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रूस में पुतिन इतिहास रचने को तैयार… पाँचवी बार संभालेंगे कार्यभार: राष्ट्रपति चुनाव में कोई प्रतिद्वंदी नहीं टिका, 87% वोट से आगे

रूस में राष्ट्रपति व्हादिमीर पुतिन एक बार फिर से राज्य की सत्ता संभालने के लिए तैयार हैं। ये उनका राष्ट्रपति के तौर पर पाँचवा कार्यकाल होने वाला है। वह राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के रूप में रूस की सत्ता में 1999 से ही बने हुए हैं। इस बार भी उन्हें प्रचंड बहुमत मिलता दिख रहा है। इस बार राष्ट्रपति का कार्यकाल संभालने के बाद वो रूस के 200 वर्षों के इतिहास में सबसे ज्यादा समय तक सत्ता में रहने वाले नेता बनेंगे। इससे पहले ये खिताब सिर्फ जोसेफ स्टालिन के पास था जो कि 1941 से 1953 तक सोवियत संघ के प्रधानमंत्री के रूप में भी कार्यरत था।

अभी तक आई हर मीडिया रिपोर्ट में यही बताया जा रह कि पुतिन बड़े अतंर से चुनाव जीतने जा रहे हैं। वहीं कुछ में पुतिन की जीत की घोषणा हो चुकी है। लेकिन स्थानीय मीडिया में दी जानकारी की बात करें तो रूस की न्यूज एजेंसी ताश ने बताया है कि कि पुतिन आज सुबह 7 बजे तक चुनावों में 87.32 फीसद वोट के साथ लीड कर रहे थे। वहीं कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार निकोले खारितोनोव 4.32% के साथ दूसरे नंबर पर थे। उनके बाद न्यू पीपल पार्टी के उम्मीदवार व्लादिस्लाव दावानकोव 3.79% के साथ तीसरे स्थान पर थे और सबसे आखिरी नंबर एलडीपीआर उम्मीदवार लियोनिद स्लटस्की का था जिन्हें तब तक 3.19% वोट मिले थे।

रूस में पुतिन की एक बार फिर से इतनी प्रचंड जीत का कारण यही माना जा रहा है कि उनके सामने कोई और मजबूत प्रत्याशी नहीं खड़ा हुआ है। पुतिन ने नतीजों का अंदाजा लगा खुद को वोट डालने वालों को धन्यवाद किया। अपने पहले संबोधन में उन्होंने पश्चिमी देशों में तीसरे विश्वयुद्ध की भी चेतावनी दी। उन्होंने पिछले माह फ्रांस राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां द्वारा दिए गए बयान पर भी टिप्पणी की। जहाँ फ्रांस राष्ट्रपति ने यूक्रेम के साथ अपने सैनिकों को उतारने की संभावना से मना नहीं किया था।

उन्होंने कहा, “आज के आधुनिक दौर में कुछ भी संभव है, लेकिन अगर ऐसा होता है तो तीसरा विश्वयुद्ध ज्यादा दूर नहीं है।” उन्होंने ये भी कहा, “वैसे नाटो के सैनिक अभी भी यूक्रेन में मौजूद हैं। रूस को पता चला है कि युद्ध के मैदान में इंग्लिश और फ्रेंच भाषा बोलने वाले जवान भी मौजूद हैं। ये अच्छी बात नहीं है, खासकर उनके लिए क्योंकि वे बड़ी संख्या में यहाँ मर रहे हैं।”

बता दें कि 199 में खराब स्वास्थ्य के चलते बोरिस येल्तसिन ने सत्ता की बागडोर पुतिन को सौंपी थी तब रूस अपने अस्तित्व के लिए कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रहा था। हालत ये थे कि पुतिन रूस को अमेरिका के नेतृत्व में नाटो संगठन का हिस्सा बनाने के लिए तैयार हो गए थे, मगर वो ऐसा कदम उठाते उससे पहले उन्हें एहसास हुआ कि ऐसा करने से तो रूस को अपेक्षित सम्मान ही नहीं मिलेगा। इस सोच के पैदा होने के बाद देश को उसका पुराना गौरव लौटाने में पुतिन ने अपने दस साल लगा दिए और दस साल बाद रूस एक बड़ी शक्ति बनकर अमेरिका के सामने खड़ा हो गया। आज रूस की स्थिति वो है कि अमेरिका को वो हर मायने में चुनौती देता है।

दारू के बाद जल घोटाले में भी ED के सामने हाजिर होने से CM केजरीवाल का इनकार, AAP ने कहा- समन अवैध, दिल्ली जल बोर्ड का मामला कोई जानता भी नहीं

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल प्रवर्तन निदेशालय(ED) द्वारा भेजे गए समन पर आज (18 मार्च, 2024) को पेश नहीं होंगे। ED ने यह समन दिल्ली जल बोर्ड घोटाला मामला में भेजा था और आज पेश होने को कहा था।

ED ने यह समन शनिवार (16 मार्च, 2024) की शाम को मुख्यमंत्री केजरीवाल को भेजा था। ED दिल्ली जल बोर्ड में दिए गए एक ठेके में हुए कथित भ्रष्टाचार के मामले में मुख्यमंत्री केजरीवाल से पूछताछ करना चाहती थी। हालाँकि, केजरीवाल ने पेश होने से मना कर दिया। इस मामले को लेकर केजरीवाल सरकार में मंत्री आतिशी मार्लेना ने कहा है कि कोई नहीं जानता कि यह दिल्ली जल बोर्ड का मामला क्या है। उन्होंने इसे एक बनावटी मामला बताया।

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली जल बोर्ड मामले में CM केजरीवाल को भेजे गए समन को अवैध बताया गया। AAP ने पूछा कि ED उन्हें बार-बार समन क्यों भेज रही है। इससे पहले यही कारण दिल्ली CM केजरीवाल शराब घोटाला मामले में देते आए हैं और पेश नहीं हुए हैं।

दिल्ली जल बोर्ड के जिस मामले में CM केजरीवाल को समन भेजा गया है, उसमे आरोप है कि ₹38 करोड़ का एक ठेका देने की एवज में रिश्वत ली गई। यह ठेका दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य इंजीनियर जगदीश कुमार अरोड़ा ने NKG इन्फ्रास्ट्रक्चर नाम की एक कम्पनी को दिया था।

आरोप है कि यह कम्पनी यह ठेका पाने के लिए तकनीकी रूप से योग्य नहीं थी। इसके बाद भी ठेका दिया गया और इस बात की जानकारी अरोड़ा को भी थी। ठेका देने की एवज में रिश्वत ली गई जो कि ऊपर तक पहुँचाई गई। यह भी आरोप है कि रिश्वत की धनराशि का उपयोग आम आदमी पार्टी की फंडिंग में भी किया गया।

इससे पहले ED केजरीवाल को 9 समन भेज चुकी है। यह समन नवम्बर से लेकर मार्च महीने के बीच में भेजे गए हैं। हर बार CM केजरीवाल इन समन से बचने के लिए अलग अलग कारण देते रहे हैं। CM केजरीवाल के ना पेश होने पर ED ने कोर्ट का सहारा लिया था। इस पर कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी।

‘खतना चेक कर दें नागरिकता’: CAA पर बहस के बीच पूर्व राज्यपाल का सुझाव, कहा- हिंदू, बौद्ध और ईसाई शरणार्थियों को मिले लाभ

मिजोरम और त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल और भाजपा नेता तथागत रॉय ने नए नागरिकता कानूनों (CAA) के अंतर्गत दी जाने वाली नागरिकता को लेकर एक बयान दिया है। उन्होंने पड़ोसी देश से आए शरणार्थियों की पहचान खतना देखकर करने की अपील की है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस सम्बन्ध में नियम स्पष्ट करने की बात कही है।

पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय ने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “TMC पश्चिम बंगाल में CAA को लेकर लगातार झूठी जानकारी फैला रही है। इससे लोगों के गुमराह होने की संभावना दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय को ऐसी स्थिति में जल्द ही यह स्पष्ट करना चाहिए कि बांग्लादेश में होने वाले इस्लामी अत्याचार के कारण जो हिन्दू शरणार्थी मात्र कपड़ों के साथ भारत आए, उन्हें नागरिकता कैसे मिलेगी और उन शरणार्थियों की क्या स्थिति होगी जिनका नागरिकता सम्बन्धी आवेदन खरिज हो गया है।”

राज्यपाल तथागत रॉय ने इसके बाद नागरिकता का हकदार किसे समझा जाए, इसके लिए कुछ सुझाव दिए। उन्होंने लिखा, “एक हिंदू, बौद्ध या ईसाई शरणार्थी को नागरिकता पाने का हकदार माना जाना चाहिए। शरणार्थी पुरुष के धर्म का परीक्षण खतना या और किसी विधि से होना चाहिए। जो भी पुरुष इस प्रक्रिया में हिन्दू पाए जाते हैं, उनके साथ आने वाली महिलाओं को भी हिन्दू माना जाए।”

आगे उन्होंने बताया , “हिंदू, बौद्ध और ईसाइयों के नागरिकता आवेदन यदि किसी कारण से खारिज कर दिए गए हैं, तो उन्हें यहाँ रहने दिया जाए। स्पष्ट रूप से यह बताया जाए कि उनको किसी भी तरीके से डिटेंशन कैम्प में नहीं भेजा जाएगा।”

गौरतलब है कि हाल ही में केंद्र सरकार ने CAA कानून को देश भर में लागू किया है। इसके अंतर्गत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आने वाले गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता का देने का प्रावधान है। इसके नियमों के अंतर्गत 2014 से पहले वैध रूप से भारत आए सभी हिन्दू, सिख, जैन, पारसी, बौद्ध और ईसाई शरणार्थियों को नागरिकता दी जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने एक पोर्टल और मोबाइल एप भी लॉन्च किया है।

राष्ट्रपति की 200 ‘दत्तक संतान’ फिर से बने हिंदू, छत्तीसगढ़ में कोरबा जनजातीय समाज के 56 परिवारों की प्रबल प्रताप ने चरण पखार कराई घर वापसी

छत्तीसगढ़ में फिर से घर वापसी हुई है। इस बार भारत के राष्ट्रपति की ‘दत्तक संतान’ कहे जाने वाले ‘कोरबा जनजातीय समुदाय’ के 56 परिवारों के 200 लोग विधि विधान से सनातम धर्म में लौटे। भारतीय जनता पार्टी के नेता व अखिल भारतीय घर वापसी प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने खुद सबके पाँव पखाकरकर सबको वंदन करके हिंदू धर्म स्वीकार करवाया।

पूरा कार्यक्रम 17 मार्च 2024 को छत्तीसगढ़ के जिला रायगढ़ के आश्रित ग्राम बरघाट में हुआ। इस कार्यक्रम के दौरान आस पास के ग्राम वासी भी उपस्थि रहे। इसके अलावा प्रमुख रूप से प्रबल प्रताप सिंह जूदेव समेत अनेक हिंदू कार्यकर्ता शामिल रहे। उन्होंने 56 परिवार के लगभग 200 लोगों के पैर धो कर मंत्रोचार के साथ हवन करवाकर घर वापसी करवाई।

इसके बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा, “अब धर्मांतरण बर्दाश्त नहीं उक्त कर्म में जो भी लिप्त पाया जाएगा उसे सजा भुगतने को तैयार रहना चाहिए। उनके ऊपर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने फिर करवाई घर वापसी

उन्होंने धर्मांतरण को देश के लिए खतरा बताते हुए कहा, “अगर इसे गंभीरता से नहीं लिया गया तो आगामी पीढियाँ हमें माफ नहीं करेंगी।” उन्होंने कहा, “देश की आजादी के बाद जितने भी लोग धर्मांतरित हुए हैं उनकी जांच होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।”

बता दें कि इससे पहले उन्होंने प्रबल सिंह जूदेव ने दिसंबर 2023 में किलकिला धाम में 8 परिवारों की सनातन में वापसी करवाई थी। उससे पहले उन्होंने 101 परिवारों की घर वापसी करवाई थी।

गौरतवब है कि ईसाई मिशनरियों की लालच में आकर कई जनजातीय समुदाय के लोग हिंदू धर्म छोड़ देते हैं। ऐसे में प्रबल प्रताप सिंह ये अभियान चलाकर उन लोगों की घर वापसी कराने के लिए जाने जाते रहे हैं। पिछले वर्ष जनवरी की शुरुआत में उन्होंने 325 परिवारों के 1100 ईसाई बने लोगों की एक साथ घर वापसी करवाई थी। 2022 में भी उन्होंने विश्व कल्याण महायज्ञ के दौरान करीब 1250 लोगों ने घर वापसी कराई थी।

US में भारतीय की हत्या, अज्ञात बंदूकधारी ने बोस्टन यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले 20 साल के छात्र को जंगल में मार कर छोड़ा

संयुक्त राज्य अमेरिका में एक और भारतीय छात्र की हत्या कर दी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के रहने वाले 20 साल के पारुचुरी अभिजीत की कथित तौर पर हत्या कर दी गई है और उसका शव 11 मार्च को जंगल में एक लावारिस कार के अंदर पाया गया है। पारुचुरी अभिजीत की हत्या, अमेरिका में भारतीय छात्रो की मौत के सिलसिले का सबसे ताजा मामला है और इस साल के पहले साढ़े तीन महीने में अमेरिका में भारतीय और भारतीय मूल के छात्रों की मौत की ये 9वीं घटना है।

परिवार के सदस्यों ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा कि पारुचुरी अभिजीत आंध्र प्रदेश के रहने वाले चक्रधर और श्रीलक्ष्मी के इकलौते बेटे थे। वे बचपन से ही मेधावी छात्र रहे। जब उन्होंने अपनी आगे की पढ़ाई के लिए बोस्टन विश्वविद्यालय में सीट हासिल की, तो उनकी मां नहीं चाहती थी, कि वो पढ़ाई के लिए भारत से बाहर निकले।

पारुचुरी अभिजीत की लाश एक कार के अंदर लावारिश हालत में मिली है। हालाँकि, अभी तक हत्या का मकसद साफ नहीं है, लेकिन स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है, कि भारतीय छात्र की हत्या विश्वविद्यालय में उसके साथी छात्रों के साथ कुछ पैसों की लेनदेन की वजह से किए जाने की आशंका है। कथित तौर पर पारुचुरी अभिजीत का लैपटॉप भी चोरी हो गया था।

इन वारदातों में से एक घटना जनवरी में सामने आई, जब 19 साल के नील आचार्य का शव भी पर्ड्यू यूनिवर्सिटी वेस्ट लाफायेट परिसर में पाया गया था। आचार्य अमेरिका के ही नागरिक थे। अधिकारियों ने कहा है कि आचार्य के शव पर कोई जख्म के निशान नहीं है और ये मामला हत्या से जुड़ा होने की संभावना नहीं है। जबकि, इसी साल जनवरी में ही 25 साल के हरियाणा के रहने वाले भारतीय छात्र विवेक सैनी को जॉर्जिया में एक बेघर नशेड़ी ने पीट-पीट कर मार डाला था।

इसी तरह, एक अन्य भारतीय छात्र, सैयद मज़ाहिर अली, जो हैदराबाद के रहने वाले थे और सूचना प्रौद्योगिकी में मास्टर की पढ़ाई कर रहे थे, उनपर शिकागो में तीन अज्ञात लोगों ने बेरहमी से हमला किया था। हालाँकि हमले में उनकी जान बच गई थी।

‘थप्पड़ नमाज़ी ने मारा, फिर भी फेक न्यूज़ फैला कर भड़का रहा मोहम्मद ज़ुबैर’: ALTNews वाले के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत, महिला वकील ने लिखा – वीडियो में दिख रही सच्चाई

गुजरात यूनिवर्सिटी में अफगानिस्तान के एक नमाज़ पढ़ रहे छात्र ने एक अन्य छात्र को थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद वहाँ बवाल हो गया। अब इस मामले में ALTNews के सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। मोहम्मद ज़ुबैर पर गलत सूचना फैलाने का आरोप है। ये शिकायत साइबर विभाग में वकील चाँदनी प्रीति विजयकुमार शाह ने दर्ज कराई है। उन्होंने कहा है कि ज़ुबैर सांप्रदायिक अशांति को भड़काने में लगा हुआ है।

उन्होंने अपनी शिकायत में कहा है कि मोहम्मद ज़ुबैर ALTNews नाम का मीडिया पोर्टल चलता है और खुद के एक स्वतंत्र फैक्ट-चेकर होने का दावा करता है। उन्होंने आशंका जताई है कि सोशल मीडिया पर मोहम्मद ज़ुबैर द्वारा जानबूझकर किए गए भड़काऊ पोस्ट से सांप्रदायिक अशांति फ़ैल सकती है, खासकर लोकसभा चुनाव 2024 से पहले। उन्होंने मोहम्मद ज़ुबैर के उस पोस्ट का भी विवरण साझा किया, जिसमें उसने गलत सूचना फैलाई थी।

इसमें मोहम्मद ज़ुबैर ने लिखा था, “रविवार (17 मार्च, 2024) को अफगानिस्तान का एक छात्र ‘न्यूज कैपिटल गुजरात’ से बात कर रहा था। उसने बताया कि हॉस्टल के A ब्लॉक में 15 मुस्लिम छात्र नमाज़ पढ़ रहे थे। 3 लोग आए और उन्हें ऐसा करने से रोका। नमाज़ पूरा कर के छात्रों ने पूछा कि आखिर उन्हें इससे समस्या क्या है? गुंडों ने उन्हें धार्मिक नारे लगाने के लिए कहा। वो वापस गए और थोड़ी देर बाद 200-250 की संख्या में लौटे। उनके पास चाकू और छड़ी थी। उन्होंने पत्थरबाजी की। बाइक, लैपटॉप, फोन, एसी और साउंड सिस्टम तोड़ डाले।”

आरोप है कि मोहम्मद ज़ुबैर ने इस घटना को गलत तरीके से पेश किया। बकौल चाँदनी, वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि वास्तविकता में क्या हुआ। असल में एक नमाज़ी छात्र ने उठ कर एक अन्य छात्र को थप्पड़ मारा, जो वार्डन से पूछ रहा था कि क्या ये नमाज़ पढ़ने के लिए सही जगह है? हिंसा उसने ही शुरू की। इसके बाद जो हुआ वो इसी कृत्य के जवाब में हुआ। मोहम्मद ज़ुबैर पर शांति भंग और दो समुदायों को लड़ाने की धाराओं में FIR दर्ज कर मुकदमा चलाने की माँग इस शिकायत में की गई है।

क्या सिख लुटेरे हैं? गुरुद्वारे की महिला प्रमुख ने सीएए के खिलाफ अरविंद केजरीवाल से उनके बयान पर माँगी सफाई, कही ये बात

सीएए का विरोध करते करते अरविंद केजरीवाल ने ऐसी बात कह दी, जिसमें वो फंसते नजर आ रहे हैं। अरविंद केजरीवाल ने सीएए के माध्यम से नागरिकता देने का ये कहकर विरोध किया है कि इससे देश की सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। अरविंद केजरीवाल ने एक बयान में कहा था कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आने वाले गरीब अल्पसंख्यकों के भारत में आने से चोरी, लूट और बलात्कार जैसी घटनाएँ बढ़ जाएँगी। उन्होंने कहा था कि शरणार्थियों के यहाँ आने से स्थिति खतरनाक हो जाएगी। अब इस बयान पर अरविंद केजरीवाल से एक गुरुद्वारे की महिला सिख प्रमुख ने सफाई माँगी है।

पंजाब में एक गुरुद्वारे की प्रमुख गुरदीप कौर ने कहा, “देश में जो सीएए कानून लागू हुआ है, उससे मुझे काफी खुशी मिली। मैं अरविंद केजरीवाल की निंदा करती हूँ, जो यह कह रहे हैं कि सिख लुटेरे हैं। सिख कौम के लोगों को अगर सरकार वहाँ से ला रही है, तो क्या ये लुटेरे हैं? हमें तो खुशी होनी चाहिए और सरकार का धन्यवाद करना चाहिए।” अरविंद केजरीवाल को ये बताना चाहिए कि उनके बयान का क्या मतलब है। क्या उनके मुताबिक, सिख कौम के लोग लुटेरे हैं?

एएनआई से बातचीत करते हुए सिख लोगों ने अरविंद केजरीवाल का विरोध किया है। एक व्यक्ति ने कहा, “सीएए कानून लागू होने के साथ मुझे इस चीज का दुख है कि केजरीवाल यह आरोप लगा रहे हैं कि लुटेरे, बदमाश और गुंडे यहाँ आएँगे। मैं उनसे पूछना चाहता हूँ कि उन्होंने कब सिख कौम के अंदर लुटेरों को देखा? सिख कौन का इतिहास उठा कर देख लें कि कभी भी इस देश में विपदा पड़ती है तो सबसे पहले सिख कौन ही आगे आकर उसका जवाब देती है। अरविंद केजरीवाल को अपने बयान के लिए सिख कौन से माफी माँगनी चाहिए।”

एक व्यक्ति ने कहा, मैं अरविंद केजरीवाल के उस बयान की निंदा करता हूँ, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर सिख कौम यहाँ आकर रहेगी तो लुटेरों की तरह काम करेगी। उनको शर्म आनी चाहिए और सिख कौम से माफी माँगनी चाहिए।

बता दें कि अरविंद केजरीवाल के बयान के बाद दिल्ली में उनके खिलाफ जोरदार प्रदर्शन हुए, लेकिन अरविंद केजरीवाल ने अपने बयानों पर माफी माँगने की जगह और भी तीखी बयानबाजी शुरू कर दी। केजरीवाल ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एक्स पर लिखा, इन पाकिस्तानियों की हिम्मत? पहले हमारे देश में गैर कानूनी तरीके से घुसपैठ की, हमारे देश का क़ानून तोड़ा। इन्हें जेल में होना चाहिए था। इनकी इतनी हिम्मत हो गयी कि हमारे देश में प्रदर्शन कर रहे हैं, हुडदंग कर रहे हैं? CAA आने के बाद पूरे देश में पाकिस्तानी और बांग्लादेशी फैल जाएंगे और लोगों को परेशान करेंगे। बीजेपी इन्हें अपना वोट बैंक बनाने के स्वार्थ में पूरे देश को परेशानी में धकेल रही है।”

कैसे होंगे ‘मोदी सरकार 3.0’ के पहले 100 दिन? PM मोदी का मंत्रियों को निर्देश – अभी से तैयार कीजिए पूरा खाका: मंत्रालयों में बैठक, बड़े फैसलों की आहट

देश में आम चुनावों के लिए तारीखों की घोषणा हो गई है। 7 चरण में लोकसभा चुनाव होंगे, जिनका परिणाम 4 जून, 2024 को जारी कर दिया जाएगा। भाजपा ने NDA गठबंधन के लिए ‘अबकी बार, 400 पार’ का नारा दिया है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अकेले भाजपा के लिए 370 सीटों का लक्ष्य रखा है। विश्लेषक और तमाम ओपिनियन पोल भी मान कर चल रहे हैं कि मोदी सरकार का हैट्रिक लगना तय है। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तीसरा कार्यकाल कैसा होगा ये अभी से तय होने लगा है।

दरअसल, रविवार (17 मार्च, 2024) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें पीएम मोदी ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिया कि वो अगली सरकार के पहले 100 दिनों के कामकाज का खाका अभी से तैयार करना शुरू कर दें। उन्होंने मंत्रियों से यहाँ तक कहा कि अगले 5 साल के फैसलों के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी जाए। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि वो अपने-अपने मंत्रालयों के सचिवों और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक में।

इस बैठक में मोदी सरकार 3.0 के पहले 100 दिनों और अगले 5 वर्षों के एजेंडे को बेहतर तरीके से लागू किए जाने पर चर्चा करने का निदेश मंत्रियों को मिला है। बुधवार (20 मार्च, 2024) को ही 19 अप्रैल, 2024 को प्रथम चरण में 102 सीटों पर होने वाले चुनावों के लिए अधिसूचना जारी कर दी जाएगी, जिसके बाद नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। 1 जून को अंतिम चरण का चुनाव है। सबकी की नज़रें इस पर हैं कि मोदी सरकार को इस बार कितना बड़ा बहुमत मिलता है।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि अनिश्चितता से जूझ रही दुनिया में ये बात तय है कि भारत तेज़ी से विकास करता रहेगा। उन्होंने ‘इंडिया टुडे कन्क्लेव’ में ही साफ़ कर दिया था कि वो लोग ‘राष्ट्र प्रथम’ की सोच वाले हैं, जबकि विपक्ष ‘परिवार प्रथम’ को लेकर चलता है। उन्होंने पहले ही ऐलान कर दिया है कि अगले 5 वर्षों में कुछ बड़े फैसले होंगे, निर्णायक नीतियाँ बनेंगी। उन्होंने स्थिर, सक्षम एवं मजबूत भारत बनाने की गारंटी देते हुए कहा कि विकास नई ऊँचाइयों पर पहुँचेगा।

लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन ने DMK को दिया ₹509 करोड़ का इलेक्टोरल बॉन्ड, मेगा इन्फ्रा ने दिए ₹105 करोड़: कुल रकम मिली ₹656.5 करोड़, बाकी सिर्फ ₹42.5 करोड़ में सिमटे?

तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी DMK को क्या लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन ही चलाता है? उसने DMK को मिले कुल चंदे का 77 प्रतिशत से ज्यादा अकेले ही दिया है। इलेक्टोरल बॉन्ड के सार्वजनिक किए जाने के बाद ये जानकारी सामने आई है। इस जानकारी के मुताबिक, इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए डीएमके को कुल 656.5 करोड़ का चंदा मिला है, जिसमें अकेले 509 करोड़ रुपए लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन ने दिया है। हैरानी की बात है कि 1368 करोड़ रुपए का चंदा देने वाली सैंटियागो मार्टिन की कंपनी फ्यूचर गेमिंग ने अपना 37 प्रतिशत चंदा सिर्फ डीएमके को ही दे दिया है।

डीएमके उन पार्टियों में से एक है, जिसने चुनाव आयोग को अपने डोनर्स की भी जानकारी दी है। साल 2019 से 2023 तक डीएमके को कुल 656.5 करोड़ रुपए इलेक्टोरल बॉन्ड किए जरिए मिले है। इसमें से दो ग्रुपों ने सबसे ज्यादा चंदा दिया है। एक है लॉटरी किंग कहे जाने वाले सैंटियागो मार्टिन की कंपनी फ्यूचर गेमिंग ने 509 करोड़ का चंदा दिया है। ये कंपनी मूल रूप से तमिलनाडु के कोयंबटूर की ही है। वहीं मेगा इन्फ्रा ने 105 करोड़ रुपए के इलेक्टोरल बॉन्ड डीएमके को दिए हैं। ध्यान रहे कि ये आँकड़े साल 2023 तक के ही हैं, जो चुनाव आयोग ने सार्वजनिक किए हैं।

चेन्नई सीमेंट्स ने भी दिया चंदा

डीएमके को चंदा देने वालों में इंडिया सीमेंट्स ने भी चंदा दिया है। इंडिया सीमेंट्स ने डीएमके को 2019-20 में 10 करोड़ का चंदा दिया। तो 2021-22 में 4 करोड़ का चंदा दिया। इंडिया सीमेंट्स वही कंपनी है, जो आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स टीम की मालिक है। इंडिया सीमेंट्स द्वारा दी गई 14 करोड़ की राशि उसी 42.5 करोड़ रुपए में से हैं, जो बाकी की कंपनियों ने डीएमके को दिए हैं। इन तीनों कंपनियों के दिए चंदे को जोड़ दिया जाए तो 628 करोड़ की राशि इन्हीं कंपनियों ने दी है, जबकि बाकी की कंपनियों ने कुल मिलाकर 28.5 करोड़ की ही फंडिंग की। इसमें भी 10 करोड़ रुपए सन नेटवर्क ने दिए हैं, जो डीएमके से ही जुड़ी मानी जाती है।

डीएमके कोषाध्यक्ष टीआर बालू ने चुनाव आयोग को लिखे पत्र में कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड योजना में दानदाताओं की जानकारी गुप्त रखे जाने का प्रावधान है, फिर भी डीएमके अपने दानदाताओं की जानकारी सार्वजनिक कर रही है। इस जानकारी के मुताबिक, डीएमके को अप्रैल 2019 और मार्च 2020 के बीच इंडिया सीमेंट्स, MEIL, रैमको सीमेंट्स, अपोलो ग्रुप, LMW कंपनी, बिड़ला ग्रुप, त्रिवेणी ग्रुप और IRB जैसे कॉरपोरेट्स से 45.50 करोड़ रुपये मिले।

अक्टूबर 2020 में पार्टी को दो कंपनियों- फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और MEIL से 80 करोड़ रुपये मिले। अप्रैल 2021 और जनवरी 2022 के बीच डीएमके को ईबी के माध्यम से सबसे अधिक दान प्राप्त हुआ – 306 करोड़ रुपये। अप्रैल 2023 से नवंबर 2023 तक पार्टी को 65 करोड़ रुपये और मिले। इस तरह से फ्यूचर गेमिंग ने 1368 करोड़ में से 509 करोड़ रुपए डीएमके को दिए हैं, जबकि 859 करोड़ रुपए अन्य को दिए हैं। अभी ये जानकारी सामने नहीं आ पाई है।

चुनाव आयोग के आंकड़ों से पता चला है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कुल 6,986.5 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बांड भुनाए , जो 2019-20 में प्राप्त अधिकतम 2,555 करोड़ रुपए है। कॉन्ग्रेस को इलेक्टोरल बॉन्ड से 1,334.35 करोड़ रुपए मिले हैं लेकिन वो टीएमसी से पीछे है। बीजेपी के बाद सबसे ज्यादा इलेक्टोरल बॉन्ड टीएमसी को मिला है, जिसकी कुल कीमत ​​1,397 करोड़ रुपए है। भारतीय राष्ट्र समिति (बीआरएस) चुनावी बांड के माध्यम से चौथे सबसे बड़े प्राप्तकर्ता के रूप में उभरी है, जिसने 1,322 करोड़ रुपए के बांड भुनाए हैं।

अनजान लड़कियों के सामने कपड़े उतार देता है मोहम्मद रिजवान, महिला पुलिसकर्मियों को भी नहीं छोड़ता है: समंदर घूमने आने वाली लड़कियों को निशाना बनाने का आरोप

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसे महाराष्ट्र के मुंबई का बताया जा रहा। इस वीडियो में एक युवक रील बनाने के दौरान अपनी बॉडी का प्रदर्शन अनजान महिलाओं के आगे करता दिखाई दे रहा। युवक का नाम मोहम्मद रिज़वान है जिस पर रील के दौरान ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों को भी टारगेट करने का आरोप है। नेटिज़ेंस मुंबई पुलिस से रिज़वान पर कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।

पाञ्चजन्य के पत्रकार शिवम दीक्षित ने रविवार (16 मार्च 2024) को मोहम्मद रिज़वान से जुड़े 4 वीडियो अपने X हैंडल पर शेयर किए हैं। अपने कैप्शन के तौर पर उन्होंने लिखा, “नाम – मोहम्मद रिजवान। निवासी – धारावी, मुम्बई। काम – पब्लिसिटी के लिए बार-बार महिला पुलिसकर्मी, और समुद्र किनारे घूमने आई हिंदू लड़कियों को साजिशन टारगेट बनाना और उसकी विडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करना। वहीं बुर्के और हिजाब वाली मुस्लिम लड़की के साथ विडियो सभ्यता और प्रेम का बनावटी परिचय देकर इस्लाम के प्रति आकर्षित करना।”

इसके बाद शिवम ने मुंबई पुलिस को अपने ट्वीट में टैग किया और लिखा, “ये मोहम्मद रिजवान वर्दी वाली देवियों को लक्ष्य बनाकर करोड़ों महिलाओं की रोल मॉडल की छवि को बट्टा लगा रहा है। और हाँ मोहम्मद रिजवान.. तुमसे कहीं ज्यादा सुंदर और हैंडसम लड़के पुलिस की वर्दी पहनकर इस देश की सेवा में लगे हैं। बच के रहना उनसे… किसी दिन सामना हो गया तो तुम्हारी हीरोपंती सेकेंड से पहले उतार देंगे।” शिवम ने रिज़वान की गिरफ्तारी होने तक लोगों से शेयरिंग जारी रखने की अपील की है।

वायरल कई वीडियो में कथित तौर पर मोहम्म्द रिज़वान कभी शहर के अंदर तो कभी समुद्र के किनारे छोटी-छोटी रील्स बनाता है। इन रील्स में वह लड़कियों को कभी स्लीवलेस टी शर्ट पहन कर तो कभी अपनी कमीज उतार कर अपने डौले दिखाता है। बाद में वह लड़कियों पर कैमरे ऐसे सेट करता है जैसे कि वो सभी उसे ही देख रहीं हो। इन रील्स में लड़कियों के तौर पर रिज़वान ने कई बार उन महिला पुलिसकर्मियों को दिखाया है जो अपनी ड्यूटी पर तैनात हैं।

वीडियो को रोमांटिक रंग देने के लिए रिज़वान बैकग्राउंड म्यूजिक का सहारा लेता है। मोहम्मद रिजवान की इन करतूतों को कई अन्य X हैंडलों ने भी कार्रवाई की माँग के साथ शेयर किया है। ऑपइंडिया ने मोहम्मद रिज़वान की पड़ताल की तो हमें उसका फेसबुक हैंडल मिला। उसने अपनी प्रोफ़ाइल ‘रिज़वान लाइफस्टइल’ नाम से बनाई है। अपने परिचय के तौर पर रिज़वान फिटनेस मॉडल लिखता है। वह मुंबई के धारावी इलाके का रहने वाला है। शनिवार (16 मार्च) को ही रिज़वान ने ‘अल्हमदुल्लिल्लाह’ लिख्नते हुए अपनी सेल्फी शेयर की है जिसमें उसने अपनी लोकेशन मुंबई लिखी है।

जब हमने इस प्रोफ़ाइल को और खंगाला तो पाया गया कि एक ही नहीं बल्कि कई वीडियो में मोहम्मद रिज़वान अनजान लड़कियों को अपनी तरफ आकर्षित दिखाते हुए रील बना चुका है। कम से कम 3 ऐसे वीडियो भी हैं जिसमें उसने आम लड़कियों के बदले ड्यूटी पर तैनात मुमाई पुलिस की महिला स्टाफ को इसी तरह से दिखाने की कोशिश की है। रिज़वान की धारावी इलाके में एक दुकान भी है। हालाँकि, रिज़वान अपनी हरकतों खिलाफ सोशल मीडिया पर चल रहे मूवमेंट से बेपरवाह नजर आ रहा है। उसने अपनी 16 मार्च को ही बनाई गई रील में भी समंदर के किनारे बैठी कुछ लड़कियों के आगे टी शर्ट उतारी है।

हावभाव से तो यह भी लगता है कि कई महिला पुलिस स्टाफ और अन्य लड़कियों को यह भी नहीं पता रहता कि उनका इस्तेमाल कोई रिज़वान अपनी रील में कर रहा है। फिलहाल रिज़वान के खिलाफ लगातार उठ रही कार्रवाई की माँग पर अभी तक मुंबई पुलिस का कोई जवाब नहीं आया है। मुंबई पुलिस का आधिकारिक वर्जन या कोई अन्य अपडेट आने के बाद उसे खबर में अपडेट किया जाएगा।