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सोनभद्र में धर्मांतरण गैंग जनजातीय लोगों को पढ़ा रहा था ईसाइयत का पाठ, चंगाई सभा में बुलाकर देते थे तरह-तरह के लालच: 42 पर केस, 9 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में भोलेभाले गरीब व जनजातीय लोगों को पैसे का लालच देकर धर्मांतरण कराने वाली गैंग का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस ने इस मामले में 42 लोगों पर केस किया था। अब खबर है कि इनमें से 9 आरोपित पकड़ लिए गए हैं। इनकी गिरफ्तारी गुरुवार (30 नवंबर 2023) को हुई और पुलिस ने इस बारे में अगले दिन यानी शुक्रवार को सूचित किया।

आरोप है कि ये सारे लोग गरीबों को चंगाई सभा का आयोजन कर अलग-अलग तरह के लालच देकर उन्हें ईसाई धर्म में परिवर्तित करने की कोशिश कर रहे थे। उनकी आर्थिक स्थिति का फायदा उठाकर अपने धर्म का प्रचार-प्रसार कर रहे थे।

छापे में पुलिस को इनके पास से कई ईसाई धर्म वाली पुस्तकें, प्रोपगेंडा फैलाने वाली सामग्री और लैपटॉप मिले है। बरामद सामग्री में ’10 बाइबिल पुस्तक, 13 पवित्र शास्त्र, तीन जागो भारत हिन्दुस्तान पुस्तक, तीन ग्लोबल डे आफ प्रेयर टीम पुस्तक, तीन परमेश्वर और परिवार पुस्तक, एक अदद सबसे महान रहस्य पुस्तक, एक प्रभु का आनन्द पुस्तक, एक प्रभु इशा मशीह पुस्तक’ जैसी पुस्तकें थीं।

केस पर बात करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह ने बताया कि जिले के चोपन थाना क्षेत्र के मलहिया टोला निवासी नरसिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोग आदिवासी लोगों और गरीबों को फर्जी तरीके से ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रलोभन दे रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, ये शिकायत अभी हाल में दी गई, लेकिन कुछ का कहना है कि 2021 में दर्ज शिकायत मामले में कार्रवाई हुई है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शिकायत के आधार पर उन्होंने उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम के तहत 42 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इनमें 9 पकड़े गए। गिरफ्तार आरोपितों में एक का नाम जयप्रभु है, वह तमिलनाडु का रहने वाला है। इसी तरह अजय कुमार यूपी रॉबर्ट्सगंज का है, चेका इमैनुअल आँध्र प्रदेश के विजयवाड़ा का है। इनके अलावा राजेंद्र कौल, छोटू रंजन, परमानंद सोहन, प्रेम नाथ प्रजापति और राम प्रताप हैं

नीदरलैंड की लड़की को पसंद आ गया यूपी का छोरा, गाँव आकर हिंदू रीति-रिवाज से की शादी: विदेश में हनीमून

उत्तर प्रदेश के फ़तेहपुर जिले के रहने वाले हार्दिक वर्मा ने नीदरलैंड की रहने वाली अपनी प्रेमिका गैब्रिएला डूडा से शादी की है। दोनों ने बुधवार (29 नवंबर 2023) को हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार सात फेरे लिए और अन्य वैवाहिक संस्कार पूरे किए।

हार्दिक फतेहपुर के दतौली गाँव के रहने वाले हैं। लगभग 7 साल पहले नौकरी के लिए वे नीदरलैंड चले गए थे। हार्दिक को वहाँ एक फार्मास्युटिकल कंपनी में सुपरवाइजर की नौकरी मिली। काम करने के दौरान ही उनकी मुलाकात कंपनी में ही काम करने वाली अपनी सहकर्मी गैब्रिएला से हुई।

काम करने के दौरान दोनों में बातचीत होने लगी और फिर दोनों करीब आ गए। एक हार्दिक ने गैब्रिएला से अपने प्यार का इजहार कर दिया। गैब्रिएला ने भी हार्दिक के प्यार को स्वीकार कर लिया। इसके बाद दोनों रिलेशनशिप में आ गए।

लगभग तीन साल तक दोनों साथ रहे। इसके बाद दोनों ने शादी करने का फैसला किया। इसके बारे में हार्दिक ने अपने माता-पिता से बात की। फोन पर बातचीत के बाद हार्दिक के माता-पिता ने इस विवाह के लिए अनुमति दे दी।

माता-पिता की अनुमति मिलने के बाद हार्दिक पिछले हफ्ते गैब्रिएला को लेकर अपने गाँव लौट आए। वहाँ पर उनके परिवार ने दोनों का जोरदार स्वागत किया। इसके बाद शादी का मुहूर्त तय करके दोनों की हिंदू रीति-रिवाज से शादी करा दी। शादी में परिवार, रिश्तेदार और गाँव के लोग शामिल हुए।

हार्दिक का परिवार गुजरात के गाँधीनगर में रहता है। हार्दिक ने बताया कि 11 दिसंबर 2023 को गाँधीनगर में एक रिसेप्शन रखी गई है, जिसमें गैब्रिएला के पिता मार्सिन डूडा, उनकी माँ बारबरा डूडा और परिवार के अन्य सदस्य शामिल होंगे। इसके बाद 25 दिसंबर को नीदरलैंड लौटेंगे और वहाँ चर्च में ईसाई रीति-रिवाज के अनुसार विवाह समारोह भी करेंगे।

बता दें कि कुछ दिन पहले ही यूपी के हमीरपुर के भिलावा के रहने वाले सचिन शर्मा से अमेरिका की रहने वाली ओलिविया ने हिंदू रीति-रिवाज से शादी की थी। सचिन की भी ओलिविया से मुलाकात अमेरिका में जॉब करने के दौरान ही हुई थी।

सचिन ने इस बारे में अपने परिवार से बात की थी और परिवार की सहमति मिलने के बाद 23 नवंबर 2023 को दोनों ने यूपी में आकर हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली थी। शादी के लिए ओलिविया अपनी माँ के साथ भारत आई थी।

इसी तरह पिछले साल दिसंबर में नीदरलैंड की रहने वाली मायरा ने बिहार के आदि से शादी कर ली थी। दोनों की पहली मुलाकात तब हुई थी, जब आदि उच्च शिक्षा के लिए साल 2015 में ऑस्ट्रेलिया गए थे। इसके बाद दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे और फिर शादी कर ली।

जहाँ किसी प्रधानमंत्री-राष्ट्रपति को जगह नहीं, वहाँ पहुँचे PM मोदी: COP28 की मंच पर अकेले राष्ट्राध्यक्ष, मेलोनी ने ली ‘मोस्ट लव्ड’ PM संग सेल्फी

संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP 28) में भाग लेने दुबई गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया भर से आए कुछ प्रमुख राष्ट्राध्यक्षों से मुलाकात की। पीएम मोदी ने शुक्रवार (1 दिसंबर 2023) को मालदीव के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के साथ एक बैठक की। इसके अलावा, उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी से भी मुलाकात। मेलोनी ने सोशल मीडिया पर पीएम मोदी के साथ ली गई एक सेल्फी भी पोस्ट की है।

पीएम मोदी के साथ ली गई सेल्फी को इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए जियोर्जिया मेलोनी ने कैप्शन में लिखा: “COP28 में अच्छे दोस्त।” वहीं, पीएम मोदी ने भी मेलोनी के साथ मुलाकात की एक तस्वीर X पर पोस्ट की। इसके साथ अपने पोस्ट में लिखा, “स्थायी और समृद्ध भविष्य के लिए भारत और इटली के बीच सहयोगात्मक प्रयासों की आशा है।”

जलवायु शिखर सम्मेलन में बैठक के दौरान उन्होंने भारत की जी20 अध्यक्षता के लिए इटली के समर्थन और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे में इटली के शामिल होने की सराहना की। इसके साथ ही दोनों नेताओं ने भारत और इटली के बीच राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने का भी जश्न मनाया। साथ ही साथ भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी में प्रगति का जायजा लिया और रक्षा के साथ-साथ नई और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमति व्यक्त की।

इससे पहले पीएम मोदी ने मेलोनी से नई दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन के मौके पर एक द्विपक्षीय बैठक में मुलाकात की थी। भारत में जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात में इटली की पीएम मेलोनी ने पीएम मोदी को दुनिया का ‘मोस्ट लव्ड’ (सबसे चहेता) नेता बताया था। उस दौरान मेलोनी और प्रधानमंत्री मोदी की कई तस्वीरें भी वायरल हुई थीं। जियोर्जिया मेलोनी इसलिए भी चर्चा में हैं क्योंकि वह इटली की पहली दक्षिणपंथी प्रधानमंत्री हैं। लोग मेलोनी के खूबसूरत अंदाज, ड्रेसिंग सेन्स और सुंदरता के भी कायल हैं।

मेलोनी ने इसी साल अक्टूबर में अपने बॉयफ्रेंड एंड्रिया जियाम्ब्रुनो के साथ रिश्ते को खत्म करने की घोषणा की थी। उनके बॉयफ्रेंड जियाम्ब्रुनो पत्रकार हैं और महिला विरोधी टिप्पणी की वजह से पिछले कुछ समय से चर्चा में हैं। वे इटली के पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी के परिवार द्वारा चलाए जा रहे एमएफई मीडिया समूह के लिए काम करते हैं।

कुछ समय पहले जियाम्ब्रुनो एक महिला सहकर्मी से ‘तुम मुझे पहले क्यों नहीं मिली’ कहते सुने गए थे। यही नहीं, उन्होंने अपनी एक महिला सहकर्मियों को ‘ग्रुप सेक्स’ के लिए भी कहा था। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर वो लोग ‘ग्रुप सेक्स’ में शामिल होती हैं, तभी उनके साथ काम कर सकती हैं। ये स्पष्ट तौर पर कार्यस्थल पर यौन शोषण का मामला है।

मालदीव के राष्ट्रपति से मुलाकात

पीएम मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की मुलाकात के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग और मित्रता को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई। दोनों देश साझेदारी को और प्रगाढ़ करने के लिए एक कोर समूह गठित करने पर सहमत भी हुए हैं। मुइज्जू को चीन समर्थक माना जाता है। मुइज्जू ने राष्ट्रपति बनते ही मालदीव में मौजूद भारतीय सैनिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया है।

मुलाकात की तस्वीरों को X पर शेयर करते हुए पीएम मोदी ने लिखा, “राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू और मेरी आज एक सार्थक बैठक हुई। हमने विभिन्न क्षेत्रों में भारत-मालदीव मित्रता को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। हम अपने लोगों के लाभ के लिए सहयोग को गहरा करने के लिए मिलकर काम करने को तत्पर हैं।”

इस दौरान पीएम मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, किंग चार्ल्स, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैंक्रो सहित जापान, तुर्की आदि कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से भी मुलाकात की। इस सम्मेलन में पीएम मोदी अकेले ऐसे राष्ट्राध्यक्ष थे, जिन्हें मंच पर बैठाया गया था। उनके साथ मंच पर CO के अध्यक्ष सुल्तान अल जाबर, यूएन के अधिकारी सीमॉन स्टेल और डेनिस फ्रांसिस थे।

एक निर्दोष हिंदू छात्र और कश्मीर की पूरी आबादी: जिस मोसाब हसन की वीडियो के कारण NIT श्रीनगर में बवाल, उसने कहा- तंग आ गया हूँ मुस्लिमों की धमकी से

श्रीनगर के NIT में पढ़ने वाले हिंदू छात्र प्रथमेश शिंदे द्वारा एक वीडियो स्टेटस पर लगाने के बाद जिस तरह कट्टरपंथी उन पर हमलावर हुए हैं, उसे देख मोसाब हसन युसूफ का बयान आया है। मोसाब वहीं शख्स हैं जो उस वीडियो में थे जो प्रथमेश ने लगाई। इसके अलावा हमास नेता का बेटा होने के नाते भी उनकी पहचान होती है।

हमास नेता के बेटे मोसाब हसन ने प्रथमेश को टारगेट करने वाले कट्टरपंथियों को लेकर लिखा- “कश्मीर के इस्लामी कट्टरपंथी हिंदू छात्र को मारने के लिए धमकी दे रहे हैं जिसने मेरे एक बयान को अपने सोशल मीडिया पर लगा दिया था। क्या ये कट्टरपंथी भूल चुके हैं कि ये हिंदू बहुल देश में अल्पसंख्यक हैं। मेरे पीछे लग जाओ, लेकिन हिंदू छात्र को छोड़ दो”

उन्होंने आगे लिखा, “मैं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के ख़िलाफ़ मुस्लिमों की धमकी से तंग आ गया हूँ। एक निर्दोष हिंदू छात्र और कश्मीर की पूरी आबादी।”

बता दें कि कश्मीर में हिंदू छात्र के खिलाफ ईशनिंदा मामले में केस हुआ है। निग्नीन पुलिस थाने में उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 295ए, 153ए, 153 लगाकर केस दर्ज किया गया है। इस मामले पर राजनीति भी हो रही है और पूर्व मेयर शेख इमरान ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। NIT की अनुशासनात्मक समिति ने उक्त हिंदू छात्र को कॉलेज से 1 साल के लिए निकाल दिया है।

इन एक्शन के बावजूद कट्टरपंथी शांत नहीं हैं। हिंदू छात्र को मारने की धमकियाँ आ रही हैं। उससे पहले ये कट्टरपंथी ‘अल्लाहू अकबर, सर तन से जुदा, लब्बैक या रसूल अल्लाह’ के नारे लगाते हुए घूम रहे थे।

लड़के की गलती बस इतनी थी कि उसने मोसाब हसन के कॉन्फ्रेंस की क्लिप को अपने सोशल मीडिया पर डाल दिया। स्टोरी के साथ उसने कुछ लिखा नहीं लेकिन फिर भी कट्टरपंथी बिदक ही गए। इसके अतिरिक्त उसपर ये भी इल्जाम लगाए जा रहे हैं कि उसका संबंध मुस्लिम लड़की से था। स्थानीय मुस्लिमों ये कहकर आग में घी डाल रहे हैं कि प्रथमेश मुस्लिम लड़की को भगवा ट्रैप में फँसाना चाहता था।

गौरतलब है कि मोसाब की विवादित वीडियो क्लिप साल 2012 की है। लॉस एजेंल्स में उन्होंने एक कार्यक्रम में अपनी बात रखते हुए पैगंबर पर कुछ टिप्पणी की थी। इसके अलावा उन्होंने शरीया लॉ की भी आलोचना की थी।

फिक्स थी शरद पवार के इस्तीफे पर नौटंकी, अजित का खुलासा- सरकार में शामिल होने को कहा था, सुप्रिया को भी सब पता था

शरद पवार की पार्टी NCP में बगावत करके भाजपा की अगुवाई वाली NDA में शामिल होकर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री बनने वाले अजित पवार ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि शरद पवार खुद ही NCP के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना चाहते थे और उन्हें सत्ता के साथ जाने के लिए कहा था। अजित पवार ने कहा कि सुप्रिया सुले को सब पता था।

अजित ने शुक्रवार (1 दिसंबर 2023) को रायगढ़ में आयोजित NCP के अधिवेशन में उन्होंने कहा कि शरद पवार ने खुद लगातार अपनी भूमिका बदली। अजित पवार ने कहा कि शरद पवार ने मई में पार्टी प्रमुख पद से इस्तीफे की घोषणा की थी। उस समय कुछ नेताओं को उनके फैसले को रद्द करने की माँग करते हुए विरोध प्रदर्शन के लिए कहा गया था।

अजित पवार ने यह भी बताया कि प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, सुनील तटकरे, जयंत पाटिल, अनिल देशमुख जैसे 10-12 लोग देवगिरी में बैठे थे। उन्होंने कहा, “हम सोच रहे थे कि आगे क्या करें, फिर हमने सुप्रिया को बुलाया। क्योंकि, हमें लग रहा था कि अगर सीधा शरद पवार को बताया तो वह क्या सोचेंगे। इसलिए पहले सुप्रिया को सब कुछ बताया।”

अजित पवार के अनुसार, तब सुप्रिया ने 8-10 दिन का वक्त माँगा था और कहा था कि ये उन पर छोड़ दीजिए कि करना क्या है। सुप्रिया ने कहा था कि वह शरद पवार को मना लेंगी। इसके बाद अजित समेत बाकी नेताओं ने 8 दिन इंतजार किया। फिर साथ बैठकर फैसला किया कि हमें ही साहब (शरद पवार) से बात करनी चाहिए।”

अजित पवार ने आगे बताया कि इसके बाद वे सीधा शरद पवार के पास गए और अपना फैसला सुना दिया। इसके बाद शरद ने कहा था कि ‘ठीक है, देखते हैं क्या करना है।’ अजित पवार ने कहा कि इसके बाद 1 मई को ध्वज सलामी इवेंट के दौरान शरद पवार ने उन्हें फोन किया और सरकार में शामिल होने के लिए कहा था और बताया था कि वे NCP अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रहे हैं।

अजित पवार ने कहा कि शरद पवार इस्तीफा देंगे यह बात किसी को नहीं पता थी। ये बात घर के सिर्फ चार लोग ही जानते थे। उनके इस्तीफा देने के बाद 15 सदस्यों की एक कमेटी बनाई गई और कमेटी ने अध्यक्ष चुनने को कहा था। इसके बाद 2 मई को शरद पवार ने जब इस्तीफा दे दिया तो हर कोई हैरान रह गया।

अजित पवार ने आगे कहा, “बाद में परांजपे मेरे पास आए और मैंने उनसे पूछा कि आप यह नौटंकी क्यों कर रहे हैं। मेरा मानना था कि इसकी जरूरत नहीं थी। मैंने उनसे (शरद पवार) इस्तीफा नहीं मांगा था।”

अजित पवार ने NCP के तत्कालीन अध्यक्ष को लेकर बताया कि इस्तीफा देने के बाद शरद पवार घर चले गए। इस्तीफा देने के बाद वह आनंद परांजपे और जीतेंद्र आव्हाड को बुलाया और उन्हें इस्तीफा वापस लेने के लिए यशवंतराव सेंटर के सामने प्रदर्शन करने कहा। इसके बाद उनके इस्तीफे को लेकर पार्टी में खूब बवाल हुआ था।

‘हम गंभीरता से ले रहे, भारत सरकार की जाँच का स्वागत’: खालिस्तानी पन्नू की हत्या वाले ‘खुलासे’ पर बोले अमेरिका के विदेश मंत्री- नतीजे का इंतजार

भारत के खिलाफ हर वक्त जहर उगलने को तैयार खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कथित साज़िश के मामले पर अब अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने गुरुवार (30 नवंबर, 2023) को बयान जारी किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन ने इजरायल की राजधानी तेल अवीव से दिए इस बयान में कहा कि ये कानूनी मसला है और वो इस पर में खुलकर सब नहीं बता सकते, लेकिन वो इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हैं।

ब्लिंकन ने कहा, “मैं कह सकता हूँ कि यह कुछ ऐसा है जिसे हम बहुत गंभीरता से लेते हैं। हममें से कई लोगों ने बीते हफ्तों में इस मसले को सीधे भारत सरकार के सामने उठाया है। भारत सरकार ने आज ऐलान किया की कि वो एक जाँच कर रही है, और यह अच्छा और सही है। हम नतीजे का इंतजार कर रहे हैं।”

हालाँकि, इसके साथ ही उन्होंने भारत के साथ रिश्तों का हवाला देते हुए पन्नू की हत्या की कथित साज़िश में भारत की शुरू की गई जाँच का स्वागत भी किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री से पहले व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने ब्लिंकन जैसी ही बात की थी।

किर्बी ने भी दोनों दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रिश्तों की अहमियत पर जोर दिया था और पन्नू वाले मसले को कमतर आँकने की कोशिश की। उन्होंने कहा, ‘भारत एक रणनीतिक साझेदार बना हुआ है, और हम भारत के साथ उस रणनीतिक साझेदारी को बेहतर बनाने और मजबूत करने के लिए काम करना जारी रखेंगे। इन आरोपों और इस जाँच को हम बेहद गंभीरता से लेते हैं।”

किर्बी ने कहा, “हमें यह देखकर खुशी हो रही है कि भारत भी इसकी जाँच के लिए अपनी खुद की कोशिशों का ऐलान कर इसे संजीदगी से ले रहा। हम साफ कर चुके हैं कि हम इन कथित अपराधों के लिए जिम्मेदार किसी को भी सही तरीके से जवाबदेह ठहराया जाना देखना चाहते हैं।”

दरअसल, वो वह भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता के खिलाफ अमेरिकी न्याय विभाग के अभियोग के बारे में एक सवाल का जवाब दे रहे थे। ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ ने बीते हफ्ते अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि अमेरिका ने अपनी जमीन पर खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू को मार गिराने की साजिश को नाकाम कर दिया है।

हालाँकि, भारत ने पहले ही पन्नू की हत्या की नाकाम साजिश से संबंधित आरोपों के दावे की जाँच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को अमेरिका के एक भारतीय अधिकारी को कथित साजिश के आरोपित शख्स से जोड़ने को चिंता का विषय और सरकारी नीति के खिलाफ कहा था।

दरअसल, अमेरिकी न्याय विभाग ने एक बयान जारी कर दावा किया था कि 1 लाख डॉलर (करीब 83 लाख रुपए) में पन्नू की सुपारी दी गई थी। पन्नू आतंकी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) का सरगना है। बयान में दावा किया गया था कि इस साजिश के पीछे एक भारतीय अधिकारी और निखिल गुप्ता थे।

कथित तौर पर जिस ‘हिटमैन’ को सुपारी दी गई, वह अमेरिकी पुलिस का ‘खबरी’ था। पूरी साजिश में चार लोगों को शामिल बताया गया है। दावा है कि यह साजिश इस साल मई-जून के आसपास रची गई थी।

बांग्लादेशियों-रोहिंग्या को भारत में रहने के लिए देते थे फर्जी सर्टिफिकेट, मोहम्मद जुबैर-साहिल और रियाजुद्दीन को UP एसटीएफ ने किया गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने शुक्रवार (1 दिसंबर 2023) को फर्जी सर्टिफिकेट बनाने वाले एक गैंग का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में गाजियाबाद से मोहम्मद साहिल, मोहम्मद जुबैर और रियाजुद्दीन नाम के तीनों आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इस गैंग के सदस्य सॉफ्टवेयर और वेबसाइटों के जरिए फर्जी सर्टिफिकेट बनाते थे।

इस गैंग के सदस्य कोविड वैक्सीन से लेकर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र तक फर्जी बनाते थे। इतना ही नहीं, इन्होंने देश में 436 फ्रेंचाइजी भी बाँट रखी थी, जहाँ इसी तरह का फर्जीवाड़ा होता था। एजेंसी के अनुसार, यह गैंग अब तक 7000 से अधिक फर्जी सर्टिफिकेट बना चुका है। ये भारत में अवैध रूप से आने लोगों का भारतीय जन्म प्रमाण पत्र सहित कई दस्तावेज बनाते थे।

STF ने बताया कि पकड़े गए तीनों आरोपित गाजियाबाद के रहने वाले हैं। इनमें मोहम्मद साहिल इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड है। इनके पास से प्रिंटर, लेमिनेशन मशीन, लैपटॉप, थंब स्कैनर, वेबकैम, केवाईसी फॉर्म, 15 जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, अलग-अलग हॉस्पिटलों के फर्जी डिजिटल हस्ताक्षर, नगर पंचायतों के फर्जी डिजिटल हस्ताक्षर आदि बरामद किए गए हैं।

STF के ASP विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि गैंग ने जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए सरकारी वेबसाइट www.crsorgi.gov.in से मिलती-जुलती कई फर्जी वेबसाइट बनाई थी। इस वेबसाइट को वे सॉफ्टवेयर डेवलपर के माध्यम से कई राज्यों में चलवाते थे। इसके लिए गैंग फ्रेंचाइजी भी बेचता था।

आरोपितों ने STF को बताया कि वे बांग्लादेश और म्यांमार आदि देशों से अवैध रूप से आने वाले घुसपैठियों को भी भारतीय जन्म प्रमाण पत्र बनाते थे। इस जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर वे भारत का निवास प्रमाण पत्र, वोटर कार्ड, आधार कार्ड आदि बनावेत थे। इन दस्तावेजों का इस्तेमाल विभिन्न सरकारी योजनाओं का फायदा लेने और बीमा कंपनियों से क्लेम लेने तक में भी किया जाता था। 

मोहम्मद साहिल इस गैंग का मास्टरमाइंड है, जबकि दूसरा आरोपित मोहम्मद जुबैर वॉट्सऐप, टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों से संपर्क करता था। फर्जी आधार कार्ड बनाए जाने की आशंका को लेकर UIADI से भी इसकी जानकारी माँगी गई है। गैंग से बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को फोरेंसिक जाँच के लिए लैब भेजा जाएगा। 

‘इरफान पठान को 5 साल डेट किया, गौतम गंभीर मारते थे मिस्ड कॉल’: अभिनेत्री का दावा- पीछे पड़े थे अक्षय कुमार, लोग बोले – बुर्के में होती

हिंदी एवं तमिल फिल्मों में काम कर चुकी अभिनेत्री पायल घोष ने अपने व्यक्तिगत जीवन को लेकर कुछ खुलासे किए हैं। उन्होंने दावा किया है कि वो इरफान पठान के साथ रिलेशनशिप में रही हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने X/ट्विटर पर एक पोस्ट डाल कर यहाँ तक दावा कर डाला है कि जब वे इरफान पठान के साथ रिलेशनशिप में हुआ करती थीं, उस दौरान गौतम गंभीर भी उन्हें अक्सर मिस्ड कॉल मारा करते थे और इरफान पठान को इसकी जानकारी भी थी।

पायल घोष ने अपने ट्वीट के साथ एक तस्वीर भी शेयर की, जिसमें वो इरफ़ान पठान के साथ दिख रही हैं। बता दें कि जहाँ गौतम गंभीर ODI वर्ल्ड कप 2011 के फाइनल में बड़ी पारी खेलने के लिए जाने जाते हैं, वहीं ऑलराउंडर इरफ़ान पठान ने पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच में हैट्रिक विकेट लेकर शोहरत बटोरी थी। पायल घोष ने तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा, “हमारा ब्रेकअप हुआ, उसके बाद मैं बीमार पड़ गई। कई वर्षों तक मैं काम नहीं कर पाई। लेकिन, वो एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं जिनसे मैंने प्यार किया। उनके बाद मुझे किसी से भी प्यार नहीं हुआ।”

उक्त तस्वीर में दोनों नीले कपड़ों में दिखाई दे रहे हैं। बता दें कि पायल घोष ने हाल ही में दावा किया था कि वो मोहम्मद शमी के साथ शादी करना चाहती हैं। इसके बाद उन्होंने इसे एक मजाक करार दिया और कहने लगीं कि उनका असली प्यार इरफान पठान ही रहे हैं जिन्हें उन्होंने 5 वर्षों तक डेट किया। उन्होंने लिखा, “मेरे पीछे गौतम गंभीर और अक्षय कुमार सब पड़े हुए थे, पर मैं प्यार सिर्फ इरफ़ान पठान से करती थी। मुझे उसके अलावा कोई दिखता भी नहीं था और मैं सबको उसके बारे में बताती रहती थी। सबका मिस्ड कॉल भी देखती थी।”

पायल घोष ने बाद में कहा कि उन्हें मोहम्मद शमी से प्यार नहीं है, बल्कि उन्हें कोई सामान्य लड़का भी चलेगा लेकिन जो लॉयल हो। उन्होंने कहा, “गौतम गंभीर मुझे नियमित तौर पर मिस्ड कॉल्स करते थे और ये इरफ़ान पठान को अच्छी तरह पता था। वो मेरे कॉल्स चेक करते रहते थे। उन्होंने ये बात अपने भाई युसूफ पठान के अलावा क्रुणाल पंड्या और हार्दिक पंड्या को भी बताया था जब मैं पुणे में मिलने गई थी।” उन्होंने अनुराग कश्यप पर बलात्कार का आरोप भी लगाया। साथ ही फिल्म निर्देशक के संबंध में कहा कि वो अक्षय कुमार की जूती के बराबर भी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वो अक्षय कुमार का सम्मान करती हैं, वो बड़े स्टार हैं और उनके साथ कोई बदतमीजी नहीं की।

इस दौरान लोगों ने भी पायल घोष के इस ट्वीट पर रिप्लाइज किए। लोगों ने उन पर झूठ बोलने का आरोप लगाया, वहीं कुछ ने कहा कि वो पब्लिसिटी के लिए ऐसा कर रही हैं। एक्टिविस्ट दीपिका नारायण भारद्वाज ने इसे चर्चा में बने रहने के लिए सस्ते हथकंडे करार देते हुए पूछा कि क्या उनके पास कोई और काम नहीं है? वहीं कुछ लोगों ने ध्यान दिलाया कि इरफ़ान पठान 2016 से ही सफा बेग के साथ शादीशुदा हैं, ऐसे में ये तस्वीर डालने की ज़रूरत नहीं थी। एक यूजर ने लिखा कि पायल घोष को खुद को धन्यवाद करना चाहिए, वरना वो बुर्के में होतीं।

जो बात कहने पर नुपूर शर्मा को मिली ‘सर तन से जुदा’ की धमकी, उसी बात पर मुस्लिम महिला पत्रकार को कट्टरपंथी दे रहे ताली

इंडियन एक्सप्रेस की पूर्व पत्रकार इरेना अकबर ने 1 दिसंबर 2023 को पैगंबर मोहम्मद से जुड़े कुछ पोस्ट किए। एक ट्वीट में उसने एक मीम के जरिए ये दिखाने की कोशिश की कि एक तिलक लगाया साँवला शख्स पैगंबर मोहम्मद के निकाह पर सवाल उठाता है जिसका जवाब ‘गोरा’ मुस्लिम शांति से देता है और कहता है-

“हाँ, पैगंबर मोहम्मद ने निकाह किया था, लेकिन इससे न तो आयशा के अब्बा को दिक्कत थी, न आयशा के परिवार को, न उनके समुदाय को… यहाँ तक जो लोग हमेशा पैगंबर मोहम्मद पर हमले की फिराक में रहते थे, उन्हें भी इससे कोई दिक्कत नहीं थी।” इसके बाद तिलक लगाया शख्स और दो और लोग रोते हुए कहते दिखाए जाते हैं- “हमें परेशानी है।”

इस मीम को शेयर करते हुए इरेना ने लिखा- हाँ! अलहमदुलिल्लाह।

इरेना के पैगंबर मोहम्मद और आयशा के निकाह पर किए गए पोस्ट

इरेना अकबर को ट्विटर पर कुछ मुस्लिम लोगों को भी गलत ठहराते देखा गया जो दावा कर रहे थे कि निकाह के वक्त आयशा की उम्र 18 की थी। इरेना के अर्काइव ट्वीट में देख सकते हैं कि वो जोर देकर कहती हैं,

“नहीं, सीराह के प्रामाणिक स्रोतों के अनुसार, जब निकाह हुआ तब वह (आयशा) 9 वर्ष की थीं। कुछ ‘विद्वानों’ ने इस्लाम को त्रुटिपूर्ण पश्चिमी-उदारवादी-धर्मनिरपेक्ष-नारीवादी ढाँचे में ‘फिट’ करने के लिए उनकी उम्र को 18 वर्ष तक बढ़ाने का प्रयास किया। हमें इस्लाम से घृणा करने वालों को खुश करने के लिए तथ्यों को नहीं बदलना चाहिए। आयशा और उनके परिवार को निकाह से कोई समस्या नहीं थी। पैगंबर मोहम्मद के दुश्मन भी इस निकाह का इस्तेमाल करके उन्हें आसानी से निशाना बना सकते थे लेकिन उन लोगों ने भी ऐसा नहीं किया। यह केवल आजकल के इस्लाम से घृणा करने वाले वो लोग हैं जो इस बारे में बकवास करते रहते हैं। हमें इन सबपर शर्मिंदा होना बंद करना पड़ेगा।”

आगे इरेना ने अर्काइव ट्वीट में ‘द सील्ड नेक्टर’ जैसे सीराह स्रोतों का जिक्र किया। इसके बाद अपील की कि इस संबंध में मदीना की इस्लामिक यूनिवर्सिटी के स्कॉलरों की बातें सुनीं और पढ़ी जानी चाहिए।

इसके अलावा इरेना अकबर ने आयशा (आरए) की जीवनी संबंधी स्रोत भी पढ़ने को कहा और बताया कि उन्हें कैसे कम उम्र में बुद्धिमत्ता का तोहफा मिला था और वह बहुत प्रतिभाशाली थीं। इरेना ने मुस्लिम यूजर (जिसने उम्र 18 बताई थी) को जवाब देते हुए ये भी कहा, “हो सकता है कि आप किसी को खुश करने के लिए ऐसा नहीं कर रहे हो, लेकिन पूरे अदब के साथ बता रही हूँ आपका थ्रेड शादी को लेकर पश्चिमी-आधुनिक विचारों से उपजा है।”

नुपूर शर्मा के बात रखने पर हुआ था बवाल

याद दिला दें कि इरेना अकबर ने आज जिस मुद्दे पर बात की है, उसी मुद्दे को कभी नुपूर शर्मा ने ऑन टीवी अपनी बात रखी थी, लेकिन ऑल्ट न्यूज वाले मोहम्मद जुबैर ने उनकी आधी वीडियो को शेयर किया और इस्लामी कट्टरपंथी इसे पैगंबर मोहम्मद का अपमान बताकर नुपूर शर्मा की जान लेने पर तुल गए

उन्हें देश के कट्टरपंथियों से ही नहीं बल्कि दूसरे इस्लामी देशों तक से धमकियाँ आईं। विवाद इतना बढ़ा कि जिन लोगों ने नुपूर शर्मा का समर्थन किया उन्हें भी धमकियाँ दी गईं और कन्हैया लाल जैसों को तो मौत के घाट उतार दिया गया।

उस समय यही इरेना अकबर ने इस मुद्दे की आग को भड़काया था। उन लोगों के बारे में कट्टरपंथियों को बताया था जो इस मुद्दे पर बोल रहे थे। आज इरेना ने भी इसी मुद्दे पर अपनी बात रखी। लेकिन इस बार इस्लामी कट्टरपंथियों ने न कोई धमकी दी और न दी ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगाए।

कट्टरपंथियों ने की इरेना की वाहवाही

उलटा इरेना के पोस्ट को समर्थन देते हुए कहा गया – हाँ बिलकुल सही बात हैं। ये सब पैगंबर मोहम्मद की इच्छा से थोड़ी था, वो तो वही कर रहे थे जो अल्लाह उनसे करवाना चाहता था।

एक यूजर ने कहा, “तुम्हें सलाम। ये एक महिला से सुनना वाकई काबिल-ए-तारीफ है। लिबरलिज्म और फेमिनिज्म वाली दुनिया में जब मुस्लिम पुरूष और महिलाओं को भटकाया जा रहा है तब आप इस बात को बिन शर्मिंदगीं के कह रहीं हैं।

भारत में होगा COP33? PM मोदी ने 2028 में मेजबानी का रखा प्रस्ताव, कहा- हमने इकोलॉजी और इकोनॉमी के बीच संतुलन का दिखाया रास्ता

संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP 28) में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी UAE के दुबई पहुँचे हैं। इस सम्मेलन में पीएम मोदी ने साल 2028 में होने वाले COP33 की मेजबानी भारत में करने का प्रस्ताव रखा है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “भारत जलवायु परिवर्तन प्रक्रिया के लिए संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क के प्रति प्रतिबद्ध है। भारत ने G20 की अध्यक्षता में ‘वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर’ की भावना के साथ पर्यावरण के विषय को निरंतर महत्व दिया है। सस्टेनेबल भविष्य के लिए हमने मिलकर ग्रीन डेवेलपमेंट पैक्ट पर सहमति बनाई है।”

पीएम ने कहा, “इस मंच से मैं 2028 में भारत में COP33 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने का प्रस्ताव रखता हूँ। हमने सतत विकास के लिए जीवनशैली के सिद्धांत बनाए, हमने वैश्विक स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा को 3 फीसदी करने पर प्रतिबद्धता जताई है। भारत ने दुनिया के सामने इकोलॉजी और अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।”

पीएम मोदी ने कहा कि कार्बन उत्सर्जन को भारत ने साल 2030 तक 45 प्रतिशत तक कम करने और गैर-जीवाश्म ईंधन की हिस्सेदारी को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। भारत तापमान को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित अपने योगदान लक्ष्यों को प्राप्त करने की राह पर है। उन्‍होंने बताया कि भारत ने निर्धारित समय सीमा से 11 साल पहले ही उत्सर्जन तीव्रता का लक्ष्य हासिल कर लिया है।

भारत की आबादी को लक्षित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत में दुनिया की 17 प्रतिशत आबादी रहती है। इसके बावजूद वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में भारत का योगदान 4 प्रतिशत से भी कम है। भारत दुनिया की उन कुछ अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, जो NDC लक्ष्यों को पूरा करने की राह पर है। पीएम ने लोगों की भागीदारी के माध्यम से ‘कार्बन सिंक’ बनाने पर केंद्रित ‘ग्रीन क्रेडिट’ पहल की शुरुआत की।

गौरतलब है कि COP28 के अध्यक्ष सुल्तान अल जाबेर और संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन के अध्यक्ष साइमन स्टिल के साथ आरंभिक पूर्ण सत्र में शामिल होने वाले एकमात्र नेता थे। उन्होंने कहा कि सबके हितों की रक्षा की जानी चाहिए और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में सबकी भागीदारी जरूरी है।