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‘AI कोई मैजिक टूल नहीं, डीपफेक से लग सकती है देश में आग’: बिल गेट्स से बोले PM मोदी, गिफ्ट किए तमिलनाडु के मोती से लेकर कश्मीर के केसर तक

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने माइक्रोसॉफ्ट संस्थापक और विश्व की नामचीन हस्ती बिल गेट्स के साथ एक लम्बी बातचीत की है। इस दौरान पीएम मोदी ने गेट्स को भारत की तकनीकी क्षेत्र में प्रगति से अवगत करवाया है। उन्होंने गेट्स को नमो एप भी दिखाया जिसमें AI तकनीक का जबरदस्त इस्तेमाल है। बातचीत में पीएम मोदी और बिल गेट्स ने डीपफेक पर भी चिंता जाहिर की है। 45 मिनट लम्बी इस लम्बी बातचीत में उन्होंने भारत की डिजिटल यात्रा समेत कई मुद्दों पर चर्चा की।

बिल गेट्स ने पीएम मोदी से पूछा कि भारत AI को कैसे देखता है। पीएम मोदी ने इस पर कहा, “अगर हम AI को अपने आलसीपन को बचाने के लिए करते हैं तो यह इसके साथ अन्याय होगा। हमें AI के साथ मुकाबला करना होगा। हमें उससे आगे जाना होगा “

पीएम मोदी ने AI का टेस्ट लेने की एक घटना का जिक्र भी किया। उन्होंने बताया कि भारत से अन्तरिक्ष में जाने वाले अन्तरिक्षयात्रियों से बातचीत के दौरान उन्होंने AI का टेस्ट ललिया था जिसकी कमियाँ उन्होंने बताई थी। पीएम मोदी ने AI के गलत इस्तेमाल को लेकर भी चिंता व्यक्त की। आप इस बातचीत को यहाँ देख सकते हैं।

उन्होंने कहा, ” हमें AI को मैजिक टूल नहीं समझना होगा। अगर AI को बिना ट्रेन किए हुए लोगों के हाथ में दे दी जाए तो उसके दुरूपयोग की बड़ी संभावना है। मैंने AI से जुड़े लोगों को सुझाव दिया है कि जो भी चीज AI से जनरेट की जाए, उस पर स्पष्ट रूप से AI जनरेटेड लिखा हो।” पीएम ने डीपफेक को लेकर कहा, “भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश में अगर कोई डीपफेक का उपयोग करते हुए कुछ गलत चीज बना दे तो आग लग जाएगी। इसीलिए जरुरी है कि कंटेंट पर AI जनरेटेड और सोर्स स्पष्ट रूप से लिखा हो।”

पीएम मोदी ने भारत की डिजिटल यात्रा को दर्शाने वाले नमो एप को भी बिल गेट्स को दिखाया। बिल गेट्स इसमें उपयोग की गई तकनीक पर काफी आश्चर्यचकित हुए। पीएम मोदी ने नमो एप में डाला गया फोटो बूथ फीचर बिल गेट्स को दिखाया। इस फीचर का गेट्स ने इस्तेमाल भी किया। इसने उनकी पीएम मोदी के साथ सभी पुरानी फोटो दिखा दी। पीएम मोदी ने बिल गेट्स से भारत की डिजिटल यात्रा, ड्रोन दीदी स्कीम, G20 का आयोजन, कोविड वैक्सीन समेत नवीनीकृत ऊर्जा के क्षेत्र में किए गए कामों की भी चर्चा की।

पीएम मोदी को इस बातचीत के बाद बिल गेट्स ने कुछ पुस्तकें भेंट की जो कि पोषण से सम्बंधित थीं। पीएम मोदी ने उन्हें ‘वोकल फॉर लोकल’ की तर्ज पर टेराकोटा से बनी हुई दो आकृतियाँ भेंट की। इसके साथ ही पीएम मोदी ने गेट्स को कुछ मोती भेंट किए जो कि तमिलनाडु से आए थे। इसके अलावा पीएम ने गेट्स को कश्मीर का पश्मीना स्कार्फ और केसर भेंट की। गेट्स ने इन गिफ्ट के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद किया और कहा कि उन्हें यह मुलाक़ात याद रहेगी।

‘गोरखनाख बाबा का आशीर्वाद’: जिन पर मुख्तार अंसारी ने चलवाई थी 400 राउंड गोलियाँ-मरने के बाद कटवा ली थी शिखा… उनके घर माफिया की मौत पर आतिशबाजी

मऊ के गैंगस्टर मुख्तार अंसारी की मौत के बाद उन लोगों के घर में जश्न का माहौल है जिन्होंने माफिया की गुंडागर्दी के चलते अपने अपनों को खोया। इसी क्रम में भाजपा के पूर्व विधायक कृष्णानंद राय, जिन्हें मुख्तार अंसारी ने मौत के घाट उतरवाया था, उनके घर कल (28 मार्च 2024) रात आतिशबाजी हुई। आतिशबाजी की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

कृष्णानंद राय के बेटे पीयूष राय ने मुख्तार अंसारी की मृत्यु की खबर सुनने के बाद कहा, “ये बाबा गोरखनाथ का आशीर्वाद है कि आज उनके दरबार से ये न्याय सुनने को मिला है। रमजान के पावन महीने में अल्लाह का भी ये न्याय मान सकता हूँ कि ऐसे अपराधी का पृथ्वी से अंत हुआ है।”

इसी तरह भाजपा के पूर्व विधायक कृष्णानंद की पत्नी व मोहम्मदाबाद से पूर्व विधायक अलका राय ने इस संबंध में खुशी जाहिर की। अलका राय ने अपने फेसबुक पर बेटे पीयूष राय के किए गए पोस्ट को शेयर किया। इसमें लिखा था- “कर्म के दायरे से जब तुम उतरोगे, तो उसकी सजा तुम्हें तड़पने तक नहीं छोड़ेगी।”

बता दें कि पूर्वांचल का बहुचर्चित कृष्णानंद हत्याकांड 29 नवंबर 2005 को हुआ था जिसमें मुख्तार अंसारी को 10 साल की सजा 29 अप्रैल 2023 को सुनाई गई थी। इस हत्याकांड के बारे में मौजूद जानकारी बताती है कि इसमें हत्याकांड में 400 राउंड गोलियाँ चली थीं, जिसमें 2 पुलिसकर्मियों सहित कुल 7 लोगों की जान गई थी। कृष्णानंद के परिवार ने बताया था कि कृष्णानंद की हत्या के समय उनकी शिखा भी काटी गई थी।

आयकर विभाग ने कॉन्ग्रेस को ₹1700 करोड़ का नोटिस थमाया, दिल्ली हाई कोर्ट ने भी खारिज कर दी थी पार्टी की याचिका: टैक्स असेसमेंट को दी थी चुनौती

आयकर विभाग ने गुरुवार (28 मार्च, 2024) को कॉन्ग्रेस को ₹1700 करोड़ का रिकवरी नोटिस भेजा है। यह नोटिस वर्ष 2017-18 से लेकर 2020-21 के लिए भेजा गया है। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने कॉन्ग्रेस की आयकर विभाग के खिलाफ याचिका खारिज कर दी।

आयकर विभाग द्वारा भेजी गई इस नोटिस में टैक्स के साथ ही जुर्माना और और ब्याज भी जोड़ा गया है। कॉन्ग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तनखा ने कहा कि यह नोटिस उन्हें मिल गया है लेकिन इससे सम्बंधित कुछ दस्तावेज उन्हें नहीं मिले हैं।

इससे पहले गुरुवार को ही दिल्ली हाई कोर्ट ने भी कॉन्ग्रेस को राहत देने से इनकार कर दिया। यह नोटिस उसी के बाद भेजा गया। दिल्ली हाई कोर्ट में कॉन्ग्रेस ने एक याचिका दायर करके 2017-18 से लेकर 2020-21 तक के टैक्स वसूलने को लेकर नोटिस भेजने का विरोध किया था।

दिल्ली हाई कोर्ट की यशवंत शर्मा और पुरुशेन्द्र कुमार की दो सदस्यीय बेंच ने यह याचिका खारिज की। इसे पहले वर्ष 2014-15 से लेकर 2016-17 तक के टैक्स के वसूलने को लेकर भी कॉन्ग्रेस ने याचिका लगाई थी, उसे भी कोर्ट ने खारिज किया था। नई याचिका भी इसी पुराने आधार पर ही खारिज हुई।

कोर्ट ने पिछले आदेश में कहा था कि कॉन्ग्रेस ने याचिका का रास्ता तब अपनाया जब टैक्स असेसमेंट की अंतिम तारीख नजदीक आ गई। कोर्ट ने यह भी कहा था कि प्रथम दृष्टया यह लगता है कि आयकर विभाग ने कॉन्ग्रेस के खिलाफ पक्के सबूत इकट्ठा किए हैं। इसी के साथ पुरानी याचिका पर भी कॉन्ग्रेस को कोई राहत नहीं मिली थी।

यह भी बताया जा रहा है कि 2014-15 से लेकर 2020-21 के अलावा अब 2021-22 से लेकर 2023-24 तक के टैक्स असेसमेंट का इन्तजार कर रही है। यह असेसमेंट 31 मार्च, 2024 के बाद जारी किया जा सकता है। इसके बाद कुल मिलाकर पार्टी के ऊपर 10 वर्षों के टैक्स असेसमेंट का भार होगा।

गौरतलब है कि इससे पहले आयकर विभाग ने कॉन्ग्रेस के खातों से ₹135 करोड़ की रिकवरी की थी। कॉन्ग्रेस से यह रिकवरी 2018-19 के लिए की गई थी। दरअसल, कॉन्ग्रेस ने वर्ष की आयकर भरने की अंतिम तारीख के एक महीने बाद अपने कागज जमा किए थे और साथ ही उन नियमों का उल्लंघन किया था जिसके अंतर्गत इसे आयकर भरने से छूट मिलती।

कॉन्ग्रेस ने इस वर्ष के आयकर दस्तावेजों में दिखाया था कि इसे चंदे में ₹14 लाख रूपए नकद में मिले। यह नियमों के विरुद्ध है। नियम है कि कोई भी पार्टी ₹2000 से अधिक का चंदा नकद में नहीं ले सकती। कॉन्ग्रेस ने इस नियम का उल्लंघन किया जिसके कारण इसे टैक्स में छूट नहीं मिली। इसके खिलाफ पार्टी ने याचिका भी दाखिल की थी।

कॉन्ग्रेस ने आयकर विभाग की इन नोटिस और रिकवरी की कार्रवाई पर आरोप लगाया है कि सरकार चुनाव से पहले उनके खाते सीज कर रही है। कॉन्ग्रेस ने आरोप लगाया है कि पार्टी के पास चुनाव लड़ने को भी फंड नहीं है, इसीलिए वह प्रचार आदि में भी पैसा नहीं खर्च पा रही। हालाँकि, आयकर विभाग का कहना है कि वह मात्र अपनी रिकवरी कर रहा है और उसने कोई भी खाते फ्रीज नहीं किए हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मामले पर कहा कि कॉन्ग्रेस इसे चुनावी मुद्दा बना रही है।

इधर मुख्तार अंसारी की मौत, उधर 14 साल बाद मन्ना सिंह की तस्वीर पर चढ़ी माला: गाजीपुर में दिनदहाड़े गोलियों से भून दिया था, पत्नी बोली- आज मुझे मिली शांति

उत्तरप्रदेश के मऊ जिले के गैंगस्टर मुख्तार अंसारी की बांदा जेल में हार्ट अटैक आने से हुई मौत के बाद एक परिवार में खुशी के आँसू छलक पड़े। ये परिवार मऊ जनपद के ठेकेदार मन्ना सिंह उर्फ अजय प्रकाश सिंह का है। मन्ना सिंह को 2009 में दिनदहाड़े गोली मारकर मौत के घाट उतारा गया था। बाद में साजिशकर्ताओं में नाम मुख्तार अंसारी का नाम आया था।

28 अप्रैल को जब मुख्तार की मौत की खबर आई तो अजय सिंह के बेटे विकास सिंह ने अपने पिता की तस्वीर पर 14 साल में पहली बार फूल माला चढ़ाई और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद परिवार की आँख से खुशी के आँसू छलके। मन्ना सिंह की पत्नी ने कहा, “आज मुझे शांति मिली है। मेरे पति के आत्मा को भी शांति मिली है। मुझे भगवान पर भरोसा था और आज न्याय मिला है…मेरे पति मुख्तार अंसारी से डरते नहीं थे, यही वजह थी कि उनकी हत्या करवा दी गई।”

मन्ना सिंह की पत्नी ने बताया कि घटना के वक्त उनके बच्चे बहुत छोटे-छोटे थे। जब भी उन्हें स्कूल से आने में देर होती थी तो मन्ना सिंह के साथ जो हुआ उसे सोच सोचकर बच्चों की चिंता बनी रहती थी।

ऑपइंडिया की ग्राउंड रिपोर्ट

बता दें कि पिछले साल ऑपइंडिया ने मुख्तार अंसारी के प्रभाव वाले इलाके से ग्राउंड रिपोर्टिंग करके वहाँ पीड़ितों से बात की थी। तभी, हमारी मुलाकात मन्ना सिंह के चचेरे भाई अशोक सिंह से भी हुई थी। उन्होंने हमें बताया था कि कैसे मुख्तार ने उनके भाई, साथ में मौजूद गनर की हत्या करवाई और बाद में गवाहों को भी मौत के घाट उतारा। इसके अलावा अशोक सिंह ने एक शब्बीर नाम के शख्स की जानकारी भी हमें दी थी।

अशोक सिंह ने बताया था कि उनके भाई की हत्या के समय गनर राजेश राय के अलावा ड्राइवर शब्बीर भी घायल हुआ था, जिसे उनके भाई ने नौकरी दी थी लेकिन जब कोर्ट में गवाही देने का मौका आया तो वही शब्बीर पक्षद्रोही हो गया और मुख्तार के पक्ष में अपनी गवाही दे दी थी।

2009 में मन्ना सिंह हत्याकांड

जानकारी के अनुसार, मन्ना सिंह की हत्या 29 अगस्त 2009 को मऊ जनपद के गाजीपुर तिराहे पर हुई थी। घटना के वक्त मन्ना सिंह अपने गनर राजेश राय के साथ थे। दोनों को बाइकसवार हमलावरों ने गोली मारकर मौत के घाट उतारा था। बाद में इस हत्याकांड में मन्ना के भाई हरेंद्र सिंह ने मऊ सदर से विधायक मुख्तार अंसारी के खिलाफ मुकदमा दायर करवाया था। अंसारी के अलावा हनुमान पांडे, कल्लू सिंह और उमेश सिंह के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था।

जब केस की सुनवाई शुरू हुई तो चश्मदीद राम सिंह मौर्य की 19 मार्च 2010 में मऊ शहर में हत्या कर दी गई। उनके साथ उनकी सुरक्षा में तैनात कॉन्सटेबल सतीश को भी मौत के घाट उतारा गया था। बाद में ये केस कोर्ट में चला तो मुख्तार अंसारी सहित 8 लोगों को बाइज्जत छोड़ दिया गया। सिर्फ तीन आरोपित दोषी माने गए जिन्हें उम्रकैद की सजा मुकर्रर हुई और जुर्माना लगाया गया।

मुख्तार अंसारी की बांदा जिले में मौत

उत्तर प्रदेश के कुख्यात माफिया मुख़्तार अंसारी की बाँदा जेल में हार्ट अटैक के कारण मौत हो गई। बताया गया कि 28 मार्च, 2024 को अचानक मुख़्तार जमीन पर गिर पड़ा। उसकी हालत देख मौके पर जेल डॉक्टरों को बुलाया गया, जिन्होंने शुरुआती इलाज का प्रयास किया लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। आखिरकार मुख़्तार को कड़ी सुरक्षा के बीच बाँदा के मेडिकल कॉलेज में लाया गया। यहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

दिल्ली के जिस मेडिकल कॉलेज की 13 छात्राओं ने प्रोफेसर सलीम शेख पर लगाया यौन शोषण का आरोप, उसकी फाइल 45 दिन से दबाकर बैठे हैं CM केजरीवाल: LG का खुलासा

दिल्ली के उपराज्यपाल दफ्तर ने कहा है कि यौन शोषण के एक मामले में कार्रवाई पर CM अरविन्द केजरीवाल कोताही बरत रहे हैं। LG दफ्तर ने कहा है कि CM केजरीवाल ने 14 फरवरी से रोहिणी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को हटाने सम्बन्धी फाइल रोक रखी है। इस मेडिकल कॉलेज में छात्राओं के यौन शोषण की बात सामने आई थी।

LG विनय सक्सेना के दफ्तर ने गुरुवार (28 मार्च, 2024) को एक प्रेस रिलीज में कहा, “जहाँ एक ओर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर मेडिकल कॉलेज में कथित यौन उत्पीड़न को लेकर लगातार हँगामा करते हुए इसके प्रिंसिपल को हटाने की माँग कर रहे हैं, वहीं प्रिंसिपल के तबादले की फाइल CM केजरीवाल ने पिछले 45 दिनों से दबा कर रखी हुई है।”

LG दफ्तर ने बताया कि 20 मार्च, 2024 को सौरभ भारद्वाज ने LG विनय सक्सेना को एक पत्र लिख कर इस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ईश्वर सिंह को हटाने सम्बन्धी माँग की थी। भारद्वाज ने आरोप लगाया था कि प्रिंसिपल ने उन छात्राओं का सहयोग नहीं किया जिन्होंने एक प्रोफ़ेसर के विरुद्ध यौन शोषण का मामला दर्ज करवाया था। प्रिंसिपल ने छात्राओं से मामला दबाने और इसे ना उठाने की भी बात की थी।

LG दफ्तर ने कहा है कि CM केजरीवाल को इस संबंध में मार्च माह में ही ईश्वर सिंह की फाइल पर एक्शन लेने के लिए दो बार कहा जा चुका है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यह फाइल 14 फरवरी, 2024 से ही CM दफ्तर में लटकी हुई है। LG दफ्तर ने कहा कि CM केजरीवाल उस कमिटी के चेयरमैन हैं जो कि ऐसे अफसरों के खिलाफ एक्शन लेती है लेकिन वह कार्रवाई नहीं कर रहे।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने इस मामले पर कहा कि जिस फ़ाइल में ईश्वर सिंह का नाम है, उसमें 17 अधिकारियों के तबादले और तैनाती सम्बन्धी दस्तावेज हैं। यह एक रूटीन फ़ाइल है और इसमें यौन शोषण सम्बन्धी बातों का जिक्र नहीं किया गया था।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही दिल्ली के रोहिणी इलाके में स्थित डॉ बाबा भीमराव अम्बेडकर हॉस्पिटल एंड मेडिकल कॉलेज में छेड़छाड़ का मामला सामने आया था। MBBS का कोर्स कर रहीं 13 छात्राओं ने प्रोफेसर सलीम शेख पर शारीरिक शोषण और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था।

घटना 31 जनवरी 2024 की थी लेकिन मामला धीरे-धीरे सामने आया। आरोप था कि सलीम शेख ने छात्राओं से वाइवा के दौरान छेड़छाड़ की। उस समय 2 छात्राओं ने सलीम के खिलाफ शिकायत दी थी। बाद में अन्य छात्राओं ने भी आकर कहा था कि सलीम शेख ने उनके साथ भी बदलूकी की थी।

इन आरोपों के बाद आखिरकार 22 फरवरी 2024 को असिस्टेंट प्रोफेसर सलीम शेख के खिलाफ पुलिस में शिकायत हुई थी। शिकायत पर 13 MBBS छात्राओं के हस्ताक्षर थे। इसके अलावा इस मामले में सलीम शेख के खिलाफ प्रदर्शन भी हुआ था। प्रदर्शनकारियों ने कहा था- “हम यह जगह संदेशखाली नहीं बनने देंगे।” सलीम शेख को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

गौरतलब है कि CM केजरीवाल इस समय जाँच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गिरफ्त में हैं। उन्हें दिल्ली शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया गया है। उन्हें 21 मार्च, 2024 को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका डाल रखी है।

मुख़्तार अंसारी की मौत: हार्ट अटैक के बाद अस्पताल ले जाया गया था माफिया, पूर्वांचल के कई जिलों में बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था

उत्तर प्रदेश के कुख्यात माफिया मुख़्तार अंसारी की बाँदा जेल में मौत की खबर है। मौत की वजह हार्ट अटैक आना बताया जा रहा है। गुरुवार (28 मई, 2024) को अचानक मुख़्तार की तबियत खराब हुई और वो जमीन में गिर पड़ा। जेल डॉक्टरों ने शुरुआती इलाज का प्रयास किया लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। आखिरकार मुख़्तार को कड़ी सुरक्षा के बीच बाँदा के मेडिकल कॉलेज में लाया गया। यहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाँदा जिले के DM और SP उस अस्पताल में पहुँच गए हैं जहाँ मुख़्तार अंसारी को इलाज के लिए लाया गया है। इस बीच पूर्वांचल के कई जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख़्तार अंसारी के परिजन बांदा के लिए निकल गए हैं। उनके आधी रात के आसपास बाँदा पहुँचने की संभावना जताई जा रही है। शुरुआत मेंकाफी देर तक मुख़्तार की मौत पर सस्पेंस बना रहा। जेल अधिकारी से ले कर अस्पताल और जिले के प्रशासनिक स्टाफ ने फोन उठाना बंद कर दिया था। आखिरकार देर रात 10 बजे के बाद मुख़्तार अंसारी की मौत की पुष्टि हुई।

मुख़्तार की मौत की पुष्टि होते ही पूर्वांचल के कई जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है। कई हिस्सों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। ऑपइंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक गाजीपुर में मुख़्तार अंसारी के गृह बाजार मुहम्मदाबाद में तमाम बड़े प्रशासनिक अधिकारी भेजे गए हैं। यहाँ मुख़्तार अंसारी के पैतृक कब्रिस्तान पर भी लोगों की हलचल देखी जा सकती है। आसपास के कुछ लोग भी मुख़्तार के घर पर जमा होना शुरू हो चुके हैं।

बताते चलें कि एक दिन पहले मुख़्तार अंसारी बांदा के मेडिकल कॉलेज में चेकअप के लिए गया था। तब वह लगभग 14 घंटों तक अस्पताल में रहा। यहाँ 3 डॉक्टरों के पैनल ने उसका इलाज किया था। खून और अन्य चीजों के सैम्पल ले कर जाँच के लिए भेजे गए थे। आखिरकार मेडिकल कॉलेज ने आधिकारिक तौर पर बताया था कि मुख़्तार अंसारी फिट है। रात में ही मुख़्तार को वापस जेल भेज दिया गया था। अगले ही दिन मुख़्तार अंसारी की मौत हो गई।

रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट में NIA को बड़ी सफलता, मुज़म्मिल शरीफ धराया: विस्फोटक तैयार करने के लिए उसी ने जुटाए थे संसाधन, 18 ठिकानों पर छापेमारी

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) को रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट केस में बड़ी सफलता मिली है। एजेंसी ने इस घटना में शामिल 1 आरोपित को गिरफ्तार करने का दावा किया है। यह गिरफ्तारी 3 प्रदेशों में 18 जगहों पर हुई छापेमारी के बाद हुई है। गिरफ्तार आरोपित का नाम मुज़म्मिल शरीफ है। मुज़म्मिल ने ब्लास्ट के लिए बाकी आरोपितों को संसाधन उपलब्ध करवाए थे। NIA को इस मामले में अभी मुसव्विर शाजेब हुसैन और अब्दुल मतीन ताहा की तलाश है। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने इस कार्रवाई की पुष्टि बुधवार (27 मार्च, 2024) को की है।

NIA के मुताबिक गिरफ्तार आरोपित मुज़म्मिल शरीफ रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट में सहयोगी की भूमिका निभा रहा था। इस विस्फोट काँड की जाँच 3 मार्च 2024 को NIA ने शुरू की थी। NIA ने शुरुआत में ब्लास्ट के मुख्य आरोपित मुसव्विर शाजेब हुसैन की पहचान की थी। मुसव्विर पर विस्फोट को अंजाम देने का आरोप है। एजेंसी ने आगे की गई जाँच में दूसरे आरोपित के तौर पर अब्दल मतीन ताहा को चिह्नित किया था। ताहा रामेश्वर ब्लास्ट के अलावा कई अन्य आतंकी घटनाओं में भी वांटेड है।

फिलहाल मुसव्विर हुसैन और अब्दुल मतीन फरार चल रहे हैं। जैसे NIA की जाँच आगे बढ़ी वैसे ही इस मामले में मुज़म्मिल हुसैन का भी नाम प्रकाश में आया। पता यह चला कि मुज़म्मिल ने विस्फोट को अंजाम देने में मुसव्विर और मतीन की मदद की थी। उसने विस्फोटकों को तैयार करने वाले संसाधनों की व्यवस्था करवाई। मुज़म्मिल की गिरफ्तारी के लिए राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने एक साथ 3 प्रदेशों के कुल 18 जगहों पर दबिश दी। इन लोकेशनों में सबसे ज्यादा 12 स्थान कर्नाटक में थे। इसके बाद तमिलनाडु में 5 और उत्तर प्रदेश की एक लोकेशन (बरेली) में दबिश दी गई।

दबिश के दौरान मुज़म्मिल, अब्दुल मतीन और मुसव्विर हुसैन के घरों और इनसे जुड़ी दुकानों को भी खंगाला गया। कई इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों को जब्त किया गया है जिसकी जाँच की जा रही है। इसी दबिश में मुज़म्मिल हुसैन को गिरफ्तार कर लिया गया। उस से पूछताछ की जा रही है। माना जा रहा है कि मुज़म्मिल से हुई पूछताछ के बाद रामेश्वरम कैफ ब्लास्ट के कई मामलों से पर्दा उठ सकता है। यह गिरफ्तारी NIA के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

बताते चलें कि 1 मार्च 2024 को बेंगलुरु के ITPL रोड स्थित रामेश्वरम कैफे में ब्लास्ट हुआ था। इस घटना में कैफे के स्टाफ सहित कुछ कस्टमर घायल हुए थे। ब्लास्ट में कोई जनहानि नहीं हुई थी।

‘कॉन्ग्रेस सरकार ने रोक दिया हिन्दुओं का दाना-पानी, मैं राशन लेकर जा रहा था’: विधायक T राजा सिंह तेलंगाना में हाउस अरेस्ट, बोले – पीड़ितों पर ही केस दर्ज कर रही पुलिस

हैदराबाद के गोशामहल से भारतीय जनता पार्टी के विधायक टी राजा सिंह को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। राजा सिंह ने एक वीडियो जारी कर के हैदराबाद के चेंगीछेरला जाने का ऐलान किया था। आरोप है कि चेंगीछेरला में होली के दिन मस्जिद से निकली एक भीड़ ने हिन्दुओं पर हमला किया था। राजा सिंह ने इस मामले में पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई को एकतरफा बताया था और खुद न्याय की आवाज बुलंद करने का ऐलान किया था। गुरुवार (28 मार्च 2024) को राजा सिंह ने अपने X हैंडल से यह जानकारी साझा की है। ऑपइंडिया से बात करते हुए उन्होंने इस कार्रवाई को कॉन्ग्रेस सरकार की तुष्टिकरण की गलत नीति बताया।

गुरुवार शाम 3:41 पर टी राजा सिंह ने अपने X हैंडल से एक ट्वीट किया है। इस ट्वीट में शेयर एक तस्वीर में राजा सिंह अपने कुछ समर्थकों के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। उनके आगे कई पुलिसकर्मी खड़े हैं जिनसे राजा सिंह की बहस चल रही है। इस तस्वीर को शेयर करते हुए राजा सिंह ने लिखा कि उन्हें तब हाउस अरेस्ट किया गया जब वो होली में कट्टरपंथियों के हमले के शिकार पीड़ितों को राशन आदि बाँटने जा रहे थे। राजा सिंह ने राज्य के मुख्यमंत्री को चेताया है कि TRS की तुष्टिकरण नीति से परेशान हो कर जनता ने गलती से कॉन्ग्रेस को चुना है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस और TRS की सरकारें असदुद्दीन ओवैसी के इशारे पर चलती हैं। बकौल राजा सिंह, कॉन्ग्रेस सरकार ने चेंगीछेरला के हिन्दुओं का खाना और राशन तक बंद कर दिया है और जब वो इसे ले कर वहाँ जाने वाले थे तो उनको हाउस अरेस्ट कर लिया गया। हिन्दुओं पर हमला करने वाली भीड़ को राजा सिंह ने ‘कुत्तों का झुण्ड’ बताया है। उन्होंने बताया कि वो इलाके के हिन्दुओं को राशन/अनाज आदि देने जा रहे थे।

अपने इसी ट्वीट में राजा सिंह ने आगे आरोप लगाया है कि तेलंगाना पुलिस ने होली में हुए इस हमले के आरोपितों की बजाए पीड़ितों पर ही केस दर्ज कर दिया है। उन्होंने पुलिस से माँग की है कि हिन्दुओं के खिलाफ दर्ज केस तत्काल वापस लिए जाएँ। साथ ही आगे कहा कि अगर ऐसा न हुआ तो इसकी कड़ी प्रतिक्रिया दी जाएगी। इस ट्वीट में उन्होंने एक वीडियो भी एड किया है। 2 मिनट 13 सेकेंड लम्बे इस वीडियो में उन्होंने होली की घटना को विस्तार से बताया है।

राजा सिंह ने बताया कि होली के दिन चेंगीछेरला के हिन्दू साउंड सिस्टम लगा कर अपना त्यौहार मना रहे थे। आरोप है कि तभी बगल की मस्जिद से एक भीड़ झुण्ड बना कर निकलती है जो महिलाओं और अन्य लोगों पर पत्थरों और लाठी-डंडों से हमला कर देती है। इस हमले के कई लोगों के घायल होने का दावा किया जा रहा यही। राजा सिंह ने इस मामले में पुलिस की कार्रवाई को एकतरफा और दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि जो हिन्दू मार खाए उन पर ही केस दर्ज कर दिए गए। वीडियो में आगे सैकड़ों की संख्या में निकली भीड़ में महज 7 लोगों पर FIR दर्ज होने की बात कही गई।

राजा सिंह ने राज्य के मुख्यमंत्री को चेताया है कि TRS की तुष्टिकरण नीति से परेशान हो कर जनता ने गलती से कॉन्ग्रेस को चुना है। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस और TRS की सरकारें असदुद्दीन ओवैसी के इशारे पर चलती हैं। बकौल राजा सिंह कॉन्ग्रेस सरकार ने चेंगीछेरला के हिन्दुओं का खाना और राशन तक बंद कर दिया है और जब वो इसे ले कर वहाँ जाने वाले थे तो उनको हाउस अरेस्ट कर लिया गया। हिन्दुओं पर हमला करने वाली भीड़ को राजा सिंह ने ‘कुत्तों का झुण्ड’ बताया है।

‘सबको छूट, सिर्फ हम पर रोक’

ऑपइंडिया से बात करते हुए टी राजा सिंह ने बताया कि चेंगीछेरला जाने के लिए बाकी सभी नेताओं को कॉन्ग्रेस सरकार ने छूट दे रखी है लेकिन अकेले उन पर ही रोक लगा दी है। शाम 7:30 तक भी खुद को हाउस अरेस्ट में बताते हुए राजा सिंह ने हमें बताया कि कई थानों के थानेदार और ACP स्तर के अधिकारी उनके घर पर डेरा डाल कर बैठे हैं। राजा सिंह ने इस हरकत को कॉन्ग्रेस सरकार दौरा की जा रही तुष्टिकरण की पराकाष्ठा बताया है।

‘मुझे गाली दो ठीक है, अगर PM मोदी को कुछ कहा तो छोड़ूँगा नहीं’: K अन्नामलाई ने बताया क्या है उनकी ‘लक्ष्मण रेखा’, याद दिलाए DMK मंत्रियों के भड़काऊ बयान

तमिलनाडु में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और दक्षिणी बेंगलुरु के पूर्व DCP के अन्नामलाई अपनी फायरब्रांड छवि के लिए जाने जाते हैं। पार्टी उनके नेतृत्व में तमिलनाडु में लोकसभा चुनाव लड़ रही है। K अन्नामलाई खुद कोयम्बटूर से चुनाव लड़ेंगे। करूणानिधि परिवार के विरुद्ध लड़ाई पर उन्होंने कहा है कि खुद तमिलनाडु के कानून मंत्री S रघुपति कह चुके हैं कि जब 2024 में I.N.D.I. गठबंधन सत्ता में आएगा तब पहली गिरफ़्तारी अन्नामलई की होगी। उन्होंने बताया कि कैसे एक अन्य ‘मूर्ख’ मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ही गिरफ्तार करने का ऐलान कर दिया।

अन्नामलाई ने ANI पर स्मिता प्रकाश के साथ पॉडकास्ट में कहा कि तमिलनाडु का एक अन्य मंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टुकड़ों में काट देने की बातें करता है। उन्होंने कहा कि क्या इसका सीधी भाषा में जवाब दिया जा सकता है? पूर्व IPS अधिकारी ने कहा कि पीएम मोदी के नाखून की गंदगी के बराबर भी वो मंत्री नहीं है, पीएम मोदी के साथ SPG की सुरक्षा है, उनकी सुरक्षा 4 लेयर की है। अन्नामलाई ने स्पष्ट कहा कि पीएम मोदी को अगर कोई छूता भी है तो उसे वो उसे नहीं छोड़ेंगे।

अन्नामलाई ने कहा कि उनकी वफादारी पार्टी के साथ है, खासकर पीएम मोदी के साथ। उन्होंने कहा कि अगर आप पीएम मोदी को गालियाँ पड़ती है तो वो चुप नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को गाली देना उनके लिए लक्ष्मण रेखा है। उदयनिधि स्टालिन को तमिलनाडु का पप्पू कहे जाने पर अन्नामलाई ने कहा कि उनके लिए भी तरह-तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा कि उनका काम है इस तरह से जवाब देना कि दोबारा वो पीएम मोदी को लेकर ऐसी टिप्पणी न करें।

अन्नामलाई ने कहा, “अगर आप मेरा अपमान करते हैं और मुझे गाली देते हैं तो ठीक है। लेकिन, यही आप पीएम मोदी के साथ करते हैं तो मैं चुप नहीं रहूँगा। मैं यहाँ पीएम मोदी का प्रतिनिधित्व करता हूँ। स्पष्ट है कि पीएम मोदी खुद जवाब नहीं देंगे, वो गालियों से और आगे ही बढ़ रहे हैं। मैं एक मीठा बोलने वाला व्यक्ति हूँ, लेकिन मेरी लक्ष्मण रेखा को नहीं छुआ जाना चाहिए। अगर आप बार-बार झूठ बोलेंगे और मीडिया उस प्रोपेगंडा को फैलाएगा तो मैं कड़ा जवाब दूँगा।”

‘ब#न#द बुलाओ हिन्दू को, जो करना था मैंने कर दिया’: दिल्ली में 3 बच्चों का अब्बा शाकिर 3 साल की बच्ची से रेप कर के फरार, हिन्दू के घर में किराए पर रहता था

देश की राजधानी दिल्ली में एक 3 साल की हिन्दू बच्ची से रेप का मामला सामने आया है। आरोपित का नाम शाकिर है जिसकी उम्र 34 साल है। हालाँकि, कुछ लोग आरोपित का नाम सगीर और कुछ शाहिर भी बता रहे हैं। रेप की वजह से पीड़िता की तबियत बिगड़ गई है जिसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। घटना से नाराज हिन्दू संगठनों ने थाने के आगे प्रदर्शन किया है। शाकिर फ़िलहाल फरार चल रहा है। हालत तनावपूर्ण देखते हुए घटनास्थल पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घटना गुरुवार (28 मार्च, 2024) की है।

यह घटना दिल्ली के मियाँवाली नगर थाना क्षेत्र की है। यहाँ 3 साल की बच्ची अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहती है। परिवार की रोजी-रोटी का जरिया मेहनत-मजदूरी है। पीड़िता के बगल किराए के ही मकान में शाकिर भी अपने परिवार के साथ रहता है। लगभग 40 साल का शाकिर 3 बच्चों का अब्बा बताया जा रहा है। आरोप है कि गुरुवार को बच्ची घर के पास खेल रही थी। इसी दौरान शाकिर बच्ची को उठा कर अपने कमरे में ले गया। यहाँ उसने बच्ची से रेप किया।

बच्ची के रोने की आवाज सुन कर लोग शाकिर के कमरे की तरफ दौड़े। लोगों को आता देख कर शाकिर बच्ची को छोड़ कर संकरी गलियों से भागने लगा। पीड़िता के पिता का आरोप है कि रोकने पर शाकिर पीड़िता से पिता से बोला, “ब#न#द हिन्दू के, क्या करेगा? बुलाओ हिन्दू को। जो करना था मैंने कर दिया।” लोग अंदर पहुँचे तो बच्ची कमरे में बेहोश मिली। लहूलुहान हालात में बच्ची को ले कर लोग अस्पताल की तरफ भागे। पीड़िता के पिता ने आशंका जताई कि बच्ची के बचने के चांस काफी कम हैं।

जिस मकान में आरोपित किराए पर रहता है वह किसी हिन्दू का बताया जा रहा है। हिन्दू संगठन से जुड़े सदस्यों को मामले की जानकारी हुई तो वो मौके पर पहुँचे। शाकिर के घर के बाकी सदस्य खुद को इस घटना से अनजान बता रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने पीड़ित परिवार से तहरीर ले कर मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस बीच शाकिर की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की माँग को ले कर मियाँवाली नगर थाने पर लोगों का जमावड़ा बढ़ने लगा। आक्रोशित लोगों ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए। घटनास्थल पर इलाके के DCP पहुँचे और लोगों को समझाने का प्रयास करने में जुट गए।

आखिरकार आरोपित की गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई के लिए नाराज भीड़ ने पुलिस को 24 घंटे का समय दिया है। पुलिस घटनास्थल से सबूत जुटाने के साथ शाकिर की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। एक वायरल हो रहे वीडियो फुटेज में शाकिर का वो कमरा दिख रहा है जिसमें बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ है। बेहद संकरे से इस कमरे में शराब की बोतलें और बिस्तर अस्त-व्यस्त हालत में देखा जा सकता है। वीडियो बना रहे व्यक्ति ने शाकिर को जिहादी बोला है।