Saturday, July 20, 2024
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भारत जोड़ो यात्रा के आम आदमी भी थे ‘फिक्स’: सड़क किनारे की हो चाय दुकान या फिर किसी के घर जलपान, यूँ ही नहीं चले जाते थे राहुल गाँधी

वैसे पूरी यात्रा के दौरान कॉन्ग्रेस ने राहुल गाँधी को 'आम आदमी' के करीब दिखाने का भरपूर प्रयास किया। लेकिन, 'दैनिक भास्कर' की एक रिपोर्ट से यह तथ्य सामने आया है कि ये 'आम आदमी' भी प्लान का ही हिस्सा थे।

सितंबर 2022 में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ कन्याकुमारी से शुरू हुई। 30 जनवरी, 2023 को कश्मीर में समाप्त हो गई। करीब 150 दिन यात्रा चली। 12 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों से गुजरी। करीब 4080 किलोमीटर की दूरी तय की गई। लेकिन, इस यात्रा में काफी कुछ ‘फिक्स’ था, जिसकी चर्चा न तो कभी कॉन्ग्रेस ने की और न ही राहुल गाँधी ने।

कॉन्ग्रेस के लिए यह नई बात नहीं। आंदोलनजीवियों के सहारे निकाली गई ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को लेकर भी कॉन्ग्रेस बार-बार दावा करती रही कि इसका चुनावी राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन, यह 2024 के आम चुनावों से पहले राहुल गाँधी के रीलॉन्चिंग प्रयास का ही हिस्सा था। कोशिश थी कि आम जनता की नजर में बनी उनकी ‘पप्पू’ छवि तोड़ दी जाए। यह दूसरी बात है कि चेहरों और बयानों को लेकर विवादित रही यह यात्रा कॉन्ग्रेस के लिए राजनीतिक संभावनाओं के द्वार खोलने में सफल नहीं हुई। यह तब भी देखने को मिला जब यात्रा के समापन में 8 विपक्षी दलों ने ही शिरकत की, जबकि न्योता 23 को भेजा गया था।

वैसे पूरी यात्रा के दौरान कॉन्ग्रेस ने राहुल गाँधी को ‘आम आदमी’ के करीब दिखाने का भरपूर प्रयास किया। लेकिन, ‘दैनिक भास्कर’ की एक रिपोर्ट से यह तथ्य सामने आया है कि ये ‘आम आदमी’ भी प्लान का ही हिस्सा थे। ऐसा नहीं था कि राहुल गाँधी चलते-चलते ही सड़क किनारे किसी की चाय दुकान में घुस जाते थे या फिर किसी के भी घर जलपान कर लेते थे। उनकी ये मुलाकातें भी तय थीं। उनके पहुँचने से पहले ही इन जगहों पर तमाम व्यवस्थाएँ हो जाती थी। इन मुलाकातों को आम दिखाने के लिए फोटोग्राफर्स और वीडियो बनाने वाली टीम अहम रोल निभा रही थी। यात्रा के लिए इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों तक की मदद ली गई थी।

दैनिक भास्कर का दावा है कि यात्रा के इस पहलू को सामने लाने के लिए उसने यात्रा के दौरान राहुल गाँधी के साथ तस्वीरों और वीडियोज में नजर आए 7 राज्यों के 16 लोगों से मुलाकात की। इनलोगों से बात की। फिर कॉन्ग्रेस के उन नेताओं से भी बात की गई जो अपने-अपने राज्य में यात्रा संचालन की जिम्मेदारी सँभाल रहे थे।

केरल में यात्रा की शुरुआत और मैनेजमेंट

7 सितंबर, 2022 को केरल के कन्याकुमारी से यात्रा की शुरुआत हुई। 11 सितंबर को राहुल गाँधी तमिलनाडु के पास नेमम पहुँचे जो त्रिवेंद्रम से 40 किलोमीटर की दूरी पर है। यहाँ राहुल गाँधी स्टेनली थाट्टूकड़ा की चाय की दुकान में पहुँचे थे। स्टेनली ने जानकारी दी कि राहुल गाँधी के आने से 15 मिनट पहले उन्हें जानकारी दे दी गई थी। इसके बाद उनके दुकान की सुरक्षा जाँच की गई। 15 मिनट क बाद राहुल गाँधी पहुँचे और दुकान पर 30 मिनट तक ठहरे थे। स्टेनली की दुकान के पास ही हार्डवेयर की दुकान चलाने वाले बर्नाड ने जानकारी दी कि वह राहुल से मिलना चाहते थे लेकिन सिक्योरिटी वालों ने उन्हें राहुल से मिलने नहीं दिया।

इसी तरह राहुल गाँधी पल्लिचल में कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ता रतिश के घर ठहरे हुए थे। यहाँ भी राहुल गाँधी के पहुँचने से पहले सुरक्षाकर्मी पहुँचे हुए थे। उन्होंने पूरे घर को स्कैन किया जिसके बाद राहुल गाँधी रतिश के घर पहुँचे। रतिश की पत्नी चित्रा ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों ने अपने सामने ही चाय बनाने के लिए कहा था। चायपत्ती और चीनी भी चेक की थी। चाय पीने के बाद राहुल गाँधी चले गए लेकिन रतिश कहते हैं कि हो सकता है सब पहले से तय रहा हो।

यात्रा 11 सिंतबर, 2022 को त्रिवेंद्रम पहुँची। भास्कर के रिपोर्टर ने कॉन्ग्रेस के जिला प्रमुख पलोडे रवि से यात्रा को लेकर जानकारी प्राप्त की। पलोडे रवि ने जानकारी दी कि यात्रा की तैयारियँ महीने भर पहले से हो रही थी। यात्रा को लेकर कई कमेटियाँ और दफ्तर खोले गए। पानी की तरह पैसा बहाया गया। पलोडे ने बताया कि तिर्ची मंदिर जाने से लेकर जिले भर में आयोजित राहुल गाँधी के सभी कार्यक्रम पहले से सुनियोजित थे। जान-पहचान के लोगों को राहुल के करीब जाने दिया गया। राहुल को कहाँ रुकना है और कौन उनसे मिलेगा यह स्थानीय कॉन्ग्रेस के नेता तय करते थे। ये लिस्ट राहुल की कोर टीम के पास जाती थी और आखिरी फैसला वहाँ लिया जाता था।

कर्नाटक में भी पहले से तय नज़र आए कार्यक्रम, रेस्टॉरेंट कर्मचारियों के फोन किए गए जब्त

अक्टूबर के महीने में यात्रा कर्नाटक में प्रवेश करती है। यहाँ भी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के ज्यादातर इवेंट्स सुनियोजित नजर आए। मैसूर के प्लेटिनम रेस्टोरेंट के मालिक वरुण वेणुगोपाल बताते हैं कि राहुल गाँधी के पहुँचने से 30 मिनट पहले उन्हें राहुल के आने की जानकारी दे दी गई। रेस्टॉरेंट कर्मियों को फोन का इस्तेमाल नहीं करने दिया गया। सिर्फ यात्रा से जुड़े कैमरामैन ही फोटो ले रहे थे। मैसूर में पढ़ाई कर रहे लॉ के छात्र योगेश अनैय्या भी राहुल गाँधी से मिलना चाहते थे।

योगेश राहुल को राजीव और सोनिया गाँधी की एक पुरानी तस्वीर देना चाहते थे लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उनकी पिटाई कर दी। योगेश मार खा कर गिर पड़े तब जाकर राहुल ने उनसे मुलाकात की। मैसूर में कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने 15 दिन पहले ही तय कर लिया था कि राहुल किस मंदिर, मस्जिद और चर्च में जाने वाले हैं। भारत जोड़ो यात्रा की टीम इन इलाकों के दो महीने में दो दौरे कर चुकी थी। स्पष्ट है कि कई बार रेकी करके स्थान तय हुए।

मैसूर में कॉन्ग्रेस के सोशल मीडिया हैंडलर अरुण गंगाधर ने जानकारी दी कि कुछ लोग राहुल गाँधी से रैंडमली मिल लेते थे। लेकिन उनकी भी सुरक्षा जाँच होती थी। उनका फोन ले लिया जाता था। ज्यादातर लोग कर्नाटक में स्टेट लीडर से अप्रूवल मिलने के बाद ही राहुल से मिल सकते थे। राहुल किन लोगों से मिलेंगे यह सब एक टीम तय कर रही थी।

महाराष्ट्र में 2 बड़ी इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों ने सँभाली जिम्मेदारी

आंध्र प्रदेश में भी यात्रा पूर्व के राज्यों की तरह ही चली। महाराष्ट्र में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रहे अशोक चव्हाण यात्रा की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। महाराष्ट्र कॉन्ग्रेस के नेता यात्रा का मैनेजमेंट समझने के लिए केरल भेजे गए थे। महाराष्ट्र में भारत जोड़ो यात्रा के संचालने के लिए दो बड़ी प्राइवेट इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों को जिम्मेदारी दी गई। कांग्रेस प्रवक्ता संतोष पंधागले के मुताबिक यात्रा में कई राज्यों के कार्यकर्ता शामिल थे। कार्यकर्ताओं को उनके पसंद का खाना खिलाया जाता।

कुल 50 तरह के व्यंजन पकाए जाते। सिक्किम से आए एक यात्री के लिए स्पेशल केकड़े की डिश बनवाई गई थी। संतोष ने बताया कि राहुल कहाँ रुकेंगे और किससे मिलेंगे यह उनकी कोर टीम ने ही तय किया। साथ ही पार्टी के जिन लोगों को राहुल गाँधी से मिलना था उनकी लिस्ट पहले से बनी हुई थी। राहुल हजूर साहिब सचखंड गुरुद्वारा जाने वाले हैं इसकी जानकारी तीन दिन पहले ही दे दी गई थी।

तस्वीरें दो गाँधी की

इसी तरह मध्यप्रदेश के खंडवा में राहुल गाँधी की यात्रा में शामिल मेडिकल स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष रवि परमारको 2 दिन पहले ही राहुल के साथ यात्रा में शामिल होने की इजाजत मिल गई थी। एमपी के सिलोदा में राहुल नौशाद पटेल के घर ठहरे थे। उन्होंने बताया कि 2 घंटे पहले नौशाद को राहुल के आने की जानकारी दे दी गई थी। राहुल के लिए चाय-नाश्ता और कुर्सियाँ तक उनकी टीम ही लेकर आई थी। राहुल इसके ओंकारेश्वर मंदिर पहुँचे थे। मंदिर प्रशासन ने भी बाताय कि उन्हें राहुल के आने की जानकारी 2 दिन पहले दे दी गई थी। राहुल तय कार्यक्रम के तहत ही बाबा साहेब अंबेडकर की जन्मस्थली भी गए थे।

राजस्थान में कलाकारों से मिलाने का कार्यकर्ताओं ने किया था इंतजाम

राजस्थान में मांगणियार कलाकार हाकम खान नींबला ने भास्कर के रिपोर्टर को जानकारी दी कि जाजम फाउंडेशन ने उन्हें राहुल गाँधी की यात्रा में शामिल होने के लिए कहा था। 12 दिसंबर, 2022 को महिला दिवस के दिन राहुल और प्रियंका ने कालबेलिया डांसर गुलाबो से मुलाकात की थी। गुलाबो के मुताबिक, कॉन्ग्रेस नेताओं ने उन्हें राहुल से मिलने की दावत दी थी। यहाँ भी साफ है कि स्थानीय नेताओं ने कलाकारों की राहुल से मुलाकात का इंतजाम किया था, यानी मुलाकातें पहले से ही तय थीं।

कुल मिलाकर कहें तो पूरे यात्रा में चलते हुए राहुल गाँधी का यात्रा देखने आए लोगों में से किसी को बुला लेना ही फिक्स नहीं होता था। उनमें भी ज्यादातर लोगों की सिक्योरिटी चेकिंग होती, उनका मोबाइल जब्त किया जाता उसके बाद मिलने की इजाजत होती थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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