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कॉन्ग्रेस ने जयपुर सीट पर बदला उम्मीदवार, सुनील शर्मा की जगह प्रताप सिंह लड़ेंगे चुनाव: दक्षिणपंथी संगठन से जुड़ाव को लेकर शशि थरूर ने खोला था मोर्चा

जयपुर डायलॉग्स संग जुड़ाव को लेकर उपजे विवाद के बाद कॉन्ग्रेस ने जयपुर लोकसभा सीट से अपने प्रत्याशी को बदल दिया है। पार्टी ने सुनील शर्मा की जगह अब प्रताप सिंह खाचरियावास को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं, सुनील शर्मा ने मीडिया से कहा कि अगर उनकी वजह से कॉन्ग्रेस को लगता है कि एक भी वोट का नुकसान हो रहा है तो वे पीछे हटने के लिए तैयार हैं।

दरअसल, रविवार (24 मार्च 2024) को कॉन्ग्रेस ने तीन उम्मीदवारों वाली अपनी पाँचवीं लिस्ट जारी की। इस लिस्ट में महाराष्ट्र के चंद्रपुर और राजस्थान के दौसा के साथ-साथ जयपुर लोकसभा सीट का भी नाम है। इस सीट पर पहले पार्टी ने सुनील शर्मा को उम्मीदवार बनाया था। हालाँकि, नई सूची में कॉन्ग्रेस ने प्रताप सिंह खाचरियवास को उम्मीदवार बनाया है।

शर्मा को उम्मीदवार बनाए जाने पर कॉन्ग्रेस के वरिष्‍ठ नेता शशि थरूर भी भड़क गए थे। उन्होंने कहा था कि दक्षिणपंथी विचारधारा वाले संगठन जयपुर डायलॉग्स से जुड़ाव है। जयपुर डायलॉग का एक ट्वीट शेयर करते हुए थरूर ने X पर कहा था, “24 अकबर तक जाने वाली सड़क पर चलते वक्त उनमें दिव्य बदलाव हो गया होगा। ये उस वक्त का उनका एक ट्वीट है जब उन्होंने मुझ पर हमला किया थ।”

शशि थरूर ने जनवरी 2021 का ‘द जयपुर डायलॉग्स’ का किए गए एक ट्वीट को भी पोस्ट किया है। इस पोस्ट में लिखा गया है, “शशि थरूर राहुल गाँधी ही तो हैं, बस उन्होंने लाइब्रेरी से बाहर जाते हुए एक शब्दकोश चुरा लिया था।” आरोप है कि सुनील शर्मा का लिंक जयपुर डायलॉग्स फोरम के डायरेक्टर से संबंध हैं।

हालाँकि, शर्मा ने अब इस पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी उम्मीदवारी छोड़ने की पेशकश करने के लिए कॉन्ग्रेस आलाकमान को पत्र भी लिखा था। उन्होंने कहा कि आज पार्टी के बाहर और अंदर षड्यंत्रकारी लोग हैं। पार्टी को ऐसे लोगों से बचना चाहिए। दरअसल, दक्षिणपंथी संस्थान से जुड़ाव का पता चलने पर कॉन्ग्रेस नेता उम्मीदवार बदलने की माँग कर रहे थे।

जयपुर डायलॉग में निदेशक पद को लेकर सोशल मीडिया में उठ रहे सवालों पर सुनील शर्मा ने कहा था, “जिस जयपुर डायलॉग फोरम (इसका यूट्यूब के स्वामित्व से कोई लेना-देना नहीं है) की डायरेक्टरशिप के बारे में लोग अफवाह उड़ा रहे हैं, उससे मैं काफी अरसे पहले ही अलग हो चुका हूँ।” हालाँकि, मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि संस्था के पाँच निदेशकों में वे भी शामिल हैं।

जयपुर डायलॉग्स में पाँच डायरेक्टर- सुनील शर्मा, संजय दीक्षित, पंकज जोशी, सुनील कोठारी, विष्णु बिहानी हैं। रिकॉर्ड के अनुसार, सुनील शर्मा 13 सितंबर 2019 से संस्था के डायरेक्टर नियुक्त हुए थे। जयपुर डायलॉग्स के मंच पर एक कार्यक्रम के दौरान भी सुनील शर्मा ने यह स्वीकार किया था कि वे इस संस्था के डायरेक्टर हैं। अब वे दावा कर रहे हैं कि उन्होंने डायरेक्टरशिप काफी पहले छोड़ दिया था।

बंगाल में BJP कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमला, TMC विधायक सौकत मोल्ला का करीबी हुसैन मुख्य आरोपित: सुवेंदु अधिकारी ने की FIR दर्ज करने की माँग

पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव की घोषणा होते ही राजनीतिक हिंसा की घटनाओं में तेजी आ गई है। इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में टीएमसी के गुंडों ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया है और कई बीजेपी कार्यकर्ताओं को जमकर पीटा है। इस हमले में कई कार्यकर्ता घायल हो गए हैं, जिसमें से दो की हालत गंभीर है।

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमले के मामले में टीएमसी विधायक के करीबी पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने टीएमसी के गुंडों में हुसैन शेख का नाम प्रमुखता से लिया है।

ये मामला दक्षिण 24 परगना जिले के कैनिंग उपखंड का है, जहाँ के माथेर दिघी गाँव में तृणमूल कांग्रेस के गुंडों की भीड़ ने कई बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमले किए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले के दौरान चार बीजेपी कार्यकर्ता घायल हो गए। हिंसक झड़प के बीच तीन टीएमसी कार्यकर्ताओं को भी चोट आई है। हमले और जवाबी हमले में घायल हुए सभी लोगों का अब कैनिंग सब डिविजनल अस्पताल में इलाज चल रहा है।

जानकारी के मुताबिक, टीएमसी के गुंडों ने कैनिंग पुरबा मंडल नंबर 3 के मंडल अध्यक्ष और कई अन्य कार्यकर्ताओं की पिटाई की। बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के मुताबिक, बीजेपी कार्यकर्ता बिवास मंडल और सुब्रत दास की हालत गंभीर बनी हुई है।

उन्होंने एक्स पर लिखा, “लोकसभा चुनाव से पहले बंगाल की राजनीति में रक्तपात की वापसी… मैं चुनाव आयोग से अनुरोध करता हूँ, अगर वे 2021 के मतदान के बाद की हिंसा और 2023 के पश्चिम बंगाल पंचायत चुनावों के नरसंहार को दोबारा होने से रोकने का इरादा रखते हैं, तो अब कार्रवाई करने का समय आ गया है।”

सुवेंदु अधिकारी ने हुसैन शेख नामक व्यक्ति पर हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया है, जो टीएमसी विधायक साओकत मोल्ला का करीबी सहयोगी बताया जाता है। उन्होंने चुनाव आयोग से शेख के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “कृपया हुसैन शेख जैसे लोगों को सलाखों के पीछे भेजें और सौकत मोल्ला जैसे लोगों को निगरानी में रखें, क्योंकि उनके पास चुनावों में धांधली करने की मशीनरी है। स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने का यही एकमात्र तरीका है।”

स्थानीय बीजेपी नेता विकास सरदार ने कहा, “बीजेपी ने प्रशासन की अनुमति से जिबंतला-माथेर दिघी इलाके में एक पार्टी बैठक आयोजित की थी, लेकिन टीएमसी के गुंडों ने बैठक में घुसकर अशांति फैला दी।”

टीएमसी ने बीजेपी पर लगाए आरोप

इस मामले में बीजेपी ने TMC पर हमले के आरोप लगाए, तो टीएमसी ने भी बीजेपी पर आरोप लगाए। टीएमसी विधायक शौकत मोल्ला ने कहा, “हमारी पार्टी के कार्यकर्ता मोटरसाइकिलों पर घर लौट रहे थे। उस दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उन्हें भद्दी-भद्दी गालियां दीं। यहीं से बवाल शुरू हुआ। हमले के कारण हमारे कुछ कार्यकर्ता भी घायल हो गए।”

घटना की जानकारी मिलने पर कैनिंग उपमंडल पुलिस अधिकारी रामकुमार मंडल मौके पर पहुँचे। उन्होंने बताया कि मामले की जाँच शुरू कर दी गई है। किसी भी कानून-व्यवस्था की स्थिति को रोकने के लिए पुलिस की एक बड़ी टीम तैनात की गई है।

ऑपइंडिया ने कुछ दिन पहले ही में सत्तारूढ़ टीएमसी से जुड़े गुंडों द्वारा बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमले की 5 घटनाओं के बारे में रिपोर्ट दी थी, उसे यहाँ पढ़ सकते हैं।

तमिलनाडु के मंत्री अनीता राधाकृष्णन ने PM मोदी को दी गाली: BJP बोली- द्रमुक नेता का ये ‘घृणित कृत्य’, चुनाव आयोग और DGP से करेंगे शिकायत

तमिलनाडु की द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) सरकार में मंत्री अनीता राधाकृष्णन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपशब्द कहा है। इस पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सरकार और राधाकृष्णन की कड़ी आलोचना करते हुए इसे एक घिनौना कृत्य बताया। तमिलनाडु भाजपा ने कहा कि विपक्षी गठबंधन की अंतरात्मा मर चुकी है।

दरअसल, तमिलनाडु की मत्स्य एवं पशुपालन मंत्री अनीता राधाकृष्णन ने एक चुनावी रैली में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वोट हासिल करने के लिए सरदार वल्लभाई पटेल और कामराज जैसे नेताओं को सम्मानित किया है। उन्होंने कहा, “पटेल समुदाय का वोट लेने के लिए सरदार वल्लभाई पटेल की मूर्ति बनवाई। ऐसी घृणित रणनीति का इस्तेमाल प्रधानमंत्री मोदी करते हैं।”

द्रमुक नेता ने पिछले हफ्ते तमिलनाडु के सेलम में पीएम मोदी द्वारा दिए गए भाषण पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “मैं पूछ रहा हूँ कि सेलम में बोलते समय उन्होंने (पीएम मोदी) कामराजार के बारे में ऐसे बोला जैसे कामराजार ने उन्हें गले लगाया हो। मा***द, हम जानते हैं कि तुम लोगों ने क्या किया है। जब वे दिल्ली में थे तो तुम लोगों ने उन्हें मारने की कोशिश की।”

इस बयान पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है। केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा, “हम तमिलनाडु के मंत्री द्वारा उनकी पार्टी की महिला सांसद के सामने देश के 140 करोड़ लोगों के प्रधानमंत्री के खिलाफ दिए गए बयानों का कड़ा विरोध करते हैं। लोकतंत्र में ऐसी भाषा का कोई स्थान नहीं है। यह घृणित और निंदनीय है। I.N.D.I. गठबंधन को माफ़ी माँगनी चाहिए।”

पार्टी ने अपने X पोस्ट में लिखा, “कड़ी निंदा! डीएमके मंत्री अनीता राधाकृष्णन ने हमारे प्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो एक साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं और जिन्होंने अपना पूरा जीवन भारत के लोगों के लिए समर्पित कर दिया है, के बारे में घृणित बात कही है। डीएमके सांसद कनिमोझी इस घृणित कृत्य की गवाह बनी है! लेकिन, यह आश्चर्य की बात नहीं है!”

पार्टी ने आगे लिखा, “वास्तव में यह घृणित और अशिष्ट राजनीतिक संस्कृति द्रमुक के डीएनए में है! इससे खराब और क्या होगा? इस अश्लील बयान की निंदा किए बिना कनिमोझी मंच पर भाषण का आनंद लेती हैं। इससे उनका छद्म नारीवाद उजागर होता है! लोग डीएमके और इंडी गठबंधन को सबक सिखाएँगे। कानून भी अपना काम करेगा! इस बार ‘उगता सूरज’ (DMK का चुनाव चिह्न) क्षितिज से नीचे चला जाएगा!”

तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष के अन्नामलाई ने कहा कि इस मामले को वो चुनाव आयोग और DGP के पास ले जाएँगे और आरोपितों के खिलाफ कड़े कदम उठाने की माँग करेंगे। उन्होंने कहा कि डीएमके नेता पीएम मोदी के खिलाफ भद्दी टिप्पणी और अक्षम्य सार्वजनिक बयान देकर अपने आचरण के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गए हैं। उनके पास आलोचना करने के लिए कुछ नहीं है, वे इस स्तर तक गिर गए।

अन्नामलाई ने कहा, “डीएमके सांसद श्रीमती कनिमोझी मंच पर मौजूद थीं और उन्होंने अपने सहयोगी को रोकने की जहमत भी नहीं उठाई। तमिलनाडु भाजपा इस मामले को चुनाव आयोग और तमिलनाडु राज्य पुलिस के डीजीपी के साथ उठा रही है। हम डीएमके मंत्री अनीता राधाकृष्णन के खिलाफ सख्त और तत्काल कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।”

तमिलनाडु भाजपा के नेता कार्तिक गोपीनाथ ने द्रमुक राजनेता के शर्मनाक बयानों की निंदा की और कहा, “तमिलनाडु राज्य के मंत्री अनीता राधाकृष्णन प्रधानमंत्री को गाली देते हैं और यह राज्य पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। इस आदतन अपराधी को मुख्यमंत्री एमके स्टालिनन को उनके मंत्री पद से बाहर कर देना चाहिए।”

उन्होंने पहले की घटनाओं का भी जिक्र किया, जिनमें विपक्षी दल के नेताओं ने प्रधानमंत्री का अपमान किया था। उन्होंने कहा कि सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने पूछा, “मैं आपसे पूछना चाहता हूँ कि क्या आप ऐसे लोगों की रक्षा कर रहे हैं।”

होली से पहले अलीगढ़ में 4 मस्जिद काले रंग की तिरपाल से ढँके गए, रंग पड़ने से होने वाले विवाद से बचने के लिए कमिटी ने उठाया कदम

अलीगढ़ में मस्जिदों पर होली का रंग न पड़ जाए और फिर इसके चलते कोई विवाद न हो जाए, इसलिए संवेदनशील क्षेत्रों में स्थित 4 मस्जिदों को तिरपाल से ढक दिया गया है। ये कदम शांति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए उठाया गया है। अलीगढ़ में संवेदनशील मस्जिदों को काले रंग की तिरपाल से ढकने का फैसला प्रशासन और मस्जिद कमेटी से जुड़े लोगों ने मिलकर लिया है।

जिन मस्जिदों को कवर किया गया है उनमें अलीगढ़ के अति संवेदनशील चौराहे सब्जी मंडी स्थित “मस्जिद हलवाईयान”, कनवारी गंज स्थित अंसारी वाली मस्जिद और अन्य शामिल हैं।

एएनआई से बात करते हुए मस्जिद समिति के सदस्य अकील पहलवान ने कहा, “हम होली समारोह के कारण इन मस्जिदों को कवर करते हैं। ढकने का कारण यह है कि नमाज पढ़ने की जगह साफ-सुथरी जगह है। पिछले 5-6 सालों से होली के दौरान इन मस्जिदों को ढक दिया जाता है। शहरों में लगभग कई मस्जिदें हैं, जिन्हें होली से पहले ढक दिया जाता है।”

उन्होंने आगे बताया, “इन मस्जिदों में अलीगढ़ के सब्जी मंडी चौराहे पर स्थित “मस्जिद हलवाइयाँ” भी शामिल है। इसके अलावा, बाबरी मंडी स्थित मस्जिद, दिल्ली गेट चौराहे पर स्थित मस्जिद, सासनी गेट चौराहे पर स्थित मस्जिद जैसी 4-5 ऐसी मस्जिदें हैं।”

अकील ने आगे कहा कि इस काम में प्रशासन ने हमारा समर्थन किया। प्रशासन की मौजूदगी में हम मस्जिद कमेटी के लोगों और दुकानदारों ने मिलकर सीओ सिटी और इंस्पेक्टर के नेतृत्व में मस्जिदों को ढक दिया ताकि होली पर कोई दिक्कत न हो।

अलीगढ़ शहर के सीओ अभय कुमार पांडे ने एएनआई से बातचीत की और बताया, “अलीगढ़ बाजार में कल (25 मार्च 2024) पारंपरिक रूप से होली मनाई जाएगी। होली के मद्देनजर मस्जिद इंतजामिया कमेटी की ओर से मस्जिदों को ढक दिया गया है। 4 मस्जिदों को कवर कर दिया गया है और बाकी पुलिस व्यवस्था यहां अलर्ट पर तैनात है और ड्रोन से भी निगरानी की गई है और होली के मद्देनजर अन्य सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं।”

बता दें कि होली का त्योहार देश ही नहीं, विदेशों में भी हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। लोग रंग और गुलाल से होली खेलते हैं। होली से पहले बाजारों में जमकर खरीदारी होती और फिर होली के दिन सभी लोग गले मिलते हैं।

ये समाचार मूल रूप से अंग्रेजी में समाचार एजेंसी द्वारा प्रकाशित की गई है। मूल खबर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

दिल्ली में 34 साल के अरमान ने 4 साल की हिंदू बच्ची का किया रेप, बताने पर दी थी जान से मारने की धमकी: लोगों के बवाल के बाद पुलिस बोली- सामान्य है बच्ची की हालत

दिल्ली में शनिवार (23 मार्च 2024) की शाम एक 4 साल की हिंदू बच्ची से रेप की वारदात हुई, जिसे अंजाम दिया 34 साल के मुस्लिम व्यक्ति मोहम्मद अप्पू ने। इस घटनाक्रम के दूसरे दिन यानी रविवार (24 मार्च 2024) को ये अफवाह फैल गई कि पुलिस ने इस मामले में कोई कदम नहीं उठाया, जिसके बाद इलाके में गुस्सा फैल गया। लोगों ने गाड़ियों में तोड़फोड़ की और जमकर प्रदर्शन किया। हालाँकि पुलिस ने मौके पर मोर्चा संभाल लिया और बड़ी हिंसा होने से टाल दिया।

ट्यूशन पढ़ाने वाली मुस्लिम दीदी के भाई ने किया रेप

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये मामला दिल्ली के पांडव नगर इलाके का है। जहाँ इस वारदात के बारे में तब पता चला, जब 4 साल की बच्ची वापस अपने घर आई और अपनी माँ से पेट में दर्द की शिकायत की। दरअसल, बच्ची ट्यूशन पढ़ने अपने पड़ोस की लड़की के घर गई थी, लेकिन वो लड़की मौके पर नहीं थी। ऐसे में 4 साल की मासूम को अकेला देख मोहम्मद अरमान उर्फ अप्पू उसे अपने कमरे में ले गया और रेप को अंजाम दिया। इसके बाद उसने बच्ची को मुँह खोलने पर जान से मारने की धमकी देकर घर भेज दिया। पुलिस ने आरोपित अरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और IPC-376 की धाराओं में एफआईआर दर्ज किया है।

इस मामले में पुलिस ने मोहम्मद अरमान उर्फ अप्पू को गिरफ्तार कर लिया। बच्ची को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में इलाजे के बाद दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार बच्ची के प्राइवेट पार्ट्स में सूजन है। इस बीच, स्थानीय लोगों में तेजी से अफवाह फैली कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है और आरोपित को छोड़ दिया है। इन अफवाहों के बीच स्थानीय लोग भारी संख्या में घरों से बाहर निकल आए और प्रदर्शन करने लगे। हालाँकि दिल्ली पुलिस ने मौके पर मामले को संभाल लिया, इसके बावजूद कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की खबरें सामने आ रही हैं।

डीसीपी ईस्ट अपूर्वा गुप्ता ने कहा कि अफवाहें फैलाई जा रही हैं कि लड़की की तबीयत गंभीर है लेकिन यह सच नहीं है, उसकी हालत सामान्य है। सभी कानूनी कार्यवाही चल रही है, मेडिकल हो चुका है और वह काउंसलर से अच्छे से बात कर रही है। मैं लोगों से अपील करती हूँ कि वो अफवाहों के जाल में न फंसे।

बच्ची की हालत में सुधार, आरोपित गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार मौके पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। लोगों को समझा-बुझाकर शांत कर दिया गया है। आरोपित हिरासत में है। पीड़ित बच्ची के परिजनों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर मामले में आगे की जाँच की जा रही है। इस पूरे मामले में पूर्वी दिल्ली पुलिस उपायुक्त ने कहा कि पीड़िता की हालत स्थिर है। उसे एम्स इसीलिए भेजा गया क्योंकि वहाँ वन स्टॉप सेंटर में छोटे बच्चों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ हैं।

‘दिल्ली पुलिस आप समर्थकों को पकड़ कर जंगल में छोड़ देती है, कैसे वापस आते’: वायरल वीडियो में पुलिस से बचने के लिए मासूम बनते AAP नेता ने ऑपइंडिया को समझाई अपनी सूझबूझ

अरविन्द केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए धरना-प्रदर्शन का एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक व्यक्ति पुलिस को देख कर खुद को प्रदर्शनकारी मानने से इंकार कर रहा है। बाद में पुलिस हटते ही वहीं व्यक्ति अपना इंटरव्यू ले रही महिला पत्रकार के आगे ‘अरविन्द केजरीवाल जिंदाबाद’ का नारा लगाता है।

इस वीडियो में पत्रकार उसकी यह हरकत देख अचंभित रह जाती है तभी केजरीवाल समर्थक उसे अपनी तरकीब बताता है कि पहले वाली बात तो वो पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए कह रहा था। अब ये व्यक्ति सोशल मीडिया पर खूब वायरल है। ऑपइंडिया ने उस व्यक्ति को खोज कर उससे बातचीत की। इस दौरान उसने अपनी वीडियो के साथ-साथ उमर खालिद, शराब घोटाला, धरना-प्रदर्शन जैसे कई मुद्दों पर अपनी राय रखी।

सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शुरू हुई चर्चा

सोशल मीडिया के इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म पर dev_bhumi_nutrition नाम के यूजर ने इस वीडियो को शनिवार (23 मार्च 2024) को शेयर किया है। वीडियो में कैप्शन के तौर पर ‘जैसा गुरु वैसे केजरीवाल के चेले’ और हँसी के इमोजी के साथ ‘बिलकुल फ्रॉड’ लिखा हुआ है। इसी हैंडल पर अब तक ये वीडियो लगभग 38 हजार लोगों द्वारा देखा जा चुका है। इस वीडियो की शुरुआत में एक महिला पत्रकार लाल कुर्ता पहने एक अन्य व्यक्ति से बात कर रही है। दोनों के पीछे एक दिल्ली पुलिस का एक स्टाफ खड़ा दिख रहा है।

वीडियो में दिख रहा व्यक्ति महिला पत्रकार से कहता है कि वो नोएडा से है और किसी निजी काम से यहाँ आया है। उससे पूछा जाता है कि उसके हाथ में ‘मैं भी केजरीवाल’ वाला पोस्टर कैसे आया। इस पर वो कहता है कि वो तो जमीन में पड़े पोस्टर को किसी महिला को दे रहा था, लेकिन तभी पुलिस की नजर उनपर पड़ गई और वो उसे अपने साथ ले आए।

इतना सुन पुलिस वाला उसे जाने को कहता है और महिला पत्रकार भी कहती है चलो जाओ- “आपको बचा लिया मैंने।” शख्स वहीं खड़े होकर पुलिस को जाता हुआ देखता रहता है और जैसे ही पुलिसकर्मी वहाँ से जाता है वो महिला पत्रकार के माइक में ‘केजरीवाल जिंदाबाद’ बोलता है। वह खुद को अरविन्द केजरीवाल का कट्टर समर्थक भी बताता है। जब महिला पूछती है कि उसने ऐसा क्यों किया तो इस पर वो कहता है कि वो पुलिस से गिरफ्तार नहीं होना चाहता था।

आप पार्टी समर्थक की इस हरकत पर सोशल मीडिया पर भी लोग अलग-अलग तरह के कमेंट कर रहे हैं। भूपेंद्र ने युवक को केजरीवाल का पक्का चेला बताया। pnky_schoolvlogs नाम के हैंडल से ‘जैसा गुरु वैसा चेला’ लिखा गया है।

चित्र साभार- इंस्टाग्राम/dev_bhumi_nutrition

पकड़ कर जंगल में छोड़ देती पुलिस

ऑपइंडिया ने वीडियो में दिख रहे व्यक्ति को खोज निकाला। इस व्यक्ति का नाम राम गुप्ता है जो कि नोएडा के निवासी हैं। राम गुप्ता 10 साल पहले मीडियाकर्मी होने का दावा करते हैं। ऑपइंडिया से बातचीत में राम गुप्ता ने कहा कि उनको इस बात का डर था कि पुलिस पकड़ कर उन्हें कहीं दूर जंगल में छोड़ आएगी। जब हमने दिल्ली के जंगल के बारे में पूछा तो राम गुप्ता ने बवाना जैसे बॉर्डर इलाकों का नाम बताया। राम गुप्ता खुद को आम आदमी पार्टी से राज्यसभा का भावी सांसद भी मानते हैं। वह फिलहाल आप पार्टी के किसान मोर्चे का दायित्व संभाल रहे हैं। आप नेता का यह भी कहना है कि उनके साथ 40 लोगों का जत्था केजरीवाल के समर्थन में प्रदर्शन करने गया था जिसमें से उनके लगाए दिमाग के चलते एक को भी पुलिस नहीं पकड़ पाई।

भिखारी होते हैं आप पार्टी वाले

खुद को आर्थिक तौर पर बेहद कमजोर बताते हुए राम गुप्ता ने कहा कि अगर दिल्ली पुलिस उन्हें कहीं दूर छोड़ आई होती तो उनके पास लौटने तक का भाड़ा-किराया नहीं था। आर्थिक तौर पर कमजोर होने की जब हमने वजह पूछी तो उन्होंने अपनी पार्टी में ज्यादातर लोगों को भिखारी ही बताया। हमने अरविन्द केजरीवाल, संजय सिंह और सत्येंद्र जैन पर लगे करोड़ों रुपयों के घोटालों के आरोपों पर सवाल किया तो उन्हें इसे महज ‘सच्चाई से परे आरोप’ बताया। बकौल राम गुप्ता आम आदमी पार्टी को कोई चंदा भी नहीं देता।

बिहार तक सप्लाई होती है दिल्ली की दारू

अपनी पार्टी के शीर्ष नेताओं पर लग रहे शराब घोटाले को आप नेता राम गुप्ता ने अपने अंदाज में जस्टिफाई किया। उन्होंने कहा, “कलयुग में दारू ही सबसे बड़ा प्रसाद होता है।” उन्होंने हमसे ही सवाल किया कि ऐसा कौन सा राज्य और व्यक्ति है जो दारू का सेवन नहीं करता। जब हमने शराब बंदी वाले बिहार का जिक्र किया तो राम गुप्ता ने दावा किया कि बिहार में ऐसा कोई जिला या घर नहीं है जहाँ शाम को बोतल न खोली जाती हो। राम गुप्ता ने आशंका जताई कि सम्भव हो सकता है कि बिहार में दिल्ली से दारू सप्लाई हो रही हो।

वीडियो में की गई हरकत को छत्रपति शिवाजी की शिक्षा के नाम पर किया जस्टिफाई

जब हमने राम गुप्ता से दोबारा पुलिस के आगे झूठ बोल कर बचने के बारे में सवाल किया तो उन्होंने इसे छत्रपति शिवाजी महराज की तकनीकी बताया। उन्होंने अपने प्रदर्शन को शिवाजी महराज के उस समय से जोड़ कर बताया जब वो आगरा के किले से टोकरे में बैठ कर औरंगजेब की कैद से निकल गए थे। हालाँकि जब हमने बताया कि अरविन्द केजरीवाल तो औरंगजेब को भी मानते हैं तो उन्होने इसे सच नहीं माना और न ही इस पर विस्तार से कोई सफाई दी। अपनी बातचीत में राम गुप्ता ने कई बार तानाशाह शब्द का प्रयोग किया।

उमर खालिद और कन्हैया महज आरोपित न कि अपराधी

जब हमने राम गुप्ता से उमर खालिद और कन्हैया कुमार जैसे लोगों की आम आदमी पार्टी द्वारा समर्थन की वजह पूछी तो उन्होंने इस पर अपना पक्ष रखा। राम गुप्ता ने उमर खालिद और कन्हैया कुमार को अपराधी मानने से इंकार कर दिया। उन्होंने इन दोनों को आरोपित बताया। साथ ही राम गुप्ता का कहना है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री होने के नाते अरविन्द केजरीवाल सबको साथ ले कर चल रहे हैं। राम गुप्ता ने महज आरोपों के आधार पर किसी को अपराधी मानने से इंकार कर दिया।

हमारी पार्टी किसान आंदोलन में हमेशा सक्रिय

राम गुप्ता ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी किसान आंदोलन में हमेशा से सक्रिय भूमिका निभाती आई है। किसानों और केंद्र सरकार के बीच उन्होंने भगवंत मान को कई बार मध्यस्थ भी बताया। राम गुप्ता का यह भी दावा है कि इन्हीं नीतियों पर चल कर आम आदमी पार्टी 2 प्रदेशों में सरकार बना चुकी है और जल्द ही कई अन्य प्रदेश जीतने वाली है।

गौरतलब है कि करोड़ों रुपए के दिल्ली शराब घोटाले में अरविन्द केजरीवाल अपने साथी संजय सिंह के साथ आरोपित हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जाँच में नाम आने के बाद इन तीनों को पकड़ कर जेल भेज दिया गया है। अरविन्द केजरीवाल लगातार नोटिस मिलने के बावजूद हाजिर नहीं हो रहे थे। गुरुवार (22 मार्च) को केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थक शनिवार (23 मार्च 2024) को दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे थे।

AMU में होली खेलने पर जिन मुस्लिम लड़कों ने हिंदू छात्रों को पीटा, जुमे पर उनके समर्थन में उतरी थी भीड़: पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद और अल्लाह-हू-अकबर के भी लगे थे नारे

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में गुरुवार (21 मार्च 2024) को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के कुछ मुस्लिम छात्रों ने होली खेल रहे हिन्दू छात्रों पर हमला कर दिया था। इस मामले में मिसवा, जाकीउर्रहमान, जैद शेरबानी, शाहरुख सबरी, शोएब कुरैशी, अहमद मुस्तफा, अफ्फान शेरबानी, सहवान खान, फैसल त्यागी और अरसान सिद्दकी पर FIR दर्ज हुई थी। घटना के बाद AMU कैम्पस में नारा-ए-तकबीर और अल्लाह हु अकबर के नारे लगे थे। अब यूनिवर्सिटी कैम्पस के बाबे सैयद को बंद करके वहाँ नमाज़ पढ़ी गई है। इस दौरान पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी हुई।

दरअसल मुस्लिम छात्र हमलावरों पर FIR दर्ज किए जाने से नाराज हैं। वो FIR रद्द करने की माँग पर अड़े हुए हैं। अपनी इसी माँग के चलते कुछ छात्रों ने घटना की रात यूनिवर्सिटी कैम्पस में ही एकजुट हो कर ‘नारा ए तकबीर’ और ‘अल्लाह हु अकबर’ जैसी नारेबाजी की थी। इस नारेबाजी का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। नारेबाजी यूनिवर्सिटी और जिला प्रशासन के अधिकारियों के सामने ही हुई थी। इसमें उत्तेजक शब्दावली का भी प्रयोग हुआ था।

हालाँकि कैम्पस में हुई नारेबाजी के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केस वापस लेने की माँग को लेकर शुक्रवार (22 मार्च 2024) को AMU कैम्पस का बाबे सैयद बंद कर दिया गया। यह क्षेत्र बंद कर के यहाँ जुमे की नमाज पढ़ी गई। इस नमाज में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) कैम्पस के अलग-अलग हॉस्टलों में रहने वाले छात्र शामिल हुए। नमाज़ से पहले कुछ छात्रों ने पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।

जुमे की इस नमाज़ के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। यूनिवर्सिटी कैम्पस में ही पुलिस और PAC के जवान तैनात किए गए थे। नमाज़ के बाद जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के प्रयासों से शाम 3:30 पर बाबे सैयद खोल दिया गया। अमर उजाला ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि बाबे सैयद में हो रही नमाज़ का एक छात्र चुपके से वीडियो बना रहा था। इस छात्र को कुछ लोगों द्वारा पीटा गया। बाद में कैम्पस में तैनात सुरक्षाकर्मियों के हस्तक्षेप से मामला शांत हो पाया था। हालाँकि बाबे सैयद के गेट पर हुई इस नमाज़ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

वायरल हुए इस वीडियो में सड़क पर ही तमाम नमाज़ी छात्र बैठे दिख रहे हैं। सड़क पर आवागमन पूरी तरह से अवरुद्ध है। नमाज़ियों ने रोड पर दरी बिछा रखी है। विरोध कर रहे छात्रों ने होली मनाना यूनिवर्सिटी कैम्पस में नई परम्परा को जन्म देना बताया है। उनकी माँग है कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी परिसर में होली खेलने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। साथ ही जिन छात्रों पर FIR दर्ज हुई है उनकी जाँच के लिए एक कमेटी का गठन हो। छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल यूनिवर्सिटी के कुछ प्रोफेसरों के साथ अलीगढ़ के एसएसपी संजीव सुमन से भी मिला। हालाँकि संजीव सुमन ने सबूतों के आधार पर ही जाँच और कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिया।

‘यहाँ पुलिस की हुकूमत, इस्लामिक स्टेट में अल्लाह की’ : तौसीफ अली हाथ में काला झंडा लेकर चला था ISIS ज्वाइन करने, हिंदू संगठनों ने पकड़कर पुलिस को दिया

आईएसआईएस में भर्ती होने जा रहे आईआईटी गुवाहाटी के छात्र तौसीफ अली फारूकी जब हॉस्टल से भागा, तो वो हाथों में आईएसआईएस का झंडा लेकर चल रहा था। तौसीफ को सबसे पहले हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने पकड़ा और आईएसआईएस के समर्थन की बात सुनने पर उसे चांटा भी जड़ दिया। हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं के सामने तौसीफ ने जैसे ही हिंदू-मुस्लिम करना शुरू किया और आईएस की तारीफ शुरू की, वैसे ही उन्होंने थप्पड़ मारकर उसे जमीन पर बैठा दिया और पुलिस के हवाले कर दिया।

हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता तांके डेका ने अपने साथियों के साथ तौसीफ अलीफ फारूकी को कामरूप जिले से पकड़ा। उन्होंने तौसीफ को हाजो के दमदमा में पकड़ा। हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं द्वारा उसे पकड़ने का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें उसे पकड़ने वाले लोग सवाल जवाब कर रहे हैं। इस वीडियो में तौसीफ बोलता है, “मेरी बात सुनिए आप लोग। मैं मानता हूँ कि हलाल और हराम बनाने का हक सिर्फ अल्लाह का है। ये जो हम लोग यहाँ हिंदू-मुसलमानों का राज कायम किया है, वो गलत है। आईसिस इसी चीज की दावत देता है कि अल्बात की दावत देता है कि अल्लाह ने जैसा बनाया है, वैसा हो। वो अल्लाह की हुकूमत साबित करना चाहते हैं।”

इस दौरान लोगों ने उससे पूछा कि क्या वो बंदूकों से लोगों पर हमला करने वाले आईएसआईएस आतंकवादियों का समर्थन करता है? इसके जवाब में उसने कहा, ‘आईएसआईएस अल्लाह का शासन स्थापित करना चाहता है, जबकि पुलिस अपना शासन स्थापित करना चाहती है।’ इसके बाद उसके मुँह पर एक थप्पड़ पड़ता है और उसे बैठा दिया जाता है। तौसीफ को गुवाहावी से 30 किमी दूर हाजो कस्बे के दमदमा में स्थित एक मार्केट कॉम्प्लेक्स से पकड़ा गया।

हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं को सम्मानित करने की माँग

इस वीडियो को पोस्ट करते हुए आरएसएस के कार्यकर्ता गौतम चक्रवर्ती ने हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं को सम्मानित करने की माँग की। उन्होंने लिखा कि हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं को उनकी जागरुकता और खतरे को रोकने के लिए कदम उठाने की सक्रियता के लिए सम्मानित किया जाना चाहिए।

इस मामले में तांके डेका ने भी फेसबुक पर जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, “आईआईटी गुवाहाटी का छात्र तौसीफ अली फारूकी आईएसआईएस का सदस्य है। उसे आज हाजो दमदमा में स्थानीय लोगों के समर्थन से हाजो पुलिस स्टेशन तक पहुँचाया है। उसने खुद को दिल्ली का निवासी बताया। क्या पढ़ा लिखा दुर्दांत मुस्लिम है।”

मीडिया से बातचीत करते हुए तांके डेका ने कहा, तौसीफ गुवाहाटी से नालबाड़ी की तरफ जा रहा था। उसके हाथ में इस्लामिक स्टेट का झंडा था। उसने दमदमा चौक पर इस्लामी नारे लगाए, जिसके तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने उसे रोक लिया। उसने बताया कि वो आईएसआईएस का सपोर्टर है, जिसके बाद कुछ स्थानीय लोगों ने उसकी पिटाई भी की। मैंने उसे लिंचिंग से बचाया और पुलिस को सौंप दिया।

डेका ने खुद तौसीफ से बातचीत की। इस बातचीत के आधार पर डेका ने कहा, “तौसीफ एक पढ़ा-लिखा जिहादी है, जिसका इस्लामिक जिहादी प्रोपेगेंडा ने पूरी तरह से ब्रेनवॉश किया जा चुका है। उसके पास से दो चाकू भी मिले।”

आईएसआईएस में शामिल होने का किया था ऐलान

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तौसीफ अली ने अपने लिंक्डइन पर खुला पत्र लिखकर अपने ISIS में जाने की सूचना दी थी। वहीं पुलिस को इस बारे में एक ईमेल के जरिए से सूचना मिली थी। माना जा रहा है कि इसे खुद छात्र ने पुलिस के पास भेजा था।

ईमेल में उसने दावा किया था कि वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS के प्रति निष्ठा की शपथ ले चुका है। साथ ही उसने लिखा कि वह ISIS में भर्ती होने के लिए निकल चुका है। इस ईमेल की फ़ौरन जाँच करवाई गई। जाँच के दौरान पता चला कि ईमेल भेजने वाला छात्र शनिवार से ही फोन बंद करके लापता है। हालाँकि उसे हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने शनिवार की शाम को ही पकड़ लिया था और पुलिस के हवाले कर दिया।

बताते चलें कि अभी महज 4 दिन पहले असम पुलिस ने ISIS के भारत प्रमुख हारिश फारुखी को उसके साथी अनुराग सिंह सहित गिरफ्तार किया था। इन दोनों की गिरफ्तारी असम के धुबरी जिले से हुई थी। मूल रूप से पानीपत का रहने वाला अनुराग सिंह रेलवे का कर्मचारी है जो फिलहाल दिल्ली में तैनात है। हारिश फारुखी के सम्पर्क में आ कर अनुराग सिंह ने इस्लाम कबूल कर लिया था। मतांतरण के बाद उसका नया नाम रेहान है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या हिरासत में लिए गए छात्र का हारिश फारुखी और रेहान से कोई वास्ता है।

केजरीवाल के लिए नहीं उतरी सड़क पर ये भीड़, पुरी की रथ यात्रा की है तस्वीर: AAP समर्थक खुले में फैला रहे झूठ

दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद से आम आदमी पार्टी के समर्थक सड़कों पर आ गए हैं। इस दौरान तरह-तरह के युक्तियाँ आजमा कर AAP अपने साथ ज्यादा से ज्यादा जनसमर्थन जोड़ने के प्रयास में है और इसी कोशिश को करते हुए वो फेक तस्वीरें शेयर करने से नहीं चूँक रहे।

जैसे एक फोटो शेयर हो रही है जिसमें खचाखच भीड़ नजर आ रही है और सोशल मीडिया पर लिखा जा रहा है- “यह तस्वीर बयान करती है कि तानाशाह का अंत निश्चित है। केजरीवाल की गिरफ़्तारी के ख़िलाफ़ जनता सड़कों पर है।”

देख सकते हैं सोशल मीडिया पर इस फोटो को कई अकॉउंट्स से शेयर किया गया है। आप समर्थक इसे शेयर करके दिखा रहे हैं कि लोग केजरीवाल के जेल जाने से कितनी बड़ी तादाद में रोष प्रकट कर रहे हैं।

जब हमने इंटरनेट पर सर्च करके इस फोटो की हकीकत जाननी चाही तो पता चला कि ये फोटो असल में केजरीवाल के समर्थन में उतरी भीड़ की नहीं है बल्कि ओडिशा के जगन्नाथ पुरी में जुटी भीड़ की है।

मीडिया से लेकर सोशल मीडिया पर ये तस्वीर केजरीवाल की गिरफ्तारी के साल भर पहले डाली जा चुकी है। मगर, फिर भी प्रदर्शन को मजबूत और व्यापक दिखाने के लगातार ऐसी तस्वीरें शेयर हो रही हैं।

इसके अलावा इस फोटो को ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी अपने अकॉउंट से 20 जून 2023 को शेयर किया था। इससे साफ होता है कि लोगों की भीड़ वाली ये तस्वीर पुरी की रथ यात्रा की ही है। इसके साथ ही ये भी साफ होता है कि वायरल तस्वीर का हाल ही में हुए केजरीवाल के लिए किए प्रदर्शन से कोई लेना-देना नहीं है।

बता दें कि अरविंद केजरीवाल शराब घोटाला मामले में ईडी द्वारा अरेस्ट किए गए हैं। उनके जेल जाने के बाद से आप समर्थकों ने दिल्ली की सड़कों पर हंगामा किया हुआ है। लेकिन जो भीड़ दिखाकर ये फैलाया जा रहा है कि इतने ज्यादा लोग केजरीवाल के लिए सड़कों पर आए वो बिलकुल गलत है।

JNU छात्र संघ के चुनाव में लेफ्ट को पीछे छोड़ ABVP ने बनाई बढ़त, अध्यक्ष से लेकर महासचिव पद के प्रत्याशी चल रहे आगे: चार साल बाद हुए चुनाव में हुआ था रिकॉर्ड तोड़ मतदान

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) छात्र संघ (JNUSU) चुनाव की मतगणना जारी है। इसके नतीजे रविवार (24 मार्च 2024) को रात 9 बजे घोषित किए जाएँगे। हालाँकि, सामने आ रहे शुरुआती रुझानों में भाजपा की छात्र ईकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) आगे निकलती दिख रही है। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव और महासचिव को लेकर हुए चुनाव में रिकॉर्ड मतदान हुए थे।

JNUSU चुनाव में 1,421 मतपत्रों की गिनती में ABVP चारों सीटों पर आगे है। अध्यक्ष पद पर ABVP के उमेश चंद्र अजमेरा को 626 वोट मिले हैं। वहीं, लेफ्ट के धनंजय को 471 वोट मिले हैं। 19 उम्मीदवार जेएनयूएसयू केंद्रीय पैनल में पदों के लिए और 42 स्कूल काउंसलर्स के लिए मैदान में हैं। इनमें से 8 दावेदार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं।

उपाध्यक्ष पद के लिए ABVP की दीपिका शर्मा को 319 मत मिले हैं। वहीं, लेफ्ट के अविजीत घोष को 177 और INDP के अंकुर राय को 201 मिले हैं। संयुक्त सचिव के पद के लिए हुए मतदान में ABVP के गोविंद डांगी को 450 मत मिले हैं, जबकि लेफ्ट के मोहम्मद साजिद को 189 मत मिले हैं। महासचिव पद के चुनाव में ABVP के अर्जुन आनंद को 424 मत मिले हैं। वहीं लेफ्ट समर्थित BAPSA की उम्मीदवार प्रियांशी आर्य को 211 मत मिले।

बता दें कि JNU में चार साल बाद छात्र संघ का चुनाव हुआ है। इसके लिए शुक्रवार (22 मार्च 2024) को मतदान हुए थे। इस बार 73 प्रतिशत की रिकॉर्ड वोटिंग हुई। यह पिछले 12 वर्षों में सबसे अधिक है। इस चुनाव में 7,700 से अधिक पंजीकृत मतदाताओं ने मतदान किया। साल 2019 में मतदान का प्रतिशत 67.9 था।

इस बार वामपंथी संगठन यूनाइटेड लेफ्ट के बैनर तले अपने उम्मीदवार उतारे। गठबंधन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (DSF), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) शामिल हैं। लेफ्ट ने अध्यक्ष के लिए धनंजय, उपाध्यक्ष के लिए अविजीत घोष और संयुक्त सचिव के लिए मोहम्मद साजिद को मैदान में उतारा है।