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‘शक्ति स्वरूपा हैं माताएँ-बहनें, उनके विनाश की बात कर रहे INDI वाले’: राहुल गाँधी पर PM मोदी का पलटवार, तेलंगाना में बोले – हम शक्ति की आराधना करने वाले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए तारीखों के ऐलान के साथ ही धुआँधार रैलियों की शुरुआत कर दी है। सोमवार (18 मार्च, 2024) को वो तेलंगाना के जगित्याल में पहुँचे। राहुल गाँधी ने ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के समापन के दौरान मुंबई में कहा था कि उनकी लड़ाई ‘शक्ति’ से है। पीएम मोदी ने इस बयान पर नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा कि क्या भारत की धरती पर कोई शक्ति के विनाश की बात कर सकता है क्या, क्या ये हमें मंजूर है?

इस दौरान उन्होंने कहा कि हम सब शक्ति की आराधना करते हैं, पूरे हिंदुस्तान करते हैं। उन्होंने जिक्र किया कि कैसे चंद्रयान-3 के लैंडिंग पॉइंट को शिव-शक्ति नाम देकर उन्हें इस सफलता को समर्पित किया, जबकि ये लोग शक्ति के विनाश के बिगुल फूँक रहे हैं। प्रधानमंत्री ने माताओं-बहनों को शक्ति-स्वरूपा बताते हुए कहा कि क्या ऐसे लोगों को शक्ति का विनाश करने का मौका दिया जा सकता है? उन्होंने लोगों से पूछा कि शक्ति स्वरूपा माताओं-बहनों की सुरक्षा होनी चाहिए या नहीं?

उन्होंने कहा कि I.N.D.I. गठबंधन का घोषणापत्र जारी हो गया है – एक तरफ शक्ति का विनाश करने की बात करने वाले लोग हैं, दूसरी तरफ शक्ति की आराधना करने वाले। पीएम मोदी ने कहा कि मुकाबला 4 जून को हो जाएगा कि कौन शक्ति का विनाश करता है और कौन शक्ति का आशीर्वाद प्राप्त कर सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 13 मई को तेलंगाना में होने वाला मतदान ‘विकसित भारत’ के लिए होगा और जब भारत विकसित होगा तो तेलंगाना भी विकसित होगा।

पीएम मोदी ने कहा, “मेरे लिए हर माँ शक्ति का रूप है, हर बेटी शक्ति का रूप है। मैं इनको शक्ति के रूप में पूजता हूँ और मैं इन शक्ति स्वरूपा माताओं-बहनों की रक्षा के लिए जान की बाज़ी लगा दूँगा। एक ओर वो कॉन्ग्रेस पार्टी है, जिसने तेलंगाना के सपनों को कुचला है। दूसरी ओर वो BRS है, जिसने यहाँ के लोगों की भावनाओं का इस्तेमाल किया, सत्ता पाई और बाद में जनता से ही विश्वासघात कर दिया। तेलंगाना निर्माण के पहले 10 वर्षों तक BRS ने तेलंगाना को जमकर लूटा और अब कांग्रेस ने तेलंगाना को अपना ATM state बना लिया है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि BRS और कॉन्ग्रेस एक दूसरे के लिए चाहे कितनी भी कवर फायर कर लें, इनकी एक एक लूट का हिसाब होता रहेगा। उन्होंने स्पष्ट ऐलान किया कि मोदी, तेलंगाना के लोगों को लूटने वालों को छोड़ेगा नहीं – ये मोदी की गारंटी है। पीएम ने कहा कि परिवारवादियों का पूरा इतिहास उठाकर देख लीजिए, देश में जितने भी बड़े घोटाले हुये हैं, उनके पीछे कोई न कोई परिवारवादी पार्टी ही मिलेगी। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने तेलंगाना में हाइवे बनाने पर 25,000 करोड़ रुपए खर्च किए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि कैसे आज़ादी के बाद से लेकर 2014 तक तेलंगाना में 2500 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग था, अकेले भाजपा सरकार ने 10 वर्षों में 2000 किलोमीटर का राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आंध्र प्रदेश के शिवमोगा में भी रैली करेंगे। इसके बाद तमिलनाडु के कोयम्बटूर में उनका रोडशो प्रस्तावित है। 1 दिन पहले ही उन्होंने आंध्र प्रदेश के पलांदु में रैली की है। ‘इंडिया टुडे कन्क्लेव’ में उन्होंने साफ़ कर दिया कि उनका तीसरा कार्यकाल बड़े नीतिगत निर्णयों का होगा।

राहुल गाँधी का ये बयान हिन्दू विरोधी है क्योंकि शक्ति को सनातन धर्म में माँ दुर्गा का रूप माना गया है। माँ दुर्गा को शक्ति, आदिशक्ति या परम शक्ति भी कहा गया है। उन्हें वो ऊर्जा माना गया है जिससे संपूर्ण ब्रह्माण्ड चलता है। दुर्गा चालीसा में भी पंक्ति है – “शक्ति रूप को मरम न पायो। शक्ति गई तब मन पछतायो॥”, यानि शंकराचार्य ने भी ये महसूस होने के बाद शक्ति की आराधना की थी। दुर्गा सप्तशती में कहा गया है – “या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता”, अर्थात माँ दुर्गा सब में शक्ति के रूप में विद्यमान हैं।

‘एल्विश यादव की रेव पार्टी में साँप के जहर का था इंतजाम, सप्लायरों से मेल-मुलाकात भी थी’: रिपोर्ट्स में दावा- यूट्यूबर ने कबूला गुनाह​

यूट्यूबर एल्विश यादव बिग बॉस ओटीटी सीजन 2 जीतने के बाद से विवादों में लगातार घिरे हुए थे। अब नोएडा पुलिस ने उन्हें रेव पार्टियों में साँप का जहर सप्लाई करने के मामले में गिरफ्तार करके 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं दूसरी ओर खबरें आ रही हैं कि एल्विश यादव ने पुलिस पूछताछ में अपने जुर्म को स्वीकार कर लिया है कि उन्होंने अपने द्वारा आयोजित की गई रेव पार्टी के लिए आरोपितों से मिलकर साँप और साँप के जहर की व्यवस्था की थी। उन्होंने ये भी माना है कि वह अन्य रेव पार्टियों में आरोपितों से मिले थे।

(ये दावा नवभारत टाइम्स, आजतक समेत कई मीडिया खबरों में है।)

रात में सो नहीं पाए एल्विश यादव

बता दें कि 17 मार्च को इस पूरे मामले में एल्विश यादव को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था। उनकी गिरफ्तारी से नाराज उनके फैंस उनके समर्थन में सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट कर रहे हैं। वहीं वकीलो ने भी बेल के लिए तैयारी शुरू कर दी है। सोमवार या मंगलवार तक जमानत के लिए आवेदन कोर्ट में भेजा जाएगा।

रिपोर्टों में ही मौजूद जानकारी बताती है कि एल्विश को जेल में पहली रात ठीक से नींद नहीं आई। जेल के नियमानुसार उन्हें तीन कंबल दी गई थी, जिसे वह जमीन पर बिछाकर सोए। खाने में उन्हें पूड़ी, सब्जी और हलवा दिया गया जिसे एल्विश ने खाया भी।

एल्विश यादव पर केस

गौरतलब है कि एल्विश यादव के खिलाफ दर्ज केस में एनडीपीएस की धारा 29 जोड़ी गई है। इस कानून के तहत कार्रवाई ड्रग से जुड़े मामलों में होती है और दोषी पाने पर 20 साल की सजा हो सकती है और भारी जुर्माना भी भर पड़ सकता है।

एल्विश पर मुकदमा ‘पीपुल्‍स फार एनिमल संस्‍थान’ के पदाधिकारी गौरव गुप्‍ता ने दर्ज कराया था। एफआईआर छह लोगों के खिलाफ थी। इसमें आरोप था कि रेव पार्टियों में साँपों का जहर सप्लाई करने में एल्विश भी जुड़े हैं। इसके बाद नोएडा पुलिस ने जाँच शुरू की और पार्टी से मिले सैंपल चेक कराए। रिपोर्ट में सामने आया कि वो सैंपल कोबरा-करैत प्रजाति के थे। इस रिपोर्ट के आने के एक माह बाद ही एल्विश की गिरफ्तारी की खबर आई है।

AAP नेता सत्येंद्र जैन फिर से जाएँगे जेल, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- तुरंत करिए सरेंडर: मनी लॉन्ड्रिंग में ‘स्वास्थ्य’ के आधार पर साल भर से जमानत पर थे

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के पूर्व कैबिनेट मंत्री और AAP विधायक सत्येन्द्र जैन को स्वास्थ्य आधार पर नियमित जमानत देने से मना कर दिया है। कोर्ट ने उनसे तत्काल आत्मसमर्पण करने को कहा है। जैन पिछले लगभग एक वर्ष से स्वास्थ्य आधार पर अंतरिम जमानत पर थे।

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस पंकज मित्तल की बेंच ने उनकी याचिका को खारिज करने का निर्णय सुनाया। बेंच ने जैन की याचिका खारिज करते हुए उन्हें जेल प्रशासन के सामने पेश होने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा, “सभी याचिकाएँ खारिज की जाती हैं, इसी के साथ सत्येन्द्र जैन को आत्मसमर्पण करना होगा।”

सुप्रीम कोर्ट ने मई 2023 में सत्येन्द्र जैन को स्वास्थ्य कारणों के चलते अंतरिम जमानत दी थी। इसके बाद उनकी जमानत को कई बार बढ़ाया गया था। मई 2022 में सत्येन्द्र जैन को ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद वह जेल में बंद रहे थे।

सत्येन्द्र जैन पर आरोप है कि उन्होंने 2015 से 2017 के बीच अपने मंत्रिपद का दुरूपयोग करके सम्पत्ति अर्जित की। उन पर आरोप है कि उन्होंने करोड़ों की सम्पत्ति 2015 से 2017 के बीच बनाई। उन पर यह भी आरोप है कि पैसे की धाँधली तीन कम्पनियों के जरिए की गई, जिसमें सत्येन्द्र जैन की पत्नी डायरेक्टर थीं।

साल 2017 में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने सत्येन्द्र जैन एवं अन्य पर 2010-2012 के दौरान ₹11.78 करोड़ और 2015-16 के दौरान ₹4.63 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया है। साल 2015-16 में ही वे दिल्ली सरकार में मंत्री बने थे। CBI ने अपने आरोप में कहा है कि प्रयास इंफोसल्यूशन, इंडो मेटालिम्पेक्स, अकिंचन डेवलपर्स और मंगलायतन प्रोजेक्ट्स के माध्यम से सत्येन्द्र जैन ने मनी लॉन्ड्रिंग की थी।

सत्येन्द्र जैन ने इस शेल कंपनियों के माध्यम से कोलकाता स्थित कुछ विभिन्न शेल कंपनियों के एंट्री ऑपरेटरों को पैसे दिए थे। इसके बाद एंट्री ऑपरेटरों ने जैन से जुड़ी कंपनियों में शेयरों के माध्यम से ‘शेल कंपनियों के माध्यम से लेयरिंग’ करने के बाद निवेश के रूप में पैसे को कथित तौर पर फिर से भेज दिया था। इसमें मनी लॉन्ड्रिंग का मामला सामने आने के बाद बाद में ED ने मामला दर्ज किया था।

रूस में पुतिन इतिहास रचने को तैयार… पाँचवी बार संभालेंगे कार्यभार: राष्ट्रपति चुनाव में कोई प्रतिद्वंदी नहीं टिका, 87% वोट से आगे

रूस में राष्ट्रपति व्हादिमीर पुतिन एक बार फिर से राज्य की सत्ता संभालने के लिए तैयार हैं। ये उनका राष्ट्रपति के तौर पर पाँचवा कार्यकाल होने वाला है। वह राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के रूप में रूस की सत्ता में 1999 से ही बने हुए हैं। इस बार भी उन्हें प्रचंड बहुमत मिलता दिख रहा है। इस बार राष्ट्रपति का कार्यकाल संभालने के बाद वो रूस के 200 वर्षों के इतिहास में सबसे ज्यादा समय तक सत्ता में रहने वाले नेता बनेंगे। इससे पहले ये खिताब सिर्फ जोसेफ स्टालिन के पास था जो कि 1941 से 1953 तक सोवियत संघ के प्रधानमंत्री के रूप में भी कार्यरत था।

अभी तक आई हर मीडिया रिपोर्ट में यही बताया जा रह कि पुतिन बड़े अतंर से चुनाव जीतने जा रहे हैं। वहीं कुछ में पुतिन की जीत की घोषणा हो चुकी है। लेकिन स्थानीय मीडिया में दी जानकारी की बात करें तो रूस की न्यूज एजेंसी ताश ने बताया है कि कि पुतिन आज सुबह 7 बजे तक चुनावों में 87.32 फीसद वोट के साथ लीड कर रहे थे। वहीं कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार निकोले खारितोनोव 4.32% के साथ दूसरे नंबर पर थे। उनके बाद न्यू पीपल पार्टी के उम्मीदवार व्लादिस्लाव दावानकोव 3.79% के साथ तीसरे स्थान पर थे और सबसे आखिरी नंबर एलडीपीआर उम्मीदवार लियोनिद स्लटस्की का था जिन्हें तब तक 3.19% वोट मिले थे।

रूस में पुतिन की एक बार फिर से इतनी प्रचंड जीत का कारण यही माना जा रहा है कि उनके सामने कोई और मजबूत प्रत्याशी नहीं खड़ा हुआ है। पुतिन ने नतीजों का अंदाजा लगा खुद को वोट डालने वालों को धन्यवाद किया। अपने पहले संबोधन में उन्होंने पश्चिमी देशों में तीसरे विश्वयुद्ध की भी चेतावनी दी। उन्होंने पिछले माह फ्रांस राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां द्वारा दिए गए बयान पर भी टिप्पणी की। जहाँ फ्रांस राष्ट्रपति ने यूक्रेम के साथ अपने सैनिकों को उतारने की संभावना से मना नहीं किया था।

उन्होंने कहा, “आज के आधुनिक दौर में कुछ भी संभव है, लेकिन अगर ऐसा होता है तो तीसरा विश्वयुद्ध ज्यादा दूर नहीं है।” उन्होंने ये भी कहा, “वैसे नाटो के सैनिक अभी भी यूक्रेन में मौजूद हैं। रूस को पता चला है कि युद्ध के मैदान में इंग्लिश और फ्रेंच भाषा बोलने वाले जवान भी मौजूद हैं। ये अच्छी बात नहीं है, खासकर उनके लिए क्योंकि वे बड़ी संख्या में यहाँ मर रहे हैं।”

बता दें कि 199 में खराब स्वास्थ्य के चलते बोरिस येल्तसिन ने सत्ता की बागडोर पुतिन को सौंपी थी तब रूस अपने अस्तित्व के लिए कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रहा था। हालत ये थे कि पुतिन रूस को अमेरिका के नेतृत्व में नाटो संगठन का हिस्सा बनाने के लिए तैयार हो गए थे, मगर वो ऐसा कदम उठाते उससे पहले उन्हें एहसास हुआ कि ऐसा करने से तो रूस को अपेक्षित सम्मान ही नहीं मिलेगा। इस सोच के पैदा होने के बाद देश को उसका पुराना गौरव लौटाने में पुतिन ने अपने दस साल लगा दिए और दस साल बाद रूस एक बड़ी शक्ति बनकर अमेरिका के सामने खड़ा हो गया। आज रूस की स्थिति वो है कि अमेरिका को वो हर मायने में चुनौती देता है।

दारू के बाद जल घोटाले में भी ED के सामने हाजिर होने से CM केजरीवाल का इनकार, AAP ने कहा- समन अवैध, दिल्ली जल बोर्ड का मामला कोई जानता भी नहीं

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल प्रवर्तन निदेशालय(ED) द्वारा भेजे गए समन पर आज (18 मार्च, 2024) को पेश नहीं होंगे। ED ने यह समन दिल्ली जल बोर्ड घोटाला मामला में भेजा था और आज पेश होने को कहा था।

ED ने यह समन शनिवार (16 मार्च, 2024) की शाम को मुख्यमंत्री केजरीवाल को भेजा था। ED दिल्ली जल बोर्ड में दिए गए एक ठेके में हुए कथित भ्रष्टाचार के मामले में मुख्यमंत्री केजरीवाल से पूछताछ करना चाहती थी। हालाँकि, केजरीवाल ने पेश होने से मना कर दिया। इस मामले को लेकर केजरीवाल सरकार में मंत्री आतिशी मार्लेना ने कहा है कि कोई नहीं जानता कि यह दिल्ली जल बोर्ड का मामला क्या है। उन्होंने इसे एक बनावटी मामला बताया।

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली जल बोर्ड मामले में CM केजरीवाल को भेजे गए समन को अवैध बताया गया। AAP ने पूछा कि ED उन्हें बार-बार समन क्यों भेज रही है। इससे पहले यही कारण दिल्ली CM केजरीवाल शराब घोटाला मामले में देते आए हैं और पेश नहीं हुए हैं।

दिल्ली जल बोर्ड के जिस मामले में CM केजरीवाल को समन भेजा गया है, उसमे आरोप है कि ₹38 करोड़ का एक ठेका देने की एवज में रिश्वत ली गई। यह ठेका दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य इंजीनियर जगदीश कुमार अरोड़ा ने NKG इन्फ्रास्ट्रक्चर नाम की एक कम्पनी को दिया था।

आरोप है कि यह कम्पनी यह ठेका पाने के लिए तकनीकी रूप से योग्य नहीं थी। इसके बाद भी ठेका दिया गया और इस बात की जानकारी अरोड़ा को भी थी। ठेका देने की एवज में रिश्वत ली गई जो कि ऊपर तक पहुँचाई गई। यह भी आरोप है कि रिश्वत की धनराशि का उपयोग आम आदमी पार्टी की फंडिंग में भी किया गया।

इससे पहले ED केजरीवाल को 9 समन भेज चुकी है। यह समन नवम्बर से लेकर मार्च महीने के बीच में भेजे गए हैं। हर बार CM केजरीवाल इन समन से बचने के लिए अलग अलग कारण देते रहे हैं। CM केजरीवाल के ना पेश होने पर ED ने कोर्ट का सहारा लिया था। इस पर कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी।

‘खतना चेक कर दें नागरिकता’: CAA पर बहस के बीच पूर्व राज्यपाल का सुझाव, कहा- हिंदू, बौद्ध और ईसाई शरणार्थियों को मिले लाभ

मिजोरम और त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल और भाजपा नेता तथागत रॉय ने नए नागरिकता कानूनों (CAA) के अंतर्गत दी जाने वाली नागरिकता को लेकर एक बयान दिया है। उन्होंने पड़ोसी देश से आए शरणार्थियों की पहचान खतना देखकर करने की अपील की है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस सम्बन्ध में नियम स्पष्ट करने की बात कही है।

पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय ने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “TMC पश्चिम बंगाल में CAA को लेकर लगातार झूठी जानकारी फैला रही है। इससे लोगों के गुमराह होने की संभावना दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय को ऐसी स्थिति में जल्द ही यह स्पष्ट करना चाहिए कि बांग्लादेश में होने वाले इस्लामी अत्याचार के कारण जो हिन्दू शरणार्थी मात्र कपड़ों के साथ भारत आए, उन्हें नागरिकता कैसे मिलेगी और उन शरणार्थियों की क्या स्थिति होगी जिनका नागरिकता सम्बन्धी आवेदन खरिज हो गया है।”

राज्यपाल तथागत रॉय ने इसके बाद नागरिकता का हकदार किसे समझा जाए, इसके लिए कुछ सुझाव दिए। उन्होंने लिखा, “एक हिंदू, बौद्ध या ईसाई शरणार्थी को नागरिकता पाने का हकदार माना जाना चाहिए। शरणार्थी पुरुष के धर्म का परीक्षण खतना या और किसी विधि से होना चाहिए। जो भी पुरुष इस प्रक्रिया में हिन्दू पाए जाते हैं, उनके साथ आने वाली महिलाओं को भी हिन्दू माना जाए।”

आगे उन्होंने बताया , “हिंदू, बौद्ध और ईसाइयों के नागरिकता आवेदन यदि किसी कारण से खारिज कर दिए गए हैं, तो उन्हें यहाँ रहने दिया जाए। स्पष्ट रूप से यह बताया जाए कि उनको किसी भी तरीके से डिटेंशन कैम्प में नहीं भेजा जाएगा।”

गौरतलब है कि हाल ही में केंद्र सरकार ने CAA कानून को देश भर में लागू किया है। इसके अंतर्गत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आने वाले गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता का देने का प्रावधान है। इसके नियमों के अंतर्गत 2014 से पहले वैध रूप से भारत आए सभी हिन्दू, सिख, जैन, पारसी, बौद्ध और ईसाई शरणार्थियों को नागरिकता दी जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने एक पोर्टल और मोबाइल एप भी लॉन्च किया है।

राष्ट्रपति की 200 ‘दत्तक संतान’ फिर से बने हिंदू, छत्तीसगढ़ में कोरबा जनजातीय समाज के 56 परिवारों की प्रबल प्रताप ने चरण पखार कराई घर वापसी

छत्तीसगढ़ में फिर से घर वापसी हुई है। इस बार भारत के राष्ट्रपति की ‘दत्तक संतान’ कहे जाने वाले ‘कोरबा जनजातीय समुदाय’ के 56 परिवारों के 200 लोग विधि विधान से सनातम धर्म में लौटे। भारतीय जनता पार्टी के नेता व अखिल भारतीय घर वापसी प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने खुद सबके पाँव पखाकरकर सबको वंदन करके हिंदू धर्म स्वीकार करवाया।

पूरा कार्यक्रम 17 मार्च 2024 को छत्तीसगढ़ के जिला रायगढ़ के आश्रित ग्राम बरघाट में हुआ। इस कार्यक्रम के दौरान आस पास के ग्राम वासी भी उपस्थि रहे। इसके अलावा प्रमुख रूप से प्रबल प्रताप सिंह जूदेव समेत अनेक हिंदू कार्यकर्ता शामिल रहे। उन्होंने 56 परिवार के लगभग 200 लोगों के पैर धो कर मंत्रोचार के साथ हवन करवाकर घर वापसी करवाई।

इसके बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा, “अब धर्मांतरण बर्दाश्त नहीं उक्त कर्म में जो भी लिप्त पाया जाएगा उसे सजा भुगतने को तैयार रहना चाहिए। उनके ऊपर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने फिर करवाई घर वापसी

उन्होंने धर्मांतरण को देश के लिए खतरा बताते हुए कहा, “अगर इसे गंभीरता से नहीं लिया गया तो आगामी पीढियाँ हमें माफ नहीं करेंगी।” उन्होंने कहा, “देश की आजादी के बाद जितने भी लोग धर्मांतरित हुए हैं उनकी जांच होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।”

बता दें कि इससे पहले उन्होंने प्रबल सिंह जूदेव ने दिसंबर 2023 में किलकिला धाम में 8 परिवारों की सनातन में वापसी करवाई थी। उससे पहले उन्होंने 101 परिवारों की घर वापसी करवाई थी।

गौरतवब है कि ईसाई मिशनरियों की लालच में आकर कई जनजातीय समुदाय के लोग हिंदू धर्म छोड़ देते हैं। ऐसे में प्रबल प्रताप सिंह ये अभियान चलाकर उन लोगों की घर वापसी कराने के लिए जाने जाते रहे हैं। पिछले वर्ष जनवरी की शुरुआत में उन्होंने 325 परिवारों के 1100 ईसाई बने लोगों की एक साथ घर वापसी करवाई थी। 2022 में भी उन्होंने विश्व कल्याण महायज्ञ के दौरान करीब 1250 लोगों ने घर वापसी कराई थी।

US में भारतीय की हत्या, अज्ञात बंदूकधारी ने बोस्टन यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले 20 साल के छात्र को जंगल में मार कर छोड़ा

संयुक्त राज्य अमेरिका में एक और भारतीय छात्र की हत्या कर दी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के रहने वाले 20 साल के पारुचुरी अभिजीत की कथित तौर पर हत्या कर दी गई है और उसका शव 11 मार्च को जंगल में एक लावारिस कार के अंदर पाया गया है। पारुचुरी अभिजीत की हत्या, अमेरिका में भारतीय छात्रो की मौत के सिलसिले का सबसे ताजा मामला है और इस साल के पहले साढ़े तीन महीने में अमेरिका में भारतीय और भारतीय मूल के छात्रों की मौत की ये 9वीं घटना है।

परिवार के सदस्यों ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा कि पारुचुरी अभिजीत आंध्र प्रदेश के रहने वाले चक्रधर और श्रीलक्ष्मी के इकलौते बेटे थे। वे बचपन से ही मेधावी छात्र रहे। जब उन्होंने अपनी आगे की पढ़ाई के लिए बोस्टन विश्वविद्यालय में सीट हासिल की, तो उनकी मां नहीं चाहती थी, कि वो पढ़ाई के लिए भारत से बाहर निकले।

पारुचुरी अभिजीत की लाश एक कार के अंदर लावारिश हालत में मिली है। हालाँकि, अभी तक हत्या का मकसद साफ नहीं है, लेकिन स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है, कि भारतीय छात्र की हत्या विश्वविद्यालय में उसके साथी छात्रों के साथ कुछ पैसों की लेनदेन की वजह से किए जाने की आशंका है। कथित तौर पर पारुचुरी अभिजीत का लैपटॉप भी चोरी हो गया था।

इन वारदातों में से एक घटना जनवरी में सामने आई, जब 19 साल के नील आचार्य का शव भी पर्ड्यू यूनिवर्सिटी वेस्ट लाफायेट परिसर में पाया गया था। आचार्य अमेरिका के ही नागरिक थे। अधिकारियों ने कहा है कि आचार्य के शव पर कोई जख्म के निशान नहीं है और ये मामला हत्या से जुड़ा होने की संभावना नहीं है। जबकि, इसी साल जनवरी में ही 25 साल के हरियाणा के रहने वाले भारतीय छात्र विवेक सैनी को जॉर्जिया में एक बेघर नशेड़ी ने पीट-पीट कर मार डाला था।

इसी तरह, एक अन्य भारतीय छात्र, सैयद मज़ाहिर अली, जो हैदराबाद के रहने वाले थे और सूचना प्रौद्योगिकी में मास्टर की पढ़ाई कर रहे थे, उनपर शिकागो में तीन अज्ञात लोगों ने बेरहमी से हमला किया था। हालाँकि हमले में उनकी जान बच गई थी।

‘थप्पड़ नमाज़ी ने मारा, फिर भी फेक न्यूज़ फैला कर भड़का रहा मोहम्मद ज़ुबैर’: ALTNews वाले के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत, महिला वकील ने लिखा – वीडियो में दिख रही सच्चाई

गुजरात यूनिवर्सिटी में अफगानिस्तान के एक नमाज़ पढ़ रहे छात्र ने एक अन्य छात्र को थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद वहाँ बवाल हो गया। अब इस मामले में ALTNews के सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। मोहम्मद ज़ुबैर पर गलत सूचना फैलाने का आरोप है। ये शिकायत साइबर विभाग में वकील चाँदनी प्रीति विजयकुमार शाह ने दर्ज कराई है। उन्होंने कहा है कि ज़ुबैर सांप्रदायिक अशांति को भड़काने में लगा हुआ है।

उन्होंने अपनी शिकायत में कहा है कि मोहम्मद ज़ुबैर ALTNews नाम का मीडिया पोर्टल चलता है और खुद के एक स्वतंत्र फैक्ट-चेकर होने का दावा करता है। उन्होंने आशंका जताई है कि सोशल मीडिया पर मोहम्मद ज़ुबैर द्वारा जानबूझकर किए गए भड़काऊ पोस्ट से सांप्रदायिक अशांति फ़ैल सकती है, खासकर लोकसभा चुनाव 2024 से पहले। उन्होंने मोहम्मद ज़ुबैर के उस पोस्ट का भी विवरण साझा किया, जिसमें उसने गलत सूचना फैलाई थी।

इसमें मोहम्मद ज़ुबैर ने लिखा था, “रविवार (17 मार्च, 2024) को अफगानिस्तान का एक छात्र ‘न्यूज कैपिटल गुजरात’ से बात कर रहा था। उसने बताया कि हॉस्टल के A ब्लॉक में 15 मुस्लिम छात्र नमाज़ पढ़ रहे थे। 3 लोग आए और उन्हें ऐसा करने से रोका। नमाज़ पूरा कर के छात्रों ने पूछा कि आखिर उन्हें इससे समस्या क्या है? गुंडों ने उन्हें धार्मिक नारे लगाने के लिए कहा। वो वापस गए और थोड़ी देर बाद 200-250 की संख्या में लौटे। उनके पास चाकू और छड़ी थी। उन्होंने पत्थरबाजी की। बाइक, लैपटॉप, फोन, एसी और साउंड सिस्टम तोड़ डाले।”

आरोप है कि मोहम्मद ज़ुबैर ने इस घटना को गलत तरीके से पेश किया। बकौल चाँदनी, वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि वास्तविकता में क्या हुआ। असल में एक नमाज़ी छात्र ने उठ कर एक अन्य छात्र को थप्पड़ मारा, जो वार्डन से पूछ रहा था कि क्या ये नमाज़ पढ़ने के लिए सही जगह है? हिंसा उसने ही शुरू की। इसके बाद जो हुआ वो इसी कृत्य के जवाब में हुआ। मोहम्मद ज़ुबैर पर शांति भंग और दो समुदायों को लड़ाने की धाराओं में FIR दर्ज कर मुकदमा चलाने की माँग इस शिकायत में की गई है।

क्या सिख लुटेरे हैं? गुरुद्वारे की महिला प्रमुख ने सीएए के खिलाफ अरविंद केजरीवाल से उनके बयान पर माँगी सफाई, कही ये बात

सीएए का विरोध करते करते अरविंद केजरीवाल ने ऐसी बात कह दी, जिसमें वो फंसते नजर आ रहे हैं। अरविंद केजरीवाल ने सीएए के माध्यम से नागरिकता देने का ये कहकर विरोध किया है कि इससे देश की सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। अरविंद केजरीवाल ने एक बयान में कहा था कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आने वाले गरीब अल्पसंख्यकों के भारत में आने से चोरी, लूट और बलात्कार जैसी घटनाएँ बढ़ जाएँगी। उन्होंने कहा था कि शरणार्थियों के यहाँ आने से स्थिति खतरनाक हो जाएगी। अब इस बयान पर अरविंद केजरीवाल से एक गुरुद्वारे की महिला सिख प्रमुख ने सफाई माँगी है।

पंजाब में एक गुरुद्वारे की प्रमुख गुरदीप कौर ने कहा, “देश में जो सीएए कानून लागू हुआ है, उससे मुझे काफी खुशी मिली। मैं अरविंद केजरीवाल की निंदा करती हूँ, जो यह कह रहे हैं कि सिख लुटेरे हैं। सिख कौम के लोगों को अगर सरकार वहाँ से ला रही है, तो क्या ये लुटेरे हैं? हमें तो खुशी होनी चाहिए और सरकार का धन्यवाद करना चाहिए।” अरविंद केजरीवाल को ये बताना चाहिए कि उनके बयान का क्या मतलब है। क्या उनके मुताबिक, सिख कौम के लोग लुटेरे हैं?

एएनआई से बातचीत करते हुए सिख लोगों ने अरविंद केजरीवाल का विरोध किया है। एक व्यक्ति ने कहा, “सीएए कानून लागू होने के साथ मुझे इस चीज का दुख है कि केजरीवाल यह आरोप लगा रहे हैं कि लुटेरे, बदमाश और गुंडे यहाँ आएँगे। मैं उनसे पूछना चाहता हूँ कि उन्होंने कब सिख कौम के अंदर लुटेरों को देखा? सिख कौन का इतिहास उठा कर देख लें कि कभी भी इस देश में विपदा पड़ती है तो सबसे पहले सिख कौन ही आगे आकर उसका जवाब देती है। अरविंद केजरीवाल को अपने बयान के लिए सिख कौन से माफी माँगनी चाहिए।”

एक व्यक्ति ने कहा, मैं अरविंद केजरीवाल के उस बयान की निंदा करता हूँ, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर सिख कौम यहाँ आकर रहेगी तो लुटेरों की तरह काम करेगी। उनको शर्म आनी चाहिए और सिख कौम से माफी माँगनी चाहिए।

बता दें कि अरविंद केजरीवाल के बयान के बाद दिल्ली में उनके खिलाफ जोरदार प्रदर्शन हुए, लेकिन अरविंद केजरीवाल ने अपने बयानों पर माफी माँगने की जगह और भी तीखी बयानबाजी शुरू कर दी। केजरीवाल ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एक्स पर लिखा, इन पाकिस्तानियों की हिम्मत? पहले हमारे देश में गैर कानूनी तरीके से घुसपैठ की, हमारे देश का क़ानून तोड़ा। इन्हें जेल में होना चाहिए था। इनकी इतनी हिम्मत हो गयी कि हमारे देश में प्रदर्शन कर रहे हैं, हुडदंग कर रहे हैं? CAA आने के बाद पूरे देश में पाकिस्तानी और बांग्लादेशी फैल जाएंगे और लोगों को परेशान करेंगे। बीजेपी इन्हें अपना वोट बैंक बनाने के स्वार्थ में पूरे देश को परेशानी में धकेल रही है।”