हरियाणा के अंबाला में अपनी बहन की हत्या का आरोपित करन जायसवाल उर्फ कल्लू पकड़ा गया है। रिपोर्टों के अनुसार वह मंगलवार (12 नवंबर 2023) को राज्य के गृह मंत्री अनिल विज के घर सरेंडर करने पहुँचा था। लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
करण ने सोमवार (11 दिसंबर 2023) को अपनी बहन भावना की गला रेतकर हत्या कर दी थी। उसके प्राइवेट पार्ट पर भी चाकू से वार किए थे। हत्या से पहले उसने फेसबुक पर एक पोस्ट में बहन की हत्या मजबूरी में करने की बात कही थी। ससुराल वालों पर अपनी बहन को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। साथ ही कहा था कि मेरठ में उसकी बहन को मुस्लिमों के इलाके के पास रात में छोड़ दिया गया था। उसकी किस्मत अच्छी थी जो वह घर वापस आ गई। इस पोस्ट में उसने लॉरेंस बिश्नोई गैंग से भी मदद की गुहार भी लगाई थी।
रिपोर्टों के अनुसार सोमवार देर शाम अंबाला छावनी के कच्चा बाजार में रहने वाले करन की 28 साल की बहन भावना जायसवाल से कहासुनी हुई थी। बहस बढ़ने पर करन ने बहन को चाकुओं से गोद डाला। उसने लगातार 30 वार किए। बहन के प्राइवेट पार्ट पर भी वार किए। इसके बाद वह फरार हो गया। परिवार वाले भावना को लेकर सिविल अस्पताल पहुँचे, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में ले लिया। परिवार के मुताबिक, भावना की 2 साल पहले मेरठ के एक युवक से शादी हुई थी। लेकिन पति से अनबन के चलते वह पिछले 6 महीने से अपने मायके में अंबाला कैंट में रह रही थी, जबकि उसकी बेटी अपने पिता के पास मेरठ में रहती है।
फोटो साभार: फेसबुक अकाउंट करन जायसवाल
करन ने फेसबुक पर लिखा, “हमारी बहन का पति अंकुर जैन है। बहन के मांगलिक होने की वजह से उसके 9 दिनों में ही शादी रचाने का फैसला लिया गया था। हमने बगैर सोचे बहन की शादी कर दी। शादी के एक महीने के बाद ही लड़का हमारी बहन को रात 11 बजे के करीब मुस्लिमों के इलाके के नजदीक छोड़ गया।” करन ने ये भी आरोप लगाया कि बहन के ससुरालियों के रसूखदार लोगों से रिश्ते हैं।
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक मंदिर पर एक शख्स ने रात के समय हमला बोल दिया। बड़ी दाढ़ी वाले इस शख्स का CCTV फुटेज भी सामने आया है। सीसीटीवी के माध्यम से सामने आए इस वीडियो में यह शख्स टोपी लगाए दिखता है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना देहरादून में देहरादून-हरिद्वार रोड पर स्थित हर्रावाला में माता काली मंदिर में हुई। यहाँ रात को 11-12 दिसम्बर, 2023 को रात एक बजे एक शख्स ने यह हमला किया। यह हमलावर मंदिर के बाहर आकर पेशाब करता है। इसके बाद वह मंदिर पर पत्थर फेंकता है। उसके पत्थर फेंकने के कारण मंदिर का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया है। कुछ देर बाद वह यहाँ से चला जाता है।
देहरादून में शर्मनाक हरकत का वीडियो वायरल। युवक ने पहले मंदिर पर पेशाब की और फिर तोड़फोड़। इतनी नफ़रत!! ? pic.twitter.com/wFCLqs7wEw
इस मामले में डोईवाला मुकदमे में मामला दर्ज किया गया है। सीसीटीवी के आधार पर इस आरोपित को पहचानने का प्रयास हो रहा है। घटना के कारण यहाँ के हिन्दुओं में काफी आक्रोश है। स्थानीय हिन्दुओं ने इस मामले में रोष जताते हुए जल्द से जल्द आरोपित को पकड़ने की माँग की है।
पुलिस का इस मामले में कहना है कि अभी पहचान स्पष्ट नहीं हुई इसलिए यह बता पाना मुश्किल है कि उसने यह काम किस उद्देश्य से किया है। उसकी धर-पकड़ करने के बाद यह स्थापित किया जा सकता है कि उसका क्या उद्देश्य था। गौरतलब है कि इससे पहले नवम्बर माह में झारखंड में एक मंदिर में मूर्तियों को क्षतिग्रस्त किया गया था। यहाँ पुजारी के साथ मारपीट भी की गई थी। यह घटना झारखंड के बोकारो में हुई थी। यहाँ छरछरिया झरने के पास स्थित इस मंदिर में पहुँचे कुछ लोगों ने रविवार (5 नवंबर, 2023) की सुबह यह मूर्तियाँ तोड़ी थीं।
इन लोगों का विरोध करने पर मंदिर के पुजारी राहुल तिवारी के ऊपर तलवारों से हमला कर दिया गया था, उन्होंने पास के दूसरे मंदिर में घुस कर जान बचाई। इसके अलावा नवम्बर माह में ही मुरादाबाद में ही एक मंदिर को क्षतिग्रस्त किया गया था।
तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की पूर्व सांसद महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता खत्म होने के बाद अब दिल्ली में उन्हें मिला सरकारी आवास भी उनके कब्जे से जाएगा। पैसे और महँगे गिफ्ट लेकर प्रश्न पूछने की आरोपित महुआ की शनिवार (8 दिसम्बर, 2023) को सदस्यता रद्द कर दी गई थी।
अब संसद की आवासन समिति ने आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय को पत्र लिख कर कहा है कि वह महुआ मोइत्रा को उनका आधिकारिक आवास खाली करने का आदेश दें। महुआ को 30 दिनों के भीतर अपना आधिकारिक आवास खाली करना होगा। नियमानुसार, सांसदों की संसद सदस्यता जाने के बाद वह सरकार द्वारा दिए गए आधिकारिक आवास में नहीं रह सकते।
इससे पहले महुआ मोइत्रा संसद से निष्कासन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुँची थीं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपने निष्कासन के खिलाफ याचिका लगाकर कहा था कि आचार समिति उनके निष्कासन की अनुशंसा नहीं कर सकती इसलिए संसद उन्हें निकाल कर गलत किया है। महुआ मोइत्रा दिल्ली में HC माथुर लेन पर उनको आवंटित बँगले में रह रहीं थी। दिल्ली में सांसदों को उनके पद और वरिष्ठता के आधार पर बँगले दिए जाते हैं। कुछ सांसदों को फ्लैट भी दिए जाते हैं। इन बँगलों के मरम्मत का खर्चा आदि भी सरकार उठाती है।
महुआ मोइत्रा पर दुबई में रहने वाले कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से पैसे और महँगे गिफ्ट लेकर कारोबारी गौतम अडानी के विरुद्ध प्रश्न पूछने का आरोप 15 अक्टूबर को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा स्पीकर को एक पत्र लिख कर लगाया था। यह आरोप महुआ मोइत्रा के पूर्व पार्टनर और सुप्रीम कोर्ट में वकील जय अनंत देहाद्राई के हवाले से लगाए गए थे। बाद में दर्शन हीरानंदानी ने स्वयं यह स्वीकार किया था कि उन्होंने महुआ को महँगे तोहफे और पैसे दिए हैं। महुआ पर यह भी आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अपने संसद पोर्टल की लॉगइन आईडी और पासवर्ड दर्शन हीरानंदानी को दिए।
इस बात को महुआ ने खुद भी स्वीकारा था। इस मामले की जाँच के लिए इसे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने संसद की आचार समिति के पास भेज दिया था। आचार समिति ने दोनों पक्षों को सुन कर अपनी रिपोर्ट संसद को 8 दिसम्बर, 2023 को दी थी। दर्शन हीरानंदानी ने ये भी बताया था कि महुआ मोइत्रा ने अपने सरकारी आवास की मरम्मत के लिए भी उनसे पैसे लिए थे।
इस रिपोर्ट में महुआ मोइत्रा पर लगे आरोपों को सही पाया गया था। महुआ के इस कदाचार के चलते समिति ने उन्हें लोकसभा की सदस्यता से बर्खास्त करने की सिफारिश की थी। इसके पश्चात 8 दिसम्बर, 2023 को ही इस रिपोर्ट के आधार पर महुआ की संसद सदस्यता रद्द कर दी गई थी।
6 दिसंबर 2023 को आयकर विभाग ने कॉन्ग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज साहू से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के अलग-अलग जगहों पर एक साथ हुई थी। आखिरकार 6 दिन के बाद यह रेड पूरी हो गई है।
इस छापेमारी के दौरान नोटों का इतना बड़ा जखीरा मिला है कि उसे गिनने में मशीनों के भी सांस फूल गए। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार 350 करोड़ रुपए अधिक नगद मिली है। कुछ रिपोर्टों में करीब 500 करोड़ रुपए मिलने की बात कही गई है। करीब 17 किलो सोने के जेवर और 40 सोने के बिस्कुट भी मिले हैं।
इस बरामदगी के बाद से कॉन्ग्रेस का नेतृत्व धीरज साहू से दूरी दिखाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन साहू परिवार की कॉन्ग्रेस के शीर्ष परिवार से करीबी आज की नहीं है। इनका संबंध जवाहर लाल नेहरू से शुरू हुआ जो इंदिरा, राजीव, सोनिया होते हुए राहुल गाँधी तक जारी है। खास बात यह भी है कि जैसे-जैसे राजनीति में नेहरू-गाँधी परिवार मजबूत होते गया, वैसे-वैसे झारखंड से ओडिशा तक साहू परिवार का व्यवसायिक साम्राज्य भी फैलता गया।
क्या-क्या बरामद हुआ?
इनकम टैक्स विभाग की रेड में धीरज साहू के ठिकानों से 354 करोड़ की नकदी मिली थी, जिसे गिनने का काम एसबीआई की तीन शाखाओं में कई दिनों तक चला। जब बैंक लॉकरों को खोला गया तो अधिकारियों की आँखें खुली की खुली रह गई। लॉकरों से दस्तावेजों के साथ ही सोने के बिस्किट, सोने के जेवरात और हीरे भी बरामद हुए हैं। एक अनुमान के मुताबिक, नकद मिले पैसों के अलावा भी करोड़ों का धन बरामद हुआ है। छापे के दौरान ओडिशा के बलांगीर स्थित ठिकाने से सर्वाधिक बरामदगी की गई। बलांगीर से ही करीब 280 करोड़ रुपए बरामद हुए हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में, धीरज साहू के ठिकानों से 454 करोड़ की बरामदगी की खबर दी गई है।
नेहरू के जमाने से ही कॉन्ग्रेस से रिश्ते
धीरज साहू के पिता का नाम बलदेव साहू था। वो पुराने कॉन्ग्रेसी नेता थे। स्वतंत्रता सेनानी रहे। बिहार के प्रमुख व्यवसायियों में भी उनका नाम रहा। अंग्रेजों ने भी उन्हें ‘राय साहब’ की उपाधि दे रखी थी। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से लेकर उनकी बेटी इंदिरा गाँधी और राजीव गाँधी तक उनके घर पर आ चुके हैं। फिल्मी हस्तियाँ तो अक्सर इस परिवार की पार्टियों और समारोहों का हिस्सा बनती रही हैं।
झारखंड में है साहू परिवार का व्हाइट हाउस
धीरज साहू का परिवार हमेशा से राजनीति में रहा है। वे 5 भाई हैं। इनमें से 4 राजनीति में सक्रिय हैं। उनके बड़े भाई शिव प्रसाद साहू राँची से कॉग्रेस के टिकट पर 1980 और 1984 में सांसद रहे थे। एक भाई गोपाल साहू हजारीबाग से सांसदी का चुनाव लड़ चुके हैं। धीरज साहू भी झारखंड की चतरा सीट से दो बार लोकसभा का चुनाव लड़कर हार चुके हैं. इसके बाद कॉन्ग्रेस उन्हें राज्यसभा भेजने लगी। साहू का यह राज्यसभा में तीसरा कार्यकाल है। पहली बार वे जून 2009 में चुनकर आए। फिर 2010 और उसके बाद 2018 में तीसरी बार संसद के उच्च सदन में पहुँचे। झारखंड के लोहरदगा में साहू परिवार का पैतृक घर है। इसे व्हाइट हाउस ऑफ लोहरदगा कहा जाता है।
शराब का कारोबारी परिवार
कॉन्ग्रेस के राज्यसभा सांसद और शराब कारोबारी धीरज साहू के ठिकानों पर 6 दिसम्बर 2023 से 12 दिसंबर तक छापेमारी चली। छापेमारी झारखंड के लोहरदगा और राँची, बंगाल के कोलकाता और टीटागढ़ और ओडिशा में बोलांगीर तथा संबलपुर में हुई है। इसके अलावा कुछ अन्य स्थानों पर भी टीम पहुँची थी।
उल्लेखनीय है कॉन्ग्रेस सांसद धीरज प्रसाद साहू और उनके रिश्तेदारों का शराब का बड़ा कारोबार है। बलदेव साहू एंड ग्रुप ऑफ कंपनीज मूल रूप देशी शराब बनाने का काम करती है। इस धंधे में कंपनी करीब चार दशक से है। कंपनी का नाम धीरज साहू के पिता बलदेव साहू के नाम पर है। कॉन्ग्रेस सांसद के अलावा उनके परिवार के अन्य सदस्य भी कंपनी में शामिल हैं।
इतनी बड़ी मात्रा में नकद मिलना इसलिए भी चौंकाता है, क्योंकि 2018 के चुनावी हलफनामे में साहू ने अपने ऊपर 2.36 करोड़ रुपए का कर्ज बताया था। कुल संपत्ति 34 करोड़ बताई थी। 2016-17 में जो इनकम टैक्स रिटर्न भरा था, उसमें अपनी आमदनी एक करोड़ रुपए से कुछ ही अधिक बताई थी।
बुलंदशहर के खुर्जा में हत्या की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ नवाब नाम के शादीशुदा शख्स ने आशिकी में लुटने के बाद और कई केस दर्ज होने के बाद ऐसा कदम उठा लिया कि लोग हैरान रह गए। उसने अपनी प्रेमिका की शादी कहीं और होती देख उसके भाई समीर की ही गला रेतकर और चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। नवाब ने खुद एक वीडियो बनाकर बताया है कि उसने समीर को क्यों मारा?
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि बुलंदशहर के खुर्जा में सोमवार (11 दिसंबर, 2023) की दोपहर 23 साल के समीर को चाकुओं से गोद कर मार डाला गया। ये मामला खुर्जा के तरीनान मोहल्ले का है, जहाँ सोमवार को समीर दोपहर के बाद अपने घर जा रहा था। वहीं रास्ते में उसके पुराने परिचित नवाब ने उसे चाकुओं से गोद डाला। नवाब ने समीर का गला काट डाला, तो उसके पेट में ताबड़तोड़ वार किए। इसमें समीर की आँत तक बाहर आ गई।
इन रिपोर्ट्स में बताया गया है कि नवाब ने समीर को 3000 रुपए के लेन-देन के विवाद में मार डाला। समीर की आँत तक बाहर निकली हुई थी। लोगों ने पुलिस को सूचना दी और उसे अस्पताल पहुँचाया गया, तो अस्पताल पहुँचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों ने जब समीर का शव देखा, तो कई लोग बेहोश हो गए। इतनी वीभत्स्ता से समीर को नवाब ने क्यों मारा, ये खुद नवाब ने वीडियो जारी करके बताया है।
प्रेम-प्रसंग के नाम पर पैसों की उगाही का लगाया आरोप
नवाब ने एक वीडियो जारी करके बताया है कि वो हिना नाम की लड़की से प्रेम करता था। हालाँकि, वो 17 साल से शादीशुदा था, लेकिन उसे बच्चा नहीं हो रहा था। उसने हिना से प्रेम की पींगे एक बच्चे की चाहत में बढ़ाई थी। उसके बारे में हिना के परिवार वालों को पता था, और उसे धमकियाँ दी जा रही थी। नवाब ने बताया कि उससे हिना के परिवार वालों ने थोड़े-थोड़े करके लाखों रुपए ऐंठ लिए। नवाब ने कहा कि उसके पैसे गए तो गए, लेकिन अब हिना का निकाह कहीं और किया जा रहा था, तो ये उसे नागवार गुजरा।
नवाब ने वीडियो में बताया है कि हिना के परिजनों ने उसके खिलाफ कई मामले भी दर्ज करा दिए थे। इसके अलावा वो पैसे भी माँग रहे थे। ऐसे में गुस्से में आकर उसने समीर को मार डाला। नवाब ने कहा कि हिना के साथ उसके कई वीडियो हैं, जिन्हें वो सोशल मीडिया पर भी वायरल कर देगा। इसके बाद से नवाब फरार चल रहा है।
बुलंदशहर जिले के खुर्जा इलाके में 23 वर्षीय समीर की गला काटकर हत्या। आरोपी नवाब ने Video बनाकर हत्या कुबूली। नवाब का समीर की बहन से प्रेम प्रसंग था। अब लड़की के घरवाले शादी कहीं और करने की तैयारी में थे और नवाब को ब्लैकमेल भी कर रहे थे। पैसा न देने पर 376 में फंसाने की धमकी दे… pic.twitter.com/IRXR2zigN7
बुलंदशहर पुलिस के ASP (ग्रामीण) ने इस मामले में अपना बयान जारी किया है और बताया है कि समीर नाम के युवक की हत्या कर दी गई है। पुलिस अभी आरोपित की तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि ये हत्या पैसों के लेन-देन में की गई है।
थाना खुर्जा नगर क्षेत्रान्तर्गत पैसे के लेन-देन को लेकर हुए विवाद में एक युवक की मृत्यु की घटना के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण की बाइट #UPPolicepic.twitter.com/84kCWRztYO
ये मामला चाहे पैसों का हो या प्रेम प्रसंग का, डराने वाली बात है नवाब द्वारा जारी किया गया वीडियो। इस वीडियो में वो बेधड़क दिख रहा है। वो खुलेआम आपत्तिजनक बातें कर रहा है। वो कह रहा है कि चाहे कुछ महीने के लिए ही सही, हिना उसे मिल जाती तो उसे संतुष्टि मिल जाती। उसने इस हत्याकांड को अंजाम देने के बाद वीडियो को रिकॉर्ड किया है, जिसमें उसके अंदर कानून का कोई डर नहीं दिख रहा है। ऐसे में देखना ये है कि बुलंदशहर पुलिस उसे कब गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजती है।
राजस्थान में भजनलाल शर्मा को भाजपा ने नया मुख्यमंत्री चुना है। वो राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित सांगानेर से विधायक हैं। वो पहली बार विधानसभा के लिए चुने गए हैं। प्रदेश कार्यालय में हुई बैठक में उन्हें भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया, जहाँ पार्टी आलाकमान की तरफ से पर्यवेक्षण के रूप में आए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे। मूलतः भरतपुर के रहने वाले भजनलाल शर्मा ब्राह्मण समाज से हैं, और लंबे समय से RSS से जुड़े हुए हैं।
भजनलाल शर्मा फ़िलहाल भाजपा में प्रदेश महामंत्री के पद पर थे। बैठक से पहले केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जयपुर में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। फोटो सेशन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को उनके बगल में बैठे हुए देखा गया। 55 वर्षीय भजनलाल शर्मा लगातार 3 प्रदेश अध्यक्षों के कार्यकाल में प्रदेश महामंत्री रह चुके हैं। भरतपुर में वो जिला मोर्चा के अध्यक्ष रहे हैं। इस बार उन्होंने 48,000 वोटों से जीत दर्ज की है।
वहीं दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा को उप-मुख्यमंत्री के रूप में चुना गया है। दीया कुमारी जहाँ आमेर राजघराने से आती हैं, वहीं प्रेमचंद बैरवा राजस्थान में भाजपा का दलित चेहरा हैं। दीया कुमारी राजसमंद से 2019 में भाजपा के टिकट पर सांसद चुनी गई थीं। उन्हें विद्याधर नगर से विधानसभा चुनाव लड़ाया गया था और वो सफल रहीं। वहीं प्रेमचंद बैरवा अजमेर के दूदू से विधायक हैं। उन्होंने यहाँ से 2013 में भी जीत दर्ज की थी।
दीया कुमारी भी 2013 में सवाई माधोपुर से विधानसभा चुनाव लड़ी थीं और उन्होंने जीत भी दर्ज की थी। राजनाथ सिंह के अलावा विनोद तावड़े और सरोज पांडेय को पर्यवेक्षक के रूप में जयपुर भेजा गया था। वहीं मुख्यमंत्री बनाए गए भजनलाल शर्मा की बात करें तो वो ABVP से जुड़े रहे हैं। इस बार मौजूदा विधायक अशोक लोहाटी का टिकट काट कर लड़ाया गया था। अजमेर नॉर्थ से विधायक वासुदेव देवनानी को विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया है। वो यहाँ से लगातार चौथी बार विधायक चुने गए हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला को तलाक देने से दिल्ली हाई कोर्ट ने भी इनकार कर दिया है। हाई कोर्ट ने कहा है कि उन्होंने पत्नी पायल पर क्रूरता के आरोप लगाए थे। लेकिन अदालत में वे न तो शारीरिक और न ही मानसिक क्रूरता साबित कर पाए।
जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विकास महाजन की बेंच ने 7 दिसंबर 2023 को उमर अब्दुल्ला की याचिका खारिज की। उन्होंने 30 अगस्त 2016 को फैमिली कोर्ट के दिए आदेश को चुनौती दी थी। लेकिन हाई कोर्ट ने कहा कि उसे पारिवारिक अदालत के आदेश में कोई खामी नहीं मिली है। वह फैमिली कोर्ट के इस निष्कर्ष से सहमत है कि उमर अब्दुल्ला ने पायल के खिलाफ जो क्रूरता के आरोप लगाए थे, वह अस्पष्ट हैं।
हाई कोर्ट की बेंच ने कहा “हमें पारिवारिक अदालत के इस निष्कर्ष में कोई खामी नहीं मिली कि क्रूरता के आरोप अस्पष्ट और अमान्य थे। अपीलकर्ता किसी भी बात को साबित करने में नाकाम रहे जिसे शारीरिक या मानसिक क्रूरता कहा जा सकता है। नतीजतन हमें अपील में कोई खूबी नहीं मिली। ये देखते हुए इसे खारिज किया जाता है।”
इससे पहले पारिवारिक अदालत ने भी कहा था कि उमर अब्दुल्ला शादी के पूरी तरह से टूटने को साबित करने में नाकाम रहे हैं। इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया। दावा किया कि उनकी शादी पूरी तरह से टूट गई है।
इसी साल अगस्त में हाई कोर्ट ने उमर अब्दुल्ला को पायल को गुजारा भत्ता बढ़ाकर देने का आदेश दिया था। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता को आदेश दिया था कि वह पायल को भरण-पोषण के तौर पर हर महीने 1.5 लाख रुपए और उनके दोनों बेटों को लॉ स्कूल में दाखिला लेने के दौरान 60,000 रुपए का हर महीने का भुगतान करें।
गौरतलब है कि उमर और पायल अब्दुल्ला ने सितंबर 1994 में शादी की थी। लेकिन लंबे वक्त से दोनों अलग रह रहे हैं। दोनों के दो बच्चे हैं। हाल ही में उमर अब्दुल्ला की बहन सारा अब्दुल्ला का भी उनके शौहर कॉन्ग्रेसी नेता सचिन पायलट से तलाक हुआ है। राजस्थान विधानसभा चुनावों के लिए पायलट ने टोंक से कॉन्ग्रेस उम्मीदवार के तौर पर 31 अक्टूबर 2023 को अपना पर्चा दाखिल करते हुए बीवी वाले कॉलम में तलाकशुदा लिखा था।
रणबीर कपूर अभिनीत ‘एनिमल’ बीते शुक्रवार (1 दिसंबर 2023) को रिलीज हुई। हालाँकि, इस फिल्म की रिलीज से पहले ही इसके ट्रेलर ने काफी चर्चा बटोरी थी। अगर अनुमानित आँकड़ों के हिसाब से देखा जाए तो ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर एक हफ्ते के अंदर ही दुनिया भर में 737 करोड़ रुपए की कमाई कर चुकी है, वहीं इसने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर इसने 338 करोड़ रुपए की नेट कमाई कर ली है।
फिल्म का बजट 100 करोड़ रुपए का था। फिलहाल बॉक्स ऑफिस पर रणबीर कपूर का जलवा है, लेकिन इस सबके बीच एक सवाल उठता है कि संदीप रेड्डी वंगा के निर्देशन में बनी फिल्म ‘एनिमल’ में हिंसक और उत्तेजक दृश्यों की भरमार होने के बाद भी और इसकी अच्छी-खासी आलोचना होने के बावजूद भी इसके बॉक्स ऑफिस कलेक्शंस में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है।
बहुत हद तक किसी भी फिल्म की कमाई उसकी कामयाबी का पैमाना होती है। उस हिसाब से देखा जाए तो रणवीर कपूर, अनिल कपूर, बॉबी देओल, रश्मिका मंदाना, तृप्ति डिमरी के अभिनय से सजी ये फिल्म पूरी तरह से सफल कही जा सकती है। लेकिन जरूरी नहीं कि जो फिल्म हिट हो वो समाज के लिए मिसाल भी कायम करें। क्योंकि समाज का आईना कहा जाने वाला सिनेमा इस फिल्म के जरिए समाज को सही आईना नहीं दिखा पाया है। एक औरत, एक माँ, एक बहन और एक बाप-दादा के नजरिए से देखा जाए तो ये फिल्म पूरी तरह से नाकाम है।
शायद कोई भी परिवार ये स्वीकार नहीं कर पाएगा कि बाप के प्यार को तरसता उनके घर का बच्चा हिंसक या गैंगस्टर बने। थिएटर में फिल्म देखने जाने वाले कितने फीसदी लोग हैं जो इस बात को जायज ठहराएँगे कि बाप से प्यार करने वाला और उनके प्यार को तरसता बच्चा रणवीर सरीखा ‘एनिमल’ बनके बड़ा हो। शायद कोई इस बात को स्वीकार नहीं कर पाएगा।
बाप-बेटे के गहरे रिश्तों के इर्द-गिर्द बुनी गई ‘एनिमल’ फिल्म देखने के लिए थिएटर में घुसने से पहले भी आपके दिमाग में शायद यही रिश्ता चल रहा होता है। एक आम दर्शक की तरह जब साढ़े तीन घंटे की इस फिल्म का लुब्ब-ए-लुबाब समझ आता है, तब-तक आज की युवा पीढ़ी जो हर फिल्म को अपनी निजी जिंदगी से करीबी से जोड़ने की आदी हो, कुछ अपवादों को छोड़ दिया जाए तो फिर उनके दिलोदिमाग में दुनिया को तहस-नहस करने गैंगस्टर बन कर फतह हासिल करने की सोच के चरम तक पहुँचने से क्या इनकार किया जा सकता है।
फिल्म के मुख्य किरदार ‘रणविजय सिंह’ यानी रणबीर कपूर को ‘अल्फ़ा मेल’ बताया जा रहा है। ऐसा ‘अल्फा मेल’ जो पूरे वक्त अपने पिता यानी अनिल कपूर पर अपना असर छोड़ना चाहता है। इस सिलसिले में वो इस कदर अपनी ‘मर्दानगी’ दिखाने पर उतारू हो जाता है कि इश्क को साबित करने के लिए अपने से प्यार करने वाली महिला ‘जोया रियाज’ यानी तृप्ति डिमरी को अपने जूते चाटने को कहता है। पूरी फिल्म में रणवीर का ‘अल्फा मेल’ किरदार महिलाओं पर अपनी ‘मर्दानगी’ साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ता।
मेरे ख्याल से अल्फा मेल तो शायद ऐसा नहीं होता। वो तो प्लेबॉय बनने या महिलाओं के साथ फ़्लर्ट करने की सोचता तक नहीं। एक ‘अल्फ़ा मेल’ एक मजबूत शख्स होता है जो आजादी के साथ नेतृत्व करने में यकीन करता है। उसे बगैर शक-शुबहा खुद इस बात का साफ अंदाज़ा होता कि वह अपने जिंदगी से क्या चाहता है।
वो ‘एनिमल’ के रणबीर कपूर की तरह भटका और विध्वंसक प्रवृत्ति का तो नहीं ही होता है। उलटा फिल्म का किरदार बहन, परिवार की हिफाजत के नाम पर समाज के लिए सिरदर्दी बनने वाला तो कतई नहीं होता, क्योंकि ‘अल्फा मेल’ की तो मिसालें दी जाती हैं। ‘एनिमल’ में रणबीर कपूर के किरदार की तरह उसके सही रास्ते पर आने की दुआ नहीं माँगी जाती है और न ही पिता के प्यार को तरसता कोई बच्चा ‘अल्फा मेल’ की शक्ल में हैवानों सी हरकतें करने वाला जानवर बनता। पिता से प्रेम करने वाला बच्चा तो कतई इस कदर हिंसा को अंजाम देने वाला नहीं बन सकता है।
एक ऐसा ‘अल्फा मेल’ जो बहन की हिफाजत के लिए टीनएज में ही उसके कॉलेज में जाकर बंदूक तान दें और अपनी बीवी जो खुद उसकी बहन की तरह ही एक महिला है, उसके बचपन का प्यार है – उसे लेकर वो इतना संवेदनहीन हो जाए कि उसे गुस्से में ये तक कह डाले, “तुम एक महीने में चार पैड बदलती हो और उस पर नाटक करती हो, यहाँ मैं एक दिन में 50 पैड बदल रहा हूँ।”
यही नहीं, क्या आप पिता के प्यार को तरसते बच्चे का अपनी पत्नी के लिए इस तरह के रवैये को बर्दाश्त कर पाएँगे जो जन्म देने की प्रक्रिया या पूरे महिला समाज का ही मखौल उड़ाता दिखे। एक सीन में ‘रणविजय सिंह’ अपनी पत्नी ‘गीतांजलि’ यानी रश्मिका मंदाना से कहता है, “तुम्हारा पेडू बड़ा है, तुम सेहतमंद बच्चों को जन्म दोगी।”
इस फिल्म में ऐसा दिखाया गया है जैसे की पिता के प्यार को तरस कर बड़े हुए एक युवक को अपनी इस कमी को पूरा करने के लिए किसी के साथ भी हिंसा या वहशीपन करने का लाइसेंस मिल गया हो फिर भले ही वो उसकी पत्नी ही क्यों न हो। ‘एनिमल’ फिल्म का एक सीन इसी की बानगी है जिसमें रणबीर कपूर पत्नी रश्मिका को खुलेआम शारीरिक शोषण की धमकी ही नहीं देते बल्कि इसे सही ठहराते हुए कहते हैं, “मैं तुम्हें बहुत जोर से थप्पड़ मारूँगा। पहला चुंबन हुआ, पहला सेक्स हुआ, पहला थप्पड़ नहीं हुआ ना।”
इस फिल्म को वो सीन जिसमें रणवीर अपने पिता का किरदार निभा रहे अनिल कपूर से कहते हैं,”पापा लेट्स प्ले एक गेम, याद है आपको जब में 5th ग्रैड में था और बाम्बे में माइकल जैक्शन कंसर्ट हो रहा था जिनका मैं फैन था, मेरे सारे दोस्त गए थे, लेकिन मैं नहीं गया क्योंकि आपके बर्थडे था।” इस सीन में एक बेटा अपने बाप को याद दिला रहा है कि आपने मेरे साथ जैसा व्यवहार किया था अब उसे खुद पर भुगत कर देखो।
इस सीन के आधार पर अगर हर बच्चा अपने पैरेंट्स से कभी बचपन में गाहे-बगाहे, नजरअंदाज किए जाने, डाँटने, मारने का हिसाब बड़े होकर लेने लगे तो फिर शायद वो तो बच्चे पैदा करने से पहले 10 बार सोचे। शायद कोई भी पिता नहीं चाहेगा कि उसका बेटा रणबीर कपूर सा ‘एनिमल’ बने और हरिवंश राय बच्चन की इस कविता की तरह सवाल करें:
ज़िन्दगी और ज़माने की कशमकश से घबराकर मेरे बेटे मुझसे पूछते हैं कि हमें पैदा क्यों किया था? और मेरे पास इसके सिवाय कोई जवाब नहीं है कि मेरे बाप ने मुझसे बिना पूछे मुझे क्यों पैदा किया था?
और मेरे बाप को उनके बाप ने बिना पूछे उन्हें और उनके बाबा को बिना पूछे उनके बाप ने उन्हें क्यों पैदा किया था?
ज़िन्दगी और ज़माने की कशमकश पहले भी थी, आज भी है शायद ज्यादा… कल भी होगी, शायद और ज्यादा…
तुम ही नई लीक रखना, अपने बेटों से पूछकर उन्हें पैदा करना।
बिग बॉस OTT के दूसरे सीजन में नजर आ चुकीं टीवी अभिनेत्री मनीषा रानी का एक वीडियो ऑन रह गया। अब मनीषा रानी के फैन्स इस पर कह रहे हैं कि वह पैसा बना रही है तो आखिर गलत क्या है? मनीषा का यह वीडियो इंस्टाग्राम से वायरल हो रहा है।
मनीषा रानी के इन्स्टाग्राम पर 1 करोड़ से अधिक फॉलोवर्स हैं। इसी इन्स्टाग्राम पर मनीषा एक लाइव कर रही थीं। इस लाइव के जरिए वह अपने फैन्स के जवाब दे रहीं थीं। फैन्स से बातचीत के बाद उन्होंने एक फ़्लाइंग किस देकर लाइव को खत्म किया और लाइव खत्म करने का बटन फ़ोन पर दबा दिया।
इसके बाद वह फोन से दूसरी तरफ देखने लगीं और बात करने लगी। हालाँकि, लाइव गलती से चालू रह गया। इस दौरान मनीषा पास में खड़े किसी लड़के से बात करने लगती हैं। इस बातचीत में वह अपनी कमाई को लेकर बातचीत करती हैं।
इसमें वह कहती हैं, “ए विशाल! जो एंड किए हैं लाइव उसको शेयर भी कर दे क्या, नहीं ना! उसको तो मेरा फैन्स लोग कर देगा। लेकिन पता है कि यही वाला लाइव जस्टिन यूट्यूब पर डाला था तो उसमें बहुत पैसा आया था।”
इसके बाद वीडियो में पीछे से किसी लड़के के बोलने की आवाज आती है, वो कहता है कि वो अभिषेक आया था उसका वीडियो एड करने को, इसके बाद वह किसी से पूछता है कि लाइव को शेयर करना है क्या करना है। मनीषा की यह क्लिप अब सोशल मीडिया पर वायरल है। यहाँ मनीषा रानी और एक अन्य बिग बॉस कंटेस्टेंट अभिषेक मल्हान के फैन्स आपस में लड़ रहे हैं।
???
DIDI END KARNA BHUL GAYI CHALO FANS LOG KARDO FAMOUS DIDI KO
दरअसल, अभिषेक मल्हान के फैन्स का कहना है कि मनीषा उसे पैसे के लिए इस्तेमाल कर रही है। फैन्स का कहना है कि अभिषेक के वीडियो क्लिप को यूट्यूब पर डाल कर मनीषा पैसा कमानी चाहती हैं। इससे अभिषेक और मनीषा के बीच केमिस्ट्री वायरल होगी। इससे और व्यूज आएँगे।
हालाँकि, मनीषा के समर्थकों का कहना है कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है क्योंकि कंटेंट से सभी पैसा कमाते हैं। अगर मनीषा भी पैसा कमा रही हैं तो इससे किसी को भी कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।
Manisha Rani talked about earning money in her instagram live and I guess it’s nothing wrong as she is earning from social media.
She is just talking about earning money and we social media creators sometime talks too freely and don’t even realise audience takes it to another…
उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत के खिलाफ महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में केस दर्ज किया गया है। पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में 11 दिसंबर 2023 को छपे एक लेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप उन पर है। बीजेपी के एक स्थानीय नेता ने एफआईआर दर्ज कराते हुए इस लेख को अपमानजनक बताया है।
यवतमाल जिले के बीजेपी संयोजक नितिन भुटाड़ा ने शिकायत में कहा है, “संजय राउत ने अपने लेख में पीएम मोदी पर आरोप लगाया था कि वे एक ‘तानाशाह’ हैं और वे देश को ‘सांप्रदायिकता और हिंसा की ओर’ ले जा रहे हैं। उन्होंने मोदी को ‘भारत का सबसे खतरनाक प्रधानमंत्री’ भी कहा है।” इस लेख के प्रकाशन के बाद कई लोगों ने राउत के खिलाफ कार्रवाई की माँग की थी। इसी के बाद नितिन भुटाड़ा ने थाने में प्रार्थना पत्र दिया और ‘सामना’ के कार्यकारी संपादक राउत के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए राउत के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 124 (ए), धारा 505(2) (सार्वजनिक शरारत फैलाने के इरादे से जानबूझकर अपमानजनक या धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल करना) और धारा 153 (ए) (धर्म, जाति, जन्म स्थान, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य को बढ़ावा देना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
संजय राउत ने इस प्राथमिकी को राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा है कि वह प्रधानमंत्री के खिलाफ अपने बयान पर कायम हैं। बता दें कि सामना शिवसेना (उद्धव ठाकरे ग्रुप) का मुखपत्र है और उसमें विरोधी नेताओं के प्रति अक्सर विद्वेष भरी बातें फैलाई जाती हैं। ये पहली बार नहीं है जब सामना के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जहर उगला गया हो।
गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में शानदार जीत हासिल की है। इससे विपक्षी खेमे में आम चुनावों से पहले बेचैनी बढ़ गई है। विपक्ष अनर्गल प्रलाप में लग गया है। ‘सामना’ में 11 सितंबर को ‘पाखंड ही पाखंड’ शीर्षक से छपे लेख में भी वह प्रलाप दिखता है।