Home Blog Page 1059

’50 सालों से कर रहा हूँ तमिलनाडु का दौरा, सेंगोल को दिया सम्मान’: चुनाव से पहले PM मोदी का पहला इंटरव्यू तमिल चैनल को, बोले – युवाओं को आकर्षित करते हैं अन्नामलाई

लोकसभा चुनाव 2024 से पहले पहला इंटरव्यू देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिल चैनल Thanthi TV को चुना है। रविवार (31 मार्च, 2024) को ये इंटरव्यू चैनल ने प्रसारित किया। इस इंटरव्यू में पीएम मोदी ने बताया कि वो पिछले 5 दशकों से तमिलनाडु का दौरा करते रहे हैं, राज्य के साथ उनका विशेष जुड़ाव तब हुआ जब कन्याकुमारी में ‘विवेकानंद रॉक मेमोरियल’ का निर्माण हो रहा था। प्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे जब इंदिरा गाँधी ने देश में आपातकाल लगाया था तब वो छिप कर रह रहे थे, उस दौरान वो इमरजेंसी के खिलाफ अभियानों में हिस्सा लेने तमिलनाडु जाया करते थे।

इस दौरान उन्होंने 1991 में कन्याकुमारी से श्रीनगर तक निकाली गई ‘एकता यात्रा’ का भी जिक्र किया, जिसका वो हिस्सा थे। उन्होंने याद किया कि ये वो समय था जब जम्मू कश्मीर के श्रीनगर स्थित लाल चौक पर तिरंगा झंडा जलाया जाता था। उन्होंने जानकारी दी कि उक्त यात्रा में स्वतंत्रता संग्राम के वीर बलिदानियों भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के परिजन उपस्थित थे। उन्होंने ही वो राष्ट्रीय ध्वज दिया, जिसे नरेंद्र मोदी और दिग्गज नेता मुरली मनोहर जोशी ने लाल चौक पर फहराया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वो आक्रोशित हैं, क्योंकि हमने तमिलनाडु की महान विरासत के साथ अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि भारत के पास विश्व की प्राचीनतम भाषा (तमिल) है, लेकिन हम इस पर गर्व नहीं करते। उन्होंने कहा कि इस प्राचीन विरासत की महिमा का गान पूरे विश्व में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसे तमिलनाडु के व्यंजन वैश्विक हो गए हैं, तमिल भाषा के इस्तेमाल को भी बढ़ावा मिलना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि तमिल भाषा का राजनीतिकरण न सिर्फ तमिलनाडु, बल्कि पूरे भारत के लिए हानिकारक रहा है।

पीएम मोदी ने याद किया कि बहुत कम लोगों को पता है कि स्वतंत्र भारत के पहले कुछ क्षण ‘सेंगोल‘ (चोल वंश का राजदण्ड जिसे नई लोकसभा में स्थापित किया गया) से जुड़े हैं। पीएम मोदी ने कहा कि नई संसद में ‘सेंगोल’ हमें प्रेरित करेगा, ये सिर्फ वहाँ रखा हुआ एक आभूषण नहीं है बल्कि इसे वो सम्मान मिलेगा जिसका ये हक़दार है। पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति के संबोधन के दौरान इसे पेश किया गया। पीएम मोदी ने ये भी समझाया कि ‘विकसित भारत’ का अर्थ है देश के कोने-कोने का विकास।

प्रधानमंत्री ने समझाया कि विकसित भारत के सपने को पूरे करने के लिए हमें हर राज्य का विकास करना पड़ेगा, उन्हें पूरा विश्वास है कि तमिलनाडु इसे गति देने वाला बल बनेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा और NDA का गठबंधन बहुत मजबूत गठबंधन है, समाज के भिन्न-भिन्न पॉकेट्स के ताकतों को जोड़ने वाला संगठन है। बकौल पीएम मोदी, NDA भिन्न-भिन्न आर्थिक, सामाजिक तबके के प्रतिनिधित्व करने वाले दलों का संगठन है। उन्होंने समझाते हुए कहा कि NDA एक प्रकार का ऐसा गुलदस्ता है कि समाज के हर व्यक्ति को उसमें अपना पुष्प दिखाई देता है, ये हमारी सफलता है।

पीएम मोदी ने कहा, “क्योंकि मैं एक राजनेता हूँ, इसका ये अर्थ नहीं है कि मैं हर काम चुनाव जीतने के लिए करता हूँ। तमिलनाडु की क्षमता विराट है, जिसे बर्बाद नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव जीतना ही उनका मकसद होता तो वो उत्तर-पूर्व के विकास के लिए काम नहीं करते। उन्होंने बताया कि उन्होंने नॉर्थ-ईस्ट का इतनी बार दौरा किया, जितनी बार पिछले सारे प्रधानमंत्रियों ने मिल कर भी नहीं किया। पीएम मोदी ने कहा कि तमिलनाडु के लिए हमने तब से काम किया है जब यहाँ हमारा एक पार्षद उम्मीदवार तक नहीं हुआ करता था।

तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष और पूर्व IPS अधिकारी अन्नामलाई के संबंध में प्रधानमंत्री ने कहा कि वो युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं, युवा उन्हें देख कर सोचते हैं कि अगर सत्ता और धन उनका लक्ष्य होता तो वो DMK में जाते। उन्होंने कहा कि अन्नामलाई व्यक्तिगत कारणों से भाजपा से नहीं जुड़े हैं, बल्कि राष्ट्रीय कारणों से पार्टी में आए हैं। वो तमिलनाडु और देश के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों का काम देख कर लोग भाजपा और NDA को वोट करते हैं, तमिलनाडु ने भी इस बार यही फैसला लिया है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “मेरे लिए हर काम टॉप ही होता है, मैंने हर काम को अत्यंत महत्वपूर्ण माना है, किसी काम को छोटा नहीं माना। दुनिया के छोटे से छोटे देश को भी उतना ही महत्वपूर्ण माना है, जितना बड़े देशों को। इसलिए आज विश्व में भारत की पहचान विश्वबंधु की बनी है। इलेक्टोरल बॉन्ड्स के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे लोग जल्द ही अफ़सोस करेंगे। 2014 से पहले राजनीतिक दलों को जाने वाले चंदों का कोई हिसाब-किताब नहीं था, इलेक्टोरल बॉन्ड्स के कारण हम फंडिंग के स्रोत तक पहुँच सकते हैं। कुछ भी परफेक्ट नहीं होता, लेकिन खामियों को दूर किया जा सकता है।”

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस बार देशवासियों ने ‘मिशन 400’ का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि जनता ने अपनी वोट की ताकत को पहचाना है, राजनीतिक स्थिरता के महत्व को समझा है। बकौल पीएम मोदी, यही वो वोट है जिससे गरीबों को भोजन और स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ही उत्तर प्रदेश के मेरठ में भी रैली की जहाँ उन्होंने ऐलान किया कि भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई जारी रहेगी, देश से लूटा गया एक-एक पैसा लौटाना पड़ेगा।

लालकृष्ण आडवाणी को मिला ‘भारत रत्न’ तो गिरोह ने फैलाई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अपमान की अफवाह: प्रोपेगंडा के चक्कर में भूले प्रोटोकॉल, समझें हकीकत

देश के पूर्व उप-प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी को भारत रत्न सम्मान दिया गया। उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनके आवास पर जाकर सम्मानित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे। भाजपा के वयोवृद्ध राजनेता लाल कृष्ण आडवाणी को भारत रत्न सम्मान देना वैसे ही विपक्षी पार्टियों को खल रहा था, तभी एक तस्वीर ऐसी आई, जो बिल्कुल सामान्य थी। उस पर सोशल मीडिया पर बिना वजह की हायतौबा की जाने लगी। उस तस्वीर को राष्ट्रपति के अपमान से जोड़ दिया गया। यही नहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अनुसूचित जनजाति की हैं, इसलिए इस तस्वीर को अनुसूचित जनजाति के भी अपमान से जोड़ दिया गया। वहीं, कुछ लोग इस तस्वीर के दूसरे पहलू को जाने बगैर भी इसे शेयर करने लगे। खैर, हम बताते हैं कि क्या माजरा क्या है।

राष्ट्रपति भवन की तरफ से एक्स पर पोस्ट किया गया। इस पोस्ट में लाल कृष्ण आडवाणी के योगदान के बारे में बताया गया है। वहीं, पोस्ट को 2 हिस्सों में डाला गया है। दोनों में दो-दो तस्वीरें हैं। पहली तस्वीर में राष्ट्रपति उन्हें भारत रत्न सम्मान गले में पहना रही हैं, तो दूसरी तस्वीर में किनारे खड़ी हैं। तीसरी तस्वीर में लाल कृष्ण आडवाणी गले में भारत रत्न के साथ हैं, तो चौथी तस्वीर पूरी है, जिसमें प्रोटोकॉल के तहत राष्ट्रपति की कुर्सी सबसे बड़ी है। वहाँ कालीन भी बिछी है, जबकि भारत रत्न लालकृष्ण आडवाणी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किनारे बैठे हुए हैं।

असली तस्वीर यही है, लेकिन देश में भ्रम फैलाने की कोशिश के चलते कॉन्ग्रेस से लेकर समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने सिर्फ दूसरी तस्वीर ही सोशल मीडिया पर पोस्ट की है और उसे राष्ट्रपति के अपमान से जोड़कर भ्रम फैलाने की कोशिश की है।

राष्ट्रपति भवन द्वारा साझा की गई 4 तस्वीरों में अपने फायदे की तस्वीर को शेयर करते हुए कॉन्ग्रेस ने आम जनता को भ्रमित करने की कोशिश की। ऐसा लग रहा था, जैसे कॉन्ग्रेस पार्टी को तो जैसे इसी मौके की तलाश थी। कॉन्ग्रेस ने एक्स पर लिखा, “देश की महामहिम राष्ट्रपति खड़ी हैं और PM मोदी बैठे हैं। एक बार फिर PM मोदी ने जानबूझकर आदिवासी महिला राष्ट्रपति का अपमान किया है। यह पहली बार नहीं है- जब नई संसद का उद्घाटन हुआ तब उन्हें बुलाया नहीं गया और राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में भी राष्ट्रपति जी नहीं दिखीं। यह घटनाएँ बताती हैं कि पीएम मोदी और बीजेपी की मानसिकता महिला और दलित विरोधी है।”

सपा अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा, “देश की प्रथम नागरिक मतलब महामहिम ‘राष्ट्रपति’ जी का मान-सम्मान सर्व प्रथम और सर्वोपरि होना चाहिए।

कॉन्ग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कॉन्ग्रेस का प्रोपेगेंडा फैलाने की कोशिश की। उन्होंने लिखा, “तस्वीर में खड़ी हुईं महिला इस देश की प्रथम नागरिक महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुरमू जी हैं। बैठे लोगों में वयोवृद्ध अडवाणी जी हैं, जिन्हें घर पर भारत रत्न दिया। दूसरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। यह सिर्फ़ प्रथम आदिवासी महिला राष्ट्रपति का ही अपमान नहीं, सामान्य शिष्टाचार के भी ख़िलाफ़ है। यह इज़्ज़त है आदिवासी, वंचित, शोषित समाज की? लानत है गला फाड़ कर महिला सम्मान का ढोंग करने वाली BJP, उसके असभ्य नेता, महिला मंत्रीगण, बददिमाग़ कार्यकर्ता — एक महिला राष्ट्रपति के इस अपमान से ज़रा भी आहत नहीं?”

वामपंथी मीडिया का हिस्सा आरफा खानम शेरवानी ने एक्स पर तस्वीर पोस्ट करके तंज कसा और लिखा, “भाइयों और बहनों, ये हैं भारत गणराज्य की राष्ट्रपति।”

इस तस्वीर को शेयर कर शिवसेना-यूबीटी की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी भ्रम फैलाने की कोशिश की। लेकिन राष्ट्रपति भवन और उनके प्रोटोकॉल को अच्छे से जानने वाले अशोक मलिक ने सारी तस्वीर साफ कर दी। उन्होंने प्रोटोकॉल को लेकर भी जानकारी दी और कहा कि इस पूरे मामले में कहीं से भी प्रोटोकॉल नहीं टूटा, बल्कि इसका पूरी तरह से पालन हुआ।

अशोक मलिक ने प्रियंका चतुर्वेदी के ट्वीट पर जवाब देते हुए लिखा, “यहाँ किसी राजनीतिक बहस में नहीं पड़ना चाहता, लेकिन राष्ट्रपति भवन प्रोटोकॉल में राष्ट्रपति और प्राप्तकर्ता दोनों खड़े होते हैं, जबकि उपराष्ट्रपति और प्रधान मंत्री सहित अन्य अतिथि बैठे होते हैं। यदि प्राप्तकर्ता बुजुर्ग या अस्वस्थ है तो वह बैठा रह सकता है। यह कार्यक्रम राष्ट्रपति भवन में नहीं हुआ, लेकिन जाहिर तौर पर सामान्य प्रोटोकॉल का पालन किया गया।”

बता दें कि इस साल 5 विभूषियों को भारत रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया है। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव, बिहार के पूर्व सीएम कर्पूरी ठाकुर, कृषि क्रांति के अगुवा डॉ एमएस स्वामीनाथन और पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी को भारत रत्न दिया गया है। इसमें शुरुआती चार नामों को मरणोपरांत इस सम्मान से सम्मानित किया गया। उनके परिजनों को राष्ट्रपति ने 30 मार्च 2024 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया, तो लाल कृष्ण अडवाणी को उनके घर पर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और लालकृष्ण आडवाणी के परिवार के सदस्य उपस्थित थे।

‘इस पूरे देश में आग लगने जा रही है, ये देश नहीं बचेगा’: I.N.D.I. गठबंधन की रैली में राहुल गाँधी ने दी भारत में गृह-युद्ध की धमकी, कहा – ‘मैच फिक्सिंग’ कर रही BJP

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार (31 मार्च, 2024) को अरविंद केजरीवाल की गिरफ़्तारी के विरोध में हुई रैली के दौरान कॉन्ग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने गृहयुद्ध की धमकी दे डाली। राहुल गाँधी ने देश के मौजूदा राजनीतिक हालात को IPL से जोड़ते हुए ‘मैच फिक्सिंग’ का आरोप जड़ा। उन्होंने कहा कि बेईमानी से अंपायर पर दबाव डाल कर, खिलाड़ियों को खरीद कर और कप्तान को डरा कर चुनाव जीता जाता है तो इसे ‘मैच फिक्सिंग’ कहा जाता है।

उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव 2024 के लिए अंपायर चुने नरेंद्र मोदी (चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और नियुक्ति पर) ने और मैच शुरू होने से पहले ही 2 खिलाड़ियों (दिल्ली CM अरविंद केजरीवाल और झारखंड CM हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी) को गिरफ्तार कर के जेल में डाल दिया। उन्होंने दावा किया कि मीडिया को खरीद कर भी 180 सीटें भाजपा पार नहीं करेंगी। कॉन्ग्रेस को IT नोटिस पर उन्होंने दावा किया कि पार्टी के बैंक खाते जब्त कर लिए गए हैं।

राहुल गाँधी ने आरोप लगाया कि ये सब सिर्फ नरेंद्र मोदी नहीं, हिंदुस्तान के 3-4 सबसे बड़े अरबपति मिल के कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदुस्तान के जिस संविधान ने गरीबों को भविष्य दिया और सपने देखने का हक़ दिया, उस संविधान को जनता के हाथ से छीनने के लिए ये ‘मैच फिक्सिंग’ की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस दिन ये संविधान खत्म हो गया उस दिन ये हिंदुस्तान नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि देश को पुलिस या धमकी से नहीं चलाया जा सकता है, संविधान हिंदुस्तान की जनता की आवाज़ और जनता के दिल की धड़कन है।

राहुल गाँधी ने धमकाते हुए कहा, “जिस दिन संविधान को खत्म कर दिया गया, हिंदुस्तान नहीं बचेगा। यही इनका लक्ष्य है। ये सोचते हैं कि संविधान के बिना डरा-धमका कर पुलिस, CBI, ED और आयकर विभाग के साथ देश चलाया जा सकता है। ये सोचते हैं कि मीडिया के बिना देश चलाया जा सकता है। आप मीडिया को खरीद सकते हो और पत्रकारों का मुँह दबा सकते हो, लेकिन हिंदुस्तान की जनता की आवाज़ को दुनिया की कोई ताकत नहीं दबा सकता। भाजपा सांसद ने कहा कि जैसे कि हम मैच फिक्स कर के 400 सीटें जीतेंगे, हम संविधान को बदल देंगे।”

राहुल गाँधी का दावा है कि आईडिया टेस्ट करने के लिए भाजपा सांसद ने ऐसा बोला है। उन्होंने इस चुनाव को संविधान बचाने की लड़ाई बताते हुए अखिलेश यादव के उस बयान का समर्थन किया जिसमें उन्होंने आरक्षण खत्म होने की आशंका जताई थी। राहुल गाँधी ने कहा कि किसानों-मजदूरों का धन 5-6 लोगों के हाथ में चला जाएगा। उन्होंने नोटेबंदी और GST का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे किसी को फायदा नहीं हुआ। वायनाड के सांसद ने दावा किया कि 40 वर्षों में अभी हिंदुस्तान में सबसे ज्यादा बेरोजगारी है।

उन्होंने कहा कि 22 लोगों के हाथ में जितना धन है उतना ही 70 करोड़ लोगों के हाथ में है। राहुल गाँधी का कहना है कि जाति जनगणना, किसानों को MSP और रोजगार देश के सामने सबसे बड़े मुद्दे हैं। उन्होंने जनता से कहा कि अगर आपलोगों ने पूरे दम से वोट नहीं दिया तो इनकी ‘मैच फिक्सिंग’ कामयाब हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जिस दिन ऐसा हुआ, संविधान खत्म हो जाएगा। बकौल राहुल गाँधी, उस दिन हिंद्स्तान के दिल पर एक बहुत बड़ी चोट लगेगी।

राहुल गाँधी ने कहा कि लोकसभा चुनाव 2024 कोई मामूली चुनाव नहीं है, ये संविधान को बचाने और गरीबों-किसानों-पिछड़ों-दलितों-जनजातीय समाज-गरीब सामान्य वर्ग को बचाने का चुनाव है। उन्होंने कहा कि पूरे देश को ‘मैच फिक्सिंग’ दिख रहा है, भाजपा के लोग ऐसा कह रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि एक व्यक्ति ने उनसे कहा था कि ट्रेन के सफर के दौरान साथ बैठे भाजपा कार्यकर्ताओं ने ही कहा कि कुछ न कुछ गड़बड़ है। राहुल गाँधी का कहना है कि अगर कॉन्ग्रेस के बैंक खाते बंद करने थे या 2 मुख्यमंत्रियों को गिरफ्तार करना था तो पहले करते, लेकिन चुनाव से पहले ऐसा किया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायपालिका पर दबाव डाला जा रहा है, ताकि मैच फिक्स हो और भाजपा सत्ता में रहे। उन्होंने खुद को सच बोलने वाला बताते हुए कहा, “मेरी बात अच्छी तरह सुन लो। अगर हिंदुस्तान में ‘मैच फिक्सिंग’ का चुनाव भाजपा जीते और उन्होंने संविधान को बदला तो इस पूरे देश में आग लगने जा रही है, ये देश नहीं बचेगा। ये चुनाव वोट वाला नहीं, हिंदुस्तान को बचने वाला और संविधान की रक्षा वाला चुनाव है।” राहुल गाँधी इससे पहले भी आग लगाने की धमकी दे चुके हैं।

बुजुर्ग महिला ने कहा – खाने-पीने की चीजें देंगे, युवक बोला – भीड़ का हिस्सा बनने पर मिलेंगे ₹300: I.N.D.I. गठबंधन की रैली की खुली पोल, लोगों को पता ही नहीं मुद्दा क्या

राजधानी नई दिल्ली स्थित रामलीला मैदान में रविवार (31 मार्च, 2024) को I.N.D.I. गठबंधन की रैली हुई। शराब घोटाले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ़्तारी के खिलाफ ये रैली बुलाई गई थी। जहाँ सोशल मीडिया पर रैली में बड़ी भीड़ होने के बड़े-बड़े दावे किए गए, वास्तविकता कुछ और ही नज़र आ रही है। रैली को लेकर जनता में उत्साह नज़र नहीं आया। उलटे विपक्षी गठबंधन के नेताओं के बीच ही खटास देखने को मिली। I.N.D.I. गठबंधन की कलह बाहर आ गई।

एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक बुजुर्ग महिला से पूछा कि वो कहाँ से आई हैं? महिला ने जवाब दिया कि वो शास्त्री नगर से आई हैं। काशी नाम की उक्त महिला को सिर्फ इतना पता था कि वो कॉन्ग्रेस की रैली में आई हैं, मुद्दों को लेकर उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। महिला ने बताया कि उनलोगों को लेकर आया गया है, खाने-पीने की चीजें देने की बात कर कर उन्हें लाया गया है। हालाँकि, जब महिला से पूछा गया कि क्या उन्हें पैसे देने का भी वादा किया गया है तो उन्होंने चुप्पी साध ली।

महिला को इसका कोई पता नहीं था कि ये विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहा है। इसी तरह सोनिया विहार से आए लड़के राज वर्मा का वीडियो भी सामने आया है। पत्रकार द्वारा पूछे जाने पर उक्त लड़के ने बताया कि उन्हें कहा गया था कि उन्हें यहाँ आना है और थोड़ा समय व्यतीत करता है। उन्होंने बताया कि शायद पैसे वगैरह मिलेंगे। उन्होंने इसे एक इवेंट बताते हुए कहा कि इस रैली में उन्हें सिर्फ भीड़ का हिस्सा बनना है। उन्होंने बताया कि 300 रुपए मिल सकते हैं।

बता दें कि इस रैली में पोडियम के पास अरविंद केजरीवाल का एक पोस्टर टंगा था, लेकिन ये पोस्टर कॉन्ग्रेस की आँखों में चुभ गया। कॉन्ग्रेसी नेताओं ने ऑब्जेक्शन किया, उस पोस्टर को हटाया गया, तब जाकर कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता मंच पर पहुँचे। इसी तरह TMC के डेरेक ओब्रायन और CPI(M) के सीताराम येचुरी को रैली में मंच पर साथ-साथ बिठाया गया था। हालाँकि, डेरेक ओब्रायन ने अपनी कुर्सी बदल ली और अलग बैठ गए। पश्चिम बंगाल में दोनों दल आपस में लड़ते रहते हैं।

अच्छी लड़की से शादी, नौकरी और 50000 रुपए नकद: लालच देकर 110 दलितों को धर्मांतरण के लिए चर्च ले जा रहे थे विलियम्स और मोरिस, कानपुर पुलिस ने दबोचा

उत्तर प्रदेश के कानपुर में धर्मांतरण के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। हिंदू धर्म के लगभग 110 महिला-पुरुषों को 2 बसों में भरकर उन्नाव के एक चर्च में ले जाया जा रहा था। इन लोगों को अच्छी शादी और 50,000 रुपए का झाँसा दिया गया था। धर्मांतरण सिंडिकेट से जुड़े दो लोगों- विलियम्स और दीपक मोरिस को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है।

दरअसल, जिन बसों में भरकर हिंदू महिला-पुरुषों को धर्मांतरण के लिए ले जाया जा रहा था, उसकी भनक बजरंग दल के कार्यकर्ताओं लगी। उन्होंने कानपुर के थाना नवाबगंज के बोट क्लब के पास दो बसों को रुकवा लिया और लोगों से पूछताछ करने लगे। इस दौरान कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें लालच देकर धर्मांतरण के लिए उन्नाव ले जाया जा रहा है।

इसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस को सूचना देकर बुला लिया। कहा जा रहा है कि इनमें 110 लोग सवार थे। वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्ट में लोगों की संख्या 80 बताई जा रही है। ये सारे लोग गरीब एवं कमजोर वर्ग के हैं। पुलिस ने इन्हें बस उतार लिया और धर्मांतरण सिंडिकेट से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

ACP कर्नलगंज महेश कुमार ने बताया, “बजरंग दल ने शनिवार (30 मार्च 2024) की देर रात करीब 1 बजे सूचना दी कि नवाबगंज से 2 बसों से 110 से ज्यादा लोगों को धर्मांतरण के लिए ले जाया जा रहा है। उन्नाव की एक चर्च में उनका धर्मांतरण होना है। पुलिस ने गंगा बैराज पर बैरिकेडिंग लगाकर चेकिंग शुरू कर दी। इन दोनों बसों को पुलिस ने चेकिंग में रोक लिया।”

उन्होंने बताया, “बस में सवार लोगों से पूछताछ करने पर पता चला कि इन्हें कानपुर के नवाबगंज, अर्मापुर, कोहना से लाया गया है। उन्नाव की एक चर्च में ले जाया जा रहा है। देर रात उन्नाव की चर्च में धर्मांतरण समारोह का आयोजन किया गया है।” उन्होंने बताया के ये सारे लोग कमजोर तबके के हैं। धर्मांतरण से जुड़े पूरे सिंडिकेट का खुलासा किया जाएगा।

ACP ने बताया कि इन बसों को नवाबगंज थाने लाया गया। धर्मांतरण कराने वाले बस में सवार ईसाई समाज के विलियम्स और दीपक मोरिस को अरेस्ट कर लिया गया है। विलियम्स आवास विकास कल्याणपुर में और दीपक विष्णुपुरी नवाबगंज में रहता है। इन पर उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम-2021 के तहत FIR दर्ज की है। दोनों से पूछताछ की जा रही है।

उधर, बजरंग दल के कार्यकर्ता कृष्णा तिवारी ने आरोप लगाया है कि नवाबगंज थाना प्रभारी दीनानाथ मिश्रा ने आरोपियों को थाने से छोड़ दिया। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, देर रात ईसाई समाज के लोगों ने थाने पर हंगामा किया था। हंगामा और बवाल के बाद नवाबगंज थाने की पुलिस दोनों को थाने से IPC की धारा-41 का नोटिस देकर छोड़ दिया।

दरअसल, अर्मापुर के रहने वाले संजय वाल्मीकि ने तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई है। संजय ने बताया, “मैं बिल्सी बदायूँ का रहने वाला हूँ। नोयल विलियम्स और दीपक मोरिस ने मुझको और परिवार से कहा कि अगर तुम ईसाई बन जाओ। हमारे प्रभु की पूजा करोगे तो तुम्हारी सारी परेशानियाँ दूर हो जाएँगी। इन लोगों ने मेरी पत्नी को बहका दिया है। अब वह मेरे साथ नहीं रहना चाहती है।”

संजय ने आगे कहा, “ये लोग दबाव बना रहे हैं कि अगर तुम ईसाई अपना लोगे तब तुम्हारी पत्नी और बच्चे तुम्हारे पास आएँगे। तुम्हें हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियाँ हटानी होंगी। हमारा धर्म अपनाते ही चर्च तुम्हें 40 से 50 हजार रुपए देगा। इतना ही नहीं नौकरी और इलाज के लिए भी रुपए देगा। चर्च के पादरी की ओर से जो तुम्हें होली वाटर दिया जाएगा। उसे आंखों में लगाओगे तो यीशू की नेमत बरसेगी।”

हिन्दू महिला ने जिस आसिब और मुस्तकीम से कराया दीवारों का प्लास्टर, उन्हीं ने घर में घुस कर बेटे के सामने ही किया बलात्कार: ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ का लगा चुका है नारा

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक हिन्दू महिला से घर में घुस कर रेप का मामला सामने आया है। पीड़िता का रेप उसके बेटे के सामने ही किया गया है। इस मामले में आसिब और मुस्तकीम के नामजद शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने आसिब को गिरफ्तार कर लिया है। घटना शुक्रवार (29 मार्च, 2024) की है। मुस्तकीम पर बरेली जिले में ही साल 2022 में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ ‘के गाने बजाने की भी FIR दर्ज हुई थी।

यह घटना बरेली के थाना क्षेत्र भुता की है। यहाँ की रहने वाली एक पीड़िता ने 30 मार्च को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में पीड़िता ने बताया कि लगभग 8-9 माह पहले अरिब और मुस्तकीम ने उनके घर में मिस्त्री के तौर पर प्लास्टर किया था। तब से दोनों पीड़िता के घर आने-जाने लगे थे। 29 मार्च की आधी रात उनके घर में आसिब और मुस्तकीम घुस गए थे। इसमें से मुस्तकीम ने पीड़िता से बलात्कार किया। जब घर में मौजूद पीड़िता के बेटे ने इसका विरोध किया तो दोनों आरोपितों ने मिल कर उसकी पिटाई कर दी।

महिला के रेप और उसके बेटे की पिटाई से उठे शोरगुल को सुन कर आसपास के लोग जमा होने लगे। जमावड़े को देख कर दोनों आरोपित पीड़िता और उसके बेटे को जान से मारने की धमकी देते हुए भागने की कोशिश करने लगे। 31 मार्च को पुलिस ने आसिब को गिरफ्तार कर लिया। मुस्तकीम फरार चल रहा है जिसकी तलाश में दबिश दी जा रही है। इन आरोपितों पर पुलिस ने IPC की धारा 452, 376, 323 व 506 के तहत कार्रवाई की है। मामले की जाँच जारी है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगा चुका है मुस्तकीम

महिला के साथ हुए रेप मामले में फरार चल रहा मुस्तकीम पूर्व में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है। मुस्तकीम के खिलाफ 13 अप्रैल, 2022 को बरेली के विहिप नेता हिमांशु पटेल ने भुता थाने में ही शिकायत दर्ज करवाई थी। तब हिमांशु ने बताया था कि मुस्तकीम के अब्बा ईसा की परचून की दुकान पर एक म्यूजिक सिस्टम में पाकिस्तान जिंदाबाद वाला गाना बज रहा था।

ऐसा करने से मना करने पर तब मुस्तकीम ने अपने साथी नहीम के साथ पाकिस्तान जिंदाबाद चिल्ला कर बोला था, “जो करना है वो कर लो।” तब पुलिस ने मुस्तकीम और नहीम पर IPC की धारा 153- A, 504 और 506 के तहत FIR दर्ज की थी।

‘4 हिंदू बेटियों का मुस्लिम लड़कों से करवा चुका निकाह’ : सोहेल अंसारी को लेकर बाबा बागेश्वर का दावा, ‘अश्लील वीडियोज’ वाले योगा टीचर ने गिड़गिड़ाकर माफी माँगी

योग के नाम पर लड़कियों के साथ अश्लील वीडियो बनाने वाले सोहेल अंसारी की हरकत अब हर जगह वायरल है। सवाल किया जा रहा है कि आखिर सोहेल कैसा योग सिखाता है जिसे लोगों को देखकर प्रेरणा मिलने की जगह उससे घृणा होने लगी है। अब इसी सोहेल अंसारी की वीडियो पर बागेश्वर धाम वाले पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भी प्रतिक्रिया दी है। उनकी प्रतिक्रिया की वीडियो भी जमकर शेयर हो रही है। अपनी वीडियो में उन्होंने सोहेल अंसारी को लेकर एक चौंकाने वाला दावा भी किया है।

उन्होंने कहा कि एक योग करने वाला है उसका नाम सोहेल है। वो हिंदू बेटियों के साथ योग करके वीडियो बनाता है। और ऐसा कर करके उसने 4 हिंदू बेटियों का निकाह मुस्लिमों से करवा दिया है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री कहते हैं- “इतनी गंदी राजनीति है इन धर्म विरोधियों की इन आस्तीन के साँपों की। वो योग के जरिए युवा लड़कियों को फँसाता है मुस्लिमों के लड़कों से चक्कर चलवाता है।” पंडित धीरेंद्र शास्त्री ऐसी हरकत पर कहते हैं- “जब भारत में ऐसी चीजें होती हैं तो मेरा खून खौल जाता है।”

गौरतलब है कि बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री की इस वीडियो के अलावा इस मामले में जागरूरता फैलाने के लिए सोहेल अंसारी के मुद्दे से जुड़ी एक वीडियो बागेश्वर धाम सरकार के आधिकारिक अकॉउंट से भी शेयर की गई है।

इसमें कहा गया था कि दिल्ली के लोधी गार्डन में योगा की नहीं बल्कि अश्लीलता की क्लासेस चलाता है। दो दिन पहले हमने एक वीडियो जारी कर अपील की थी कि ये योगा क्लासेस बंद होनी चाहिए। इसके बाद सोहेल ने माफी माँगी है।

बता दें कि सोहेल अंसारी अपने आपको योग टीचर बताता है और ऐसी वीडियोज इंस्टाग्राम पर डालता है। शुरू में ऐसी वीडियोज के चलते उसके फॉलोवर्स भी बढ़े लेकिन बाद में हिंदू कार्यकर्ताओं तक जब ये वीडियो पहुँची तो उन्होंने इसका विरोध किया।

नतीजा ये हुआ कि सोहेल अंसारी को अपनी हरकतों की माफी माँगनी पड़ी। उसने अपने इंस्टा पर एक वीडियो को पोस्ट करते हुए बताया कि वो एक एडवांस योगा टीचर हैं और 2010 में कॉमन वेल्थ गेम में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुका है।

सोहेल ने अपने बारे में जानकारी देते हुए कहा कि वो पिछले 15 साल से योग सिखा रहा है और उसके पास बच्चे एडवांस योगा सीखने आते हैं। उसने सफाई देते हुए कहा, “मैं कोशिश करता हूँ कि योग के माध्यम से सबका भला हो। किसी की भावानाओं को आहत पहुँचाने की इरादा नहीं रखता हूँ। योग सीखाने के दौरान न तो मैं जाति देखता हूँ और न ही धर्म देखता हूँ। मैं लड़का लड़की में भी फर्क नहीं करता, क्योंकि मैं एक शिक्षक हूँ और शिक्षक भेदभाव नहीं करता है। मैं एक कुम्हार की तरह घड़े को आकार देता हूँ। मेरे पास एडवांस योगा सीखने ही लोग आते हैं और अधिकतर सभी शिक्षक ही होते हैं। लेकिन मुझे काफी दुख हुआ, क्योंकि मेरे कुछ वीडियो से लोगों की भावनाएँ आहत हुई है। जबकि मेरा ऐसा कोई भी इरादा नहीं था। दुख हुआ कि किसी की भावना को मेरे वीडियो की वजह से आहत हुई। अगर आपको किसी वीडियो से आपत्ति है तो मुझे बताएँ मैं वो वीडियो हटा दूँगा। मैं आपसे माफी माँगता हूँ।”

मंच पर से हटाया गया अरविंद केजरीवाल का पोस्टर, तब I.N.D.I. गठबंधन की रैली में पहुँचे कॉन्ग्रेस नेता: विपक्षी एकता में साफ़ दिखी दरार

दिल्ली में इंडी गठबंधन की रैली हुई। इस रैली में पोडियम के पास अरविंद केजरीवाल का एक पोस्टर टंगा था, लेकिन ये पोस्टर कॉन्ग्रेस की आँखों में चुभ गया। कॉन्ग्रेसी नेताओं ने ऑब्जेक्शन किया, उस पोस्टर को हटाया गया, तब जाकर कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता मंच पर पहुँचे। कॉन्ग्रेस ने साफ कहा कि ये रैली किसी एक व्यक्ति के समर्थन या गिरफ्तारी के विरोध में नहीं, बल्कि इंडी गठबंधन के सभी दलों की तरफ से की गई है, ऐसे में हरेक जगह सिर्फ अरविंद केजरीवाल का चेहरा रखना ठीक नहीं। हालाँकि कार्यक्रम के दौरान बड़े बोर्ड पर पीछे की तरफ सभी दलों के नेताओं की तस्वीरें बारी-बारी से फ्लैश होती रही।

भगत सिंह से तुलना नहीं आई पसंद?

आपको बता दें कि अरविंद केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी केजरीवाल की तुलना भगत सिंह से करते रहते हैं। अभी दो दिन पहले भी अरविंद केजरीवाल को भगत सिंह का शिष्य बताते हुए एक ऑनलाइन कैंपेन चलाया गया था।

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, मंच के पोडियम पर अरविंद केजरीवाल की जो तस्वीर लगी थी, उसमें अरविंद केजरीवाल सलाखों के पीछे दिख रहे थे। ऐसे में इस तस्वीर पर लगातार सबकी निगाहें होती। यही वजह है कि कॉन्ग्रेस ने पहले ये तय कर लिया कि जब अरविंद केजरीवाल की तस्वीर हटा दी गई हो, इसके बाद ही कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता मंच पर कदम रखेंगे। वहीं, दूसरे दलों के नेताओं ने कॉन्ग्रेस जैसा कोई कदम नहीं उठाया।

कांग्रेस पहले भी इस बात पर जोर दे चुकी थी कि यह एक व्यक्ति केंद्रित रैली नहीं है। शनिवार (30 मार्च 2024) को ही कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा था, ‘यह किसी व्यक्ति विशेष पर केंद्रित रैली नहीं है। इसीलिए इसे ‘लोकतंत्र बचाओ’ रैली कहा जा रहा है। उनकी इस टिप्पणी को इसलिए भी अहम माना गया क्योंकि आम आदमी पार्टी (आप) के नेता इस रैली को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किए जाने के विरोध में आयोजित रैली के रूप में पेश कर रही है। हालाँकि एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि कॉन्ग्रेस पार्टी ने अरविंद केजरीवाल का पोस्टर हटाकर ये साफ कर दिया है कि वो ही इस गठबंधन में सबसे ताकतवर है

पिछले साल अरविंद केजरीवाल ने काटा था बवाल

बता दें कि इंडी एलायंस की मुंबई रैली के समय अरविंद केजरीवाल का चेहरा पोस्टर पर न होने से बवाल बढ़ गया था, लेकिन बाद में राहुल गाँधी की जगह अरविंद केजरीवाल की तस्वीर लगाई गई थी। वहीं सोनिया गाँधी का चेहरा पोस्टर पर मौजूद था। ये मामला 31 अगस्त और 1 सितंबर को मुंबई में इंडी गठबंधन की बैठक के दौरान का है। तब नीतीश कुमार, ममता बनर्जी और जयंत चौधरी जैसे लोग इंडी गठबंधन के साथ थे।

इस दौरान एक पोस्टर 30 अगस्त को जारी किया गया था, जिसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का चेहरा नहीं था। इसको लेकर आम आदमी पार्टी ने आपत्ति जताई थी, तो उस पोस्ट को डिलीट करके दूसरा पोस्टर जारी किया गया था। इस नए पोस्टर में राहुल गाँधी की जगह अरविंद केजरीवाल के चेहरे को जगह दी गई थी। इस बार मौका मिला, तो कॉन्ग्रेस ने पोडियम से अरविंद केजरीवाल को हटाने में बिल्कुल भी देरी नहीं की।

‘भ्रष्टाचारी चाहे कितना भी बड़ा हो, कार्रवाई ज़रूर होगी’: मेरठ में गरजे PM, कहा – कान खोल कर सुन लें देश को लूटने वाले, मोदी रुकने वाला नहीं है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (31 मार्च 2024) को उत्तर प्रदेश के मेरठ चुनावी शंखनाद कर दिया। मेरठ लोकसभा सीट भाजपा ने प्रत्याशी के रूप में भगवान राम का अविस्मरणीय किरदार निभाने वाले अरुण गोविल को मैदान में उतारा है। यहाँ पीएम मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। पीएम मोदी ने मेेरठ से अपना खास रिश्ता बताया।

लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने राम मंदिर, धारा 370 और तीन तलाक के खात्मे का जिक्र किया। इसके साथ ही भ्रष्टाचार पर नकेल, महिला सशक्तिकरण और भारत के विकास की बात जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि अब भारत का समय आ गया है, भारत अब चल पड़ा है। 2024 का जनादेश भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनाएगा।

पीएम मोदी ने कहा, “हमारी सरकार तीसरे कार्यकाल की तैयारी में अभी से जुट गई है। हम आने वाले पाँच साल का रोडमैप बना रहे हैं। पहले 100 दिनों में हमें कौन-कौन से बड़े फैसले लेने हैं, इस पर तेजी से काम चल रहा है। बीते 10 वर्षों में तो आपने विकास का ट्रेलर ही देखा है, अभी तो हमें देश को बहुत आगे लेकर जाना है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत में तेजी से आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहा है। आज भारत इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर अभूतपूर्व निवेश कर रहा है। आज हर सेक्टर में नौजवानों के लिए नए अवसर बन रहे हैं। आज देश की नारीशक्ति, नए संकल्पों के साथ आगे आ रही है। आज भारत की साख नई ऊंचाई पर है, पूरी दुनिया भारत को भरोसे से देख रही है।

गरीबी को खत्म करने में सरकार द्वारा किए गए प्रयासों को लेकर पीएम मोदी ने कहा, “ये मोदी गरीबी से तप कर आज यहाँ पहुँचा है। इसलिए हर गरीब का दुख, हर गरीब की पीड़ा, हर गरीब की तकलीफ मोदी भली-भाँति समझता है। इसलिए मैंने गरीब की हर चिंता को दूर करने के लिए योजनाएँ बनाईं। हमने गरीब को सिर्फ सशक्त ही नहीं किया है, बल्कि हमने गरीब को उसका स्वाभिमान लौटाया है।”

भ्रष्टाचार के विरुद्ध सरकार की लड़ाई को रेखांकित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मैं अपने देश को भ्रष्टाचारियों से बचाने के लिए एक बहुत बड़ी लड़ाई लड़ रहा हूँ। इसलिए बड़े-बड़े भ्रष्टाचारी आज सलाखों के पीछे हैं। सुप्रीम कोर्ट से भी जमानत नहीं मिल रही है।” INDI गठबंधन पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, “वे सोच सकते हैं कि वे मोदी को डरा देंगे, लेकिन मेरे लिए, ‘मेरा भारत ही मेरा परिवार है’!”

‘मोदी की गारंटी’ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “भ्रष्टाचारी कान खोलकर सुन लें, मोदी पर चाहे जितने भी हमले करो, ये मोदी है, रुकने वाला नहीं है। भ्रष्टाचारी चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, एक्शन होगा और जरूर होगा। जिसने देश को लूटा है, उसे लौटाना ही पड़ेगा। ये मोदी की गारंटी है।” 

तीन तलाक और धारा 370 को खत्म करने को लेकर पीएम मोदी ने कहा, “तीन तलाक का कानून लोगों को असंभव सा लगता था। अब न सिर्फ यह कानून बन चुका है, बल्कि यह हजारों मुस्लिम बहनों की जिंदगी बचा रहा है। जम्मू-कश्मीर में धारा 370 कभी हटेगा यह भी असंभव लगता था, लेकिन आर्टिकल 370 भी जाता रहा। अब वहाँ तेजी से विकास हो रहा है। आज लोग बीजेपी के 370 सीटों का आशीर्वाद भी दे रहे हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बनेगा ये लोगों को मुश्किल लगता था, लेकिन राम मंदिर बना और इस बार अवध में रामलला ने भी खूब होली खेली। चौधरी चरणसिंह को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मेरठ से मेरा खास रिश्ता है। पिछली बार भी औघड़नाथ की इसी धरती से रैली का आगाज करने का सौभाग्य मिला।”

पीएम मोदी से पहले जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “पीएम मोदी ने हमें एक नए भारत का दर्शन कराया है। ये हमारा सौभाग्य है कि उन्होंने चुनाव प्रचार के लिए मेरठ की भूमि को चुना है। मेरठ को इतनी सारी सौगातें दी हैं। रैपिड रेल हो या रोड की कनेक्टिविटी हो। चाहे वह स्पोर्ट्स यूनिवर्सिर्टी हो या फिर ओडीओपी हो। हर दिशा में अभूतपूर्व कार्य हुआ है।”

सुनीता ने अरविंद केजरीवाल को कर दिया ‘शहीद, खड़गे ने राहुल गाँधी के कर डाले ‘टुकड़े-टुकड़े’: फनी वीडियोज का सोर्स बनी I.N.D.I. गठबंधन की रैली

विपक्षी दलों का INDI गठबंधन आज दिल्ली में अपनी रैली कर रहा है। इस दौरान कई नेताओं के बयान सोशल मीडिया पर वायरल हैं। इन्हीं वायरल क्लिप में दो क्लिप सबसे ज्यादा शेयर हो रही है। एक है मल्लिकार्जुन खड़गे की और दूसरी है सुनीता केजरीवाल की।

सुनीता केजरीवाल इस रैली में अरविंद केजरीवाल की जगह शामिल हुईं। उन्होंने भाषण में केजरीवाल के वादे और इरादे बताते हुए कहा- जिस बहादुर और साहस के लिए वो लड़ रहे हैं, उसे देख मुझे कई बार लगता है कि आजादी की लड़ाई में वो स्वतंत्रता सेनानी थे, जो देश के लिए लड़ते-लड़ते शहीद हो गए। इस जन्म में भी शायद केजरीवाल जी को भारत माँ के संघर्ष के लिए भेजा है।

सुनीता केजरीवाल द्वारा कही गई इस लाइन को सुनने के बाद नेटिजन्स कह रहे हैं कि ऐसी स्क्रिप्ट तो बॉलीवुड वाले भी नहीं लिख सकते हैं। पहले मुगलों से लड़ाई की होगी केजरीवाल ने और फिर आजादी के समय अवतार ले लिया। फिर शहीद हुए तो अब आखिर में दारू घोटाला करने लगे।

इसी तरह मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी अपने भाषण को वजनदार बनाने के लिए गाँधी परिवार का बखान शुरू किया। लेकिन बातों बातों में वो यही भूल गए उन्हें कहना क्या है। उन्होंने भाषण में ये कह दिया कि राहुल गाँधी देश के लिए शहीद हुए थे। उनके टुकड़े-टुकड़े हो गए थे।

जाहिर है वो यहाँ राजीव गाँधी की ही बात कर रहे थे लेकिन उनके मुँह से राहुल गाँधी का नाम निकला और उन्होंने इस गलती को सुधारा भी नहीं। अब उनकी यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

खड़गे कहते हैं- “हमने तो देश को आजादी दिलाने के लिए लड़ाई लड़ी, खून बहाया। देश में एकता रखने के लिए इंदिरा गाँधी ने अपनी जान ली, राहुल गाँधी ने अपनी जान दी, उनके शरीर के टुकड़े-टुकड़े हो गए। उसी तरह इंदिरा गाँधी देश को एक रखने के लिए 32 गोलियाँ खाईं।”

खड़गे की इस क्लिप को सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है। लोग कह रहे हैं कि समझ नहीं आता कॉन्ग्रेस नेता ऐसी उलटी सीधी बातें जान बूझकर बोलते हैं या गलती से। एक यूजर कहता है- भौजी ने घुंघरू सेठ को शहीद बता दिया और इन्होंने पप्पू को। गजब बकैती कर रहे हैं।