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‘मेरा चाट (तलवा) सकती हो’: आयशा खान ने अंकिता लोखंडे को कहा, मुनव्वर फारूकी बिग बॉस में बुला चुका है कंबल के अंदर

रियलिटी शो बिग बॉस-17 में हर दिन चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। इस क्रम में अब शो के तीन कंटेंस्टेंट अंकिता लोखंडे, आयशा खान और मुनव्वर फारूकी सुर्खियों में हैं। शुरू में मुनव्वर फारूकी की एक्स गर्लफ्रेंड आयशा खान का ‘पवित्र रिश्ता’ फेम अंकिता लोखंडे के साथ काफी अच्छा बॉन्ड दिख रहा था, लेकिन शो के दौरान आयशा ने अंकिता को कुछ ऐसा कहा कि वो भड़क उठीं। बाद में आयशा खान को उनसे माफी पड़ी।

दरअसल हुआ ये था कि अंकिता, आयशा, ईशा मालवीय और समर्थ बिग बॉस के घर में गार्डन एरिया में बैठे थे। इस दौरान अंकिता की नजर आयशा के पैरों के गंदे तलवों पर पड़ती है। इस पर वो मजाक में आयशा को कहती हैं “कितने सुंदर पैर हो रखे हैं।” इसके जवाब में आयशा तुरंत पलट कर कहती हैं, “चाट सकते हैं आप।”

इस पर अंकिता को गुस्सा आ जाता है और वो आयशा को चेतावनी भरे लहजे में कहती हैं, “मेरे सामने ऐसे बात नहीं करना।” इस पर आयशा अंकिता से ये कहते हुए माफी माँगती है, “मैं ऐसे तो खुद को भी बोल देती हूँ।” इस पर अंकिता कहती हैं कि उन्हें इस तरह के कॉमेंट्स बिल्कुल पसंद नहीं हैं।

अंकिता के इस अंदाज को लेकर नेटिजन्स उनकी तारीफ कर रहे हैं कि वो जैसी बाहर से हैं वैसे अंदर से भी हैं। वो डबल फेस नहीं हैं, कम से कम उन्होंने आयशा को तमीज सिखाने का तो माद्दा रखा।

बताते चलें कि ये वहीं आयशा खान है जो शो में आने से पहले मुनव्वर फारूकी की लानत-मलामत करती नजर आई थीं। लेकिन अब इनकी कॉमेडी के नाम पर हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने वाला मुनव्वर फारूकी से शो में इनकी नजदीकियाँ बढ़ती नजर आ रही है।

शो में आने से पहले जो आयशा ये खान कह रही थीं कि फारूकी के साथ में उनकी हिस्ट्री है। जैसा वो दिखाते हैं वैसा कहीं से भी नहीं है।” उन्होंने ये तक कह डाला था, “गलतियों की माफी होती है गुनाहों की नहीं। जो उन्होंने किया है वो गुनाह है, जब मैं शो में जाऊँगी तो मैं उनकी माफी चाहती हूँ।”

अब मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यही आयशा और मुनव्वर बिग बॉस के घर में चर्चा का विषय बने हुए हैं। शो के कंटेस्टेंट समर्थ ने विकी जैन, ईशा मालवीय और मन्नारा चोपड़ा के सामने आयशा और मुनव्वर के बॉन्ड की पोल खोली है।

समर्थ उनके सामने दावा करते हैं कि आयशा दिल वाले कमरे में थी और अपने साथ सोए मुनव्वर को उठाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन मुनव्वर उठकर कंबल हटाकर इशारा कर आयशा को अपने साथ सोने के लिए बुला रहे थे। यही नहीं अपनी इस बात को पुख्ता साबित करने के लिए समर्थ सबके सामने अपनी मम्मी की कसम भी खाते दिखते हैं।

तमिलनाडु के नेता और एक्टर कैप्टन विजयकांत का निधन: DMDK पार्टी के थे मुखिया, PM मोदी ने जताया दुख

तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा नाम और हाल तक DMDK पार्टी के मुखिया रहे ‘कैप्टन विजयकांत’ का बृहस्पतिवार (28 दिसम्बर, 2023) को निधन हो गया। वह चेन्नई के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे, जहाँ उन्होंने अंतिम साँस ली। वह पूर्व में तमिल सिनेमा के बड़े स्टार रह चुके थे।

71 वर्षीय विजयकान्त का पूरा नाम नारायणन विजयराज अलगारस्वामी था। वह तमिल सिनेमा में 1980 और 1990 के दशक में बड़ा नाम रहे थे। वह 2011 से लेकर 2016 तक तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे थे।

विजयकांत 26 दिसम्बर को चेनई के MIOT अस्पताल में भर्ती हुए थे। उन्हें साँस लेने में तकलीफ हो रही थी। इसके बाद उनका कोविड रिजल्ट भी पॉजिटिव आया था। उन्हें तबियत बिगड़ने के बाद वेंटीलेटर पर रखा गया था। उन्हें इससे पहले भी दो बार कोरोना हो चुका था।

विजयकांत की मौत पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी दुख जताया है। उन्होंने विजयकांत को जनहित में समर्पित रहने वाला राजनेता बताया है। उन्होंने कहा है कि इससे तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा स्थान रिक्त हो जाएगा।

तमिलनाडु भाजपा के मुखिया के अन्नामलाई ने भी दुख जताया है। उन्होंने विजयकांत को तमिल का शानदार कलाकार बताते हुए गरीबों की आवाज बुलंद करने वाला बताया। तमिलनाडु के नेता प्रतिपक्ष ई पलानीस्वामी ने भी उनके निधन पर दुख जताया है।

विजयकांत: फिल्म से लेकर राजनीति तक ‘कैप्टन’

विजयकांत ने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत 1979 में की थी। उन्हें 1991 में आई एक फिल्म ‘कैप्टन प्रभाकरण’ से कैप्टन का तमगा उनके फैन्स ने दिया था। इसके बाद उन्होंने कई सुपरहिट फ़िल्में दी। उन्होंने अपने करियर में 150 से अधिक फिल्मों में काम किया था।

विजयकांत ने 2005 में अपनी पार्टी देशीय मुरपोक्कु द्रविड़ मुन्नेत्र कड़ग़म का गठन किया था। यह पार्टी राज्य की DMK और AIADMK के विकल्प के तौर पर बनाई गई थी। विजयकांत की पार्टी ने तमिलनाडु में 2011 में जयललिता के साथ गठबंधन करके 29 सीट जीती थी और राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी थी।

इसी के परिणाम में 2011 से 2016 के बीच विजयकांत नेता प्रतिपक्ष रहे थे। उनकी पार्टी ने 2014 लोकसभा चुनावों में भाजपा के साथ गठबंधन किया था। हालाँकि, हाल के वर्षों में उनकी पार्टी का कोई ख़ास प्रदर्शन नहीं रहा है। विजयकांत ने 14 दिसम्बर, 2023 को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक का पद की जिम्मेदारी अपनी पत्नी प्रेमलता विजयकांत को दे दी थी।

जितने करीब नहीं बैठ पाते दूसरे देशों के ‘राष्ट्रपति’ उससे ज्यादा नजदीक पुतिन ने भारत के विदेश मंत्री को बैठाया: PM मोदी से मिलने को बेताब, रूस आने का दिया न्योता

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मॉस्को में मुलाकात की है। इस दौरान दोनों के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हुई। विदेश मंत्री जयशंकर इस समय रूस के पाँच दिवसीय दौरे पर हैं, यहाँ उन्होंने अपनी यात्रा के तीसरे दिन राष्ट्रपति पुतिन के साथ मुलाकात की।

राष्ट्रपति पुतिन की विदेश मंत्री जयशंकर से यह मुलाक़ात कई मायनों में विशिष्ट रही और भारत रूस की दोस्ती को दर्शाने वाली रही। सामान्यतः राष्ट्रपति पुतिन किसी भी देश के विदेश मंत्री से नहीं मिलते हैं। विदेश मंत्रियों से मुलाकात का जिम्मा रूस के विदेश मंत्री सर्जेई लावरोव के जिम्मे है।

हालाँकि, भारत से नजदीकियों के चलते यह प्रोटोकॉल दरकिनार किया गया और वह विदेश मंत्री जयशंकर उनसे मिले। इस दौरान उनकी और राष्ट्रपति पुतिन की बातचीत के दौरान बैठने के इंतजाम की तस्वीरें भी वायरल हुईं और इनके अलग-अलग अर्थ निकाले गए।

राष्ट्रपति पुतिन और विदेश मंत्री जयशंकर बातचीत की मेज पर (चित्र साभार: Sidhant/X)
राष्ट्रपति पुतिन और विदेश मंत्री जयशंकर बातचीत की मेज पर (चित्र साभार: Sidhant/X)

दरअसल, जब विदेश मंत्री जयशंकर और राष्ट्रपति पुतिन मिले तो वह बातचीत की मेज पर आमने सामने बैठे थे। साधारणतः, राष्ट्रपति पुतिन की अन्य वैश्विक नेताओं से मुलाक़ात में वह उन्हें एक मेज के दूसरे सिरे पर बैठाते हैं, जो कि काफी दूर होता है। इसको लेकर कई बार सोशल मीडिया पर बहस भी छिड़ चुकी है।

राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति मेक्रों की मुलाकात (चित्र साभार: Reuters)
राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति मेक्रों की मुलाकात (चित्र साभार: Reuters)

उनकी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के साथ भी ऐसी ही तस्वीर सामने आ चुकी है जिसमें वह मेज के एक सिरे और राष्ट्रपति मैक्रों दूसरे सिरे पर बैठे हैं। ईरान के राष्ट्रपति और जर्मनी के चांसलर के साथ भी उनकी ऐसी ही तस्वीरें देखने को मिली थी।

राष्ट्रपति पुतिन और विदेश मंत्री जयशंकर के बीच भारत-रूस रिश्तों को लेकर कई मुद्दों पर बातचीत हुई। विदेश मंत्री जयशंकर ने प्रधानमंत्री मोदी का भारत रूस के रिश्तों की गहराई को दिखाते हुए लिखा गया एक पत्र भी राष्ट्रपति पुतिन से साझा किया।

इस दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने राष्ट्रपति पुतिन को बताया कि दोंनों देशों के बीच का व्यापार अब 50 बिलियन डॉलर (लगभग ₹45,000 करोड़) पार कर चुका है और यह केवल शुरुआत है। इस दौरान विदेश मंत्री ने रूस के साथ कुडनकुलम परमाणु संयंत्र को लेकर रूस के साथ हुए समझौते का जिक्र भी किया।

वहीं राष्ट्रपति पुतिन ने भारत और रूस के रिश्तों में बढ़त को लेकर ख़ुशी जताई। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा भी की कि वह इन कठिन समय में लगातार बिना किसी दबाव में आए काम कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को पुराना दोस्त बताते हुए रूस आने का न्योता भी दिया। उन्होंने कहा- “मुझे अपने दोस्त प्राइम मिनिस्टर मोदी को रूस में देख बहुत खुशी होगी” विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी खुद भी 2024 में रूस आना चाहते हैं।

राष्ट्रपति पुतिन से मिलने से पहले विदेश मंत्री जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री सर्जेई लावरोव के साथ बैठक की और एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। लावरोव ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया और भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान आए निर्णयों पर प्रसन्नता जताई। विदेश मंत्री जयशंकर ने रूस को अच्छे और बुरे समय में साथ देने वाला दोस्त बताया।

गौरतलब है कि भारत और रूस के रिश्ते बीते कुछ वर्षों में और भी मजबूत हुए हैं। यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे संघर्ष के चलते पश्चिमी देशों ने रूस का बायकाट कर रखा है। हालाँकि, भारत ने इस युद्ध को लेकर एक बार भी रूस की खुल कर आलोचना नहीं की है। भारत ने युद्ध के बाद से पश्चिमी देशों और अमेरिका के दबाव के बाद भी रूस से लगातार कच्चा तेल खरीदना भी जारी रखा है। भारत ने इस नीति को ‘सामरिक स्वायतत्ता’ का नाम दिया है।

घरवालों से नाराज होकर रात को सड़क पर निकली दलित महिला, रियाज ने साथियों संग मिलकर गैंगरेप किया: 4 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में रियाज उर्फ मुगल-ए-आजम ने एक शादीशुदा दलित महिला का अपने साथियों के साथ अपहरण किया और फिर उसके साथ गैंगरेप किया। ये वारदात 25 दिसंबर 2023 की रात को अंजाम दी गई। अब पुलिस ने रियाज और उसके 4 साथियों को सामूहित दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार किया है।

जानकारी के मुताबिक, विवाहिता का अपने परिजनों से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था, वो गुस्से में गाँव से बाहर सड़क तक चली गई थी, लेकिन जब उसका गुस्सा शांत हुआ और वो वापस लौटने लगी तो रियाज और उसके साथियों ने उसका अपहरण कर लिया और गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया।

ये वारदात बाराबंकी के देवा थाना इलाके की है। ऑपइंडिया को मिली एफआईआर कॉपी के मुताबिक, पीड़िता के पिता ने बताया कि 25 दिसंबर की रात करीब 9 बजे उनकी बेटी का अपने ससुराल की एक महिला से विवाद हो गया, जिसके बाद वह गुस्से में आकर अपना घर छोड़कर सड़क की ओर चल दी। जब उसका गुस्सा शांत हुआ तो उसने घर लौटने का फैसला किया। इसी बीच उसे रास्ते में देवा निवासी आरोपित मुगल-ए-आजम उर्फ ​​रियाज और उसके तीन साथी मिले। जिन्होंने उसका सफेद रंग की कार में अपहरण किया और उसे देवा बीएसएनएल टॉवर के पास ले जाकर एक इमारत में बंधक बना लिया।इसके बाद आरोपितों ने बारी-बारी से पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया।

पीड़ित महिला रात 1:30 बजे अपने पिता को फोन करने में कामयाब रही और उन्हें घटना की जानकारी दी। इसके बाद पीड़िता के भाई ने पुलिस को बुलाने के लिए 112 नंबर डायल किया। हालाँकि, जब तक पुलिस पहुँची, अपराधी भाग चुके थे। पीड़िता के पिता ने इस संंबंध में मंगलवार को देवा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर चारों आरोपितों के खिलाफ धारा 376 (बलात्कार), 342 (गलत तरीके से बंधक बनाना) और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v) के तहत मामला दर्ज किया।

इस बीच, बाराबंकी के अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) सीएन सिन्हा ने बताया कि मामले में मुख्य आरोपित रियाज को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ के दौरान आरोपित ने अपने साथियों की पहचान बताई, जिनकी पहचान भूरे, शब्बू और इस्माइलुद्दीन के रूप में हुई है। पुलिस ने बाद में सभी को गिरफ्तार कर लिया है।

सिन्हा के मुताबिक, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जाँच की और अपराधियों के खिलाफ सबूत भी मिले। इसके बाद अन्य तीन आरोपितों को भी पकड़ लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़िता की मेडिकल जाँच कराकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

‘और इन्हें राम का रोल मिला है…’: रणबीर कपूर ने दारू के साथ लगाया ‘जय माता दी’ का जयकारा, लोग भड़के; पूरे कपूर परिवार के खिलाफ शिकायत दर्ज

बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर के खिलाफ मुंबई के एक थाने में धार्मिक भावनाएँ आहत करने के मामले में शिकायत दर्ज हुई है। उनके साथ उनके परिवार पर भी शिकायत की गई है।

पूरी कार्रवाई रणबीर कपूर और आलिया की एक वीडियो वायरल होने के बाद हुई। इस वीडियो में वो क्रिसमस के मौके पर केक पर दारू डलवा रहे थे और फिर आग लगाते हुए ‘जय माता दी’ कहते सुनाई पड़े थे।

वीडियो को फिल्मफेयर ने अपने इंस्टा अकॉउंट पर शेयर किया जिसके कैप्शन में भी लिखा गया, “कपूर परिवार के क्रिसमस लंच के दौरान केक जलाते समय रणबीर ने ‘जय माता दी’ के जयकारे के साथ सभी को हँसाया!”

वीडियो में देख सकते हैं कि रणबीर कपूर जब केक पर शराब डलने के बाद जय माता दी कहते सुनाई पड़ते हैं तभी उनके परिवार के अन्य लोग भी जय माता दी कहते सुनाई पड़ते हैं।

इस वीडियो को देखने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स को गुस्सा आया। इसी क्रम में वकील संजय तिवारी ने भी दावा किया कि इससे उनकी धार्मिक भावनाएँ आहत हुई हैं। इसी बाबत उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट के वकील आशीष राय और पंकज मिश्रा के जरिए इस मामले में शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने घटना का जिक्र करते हुए कार्रवाई की माँग की।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शिकायत पत्र में कहा गया, “हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य से पहले शुद्ध चीजों और सामग्री की आहूति देकर अग्नि देवता का आह्वान किया जाता है। लेकिन रणबीर कपूर ने इसके लिए अशुद्ध चीजों, जैसे कि शराब का इस्तेमाल किया, जोकि हिंदू धर्म की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला है।” शिकायतकर्ता का कहना है कि ऐसा कृत्य जानबूझकर किया गया। एक्टर और उनके परिवार के खिलाफ आईपीसी की धारा 295, 509, और 34 के तहत FIR दर्ज होनी चाहिए।

रणबीर करने वाले हैं भगवान राम का रोल, लोगों ने सवाल उठाए

बता दें कि नितेश तिवारी की रामायण आधारित फिल्म में भगवान राम का रोल रणबीर कपूर द्वारा निभाने की बात सामने आई थी। ऐसे में ये खबर जोरों से फैलाई गई कि वह माँस-मदिरा सब छोड़ देंगे फिल्म तक। लेकिन इस वीडियो को देखने के बाद उनके फैंस को खासा धक्का लगा है।

इसी वीडियो के नीचे कई लोगों ने जय माता दी बोलने पर आपत्ति जताई। लोगों ने सवाल किया कि मना क्रिसमस रहे हो और केक पर दारू डालकर फिर जय माता दी क्यों बोल रहे हो। एक यूजर ने कहा कि रणबीर ने तो कहा था कि उन्होंने रामायण शूटिंग की वजह से ड्रिंक, स्मोक और बीफ खाना बंद कर दिया। ये बंद किया है क्या। एक यूजर ने ये वीडियो देख कहा- और इसको राम का रोल मिला है।

‘MPhil अब अवैध पाठ्यक्रम, इसमें एडमिशन ना लें छात्र’: UGC ने छात्रों को किया आगाह, नामांकन लेने वाले विश्वविद्यालयों को भी चेतावनी

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने छात्रों को विश्वविद्यालयों से मास्टर ऑफ फिलॉसफी (M.Phil) करने को लेकर आगाह किया है। यह चेतावनी यूजीसी द्वारा एमफिल पाठ्यक्रम को रद्द करने के बाद आई है। इसके बाद कुछ विश्वविद्यालय इस पाठ्यक्रम में छात्रों का नामांकन ले रहे हैं। बता दें कि UGC ने पहले एमफिल को अवैध घोषित कर दिया था। इसके बाद 2023-24 के लिए एमफिल के प्रवेश पर रोक लगा दिया था।

UGC की आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया है, “यह यूजीसी के संज्ञान में आया है कि कुछ विश्वविद्यालय एमफिल (मास्टर ऑफ फिलॉसफी) कार्यक्रम के लिए नए आवेदन आमंत्रित कर रहे हैं। इस संबंध में यह ध्यान में लाना आवश्यक है कि एमफिल डिग्री कोई मान्यता प्राप्त डिग्री नहीं है।”

अधिसूचना में यूजीसी (पीएचडी डिग्री प्रदान करने के लिए न्यूनतम मानक और प्रक्रियाएँ) विनियम 2022 के विनियमन संख्या 14 पर जोर दिया गया है। यह रेग्युलेशन स्पष्ट रूप से उच्च शिक्षण संस्थानों को एमफिल कार्यक्रमों में पेश है। यूजीसी ने नवंबर 2022 में एमफिल कार्यक्रम को रोक दिया था।

यूजीसी की सलाह ने विश्वविद्यालयों से आगामी शैक्षणिक वर्ष के लिए एमफिल प्रवेश बंद करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया। इसके साथ ही छात्रों को एमफिल कार्यक्रमों में दाखिला न लेने की सलाह दी है।

यूजीसी के सचिव मनीष जोशी ने कहा, “पीएचडी के नियमों की अधिसूचना से पहले शुरू हुए एमफिल पाठ्यक्रम प्रभावित नहीं होंगे। वर्तमान छात्रों को एमफिल की डिग्री प्राप्त करने के लिए पाठ्यक्रम पूरा करने दिया जाएगा।”

इसके लिए आधिकारिक सूचना यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट ugc.gov.in पर उपलब्ध है। कुछ विश्वविद्यालयों द्वारा एमफिल (मास्टर ऑफ फिलॉसफी) कार्यक्रम के लिए नए आवेदन आमंत्रित करने के बाद यूजीसी ने 26 दिसंबर को आधिकारिक सूचना जारी की।

यह निर्णय 2022-23 शैक्षणिक वर्ष से लागू हुआ है। इसका उद्देश्य अनुसंधान मार्गों को सुव्यवस्थित करना और एकीकृत मास्टर-पीएचडी कार्यक्रमों को बढ़ावा देना है। संशोधित यूजीसी नियमों के अनुसार, विश्वविद्यालयों को एमफिल पाठ्यक्रम पेश करने से प्रतिबंधित किया गया है और उन्हें 2023-24 शैक्षणिक वर्ष के लिए प्रवेश बंद करना होगा।

एमफिल या मास्टर ऑफ फिलॉसफी एक शैक्षणिक कार्यक्रम है, जो शोध करने के इच्छुक व्यक्ति को विशेषज्ञता के क्षेत्रों में शोध करने के लिए जरूरी था। इस पोस्ट ग्रेजुएट शैक्षणिक कार्यक्रम की अवधि 2 वर्ष की थी। मानविकी, वाणिज्य, विज्ञान, कानून, शिक्षण जैसे संकायों में एमफिल किया जा सकता था।

प्राण-प्रतिष्ठा से पहले राम जन्मभूमि पर चल रहा यज्ञ, रेलवे स्टेशन अब कहलाएगा ‘अयोध्या धाम’: भव्य मंदिर में क्या-क्या होगा सब कुछ चंपत राय ने बताया

राम मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को होनी है, लेकिन उससे पहले से ही वहाँ अनुष्ठान इत्यादि शुरू हो गए हैं। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में चारों वेदों की सभी शाखाओं का पारायण और यज्ञ अनवरत चल रहा है। देश के सभी प्रांतों से मूर्धन्य वैदिक विद्वानों और यज्ञाचार्यों को इस अनुष्ठान में सम्मिलित होने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास द्वारा आमंत्रित किया जा रहा है। ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ ट्रस्ट ने बताया है कि यह अनुष्ठान प्राण-प्रतिष्ठा तक अनवरत चलता रहेगा।

वहीं ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने भी राम मंदिर के संबंध में कई नई जानकारियाँ साझा की हैं। उन्होंने बताया कि पानी सरयू नदी से ली जाएगी और फिर ट्रीट की जाएगी, या फिर जमीन से पानी ली जाएगी जो फिर भूमि में ही जाएगा। उन्होंने कहा कि 70 एकड़ में अधिक से अधिक 30% कंस्ट्रक्शन है, मतलब 20 एकड़ में कुछ न कुछ निर्माण हो रहा है और 50 एकड़ भूमि में हरियाली है, घास है, पेड़-पौधे हैं और सैकड़ों वर्ष पुराने वृक्ष भी हैं, ऐसा घना जंगल भी है जहाँ सूर्य की किरणें धरती पर आती भी नहीं।

उन्होंने कहा कि ग्राउंड वॉटर का लेवल कभी नीचे नहीं जाएगा, ये मेंटेन रहेगा। उन्होंने कहा कि जीरो डिस्चार्ज की पॉलिसी है, नाली का कोई पानी सरयू नदी में नहीं जाएगा। वर्षा का जल भूमि के नीचे जाएगा। चंपत राय ने बताया कि अगर 25,000 यात्री आते हैं तो उनका सामान रखने के लिए लॉकर है – जूता-चप्पल, मोबाइल, पर्स, छोटे बैग्स। इसके लिए ‘पिलग्रिमेज फैसिलिटी सेंटर (PFC)’ बनाया गया है। उन्होंने नक़्शे के माध्यम से बताया कि कहाँ क्या व्यवस्था है।

वहीं पर एक छोटा सा अस्पताल भी होगा। पंखा, पानी, चिकित्सालय, लॉकर वगैरह सब यहीं होंगे। आराम करने के लिए भी व्यवस्था होगी। गर्मियों में नंगे पाँव चलने पर पैर न जलें, इसकी व्यवस्था होगी। वॉशरूम के लिए भी एक बड़ा परिसर तैयार किया गया है। चंपत राय ने बताया कि ये कॉम्प्लेक्स केवल तीर्थयात्रियों के लिए होगा, ये ट्रस्ट का है। इसका वेस्टेज नगर निगम के सीवर में नहीं जाएगा। 2 सीवर ट्रीटमेंट प्लांट यहीं पर बनाए जा रहे हैं।

VHP नेता चंपत राय ने आगे बताया कि वर्षा का जल भी नगरनिगम की नालियों में ड्रेनआउट नहीं होगा, जीरो डिस्चार्ज की पॉलिसी है। चंपत राय ने बताया कि ट्रस्ट का गठन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर भारत सरकार ने किया था। वहीं अब अयोध्या रेलवे स्टेशन का नाम बदल कर ‘अयोध्या धाम जंक्शन’ कर दिया गया है। अयोध्या के सांसद लल्लू सिंह ने कहा कि जनभावनाओं के अनुरूप ये निर्णय लिया गया है। साथ ही उन्होंने स्टेशन की तस्वीरें भी शेयर की हैं।

चंपत राय ने बताया कि मंदिर के चारों तरफ 732 मीटर का परकोटा बनाया जा रहा है। दक्षिण भारत के मंदिरों में ऐसा होता आया है। इसकी दीवार 14 फ़ीट की होगी। इसके 4 कोनों पर 6 मंदिर होंगे – सूर्य, शंकर, भगवती, गणेश, विष्णु और हनुमान। लिफ्ट और रैम्प भी बनाया गया है। बुजुर्गों-दिव्यांगों के लिए ये व्यवस्थाएँ होंगी। वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, निषादराज, शबरी और अहिल्या की मूर्ति भी होगी। 5 वर्ष के भगवान राम, यानी रामलला की मूर्ति 51 फ़ीट की होगी।

मुंबई में धमाकों की धमकी देने के मामले में आदिल रफीक समेत 3 वडोदरा से गिरफ्तार, कहा था- RBI हेडक्वार्टर सहित 11 बैंकों में प्लांट हैं बम

मुंबई में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) हेडक्वार्टर समेत 11 बैंकों के दफ्तरों को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में क्राइम ब्रांच ने तीन लोगों को पकड़ा है। इसमें से एक की पहचान आदिल रफीक के तौर पर हुई है। दूसरा उसका रिश्तेदार और तीसरा उसके रिश्तेदार का दोस्त है। इन लोगों को गुजरात के वडोदरा से गिरफ्तार किया गया है।

मंगलवार (26 दिसंबर 2023) को आरबीआई को एक ईमेल भेजकर उसके हेडक्वार्टर, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई समेत 11 जगहों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। धमकी देने वाले कहा था कि आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तुरंत इस्तीफा दें, वर्ना 11 ठिकानों पर जो बम रखे गए हैं उनमें धमाका होगा और सभी ठिकाने एक साथ बर्बाद हो जाएँगे।

क्राइम ब्रांच ने गुजरात के वडोदरा से पकड़ा

आरबीआई ने ई-मेल की सूचना तुरंत ही सुरक्षा एजेंसियों को दी। इसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच ने धमकी भेजने वालों को गुजरात के वडोदरा से खोज निकाला। मुख्य आरोपित का नाम आदिल रफीक है। दूसरा आदिल का रिश्तेदार और तीसरा उसका दोस्त है। क्राइम ब्रांच हिरासत में लेकर इन तीनों से पूछताछ की जा रही है। धमकी भरा ईमेल भेजने के लिए इस्तेमाल किए गए डिवाइस का भी पता लगाया जा रहा है।

बता दें कि 26 दिसंबर को आरबीआई को भेजे गए ईमेल में धमकी दी गई थी कि आरबीआई न्यू सेन्ट्रल ऑफिस बिल्डिंग फोर्ट, एचडीएफसी हाउस चर्चगेट और बीकेसी के आईसीआईसीआई बैंक टॉवर्स में 11 बम रखे गए हैं। ये सभी दोपहर 1.30 बजे फटेंगे। अगर ऐसा नहीं चाहते, तो हमारे हिसाब से काम करना होगा और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ ही आरबीआई गर्वनर शक्तिकांत दास को एक प्रेस रिलीज जारी करना होगा।

इस ईमेल में कहा गया था कि RBI के साथ-साथ प्राइवेट सेक्टर के बैंकों ने मिलकर भारत के सबसे बड़े घोटाले को अंजाम दिया है। साथ ही इस घोटाले में RBI गवर्नर शक्तिकांत दास और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के शामिल होने की बात भी कही गई थी। इन दोनों के अलावा वित्तीय मामलों के कुछ बड़े अधिकारियों और बड़े नेताओं के भी इसमें शामिल होने का आरोप लगाया गया था। ईमेल भेजने वाले ने कहा था कि उनके पास इसे साबित करने के लिए प्रूफ भी हैं। ऐसे में दोनों लोग प्रेस रिलीज जारी कर ‘घोटाले’ के बारे में सब कुछ सच-सच बताएँ। साथ ही इस कथित घोटाले में शामिल सभी लोगों को सज़ा देने की माँग भी की गई है। माँग न मानने पर एक-एक कर 11 धमाके करने की धमकी दी गई थी।

संजय सिंह वाला पैनल नहीं, अब 3 सदस्यीय एडहॉक कमिटी चलाएगी WFI: भूपेंद्र सिंह बाजवा को बनाया अध्यक्ष, जानिए और कौन-कौन से नाम

भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) में चल रही उठा-पठक के चलते एक बार फिर WFI की देखरेख और संचालन का जिम्मा एडहॉक कमेटी के हवाले हो गया है। भारतीय ओलंपिक संघ (IOC) ने WFI के लिए बुधवार (27 दिसंबर, 2023) को तीन सदस्यों की एक कमेटी बनाई है।

कमेटी में भूपेन्द्र सिंह बाजवा को अध्यक्ष, MM सोमाया को सदस्य और मंजूषा कँवर को एक अन्य सदस्य नियुक्त किया गया है। दरअसल, WFI की नई संस्था के निलंबन के बाद केंद्रीय खेल मंत्रालय के निर्देश पर ये एडहॉक कमेटी बनाई। अब ये कमेटी ही WFI के विभिन्न कामों और गतिविधियों की देखेगी।

इन कामों में खिलाड़ियों का चुनाव, अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए खिलाड़ियों के नाम भेजना, खेल स्पर्धाओं का आयोजन, निगरानी और बैंक खातों का प्रबंधन शामिल है। खेल मंत्रालय ने रविवार (24 दिसंबर, 2023) को संजय सिंह की अध्यक्षता में बने WFI के नवनिर्वाचित बोर्ड को सख्त लहजे में चेताया था।

केंद्रीय खेल मंत्रालय ने कहा था कि संस्था अभी भी ऐसे पूर्व पदाधिकारियों के प्रभाव में थी, जिन्हें यौन उत्पीड़न के आरोप के बाद निलंबित कर दिया गया था। दरअसल, बृजभूषण शरण सिंह को WFI के अध्यक्ष पद से बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट जैसे खिलाड़ियों के पहलवानों के विरोध प्रदर्शन के बाद इस्तीफा देना पड़ा था।

WFI में साल 2023 की शुरुआत से ही जारी है। इसके केंद्र में भी बृजभूषण शरण सिंह ही रहे थे। इन एथलीटों ने बृज भूषण सिंह के प्रशासन के तहत लगातार उत्पीड़न और धमकी की कई चौंकाने वाली घटनाओं का खुलासा किया था। इन खुलासों के बाद IOC और खेल मंत्रालय ने इस मामले में दखल देते हुए उस वक्त मौजूद WFI बोर्ड को निलंबित कर दिया।

इसके बाद कई महीनों तक WFI नए अध्यक्ष की बाट जोहता रहा। फिर फिर 21 दिसंबर, 2023 को WFI अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनावों में संजय सिंह ने बाजी मारी। इस चुनाव में पड़े कुल 47 में से 40 वोट उन्हें पड़े और वो WFI अध्यक्ष बन गए। संजय सिंह को WFI के नए अध्यक्ष बनने के बाद भारतीय पहलवान साक्षी मलिक ने कुश्ती से संन्यास लेने का ऐलान किया।

उन्होंने कहा कि जिसे WFI का अध्यक्ष बनाया गया है वो बृजभूषण के लिए बेटे से भी प्यारा है। वहीं बजरंग पूनिया ने कहा कि संजय सिंह को अध्यक्ष बनाने का जो फैसला हुआ है उससे लड़कियों को इंसाफ नहीं मिलेगा। एथलीटों के मुताबिक, संजय न केवल बृजभूषण के बिजनेस पार्टनर थे बल्कि उनके करीबी विश्वासपात्र भी थे। इससे मामला और गर्मा गया।

संजय की नियुक्ति के बाद विरोध में बजरंग पुनिया ने नई दिल्ली में कर्तव्य पथ के फुटपाथ पर अपना पद्मश्री पुरस्कार छोड़ दिया और विनेश फोगट ने अपने खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कारों को लौटाने की कसम खाई। इसका नतीजा ये हुआ कि नवनिर्वाचित WFI के गोंडा में अंडर-21 और अंडर-15 जूनियर लेवल रेसलिंग चैंपियनशिप आयोजित करने के फैसले पर 24 दिसंबर, 2023 को युवा और खेल मामलों के मंत्रालय ने रोक लगा दी।

मंत्रालय ने कहा है कि नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने कुश्ती के जूनियर खिलाड़ियों की राष्ट्रीय प्रतियोगिता का ऐलान करते वक्त निर्धारित नियम कानूनों को दरकिनार किया। इसे लेकर कैसरगंज के सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चुनाव हुआ और नए अध्यक्ष संजय सिंह उनके रिश्तेदार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वो क्षत्रिय समाज से आते हैं, जबकि संजय सिंह भूमिहार बिरादरी से हैं।

बृज भूषण शरण सिंह ये तक कहा कि उन्होंने कुश्ती से संन्यास ले लिया है, और रेसलिंग अब उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी रेसलिंग से उनका अच्छा या बुरा कोई जुड़ाव नहीं रहेगा, लेकिन 12 वर्ष उन्होंने काम किया। बीजेपी नेता ने कहा था कि अब वो इस विवाद से हट गए हैं और नई फेडरेशन भी बन गई है।

NSG-NIA कर रही इजरायली दूतावास के पास धमाके की जाँच, CCTV में दो संदिग्ध कैद: ‘सर अल्लाह रेजिस्टेंस’ ग्रुप का लेटर मिला

इजरायली दूतावास के पास हुए धमाके में सुरक्षा एजेंसियाँ जल्द ही अपराधियों तक पहुँच सकती हैं। सीसीटीवी फुटेज में 2 संदिग्ध दिखे हैं, उनकी तलाश की जा रही है। हालाँकि, इनका इस धमाके से संबंध है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। इस बीच, फॉरेंसिंक टीम और डॉग स्क्वॉड ने पूरे इलाके की जाँच की है। घटनास्थल से एक लेटर मिला है, जिसमें ‘सर अल्लाह रेजिस्टेंस’ ग्रुप का नाम दिया हुआ है।

सूत्रों का कहना है कि जल्द ही इस धमाके से जुड़े सभी दहशतगर्दों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस बीच, NIA ने जाँच का जिम्मा संभाल लिया है। NSG भी डॉग स्क्वॉयड के साथ पहुँचा है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप से जुड़े जाँचकर्ताओं ने मौके पर पहुँच कर सभी एंगल से जाँच शुरू कर दी है। यह धमाका एम्बेसी से 260 मीटर नंदास हाउस के गेट नंबर -4 पर हुआ था। इस जगह पर CCTV कैमरा नहीं था।

एनएसजी की फॉरेंसिंक टीम और डॉग स्क्वॉड ने की जाँच

एनएससी की फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड ने घटनास्थल का मुआयना किया है और हरेक कोने की जाँच की है। समाचार एजेंसी एएनआई ने इस बारे में एक वीडियो जारी किया है। इसमें डॉग स्क्वॉड की टीम और फॉरेंसिक टीम जाँच करती दिख रही हैं। इलाके की सीसीटीवी फुटेज में 2 संदिग्ध दिखे हैं। जल्द ही सभी आरोपितों को पकड़ लिया जाएगा।

इजरायल ने जारी की यात्रा सलाह

उधर इजरायल की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने इजरायली दूतावास के बाहर हुए इस हमले के बाद अपने नागरिकों के लिए यात्रा सलाह जारी की है। सुरक्षा परिषद इसे एक संभावित आतंकी हमला मानकर चल रही है। इसने अपने नागरिकों से भारत और विशेष कर दिल्ली के भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने की सलाह दी है।

इजरायल ने अपने नागरिकों को ऐसी जगहों पर जाने से बचने को कहा है जो कि इजरायली और यहूदी समुदाय के आने जाने वाली जगहें मानी जाती हैं। सुरक्षा परिषद ने अपनी सलाह में इजरायली नागरिकों ने भारत में सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

इजरायली दूतावास के पास हुआ था धमाका

बता दें कि देश की राजधानी दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके में स्थित इजरायली दूतावास के पास 26 दिसम्बर 2023 की शाम को एक धमाका हुआ था। धमाके के बाद मौके पर पहुँची दिल्ली पुलिस को यहाँ से एक पत्र बरामद हुआ है। इसमें जिहाद और अल्लाह हू अकबर जैसे नारों और गाजा में चल रहे युद्ध का जिक्र है।

दिल्ली पुलिस ने इलाके को सील करके आसपास जाँच की और पाया कि यह धमाका उतना ताकतवर नहीं था। दिल्ली पुलिस की जाँच टीम ने इसी प्लॉट से एक पत्र भी बरामद किया है। पत्र इजरायल के राजदूत को संबोधित करके लिखा गया है। पत्र की भाषा काफी अभद्र है और इसमें गालियों का भी उपयोग किया गया है।

यह पत्र एक पन्ने का है और इसे टाइप करके लिखा गया है। यह पत्र इजरायल के झंडे में लपेटकर यहाँ छोड़ा गया था। पत्र में गाजा पट्टी में हो रही इस्लामी आतंक विरोधी कार्यवाही रोकने की धमकी दी गई है। इसमें इस्लामी नारों जैसे कि ‘अल्लाह-हू-अकबर’ और ‘जिहाद’ जैसे शब्दों का उपयोग किया गया है। इस पत्र में इजरायल के खिलाफ जिहाद जारी रखने की धमकी दी गई है।

गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 को इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने इजरायल पर हमला कर दिया था। इसके बाद इजरायल गाजा में लगातार आतंक विरोधी अभियान चला रहा है। यह धमाका इसी की प्रतिक्रिया में बताया जा रहा है। हालाँकि यह पहली बार नहीं है जब नई दिल्ली में स्थित इजरायली दूतावास को निशाना बनाया गया हो।

इससे पहले जनवरी 2021 में भी इजरायली दूतावास के बाहर एक धमाका हुआ था। इस धमाके में जान-माल की कोई क्षति नहीं हुई थी, लेकिन कुछ गाड़ियाँ क्षतिग्रस्त हो गई थी। दिल्ली पुलिस ने इजरायली दूतावास और यहूदियों के धार्मिक स्थलों समेत अन्य जगह पर सुरक्षा को धमाके के बाद बढ़ा दिया है।