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‘मुझे हिजाब उतारने के लिए कहा, पीटा’: टीचर पर मुस्लिम छात्रा का आरोप निकला झूठा, पीड़ित के पक्ष में खड़े हुए फ्रांस के PM; लड़की पर होगा केस

फ्रांस की सरकार एक मुस्लिम छात्रा पर मुकदमा दायर करने जा रही है। मुस्लिम बालिका ने अपने प्रिंसिपल पर झूठा आरोप लगाया था। उसने आरोप लगाया था कि स्कूल के भीतर हिजाब उतारने को लेकर प्रिंसिपल ने उसे पीटा। इसको लेकर प्रिंसिपल को नौकरी तक छोड़नी पड़ी और उसे अब लगातार जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं।

जानकारी के अनुसार, फ्रांस के पेरिस में स्थित एक स्कूल में 28 फरवरी, 2024 को तीन मुस्लिम छात्राएँ हिजाब पहन कर पहुँची थी। यहाँ उनसे स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा कि वह हिजाब उतार दें क्योंकि यह नियम के विरुद्ध हैं। इनमें से दो छात्राओं ने हिजाब उतार दिया। तीसरी छात्रा ने हिजाब उतारने से मना कर दिया।

उसने प्रिंसिपल से बहस करनी चालू कर दी और हिजाब नहीं उतारा। इस दौरान उसने प्रिंसिपल को धमकाया भी। इसके बाद उसने प्रिंसिपल पर झूठा आरोप मढ़ दिया कि हिजाब ना उतारने को लेकर उसे मारा पीटा गया। मुस्लिम छात्रा ने आरोप लगाया कि उसे प्रिंसिपल ने हाथ पर काफी तेज मारा। इस मामले में छात्रा ने प्रिंसिपल के खिलाफ झूठी शिकायत भी दर्ज की। इस मामले को उसने काफी उठाया।

इसके बाद प्रिंसिपल का जीना मुहाल हो गया। उसे काफी धमकियाँ मिलने लगीं। प्रिंसिपल को जान से मारने को लेकर फ़ोन आए। उसे सोशल मीडिया पर भी मारने की धमकियाँ दी गई। इसके बाद प्रिंसिपल को स्कूल से नौकरी छोडनी पड़ी। प्रिंसिपल ने एक ईमेल भेज कर इस मामले के बाद स्कूल से इस्तीफ़ा दे दिया।

जब इस मामले में की जाँच करवाई गई तो पता चला कि मारपीट की कोई घटना नहीं हुई थी। जाँच में सामने आया कि मुस्लिम छात्रा हिजाब पहनने को लेकर जिद कर रही थी। फ्रांस में स्कूलों में हिजाब या बुर्का जैसे धार्मिक परिधान पहनने पर प्रतिबंध है। प्रिंसिपल केवल नियम का पालन करवा रहे थे। इसको लेकर मुस्लिम छात्रा ने हौव्वा खड़ा किया और मामले को झूठी तरीके से फैला कर प्रिंसिपल की जान को खतरे में डाल दिया।

मामले के झूठे पाए जाने के बाद फ़्रांस की सरकार ने निर्णय लिया कि वह छात्रा के खिलाफ मामला दायर करेगी। फ्रांस के प्रधानमंत्री जिब्राइल अट्टल ने कहा, “मैंने निर्णय लिया है कि फ्रांस उस छात्रा के खिलाफ झूठी शिकायत के चलते मामला दर्ज करवाया जाएगा। उसने मौरिस-रावेल हाई स्कूल के प्रिंसिपल को धमकी दी थी। यह एक साफ सन्देश है किहम हमेशा अपने शिक्षकों और हमारे स्कूल को बनाने वालों के साथ खड़े रहेंगे। हम किसी को नहीं छोड़ेंगे।”

गौरलतब है कि इससे पहले इस्लामी आतंकी दो शिक्षकों की फ्रांस में हत्या कर चुके हैं। अक्टूबर 2020 में फ्रांस में एक शिक्षक का एक 18 वर्षीय मुस्लिम आतंकी ने चाकू से सर तन से जुदा कर दिया था। इस शिक्षक का नाम सैमुअल पैटी था। पैटी पर एक 13 वर्षीय मुस्लिम छात्रा ने आरोप लगाया था कि उन्होंने अपनी क्लास में पैगम्बर मुहम्मद का एक कार्टून दिखाया। बाद में यह बात पूरी तरीके से झूठी साबित हुई। मुस्लिम लड़की ने स्वीकार किया कि उसने अपने अब्बा के गुस्से से बचने को यह झूठ फैलाया।

अक्टूबर 2023 में भी फ़्रांस में एक शिक्षक की हत्या एक मुस्लिम हत्यारे ने कर दी थी। मृतक शिक्षक का नाम डोमिनिक बर्नार्ड था। डोमिनिक की उनके स्कूल के बाहर ही चाकू मार कर हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या अर्रास में गैम्बेटा-कार्नोट स्कूल के बाहर हुई थी। इसके बाद फ्रांस में सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ गईं थी।

ANI के जिस पत्रकार पर PTI ने लगाया अपनी महिला रिपोर्टर को पीटने का आरोप, उसके चेहरे पर गहरा घाव: सूत्रों ने बताया – पहले महिला ने ही माइक से मारा

समाचार एजेंसी PTI (प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया) ने गुरुवार (28 मार्च, 2024) को एक वीडियो ट्वीट किया। साथ ही आरोप लगाया कि कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के उप-मुख्यमंत्री DK शिवकुमार की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ANI (एशिया न्यूज़ इंटरनेशनल) के एक पत्रकार ने PTI की महिला पत्रकार के साथ मारपीट की। PTI ने इसे घिनौना व्यवहार बताते हुए कहा कि उसकी युवा महिला रिपोर्टर को ANI के पत्रकार ने न सिर्फ पीटा, बल्कि सेक्सुअल टिप्पणियाँ भी की।

PTI ने साथ ही सवाल भी पूछा कि क्या ANI की मुखिया स्मिता प्रकाश और उनकी समाचार एजेंसी इस तरह की करतूत को ऐसे ही जाने देंगी? PTI ने कहा कि उसके सभी कर्मचारी आक्रोशित हैं और इस हिंसा की कड़ी निंदा करते हैं। PTI ने कहा कि वो अपने पत्रकारों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगा। समाचार एजेंसी ने कहा कि पीड़िता सदमे में हैं। FIR दर्ज करने के साथ-साथ राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) में शिकायत दिए जाने की बात भी बताई गई है।

ऑपइंडिया ने इस घटना को लेकर ANI प्रमुख स्मिता प्रकाश से बात की है। उन्होंने कहा कि चूँकि PTI ने पुलिस और NCW तक मामला ले जाने का फैसला लिया है, जाँच एजेंसियों के लिए ही ये उपयुक्त होगा कि वो जाँच कर पता लगाएँ कि क्या हुआ है। सूत्रों ने ऑपइंडिया से संपर्क कर के आरोपित ANI पत्रकार की 2 तस्वीरें भी भेजी हैं। इसमें से एक तस्वीर में पत्रकार के चेहरे के निचले हिस्से में एक गहरा घाव भी दिख रहा है। ऐसा लगता है जैसे किसी धारदार या नुकीली चीज से हमला किया गया हो।

आरोपित पत्रकार के चेहरे पर भी घाव

सूत्रों ने दावा किया कि सबसे पहले ANI के पत्रकारों पर ही PTI की महिला रिपोर्टर द्वारा माइक से वार किया गया, जिसके बाद ये मामला बढ़ गया। ANI और PTI, दोनों ही खबरों की दुनिया में प्रतिद्वंद्वी हैं। PTI का अधिकतर कामकाज सरकारी ठेकों से चलता था, लेकिन हाल ही में प्रसार भारती ने PTI से करार रद्द कर के ये काम ‘हिन्दुस्थान समाचार’ को दे दिया था। इसके बाद जम कर बवाल किया गया था। वहीं ANI की बात करें तो ALTNews का संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर अक्सर समाचार एजेंसी और इसकी मुखिया स्मिता प्रकाश को निशाना बनाता रहता है।

‘गर्दन पर चाकू रख अल्लाह-हू-अकबर बुलवाया, ₹50000 लूट लिए’: गुरुग्राम में 4 बदमाशों ने शाकाहारी हिन्दू युवक को बाँध कर किया कैद, कहा – मेवात ले चल, बड़े का गोश्त खिलाएँगे

हरियाणा के गुरुग्राम में एक हिन्दू युवक का अपहरण कर के उस से जबरन ‘अल्लाह-हू-अकबर’ बुलवाने का आरोप सामने आया है। कार सवार 4 लोगों ने पीड़ित की गर्दन पर चाकू रख दिया था। इस दौरान 50,000 रुपयों के अलावा कुछ अन्य सामान भी लूट लिए गए। 5 घंटों बाद आरोपितों ने पीड़ित को एक सुनसान जगह उतार दिया। पुलिस ने बुधवार (27 मार्च, 2024) को इस मामले में FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। CCTV फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़ित ने बताया कि अपहरणकर्ता उसे मेवात ले जाने की बात कर रहे थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना गुरुग्राम के सेक्टर 17/18 थाना क्षेत्र की है। यहाँ मूल रूप से औरैया के निवासी आदर्श त्रिवेदी ने बुधवार की रात पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में उन्होंने बताया कि गुरुग्राम के सेक्टर 18 में स्थित एक प्राइवेट कम्पनी के स्टाफ हैं। 23 मार्च को वो सुबह 5 बजे होली में अपने घर जाने के लिए सामान आदि ले कर घर के लिए निकले थे। आदर्श दिल्ली के आनंद विहार के लिए इफ्को चौक पर सवारी का इंतजार कर रहे थे। तभी वहाँ एक कैब आई जिसमें ड्राइवर सहित 4 लोग मौजूद थे।

कैब के ड्राइवर ने आनंद विहार जाने के लिए 100 रुपया किराया बताया। आदर्श उसमें बैठ गए। दिल्ली की तरफ थोड़ी देर चलने के बाद कैब ड्राइवर ने अचानक ही अपनी गाड़ी को यू-टर्न दे दिया। इस हरकत की वजह पूछने पर कैब में सवार अन्य 3 लोगों ने आदर्श से मारपीट शुरू कर दी। सभी ने मिल कर एक रस्सी से पीड़ित को बाँध दिया और सीट के बीच में डाल दिया। आदर्श के जेब की तलाशी ली गई तो उसमें 8700 रुपए निकले। इस पैसे को भी सभी आरोपितों ने ले लिया।

चलती गाड़ी में इन सभी आरोपितों ने आदर्श की गर्दन पर चाकू रख दी। उन पर दबाव डाल कर उनके ही खाते में 50 हजार रुपए मँगवाए गए। बाद में एक QR कोड के जरिए इसमें से 37 हजार रुपए निकाल लिए गए। इसके अलावा आदर्श के पास रखा चार्जर, ईयर फोन, जींस और ATM कार्ड बह लूट लिया गया। आरोप है कि लगभग 5 घंटों तक कैब सवार चारों लोगों ने आदर्श को अलग-अलग इलाकों में घुमाया। इस दौरान आदर्श की कई बार पिटाई की गई। उन्हें चाकू का डर दिखा कर कई बार ‘अल्लाह-हू-अकबर’ बोलने पर भी मजबूर किया गया।

पीड़ित के मुताबिक, होली होने की वजह से घटना के दिन वो घर चला गया। लौट कर आदर्श ने अपने साथ हुई घटना की FIR दर्ज करवाई। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। सेक्टर 17/18 थाने के SHO सुरेंद्र सिंह ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी गई है। घटनास्थल और आसपास लगे CCTV फुटेज खँगाले जा रहे हैं। पुलिस ने आरोपितों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन भी दिया है।

इसे मेवात ले चल, बड़े का गोश्त खिलाएंगे

ऑपइंडिया ने पीड़ित आदर्श से बात की। आदर्श ने हमें बताया कि उनको गुरुग्राम से 40 किलोमीटर दूर ले जा कर फेंका गया था। इस दौरान आरोपित आपस में एक दूसरे को असलम और आरिफ आदि नामों से पुकार रहे थे। इसी दौरान एक ने आदर्श से पूछा कि शाकाहारी हो या माँसाहारी। जवाब में आदर्श ने खुद को शाकाहारी बताया तो अपहरणकर्ता ने कहा, “आज तुझे बड़े का गोश्त खिलाएँगे।” आदर्श के मुताबिक, एक अन्य कैब सवार बोला, “भाई इसे मेवात ले चल। इसकी किडनी निकाल कर बेच देते हैं।” आदर्श ने अपनी जान बचाने के लिए ईश्वर का धन्यवाद किया है।

‘भाषण’ देना नहीं आया केजरीवाल के काम, कोर्ट ने 1 अप्रैल तक के लिए ED को सौंपा: ASG बोले – मुख्यमंत्री कानून से ऊपर नहीं

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की हिरासत अवधि राउज एवेन्यू कोर्ट ने 4 दिन और बढ़ा दी है। हालाँकि, ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने उनकी 7 दिनों की रिमांड की माँग की थी। वो पिछले एक सप्ताह से ED की कस्टडी में हैं। अब सोमवार (1 अप्रैल, 2024) तक दिल्ली के मुख्यमंत्री ED की कस्टडी में रिमांड पर रहेंगे। उनके खिलाफ शराब घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस चल रहा है। स्पेशल जज कावेरी बावेजा ने उनकी रिमांड की अवधि बढ़ाने वाला आदेश दिया।

4 दिनों के लिए बढ़ाई गई अरविंद केजरीवाल की ED कस्टडी

ED पहले ही अरविंद केजरीवाल को दिल्ली शराब घोटाले का मुख्य साजिशकर्ता बता चुकी है। आरोप है कि 2021-22 में शराब नीति बनाने के लिए दारू माफियाओं की ‘साउथ लॉबी’ से 100 करोड़ रुपए बतौर घूस लिए गए और इस रकम को गोवा विधानसभा चुनाव में खर्च किया गया। अरविंद केजरीवाल पर जाँच में सहयोग न करने का आरोप लगा है। ASG SV राजू ने कोर्ट में अरविंद केजरीवाल के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि आखिर शराब नीति को भाजपा से क्यों जोड़ा जा रहा है?

उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल भाजपा के पास पैसे आने का दावा कर रहे हैं, लेकिन इसका शराब नीति से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कानून से ऊपर नहीं है, वो एक आम आदमी है। उन्होंने बताया कि जाँच एजेंसी के पास कई सबूत हैं कि खुद दिल्ली के CM ने 100 करोड़ रुपए की घूस की माँग की थी। अरविंद केजरीवाल की गिरफ़्तारी के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका डाली गई थी, लेकिन 22 मार्च को अगले ही दिन उसे वापस ले लिया गया।

अब अरविंद केजरीवाल को 1 अप्रैल, 2024 को सुबह के साढ़े 11 बजे कोर्ट में फिर से पेश किया जाएगा। हाईकोर्ट पहले ही उन्हें अंतरिम राहत देने की याचिका ठुकरा चुका है, और कह चुका है कि 3 अप्रैल को ED की प्रतिक्रिया जानने के बाद ही फैसला सुनाया जाएगा। AAP के गोवा के प्रदेश अध्यक्ष अमित पालेकर को भी जाँच एजेंसी ने समन भेजा है। बता दें कि ED के 9 समन ठुकराने के बाद अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया था।

शराब घोटाला: कोर्ट में क्या-क्या हुआ?

आतिशी, सौरभ भारद्वाज और गोपाल राय जैसे दिल्ली के मंत्रीगण सुनवाई के दौरान मौजूद रहे। अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता भी इस दौरान वहाँ थीं। कोर्ट में पेश किए जाने के दौरान मीडिया से अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनकी गिरफ़्तारी एक राजनीतिक षड्यंत्र है, जिसका जनता जवाब देगी। ASG (एडिशनल सॉलिसिटर जनरल) SV राजू ने ED की तरफ से पेश होते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल का बयान रिकॉर्ड किया जा चुका है, उन्होंने गोलमोल जवाब दिए हैं।

उन्होंने बताया कि ED अब उन्हें कुछ अन्य आरोपितों के साथ आमने-सामने बिठा कर पूछताछ करेगी। AAP के गोवा के 4 अन्य उम्मीदवारों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं, उनके साथ भी दिल्ली सीएम को आमने-सामने बिठाया जाएगा। बता दें कि शराब घोटाले में माफियाओं की साउथ लॉबी से मिली 100 करोड़ रुपए की घूस को गोवा के चुनाव प्रचार में खर्च किया गया था। अब तक अरविंद केजरीवाल ने अपने गैजेट्स के पासवर्ड्स ही नहीं बताए हैं, जिस कारण ED उनका डिजिटल डेटा नहीं मिल पाया है।

बकौल ASG, अरविंद केजरीवाल कह रहे हैं कि वो अपने वकीलों से बात कर के तय करेंगे कि पासवर्ड्स देने हैं या नहीं। अगर वो पासवर्ड्स नहीं देते हैं तो ED गैजेट्स की छानबीन के लिए दूसरा रास्ता अख्तियार करेगी। बकौल ED, अरविंद केजरीवाल जाँच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और अपने ITR (आयकर विवरण) भी नहीं दिखा रहे हैं। पंजाब के एक्साइज अधिकारियों को भी समन किया गया है। इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने भी कोर्ट में अपनी बात रखी।

उन्होंने खुद बोलते हुए कहा कि वो ED अधिकारियों को धन्यवाद देना चाहते हैं, ये मामला 2 वर्षों से चल रहा था। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्हें अब तक अदालत ने दोषी साबित नहीं किया है, वो सिर्फ गिरफ्तार हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि 31,000 पन्ने CBI ने दायर किए हैं और 25,000 पन्नों के विवरण ED ने, लेकिन उन्हें गिरफ्तार क्यों किया गया इसका जवाब इनमें नहीं है। कोर्ट ने जब उनसे पूछा कि वो ये सब लिखित में क्यों नहीं दे रहे, तो दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि वो बोलना चाहते हैं।

अरविंद केजरीवाल ने कहा, “मेरा नाम 4 जगह आया है बस। एक C अरविंद है जिसने कहा है कि उसने मेरी उपस्थिति में कुछ दस्तावेज मनीष सिसोदिया को दिए। मेरे घर रोज विधायक आते रहते हैं। क्या एक वर्तमान CM को गिरफ्तार करने के लिए ये एक बयान काफी है? आरोपितों को बयान बदलने के लिए मजबूर किया जा रहा है। ED का मिशन है – केवल मुझे और मुझे फँसाना। अगर 100 करोड़ रुपए का शराब घोटाला शुरू हुआ तो पैसा किधर है? असली शराब घोटाला ED की जाँच के बाद शुरू हुआ। ED का मकसद है – AAP को खत्म करना।”

अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पर्दे के पीछे एक वसूली का रैकेट चलने के लिए ये सब किया जा रहा है, जिसके जरिए पैसे इकट्ठे किए जा रहे हैं। उन्होंने मामले के एक गवाह सार्थक रेड्डी पर भाजपा को 50 करोड़ रुपए गिरफ़्तारी के बाद दान देने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ED जितने दिन मन उन्हें कस्टडी में रखे, वो रिमांड का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन ये घोटाला है। ASG ने आपत्ति जताते हुए कहा कि केजरीवाल को कैसे पता कि ED के पास कितने दस्तावेज हैं, ये सब उनकी कल्पना की उपज है।

अधिवक्ता रमेश गुप्ता जब अरविंद केजरीवाल के लिए बोलने उठे तो कोर्ट ने उनसे कहा कि उनके मुवक्किल तो पहले ही बोल चुके, इस पर भड़कते हुए वकील ने पूछा कि आखिर उन्हें बोलने से कैसे रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि वो पूरे एक घंटे बोलेंगे, जिस पर जज ने कहा, “ठीक है, आप शांत हो जाइए।” कोर्ट ने कहा कि ED ने रिमांड एप्लिकेशन दिया है और ये जज निर्णय करेंगे कि वो सही है या नहीं। इसके बाद ऑर्डर रिजर्व रख लिया गया। फिर कुछ देर बाद फैसला सुनाया कि आरोपित की रिमांड की अवधि 4 दिन बढ़ाई जाती है।

सीतापुर की हिना ने छोड़ा इस्लाम, बदायूँ में हिंदू बच्चों का गला रेते जाने से थी परेशान: मृत बच्चों की माँ के नाम पर रखा अपना नाम संगीता

उत्तर प्रदेश की सीतापुर जिले में हिना अली नाम की 20 साल की मुस्लिम लड़की ने घर वापसी करते हुए सनातन अपना लिया है। हिना अली के अब्बू ताहिर अली सैलून चलाते हैं। हिना अली पर बदायूँ में साजिद-जावेद द्वारा दोनों हिंदू बच्चों आयुष और आहान की हत्या का ऐसा प्रभाव पड़ा, कि उन्होंने इस्लाम त्यागने का फैसला किया और सनातन परंपरा को अपनाते हुए अपने हिंदू प्रेमी महेश से विवाह कर लिया। हिना ने अपना नाम संगीता रखा है। संगीता ही आयुष और आहान की माँ का नाम है। हिना ने गुरुवार (28 मार्च 2024) को घर वापसी की।

संगीता बनने वाली हिना अली सीतापुर के खैराबाद थाना इलाके की रहने वाली हैं। उनके अब्बू का नाम ताहिर अली है, जो सीतापुर में सैलून चलाते हैं। लगभग ढाई साल से हिना का महेश नाम के एक युवक से बातचीत शुरू हुई थी जो बाद में प्यार में बदल गई। महेश भी खैराबाद का रहने वाला है। हिना से संगीता बनने के बाद दोनों ने वैदिक विधि-विधान से एक-दूसरे का हाथ थाम सात-जन्मों के साथ का वादा किया। इस विवाह समारोह के दौरान वेदमन्त्रों की गूंज के साथ जय श्री राम के नारे भी लगे।

हिना का कहना है कि उनके अब्बा ताहिर ने महेश से उनकी मेलजोल का खूब विरोध किया। वो हिंदुओं को काफिर बोलते हैं। महेश के परिजनों ने संगीता को पसंद कर लिया और उनके रिश्ते को भी हरी झंडी दिखा दी, लेकिन अब्बा ताहिर ने इसका विरोध किया और उनपर तमाम पाबंदियाँ लगा दी। इसके बाद हिना के कहने पर महेश ने हिंदू शेर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास हिंदू से संपर्क किया और फिर हिना ने इस्लाम त्यागने का फैसला किया संगीता बनकर सनातन परंपरा में वापसी की।

गुरुवार को हिना और महेश की शादी सीतापुर शहर के कांशीराम कॉलोनी स्थित माता काली मंदिर में वैदिक विधि-विधान से संपन्न हो गई। मौके पर मौजूद महेश के परिजनों के अलावा हिंदू संगठनों ने भी हिना और महेश को उपहार और सुखी दांपत्य का आशीर्वाद दिया। नवदम्पति ने पुलिस से सुरक्षा की माँग भी की है।

इस विवाह में सहयोग करने वाले हिंदू शेर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास हिंदू ने ऑपइंडिया से बात की। विकास ने बताया कि परिवार वालों के दबाव और मजहब की पाबंदियों के चलते हिना अली काफी समय तक चुप रहीं। उनके अब्बा ताहिर अपनी बेटी के लिए कोई मुस्लिम लड़का भी तलाशना शुरू कर चुके थे। हालाँकि इसका हिना विरोध करती रही।

वहीं, हिना की मानें, तो 19 फरवरी 2024 में बदायूँ जिले में सैलून चलाने वालों द्वारा दो नाबालिग हिंदू बच्चों के हत्या की खबर सामने आई। वायरल होते हुए ये खबर हिना तक पहुँची। खबर ने हिना को बुरी तरीके से झकझोर दिया। उन्होंने हिन्दू धर्म मे घर वापसी करने का फैसला कर लिया। उन्होंने एक वीडियो के माध्यम से हिना ने यह भी बताया कि जिन लोगों ने बच्चों की हत्या की वो भी उनके अब्बा की ही तरफ सैलून चलाते हैं। हिना के पति महेश मौर्य बताते हैं कि बदायूँ हत्याकांड के बाद हिना ने तमाम बंदिशों के बावजूद जैसे-तैसे उनसे सम्पर्क किया। वो जल्द से जल्द खुद से विवाह करने के लिए कहने लगीं। अब दोनों विवाह करके काफी खुश हैं और हमेशा के लिए एक हो गए हैं।

बरसात का पानी बहाने के लिए सरकार लेगी पैसा, विरोध में जनता: जानिए क्या है कनाडा का ‘रेन टैक्स’, कब से और कैसे होगा लागू

कनाडा में बरसात और बर्फ पिघलने के कारण बहने वाले पानी को लेकर सरकार लोगों पर टैक्स लगाने जा रही है। यह टैक्स इसलिए लगाया जा रहा है ताकि इस पानी को सही से बहाया जा सके। इस टैक्स को कनाडा में लोगों ने ‘रेन टैक्स’ का नाम दिया है। यह नया टैक्स कनाडा की राजधानी टोरंटो में लगाए जाने का प्रस्ताव है। टोरंटो शहर यह नया टैक्स अपने सभी नागरिकों पर लगाएगा। इसका जम कर विरोध भी हो रहा है।

क्या है रेन टैक्स?

दरअसल इस टैक्स का असल नाम ‘रेन टैक्स’ नहीं बल्कि स्टॉर्मवाटर टैक्स है। इस रेन टैक्स को टोरंटो शहर में पानी की आपूर्ति सही करने और स्वच्छ रखने के लिए लाए जाने का प्रस्ताव है। स्टॉर्मवाटर का मतलब अचानक आने वाले पानी से है। इसमें बारिश से शहर में जमा होने वाले पानी और बर्फ पिघलने से जमा होने वाले पानी का प्रबंध किया जाएगा। टोरंटो शहर में अभी व्यवस्था के तहत जो पानी बारिश या बर्फ पिघलने से इकट्ठा होता है, उसे सीवर सिस्टम की मदद से निकाला जाता है।

इस पानी का बड़ा हिस्सा पीने वाले पानी के साथ भी मिल जाता है। इससे पीने वाले पानी में भी समास्याएं हो सकती हैं। हालाँकि, कभी कभी ज्यादा बारिश या ज्यादा बर्फ पिघलने के कारण शहर में पानी भर जाता है जिसे निकालने और पीने के पानी से अलग करने में दिक्कत आती है।

इसके अलावा इस फ़ालतू पानी का प्रबन्धन भी मुश्किल हो रहा है क्योंकि शहरों में कंक्रीट वाले इलाके बढ़ रहे हैं। जहाँ कंक्रीट वाले इलाके हैं वहाँ यह पानी आसानी से नहीं निकलता और शहर के प्रशासन को इसके लिए अधिक मशक्कत करनी पड़ती है। इसी व्यवस्था को बदलने के लिए यह नया रेन टैक्स लाया जा रहा है। शहर के प्रशासन का कहना है कि वह यह टैक्स लाकर नया इन्फ्रा बनाएगा जिससे पानी शहर से जल्दी निकले और जलभराव की स्थिति ना आए।

किन लोगों पर और कैसे लगेगा यह रेन टैक्स?

यह रेन टैक्स टोरंटो के सभी घरों और सभी प्रकार की इमारतों पर लगाया जाएगा। बताया जा रहा है कि इस व्यवस्था के अंतर्गत शहर का नगर निगम उन लोगों पर अधिक टैक्स लगाएगा जिनके घरों या बिल्डिगों में कंक्रीट का क्षेत्रफल ज्यादा है। यानी किसी ने अपने घर का पूरा हिस्सा कंक्रीट रखा है तो उसे अधिक टैक्स देना होगा। जिन लोगों के घरों के बाहर घास वाला इलाका या कच्चा इलाका होगा उन पर टैक्स कम लगेगा। जिसके पास यह इलाका और ज्यादा होगा उन्हें शहर और भी फायदा देगा।

कनाडा के नेशनल पोस्ट के अनुसार, टोरंटों में रहने वाले लोग हर एक स्कायर मित्र कंक्रीट क्षेत्र के लिए ₹102 देंगे। जितना इलाका बढ़ता जाएगा, उतना ही यह रेन टैक्स बढ़ेगा। इसके अलावा कॉमर्शियल संपत्तियों को भी अलग दरों पर टैक्स देना होगा। अभी तक यह टैक्स पानी के बिल के साथ ही दिया जाता था लेकिन अब नया टैक्स अलग से लिया जाएगा। शहर प्रशासन का कहना है कि इससे लोगों के पानी के बिल में कमी आएगी जिसके बदले वह अलग से पानी के प्रबन्धन का पैसा देंगे। यह टैक्स अप्रैल 2024 से लागू किए जाने की बात कही गई है।

क्या होगा इस रेन टैक्स का?

शहर के प्रशासन का कहना है कि इस तरीके से पैसा इकट्ठा करके वह शहर का पानी का प्रबन्धन मजबूत करेगा। वह आगे के समय में आने वाली समस्याओं के लिए भी शहर के सीवर को मजबूत करेगा। इसके जरिए शहर के उन इलाकों में सीवर को सही किया जाएगा जहाँ पानी के निकासी की व्यवस्था सही नहीं है। शहर प्रशासन का कहना है कि ऐसा ही रेन टैक्स अमेरिका के सिएटल और फिलाडेल्फिया में लोगों पर लगाया जाता है।

कनाडा में क्यों हो रहा विरोध?

कनाडा में इस नए रेन टैक्स का जम कर विरोध हो रहा है। इस विरोध के पीछे का कारण टैक्स का बढ़ना है। लोगों का कहना है कि कनाडा में पहले ही बड़ी मात्रा में टैक्स लगते हैं, ऐसे में उन पर नया टैक्स नहीं लादा जाना चाहिए। उनका कहना है कि पहले ही वह पानी उपयोग करने का पैसा देते हैं। इसी पैसे में पानी के प्रबन्धन का टैक्स भी जोड़ा जाता है, ऐसे में नया टैक्स लेन की क्या आवश्यकता है। साथ ही लोगों का यह भी तर्क है कि कनाडा में लोगों पर उनकी आय का 50% तक इनकम टैक्स लगता है, ऐसे में नया टैक्स उन पर एक बोझ होगा।

‘गोलमोल जवाब दे रहे, न पासवर्ड बता रहे न ITR दिखाया’: ED ने माँगी रिमांड तो कोर्ट में ही ‘भाषण’ देने लगे CM केजरीवाल, कहा – जाँच की आड़ में चलाया जा रहा वसूली रैकेट

एक सप्ताह की रिमांड खत्म होने के बाद ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गुरुवार (28 मार्च, 2024) को राउन एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। शराब घोटाले में उनकी गिरफ़्तारी हुई है। ED ने 7 दिनों के लिए और उनकी कस्टडी की माँग की, जिस पर कोर्ट में सुनवाई हुई। जब उनकी पोल खुलने लगी तो अरविंद केजरीवाल कोर्ट में खुद बोलने लगे। उन्होंने जाँच एजेंसी पर ही उलटा कई आरोप मढ़ डाले, जिस पर ASG ने कहा कि वो वहाँ उपस्थित लोगों को देख कर ये सब बोल रहे हैं।

आतिशी, सौरभ भारद्वाज और गोपाल राय जैसे दिल्ली के मंत्रीगण सुनवाई के दौरान मौजूद रहे। अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता भी इस दौरान वहाँ थीं। कोर्ट में पेश किए जाने के दौरान मीडिया से अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनकी गिरफ़्तारी एक राजनीतिक षड्यंत्र है, जिसका जनता जवाब देगी। ASG (एडिशनल सॉलिसिटर जनरल) SV राजू ने ED की तरफ से पेश होते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल का बयान रिकॉर्ड किया जा चुका है, उन्होंने गोलमोल जवाब दिए हैं।

उन्होंने बताया कि ED अब उन्हें कुछ अन्य आरोपितों के साथ आमने-सामने बिठा कर पूछताछ करेगी। AAP के गोवा के 4 अन्य उम्मीदवारों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं, उनके साथ भी दिल्ली सीएम को आमने-सामने बिठाया जाएगा। बता दें कि शराब घोटाले में माफियाओं की साउथ लॉबी से मिली 100 करोड़ रुपए की घूस को गोवा के चुनाव प्रचार में खर्च किया गया था। अब तक अरविंद केजरीवाल ने अपने गैजेट्स के पासवर्ड्स ही नहीं बताए हैं, जिस कारण ED उनका डिजिटल डेटा नहीं मिल पाया है।

बकौल ASG, अरविंद केजरीवाल कह रहे हैं कि वो अपने वकीलों से बात कर के तय करेंगे कि पासवर्ड्स देने हैं या नहीं। अगर वो पासवर्ड्स नहीं देते हैं तो ED गैजेट्स की छानबीन के लिए दूसरा रास्ता अख्तियार करेगी। बकौल ED, अरविंद केजरीवाल जाँच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और अपने ITR (आयकर विवरण) भी नहीं दिखा रहे हैं। पंजाब के एक्साइज अधिकारियों को भी समन किया गया है। इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने भी कोर्ट में अपनी बात रखी।

उन्होंने खुद बोलते हुए कहा कि वो ED अधिकारियों को धन्यवाद देना चाहते हैं, ये मामला 2 वर्षों से चल रहा था। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्हें अब तक अदालत ने दोषी साबित नहीं किया है, वो सिर्फ गिरफ्तार हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि 31,000 पन्ने CBI ने दायर किए हैं और 25,000 पन्नों के विवरण ED ने, लेकिन उन्हें गिरफ्तार क्यों किया गया इसका जवाब इनमें नहीं है। कोर्ट ने जब उनसे पूछा कि वो ये सब लिखित में क्यों नहीं दे रहे, तो दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि वो बोलना चाहते हैं।

अरविंद केजरीवाल ने कहा, “मेरा नाम 4 जगह आया है बस। एक C अरविंद है जिसने कहा है कि उसने मेरी उपस्थिति में कुछ दस्तावेज मनीष सिसोदिया को दिए। मेरे घर रोज विधायक आते रहते हैं। क्या एक वर्तमान CM को गिरफ्तार करने के लिए ये एक बयान काफी है? आरोपितों को बयान बदलने के लिए मजबूर किया जा रहा है। ED का मिशन है – केवल मुझे और मुझे फँसाना। अगर 100 करोड़ रुपए का शराब घोटाला शुरू हुआ तो पैसा किधर है? असली शराब घोटाला ED की जाँच के बाद शुरू हुआ। ED का मकसद है – AAP को खत्म करना।”

अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पर्दे के पीछे एक वसूली का रैकेट चलने के लिए ये सब किया जा रहा है, जिसके जरिए पैसे इकट्ठे किए जा रहे हैं। उन्होंने मामले के एक गवाह सार्थक रेड्डी पर भाजपा को 50 करोड़ रुपए गिरफ़्तारी के बाद दान देने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ED जितने दिन मन उन्हें कस्टडी में रखे, वो रिमांड का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन ये घोटाला है। ASG ने आपत्ति जताते हुए कहा कि केजरीवाल को कैसे पता कि ED के पास कितने दस्तावेज हैं, ये सब उनकी कल्पना की उपज है।

अधिवक्ता रमेश गुप्ता जब अरविंद केजरीवाल के लिए बोलने उठे तो कोर्ट ने उनसे कहा कि उनके मुवक्किल तो पहले ही बोल चुके, इस पर भड़कते हुए वकील ने पूछा कि आखिर उन्हें बोलने से कैसे रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि वो पूरे एक घंटे बोलेंगे, जिस पर जज ने कहा, “ठीक है, आप शांत हो जाइए।” कोर्ट ने कहा कि ED ने रिमांड एप्लिकेशन दिया है और ये जज निर्णय करेंगे कि वो सही है या नहीं। इसके बाद ऑर्डर रिजर्व रख लिया गया।

इनामुल ने होली खेलने के बहाने नाबालिग को कार में बिठाया, साथियों संग किया रेप: असम पुलिस ने मंडल अली और राजू अली को दबोचा, 1 की तलाश

असम के गुवाहाटी में होली खेलने के बहाने नाबालिग से रेप का मामला सामने आया है। यहाँ तीन मुस्लिम युवकों ने एक नाबालिग लड़की को उसकी 2 सहेलियों के साथ होली खेलने के लिए बुलाया और कार में बिठाकर दूर ले गए। इस दौरान चलती कार में पीड़िता को नशा देकर बेसुध कर दिया गया और फिर नाबालिग के साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया गया। चलती कार में नाबालिग को नशा देकर रेप की इस वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपित का नाम इनामुल अली है, जो फरार हो गया है। वहीं, उसके दोनों साथियों राजू अली और मंडल अली को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में पीड़िता की हालत बेहद गंभीर है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये वारदात गुवाहाटी के काहिलीपाड़ा इलाके की है। जहाँ के भगदत्तपुर पुलिस चौकी इलाके में 25 मार्च 2024 यानी होली के दिन इनामुल अली, राजू अली और मंडल अली इनोवा कार में सवार होकर भगदत्तपुर पहुँचे। यहाँ से तीनों ने होली खेलने के बहाने तीन लड़कियों को अपनी गाड़ी में बिठाया, जिसमें एक नाबालिग भी थी।

इस दौरान रास्ते में तीनों आरोपितों ने लड़कियों को नशा दे दिया, जिससे वो बेसुध हो गई, जिसके बाद इनामुल ने नाबालिग लड़की से रेप किया। बताया जा रहा है कि इनामुल ने यह रेप अपने साथियों और कार में मौजूद 2 अन्य लड़कियों के आगे किया तब तक दोनों लड़कियाँ होश में आ गई थी। पीड़ित ने अपनी शिकायत में रेप का वीडियो बनाने की बात भी कही है।

रेप के बाद पीड़िता की हालत बिगड़ गई, तो तीनों उसे उसके घर छोड़ दिया। पीड़िता की बिगड़ती हालत को देखकर परिजन उसे गुवाहाटी के मेडिकल कॉलेज (जीएमसीएच) लेकर पहुँचे, जहाँ उसका इलाज किया जा रहा है। इस मामले का खुलासा वहीं पर हुआ, जिसके बाद पुलिस मंडल अली, इनामुल और राजू अली के खिलाफ रेप, पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज कर लिया।

पुलिस के मुतबिक मंडल अली को अजारा और राजू अली को हतीगाँव से गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्य आरोपित इनामुल अली फरार चल रहा है जिसकी तलाश में दबिश दी जा रही है। मामले में जाँच और अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण के साथ काउंसिलिंग करवाई जा रही है।

ED के सामने फिर पेश नहीं हुई महुआ मोइत्रा, कहा- कृष्णा नगर के चुनाव में व्यस्त हूँ: पैसे लेकर लोकसभा में सवाल पूछने के मामले की जाँच कर रही है एजेंसी

तृणमूल कॉन्ग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समन पर आज पूछताछ के लिए नहीं पहुँची। उन्होंने चुनाव की व्यस्तता का हवाला देते हुए एजेंसी के सामने पेश होने से इनकार कर दिया। ED महुआ मोइत्रा के ‘कैश फॉर क्वेरी’ मामले में विदेश में हुए लेनदेन की जाँच कर रही है।

ED ने महुआ मोइत्रा को बुधवार (27 मार्च, 2024) को पूछताछ करने के लिए समन भेजा था। उनसे दिल्ली आकर पूछताछ में शामिल होने और साथ ही विदेशी लेनदेन से जुड़े कुछ दस्तावेज उपब्ध करवाने को कहा गया था। हालाँकि, महुआ ने इस पूछताछ में शामिल होने से मना कर दिया।

महुआ ने कहा कि वर्तमान में वह बंगाल में अपनी सीट कृष्णानगर पर चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं, इसीलिए वह पूछताछ के लिए दिल्ली नहीं जा सकेंगी। ED इससे पहले भी महुआ को फरवरी और मार्च में दो बार पूछताछ के लिए बुला चुकी है। वह तब भी ED के सामने पेश नहीं हुई थीं।

ED ने 23 मार्च, 2024 को महुआ के ठिकानों पर छापेमारी भी की थी। पश्चिम बंगाल में एजेंसी ने कोलकाता और कृष्णानगर स्थित उनके कार्यालय और घर पर छापेमारी की थी। ED महुआ के खिलाफ एक विदेशी खाते से जुड़े लेनदेन को लेकर जाँच कर रही है। ED इस सम्बन्ध में FEMA के तहत किए गए लेनदेन और खर्चे की जानकारी लेना चाहती है।

गौरतलब है कि महुआ मोइत्रा पर दुबई में रहने वाले कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से पैसे और महँगे गिफ्ट लेकर कारोबारी गौतम अडानी के विरुद्ध लोकसभा में प्रश्न पूछने का आरोप 15 अक्टूबर को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा स्पीकर को एक पत्र लिख कर लगाया था।

यह आरोप हुआ मोइत्रा के पूर्व पार्टनर और सुप्रीम कोर्ट में वकील जय अनंत देहाद्राई के हवाले से लगाए गए थे। बाद में दर्शन हीरानंदानी ने स्वयं यह स्वीकार किया था कि उन्होंने महुआ को महँगे तोहफे और पैसे दिए हैं। महुआ पर यह भी आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अपने संसद पोर्टल की लॉगइन आईडी और पासवर्ड दर्शन हीरानंदानी को दिए।

इस बात को महुआ ने खुद भी स्वीकारा था। इस मामले की जाँच के लिए इसे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने संसद की आचार समिति के पास भेज दिया था। आचार समिति ने दोनों पक्षों को सुन कर अपनी रिपोर्ट संसद को 8 दिसम्बर, 2023 को दी थी।

इस रिपोर्ट में महुआ पर लगे आरोपों को सही पाया गया था। महुआ के इस कदाचार के चलते समिति ने उन्हें लोकसभा की सदस्यता से बर्खास्त करने की सिफारिश की थी। इसके पश्चात 8 दिसम्बर, 2023 को ही इस रिपोर्ट के आधार पर महुआ की संसद सदस्यता रद्द कर दी गई थी। महुआ मोइत्रा के खिलाफ लोकपाल के आदेश के बाद सीबीआई भी जाँच कर रही है।

गिरफ्तारी के बाद भी CM बने हुए हैं केजरीवाल, दिल्ली हाई कोर्ट का दखल देने से इनकार: कहा – कानूनी प्रावधान दिखाओ, ये कार्यपालिका का मामला

दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार (28 मार्च, 2024) को शराब घोटाले में फँसे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने की माँग वाली याचिका खारिज कर दी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस मनमोहन और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की पीठ ने ने कहा कि याचिकाकर्ता कानून में किसी ऐसे प्रावधान का जिक्र करने में असफल रहे, जो ये कहता हो कि किसी मौजूदा मुख्यमंत्री को गिरफ़्तारी के बाद पद पर रहने से वंचित करता हो।

जजों ने कहा, “हमें दिखाइए, कहाँ इस प्रतिबंध का जिक्र है। आप जो माँग कर रहे हैं, उसके समर्थन में कोई कानूनी प्रावधान दिखाइए।” हाईकोर्ट ने आगे कहा कि इस मामले में न्यायपालिका के हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता नहीं है, कार्यपालिका इसे देख रही है। हाईकोर्ट ने कहा कि अगर संवैधानिक उल्लंघन का कोई मामला है तो राष्ट्रपति या उप-राज्यपाल (LG) पर पर कदम उठाएँगे, LG मामले को देख भी रहे हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि मामला राष्ट्रपति तक जाएगा, न्यायिक हस्तक्षेप की ज़रूरत नहीं है।

दिल्ली के ही रहने वाले सुरजीत सिंह यादव ने ये PIL दायर की थी। वो किसान एवं सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उन्होंने माँग उठाई थी कि वित्तीय गड़बड़ी में शामिल मुख्यमंत्री को पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने आशंका जताई थी कि इससे कानूनी कार्यवाही में बाधा आएगी, साथ ही राज्य की संवैधानिक व्यवस्था भी चरमरा जाएगी। उन्होंने कहा था कि अरविंद केजरीवाल कस्टडी में हैं और इस दौरान वो मुख्यमंत्री वाली अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर सकते।

हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि गिरफ्तार होने और ED की रिमांड में होने के बावजूद अरविंद केजरीवाल के CM बने रहने के रास्ते में कोई कानूनी बाध्यता नहीं है। जजों ने कहा कि हमें राजनीति में नहीं पड़ना चाहिए, राजनीतिक दल इसमें जाएँगे, वो लोग जनता में जाएँगे, ये हमारे लिए नहीं है। अरविंद केजरीवाल 21 मार्च को ही ED द्वारा गिरफ्तार किए जा चुके हैं। उन्हें 1 सप्ताह की रिमांड पर भेजा गया था, अब राउज एवेन्यू कोर्ट में उन्हें पेश किया जा रहा है।