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पीएम मोदी बोले -‘सिर्फ अपने लिए जिए तो क्या जिए? जीना है तो देश के लिए, मरना है तो देश के लिए’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीएनएन न्यूज18 द्वारा आयोजित राइजिंग भारत समिट को संबोधित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समिट में कहा कि ‘सिर्फ अपने लिए जिए तो क्या जिए, जीना है तो देश के लिए, मर्ना है तो देश के लिए।’ पीएम मोदी ने कहा कि नया भारत आतंकी हमलों के जख्म देने वालों को सबक सिखाता है। जो आतंकी हमलों के जख्‍म देते थे, उनकी क्‍या हालत है, देश भी देख रहा है दुन‍िया भी देख रही है।

नेशन फस्‍ट की नीयत से आगे चलना है

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि चुनाव प्रचार जोर पकड़ा रहा है। सरकार अपना र‍िपोर्ट कार्ड रख रही है। 25 साल का रोडमैप तैयार कर रहे हैं। तीसरे टर्म के 100 द‍िनों का प्‍लान बना रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि यहाँ बड़े-बड़े पत्रकार मौजूद हैं, पॉल‍िट‍िकल फील्‍ड के भी लोग हैं। सरकारों में ब्‍यूरोक्रेसी में काम कैसे होता है। एक फैक्‍टर क्‍या था? जो बदलाव आया। एक फैक्‍टर है- नीयत सही तो काम सही। हम ज्ञान में व‍िज्ञान में सबसे आगे हैं। हमें नेशन फस्‍ट की नीयत से आगे चलना है। ये फर्क बहुत बारीक है। ये बारीक फर्क ही देश को आगे ले जाता है। आप अपने काम को देश से जोड़ लेंगे देश के लक्ष्‍य से जोड़ लेंगे।

पीएम ने आगे कहा कि बीते 10 सालों में काफी बदलाव हुआ है। आज भारत का कॉन्फिडेंस लेवल हर भारतीय की बात में झलक रहा है। आज हम विकसित भारत की बात कर रहे हैं। आज हम आत्म निर्भर भारत की बात कर रहे हैं। हम सभी लोग ये उपलब्धियां देख रहे हैं। सिर्फ 10 साल में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले, भारत की अर्थव्यवस्था 10वें नंबर से ऊपर उठकर पाँचवें नंबर में आ गई। ऐसे कई चीजें बदली हैं।

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश की साख ग‍िर रही हो तो स्‍वाभ‍िमान भी नहीं रहेगा। साल 2014 से पहले क्‍या हाल था भ्रष्‍टाचार था? सरकार अपने भ्रष्‍टाचार को ड‍िफेंड करने में लगी रहती थी। आज सरकार भ्रष्‍टाचार पर एक्‍शन ले रही है। भ्रष्‍टाचारी झूठ बोल-बोल कर बचाव कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि अब सरकारी दफ्तर सेवा केन्‍द्र बन गए हैं, जबकि पहले दफ्तर पॉवर सेंटर बन गए थे।

पीएम मोदी ने कहा कि सरकारी कर्मचारी, कॉन्ग्रेस सांसद के घर से नोटों के ढेर न‍िकल रहे हैं। चारों तरफ बौखलाहट नजर आती है। पहले एक पीएम ने कहा था कि द‍िल्‍ली से एक रुपये तक भेजता हूँ तो 15 पैसा लोगों तक पहुँचता है। पैसा तो न‍िकलता था पर लोगों तक पहुँचता नहीं था। अगर पहले वाली समस्या होती तो 27 से 28 लाख करोड़ गरीबों तक पहुँचते ही नहीं।

देश ने मन बना ल‍िया है फ‍िर एक बार मोदी सरकार

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि 4 करोड़ फर्जी राशन कार्ड को हमने हटाया। कल्‍पना कीज‍िए क‍ितना बड़ा घोटाला था। आज हर क‍िसी को गरीब का चेहरा याद कीज‍िए, ज‍िसे राशन म‍िलना चाहिए उसे म‍िल नहीं रहा था। आज हमारी सरकार में उस गरीब को राशन म‍िला। आज जब वह गरीब मुझे आर्शी‍व‍ाद देता है और व‍िपक्ष मुझे गाल‍ियाँ देता है। देश ने मन बना ल‍िया है फ‍िर एक बार मोदी सरकार। पीएम मोदी ने कहा कि गरीबों को इलाज में काफी दिक्कत होती थी। आप सोच‍िए अपमान के क‍ितने घूँट पीने पड़ते थे। गरीब के सामान्‍य जन के दुख दर्द का अपमान जानने के लिए मुझे किसी किताब की जरूरत नहीं है। ज‍िसको क‍िसी ने नहीं पूछा, उसे मोदी ने पूजा है। एक बैंक खाता खोलने के ल‍िए गरीब से गारंटी नहीं लेता था। ज‍िसकी गारंटी कोई नहीं लेता था, उसकी गारंटी मोदी ने ली है।

मिडिल क्लास को राहत देने की कोशिश

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश का हर गरीब मोदी की गारंटी पर व‍िश्‍वास करता है। ये तो अभी कुछ नहीं अभी तो और आगे जाना है। पीएम मोदी ने कहा कि म‍िड‍िल क्‍लास जो कठिनाइयों से लड़कर आगे आ गया। म‍िड‍िल क्‍लास के सामने टैक्‍स का जंजाल, छोटे काम के ल‍िए सरकारी दफ्तर के चक्‍कर, ज‍ीवन के हर दायरे में समस्‍या ही समस्‍या थी। मिडिस क्लास तीन जरूरतों-घर बनाना, बच्चों की शादी करना और उनकी नौकरी लग जाए- इसके आगे सोच ही नहीं पाता था। सरकार ने इसकी दिशा में काम किया है।

जेलेंस्की-पुतिन ने PM मोदी को चुनाव बाद अपने-अपने देश आने का दिया न्योता, कहा – भारत कराए समझौता: विदेशी नेता भी मान रहे तीसरी बार सत्ता में लौट रही BJP

अभी भारत में चुनाव हुए भी नहीं हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विदेश से चुनाव बाद के आमंत्रण आने लगे हैं। रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन से बात करने के कुछ ही घंटों बाद पीएम मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की से फोन पर बातचीत की। बता दें कि रूस और यूक्रेन में पिछले 2 वर्षों से युद्ध चल रहा है और हाल ही में पुतिन ने चेताया था कि अगर NATO यूक्रेन में उतरता है तो तृतीया विश्व युद्ध होने से कोई नहीं रोक पाएगा। इस तनाव के बीच पीएम मोदी ने दोनों नेताओं से बात की।

बताया जा रहा है कि पुतिन और जेलेंस्की दोनों ने ही चुनाव बाद पीएम मोदी को अपने-अपने देश आने का न्योता दिया है। साथ ही दोनों ने ये भी कहा है कि वो भारत को समझौता करा कर शांति स्थापित कराने वाले देश के रूप में देखते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले 2019 में रूस के दौरे पर गए थे। पीएम मोदी को न्योता मिलना ये भी दिखाता है कि अन्य देश भी ये मान कर चल रहे हैं कि बतौर प्रधानमंत्री लगातार तीसरी बार उनकी वापसी तय है और जनादेश उनके ही पक्ष में जाने वाला है।

पीएम मोदी ने वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की से रूस-यूक्रेन के आम लोगों के बीच संबंध प्रगाढ़ करने के साथ-साथ रूस से यूक्रेन का तनाव खत्म करने पर भी बात की। उन्होंने कहा कि बातचीत और कूटनीति के जरिए ही युद्ध को समाप्त किया जा सकता है। जापान के हिरोशिमा में मई 2023 में पीएम मोदी ने G7 समिट से इतर जेलेंस्की से मुलाकात भी की थी। भारत ने यूक्रेन को मानवीय सहायता भी भेजी थी, जिसके लिए जेलेसी ने पीएम मोदी को ताज़ा बातचीत के दौरान धन्यवाद दिया।

इससे पहले पुतिन के फिर से रूस का राष्ट्रपति चुने जाने पर पीएम मोदी ने उन्हें फोन कॉल कर के बधाई दी थी। इस दौरान दोनों ने भारत-रूस के रणनीतिक संबंधों को प्रगाढ़ करने पर सहमति जताई। पुतिन 87.17% वोटों से फिर से रूस के प्रेजिडेंट चुने गए हैं। इससे पहले 2000, 2004, 2012 और 2018 में भी वो राष्ट्रपति का चुनाव जीत चुके हैं। पश्चिमी देशों ने इस चुनाव को अलोकतांत्रिक करार दिया है। यूक्रेन ने यूएस कॉन्ग्रेस से 60 बिलियन डॉलर के पैकेज को अनब्लॉक करने की माँग की है, जो राजनीतिक खींचातानी में अटकी हुई है।

तालिबान ने डूरंड रेखा पर मचाई तबाही, पाकिस्तानी सेना के बॉर्डर पोस्ट को किया बर्बाद: अपने ही बुने जाल में बुरी तरह से फँस गया आतंकिस्तान?

अफगानिस्तान में 90 के दशक में तबाही मचाने में पाकिस्तान ने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। सारी दुनिया को पता है कि अफगानिस्तान में मुजाहिद्दीनों का शासन लाने के लिए पाकिस्तान ने क्या कुछ नहीं किया। फिर उन्हीं मुजाहिद्दीनों को सत्ता से बाहर करने में फिर से पाकिस्तान की दुर्गति हुई, लेकिन अपने फायदे के लिए पाकिस्तान ने मुजाहिद्दीनों को पालना जारी रखा। अब बीते कुछ सालों में तालिबानी मुजाहिद्दीनों ने जब सत्ता पर कब्जा कर लिया है, तो वो पाकिस्तान के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो रहे हैं। अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान ने साफ कह दिया है कि वो पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच खींचे गए काल्पनिक डूरंड रेखा को मानते ही नहीं और वो लगातार पाकिस्तान की ओर बढ़ रहे हैं। अब तालिबान के लड़ाकों ने पाकिस्तानी सेना की पोस्ट को बुरी तरह से तबाह कर दिया और पाकिस्तान की सेना बेबस देखती रह गई।

पाकिस्तान को उम्मीद थी कि तालिबान उसके समर्थन से इस बार काबुल पर काबिज होगा, तो चीजें उसके मनमुताबिक चलेंगी। वो पाकिस्तान के लिए कहर बनकर उभरे तहरीक-ए-तालिबान-पाकिस्तान (टीटीपी) पर लगाम लगाएगा, लेकिन हुआ एकदम उल्टा। पाकिस्तान में टीटीपी की छतरी तले तमाम संगठन एकजुट हो गए और पाकिस्तान को घाव पर घाव देने लगे।

इस बीच, पाकिस्तान ने टीटीपी को सबक देने के लिए अफगानिस्तान के अंदर एयरस्ट्राइक कर दी, जिसका खामियाजा उसे बॉर्डर पर भुगतना पड़ रहा है। जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान के एयरस्ट्राइक से नाराज तालिबान के लड़ाकों ने दोनों देशों की सीमा पर स्थित पक्तिका बॉर्डर पोस्ट को तबाह कर दिया। यही नहीं, पाकिस्तान पूरे अफगानिस्तानी सीमा पर जो बाड़बंदी कर रहा था, उसे भी तालिबानी लड़ाकों ने उखाड़ फेंका है।

बता दें कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के अंदर जो एयरस्ट्राइक की थी, उसमें तीन बच्चों समेत 8 लोगों की जान चली गई। पाकिस्तान के इस हमले से भड़के तालिबान ने पाकिस्तान को अंजाम भुगतने की धमकी दे डाली थी। और अब तालिबान के लड़ाकों ने पक्तिका बॉर्डर पोस्ट को ही उजाड़ दिया। पाकिस्तानी सेना के जवान अपनी जान बचाकर भाग खड़े हुए।

सोमवार (18 मार्च 2024) को तालिबान की ओर से आधिकारिक बयान भी जारी किया गया था। इस बयान में कहा गया, “खोस्त, बरमल, पक्तिका जिलों में नागरिक घरों पर कथित पाकिस्तानी बमबारी के जवाब में अफगान सीमा बलों ने भारी तोपखाने के साथ पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।” तालिबान की तरफ से जारी आधिकारिक बयान बता रहा है कि तालिबानी लड़ाकों ने पाकिस्तानी सेना पर जो हमला किया है, वो ऊपर से मिले यानी काबुल से मिले आदेश के बाद किया गया।

गौरतलब है कि पाकिस्तान पर हमेशा से तालिबान का साथ देने का आरोप लगता रहा है। हालाँकि वो हमेशा इस बात को नकारता रहा, लेकिन हकीकत यही है कि पाकिस्तान ने ही हमेशा से न सिर्फ तालिबान के लड़ाकों को आश्रय दिया, बल्कि उनकी ट्रेनिंग की भी व्यवस्था की। अब तालिबान अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज होने के बाद पुरानी नीति पर चल चुका है। तालिबान ने हमेशा से ही डूरंड रेखा को नकारा है। इसी लाइन पर वो आज भी चल रहा है। वहीं, पाकिस्तान को उम्मीद थी कि वो तालिबान को मना लेगा और अफगानिस्तान में खुद के हिसाब से राज करेगा, लेकिन उसका दाँव पूरी तरह से उल्टा पड़ गया है। अब तालिबान उसकी एक नहीं सुन रहा है, साथ ही वो पाकिस्तान को घाव पर घाव दे रहे टीटीपी पर भी कोई कार्रवाई करता नजर नहीं आ रहा है।

‘ऐसे नरपिशाच समाज में रहने लायक नहीं’: मृतक आयुष के बोले शिक्षक, स्थानीय व्यक्ति ने कहा- प्लानिंग के तहत बड़ा छुरा लेकर आया था साजिद

उत्तर प्रदेश के बदायूँ में 19 मार्च 2024 की शाम को साजिद ने दो हिन्दू बच्चों- आयुष (14) और हनी (6) की उनके ही घर में गला रेत कर हत्या कर दी। आरोपित साजिद का एनकाउंटर हो गया है। इस घटना में जावेद नाम का शख्स भी संलिप्त बताया जा रहा है। पुलिस साजिद के परिजनों से पूछताछ कर रही है। वहीं, ऑपइंडिया ने ग्राउंड पर जाकर हालात का जायजा लिया, जिसमें कई तथ्य सामने आए।

ऑपइंडिया की टीम ने पीड़ित परिवार के घर का दौरा किया। जिस जगह पर घटना को अंजाम दिया गया है, वहाँ हर तरफ खून बिखरा हुआ है। 24 घंटे से अधिक समय गुजर जाने के बाद खून सुखकर काले पड़ चुके हैं। घटनास्थल का जायजा लेने के दौरान हमने पाया कि सिर्फ जमीन पर ही नहीं, बल्कि आसपास की दीवारों पर भी खून के छींटे फैले हुए हैं। दोनों बच्चों के चप्पल अभी भी वहाँ पड़े हुए हैं।

दीवारों पर खून के छींटों के साथ ही धब्बे हैं। इन्हें देखकर ऐसा लगता है कि जिस वक्त साजिद ने बच्चों पर हमला किया था, उस वक्त वे उसकी गिरफ्त से भागने के लिए खूब संघर्ष किया था। छत पर पहुँचने वाले दरवाजे पर खून से सने हाथों के निशान है। इससे लगता है कि बच्चों ने दरवाजा भी खोलकर भागने की कोशिश की होगी। हालाँकि, वे उस हैवान के चंगुल से बचने में नाकाम रहे।

जिस छत पर इस घटना को अंजाम दिया गया वह पूरी तरह से खुली हुई है। आसपास घनी आबादी है। कई छत पीड़ित परिवार की छत से सटे हुए बने हैं। ऐसे में जिस वक्त हैवान साजिद इस घटना को अंजाम दे रहा होगा, उस वक्त बच्चे काफी चीख-चिल्ला भी रहे होंगे। हो सकता है कि कुछ लोग अपने घर की छतों पर भी हों और इस भयानक मंजर को देखा हो।

हालाँकि, अभी तक ऐसा कोई व्यक्ति या परिवार सामने नहीं आया है, जिसने यह दावा किया हो कि वारदात को अंजाम देते वक्त उसने घटना को देखा हो। इस घटना के बाद आसपास के घरों में मातम पसरा हुआ है और इलाके में एक अनजाना खौफ पसरा हुआ है। कोई भी व्यक्ति यह समझ नहीं पा रहा है कि आखिर उसी मुहल्ले में सैलून चलाने वाले साजिद ने ऐसा बर्बर हत्या क्यों किया।

इस घटना में अपनी जान गँवाने वाले सबसे बड़े बच्चे 14 साल के आयुष की एक तस्वीर हमें मिली है। इस तस्वीर में आयुष लव-कुश की वेश-भूषा में नजर आ रहा है। स्कूल के कार्यक्रमों में वे अक्सर लव-कुश की भूमिका निभाता था। परिजनों और स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि आयुष बहुत ही धार्मिक प्रवृत्ति का छात्र था। वह कुशाग्र बुद्धि का था और पढ़ाई-लिखाई में भी आगे रहता था।

आयुष पास में ही स्थित शिव देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में पढ़ता था। उसके शिक्षक दिनेश पाल शर्मा का कहना है कि वे बहुत सीधे बच्चे थे और उनमें किसी तरह की शरारत नहीं थी। उनके घर का भी वातावरण बहुत धार्मिक था। शर्मा का कहना है कि उन लोगों की बहुत धार्मिक प्रवृत्ति थी। शिक्षक ने कहा, “परिवार का उन पर (आरोपितों पर) विश्वास करना ही खतरनाक साबित हो गया।”

वहीं, शिक्षक शर्मा के साथ में ही खड़े एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “जिस तरह की बर्बरता उसने (साजिद और उसके सहयोगी) ने दिखाई, उससे लगता है कि उनकी मंशा पूरे परिवार को खत्म करने की थी। वे पूरी प्लानिंग के साथ आए थे। उनके साथ जो छुरा था वो आम छुरा नहीं था, जो आमतौर पर सबके घरों में होती है। वो बहुत बड़ा था छुरा था। इसमें किसी और का भी हाथ हो सकता है।”

दिनेश पाल शर्मा ने कहा, “इन लोगों (कट्टरपंथियों) पर बिल्कुल विश्वास नहीं करना चाहिए। ऐसे नरपिशाचों को उलटा लटका कर मारा जाना चाहिए। समाज में रहने लायक नहीं हैं ऐसे लोग। ऐसे लोग पागल कुत्तों की तरह हैं। जिस तरह पागल कुत्तों को मार दिया जाता है, उसी तरह इनके साथ भी सलूक किया जाना चाहिए।”

रामायण काल में था अयोध्या का जो राज्य-वृक्ष, उसके फूलों से बने गुलाल से होली खेलेंगे रामलला: गुणों से है भरपूर, CM पैदा होंगे रोजगार के अवसर

इस बार रामलला कचनार के फूलों से बने गुलाल से होली खेलेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रेरणा लेकर CSIR-NBRI के वैज्ञानिकों ने 2 खास हर्बल गुलाल तैयार किए हैं। गुरु गोरखनाथ को अर्पित फूलों से भी हर्बल गुलाल बनाया गया है, जो औषधीय गुणों से भी परिपूर्ण है। संस्थान के निदेशक ने मुख्यमंत्री योगी को दोनों हर्बल गुलाल भेंट किए हैं, जिसके बाद उन्हें सराहना भी मिली। त्रेतायुग में कचनार अयोध्या का राज्य वृक्ष था, अब विरासत को सम्मान मिल रहा है।

कचनार फूलों का गुलाल लैवेंडर फ्लेवर में है, जबकि गोरखनाथ मंदिर के चढ़ाए फूलों से बने गुलाल चंदन फ्लेवर में हैं। अवधपुरी के भव्य-दिव्य-नव्य मंदिर में विराज रहे श्री रामलला इस बार कचनार के फूलों से बने गुलाल से होली खेलेंगे। विरासत को सम्मान देने के भाव के साथ सीएसआईआर-एनबीआरआई के वैज्ञानिकों ने कचनार के फूलों से बने गुलाल को खास तौर पर तैयार किया है। यही नहीं, वैज्ञानिकों ने गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर के चढ़ाए हुए फूलों से भी एक हर्बल गुलाल तैयार किया है। बुधवार को संस्थान के निदेशक ने दोनों खास गुलाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेंट किए।

मुख्यमंत्री ने इस विशेष पहल के लिए संस्थान के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश के साथ-साथ देश के कई स्टार्ट-अप और उद्यमियों के लिए अधिक अवसर एवं रोजगार प्रदान करेगा। निदेशक डॉ. अजित कुमार शासनी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अयोध्या में रामायणकालीन वृक्षों का संरक्षण किया जा रहा है। विरासत को सम्मान और परंपरा के संरक्षण देने के यह प्रयास हमारे वैज्ञानिकों के लिए प्रेरणास्पद है।

इसी के तहत, संस्थान द्वारा श्रीराम जन्मभूमि, अयोध्या के लिए बौहिनिया प्रजाति जिसे आमतौर पर कचनार के नाम से जाना जाता है, के फूलों से हर्बल गुलाल बनाया गया है। कचनार को त्रेतायुग में अयोध्या का राज्य वृक्ष माना जाता था और यह हमारे आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति की सुस्थापित औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल आदि गुण भी होते हैं। इसी तरह, गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर में चढ़ाए हुए फूलों से हर्बल गुलाल को तैयार किया गया है। इन हर्बल गुलाल का परीक्षण किया जा चुका है और यह मानव त्वचा के लिए पूरी तरह से सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल है।

निदेशक ने बताया कि कचनार के फूलों से हर्बल गुलाल लैवेंडर फ्लेवर में बनाया गया है, जबकि गोरखनाथ मंदिर के चढ़ाए हुए फूलों से हर्बल गुलाल चंदन फ्लेवर में विकसित किया गया है। इन हर्बल गुलाल में रंग चमकीले नहीं होते क्योंकि इनमें लेड, क्रोमियम और निकल जैसे केमिकल नहीं होते हैं। फूलों से निकाले गए रंगों को प्राकृतिक घटकों के साथ मिला कर पाउडर बनाया जाता है इसे त्वचा से आसानी से पोंछ कर हटाया जा सकता है। गुलाल की बाजार में बेहतर उपलब्धता के लिए हर्बल गुलाल तकनीक को कई कंपनियों और स्टार्ट-अप्स को हस्तांतरित किया गया हैं।

वर्तमान में बाजार में उपलब्ध रासायनिक गुलाल के बारे में बात करते हुए, डॉ. शासनी ने कहा कि ये वास्तव में जहरीले होते हैं, इनमें खतरनाक रसायन होते हैं जो त्वचा और आंखों में एलर्जी, जलन और गंभीर समस्या पैदा कर सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि हर्बल गुलाल की पहचान करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि यह अन्य गुलाल की तरह हाथों में जल्दी रंग नहीं छोड़ेगा। संस्थान द्वारा विकसित हर्बल गुलाल होली के अवसर पर बाजार में बिक रहे हानिकारक रासायनिक रंगों का एक सुरक्षित विकल्प है।

सिर्फ 4 शादी के लिए शरिया क्यों… शरिया-हदीस से जीना है तो चोरी करने वाले के हाथ काटो, बलात्कारी के ऊपर पत्थर बरसाओ: गृह मंत्री अमित शाह

देश के गृह मंत्री अमित शाह ने इस्लामी कानूनों के बहाने समान नागरिक संहिता (UCC) का विरोध करने वालों पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि सिर्फ 4 शादी और तलाक के लिए ही क्यों शरिया मानी जा रही है, अपराध की सजा भी शरिया और हदीस के हिसाब से दी जानी चाहिए।

गृह मंत्री अमित शाह ने यह बात समाचार चैनल न्यूज18 द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कही। उनसे उत्तराखंड में लागू किए गए समान नागरिक कानून को लेकर प्रश्न पूछा गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा देश में समान नागरिक संहिता लागू करने को लेकर प्रतिबद्ध है।

गृह मंत्री शाह से जब पूछा गया कि क्या वह देश भर में अगले पाँच वर्षों में UCC लागू करेंगे तो उन्होंने कहा, “UCC 1950 से हमारा मुद्दा है। यह मुद्दा तबसे है जब पार्टी जनसंघ के रूप में थी। हम इससे हट नहीं सकते हैं। हमारा मानना है कि देश में एक समान कानून होना चाहिए, इसमें कोई मतभेद नहीं है। उत्तराखंड सरकार UCC लाई है और अब इसकी समीक्षा होगी।”

उनसे जब पूछा गया कि क्या देश के मुस्लिम शरिया और हदीस के हिसाब से नहीं रह सकते तो उन्होंने कहा, “देखिए ये एक प्रकार की भ्रान्ति है। 1937 से ही देश का मुस्लिम शरिया के हिसाब से नहीं रह रहा है। अंग्रेजों ने जब 1937 जब मुस्लिम पर्सनल लॉ बनाया तो उसमें से आपराधिक तत्व को लेकर बातें निकाल दी। वरना चोरी करने वाले के हाथ काट दो, बलात्कार करने वाले की सड़क पर पत्थर मार कर हत्या कर दो। कोई मुस्लिम बचत खाता ना खोले, कर्ज ना ले। शरिया और हदीस से जीना है तो पूरी तरीके से जीना चाहिए।”

गृह मंत्री अमित शाह ने आगे कहा, “सिर्फ चार शादी करने के लिए शरिया क्यों आता है। इस देश का मुस्लिम अंग्रेजों के समय से शरिया और हदीस से कटा हुआ है और कई मुस्लिम देश भी इसे छोड़ चुके हैं। यह कॉन्ग्रेस की वोट बैंक की राजनीति है। देश का अल्पसंख्यक इससे बाहर आए।”

उन्होंने इस बात को आगे ले जाते हुए कहा, “आज भी कोई दीवानी का मुकदमा होता है तो मुस्लिम अदालत में जाते हैं काजी के पास नहीं। राहुल गाँधी क्या यह लागू करना चाहते हैं कि चोरी करने वाले के हाथ काटे जाएँ, बलात्कार करने वाले को पत्थर मारे जाएँ और देशद्रोह करने वाले को चौराहे पर फाँसी पर लटकाया जाए।”

गौरतलब है कि भाजपा लगातार अपने मेनिफेस्टो में कहती आई है कि वह देश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करेगी। हाल ही में उत्तराखंड की भाजपा सरकार ने UCC को विधानसभा में पास किया था। इसको राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल गई है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि आने वाले समय में और भी भाजपा शासित राज्य इस पर अमल कर सकते हैं।

सद्गुरु जग्गी वसुदेव की ब्रेन सर्जरी, अचानक अंदर होने लगी थी ब्लीडिंग: दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती

सद्गुरु जग्गी वसुदेव की ब्रेन सर्जरी हुई है। उन्हें सिर में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ उनकी इमर्जेंसी सर्जरी की गई। उनकी हालत बेहद गंभीर थी, क्योंकि ब्रेन के अंदर सूजन के साथ ही ब्लीडिंग भी हो रही थी। उन्हें दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ स्पेशलिस्ट डॉक्टरों ने सर्जरी की प्रक्रिया को पूरा किया। बताया जा रहा है कि उनकी हालत स्थिर है और तेजी से वो रिकवर कर रहे हैं।

सद्गुरु जग्गी वसुदेव (Sadhguru Jaggi Vasudev) को कई दिनों से सिर में दर्द हो रहा था। उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ इमर्जेंसी सर्जरी करनी पड़ी। जानकारी के मुताबिक, उन्हें 17 मार्च को सिर में तेज दर्ज की शिकायत के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके दिमाग में भारी सूजन और ब्लीडिंग की समस्या पाई गई, जिसके बाद इमर्जेंसी में सर्जरी को अंजाम दिया गया।

वरिष्ठ पत्रकार आनंद नरसिम्हन ने सद्गुरु जग्गी वसुदेव के सेहत के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से सद्गुरु को सिर में तेज दर्द की शिकायत थी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “14 मार्च को भयंकर सिरदर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उनकी एमआरआई जाँच कराई गई। इस जाँच में उनके ब्रेन में काफी ज्यादा ब्लीडिंग की समस्या दिखी। 17 मार्च को उनकी हालत काफी खराब हो गई और उन्हें लगातार उल्टियाँ होने लगी, जिसके तुरंत बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीटी स्कैन में पता चला कि उनके दिमाग में सूजन हो गई थी और जान का खतरा उत्पन्न हो गया था।”

उन्होंने आगे बताया, ” सीटी स्कैन के बाद 17 मार्च को ही दिल्ली अपोलो अस्पताल में डॉ विनित सूरी, डॉक्टर प्रणव कुमार, डॉक्टर सुधीर त्यागी और डॉ एस चटर्जी की टीम ने सद्गुरु जग्गी वसुदेव की इमर्जेंसी सर्जरी की। इस सर्जरी के बाद ही उनके दिमाग में हो रही ब्लीडिंग को बंद किया जा रहा। उन्हें कुछ समय तक वेंटिलेटर पर भी रखना पड़ा था। हालाँकि अब उनकी सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है और उन्हें वेंटिलेटर की जरूरत नहीं रह गई है। उनके शरीर के सभी अंग काम कर रहे हैं और उनकी सेहत में तेजी से सुधार देखा जा रहा है।”

इशा फाउंडेशन ने सद्गुरु जग्गी वसुदेव की सर्जरी करने वाले अपोलो अस्पताल के सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट विनित सूरी का बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है।

इस वीडियो में डॉ विनित जैन ने बताया, “करीब 4 सप्ताह से उन्हें सिरदर्ज की शिकायत थी। काफी दर्द के बावजूद वो अपने काम कर रहे थे और मीटिंग्स कर रहे थे। लेकिन 17 मार्च को काफी दिक्कत बढ़ गई, इसके बाद उन्होंने सर्जरी की अनुमति दी। उनके दिमाग में ब्लीडिंग हो रही थी, हालाँकि ये बाहरी हिस्से में था, लेकिन उनकी जान को खतरा था। हालाँकि सर्जरी के बाद वो बहुत तेजी से ठीक हो रहे हैं और किसी तरह के वेंटिलेटर सपोर्ट पर अब नहीं हैं।”

मंदिर के बगल में इंकलाब खान ने किया अतिक्रमण, शिकायत करने वाले 5 हिंदुओं को मारा चाकू: BMC ने चलाया बुलडोजर, हुआ गिरफ्तार

बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने मंगलवार (19 मार्च) को मुंबई के साकीनाका क्षेत्र के 5 हिंदुओं पर हमला करने वाले इंकलाब खान की अवैध संपत्ति को ध्वस्त कर दिया। दरअसल, एक हिंदू मंदिर के बगल में आरोपित ने अवैध अतिक्रमण कर रखा था। जब हिंदुओं ने इसकी शिकायत की तो उसने 14 मार्च 2024 को रमजान के दौरान 5 हिंदुओं पर बेरहमी से हमला कर दिया।

हमले के शिकार पीड़ितों की पहचान सिद्धेश प्रकाश घोरपड़े (23), राजेश तंगराज चेट्टियार (28), तंगराज चेट्टियार (58), लक्ष्मी चेट्टियार (52) और विक्की (30) के रूप में की गई है। इन सभी पीड़ितों को गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें सायन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी घायल व्यक्ति जरीमारी के अंबेडकर नगर इलाके के निवासी बताए जा रहे हैं।

मुंबई के साकीनाका इलाके में हिंदुओं का एक मंदिर है। कहा जाता है कि इंकलाब खान ने उस मंदिर के बगल में अवैध अतिक्रमण कर रखा है। मंदिर में जो श्रद्धालु पूजा करने के लिए जाते थे उसे यह आरोपित परेशान भी करता था। इसके बाद स्थानीय लोगों ने उसकी कई शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद शिकायत से नाराज इंकलाब ने 5 लोगों को पर चाकू से हमला कर दिया।

इंकलाब खान ने 14 मार्च 2024 को उन लोगों पर चाकू से हमला किया, जिन्होंने उसके खिलाफ शिकायत की थी। इस घटना से पूरे हिंदू समुदाय में हंगामा मच गया। पीड़ितों के परिवार ने आरोपित इंकलाब खान की गिरफ्तारी की माँग की। इस दौरान बचने के लिए उसने खुद को भी घायल कर लिया और घाटकोपर के राजावाड़ी अस्पताल में जाकर भर्ती हो गया है।

हालाँकि, इस दिल दहलाने वाली घटना के 5 दिन बाद यानी 19 मार्च 2024 को मुंबई उपनगरीय संरक्षक मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने आरोपियों की अवैध संपत्ति को ध्वस्त करने का आदेश दिया। मंत्री के आदेश के बाद नगर निगम ने उसके अवैध निर्माण की सारी संरचना को तोड़ दिया और केवल भूतल को खड़ा रहने दिया।

बीएमसी ने अवैध संपत्ति को जमींदोज कर दिया (साभार: न्यूज18)

इस कार्रवाई को लेकर मंत्री लोढ़ा ने कहा, “साकीनाका में हुई घटना की समीक्षा करने के बाद हमें एहसास हुआ कि हिंदुओं को परेशान करने और उन पर अत्याचार करने का मालवानी पैटर्न यहाँ भी चल रहा है। इसलिए उचित कार्रवाई की गई। यहाँ के धरती पुत्रों के साथ अन्याय हो रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

आरोपित पर नशीली दवाओं से संबंधित अपराधों सहित कई अन्य अपराधों में संलिप्तता पाई गई है और इनमें उस पर पहले से ही केस दर्ज हैं। वर्तमान मामले में पुलिस ने आरोपित को घाटकोपर के राजावाड़ी अस्पताल से हटा दिया है और भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत गिरफ्तार कर लिया है।

असम में सेमीकंडक्टर फैक्ट्री और नॉर्थ-ईस्ट के युवाओं को ट्रेनिंग के साथ नौकरी भी वहीं: CM सरमा ने रतन टाटा से मिल फाइनल की डील

असम में अब तक का सबसे बड़ा निवेश टाटा ग्रुप ने किया है। टाटा ग्रुप असम के मोरिगाँव के जगीरोड में 27 हजार करोड़ रुपए के निवेश से सेमीकंडक्टर चिप के उत्पादन के लिए फैक्ट्री लगा रही है। अब असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मुंबई जाकर रतन टाटा और टाटा ग्रुप की लीडरशिप से मुलाकात की है। रतन टाटा से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि उन्होंने टाटा ग्रुप से अनुरोध किया है कि वो जगीरोड की फैक्ट्री में ही एक स्किल डेवलपमेंट सेंटर भी खोले, ताकि सिर्फ असम ही नहीं, बल्कि नॉर्थ-ईस्ट के सभी राज्यों के युवाओं को इस इंडस्ट्री से जुड़ी ट्रेनिंग मिल सके और उन्हें रोजगार भी मिल सके। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर टाटा ग्रुप के साथ सहमति भी बन गई है। वहीं, रतन टाटा ने कहा है कि ये फैक्ट्री सेमीकंडक्टर के उत्पादन की दुनिया में असम का नाम ऊपर उठाएगी।

हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पर रतन टाटा और टाटा ग्रुप के शीर्ष अधिकारियों के साथ मुलाकात की तस्वीरें पोस्ट की। उन्होंने एक्स पर लिखा, “आज टाटा नेतृत्व के साथ मेरे विचार-विमर्श के दौरान हम एक कौशल विकास केंद्र बनाने पर सहमत हुए जो जगीरोड में सेमीकंडक्टर सुविधा के परिसर में सह-स्थित होगा। यह सेंटर नॉर्थ-ईस्ट के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स में ट्रेनिंग देकर उन्हें सक्षम बनाएगा और उन्हें जगीरोड सेंटर में ही नौकरियाँ दिलाने में मदद करेगा।”

उन्होंने आगे लिखा, “पहले से ही असम के 1500 युवा, जिसमें अधिकतर महिलाएँ हैं, वो बेंगलुरू और टाटा ग्रुप के अन्य सेंटर्स में प्रशिक्षण ले रहे हैं। ये सेंटर जब 2025 में जब काम करना शुरू कर देगा, तो इससे हम (असम) सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में अग्रणी भूमिका आ जाएँगे।”

साल 2025 में शुरू हो जाएगा सेमीकंडक्टर का उत्पादन

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बताया है कि साल 2025 तक असम में सेमीकंडक्टर का उत्पादन शुरू हो जाएगा। 27 हजार करोड़ रुपए की इस परियोजना में उत्पादन शुरू होने के साथ ही असम सेमीकंडक्टर के उत्पादन में दुनिया के मैप पर आ जाएगा। हिमंता ने कहा कि वो असम के लोगों की तरफ से मुंबई में रतन टाटा से मिले और टाटा ग्रुप के शीर्ष अधिकारी एन. चंद्रशेखरन से मिले और उन्हें असम में भरोसा जताने और गेम चेजिंग निवेश के लिए शुक्रिया अदा दिया। उन्होंने कहा कि हम साल 2025 में चिप उत्पादन की शुरूआत की उम्मीद कर रहे हैं।

रतन टाटा ने की हिमंता बिस्वा सरमा की तारीफ

इस बीच, खुद रतन टाटा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को दूरदर्शी बताते हुए तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि असम को निवेश के लिए तैयार करने के लिए सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है। असम में बनने वाली सेमीकंडक्टर फैसिलिटी असम को दुनिया के मानचित्र पर स्थापित कर देगा, दोनों हिमंता बिस्वा सरमा के दूरदर्शनी नेतृत्व की वजह से संभव हो सका। इसके लिए मैं उनका धन्यवाद भी करता हूँ।

बता दें कि टाटा ग्रुप भारत के दो राज्यों में सेमीकंडक्टर के उत्पादन के लिए फैक्ट्री लगा रहा है। टाटा कंपनी अमेरिकी कंपनी माइक्रोन के लिए गुजरात के साणंद में चिप असेंबली और टेस्टिंग सेंटर लगा रही है, जिसमें 22,500 करोड़ की लागत लग रही है। और अब असम में भी टाटा कंपनी सेमीकंडक्टर के उत्पादन के लिए अपना सेंटर खोल रही है।

‘हम अगर मोदी की खोपड़ी में गोली मार दें तो इसे गलत कहा जाएगा क्या?’: INDI गठबंधन की बैठक में लालू की पार्टी के नेता की धमकी, BJP बोली – झारखंड पुलिस ने दर्ज नहीं की FIR

झारखंड के कोडरमा में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता ने विपक्षी गठबंधन की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हत्या की धमकी दी गई है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। वीडियो में पीछे I.N.D.I. गठबंधन का बैनर लगा हुआ दिख रहा है। जिस नेता ने विवादित बयान दिया है, उसकी पहचान अवधेश सिंह यादव के रूप में हुई है। भाजपा ने इस वीडियो को लेकर राजद पर निशाना साधा है।

बाबूलाल मरांडी ने वीडियो साझा करते हुए लिखा, “देखिए I.N.D.I. गठबंधन की बैठक का एजेंडा। 4 दिन पहले झारखंड के कोडरमा में हुई I.N.D.I. गठबंधन की बैठक में RJD के नेता अवधेश सिंह यादव मोदी जी की खोपड़ी में गोली मारने की बात कर रहे हैं। अपनी हार को करीब आते देख ठगबंधन की सभी पार्टियाँ और उनके नेता अपनी मानसिक संतुलन खो बैठे है। I.N.D.I. गठबंधन चाहे जो षड्यंत्र रच ले, मोदी जी के साथ उनका 140 करोड़ का परिवार खड़ा है।

मरांडी ने अपील की कि झारखंड पुलिस के DGP इसका संज्ञान लें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी को गोली मारने की बात करने वाले इस ‘अपराधी’ को तुरंत गिरफ़्तार कर जेल की हवा खिलाई जाए। भाजपा प्रवक्ता अतुल साह देव ने इसे विपक्षी गठबंधन का असली चेहरा करार देते हुए कहा कि RJD के नेता कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खोपड़ी में गोली मार देनी चाहिए, ये शर्मनाक बयान है। उन्होंने इस पर हैरानी जताई कि वीडियो वायरल होने के बावजूद पुलिस ने इस पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया है।

वीडियो में राजद नेता अवधेश सिंह यादव कहते हैं, “हम अगर मोदी की खोपड़ी में गोली मार दें तो इसे गलत कहा जाएगा क्या?” झारखंड में राजद की उपाध्यक्ष अनीता यादव ने कहा कि ये एक निजी बयान है और इसका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप मढ़ते हुए कह दिया कि उनकी बयानबाजी से प्रेरित होकर इस तरह का बयान दिया गया हो सकता है। हालाँकि, हम इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करते हैं।