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अल्लाह-हू-अकबर के नारे, अंधाधुंध गोलीबारी और सिर तन से जुदा: मॉस्को कॉन्सर्ट हॉल में हमला करने वाले ISIS आतंकियों का Video आया सामने

इस्लामिक स्टेट ने उन हमलावरों की तस्वीरें जारी की हैं, जिन्होंने मॉस्को के क्रोकस सिटी हॉल में घातक गोलीबारी की थी। बता दें कि इस्लामिक स्टेट आतंकवादी समूह ने मॉस्को के एक शॉपिंग मॉल और संगीत स्थल क्रोकस सिटी हॉल में 23 मार्च 2024 को हुए हमले की बॉडीकैम फुटेज जारी की है। इस हमले में 133 लोगों की मौत हो चुकी है, तो 107 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें बचाने की कोशिशें की जा रही हैं।

पूर्व में इराक और सीरिया में सक्रिय इस्लामिक स्टेट आतंकवादी समूह ने वीडियो जारी किया है जिसमें कथित तौर पर मॉस्को में कॉन्सर्ट हॉल पर हमला करने वाले चार बंदूकधारी दिख रहे हैं। इस्लामिक स्टेट से जुड़ी अमाक एजेंसी ने टेलीग्राम पर कहा कि यह हमला इस्लामिक स्टेट और उसकी विचारधारा का विरोध करने वाले देशों के बीच चल रहे संघर्ष का हिस्सा था।

अमाक द्वारा इस हमले का फुटेज भी जारी किया गया है, जिसे कथित तौर पर कार्यक्रम स्थल की ओर जाते समय अपराधियों द्वारा फिल्माया गया था। फ़ुटेज में कम से कम तीन व्यक्तियों को दिखाया गया है, एक के पास बैकपैक है, दूसरे के हाथ में चाकू है और तीसरे के हाथ में राइफल है।

इस बीच, डच नेता गीर्ट वाइल्डर्स ने वीडियो शेयर किया है और लिखा है, “मॉस्को में निर्दोष रूसियों को मारने के बाद आतंकवादियों ने “अल्लाहु अकबर” नारा लगाया। आईएसआईएस फिर से मजबूत होता जा रहा है। आज मास्को कल एम्स्टर्डम, लंदन, बर्लिन या पेरिस जब तक हम उन्हें नहीं रोकते।”

वहीं, रूसी न्यूज चैनलों ने चार हमलावरों के पकड़े जाने की फुटेज ब्रॉडकास्ट की है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। इन व्यक्तियों को सात अन्य लोगों के साथ घटना के सिलसिले में शनिवार को गिरफ्तार किया गया था। इस हमले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कथित तौर पर संदिग्धों को रूस-बेलारूस सीमा के पास खात्सुन गाँव में पकड़ा गया था। पूछताछ के दौरान, एक संदिग्ध ने पैसों के बदले लोगों को गोली मारने की बात कबूल की और दावा किया कि उसे इस कृत्य के लिए पाँच लाख रूबल ($5,425) की पेशकश की गई थी।

रूसी टेलीग्राम चैनलों पर प्रसारित फुटेज में एक व्यक्ति को चेहरे पर खून लगा हुआ, संभवतः कान की चोट के कारण, जंगल से निकलते हुए दिखाया गया है। एक अन्य वीडियो में वही व्यक्ति घुटनों के बल बैठकर सवालों का जवाब देता नजर आ रहा है। रूसी आंतरिक मंत्रालय ने कहा है कि सभी चार संदिग्ध विदेशी नागरिक हैं, एक रूसी सांसद ने सुझाव दिया है कि कुछ ताजिकिस्तान से हो सकते हैं।

वहीं, हमले के बारे में राष्ट्र को संबोधित करते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपराधियों के साथ-साथ नरसंहार का आयोजन और आदेश देने वालों को “उचित और अनिवार्य रूप से दंडित” करने की कसम खाई। राष्ट्रपति पुतिन ने दावा किया कि हमलावरों ने नरसंहार के बाद यूक्रेन की ओर भागकर पकड़ से बचने का प्रयास किया। रूस की एफएसबी सुरक्षा सेवा ने बताया कि बंदूकधारियों के यूक्रेन में संबंध थे और उन्हें सीमा के पास पकड़ा गया था, उन्हें मॉस्को लाया जा रहा है। 23 मार्च को हुआ हमला रूस में दो दशकों में सबसे घातक बताया गया है।

इस बीच, 23 मार्च के हमले में मरने वालों की संख्या 133 हो गई है, मॉस्को के क्षेत्रीय गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव ने मलबे से शव मिलने की पुष्टि की है। चिकित्सा कर्मी घटना के दौरान लगी चोटों के कारण 107 व्यक्तियों का इलाज कर रहे हैं। बेलारूसी मीडिया आउटलेट नेक्स्टा की रिपोर्टों से पता चलता है कि क्रोकस सिटी हॉल के भीतर विभिन्न स्थानों पर शव पाए गए, जिनमें क्रोकस सिटी हॉल के एक शौचालय में 28 शव पाए गए हैं, तो बाहर निकलने वाली सीढ़ियों में से एक पर 14 शव पाए गए।

JDU ने लवली आनंद को शिवहर से और ललन सिंह को मुंगेर से उतारा: महागठबंधन में सीट बँटवारे के बिना राजद द्वारा 10 सिंबल बाँटने की खबर

लोकसभा चुनाव 2024 के लिए जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने बिहार में अपने 16 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की कर दी है। पार्टी ने पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह की पत्नी लव आनंद को शिवहर से और पूर्व पार्टी अध्यक्ष ललन सिंह को मुंगेर से मैदान में उतारा है। वहीं, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने भी उत्तर प्रदेश में 16 उम्मीदवारों की घोषणा की है। पार्टी ने सहारनपुर से माजिद अली को और अमरोहा से मुजाहिद हुसैन को टिकट दिया।

जदयू ने जहानाबाद से चंद्रेश्वर चंद्रवंशी को, नालंदा से कौशलेंद्र को, भागलपुर से अजय कुमार मंडल को, बांका से गिरधारी यादव को, गोपालगंज से डॉक्टर आलोक सुमन को और झंझारपुर से रामप्रीत मंडल को टिकट दिया है। इसके अलावा, कटिहार से दुलालचंद गोस्वामी को, मधेपुरा से दिनेशचंद्र यादव को, पूर्णिया से संतोष कुशवाहा को, सुपौल से दिलेश्वर कामत को वाल्मीकिनगर से सुनील कुमार को, सीतामढ़ी से देवेश चंद्र ठाकुर को, सिवान से विजयलक्ष्मी को और किशनगंज से मुजाहिद आलम को मैदान में उतारा है।

बता दें कि बिहार में लोकसभा की कुल 40 सीटें हैं। जदयू NDA का हिस्सा और टिकट बँटवारे में जदयू को 16 सीटें मिली हैं। भाजपा के खाते में 17 सीटें गई हैं। बाकी बची हुईं 7 सीटें गठबंधन के अन्य हिस्सेदारों को मिले हैं। इनमें चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 5 सीटें, उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा को एक सीट, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को 1 सीट मिली हैं।

उधर, विपक्षी दलों के महागठबंधन में कॉन्ग्रेस, राजद और वाम दलों के बीच सीटों के बँटवारे पर अभी बात नहीं बनी है। इसके बावजूद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने अपने 10 उम्मीदवारों को पार्टी सिंबल बाँट दिए। अभय कुशवाहा को औरंगाबाद से, श्रवण कुशवाहा को नवादा से, कुमार सर्वजीत को गया से और अर्चना रविदास को जमुई से चुनावी सिंबल दिया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पाटलिपुत्र संसदीय सीट से लालू प्रसाद ने अपनी पुत्री मीसा भारती, जहानाबाद से पूर्व मंत्री सुरेंद्र यादव और बक्सर से सुधाकर सिंह को सिंबल दिया है। वहीं, बाँका से जयप्रकाश नारायण यादव और मुंगेर से अशोक महतो की पत्नी अनिता कुमारी को सिंबल दे दिया है। वहीं, भाकपा (माले) ने बिहार में अपने दो उम्मीदवारों की घोषणा की है। माले ने आरा सीट से अपने वर्तमान विधायक सुदामा प्रसाद और काराकाट से राजाराम को प्रत्याशी घोषित किया है।

अगर बहुजन समाज पार्टी की बात करें तो उसने अपने 16 उम्मीदवारों में गौतमबुद्ध नगर से राजेन्द्र सिंह सोलंकी को, कैराना से श्रीपाल सिंह को, बिजनौर से विजेन्द्र सिंह को, नगीना (SC) से सुरेन्द्र पाल सिंह को, बुलन्दशहर (SC) से गिरीश चन्द्र जाटव को, शाहजहाँपुर (SC) से दोदराम वर्मा को, मुजफ्फरनगर से दारा सिंह प्रजापति को टिकट दिया है।

इसके अलावा पार्टी ने मेरठ से देववृत्त त्यागी को, बागपत से प्रवीण बंसल को, सहारनपुर से आबिद अली को, आंवला से आबिद अली को, पीलीभीत से अनीस अहमद खाँ उर्फ फूल बाबू को, मुरादाबाद से मोहम्मद इरफान सैफी को, रामपुर से जीशान खान को, सम्भल से शौलत अली को और अमरोहा मुजाहिद हुसैन को मैदान में उतारा है।

‘साजिद ने हमारे बच्चों को क्यों मारा?’ : 5 दिनों से रो-रोकर सवाल पूछ रहा पीड़ित परिवार, परेशान पिता ने निराश होकर अपनी ही बाइक फूँकी

बदायूँ डबल मर्डर केस के पीड़ित दोनों बच्चों के पिता विनोद पुलिस की कार्यप्रणाली से परेशान हैं। उन्होंने अपनी बाइक फूँक दी और कथित तौर पर आत्मदाह की कोशिश की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार (24 मार्च 2924) सुबह करीब 10 बजे विनोद ने ये कदम उठाया। वो पूछ रहे हैं कि ‘मेरे बच्चों को साजिद ने क्यों मारा, इसका कोई जवाब तो मुझे दे दे।’ वो पुलिस की कार्यप्रणाली से बेहद खफा हैं और न्याय की माँग कर रहे हैं।

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, बदायूँ शहर की बाबा कॉलोनी में रहने वाले पीड़ित ने रविवार सुबह करीब दस बजे घर के सामने अपनी बाइक में आग लगा दी और आत्महत्या की कोशिश की। यह देख कर मौके पर मौजूद लोगों में खलबली मच गई। सूचना पर तुरंत पुलिस पहुँच गई और घटनास्थल से महज 500 मीटर दूरी पर ही मौजूद फायर स्टेशन से दमकल विभाग पहुँच गई और बाइक में लगी आग को बुझाया। स्थानीय लोग भी इस घटना की पुष्टि कर रहे हैं। एक व्यक्ति ने बताया कि विनोद कुमार ने अपनी बाइक घर से निकाल कर बाहर खड़ी की थी। फिर बाइक में पेट्रोल का पाइप खींच दिया, जिससे उसका पेट्रोल बाहर निकलने लगा। उसने तुरंत माचिस की तीली जलाकर आग लगा दी और आत्महत्या की कोशिश की।

दो दिन पहले दी थी आत्मदाह की चेतावनी

हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चों के पिता विनोद ठाकुर साजिद द्वारा बच्चों की हत्या के पीछे की असली वजह को पता लगाने की माँग की जा रही है, लेकिन पुलिस का दावा है कि परिवार पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट है। हालाँकि विनोद ठाकुर ने दो दिन पहले ही कहा था कि अगर हत्या का मकसद पता नहीं चला और उन्हें न्याय नहीं मिलास तो वो पूरे परिवार के साथ आत्मदाह कर लेंगे।

जानकारी के मुताबिक, विनोद ने बाइक को आग के हवाले करने के बाद कार को भी गराज से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन जब लोगों ने उन्हें रोक लिया, तो उन्होंने खुद को आग लगाने की कोशिश की। इसके बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें पकड़ लिया और उठाकर घर के अंदर ले गए।

इस घटनाक्रम की सूचना पाकर तुरंत ही सीओ सिटी आलोक मिश्रा मौके पर पहुँच गए। इसके साथ ही इंस्पेक्टर गौरव बिश्नोई भी मौके पर पहुँचे। उन्होंने विनोद ठाकुर को निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

केजरीवाल को जेल में आई दिल्ली वालों की याद, पत्र लिखकर कहा- पानी की तकलीफ मत होने देना: लोग बोले- पूरा ड्रामा और पब्लिसिटी स्टंट

आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल का जेल जाने के बाद रविवार (24 मार्च 2024) को एक पत्र सामने आया है। इस पत्र में फिलहाल जेल में बंद अरविन्द केजरीवाल ने दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी मार्लेना को कुछ आदेश दिए हैं। इन निर्देशों में दिल्ली की जनता को पानी की सप्लाई सुचारु रूप से चलाने और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करने को कहा गया है। हालाँकि नेटीजेंस ने इसे एक ड्रामा करार देते हुए दिल्ली की वर्तमान जलमंत्री की क्षमताओं पर सवाल खड़े किए हैं।

ANI द्वारा शेयर किए गए इस पत्र में ऊपर दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय लिखा हुआ है। नीचे अरविन्द केजरीवाल छपा हुआ है। पत्र में उन्होंने आगे लिखा है, “मुझे पता चला है कि दिल्ली के कुछ इलाकों में पानी और सीवर की कुछ समस्याएँ हो रहीं हैं। इसे लेकर मैं चिंतित हूँ। चूँकि मैं जेल में हूँ इस वजह से लोगों को कोई तकलीफ नहीं होनी चाहिए। गर्मियाँ भी आ रहीं हैं। जहाँ पानी की कमी है वहाँ उचित सँख्या में टैंकरों का इंतजाम कीजिए।”

अरविन्द केजरीवाल ने इसी पत्र में आतिशी को आगे निर्देश दिया है कि वो दिल्ली के मुख्य सचिव को आदेश दें। इस आदेश में जनता को कोई तकलीफ न होने का ध्यान रखने को कहा गया है। अरविन्द केजरीवाल ने आतिशी से कहा है कि जरूरत पर वो उपराज्यपाल का भी सहयोग लें। केजरीवाल ने उम्मीद जताई है कि दिल्ली की समस्याओं के समाधान में उपराज्यपाल भी मदद करेंगे।

इस पत्र पर आतिशी मार्लेना का भी बयान आया है। उन्होंने अरविन्द केजरीवाल द्वारा खुद को चिट्ठी भेजे जाने की पुष्टि की है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए उन्होंने केजरीवाल को दिल्ली की जनता का शुभचिंतक बताया है। वहीं यह पत्र वायरल होते ही नेटीजेंस तरह-तरह के कमेंट करने लगे हैं।

अमिताभ चौधरी ने अरविन्द केजरीवाल के इस पत्र को ड्रामा करार दिया है। उन्होंने अपने X हैंडल से लिखा है कि दिल्ली के लोगों का ध्यान रखने के लिए आतिशी मर्लेना अपनी तरफ से फैसले क्यों नहीं ले सकती हैं। अमिताभ चौधरी ने इसे अरविन्द केजरीवाल का मीडिया और पब्लिसिटी स्टंट करार दिया है।

चित्र साभार- X/@MithilaWaala

इस पत्र के सामने आने के बाद विभूति सिंह ने लिखा, “जेल जाते ही जनता की समस्या याद आने लगी। जब शीशमहल में थे तब इनको दिल्ली की समस्या का पता नहीं चलता था। लेकिन भ्रष्टाचार में अंदर जाते ही जनता की समस्या का पता चलने लगा। जब जलमंत्री को इस बात का पता नहीं है कि कहाँ पानी की समस्या है और कहाँ सीवर की समस्या है, तो उसे कामचोरी और निकम्मेपन के लिए इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।”

चित्र साभार- X/@VibhutiSinghIND

इसी पत्र पर अपने विचार रखते हुए अभिषेक रंजन ने लिखा, “कामचोर। बाहर रहते तो किया नही कुछ, अंदर से आर्डर दे रहा है।”

चित्र साभार- X/@1abhimat

इनके अलावा कई अन्य सोशल मीडिया यूजर भी इस पत्र को पब्लिसिटी स्टंट बता कर तमाम तरह के सवाल खड़े कर रहे। वकील पुनीत सिंह ने अरविन्द केजरीवाल को गजब का आदमी बताया और लिखा कि दिल्ली की सड़कों पर पानी है ये इन्हे जेल जाने के बाद पता चला।

बताते चलें कि करोड़ों रुपए के शराब कांड घोटाले में संलिप्तता के आरोपों के चलते अरविन्द केजरीवाल फिलहाल जेल में हैं। ED द्वारा लगातार नोटिस देने के बावजूद वो पेश नहीं हुए। इसी मामले में केजरीवाल के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और मंत्री सत्येंद्र जैन पहले से ही जेल काट रहे हैं।

जिन्होंने भारत को राफेल दिलाने के लिए की फ्रांस से बात, वो पूर्व वायुसेना प्रमुख अब BJP में शामिल: मेरठ या गाजियाबाद से चुनावी मैदान में उतरने के कयास

भारतीय वायुसेना के पूर्व प्रमुख एयर चीफ मार्शल (सेवानिवृत्त) राकेश कुमार सिंह भदौरिया रविवार (24 मार्च 2024) को भाजपा में शामिल हो गए। पार्टी महासचिव विनोद तावड़े और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर की उपस्थिति में उन्होंने दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ली। माना जा रहा है कि भाजपा उन्हें मेरठ या गाजियाबाद से लोकसभा चुनाव 2024 में उतार सकती है।

भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष जयप्रकाश नड्डा को धन्यवाद दिया। सितंबर 2021 में सेवा से रिटायर होने वाले राकेश सिंह भदौरिया ने कहा, “मुझे भाजपा में शामिल होने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का मौका देने के लिए मैं पीएम मोदी, भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा और अन्य नेताओं को धन्यवाद देता हूँ।”

भारत को राफेल जेट दिलाने में राकेश सिंह भदौरिया की महत्वपूर्ण भूमिका थी। भारत की ओर से जो टीम फ्रांस से 36 राफेल जेट खरीदने के लिए बातचीत कर रही थी, उस टीम का नेतृत्व पूर्व वायुसेना प्रमुख भदौरिया ही कर रहे थे। इसके अलावा भी उन्होंने कई सैन्य सुधारों में अपना योगदान दिया है। रक्षा सेवाओं में उनके पास लगभग चार दशक का अनुभव है।

लोकसभा चुनावों की घोषणा के बीच पूर्व वायुसेना प्रमुख के भाजपा में शामिल होने को लेकर कई तरह के कयास लग रहे हैं। कहा जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ या गाजियाबाद से उन्हें लोकसभा का उम्मीदवार बना सकती है। हालाँकि, इसको लेकर पार्टी की ओर से बयान जारी नहीं किया गया है।

बता दें कि भाजपा लोकसभा उम्मीदवारों की अपनी अगली सूची कभी भी जारी कर सकती है। पार्टी की तीसरी केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक शनिवार (23 मार्च 2024) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में हुई।

इस बैठक में राज्यों के संभावित उम्मीदवारों की सूची पर चर्चा की गई। इस बैठक में ओडिशा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और राजस्थान के उम्मीदवारों के नामों पर गहन मंथन हुआ। बता दें कि लोकसभा की 543 सीटों के लिए 19 अप्रैल से एक जून के बीच सात चरणों में चुनाव होना है। वहीं, मतगणना चार जून को होगी। 

राकेश सिंह भदौरिया मूल रूप से आगरा जिले की बाह तहसील के रहने वाले हैं। वो पुणे स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के छात्र रह चुके हैं। उन्होंने 4250 घंटे से ज्यादा की उड़ान भरी है और उनके पास 26 विभिन्न प्रकार के लड़ाकू विमानों का अनुभव है। वे मार्च 2017 से अगस्त 2018 तक दक्षिणी वायु कमान के कमांडिंग-इन-चीफ थे। मई 2019 से सितंबर 2021 तक वे वायु सेना प्रमुख रहे।

सेवा काल के दौरान उन्हें कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। राकेश कुमार सिंह भदौरिया को अति विशिष्ट सेवा पदक, वायु सेना पदक और परम विशिष्ट सेवा पदक सहित कई पदकों से सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें जनवरी 2019 में भारत के राष्ट्रपति का मानद Aide De Campe नियुक्त किया गया था।

प्राचीन हिंदू मंदिर की जमीन पर मुस्लिम बना रहे अवैध मस्जिद, सांसद जकरिया ने किया उद्घाटन: बांग्लादेश में हिंदू विरोध में उतरे, PM शेख हसीना से हस्तक्षेप की माँग

बांग्लादेश के दिनाजपुर में एक प्राचीन हिन्दू मंदिर पर अवैध कब्ज़े का मामला सामने आया है। यह कब्ज़ा इस्लामी समूहों द्वारा किया जा रहा है। यहाँ मंदिर परिसर की जमीन पर मस्जिद बनाने का काम शुरू हो चुका है। इस अवैध निर्माण का उद्घाटन बांग्लादेश के एक मुस्लिम सांसद ने किया है। स्थानीय हिन्दू श्रद्धालुओं ने इसे मंदिर पर कब्ज़े की कोशिश बताते हुए विरोध शुरू कर दिया है। बांग्लादेश के अल्पसंख्यक समूहों ने एक स्वर में प्रधानमंत्री शेख हसीना से इस मामले में हस्तक्षेप करने की माँग की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला बांग्लादेश के दिनाजपुर का है। यहाँ के कहरुल उप जिला के अंतर्गत हिन्दुओं का एतिहासिक कांताज्यू मंदिर है। यहाँ के रहने वाले रंजीत कुमार ने बताया है कि मंदिर की जमीन कुल 62.46 एकड़ में है। यह जमीन तमाम सरकारी अभिलेखों में भी दर्ज है। आरोप है कि अब मंदिर की इसी जमीन पर अवैध तौर पर एक मस्जिद का निर्माण शुरू हो चुका है। इस मस्जिद को कुछ स्थानीय मुस्लिम ही बनवा रहे है। मस्जिद का उद्घाटन दिनाजपुर 1 संसदीय क्षेत्र से सांसद मोहम्मद ज़करिया जाका ने किया है।

बांग्लादेश के हिन्दू, बौद्ध और ईसाई एकता कांउसिल ने मंदिर की जमीन पर हो रहे इस अवैध कब्ज़े के खिलाफ नाराजगी जताई है। उन्होंने एक स्वर में इस जगह को पुरातात्विक और ऐतिहासिक स्थल बताया है। विरोध कर रहे अल्पंसख्यकों ने सांसद मोहम्मद ज़करिया के अलावा इलाके के डिप्टी कमिश्नर शकील अहमद पर भी कब्ज़े की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है। इन सभी ने इसे बांग्लादेश की छवि को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर धूमिल करने और देश में साम्प्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने वाली हरकत करार दिया है।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के संगठन ने प्रधानमंत्री शेख हसीना को पत्र लिख कर इस अवैध निर्माण पर रोक लगाने की माँग की है। हिन्दू संगठनों द्वारा प्रशासनिक स्तर पर किए गए प्रयासों के बाद फिलहाल निर्माण काम रोक दिया गया है। हालाँकि निर्माण का विरोध कर रहे रतन सिंह ने आरोप लगाया है कि रात में चोरी-छिपे अवैध निर्माण अभी भी जारी है। बताते चलें कि कांताज्यू मंदिर बांग्लादेश के हिन्दुओं की आस्था का एक बड़ा केंद्र है। यह मंदिर सैकड़ों साल पुराना बताया जाता है।

‘पैदल जा रहा हूँ ISIS में भर्ती होने, काफिरों रोक सको रोक लो’: IIT गुवाहाटी के तौसीफ अली ने LinkedIn पर लिखा खुला पत्र, असम STF ने रास्ते में धरा

असम पुलिस ने कथित तौर पर ISIS जॉइन करने निकले IIT छात्र को हिरासत में लिया है। उसका नाम तौसीफ अली फारूकी है। वह मूल रूप से दिल्ली के जामिया नगर का निवासी है जो IIT गुवाहाटी में बायोटेक्नॉलजी के चौथे वर्ष में पढ़ाई कर रहा था।

पुलिस को तौसीफ की सूचना एक ईमेल के जरिए मिली थी। पुलिस ने छानबीन की तो उसके हॉस्टल के कमरे से एक काले रंग का झंडा भी मिला। अब असम पुलिस की STF यूनिट मामले की जाँच कर रही है। यह कार्रवाई शनिवार (23 मार्च 2024) को की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तौसीफ अली ने अपने लिंकेडइन पर खुला पत्र लिखकर अपने ISIS में जाने की सूचना दी थी। वहीं पुलिस को इस बारे में एक ईमेल के जरिए से सूचना मिली थी। माना जा रहा है कि इसे खुद छात्र ने पुलिस के पास भेजा था।

ईमेल में उसने दावा किया था कि वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS के प्रति निष्ठा की शपथ ले चुका है। साथ ही उसने लिखा कि वह ISIS में भर्ती होने के लिए निकल चुका है। इस ईमेल की फ़ौरन जाँच करवाई गई। जाँच के दौरान पता चला कि ईमेल भेजने वाला छात्र शनिवार से ही फोन बंद करके लापता है।

इसके बाद पुलिस ने छात्र की तलाश शुरू कर दी। आखिरकार शनिवार की शाम उसकी लोकेशन गुवाहाटी से लगभग 30 किलोमीटर दूर हाजो इलाके में मिली। पुलिस ने दबिश दे कर छात्र को हिरासत में ले लिया। उसे पकड़ कर गुवाहाटी स्थित स्पेशल टास्क फ़ोर्स (STF) मुख्यालय लाया गया है। यहाँ संदिग्ध से पूछताछ की जा रही है।

अपने पत्र में ISIS ज्वाइन करने निकले तौसीफ ने कहा था कि वह अपने आपको भारतीय संरचना से दूर करता है जिसमें उसके हिसाब से तथाकथित भारत का संविधान और अन्य संस्थान शामिल हैं। इसके बाद उसने अपने पत्र में इस्लामिक स्टेट ज्वाइन करने की जानकारी दी। उसने ये भी कहा कि वो ये यात्रा पैदल करने वाला है। अगर कोई ‘काफिर’ रोकना चाहता है तो उसे उसका सामना करना होगा। अपने पत्र में उसने उन रास्तों की पूरी जानकारी दी जहाँ से वो जाने वाला था। आखिर में उसने हिंदुओं को काफिर कहते हुए अल्लाह के आगे सिर झुकाने को भी पत्र में लिखा है। इसमें कहा है कि काफिर ये मानें इस दुनिया में कोई भगवान नहीं है सिर्फ अल्लाह हैं।

संदिग्ध छात्र गुवाहाटी के एक हॉस्टल में रह रहा था। पुलिस की एक टीम ने उसके कमरे की तलाशी ली। तलाशी के दौरान ही उसके कमरे से काले रंग का झंडा भी बरामद किया गया। पुलिस अधिकारी कल्याण कुमार पाठक ने बताया कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। मामले की जाँच की जा रही है।

बताते चलें कि अभी महज 4 दिन पहले असम पुलिस ने ISIS के भारत प्रमुख हारिश फारुखी को उसके साथी अनुराग सिंह सहित गिरफ्तार किया था। इन दोनों की गिरफ्तारी असम के धुबरी जिले से हुई थी। मूल रूप से पानीपत का रहने वाला अनुराग सिंह रेलवे का कर्मचारी है जो फिलहाल दिल्ली में तैनात है। हारिश फारुखी के सम्पर्क में आ कर अनुराग सिंह ने इस्लाम कबूल कर लिया था। मतांतरण के बाद उसका नया नाम रेहान है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या हिरासत में लिए गए छात्र का हारिश फारुखी और रेहान से कोई वास्ता है।

‘छोड़ेंगे नहीं, सबको मिलेगी सजा’ : मॉस्को आतंकी हमले के बाद राष्ट्रपति पुतिन ने खाई कसम, 11 संदिग्ध हिरासत में, 4 बंदूकधारी

रूस की राजधानी मॉस्को में हुए आतंकी हमले के बाद अब तक 11 संदिग्ध लोग हिरासत में लिए गए हैं। इनमें कथिततौर पर 4 बंदूकधारी भी है जिन्होंने निर्दोष लोगों पर हमला किया। रूसी प्रशासन का दावा है कि इन लोगों को मदद यूक्रेन से प्राप्त हुई थी। हमले के बाद ये लोग यूक्रेन के रास्ते रूस से भागने वाले थे। रूस को ये बिंदु पता लगने के बाद राष्ट्रपति पुतिन ने चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी हमलावरों की पहचान होगी और जो भी इसमें शामिल होगा हर किसी को सजा मिलेगी।

बता दें कि रूस की प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि आईएस आतंकियों को मदद मुहैया यूक्रेन ने कराई थी। हमलावर बॉर्डर पार कर सकें इसके लिए एक रास्ता यूक्रेन ने खोला हुआ था। वहीं यूक्रेन का कहना है कि वो इस आतंकी हमले में शामिल नहीं थे। उनकी लड़ाई रूस की सेना से न कि नागरिकों से।

राष्ट्रपति पुतिन ने इस घटना के बाद अपने संबोधन आतंकियों को सजा देने की कसम खाई। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “हम उन सभी लोगों की पहचान करेंगे और उन्हें दंडित करेंगे जिन्होंने आतंकवादियों को समर्थन दिया, जिन्होंने रूस के खिलाफ, हमारे लोगों के खिलाफ इस अत्याचार, इस हमले की तैयारी की।”

बता दें कि इस हमले में आतंकवादियों ने कॉन्सर्ट हॉल में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग की और बाद में बम भी फेंके। इन लोगों ने कॉन्सर्ट हॉल में आग लगाने के लिए पेट्रोल का इस्तेमाल किया। अब तक मौत का आँकड़ा 133 पहुँच गया है। वहीं 107 के करीब घायल हैं। 28 शव तो शौचालय में जबकि 14 शव सीढ़ियों पर मिले हैं। एक वीडियो भी सामने आई है जिसमें एक आतंकी लोगों को मारते हुए दिखाया जा रहा है और मारने के बाद उनका गला रेत रहा है। ये वीडियो कहाँ की है ये तो नहीं पता चल सका है लेकिन रूस में हमले के बाद इसे शेयर किया जा रहा है।

गौरतलब है कि जहाँ रूस ने 4 बंदूकधारियों को हिरासत में लेने की बात कही है। वहीं इस्लामिक स्टेट का कहना है कि सारे हमलावर हमले के बाद सुरक्षित रूप से अपने ठिकानों पर आ गए। अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, आतंकी हमला करने के बाद रेनॉल्ट गाड़ी में भागे थे। बाद में उन्हें दक्षिण-पश्चिम में ब्रांस्क क्षेत्र में देखा गया। पुलिस ने उनका पीछा गया और पकड़ने का प्रयास किया। बाद में उनकी कार से पिस्तौल, राइफल की मैग्जीन, ताजिकिस्तान के पासपोर्ट बरामद हुए। एक टीवी संपादक सिमोनियन ने यह भी जानकारी दी कि संदिग्ध लोगों में से एक आतंकी 4 मार्च को तुर्की से आया था। टीवी पत्रकार ने यह भी बताया है कि इन लोगों को पैसे देकर ये हमला करने के निर्देश टेलीग्राम के जरिए मिले थे।

‘राम का नाम क्यों ले रहे हो’: बोर्ड की परीक्षा बढ़िया होने पर हिंदू छात्र ने कहा ‘जय श्रीराम’ तो अतीक-अल्फाज ने पीटा, लड़के के पिता को भी धमकाया

गुजरात के अमरेली में 12वीं की छात्र को सिर्फ इसलिए पीटा गया, क्योंकि बोर्ड की परीक्षा में उसका पेपर अच्छा गया था, जिसके बाद उसने बोर्ड सेंटर के बाहर खुशी में ‘जय श्री राम’ का नारा लगाकर खुशी जताई थी। खास बात ये है कि उस छात्र की पिटाई करने वाले युवकों ने ये कहते हुए हिंदू छात्र को पीटा कि ये सेंटर मुस्लिम का है। जिस स्कूल में छात्र का सेंटर गया था, उसका नाम एमएमकेजी हाई स्कूल है। इस स्कूल का संचालन फैज़-ए-मुहम्मदी एजुकेशनल वेलफेयर एंड चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किया जाता है।

ये मामला सावरकुंडला का है, जहाँ भगवान राम का नाम लेने पर अतीक कुरैशी और अल्फाज कुरैशी ने छात्र को पीट दिया। उन्होंने कहा, ‘यहाँ क्यों राम का नाम ले रहे हो, क्या पता नहीं है कि किस जगह (स्कूल पर) खड़े हो।’ इस मामले में बाद में छात्र के पिता ने दोनों युवकों को समझाने के लिए बुलाया, तो दोनों ने उनके साथ भी बदतमीजी की और ‘कौम के भाइयों के लिए कुर्बान’ होने की बात कही। अब इस मामले में पीड़ित के पिता ने एफआईआर दर्ज कराई है।

ऑपइंडिया के पास मौजूद एफआईआर की कॉपी के मुताबिक, पीड़ित छात्र 20 मार्च को 12वीं की बोर्ड परीक्षा देने सावरकुंडला के एसएमकेजी हाई स्कूल गया था। यहाँ उसका पेपर अच्छा हुआ, तो उसने बाहर आकर ‘जय श्री राम’ का उद्घोष किया और भगवान को धन्यवाद कहा। लेकिन उसी सेंटर पर 12वीं की परीक्षा दूसरी बार दे रहे मोहम्मद अतीक कुरैशी को ये बात जँची नहीं। उसने कहा कि ‘चिल्लाओ मत, मेरा पेपर अच्छा नहीं गया है।’ ये बात कहने के बाद उसने पीड़ित के साथ झगड़ा किया।

एफआईआर की कॉपी

इस बीच अतीक का दोस्त अल्फाज कुरैशी भी वहाँ पहुँच गया। दोनों ने राम का नाम लेने पर हिंदू छात्र की पिटाई कर दी। जिसे बाकी छात्रों ने किसी तरह से छुड़ाया। यहाँ ध्यान देने वाली बात है कि पीड़ित छात्र ने भगवान राम को धन्यवाद कहने के लिए ‘जय श्री राम’ कहा था, न कि किसी को बुलाकर या संबोधित करके।

इस घटना के बाद छात्र ने अपने पिता को पूरी बात की जानकारी दी, जिसके बाद उन्होंने दोनों युवकों को फोन करके बुलाया। दोनों देर रात दुकान पहुँचे, लेकिन उन्होंने अपने गलती मानने की जगह हिंदू छात्र के पिता को ही धमका दिया और कहा कि ज्यादा समझदारी हो तो समझौता कर लो।

मामले में छात्र के पिता ने सावरकुंडला ग्रामीण पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मोहम्मद अतीक कुरेशी और अल्फाज कुरेशी दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 506(2) और 114 के तहत मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी।

एफआईआर की कॉपी

पीड़ित छात्र के पिता ने ऑपइंडिया से बात की। उन्होंने कहा कि उनका बेटा पेपर अच्छा होने के कारण अन्य छात्रों के साथ भगवान का नाम ले रहा था, तभी एक मुस्लिम छात्र ने पीछे से आकर उसे थप्पड़ मारा और कहा, “तुम्हें पता है, यह किसका स्कूल है? ये शब्द यहाँ नहीं बोल सकते। जाँच में पता चला कि सावरकुंडला के इस एसएमजीके स्कूल का प्रबंधन फैज़-ए-मुहम्मदी एजुकेशनल वेलफेयर एंड चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किया जाता है।

‘हम अपने भाइयों के लिए खुद को कुर्बान कर देंगे’

पीड़ित के पिता ने आगे कहा, “मेरे बेटे ने दोनों पीटे गए युवकों की स्कूटर के नंबर नोट कर लिए थे, इसलिए मेरी दुकान में पहले काम कर चुके एक व्यक्ति के माध्यम से मेरा अल्फाज और आरिफ (अल्फाज का अब्बा) से संपर्क हुआ। इसलिए उन दोनों को मेरी दुकान पर बुलाया गया।” उन्होंने कहा कि जब हम बात कर रहे थे तो आरिफ कुरेशी ने ‘हम अपने भाइयों के लिए कुर्बान हो जाएँगे’ कहकर मुझे जान से मारने की धमकी दी और चले गए। फिर मैं पुलिस स्टेशन गया और शिकायत दर्ज कराई।’

पुलिस ने की घटना की पुष्टि

ऑपइंडिया ने पूरे मामले में पुलिस कार्रवाई की जानकारी लेने के लिए पुलिस से भी संपर्क किया। मामले की जाँच कर रहे एएसआई वाई एस वनरा ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

तत्काल सुनवाई की केजरीवाल की याचिका दिल्ली हाई कोर्ट ने ठुकराई, ED गिरफ्तारी को दी थी चुनौती: शराब घोटाले में PMLA कोर्ट ने K कविता को भी नहीं दी राहत

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को हाई कोर्ट से फिर झटका लगा है। अदालत ने उनकी याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। सीएम केजरीवाल ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिमांड के खिलाफ अपनी अर्जी में रविवार यानी 24 मार्च 2024 की सुबह सुनवाई की माँग की थी।

दिल्ली हाईकोर्ट में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस मनमोहन की अदालत के मुताबिक, याचिका पर होली की छुट्टी के बाद यानी 27 मार्च को कोर्ट खुलने के बाद सुनवाई होने की उम्मीद है। सोमवार और मंगलवार (25-26 मार्च 2024) को हाईकोर्ट में अवकाश है।

वहीं, भारतीय राष्ट्रीय समिति (BRS) की नेता के. कविता को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 26 मार्च 2024 तक ED की रिमांड पर भेज दिया है। कोर्ट में ED ने रिमांड के लिए दलील दी कि के कविता का साक्ष्यों और केस के अन्य आरोपियों से आमान-सामना करवाना जरूरी है।

वहीं, अरविंद केजरीवाल को भी गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेश करते हुए ED ने दलील दी कि वे शराब घोटाले के मास्टरमाइंड हैं और कविता मनीष सिसोदिया और केजरीवाल के संपर्क में थीं। कोर्ट ने केजरीवाल को 28 मार्च (गुरुवार) को दोपहर 2 बजे तक ED की रिमांड पर भेजा है। अब खबर है कि अरविंद केजरीवाल, कविता और मनीष सिसोदिया को एक साथ बैठाकर पूछताछ हो सकती है।

ED ने कोर्ट में दलील दी कि के कविता के जरिए ही साउथ लॉबी (दक्षिण भारत के शराब कारोबारियों) ने 100 करोड़ रुपए की रिश्वत देकर नई शराब नीति में एंट्री की। इसमें मिले 100 करोड़ रुपए की रिश्वत में से आम आदमी पार्टी (AAP) ने 45 करोड़ रुपए गोवा चुनाव में खर्च किए।

ऐसे में ED सूत्रों का कहना है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कविता का आमान-सामना करना बेहद जरूरी है, ताकि नई शराब नीति की साजिश का खुलासा किया जा सके। इसमें प्रवर्तन निदेशालय कविता और अन्य आरोपितों से कई गंभीर सवाल कर सकती है।

अरविंद केजरीवाल से सामना के दौरान ED कविता से पूछ सकती है कि दिल्ली सरकार की नई शराब नीति के बारे में उन्हें जानकारी कैसे मिली। क्या आपने खुद दिल्ली सरकार को अप्रोच किया था या केजरीवाल सरकार की तरफ से प्रस्ताव आया था? अरविंद केजरीवाल से मुलाकात या संपर्क का जरिया क्या है? शराब नीति तैयार करते समय केजरीवाल से कितनी बार बातचीत या संपर्क हुए।

इसके अलावा भी प्रवर्तन निदेशालय अरविंद केजरीवाल और कविता से कई तरह के सवाल कर सकती है। वहीं, ED अरविंद केजरीवाल से पूछ सकती है कि कविता के जरिए साउथ लॉबी को नई शराब नीति के बारे में उन्हें जानकारी कब हुई। कविता से उनका संपर्क कब हुआ और क्या कविता के कहने पर प्रॉफिट मार्जिन 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत किया गया था?