Home Blog Page 1321

अयोध्या में वाटर मेट्रो, PM मोदी करेंगे उद्घाटन: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही तुलसीदास घाट से गुप्तार घाट के बीच शुरू हो जाएगी सेवा

अयोध्या में वाटर मेट्रो सेवा शुरू होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जनवरी 2024 को इस सेवा का उद्घाटन कर सकते हैं। इसी दिन अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर में भगवान राम के बाल स्वरूप की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इस खास वाटर मेट्रो सेवा के लिए दो बड़ी बोट का इस्तेमाल किया जाएगा। दोनों बोट कोचीन शिपयार्ड से बनकर अयोध्या पहुँच चुकी हैं। ये उत्तर प्रदेश में पहली वाटर मेट्रो सेवा होगी।

भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण व मिनिस्ट्री ऑफ पोर्ट शिपिंग एंड वाटरवेज गवर्नमेंट ऑफ इंडिया की ओर से दो फ्लोटिंग जेटी भी भेजे गए हैं। इसमें से एक तुलसीदास घाट पर रहेगी, तो दूसरी को गुप्तार घाट पर लगाया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, 9 नवंबर 2023 को अयोध्या में हुई सीएम योगी कैबिनेट की बैठक में जल मार्ग प्राधिकरण के गठन का प्रस्ताव पास किया गया था। उसी कड़ी में अयोध्या को पहली सौगात वाटर मेट्रो के रूप में मिली है।

सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद वाटर मेट्रो की सवारी भी कर सकते हैं, इसके लिए प्रशासनिक तैयारियाँ भी चल रही हैं। इस वाटर मेट्रो के लिए खास तौर पर वो बड़ी ऑटोमेटिक नावें लगाई जाएँगी, जिसमें एसी केबिन की व्यवस्था भी होगी। वाटर मेट्रो पर एक साथ करीब 100 लोग सवार हो सकते हैं और सरयू नदी में मेट्रो की सवारी कर पूरी अयोध्या नगरी को निहार सकते हैं। जानकारी के मुताबिक, कलकत्ता से वाटर मेट्रो अयोध्या पहुँच गई है। इसे संत तुलसीदास घाट पर रोका गया है। 16 नाविक इसे लेकर कोलकाता से आए हैं।

भारत के सबसे पवित्र शहरों में से एक अयोध्या में यह वाटर मेट्रो तुलसीदास घाट से गुप्तार घाट तक चलेगी। वाटर मेट्रो का उद्देश्य अयोध्या में पर्यटन को बढ़ावा देना और शहर के भीतर आवागमन को आसान बनाना है। यह शहर के प्रदूषण को कम करने में भी मदद करेगा। वाटर मेट्रो सेवा अयोध्या के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह शहर को एक आधुनिक और टिकाऊ परिवहन प्रणाली प्रदान करेगी।

गौरतलब है कि अयोध्या के श्रीराम मंदिर में 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा होगी। इसके लिए तैयारियाँ जोरों-शोरों से हो रही हैं। इस अवसर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहेंगे। इनके अतिरिक्त 3000 वीआईपी समेत 7000 लोगों को निमंत्रण भेजे गए हैं। इनमें उन कारसेवकों के परिवार भी हैं, जिन्होंने राम मंदिर के लिए अपना बलिदान दिया। ट्रस्ट का कहना है कि आयोजन में 10000 से 15000 लोगों के आने का इंतजाम होगा।

ये भी मालूम हो कि रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा 86 साल के पंडित लक्ष्मीकांत मथुरानाथ दीक्षित कराएँगे। बता दें कि जब महाराष्ट्र के ब्राह्मणों ने छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक करने से मना कर दिया था, तब पंडित दीक्षित के पूर्वजों ने उनका राजतिलक किया था।

लाउडस्पीकरों का अनियंत्रित इस्तेमाल होगा बंद: CM बनते ही एक्शन में मध्य प्रदेश के मोहन यादव, कहा – खुले में मांस की बिक्री स्वीकार नहीं

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार (13 दिसंबर 2023) को धार्मिक और सार्वजनिक स्थानों पर लाउडस्पीकर के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया। इस आदेश के तहत, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर लाउडस्पीकर का उपयोग केवल अनुमति के बाद ही किया जा सकेगा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अपने पहले बड़े फैसले के तहत इसका आदेश जारी किया गया। यही नहीं, खुले में मांस की बिक्री पर भी रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया गया है।

खुले में मांस के व्यापार पर पाबंदी, सरकार लाएगी कानू

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पहली कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया संबोधित किया। उन्होंने साफ कहा कि खुले में मांस की बिक्री अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा, “आज हमने पहली कैबिनेट बैठक में कई चर्चाएं की हैं। हमने आज कैबिनेट बैठक में खुले में मांस की बिक्री का मुद्दा उठाया है और इसके लिए नियम लाने का प्रस्ताव रखा है।”

लाउडस्पीकर के अनियंत्रित इस्तेमाल पर रोक

वहीं, लाउडस्पीकर को लेकर जारी आदेश के अनुसार, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर लाउडस्पीकर का उपयोग केवल सुबह 6 बजे से शाम 10 बजे के बीच ही किया जा सकेगा। लाउडस्पीकर का उपयोग केवल धार्मिक या सामाजिक आयोजनों के लिए किया जा सकेगा। इस आदेश का पालन नहीं करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्हें जुर्माना या जेल की सजा हो सकती है। आदेश में कहा गया है कि, “धार्मिक स्थलों तथा अन्य स्थलों में अनियमित अथवा अनियंत्रित ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को नियंत्रित करने के लिए सम्बंधित अधिकारी कड़ी कार्रवाई करें।” सरकार ने इन लाउड स्पीकरों के इस्तेमाल के लिए पूर्व अनुमति को अनिवार्य भी किया है और इन विस्तारकों के ‘डेसिबेल’ की सीमा को भी निर्धारित किया है।

आदेश में जुलाई 2005 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया गया है, जिसमें रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर ध्वनि प्रदूषण के गंभीर प्रभावों का हवाला देते हुए सार्वजनिक स्थानों पर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे (सार्वजनिक आपात स्थिति के मामलों को छोड़कर) के बीच लाउडस्पीकर और म्यूजिक सिस्टम के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। बता दें कि 28 अक्टूबर 2005 को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि साल में 15 दिन त्योहारों के मौके पर आधी रात तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की इजाजत दी जा सकती है।

बता दें कि बुधवार (13 दिसंबर 2023) को उज्जैन दक्षिण से भाजपा विधायक मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। 58 वर्षीय डॉ मोहन यादव को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने पद की शपथ दिलाई। उनके शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी की टॉप लीडरशिप के साथ ही बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए। शिवराज चौहान सरकार में मंत्री रहे मोहन यादव को सोमवार (11 दिसंबर, 2023) को एक बैठक में सर्वसम्मति से बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया था। 

किसान आंदोलन में शामिल थी संसद में घुसपैठ करने वाली नीलम, कॉन्ग्रेस के लिए माँगा था समर्थन: 42 साल की आंदोलनजीवी की रिहाई के लिए मैदान में उतरा ‘संयुक्त किसान मोर्चा’

संसद और संसद के बाहर कुल 6 लोगों ने हंगामा मचाने की योजना बनाई थी, जिसमें 4 गिरफ्तार कर लिए गए हैं, एक फरार है, जबकि एक व्यक्ति की पहचान की कोशिश की जा रही है। इसमें एक महिला नीलम भी है, जिसकी उम्र 42 साल है। उसके बारे में जानकारी मिल रही है कि वो काफी पढ़ी लिखी है, लेकिन अब पूरी तरह से आंदोलनजीवी बन चुकी है। वो तैयारी के नाम पर घर से बाहर हॉस्टल में रहती है और किसान आंदोलन जैसे तमाम मंचों पर सक्रिय रहती है। नीलम की गिरफ्तारी के बाद संयुक्त किसान मोर्चा उसके समर्थन में उतर गया है और नीलम की रिहाई की माँग की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संसद भवन के बाहर हंगामा करने वाली 42 साल की महिला नीलम कौर हरियाणा की रहने वाली है। नीलम के परिवार में उसके भाई ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा, “उनको इस बात की जानकारी नहीं थी कि नीलम दिल्ली में है। उसके हमें बताया था कि वो पढ़ाई के लिए हिसार में है। वो सोमवार को यहाँ आई थी और कल ही लौटी है। उसने बीए, एमए, बी.एड, एम.एड, एम.फिल की पढ़ाई की है, तो सीटीईटी और नेट भी पास आउट है। नीलम बेरोजगार है और किसानों के विरोध प्रदर्शनों में भी शामिल रही थी। वो 6 माह से हिसार से बाहर है।”

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि नीलम किसान आंदोलन से लेकर दूसरे धरने और प्रदर्शनों में भी काफी एक्टिव रही हैं। चर्चा है कि नीलम प्रगतिशील आजाद युवा संगठन की संस्थापक है, लेकिन परिवार वालों का कहना है कि वह किसी संगठन से नहीं जुड़ी थी। वहीं, नीलम ने भी गिरफ्तारी के समय किसी संगठन से जुड़ाव को खारिज किया है। भारत सरकार हम जैसे युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।

नीलम की माँ का कहना है कि वो बेरोजगारी को लेकर चिंतित थी, उन्होंने उससे बात की थी लेकिन उसने उन्हें दिल्ली के बारे में कभी कुछ नहीं बताया था। बकौल नीलम की माँ, वह उनसे कहती थी वह इतनी उच्च योग्य है लेकिन उसके पास कोई नौकरी नहीं है, इसलिए मर जाना बेहतर है।

इस बीच, अंकुर सिंह नाम के एक्स यूजर ने नीलम का एक वीडियो शेयर किया है, जो किसान आंदोलन के समय का लगता है। इस वीडियो में नीलम कॉन्ग्रेस और इनेलो के लिए समर्थन माँग रही है और बीजेपी का विरोध कर रही है।

इस बीच, संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य और किसान नेता आजाद पालवा इस बीच नीलम के घर पहुँचे। उन्होंने नीलम की रिहाई की माँग करते हुए कहा कि वे इस संबंध में किसान ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ की मीटिंग भी बुला रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर नीलम को जल्द रिहा नहीं किया गया तो बड़ा कदम उठाया जाएगा।

बता दें कि बुधवार (13 दिसंबर 2023) को संसद पर साल 2001 में हुए हमले की 22वीं बरसी पर सुरक्षा चूक का मामला सामने आया। लोकसभा में कार्यवाही के दौरान दो प्रदर्शनकारी गैलरी से सदन में कूद गए, जिन्हें सांसदों ने ही पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। लोकसभा में ये घुसपैठ ठीक 1 बजकर 1 मिनट पर हुई। उस समय सदन में पश्चिम बंगाल के मालदा उत्तर सीट से भाजपा के लोकसभा सांसद खगेन मुर्मू अपनी बात रख रहे थे।

इस बीच लोकसभा में मौजूद सांसदों ने सुरक्षा घेरा तोड़ने वाले दोनों युवकों को पकड़ लिया। वहीं, संसद के बाहर से नीलम और एक अन्य युवक को गिरफ्तार किया गया। दोनों ने स्मोक फैलाने वाले कनस्तर को फोड़कर अफरातफरी मचाने की कोशिश की थी और नारेबाजी की थी। इस मामले में क्राइम ब्रांच से लेकर अन्य सुरक्षा एजेंसियाँ जाँच में जुट गई हैं, तो चारों गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ भी की जा रही है।

अपने ही मिलिया स्कूल की शिक्षिकाओं के साथ मास्टर आमेर काजी का अश्लील वीडियो हुआ वायरल: बीवी ने ही बताया चरित्रहीन, आरोप – स्कूल प्रबंधन करता है सपोर्ट

महाराष्ट्र के बीड जिले में मिलिया सेकेंड्री स्कूल में पढ़ाने वाले एक टीचर का MMS कांड सामने आया है। आरोपित का नाम आमेर काजी है जो अलग-अलग MMS में 3 महिलाओं के साथ दिख रहा है। ये महिलाएँ स्कूल में पढ़ाने वाली महिला शिक्षिकाएँ हैं। इन MMS को पोर्न साइट पर अपलोड भी कर दिया गया था। स्कूल की प्रिंसिपल की शिकायत पर पुलिस ने आमेर क़ाज़ी के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। केस दर्ज होने के बाद आमेर काजी फरार है। वहीं स्कूल प्रशासन ने 3 महिला टीचरों को सस्पेंड भी कर दिया है। आमेर क़ाज़ी की बीवी भी सामने आई है और अपने शौहर पर चरित्रहीन होने का आरोप लगाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला बीड जिले के थानाक्षेत्र सिटी कोतवाली का है। यहाँ अंजुमन इशत ए तालीम नाम की संस्था के अंतर्गत मिलिया स्कूल संचालित होता है। स्कूल में 23 महिला और लगभग 46 पुरुष टीचर नौकरी करते हैं। इसी स्कूल में आमेर काजी साल 2012 से टीचर के तौर पर नौकरी करता है। 16 साल पहले निकाह करने वाले बाल-बच्चेदार आमेर काजी की बीवी का आरोप है कि साल 2012 से ही उन्हें अपने शौहर की हरकतों पर शक था। शुरू में आमेर काजी ने अपनी बीवी को गुमराह किया लेकिन बाद में उसने अपनी करतूतों का कबूलनामा कर लिया।

आमिर काजी की बीवी का आरोप है कि एक दिन उसके शौहर ने खुल कर अपने कई लड़कियों से अवैध संबंध कबूल कर लिया। साथ ही अपनी बीवी को सब कुछ जान कर भी एडजस्ट करने की नसीहत दी। आमेर की बीवी अपने शौहर की करतूतों की शिकायत स्कूल प्रबंधन की महिला अधिकारी सबीहा से 1 साल से कर रही थीं। हालाँकि सबीहा आमेर की बीवी से ही सबूत माँगने लगती थीं। इस बीच आमेर के लैपटॉप से उसकी बीवी ने कई महिलाओं के साथ आपत्तिजनक हालत में अपने शौहर के फोटो-वीडियो अपनी पेन ड्राइव में सेव कर लिए।

इन तस्वीरों और वीडियो में आमेर स्कूल की 3 टीचरों के साथ आपत्तिजनक हालत में दिख रहे थे। आमेर की बीवी का आरोप है कि सबीहा को तमाम सबूत देने के बावजूद उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। यहाँ तक कि उन्होंने आमेर की बीवी को दूसरी बीवियों के साथ एडजस्ट करने की भी सलाह दे डाली। जब आमेर की बीवी आर्थिक तंगी में सबीहा से पैसे दिलाने की माँग करतीं थीं तब इसे घरेलू मामला बता कर पल्ला झाड़ लिया जाता था। आमेर की बीवी ने स्कूल पर भी गलत काम चलाने और गलत हरकतों का सपोर्ट करने का आरोप लगाया है।

आमेर की बीवी को इस बात की भी आशंका है कि स्कूल ही नहीं बल्कि उनके शौहर घर में भी लड़कियों को लाते थे। जब वो अपने शौहर की हरकतों का विरोध करती थीं तब उन्हें धमकियाँ दी जाती थीं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, सामने आए वीडियो आपसी सहमति से बनाए लग रहे हैं। आमेर द्वारा स्कूल में 3 महिला टीचरों के साथ न सिर्फ अश्लील हरकतें की गईं बल्कि शारीरिक संबंध भी बनाए गए। थोड़े समय बाद ये सभी वीडियो पोर्न साइट पर अपलोड कर दिए गए। यहाँ से वीडियो वायरल हो गए जो स्कूल की प्रिंसिपल की जानकारी में भी आए।

प्रिंसिपल ने बीड शहर थाने में आमेर काजी के खिलाफ केस दर्ज कराया। यह केस IPC की धारा 292 (2), 294, 500 के साथ IT एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। आशंका जताई जा रही है कि आमेर काजी अपने अश्लील वीडियो को पोर्न साइटों पर बेच देता था। केस दर्ज होने के बाद आमेर काजी फरार हो गया है जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। पुलिस इस बात की भी जाँच कर रही है कि आमेर काजी के अन्य कितनी महिलाओं से संबंध हैं। स्कूल प्रशासन ने भी वीडियो में दिख रहीं तीनों महिला टीचरों को सस्पेंड कर दिया है।

‘BJP ने मुझ जैसे सामान्य कार्यकर्ता को 18 साल CM बनाए रखा, अब पार्टी को लौटाने का वक्त’: बोले शिवराज सिंह चौहान – 2005 में उमा भारती की मेहनत से बनी थी सरकार

मध्य प्रदेश में डॉ मोहन यादव ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें शिवराज सिंह चौहान की जगह प्रदेश की कमान सौंपी है। इस बीच, शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार (12 दिसंबर, 2023) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उनसे पत्रकारों ने सवाल किया कि क्या बीजेपी ने उन्हें इतनी मेहनत कर पार्टी को बंपर जीत दिलाने की बाद भी मुख्यमंत्री न बनाकर अन्याय किया है? क्या वो बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से नाराज है? इसके जवाब में शिवराज सिंह चौहान ने जो कुछ भी कहा, उसकी लोग तारीफ कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश के 4 बार मुख्यमंत्री रह चुके शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “मैं आज कह रहा हूँ, एक साधारण कार्यकर्ता को 18 साल तक मुख्यमंत्री बनाकर रखा भारतीय जनता पार्टी ने, कोई दूसरा पहलू नहीं देखते क्या? एक साधारण कार्यकर्ता को इतने साल भारतीय जनता पार्टी जिसने मुख्यमंत्री बनाकर रखा, सबकुछ दिया भारतीय जनता पार्टी ने, अब मुझे भारतीय जनता पार्टी को देने का वक्त आया है।”

शिवराज सिंह चौहान के बयान का मतलब एक साफ है। वो कहीं नहीं जा रहे हैं। वो बीजेपी संगठन में सक्रिय रहेंगे। अगर कोई उनके बारे में ये अंदाजा लगा रहा है कि वो बीजेपी ने नाराज होकर सक्रिय राजनीति ही छोड़ रहे हैं, तो वो अंदाजा गलत है। चूँकि भारतीय जनता पार्टी के वो राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रहे हैं, ऐसे में हो सकता है कि मध्य प्रदेश में उन्हें भाजपा लोकसभा चुनाव में उतारे और फिर 2024 की मोदी सरकार में बड़ी जिम्मेदारी सौंपे। वैसे भी, शिवराज सिंह चौहान के पास 18 सालों के मुख्यमंत्री पद का जो अनुभव है, उसे बीजेपी यूँ ही तो जाया नहीं करने वाली, फिर शिवराज सिंह चौहान अभी महज 64 साल के हैं।

इस प्रेस कॉन्ग्रेस के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी थी। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उन्हें इस बात की संतुष्टि है कि वो बीजेपी को शानदार जीत दिलाने के बाद पद से हटे हैं। अब तक की सबसे बड़ी जीत पार्टी को मिली है। फिर मैं पार्टी का एक अदना सा कार्यकर्ता हूँ, पार्टी जो भी आदेश देगी, उसे मानते हुए मैं अपने काम में जुट जाऊँगा।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार (12 दिसंबर, 2023) को कहा कि मैं बहुत संतुष्ट हूँ। उन्होंने कहा, “2005 में मैं सीएम बना, वह सरकार उमा भारती की मेहनत से बनी थी। अब भी मैं संतुष्ट हूँ। वर्तमान जीत में केंद्र और राज्य की अन्य योजनाओं के साथ लाडली बहना योजना का भी योगदान है।” इस दौरान उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री रहते हुए भी कभी जनता से मेरे मुख्यमंत्री वाले रिश्ते नहीं रहे, परिवार के रिश्ते रहे हैं। मामा का रिश्ता प्यार और भैया का रिश्ता विश्वास का होता है। प्यार और विश्वास के रिश्ते को जब तक मेरी साँस चलेगी, तब तक मैं टूटने नहीं दूँगा। जनता की सेवा भगवान की पूजा है। यह पूजा मैं सदैव करता रहूँगा। क्योंकि उन्होंने मुझे अपना ही माना, कोई दूसरा नहीं माना।”

64 वर्षीय नेता ने यह भी कहा कि उन्होंने नए मुख्यमंत्री से उन्हें सरकारी जमीन मुहैया कराने का अनुरोध किया है ताकि वह पेड़ लगाना जारी रख सकें। बता दें कि शिवराज सिंह चौहान प्रदेश में जहाँ भी रहे, प्रतिदिन एक पौधा लगाते थे।

छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, अपनी माँ और PM मोदी का लिया आशीर्वाद: भूपेश बघेल और रमन सिंह भी मंच पर रहे मौजूद

छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पद की शपथ ले ली। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत बीजेपी की टॉप लीडरशिप भी मौजूद रही। साय के शपथ ग्रहण समारोह में बीजेपी शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्री भी पहुँचे। वहीं कॉन्ग्रेस की तरफ से भूपेश बघेल भी शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद रहे। इसी के साथ छत्तीसगढ़ में बीजेपी का नया दौर शुरू हो गया है। इस शपथ ग्रहण समारोह के दौरान ही राज्य के दोनों उप-मुख्यमंत्रियों अरुण साव और विजय शर्मा ने भी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को सँभाल लिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह रहे मौजूद

विष्णुदेव साय ने रायपुर के साइंस कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में शपथ ग्रहण किया। विष्णुदेव साय के साथ लोरमी से विधायक अरुण साव और कवर्धा से विधायक विजय शर्मा ने भी उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सीधे मंत्रालय पहुँचे और कार्यभार भी ग्रहण कर लिया। सभास्थल में शपथ लेने से पहले सीएम विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद लिया। प्रधानमंत्री ने कुछ दिनों पहले अपनी छत्तीसगढ़ यात्रा में नारा दिया था कि हमने ही बनाया है और हम ही इसे सँवारेंगे।

मंच पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद रहे, तो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विधानसभा अध्यक्ष के लिए चुने गए रमन सिंह भी मंच पर मौजूद रहे।

योगी आदित्यनाथ, हिमंता बिस्वा सरमा भी रहे मौजूद

विष्णुदेव साय के शपथ ग्रहण में बीजेपी शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री पहुँचे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और असम के फायरब्रांड मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा भी मंच पर साय के साथ ही मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले विष्णुदेव साय ने अपनी माँ जसमनी देवी का आशीर्वाद लिया। वो विधायक दल की बैठक में जाने से पहले भी माँ का आशीर्वाद लेकर गये थे। यही नहीं, विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री का कार्यभार सँभालने से पहले जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए। पूजा-अर्चना के बाद विष्णु देव साय ने कहा कि मुख्यमंत्री का पद बहुत महत्वपूर्ण और जिम्मेदारी वाला होता है। मेरी कोशिश होगी कि जनता की उम्मीदों पर खरा उतरूँ।

‘मेरी शेरनी, तुम्हें कस कर पकड़ने का इंतज़ार नहीं कर सकता’: सुकेश चंद्रशेखर का जेल से जैकलीन फर्नांडिस को पत्र – तुमने मेरी नींदें उड़ा रखी हैं

महाठग सुकेश चंद्रशेखर का नाम बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में है। 200 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में जेल की हवा खा रहे ठग सुकेश चंद्रशेखर ने जैकलीन को एक नया लव लेटर लिखा है। इसमें उसने लिखा, “मेरी शेरनी, मैं तुम्हें अपनी बाँहों में कसकर पकड़ने के लिए इंतजार नहीं कर सकता।”

कथित ठग सुकेश ने क्रिसमस और थैंक्सगिविंग के मौके को देखते हुए जैकलीन फर्नांडिस को ये लेटर लिखा है। इस नए लेटर में, सुकेश ने जैकलीन को हाल ही में मिले अवॉर्ड के लिए बधाई दी और उन्हें ‘माय लव’ और ‘बेबी’ लिखा है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सुकेश ने लिखा, “बेबी, सबसे पहले, तुम्हारे लिए बहुत खुश हूँ, मनोरंजन उद्योग में तुम्हारे असाधारण योगदान के लिए 7वाँ DIAFA अवॉर्ड मिलने पर बधाई। तुम्हें अंदाजा नहीं है कि मैं तुम्हारे लिए कितना खुश हूँ मेरी प्यार, तुम सच में भारतीय फिल्म उद्योग की सबसे महान कलाकार हो। तुम अवॉर्ड लेते वक्त व्हाइट गाउन में सुपर सुपर स्टनिंग लग रही थीं, बेबी, मैं एक बार फिर आश्चर्यचकित हूँ। मेरे बोम्मा तुम इस दुनिया की नहीं लग रही थीं।”

सुकेश ने आगे लिखा, “बेबी, तुम्हारी दो अन्य नई तस्वीरें, एक तुम्हारी लाल अरबी पोशाक में रेगिस्तान में ली गई तस्वीर, और बो पिंक साड़ी में तुम बहुत खूबसूरत लग रही थीं। लेकिन जिसने मेरा दिल चुरा लिया वो चमकदार लहँगे में तुम्हारा फोटोशूट है, बेबी तुम इस ग्रह पर इकलौती जीवित एंजेल हो। लहँगा और तुम एक साथ बहुत सुंदर बहुत सुंदर, जस्ट लुकिंग लाइक ए वॉव लग रही थीं और मुझे स्लीपलेस नाइट्स दे रही थीं क्योंकि मेरे सारे ख्याल केवल तुम्हारे बारे में हैं मेरी हनी बी, तुम्हारे साथ रहने का इंतजार कर रहा हूँ माय बेबी।”

गौरतलब है कि एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस और महाठग सुकेश चंद्रशेखर के बीच लव अफेयर की अफवाहें उड़ती रही है। बताते चलें कि अभी दो महीने पहले ही अक्टूबर में नवरात्रि के मौके पर सुकेश ने एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडीस के लिए नौ दिन व्रत रखने का ऐलान किया था।

सुकेश ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा, “बेबी, खुशी और थैंक्सगिविंग का महीना शुरू हो गया है, मुझे तुम्हारे साथ तुम्हारी पसंदीदा टर्की ग्रिल्ड और ‘शेटो शावेल ब्लाँ 1947 वाइन की याद आ रही है, अंदाजा लगाओ कि तुम्हारे सोचने के मुकाबले कितनी जल्दी हम एक साथ जश्न मनाएँगे, मेरी कप केक।”

कथित ठग सुकेश ने आखिर में सभी परेशानियों के लिए जैकलीन से माफी माँगते हुए कहा, “मैं एक बार फिर से अपने घुटनों पर बैठने के लिए और अधिक इंतजार नहीं कर सकता, मैं तुमसे उन सभी परेशानियों के लिए माफी माँगूंगा जिनसे तुम गुजरी हों, और फिर तुमकों कसकर पकड़ लूँगा और तुम्हारी आँखों में देखते हुए और एक बार फिर तुम्हें जिंदगी भर के लिए प्रपोज़ करूँगा, पिछली बार के मुकाबले बेहतर तरीके से।”

गौरतलब है कि अक्सर सुकेश अपने अजीबोगरीब बयानों के जरिए सुर्खियों में रहता है। कभी दिल्ली की जेल में वसूली के बयान पर तो कभी राम मंदिर में रामलला के लिए सोने का मुकुट दान करने के बयान पर।

सुकेश चन्द्रशेखर फिलहाल 200 करोड़ रुपए की रंगदारी मामले में दिल्ली की मंडोली जेल में बंद हैं। उनके बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस के साथ रिश्ते में होने की अफवाह थी। वहीं जैकलीन ने सुकेश के साथ किसी भी तरह के रोमांटिक रिश्ते से होने से इनकार किया था। जैकलीन भी इस मामले में एक आरोपित है और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कई बार उससे भी पूछताछ कर चुका हैं।

‘मुझे लगा जूते से मारेगा’: बसपा सांसद ने बताया लोकसभा में घुसे युवक को क्यों पीटा, बोले – जो हमें मारने आएगा उसे…

लोकसभा में दो युवकों के कूदने और धुएँ वाले पटाखे छोड़ने के बाद अब अंदर के घटनाक्रम की जानकारी सामने आ रही है। बसपा सांसद मलूक नागर ने अब दर्शक दीर्घा से कूदने वाले युवकों को लेकर और जानकारी दी है। एक और वीडियो सामने आया है जिसमें लोकसभा के अंदर सांसद ऊपर से एक युवक को पीटते हुए दिखते हैं।

लोकसभा में ये घुसपैठ ठीक 1 बजकर 1 मिनट पर हुई। उस समय सदन में पश्चिम बंगाल के मालदा उत्तर सीट से भाजपा के लोकसभा सांसद खरगेन मुर्मू अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान एक युवक ने लोकसभा में छलाँग लगा दी। अगले ही क्षण पीठाधीन राजेंद्र अग्रवाल ने सदन को 2 बजे तक के लिए स्थगित कर लिया। इस बीच लोकसभा में मौजूद सांसदों ने सुरक्षा घेरा तोड़ने वाले दोनों युवकों को पकड़ लिया।

अब बिजनौर से बसपा सांसद मलूक नागर ने मीडिया से बातचीत में बताया है, “शून्य काल में 5 मिनट बचे थे। तभी पीछे से धड़ाम की आवाज आई, मैंने पीछे देखा। एक युवक कूद के नीचे आ गया था। इसी बीच दूसरा युवक भी कूदा। हमने लगा ये गिरा है। ये कूदता हुआ आया। 6-7 सांसद उसे पकड़ने के लिए दौड़े।”

आगे उन्होंने बताया, “जब हमने पकड़ लिया तभी युवक ने जूता निकाल लिया। इसके बाद उसने जूते कुछ निकालना चाहा। हमने उसे पकड़ कर पीटा। जो हमें मारने आएगा उसे पीटेंगे ही। पिछली बार 13 दिसम्बर को यही घटना घटी थी, आज भी उसी तरह की घटना घटी है, कहीं ना कहीं खामी तो है।”

इसी के साथ लोकसभा के अंदर से इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें कुछ सांसद एक युवक को पकड़ कर पीट रहे हैं। इन सांसदों में हनुमान बेनीवाल और बसपा सांसद मलूक नागर तथा कॉन्ग्रेस सांसद गुरजीत औजला भी शामिल थे। इसके अलावा कुछ सांसद उसके बाल खींच रहे थे जबकि कुछ उन्हें रोक रहे थे।

हिरासत में लिए गए आरोपितों को संसद मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया है। दिल्ली पुलिस की एंटी टेरर यूनिट स्पेशल सेल पार्लियामेंट के अंदर हंगामा करने वाले लोगों से पूछताछ करने पहुँच गई है। बताया जा रहा है कि ये लोग मैसूर के सांसद द्वारा जारी पास के आधार पर लोकसभा की गैलरी तक पहुँचे थे। उन्होंने जूते में रंग-बिरंगा धुआँ फेंकने वाले कनस्तर छिपाए थे। 

युवक को पकड़ने वाले कॉन्ग्रेस सांसद गुरजीत औजला ने भी इस घटना के बारे में मीडिया से बातचीत की। हनुमान बेनीवाल ने भी इस बारे में मीडिया से बात की।

इस घटना के बाद दिल्ली के पुलिस कमिश्नर और CRPF के डीजी संसद भवन पहुँचे हैं। यह घटना करने वाले चारों आरोपितों के नाम सागर, मनोरंजन, नीलम और अमोल शिंदे हैं।

जिनके सामने मारी गई करणी सेना अध्यक्ष को गोलियाँ, उनकी भी हुई मौत: सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के इकलौते चश्मदीद थे अजीत

राजस्थान के बहुचर्चित सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड के चश्मदीद अजीत सिंह राजावत की इलाज के दौरान मौत हो गई है। 5 दिसंबर 2023 को शूटरों ने उन्हें तब गोलियाँ मारी थी, जब वे सुखदेव सिंह को बचाने का प्रयास कर रहे थे। हमले के बाद से वे जयपुर के एक अस्पताल के ICU वार्ड में भर्ती थे। अजीत ने अंतिम साँस बुधवार (13 दिसंबर 2023) को ली। अजीत की मौत के बाद अस्पताल के बाहर जुटे राजपूत समाज के लोगों ने उनके परिजनों के लिए मुआवजे की माँग की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अजीत सिंह राजावत हमले के बाद से जयपुर के SMS अस्पताल में भर्ती करवाए गए थे। डॉक्टरों ने बताया कि अजीत के सीने से नीचे के शरीर में लकवा मार गया था। रीढ़ की हड्डी में गोली लगने की वजह से उनका शरीर ठीक से काम नहीं कर रहा था। बुधवार को महज 2 घंटे के भीतर उन्हें 3 बार हार्ट अटैक आया। तीसरे अटैक में उन्होंने दम तोड़ दिया।

सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के सुरक्षा गार्ड रहे अजीत की मौत की खबर सुनते ही SMS अस्पताल के बाहर करणी सेना के सदस्य जमा हो गए। उन्होंने राज्य सरकार से मृतक के परिजन को मुआवजा देने की माँग की। अजीत के शव के पोस्टमार्टम की तैयारियाँ की जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर अस्पताल के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। वहीं मामले की जाँच कर रही टीम अब शूटरों पर अजीत की हत्या की धाराओं की भी वृद्धि करेगी।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की 5 दिसंबर 2023 को दोपहर में उनके जयपुर स्थित घर पर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने नितिन फौजी और रोहित राठौर नाम के 2 शूटरों को गिरफ्तार किया है। हत्या के पीछे मुख्य साजिशकर्ता लॉरेंस विश्नोई गैंग से जुड़े रोहित गोदारा को बताया जा रहा है। रोहित ने इस हत्याकांड की जिम्मेदारी लेते हुए कहा था कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी उसके दुश्मनों की मदद कर रहे थे।

जिसका सपना देखा वो नहीं मिलता है तो दुःख होता है… कप्तान रोहित शर्मा ने बताया वर्ल्ड कप के फाइनल की हार से कैसे उबरे, बोले – आसान नहीं, लेकिन ज़िन्दगी चलती रहती है

भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने विश्व कप 2023 के फाइनल में हार के बाद पहली बार इस पर बयान जारी किया है और बताया है कि कैसे वह इस हार से उबरे हैं। भारत 19 नवम्बर, 2023 को ऑस्ट्रेलिया के हाथों 50 ओवर वाला विश्वकप का फाइनल मुकाबला हार गया था।

इस मुकाबले में हार के बाद रोहित शर्मा काफी दुखी नजर आए थे और वह ड्रेसिंग रूम में चले गए थे। इसके बाद से वह मीडिया में अधिक नहीं दिखे हैं। उन्होंने बीच में अपनी पत्नी रितिका सजदेह शर्मा के साथ एक फोटो डाली थी। इसमें कहीं दोनों घूमते हुए नजर आए थे।

इंस्टाग्राम पर रोहित शर्मा की टीम द्वारा चलाए जाने वाले एक पेज Team45Ro ने रोहित शर्मा का एक 4 मिनट लंबा वीडियो पोस्ट किया है जिसमें वह इस हार, टीम के प्रदर्शन और इससे उबरने को लेकर बातचीत कर रहे हैं।

वीडियो में रोहित शर्मा कहते हैं, “मुझे बिलकुल भी नहीं पता था कि हार से उबरा कैसे जाए। पहले कुछ दिनों तक मुझे कुछ मालूम नहीं था कि मैं क्या करूँ? मेरे परिवार और दोस्तों ने मुझे समझाया, मेरी लिए चीजें काफी आसान बनाई। यह काफी मददगार था। हार को पचाना आसान नहीं था लेकिन जिन्दगी चलती रहती है।”

आगे उन्होंने कहा, “आपको जीवन में आगे बढ़ना पड़ता है। लेकिन मैं सच कह रहा हूँ कि यह कठिन था। मैं 50 ओवर वाला वर्ल्ड कप देखते हुए बड़ा हुआ हूँ। मेरे लिए यही सबसे बड़ी उपलब्धि होती। हमने इस वर्ल्ड कप के लिए इतने साल काम किया और जब आप वो नहीं पाते जो आप चाहते हैं तो, जिसके लिए आपने इतने दिन सपने देखे हैं, आपको दुःख होता है।”

आगे रोहित ने इस हार के बारे में कहा, “आप कभी-कभी इस हार से खीझ भी जाते हैं, हमने अपनी तरफ से जो हो सकता था किया। अगर मुझसे कोई पूछे कि क्या गड़बड़ हुई, तो मैं कहूँगा कि हमने 10 मैच खेले और जीते। हाँ, उनमें कुछ गलतियाँ हुई होंगी। क्योंकि आप जब खेलते हैं तो गलतियाँ होती हैं। आप कभी परफेक्ट गेम नहीं खेल सकते।”

रोहित शर्मा ने टीम के प्रदर्शन को लेकर कहा, “अगर टीम के प्रदर्शन की बात करूँ तो जैसे हमने खेला वो बहुत अच्छा था। आप हर वर्ल्ड कप में ऐसे प्रदर्शन नहीं कर पाते। मुझे विश्वास है कि जैसे हमने उस फाइनल तक खेला उसने लोगों को काफी मजा और काफी गर्व दिया होगा।”

रोहित शर्मा ने ने बताया कैसे किया फाइनल की हर के बाद कमबैक

रोहित ने बताया कि हार के बाद उन्होंने वापसी कैसे की। उन्होंने कहा, “इस हार से उबरना काफी मुश्किल था। इसीलिए मैंने निर्णय लिया कि कहीं बाहर जाता हूँ जिससे यह बात दिमाग से निकले। लेकिन जहाँ भी मैं था वहां लोग मेरे पास आकर हमारे एफर्ट और टीम की तारीफ़ कर रहे थे।”

रोहित ने भारतीय क्रिकेट फैन्स को लेकर कहा, “हाँ मुझे उनके लिए बुरा लगता है, क्योंकि वो भी हमारे साथ वर्ल्ड कप उठाने का सपना देख रहे थे। हम जहाँ भी इस एक डेढ़ महीने के वर्ल्ड कप के दौरान गए सभी ने हमें खूब समर्थन दिया। मैं जब भी इस बारे में सोचता हूँ तो काफी बुरा लगता है।”

उन्होंने कहा कि लोगों के समर्थन देने की वजह से मैं फिर से सामान्य हो सका। गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल मुकाबले में भारत ने पहले खेलते हुए 240 रन बनाए थे जिसे ऑस्ट्रेलिया ने हासिल कर लिया था और छठी बार वर्ल्ड कप विजेता बने थे।