Home Blog Page 1139

‘आज कॉन्ग्रेस होती तो ₹21000 करोड़ में से ₹18000 तो लूट लेती’: PM बोले- जिन्हें किसी ने नहीं पूछा उन्हें मोदी ने पूजा है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (28 फरवरी 2024) को महाराष्ट्र का दौरा किया। प्रधानमंत्री पीएम मोदी यवतमाल में 9 करोड़ से अधिक किसानों को 21 हजार करोड़ से अधिक की सम्मान राशि सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की। इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र में रेल, सड़क और सिंचाई से संबंधित बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया। मंच से बोलते हुए पीएम मोदी ने कॉन्ग्रेस के भ्रष्टाचार पर जमकर हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा कि आज जो 21 हजार करोड़ एक क्लिक में किसानों के खाते में सीधे पहुँच गए, कॉन्ग्रेस का राज होता तो इसमें से 18 हजार करोड़ रुपए बीच में ही लूट लिए जाते।

प्रधानमंत्री ने यवतमाल से जुड़े अतीत को किया याद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के यवतमाल से जुड़े अतीत को याद किया। पीएम मोदी ने कहा, “मैं 10 साल पहले जब ‘चाय पर चर्चा’ करने यवतमाल आया था, तो आपने बहुत आशीर्वाद दिया और देश की जनता ने एनडीए को 300 पार पहुँचा दिया। फिर मैं 2019 में फरवरी के महीने में ही यवतमाल आया था। तब भी आपने हम पर खूब प्रेम बरसाया। देश ने तब एनडीए को 350 पार पहुँचा दिया। आज जब 2024 के चुनाव से पहले मैं विकास के उत्सव में शामिल होने आया हूँ, तब पूरे देश में एक ही आवाज गूँज रही है। अबकी बार… 400 पार! हम देश बनाने के लिए, देशवासियों का जीवन बदलने के लिए एक मिशन लेकर निकले हुए लोग हैं। इसलिए बीते 10 वर्ष में जो कुछ किया, वो आने वाले 25 वर्ष की नींव है।”

देश के कोने-कोने को विकसित बनाने का संकल्प

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच से कहा, “मैंने भारत के कोने-कोने को विकसित बनाने का संकल्प लिया है। इस संकल्प की सिद्धि के लिए शरीर का कण-कण, जीवन का क्षण-क्षण समर्पित है। भारत को विकसित बनाने के लिए चार सबसे बड़ी प्राथमिकता है- गरीब, किसान, नौजवान और नारीशक्ति। ये चारों सशक्त हो गए, तो हर समाज, हर वर्ग, देश का हर परिवार सशक्त हो जाएगा।

पीएम मोदी ने कहा, “आप याद कीजिए, ये जो इंडी गठबंधन है, इसकी जब केंद्र में सरकार थी तब क्या स्थिति थी? तब तो कृषि मंत्री भी यहीं महाराष्ट्र से ही थे। उस समय दिल्ली से विदर्भ के किसानों के नाम पर पैकेज घोषित होता था और उसे बीच में ही लूट लिया जाता था। गाँव, गरीब, किसान, आदिवासी को कुछ नहीं मिलता था।”

कॉन्ग्रेस वाले 18 हजार करोड़ लूट लेते

पीएम मोदी ने कॉन्ग्रेस के भ्रष्टाचार पर अलग ही अंदाज में निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा, “आज देखिए, मैंने एक बटन दबाया और देखते ही देखते, पीएम किसान सम्मान निधि के 21 हजार करोड़ रुपये देश के करोड़ों किसानों के खाते में पहुँच गए। यही तो मोदी की गारंटी है। जब कॉन्ग्रेस की सरकार थी, तब दिल्ली से 1 रुपया निकलता था, 15 पैसा पहुँचता था। अगर कॉन्ग्रेस की सरकार होती, तो आज जो आपको 21 हजार करोड़ रुपये मिले हैं, उसमें से 18 हजार करोड़ रुपये बीच में ही लूट लिए जाते। लेकिन अब भाजपा सरकार में गरीब का पूरा पैसा, गरीब को मिल रहा है। मोदी की गारंटी है- हर लाभार्थी को पूरा हक, पाई-पाई बैंक खाते में। विकसित भारत के लिए गाँव की अर्थव्यवस्था का सशक्त होना बहुत जरूरी है।

पीएम मोदी ने कहा कि जिनको कभी किसी ने नहीं पूछा, उनको मोदी ने पूछा है, उनको पूजा है। विश्वकर्मा साथियों के लिए, बलुतेदार समुदायों के कारीगरों के लिए, कभी कोई बड़ी योजना नहीं बनी। मोदी ने पहली बार 13 हजार करोड़ रुपये की पीएम विश्वकर्मा योजना शुरु की है। कॉन्ग्रेस के समय में आदिवासी समाज को हमेशा सबसे पीछे रखा गया, उन्हें सुविधाएँ नहीं दीं, लेकिन मोदी ने जनजातीय समाज में भी सबसे पिछड़ी जनजातियों तक की चिंता की। पहली बार उनके विकास के लिए 23 हजार करोड़ रुपये की पीएम-जनमन योजना शुरु हो चुकी है।

13 साल की छात्रा को भगा ले गया इमरान बेग, किया रेप: छत्तीसगढ़ पुलिस ने भाई कामरान सहित दबोचा, दोस्त शाहरुख दे रहा पीड़ित परिवार को धमकी

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक नाबालिग लड़की से लव जिहाद का मामला सामने आया है। यहाँ 13 वर्षीया लड़की को इमरान बेग ने पहले दोस्ती करके प्रेमजाल फँसाया और बाद में उत्तर प्रदेश ले जाकर रेप किया। रेप से पहले इमरान ने पीड़िता को बेहोश कर दिया था। पुलिस ने FIR दर्ज कर के इमरान को गिरफ्तार कर लिया है। इमरान का मददगार बड़ा भाई कामरान बेग भी गिरफ्तार किया गया है।

वहीं, इस मामले में शाहरुख़ नाम के एक अन्य व्यक्ति ने पीड़ित परिवार पर केस वापस लेने का दबाव बनाया है। उसने धमकी दी है कि अगर परिवार ने केस वापस नहीं लिया तो उन्हें वह जान से मार देगा। बता दें कि पीड़िता 8 फरवरी 2024 को अपने घर से गायब हो गई थी। इसके बाद परिवार ने इमरान बेग के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना बिलासपुर के थाना क्षेत्र तोरवा की है। यहाँ क्लास 8 में पढ़ने वाली 13 साल की पीड़िता अपने परिवार के साथ रहती है। उनके ही मोहल्ले में एक मजार है, जिसमें उत्तर प्रदेश के हमीरपुर का रहने वाला 21 वर्षीय इमरान बेग काम करता था। बताया जाता है कि इमरान ने पहले लड़की से दोस्ती की और बाद में उसे अपने प्रेमजाल में फँसा लिया।

आरोपित इमरान ने लड़की को शादी का झाँसा दिया और 8 फरवरी को बहला-फुसला कर अपने साथ भगा ले गया। जब लड़की गायब हो गई तो उसके परिजन काफी परेशान हुए और उन्होंने पीड़िता की खोजबीन शुरू कर दी। इस दौरान उन्हें पता चल गया कि उनकी बेटी के गायब होने के पीछे मजार पर काम करने वाले इमरान का ही हाथ है। उन्होंने इमरान के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।

पीड़ित परिवार ने इस संबंध में हिन्दू संगठनों से भी मदद भी माँगी। चौतरफा दबाव देखकर 12 फरवरी को इमरान ने पीड़िता को उसलापुर रेलवे स्टेशन पर लाकर छोड़ दिया। पुलिस ने यहाँ से लड़की को बरामद करके उसके घर वालों को सौंप दिया। पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि मिलने के बहाने बुलाकर इमरान ने उसे नशीला पदार्थ खिला दिया था, जिसके चलते वह बेहोश हो गई थी।

उसरने आगे बताया कि जब उसे होश आया तो वह खुद को उत्तर प्रदेश के जिला हमीरपुर में पाई। यहाँ इमरान का पैतृक घर है। लड़की ने यह भी बताया कि उसे इमरान के बड़े भाई 23 वर्षीय कामरान बेग ने निकाह के लिए बुलवाया था। हमीरपुर जिले में पीड़िता के साथ इमरान ने रेप किया। पुलिस ने लड़की का मेडिकल परीक्षण करवाया और पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में FIR दर्ज कर ली।

पुलिस ने इमरान के साथ उसके भाई कामरान को भी मामले में आरोपित बनाया है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने इमरान और कामरान की तलाश में हमीरपुर में दबिश दी, लेकिन यहाँ से दोनों गायब मिले। दोनों भाई पुलिस से बचने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। हालाँकि, पुलिस को दोनों हमीरपुर के एक इलाके में होने की जानकारी मिली। इसके बाद दोनों को दबोच कर पुलिस बिलासपुर लाई।

इस बीच पीड़िता के पिता का आरोप है कि कोई शाहरुख़ नाम का व्यक्ति उनको केस वापस लेने के लिए लगातार धमका रहा है। शाहरुख़ को इमरान बेग का सहयोगी बताया जा रहा है। वह लड़की के घर तक पहुँच गया और पूरे घर को यह धमकी देकर गया कि जेल से छूटने के बाद निबट लिया जाएगा। उसने गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी है। लड़की के परिजन ने इसकी शिकायत पुलिस में दी है।

अवैध खनन मामले में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव को CBI ने भेजा समन, पूछताछ के बुलाया: CM रहने के दौरान सामने आया था घोटाला

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को केंद्रीय जाँच एजेंसी (सीबीआई) ने बुलाया है। सीबीआई ने समन जारी कर 29 फरवरी को पूछताछ में शामिल होने के लिए कहा है। सीबीआई का ये समन अवैध खनन मामले से जुड़ा है, जिसमें उन्हें बतौर गवाह बुलाया गया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने अखिलेश को सीआरपीसी की धारा 160 के तहत नोटिस जारी किया है। उन्हें ये नोटिस 21 फरवरी को नोटिस जारी किया गया था।

जानकारी के मुताबिक, अखिलेश यादव को जनवरी 2019 में दर्ज की गई सीबीआई की उस एफआईआर के संबंध में तलब किया गया है, जो हमीरपुर में 2012-2016 के बीच कथित अवैध खनन से संबंधित है। बता दें कि इस मामले में 5 जनवरी 2019 को CBI ने 12 जगहों पर छापेमारी भी की थी।

अखिलेश यादव ने कहा कि पिछले चुनाव से पहले भी एक नोटिस आया था और इस चुनाव में भी एक नोटिस आया है। बताया जा रहा है कि ये मामला साल 2012 से 2017 के बीच का है, जब अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री थे, साथ ही उनके पास खनन मंत्रालय भी था।

इसी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 28 जुलाई 2016 को आदेश दिया था जिसके बाद सीबीआई की ओर से मामला दर्ज किया गया था। डीएम हमीरपुर, जियोलॉजिस्ट, माइनिंग ऑफिसर, क्लर्क, लीज होल्डर और प्राइवेट और अज्ञात लोगों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं 120 बी, 379, 384, 420, 511, प्रिवेंशन ऑफ करप्शन की धारा 13(1), (d) के तहत केस दर्ज क‍िया था। इस मामले में माइनिंग लैंड की फ्रेश लीज और र‍िन्‍युअल आद‍ि शाम‍िल है। अवैध खनन के मामले में सीबीआई ने उस उसय उत्तर प्रदेश के हमीरपुर ज‍िले की तत्कालीन डीएम के लखनऊ आवास पर भी छापेमारी की थी। टीम ने उनके आवास से कई अहम दस्तावेज भी जब्त किए थे।

इस मामले की जाँच में जुटी सीबीआई ने 5 जनवरी 2019 को 12 जगहों पर छापेमारी के दौरान काफी मात्रा में कैश और गोल्ड की बरामदगी की थी। अब बतौर गवाह अखिलेश को सीबीआई ने सीआरपीसी 160 के तहत तलब क‍िया है। इस एफआईआर में लिखा है कि आपराधिक साजिश में सरकारी कर्मचारियों ने निविदा प्रक्रिया का पालन किए बिना अवैध रूप से नए पट्टे और नवीकरण पट्टे दिए। लोगों को अवैध रूप से खनन की अनुमति दी गई।

वो 5 बार हल्ला करते हैं तो हमें व्यवधान नहीं होता..: राजस्थान के मंत्री का ऐलान- 47 सालों से बंद देवनारायण मंदिर का खुलेगा ताला, मुस्लिम पक्ष ने जताई थी आपत्ति

राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बुधवार (28 फरवरी 2024) को भीलवाड़ा जिले में लगभग 47 वर्षों से बंद पड़े देवनारायण मंदिर को जल्द खोलने का एलान किया है। उन्होंने मंदिर पर ताला लगाए जाने को पुरानी सरकार की तुष्टिकरण की नीति बताया। मदन दिलावर ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री से भी चर्चा की है। मार्च 2022 में इसे खुलवाने के लिए हिन्दू समाज ने 17 किलोमीटर लम्बा मार्च निकाला था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मदन दिलावर जयपुर में बिजोलिया किसान आंदोलन के प्रणेता विजय सिंह पथिक की 143वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, “वो ताला इसलिए लगा दिया गया था, क्योंकि कुछ लोगों को भगवान देवनारायण के भजन-कीर्तन से जो आवाज आती है उससे उन्हें व्यवधान उत्पन्न होता था। वो 5 बार जब हल्ला करते हैं तो हमको व्यवधान नहीं होता।”

उन्होंने आगे कहा, “तुष्टिकरण की नीति अपनाते हुए 47 साल पहले भगवान देवनारायण के मंदिर पर ताला लगा दिया गया था, जो आज तक लगा हुआ है।” उन्होंने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से चर्चा की है। कुछ दिनों के बाद अच्छा दिन देखकर भगवान देवनारायण के मंदिर का ताला खोला जाएगा। राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

मदन दिलावर के सम्बोधन के दौरान मौके पर मौजूद लोग गुरुदेव महराज और भगवान देवनारायण की जयघोष करते रहे। मदन दिलावर ने कहा कि पुरानी कॉन्ग्रेस सरकार में मंदिर का ताला खोलने का प्रयास करने वाले गोपाल गुर्जर को जेल में डाल दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि गोपाल गुर्जर को जेल भेजकर पिछली सरकार वाले पछता रहे हैं।

2022 में हुआ था आंदोलन

गौरतलब है कि मंदिर की भूमि पर मुस्लिम समुदाय द्वारा दावा ठोकने की वजह से पिछले 45 वर्षों से यह मंदिर बंद पड़ा है। साल 1977 में अदालत के आदेश पर मंदिर पर ताला लगाकर उसकी चाबी मांडल थाने में जमा कर दी गई थी। 11 मार्च 2022 को गोपाल सिंह गुर्जर नाम के एक युवक ने इस मंदिर में लगे ताले को तोड़ दिया था।

तब पुलिस ने गोपाल पर अदालत की अवमानना और धार्मिक भावनाएँ भड़काने के आरोपों में FIR दर्ज की थी और उन्हें गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया था। पुलिस की इस कार्रवाई से नाराज हिन्दू संगठनों ने सोमवार (14 मार्च, 2022) को सुबह 10 बजे मांडल में 17 किलोमीटर लम्बा जुलूस निकाला था। इस प्रदर्शन का नेतृत्व गुर्जर समाज ने किया था।

जुलूस में शामिल रथ पर भगवान देवनारायण का चित्र विराजमान था। कई कारों और बाइकों के इस काफिले में पर हजारों युवक भगवा झंडा लेकर चल रहे थे। जुलूस को पुलिस ने जेल चौराहा पर रोक दिया था। इसके बाद लोग वहीं धरने पर बैठ गए थे। मंदिर का ताला खोलने के लिए सोशल मीडिया पर हैशटैग भी चलाया गया था।

‘संदेशखाली के शैतान’ शेख शाहजहाँ को बंगाल पुलिस ही नहीं CBI या ED भी कर सकती है गिरफ्तार: कलकत्ता HC सख्त, कार्रवाई को लेकर BJP का प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में महिलाओं से यौन उत्पीड़न और जमीनों पर कब्जे के मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। पहले तो हाई कोर्ट ने शेख शाहजहाँ के नाम को संदेशखाली मामले में जोड़ने का आदेश दिया था, तो अब हाई कोर्ट ने साफ कर दिया है कि शेख शाहजहाँ को सिर्फ पश्चिम बंगाल पुलिस ही नहीं, बल्कि सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी गिरफ्तार कर सकती है।

कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीस टीएस शिवगणनम की अध्यक्षता वाली खंड पीठ ने उन अफवाहों पर भी स्पष्ट टिप्पणी दी है, जिसमें ये अफवाह फैलाई जा रही थी शेख शाहजहाँ के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कोर्ट ने स्टे ऑर्डर दिया है। कोर्ट ने कहा कि अदालत ने अपने आदेश में सिर्फ ईडी अधिकारियों पर हमले की जाँच के लिए बनी सीबीआई और पश्चिम बंगाल पुलिस की एसआईटी के गठ पर रोक लगाई थी, न कि शेख शाहजहाँ के खिलाफ कार्रवाई पर।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने कहा, “अदालत ने ये पाया है कि शेख लंबे समय से फरार है। ऐसे में उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए। यही नहीं, उससे न सिर्फ पश्चिम बंगाल पुलिस पूछताछ कर सकती है, बल्कि ईडी और सीबीआई भी उसे गिरफ्तार कर सकती हैं।” कोर्ट ने साफ कहा है कि शेख शाहजहाँ की गिरफ्तारी के खिलाफ कोई स्टे ऑर्डर नहीं आया है।

बता दें कि संदेशखाली की महिलाएँ लगातार शाहजहाँ शेख और उसके साथियों के गिरफ्तारी की माँग करते हुए विरोध-प्रदर्शन कर रही है। बीजेपी लगातार आरोप लगा रही है कि शेख शाहजहाँ को ममता बनर्जी सरकार बचा रही है। वो अभी तक फरार है। उस पर ईडी की रेड के दौरान हमले का भी आरोप है, जिसपर शेख शाहजहाँ के सैकड़ों ने हमला कर दिया था। 5 जनवरी को ईडी की टीम उत्तर 24 परगना के संदेशखाली में शेख शाहजहाँ के परिसर पर छापेमारी के लिए गई थी, तभी उस पर सैकड़ों लोगों ने हमला कर दिया था।

बीजेपी कार्यकर्ताओं ने किया विरोध प्रदर्शन

इस बीच भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कोलकाता में जबरदस्त प्रदर्शन किया। बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शेख शाहजहाँ की गिरफ्तारी की माँग की है।

संदेशखाली में पीड़ित महिलाओं ने दर्ज कराए बयान

वहीं, संदेशखाली में शेख शाहजहाँ और उसके सहयोगियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रही स्थानीय महिलाएँ थाने पहुँची। उन्होंने शेख शाहजहाँ के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई। अबतक शेख शाहजहाँ के खिलाफ कई दर्जन मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

गौरतलब है कि संदेशखाली में 70 से अधिक मामले यौन उत्पीड़न के सामने आ चुके हैं, तो अब तक सैकड़ों लोगों ने जमीनों पर कब्जे की शिकायत की है। संदेशखाली में मानवाधिकार आयोग, एससी-एसटी आयोग, महिला आयोग की टीमें पहुँच चुकी हैं, तो नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी भी संदेशखाली का दौरा कर चुके हैं।

‘हमारे विरोध में दिया वोट तो काट देंगे हाथ, तोड़ देंगे हड्डियाँ’: बंगाल में TMC नेता ने मतदाताओं को धमकाया, ECI से सुवेंदु अधिकारी ने की शिकायत

पश्चिम बंगाल में टीएमसी किस तरह से काम करती है और मतदाताओं को डरा धमका कर वोट हासिल करती है, उसका नमूमा भर है टीएमसी नेता जतिलेश्वर मंडल का वायरल हो रहा वीडियो…। इस वीडियो में टीएमसी नेता जतिलेश्वर मंडल मतदाताओं को सरेआम धमकी का वीडियो वायरल है। वो कथित तौर पर मतदाताओं को हाथ काटने, हड्डियाँ तोड़ने की धमकी दे रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये वीडियो बीरभूम जिले का है, जहाँ मयूरेश्वर-पंचायत समिति का उपाध्यक्ष और टीएमसी नेता जतिलेश्नर मंडल टीएमसी के खिलाफ बोलने वाले, या पार्टी के खिलाफ प्रचार करने वालों के हाथ काट देने की धमकी दे रहा है। ये वीडियो 25 फरवरी 2024 का बताया जा रहा है। जिसमें वो बोल रहा है कि जिला परिषद, ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, विधानसभा सभी पर टीएमसी का कब्जा है। केंद्रीय बल हर समय उनकी रक्षा के लिए नहीं रहेंगे, लेकिन हम रहेंगे और हम टीएमसी की खिलाफत करने वालों को नहीं छोड़ेंगे।

वीडियो में मंडल ने आगे कहा, “केंद्रीय बल तुम्हारे बाप के पालतू नहीं है। वो चुनाव के बाद चलेंगे, कोई नहीं रहेगा। ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद, विधानसभा सबकुछ हमारा है। ये चारों हमारे हैं, वहाँ से किसी को कोई लाभ (सरकारी योजना) नहीं मिलेगा। पुलिस थाना हो, कोर्ट हो, कहाँ जाओगे? हम तुम्हारी हड्डियाँ तोड़ देंगे। सुनिए, हमें वोट दें या न दें, लेकिन अपने घर से बाहर न निकलें। जितना भी हो सके, इस गुरु मंत्र को अपने लोगों के कानों में डाल दें।”

वो आगे कहता है, “अगर तुम (मतदाता) हमें (टीएमसी) को धोखा देने की सोच रहे हैं, तो तुम्हें घर से बाहर निकलने की जरूरत नहीं है। घर पर ही रहो। वोट देने की ही जरूरत नहीं है। वोट बिल्कुल न डालो, लेकिन हमारे खिलाफ निगेटिव कुछ भी मत बोलो। अगर तुम हमारी (टीएमसी) बुराई कराओ, तो मैं तुम्हारे हाथ काट डालूँगा। पक्का तुम्हारे हाथ काट लूँगा। तुम हमारे नेता (ममता बनर्जी) से अपनी पत्नी के नाम पर भत्ता ले रहे हो। सा***, तुम वृद्धावस्था पेंशन ले रहे हो, चावल ले रहे हो, जमीन का पैसा ले रहे हो। तुम सबकुछ ले रहे हो और वोट दूसरे को दे रहे हो? मैं तुम लोगों को छोड़ूँगा नहीं।”

सोशल मीडिया पर ये वीडियो वायरल हो रहा है। इसकी पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग से शिकायत भी की है। एक्स पर सुवेंदु अधिकारी ने लिखा, “बीरभूम जिले में टीएमसी नेता और मयूरेश्वर ब्लॉक नंबर II पंचायत समिति के उपाध्यक्ष जतिलेश्वर मंडल वोट डालने वाले मतदाताओं और टीएमसी सरकार के खिलाफ प्रचार करने वालों के हाथ काटने की धमकी दे रहे हैं।”

बीजेपी नेता ने आगे बताया कि उन्होंने माननीय मुख्य चुनाव आयुक्त को एक पत्र लिखा है। भारत के चुनाव आयोग से इस तरह की आपराधिक धमकी के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।

सुवेंदु अधिकारी ने आगे लिखा, “मंडल खुलेआम अपने क्षेत्र के मतदाताओं को धमकी दे रहे हैं और उन्हें चुनाव के दौरान घर पर रहने के लिए कह रहे हैं। वह कह रहे हैं कि अगर वे वोट देने निकले या तृणमूल कांग्रेस पार्टी के खिलाफ नकारात्मक प्रचार में शामिल हुए तो वह उनके हाथ काट देंगे। पश्चिम बंगाल पुलिस राजनीतिक दबाव में काम कर रही है और टीएमसी के दबाव में है। वो इस मामले में कार्रवाई करने की जगह इसे चुपचाप दबाने की कोशिश करेगी।”

पक्का मकान जिन आँखों के लिए था सपना, मोदी सरकार ने उनके लिए बना दिए 3.3 करोड़ घर: जानिए प्रधानमंत्री आवास योजना से कितना बदला देश

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार को दस वर्ष पूरे हो रहे हैं। लोकसभा चुनाव हफ्ते-पन्द्रह दिन के भीतर घोषित किए जाने वाले हैं। प्रधानमंत्री मोदी देश के चौथे ऐसे पीएम हैं, जिन्हें 10 साल का कार्यकाल मिला। ऐसे में उनके कामों का मूल्यांकन करना जरूरी हो जाता है। प्रधानमंत्री के भाषणों का विश्लेषण किया जाए तो पता चलता है कि उन्होंने जिन कुछ योजनाओं का सबसे ज्यादा जिक्र किया है, उनमें से प्रधानमंत्री आवास योजना का नाम प्रमुख है।

आवास यानी घर, घरौंदा, मकान जो भी कह लिया जाए, दुनिया के हर मानव की प्राथमिक जरूरतों में से एक है। बताते हैं कि आज से कोई 72000 साल पहले सबसे पहला घर बनाया गया था। इसके बाद बदलाव आते गए, मकान बनाने की तकनीक बदलती गई। हमारा देश 1947 में आजाद हो गया, लगभग 67 साल गुजर गए, लेकिन बड़ी आबादी के हिस्से पक्की छत ना आ सकी। खपरैल और छप्पर वाले घर देश की पहचान बन गए।

इस बीच कई योजनाएँ आई और गईं लेकिन देश के करोड़ों-करोड़ लोगों को एक अदद घर ना मिल सका। देश में इतना विकास हुआ नहीं कि वह अपने आप ही बना ले और सरकार इस मामले में बाकी सभी क्षेत्र की तरह फिसड्डी ही रही। हालाँकि, बीते कुछ सालों में यह तस्वीर बदली है। देश के कस्बों और शहरों के उन हिस्सों में कच्चे घर और टाट पट्टी वाले घर नहीं दिखते, जहाँ पहले लोग जाने में भी कतराते दिखते थे। गाँवों में भी खपरैल और फूस के छप्पर की जगह अब ईंट के पक्के मकान ले चुके हैं। इसमें सबसे बड़ा रोल प्रधानमंत्री आवास योजना है।

पीएम आवास योजना शहरों की सूरत बदली

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के अंतर्गत दो तरीके की योजनाएँ चलती हैं। एक योजना नगरीय क्षेत्रों में घर बनाने के लिए जबकि दूसरी योजना का लक्ष्य गाँवों में कच्चे घरों का उन्मूलन है। पीएम आवास योजना (शहरी) की शुरुआत जून, 2015 में की गई थी।

इसका लक्ष्य था कि शहरों की मलिन बस्तियों और बाकी इलाकों में जितने कच्चे घर बने हैं, उनकी जगह पर पक्के घर बनाए जाएँ। पक्के घर बनाने के लिए शहरी इलाकों में सरकार ने ₹2.5 लाख कमजोर तबके के लोगों को देने की योजना चालू की। इसके अंतर्गत लाभार्थी सरकार से सहायता लेकर अपनी जमीन पर मकान तैयार करवाता है। सरकार इसमें कुछ लाभार्थियों को आसान लोन भी उपलब्ध करवाती है।

योजना के विषय में बताने वाला डैशबोर्ड दिखाता है कि जून 2015 के बाद सरकार इस योजना के तहत देश भर में 1.18 करोड़ घरों को बनाए जाने की मंजूरी दे चुकी है। इनमें से 1.14 करोड़ घरों की नीँव भी पड़ गई है। देश के शहरी इलाकों में 80.35 लाख घर बनाकर तैयार भी किए जा चुके हैं। 34 लाख घरों का निर्माण अलग अलग चरणों में है।

देश भर के शहरी इलाकों में कोई भी घर कच्चा ना रहे इसके लिए मोदी सरकार ₹1.56 लाख करोड़ खर्च कर चुकी है। यह पैसे सीधे लाभार्थी के खाते में दिए गए हैं। केंद्र सरकार का कहना है कि वह अभी योजना के तहत ₹50,000 करोड़ का योगदान और करेगी जिससे पक्के घरों का लक्ष्य पूरा हो सके। केंद्र सरकार ने इस योजना को दिसम्बर 2025 तक बढ़ा भी दिया है ताकि भारत में प्रत्येक आवासहीन व्यक्ति को आवास दिया जा सके।

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले की एक नगर पंचायत में रहने वाली सुनीता को इस इस योजना के तहत मकान मिला है। सुनीता एक मंदिर के बाहर फूल बेचती हैं। वह कहती हैं कि उनकी इतनी कमाई नहीं थी कि वह पक्का घर बनवा सकती। वह योजना का लाभ मिलने से पहले की परिस्थिति के विषय में बताती हैं, “आज से 7 साल पहले तक आधा घर कच्चा और आधा टाट पट्टी वाला था। बारिश में बहुत दिक्कत होती थी क्योंकि पक्की छत नहीं थी। धूप और सर्दी भी झेलनी भी पड़ती थी। बिजली का कनेक्शन भी नहीं था।”

उन्हें इस योजना के तहत आवास मिला है। उन्होंने अपना कच्चा आवास गिराकर पक्का आवास बनवाया है। सुनीता और उनके परिवार ने इस घर को बनाने में खुद ही मजदूरी कर ली और इसके भी पैसे बचाए। अब सुनीता पक्के घर में रहती हैं। इसमें दो कमरे हैं। उन्हें घर पक्का बना होने की वजह से और भी कई योजनाओं का लाभ मिला है।

गाँवों से हट गए छप्पर-खपरैल और तिरपाल

प्रधानमंत्री आवास योजना को शहरों में लागू करने के एक वर्ष के बाद वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) योजना चालू की गई थी। इसका लक्ष्य था कि देश के ग्रामीण इलाकों से भी कच्चे घरों को समाप्त करके सभी को पक्के आवास दिए जाएँ। इस योजना के तहत सरकार ने देश के गाँवों में रहने वाले व्यक्तियों को प्रति आवास ₹1.20 लाख देने का निर्णय लिया था। हालाँकि, पहाड़ी क्षेत्रों में इसमें कुछ अधिक धनराशि दी जाती है। सरकार ने इसके लिए तकनीक का भी सहारा लिया। घरों को लोकेशन से जियोटैग किया गया।

देश के ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक इस योजना के तहत 2.94 करोड़ घरों को मंजूरी मिल चुकी है। इनमें से 2.57 करोड़ घर बनाए भी जा चुके हैं। केंद्र सरकार का लक्ष्य 2.95 करोड़ घर बनाने का है लेकिन अब इसे आगे और बढ़ाया जा सकता है। इस योजना के तहत अब तक 3.24 करोड़ लोग पंजीकरण करवा चुके हैं। योजना के अंतर्गत पहले वर्ष 2016-17 जहाँ इसके तहत मात्र 2,115 घर बने थे वहीं 2017-18 में यह सँख्या बढ़ कर 44.93 लाख हो गई। इसके बाद साल दर साल यह सँख्या बढ़ती रही है।

महिला सशक्तिकरण में भी आगे है योजना

इस योजना का लाभ पाने वाला सबसे बड़ा तबका अनुसूचित जाति/जनजाति का है। योजना के अंतर्गत बनाए गए घरों में से 44% घर SC/ST लाभार्थियों को मिले हैं। 13% घर अल्पसंख्यकों को भी दिए गए हैं। इसके अलावा इस योजना ने महिला सशक्तिकरण में भी बड़ी भूमिका निभाई है। योजना के अंतर्गत बनाए जाने वाले 72% घरों में महिलाओं को संयुक्त या अकेले तौर पर घर का मालिकाना हक़ दिया गया है। इस योजना का लाभ भी तेजी से पहुँचा है। इसके अंतर्गत दिए जाने वाले 77% घरों का निर्माण एक वर्ष के भीतर पूरा हो गया।

योजना के अंतर्गत शहर और गाँवों में मिलाकर अब तक 3.3 करोड़ नए घर तियार किए जा चुके हैं। ऐसे में जहाँ प्रधानमंत्री आवास योजना ने लोगों के जीवन स्तर को सुधारा है, वहीं इसने साथ में ही सामाजिक बदलाव में भी सहायता की है। अब सरकार का लक्ष्य है कि वह उन लोगों को जल्द घर उपलब्ध करवाए जो झुग्गियों में रहते हैं। सरकार इन लोगों के लिए बड़े कदम उठा रही है।

‘शिव मंदिर है अजमेर दरगाह, हो ASI सर्वे’: हिंदू संगठन ने की माँग तो मुस्लिमों ने करा दी ‘भावनाएँ आहत’ होने की FIR, अल्पसंख्यक आयोग भी एक्टिव

राजस्थान के अजमेर स्थित ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह को पूर्व का हिन्दू मंदिर बताते हुए इसका ASI से सर्वे कराने की माँग पर विवाद खड़ा हो गया है। दरगाह से जुड़े 2 सदस्यों ने इस मामले में 2 अलग-अलग FIR दर्ज करवाई है। राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने भी मंगलवार (27 फरवरी 2024) को ऐसी माँगों को 2 समुदायों के बीच नफरत फैलाने वाला बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की रिपोर्ट 7 दिनों के भीतर तलब की है। आयोग ने कार्रवाई के लिए प्रदेश के DGP से भी मुलाकात की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजमेर दरगाह के दीवान के बेटे नसरुद्दीन चिश्ती ने इस मामले में दरगाह थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। मुकदमा में उन्होंने हिन्दू शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिमरन गुप्ता को आरोपित किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सिमरन गुप्ता ने पंकज सहित अपने अन्य साथियों के साथ एक वीडियो बनाकर अजमेर दरगाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की है। उन्होंने इसे मज़हबी भावनाओं को आहत करने वाला बताते हुए कार्रवाई की माँग की है।

इसके अलावा, अजमेर दरगाह का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य अल्पसंख्यक आयोग से भी मिला। मुलाकात में प्रतिनिधिमंडल ने हिन्दू शक्ति दल के सदस्यों के बयानों को आपत्तिजनक बताते हुए कार्रवाई की माँग की। इस मुलाकात के बाद राजस्थान राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने अजमेर के जिलाधिकारी को एक ज्ञापन भेजकर सिमरन गुप्ता और उनके साथियों पर हुई कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है। जवाब देने के लिए डीएम अजमेर को 7 दिनों का समय दिया गया है।

ज्ञापन में एक सप्ताह पहले अजमेर दरगाह के एक खादिम शकील अब्बासी द्वारा सिमरन गुप्ता और उनके साथियों पर क्लॉक टॉवर थाने में दर्ज FIR का भी जिक्र किया गया है। उसमें की गई कार्रवाई की जानकारी माँगी गई है। इसके बाद राज्य अल्पसंख्यक आयोग का एक प्रतिनिधि मंडल मंगलवार (27 फरवरी 2024) को राजस्थान के DGP यूआर साहू से मिला। मुलाकात के बाद प्रतिनिधमंडल को आश्वासन मिला कि जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ निष्पक्षता से कार्रवाई की जाएगी।

ये है हिन्दू शक्ति दल की माँग

बताते चलें कि 23 फरवरी 2024 को हिन्दू शक्ति दल के सिमरन गुप्ता ने अपने साथी पंकज के साथ एक वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में उन्होंने अजमेर दरगाह में मौजूद जन्नती दरवाजे को पूर्व में हिन्दुओं का शिव मंदिर बताया था। इसी के साथ दरगाह के पास जो ढाई दिन का झोपड़ा है, उसे सिमरन ने पहले सरस्वती माता का मंदिर बताया। वीडियो में सिमरन ने तारागढ़ के किले को प्राचीन हिंदू राजाओं की धरोहर बताते हुए इसे जिहादियों द्वारा कब्जा की गई जगह बताया था। उन्होंने अजमेर के ADM सिटी को एक ज्ञापन देते हुए इन सभी स्थानों की ASI जाँच की माँग की थी।

पहले भी उठी है ASI सर्वे की माँग

बताते चलें कि ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की अजमेर स्थित दरगाह के ASI सर्वे की माँग पहली बार नहीं उठी है। इस से पहले भी जनवरी 2024 में महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार ने दरगाह को पूर्व का हिन्दू मंदिर बताते हुए ASI सर्वे की माँग उठाई थी। तब राजवर्धन सिंह ने कहा था कि वो पहले इस मामले को अशोक गहलोत की नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस सरकार के संज्ञान में ला चुके हैं।

जय बजरंगबली… हनुमान भक्त निकले टीम इंडिया के विकेटकीपर, नेटिजन्स बोले- जिंदगी ध्रुव बनाए तो ‘जुरेल’ बनना, ‘राठी’ नहीं

राँची में भारत-इंग्लैंड के बीच हुए टेस्ट सीरीज में भारतीय विकेटकीपर ध्रुव जुरेल के प्रदर्शन के बाद हर जगह उनकी चर्चा है। उनकी पारी को याद करके कहा जा रहा है कि अगर जुरेल नहीं होते, तो मैच इंडिया के हाथ से निकल गया था।

इतनी तारीफों के बीच अब उनका सोशल मीडिया पर किया गया ट्वीट भी वायरल हो गया है। इस ट्वीट में उन्होंने ‘जय बजरंगबली’ लिखा है। ये ट्वीट उन्होंने 27 फरवरी को किया गया था।

ट्वीट के नीचे तमाम क्रिकेट फैंस उनकी तारीफें कर रहे हैं। उनकी फोटो शेयर करके लोग जय बजरंगबली बोल रहे हैं और कह रहे हैं कि जुरेल पर हमेशा हनुमान जी की कृपा बने रहे।

एक यूजर कहता है कि बजरंग बली हमेशा आगे आते हैं जब टीम को उनकी जरूरत होती है।

एक यूजर लिखते हैं कि अगर जिंदगी आपको ‘ध्रुव’ बनने का मौका दे तो ध्रुव जुरेल बनिए, ध्रुव राठी नहीं। इसी तरह कुछ यूजर ध्रुव को पक्का सनातनी बता रहे हैं।

एक यूजर ने कहा- “आपका ट्वीट पढ़कर गर्व हो रहा है। हमें लगा था कि आप बदल जाओगे और बाकियों जैसे सेकुलर हो जाओगे लेकिन आपने हमें गर्व महसूस कराया। बहुत खुशी है आप जल्द ही दूसरों की जगह लेंगे। भारतीय क्रिकेट टीम में आप कुछ बड़ा करोगे। जय बजरंगबली।”

भारत-इंगलैंड मैच में ध्रुव जुरेल का प्रदर्शन

बता दें कि भारत-इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज का चौथा मैच राँची में खेला गया था। इस टेस्ट मैच को भारतीय टीम ने 5 विकेट से जीता था। इंग्लैंड ने दूसरी पारी में भारतीय टीम के सामने 192 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे भारतीय टीम ने कप्तान रोहित शर्मा के आक्रामक अर्धशतक और शुबमन गिल के नाबाद अर्धशतक के दम पर जीत लिया। इस दौरान शुभमन गिल 52 रन बनाकर नाबाद लौटे थे, तो ध्रुव जुरेल भी 39 रन बनाकर नाबाद लौटे थे। ध्रुव जुरेल के ही बल्ले से भारतीय टीम के लिए विजयी रन निकले थे।

ध्रुव जुरेल ने पहली पारी में भी शानदार 90 रनों की पारी खेली थी। उन्होंने 171 रनों पर टीम के 6 विकेट गिर जाने के बावजूद टीम को 307 रनों के स्कोर तक पहुँचाया था और आखिरी बल्लेबाज के रूप में आउट हुए थे। वहीं, मैच की दूसरी पारी में धैर्यपूर्वक नाबाद 39 रन बनाकर टीम को टीम दिलाई। इस मैच में ध्रुव ने कुल 129 रन बनाए और विकेट के पीछे 3 कैच भी लिया, जिसके बाद उन्हें मैच का सबसे बेहतरीन खिलाड़ी यानी ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का अवॉर्ड भी दिया गया था।

ISRO के विज्ञापन में तमिलनाडु सरकार ने लगाया चीन का रॉकेट: बोले PM मोदी- यह भारतीय वैज्ञानिकों का अपमान, माफी माँगे DMK

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तमिलनाडु दौरे के वक्त ‘कुशालशेखरपट्टीनम’ में ISRO के नए लॉन्च कॉम्प्लेक्स की नींव रख दी गई है। लेकिन इससे पहले इसे लेकर DMK की सरकार ने स्थानीय अखबार में जो विज्ञापन दिया, उसके कारण उनकी उसपर फजीहत हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर डीएमके पर निशाना साधा।

दरअसल, जो विज्ञापन डीएमके सरकार की ओर से दिए गए हैं उसमें मुख्यमंत्री स्टालिन और प्रधानमंत्री मोदी की फोटो के पीछे रॉकेट नजर आ रहा है जिसपर कि चीन का झंडा दिखाई दे रहा है। इस विपज्ञापन की तस्वीर आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग स्टालिन सरकार की हरकत का विरोध कर रहे हैं और कुछ मजाक बना रहे हैं।

PM मोदी ने तिरुनेलवेली में तो रैली को संबोधित करते हुए कहा, “डीएमके एक ऐसी पार्टी है जो काम तो करती नहीं, लेकिन झूठा क्रेडिट लेने के लिए आगे रहती है। ये कौन नहीं जानता कि लोग हमारी स्कीम पर अपने स्टिकर चिपका देते हैं। अब तो इन्होंने हद कर दी। इन्होंने तमिलनाडु में इसरो लॉन्च पैड का क्रेडिट लेने के लिए उसपर चीन का स्टिकल चिपका दिया है।”

डीएमके सरकार द्वारा दिया गया विज्ञापन

पीएम ने कहा- “ये तमिलनाडु डीएमके के नेताओं के लिए देखना अब संभव नहीं लगता। ये लोग कुछ देख ही नहीं पाते। जो देख नहीं पाते उन्हें क्या कहते हैं आपको मालूम है। इसलिए ये लोग भारत की प्रगति देखने को तैयार नहीं है, भारत के स्पेस की प्रगति देखने को तैयार नहीं हैं और जो पैसे आप देते हैं उन पैसों से इन लोगें ने विज्ञापन दिया और उसमें भारत के स्पेस का चित्र नहीं रखा। भारत के स्पेस की सफलता को वो तमिलनाडु के सामने नहीं रखना चाहते थे। उन्होंने हमारे वैज्ञानिकों का अपमान कर दिया। हमारे स्पेस सेक्टर का अपमान किया। आपके टैक्स के पैसों का अपमान किया। आपका अपमान किया। ऐसा करने वालों को अब सजा देने का मौका आ गया है।”

पीएम मोदी से पूर्व इस मामले को तमिलनाडु के भाजपा नेता अन्नामलाई ने भी उठाया। उन्होंने कहा, “DMK मंत्री थिरु अनिता राधाकृष्णन द्वारा आज तमिल अखबारों को दिया गया यह विज्ञापन चीन के प्रति DMK की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और इस बात का उदाहरण है कि उन्होंने हमारे देश की संप्रभुता को दरकिनार किया। उन्होंने याद दिलाया कि तमिलनाडु को पहले अंतरिक्ष केंद्र मिल जाता है। लेकिन डीएमके के कारण ऐसा संभव नहीं हुआ और सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र आंध्र प्रदेश में बना, न कि तमिलनाडु में।

बता दें कि तमिलनाडु में इसरो का नया लॉन्च कॉन्प्लेक्स 986 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा। इसमें 5 फैसिलिटी और एक मोबाइल लॉन्च स्ट्रक्चर शामिल होगा। यहाँ से हर 24 लॉन्च किए जाएँगे। इसके निर्माण की जानकारी देते हुए इसरो चीफ एस सोमनाथ ने कहा- भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है, तमिलनाडु सरकार ने जमीन भी ट्रांसफर कर दी है। निर्माण होने में 2 साल लगेंगे। योजना है कि 2 साल बाद यरहाँ एसएसएलवी लॉन्च किया जाए।