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राजस्थान के ‘लाल’ बने भजनलाल तो परिजन बोले- यह बंसी वाले की कृपा, राजस्थान के नए CM ने गणेश मंदिर में की पूजा-अर्चना

राजस्थान में भाजपा विधायक दल के नेता एवं मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद भजनलाल शर्मा ने राजधानी जयपुर स्थित मोती डूंगरी गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना की। वहाँ उन्हें पुजारियों की मौजूदगी में पूजा-अर्चना करते हुए देखा गया। इस दौरान वहाँ भगवान गणपति के जयकारे भी लगे। राजस्थान के नए मुख्यमंत्री को इस दौरान गले में भगवा अंगोछा डाले हुए भी देखा गया। भाजपा के प्रदेश महामंत्री रहे भजनलाल शर्मा अब क्षेत्रफल के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य के CM हैं।

उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद परिजन भी खुश हैं और उनके घर पर जश्न का माहौल है। भजनलाल शर्मा की माँ गोमती देवी ने कहा कि उनके बेटे के सीएम बनने के बाद उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है, ये भगवान की मर्जी है। बुजुर्ग माँ ने कहा कि बालाजी महाराज की कृपा है। माँ ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा होगा। उन्होंने बंसी वाले की कृपा को भजनलाल शर्मा के सीएम बनने का कारण बताया। इस दौरान उन्होंने हाथ जोड़ कर ईश्वर को प्रणाम किया।

वहीं भरतपुर में उनके पिता कृष्णलाल शर्मा ने कहा कि ये बहुत बढ़िया है। उन्होंने इस दौरान प्रदेश की जनता को भी धन्यवाद दिया। जयपुर के सांगानेर से पहली बार विधायक बने भजनलाल शर्मा 55 वर्ष के हैं। राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने विधायक दल की बैठक में उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। पर्यवेक्षक के रूप में आए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस दौरान पार्टी अनुशासन की भी बात की।

भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद उनकी पत्नी गीता शर्मा ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस दौरान जनता और सभी नेताओं को धन्यवाद दिया। गीता शर्मा ने जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बंसी वाले की कृपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से उनके पति मुख्यमंत्री बने हैं। भजनलाल शर्मा की पत्नी इस दौरान ख़ुशी के कारण हाथ जोड़ कर रोने भी लगीं। सांगानेर से उन्होंने 48,000 से भी अधिक वोटों से जीत दर्ज की है।

राजस्थान के पुष्कर सरोवर में भजनलाल शर्मा के सीएम बनने के बाद दुग्धाभिषेक भी किया गया। राज्य में दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा को उप-मुख्यमंत्री का दायित्व सौंपा गया है। वहीं वासुदेव देवनानी को विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया है। उन्होंने अजमेर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की है। भजनलाल शर्मा जहाँ ब्राह्मण समाज से आते हैं, दीया कुमार राजपूत और प्रेमचंद बैरवा दलित समुदाय से आते हैं। इससे पहले भाजपा ने छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साई और मध्य प्रदेश में मोहन यादव को मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी दी थी।

40 किलोमीटर की यात्रा, 3 बार बलात्कार, मारपीट… अर्धनग्न स्थिति में प्लेटफॉर्म पर कूद कर महिला ने बचाई जान, स्पेशल ट्रेन में बंद कर लिया था कोच का दरवाजा

मध्य प्रदेश में 30 साल की महिला को ट्रेन से उतरकर रविवार (10 दिसंबर, 2023) शाम को खाली पड़ी स्पेशल ट्रेन के एसी कोच का टॉयलेट इस्तेमाल करना भारी पड़ गया। इस दौरान एक दरिंदा भी उसका पीछा करते हुए उस ट्रेन में पहुँचा और इस चलती ट्रेन में 40 किलोमीटर तक की दूरी में 3 बार उसका बलात्कार किया।

किसी तरह खुद को बचाते हुए ये पीड़ित महिला इस चलती हुई स्पेशल ट्रेन से सतना रेलवे स्टेशन पर उतरने में कामयाब रही। यहाँ उसने तुरंत ऑन-ड्यूटी पुलिस को अपने साथ हुई वारदात की सूचना दी। सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) के एक अधिकारी के मुताबिक, ये घिनौनी वारदात मध्य प्रदेश के कटनी जिले में चलती ट्रेन में हुई।

सतना जीआरपी थाना प्रभारी एलपी कश्यप के मुताबिक, आरोपित की पहचान उत्तर प्रदेश के बांदा के मूल निवासी और मौजूदा वक्त में कटनी में रहने वाले 22 साल के कमलेश कुशवाह के तौर पर हुई है। सतना जीआरपी थाना प्रभारी कश्यप का कहना है कि आरोपित को गिरफ्तार कर सुबह 4 बजे ही सतना लाया गया और इसके बाद उसे कटनी भेजा गया जहाँ उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया। वहीं पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) सारिका पांडे ने कहा कि आरोपित के आपराधिक रिकॉर्ड की जाँच की जा रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना तब हुई जब महिला रविवार शाम को सतना और कटनी सेक्शन के बीच पकरिया और मैहर रेलवे स्टेशनों के बीच जबलपुर-रीवा मेमू यानी पैसेंजर ट्रेन में चढ़ी थी। सतना जीआरपी पुलिस स्टेशन के प्रभारी कश्यप ने आगे बताया कि पीड़ित महिला सतना जिले के उचेहरा रेलवे स्टेशन की यात्रा करने के इरादे से कटनी रेलवे स्टेशन पर इस पैसेंजर ट्रेन में चढ़ी थी। हालाँकि, पकरिया रेलवे स्टेशन पर जब ये पैसेंजर ट्रेन रुकी तो इसी के साथ रीवा की तरफ जा रही एक खाली विशेष ट्रेन भी रुकी थी।

उन्होंने बताया कि यहाँ पर पीड़ित महिला अपनी ट्रेन से उतरी और टॉयलेट का इस्तेमाल करने के लिए वहाँ खड़ी इस विशेष ट्रेन के वातानुकूलित कोच में चली गई। आरोपित भी महिला के साथ पैसेंजर ट्रेन में ही था। उसने महिला का पीछा किया और वो भी इस विशेष ट्रेन के अंदर पहुँचा और उसने वहाँ कोच का दरवाज़ा बंद कर लिया।

उसने महिला पर पीछे से वार किया और उसे जोर से धक्का दिया। इससे वो ट्रेन के फर्श पर गिर गई। इससे उसके सिर पर गहरी चोट आई। जब विशेष ट्रेन फिर से आगे चल पड़ी तो आरोपित ने पकरिया और मैहर रेलवे स्टेशनों के बीच महिला के साथ मारपीट की और फिर से उसके साथ बलात्कार किया। पुलिस को दी गई शिकायत में महिला ने कहा कि जब उसने आरोपित का विरोध किया तो उसने उसे जान से मारने की धमकी दी। महिला ने पुलिस को ये भी बताया कि उसने मैहर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरने की भरसक कोशिश की थी, लेकिन इसमें वो कामयाब नहीं हो पाई।

महिला ने पुलिस को बताया कि उसने सतना रेलवे स्टेशन पर आरोपित से कहा कि उसे बहुत प्यास लगी है। जैसे ही आरोपित पानी लेने के लिए इस विशेष ट्रेन से उतरा, पीड़ित महिला अपनी साड़ी, बैग और सैंडल को वहीं छोड़ अर्धनग्न हालत में प्लेटफॉर्म पर कूद पड़ी।

वो जितना तेज भाग सकती थी भागी। किसी तरह रात के 8 बजे पीड़ित महिला आधे कपड़ों और नंगे पाँव सतना रेलवे स्टेशन पर पहुँची। फिर उसने अपने साथ हुई वारदात की सूचना RPF कॉन्सटेबल को दी।

जबलपुर RPF के कमांडेंट अरुण त्रिपाठी के मुताबिक, जब रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) के कॉन्सटेबल ने आरोपित को फिर से उसी ट्रेन में चढ़ते देखा तो वो भी उसमें सवार हो गया, लेकिन आरोपित ने एसी कोच का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। वहीं सूचना पाते ही जीआरपी मौके पर पहुँची, लेकिन तब-तक स्पेशल ट्रेन वहाँ से रवाना हो चुकी थी।

इसके बाद स्टेशन मास्टर को इस संबंध में सूचित किया गया और उनकी मदद से इस विशेष ट्रेन को सतना के रेलवे स्टेशन के नज़दीक पड़ने वाले कैमा रेलवे स्टेशन पर रुकवा लिया गया। तब तक जीआरपी भी रोड के रास्ते वहाँ पहुँच गई। हालाँकि, आरोपित ने वातानुकूलित डिब्बे के अंदर खुद को बंद कर अपना बचाव किया।

इस एसी कोच का लॉक नहीं खुल पाया, लेकिन इस दौरान जीआरपी की टीम भी ट्रेन में ही रही। इस दौरान ट्रेन जब रीवा पहुँची तब कहीं जाकर तीन घंटे की मशक्कत के बाद रीवा स्टेशन रेलवे मैकेनिकल सेक्शन के कर्मचारियों की मदद से आखिरकार वातानुकूलित डिब्बे का दरवाजा खोला गया। इसके बाद रात करीब 11:30 बजे रीवा रेलवे स्टेशन पर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया।

गला रेता, प्राइवेट पार्ट पर चाकू से किए वार, हत्या से पहले फेसबुक पोस्ट में लिखा- हमारी बहन को मुस्लिमों के इलाके में छोड़ आया था…

हरियाणा के अंबाला में अपनी बहन की हत्या का आरोपित करन जायसवाल उर्फ कल्लू पकड़ा गया है। रिपोर्टों के अनुसार वह मंगलवार (12 नवंबर 2023) को राज्य के गृह मंत्री अनिल विज के घर सरेंडर करने पहुँचा था। लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

करण ने सोमवार (11 दिसंबर 2023) को अपनी बहन भावना की गला रेतकर हत्या कर दी थी। उसके प्राइवेट पार्ट पर भी चाकू से वार किए थे। हत्या से पहले उसने फेसबुक पर एक पोस्ट में बहन की हत्या मजबूरी में करने की बात कही थी। ससुराल वालों पर अपनी बहन को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। साथ ही कहा था कि मेरठ में उसकी बहन को मुस्लिमों के इलाके के पास रात में छोड़ दिया गया था। उसकी किस्मत अच्छी थी जो वह घर वापस आ गई। इस पोस्ट में उसने लॉरेंस बिश्नोई गैंग से भी मदद की गुहार भी लगाई थी।

रिपोर्टों के अनुसार सोमवार देर शाम अंबाला छावनी के कच्चा बाजार में रहने वाले करन की 28 साल की बहन भावना जायसवाल से कहासुनी हुई थी। बहस बढ़ने पर करन ने बहन को चाकुओं से गोद डाला। उसने लगातार 30 वार किए। बहन के प्राइवेट पार्ट पर भी वार किए। इसके बाद वह फरार हो गया। परिवार वाले भावना को लेकर सिविल अस्पताल पहुँचे, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में ले लिया। परिवार के मुताबिक, भावना की 2 साल पहले मेरठ के एक युवक से शादी हुई थी। लेकिन पति से अनबन के चलते वह पिछले 6 महीने से अपने मायके में अंबाला कैंट में रह रही थी, जबकि उसकी बेटी अपने पिता के पास मेरठ में रहती है।

फोटो साभार: फेसबुक अकाउंट करन जायसवाल

करन ने फेसबुक पर लिखा, “हमारी बहन का पति अंकुर जैन है। बहन के मांगलिक होने की वजह से उसके 9 दिनों में ही शादी रचाने का फैसला लिया गया था। हमने बगैर सोचे बहन की शादी कर दी। शादी के एक महीने के बाद ही लड़का हमारी बहन को रात 11 बजे के करीब मुस्लिमों के इलाके के नजदीक छोड़ गया।” करन ने ये भी आरोप लगाया कि बहन के ससुरालियों के रसूखदार लोगों से रिश्ते हैं।

पत्थर फेंका, मंदिर का शीशा तोड़ा, पेशाब किया… CCTV वीडियो में दिखा दाढ़ी-टोपी वाला शख्स, हिन्दुओं में आक्रोश

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक मंदिर पर एक शख्स ने रात के समय हमला बोल दिया। बड़ी दाढ़ी वाले इस शख्स का CCTV फुटेज भी सामने आया है। सीसीटीवी के माध्यम से सामने आए इस वीडियो में यह शख्स टोपी लगाए दिखता है।

जानकारी के अनुसार, यह घटना देहरादून में देहरादून-हरिद्वार रोड पर स्थित हर्रावाला में माता काली मंदिर में हुई। यहाँ रात को 11-12 दिसम्बर, 2023 को रात एक बजे एक शख्स ने यह हमला किया। यह हमलावर मंदिर के बाहर आकर पेशाब करता है। इसके बाद वह मंदिर पर पत्थर फेंकता है। उसके पत्थर फेंकने के कारण मंदिर का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया है। कुछ देर बाद वह यहाँ से चला जाता है।

इस मामले में डोईवाला मुकदमे में मामला दर्ज किया गया है। सीसीटीवी के आधार पर इस आरोपित को पहचानने का प्रयास हो रहा है। घटना के कारण यहाँ के हिन्दुओं में काफी आक्रोश है। स्थानीय हिन्दुओं ने इस मामले में रोष जताते हुए जल्द से जल्द आरोपित को पकड़ने की माँग की है।

पुलिस का इस मामले में कहना है कि अभी पहचान स्पष्ट नहीं हुई इसलिए यह बता पाना मुश्किल है कि उसने यह काम किस उद्देश्य से किया है। उसकी धर-पकड़ करने के बाद यह स्थापित किया जा सकता है कि उसका क्या उद्देश्य था। गौरतलब है कि इससे पहले नवम्बर माह में झारखंड में एक मंदिर में मूर्तियों को क्षतिग्रस्त किया गया था। यहाँ पुजारी के साथ मारपीट भी की गई थी। यह घटना झारखंड के बोकारो में हुई थी। यहाँ छरछरिया झरने के पास स्थित इस मंदिर में पहुँचे कुछ लोगों ने रविवार (5 नवंबर, 2023) की सुबह यह मूर्तियाँ तोड़ी थीं।

इन लोगों का विरोध करने पर मंदिर के पुजारी राहुल तिवारी के ऊपर तलवारों से हमला कर दिया गया था, उन्होंने पास के दूसरे मंदिर में घुस कर जान बचाई। इसके अलावा नवम्बर माह में ही मुरादाबाद में ही एक मंदिर को क्षतिग्रस्त किया गया था।

महुआ मोइत्रा का सरकारी घर भी छिनेगा, कारोबारी से पैसे लेकर चमकाया था लुटियन दिल्ली वाला बँगला: संसदीय समिति ने मंत्रालय को भेजा पत्र

तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की पूर्व सांसद महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता खत्म होने के बाद अब दिल्ली में उन्हें मिला सरकारी आवास भी उनके कब्जे से जाएगा। पैसे और महँगे गिफ्ट लेकर प्रश्न पूछने की आरोपित महुआ की शनिवार (8 दिसम्बर, 2023) को सदस्यता रद्द कर दी गई थी।

अब संसद की आवासन समिति ने आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय को पत्र लिख कर कहा है कि वह महुआ मोइत्रा को उनका आधिकारिक आवास खाली करने का आदेश दें। महुआ को 30 दिनों के भीतर अपना आधिकारिक आवास खाली करना होगा। नियमानुसार, सांसदों की संसद सदस्यता जाने के बाद वह सरकार द्वारा दिए गए आधिकारिक आवास में नहीं रह सकते।

इससे पहले महुआ मोइत्रा संसद से निष्कासन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुँची थीं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपने निष्कासन के खिलाफ याचिका लगाकर कहा था कि आचार समिति उनके निष्कासन की अनुशंसा नहीं कर सकती इसलिए संसद उन्हें निकाल कर गलत किया है। महुआ मोइत्रा दिल्ली में HC माथुर लेन पर उनको आवंटित बँगले में रह रहीं थी। दिल्ली में सांसदों को उनके पद और वरिष्ठता के आधार पर बँगले दिए जाते हैं। कुछ सांसदों को फ्लैट भी दिए जाते हैं। इन बँगलों के मरम्मत का खर्चा आदि भी सरकार उठाती है।

महुआ मोइत्रा पर दुबई में रहने वाले कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से पैसे और महँगे गिफ्ट लेकर कारोबारी गौतम अडानी के विरुद्ध प्रश्न पूछने का आरोप 15 अक्टूबर को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा स्पीकर को एक पत्र लिख कर लगाया था। यह आरोप महुआ मोइत्रा के पूर्व पार्टनर और सुप्रीम कोर्ट में वकील जय अनंत देहाद्राई के हवाले से लगाए गए थे। बाद में दर्शन हीरानंदानी ने स्वयं यह स्वीकार किया था कि उन्होंने महुआ को महँगे तोहफे और पैसे दिए हैं। महुआ पर यह भी आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अपने संसद पोर्टल की लॉगइन आईडी और पासवर्ड दर्शन हीरानंदानी को दिए।

इस बात को महुआ ने खुद भी स्वीकारा था। इस मामले की जाँच के लिए इसे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने संसद की आचार समिति के पास भेज दिया था। आचार समिति ने दोनों पक्षों को सुन कर अपनी रिपोर्ट संसद को 8 दिसम्बर, 2023 को दी थी। दर्शन हीरानंदानी ने ये भी बताया था कि महुआ मोइत्रा ने अपने सरकारी आवास की मरम्मत के लिए भी उनसे पैसे लिए थे।

इस रिपोर्ट में महुआ मोइत्रा पर लगे आरोपों को सही पाया गया था। महुआ के इस कदाचार के चलते समिति ने उन्हें लोकसभा की सदस्यता से बर्खास्त करने की सिफारिश की थी। इसके पश्चात 8 दिसम्बर, 2023 को ही इस रिपोर्ट के आधार पर महुआ की संसद सदस्यता रद्द कर दी गई थी।

जिस IT रेड में नोट गिनते-गिनते थक गई मशीनें, वह 6 दिन बाद बंद हुई: नेहरू के ‘खास’ थे धीरज साहू के पिता, राहुल तक चली आ रही वही रिश्तेदारी

6 दिसंबर 2023 को आयकर विभाग ने कॉन्ग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज साहू से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के अलग-अलग जगहों पर एक साथ हुई थी। आखिरकार 6 दिन के बाद यह रेड पूरी हो गई है।

इस छापेमारी के दौरान नोटों का इतना बड़ा जखीरा मिला है कि उसे गिनने में मशीनों के भी सांस फूल गए। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार 350 करोड़ रुपए अधिक नगद मिली है। कुछ रिपोर्टों में करीब 500 करोड़ रुपए मिलने की बात कही गई है। करीब 17 किलो सोने के जेवर और 40 सोने के बिस्कुट भी मिले हैं।

इस बरामदगी के बाद से कॉन्ग्रेस का नेतृत्व धीरज साहू से दूरी दिखाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन साहू परिवार की कॉन्ग्रेस के शीर्ष परिवार से करीबी आज की नहीं है। इनका संबंध जवाहर लाल नेहरू से शुरू हुआ जो इंदिरा, राजीव, सोनिया होते हुए राहुल गाँधी तक जारी है। खास बात यह भी है कि जैसे-जैसे राजनीति में नेहरू-गाँधी परिवार मजबूत होते गया, वैसे-वैसे झारखंड से ओडिशा तक साहू परिवार का व्यवसायिक साम्राज्य भी फैलता गया।

क्या-क्या बरामद हुआ?

इनकम टैक्स विभाग की रेड में धीरज साहू के ठिकानों से 354 करोड़ की नकदी मिली थी, जिसे गिनने का काम एसबीआई की तीन शाखाओं में कई दिनों तक चला। जब बैंक लॉकरों को खोला गया तो अधिकारियों की आँखें खुली की खुली रह गई। लॉकरों से दस्तावेजों के साथ ही सोने के बिस्किट, सोने के जेवरात और हीरे भी बरामद हुए हैं। एक अनुमान के मुताबिक, नकद मिले पैसों के अलावा भी करोड़ों का धन बरामद हुआ है। छापे के दौरान ओडिशा के बलांगीर स्थित ठिकाने से सर्वाधिक बरामदगी की गई। बलांगीर से ही करीब 280 करोड़ रुपए बरामद हुए हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में, धीरज साहू के ठिकानों से 454 करोड़ की बरामदगी की खबर दी गई है।

नेहरू के जमाने से ही कॉन्ग्रेस से रिश्ते

धीरज साहू के पिता का नाम बलदेव साहू था। वो पुराने कॉन्ग्रेसी नेता थे। स्वतंत्रता सेनानी रहे। बिहार के प्रमुख व्यवसायियों में भी उनका नाम रहा। अंग्रेजों ने भी उन्हें ‘राय साहब’ की उपाधि दे रखी थी। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से लेकर उनकी बेटी इंदिरा गाँधी और राजीव गाँधी तक उनके घर पर आ चुके हैं। फिल्मी हस्तियाँ तो अक्सर इस परिवार की पार्टियों और समारोहों का हिस्सा बनती रही हैं।

झारखंड में है साहू परिवार का व्हाइट हाउस

धीरज साहू का परिवार हमेशा से राजनीति में रहा है। वे 5 भाई हैं। इनमें से 4 राजनीति में सक्रिय हैं। उनके बड़े भाई शिव प्रसाद साहू राँची से कॉग्रेस के टिकट पर 1980 और 1984 में सांसद रहे थे। एक भाई गोपाल साहू हजारीबाग से सांसदी का चुनाव लड़ चुके हैं। धीरज साहू भी झारखंड की चतरा सीट से दो बार लोकसभा का चुनाव लड़कर हार चुके हैं. इसके बाद कॉन्ग्रेस उन्हें राज्यसभा भेजने लगी। साहू का यह राज्यसभा में तीसरा कार्यकाल है। पहली बार वे जून 2009 में चुनकर आए। फिर 2010 और उसके बाद 2018 में तीसरी बार संसद के उच्च सदन में पहुँचे। झारखंड के लोहरदगा में साहू परिवार का पैतृक घर है। इसे व्हाइट हाउस ऑफ लोहरदगा कहा जाता है।

शराब का कारोबारी परिवार

कॉन्ग्रेस के राज्यसभा सांसद और शराब कारोबारी धीरज साहू के ठिकानों पर 6 दिसम्बर 2023 से 12 दिसंबर तक छापेमारी चली। छापेमारी झारखंड के लोहरदगा और राँची, बंगाल के कोलकाता और टीटागढ़ और ओडिशा में बोलांगीर तथा संबलपुर में हुई है। इसके अलावा कुछ अन्य स्थानों पर भी टीम पहुँची थी।

उल्लेखनीय है कॉन्ग्रेस सांसद धीरज प्रसाद साहू और उनके रिश्तेदारों का शराब का बड़ा कारोबार है। बलदेव साहू एंड ग्रुप ऑफ कंपनीज मूल रूप देशी शराब बनाने का काम करती है। इस धंधे में कंपनी करीब चार दशक से है। कंपनी का नाम धीरज साहू के पिता बलदेव साहू के नाम पर है। कॉन्ग्रेस सांसद के अलावा उनके परिवार के अन्य सदस्य भी कंपनी में शामिल हैं।

इतनी बड़ी मात्रा में नकद मिलना इसलिए भी चौंकाता है, क्योंकि 2018 के चुनावी हलफनामे में साहू ने अपने ऊपर 2.36 करोड़ रुपए का कर्ज बताया था। कुल संपत्ति 34 करोड़ बताई थी। 2016-17 में जो इनकम टैक्स रिटर्न भरा था, उसमें अपनी आमदनी एक करोड़ रुपए से कुछ ही अधिक बताई थी।

‘सेक्स’ के लिए नहीं मिली हिना तो नवाब ने उसके भाई समीर का रेत दिया गला, फिर वीडियो बनाकर सबको बताया

बुलंदशहर के खुर्जा में हत्या की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ नवाब नाम के शादीशुदा शख्स ने आशिकी में लुटने के बाद और कई केस दर्ज होने के बाद ऐसा कदम उठा लिया कि लोग हैरान रह गए। उसने अपनी प्रेमिका की शादी कहीं और होती देख उसके भाई समीर की ही गला रेतकर और चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। नवाब ने खुद एक वीडियो बनाकर बताया है कि उसने समीर को क्यों मारा?

क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि बुलंदशहर के खुर्जा में सोमवार (11 दिसंबर, 2023) की दोपहर 23 साल के समीर को चाकुओं से गोद कर मार डाला गया। ये मामला खुर्जा के तरीनान मोहल्ले का है, जहाँ सोमवार को समीर दोपहर के बाद अपने घर जा रहा था। वहीं रास्ते में उसके पुराने परिचित नवाब ने उसे चाकुओं से गोद डाला। नवाब ने समीर का गला काट डाला, तो उसके पेट में ताबड़तोड़ वार किए। इसमें समीर की आँत तक बाहर आ गई।

इन रिपोर्ट्स में बताया गया है कि नवाब ने समीर को 3000 रुपए के लेन-देन के विवाद में मार डाला। समीर की आँत तक बाहर निकली हुई थी। लोगों ने पुलिस को सूचना दी और उसे अस्पताल पहुँचाया गया, तो अस्पताल पहुँचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों ने जब समीर का शव देखा, तो कई लोग बेहोश हो गए। इतनी वीभत्स्ता से समीर को नवाब ने क्यों मारा, ये खुद नवाब ने वीडियो जारी करके बताया है।

प्रेम-प्रसंग के नाम पर पैसों की उगाही का लगाया आरोप

नवाब ने एक वीडियो जारी करके बताया है कि वो हिना नाम की लड़की से प्रेम करता था। हालाँकि, वो 17 साल से शादीशुदा था, लेकिन उसे बच्चा नहीं हो रहा था। उसने हिना से प्रेम की पींगे एक बच्चे की चाहत में बढ़ाई थी। उसके बारे में हिना के परिवार वालों को पता था, और उसे धमकियाँ दी जा रही थी। नवाब ने बताया कि उससे हिना के परिवार वालों ने थोड़े-थोड़े करके लाखों रुपए ऐंठ लिए। नवाब ने कहा कि उसके पैसे गए तो गए, लेकिन अब हिना का निकाह कहीं और किया जा रहा था, तो ये उसे नागवार गुजरा।

नवाब ने वीडियो में बताया है कि हिना के परिजनों ने उसके खिलाफ कई मामले भी दर्ज करा दिए थे। इसके अलावा वो पैसे भी माँग रहे थे। ऐसे में गुस्से में आकर उसने समीर को मार डाला। नवाब ने कहा कि हिना के साथ उसके कई वीडियो हैं, जिन्हें वो सोशल मीडिया पर भी वायरल कर देगा। इसके बाद से नवाब फरार चल रहा है।

क्या कह रही है बुलंदशहर पुलिस?

बुलंदशहर पुलिस के ASP (ग्रामीण) ने इस मामले में अपना बयान जारी किया है और बताया है कि समीर नाम के युवक की हत्या कर दी गई है। पुलिस अभी आरोपित की तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि ये हत्या पैसों के लेन-देन में की गई है।

ये मामला चाहे पैसों का हो या प्रेम प्रसंग का, डराने वाली बात है नवाब द्वारा जारी किया गया वीडियो। इस वीडियो में वो बेधड़क दिख रहा है। वो खुलेआम आपत्तिजनक बातें कर रहा है। वो कह रहा है कि चाहे कुछ महीने के लिए ही सही, हिना उसे मिल जाती तो उसे संतुष्टि मिल जाती। उसने इस हत्याकांड को अंजाम देने के बाद वीडियो को रिकॉर्ड किया है, जिसमें उसके अंदर कानून का कोई डर नहीं दिख रहा है। ऐसे में देखना ये है कि बुलंदशहर पुलिस उसे कब गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजती है।

राजस्थान BJP में नए युग का सूत्रपात, पहली बार के MLA भजनलाल शर्मा होंगे CM: दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा डिप्टी CM

राजस्थान में भजनलाल शर्मा को भाजपा ने नया मुख्यमंत्री चुना है। वो राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित सांगानेर से विधायक हैं। वो पहली बार विधानसभा के लिए चुने गए हैं। प्रदेश कार्यालय में हुई बैठक में उन्हें भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया, जहाँ पार्टी आलाकमान की तरफ से पर्यवेक्षण के रूप में आए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे। मूलतः भरतपुर के रहने वाले भजनलाल शर्मा ब्राह्मण समाज से हैं, और लंबे समय से RSS से जुड़े हुए हैं।

भजनलाल शर्मा फ़िलहाल भाजपा में प्रदेश महामंत्री के पद पर थे। बैठक से पहले केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जयपुर में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। फोटो सेशन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को उनके बगल में बैठे हुए देखा गया। 55 वर्षीय भजनलाल शर्मा लगातार 3 प्रदेश अध्यक्षों के कार्यकाल में प्रदेश महामंत्री रह चुके हैं। भरतपुर में वो जिला मोर्चा के अध्यक्ष रहे हैं। इस बार उन्होंने 48,000 वोटों से जीत दर्ज की है।

वहीं दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा को उप-मुख्यमंत्री के रूप में चुना गया है। दीया कुमारी जहाँ आमेर राजघराने से आती हैं, वहीं प्रेमचंद बैरवा राजस्थान में भाजपा का दलित चेहरा हैं। दीया कुमारी राजसमंद से 2019 में भाजपा के टिकट पर सांसद चुनी गई थीं। उन्हें विद्याधर नगर से विधानसभा चुनाव लड़ाया गया था और वो सफल रहीं। वहीं प्रेमचंद बैरवा अजमेर के दूदू से विधायक हैं। उन्होंने यहाँ से 2013 में भी जीत दर्ज की थी।

दीया कुमारी भी 2013 में सवाई माधोपुर से विधानसभा चुनाव लड़ी थीं और उन्होंने जीत भी दर्ज की थी। राजनाथ सिंह के अलावा विनोद तावड़े और सरोज पांडेय को पर्यवेक्षक के रूप में जयपुर भेजा गया था। वहीं मुख्यमंत्री बनाए गए भजनलाल शर्मा की बात करें तो वो ABVP से जुड़े रहे हैं। इस बार मौजूदा विधायक अशोक लोहाटी का टिकट काट कर लड़ाया गया था। अजमेर नॉर्थ से विधायक वासुदेव देवनानी को विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया है। वो यहाँ से लगातार चौथी बार विधायक चुने गए हैं।

उमर अब्दुल्ला को तलाक देने से हाई कोर्ट का भी इनकार, कहा- पत्नी ने की क्रूरता यह साबित नहीं कर पाए: सालों से रह रहे हैं अलग

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला को तलाक देने से दिल्ली हाई कोर्ट ने भी इनकार कर दिया है। हाई कोर्ट ने कहा है कि उन्होंने पत्नी पायल पर क्रूरता के आरोप लगाए थे। लेकिन अदालत में वे न तो शारीरिक और न ही मानसिक क्रूरता साबित कर पाए।

जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विकास महाजन की बेंच ने 7 दिसंबर 2023 को उमर अब्दुल्ला की याचिका खारिज की। उन्होंने 30 अगस्त 2016 को फैमिली कोर्ट के दिए आदेश को चुनौती दी थी। लेकिन हाई कोर्ट ने कहा कि उसे पारिवारिक अदालत के आदेश में कोई खामी नहीं मिली है। वह फैमिली कोर्ट के इस निष्कर्ष से सहमत है कि उमर अब्दुल्ला ने पायल के खिलाफ जो क्रूरता के आरोप लगाए थे, वह अस्पष्ट हैं।

हाई कोर्ट की बेंच ने कहा “हमें पारिवारिक अदालत के इस निष्कर्ष में कोई खामी नहीं मिली कि क्रूरता के आरोप अस्पष्ट और अमान्य थे। अपीलकर्ता किसी भी बात को साबित करने में नाकाम रहे जिसे शारीरिक या मानसिक क्रूरता कहा जा सकता है। नतीजतन हमें अपील में कोई खूबी नहीं मिली। ये देखते हुए इसे खारिज किया जाता है।”

इससे पहले पारिवारिक अदालत ने भी कहा था कि उमर अब्दुल्ला शादी के पूरी तरह से टूटने को साबित करने में नाकाम रहे हैं। इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया। दावा किया कि उनकी शादी पूरी तरह से टूट गई है।

इसी साल अगस्त में हाई कोर्ट ने उमर अब्दुल्ला को पायल को गुजारा भत्ता बढ़ाकर देने का आदेश दिया था। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता को आदेश दिया था कि वह पायल को भरण-पोषण के तौर पर हर महीने 1.5 लाख रुपए और उनके दोनों बेटों को लॉ स्कूल में दाखिला लेने के दौरान 60,000 रुपए का हर महीने का भुगतान करें।

गौरतलब है कि उमर और पायल अब्दुल्ला ने सितंबर 1994 में शादी की थी। लेकिन लंबे वक्त से दोनों अलग रह रहे हैं। दोनों के दो बच्चे हैं। हाल ही में उमर अब्दुल्ला की बहन सारा अब्दुल्ला का भी उनके शौहर कॉन्ग्रेसी नेता सचिन पायलट से तलाक हुआ है। राजस्थान विधानसभा चुनावों के लिए पायलट ने टोंक से कॉन्ग्रेस उम्मीदवार के तौर पर 31 अक्टूबर 2023 को अपना पर्चा दाखिल करते हुए बीवी वाले कॉलम में तलाकशुदा लिखा था।

बाप के प्यार को तरसता हर बच्चा असल जिंदगी में अगर ‘एनिमल’ फिल्म का रणविजय सिंह बन जाए तो क्या हो?

रणबीर कपूर अभिनीत ‘एनिमल’ बीते शुक्रवार (1 दिसंबर 2023) को रिलीज हुई। हालाँकि, इस फिल्म की रिलीज से पहले ही इसके ट्रेलर ने काफी चर्चा बटोरी थी। अगर अनुमानित आँकड़ों के हिसाब से देखा जाए तो ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर एक हफ्ते के अंदर ही दुनिया भर में 737 करोड़ रुपए की कमाई कर चुकी है, वहीं इसने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर इसने 338 करोड़ रुपए की नेट कमाई कर ली है।

फिल्म का बजट 100 करोड़ रुपए का था। फिलहाल बॉक्स ऑफिस पर रणबीर कपूर का जलवा है, लेकिन इस सबके बीच एक सवाल उठता है कि संदीप रेड्डी वंगा के निर्देशन में बनी फिल्म ‘एनिमल’ में हिंसक और उत्तेजक दृश्यों की भरमार होने के बाद भी और इसकी अच्छी-खासी आलोचना होने के बावजूद भी इसके बॉक्स ऑफिस कलेक्शंस में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है।

बहुत हद तक किसी भी फिल्म की कमाई उसकी कामयाबी का पैमाना होती है। उस हिसाब से देखा जाए तो रणवीर कपूर, अनिल कपूर, बॉबी देओल, रश्मिका मंदाना, तृप्ति डिमरी के अभिनय से सजी ये फिल्म पूरी तरह से सफल कही जा सकती है। लेकिन जरूरी नहीं कि जो फिल्म हिट हो वो समाज के लिए मिसाल भी कायम करें। क्योंकि समाज का आईना कहा जाने वाला सिनेमा इस फिल्म के जरिए समाज को सही आईना नहीं दिखा पाया है। एक औरत, एक माँ, एक बहन और एक बाप-दादा के नजरिए से देखा जाए तो ये फिल्म पूरी तरह से नाकाम है।

शायद कोई भी परिवार ये स्वीकार नहीं कर पाएगा कि बाप के प्यार को तरसता उनके घर का बच्चा हिंसक या गैंगस्टर बने। थिएटर में फिल्म देखने जाने वाले कितने फीसदी लोग हैं जो इस बात को जायज ठहराएँगे कि बाप से प्यार करने वाला और उनके प्यार को तरसता बच्चा रणवीर सरीखा ‘एनिमल’ बनके बड़ा हो। शायद कोई इस बात को स्वीकार नहीं कर पाएगा।

बाप-बेटे के गहरे रिश्तों के इर्द-गिर्द बुनी गई ‘एनिमल’ फिल्म देखने के लिए थिएटर में घुसने से पहले भी आपके दिमाग में शायद यही रिश्ता चल रहा होता है। एक आम दर्शक की तरह जब साढ़े तीन घंटे की इस फिल्म का लुब्ब-ए-लुबाब समझ आता है, तब-तक आज की युवा पीढ़ी जो हर फिल्म को अपनी निजी जिंदगी से करीबी से जोड़ने की आदी हो, कुछ अपवादों को छोड़ दिया जाए तो फिर उनके दिलोदिमाग में दुनिया को तहस-नहस करने गैंगस्टर बन कर फतह हासिल करने की सोच के चरम तक पहुँचने से क्या इनकार किया जा सकता है।

फिल्म के मुख्य किरदार ‘रणविजय सिंह’ यानी रणबीर कपूर को ‘अल्फ़ा मेल’ बताया जा रहा है। ऐसा ‘अल्फा मेल’ जो पूरे वक्त अपने पिता यानी अनिल कपूर पर अपना असर छोड़ना चाहता है। इस सिलसिले में वो इस कदर अपनी ‘मर्दानगी’ दिखाने पर उतारू हो जाता है कि इश्क को साबित करने के लिए अपने से प्यार करने वाली महिला ‘जोया रियाज’ यानी तृप्ति डिमरी को अपने जूते चाटने को कहता है। पूरी फिल्म में रणवीर का ‘अल्फा मेल’ किरदार महिलाओं पर अपनी ‘मर्दानगी’ साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ता।

मेरे ख्याल से अल्फा मेल तो शायद ऐसा नहीं होता। वो तो प्लेबॉय बनने या महिलाओं के साथ फ़्लर्ट करने की सोचता तक नहीं। एक ‘अल्फ़ा मेल’ एक मजबूत शख्स होता है जो आजादी के साथ नेतृत्व करने में यकीन करता है। उसे बगैर शक-शुबहा खुद इस बात का साफ अंदाज़ा होता कि वह अपने जिंदगी से क्या चाहता है।

वो ‘एनिमल’ के रणबीर कपूर की तरह भटका और विध्वंसक प्रवृत्ति का तो नहीं ही होता है। उलटा फिल्म का किरदार बहन, परिवार की हिफाजत के नाम पर समाज के लिए सिरदर्दी बनने वाला तो कतई नहीं होता, क्योंकि ‘अल्फा मेल’ की तो मिसालें दी जाती हैं। ‘एनिमल’ में रणबीर कपूर के किरदार की तरह उसके सही रास्ते पर आने की दुआ नहीं माँगी जाती है और न ही पिता के प्यार को तरसता कोई बच्चा ‘अल्फा मेल’ की शक्ल में हैवानों सी हरकतें करने वाला जानवर बनता। पिता से प्रेम करने वाला बच्चा तो कतई इस कदर हिंसा को अंजाम देने वाला नहीं बन सकता है।

एक ऐसा ‘अल्फा मेल’ जो बहन की हिफाजत के लिए टीनएज में ही उसके कॉलेज में जाकर बंदूक तान दें और अपनी बीवी जो खुद उसकी बहन की तरह ही एक महिला है, उसके बचपन का प्यार है – उसे लेकर वो इतना संवेदनहीन हो जाए कि उसे गुस्से में ये तक कह डाले, “तुम एक महीने में चार पैड बदलती हो और उस पर नाटक करती हो, यहाँ मैं एक दिन में 50 पैड बदल रहा हूँ।”

यही नहीं, क्या आप पिता के प्यार को तरसते बच्चे का अपनी पत्नी के लिए इस तरह के रवैये को बर्दाश्त कर पाएँगे जो जन्म देने की प्रक्रिया या पूरे महिला समाज का ही मखौल उड़ाता दिखे। एक सीन में ‘रणविजय सिंह’ अपनी पत्नी ‘गीतांजलि’ यानी रश्मिका मंदाना से कहता है, “तुम्हारा पेडू बड़ा है, तुम सेहतमंद बच्चों को जन्म दोगी।”

इस फिल्म में ऐसा दिखाया गया है जैसे की पिता के प्यार को तरस कर बड़े हुए एक युवक को अपनी इस कमी को पूरा करने के लिए किसी के साथ भी हिंसा या वहशीपन करने का लाइसेंस मिल गया हो फिर भले ही वो उसकी पत्नी ही क्यों न हो। ‘एनिमल’ फिल्म का एक सीन इसी की बानगी है जिसमें रणबीर कपूर पत्नी रश्मिका को खुलेआम शारीरिक शोषण की धमकी ही नहीं देते बल्कि इसे सही ठहराते हुए कहते हैं, “मैं तुम्हें बहुत जोर से थप्पड़ मारूँगा। पहला चुंबन हुआ, पहला सेक्स हुआ, पहला थप्पड़ नहीं हुआ ना।”

इस फिल्म को वो सीन जिसमें रणवीर अपने पिता का किरदार निभा रहे अनिल कपूर से कहते हैं,”पापा लेट्स प्ले एक गेम, याद है आपको जब में 5th ग्रैड में था और बाम्बे में माइकल जैक्शन कंसर्ट हो रहा था जिनका मैं फैन था, मेरे सारे दोस्त गए थे, लेकिन मैं नहीं गया क्योंकि आपके बर्थडे था।” इस सीन में एक बेटा अपने बाप को याद दिला रहा है कि आपने मेरे साथ जैसा व्यवहार किया था अब उसे खुद पर भुगत कर देखो।

इस सीन के आधार पर अगर हर बच्चा अपने पैरेंट्स से कभी बचपन में गाहे-बगाहे, नजरअंदाज किए जाने, डाँटने, मारने का हिसाब बड़े होकर लेने लगे तो फिर शायद वो तो बच्चे पैदा करने से पहले 10 बार सोचे। शायद कोई भी पिता नहीं चाहेगा कि उसका बेटा रणबीर कपूर सा ‘एनिमल’ बने और हरिवंश राय बच्चन की इस कविता की तरह सवाल करें:

ज़िन्दगी और ज़माने की
कशमकश से घबराकर
मेरे बेटे मुझसे पूछते हैं कि
हमें पैदा क्यों किया था?
और मेरे पास इसके सिवाय
कोई जवाब नहीं है कि
मेरे बाप ने मुझसे बिना पूछे
मुझे क्यों पैदा किया था?

और मेरे बाप को उनके
बाप ने बिना पूछे उन्हें और
उनके बाबा को बिना पूछे उनके
बाप ने उन्हें क्यों पैदा किया था?

ज़िन्दगी और ज़माने की
कशमकश पहले भी थी,
आज भी है शायद ज्यादा…
कल भी होगी, शायद और ज्यादा…

तुम ही नई लीक रखना,
अपने बेटों से पूछकर
उन्हें पैदा करना।