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अराधना में थे लीन, गोलियों से भूना, शव को कुल्हाड़ी से काटा: स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या पर हाई कोर्ट ने ओडिशा सरकार से माँगा जवाब

23 अगस्त 2008 को ओडिशा के कंधमाल में स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती और उनके शिष्यों की हत्या कर दी गई थी। ओडिशा हाई कोर्ट ने अब इस मामले में राज्य सरकार से जवाब माँगा है। 5 मार्च 2024 तक यह बताने को कहा है कि क्यों नहीं इस मामले की जाँच सीबीआई को सौंप दी जाए।

देवाशीष होता की याचिका पर हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिका में कहा गया है कि क्राइम ब्रांच ने मामले की जाँच में कई पहलुओं की अनदेखी की है। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जयनारायण मिश्रा ने भी जाँच पर सवाल उठाए हैं। बीजेपी नेता ने कहा है कि स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती ने फुलबनी इलाके में जनजातीय समाज के कल्याण के लिए बड़े पैमाने पर काम किया था। इसके कारण वह कई लोगों के निशाने पर थे।

मिश्रा ने कहा कि हैरानी की बात है स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती के साथ सीआरपीएफ और ओडिशा पुलिस के जिस दल को होना चाहिए था वह घटना के वक्त मौजूद नहीं था। हत्या की जाँच के लिए तीन आयोग बनाए गए। उन्होंने जो रिपोर्ट दी वो कभी भी सार्वजनिक नहीं की गई। उन्होंने कहा कि इस मामले की सीबीआई जाँच के लिए उनकी पार्टी ओडिशा सरकार पर दबाव बनाएगी।

कौन थे स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती

स्वामी लक्ष्मणानंद ओडिशा के वनवासी बहुल फुलबनी (कन्धमाल) जिले के गाँव गुरुजंग के रहने वाले थे। बचपन में ही उन्होंने दुखी-पीड़ितों की सेवा में जीवन समर्पित कर देने का संकल्प ले लिया। हिमालय से साधना साधना कर लौटने के बाद वे गोरक्षा आंदोलन से जुड़ गए। प्रारंभ में उन्होंने वनवासी बहुल फुलबनी के चकापाद गाँव को अपनी कर्मस्थली बनाया था।

धर्मांतरण कर ईसाई बनाए गए लोगों की हिंदू धर्म में वापस लाने के लिए उन्होंने अभियान शुरू किया। उनकी प्रेरणा से 1984 में चकापाद से करीब 50 किलोमीटर दूर जलेसपट्टा नामक वनवासी क्षेत्र में कन्या आश्रम, छात्रावास तथा विद्यालय की स्थापना हुई। आज भी उस कन्या आश्रम छात्रावास में सैकड़ों बालिकाएँ शिक्षा ग्रहण करती हैं।

1970 से दिसंबर 2007 के बीच स्वामी लक्ष्मणानंद पर 8 बार जानलेवा हमले हुए। आखिरकार 23 अगस्त 2008 जब वे जन्माष्टमी समारोह में भगवान् श्रीकृष्ण की आराधना में लीन थे माओवादियों ने निर्मम तरीके से हत्या कर दी थी। जलेसपट्टा स्थित उनके आश्रम में हत्यारे घुसे और उन्हें गोलियों से भून डाला। उनके मृत शरीर को कुल्हाड़ी से काट डाला। चार अन्य साधुओं की भी हत्या कर दी गई थी।

WiFi काम नहीं किया तो IAS अफसर ने दूरसंचार कंपनी के कर्मचारी का तोड़ दिया अँगूठा: सीने पर बैठकर करने लगा पैसों की माँग, मामला दर्ज

मुंबई में एक आईएएस अफसर ने एयरटेल कम्पनी के दो कर्मचारियों को बुरी तरह पीटा और गालियाँ दीं। साल 2015 बैच के IAS अफसर और उसके भाई ने एयरटेल के कर्मचारी को इतना मारा कि उसके पैर के अँगूठा में फ्रैक्चर हो गया, जबकि दूसरे कर्मचारी के सीने पर बैठकर उसे प्रताड़ित किया गया। यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है और इसकी कॉपी पुलिस थाने में मौजूद है।

जानकारी के अनुसार, मामला मुंबई के घंसोली जिले की है। यहाँ महाराष्ट्र के जलापूर्ति और स्वच्छता विभाग में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत IAS अधिकारी अमन मित्तल ने घर में वाईफाई कनेक्शन लगाने के लिए एयरटेल कंपनी में फ़ोन किया था। उनकी माँग पर एक इंजीनियर अमृतेश सिंह को उनके घर पर कनेक्शन लगाने के लिए भेजा गया था।

हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, जब अमृतेश सिंह वहाँ से कनेक्शन लगाकर निकल गए, तब अमन मित्तल दुबारा एयरटेल में फोन करने लगे। उनका कहना था कि वाईफाई सही काम नहीं कर रहा है। इस पर अमन के घर एक अन्य इंजीनियर सागर मंधेरे को भेजा गया। सागर के वहाँ पहुँचने पर अमन मित्तल और उसका भाई देवेश उन्हें गालियाँ देने लगे।

इस दौरान उनकी सहायता के लिए कॉल पर रहने वाले एयरटेल के कर्मचारी भूषण गूज्जर ने वहाँ खुद पहुँच गया। भूषण ने बताया कि वहाँ पहुँचकर देखा कि देवेश उनके साथी सागर की छाती पर बैठा है। इस पर जब भूषण और उसके साथ पहुँचे एक और कर्मचारी ने मामला सुलझाने की। इसके बाद दोनों उन पर झपट पड़े और पीटने लगे। बकौल भूषण, पिटाई के कारण उसके पैर के अंगूठे की हड्डी टूट गई है।

एयरटेल के कर्मचारियों का कहना है कि जब वे वहाँ पहुँचे थे तो वाईफाई सही काम कर रहा था। यह बताने पर आईएएस अफसर और उसका भाई खीझ गए। सागर ने कहा है कि इसी पर दोनों ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। उन्होंने सागर का हाथ मरोड़ा और उसकी छाती पर बैठ गए। उससे फ़ोन भी छीन लिया और वाईफाई का पैसा देने के लिए कहने लगे।

सागर का कहना है कि उसकी और भूषण की रॉड और पाइप से पिटाई की गई। उनका कहना है कि आईएएस अफसर ने पास के पुलिस थाने से पुलिस भी बुलाई। उन्होंने भी उन्हें पीटा। कर्मचारियों का कहना है कि इस पिटाई के निशान उनकी पीठ पर बने हुए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले में दबाव में काम कर रही है और उसने काफी कहने सुनने के बाद शिकायत दर्ज की।

हालाँकि, IAS अधिकारी ने भी क्रॉस एफआईआर दर्ज कराई है। इस मामले में किसी भी पक्ष की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। 2015 बैच के AIS अधिकारी अमन मित्तल जलगाँव के कलेक्टर और लातूर नगर निगम के आयुक्त रह चुके हैं। वर्तमान में महाराष्ट्र सरकार के जलापूर्ति और स्वच्छता विभाग में उपसचिव के पद पर तैनात हैं।

गौरतलब है कि आज (3 जनवरी 2023) को मध्य प्रदेश के शाजापुर से एक आईएएस अफसर का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह एक ड्राईवर को उसकी ‘औकात’ बता रहे थे। उनकी वीडियो पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्रवाई करते हुए अफसर को हटा दिया और आईएएस अफसर को हदों को जानने की अपील की थी।

सुप्रीम कोर्ट से भी महुआ मोइत्रा को नहीं मिली राहत, लोकसभा से निष्कासन पर रोक लगाने से इनकार: पैसे लेकर सवाल पूछने पर गई थी सांसदी

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (3 जनवरी 2024) को तृणमूल कॉन्ग्रेस नेता महुआ मोइत्रा की लोकसभा से निष्कासन के खिलाफ याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई जस्टिस संजीव खन्ना और दीपांकर दत्ता की बेंच ने की। बेंच ने इस मामले में महुआ मोइत्रा को लोकसभा से निष्कासन पर रोक लगाने से इनकार करते हुए उन्हें अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।

दरअसल, टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा ने लोकसभा से अपने निष्कासन पर रोक लगाने और संसदीय कार्यवाही में हिस्सा लेने की इजाजत देने की माँग वाली अपील सुप्रीम कोर्ट से की थी। हालाँकि, कोर्ट ने उनकी अपील ठुकरा दी। हालाँकि, कोर्ट ने निष्कासन के खिलाफ मोइत्रा की याचिका पर लोकसभा सचिवालय से दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है।

सुप्रीम कोर्ट की बेंच के मुताबिक, इस मामले पर अगली सुनवाई 11 मार्च 2024 से शुरू की जाएगी। बताते चलें कि महुआ मोइत्रा निष्कासन से पहले पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर निर्वाचन क्षेत्र से ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) से लोकसभा सांसद थीं।

महुआ की पैरवी करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट से कहा, “मुझे अंतरिम राहत पर बहस करने दीजिए। मुझे कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति दी जा सकती है।” इस पर कोर्ट ने कहा, “नहीं, नहीं। मामले की सुनवाई होने के दिन हम इस पर विचार करेंगे।” कोर्ट ने कहा कि लोकसभा सचिवालय के जवाब की जाँच के बाद इस पर विचार किया जाएगा।

जब सिंघवी ने कोर्ट से महुआ मोइत्रा की अंतरिम राहत पर नोटिस जारी करने की बात की तो कोर्ट ने जवाब दिया, “हम खारिज नहीं कर रहे हैं। यह कोई लंबी तारीख नहीं है, जो हमने दी है।” इसके साथ ही कोर्ट ने मामले की फरवरी में सुनवाई करने के सिंघवी के अनुरोध को भी ठुकरा दिया।

बताते चलें कि 8 दिसंबर 2023 को लोकसभा की आचार समिति ने महुआ मोइत्रा के सांसद के तौर पर अयोग्य ठहराए जाने की सिफारिश की थी। इसके बाद संसद से उनके निष्कासित का एक प्रस्ताव पास किया था। आचार समिति के पास ये सिफारिश बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे और सुप्रीम कोर्ट के वकील और मोइत्रा के एक्स ब्वॉयफ्रैंड जय अनंत देहाद्राई की शिकायत के बाद की गई थी।

टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने संसद में सवाल पूछने के बदले में एक उद्योगपति दर्शन हीरानंदानी से पैसे और महँगे गिफ्ट सहित कई तरह के फायदे लिए थे। हीरानंदानी अडानी समूह के प्रतिद्वंद्वी कारोबारी हैं और उनके इशारे पर महुआ ने संसद में कई सवाल पूछे। महुआ ने लोकसभा के अपने लॉग-इन क्रेडेंशियल भी हीरानंदानी से शेयर किए थे।

शीर्ष अदालत के सामने सुनवाई के दौरान महुआ मोइत्रा के वकील सिंघवी ने दलील दी कि उन्हें केवल इस आधार पर निष्कासित किया गया था कि उन्होंने अपने लोकसभा पोर्टल का लॉगिन पासवर्ड हीरानंदानी के साथ साझा किया था, लेकिन रिश्वतखोरी के आरोपों की जाँच नहीं की गई। मोइत्रा को गवाहों से जिरह करने की इजाजत नहीं दी गई।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 15 दिसंबर 2023 को इस केस सुनवाई की थी। तब जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा था कि कोर्ट को महुआ की अर्जी की फाइल पढ़ने का मौका नहीं मिला और इस केस की सुनवाई 3 जनवरी 2024 तक टल गई थी।

बताते चलें कि संसद से निष्कासन के बाद महुआ मोइत्रा को 7 जनवरी 2024 तक राजधानी दिल्ली में मिले सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस जारी हुआ था। इस नोटिस को चुनौती देने के लिए उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था। इससे पहले हाईकोर्ट ने बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे और वकील जयअनंत देहाद्राई के खिलाफ मोइत्रा द्वारा दायर मानहानि केस में अंतरिम राहत पर भी फैसला सुरक्षित रख लिया था।

उधर सुप्रीम कोर्ट से टीएमसी नेता महुआ को राहत से इंकार पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने चुटकी ली है। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “माननीय सुप्रीम कोर्ट ने अगली तिथि निर्धारित कर दी। चंद पैसों के लिए देश की सुरक्षा को बेचने वाली पूर्व सांसद की परेशानी बढ़ती हुई दिखाई दे रही है।”

विराट कोहली ने धनुष पर तीर का किया संधान, DJ बजाता रहा ‘राम सिया राम’: ‘ॐ’ वाले बैट के साथ मैदान में आए केशव महाराज तो कुछ ऐसा रहा नज़ारा

न्यूलैंड्स स्थित केपटाउन में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच मौजूदा सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच खेला जा रहा है, जिसमें दक्षिण अफ़्रीकी टीम मात्र 55 रनों पर ही ऑलआउट हो गई। भारत की तरफ से ‘मियाँ भाई’ मोहम्मद सिराज का जादू चला, जिन्होंने 9 ओवर में मात्र 15 रन देकर 6 विकेट झटक डाले। हालाँकि, इस दौरान कुछ हलके-फुल्के मोमेंट्स भी मैदान में देखने को मिले। इनमें से एक था जब विराट कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के केशव महाराज का स्वागत किया।

केशव महाराज दक्षिण अफ्रीका की तरफ से आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे। उस समय तक मात्र 45 रनों पर टीम के 7 विकेट गिर चुके थे। हालाँकि, केशव महाराज भी अपनी टीम की नैया को पार नहीं लगा सके और 13 गेंदों पर मात्र 3 रन बना कर मुकेश कुमार की गेंद जसप्रीत बुमराह को कैच थमा कर चलते बने। बता दें कि केशव महाराज के बल्ले पर ‘ॐ’ अंकित है और वो आस्थावान हिन्दू हैं। एक बार विकेट के पीछे से विकेटकीपर KL राहुल ने कहा भी था कि वो जब भी खेलने आते हैं तब ‘राम सिया राम’ वाला गाना बजता है।

बुधवार (3 जनवरी, 2024) को भी ऐसा ही हुआ और वो जैसे ही बल्लेबाजी करने आए, DJ ने ‘आदिपुरुष’ फिल्म का यही गाना बजाया। इस दौरान विराट कोहली का उत्साह देखने लायक था। उन्होंने धनुष पर तीर का संधान करने की मुद्रा का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया और फिर हाथ जोड़ कर प्रणाम किया। इस दौरान वो मुस्कुराते भी रहे। वनडे सीरीज के दौरान भी तीसरे मैच में यही गाना बजा था और KL राहुल की इस बात से केशव महाराज ने सहमति भी जताई थी कि वो आते हैं तो ये गाना बजाया जाता है।

विराट कोहली का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों ने भी उनकी तारीफ़ की। जहाँ भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच T20 सीरीज एक मैच के बारिश से धुल जाने के कारण ड्रॉ हुआ, वहीं वनडे सीरीज भारत ने 2-1 से जीत ली। हालाँकि, पहला टेस्ट मैच हारने के बाद भारत दूसरे टेस्ट मैच में अच्छी स्थिति में है। जहाँ यशस्वी जायसवाल शून्य रन बना कर आउट हुए वहीं कप्तान रोहित शर्मा ने 50 गेंदों पर 39 रनों की पारी खेली। इसके बाद शुभमन गिल और विराट कोहली ने पारी को सँभाला।

रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा से पहले जिस गीत को स्वर दे रहा देश, कौन है उसे आवाज देने वाली बिहार की बेटी स्वाति मिश्रा: PM मोदी ने भी किया शेयर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में श्रीराम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा से पहले स्वाति मिश्रा नाम की एक गायिका के गाने ‘राम आएँगे’ को X (पूर्व में ट्विटर) पर शेयर किया है। स्वाति का गया हुआ यह गाना बीते कुछ दिनों से काफी वायरल हो रहा है। प्रधानमंत्री ने इस गाने को साझा करते हुए लिखा, “श्री रामलला के स्वागत में स्वाति मिश्रा जी का भक्ति से भरा यह भजन मंत्रमुग्ध करने वाला है।”

प्रधानमंत्री के शेयर करने के बाद स्वाति का यह गाना और चर्चा में आ गया। स्वाति के अन्य गाने भी अब फेमस हो रहे हैं, टीवी चैनल उनके इंटरव्यू ले रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा अन्य नेताओं ने भी स्वाति का यह गाना शेयर किया है।

कौन हैं राम आएँगे गाने वाली स्वाति मिश्रा?

स्वाति बिहार के छपरा जिले की माला गाँव की रहने वाली हैं। स्वाति लम्बे समय से संगीत की शिक्षा ले रही हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि संगीत की शिक्षा लेने की शुरुआत उन्होंने स्थानीय स्तर पर ही की थी। उनकी संगीत की शिक्षा के शुरुआती गुरु पंडित रामप्रकाश मिश्रा थे। स्वाति ने संगीत में आगे की शिक्षा बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय और मुंबई से प्राप्त की है।

वह अभी मुंबई में गायन में करियर बना रही हैं। यहीं रहकर वह गाने बनाती हैं। इसके बाद वे इसे अपने यूट्यूब चैनलों पर गाने गाकर डालती हैं। उनके तीन यूट्यूब चैनल हैं। एक चैनल पर वह भक्ति संगीत डालती हैं और एक पर सामान्य गाने डालती हैं। एक अन्य चैनल पर वह अपने लाइफस्टाइल ब्लॉग डालती हैं। स्वाति के भक्ति चैनल पर 3 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं।

अपने चैनल पर ‘राम आएँगे’ गाने को उन्होंने 5 अक्टूबर 2023 को डाला था। तब से यह लगातार वायरल है। तमाम वीडियो को बनाने में इसका उपयोग बैकग्राउंड संगीत के तौर भी उपयोग किया जा रहा है। स्वाति के इन्स्टाग्राम पर 7.5 लाख से अधिक फॉलोवर हैं। यहाँ उन्होंने प्रधानमंत्री के भजन साझा करने की स्टोरी लगाई है। स्वाति का प्रधानमंत्री मोदी के शेयर करने के बाद उनके परिवार में काफी ख़ुश है।

रामलला पर गाया एक और गाना

स्वाति ने राम आएँगे गाना तब गाया था, जब मंदिर निर्माण जोर-शोर से चल रहा है। अब उन्होंने प्राण प्रतिष्ठा की तारीख निकट आने के बाद एक और गाना गाया है। उन्होंने यह गाना ‘राम आए हैं’ शीर्षक से गाया है। इसे उन्होंने अपने चैनल 2 जनवरी 2024 को डाला है।

खून से भरा अस्पताल, जमीन पर पड़ी लाश… गौने से पहले ही ‘मुल्ला मुलायम’ की गोली का शिकार हुए थे 16 साल के कारसेवक, जानिए किस हाल में आज है परिवार

अयोध्या में 22 जनवरी, 2024 को भगवान राम की जन्मभूमि पर उनके बाल स्वरूप रामलला मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा होगी। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पूरी दुनिया की कई बड़ी हस्तियों की मौजूदगी रहेगी। इसी दिन पूरे देश में एक बार फिर से दिवाली भी मनाई जाएगी। इस अवसर पर हिन्दू समाज उन तमाम कारसेवकों को श्रद्धाभाव से याद कर रहा है जिन्होंने अपने प्राण रामजन्मभूमि आंदोलन में न्योछावर कर दिए। उन्हीं तमाम ज्ञात-अज्ञात बलिदानियों में एक थे राजेंद्र धरकार।

30 अक्टूबर, 1990 को राजेंद्र ने महज 16 साल की उम्र में मुलायम सरकार के आदेश पर चली गोली अपने शरीर पर झेली थी। ऑपइंडिया की टीम ने राजेंद्र के घर पहुँच कर वर्तमान हालातों का जायजा लिया।

दिवंगत कारसेवक के घर में खाने के लाले

राजेंद्र धरकार का घर रामजन्मभूमि से महज आधे किलोमीटर की दूरी पर रहता है। घर नाले के बगल में बना है जिसे पार करने के लिए अस्थाई तौर पर एक सीमेंट का बेहद पतला रास्ता बनाया गया है। राजेंद्र के घर में उनकी 3 भतीजियाँ मिलीं जिन्होंने हमें बताया कि भले ही लोगों को घर मिल रहे हैं लेकिन उनको एक शौचालय तक नहीं मिल पाया। घर के आगे एक सप्लाई वाला नल है जिस से पानी टाइम पर आता और फिर चला जाता है। एक मंजिला मकान देख कर लगा कि कम से कम 2 दशक से वहाँ रंग-रोगन नहीं हुआ है।

प्लास्टर भी उखड़ रहे हैं। पड़ोस में राजेंद्र धरकार के चाचा का मकान है। वह टीन शेड का बना हुआ है जिसमें रहने के लिए ठीक से चारपाई भी नहीं दिखी।

राजेंद्र धरकार का घर और बाहर खड़ी उनकी भतीजियाँ

जब हम राजेंद्र के मकान के अंदर गए तब घुप अँधेरा मिला। पता चला कि बिजली जा चुकी है। बिजली का बोर्ड उखड़ा हुआ था। 2 कमरों के घर में 2 बल्ब लगे थे जो इन्वर्टर आदि न होने की वजह से बुझे थे। बर्तन इधर-उधर बिखरे पड़े दिखे। राजेंद्र की तीनों भतीजियों में सबसे बड़ी 18 साल की है। उन्होंने हमें बताया कि पैसे न होने की वजह से उनकी पढ़ाई भी बंद हो चुकी है। फ़िलहाल बलिदानी राजेंद्र के बड़े भाई चमन धरकार बाँस की टोकरियाँ आदि बना कर घर का गुजारा करते हैं।

अंदर से इस हाल में है राजेंद्र का घर

राजेंद्र का परिवार कई पीढ़ियों पहले आजमगढ़ जिले से अयोध्या काम-धंधे की तलाश में आया था। राजेंद्र के भाई रवींद्र के 3 बेटे भी हैं। 6 संतानों के इस परिवार के सदस्य जैसे-तैसे गुजारा कर रहे हैं। हालाँकि, रवींद्र को बेटियों की शादी में होने वाले खर्च की भी चिंता है। इसी वजह से वो सरकार से कोई स्थाई समाधान मिलने की उम्मीद लगाए हैं।

भक्ति में ग़रीबी नहीं है बाधा

बलिदान हुए राजेंद्र धरकार का परिवार भले ही बेहद अभाव में जी रहा है लेकिन ईश्वर भक्ति के निशान इस घर के कदम-कदम पर देखे जा सकते हैं। घर के बाहर नीम का पेड़ है जिसे राजेंद्र के परिजन माँ शीतना के तौर पर पूजते हैं। जब हम घर के अंदर गए तब कालिख लगी दीवारों पर महादेव शिव के पोस्टर लगे मिले। परिवार भगवान की तस्वीरों की नियमित रूप से साफ़-सफाई करता है।

घर की जर्जर दीवालों पर महादेव का चित्र

शादी हुई थी, गौना आने से पहले हो गए बलिदान

राजेंद्र धरकार की भतीजियों ने हमें बताया कि उनके पापा चमन उन्हें 1990 की घटना की कहानी बताते हैं। उन्होंने कहा कि उनके चाचा राजेंद्र भगवान राम के पक्के भक्त थे और बराबर जन्मभूमि का दर्शन करने जाते थे। 30 अक्टूबर, 1990 को जब राजेंद्र ने अपने ही घर के आगे देश भर से आए कारसेवकों का जमावड़ा देखा तो वो भी उनके बीच शामिल हो गए। वो कारसवेकों की भीड़ में विवादित ढाँचे की तरफ बढ़ने लगे। इसी दौरान गोलियाँ चलने लगीं और नाबालिग कारसेवक राजेंद्र वीरगति को प्राप्त हो गए।

राजेंद्र की भतीजियों ने हमें आगे बताया कि उनके चाचा की शादी तब तक हो चुकी थी लेकिन गौना नहीं आया था। गौना आने से पहले ही राजेंद्र बलिदान हो गए तो लड़की के घर वालों ने शादी कहीं और कर दी। तब राजेंद्र के भाई चमन भी उनके साथ कारसेवा में जाने की जिद कर रहे थे। हालाँकि, बताया गया कि राजेंद्र ने उन्हें परिवार का ध्यान रखने को कहा और अकेले ही चले गए। तब राजेंद्र के माता-पिता भी जीवित थे, जो अब दुनिया में नहीं हैं। परिवार में राजेंद्र के भाई चमन धरकार, उनकी पत्नी और 3 बेटियाँ हैं।

खून से भरा था श्रीराम हॉस्पिटल

राजेंद्र धरकारर की चाची माधुरी ने हमें बताया कि वो अपने भतीजे के साथ हुई घटना की गवाह हैं। उन्होंने बताया कि जब उन्हें पता चला कि राजेंद्र को गोली लग गई तब वो सब घटनास्थल की तरफ भागे। इस दौरान उन्हें पुलिस ने रोक लिया और आगे नहीं जाने दिया। माधुरी धरकार के मुताबिक, जैसे-तैसे वो लोग श्रीराम हॉस्पिटल पहुँच पाए। माधुरी ने याद किया कि अस्पताल में इतना ज्यादा खून फैला हुआ था कि उनके पैर भीग गए थे। दूर से गोलियाँ चलने की भी आवाज आ रही थीं। राजेंद्र को गोली सिर और पैर में मारी गई थी।

आँखों-देखा हाल बयाँ करतीं राजेंद्र की चाची माधुरी

जमीन पर फेंक दी गई थी लाश

माधुरी धरकार ने हमें आगे बताया कि अस्पताल में रखी हुई कई लाशों के बीच उन्होंने खोजबीन की और आखिरकार जमीन पर राजेंद्र की लाश पड़ी दिखी। जब राजेंद्र के घर वाले लाश को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने की कोशिश करने लगे तब उन्हें प्रशासन द्वारा रोक दिया गया। अस्पताल से शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया। पोस्टमार्टम हाउस पर राजेंद्र के परिजनों और प्रशासन के बीच झगड़ा हुआ। आखिरकार प्रशासन ने शव को इस शर्त पर उनके परिजनों को सौंपा कि वो इसे ले कर घर नहीं जाएँगे।

दिवंगत राजेंद्र की चाची ने हमें आगे बताया कि आखिरकार शव को अस्पताल से सीधे श्मशान घाट ले जाने की जिद पर उनके परिवार को मजबूर होना पड़ा। शव के साथ श्मशान तक पुलिस बल भी चल रहा था। माधुरी धरकार ने बताया कि भगवान के लिए बलिदान देने एक बावजूद किसी ने भी पिछले 3 दशक में उनके परिवार की तरफ झाँक कर नहीं देखा। हालाँकि, इस परिवार ने राम मंदिर बनने पर बेहद ख़ुशी जताई और इसे राजेंद्र का सपना साकार होने जैसा कहा। राजेंद्र धरकार के परिजनों को उम्मीद है कि वर्तमान सरकार अब बदले हालात में उनके घर पर ध्यान देगी और उनके हालात सुधारने में मदद करेगी।

कलेक्टर ने बताई ड्राइवर को औकात तो मध्य प्रदेश सीएम मोहन यादव ने बता दी उसकी हद कहा: ऐसी भाषा हमारी सरकार में बर्दाश्त नहीं…

मध्य प्रदेश सरकार अफसरशाही और आम लोगों से बुरे बर्ताव को बख्शने की मूड में नहीं है। इसका सुबूत मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने अपनी कार्रवाई से दे दिया है। दरअसल शाजापुर के कलेक्टर किशोर कन्याल द्वारा अपनी परेशानी लेकर आए ट्रक डाइवरों को ‘तुम्हारी क्या औकात है’ कहने पर हटा दिया गया है।

शाजापुर के कलेक्टर किशोर कन्याल ने एक ड्राइवर से बदतमीजी करते हुए उसकी औकात पूछ डाली थी। फिर क्या था, सरकार ने कलेक्टर कन्याल को उनके जिले शाजापुर से रवाना कर दिया। उनकी जगह नरसिंहपुर कलेक्टर ऋजु बाफना को शाजापुर के नए नया कलेक्टर के तौर पर तैनाती दी गई।

मध्य प्रदेश के सीएम, ‘मैं कभी क्षमा नहीं करूँगा’

सीएम मोहन यादव ने इस कार्रवाई से सरकारी अधिकारियों को सख्त मैसेज दे दिया है कि अगर वो जनता के साथ सही तरीके से पेश नहीं आते हैं तो वे कार्रवाई के लिए तैयार रहें। सीएम यादव ने कहा, “मेरे ध्यान में लाया गया है कि कल ट्रक ड्राइवर और जिला प्रशासन की बैठक में शाजापुर के अंदर जिस प्रकार से भाषा बोली गई है, एक अधिकारी का ऐसी भाषा बोलना उचित नहीं है। ये सरकार गरीबों की सरकार है। यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में हम गरीब उत्थान के लिए काम करते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “हर एक अधिकारी को… चाहे वो जितना भी बड़ा अधिकारी हो, उसे काम का सम्मान करना चाहिए और भाव का भी सम्मान करना चाहिए। इसलिए मनुष्यता के नाते ऐसी भाषा कम-से-कम हमारी सरकार में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मैं खुद मजदूर का बेटा हूँ। इस नाते मैं उम्मीद करता हूँ कि अगर इस तरह से अधिकारी भाषा बोलते हैं तो उनको मैदान में रहने का अधिकार नहीं है।”

सीएम मोहन यादव ने कहा, “मै उम्मीद करता हूँ कि दोबारा जो अधिकारी आएगा वो इस तरह की भाषा का और व्यवहार का ध्यान रखेगा। इस तरह की जो भाषा बोली जाती है, उसको लेकर मेरे मन में बहुत पीड़ा होती है। मैं कभी क्षमा नहीं करूँगा इस तरह की बातों को।”

कलेक्टर ने माँग ली थी माफी

दरअसल शाजापुर के कलेक्टर किशोर कन्याल और ट्रक ड्राइवर्स की हड़ताल के बीच का एक वीडियो मंगलवार (2 जनवरी 2024) को सोशल मीडिया पर आया था। इस बैठक के दौरान कलेक्टर कान्याल ड्राइवर से ‘औकात’ पूछते दिख रहे हैं। हालाँकि, मीडिया में बवाल होने के बाद उन्होंने अपने शब्दों के चयन पर अफसोस जताते हुए माफी माँग ली थी।

कलेक्टर कान्याल ने कहा था, “जिला और पुलिस प्रशासन ने जिले के 250 ड्राइवर्स की कलेक्टर ऑफिस में बैठक बुलाई थी। सोमवार को उनमें से कई ड्राइवर्स ने बहुत उपद्रव मचाया था। इसी वजह से इस बैठक में ड्राइवरों को समझाया जा रहा था वो कि कानून को हाथ में न लें। लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जताएँ।”

उन्होंने आगे कहा था, “इस दौरान बैठक में शामिल एक व्यक्ति बार-बार बातचीत में खलल डाल रहा था और कह रहा था कि 3 जनवरी 2024 तक हमारी माँगे नहीं मानी गई तो हम किसी भी स्तर पर जा सकते हैं। इसी दौरान मेरे मुँह से शब्द निकल गया था। यदि किसी को मेरी बातचीत से दुख पहुँचा हो तो माफी चाहता हूँ।”

‘हिट-एंड-रन’ नए कानून पर बवाल

केंद्र सरकार के ‘हिट-एंड-रन’ वाले नए कानून को वापस लेने की माँग को लेकर 1 जनवरी और 2 जनवरी 2024 को देशभर में प्रदर्शन हुए थे। मध्य प्रदेश में भी ड्राइवर काम ठप करके अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इससे आम लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। शाजापुर जिले में ड्राइवर्स एसोसिएशन से बातचीत के लिए प्रशासन ने बैठक बुलाई थी। इसी बैठक के दौरान कलेक्टर के मुँह से एक ड्राइवर के लिए ‘औकात’ शब्द निकल गया था।

वाहन चालकों से जुड़े ‘हिट-एंड-रन’ दुर्घटना मामलों में भारतीय दंड संहिता (IPS) के प्रावधानों की जगह नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधान लाए गए हैं। इसके तहत लापरवाही से गाड़ी चलाकर गंभीर सड़क दुर्घटना की वजह बनने वाले शख्स पर कार्रवाई करने के साथ ही उसके पुलिस या प्रशासन के किसी भी अधिकारी को सूचित किए बगैर फरार होने पर 10 साल तक की सजा या 7 लाख रुपए तक के जुर्माना हो सकता है।

दक्षिण अफ्रीका 55 पर ऑल आउट, सिराज ने 15 रन देकर ढाहे 6 विकेट: 92 साल के बाद सबसे शर्मनाक स्कोर, एशियाई देशों की अभी तक की BEST गेंदबाजी

भारत-दक्षिण अफ्रीका सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच में भारतीय क्रिकेट टीम ने दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम को लंच से पहले महज 55 रनों पर ढेर कर दिया है। मोहम्मद सिराज ने अपनी गेंदबाजी से कहर बरपा दिया और महज 9 ओवरों के अपने स्पेल में 6 बल्लेबाजों को पवैलियन की राह दिखाई। दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों में सिर्फ दो बल्लेबाज ही दहाई का आँकड़ा छू सके, तो तीसरा सबसे बड़ा स्कोर 5 रन एक्ट्रा का रहा। भारत के लिए सिराज के अलावा जसप्रीत बुमराह और मुकेश कुमार ने 2-2 विकेट लिए।

फोटो साभार: ESPN

दक्षिण अफ्रीकी टीम के टेस्ट मैच में सबसे कम रन बनाने की बात करें तो एशियाई देशों के खिलाफ 55 रन इनका सबसे कम स्कोर है।

दक्षिण अफ्रीका ने जीता टॉस, पहले बल्लेबाजी का फैसला

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच केपटाउन में दूसरा टेस्ट मैच खेला जा रहा है। दक्षिण अफ्रीकी कप्तान डीन एल्गर ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। लेकिन शुरुआत से ही मोहम्मद सिराज ने ऐसा कहर बरपाया कि पूरी टीम लंच से पहले ही महज 23.2 ओवरों में सिर्फ 55 रन बनाकर आल आउट हो गई। दक्षिण अफ्रीकी टीम को पहला झटका महज 5 रनों के कुल योग पर लगा, जब अपने दूसरे ही ओवर में सिराज ने ऐडेन मार्कम को महज 2 रनों के निजी स्कोर पर यशस्वी जायसवाल के हाथों कैच आउट करा दिया। इसके बाद महज 8 रनों के स्कोर पर सिराज ने कप्तान डीन एल्गर को 4 रनों के कुल स्कोर पर पवैलियन पहुँचाया। वो प्लेडऑन हो गए। इसके बाद तीसरा विकेट महज 11 रनों के कुल स्कोर पर गिरा। दक्षिण अफ्रीका के लिए विकेट कीपर बल्लेबाज काइल वेरेन ने सर्वाधिक 15 रन बनाए तो डेविड बेडिंघम ने 12 रन बनाए। बाकी कोई भी बल्लेबाज 5 रन के ऊपर नहीं पहुँच पाया।

केपटाउन की पिच पर गेदबाजी के लिए बुलाए जाने पर भारतीय गेंदबाजों ने कहर ढा दिया। नई गेंद से कमाल की गेंदबाजी करते हुए मोहम्मद सिराज ने महज 9 ओवरों में 3 ओवर मेडन रखते हुए 15 रन देकर 6 विकेट झटके। जसप्रीम बुमराह ने 8 ओवर में एक मेडन रखते हुए 25 रन देकर 2 विकेट लिए। मुकेश कुमार ने महज 2.2 ओवरों में बिना कोई रन खर्च किए 2 विकेट लिए। प्रसिद्ध कृष्णा अकेले बॉलर रहे, जिन्होंने 4 ओवर गेंदबाजी की, लेकिन उन्हें कोई विकेट नहीं मिला।

दोनों टीमों ने किया बदलाव

इस मैच के लिए दोनों ही टीमों ने बदलाव किया है। दक्षिण अफ्रीकी टीम में तीन बदलाव हुए हैं, जिसमें कोएत्जी की जगह लुंगी एन्गिडी को टीम में जगह मिली है, कप्तान तेंबा बावुमा चोट की वजह से बाहर हो चुके है, उनकी जगह तृस्तन स्टब्स को जगह मिली है, तो कीगन पीटरसन की जगह केशव महाराज को टीम में जगह मिली है। वहीं, भारतीय टीम ने दो बदलाव किए हैं। रविचंद्रन अश्विन की जगह रविंद्र जडेजा को मौका मिला है, तो शार्दूल ठाकुर की जगह मुकेश कुमार को टीम में शामिल किया गया है।

केपटाउन टेस्ट के लिए दोनों टीमें:

भारतीय टीम : यशस्वी जायसवाल, रोहित शर्मा (कप्तान), शुबमन गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, के एल राहुल (विकेट कीपर), रविंद्र जडेजा, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और मुकेश कुमार

दक्षिण अफ्रीकी टीम : ऐडेन मार्कम, डीन एल्गर (कप्तान), टोनी डे जॉर्जी, तृस्तन स्टब्स, डेविड बेडिंघम, काइल वेरेन (विकेट कीपर), मैक्रो जेंसन, केशव महाराज, कगिसो रबाडा, नांद्रे बर्गर और लुंगी एन्गिडी

शबनम की बेटी की हो रही थी सगाई, दावत के लिए था 70 किलो गोमांस: पुलिस छापेमारी में बछड़े के आठ पाँव भी मिले

मध्य प्रदेश के खंडवा में खुलेआम गौ-हत्या कर सगाई समारोह में उसके मांस की दावत उड़ाई जा रही थी। आरोपितों को न तो प्रशासन का डर है और न ही कानून का। जानकारी मिलते ही पुलिस ने आरोपितों के घर पहुँचकर 60 किलोग्राम अधपका मांस बरामद किया है। इसके साथ ही 10 किलोग्राम कच्चा मांस भी फ्रिज से बरामद किया है। पुलिस को हत्या की गई गायों के 8 पैर भी पॉलिथीन में बरामद किए हैं।

जानकारी के मुताबिक, मामला खंडवा के जावर थाना क्षेत्र का है। यहाँ के फोकटपुरा मुंदवाड़ा में मंगलवार (02 जनवरी 2024) को शबनम बीबी की बेटी यासरा (19 वर्ष) की सगाई का कार्यक्रम था। इसमें अतिथियों के लिए गौमांस पकाई गई थी। हालाँकि, सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँच गई। पुलिस ने मांस को अपने कब्जे में लेकर उसकी जाँच के लिए भेज दिया है। इसके साथ ही मामला दर्ज करके घरवालों से पूछताछ की है।

अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं

पुलिस से पूछताछ में शबनम बीबी ने बताया कि उसने 4000 रुपए देकर जावेद पुत्र शेख बाबू से ये मांस मंगाया था। जावेद ही पशुओं को काटने का काम करता है। शबनम ने कहा कि उसे नहीं पता था कि ये गौमांस है या कुछ और। पुलिस ने मामले में शबनम बीबी की बेटी को मुख्य आरोपित बनाया है और अपराध एफआईआर नंबर 0004/2024 में धारा 5/9 गौवंश प्रतिशेध अधिनियम 2004 के तहत केस दर्ज किया है।

चूँकि सगाई समारोह का आयोजन था, इसलिए पुलिस ने नरमी बरती। प्रतिबंधित मांस को जब्त होने के बावजूद किसी को मौके से गिरफ्तार नहीं किया गया। अभी जाँच की जा रही है और आरोपितों को बुधवार (03 जनवरी 2024) को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। खंडवा के जावर थाना प्रभारी गंगा प्रसाद वर्मा ने ऑपइंडिया से बातचीत में मामले की पुष्टि की है।

उन्होंने बताया कि पुलिस टीम दूसरे केस में छापेमारी के लिए इलाके में गई थी। वहाँ मुखबिर से सूचना मिली थी कि फोकटपुरा मुंडवारा में एक सगाई समारोह में गौमांस बनाया जा रहा है। इसके बाद पुलिस टीम वहाँ पहुँची। उन्होंने बताया कि घटनास्थल से 60 किलो अधपका और 10 किलो फ्रिज में रखा हुआ गोमांस मिला। इसके अलावा मौके पर 8 पैर भी मिले हैं, जो पॉलिथीन में रखे गए थे।

टीआई गंगा प्रसाद वर्मा ने बताया कि पुलिस द्वारा खंडवा के पशु चिकित्सालय में बरामद मांस के सैंपल को जाँच के लिए भेजा गया है। वहाँ, पशु डॉक्टर- डॉक्टर प्रिया सिसोदिया, डॉक्टर नीरज कुमुद और डॉक्टर नवीन तिवारी की टीम ने सैंपल की जाँच की। जाँच की मौखिक रिपोर्ट में गोमांस की पुष्टि हुई। इसकी विस्तृत रिपोर्ट 36 घंटे बाद देने के लिए कहा है।

गंगा प्रसाद वर्मा ने कहा कि बचे हुए गोवंश के अवशेषों को वापस थाने लाया गया और विधिपूर्वक कार्रवाई कर नष्टीकरण किया गया। किसी के गिरफ्तार के न होने के सवाल पर गंगा प्रसाद वर्मा ने बताया कि मामला सगाई समारोह का था, इसलिए कड़ी कार्रवाई नहीं की गई। कहीं सांप्रदायिक सौहार्द न बिगड़ जाए, इसी वजह से सावधानी बरती गई।

उन्होंने कहा कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपितों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि जाँच के साथ ही जरूरी हुई तो आगे भी धाराएँ बढ़ाई जाएँगी। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि किसी भी आरोपित को छोड़ा नहीं जाएगा।

‘साक्षी-बजरंग-विनेश फोगाट ने कर दिया कुश्ती को बर्बाद’: जंतर-मंतर पर जूनियर पहलवानों का प्रदर्शन, कहा – WFI को बहाल कर हमारा करियर बचाओ

दिल्ली के जंतर मंतर पर अब जूनियर पहलवानों का प्रदर्शन चालू हो गया है। इस बार जंतर मंतर पर कई जगह से आए पहलवानों ने पहलवान साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट के खिलाफ प्रदर्शन किया है। यहाँ प्रदर्शन करने पहुँचे पहलवानों ने बजरंग, साक्षी और विनेश पर अपना करियर बर्बाद करने का आरोप लगाया है। बता दें कि ‘भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI)’ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण के खिलाफ प्रदर्शन में ये तीनों सक्रिय थे और इन्होंने हाल ही में अवॉर्ड वापसी भी की है।

जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने पहुँचे पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ को फिर से बहाल किए जाने की माँग भी की है। दिल्ली में पहुँचे इन पहलवानों ने साक्षी, बजरंग और विनेश के खिलाफ नारे लगाए और पोस्टर लहराए। ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया (TOI)’ की रिपोर्ट में बताया गया है कि यह पहलवान दिल्ली के नरेला और उत्तर प्रदेश के बागपत तथा अन्य स्थानों से बसों में आए थे। इन्होने इन तीनों पहलवानों के खिलाफ भारतीय कुश्ती को बर्बाद करने का आरोप लगाया है।

इन पहलवानों ने ‘साक्षी, बजरंग और विनेश फोगाट – इन्होंने भारतीय कुश्ती को कर दिया बर्बाद’ और बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक हाय-हाय के नारे भी लगाए। इनमें से अधिकांश जूनियर पहलवान थे। इनका कहना था कि बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक के लगातार प्रदर्शन और अवरोध उत्पन्न करने के कारण उनका करियर प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने हाल ही में खेल मंत्रालय द्वारा निलंबित किए गए नवनिर्वाचित कुश्ती संघ को भी बहाल करने की माँग उठाई। प्रदर्शन करने वाले जूनियर पहलवान और कोच ने कहा कि उनकी माँगे न मानी गई और कुश्ती महासंघ को वापस बहाल नहीं किया तो वो अर्जुन अवॉर्ड लौटा देंगे।

गौरतलब है कि बीते वर्ष से साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट भारतीय कुश्ती महासंघ के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। पहले उनकी माँग थी कि तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को हटाया जाए। पहलवानों ने सिंह पर यौन शोषण के आरोप भी लगाए थे। हालाँकि, इस बार के कुश्ती महासंघ के चुनावों में बृजभूषण शरण सिंह प्रत्याशी नहीं थे। दिसम्बर, 2023 में इस बार संजय सिंह भारतीय कुश्ती महासंघ का चुनाव जीता था।

हालाँकि, कुछ दिनों बाद ही संजय सिंह की अध्यक्षता वाले कुश्ती महासंघ को खेल मंत्रालय ने निलंबित कर दिया था। भारत में कुश्ती महासंघ को चलाने की जिम्मेदारी खेल मंत्रालय ने एक समिति को दी थी। हालाँकि, जंतर मंतर पर 3 जनवरी, 2024 को प्रदर्शन करने पहुँचे पहलवान कुश्ती महांसघ की बहाली चाहते हैं।