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हिंदी राष्ट्रीय भाषा, देश का नाम ‘भारत’, प्रेस कॉन्फ्रेंस से नदारद: विपक्ष की बैठक में किसकी तरफ से थे नीतीश कुमार? मान-मनौव्वल करते रहे I.N.D.I. गठबंधन के नेता

दिल्ली में बुधवार (19 दिसम्बर, 2023) को आयोजित हुई I.N.D.I. गठबंधन की बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने DMK सांसद TR बालू को झिड़क दिया। उन्होंने बालू से कहा कि हिंदी राष्ट्रीय भाषा है और सभी को इसे सीखना चाहिए। बालू नीतीश के बयान का अनुवाद अंग्रेजी में करने की माँग कर रहे थे।

दिल्ली में आयोजित इस बैठक में नीतीश कुमार ने अंग्रेजी को एक औपनिवेशिक मानसिकता का परिचायक बताया और साथ ही देश का नाम ‘भारत’ किए जाने की भी माँग रख दी। नीतीश कुमार के हिंदी और भारत नाम को जोर देने पर बैठक में मौजूद बाकी विपक्षी नेता सन्न रह गए। इस बैठक में सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी, लालू प्रसाद यादव, अखिलेश यादव, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री MK स्टालिन और उनके सांसद TR बालू, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, कम्युनिस्ट नेता सीताराम येचुरी और अन्य सभी नेता शामिल हुए थे।

विपक्ष की बैठक में ‘हिंदी बनाम अंग्रेजी’ पर विवाद

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नीतीश कुमार द्वारा इस बैठक में रखी गई बातों का अनुवाद द्रमुक सांसद टीआर बालू ने माँगा। नीतीश कुमार इस बैठक में हिंदी में बातचीत कर रहे थे। इस पर टीआर बालू ने उनकी बातों का अनुवाद अंग्रेजी में उपलब्ध करवाने की बात कही।

बैठक में यह काम राजद के सांसद मनोज झा कर रहे थे। वह हिंदी में बोलने वालों की बातों का अनुवाद अंग्रेजी में करके उन नेताओं को बता रहे थे। उन्होंने लालू प्रसाद यादव की बातों का अनुवाद भी किया। हालाँकि, नीतीश की बातों का अनुवाद TR बालू द्वारा माँगे जाने पर नीतीश भड़क गए।

नीतीश कुमार ने कहा टीआर बालू से कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्रीय भाषा है और सभी को इसे सीखना चाहिए। उन्होंने अंग्रेजी को औपनिवेशिक मानसिकता का परिचायक बताया और कहा कि यह हम पर अंग्रेजों द्वारा लादी गई थी। उन्होंने मनोज झा से कहा कि वह टीआर बालू के लिए अनुवाद ना करें।

नीतीश कुमार के इस उखड़े रुख के बाद I.N.D.I. गठबंधन की बैठक में सन्नाटा छा गया और कुछ देर तक बाकी नेताओं को नीतीश कुमार की मान-मनौव्वल करनी पड़ी। इसके बाद कई नेताओं ने हिंदी और अंग्रेजी दोनों को मिलाकर अपनी बात रखी।

बैठक में ‘इंडिया बनाम भारत’ पर नीतीश कुमार ने छेड़ी चर्चा

नीतीश कुमार केवल हिंदी के अनुवाद माँगने पर ही नहीं भड़के बल्कि उन्होंने देश के आधिकारिक नाम की भी चर्चा छेड़ दी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने कहा कि देश का नाम इंडिया की बजाय ‘भारत’ ही होना चाहिए। उनके इस कथन से बाकी नेता काफी असहज हो गए। बीते दिनों चली इंडिया बनाम भारत की बहस में कई कॉन्ग्रेस नेताओं ने इंडिया नाम का समर्थन किया था। नीतीश कुमार बैठक के बाद हुई साझा कॉन्फ्रेंस में भी शामिल नहीं हुए।

इस बैठक में सब कुछ ठीक ना रहने के संकेत भी मिले हैं। बैठक से पहले जहाँ कॉन्ग्रेस ने अपनी ही एक चुनाव समिति बना ली तो वहीं बैठक के भीतर प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर बड़ा उलटफेर हो गया। बैठक में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2024 में प्रधानमंत्री के चेहरे के तौर पर कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम प्रस्तावित कर दिया।

उनके इस प्रस्ताव का दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने समर्थन भी कर दिया। खड़गे ने कहा कि इस पर चुनाव के बाद बात करेंगे। इससे बैठक में भाग ले रहे कई नेता धर्मसंकट में पड़ गए। कॉन्ग्रेस के लिए यह गले की हड्डी वाली स्थिति बन गई।

वह खड़गे के नाम का खुले तौर पर विरोध भी नहीं कर पाए और समर्थन भी नहीं कर सके। कॉन्ग्रेस लगातार राहुल गाँधी को विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार के तौर पर आगे बढ़ाती रही है। वहीं इस गठबंधन के लिए दौड़भाग करने वाले नीतीश कुमार भी इससे असहज हो गए।

भक्तों के लिए अयोध्या में बसाया गया टिन का नगर तीर्थक्षेत्रपुरम: प्राण-प्रतिष्ठा के बाद 48 दिनों की ‘मंडल पूजा’, देश भर से पहुँचेंगे साधु-संत और कारसेवकों के परिजन

‘मेरे राम आएँगे’ की गूँज पूरी अयोध्या में सुनाई दे रही है और ये पावन नगरी रामलला के स्वागत के लिए तैयार है। 22 जनवरी, 2024 में होने जा रहे रामलला प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के लिए तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही हैं। लगभग 500 वर्षों के संघर्ष के बाद हिन्दुओं का एक सपना साकार हो रहा है, उन्हें न्याय मिल रहा है, उनके बलिदान का फल मिल रहा है।

आखिर वो दिन आने वाला है। इसके लिए कहीं लंगर चल रहा है तो कहीं टिन का अस्थायी नगर बसाया जा रहा है। इसे लेकर ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट’ की तरफ से इस समारोह का पूरा शेड्यूल और महत्वपूर्ण बिंदुओं के बारे में जानकारी दी गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) 22 जनवरी, 2024 को भगवान रामलला (Ramlala Pran Pratishtha) की प्राण-प्रतिष्ठा करने अयोध्या आएँगे। न सिर्फ एक पीएम के रूप में, बल्कि एक राम भक्त के तौर पर भी। उन्होंने ये खुद कहा है कि वो राम लला की नगरी एक आम भक्त के तौर पर जाएँगे।

इस समारोह को बेहद भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। रामलला की जब प्राण-प्रतिष्ठा होगी देश के सभी बड़े मंदिरों में पूजा-अर्चना की जाएगी। पूरे देश एक होकर रामलला के रंग में रंग जाएगा।

इसके लिए मुख्य समारोह से 6 दिन पहले यानी 16 जनवरी, 2024 से ही अयोध्या में राम का गुणगान और उनके रामराज्य सा नजारा दिखना शुरू हो जाएगा। इस समारोह में देश के सभी महान साधु-संतों, देश का मान बढ़ाने वाली हस्तियों सहित कारसेवकों उनके परिजनों और पत्रकारों (1984 से 1992) को आमंत्रण दिया गया है।

16 जनवरी से शुरू होगी पूजा अर्चना

रामलला को मंदिर में विराजमान करने के लिए प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का पूजन 16 जनवरी से शुरू हो जाएगा। इसमें काशी के गणेश्वर शास्त्री द्रविड़, लक्ष्मीकांत दीक्षित (कर्मकांड) पूजा संपन्न कराएँगे। प्राण-प्रतिष्ठा पूजन के बाद 48 दिन की मंडल पूजा होगी। इसे अभिषेक समारोह को विश्वप्रसन्न तीर्थ अपने नेतृत्व में पूरी करवाएँगे। सभी संप्रदायों से लगभग 4000 संत इस समारोह की शोभा बढ़ाएँगे।

इसके लिए सभी शंकराचार्य, महामण्डलेश्वर, सिख और बौद्ध पंथ के शीर्ष संतों को बुलावा भेजा गया है। स्वामी नारायण, आर्ट ऑफ लिविंग, गायत्री परिवार, किसान, कला जगत के अहम लोगों को आमंत्रित किया गया है।

रामलला के भोलेपन को जीवंत करने वाली मूर्ति

राम लला की मूर्तियाँ तीन मूर्तिकार गणेश भट्ट, अरुण योगीराज और सत्यनारायण पांडे बना रहे हैं। इन तीनों की बनाई उस मूर्ति को चुना जाएगा जो एक 5 साल के बच्चे की कोमलता और उसके भोलेपन को हूबहू जीवंत करती दिखती हो।

भक्तों के लिए टिन का नगर तीर्थक्षेत्रपुरम

रामलला के भक्तों के लिए भी पूरी व्यवस्था की गई है। इसके लिए खासतौर से टिन का नया नगर तीर्थक्षेत्रपुरम (बाग बिजैसी) बसाया गया है। इसमें पानी के लिए छह नलकूप, खाने के लिए छह रसोई घर तो है हीं। इसके साथ ही सेहत संबंधी सुविधाओं के लिए 10 बिस्तरों वाला एक अस्पताल बनाया जा रहा।

देशभर के लगभग 150 डॉक्टर इसमें बारी-बारी से अपनी सेवाएँ देंगे। इसके साथ ही नगर के कोने -कोने में लंगर, भोजनालय, भण्डारा, अन्नक्षेत्र चलाए जाएँगे, ताकि राम की नगरी आने वाले श्रद्धालुओं को खाने-पीने की परेशानी न हो। उन्हें लगे राम राज्य में होने का वास्तविक आभास हो सकें।

असली नाम फैज़, सूरज बन हिंदू लड़की को फँसाया… फिर शादी के नाम पर मुजफ्फरनगर से बेंगलुरु तक किया रेप: गर्भपात करा भागा, निकाह किया मुस्लिम से

उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर जिले से लव जिहाद का एक मामला सामने आया है। यहाँ एक हिन्दू लड़की ने फैज़ आलम के खिलाफ मंगलवार (19 दिसंबर 2023) को जिले के एसएसपी के यहाँ शिकायत दी है। आरोप है कि फैज़ ने खुद को हिन्दू बता कर युवती को शादी का झाँसा दिया और कई दिनों तक रेप किया। बाद में फैज़ ने पीड़िता का गर्भपात करवा कर उसने दूसरी लड़की से निकाह कर लिया। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेकर जाँच शुरू कर दी है।

इस मामले में पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक मामला मुजफ्फरनगर के नई मंडी थानाक्षेत्र का है। यहाँ हरियाणा के पानीपत की रहने वाली एक हिन्दू लड़की ने बताया कि मुज़फ्फरनगर के बसी कला गाँव का रहने वाला फैज़ आलम उसे सूरज बता कर मिला था। इसी नाम से फैज़ ने पीड़िता को प्रेम जाल में फँसा लिया और शादी का झाँसा देकर कई बार रेप किया। फैज़ आलम मुज़फ्फरनगर के ही एक घर में पीड़िता को लेकर लगभग डेढ़ साल रहा। बाद में वो पीड़िता को लेकर बेंगलुरु चला गया।

इस दौरान फैज़ ने पीड़िता को शादी का झाँसा देकर कई बार बलात्कार किया। लगभग 1 साल पहले जब पीड़िता ने सूरज बने फैज़ पर शादी का दबाव बनाया तो वह टालमटोल करने लगा। इसी बीच पीड़िता गर्भवती हो गई। तब फैज़ ने लड़की को जल्द कोर्ट मैरिज करने का झूठा दिलासा दिया और 24 नवंबर 2023 को धोखे से उसे गर्भ गिराने की दवा खाने में डाल कर खिला दी। इस दवा के असर से 26 नवंबर 2023 को पीड़िता का 3 माह की अवधि में गर्भपात हो गया।

शिकायत में आगे बताया गया है कि इस दवा के असर के कारण पीड़िता की तबियत खाफी खराब हो गई। फिर भी फैज़ आलम ने उसका कोई इलाज नहीं करवाया। गर्भपात होते ही सूरज बना फैज़ पीड़िता को अकेला छोड़ कर भाग गया। पीड़िता द्वारा कई बार किए गए फोन कॉल का भी फैज़ ने कोई जवाब नहीं दिया।

इतना सब कुछ होने के बाद पीड़िता ने शामली में अस्थाई तौर पर रह रहे अपने परिवार वालों को पूरी बात बताई। जानकारी होने पर पीड़िता के परिवार वाले फैज़ के घर गए। वहाँ पता चला कि फैज़ ने एक मुस्लिम लड़की से निकाह कर रखा है। बताया गया कि यहाँ पहली बार पीड़िता को सूरज के असली नाम फैज़ और उसके मुस्लिम होने की जानकारी हुई।

शिकायत के मुताबिक इस दौरान फैज़ की बीवी फौजिया और उसके अब्बा ने पीड़िता के घर वालों को चैलेन्ज देते हुए कहा:

“जाओ जो करना है कर लो। तुम हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते।”

इस घटना के बावजूद पीड़िता ने जब फैज़ को कॉल की तो उसे भी आरोपित ने धमकी दी और साथ न रखने की बात कही। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि फैज़ ने पुलिस में अपनी ऊँची जान-पहचान बताते हुए कहीं शिकायत करने पर उसकी हत्या तक करवा देने की धमकी दी। पीड़िता का यह भी दावा है कि साथ रहने के दौरान फैज़ ने उससे काफी पैसे ठग लिए।

शिकायत के अंत में पीड़िता ने आरोपितों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की माँग की है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। पुलिस ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए जाँच शुरू कर दी है।

सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति चुनाव लड़ने पर लगाया ‘बैन’: अमेरिकी इतिहास में पहली ऐसी घटना, जिन जजों ने सुनाया फैसला वो बायडेन की पार्टी के

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को एक कोर्ट ने राष्ट्रपति का आगामी चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है। यह निर्णय अमेरिका के कोलोराडो राज्य की सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया है। निर्णय सुनाने वाले जजों की नियुक्त अमेरिकी राष्ट्रपति बायडेन की पार्टी डेमोक्रेट्स ने की थी।

डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ यह निर्णय कैपिटल हिल हिंसा के मामले दिया गया है। गौरतलब है कि जनवरी 2021 में डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति पद छोड़ने के दौरान उनके कुछ कई समर्थक कैपिटल हिल बिल्डिंग (अमेरिकी सरकार का मुख्यालय) में घुस गए थे और उत्पात मचाया था। कोलोराडो की कोर्ट ने यह निर्णय 4-3 के मत से सुनाया। ट्रम्प अब अमेरिकी चुनावी इतिहास में लड़ने से रोके जाने वाले पहले उम्मीदवार बन गए हैं। यह निर्णय अमेरिकी संविधान के अनुच्छेद 14 की धारा 3 के तहत दोषी करार देकर अयोग्य घोषित किया गया है।

अब यह मामला अमेरिका की राष्ट्रीय सुप्रीम कोर्ट में जाएगा। कोलोराडो सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के विरुद्ध इस निर्णय को 4 जनवरी, 2023 तक स्थगित कर दिया है। इसका अर्थ है कि यह निर्णय तब तक लागू नहीं होता जब तक ट्रम्प इसके विरुद्ध राष्ट्रीय सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर नहीं करते।

कोलोराडो के सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर भी प्रश्न उठ रहे हैं। दरअसल, अमेरिका में जजों की नियुक्ति पूरी तरह से राजनीति से प्रभावित होती है। जिस कोलोराडो कोर्ट ने यह निर्णय दिया है, उसमें अधिकांश जज ट्रम्प के विरोधी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन की पार्टी डेमोक्रेट्स से आए गवर्नर द्वारा नियुक्त किए गए हैं।

अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में जाने पर भी इसके राजनीतिक प्रभाव होने के आसार हैं। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में तीन जज डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा नियुक्त हैं जबकि कुल जजों की संख्या 9 है। यहाँ डोनाल्ड ट्रम्प के विषय में क्या निर्णय आएगा, इसको लेकर चर्चाएँ तेज हैं। ट्रम्प के समर्थकों ने इस निर्णय को अलोकतांत्रिक बताया है।

तो क्या कभी डोनाल्ड ट्रम्प नहीं लड़ पाएँगे राष्ट्रपति का चुनाव?

कोलोराडो कोर्ट का निर्णय ट्रम्प के पूरे राष्ट्रपति चुनाव पर प्रभाव नहीं डालेगा। दरअसल, कोलोराडो की सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय ट्रम्प को 5 मार्च, 2024 को होने वाले रिपब्लिकन प्राइमरी चुनाव लड़ने से रोकता है। यह प्राइमरी चुनाव पार्टी के भीतर राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी को चुनने के लिए करवाए जाते हैं।

इन चुनावों में पार्टी के कार्यकर्ता एक पार्टी के भीतर अलग-अलग प्रत्याशियों के लिए वोट करते हैं। इन चुनावों में जो जीतता है वह आगे फिर राष्ट्रपति के आम चुनावों में लड़ता है। वर्तमान निर्णय ट्रम्प को इससे नहीं रोकता।

जिस बिहार में दारू बैन, वहाँ शराब माफिया ने दरोगा को कार से कुचल कर मार डाला: माफिया के आगे बेबस बिहार सरकार, गठबंधन में बिजी नीतीश कुमार

बिहार के बेगूसराय जिले में एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर की हत्या कर दी गई है। हत्या कार से कुचल कर की गई है। इस दौरान एक होमगार्ड जवान भी घायल हुआ है जिसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। घटना से मची अफरातफरी के बाद मौके पर मौजूद बाकी पुलिसकर्मियों ने छिप कर अपनी जान बचाई। हमले का आरोप शराब माफियाओं पर लगा है। पुलिस ने आरोपित कार चालक को हिरासत में ले लिया है जिस से पूछताछ की जा रही है। घटना मंगलवार (19 दिसंबर, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना बेगूसराय जिले के थाना क्षेत्र नावकोठी की है। यहाँ पुलिस को शराब तस्करी को लेकर सूचना मिली थी जिसके बाद चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। मंगलवार की रात सब-इंस्पेक्टर खमास चौधरी अपनी टीम के साथ छतौना पुल पर आने-जाने वाले वाहनों को चेक कर रहे थे। इसी दौरान एक संदिग्ध ऑल्टो कार उधर से गुजरी। पुलिस ने कार को रुकने का इशारा किया तो ड्राइवर ने उसकी स्पीड बढ़ा दी। भाग रहे कार चालक ने सामने खड़े दरोगा खमस चौधरी को कुचल दिया।

इसी कार को रोकने का प्रयास कर रहे होमगार्ड जवान बालेश्वर यादव भी टक्कर की चपेट में आ गए। इस घटना से चेकिंग कर रही पुलिस टीम के अन्य जवानों में अफरातफरी मच गई। बाकी जवानों ने सुरक्षित जगह छिप कर अपनी जान बचाई। इसी बीच कार सवार मौके से भाग निकला। साथी जवानों ने दोनों घायलों को अस्पताल पहुँचाया। यहाँ डॉक्टरों ने सब-इंस्पेक्टर खमास चौधरी को मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल होमगार्ड जवान बालेश्वर यादव का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा था जिन्हें फिलहाल बेहतर चिकित्सा के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। 2 जवानों ने भाग कर जान बचाई।

इस घटना के बाद बेगूसराय पुलिस ने फरार हुए कार चालक को खोजने का बड़े स्तर पर अभियान चलाया। रात में ही कार के मालिक को खोज निकाला गया और उसे हिरासत में ले लिया गया। हालाँकि, अभी तक यह नहीं पता चल पाया है कि घटना के दौरान कार कौन चला रहा था। इसी के साथ अब तक शराब की भी बरामदगी नहीं हो पाई है। इसी तरह जमुई में बालू माफिया ने ट्रैक्टर से कुचल कर दरोगा प्रभात रंजन की हत्या कर दी थी।

जब बिहार में ये सब हो रहा है, तब वहाँ के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली में मोदी विरोधी गठबंधन की बैठक में व्यस्त हैं। घटना वाले दिन भी वो दिल्ली में I.N.D.I. गठबंधन की बैठक में व्यस्त थे। उस बैठक में क्या निकला और क्या नहीं इस पर तो चर्चा चल रही है, लेकिन बिहार में ज़रूर आपराधिक घटनाएँ बढ़ रही हैं।

शो दोगुने, लेकिन कलेक्शन और टिकट्स के मामले में ‘सालार’ से बहुत पीछे ‘डंकी’: क्रिसमस की लड़ाई में SRK से आगे निकले प्रभास, देखें क्या कहते हैं आँकड़े

भारतीय बॉक्स ऑफिस पर क्रिसमस 2024 के दौरान प्रभास की ‘Salaar : Part 1 – Ceasefire’ और ‘Dunki’ के बीच लड़ाई होने वाली है। बॉक्स ऑफिस पर एडवांस बुकिंग शुरू होने के साथ ही फैन वॉर भी छिड़ गया है। टिकट बुकिंग के मामले में ‘सालार’ आगे दिख रही है। इसके निर्देशक प्रशांत नील हैं जो ‘KGF’ सीरीज के लिए जाने जाते हैं। वहीं ‘डंकी’ का निर्देशन राजकुमार हिरानी ने किया है, जो ‘मुन्नाभाई’ सीरीज और ‘3 इडियट्स’ जैसी सफलतम फिल्मों के लिए जाने जाते हैं।

अगर शो की संख्या की बात करें तो इस मामले में ‘डंकी’ अपनी प्रतिद्वन्द्वी ‘सालार’ से भले ही पीछे है, लेकिन कलेक्शन के मामले में भी ये 2 करोड़ रुपए आगे निकल गई है। भारतीय बॉक्स ऑफिस को ट्रैक करने वाली वेबसाइट ‘Sacnilk’ ने जानकारी दी है कि जहाँ ‘सालार’ ने एडवांस बुकिंग से 12.67 करोड़ रुपए की कमाई की है, वहीं ‘डंकी’ का एडवांस बुकिंग कलेक्शन 10.26 करोड़ रुपए है। ‘सालार’ के 5.77 लाख टिकट्स बिक चुके हैं, वहीं ‘डंकी’ के 3.60 लाख टिकट बिके हैं।

शाहरुख़ खान की ‘डंकी’ को थिएटरों में 12,608 शो मिले हैं, वहीं ‘सालार‘ इसकी लगभग आधी यानी 6439 शो अब तक बुक कर चुकी है। इस तरह भले ही शो के मामलों में ‘डंकी’ आगे निकल गई हो, ‘सालार’ को देखने वालों की संख्या अब तक ज़्यादा है। ‘डंकी‘ में तापसी पन्नू, विक्की कौशल और बोमन ईरानी जैसे एक्टर भी हैं। वहीं ‘सालार’ पृथ्वीराज सुकुमारन, टीनू आनंद और श्रुति हासन जैसे सितारों से सजी हुई है। ‘सालार’ अब तक हिंदी बेल्ट में तेलुगु से भी आगे दिख रही है।

वहीं ‘BookMyShow’ की बात करें तो वहाँ पर जहाँ 17 लाख लोगों ने ‘सालार’ में रुचि दिखाई है, वहीं 3.53 लाख ही मात्र ‘डंकी’ में रुचि रखते हैं। ‘डंकी’ जहाँ कॉमेडी ड्रामा फिल्म है, वहीं ‘सालार’ एक स्पष्ट एक्शन थ्रिलर है। रिलीज तक इन आँकड़ों में बदलाव हो सकता है। शाहरुख़ खान इस साल ‘पठान’ और ‘जवान’ के रूप में 2 ब्लॉकबस्टर फ़िल्में दे चुके हैं, वहीं ‘बाहुबली’ स्टार प्रभास की पिछली फ़िल्में ‘राधे श्याम’ और ‘आदिपुरुष’ बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रहीं।

मध्य प्रदेश विधानसभा से हटे नेहरू-लगे आंबेडकर, सत्र के पहले ही दिन भड़की कॉन्ग्रेस: कहा – फिर से नहीं लगाई तस्वीर तो हम खुद लगा देंगे

मध्य प्रदेश की 16वीं विधानसभा के पहले सत्र के दौरान सोमवार (18 दिसंबर, 2023) को विवाद खड़ा हो गया। यह विवाद विधानसभा के अंदर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की तस्वीर हटा कर डॉ भीमराव अंबेडकर का चित्र लगाने की वजह से हुआ। यह चित्र स्पीकर की कुर्सी के पीछे एक तरफ लगा हुआ है। इसमें दूसरी तरफ महात्मा गाँधी की फोटो लगी हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकारी अधिकारियों ने इस मामले में सफाई देते हुए बताया कि नेहरू की तस्वीर खराब हो जाने की वजह से उसे हटाया गया है। साथ ही उसी जगह डॉ बीआर अम्बेडकर का चित्र लगा दिया गया है। कॉन्ग्रेस नेताओं को यह अदला-बदली रास नहीं आई है। उन्होंने भाजपा को इसका जिम्मेदार बताते हुए विरोध-प्रदर्शन किया। कॉन्ग्रेसियों ने इस कदम को ‘इतिहास बदलने के लिए बीजेपी द्वारा की जा रही साजिश’ करार दिया। साथ ही कॉन्ग्रेस पार्टी के सदस्यों ने जवाहरलाल नेहरू की तस्वीर फिर से उसी जगह लगाने की माँग की है।

कॉन्ग्रेस नेताओं ने नाराजगी जताते हुए ऐलान किया है कि अगर जवाहरलाल नेहरू का चित्र फिर से उसी जगह नहीं लगा तो वो अपनी तरफ से इसे लगाएँगे। पार्टी के प्रवक्ता अब्बास हफीज ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी दिन-रात एक कर के इतिहास मिटाने पर तुली हुई है। उन्होंने इस कदम की निंदा करते हुए भाजपा का सत्ता में रहना देश का दुर्भाग्य बताया। अब्बास हफीज के मुताबिक, विधानसभा में दशकों से लगी जवाहरलाल नेहरू की फोटो हटा कर भाजपा ने अपनी मानसिकता को सबके आगे जाहिर कर दिया है।

अब्बास हफीज ने कहा कि अगर फ़ौरन ही जवाहरलाल नेहरू का चित्र उसी जगह नहीं लगा तो इसे कॉन्ग्रेस अपनी तरफ से लगाएगी। वहीं चुरहट से कॉन्ग्रेस पार्टी के विधायक अजय सिंह ने भी इस घटना पर नाराजगी जताई है और कहा कि देश के लिए नेहरू के योगदान को अनदेखा नहीं किया जा सकता है। अजय सिंह के मुताबिक, वो डॉ अंबेडकर के पोस्टर को लगाने का तो विरोध नहीं करते लेकिन इस तस्वीर को जवाहरलाल नेहरू की फोटो हटा कर लगाना आपत्तिजनक है। MLA अजय सिंह ने नेहरू की शान में कसीदे गढ़ते हुए उनको स्वतंत्रता सेनानी बताया।

बताते चलें कि मध्य प्रदेश की 16वीं विधानसभा का उद्घाटन सत्र सोमवार (18 दिसंबर, 2023) को शुरू हुआ। इस दौरान प्रोटेम स्पीकर गोपाल भार्गव ने सभी नवनिर्वाचित सदस्यों का स्वागत किया और उन्हें पद की शपथ दिलाई। 4 दिनों का यह शीतकालीन सत्र मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाली नई भाजपा सरकार के कार्यभार सँभालने के लगभग एक सप्ताह शुरू हुआ है। भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को उम्मीदवार बनाया है।

गुरुग्राम पुलिस ने जुबेर को सेक्सटॉर्शन में पकड़ा, अश्लील वीडियो दिखा करोड़ों वसूलता था: मोबाइल की छिनतई में भी था शामिल, साथी वसीम भी गिरफ्तार

गुरुग्राम पुलिस ने एक अभियान चला कर सेक्सटॉर्शन चलाने वाले एक गैंग का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने 2 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम जुबेर खान और वसीम हैं। दोनों आरोपित मेवात में नूहं जिले के निवासी हैं। जुबैर की गिरफ्तारी 14 दिसंबर को हुई जबकि वसीम को रविवार (17 दिसंबर, 2023) को दबोचा गया। आपत्तिजनक वीडियो बनाने और ब्लैकमेलिंग के लिए ये दोनों मोबाइल स्नेचिंग भी करते थे। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक दोनों ने मिल कर अलग-अलग लोगों से 2 करोड़ 88 लाख रुपए की ठगी की है। पुलिस जुबेर और वसीम का रिमांड ले कर आगे की पूछताछ में जुटी हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 11 दिसंबर, 2023 को गुरुग्राम के खेड़केदौला थाना क्षेत्र में मोबाइल छीनने की घटना हुई। इस मामले की जाँच के लिए क्राइम ब्रान्च टीम को लगाया गया। क्राइम ब्रान्च ने जाँच के दौरान 14 दिसंबर को फोन खरीदने वाले जुबेर को गिरफ्तार कर लिया। नूहं निवासी जुबेर को उसी जिले से पकड़ा गया। जुबेर से हुई पूछताछ के आधार पर पुलिस ने नूहं के ही वसीम भी रविवार को धर दबोचा। पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि जुबेर और वसीम सेक्सटॉर्शन जैसे अपराध में भी शामिल हैं।

विस्तृत पूछताछ के लिए पुलिस ने दोनों आरोपितों का रिमांड लिया। रिमांड के दौरान जानकारी हुई कि जुबेर और वसीम अब तक मिल कर लगभग 2 करोड़ 88 लाख रुपए ब्लैकमेलिंग के जरिए उगाही कर चुके हैं। दोनों की मुलाकात विलासपुर की एक कम्पनी में साथ काम करने के दौरान हुई थी। लगभग डेढ़ साल पहले दोनों ने मिल कर सेक्सटॉर्शन के जरिए ब्लैकमेलिंग का अपराध शुरू कर दिया। वसीम मोबाइल छीनता था और जुबेर उसी छीने गए मोबाइल से वीडियो कॉल कर के लोगों को ब्लैकमेल कर के अश्लील वीडियो दिखा कर पैसे की उगाही करता था।

पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 11 दिसंबर को छीना हुआ मोबाइल फ़ोन भी बरामद कर लिया है जिसकी जाँच करवाई जा रही है।

11 दिसंबर को भी वसीम द्वारा एक व्यक्ति से छीने गए मोबाइल को जुबेर ने 7 हजार रुपए में खरीदा था। हालाँकि, पुलिस इसी मोबाइल को ट्रेस करते हुए जुबेर तक पहुँच गई। पता ये भी चला है कि जुबेर ने अपने निकाह के ही दिन किसी व्यक्ति को जला में फँसा कर 70 लाख रुपए की ठगी की थी। आरोपित वसीम उर्फ़ भड्ड़ल पर गुरुग्राम के अलग-अलग थानों में पहले से ही चोरी और छिनैती के 8 केस दर्ज हैं। जुबेर पर भी पहले से केस दर्ज होने की जानकारी मिली है।

रिमांड के दौरान पुलिस दोनों आरोपितों द्वारा ठगे गए रुपयों की बरामदगी के साथ इनके द्वारा शिकार बनाए गए अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।

नीतीश को निपटाने के लिए ममता-केजरीवाल ने फेंका खड़गे वाला पत्ता… बैठे, बतियाए, खाए-पिए पर तय कुछ नहीं हुआ: INDI गठबंधन को न नेता मिला, न नीति

साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों को ले कर I.N.D.I. गठबंधन ने मंगलवार (19 दिसंबर, 2023) को दिल्ली में बैठक की। इस बैठक में I.N.D.I. गठबंधन के संयोजक का नाम नहीं तय हो पाया है। इसी बैठक में ममता बनर्जी और अरविन्द केजरीवाल ने प्रधानमंत्री पद के लिए I.N.D.I. गठबंधन की तरफ से मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम प्रस्तावित किया था। हालाँकि, इस मामले में भी कोई आम सहमति नहीं बन पाई। फिर भी इस गठबंधन के घटक दल इस बैठक को सफल बता रहे हैं।

उनकी तरफ से सीट शेयरिंग जैसे मुद्दों पर 20 दिनों के अंदर आम सहमति बनने की भी आशा जताई गई है। हालाँकि, कॉन्ग्रेस के मुताबिक, 25 से 26 पार्टियों का जमघट होने के चलते अभी किसी मामले में अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक के दौरान I.N.D.I. गठबंधन की तरफ से प्रधानमंत्री पद के लिए नाम पर चर्चा हुई। इस पद के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम प्रस्तावित किया। बताया जा रहा है कि खुद खड़गे ने इस प्रस्ताव पर रुचि नहीं दिखाई। उन्होंने केजरीवाल और ममता से फिलहाल चुनाव पर ध्यान देने के लिए कहा।

I.N.D.I. गठबंधन की सभी घटक पार्टियों ने 30 जनवरी से एक साथ चुनाव प्रचार की भी घोषणा की है। राहुल गाँधी की मौजूदगी में हुई इस सभा के दौरान 141 सांसदों के निलंबन की भी निंदा हुई।

इस मीटिंग से निकलने के बाद कॉन्ग्रेस महासचिव और सांसद के सी वेणुगोपाल ने मीडिया से बात की। उन्होंने इसे एक सफल मीटिंग बताया और कहा कि सभा के दौरान सभी पार्टियों ने खुल कर अपने विचार रखे। हालाँकि उन्होंने यह भी माना कि 25-26 पार्टियों के जमघट की वजह से थोड़े-बहुत मनमुटाव भी सामने आए। वेणुगोपाल के मुताबिक मुख्य फोकस सीटों के बँटवारे पर रहा लेकिन सभी चीजें एक साथ ही तय नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सीटों के बँटवारे पर बातचीत तुरंत शुरू करने की जरूरत है। वेणुगोपाल ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि I.N.D.I. गठबंधन की अगली मीटिंग कब होगी।

इसी मीटिंग से निकल कर RJD सांसद मनोज झा ने भी मीडिया से बात की। उन्होंने बताया कि मीटिंग में बहुत साफ़-साफ बातें हुईं। बकौल झा, 20 दिनों के अंदर सीटों का बँटवारा और बड़े स्तर पर लोगों से जनसम्पर्क का काम शुरू हो जाएगा। हालाँकि, मनोज झा ने बताया कि I.N.D.I. गठबंधन का संयोजक बनाने को ले कर मीटिंग में कोई बात नहीं हुई है।

बताते चलें कि इस से पहले सितंबर 2023 को INDI गठबंधन की मीटिंग मुंबई में हुई थी। तब मीटिंग के पहले दिन विभिन्न पार्टियों के 63 नेताओं ने इसमें हिस्सेदारी की थी। इस मीटिंग में मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभी पार्टियों से समन्वय समिति बनाने के लिए सभी पार्टियों से एक-एक नाम देने की अपील की थी। इसी मीटिंग में अरविन्द केजरीवाल ने सितंबर माह के अंत तक ही सीटों के बँटवारे की उम्मीद जताई थी।

‘बिस्तर पर आ जाओ, SHO बना दूँगा’: महिला दरोगा का यौन शोषण करने वाला DSP फैज़ अहमद खान सस्पेंड, बिहार की घटना

बिहार के कैमूर जिले में अपनी अधीनस्थ महिला सब-इंस्पेक्टर का यौन शोषण करने वाला डिप्टी एसपी सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबित DSP का नाम फैज़ अहमद खान है जिस पर महिला दरोगा को अपने साथ सोने का ऑफर देने का आरोप है। इसके बदले आरोपित ने पीड़िता को SHO बनाने का लालच दिया था। निलंबन की यह कार्रवाई सोमवार (18 दिसंबर, 2023) को हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सस्पेंड हुआ DSP फैज़ अहमद खान कैमूर के मोहनिया में SDPO के पद पर तैनात था। कैमूर जिले में ही तैनात एक महिला सब-इंस्पेक्टर ने सीनियर अधिकारियों को फैज़ अहमद के खिलाफ शिकायत दी थी। इस शिकायत में बताया गया था कि फैज़ अहमद खान लगातार उनको व्हाट्सएप्प पर अश्लील मैसेज भेजता था। इन संदेशों में वह पीड़िता को अपने साथ शारीरिक संबंध बनाने पर SHO के पद पर प्रमोशन का लालच दिया करता था। थोड़े समय बाद पीड़िता सब-इंस्पेक्टर का ट्रांसफर हो गया।

आरोप है कि ट्रांसफर के बावजूद आरोपित DSP महिला दरोगा को परेशान करता रहा और अनैतिक संबंधों का दबाव बनाता रहा। पीड़िता ने अपने आरोपों के साथ DSP के खिलाफ सबूत भी पेश किए थे। पीड़िता दरोगा की शिकायत पर कैमूर जिले के पुलिस अधीक्षक ललित मोहन शर्मा ने जाँच कमेटी गठित की। 3 सदस्यों की इस कमेटी में महिला SDM और महिला थाना प्रभारी शामिल थीं। इस कमेटी ने दोनों पक्षों का बयान लिया और सबूतों की जाँच की। अंतिम जाँच रिपोर्ट में आरोपों को सही पाया गया।

IG शाहाबाद की इसी रिपोर्ट पर आखिरकार DSP फैज़ अहमद खान को सोमवार को सस्पेंड कर दिया। बिहार सरकार के गृह मंत्रालय ने इस बावत नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। आखिरकार कैमूर के SP ने यह जाँच रिपोर्ट शाहबाज़ रेंज के IG नवीन चंद्र झा को भेजी। IG शाहाबाद ने शासन से DSP फैज़ अहमद खान को सस्पेंड कर के कहीं और ट्रांसफर किए जाने की सिफारिश की। बताते चलें कि इससे पहले इसी साल सितंबर माह में कैमूर के ही भभुआ जिले में इंस्पेक्टर राजकुमार पर एक महिला सिपाही ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। इन आरोपों के चलते इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया था।