इस खबर की अब तक नॉर्वे की किसी मुख्य मीडिया वेबसाइट ने पुष्टि नहीं की है, यानी ये एक अपुष्ट खबर है।

अब इस खबर की पुख्ता पुष्टि या फिर इसके नकारे जाने का इंतज़ार किया जा रहा है। फ़िलहाल सोशल मीडिया में लोग कह रहे हैं कि इस्लामी गिरोह जिस तरह से काम करता है, ये आश्चर्यजनक नहीं है। लेखक सलमान रश्दी पर अगस्त 2022 में उस पुस्तक के लिए हमला हुआ, जो उन्होंने 33 वर्ष पूर्व लिखी थी। भारत में कमलेश तिवारी की लखनऊ में हत्या की गई, उनके एक पुराने बयान के लिए। साल्वान मोमिका इराकी शरणार्थी थे और उन्होंने अपना ठिकाना स्वीडन से नॉर्वे बना लिया था, नॉर्वे की नागरिकता भी उन्हें मिल गई थी।

नोट: साल्वान की मौत की खबरें मीडिया में फैलने के 9 दिन बाद यानी 11 अप्रैल 2024 को साल्वान मोमिका ने खुद एक्स पर ट्वीट करते हुए इन खबरों को खंडन किया है। उन्होंने बताया है कि वो जिंदा हैं और ऐसी खबरें इसलिए फैलाई गई थी ताकि कोई भी इस्लाम का विरोध करने से पहले डरे।

शाहजहाँ शेख के गैंग ने रेखा पात्रा को ही नहीं किया टॉर्चर, TMC के गुंडों ने पति को भी इतना पीटा कि बंगाल छोड़ चले गए: संदेशखाली की ‘आवाज’ ने बच्चों को रिश्तेदारों के घर भेजा

बंगाल के बशीरहाट से भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार रेखा पात्रा इन दिनों खूब चर्चा में हैं। जगह-जगह उनके इंटरव्यू और बयान प्रकाशित हो रहे हैं। हाल में उन्होंने एक समाचार पत्र को बताया कि उनकी तैयारियाँ चुनाव के लिए कैसी चल रही है, कौन-कौन उनके साथ जुड़ा है और उनके यहाँ इस समय माहौल क्या है।

जनसत्ता की रिपोर्ट के अनुसार, रेखा पात्रा ने बताया है कि चुनाव में गाँव की माताएँ-बहनें उनके साथ खड़ी हैं। माहौल देखते हुए उन्होंने अपनी बेटियों को रिश्तेदार के घर भेज दिया है। वहीं उनके पति जो तृणमूल कॉन्ग्रेस के गुंडों के कारण तमिलनाडु मजदूरी करने चले गए थे वो भी प्रचार में उनकी मदद करने बंगाल लौट आए हैं, लेकिन सुरक्षा के चलते एक हफ्ते से अज्ञात स्थान पर हैं। वहीं उनका अपना घर रिश्तेदारों और भाजपा कार्यकर्ताओं से खचाखच भरा रहता है।

रेखा की बातों से लगता है कि उन्होंने शत-प्रतिशत देते हुए चुनाव प्रचार की शुरुआत कर दी है। वह अपने समर्थकों के साथ छोटे टोटो में बैठकर गाँव-गाँव के चक्कर लगाती हैं। वह बताती हैं कि इससे पहले वो अपना घर चलाने के लिए दूसरों के घर जाती थीं, तब हमेशा मन में डर रहता था। लेकिन अब गाँव-गाँव जाकर मिलने में भी उन्हें कोई डर नहीं लगता। जहाँ मंदिर मिलता है वह वहाँ रुककर प्रार्थना करती हैं और आगे बढ़ती हैं।

रेखा कहती हैं कि ये चुनाव में अगर वो खड़ी हुई हैं तो वो संदेशखाली की हर उस महिला पीड़िता का प्रतिनिधित्व कर रही हैं जिन पर सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस के गुंडो ने हमला किया। उन्होंने कहा कि संदेशखाली की महिलाएँ उनके साथ इस चुनाव में हैं, जिन्हें देख उन्हें आत्मविश्वास मिलता है।

रेखा ने बताया कि तृणमूल कॉन्ग्रेस ने सिर्फ महिलाओं को ही प्रताड़ित नहीं किया बल्कि उनके पति को भी कई बार यातना झेलनी पड़ी। टीएमसी के गुंडों ने उन्हें दो बार पीटा था जिसके बाद वो तमिलनाडु चले गए थे मगर अब दोबारा वो उनका साथ देने के लिए लौट आए हैं।

बता दें कि भाजपा की उम्मीदवार घोषित होने के बाद रेखा इस समय महिला समर्थकों के साथ संदेशखाली के चक्कर लगा रही हैं। उन्हें उम्मीद है कि संदेशखाली की पीड़िताओं की आवाज का साथ पूरा बशीरहाट देगा। पिछले दिनों पीएम मोदी ने भी उन्हें कॉल करके हिम्मत दी थी। उन्होंने रेखा पात्रा को ‘शक्ति स्वरूपा’ बताया था और कहा था कि वो बस प्रचार करें वो चुनाव में जरूर अच्छा करेंगी और उसे जीतेंगी भी। वहीं रेखा पात्रा ने भी पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया था। भाजपा प्रत्याशी कहती हैं कि जब मीडिया उनसे कोई बात पूछता है कि वो कुछ बोलें तो उनके पास शब्द तक नहीं होते, लेकिन वो फिर भी सकारात्मक हैं क्योंकि उनकी संदेशखाली की माताएँ-बहनें उनके साथ होती हैं।