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15 साल छोटी हैं अरबाज खान की दूसरी बेगम, ‘मस्त-मस्त नैन’ पर नाचे सलमान खान: बहन के घर हुआ निकाह, जानिए कौन हैं शूरा खान

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के भाई अरबाज खान ने 56 साल की उम्र में 41 वर्षीय शूरा खान से 24 दिसंबर 2023 को निकाह किया। निकाह का पूरा कार्यक्रम अर्पिता खान के घर पर आयोजित हुआ। जिसकी तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर वायरल हैं। लोग जानना चाहते हैं कि आखिर शूरा खान हैं कौन, जिनसे डेटिंग के चर्चे न मीडिया में आए और न ही दोनों की पहले कोई तस्वीर सामने आई।

तो बता दें शूरा खान बॉलीवुड की फेमस मेकअप आर्टिस्ट हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर इतनी जाना-माना नाम नहीं थीं। उनके निकाह तक इंस्टा पर मात्र 13.1 हजार फॉलोवर्स थे, जो कि एक सेलीब्रिटी होने के लिहाज से बेहद कम हैं। इंस्टा पर देखें तो उनका अकाउंट भी प्राइवेट है। लेकिन उनकी कुछ वीडियो ऐसी हैं जिसमें उन्हें रवीना टंडन और उनकी बेटी राशा थडानी के साथ कोलैब करते देखा जा सकता है।

इसके अलावा उन्होंने फिल्मों में भी डेब्यू किया था मगर वहाँ उन्हें इतना नाम नहीं मिला। उनकी पहली फिल्म औरंगजेब थी और दूसरी देसी कट्टे थी। शूरा ने सिंगिंग की दुनिया में भी अपनी आवाज को अजमा रखा है। 2019 में उन्होंने पंजाबन गाना गाया था। फिर सत्यमेव जयते फिल्म का मशहूर गाना कुसू-कुसू भी उन्हीं की आवाज में हैं।

अरबाज खान से शूरा की मुलाकात ‘पटना शुक्ला’ के सेट पर हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच नजदीकियाँ बढ़ीं और उन्होंने निकाह का फैसला किया।

बता दें कि सलमान खान के भाई अरबाज खान की यह दूसरी शादी है। उन्होंने साल 1998 में मलाइका अरोड़ा से शादी की थी जिनसे उनका रिश्ता 2017 तक रहा। इसके बाद दोनों तलाक ले लिया। फिर अरबाज जॉर्जिया के साथ रिश्ते में आए मगर उनसे भी 2021 में राहें अलग हो गईं। अब अरबाज ने अपने से 15 साल छोटी शूरा खान से निकाह किया है। निकाह में सलमान खान भी तेरे मस्त-मस्त दो नैन गाने पर थिरकते नजर आए।

सड़कों में कारों की कई किलोमीटर लंबी कतार, सारे होटल फुल: क्रिसमस और नए साल के जश्न पर भारी पहाड़ों की तरफ भागने वाली भीड़, मसूरी और मनाली के रास्ते जाम

क्रिसमस का जश्न मनाने के लिए भारी संख्या में लोग हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ों पर पहुँच रहे हैं। इससे इन राज्यों के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर जगह-जगह जाम लग रहा है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू-मनाली, शिमला, धर्मशाला और उत्तराखंड के मसूरी, नैनीताल, देहरादून जैसे पर्यटन स्थलों पर क्रिसमस के मौके पर भारी भीड़ देखी जा रही है। इन स्थलों पर होटल, रेस्ट्रॉं और अन्य पर्यटन सुविधाओं की बुकिंग पहले से ही फुल हो चुकी है।

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू-मनाली के सोलंग घाटी, मनाली, डलहौजी और शिमला में क्रिसमस के मौके पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों शामिल हो रहे हैं। वहीं, उत्तराखंड के मसूरी, नैनीताल और देहरादून में भी क्रिसमस के मौके पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में क्रिसमस की झाँकियाँ, सांस्कृतिक कार्यक्रम और संगीत कार्यक्रम शामिल हैं।

सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियोज की भरमार आ गई है जहाँ कई किलोमीटर तक गाड़ियों का जाम लगा है और ट्रैफिक रेंगते हुए चल रहा है। मनाली हिमाचल प्रदेश का एक पसंदीदा पर्यटन स्थल है। हर साल यहाँ बर्फबारी का आनंद लेने और अपनी लंबी छुट्टियाँ बिताने के लिए देश भर से लोग बड़ी संख्या में आते हैं। इस समय के दौरान इस क्षेत्र में आमतौर पर हर साल ट्रैफिक जाम की खबरें आती हैं।

सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम की स्थिति अटल टनल से होकर जाने वाले रास्ते पर है। इस बीच हिमाचल प्रदेश के ऊँचे इलाकों में शनिवार को हल्की बर्फबारी का ताजा दौर देखा गया। यह तब हुआ जब मौसम विभाग ने 24 दिसंबर से हिमालयी राज्य में शुष्क मौसम की भविष्यवाणी की है।

क्रिसमस के मौके पर पहाड़ों पर पहुँची भीड़ से स्थानीय लोगों को काफी परेशानी हो रही है। सड़कों पर जाम लगने से लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुँचने से जाम की स्थिति भी बनी हुई है। सुबह से शाम तक वाहन सड़कों पर रेंग रेंगकर चलते नजर आए। पुलिस और प्रशासन की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई इंतजाम किए गए हैं। लेकिन, भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा है। क्रिसमस के मौके पर पहाड़ों पर पहुँची भीड़ से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी काफी फायदा हो रहा है। पर्यटन से स्थानीय लोगों को काफी आय हो रही है।

‘बच्चों को सैंटा बनाना है तो पहले पैरेंट्स से लो अनुमति’: मध्य प्रदेश में स्कूलों को सख्त आदेश, न मानने पर झेलनी होगी कार्रवाई

मध्य प्रदेश के उज्जैन और शाजापुर जिले में बच्चों को स्कूलों में सैंटा क्लॉज बनाना महंगा पड़ सकता है। वहाँ किसी भी बच्चे को सैंटा क्लॉज वगैरह बनाने के लिए परिजनों की लिखित सहमति जरूरी कर दी गई है। अगर परिजनों की सहमति के बिना किसी बच्चे के सैंटा क्लॉज बनाया जाता है, तो उससे होने वाले विवाद की जिम्मेदारी उक्त स्कूल की होगी। इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की तरफ पत्र जारी किया गया है।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, बीआरसी संजय शर्मा ने बताया कि डीईओ द्वारा जारी पत्र में सभी संस्था प्रमुख एवं संचालक को साफ तौर पर हिदायत दी गई है कि इस संबंध में किसी भी प्रकार की शिकायत या विवाद संज्ञान में आने पर संबंधित स्कूल/ शैक्षणिक संस्था के विरुद्ध एक पक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। यह पत्र जारी होने के बाद निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया है।

बताया जा रहा है कि उज्जैन में इस तरह का आदेश पहली बार जारी किया गया है। हालाँकि उज्जैन से पहले शाजापुर के जिला शिक्षा अधिकारी भी ऐसा पत्र जारी कर चुके हैं।

शाजापुर में इस तरह का आदेश 14 दिसंबर को ही जारी कर दिया गया था, लेकिन सोशल मीडिया पर वो वायरल अब हो रहा है। पत्र में लिखा है, “आगामी क्रिसमस के अवसर पर आपके विद्यालय में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में सहभागिता करने वाले एवं क्रिसमस ट्री, सैंटा क्लॉज, विविध वेशभूषा एवं अन्य कोई पात्र बनाए जाने के लिए आपके द्वारा चयनित छात्र /छााओं को उनके अभिभावक से लिखित अनुमति प्राप्त करके ही बनाया जाए।”

शाजापुर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी पत्र

पत्र में आगे लिखा है, “किसी भी स्थिति में बिना अभिभावक की लिखित अनुमति के किसी भी छात्र-छात्रा की उक्त आयोजन में सहभागिता न कराई जाए, जिससे कि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति निर्मित न हों। इस संबंध में यदि किसी भी प्रकास की शिकायत या विवाद संज्ञान में आने पर आकी संस्था के विरुद्ध एक पक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी, जिसका संपूर्ण उत्तरदायित्व आप स्वयं का होगा। उपरोक्त पत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देवें।”

‘किसी को क्लीन-चिट नहीं, अभी चल ही रही है जाँच’: हरियाणा पुलिस ने HT की रिपोर्ट की नकारा, लिखा था – बिट्टू बजरंगी के भाई को जलाने वाला केस निकला फर्जी

हाल ही में हिन्दू कार्यकर्ता बिट्टू बजरंगी के भाई पर हमला कर दिया गया और उन्हें ज़िंदा जलाने की कोशिश की गई। इसमें उनका शरीर 60% तक झुलस गया। अब AltNews के संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर जैसों ने इस दुःखद प्रकरण को लेकर भी प्रोपेगंडा शुरू कर दिया है। मोहम्मद ज़ुबैर ने उलटा बिट्टू बजरंगी के भाई पर हमले की खबर को ही नकार दिया और इस खबर को बदलने की सलाह देने लगा। उसने इसके लिए ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की एक रिपोर्ट का सहारा लिया।

यहाँ जिस रिपोर्ट की बात हो रही है, उसे लीना धनखड़ नामक पत्रकार ने लिखा है। HT में प्रकाशित इस खबर में लिखा है कि फरीदाबाद पुलिस ने कहा है कि बिट्टू बजरंगी के भाई अलाव में गिर जाने के कारण जल गए थे और उनकी हत्या के प्रयास के कोई सबूत नहीं हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के हवाले से कहा गया था कि बिट्टू बजरंगी के भाई महेश पांचाल के जलने के मामले में पुलिस में फर्जी शिकायत दर्ज कराई गई और एक गौतस्कर को इसमें फँसाया गया।

शिकायत में कहा गया था कि फरीदाबाद में बाबा मंडी के पास अरमान और उसके साथियों ने महेश पांचाल पर पेट्रोल डाल कर उनके शरीर में आग लगा दी और फिर भाग निकले। 15 दिसंबर को इस मामले में SIT का गठन किया गया। CCTV फुटेज खँगाले जाने के अलावा 20 से अधिक लोगों से पूछताछ भी की गई। फरीदाबाद पुलिस के प्रवक्ता सुबे सिंह के हवाले से ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ ने लिखा कि मौके पर लगे 2 सीसीटीवी कैमरों में हमले की कोई घटना रिकॉर्ड नहीं हुई है।

साथ ही फॉरेंसिक टीम द्वारा मौके पर पेट्रोल, अल्कोहल या डीजल जैसी कोई वस्तु के सबूत न मिलने का दावा भी पुलिस के हवाले से किया गया। पुलिस ने हवाले से लिखा गया कि जाँच में आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। हालाँकि, बिट्टू बजरंगी का कहना है कि जाँच अभी पूरी नहीं हुई है और किसी ने उन्हें सूचित नहीं किया है कि ये मामला फर्जी पाया गया है। उन्होंने पूछा कि वो भला क्यों किसी को फँसाने के लिए कहानियाँ बनाएँगे? इस खबर में एक अन्य अनाम वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से कहा गया कि आसपास के दुकानदारों ने कोई शोरगुल नहीं सुनी थी।

हालाँकि, ऑपइंडिया से बातचीत में पुलिस ने ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की इस खबर को नकार दिया है। फरीदाबाद के ACP ने इस खबर के बारे में बताए जाने पर पूछा कि आखिर पुलिस में किसने इस केस को फेक बता दिया? उन्होंने कहा कि ये बात ठीक है कि अभी इस मामले में आरोपित के खिलाफ सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि केस फर्जी होने की बात कही गई है। उन्होंने इसकी पुष्टि की है कि बिट्टू बजरंगी के भाई जल गए हैं।

उन्होंने कहा कि ये जाँच का विषय है कि वो कैसे जले, किसने जलाया और किस वजह से जले। उन्होंने कहा कि अभी तक न तो किसी को क्लीन चिट दी गई है और न ही जाँच खत्म हुई है, बल्कि जाँच अभी चल ही रही है। उन्होंने ये भी कहा कि अभी पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुँची है। साफ़ है, इस मामले में मोहम्मद ज़ुबैर एक पीड़ित का सिर्फ इसीलिए मज़ाक बना रहा है क्योंकि उसका भाई एक हिन्दू एक्टिविस्ट है। बिट्टू बजरंगी के भाई का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

कुश्ती फेडरेशन को चलाएगी नई एडहॉक कमेटी, 48 घंटों के भीतर होगी टीम तैयार: खेल मंत्रालय ने भारतीय ओलंपिक संघ को दिया आदेश

भारतीय कुश्ती संघ से जुड़े विवाद बढ़ते ही जा रहे हैं। इस मामले में अब सभी विवादों को थामने की कोशिश करते हुए खेल मंत्रालय ने नव-निर्वाचित कुश्ती संघ को कामकाज से दूर कर दिया है। इसके बाद खेल मंत्रालय ने भारतीय ओलंपिक संघ को निर्देश दिया है कि वो एक ए़डहॉक कमेटी बनाएँ और उस कमेटी के माध्यम से भारतीय कुश्ती संघ का संचालन करें। इस पूरे विवाद में ये दूसरी बार है, जब एडहॉक कमेटी का नाम उठा है।

बता दें कि भारतीय कुश्ती संघ के हालिया चुनावों में संजय सिंह ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की थी, जिसके बाद नया विवाद शुरू हो गया था। भारतीय कुश्ती संघ को लेकर चल रहे विवादों के लिए रविवार (24 दिसंबर 2023) का दिन काफी अहम रहा। खेल मंत्रालय ने नवनिर्वाचित कुश्ती संघ के पदाधिकारियों से काम करने की शक्ति छीन ली और उसे संभालने की जिम्मेदारी भारतीय ओलंपिक संघ को दे दी। खेल मंत्रालय ने ओलंपिक संघ को एक तीन सदस्यीय एडहॉक कमेटी बनाने के लिए कहा है। पत्र जारी होने के 48 घंटों के भीतर ही नई टीम को अपनी जिम्मेदारी संभालनी है।

वहीं, कुश्ती संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा है इन सब विवादों से बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। इस संबंध में वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे और अपना पक्ष रखेंगे। संजय सिंह ने कहा है कि वो खेल मंत्री से भी बातचीत करेंगे।

उल्लेखनीय है कि कुश्ती संघ के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों ने पुरानी एडहॉक कमेटी के सभी फैसलों को रद्द घोषित कर दिया था। इसके साथ ही इन प्रतिनिधियों ने जूनियर स्तर के ट्रायल गोंडा में ही कराने की घोषणा कर दी थी। इस फैसले को रद्द करते हुए खेल मंत्रालय ने इस नए निर्णय की घोषणा एक प्रेस रिलीज के माध्यम से की है। खेल मंत्रालय ने कहा है कि नवनिर्वाचित कुश्ती महासंघ ने पहले से निर्धारित नियम कानूनों का पालन नहीं किया है। मंत्रालय ने कहा है कि नवनिर्वाचित अध्यक्ष द्वारा कुश्ती के जूनियर खिलाड़ियों की राष्ट्रीय प्रतियोगिता का ऐलान नियमों को ध्यान में रखते हुए नहीं किया गया।

क्रिकेट खेलते-खेलते मैदान पर गिरा ओपनिंग बैट्समैन, पिच पर मौत: परिवार में कोहराम मचा, कुछ ही समय पहले हुई थी शादी

उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक युवक क्रिकेट खेलते खेलते दुनिया से विदा हो गया। वो बैटिंग कर रहा था। ओपनर बैट्समैन के तौर पर मैदान में आया खिलाड़ी कुछ ही ओवरों बार क्रीज पर ही गिर पड़ा। उसे साथी उठाकर अस्पताल पहुँचे तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ये हैरान करने वाली घटना है मेरठ के गाँधी पार्क क्रिकेट स्टेडियम की, जहाँ दुष्यंत वर्मा नाम के 36 साल के युवक की मौत हो गई।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, दुष्यंत हर रोज की तरह ही खेलने के लिए मैदान पर पहुँचा। उसकी टीम ओल्डगन का मुकाबला ब्लास्टर टीम से था। ओल्डगन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी, जिसके बाद दुष्यंत अपने ओपनिंग पार्टनर के साथ मैदान पर पहुँचा। महज 9 गेंदे खेलने के बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ गई और वो मैदान पर ही गिर गया। उसके साथी खिलाड़ी उसे लेकर मेट्रो अस्पताल पहुँचे, जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया। कुछ रिपोर्ट में इसे हार्ट अटैक की घटना बताया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि दुष्यंत के न तो परिवार में दिल से जुड़ी कोई दिक्कत रही है, और न ही उसे कभी कोई दिक्कत महसूस हुई। लेकिन मैदान पर एक झटके में उसकी मौत हो गई। स्थानीय थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में किसी तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर कोई शिकायत मिलती है, तो जाँच की जाएगी। वहीं, दुष्यंत के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। उसकी कुछ समय पहले ही शादी हुई थी।

ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें जिम में, डाँस करते हुए या खाना खाते समय हार्ट अटैक जैसी वजहों से लोगों की जानें गई हैं। यहाँ तो शारीरिक रूप से महज 36 साल के युवक को हार्ट अटैक आया, जो तमाम चर्चाओं को जन्म दे रहा है। ऑपइंडिया ने मार्च माह में इस गंभीर विषय पर एक स्टोरी की थी, जिसमें हंसते-खेलते लोगों की जान जाने के कुछ मामलों को रिपोर्ट किया गया है। वो रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

जनजातीय बच्चों को रटाते हैं ईसाई प्रार्थना, साफ करवाते हैं टॉयलेट: NCPCR अध्यक्ष ने MP के मिशनरी स्कूलों पर लगाए आरोप, विदेशी फंडिंग के मिले सबूत

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने बड़ा खुलासा करते हुए मध्य प्रदेश के देवास में चल रहे दो ईसाई मिशनरी स्कूलों पर बड़े आरोप लगाए हैं। प्रियंक कानूनगो ने कहा कि यहाँ ‘प्रभावशाली लोग’ अनुसूचित जनजाति के बच्चों को ईसाई बनाने के काम में जुटे हुए हैं। प्रियंक का कहना है कि अनुसूचित जनजाति वाले इलाकों में ऐसे संगठन काम कर रहे हैं, जो बच्चों को ईसाई बनाने के काम में जुटे हैं और उन्हें प्रभावशाली लोगों का साथ मिल रहा है।

प्रियंक कानूनगो ने आरोप लगाया कि अनुसूचित जनजाति के बच्चों को ईसाई प्रार्थना सिखाई गई है, जो कि गलत हैं। उन्होंने जेजे एक्ट और मध्य प्रदेश फ्रीडम ऑफ रिलीजियन एक्ट, 2021 के तहत केस दर्ज कराने की बात भी कही। प्रियंक कानूनगो ने आरोप लगाया कि यहाँ 10 साल से कम उम्र के बच्चों से घास कटवाई जा रही है। उनसे शौचालय साफ कराए जा रहे हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी करने की बात भी कही।

देवास जिले के अनुसूचित जनजाति बहुल इलाकों में स्थित दो संस्थानों का उन्होंने दौरा किया, जो ईसाई मिशनरियों द्वारा चलाए जा रहे हैं। उन्होंने इसके बारे में सोशल मीडिया पर जानकारी दी और लिखा, “आज मध्य प्रदेश के देवास जिले के जनजातीय अंचलों में दौरे के दौरान दो अलग-अलग संस्थाओं का निरीक्षण किया दोनों ही संस्थान मिशनरी संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे थे। जेजे एक्ट की परिभाषा में CNCP बच्चों को पंजीकृत बालगृह में CWC के आदेश से ही रखा जा सकता है, यहाँ इस क़ानून का खुला उल्लंघन देखने को मिला है। संस्थाओं ने पंजीकरण दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया।”

उन्होंने आगे लिखा, “लगभग सभी बच्चे हिंदू धर्मावलंबी हैं लेकिन संस्था के चर्च में बच्चे क्रिश्चियन प्रार्थना करते हैं, बच्चों को ईसाई धार्मिक प्रार्थनाएँ कंठस्थ हैं। 10 साल से भी कम उम्र के मासूम बच्चों से परिसर में घाँस कटवाई जाती है, झाड़ू पोछा करवाया जाता है यहाँ तक कि टॉयलेट भी साफ़ करवाए जाते हैं। हमारी टीम को यहाँ विदेशी फंडिंग व संस्थान के उच्च राजनीतिक संपर्क के प्रमाण भी मिले हैं,स्पष्ट है कि जनजातीय क्षेत्रों में रसूखदार लोग अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर के मासूम बच्चों के धर्मांतरण का गंदा काम कर रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार के मुख्यसचिव को नोटिस जारी कर विधिवत कार्यवाही की जाएगी।”

एनसीपीसीआर बाल अधिकार संरक्षण आयोग (सीपीसीआर) अधिनियम, 2005 के तहत स्थापित एक वैधानिक निकाय है। यह महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में है। आयोग का कार्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी कानून, नीतियाँ, कार्यक्रम और प्रशासनिक प्रणालियाँ बाल अधिकारों के दृष्टिकोण के अनुरूप हों।

भगवा वस्त्र में 1 लाख+ लोग, एक स्वर में पाठ, शंखनाद करतीं 60 हजार महिलाएँ: बंगाल में ‘गीता जयंती’ पर बने कई विश्व रिकॉर्ड

गीता जयंती के अवसर पर रविवार (24 दिसंबर 2023) को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में सामूहिक गीता पाठ का आयोजन किया गया है। इस ग्राउंड में एक लाख से ज्यादा लोग एकसाथ बैठकर एक स्वर में गीता का पाठ कर रहे हैं। इस आयोजन का नाम लोक्खो कंठे गीता पाठ दिया है। इसमें कई विश्व रिकॉर्ड बने हैं।

अखिल भारतीय संस्कृत परिषद और मोतीलाल भारत तीर्थ सेवा मिशन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में हिस्से लेने के लिए देश और दुनिया से 300 से अधिक संत कोलकाता पहुँचे हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य की अन्य प्रमुख हस्तियों को भी इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया गया है।

आयोजकों ने बताया कि इसमें हिस्सा लेने के लिए 1.30 लाख लोगों ने पंजीकरण करवाया है। कार्यक्रम के दौरान 60,000 महिलाओं ने एक साथ शंख बजाकर नाद किया। बताते चलें कि इससे पहले इतनी संख्या में लोगों ने एक साथ गीता पाठ नहीं किया था और ना ही इतनी संख्या में महिलाओं ने एकसाथ शंखनाद किया था। यहाँ आए विभिन्न आयुवर्ग के लोग एक वेशभूषा में नजर आए।

इस कार्यक्रम की शुरुआत बांग्ला कवि काजी नजरुल इस्लाम के गीत से हुई। नजरूल इस्लाम के गीत पर आधारित नजरूल गीति गाने का इससे बड़ा प्रयास भी पहले नहीं हुआ था। इस तरह इस बार तीन विश्व रिकॉर्ड बने। इतनी संख्या में एक साथ एवं एक सुर में गीता पाठ करने का, इतनी संख्या में एक साथ शंखनाद का और कवि नजरूल की इतनी संख्या में सामूहिक गायन का।

ब्रिगेड ग्राउंड का वीडियो शेयर करते हुए पश्चिम बंगाल भाजपा के नेता कमल सिंह ने अपने X हैंडल पर लिखा है, “विश्व रिकॉर्ड ? कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में 1.2 लाख संत-अनुयायियों ने गीता का पाठ किया। पीएम मोदी जी ने इस आयोजन की सराहना की। इसका सारा श्रेय सनातन योद्धाओं को है! आयोजन को असफल बनाने की ममता बनर्जी की कोशिश के बावजूद सनातनियों ने इसे संभव कर दिखाया।”

भाजपा ने इसको लेकर बंगाल में नए युग की शुरुआत बताई है। इस आयोजन को लेकर पीएम मोदी ने एक दिन पहले कहा था, “गीता के श्लोकों में मानवता का हर मर्म समाहित है, जो सदैव कर्म पथ पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।’गीता जयंती’ की मेरे सभी परिवारजनों को कोटि-कोटि शुभकामनाएँ। जय श्री कृष्ण!”

दरअसल, इस कार्यक्रम में पीएम मोदी को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल किया था। हालाँकि, अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के कारण वे इस कार्यक्रम में नहीं आ पाए। इसके बाद उन्होंने लोगों के नाम यह संदेश लिखा।

15 साल की दलित लड़की से रासुद्दीन ने किया बलात्कार, अस्पताल में जूझ रही पीड़िता: परिवार बोला – मुकदमा वापस लेने का बनाया जा रहा दबाव

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में रासुद्दीन नाम के एक युवक ने एक 15 वर्षीय नाबालिग दलित बालिका के साथ बलात्कार किया। बच्ची के साथ बलात्कार के कारण उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जबकि आरोपित से पूछताछ चल रही है।

जानकारी के अनुसार, शनिवार (23 दिसम्बर, 2023) को मुरादाबाद के थाना मझोला के लोदीपुर गाँव की रहने वाली एक नाबालिग दलित बालिका अपनी साथियों के साथ घास काटने के लिए खेतों की तरफ गई हुई थी। यहाँ पर वह अपने साथियों से थोड़ी दूर पर घास काट रही थी।

इसी बीच पास के गाँव जवाहर नगर का रहने वाला 25 वर्षीय रासुद्दीन पुत्र सफीक वहाँ आया और नाबालिग बालिका को दबोच कर उसके साथ क्रूरता से बलात्कार किया। बलात्कार के कारण बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई है। नाबालिग को मुरादाबाद के जिला अस्पताल में भारती करवाया गया है जहाँ उसका गंभीर हालत में इलाज चल रहा है।

बच्ची के परिजनों ने रासुद्दीन के विरुद्ध मुरादाबाद के मझोला थाने में मामला दर्ज करवाया है। रासुद्दीन के विरुद्ध बलात्कार की धारा 376 और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता के भाई ने बताया है कि रासुद्दीन से अभी पुलिस पूछताछ कर रही है।

इस घटना की FIR की कॉपी ऑपइंडिया के पास मौजूद है। पीड़ित नाबालिग के भाई ने ऑपइंडिया से बातचीत में बताया है कि रासुद्दीन के परिचित एक-दो लोग उन पर मुकदमा वापस लेकर समझौता करने की बात कह रहे हैं। हालाँकि, परिजन पीड़ित पर कड़ी कार्रवाई चाहते हैं।

मुरादाबाद पुलिस ने इस मामले में बताया है कि घटना का मुकदमा दर्ज किया जा चुका है और इस पर कार्रवाई की जा रही है। बच्ची के साथ इस घटना के परिजनों में काफी रोष व्याप्त है और वह रासुद्दीन पर कड़ी कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।

तेलंगाना में 3 दिनों से चल रही थी जूनियरों की रैगिंग, शिकायत के बाद 81 छात्राएँ सस्पेंड: बिहार में भी पीड़िता डिप्रेशन में गई

तेलंगाना के काकतीय विश्वविद्यालय में रैगिंग के आरोप में 81 छात्राओं को हॉस्टल से निलंबित कर दिया गया है। यह घटना शुक्रवार (22 दिसंबर 2023) को सामने आई। घटना की सूचना मिलने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की और सभी आरोपित छात्राओं को हॉस्टल से निलंबित कर दिया। बताया जा रहा है कि इन छात्राओं पर विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई के अलावा पुलिसिया कार्रवाई नहीं की गई है।

ये मामला तेलंगाना के हनुमाकोंडा का है, जहाँ काकतीय विश्वविद्यालय के पद्माक्षी गर्ल्स हॉस्टल में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग का मामला सामने आया था। ये रैगिंग तीन दिनों तक चलती रही थी। इसकी सूचना जब विश्वविद्यालय प्रशासन को मिली, तो सबके होश उड़ गए। इस मामले की जाँच की गई, तो इकोनॉनिक्स, कॉनर्स और जूलॉजी डिपार्टमेंट की 81 लड़कियों के नाम सामने आए।

विश्वविद्यालय के सूत्रों ने बताया कि ये रैगिंग तीन दिनों से चल रही थी, लेकिन जूनियर छात्राओं ने किसी भी एचओडी या स्टल स्टाफ को इसकी जानकारी नहीं दी। जब वे इसे और सहन नहीं कर सके, तो जूनियरों ने रजिस्ट्रार प्रोफेसर टी श्रीनिवास राव के पास शिकायत दर्ज कराई, जिन्होंने बदले में पद्माक्षी छात्रावास में एंटी-रैगिंग समिति के सदस्यों और सुरक्षा अधिकारियों को सतर्क कर दिया।

कॉमर्स कॉलेज के प्रिंसिपल एस नरसिम्हाचारी और रजिस्ट्रार ने बाद में पाया कि आरोप सही थे। शनिवार (23 दिसंबर 2023) को सभी जूनियर और सीनियर छात्राओं को एंटी रैगिंग कमेटी और सीनियर प्रोफेसरों के सामने काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया। इसके बाद कार्रवाई की गई।

एंटी रैगिंग पैनल नहीं करेगा पुलिस केस दर्ज

जूनियर छात्रों से पूछताछ के बाद अधिकारियों ने पाया कि तीन विभागों के 81 सीनियर छात्र रैगिंग में शामिल थे। उन्हें समझाया गया और एक सप्ताह के लिए छात्रावास से निलंबित कर दिया गया। प्रोफेसर राव ने पत्रकारों को बताया कि समिति ने आरोपित छात्राओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उनके खिलाफ पुलिस मामला दर्ज नहीं करने का फैसला किया है।

बिहार में भी रैगिंग

बता दें कि कॉलेजों में छात्र-छात्राओं की रैगिंग का मामला नया नहीं है। मुजफ्फरपुर के एस के मेडिकल जीएनएम कॉलेज में भी छात्रा के साथ रैगिंग हुई। इस रैगिंग के कारण वो छात्रा इतनी तनाव में आ गई कि वो किसी से शिकायत भी नहीं कर पा रही। उसके परिजनों ने बताया कि कॉलेज में उससे पूछा जाता था कि उसका बॉयफ्रेंड है या नहीं और अगर है तो कितने हैं। प्रिंसिपल ने पीड़िता की बहन से इस संबंध में शिकायत पाने के बाद कि वो इस मामले में उचित कार्रवाई करेंगे।