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कौशांबी में ग्रूमिंग जिहाद: नौफिल, इमरान, उस्मान+ गैंग ने 17 साल की हिंदू लड़की का किया अपहरण, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका, लखनऊ से दिल्ली तक एक्शन में UP पुलिस

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में ग्रूमिंग जिहाद का मामला सामने आया है। यहाँ नौफिल, इमरान, उस्मान, समीर खान और उनके गैंग ने 17 साल की हिंदू लड़की का उसके घर के सामने से ही अपहरण कर लिया। परिजनों का आरोप है कि नौफिल खान ने लड़की को प्रेम जाल में फंसा कर ब्रेन वॉश किया, फिर उसका अपहरण कर लिया। लड़की के पिता का आरोप है कि उनकी बेटी घर 4.32 लाख रुपए लेकर निकली थी, तभी कार सवार नौफिल के गैंग ने उसे घर के बाहर से अगवा कर लिया।

ये पूरा मामला कौशांबी जिले के पिपरा थाना इलाके का है। जहाँ 17 साल की लड़की का शनिवार (2 मार्च 2024) की शाम को उसके घर के सामने से ही अपहरण कर लिया गया। लड़की के परिजनों ने नौफिल खान, उसकी माँ और पिता तालिब खान के साथ ही समीर खान, इमरान उर्फ इन्नू, उस्मान और नौफिल के दोस्तों के नाम एफआईआर दर्ज कराई है। परिजनों ने आशंका जताई है कि नाबालिग लड़की का धर्म परिवर्तन करा कर उसका निकाह किया जा सकता है। उन्हें ये भी डर है कि पैसे पा जाने के बाद लड़की की हत्या भी की जा सकती है।

इस केस से जुड़े एफआईआर की कॉपी ऑपइंडिया के पास मौजूद है। एफआईआर के मुताबिक, 17 साल की नाबालिग लड़की को डरा धमका कर, धर्मांतरण कर विवाह की नियत से नौफिल उम्र तालिब जमीर और उसके साथियों इमरान, सलीम, उस्मान, अजीत और उसके साथियों ने अपहृत कर लिया। लड़की के पिता द्वारा दी गई शिकायत में साफ तौर पर आरोप लगाए गए हैं कि मैं हिंदू धर्म का हूँ, आरोपित मुस्लिम हैं। उन्होंने पूरी प्लानिंग करके बैगनR कार के माध्यम से रात्रि में मेरी बेटी का अहरण किया। इस दौरान मेरी बेटी 4.32 लाख रुपए भी घर से लेकर चली गई है। मुझे आशंका है कि ये गैंग मेरी बेटी की हत्या भी कर सकता है।

ऑपइंडिया से बातचीत पीड़ित पिता ने न्याय दिलाने की गुराह लगाई। उन्होंने कहा कि पुलिस ने 6-7 लोगों को पकड़ा है, लेकिन बेटी और मुख्य आरोपित नौफिल नहीं मिल पाए हैं। वहीं, एएसपी अशोक कुमार वर्मा ने परिजनों से मुलाकात की और उन्हें आरोपितों की गिरफ्तारी का आश्वासन देते हुए जल्द से जल्द लड़की को बरामद करने की बात कही।

इस मामले में ऑपइंडिया ने पिपरी थाने में तैनात अतिरिक्त निरीक्षक राजेंद्र वर्मा से बातचीत की। उन्होंने बताया कि लड़की की बरामदगी के लिए तीन टीमों को लगाया गया है। खुद की जाँच कर रहे अधिकारी भी अभी बाहर हैं। हमने नौफिल के पिता तालिब खान को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ कर जानकारी जुटा रहे हैं। राजेंद्र वर्मा ने बताया कि पुलिस आरोपितों की कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन की जाँच कर रही है, जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा।

साइबर फ्रॉड को रोकेग चक्षु (Chakshu), केंद्र सरकार ने लॉन्च की नई सेवा: धमकाने, फ्रॉड करने वालों के नंबर होंगे ब्लॉक, अनचाहे कॉल-मैसेज से भी छुट्टी

बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार के टेलिकॉम मंत्रालय ने चक्षु पोर्टल (Chakshu) की शुरुआत की है। अब आम जनता अपने मोबाइल पर आने वाले किसी भी फ्रॉड कॉल या मैसेज की शिकायत सीधे इस पोर्टल पर दर्ज करवा सकती है। यह पोर्टल उनके लिए भी लाभदायक साबित होगा, जो अनचाही कॉल से परेशान हैं। शिकायत के बाद बाकायदा नंबर की जाँच होगी। गलत पाए जाने पर न सिर्फ नंबर को बंद कर दिया जाएगा बल्कि अपराध में संलिप्त नंबरों की जानकारी सीधे गृह मंत्रालय को भेज दी जाएगी। चक्षु सेवा सोमवार (3 मार्च 2024) को लॉन्च की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चक्षु पोर्टल पर आम नागरिक खुद को आने वाली अनचाही कॉल और फ्रॉड आदि की शिकायत दर्ज करवा पाएँगे। इस सेवा के तहत कागजात एक्सपायर अथव रिन्यूवल, KYC अपडेट, लॉटरी, बिजली अथवा गैस कनेक्शन आदि के नाम पर फर्जीवाड़ा, अश्लील वीडियो/फोटो के नाम पर ब्लैकमेलिंग अथव धमकी आदि की शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। अब इन मामलों की शिकायत के लिए पीड़ित को https://sancharsaathi.gov.in/sfc/Home/sfc-complaint.jsp पर जाना होगा।

पोर्टल का होमपेज खुल जाने के बाद इसके मीडियम वाले बॉक्स में वह माध्यम बताना होगा, जिसके माध्यम से पीड़ित को सम्पर्क हुआ था। इन माध्यमों में SMS, कॉल अथवा व्हाट्सएप का विकल्प भरा जा सकता है। इसके बाद वाली कैटेगरी में यह भरना होगा कि उनके साथ किस प्रकार के फ्रॉड अथवा उनको धमकी देने की कोशिश की गई। इसके बाद पीड़ित को इसी विल्कल्प में उस कॉल या मैसेज का स्क्रीनशॉट अटैच करना होगा, जिससे उसे परेशान किया गया। अगले विकल्प के तौर पर धमकी अथवा ब्लैकमेलिंग का दिन और समय भरना होगा।

चित्र साभार- sancharsaathi.gov.in

इसके बाद अगले कॉलम में पीड़ित को अपने बारे में विस्तार से बताना होगा। यह सीमा अधिकतम 500 शब्दों की होगी। जिस स्थान पर पर्सनल डिटेल माँगी जाएगी, वहाँ पीड़ित को अपना नाम, पता और फोन नंबर भरना पड़ेगा। अंत में पीड़ित को OTP आएगी, जिसको भरने के बाद शिकायत दर्ज हो जयएगी। इस शिकायत पर टेलिकॉम मंत्रालय शिकायत किए गए नंबर की जाँच करेगा। जाँच में संदिग्ध नंबर की इनकमिंग और आउटगोइंग चेक की जाएगी। अगर कुछ भी गलत पाया गया तो नंबर की ऑउटगोइंग बंद करने के साथ उसे ब्लॉक तक किए जाने की कार्रवाई मंत्रालय द्वारा की जाएगी।

शिकायत मिलते ही फोन ट्रेसिंग पर लग जाता है। शिकायत किए गए सभी नंबरों से उनकी पहचान कन्फर्म करवाने के लिए कहा जाएगा। इसके अतिरिक्त अगर संबंधित नंबर किसी भी प्रकार के अपराध में संलिप्त पाया गया तो टेलिकॉम मंत्रालय उसकी जानकारी गृह मंत्रालय को भेज देगा। गृह मंत्रालय इसकी जाँच करवा के नियमानुसार कार्रवाई करेगा। यदि कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी का शिकार भी हो जाता है तो उसे साइबर अपराध के नंबर 1090 पर कॉल करना होगा। इस धोखाधड़ी की ऑनलाइन शिकायत https://www.cybercrime.gov.in पर भी की जा सकती है।

‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के लिए 3 गिरफ्तार – मोहम्मद, मुनव्वर, इल्ताज: मजहबी नारे को नकार रहे फर्जी फैक्ट-चेकर जुबैर और कॉन्ग्रेस का ‘मुँह काला’

कर्नाटक में 27 फरवरी 2024 में राज्यसभा चुनाव में जीत के बाद कॉन्ग्रेस प्रत्याशी नासिर हुसैन की रैली में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ का नारा लगने का वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में नारेबाजी करने वालों के समर्थन में मोहम्मद ज़ुबैर और प्रियांक खड़गे जैसे लोगों ने अपने-अपने कुतर्क गढ़े थे। बाद में कर्नाटक पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर के वीडियो को फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजा। फॉरेंसिक जाँच में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारों की पुष्टि होने के बाद अब बेंगलुरु पुलिस ने सोमवार (4 मार्च 2024) को कुल 3 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम इल्ताज, मुनव्वर और मोहम्मद नाशीपुडी हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने बताया है कि तीनों आरोपितों की गिरफ्तारी फॉरेंसिक जाँच की रिपोर्ट, मौके पर मौजूद साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर की गई है। जाँच के दौरान पुलिस ने कुल 7 वॉयस सैम्पल जमा किए थे। कुल 7 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। इसमें मोहम्मद शफी भी शामिल है। कुछ लोगों से अभी भी पूछताछ जारी है। पुलिस पूरी जाँच रिपोर्ट गृहमंत्री को सौंपेगी। हालाँकि कर्नाटक के गृहमंत्री ने कहा है कि उनको अभी तक FSL रिपोर्ट नहीं मिल पाई है।

सामने आई रिपोर्ट FSL रिपोर्ट में कहा गया कि जिस वीडियो पर विवाद हुआ, वो एक सिंगल कैप्चर में बनाई गई थी (यानी उसमें कुछ और जोड़ा-घटाया नहीं गया)। उसमें कुछ भी छेड़छाड़ नहीं हुई है। वहाँ जिस शब्द ‘साब’ के लिए सवाल हो रहा था, वो ‘साब’ नहीं, ‘तान’ था। रिपोर्ट का एक पन्ना भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष विष्णु वर्धन रेड्डी ने अपने एक्स अकॉउंट पर शेयर किया। उन्होंने इस रिपोर्ट के साथ सिद्धारमैया सरकार को घेरा।

बताते चलें कि कई मीडिया संस्थानों द्वारा वायरल वीडियो चलाए जाने के बाद खुद पुलिस ने इस मामले का संज्ञान लिया था। तब FIR दर्ज कर के जाँच शुरू की गई थी। हालाँकि बीच में फैक्ट चेकिंग की आड़ में मजहबी एजेंडा चला रहे मोहम्मद जुबैर ने जाँच को भटकाने की बहुत कोशिश की थी। अपनी आदत के मुताबिक ज़ुबैर ने ट्वीट करके कथित पाकिस्तान समर्थकों का पक्ष लेते हुए यह साबित करने की भरसक कोशिश की थी कि नारे में ‘नासिर साहब जिंदाबाद’ बोला गया था। हालाँकि FSL रिपोर्ट आने के बावजूद जुबैर ने अब तक अपना ट्वीट डिलीट नहीं किया।

मोहम्मद जुबैर के अलावा कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने भी पाकिस्तान जिंदाबाद के आरोपितों को बचाने की अपनी तरफ से पूरी कोशिश की थी। वीडियो वायरल होते ही उन्होंने आनन-फानन में बयान जारी करते हुए इसे भारतीय जनता पार्टी की साजिश करार दे डाला था। खड़गे ने तो अपनी तरफ से ऑडियो की फोरेंसिक जाँच करवाने का दावा करते हुए यहाँ तक कह डाला था कि उसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला। मोहम्मद जुबैर के नक्शेकदम पर चलते हुए प्रियांक खड़गे ने दावा किया था कि आरोपित ‘नासिर और सैयद साहब जिंदाबाद’ का नारा लगा रहे थे।

AAP ने कब्जा ली थी दिल्ली हाईकोर्ट की जमीन, अब करना होगा खाली: सुप्रीम कोर्ट का आदेश, 21km दूर नए ऑफिस पर कॉन्ग्रेसी वकील का ‘कुतर्क’

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (4 मार्च 2024) को अपने आदेश में आम आदमी पार्टी को उनका चुनाव कार्यालय हटाने के लिए कहा है। यह कार्यालय दिल्ली के राउज एवेन्यू क्षेत्र में स्थित है, जिस पर हाईकोर्ट की जमीन पर अतिक्रमण का आरोप है। हालाँकि चुनावों को देखते हुए AAP को 15 जून तक की मोहलत दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने इसी आदेश में आम आदमी पार्टी को दूसरे पार्टी कार्यालय के लिए भूमि और विकास ऑफिस से सम्पर्क करने के निर्देश दिए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की 3 सदस्यीय बेंच में हुई। अपने फैसले में अदालत ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने साल 2015 से उस स्थान पर अवैध ढंग से कब्ज़ा कर रखा है, जिसे दिल्ली हाईकोर्ट के लिए आवंटित किया गया था। अदालत ने अपने इसी फैसले में आगे कहा कि आने वाले 2024 लोकसभा चुनावों को देखते हुए आम आदमी पार्टी को जगह खाली करने के लिए 15 जून 2024 तक का समय दिया जाता है।

अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने भूमि और विकास कार्यालय (एल एंड डीओ) को निर्देश जारी किया है कि वो AAP के लिए कोई वैकल्पिक जगह का प्रस्ताव लेकर आएँ। अपने निर्देश पर अमल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने भूमि और विकास कार्यालय को 4 सप्ताह का समय दिया है। अपने निर्देश में सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि AAP को तत्काल वैकल्पिक भूमि की जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट में आम आदमी पार्टी का पक्ष एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने रखा।

अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि आम आदमी पार्टी को वैकल्पिक तौर पर दिल्ली के बदरपुर जाने को कहा जा रहा है, जो ठीक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह से AAP को बदरपुर जाने के लिए कहा गया है, वैसे बाकी पार्टियों को भी वहीं जाने के आदेश दिए जाएँ। अभिषेक मनु ने नए कार्यालय के लिए सेन्ट्रल दिल्ली में किसी जगह की माँग की है। हालाँकि इन दलीलों ने अदालत ने कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती है।

इससे पहले 13 फरवरी 2024 को भी सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट की जगह कब्जा करने को लेकर आम आदमी पार्टी कर तल्ख़ टिप्पणी की थी। तब न्यायमित्र के परमेश्वर ने बताया था कि दिल्ली हाईकोर्ट के अधिकारी आम आदमी पार्टी का ऑफिस होने की वजह से वहाँ कब्ज़ा लेने में नाकाम रहे थे। 13 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी के बावजूद आम आदमी पार्टी जमीन पर अपना कब्ज़ा जायज ठहराती रही। तब आप पार्टी ने अपना स्टैंड क्लियर करते हुए कहा था कि दिल्ली हाईकोर्ट को जगह देने से बहुत पहले ही उनकी पार्टी को वो जगह कानूनी तौर पर आवंटित हो गई थी।

महुआ मोइत्रा को दिल्ली हाई कोर्ट ने दिया झटका: निशिकांत दुबे और जय देहाद्राई को ‘संसद घूसखोरी’ पर बयान देने से रोकने की याचिका खारिज

संसद घूसकांड मामले में लोकसभा की सदस्यता गवाँ चुकी टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा की ओर से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे और वकील अनंत देहाद्राई के खिलाफ दायर याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। हाईकोर्ट के जस्टिस सचिन दत्ता ने याचिका खारिज करने का आदेश दिया। दिल्ली हाई कोर्ट से महुआ मोइत्रा ने निशिकांत दुबे और अनंत देहाद्राई को कथित रूप से अपमानजनक पोस्ट डालने से रोकने की माँग की थी। कोर्ट ने 20 दिसंबर 2023 को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

लोकसभा से निष्कासित टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर माँग की थी कि उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने के लिए अपमानजनक, झूठे और दुर्भावनापूर्ण बयानों को प्रकाशित करने और प्रसारित करने से मीडिया संगठनों, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहाद्राई को स्थायी रूप से रोका जाए। इस मामले की सुनवाई जस्टिस सचिन दत्ता ने की। उन्होंने महुआ मोइत्रा की अपील को खारिज कर दिया।

महुआ मोइत्रा पर आरोप था कि उन्होंने एक कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से पैसे लेकर अडानी के बारे में सवाल पूछे और अपना लॉग-इन पासवर्ड भी हीरानंदानी से साझा किया। महुआ मोइत्रा की याचिका में कहा गया था कि निशिकांत दुबे और देहादराय ने उन पर पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने का झूठा आरोप लगाया। अंतरिम याचिका में महुआ मोइत्रा ने हाई कोर्ट से निशिकांत दुबे और जय अनंत देहाद्राई को उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई कथित अपमानजनक सामग्री को हटाने का निर्देश देने की भी माँग की थी।

टीएमसी नेता के वकील ने अदालत को बताया था, ‘महुआ मोइत्रा को दर्शन हीरानंदानी से कुछ उपहार मिले थे, क्योंकि वे दोस्त हैं और ये उपहार संसद में प्रश्न पूछने के बदले में नहीं थे। महुआ का लॉगिन क्रेडेंशियल किसी तरह के लाभ के बदले में हीरानंदानी को दिया गया था, यह पूरा दावा ही मानहानिकारक है। देहाद्राई और दुबे अब भी मेरे क्लाइंट खिलाफ मानहानिकारक आरोप लगा रहे हैं।’

इस मामले में वकील जय अनंत देहाद्राई ने कहा, “मुझे लगता है कि मामला अभी भी विचाराधीन है, इसलिए मेरे लिए उस बारे में कुछ भी कहना थोड़ा अनुचित होगा। लेकिन उन्होंने कहा कि, मैं बेहद खुश हूं और उच्च न्यायालय का आभारी हूँ कि उसने इस तरह की स्थिति में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को मान्यता दी है, जहाँ एक नागरिक द्वारा भ्रष्टाचार के बेशर्म कृत्यों का खुलासा किया गया है। इसलिए उस हद तक मैं बेहद खुश हूँ और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मेरे अधिकार की रक्षा के लिए उच्च न्यायालय का आभारी हूँ।”

गौरतलब है कि टीएमसी नेता को दिसंबर 2023 में लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया था। महुआ पर आरोप लगा था कि उन्होंने लोकसभा में प्रश्न पूछने के लिए व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी से अनुचित लाभ प्राप्त किए और अपनी संसदीय लॉगिन आईडी व पासवर्ड उनके साथ साझा किया। एथिक्स कमिटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि टीएमसी सांसद ने अपने लोकसभा लॉगिन क्रेडेंशियल्स किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा किए, जो ‘असंसदीय आचरण’ और ‘सदन की अवमानना’ माना जाएगा। उन्हें बाद में सरकारी बंगला भी खाली करना पड़ा था।

गुजरात में कॉन्ग्रेस को 1 दिन में 2 झटके: अंबरीश डेर के बाद अब दिग्गज नेता अर्जुन मोढवाडिया ने छोड़ा पार्टी का हाथ, न्याय यात्रा पहुँचने से पहले हलचल

गुजरात कॉन्ग्रेस को एक दिन में दो बड़े झटके लगे। पहले यहाँ अंबरीश डेर ने सोमवार (4 मार्च 2024) को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दिया। अब खबर है कि राम मंदिर के अपमान किए जाने से पार्टी से नाराज चल रहे अर्जुन मोढवाडिया ने भी पार्टी को अपना इस्तीफा दे दिया।

उन्होंने कहा, “आप जानते होंगे कि 11 जनवरी 2024 को कॉन्ग्रेस पार्टी के नेतृत्व ने आयोध्या में बालक राम प्राणप्रतिष्ठा महोत्सव के निमंत्रण को अस्वीकार किया तो मैंने अपनी आपत्ति व्यक्त की। प्रभु राम केवल हिन्दुओं के लिए ही नहीं हैं, वे भारत की आस्था हैं। प्राणप्रतिष्ठा महोत्सव को नामंजूर करके भारत की जनता की भावनाओं को ठेस पहुँचाने के कारण कॉन्ग्रेस पार्टी ने लोगों की भावनाओं को महसूस करने में विफल रही।”

इसके आगे उन्होंने कहा, “मेरी आपत्ति के बाद से, मैं बहुत से लोगों से मिला जो कॉन्ग्रेस पार्टी द्वारा आयोध्या में महोत्सव को बॉयकॉट करके भगवान राम के अपमान को लेकर आहत हैं। इस पवित्र अवसर से ध्यान भटकाने और अपमानित करने के लिए राहुल गाँधी ने असम में हंगामा खड़ा करने का प्रयास किया, जो हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं और भारत के नागरिकों को और भी नाराज कर दिया। इसके अतिरिक्त, पिछले कुछ वर्षों से मैंने महसूस किया कि मैं अपने जिले पोरबंदर और गुजरात राज्य की जनता के प्रति योगदान करने में असहाय हूँ।”

उन्होंने अपने पत्र में आगे कहा, “इसलिए, मैं अपनी कॉन्ग्रेस पार्टी की सभी पदों से इस्तीफा दे रहा हूँ, जो कि मैंने पिछले 40 वर्षों से जुड़े रहकर अपने पूरे जीवन का समर्पण किया है। मैं पार्टी के नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के प्रति आभारी हूं जिन्होंने मुझे पिछले चार दशकों से अपना प्यार और स्नेह प्रदान किया।”

अंबरीश डेर हुए पार्टी से अलग

वहीं अगर अंबरीश डेर की बात करें तो उनकी भी कॉन्ग्रेस से काफी समय से अनबन खी। कुछ समय पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सी आर पाटिल ने ऐलान किया था कि अंबरीश जल्द ही कॉन्ग्रेस छोड़ सकते हैं। अंबरीश डेर राजुला से पूर्व विधायक हैं जिनकी गिनती सौराष्ट्र से कॉन्ग्रेस के सीनियर नेताओं में होती थी। माना जा रहा है कि जल्द ही वो बीजेपी का दामन थाम सकते हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक सोमवार (4 मार्च) को गुजरात भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल और अंबरीश डेर के बीच एक मीटिंग हुई थी। यह मीटिंग अहमदाबाद के साइंस सिटी इलाके में अंबरीश डेर के घर पर हुई थी। इस मीटिंग में गुजरात के लोक लेखक मायाभाई अहीर भी मौजूद थे। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि अंबरीश डेर को बीजेपी में शामिल कराने के लिए मायाभाई अहीर ने काफी मेहनत की।

बैठक खत्म हो जाने के बाद अंबरीश डेर ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे से पहले गुजरात कॉन्ग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगा कर अम्बरीश को 6 साल के लिए सस्पेंड कर दिया था। बताया जा रहा है कि मंगलवार (5 मार्च) को अंबरीश अपने समर्थकों सहित भाजपा में शामिल हो सकते हैं। बताते चलें कि राहुल गाँधी की न्याय यात्रा गुजरात पहुँचने वाली है। ऐसे में यात्रा पहुँचने से ठीक पहले एक सीनियर नेता का पार्टी छोड़ना कई सवाल खड़े करता है।

राम मंदिर पर कॉन्ग्रेस के रुख से दुखी

इस्तीफे के बाद अंबरीश डेर ने दिव्य भास्कर से बातचीत की। इस रिपोर्ट के मुताबिक अंबरीश ने 5 मार्च की दोपहर 12:30 पर भाजपा में शामिल होने का एलान किया है। उन्होंने आगे कहा कि उनको किसी पद की इच्छा कभी नहीं रही क्योंकि वो कॉन्ग्रेस से भावनात्मक तौर पर जुड़े थे। अंबरीश ने भाजपा में मिलने वाली जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाने का संकल्प लेते हुए कहा कि राम मंदिर पर कॉन्ग्रेस के रुख से वो सबसे ज्यादा आहत हुए थे। इसी दौरान उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा में शामिल होने के लिए उन्होंने किसी से भी कोई डील नहीं की है।

फिलहाल अंबरीश ने अपना इस्तीफा कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेज दिया है। अपने इस्तीफे में उन्होंने लिखा, ”जय हिंद के साथ मैं आपको सूचित करना चाहता हूँ कि वर्तमान हालातों को देखते हुए मैं कॉन्ग्रेस पार्टी के समस्त पदों से इस्तीफा दे रहा हूँ। कभी अतीत में मैंने कॉन्ग्रेस के बैनर तले जीत हासिल कर के लोगों की सेवा की है। इसके लिए मैं पार्टी को धन्यवाद देता हूँ।” ऑपइंडिया ने मायाभाई अहीर और अंबरीश डेर से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।

हालाँकि पिछले कुछ समय से राजनैतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई थी कि अंबरीश डेर जल्द ही कॉन्ग्रेस छोड़ने वाले हैं। गौरतलब है कि 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में राम मंदिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में कॉन्ग्रेस नेतृत्व को भी आमंत्रित किया गया था। इस निमंत्रण को कॉन्ग्रेस हाईकमान ने ठुकरा दिया था। अपनी पार्टी की इस तरह की हरकत से कई कॉन्ग्रेसी नेता काफी दुखी हुए थे जिसमें इसमें अंबरीश डेर भी शामिल हैं। तब उन्होंने अपने X हैंडल पर एक पोस्ट लिख कर अपनी ही पार्टी का विरोध किया था।

निर्दोष साबित होने तक नहीं लड़ूँगा चुनाव: अश्लील वीडियो वायरल मामले में बोले बाराबंकी सांसद, वापस ली दावेदारी

सोशल मीडिया में अपने नाम के साथ कुछ अश्लील वीडियो वायरल होने से आहत भारतीय जनता पार्टी के सांसद उपेंद्र सिंह रावत ने 2024 लोकसभा चुनावों में बाराबंकी से अपनी दावेदारी वापस ले ली है। भाजपा द्वारा जारी 195 उम्मीदवारों की पहली सूची में उनको प्रत्याशी बनाया गया था लेकिन एक दिन बाद ही उनकी कुछ वीडियोज वायरल हो गईं। अब उपेंद्र सिंह रावत ने इस मामले में एफआईआर करवाई है। साथ ही ऐलान किया है कि निर्दोष साबित होने तक वो कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे।

उपेंद्र सिंह रावत ने सोमवार (4 मार्च 2024) को अपने X हैंडल पर अपनी दावेदारी वापस लेने की घोषणा की। उन्होंने अपने वायरल वीडियो को डीप फेक बताते हुए इसे AI टेक्नोलॉजी से बना बताया। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा से पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कराए जाने की माँग भी की। अंत में उपेंद्र सिंह ने लिखा, “जब तक मैं निर्दोष साबित नहीं होता, सार्वजनिक जीवन में कोई चुनाव नहीं लड़ूँगा।” उपेंद्र सिंह के समर्थक उनके फैसले का स्वागत कर रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले को साजिश करार देते हुए उम्मीद जताई है कि जाँच के बाद उपेंद्र सिंह रावत बेगुनाह साबित होंगे।

पुलिस में दी गई शिकायत

इससे पहले 3 मार्च (रविवार) को सांसद उपेंद्र सिंह रावत के प्रतिनिधि दिनेश चंद्र ने कोतवाली बाराबंकी में तहरीर दी थी। तहरीर में उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर एक एडिटेड वीडियो शेयर करके सांसद की छवि को धूमिल करने की साजिश रची गई है। शिकायत के अंत में वीडियो शेयर कर रहे लोगों पर FIR दर्ज करके कार्रवाई की माँग की गई। दिनेश चंद्र ने यह भी उम्मीद जताई है कि पुलिस ऐसी कार्रवाई करे जिस से भविष्य में कोई दोबारा इस प्रकार की हरकत न करे। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

बताते चलें कि 4 मार्च 2024 सुबह से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अँधेरे में एक महिला और पुरुष आपत्तिजनक हालत में दिखाई दे रहे हैं। नेटिजेंस का दावा है कि इसमें दिखने वाला पुरुष उपेंद्र सिंह रावत हैं। हालाँकि उपेंद्र सिंह ने इसे डीप फेक AI से बनाया वीडियो बताते हुए शेयर करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज कर के कार्रवाई की माँग की है।

‘जिस दिन होना था Aditya-L1 लॉन्च, उस दिन पता चला मुझे कैंसर है’: ISRO चीफ एस सोमनाथ का खुलासा, बोले- सारे मिशन पूरे करके ही दम लूँगा

जिंदादिली और जीवटता क्या होती है, ये आप एस सोमनाथ को जानकर समझ सकते हैं। एक तरफ भारत अपने अब तक के सबसे महत्वकाँक्षी प्रोजेक्ट आदित्य एल1 की लॉन्चिंग की राह देख रहा था, तो दूसरी तरफ आदित्य एल1 की लॉन्चिंग के दिन ही उन्हें कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का पता चला। इसरो चीफ एस सोमनाथ ने बताया कि फ़िलहाल दवाएँ चल रही हैं। सर्जरी के कुछ दिनों बाद सब ठीक हो गया। उन्होंने कहा हालाँकि इस जंग को अभी और लड़ना है लेकिन मुझे भरोसा है कि मैं यह जंग जीत लूँगा।

सोमनाथ ने एक इंटरव्यू में इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि चंद्रयान-3 मिशन के दौरान महसूस हुआ कि मुझे कुछ स्वास्थ्य समस्या है। मुझे कुछ क्लियर नहीं था। लेकिन आदित्य एल1 की लॉन्चिंग वाली सुबह मैंने चेकअप कराया और मुझे मालूम हुआ कि मुझे कैंसर है। इससे वो और उनका परिवार दोनों परेशान हो गए थे। उन्होंने बताया कि इस समय हम सभी लोग एक महत्वपूर्ण मिशन में लगे हुए थे, ऐसे में मैंने खुद को संभाला।

2 सितंबर 2023 को भारत का पहला सूर्य मिशन आदित्य एल-1 ने अपनी यात्रा शुरू की थी। इसी दिन एस सोमनाथ रूटीन चेकअप के लिए गए थे। इसी दौरान उनके पेट में कैंसर का पता चला। डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें यह बीमारी जेनेटिक हुई है। इसके बाद सर्जरी की गई। फिर कीमोथैरिपी चलती रही। उन्होंने बताया कि इस दौरान उनका परिवार बेहद परेशान हो रहा था।

अपनी बीमारी पर ताजा अपडेट देते हुए एस सोमनाथ ने बताया कि फ़िलहाल दवाएँ चल रही हैं। सर्जरी के कुछ दिनों बाद सब ठीक हो गया। उन्होंने बताया कि वो नियमित स्कैन और चेकअप करवा रहे हैं। उनका पूरा ध्यान अब इसरो के अगले मिशनों पर है।

साल 2022 में बने थे इसरो के प्रमुख

बता दें कि एस सोमनाथ ने 14 जनवरी 2022 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का अध्यक्ष पद संभाला था। उनका पूरा नाम श्रीधर पणिक्कर सोमनाथ हैं। उन्होंने 14 जनवरी, 2022 को अंतरिक्ष विभाग के सचिव और अंतरिक्ष आयोग के अध्यक्ष का पदभार संभाला था। इससे पहले, वह विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) के निदेशक थे।

चलती कार में कराया नशा, फिर बारी-बारी गैंगरेप: स्पेनिश महिला के बाद अब झारखंड में स्टेज आर्टिस्ट के साथ सामूहिक दुष्कर्म, 2 गिरफ्तार, 1 फरार

झारखंड के दुमका में स्पेन की महिला पर्यटक के साथ गैंगरेप का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि वहीं के पलामू जिले से एक और सामूहिक बलात्कार की खबर सामने आई है। गैंगरेप की शिकार 21 वर्षीया यह पीड़िता मूलतः छत्तीसगढ़ की रहने वाली है जो झारखंड में स्टेज पर परफॉर्मेंस देने गई थी। दुष्कर्म का आरोप पीड़िता के ही सहकर्मियों पर लगा है। पुलिस ने सोमवार (4 मार्च 2024) को इस घटना की पुष्टि की है। अब तक 2 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि फरार चल रहे तीसरे की तलाश की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना पलामू के थानाक्षेत्र विश्रामपुर की है। पुलिस ने बताया कि पीड़िता शनिवार (2 मार्च 2024) को अपने 3 पुरुष सहयोगियों के साथ छत्तीसगढ़ से झारखंड के विश्रामपुर में एक कार्यक्रम के स्टेज शो में परफॉर्मेंस देने आई थी। वह आर्केस्ट्रा में काम करती थी। किसी कारण से यहाँ कार्यक्रम नहीं हो पाया तो लड़की अपने साथियों सहित उसी कार से दूसरे आयोजन की तरफ निकल पड़ी। यह आयोजन हुसैनाबाद में था। रास्ते में पीड़िता को उसके साथियों ने कोई नशीला पदार्थ खिला दिया जिससे वो बेसुध हो गई।

आरोप है कि इसके बाद पीड़िता के तीनों साथी कलाकारों ने उसके साथ बारी-बारी से चलती कार में ही रेप किया। बलात्कार के बाद तीनों ने पीड़िता को बेसुध हालत में ही सड़क के किनारे छोड़ दिया। आसपास से गुजर रहे राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। पीड़िता को एक अस्तपाल में भर्ती करवाया जहाँ उसका इलाज चल रहा है। होश में आने के बाद पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज की। दबिश देकर घटना में शामिल 2 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अभी तक तीसरा आरोपित फरार चल रहा है जिसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है।

हालाँकि ETV का दावा है कि पीड़िता से गैंगरेप हुसैनाबाद में एक किराए के मकान में हुआ। इसके बगल वाले कमरे में पीड़िता की बहन भी मौजूद थी। इन सभी ने मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस को सूचित किया और पीड़िता को अस्पताल में भर्ती करवाया। गिरफ्तार आरोपितों के नाम अजय और बिन्देश्वरी बताए गए हैं। इसी खबर में अभी 2 आरोपितों के फरार होने की जानकारी दी गई है।

सिंहभूम से भाजपा सांसद गीता कोरा ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने झारखंड में बढ़ रही रेप की घटनाओं पर भी चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री से आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की उम्मीद जताई है।

मिशनरी की प्रार्थना सभा में हिन्दुओं का धर्मांतरण: छत्तीसगढ़ के दुर्ग में बढ़ा बवाल, बजरंग दल के पहुँचने पर पत्थरबाजी, कई घायल

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में धर्मान्तरण को लेकर विवाद की खबर है। हिन्दू संगठनों ने आरोप लगाया कि यहाँ एक प्रार्थना सभा के बहाने सैकड़ों लोगों के धर्मान्तरण की साजिश रची जा रही थी। उनके मुताबिक जब उन्होंने इस सभा का विरोध किया तो ईसाई पक्ष द्वारा उनके साथ मारपीट की गई। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुँच कर हालात को काबू किया। केस दर्ज कर के मामले की जाँच की जा रही है। घटना रविवार (3 मार्च 2024) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला दुर्ग के थानाक्षेत्र पद्मनाभपुर का है। हिन्दू संगठनों का दावा है कि उन्हें यहाँ काफी समय से धर्मान्तरण की साजिशों की शिकायत मिल रही थी। उनका आरोप है कि धर्म परिवर्तन का यह खेल उड़िया बस्ती में प्रार्थना सभा के नाम पर खेला जा रहा था। प्रार्थना रायपुर नाका के पास बने एक चर्च में करवाई जाती थी जिसमें सैकड़ों लोग शामिल होते थे। रविवार को एक बार फिर से बजरंग दल को यहाँ जमावड़े की खबर मिली। बजरंग दल के सदस्यों ने यहाँ पहुँच कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

आरोप है कि इस दौरान ईसाई पक्ष के लोग जो धर्मान्तरण करवा रहे थे, उन्होंने बजरंग दल वालों पर हमला कर दिया। प्रार्थना सभा के अंदर से पत्थरबाजी किए जाने की भी बात कही जा रही है। इसके बाद हुए विवाद में दोनों पक्षों से लोगों के जख्मी होने की सूचना है। इस हंगामे का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर हमले का आरोप लगा रहे हैं। विवाद की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पहुँची और दोनों पक्षों को शांत करवाया। दोनों ही पक्ष अपने विपक्षी पर कार्रवाई की माँग को ले कर थाने में हंगामा करते रहे। पुलिस मामले की जाँच में जुटी है।

बजरंग दल के सहसंयोजक रामलोचन तिवारी ने सवाल किया है कि चोरी-छिपे प्रार्थना कराए जाने का क्या मतलब हुआ। उन्होंने ईसाई मत प्रचारकों द्वारा हिन्दू बस्तियों में पर्चे बाँट कर उन पर पैसे और पढ़ाई का लालच देने का आरोप लगाया है। वहीं मसीही समाज के सचिव और पादरी विनोद ने हिन्दू संगठन से जुड़े 15 से 20 लोगों पर प्रार्थना कर रहे लोगों पर हमले का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रार्थना में केवल ईसाई ही नहीं बल्कि हर धर्म के लोग शामिल होते हैं। दुर्ग के पुलिस अधिकारी चिराग जैन ने घटना को गलतफहमी की वजह से होना बताते हुए नियमानुसार कानूनी कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिया है।