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पश्चिम बंगाल के स्कूलों में 8611 कर्मचारियों की नियुक्ति में हुआ घोटाला: WBSSC ने कलकत्ता हाईकोर्ट में भी माना, OMR शीट में गड़बड़ी कर के हुई थी भर्तियाँ

कलकत्ता उच्च न्यायालय में दायर किए गए एक एफिडेविट में शुक्रवार (22 दिसंबर, 2023) को ‘वेस्ट बंगाल स्टेट सर्विस कमीशन (WBSCC)’ ने कबूल किया है कि राज्य सरकार द्वारा संचालित स्कूलों में 8611 कर्मचारियों की नियुक्ति में अनियमितताएँ हुई हैं। संस्था ने माना है कि 2016 में इसके लिए हुई 3 परीक्षाओं में नियमों का उल्लंघन किया गया है। ये परीक्षाएँ कक्षा 9-10 को पढ़ने वाले शिक्षकों, ग्रुप C एवं D के कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए आयोजित की गई थीं।

ये भी सामने आया है कि ग्रुप D के 2823 कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए हुई परीक्षाओं में लगभग 170 लोगों को सीधे नौकरी दे दी गई, उन्हें कोई रिकमेंडेशन लेटर तक इशू नहीं किया गया। साथ ही OMR (ऑप्टिकल मार्किंग रीडर) शीट्स में भी गड़बड़ी की गई थी। वहीं ग्रुप C के लिए 3800 कर्मचारियों की भर्ती की गई थी। इसमें भी गड़बड़ OMR शीट्स का इस्तेमाल किया गया। 77 को बिना किसी रिकमेंडेशन लेटर के ही नौकरी दे दी गई।

वहीं कक्षा 11-12 के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए 907 लोगों को OMR में गड़बड़ी कर के नियुक्ति दी गई, वहीं 39 लोगों को सीधे ऊँचे रैंक की नौकरी दे दी गई। कक्षा 9-10 के शिक्षकों के लिए 183 लोगों को नौकरियाँ दी गईं। OMR फ्रॉड कर के इस तरह कुल 972 कर्मचारियों को नौकरी दी गई। पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला को SSC घोटाले के नाम से भी जाना जाता है, जिसके लिए ‘स्टेट लेवल सेकेलशन टेस्ट (SLST)’ के तहत परीक्षाएँ ली जाती हैं।

2014 में पश्चिम बंगाल SSC ने ही घोषणा की थी कि SLST के जरिए राज्य द्वारा संचालित स्कूलों में भर्तियाँ की जाएँगी। 2016 में हायरिंग की प्रक्रिया शुरू की गई। उस समय पार्था चटर्जी राज्य में उच्च शिक्षा मंत्री हुआ करते थे। हायरिंग की प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय में कई याचिकाएँ दायर की गई थीं। कम मार्क्स वाले कई अभ्यर्थियों को ऊँची रैंक दे दी गई। जो मेरिट लिस्ट में नहीं थे, उन्हें भी नियुक्ति पत्र मिल गया।

2016 में ‘स्कूल सर्विस कमीशन (SSC)’ द्वारा राज्य द्वारा संचालित एवं समर्थित स्कूलों में ग्रुप D कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए एक अलग अधिसूचना जारी की गई थी। रिक्रूमेंट 2019 में ही एक्सपायर हो गया था। लेकिन, आरोप है कि WBBSE ने 25 लोगों की नियुक्ति कर दी। सुनवाई के दौरान पता चला कि 25 नहीं बल्कि 500 लोगों की नियुक्ति उस पैनल ने कर दी जो एक्सपायर हो चुका था। CBI ने पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री परेश अधिकारी और उनकी बेटी अंकिता के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

‘नीतीश को PM का सपना दिखाया, तेजस्वी को CM का’: RLJD चीफ उपेंद्र कुशवाहा ने बताया कैसे हर मोर्चे पर फेल होकर इस्तीफा दे रहे ललन सिंह, याद दिलाई भविष्यवाणी

बिहार की सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह द्वारा अपने पद से इस्तीफा देने की चर्चा हो रही है। हालाँकि, ललन सिंह ने इससे इनकार किया है। इस बीच राष्ट्रीय लोक जनता दल (RLJD) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने नीतीश कुमार और ललन सिंह पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ललन सिंह हर मामले में फेल साबित हुए हैं। इसलिए वे खुद इस्तीफा दे रहे हैं।

नीतीश कुमार के करीबी रहे उपेंद्र कुशवाहा ने मंगलवार (26 दिसंबर 2023) को कहा, “ललन सिंह नीतीश कुमार को बड़े-बड़े सपने दिखाए कि आप प्रधानमंत्री बन जाइएगा, लेकिन इंडिया गठबंधन की चार बैठक हुई और उन्हें कन्वीनर भी नहीं बनाया गया। इससे ललन सिंह हताश हैं और वह इस मामले में फेल हो गए हैं।” 

RLJD चीफ ने कहा, “सारी बातें साफ-साफ दिखने लगी हैं। हम तो उसी वक्त कहते थे कि RJD के साथ जाकर तेजस्वी के नाम की घोषणा नीतीश जी के द्वारा किया जाना आत्मघाती कदम है। अब ये साबित हो रहा है कि कैसे आत्मघाती कदम है। JDU अब कहीं का नहीं रहा। नीतीश जी की साख मिट्टी में मिल गई। इन लोगों का क्या? कुल मिला-जुलाकर वही साबित हो रहा है, जो हमने कहा था।”

भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) में सीएम नीतीश के शामिल होने के सवाल पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, “नीतीश कुमार के एनएडीए में वापसी के सवाल पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, अगर वे NDA में आना चाहते हैं तो यह भारतीय जनता पार्टी को फैसला लेना है। सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी है। बीजेपी के साथ उनका गठबंधन रहा है, उनका संबंध रहा है। इसमें हम अपनी ओर से कोई टिप्पणी करें, यह सही नहीं है।”

नीतीश कुमार को NDA में शामिल कराने के सहयोग करने को लेकर उन्होंने कहा, “नीतीश जी अगर सार्वजनिक रूप से घोषणा करें कि RJD से उनका संबंध टूट गया। इसके बाद NDA गठबंधन में फिर से शामिल होने की बात होगी तो फैसला बीजेपी के लोग करेंगे, लेकिन नीतीश जी के लिए पैरवी हम जरूर कर देंगे।”

RLJD चीफ ने कहा कि ललन सिंह ने लालू यादव को आश्वासन दिया था कि वह जेडीयू का आरजेडी में विलय करवा देंगे। इसके बाद तेजस्वी यादव बिहार के मुख्यमंत्री बन जाएँगे। उन्होंने कहा कि ललन सिंह ने लालू यादव को जो सपना दिखाया था, उसमें वे फेल हो गए। अब लालू और नीतीश दोनों के मामले में ललन सिंह फेल हो गए तो वह अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए इस्तीफा देने जा रहे हैं।

बता दें कि मंगलवार को खबर आई की जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालाँकि, आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की गई। ललन सिंह ने भी एक न्यूज चैनल से कहा कि उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि 29 दिसंबर को दिल्ली में JDU की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होने जा रही है और उन्हें जो कुछ भी कहना होगा, उसी में वे कहेंगे।

मटन में नहीं थी नल्ली, बिना दुल्हन वापस लौट गए बाराती: तेलंगाना में शादी हुई रद्द, पुलिस के मान-मनौव्वल से भी नहीं बनी बात

तेलंगाना में लड़ाई-झगड़े के बाद एक शादी कैंसल हो गई और इसका कारण बना – मटन। ये हूबहू ऐसा ही हुआ, जो एक तेलुगू फिल्म में भी कभी दिखाया गया था। बाद में स्थिति ऐसी बन गई कि शादी ही रद्द करनी पड़ी। दरअसल, बाराती के स्वागत में दुल्हन के परिजनों ने मांसाहारी भोजन की व्यवस्था की थी। बारात में आए लोगों को मटन तो परोसा गया था, लेकिन उसमें बोन मैरो (हड्डी समेत मटन का वो पीस जिसे चूसा जा सके), जिसे नल्ली भी कहते हैं – वो मौजूद नहीं था।

मटन के साथ नल्ली न सर्व किए जाने के कारन बाराती भड़क गए। बारातियों को ये सब इतना बुरा लगा कि उन्होंने शादी ही कैंसल कर दी। तेलुगू फिल्म ‘बालागम’ में कुछ ऐसा ही दिखाया गया है। सबसे पहले इसे लेकर दूल्हा और दुल्हन के छोटे भाई के बीच विवाद हुआ। इसके बाद शादी ही रद्द हो गई। दुल्हन जहाँ निजामाबाद जिले की रहने वाली थी, वहीं दूल्हा जागतियाल जिले का है। दुल्हन के घर पर ही दोनों पक्षों के परिजनों की मौजूदगी में सगाई हुई थी।

इसके बाद दोनों परिवारों ने भव्य और परंपरागत तरीके से शादी की योजना बनाई। बारात के स्वागत के लिए मटन की व्यवस्था की गई थी। शादी में बाकी सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन अचानक से मटन के साथ बोम मैरो न मिलने के कारण विवाद पैदा हो गया। दोनों पक्षों में फिर झगड़ा शुरू हो गया। मामला थाने तक भी पहुँच गया। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने के लिए हस्तक्षेप किया, लेकिन दूल्हा पक्ष अपने फैसले पर अड़ा रहा। दूल्हा पक्ष के लोगों का कहना था कि नल्ली वाला मटन न मिलना उनका अपमान है।

दूल्हे के घर वाले शादी रद्द कर के निकल गए। पुलिस भी इस बात से सन्न रह गई कि सिर्फ नल्ली वाले मटन के कारण शादी कैंसल हो गई। दूल्हा पक्ष का कहना था कि दुल्हन पक्ष ने जानबूझकर उनसे ये बात छिपाई कि मेनू में बोन मैरो नहीं है। बता दें कि मार्च 2023 में ही तेलुगू फिल्म ‘बालागम’ रिलीज हुई थी। इसमें भी कुछ ऐसा ही दिखाया गया है कि नल्ली वाला मटन नहीं मिलता है तो फिर शादी ही रद्द हो जाती है। अब वास्तविकता में कुछ ऐसा ही हुआ है।

कौन हैं 25 साल की डॉक्टर सवीरा प्रकाश, पाकिस्तान के चुनावों में एक हिंदू महिला की इतनी चर्चा क्यों: जानिए सब कुछ

पाकिस्तान में साल 2024 में आम चुनाव होने हैं। इसके लिए एक हिंदू महिला ने नामांकन दाखिल किया है। इस हिंदू महिला का नाम डॉक्टर सवीरा प्रकाश है। इसके साथ ही डॉक्टर प्रकाश वहाँ की आम चुनावों में नामांकन दाखिल करने वाली अल्पसंख्यक समुदाय की पहली महिला बन गई हैं। वो खैबर पख्तूनख्वा के बुनेर जिले की रहने वाली हैं और MBBS की पढ़ाई की है।

पाकिस्तान के अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टर प्रकाश ने इस मुस्लिम मुल्क में सामान्य सीट पर बिलावल भुट्टो जारदारी की पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) से नामांकन दाखिल किया है। कौमी वतन पार्टी से जुड़े एक स्थानीय राजनेता सलीम खान ने कहा कि सवीरा प्रकाश बुनेर सीट पर पहली बार कोई महिला चुनाव लड़ेगी।

वहीं, 25 साल की सवेरा प्रकाश ने डॉन को बताया कि उन्होंने 23 दिसंबर 2023 को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। सवीरा बुनेर में पीपीपी की महिला विंग की महासचिव हैं। सवीरा के पिता भी डॉक्टर हैं। वे हाल ही में रिटायर हुए हैं। वे भी पिछले 35 सालों से PPP के सक्रिय कार्यकर्ता हैं।

डॉक्टर सवीरा प्रकाश ने साल 2022 में एबटाबाद इंटरनेशनल मेडिकल कॉलेज से स्नातक किया है। उन्होंने कहा कि वह अपने नक्शे-कदम पर चलते हुए क्षेत्र के गरीबों के लिए काम करना चाहती हैं। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र में महिलाओं के कल्याण के लिए काम करने, उनके लिए सुरक्षित जगह पक्की करने की इच्छा जाहिर की है।

सवीरा का कहना है कि पाकिस्तान में महिलाओं को दबाया गया है, उनकी उपेक्षा की गई है। विकास के क्षेत्र में उनकी अनदेखी की गई है। उन्होंने महिलाओं को उनका हक दिलाने में मदद करने की बात कही है। उनके मुताबिक, बिलावल भुट्टो ने उनके पिता से उन्हें सामान्य सीट से चुनाव लड़ाने का अनुरोध किया था।

उनका कहना था कि एक डॉक्टर की हैसियत से उन्होंने पाकिस्तान के सरकारी अस्पतालों में खराब प्रबंधन और बदहाल स्थिति को देखा। इसके बाद उनके दिल में एक चुनाव लड़ने का ख्वाब पलने लगा। उन्होंने कहा कि खुद का मेडिकल बैकग्राउंड की वजह से इंसानियत की खिदमत करना उनके खून में है।

डॉन ने बुनेर के एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर इमरान नौशाद खान के हवाले से लिखा है कि उन्होंने राजनीतिक पार्टी की परवाह किए बगैर सवीरा का तहे दिल से समर्थन किया है। नौशाद का कहना था कि सवीरा पारंपरिक पितृसत्ता की कायम रूढ़ियों को तोड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि बुनेर के पाकिस्तान में विलय के बाद एक महिला को आगे बढ़ने और चुनाव लड़ने में 55 साल लग गए।

बताते चलें कि पाकिस्तान चुनाव आयोग के हालिया संशोधनों के मुताबिक, सामान्य सीटों पर पाँच फीसदी महिला उम्मीदवारों को शामिल करना जरूरी है। पाकिस्तान में नामांकन की आखिरी तारीख 24 दिसंबर 2023 थी और वहाँ 8 फरवरी 2024 को आम चुनाव के लिए मतदान होना है। 11 जनवरी को उम्मीदवारों की सूची जारी होगी और 12 जनवरी तक इच्छुक उम्मीदवार अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। 

एक के नाम में सीताराम, दूसरी के माथे पर बिंदी… पर नफरत राम मंदिर से ही: रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा में शामिल नहीं होंगे वामपंथी

अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी, 2024 को होनी है। भारत की वामपंथी पार्टियों ने इस आयोजन का बहिष्कार कर दिया है। CPI(M) की पोलितब्यूरो की सदस्य वृंदा करात ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समरोह में शामिल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करती है लेकिन एक धार्मिक कार्यक्रम को राजनीति से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने इसे धार्मिक अनुष्ठान का राजनीतिकरण बताते हुए गलत करार दिया।

बता दें कि भारत के वामपंथी नेता अपने ही देश और इसकी संस्कृति से नफरत के लिए जाने जाते हैं। हिन्दू धर्म को लेकर उनकी नफरत और चीन को लेकर उनकी वफादारी जग-जाहिर है। वृंदा करात ने कहा कि राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में न जाने के पीछे उनकी पार्टी की बुनियादी सोच है। उन्होंने इस कार्यक्रम के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगते हुए कहा कि संविधान के हिसाब से भारत की सत्ता किसी धार्मिक रंग का नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि ये लोग जो कर रहे हैं वो सही नहीं है, बिलकुल सही नहीं है। वहीं CPI(M) पोलितब्यूरो के एक अन्य सदस्य सीताराम येचुरी ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि उन्होंने प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के संबंध में किसी को कुछ नहीं कहा है। बकौल सीताराम येचुरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्व प्रधान सचिव और ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ ट्रस्ट की कंस्ट्रक्शन कमिटी के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा कुछ VHP नेताओं के साथ उनके पास आए थे।

सीताराम येचुरी ने कहा कि उन्होंने उनलोगों को कॉफी का ऑफर दिया, जिसे उन्होंने नकार दिया। सीताराम येचुरी ने कहा कि बात वहीं खत्म हो गई। उन्होंने कहा कि धर्म हर व्यक्ति की व्यक्तिगत पसंद होती है जिसका वो सम्मान करते हैं और उसकी सुरक्षा करते हैं, सबको अपनी आस्था के स्वरूप के चयन का अधिकार है। उन्होंने संविधान और सुप्रीम कोर्ट की बात करते हुए कहा कि सत्ता का धर्म से कोई संबंध नहीं होना चाहिए लेकिन राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह को राज्य द्वारा आयोजित कार्यक्रम बनाया जा रहा है।

उन्होंने इससे आपत्ति जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस कार्यक्रम में शिरकत करने वाले हैं। सीताराम येचुरी ने कहा कि लोगों की धार्मिक आस्थाओं का राजनीतिकरण किया जा रहा है, जो संवैधानिक नहीं है। उन्होंने कहा कि इसी कारण वो अफ़सोस जताते हैं कि वो इस समारोह का हिस्सा नहीं बन पाएँगे। वामपंथी दल अक्सर हिन्दू विरोधी गिरोहों के साथ खुल कर खड़े होते हैं और भारतीय महापुरुषों की जगह मार्क्स की नीतियों पर चलते हैं।

‘मुंबई में 11 ठिकानों पर प्लांट है बम’: RBI को धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद पुलिस अलर्ट, पहले से ही लागू है धारा 144

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को मंगलवार (26 दिसंबर, 2023) को एक ईमेल आया, जिसमें बैंक के गवर्नर शक्तिकांता दास और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के इस्तीफे की माँग की गई है। साथ ही इस ईमेल में बम ब्लास्ट की धमकी भी दी गई है। इस मेल में कहा गया है कि RBI के दफ्तरों, HDFC बैंक और ICICI बैंक सहित मुंबई के 11 ठिकानों पर बम प्लांट किए गए हैं। बम ब्लास्ट के लिए 1;30 बजे का समय दिया गया था।

इस ईमेल में कहा गया है कि RBI के साथ-साथ प्राइवेट सेक्टर के बैंकों ने मिल कर भारत के सबसे बड़े घोटाले को अंजाम दिया है। साथ ही इस घोटाले में RBI गवर्नर शक्तिकांता दास और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के शामिल होने की बात भी कही गई है। इन दोनों के अलावा वित्तीय मामलों के कुछ बड़े अधिकारियों और बड़े नेताओं के भी इसमें शामिल होने का आरोप लगाया गया है। ईमेल भेजने वालों ने कहा है कि उनके पास इसे साबित करने के लिए प्रूफ भी हैं।

इस ईमेल में बताया गया था कि इन 3 मुख्य लोकेशनों पर बम ब्लास्ट होगा – RBI न्यू सेन्ट्रल ऑफिस बिल्डिंग फोर्ट, HDFC हाउस चर्चगेट और ICICI बैंक टॉवर्स BKC. इस धमकी भरे ईमेल में ये भी कहा गया है कि दास और सीतारमण एक प्रेस रिलीज जारी कर के ‘घोटाले’ के बारे में सब कुछ सच-सच बताएँ। साथ ही इस कथित घोटाले में शामिल सभी लोगों को सज़ा देने की माँग भी की गई है। माँग न मानने पर एक-एक कर सभी 11 बम के ब्लास्ट होने की बात कही गई है।

इस धमकी भरे ईमेल के सामने आने के साथ ही मुंबई पुलिस एक्शन में आई और सभी ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया जाने लगा। हालाँकि, तलाशी में कहीं कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया गया। MRS मार्ग पुलिस थाने में इस संबंध में FIR दर्ज कर आगे की जाँच की जा रही है। इससे पहले सीपी कार्यालय से जारी हुए आदेश में चिंता जताई गई थी कि क्रिसमस और नए साल के मौके पर आतंकवादी/राष्ट्र-विरोधी तत्वों द्वारा ड्रोन, रिमोट-नियंत्रित माइक्रो-लाइट विमान, पैरा-ग्लाइडर का उपयोग किया जा सकता है।

कश्मीर का हश्र भी गाजा की तरह होगा… पाकिस्तानपरस्ती में अपनी ही मिट्टी को फारुक अब्दुल्ला ने दी ‘बद्दुआ’, कहा- बातचीत करे भारत

नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने मंगलवार (26 दिसंबर 2023) को कश्मीर को लेकर आशंका जाहिर की है। उन्होंने कहा कि अगर भारत और पाकिस्तान बातचीत के जरिए अपने विवादों को खत्म नहीं करते हैं तो कश्मीर का भी हश्र गाजा एवं फिलिस्तीन जैसा होगा।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर हम बातचीत के जरिए समाधान नहीं खोजते हैं तो हमारा भी गाजा और फिलिस्तीन जैसा ही हश्र होगा, जिस पर आजकल इजरायल बमबारी कर रहा है।” उन्होंने यह टिप्पणी पुंछ में आतंकवादी हमले में सेना के 5 जवानों के मारे जाने और अगले दिन तीन नागरिकों की मौत के बाद आई है।

फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “अटल बिहारी वाजपेई ने कहा था कि हम अपने दोस्त बदल सकते हैं, लेकिन अपने पड़ोसी नहीं। यदि हम अपने पड़ोसियों के साथ मित्रवत रहेंगे तो दोनों प्रगति करेंगे। पीएम मोदी ने यह भी कहा है कि युद्ध अब कोई विकल्प नहीं है। इसलिए मामलों को बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए।”

फारूक ने पूछा, “बातचीत कहाँ है? इमरान खान को छोड़ दीजिए, अब नवाज शरीफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनने वाले हैं और वे कह रहे हैं कि वे भारत के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं। लेकिन, हम बात करने के लिए तैयार क्यों नहीं हैं? अगर हम कोई समाधान नहीं निकालते हैं। तो हमारा भी वही हश्र होगा, जो गाजा और फिलिस्तीन का हो रहा है।”

उन्होंने कहा, “कुछ भी हो सकता है। अल्लाह ही जाने हमारा क्या हाल होगा। अल्लाह रहम करे।” उन्होंने कहा कि पड़ोसी होने के नाते दोनों देशों को बातचीत करके इस मुद्दे का समाधान खोजना चाहिए। इससे दोनों देश तरक्की करेंगे और दोनों देशों में खुशहाली आएगी।

वहीं, भाजपा नेता हिना शफी भट ने फारूक अब्दुल्ला के बयान की आलोचना की है। उन्होंने कहा, “यह अफसोसजनक है कि जम्मू-कश्मीर के एक वरिष्ठ नेता अभी भी पाकिस्तान से बातचीत करने की बात कह रहे हैं। फारूक अब्दुल्ला को अब सीख लेनी चाहिए। यह पाकिस्तान के सामने झुकने का समय नहीं है। हमने कई बार बातचीत करने की कोशिश की है, लेकिन उन्होंने हर बार हमारी पीठ में छुरा घोंपा है।”

बताते चलें कि फारूक अब्दुल्ला ने यह पिछले एक सप्ताह में जम्मू-कश्मीर में हुए कई आतंकी घटनाओं के बाद आई है। आतंकियों ने पुंछ में घात लगाकर सेना के जवानों पर हमला किया था, जिसमें पाँच जवान बलिदान हो गए। वहीं, बारामूला मस्जिद के अंदर एक रिटायर SSP शफी मीर की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी।

इंस्टाग्राम पर रील बनाती थी लड़की: चाचा ने हीरोइन बनाने के लिए जिस ‘फिल्म निर्देशक’ साजिद खान के पास भेजा, उसी ने होटल ले जाकर किया यौन शोषण

महाराष्ट्र में मुंबई पुलिस ने खुद को गुजराती फिल्मों का डायरेक्टर बताने वाले एक व्यक्ति को नाबालिग लड़की से छेड़खानी के आरोप में गिरफ्तार किया। आरोपित का नाम साजिद खान है। साजिद पर POCSO (बच्चों का यौन शोषण रोकथाम अधिनियम) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता लड़की गुजरात की रहने वाली है।

दरअसल, लड़की को सोशल मीडिया पर रील बनाकर पोस्ट करने का शौक था। उसके इसी शौक को देखते हुए उसके चाचा उसे 13 दिसंबर, 2023 को साजिद खान से मिलवाया था। उन्होंने इस उम्मीद में भतीजी को साजिद से मिलाया था कि वो उसे एक्टिंग सिखाकर किसी फिल्म में काम दिलाएगा।

पुलिस के मुताबिक, पीड़िता लड़की के परिवार ने साजिद पर भरोसा कर उसे उसके साथ मुंबई भेज दिया। इसी भरोसे का फायदा उठा साजिद 24 दिसंबर, 2023 को लड़की को गुजरात से मुंबई ले आया। वो लड़की को लेकर सीधे मुंबई के अंधेरी के एक होटल में ले गया।

लड़की के साथ 25 दिसंबर, 2023 की सुबह साजिद ने जोर ज़बरदस्ती की। उसने कथित तौर पर लड़की के माथे को किस किया और उसके साथ ज़बरदस्ती करने की कोशिश की। हालाँकि, जब लड़की ने विरोध किया तो आरोपित करवट बदलकर सो गया।

इससे नाबालिग लड़की डर गई। वो होटल के कमरे से निकलकर पुलिस के पास पहुँची और वहाँ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने केस दर्ज कर साजिद खान को उसके होटल के कमरे से गिरफ्तार किया।

पुलिस साजिद को कोर्ट में पेश करने के बाद आगे जाँच करेगी। मुंबई पुलिस इस केस में हर एंगल से मामले की जाँच कर रही है। पुलिस इस बात की भी खोजबीन कर रही है कि आरोपित कैसे नाबालिग पीड़िता को गुजरात से मुंबई लेकर आया।

हिंद महासागर की निगहबानी INS इंफाल के हवाले: जानिए पूर्वोत्तर से क्यों जुड़ा है नाम, कितना विध्वंसक है नौसेना का यह जंगी जहाज

भारतीय नौसेना के इतिहास में मंगलवार (26 दिसंबर 2023) का दिन INS इंफाल (INS Imphal) के नाम रहा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) की मौजूदगी में मुंबई के नेवल डॉकयार्ड पर उन्नत तकनीक से युक्त इस बड़े एवं विध्वंसक जंगी जहाज को कमीशन किया गया।

इस तरह यह जंगी जहाज अब नौसेना में अपनी सेवा देगा। स्टील्थ गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर INS इंफाल के भारतीय नौसेना में शामिल होने से इसके बेड़े की ताकत और बढ़ जाएगी। स्टील्थ गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर से मतलब है कि ये गुप्त तरीके से लक्ष्य को भेदने वाली मिसाइलों से लैस है।

क्यों पड़ा INS इंफाल नाम

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, “आईएनएस इम्फाल को अब तक का सबसे बड़ा और सबसे उन्नत विध्वंसक है। इसका नाम पहली बार उत्तर-पूर्व के एक शहर इंफाल के नाम पर रखा गया है।” इस जंगी विध्वंसक को ये नाम देश के स्वतंत्रता संग्राम में मणिपुर के बलिदान और योगदान को सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिए दिया गया है।

बताते चलें कि 1891 का एंग्लो-मणिपुर युद्ध हो या नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 14 अप्रैल 1944 को मोइरांग में पहली बार आईएनए ध्वज फहराना की घटना हो, मणिपुरवासियों ने इनमें अहम योगदान दिया। यही नहीं, ब्रिटिश और शाही जापानी सेनाओं के बीच हुई इंफाल की भयानक जंग में दोनों तरफ भारतीय थे। इस लड़ाई ने बर्मा अभियान का रुख मोड़ दिया और द्वितीय विश्व युद्ध के नतीजों और नई विश्व व्यवस्था को आकार दिया।

विशाखापत्तनम श्रेणी का तीसरा विध्वंसक

आईएनएस इंफाल (पेनांट डी68) प्रोजेक्ट 15बी के चार युद्धपोतों में से तीसरा है। प्रोजेक्ट 15बी मिलकर विशाखापत्तनम श्रेणी के स्टील्थ-गाइडेड मिसाइल विध्वंसक जहाज बनाते हैं। ये जहाज प्रोजेक्ट 15बी (विशाखापत्तनम क्लास), प्रोजेक्ट 15ए (कोलकाता क्लास) और प्रोजेक्ट 15 (दिल्ली क्लास) की सीरीज में नया देसी विध्वंसक है।

आईएनएस इंफाल की बात की जाए तो दिल्ली और कोलकाता श्रेणी के स्वदेशी विध्वंसक जहाजों की श्रृंखला में ये सबसे हालिया है। इसे भारतीय नौसेना ने डिजाइन किया है और भारत में ही इसका निर्माण किया है। इस तरह ये पूरी तरह से स्वदेशी है। यहाँ हम जानेंगे कि आखिर विशाखापत्तनम श्रेणी के जहाजों की क्या खासियत होती है।

क्या है प्रोजेक्ट 15बी

भारतीय नौसेना ने साल 2014 और 2016 के बीच ’15A’ कोडनाम वाले प्रोजेक्ट के तहत कोलकाता श्रेणी के तीन गाइडेड मिसाइल विध्वंसक को कमीशन किया। कोलकाता श्रेणी में आईएनएस कोलकाता, आईएनएस कोच्चि और आईएनएस चेन्नई शामिल थे। ये जहाज़ अपने पहले के दिल्ली श्रेणी के जहाजों से एक कदम आगे थे। इनमें आईएनएस दिल्ली, आईएनएस मैसूर और आईएनएस मुंबई शामिल थे।

ये प्रोजेक्ट 15 के तहत बनाए गए थे और 1997 और 2001 के बीच कमीशन किए गए थे। भारत के प्रमुख सार्वजनिक रक्षा उपक्रमों (PSUs) में से एक, मझगाँव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएसएल) ने इन सभी जहाजों का निर्माण किया है। जहाजों की श्रेणी से मतलब समान टन भार, इस्तेमाल के तरीके, क्षमताओं और हथियारों के साथ निर्मित जहाजों के समूह से है।

किसने बनाया INS इंफाल

इंफाल अत्याधुनिक जंगी जहाज है। इसे भारतीय नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो (डब्ल्यूडीबी) ने डिजाइन किया। इसके बाद मझगाँव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड, मुंबई ने इसका निर्माण किया है।

इंफाल को बनाने में सार्वजनिक और प्राइवेट क्षेत्र की कई कंपनियों का सहयोग मिला। इनमें कई एमएसएमई और डीआरडीओ भी शामिल थे। इसकी क्षमता अधिक होने के साथ ही इसमें स्वदेशी सामानों को सबसे अधिक इस्तेमाल किया किया है।

कितनी क्षमता कैसे है काम करता

INS इंफाल की लंबाई 163 मीटर है। इसकी डिसप्लेसमेंट क्षमता 7400 टन की है। इसे भारत में बनाए गए बेहतरीन युद्धपोतों में गिना जा रहा है। यह हथियारों के मामले में ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान की मजबूती का सबूत भी है। इंफाल गाइडेड मिसाइल विध्वंसक होने के नाते सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों, एंटी शिप मिसाइलों और टॉरपीडो सहित अत्याधुनिक हथियारों और सेंसर से सुसज्जित है।

INS इंफाल 30 समुद्री मील (56 किमी/घंटा) से अधिक की रफ्तार तक समुद्र में दौड़ सकता है। नौसेना के INS जंगी जहाज की ऊँचाई 57 फीट और लंबाई 535 फीट है। ये 42 दिन तक आराम से समुद्र रह सकता है। इसमें 300 नौसैनिक रह सकते हैं। इसमें ऐसे सेंसर लगे हैं, जो आसानी से दुश्मन के हथियारों का पता कर सकते हैं, लेकिन दुश्मन को ये नहीं दिखते।

कौन सी मिसाइलें है तैनात

इस जंगी जहाज में लगा लगभग 75 फीसदी सामान उच्च स्वदेशी सामग्री है। यह जहाज स्वदेशी जहाज निर्माण की पहचान है और दुनिया के सबसे तकनीकी रूप से उन्नत युद्धपोतों में से एक है। इसमें मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली बीईएल, बैंगलोर की बनाई मिसाइलें हैं तो सतह से सतह पर मार करने वाली एयरोस्पेस, नई दिल्ली की बनाई ब्रह्मोस मिसाइलें है।

लार्सन एंड टुब्रो कंपनी मुंबई की बनाई स्वदेशी टॉरपीडो ट्यूब लॉन्चर भी शामिल हैं तो उसी की बनाई पनडुब्बी रोधी स्वदेशी रॉकेट लांचर भी है। इसमें बीएचईएल, हरिद्वार की बनाई 76 मिमी सुपर रैपिड गन माउंट भी है।

कब रखी गई थी नींव

INS इंफाल की आधारशिला 19 मई 2017 को रखी गई थी और जहाज को 20 अप्रैल 2019 को पानी में उतारा गया था। जहाज 28 अप्रैल 2023 को अपने पहले समुद्री परीक्षण के लिए रवाना हुआ था और तब से परीक्षणों की लंबी यात्रा से गुजर चुका है। 20 अक्टूबर 2023 को इसे भारतीय नौसेना को सौंपा सौंपा गया था।

उसके बाद इस शिप ने नवंबर 2023 में सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल (Brahmos missile) को कामयाबी के साथ टेस्ट फायर किया था। यह पहला अवसर था जब नौसेना में शामिल किए जाने से पहले किसी देशी जंगी जहाज से ब्रह्मोस का टेस्ट फायर किया गया। इससे जंग के लिए तैयार रहने की नौसेना की काबिलियत के अलावा स्वदेशी हथियारों और प्लेटफॉर्म पर भरोसे को भी बल मिला।

बंदरगाह और समुद्र में केवल छह महीने की रिकॉर्ड समय सीमा में इसकी डिलीवरी हुई। इंफाल के निर्माण और उसके परीक्षणों में लगा समय किसी भी स्वदेशी विध्वंसक के लिए सबसे कम है। इंफाल की डिलीवरी भारत सरकार और भारतीय नौसेना के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान का सुबूत है। INS इंफाल से हिंद महासागर क्षेत्र में देश की समुद्री ताकत में इजाफा होगा।

नौ सेना का जंगी जहाजी बेड़ा

भारतीय नौसेना के पास अभी 132 जंगी जहाज हैं। इनमें 11 गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर हैं। ये तीन अलग-अलग क्लास यानी को कोलकाता क्लास, दिल्ली क्लास और राजपूत क्लास के हैं। मौजूदा वक्त में ऐसे कम से कम 67 जहाज बनाए जा रहे हैं।

इनमें से 65 जहाद भारत के शिपयार्ड्स में बनाए जा रहे हैं। नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने हाल में कहा था, “हम चाहते हैं कि साल 2035 तक नौसेना के पास 170-175 शिप हो जाएँ।”

मंगलुरु ब्लास्ट वाले शरीक के घर में चलता था कॉन्ग्रेस का दफ्तर, आतंकी कहने पर भड़के थे DK शिवकुमार: NIA चार्जशीट से सामने आया ISIS कनेक्शन

कर्नाटक के मंगलुरु में पिछले साल हुए बम ब्लास्ट के मामले में NIA ने 29 नवंबर, 2023 को चार्जशीट दायर की है। इस मामले में ISIS का हाथ सामने आया था। ये भी सामने आया है कि आतंकियों ने हिन्दू नाम से फर्जी आईडी कार्ड्स बनाए थे ताकि वो इस घटना को अंजाम दे सकें। घटना 19 नवंबर 2022 की है जब मंगलुरु में एक ऑटोरिक्शा में ब्लास्ट हुआ था। ड्राइवर पुरुषोत्तम के अलावा मोहम्मद शरीक नामक एक अन्य शख्स इस घटना में घायल हुआ था।

24 वर्षीय मोहम्मद शरीक ही प्रेशर कूकर बम लेकर यात्रा कर रहा था। वो कादरी मंजुनाथ मंदिर में बम ब्लास्ट कर के हिन्दुओं को आतंकित करना चाहता था। हालाँकि, ये रास्ते में ही फट गया। इसके 24 घंटे के भीतर DGP ने इसे आतंकी घटना करार दिया था। शरीक ‘प्रेमराज’ नाम से फर्जी आधार कार्ड लेकर यात्रा कर रहा था। कनकनाड़ी पुलिस थाने में इस संबंध में मामला दर्ज हुआ था। ISIS से जुड़े इस बम ब्लास्ट में शामिल मोहम्मद शरीक को कॉन्ग्रेस ने क्लीन चिट दे दी थी।

कॉन्ग्रेस नेता DK शिवकुमार ने मोहम्मद शरीक को आतंकी बताए जाने पर आपत्ति जताई थी। हालाँकि, NIA ने उसके खिलाफ सबूत जमा कर लिए थे और पता चल गया था कि वो आतंकी है। कॉन्ग्रेस नेता ने पूछा था कि आखिर बिना जाँच के किसी को आतंकी कैसे कहा जा सकता है। 15 दिसंबर, 2022 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए DK शिवकुमार ने DGP पर हड़बड़ी में ट्वीट करने का आरोप लगाया था और कहा था कि ये कोई बड़ा आतंकी हमला नहीं था, बल्कि गलती से ब्लास्ट हो गया था।

साथ ही वो पूछने लगे थे कि क्या ये मुंबई के 26/11 हमलों जैसा था। उन्होंने आरोप लगा दिया था कि इस बम धमाके का इस्तेमाल भाजपा राजनीतिक फायदों के लिए कर रही है। बता दें कि इस घटना के आरोपित के साथ भी कॉन्ग्रेस के तार जुड़े थे। जनवरी 2023 में 5 ठिकानों पर ED ने छापेमारी की थी। शिवमोगा स्थित मोहम्मद शरीक के ठिकानों की भी तलाशी ली गई। तीर्थहल्ली में भी कई ठिकानों पर छापेमारी हुई थी। शोपा गुड्डा एरिया में एक दुकान में छापेमारी हुई थी, जो शरीक के अब्बा का था।

एक बड़ा खुलासा ये हुआ कि मोहम्मद शरीक के परिवार से लीज लिए गए घर में ही कॉन्ग्रेस का दफ्तर चलता था। शरीक के अब्बा और कॉन्ग्रेस नेता किम्मने रत्नाकर के भतीजे नवीन के बीच एक एग्रीमेंट पर भी हस्ताक्षर हुआ था। किम्मने रत्नाकर कर्नाटक के शिक्षा मंत्री भी रहे हैं। मोहम्मद शरीक की दादी के बैंक खाते में उनकी तरफ से 10 लाख रुपए भी भेजे गए थे। ED और NIA ने रत्नाकर से पूछताछ भी की थी। रत्नाकर ने उससे कोई संपर्क होने की बात नकार दी थी और कहा था कि बात सिर्फ लीज एग्रीमेंट तक ही सिमित है।

उन्होंने बताया था कि 10 लाख रुपए के लीज के अलावा प्रति माह 1000 रुपए रेंट तय किया गया था। इतना ही नहीं, इस मामले में ISIS का जो आतंकी रेशान शेख सक्रिय था, वो कर्नाटक में कॉन्ग्रेस के नेता ताजुद्दीन शेख का बेटा है। 15 अगस्त, 2022 को शिवमोगा में प्रेम सिंह नामक व्यक्ति की चाकू गोद कर हत्या कर दी गई थी। डोड्डापेट पुलिस थाने में FIR दर्ज हुई थी। जबीउल्लाह और नदीम फैसल को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था।

मोहम्मद शरीक भी इस मामले में आरोपित था, लेकिन वो फरार होने में कामयाब रहा था। इसके बाद वो मंगलुरु के उलाईबेट्टू में जाकर रहने लगा, जहाँ वो अंसार के यहाँ रुका था। अंसार के साथ वो पहले जेल भुगत चुका था। मंगलुरु में ‘लश्कर ज़िंदाबाद’ वाले मामले में दोनों गिरफ्तार हुए थे। शरीक इसके बाद सैयद यासीन के संपर्क में आया। शिवमोगा ट्रायल ब्लास्ट और मंगलुरु कूकर ब्लास्ट के मामले में मोहम्मद शरीक और सैयद यासीन – दोनों का चार्जशीट में नाम डाला गया था।

5 जनवरी, 2023 को NIA ने ISIS के 2 आतंकियों उडुपी के रेशान ताजुद्दीन शेख और शिवमोगा के हुज़ैर फरहान बेग को गिरफ्तार किया। कर्नाटक के 6 जिलों में तलाशी अभियान चलाया गया था। ये दोनों क्रिप्टो के जरिए फंडिंग लेते थे। ताजुद्दीन शेख की तस्वीरें मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उप-मुख्यमंत्री DK शिवकुमार जैसे नेताओं के साथ सामने आई थी। इस मामले में चार्जशीट में सभी आरोपित हैं – मोहम्मद शरीक, माज़ मुनीर अहमद, सैयद यासीन, रीशान ताजुद्दीन शेख, हुज़ैर फरहान बेग, मज़ीन अब्दुल रहमान, नदीम अहमद, ज़ैबुल्ला और नदीम फैज़ल।