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‘तमिलनाडु में शौचालय साफ़ करते हैं हिंदी बोलने वाले’: उत्तर भारतीयों को लेकर DMK सांसद दयानिधि मारन का बयान हो रहा वायरल, जानिए क्या है मामला

DMK के सांसद दयानिधि मारन का हिंदी बोलने को लेकर एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दयानिधि मारन हिंदीभाषियों के विरुद्ध जहर उगल रहे हैं। वीडियो में मारन कहते हैं कि बिहार और उत्तर प्रदेश के हिंदी बोलने वाले तमिलनाडु में शौचालय साफ़ करते हैं।

दयानिधि मारन का यह बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है और कई समाचार पोर्टल इस पर खबर बना चुके हैं। इस बयान को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह हाल ही में दिया गया है और इसकी एक लगभग 25 सेकंड लम्बी क्लिप भी वायरल हो रही है। इसे हाल ही हिंदी और उत्तरी राज्यों के विरोध में दिए गए बयानों से जोड़ कर और उनके बाद आया बताया जा रहा है।

इस वीडियो में दयानिधि मारन कहते हैं, “जो भी लोग उत्तर प्रदेश या बिहार में हिंदी सीखते हैं वह तमिलनाडु में आकर शौचालय साफ़ करने, रोड साफ़ करने या फिर कंस्ट्रक्शन क्षेत्र में मज़दूरी करने का काम करते हैं।” इस क्लिप के ऊपर काफी विवाद हो रहा है।

इस वायरल क्लिप में YOYO टीवी नाम के एक चैनल का लोगो भी लगा हुआ है। इसके आधार पर सर्च करने पर यूट्यूब पर यह पूरा बयान मिलता है जिसमें यह वायरल क्लिप वाला हिस्सा भी शामिल है। वायरल क्लिप में दयानाधि मारन के कपड़े, उनके पीछे लगी फोटो और 96 लिखा दिखता है जो कि इस वीडियो में वैसा ही है। दयानिधि की वायरल क्लिप इस बयान का हिस्सा है।

दयानाधि मारन का यह बयान 9 जून 2019 का है। यह बयान उन्होंने DMK के नेता के करूणानिधि के 96वें जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम दिया था। करूणानिधि का जन्मदिन 3 जून को होता है। इसी सम्बन्ध में यह कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। मारन का यह पूरा बयान ही हिंदी थोपे जाने को लेकर केन्द्रित था।

हालाँकि कई समाचार पोर्टल इसे नया बयान बता रहे हैं। उनका कहना है कि यह बयान हाल ही में दिया गया है। इस बयान को हाल ही में DMK के सांसद सेंथिलकुमार के ‘गोमूत्र राज्यों’ और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयानिधि के बयान के बाद आया हुआ कहा जा रहा है।

दयानिधि मारन को लेकर चलाई गईं खबरें
दयानिधि मारन को लेकर चलाई गईं खबरें
दयानिधि मारन को लेकर चलाई गईं खबरें
दयानिधि मारन को लेकर चलाई गईं खबरें

हालाँकि यह सत्य नहीं है। यह बयान चार वर्ष पुराना है और इसकी सोशल मीडिया पर क्लिप अब वायरल हुई है। ऑपइंडिया के फैक्ट चेक में सामने आया है कि यह सत्य है दयानिधि मारन ने उत्तर प्रदेश और बिहार के हिंदीभाषियों अपमान करते हुए बयान दिया था। लेकिन यह बयान अभी का नहीं बल्कि 4 वर्ष पुराना है और वर्तमान में सोशल मीडिया पर वायरल होने के कारण इसे नया बताया जा रहा है। इस दौरान तमिलनाडु में हिंदी को लेकर अन्य भी विवाद हुए थे।

जिसके इशारों पर हुआ नरसंहार, उस मोहम्मद दायफ़ के घर को इजरायल ने उड़ाया: वहीं छिपाता था हथियार और गोला-बारूद, सुरंग भी मिली

इजरायली सुरक्षाबलों ने 7 अक्टूबर 2023 के आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड मोहम्मद दायफ के गाजा के दक्षिणी हिस्से में स्थित घर को तबाह कर दिया है। उसके घर से उसका पहचान पत्र बरामद हुआ है। इसके साथ ही उसके घर में एक सुरंग और हथियार एवं गोला-बारूद छिपाने की जगह मिली है। दायफ को बेहद खूँखार एवं शातिर माना जाता है। वह अब तक 7 हमलों में बचा रह गया।

दायफ इस्लामी आतंकी संगठन हमास की अल कस्साम ब्रिगेड का सरगना है। यह आतंकी संगठन हमास का सबसे खतरनाक ब्रिगेड है। इसी ब्रिगेड ने इस हमले की योजना बनाई थी। इजरायल पर अचानक हुए इस हमले में 1200 से अधिक लोग मारे गए थे। इसके साथ ही महिलाओं-बच्चों सहित 200 से अधिक लोगों को बंधक बना लिया गया। इस दौरान महिलाओं से हैवानियत की गई थी।

इजरायल पर किए गए आतंकी हमले को मोहम्मद दायफ ने बदला बताया था। उसने कहा था कि गाजा को 16 साल तक दुनिया से काटने, वेस्ट बैंक में इजरायली पुलिस के घुसने और अल अक्सा में हुई हिंसा का बदला है। हालाँकि, अब इजरायली सेना चुन-चुनकर आतंकियों का सफाया कर रही है। इनमें मोहम्मद दायफ भी शामिल है। हालाँकि, इस कार्रवाई में उसकी मौत नहीं हुई है।

मोहम्मद दायफ के घर पर शुक्रवार (22 दिसम्बर 2023) को इजरायली सेना पहुँची थी, जिसे यहाँ उसका फिलिस्तीनी पहचान पत्र मिला है। इस पहचान पत्र में उसके अलावा उसके बच्चों की जानकारी भी दर्ज है। दायफ के घर में एक सुरंग का भी पता चला है। दायफ के घर छापा मारने वाले इजरायली सुरक्षाबलों के जवानों ने इजरायली झंडे के साथ फोटो खिंचवाया और फिर घर को बम से उड़ा दिया गया।

जिस समय इजरायली सैनिकों ने उसके घर पर रेड डाली थी, उस समय दायफ इस घर में मौजूद नहीं था। उसके विषय में काफी कम जानकारी ही बाहर आती है। इजरायली सुरक्षाबलों ने 7 अक्टूबर के आतंकी हममले के कुछ दिनों बाद मोहम्मद दायफ के घर पर बम बरसाए थे। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि हमले में दायफ के पिता समेत उसके परिजन की मौत हो गई थी।

कौन है मोहम्मद दायफ उर्फ मोहम्मद मसरी?

मोहम्मद दायफ उर्फ मोहम्मद मसरी का जन्म वर्ष 1965 में गाजा के खान यूनिस इलाके में हुआ था। खान यूनिस वही इलाका है, जहाँ इस समय इजरायल आतंकी ठिकानों पर बम बरसा रहा है। मसरी 25 साल की उम्र में ही हमास से जुड़ गया था। उससे पहले वह मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़ा हुआ था।

मसरी एक स्नातक है जो कॉलेज के समय से ही फिलीस्तीनी लड़ाई में जुड़ गया था। उसको वर्ष 1989 में इजरायल की सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार भी किया था, लेकिन 16 महीने के बाद उसे छोड़ दिया गया। मोहम्मद दायफ को कस्साम ब्रिगेड से हमास का ‘इंजीनियर’ कहे जाने वाला याहया अयाश ने जोड़ा था। अयाश बम बनाने में एक्सपर्ट था। दायफ उसका शागिर्द था।

साल 1996 तक उसने अयाश के इशारों पर काम करते हुए इजरायल में कई घटनाओं को अंजाम दिया। वर्ष 1996 में इजरायल के सुरक्षाबलों ने अयाश को मार गिराया था। इसके बाद बदला लेने के मोहम्मद दायफ ने इजरायल में कई आत्मघाती हमले करवाए, जिनमें एक सप्ताह के भीतर करीब 50 लोगों की मौत हुई।

दायफ बम बनाने, आत्मघाती हमलावरों को तैयार करने और सुरंग बनाकर हमले करने का विशेषज्ञ माना जाता है। कहा जाता है कि वह अपने आसपास बहुत सीमित लोगों को रखता है और हमेशा सामान्य नागरिक की तरह रहता है। वर्ष 2002 में उसे अल कस्साम दस्ते का सरगना बनाया गया था। वर्ष 2014 में उसने इजरायल पर बड़े हमले की धमकी दी थी।

कई बार आया इजरायल के टारगेट पर, लेकिन हर बार बच निकला

रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली सुरक्षाबलों और वहाँ की खुफिया एजेंसी मोसाद के टारगेट पर मोहम्मद दायफ कम-से-कम सात बार आ चुका है, लेकिन हर बार वह जिंदा बचने में सफल रहा। साल 2002 में उसकी कार को इजरायल ने मिसाइल से टारगेट किया था। इसमें उसके दो साथियों की मौत हो गई थी, पर वह बच निकला था।

वर्ष 2004 में भी इजरायल ने मोहम्मद दायफ को निशाना बनाकर एक हवाई हमला किया। हालाँकि, इस हमले में भी वह बच गया। इस हवाई हमले में उसका खासमखास मोहम्मद अदनान-अल-गौल मारा गया। अदनान-अल-गौस को हमास का रॉकेट एक्सपर्ट कहा जाता था।

इसी तरह साल 2006 में एक खुफिया जानकारी के आधार पर इजरायल ने गाजा पट्टी के एक घर पर हवाई हमला किया था। इस हमले में उसकी रीढ़ में चोट आई थी। इजरायली सुरक्षाबलों को पता चला था कि दायफ अपने कुछ आतंकी साथियों के साथ इमारत में बैठक कर रहा है। इसके बाद यह हमला किया गया था।

साल 2014 में दायफ के घर पर एक बार और हमला हुआ। इस हमले में मसरी का एक पैर और एक हाथ उड़ गया। उसने एक आँख भी गँवा दी। कहा जाता है कि इसके बाद से वह व्हिलचेयर पर चलता है।हाल ही में आई एक रिपोर्ट में बताया गया था कि दायफ अभी भी जीवित है और उससे अच्छी अवस्था में है, जैसा इजरायल ने सोचा था।

खेल मंत्रालय ने ‘जूनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप’ आयोजित करने का WFI का फैसला रद्द किया, कहा – नियमों का उल्लंघन कर के जारी किया शेड्यूल

देश के युवा और खेल मामलों के मंत्रालय ने रविवार (24 दिसंबर 2023) को नवनिर्वाचित भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के उस फैसले को रोक दिया, जिसमें अंडर-21 और अंडर-15 जूनियर लेवल रेसलिंग चैंपियनशिप आयोजित करने का ऐलान किया गया था। हाल ही में कुश्ती महासंघ के चुनाव संपन्न हुए थे और इसमें संजय सिंह राय अध्यक्ष चुने गए थे। इन चुनावों में जीते अध्यक्ष और सदस्यों जूनियर चैंपियनशिप आयोजित करने का फैसला निष्प्रभावी हो जाएगा।

खेल मंत्रालय ने इस निर्णय की घोषणा एक प्रेस रिलीज के माध्यम से की है। खेल मंत्रालय ने कहा है कि नवनिर्वाचित कुश्ती महासंघ ने पहले से निर्धारित नियम कानूनों का पालन नहीं किया है। मंत्रालय ने कहा है कि नवनिर्वाचित अध्यक्ष द्वारा कुश्ती के जूनियर खिलाड़ियों की राष्ट्रीय प्रतियोगिता का ऐलान नियमों को ध्यान में रखते हुए नहीं किया गया।

दरअसल, नए अध्यक्ष संजय सिंह ने ऐलान किया था कि इस वर्ष के अंत से पहले कुश्ती के जूनियर खिलाड़ियों की राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। मंत्रालय का कहना है कि ऐसी प्रतियोगिताओं के लिए कम से कम 15 दिन पहले जानकारी देनी होती है और यह निर्णय कार्यकारी समिति की बैठक के बाद लिए जाते हैं।

कुश्ती के जूनियर वर्ग में यह प्रतियोगिता अंडर-15 और अंडर-20 वर्ग में होनी थी। इनका आयोजन उत्तर प्रदेश के गोंडा में नंदिनी नगर में किया जाना था। इन आयोजनों को 31 दिसम्बर से पहले चालू करवाने के पीछे नए अध्यक्ष संजय सिंह का तर्क था कि ऐसा ना किए जाने से पहलवानों का एक वर्ष खराब हो जाएगा, क्योंकि पिछले 11 महीनों से चुनाव नहीं हुए हैं।

खेल मंत्रालय ने यह भी कहा है कि कुश्ती संघ के नए पदाधिकारी, पुराने पदाधिकारियों के नियन्त्रण में दिख रहे थे और इन पदाधिकारियों पर यौन शोषण जैसे आरोप लगे थे। इनकी वर्तमान में कोर्ट में सुनवाई हो रही है। अब नए निर्णय तक महासंघ का कामकाज प्रभावित रहेगा।

बता दें कि एक दिन पहले ही संजय सिंह ने कहा था कि वह कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के करीबी हैं तो यह अपराध नहीं है। संजय सिंह को 21 दिसम्बर को सम्पन्न हुए चुनावों में अध्यक्ष चुना गया था। उन्हें कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह का उम्मीदवार बताया गया था। संजय सिंह ने अनीता श्योराण को हराया था, जो कि हरियाणा से आती हैं।

संजय सिंह के चुनाव जीतने के बाद साक्षी मालिक ने कुश्ती छोड़ने का ऐलान कर दिया था। इसके साथ ही बजरंग पूनिया ने अपना पद्मश्री लौटाने का ऐलान कर दिया था। उन्होंने अपना पद्मश्री सम्मान प्रधानमंत्री के आवास के सामने फुटपाथ पर रख दिया था। इसके बाद ये खिलाड़ी कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी, भूपेंद्र हुड्डा और उनके बेटे दीपेंद्र हुड्डा से मुलाकात की थी।

सूत्रों के मुताबिक, संजय सिंह के पक्ष ने अब इस आदेश को कानूनी रूप चुनौती देने का निर्णय लिया है। सूत्रों के हवाले से इंडिया टुडे ने कहा, “हम इस मामले को कानूनी तौर पर उठाने के लिए तैयार हो रहे हैं। हम निलंबन के फैसले का मुकाबला करेंगे, हमारी कानूनी टीम इस पर काम कर रही है।”

भारत आ रहे जहाज पर ईरान ने किया था ड्रोन से हमला: अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन का दावा

गुजरात के तट से लगभग 200 समुद्री मील दूर एक जहाज पर शनिवार (23 दिसम्बर 2023) को हुए हमले के पीछे ईरान का हाथ बताया गया है। अमेरिका के रक्षा विभाग ने कहा कि भारत जा रहे एमवी केम प्लूटो जहाज पर ड्रोन से हमला हुआ है और इस हमले के पीछे ईरान का हाथ है।

अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने एक बयान में कहा, “23 दिसम्बर 2023 को सुबह लगभग 10 बजे भारतीय तट से 200 समुद्री मील दूर लाइबेरिया के झंडे तले जापानी कम्पनी के नीदरलैंड द्वारा संचालित जहाज एमवी केम प्लूटो पर ईरान द्वारा एक ड्रोन हमला किया गया। इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है और जहाज पर लगी आग को बुझा दिया गया था।”

अमेरिकी रक्षा विभाग ने आगे बताया, “जहाज के आसपास कोई अमेरिकी नौसेना का जहाज मौजूद नहीं था। अमेरिकी नौसेना की सेंट्रल कमांड ने जहाज से लगातार संपर्क बनाया हुआ है और यह जहाज भारत की तरफ बढ़ रहा है। यह 2021 के बाद से ईरान द्वारा मालवाहक जहाज पर किया गया सातवाँ हमला है।”

दरअसल, 23 दिसम्बर 2023 को सऊदी अरब के जुबेल तट से कच्चा तेल लेकर भारत के मैंगलोर तट के लिए रवाना हुए इस जहाज पर हमला कर दिया गया था। हमले की खबर के बाद भारतीय नौसेना के पोत विक्रम और तटरक्षक जहाजों को मदद के लिए भेज दिया गया था।

भारतीय नौसेना ने डोर्नियर विमान को भी इस जहाज को सहायता देने के लिए रवाना किया था। हमले के बाद भारतीय नौसेना ने इस जहाज से सम्पर्क साधकर उस तक मदद पहुँचाई थी। इस जहाज पर मौजूद कर्मचारियों में कुछ भारतीय भी थे। अब यह जहाज सुरक्षित है और मुंबई की तरफ बढ़ रहा है। इस पर 21 भारतीय कर्मचारी मौजूद हैं।

हालाँकि, ईरान की सरकार ने इस हमले पर अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है। पहले यह शक जताया गया था कि यह हमला यमन के हूती विद्रोहियों ने यह काम किया है। दरअसल, हूती विद्रोही इजरायल से सम्बन्ध रखने वाले जहाजों पर पहले भी हमले का ऐलान किया था।

इस जहाज के इजरायल से जुड़े होने की बात भी सामने आई थी। मीडिया रिपोर्ट्स ने बताया था कि इस जहाज का सम्बन्ध इजरायली जहाज कारोबारी इदान ओफ़र से जुड़ा हुआ है। दरअसल, हूतियों ने इजरायल और हमास के युद्ध के कारण कहा था कि वह अब इस इलाके से गुजरने वाले इजरायली जहाजों को निशाना बनाएँगे।

वहीं, इस हमले के बाद एक भारतीय कम्पनी द्वारा चलाए जाने वाले एक अन्य जहाज एमवी साईबाबा पर हमले की जानकारी भी सामने आई है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा है कि इस हमले में किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ है। इस जहाज पर भारतीय झंडा लगा हुआ था और यह गैबोन की एक कम्पनी के मालिकाना हक वाला जहाज है। अमेरिका ने कहा है कि इस हमले के पीछे हूतियों का हाथ है।

इस हमले के बाद से इस इलाके से जहाजों का आवागमन कम हो गया है। अब जहाज यह रूट लेने से कतरा रहे हैं। जहाजों को अब यहाँ से गुजरने के बजाय लंबा रूट ले रहे हैं। हालाँकि, हमलों की वजह से भारतीय नौसेना ने इस इलाके में गश्त बढ़ा दी है।

नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद गए थे रिटायर SSP, आतंकियों ने बरसा दीं गोलियाँ: मौत के बाद जम्मू-कश्मीर में जगह-जगह तलाशी

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद से ही इस्लामी आतंकी और उसके आका पाकिस्तान में छटपटाहट है। वे किसी भी हाल में प्रदेश की शांति व्यवस्था को बिगाड़ना चाहते हैं। सेना के काफिले पर हमले के दो दिन बार आतंकियों ने अब एक रिटार्यड पुलिस अधिकारी को निशाना बनाया है। वे नजदीकी मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए गए हुए थे।

मामला बारामूला के गांटमूला शीरी बारामूला इलाके का है। कहा जा रहा है कि मोहम्मद शफी मीर नाम के रिटायर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मस्जिद में नमाज पढ़ (कुछ मीडिया रिपोर्ट में अजान दे रहे) थे तो आतंकियों ने उन पर फायरिंग कर दी। गोली लगते ही वे गिर पड़े। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया है कि पूरे इलाके को घेर लिया गया है और स्थानीय लोगों से इस इलाके से दूर रहने को कहा गया है। पुलिस ने यह भी कहा कि मामले की जाँच की जा रही है और हत्या को अंजाम देने वालों के बारे पता लगा रही है। सुरक्षा एजेंसियों को सूत्रों से पता चला है कि हत्या को अंजाम देने के बाद आतंकी बाज जंगल में छिपे हुए हैं।

बता दें कि आतंकियों ने ऐसे समय में हमला किया है, जब पुँछ में सेना आतंकियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन चला रही है। जम्मू-कश्मीर के पुँछ जिले में गुरुवार (21 दिसंबर 2023) को हथियारों से लैस आतंकवादियों ने सेना के दो वाहनों पर घात लगाकर हमला कर दिया था। इस हमले में 4 सैनिक बलिदान हो गए थे। इनमें से दो जवानों के शव क्षत-विक्षत मिले थे।

बता दें कि BSF के एक वरिष्ठ अधिकारी ने 16 दिसंबर 2023 को इंटेलिजेंस के हवाले से कहा था कि पाकिस्तानी सीमा में 250 से 300 आतंकी घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं। अधिकारी ने बताया था कि सुरक्षाबलों को अलर्ट कर दिया गया है और सीमा पार से किसी भी तरह की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दी जाएगी।

‘एक रात हमारे साथ सो जाओ तो ड्यूटी बढ़ा देंगे’: महिला कर्मचारियों ने खोली केजरीवाल के अस्पताल की सच्चाई, AAP विधायक का भी लिया नाम

दिल्ली के बुराड़ी के एक सरकारी अस्पताल में महिला कर्मचारियों ने काम देने के एवज में शारीरिक शोषण किए जाने का आरोप लगाया है। महिलाओं का कहना है कि उनके शीर्ष अधिकारी उन पर शारीरिक सम्बन्ध बनाने का दबाव बनाते हैं और ऐसा ना करने पर उनको प्रताड़ित किया जाता है। इस मामले का राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी संज्ञान लिया है।

बुराड़ी स्थित दिल्ली सरकार के इस अस्पताल के बाहर महिलाएँ लगातार प्रदर्शन कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि उन्हें अस्पताल में ड्यूटी नहीं दी जा रही है। उन्हें पूरी ड्यूटी दिए जाने के एवज में उनके अधिकारी उनसे शारीरिक सम्बन्ध बनाने के लिए कहते हैं और रिश्वत भी माँगते हैं।

महिलाओं ने कहा कि अस्पातल में AAP के स्थानीय विधायक संजीव झा के लोग भी हैं और उनके सहयोग से ये कुकर्म किया जाता है। महिलाओं के कहा कि संजीव झा के लोग पैसे लेकर-लेकर लोगों को नौकरी देते हैं। साथ ही आरोपितों को भी बचाते हैं। महिलाओं ने AAP विधायक और उसके लोगों पर गंभीर आरोप लगाए।

जानकारी के अनुसार, बुराड़ी स्थित दिल्ली सरकार के इस अस्पताल में मेडिकल के अतिरिक्त तमाम स्टाफ को आउटसोर्सिंग से रखा जाता है। इसके तहत एक कम्पनी ग्लोबल वेंचर यह काम करती है। इसका काम इन कर्मचारियों की भर्ती और उनके काम की देखरेख होता है। यह भी सामने आया है कि यहाँ कर्मचारियों को रखने के लिए रिश्वत ली गई।

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक महिला ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में सुपरवाईजर और मैनेजर पद पर काम करने वाले नीरज शर्मा, राजकुमार और आदर्श नाम के शख्स पर ये आरोप लगाए गए हैं। एक महिला कर्मचारी का कहना है कि उसे इन अधिकारियों की करतूतों के बारे में सब पता है। महिलाओं के प्रदर्शन के इस वीडियो में उनके आरोप सुने जा सकते हैं।

महिला ने बताया है कि इस अस्पताल के बेसमेंट में ये अधिकारी महिला कर्मचारियों को बुलाते थे और उनका शारीरिक शोषण करते थे। उसका कहना था कि शारीरिक सम्बन्ध बनाने के लिए तैयार ना होने वाली महिलाओं को अस्पताल में मात्र 15 दिन काम दिया जाता था।

अधिकारी महिलाओं से कहते थे कि उनके साथ एक रात सोने पर वह काम के दिन बढ़ाकर 20-25 कर देंगे। महिला का कहना है कि यदि अस्पताल के बेसमेंट के सीसीटीवी की जाँच करवाई जाए तो सारी सच्चाई बाहर आ जाएगी। प्रदर्शन करने वाली महिलाओं ने इस मामले में स्थानीय AAP विधायक संजीव झा का संबध बताया है।

महिला का कहना है कि नीरज और राजकुमार यहाँ काम करने वाली महिलाओं से एक-एक करके अकेले में मिलने को कहते थे। उन्हें इस विषय में आवाज उठाने से भी रोका जाता था। जिन महिलाओं ने इसके खिलाफ आवाज उठाई, उन्हें नौकरी से भी निकाल दिया गया।

महिलाओं का कहना है कि उन्हें धमकाया भी गया है। इसके अलावा एक महिला से मारपीट की घटना भी सामने आई है। उसके साथ छेड़छाड़ और यौन शोषण किया गया और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। इस मामले में महिला ने दिल्ली पुलिस के पास मामला भी दर्ज करवाया है।

इस पूरे मामले पर राष्ट्रीय महिला आयोग और दिल्ली महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है। उन्होंने इस मामले में उत्तरी दिल्ली के डीसीपी से रिपोर्ट माँगी है।

दिल्ली पुलिस को की गई शिकायत में महिला ने 17 और 19 दिसम्बर 2023 को मारपीट और छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इन सभी के खिलाफ IPC की धारा 323, 354, 506, 509 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

‘अडानी का नाम तो लेना होगा…’: 25 करोड़ रुपए का चेक मिला तो शरद पवार ने की उद्योगपति की तारीफ

नेशनलिस्ट कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार ने उद्योगपति गौतम अडानी की एक बार फिर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सेंटर बनाने के लिए 25 करोड़ रुपए की जरूरत थी, लेकिन उनके आग्रह पर गौतम अडानी ने तुरंत 25 करोड़ रुपए का चेक भेज दिया।

दरअसल, शरद पवार शनिवार (23 दिसंबर 2023) को पुणे जिले के बारामती में एक प्रौद्योगिकी लैब के उद्घाटन के दौरान लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठान ने एक प्रोजेक्ट हाथ में लिया है। तकनीक के कारण इंजीनियरिंग क्षेत्र के बदलने के कारण एक ऐसा वर्ग बनाना जरूरी है, जो बदलाव को स्वीकार कर सके।

उन्होंने आगे कहा, “हम भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का पहला सेंटर बना रहा हैं। इस परियोनजा पर 25 करोड़ रुपए की लागत आने वाली है। इसके लिए अब फंड की भी व्यवस्था हो चुकी है। मेरी अपील पर मेरे सहयोगियों ने तुरंत समर्थन दिया।”

अडानी समूह का प्रमुख का नाम लेते हुए पवार ने आगे कहा, इस मौके पर मुझे गौतम अडानी का नाम लेना होगा। उन्होंने 25 करोड़ रुपए का चेक संस्था को भेजा है।” इसके लिए उन्होंने गौतम अडानी को धन्यवाद भी दिया। बता दें कि पवार ऐसे समय में अडानी की प्रशंसा कर रहे हैं, जब महाविकास अघाड़ी में उनकी सहयोगी रही शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे उनका विरोध कर रहे हैं।

हाल ही में मुंबई की धारावी विकास परियोजना को लेकर उनकी पार्टी ने गौतम अडानी के खिलाफ मार्च निकाला था। इसके बहाने उन्होंने महाराष्ट्र की भाजपा गठबंधन सरकार को निशाना बनाने की कोशिश की थी। इसके साथ ही I.N.D.I गठबंधन के नेता भी अक्सर सरकार की आलोचना करने के लिए गौतम अडानी के नाम का इस्तेमाल करते हैं।

बता दें कि अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद जब I.N.D.I गठबंधन निशाना बना रही थी, तब भी शरद पवार ने उनकी तारीफ की थी। उस दौरान कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी के नेतृत्व में विपक्षी दल अडानी ग्रुप के खिलाफ संयुक्त संसदीय समिति (JPC) द्वारा जाँच की माँग करते आ रहे थे। तब शरद पवार ने कह दिया था कि JPC जाँच की कोई जरूरत नहीं है।

JPC की माँग को लेकर उन्होंने कहा था, “इस मुद्दे को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया गया। जो मुद्दे उठाए गए, किसने उठाए? इनके (हिंडनबर्ग) बारे में हमने कभी नहीं सुना। उनकी पृष्ठभूमि क्या है? जब वे ऐसे मुद्दे उठाते हैं जो पूरे देश में हंगामा खड़ा कर देते हैं तो इसकी कीमत देश की अर्थव्यवस्था को चुकानी पड़ती है। इन बातों को नज़रअंदाज नहीं कर सकते। ऐसा लगता है कि यह निशाना बनाया गया था।”

बताते चलें कि उद्योगपति गौतम अडानी और शरद पवार की दोस्ती लगभग दो दशक पुरानी है। शरद पवार ने साल 2015 में मराठी में आई अपनी आत्मकथा ‘लोक भूलभुलैया संगति…’ में भी गौतम अडानी की तारीफ की है। इसमें शरद पवार ने गौतम अडानी को सरल, जमीन से जुड़ा व्यक्ति और मेहनती बताया है।

उन्होंने लिखा है कि अडानी ने हर चुनौती स्वीकार की और आगे बढ़े। पवार ने इसमें आगे लिखा है, “मेरे ही कहने पर ही अडानी ने थर्मल पावर सेक्टर में कदम रखा था। वह हीरा उद्योग में अच्छी कमाई कर रहे थे, लेकिन गौतम को इसमें कोई दिलचस्पी नहीं थी। इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में प्रवेश करने की उनकी महत्वाकांक्षा थी।”

‘जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं’: जेल से निकल मनीष कश्यप ने भरी भ्रष्टाचार के खिलाफ हुंकार, दशरथ माँझी की भूमि पर पहुँच कहा – डरने वाला नहीं हूँ

पटना के बेउर जेल से रिहा होने के बाद यूट्यूबर मनीष कश्यप अपने काफिले के साथ ‘माउंटैन मैन’ के नाम से विख्यात दशरथ माँझी की कर्मभूमि गहलौर पहुँचे। इस काफिले में दर्जनों कारें शामिल रही। मनीष कश्यप के गहलौर पहुँचने की सूचना पर भारी संख्या में युवाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मनीष कश्यप के समर्थन में युवाओं ने जमकर नारेबाजी की। दशरथ माँझी की कर्मभूमि गहलौर में मनीष कश्यप ने हुँकार लगाई, “भ्रष्टाचार के पहाड़ को जब-तक तोड़ेंगे नहीं…तब-तक छोड़ेंगे नहीं।”

गया के गहलौर पहुँचे मनीष कश्यप ने सबसे पहले दशरथ माँझी की समाधि स्थल पर पहुँचकर माल्यार्पण किया। इसके बाद दशरथ माँझी के पुत्र भागीरथ माँझी के पैर छुए और कहा, “दशरथ माँझी कभी कहते थे, ‘जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं।’ आज हम कह रहे हैं कि भ्रष्टाचार के पहाड़ के जब तक हम तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं।” इस दौरान उन्होंने दशरथ माँझी के लिए भारत रत्न की माँग की।

बता दें कि तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों के साथ कथित जुल्म पर वीडियो बनाने वाले बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप शनिवार (23 दिसंबर 2023) को पटना के बेऊर जेल से बाहर आए। जेल से बाहर आते ही समर्थकों ने उन्हें माला पहनाई और उन्हें कंधे पर उठा लिया। इसके बाद ओपन जीप में उनका काफिला निकला।

रिहाई के दौरान बेउर जेल के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था क्योंकि उनके समर्थकों का एक बड़ा समूह उनकी अगवानी के लिए पहुँचा था। जेल से निकल उन्होंने कहा, “मैं जेल में कालापानी की सजा काटकर आया हूँ। आगे भी पत्रकारिता करते रहूँगा। अगर मैं डरा तो ये समझेंगे कि हमने एक पत्रकार को डरा दिया।”

सभी मामलों में मिली जमानत

बताते चलें कि यूट्यूबर मनीष कश्यप उर्फ त्रिपुरारी कुमार तिवारी को सभी मामलों में जमानत मिल गई है। दो दिन पहले 20 दिसंबर 2023 को अंतिम मामले में उन्हें जमानत मिल गई थी। इसके बाद मनीष कश्यप को जेल से रिहाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।

मनीष कश्यप के दोस्त ने मणि द्विवेदी ने कहा था कि मनीष के ऊपर तमिलनाडु में दर्ज सारे मामलों में पहले ही जमानत मिल चुकी है। अब पटना के सिविल कोर्ट से भी सभी मामलों में जमानत मिल चुकी है। मणि ने कहा कि बेतिया कोर्ट से भी उन्हें बेल मिल चुका था। एक मामला पटना हाईकोर्ट में लंबित था, उसमें भी 20 दिसंबर 2023 जमानत मिल गई।

वीडियो बनाने पर हुई थी कार्रवाई

गौरतलब है कि मनीष कश्यप उर्फ त्रिपुरारी कुमार तिवारी पर मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने उनकी खोजबीन शुरू कर दी थी। इस दौरान उनके घर की कुर्की-जब्ती भी की गई थी। कुर्की-जब्ती की कार्रवाई के दौरान ही उन्होंने 18 मार्च 2023 को सरेंडर कर दिया था। इसके बाद उन्हें तमिलनाडु पुलिस अपने साथ लेकर चली गई।

दरअसल, मनीष कश्यप ने तमिलनाडु में बिहार के मजदूरों के साथ मारपीट का कथित फर्जी वीडियो शेयर किया था। इस मामले में बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मनीष कश्यप के खिलाफ FIR दर्ज किया था।

वहीं, तमिलनाडु पुलिस ने कुल 13 केस दर्ज किया था। इनमें 6 मामले में मनीष कश्यप नामजद आरोपित बनाए गए। इसको लेकर तमिलनाडु पुलिस ने 6 अप्रैल 2023 को यूट्यूबर कश्यप पर NSA लगाया था। जिसके बाद सोशल मीडिया पर काफी विरोध हुआ था और लोगों ने इसे राजनीतिक दमन बताया था। बाद में कोर्ट ने NSA से हटा दिया था।

‘अब नहीं चलेगी दूसरे गाल पर थप्पड़ मारने वाली नीति, आतंकवाद का जवाब तेजी से मिलेगा’: विदेश मंत्री एस जयशंकर की दो टूक

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत की जनता अब ‘एक गाल पर थप्पड़ खाने के बाद दूसरे गाल को आगे बढ़ाने’ वाली मानसिकता से निकल चुकी है। उन्होंने कहा कि भारतीयों को मुकाबला करने की जरूरत है। पहले के ‘दूसरे गाल को आगे बढ़ाने की स्मार्ट रणनीति’ से भारत की जनता अब निकल चुकी है। उन्होंने कहा कि आजादी के तुरंत बाद से ही भारत सीमापार से आतंक झेल रहा है। अब सामना करने की जरूरत है।

गाँधी नगर के लावड में स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत को आजादी के दिन से ही आतंकवाद झेलना पड़ रहा है। भारत को जब आजादी मिली, तभी पाकिस्तान से आए हमलावरों ने कश्मीर पर हमला शुरू कर दिया था। आज इस देश में एक बदलाव आया है। विदेश मंत्री ने कहा, “मुझे लगता है कि मुंबई पर 26/11 हमला एक निर्णायक बिंदु था, जिसके बाद देश की मानसिकता बदली है।”

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, “अब हमें सबसे पहले जो करने की जरूरत है, वह यह है कि हमें मुकाबला करने की जरूरत है। मैं जानता हूँ कि जिन लोगों ने कहा था, ‘ओह, हमने दूसरा गाल आगे करने की एक बहुत ही स्मार्ट रणनीति’ बनाई थी। मुझे नहीं लगता कि देश का अब यह मूड है। मुझे नहीं लगता कि इसका कोई मतलब है। मुझे नहीं लगता कि इसका कोई रणनीतिक मतलब है। अगर कोई सीमा पार आतंकवाद कर रहा है, तो आपको इसका जवाब देना चाहिए। उन्हें इसकी कीमत चुकानी चाहिए।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले जिसमें 5 जवान बलिदान हो गए, इस मामले पर विदेश मंत्री ने कहा कि आतंकवाद लंबे समय से भारत के लिए एक चुनौती रहा है। हमें तेजी से जवाब देना होगा। जो भी हम पर हमला करे, उसे नतीजा भुगतना होगा।

कार्यक्रम के दौरान एस जयशंकर ने कहा, “आतंकवाद का मुकाबला इसलिए हमारी क्षमताओं और हमारी कल्पनाओं दोनों को चुनौती देता है। जैसे-जैसे हमारे हितों का विस्तार होता है, हमें दूसरों की सुरक्षा में योगदान देने का भी प्रयास करना होगा। यह तत्काल पड़ोस में हो सकता है, या यह वित्तीय, स्वास्थ्य और ऊर्जा सहायता के संदर्भ में हो सकता है उनके लिए या यह ग्लोबल साउथ जैसे बड़े क्षेत्र के लिए हो सकता है।”

आँखों में बिहार बदलने का सपना लिए दिल्ली पहुँचे IPS विकास वैभव, कहा – जातिवाद की कुसंस्कृति को खत्म करें, बिहार को विकसित बनाएँ बिहारी

दिल्ली के एनडीएमसी (NDMC) कन्वेंशन सेंटर में 23 दिसम्बर 2023 को ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ अभियान के तहत एक परिचर्चा आयोजित की गई। इसमें भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी विकास वैभव के नेतृत्व में बिहार के बुद्धिजीवियों का बड़े पैमाने पर हिस्सेदारी शामिल रही। इसका उद्देश्य साल 2047 तक एक ऐसे विकसित बिहार की संकल्पना की गई, जिसमें शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य के लिए किसी को बिहार से बाहर नहीं जाना पड़े।

‘Let’s Inspire Bihar’ एक अभियान है, जिसमें बिहार के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का उद्देश्य लेकर 76,000 से अधिक बिहारवासी स्वैच्छिक रूप से अपना सकारात्मक योगदान दे रहे हैं। IPS अधिकारी वैभव की अगुवाई में 22 मार्च 2021 को इस अभियान की शुरुआत हुई थी। इसमें लघुवादों (जातिवाद, सम्प्रदायवाद इत्यादि) से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में शिक्षा, समता एवं उद्यमिता जैसे विकास के आधारभूत क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर चिंतन के साथ योगदान करने की परिकल्पना है।

इस परिकल्पना से प्रेरित होकर बिहार के अलग-अलग जिलों, भारत के महानगरों तथा विदेशों के भी अनेक व्यक्तियों ने संगठित होकर अपना-अपना योगदान देने का निर्णय लिया और इसमें वे अपना योगदान दे भी रहे हैं। इन लोगों द्वारा कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने आचरण तथा विरासत में समाहित दृष्टि तथा प्रेरणा से दूसरों के लिए प्रेरणास्त्रोत भी बन रहे हैं। इसका एकमात्र उद्देश्य बिहार एवं देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण को संभव बनाना है।

इस अभियान के 1000 से अधिक कार्यक्रमों के बाद 10 दिसंबर 2023 को बेगूसराय से ‘नमस्ते बिहार’ बृहत जनसंवाद कार्यक्रम का प्रारंभ किया गया। इसमें 50,000 से अधिक बिहारवासी सम्मिलित हुए। इसे बिहार के सभी जिलों में आयोजित करने की योजना है। इसका अगला कार्यक्रम 21 जनवरी 2024 को आरा में निर्धारित किया गया है।

बिहार विजन काॅन्क्लेव 2047 के अवसर पर हजारों की संख्या में उपस्थित बिहारवासियों को संबोधित करते हुए विकास वैभव ने कहा कि कार्यक्रम में बिहार के तमाम ऐसे बुद्धिजीवी तथा उद्यमी व्यक्ति सम्मिलित हुए, जो अपने-अपने क्षेत्र में महारथ हासिल किए हुए हैं । बिहार 2047 तक विकसित राज्य बने, इसके लिए आवश्यकता होगी कि जाति, संप्रदाय, लिंगभेद आदि लघुवादों से परे उठकर सभी शिक्षा, समता और उद्यमिता के विकास हेतु योगदान करें।

उन्होंने कहा कि बिहार में 30 वर्ष से कम आयु के 9 करोड़ युवा हैं, जिन्हें अगले 2 दशकों में बिहार में ही उत्कृष्ट शिक्षा तथा उचित रोजगार की आवश्यकता होगी। इसके लिए उद्यमिता की क्रांति आवश्यक है। विकास वैभव ने इस अभियान के माध्यम से बिहार के हर जिले में अगले 5 वर्षों में युवाओं द्वारा ऐसे 5 सफल स्टार्टअप के विकास का लक्ष्य दिया, जिनमें 100 से अधिक व्यक्तियों को रोजगार मिले। ऐसे स्टार्टअप से ही अन्य लोग भी प्रेरित होंगे तथा एक चेन बनेगा, जो बिहार में उद्यमिता की क्रांति का प्रारंभ करेगा।

उन्होंने कहा कि बिहार के उत्कृष्ट इतिहास की चर्चा अपने स्वत्व को जानने हेतु आवश्यक है। प्रत्येक बिहारवासी तथा अन्य राज्यों एवं विदेशों में रह रहे बिहारवासी से बिहार के लिए योगदान व प्रयास का आह्वान किया गया है। अपने गाँव आदि में अपना कुछ योगदान देने पर तथा शिक्षा, प्रशिक्षण, कार्य अनुभव आदि बिहार में साझा करने जोर दिया गया। Job seeker से Job Creator बनने के दृष्टिकोण में परिवर्तन के लिए लोगों को प्रेरित किया गया।

IPS अधिकारी विकास वैभव ने कहा कि बिहार का प्रमुख लक्ष्य उद्यमिता का विकास होना चाहिए, जिससे बिहार में नए स्टार्टअप के माध्यम से रोजगार का सृजन हो सके। सभी उद्यमियों से बिहार में उद्यम लगाने का भी आग्रह किया गया। इस दौरान कई उद्यमियों ने भी बिहार में अपना उद्यम लगाने का आश्वासन दिया।

इस मौके पर आलोक रंजन ने अभियान का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और कहा कि पिछले ढाई वर्षों से बिहार में प्रदेश के प्रबुद्धजनों की आंशिक सहभागिता एवं विकास वैभव जैसे लोकप्रिय आईपीएस के आह्वान पर नव बिहार के लिए संकल्पित एक सामाजिक अभियान चल रहा है। इसका उद्देश्य शिक्षा, समता एवं उद्यमिता के क्षेत्र में सामूहिक परिवर्तन लाना है। इस दौरान प्रतिभागियों ने बिहार को नई ऊँचाई पर ले जाने के लिए हरसंभव प्रयास की भी बात कही।

पैनल में बिहार IT/सॉफ्टवेयर तथा मैनुफैक्चरिंग हब कैसे बने, फार्मेसी, शिक्षा तथा कॉस्मेटिक क्षेत्र में संभावनाएँ, युवाओं का स्किल डेवलपमेंट तथा रोजगार सृजन, एमएसएमई, उद्यमिता के लिए इनक्यूबेशन सेंटर की आवश्यकता जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। इसके अलावा कृषकों के लिए योजनाएँ, SIDBI-NABARD, बैंकिंग संस्थानों द्वारा निवेशकों के लिए उचित वातावरण का निर्माण, उत्तर बिहार में बाढ़ नियंत्रण, ग्रामीण शिक्षा का विकास और पर्यटन के विकास पर भी गंभीर चिंतन की गई।