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‘समोसा’ के बाद अब अमेरिकी संसद में ‘हिंदू कॉकस’: जानिए क्या है ये, कैसे करेगा सनातन हितों की रक्षा

अमेरिकी संसद के भारतीय मूल के प्रतिनिधियों का एक समूह समोसा कॉकस (Samosa Caucus) कहलाता है। यह समूह भारत से जुड़े मुद्दे संसद में उठाता है। अब अमेरिकी संसद में हिंदू कॉकस (Hindu caucus) बना है। सांसदों का यह समूह हिंदू हितों की रक्षा के लिए काम करेगा।

यह समूह अमेरिकी संसद में ऐसे कानूनों के लिए जोर लगाएगा जो हिंदुओं के लिए लाभप्रद होंगे। इस कॉकस की अब आधिकारिक घोषणा हो गई है। अमेरिकी संसद के संदर्भ में कॉकस सांसदों के ऐसे समूह को कहा जाता है जो समान हितों के लिए साथ आते हैं। ये सांसद इन हितों के पूर्ति कानूनी तरीके से करने के लिए ‘कॉकस’ का गठन करते हैं। इन कॉकस में अलग-अलग पार्टियों के सदस्य भी होते हैं। एक तरह से यह एक ‘दबाव समूह’ के तौर पर काम करते हैं।

कॉकस के सदस्य एक साथ मिल कर संसद में ऐसे कानूनों को लाते हैं जो उनके उन हितों को कानूनी रूप से लाभ पहुँचा सकें जिसके लिए इसका गठन किया जाता है। यह कॉकस किसी भी आधार पर गठित किए जा सकते हैं। इनका लक्ष्य अपनी विदेश नीति, धार्मिक समूह, नस्लीय समूह या अपने हितों वाले समूहों के लिए अधिक से अधिक समर्थन जुटाना होता है।

हिंदू कॉकस के गठन के लिए काफी समय से प्रयास चल रहे थे। हाल ही में भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद श्री थानेदार ने भी इसकी वकालत की थी। अब अमेरिकी सांसद पीट सेशंस और एलिसी स्टेफनिक ने हिंदू कॉकस के गठन की आधिकारिक घोषणा की है।

इस कॉकस की अध्यक्ष अध्यक्ष एलिसी स्टेफनिक ही हैं। उनकी अध्यक्षता में यह कॉकस अमेरिकी हिंदू अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए काम करेगा। साथ ही यह भारतीय-अमेरिकी हिंदू समुदाय के मूल्यों को आगे बढ़ाएगा।

इस हिन्दू कॉकस के माध्यम से भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान और अमेरिका तथा नीदरलैंड के हिंदुओं का प्रतिनिधित्व किया जाएगा। इस कॉकस के माध्यम से मात्र हिंदू ही नहीं बल्कि सिख, जैन और बौद्ध अनुयायियों के हितों की वकालत भी की जाएगी।

यह कॉकस खुले व्यापार, सरकार के कम हस्तक्षेप, खर्चे में सूझबूझ और पारिवारिक मूल्यों को बढ़ावा देने तथा तानाशाही का विरोध करने वाली विदेश नीति का पक्षधर होगा। कॉकस में स्टेफनिक के अलावा अन्य कई सदस्य भी शामिल हैं।

इसके गठन के मौके पर सांसद पीट सेशंस ने कहा, “कॉन्ग्रेस में हिंदू कॉकस का गठन हमारे देश की राजधानी में हिंदू-अमेरिकी समुदाय की आवाज को पहचानने और बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हम उनकी चिंताओं को दूर करने, उनके योगदान को प्रदर्शित करने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि उनकी सोच को सरकार के सबसे ऊँचे स्तर तक आवाज मिले।”

गौरतलब है कि अमेरिका में लगभग 35 लाख हिंदू रहते हैं। इनमें से अधिकांश भारतीय या भारतीय मूल के हैं। अन्य कई देशों से आए हिंदू भी अमेरिका में रहते हैं। अमेरिकी हिंदू कुल जनसंख्या का लगभग 1% हैं। यह अमेरिका का एक प्रभावशाली वर्ग है।

अमेरिका के सबसे अधिक पढ़े-लिखे धार्मिक समूह में से अमेरिकी हिंदू हैं। प्यू रिसर्च सेंटर के एक शोध के अनुसार, अमेरिका में रहने वाले 77% हिंदू स्नातक हैं। यह किसी भी अन्य धार्मिक समूह से अधिक है। अमेरिका में कमाई के हिसाब से भी हिंदू सर्वोच्च कमाने वालों में से एक हैं। वह किसी भी औसत अमेरिकी परिवार से अधिक कमाते हैं।

अरविंद केजरीवाल फिर नहीं होंगे ED के सामने पेश, पूछताछ से पहले ‘विपश्यना’ के लिए हुए रवाना: AAP सांसद बोले- प्रोग्राम पहले था

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली की आबकारी नीति में कथित घोटाले के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया था, उन्हें 21 दिसंबर को ईडी कार्यालय पहुँचना था, लेकिन वो अब ईडी के साथ पूछताछ में शामिल नहीं होंगे। जानकारी सामने आ रही है कि वो विपश्यना करने के लिए पंजाब के होशियारपुर चले गए हैं। अगले 10 दिन वो वहीं रहेंगे। हर साल वो 10 दिनों के लिए विपश्यना करने जाते हैं। पहले अरविंद केजरीवाल मंगलवार (19 दिसंबर 2023) को ही विपश्यना के लिए जाने वाले थे, लेकिन INDI गठबंधन की बैठक की वजह से वो एक दिन बाद बुधवार (20 दिसंबर 2023) को रवाना हुए।

जानकारी के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय ने अरविंद केजरीवाल को पूछताछ के लिए यह दूसरी बार समन भेजा था। इससे पहले केजरीवाल को ईडी ने 2 नवंबर को दिल्ली के शराब घोटाले के मामले में तलब किया था, लेकिन वह नोटिस को अवैध और राजनीति से प्रेरित बताते हुए पूछताछ में शामिल नहीं हुए थे। इस बार भी वो ईडी के सामने पेश नहीं होंगे।

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि मुख्यमंत्री हर साल विपश्यना के लिए जाते हैं। इस बारे में कार्यक्रम पहले से तय था। आम आदमी पार्टी ने ईडी के समन के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी के वकील नोटिस को समझ रहे हैं और कानूनी रूप से सही कदम उठाए जाएँगे।

विपक्षी दलों ने केजरीवाल पर आरोप लगाया है कि वह ईडी के सामने पेश होने से बच रहे हैं क्योंकि उनके पास कुछ छिपाने की बात है। ईडी का भी कहना है कि केजरीवाल से पूछताछ जरूरी है क्योंकि उनके नाम का उल्लेख कथित घोटाले के संबंध में कुछ दस्तावेजों में हुआ है।

दिल्ली की आबकारी नीति में घोटाला में सामने आया था। इस नीति के तहत दिल्ली सरकार ने शराब की बिक्री और लाइसेंसिंग का काम निजी कंपनियों को दे दिया था। इस नीति पर कई सवाल उठे थे, जिसमें यह भी सवाल था कि क्या इस नीति से दिल्ली सरकार को राजस्व में नुकसान हुआ है। ईडी ने इस घोटाले की जाँच शुरू की और उसने कई लोगों से पूछताछ की। केजरीवाल के अलावा, इस घोटाले में कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आए, जिनमें दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी शामिल हैं। मनीष सिसोदिया, संजय सिंह जैसे महत्वपूर्ण लोग इस मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं।

बता दें कि केजरीवाल हर साल 10 दिनों के लिए विपश्यना शिविर में भाग लेते हैं। शिविर में, वे ध्यान की गहरी तकनीकों का अभ्यास करते हैं। केजरीवाल का कहना है कि विपश्यना ने उन्हें अपने आसपास की दुनिया को अधिक जागरूकता और समझ के साथ देखने में मदद की है। उन्होंने कहा है कि विपश्यना ने उन्हें एक अधिक शांत और संतुलित व्यक्ति भी बनाया है।

अब तक 143, लोकसभा से सांसद थॉमस और आरिफ निलंबित: चैंबर, लॉबी और गैलरी में भी नहीं मिलेगी एंट्री

लोकसभा के दो और सांसदों- सी थॉमस और एएम आरिफ को आज बुधवार (20 दिसंबर 2023) को संसद की शीतकालीन सत्र से सस्पेंड कर दिया गया। इन दोनों सांसदों के सस्पेंशन के बाद शीतकालीन सत्र में सस्पेंड हुए सांसदों की कुल संख्या 143 हो गई है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इन दोनों सांसदों को सदन की अवमानना के लिए सस्पेंड किया है। दोनों सांसदों ने तख्तियाँ लेकर सदन में प्रदर्शन किया था।

निलंबित सांसदों को संसद चैंबर, लॉबी और गैलरी में प्रवेश करने की भी अनुमति नहीं है। उन्हें समिति की बैठकों में भाग लेने, नोटिस पेश करने और समिति चुनावों में मतदान करने से भी रोक दिया गया है। इस बारे में लोकसभा सचिवालय की तरह से नोटिस भी जारी कर दिया गया है। सी थॉमस केरल के बड़े नेता माने जाते हैं। वो केरल से कॉन्ग्रेस के सांसद हैं। वहीं, एएम आरिफ सीपीआई (एम) के अलाप्पुझा सीट से सांसद हैं।

निलंबित सांसदों की संख्या पहुँची 143

संसद के शीतकालीन सत्र में अब तक 143 सांसदों को सस्पेंड किया जा चुका है। इनमें 46 सांसद राज्यसभा के हैं, जबकि 97 सांसद लोकसभा के हैं। इसकी शुरुआत हुई थी 14 दिसंबर को, जब लोकसभा के 13 और राज्यसभा से 1 सांसद को सस्पेंड किया गया था। इसके बाद 18 दिसंबर को लोकसभा के 33 और राज्यसभा के 45 सांसद सस्पेंड कर दिए गए। यही नहीं, 19 दिसंबर को 49 और सांसदों पर गाज गिरी।

कॉन्ग्रेस के सबसे ज्यादा सांसद सस्पेंड

संसद के दोनों सदनों- लोकसभा और राज्यसभा से निलंबित हुए सबसे ज्यादा सांसद कॉन्ग्रेस के हैं। कॉन्ग्रेस के कुल 57 सांसद सस्पेंड हुए हैं, जिनमें लोकसभा के 38 सांसद हैं। वहीं, राज्यसभा के 19 सांसद हैं। अब लोकसभा में कॉन्ग्रेस के 10 सांसद बचे हैं, जबकि राज्यसभा में 11 सांसद। इसके बाद टीएमसी के 21 सांसद भी सस्पेंड हुए हैं, जिनमें 13 सांसद लोकसभा और 8 सांसद राज्यसभा के हैं।

तीसरे नंबर पर जेडीयू है, जिसके 16 लोकसभा सांसदों में 11 सस्पेंड हो चुके हैं। वहीं, राज्यसभा के दो सांसद भी सस्पेंड हुए हैं। इस तरह कुल 13 सांसद जेडीयू के सस्पेंड हो चुके हैं। मौजूदा समय में लोकसभा में कॉन्ग्रेस के पास 10, डीएमके के पास 8 और टीएमसी के पास 9 सांसद बचे हैं। वहीं, राज्यसभा में कॉन्ग्रेस के 11, टीएमसी-आरजेडी और डीएमके के पाँच-पाँच सांसद बचे हैं। अन्य दलों की गिनती कम है।

गाँधी परिवार से कौन सी खुन्नस निकाल रहीं ममता बनर्जी? चाय-बिस्कुट पर सिमटी INDI बैठक में नीतीश ही नहीं, राहुल-प्रियंका को भी ठिकाने लगाने की कोशिश

बीजेपी और नरेंद्र मोदी को रोकने के लिए विपक्षी दलों का बना I.N.D.I गठबंधन अब असली रंग दिखा रहा है। साजिशें अब परतों से बाहर झाँकने लगी हैं। दाँव-पेंच चले जा रहे हैं। एक गुट दूसरे गुट को नीचा दिखा रहा है। किसी तीसरे के कंधे पर बंदूक रखकर गोली चलाई जा रही है।

नीतीश कुमार की तड़प सामने आ चुकी है तो एमपी में कॉन्ग्रेस-सपा की झड़प किसी से नहीं छिपी। एक तरफ दिल्ली से लेकर पंजाब तक आम आदमी पार्टी कॉन्ग्रेस को चुनौती दे रही है, तो दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी अड़ी हुई हैं। बिहार में आरजेडी चुप है, क्योंकि नीतीश कुमार फ्रंट पर हैं, लेकिन सीट बँटवारे की बात आएगी तो अदावत यहाँ भी होगी।

झारखंड में जेएमएम को भी सम्मान देना होगा तो तमिलनाडु में डीएमके-एआईएडीएमके के साथ भी संबंधों में पेंच फँसेगा। एआईएडीएमके एनडीए से निकल चुकी है। उसे भी साथी की तलाश है। महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) को भाव दिया जाए या एनसीपी (शरद पवार गुट) को, इसको लेकर भी मामला फँसने वाला है। सीटों की शेयरिंग को लेकर भी मामला फँस सकता है।

I.N.D.I गठबंधन का सबसे बड़ा दल जो खुद कई राज्यों में छोटे दलों से कमजोर है, वो अपनी गुफा में गुर्राता है तो पलटकर छोटा दल भी दहाड़ता है कि यहाँ से निकलकर मेरी ‘गली’ में आओ, फिर बताते हैं। अब ‘गली’ वॉर पूरे राज्य में फैल चुका है। दूसरे की माँद में घुसा वो साथी कह रहा है कि इस माँद में अब मत आ जाना। आना भी तो एक कोने में…। जगह भी हमारी होगी, कोना भी हमारा होगा। वहाँ जमीन कितनी देंगे, इसका फैसला भी हमारा होगा।

खैर, हम जिक्र कर रहे हैं I.N.D.I गठबंधन के सबसे बड़े दल कॉग्रेस की और दूसरे सबसे बड़े दल (सीटों पर चुनाव लड़ने की संख्या के मामले में) समाजवादी पार्टी की। वो दिन ज्यादा दूर के नहीं है, जब एमपी के अपने गढ़ में कॉन्ग्रेस के कमलनाथ ने मीडिया से बातचीत में बड़े उखड़े मूड़ में कह दिया था कि ‘छोड़िए अखिलेश-वखिलेश को’। इसके बाद समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव यूपी में कॉन्ग्रेस में खास भाव देने के मूड में नहीं हैं।

I.N.D.I गठबंधन में होने के बावजूद अखिलेश यादव ने मध्य प्रदेश में हुई अपनी बेईज्जती का बदला लेने के लिए एकतरफा फैसला कर लिया है। उन्होंने साफ कह दिया है कि वो 60 सीटों पर तो सीधे चुनाव लड़ेंगे, इसके बाद ही किसी सीट के बँटवारे पर बातचीत होगी। ऐसे में बाकी की 20 सीटों पर कॉन्ग्रेस और RLD किन सीटों पर चुनाव लड़ेगी, ये मामला उलझ सकता है।

समाजवादी पार्टी ऐसी सीटों को सहयोगियों के लिए छोड़ना चाहती है, जिन पर वो कभी चुनाव नहीं जीत सकी है। ऐसी पार्टियाँ भाजपा या बसपा की गढ़ भी हो सकती हैं। वहीं, कॉन्ग्रेस की ओर से बसपा को इंडी गठबंधन में शामिल करने की माँग पर भी अखिलेश यादव ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “जो हमारी बात होनी थी, हो गई है। हम 2-3 सप्ताह में सीटों के बँटवारे को फाइनल कर लेंगे।”

वहीं, शिवसेना (यूटीबी) के नेता उद्धव ठाकरे ने इंडी गठबंधन से पहले ही नीतीश कुमार को झटका दे दिया था। उन्होंने कहा था कि कोई जरूरी नहीं है कि संयोजक को ही प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाया जाए। वहीं, नीतीश कुमार ने खुद को भाव न मिलता देख गठबंधन की बैठक में ही हंगामा मचा दिया। हंगामा भी हिंदी वर्सेज अन्य भाषा को ही लेकर।

बिहार की दूसरी पार्टी आरजेडी ने अभी तक अपना मुँह भी नहीं खोला है। शायद वो नीतीश कुमार को अंजाम तक पहुँचते हुए देखना चाहती हो। चूँकि, बिहार में सरकार बने रहने के लिए नीतीश कुमार की हाँ में हाँ मिलाना राष्ट्रीय जनता दल की मजबूरी है, साथ ही अपनी हैसियत भी बनाए रखना जरूरी है। इसलिए आरजेडी अभी वेट एंड वॉच की मुद्रा में है।

राहुल, खगड़े या प्रियंका नेता?

वैसे, इंडी गठबंधन के गठन के बाद से ही इसमें खींचतान शुरू हो गई थी। गठबंधन में शामिल पार्टियों के बीच एक-दूसरे को कमजोर करने की कोशिशें चल रही हैं। सबसे अधिक निशाने पर नीतीश कुमार और गाँधी परिवार हैं। आम आदमी पार्टी और टीएमसी की महत्वाकांक्षा राष्ट्रीय पार्टी बनने की है। इसके लिए उन्हें गाँधी परिवार को कमजोर करना होगा।

इसलिए इंडी गठबंधन की चौथी बैठक में राहुल गाँधी की जगह मल्लिकार्जुन खडगे का नाम प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाने का प्रस्ताव दे दिया गया। बात यहीं तक नहीं रुकी। इससे आगे बढ़ते हुए टीएमसी ने प्रियंका गाँधी को वाराणसी से चुनाव लड़ाने का प्रस्ताव भी दे दिया। यह भी एक ऐसा कदम है, जिसका उद्देश्य गाँधी परिवार को कमजोर करना है।

टीएमसी चाहती है कि गाँधी परिवार अपना जोर मोदी को रोकने में और यूपी में कॉन्ग्रेस को ज्यादा से ज्यादा सीटें दिलाने में लगाए। ऐसे में पश्चिम बंगाल में वो कॉन्ग्रेस के साथ मोलभाव करने की स्थिति में रहेगी। चूँकि एक अन्य महत्वपूर्ण नेता नीतीश कुमार को लगभग अलग-थलग ही कर दिया गया है। ऐसे में बाकी के क्षेत्रीय क्षत्रप अपने सामने आने वाली चुनौतियों को धीरे-धीरे मिटाना चाहते हैं।

प्रधानमंत्री पद के कितने दावेदार?

इंडी गठबंधन की ओर से मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गाँधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, नीतीश कुमार, अरविंद केजरीवाल जैसे नेता प्रधानमंत्री पद की दौड़ में हैं। ऐसे में लोकसभा चुनाव 2024 में जो पार्टी जितनी अधिक सीट हासिल करेगी, उसकी पार्टी के नेता का इस रेस में आगे निकलना उतना ही आसान रहेगा।

चूँकि कॉग्रेस पूरे देश में चुनाव लड़ती है, लेकिन अखिलेश यादव का 60 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान और साथ में आरएलडी का उसे मिलने वाला साथ… उसे इस रेस में दूसरे नंबर पर खड़ा करती है। हालाँकि, सवाल ये है कि क्या प्रियंका गाँधी के वाराणसी सीट से उतरने पर भी कॉन्ग्रेस सपा की 60 सीटों वाली बात मान लेगी?

गठबंधन में जल्द से जल्द सीट बँटवारे का ऐलान करने का दबाव लगभग सभी पार्टियाँ कॉन्ग्रेस पर डाल ही रही हैं। टीएमसी, सपा, AAP की कोशिश है कि इस माह के आखिर में या अगले माह की शुरुआत में शीट शेयरिंग पर बात हो ही जाए, लेकिन सीटें कम मिलने की सूरत में भी क्या ये गठबंधन खड़ा रह पाएगा? ये बड़ा सवाल है।

शादी का झाँसा देकर किया रेप, सगाई किसी और से कर ली: इन्फ्लुएंसर Oye Indori पर तलाकशुदा युवती ने मढ़ा आरोप, केस दर्ज

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ‘ओए इंदौरी’ उर्फ रॉबिन जिंदल मुश्किल में फँस गए हैं। उन पर आरोप लगा है कि उन्होंने तलाकशुदा युवती को अपने प्रेमजाल में फँसाया और शादी का झाँसा देकर कई सालों तक यौन शोषण किया। फिर उन्होंने किसी अन्य युवती से सगाई कर ली। अब पीड़ित लड़की ने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है। इस मामले के सामने आने के बाद रॉबिन जिंदल फरार हो गए हैं।

ये केस मंगलवार (19 दिसंबर 2023) को दर्ज कराया गया, जिसमें 22 साल की पीड़िता ने कहा कि रॉबिन से उनकी पहचान फ्लैट की तलाश के समय हुई थी। फ्लैट दिलाने में रॉबिन ने मदद की, तो बाद में प्रेम जाल में फँसा लिया। पीड़िता के मुताबिक रॉबिन ने उस युवती से शादी का वादा भी किया था और यही कह-कहकर उसने कई बार संबंध बनाए।

इस मामले में पीड़िता ने बताया है कि उसने मार्च में भी रॉबिन जिंदल के खिलाफ पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन तब उसने शादी का वादा कर केस वापस करा लिया था। लेकिन अब उसने एक सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर से ही सगाई कर ली। रॉबिन उर्फ ओए इंदौरी के खिलाफ धारा 376 में मामला दर्ज किया गया है।

बताया जा रहा है कि हाल ही में उसने एक इंदौर के बड़े होटल में सगाई की थी, जिसमें काफी नामचीन लोग पहुँचे थे। सोशल मीडिया की दुनिया में रॉबिन प्रमुख सेलिब्रिटियों की लिस्ट में हैं। रॉबिन के यूट्यूब पर 78 लाख फॉलोवर्स हैं, तो इंस्ट्राग्राम पर 74 लाख। फेसबुक पर भी 4 लाख से ज्यादा फॉलोवर्स हैं। उनका असली नाम नाम रॉबिन जिंदल है। सोशल मीडिया पर वह ओए इंदौरी के नाम से मशहूर हैं।

एमआईजी थाने के एसआई सचिन आर्य ने बताया कि रॉबिन जिंदल पुत्र मिथिलेश अग्रवाल निवासी महालक्ष्मी नगर के खिलाफ शादी का झांसा देकर रेप करने के मामले में केस दर्ज किया गया है। पुलिस उन तक पहुँचने की कोशिश कर रही है।

जिनको गोपालगंज पुजारी हत्याकांड में भेजा जेल, उनके परिजन बोले – टॉर्चर कर कबूलवाया: मृतक के भाई ने मुस्लिमों से बताया जमीन का विवाद, पुलिस ने दावों को नकारा

गोपालगंज में एक पुजारी की हत्या का मामला चर्चा में है। इस मामले में पुलिस, आरोपित और मृतक पक्ष से अलग-अलग तरह के बयान आ रहे हैं। इस मामले में पूर्व प्रेमिका समेत 3 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि पुजारी अपनी पूर्व प्रेमिका को अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दे रहा था। जबकि उसी लड़की की चाची आरोप लगा रही है कि बिहार पुलिस ने डरा-धमका कर बयान दिलवाया है। परिजन कह रहे हैं कि पुलिस वालों ने कहा कि उनके हिसाब से बयान देना होगा, नहीं तो पूरे परिवार की हत्या हो जाएगी।

ये प्रेम प्रसंग और ब्लैकमेलिंग का मामला: पुलिस

मीडिया संस्थान ‘दैनिक भास्कर’ ने अपनी खबर में बताया है कि भाजपा नेताओं ने पुजारी हत्याकांड को प्रेम प्रसंग का एंगल देने को लेकर बिहार पुलिस की आलोचना की है। माँझागढ़ थाना क्षेत्र के दानापुर गाँव स्थित शिव मंदिर के इस मामले में भाजपा नेता लड़की के घर पहुँचे और चाची की बात प्रभारी SP हृदयकांत से कराई। प्रभारी पुलिस अधीक्षक का कहना है कि हत्या प्रेम प्रसंग में ही हुई है। वो हत्या में इस्तेमाल की गई चाकू, रस्सी और कपड़ा के अलावा टूटा हुआ मोबाइल फोन बरामद करने का दावा भी कर रहे हैं।

सबसे पहले जानते हैं कि इस मामले में पुलिस क्या कह रही है। पुलिस का कहना है कि पूर्व प्रेमिका ने अपनी चाची के फोन से कॉल कर के मनोज साह को बुलाया। 4 दिन तक बंधक बना कर उसे घर में भूखे-प्यासे रखा। आँख फोड़ने के अलावा जीभ और प्राइवेट पार्ट भी काट डाला। पूर्व प्रेमिका शादीशुदा है। ये थी पुलिस की कहानी। जबकि परिवार वालों ने इसमें मुस्लिम पक्ष को नामजद किया था। लड़की की चाची ने ‘दैनिक भास्कर’ से बात करते हुए कुछ हैरान करने वाले आरोप लगाए हैं।

पुलिस ने पूरे परिवार को टॉर्चर किया: लड़की की चाची

महिला की मानें तो बिहार पुलिस ने पूरे परिवार को पकड़ कर बंद कर दिया, सोने के लिए बिस्तर और खाने के लिए भोजन तक नहीं दिया। महिला का कहना है कि कटेया गाँव से उनके बेटी-दामाद को भी उठा कर लाया गया। परिवार को हत्या की धमकी दी गई। परिवार वालों को प्रताड़ित कर के उनसे जबरन कबूलवाया गया। बकौल लड़की की चाची, पुलिस वाले कहते थे कि नहीं बताने पर उन सबको काट कर फेंक दिया जाएगा। गाड़ी में घूमा-घूमा कर लड़की को टॉर्चर किया गया। परिजन कह रहे हैं कि मनोज साह उनके लिए बेटे की तरह था।

पूर्व पर्यटन मंत्री एवं भाजपा नेता रामप्रवेश सिंह कह रहे हैं कि मनोज साह शिव मंदिर में पूजा-पाठ कराते थे, उन्होंने यज्ञ भी करवाए, इससे अगल-बगल के कुछ लोगों को आपत्ति थी लेकिन पुलिस-प्रशासन मामले को रफा-दफा करने में लगा है। बता दें कि 10 दिसंबर, 2023 को मनोज साह लापता हुए थे और 15 को उनकी लाश मिली। भाजपा विधान पार्षद राजीव सिंह उर्फ़ गप्पू सिंह का कहना है कि मृतक के भाई अशोक साह द्वारा नामजद लोगों में से एक को भी गिरफ्तार नहीं किया है।

वो पुलिस के साथ-साथ माँझा के अंचल पदाधिकारी को भी दोष देते हैं। उनका कहना है कि बगल के गाँव के राजपूत समाज ने मंदिर को कुछ जमीन दान में दी थी, मुस्लिम समुदाय के लोगों ने उस पर अतिक्रमण कर लिया। उन्हीं लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए सिंह ने कहा कि पार्टी उग्र प्रदर्शन करेगी। लड़की के चाची का कहना है कि प्रेशर के कारण लड़की ने सब कबूल किया है, जबकि उनका घर ऐसा है कि वहाँ लाश नहीं छिपाई जा सकती, कोई भी आकर देख सकता है।

‘प्रभात खबर’ के अनुसार, ईदगाह के पास किसने मनोज साह का शव फेंका इस बारे में भी उन्हें कुछ नहीं पता है। नेहा कुमारी, सुनीता देवी और अमित कुमार को पुलिस ने फ़िलहाल जेल भेज दिया है। नेहा के पति सुभाष साह और फुफेरे भाई संदीप कुमार की तलाश जारी है। भाजपा का ये भी आरोप है कि जिस थानेदार पर आरोप लगा है उसे ही इस मामले में IO बना कर जाँच सौंप दी गई है। नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा भी इस मामले में धरना दे सकते हैं।

‘प्रभात खबर’ के गोपालगंज संकरण में प्रकाशित खबर

मृतक के भाई एवं पूर्व मुखिया अशोक साह से ऑपइंडिया ने बातचीत की। उन्होंने बताया कि उनके भाई की उम्र 26 वर्ष थी, वो मंदिर में आरती करने और भोग लगाने का काम सुबह-शाम करते थे। 2016 में अशोक साह मुखिया बने थे। अशोक साह जगन्नाथा पंचायत से मुखिया थे। उनका कहना है कि ये मंदिर 400 वर्ष पुराना है, जहाँ स्वयंभू महादेव प्रकट हुए थे। उन्होंने कहा कि 2023 में यहाँ यज्ञ हुआ था, जिसके अध्यक्ष स्थानीय विधायक थे और 20 पंचायत के लोग इसमें सम्मिलित हुए।

मुस्लिमों को थी मंदिर से दिक्कत, शहाबुद्दीन के गुर्गे ने कब्जाई जमीन: मृतक के भाई

उन्होंने बताया कि पूरे जिले के लोगों की यहाँ आस्था है। उनका कहना है कि मई 2023 में यज्ञ हुआ तो उस दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह आया कि यहाँ शिव मंदिर है तो पार्वती मंदिर भी बनना चाहिए। इसके बाद स्थानीय राजपूत समाज ने अपने 10 एकड़ में से 6 एकड़ जमीन मंदिर के लिए दान में दे दी। उनका आरोप है कि जैसे ही धान की कटनी हुई, सीवान के पूर्व राजद सांसद और माफिया व गैंगस्टर शहाबुद्दीन के शागिर्द रहे डब्ल्यू खान ने साथियों संग मिल कर पूरे 10 एकड़ जमीन पर अवैध कब्ज़ा कर लिया।

वो आगे बताते हैं, “मुस्लिम लोग वहाँ आसपास बसे हुए हैं और मस्जिद भी पास में है। गाँव में मुस्लिम बड़ी संख्या में हैं। डब्ल्यू खान सीवान का है, जिसका दानापुर में रिश्ता है। वो गुंडा है। 100 साल पहले मुस्लिमों के नाम पर खतियान था, लेकिन अंग्रेजों के समय बाबू लोगों (राजपूत समाज) के पास ये जमीन आ गई थी। विधायक रामप्रवेश सिंह को लेकर मैं SDO के पास भी गया था। CO को SDO ने डाँटा कि वो सही रिपोर्ट भेजें। बाबू लोगों के पक्ष में सरे कागज हो गए। इससे मुस्लिमों ने हमें डराना शुरू कर दिया।”

उन्होंने मुस्लिमों पर खुद को और उनके भाई को माँ-बहन की गाली देने और हत्या की धमकी देने का आरोप लगाया और कहा कि रात के समय उनके भाई पूजा-पाठ का सामान लेकर आए थे और सुबह-सुबह उन्हें मंदिर धोना था। वो रात को जैसे ही ताला मार कर निकले, गुंडों ने उन्हें लापता कर दिया। उन्होंने इस दौरान बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी का नाम लेते हुए कहा कि थाना प्रभारी शाहिद अख्तर उन्हीं के गाँव का है। उन्होंने अपने परिवार को निशाना बनाए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि लड़की का भाई मंदिर पर काम करता था।

जाँच को भटकाने की हुई कोशिश: DIG

उनका कहना है कि लड़की के भाई ने उनके भाई को फोन कॉल किया था, उसे ही पुलिस कह रही है कि लड़की ने चाची के फोन से मृतक से बात की थी। उन्होंने परिवार के 18 लोगों को टॉर्चर किए जाने का आरोप लगाया। इस मामले में DIG (रेंज) विकास शर्मा ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। उन्होंने जाँच नतीजों की बात करते हुए कहा कि मनोज कुमार साह का गाँव की युवती के साथ अवैध संबंध था, प्रेम प्रसंग चल रहा था, उस युवती की शादी अन्यत्र हो गई थी और इसके बाद मनोज उसे ब्लैकमेल कर रहे थे और फोन कर के पहले के फोटो-वीडियो वायरल करने व उसके पति को देने की बात कर रहे थे।

उनका कहना है कि इसी प्रतिशोध में युवती ने भाई और कुछ अन्य परिचितों के सहयोग से उन्हें बंधक बनाया और फिर उनकी हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि 10 दिसंबर की रात 10 बजे मनोज साह के मंदिर से निकले का वीडियो CCTV फुटेज में है। लड़का-लड़की का घर अगल-बगल में है। उन्होंने मोबाइल फोन बरामद किए जाने की बात भी कही है। पुलिस मनोज कुमार साह को पुजारी नहीं, मंदिर का केयरटेकर बता रही है। साथ ही कहा कि लड़की की शादी के बाद उन्होंने मंदिर में नियमित रूप से रहना शुरू किया था।

उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों ने गलत बातें उछाल कर पुलिस की जाँच को भटकाने की कोशिश की, लेकिन ये सब निराधार पाया गया। डीआईजी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक द्वारा गठित टीम ने मामले क जाँच की है। बकौल IPS अधिकारी विकास शर्मा, उन पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक टीम भी जाँच करेगी, सभी तथ्यों को कोर्ट में पेश कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सीसीटवी के माध्यम से आरोपितों को चिह्नित किया गया है, इस केस में ये पूर्ण रूप से स्थापित है कि ये प्रेम प्रसंग और ब्लैकमेलिंग के बाद हत्या का मामला है।

यूट्यूबर मनीष कश्यप को सभी मामलों में मिली जमानत, जल्द आ सकते हैं बाहर: रिपोर्ट, पटना के बेऊर जेल में हैं बंद

तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों के साथ कथित जुल्म पर वीडियो बनाने वाले बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप को सभी मामलों में जमानत मिल गई है। वे अब किसी भी समय जेल से बाहर आ सकते हैं। बता दें कि उनके वीडियो को तमिलनाडु और बिहार सरकार ने झूठ बताकर उन पर कई मामले दर्ज करा करके गिरफ्तार कर लिया था।

वर्तमान में पटना के बेऊर जेल में बंद मनीष कश्यप उर्फ त्रिपुरारी कुमार तिवारी को सिविल कोर्ट से सभी मामलों में जमानत मिल गई है। अब जेल से रिहाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और माना जाता है कि रिहाई में कुछ समय लग सकता है। मनीष कश्यप के दोस्त ने मणि द्विवेदी ने भी इसकी पुष्टि की है।

मणि ने कहा कि मनीष के ऊपर तमिलनाडु में दर्ज सारे मामलों में पहले ही जमानत मिल चुकी है। अब पटना के सिविल कोर्ट से भी सभी मामलों में जमानत मिल चुकी है। मणि ने कहा कि बेतिया कोर्ट से भी उन्हें बेल मिल चुका था। एक मामला पटना हाईकोर्ट में लंबित था, जिसमें आज बुधवार (20 दिसंबर 2023) जमानत मिल गया।

जानकारी के अनुसार, अब बेल का कागजात पटना हाईकोर्ट से गुरुवार को सिविल कोर्ट में जाएगा। वहाँ बेलर भरा जाएगा और फिर उसे सिविल कोर्ट से बेऊर जेल में रिकॉल जाएगा। बेउर जेल प्रशासन चेन्नई और मदुरई कोर्ट से अनुमति लेकर ही मनीष की रिहाई हो पाएगी। रिहाई को लेकर बेउर जेल प्रशासन ने मदुरै और चेन्नई कोर्ट को पत्र लिखा है। इसके बाद मनीष कश्यप बेऊर जेल से रिहा होंगे।

बता दें कि मनीष कश्यप उर्फ त्रिपुरारी कुमार तिवारी पर मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने उनकी खोजबीन शुरू कर दी थी। इस दौरान उनके घर की कुर्की-जब्ती भी की गई थी। कुर्की-जब्ती की कार्रवाई के दौरान ही उन्होंने 18 मार्च 2023 को सरेंडर कर दिया था। इसके बाद उन्हें तमिलनाडु पुलिस अपने साथ लेकर चली गई। फिलहाल कश्यप बिहार की जेल में बंद हैं।

दरअसल, मनीष कश्यप ने तमिलनाडु में बिहार के मजदूरों के साथ मारपीट का कथित फर्जी वीडियो शेयर किया था। इस मामले में बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मनीष कश्यप के खिलाफ FIR दर्ज किया था। मनीष कश्यप के खिलाफ पटना आर्थिक अपराध इकाई ने 4 केस दर्ज किए हैं। इसमें 3 बिहारी मजदूरों की तमिलनाडु में पिटाई के फर्जी वीडियो मामले में है।

वहीं, तमिलनाडु पुलिस ने कुल 13 केस दर्ज किए हैं। इनमें 6 मामले में मनीष कश्यप नामजद आरोपी हैं। इसको लेकर तमिलनाडु पुलिस ने 6 अप्रैल 2023 को यूट्यूबर कश्यप पर NSA लगाया था। इसको लेकर सोशल मीडिया पर काफी विरोध हुआ था और लोगों ने इसे राजनीतिक दमन बताया था। बाद में कोर्ट ने NSA से हटा दिया था।

न गुब्बारे, न लाइट… मुंबई में क्रिसमस और नए साल पर सूनी होंगी सड़कें: धारा 144 लागू, ड्रोन से आतंकी हमले की आशंका

मुंबई में आतंकी हमले के खतरे को देखते हुए ग्रेटर मुंबई के पुलिस कमीश्नर ने बुधवार को आदेश जारी किया है कि 20 दिसंबर से लेकर 18 जनवरी तक उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी इलाकों में सीआरपीसी धारा 144 लागू होगी। पुलिस कमीश्नर की ओर से ये आदेश क्रिसमस और नया साल आने से पहले जारी किया गया है।

सीपी कार्यालय से जारी हुए आदेश में चिंता जताई गई है कि क्रिसमस और नए साल के मौके पर आतंकवादी/राष्ट्र-विरोधी तत्वों द्वारा ड्रोन, रिमोट-नियंत्रित माइक्रो-लाइट विमान, पैरा-ग्लाइडर का उपयोग किया जा सकता है। इस आदेश में ये भी बताया गया कि आतंकियों के निशाने में वीवीआईपी लोग हो सकते हैं। इसके अलावा सार्वजनिक चीजों को नुकसान पहुँचाना, कानून व्यवस्था को बिगाड़ना भी इनका मकसद हो सकता है।

आदेश में लिखा गया, “यह आवश्यक हो गया है कि ड्रोन, रिमोट नियंत्रित माइक्रो-लाइट विमान, पैरा-ग्लाइडर के माध्यम से संभावित तोड़फोड़ को रोकने के लिए बृहन्मुंबई पुलिस आयुक्तालय ऐसे तत्वों की गतिविधियों पर कुछ प्रतिबंध लगाए। इसी कारण से कुछ निवारक और सक्रिय उपाय किए जाने की आवश्यकता है।

कमीश्नर के आदेश में यह भी कहा गया कि मुंबई पुलिस द्वारा की जाने वाली हवाई निगरानी के अलावा किसी प्रकार के ड्रोन, रिमोट-नियंत्रित माइक्रो-लाइट विमान, पैरा-ग्लाइडर, पैरा मोटर्स, हैंड ग्लाइडर, गर्म हवा के गुब्बारे आदि उड़ाने की गतिविधियों पर प्रतिबंध है। इससे पहले ऐसी रोक 30 दिसंबर 2021 से 7 जनवरी 2022 को कोविड के मद्देनजर लगी थी और पब्लिक-प्राइवेट प्लेस पर नववर्ष मनाने से रोक दिया गया था।

चिराग-सात्विक की बैडमिंटन जोड़ी को ‘खेल रत्न’, मोहम्मद शमी को ‘अर्जुन अवॉर्ड’: राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों का ऐलान, देखिए किसे कौन सा सम्मान

भारत सरकार के युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने बुधवार (20 दिसंबर, 2023) को राष्ट्रीय खेल पुरस्कार – 2023 का ऐलान कर दिया है। इसमें खेल के सबसे बड़े सम्मान मेजर ध्यान चंद खेल रत्न के लिए बैडमिंटन स्टार जोड़ी चिराग शेट्टी और सात्विक साईराज रंकी रेड्डी को चुना गया है। वहीं क्रिकेटर मोहम्मद शमी को अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा।

खेल मंत्रालय के मुताबिक, इस साल क्रिकेटर शमी सहित कुल 26 एथलीट्स को अर्जुन अवॉर्ड दिया जाएगा। पुरस्कार विजेताओं को मंगलवार (9 जनवरी, 2024) को सुबह 11 बजे राष्ट्रपति भवन में एक खास समारोह में भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ये पुरस्कार देंगी। बता दें कि मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार बीते चार साल से खेल के क्षेत्र में शानदार और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को दिया जाता है।

चिराग शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी जोड़ी ने इस साल की शुरुआत में अक्टूबर में हांग्जो में एशियाई खेलों में बैंडमिटन स्वर्ण पदक जीतने के बाद BWF रैंकिंग में शीर्ष पर पहुँची थी। यह जोड़ी 2022 से इंडियन ओपन, फ्रेंच ओपन, स्विस ओपन, इंडोनेशिया ओपन और कोरिया ओपन सहित पाँच बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर खिताब जीतने के बाद से असाधारण रही है।

वहीं मोहम्मद शमी ने ICC वर्ल्ड कप 2023 में शानदार प्रदर्शन किया था। सेमीफ़ाइनल में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ 7 विकेट लेकर मोहम्मद शमी ने एक इतिहास रचा दिया था। वो क्रिकेटर शमी ने भी लगातार क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन करते रहे हैं।

किस खेल के खिलाड़ी को मिला कौन सा अवॉर्ड

खेल रत्न अवॉर्ड बै़डमिंटन के लिए – चिराग शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी, अर्जुन अवॉर्ड – तीरंदाजी के लिए ओजस प्रवीण देवताले, अदिति गोपीचंद स्वामी को, एथलेटिक्स के लिए श्रीशंकर और पारुल चौधरी को मिलेगा।

बॉक्सिंग के लिए अर्जुन अवॉर्ड मोहम्मद हुसामुद्दीन को तो शतरंज के लिए आर वैशाली को मिलेगा। क्रिकेट के लिए अर्जुन अवॉर्ड मोहम्मद शमी के तो घुड़सवारी के लिए अनुश अग्रवाल और घुड़सवारी ड्रेसेज के लिए दिव्यकृति सिंह के नाम रहेगा।

वहीं गोल्फ के लिए अर्जुन अवॉर्ड दीक्षा डागर, हॉकी के लिए कृष्ण बहादुर पाठक और सुशीला चानु को मिलेगा। कबड्डी के लिए पवन कुमार और रितु नेगी के नाम हैं, खो-खो के लिए नसरीन लॉन बॉल्स के लिए ये अवॉर्ड पिंकी को मिलेगा।

अर्जुन अवॉर्ड – शूटिंग के लिए ऐश्वर्या प्रताप सिंह तोमर और ईशा सिंह को, स्क्वैश के लिए हरिंदर पाल सिंह को टेबल टेनिस के लिए अयहिका मुखर्जी को, रेसलिंग के लिए सुनील कुमार और अंतिम को तो वुशु के लिए रोशीबिना देवी को मिलेगा। इसके साथ ही पैरा आर्चरी के लिए ये अवॉर्ड शीतल देवी तो ब्लाइंड क्रिकेट के लिए अजय कुमार और पैरा कैनोइंग के लिए प्राची यादव को मिलेगा।

बताते चलें कि खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले को सम्मान देने के लिए हर साल खेल पुरस्कार दिए जाते हैं। इसके तहत मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किसी खिलाड़ी के चार साल तक खेल के क्षेत्र में शानदार और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया जाता है।

मेजर ध्यानचंद पुरस्कार खेलों के विकास में आजीवन योगदान करने के लिए दिया जाता है। वहीं, अर्जुन पुरस्कार 4 साल तक लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया जाता है। इसके अलावा द्रोणाचार्य पुरस्कार किसी प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए प्रशिक्षकों को दिया जाता है।

वहीं राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार उन कारपोरेट संस्थाओं और लोगों को दिया जाता है, जिन्होंने खेल प्रोत्साहन व विकास के क्षेत्र में अपनी उल्लेखनीय भूमिका निभाई हो। अंतर-विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं में समग्र रूप से शीर्ष प्रदर्शन करने वाले विश्वविद्यालय को मौलाना अबुल कलाम आजाद (एमएकेए) ट्रॉफी से सम्मानित किया जाता है।

इसके लिए भारत सरकार का युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय हर साल खेल पुरस्कारों के लिए आवेदन आमंत्रित करता है। समिति की सिफारिशों के आधार पर और उचित जांच के बाद सरकार ने खिलाड़ियों, कोचों और संस्थाओं को पुरस्कार देने का फैसला लेती है।

‘सबूत है तो दें, हम गौर करेंगे’: खालिस्तानी आतंकी पन्नू की हत्या की साजिश पर बोले PM मोदी, कहा- आतंकवाद का सफाया भारत-अमेरिका संबंधों की कड़ी

खालिस्तानी आतंकी पन्नू की हत्या की साजिश रचने को लेकर अमेरिका ने भारत पर आरोप लगाए हैं। इस पर पहली पीएम मोदी ने कहा, “कोई हमें इससे संबंधित सूचना देता है तो हम उस पर जरूर गौर करेंगे। अगर हमारे किसी नागरिक ने कुछ भी सही या गलत किया है तो हम उस पर गौर करने के लिए तैयार हैं। हम कानून को लेकर प्रति प्रतिबद्ध हैं।”

यूके के ‘द फाइनेंशियल टाइम्स’ के साथ एक इंटरव्यू में पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका के बीच आपसी रिश्ते कुछ घटनाओं की वजह से पटरी से नहीं उतरेंगे। इस बयान से पीएम मोदी ने साफ इशारा किया कि पन्नू वाले मामले से दोनों देशों के बीच संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।

इस दौरान पीएम मोदी विदेशों में आतंकवादी संगठनों की गतिविधियों को लेकर भी खासे फ्रिकमंद नजर आए। उन्होंने कहा, “ये लोग अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में डराने-धमकाने और हिंसा भड़काने में लगे हुए हैं।” उन्होंने जोर देते हुए ये भी कहा कि भारत और अमेरिका के बीच संबंधों की अहम कड़ी सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये भी कहा, “मुझे नहीं लगता कि कुछ घटनाओं को दोनों देशों के राजनयिक संबंधों से जोड़ना सही है।” उन्होंने आगे कहा, “इस रिश्ते के लिए दोनों तरफ से मजबूत समर्थन है, जो एक परिपक्व और स्थिर साझेदारी का साफ संकेत देता है।”

पीएम मोदी ने आगे कहा, “हमें इस बात को स्वीकार करने की जरूरत है कि हम बहुपक्षवाद के युग में रह रहे हैं। दुनिया एक दूसरे से जुड़ी हुई और एक दूसरे पर निर्भर है। यह वास्तविकता हमें यह मानने के लिए मजबूर करती है कि सभी मामलों पर सहयोग करने के लिए पूरी सहमति पहले से ही रखी शर्त नहीं हो सकती है।”

बीते महीने इसी अखबार ‘द फाइनेंशियल टाइम्स’ ने अनाम अमेरिकी अधिकारियों का हवाला देते हुए रिपोर्ट दी थी कि उन्होंने अमेरिकी धरती पर पन्नू की हत्या की साजिश को नाकाम कर दिया। अखबार ने यह भी बताया कि अमेरिकी सरकार ने इस पर भारत को चेतावनी जारी की थी।

दरअसल, अमेरिकी न्याय विभाग ने 52 साल के भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता पर खालिस्तानी आतंकी पन्नू की कथित हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा था कि गुप्ता न्यूयॉर्क शहर में रहने वाले पन्नू की हत्या करने के लिए एक हत्यारे को 1,00,000 डॉलर देने पर राजी हुए थे।

निखिल गुप्ता चेक गणराज्य में रहता है। अमेरिका के कहने पर चेक अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार करके अमेरिका के हवाले कर दिया। दरअसल, अमेरिका और चेक गणराज्य के बीच द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि है। वहीं, निखिल गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट से माँग की है कि वो भारत सरकार से इस मामले में दखल देने के लिए कहें।

निखिल गुप्ता का कहना है कि उन्हें बगैर किसी लीगल वॉरंट के गलत तरीके से प्राग में गिरफ्तार किया गया था। वहाँ उन्हें उनकी धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ बीफ और पोर्क तक खाने को मजबूर किया जा रहा है। अमेरिका के कहने पर चेक गणराज्य के अधिकारियों ने राजधानी प्राग से निखिल गुप्ता को 30 जून 2023 को गिरफ्तार किया था।

जिस पन्नू की हत्या की साजिश को लेकर अमेरिका ने इतना बवाल खड़ा किया है, वह भारत में घोषित आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू है। वो प्रतिबंधित सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) संगठन का सरगना है और भारत के खिलाफ आग उगलता रहता है। उसके पास संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा की दोनों देशों की नागरिकता है।

इस केस को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने 30 नवंबर 2023 को बयान जारी किया। ब्लिंकन ने इजरायल की राजधानी तेल अवीव से दिए गए इस बयान में कहा था, “ये कानूनी मसला है और वो इस पर खुलकर सब कुछ नहीं बता सकते, लेकिन वो इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हैं।”

भारत ने अमेरिका की ओर से पन्नू का मामला उठाने के बाद जाँच के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाई है। हाल ही में भारत के विदेश मंत्री जयशंकर ने इसको लेकर कहा था, “कनाडा और अमेरिका के मामले अलग-अलग हैं। अमेरिका ने हमें सुबूत मुहैया कराए हैं। भारत एक ऐसा देश है, जहाँ हम बहुत जिम्मेदार हैं। हम जो करते हैं उसमें विवेक रखते हैं।”

दरअसल कनाडा ने 18 जून 2023 को सरे में हरदीप सिंह निज्जर की गोली मारकर हुई हत्या में भारत का हाथ होने का आरोप लगाया था। वहीं नवंबर में कनाडा की वाणिज्य मंत्री मेरी एनजी ने कहा था कि जब तक भारत की मोदी सरकार निज्जर की हत्या मामले की जाँच में सहयोग नहीं करेगी, तब तक कारोबारी बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी। विदेश मंत्री जयशंकर कई बार कनाडा से इस मामले को लेकर सबूत देने के लिए कह चुके हैं।