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क्लास में मुख से संभोग सिखाने वाला प्रोफेसर इफ्तिखार अहमद निलंबित, केरल की यूनिवर्सिटी में क्लासरूम को बना दिया था सेक्स और यौन आनंद का अड्डा

केरल सेंट्रल यूनिवर्सिटी ने सहायक प्रोफेसर इफ्तिखार अहमद बी को मंगलवार (28 नवंबर, 2023) को निलंबित कर दिया। उनके खिलाफ ये कार्रवाई दो हफ्ते पहले उन पर छात्रों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने के बाद की गई।

उन पर अंग्रेजी और तुलनात्मक साहित्य विभाग के पहले सेमेस्टर के PG छात्रों ने ये आरोप लगाए थे। सहायक प्रोफेसर के निलंबन पर प्रभारी कुलपति प्रोफेसर बैजू केसी ने कहा कि छात्रों के लगाए गए आरोपों के आधार पर डॉ इफ्तिखार अहमद के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही पर विचार किया जा रहा है। इसलिए, उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। छात्रों ने सहायक प्रोफेसर इफ्तिखार अहमद बी पर 7 सितंबर, 2023 को उनकी कक्षाओं के शुरु होने पर कविता और साहित्य की व्याख्या की आड़ में सेक्स, यौन आनंद और अन्य तरह के शारीरिक आनंद को प्रमुखता देने का आरोप लगाया था।

छात्रों का आरोप था कि प्रोफेसर अहमद ने इरोटिक प्रोएट्री की क्लास को सेक्सुअल कमेंट और अश्लील चर्चा का आधार बना दिया था। इस दौरान ने प्रोफेसर ने महिलाओं को यौन तृप्ति की वस्तु के तौर पर दिखाया।

छात्रों ने सहायक प्रोफेसर अहमद की सारी हदें पार करने के बाद यूनिवर्सिटी की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) से संपर्क साधा था। दरअसल प्रोफेसर ने 13 नवंबर, 2023 को आंतरिक परीक्षा दे रही एक छात्रा के बेहोश होने पर उसके साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की थी।

इसके बाद 14 नवंबर, 2023 को छात्रों ने समिति की पीठासीन अधिकारी प्रोफेसर जर्मिना केए और अंग्रेजी और तुलनात्मक साहित्य विभाग की प्रमुख डॉ आशा एस को प्रोफेसर अहमद के गलत व्यवहार के 31 कथित उदाहरणों की लिस्ट सहित सात पन्नों की शिकायत दी थी। इसके बाद 16 नवंबर, 2023 को प्रोफेसर बैजू ने प्रोफेसर अहमद को छात्रों से दूर रहने का निर्देश दिया था। जिस विभाग के तहत प्रोफेसर अहमद काम कर रहे थे उसकी विभागाध्यक्ष डॉ आशा ने भी उन्हें चेताया था।

डॉ आशा ने प्रोफेसर को भेजे नोट में लिखा था, “छात्रों से मिली कुछ शिकायतों को देखते हुए कुलपति ने मुझे छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी बंदोबस्त करने का निर्देश दिया है। इसलिए, मैं आपसे अनुरोध कर रही हूँ कि कृपया अगली सूचना तक शिक्षण, मूल्यांकन और मार्गदर्शन की जिम्मेदारियों से दूर रहें।”

डॉ आशा के मुताबिक, नोटिस के बावजूद, इफ्तिखार अहमद विभाग में घूमते रहे और अपने संचालित पाठ्यक्रमों के व्हाट्सएप्प ग्रुप में नियमित तौर से संदेश पोस्ट करते रहे। इस वजह से छात्र असहज हो गए।

गौरतलब है कि यूनिवर्सिटी कैंपस के सभी छात्र संगठनों ने सहायक प्रोफेसर इफ्तिखार अहमद के निकाने जाने की माँग की थी। वहीं एक छात्र संगठन चाहता था कि उनके खिलाफ की गई शिकायत को आपराधिक जाँच के लिए पुलिस के पास भेजा जाए। ‘ऑनमनोरमा’ ने 25 नवंबर, 2023 को पूर्व छात्रों की गवाही और चिकित्सा अधिकारी की गवाही पर एक विस्तृत रिपोर्ट छापी थी। इसमें चिकित्सा अधिकारी ने बताया था कि उन्होंने प्रोफेसर इफ्तिखार अहमद को स्वास्थ्य केंद्र में छात्र को गलत तरीके से छूते हुए देखा था।

ऑनमनोरमा के मुताबिक, प्रभारी कुलपति प्रोफेसर बैजू ने बताया कि आंतरिक शिकायत समिति की पेश की गई अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर सहायक प्रोफेसक अहमद को निलंबित कर दिया गया है। जब उनसे ये सवाल किया गया कि क्या आईसीसी की अंतरिम रिपोर्ट में उन्हें प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है तो उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

बौखनाग देवता के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन हुआ सफल: जानिए उस देव को जिनके आगे आर्नोल्ड डिक्स से लेकर हर किसी ने झुकाया सिर, सुरंग के पास अब बनेगा भव्य मंदिर

उत्तराखंड के उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में 12 नवम्बर 2023 से फँसे 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। सारे श्रमिक स्वस्थ हैं और उनसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बात भी की है। इस पूरे ऑपरेशन के दौरान से लेकर इसके खत्म होने के बाद भी सिलक्यारा सुरंग के बाहर स्थापित किए गए बौखनाग देवता के मंदिर में पूजा-अर्चना जारी है।

श्रमिकों के सफलतापूर्वक निकाले जाने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऐलान किया था कि सरकार अब यहाँ बौखनाग देवता का मंदिर बनवाएगी। दरअसल, सुरंग में दुर्घटना होने के पश्चात स्थानीय लोगों ने बताया था कि जहाँ सुरंग बन रही है, वहाँ पर पहले बौखनाग देवता का एक स्थान था। इस स्थान को निर्माण कम्पनी ने तोड़ दिया था।

स्थानीय लोगों का मानना है कि इसी कारण से देवता क्रोधित हो गए और यह हादसा हुआ। उनका मानना है कि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान आईं बाधाएँ भी बौखनाग देवता के गुस्से के कारण ही हुई थीं। इस बात की जानकारी रेस्क्यू ऑपरेशन की टीम को हुई तो उन्होंने सुरंग के ठीक बाहर बौखनाग देवता के मंदिर की स्थापना करवाई।

सुरंग के बाहर स्थापित किए गए इस मंदिर में मुख्यमंत्री धामी, केन्द्रीय राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह और घटनास्थल पर पहुँचे अंतरराष्ट्रीय सुरंग विशेषज्ञ अर्नाल्ड डिक्स ने भी पूजा अर्चना की है। अर्नाल्ड ने ऑपरेशन शुरू होने से पहले और उसके खत्म होने बाद आज भी मंदिर में पूजा की।

स्थानीय लोगों ने कहा कि मंगलवार (28 नवंबर 2023) को रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म होने के तीन दिन पहले ही देवता ने रेस्क्यू ऑपरेशन करने वालों को संकेत दे दिया था कि इसमें अभी तीन दिन लगेंगे। रेस्क्यू ऑपरेशन एक्सपर्ट अर्नाल्ड डिक्स ने ऑपरेशन खत्म होने के बाद मंदिर में जाकर पूजा की है। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू सफल रहा है, इसलिए वे देवता को धन्यवाद ज्ञापित करने गए थे।

कौन हैं बौखनाग देवता?

सुरंग से श्रमिकों को निकालने में जिन बौखनाग देवता की कृपा मानी जा रही है, वह यहाँ के खेत्रपाल देवता है। खेत्रपाल उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में उस क्षेत्र विशेष की रक्षा करने वाले देवता को कहा जाता है। खेत्रपाल शब्द ‘क्षेत्रपाल’ शब्द का स्थानीय गढ़वाली भाषा में रूपांतरण है, गढ़वाली में ‘क्ष’ अक्षर ‘ख’ बोला जाता है।

उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में हिन्दू देवी-देवताओं से इतर स्थानीय देवी-देवताओं की बड़ी मान्यता है। यहाँ वन की रक्षा करने वाले वन देवता, क्षेत्र की रक्षा करने वाले खेत्रपाल और अन्य स्थानीय देवताओं की पूजा की जाती है। हालाँकि, पूरे देश में क्षेत्र विशेष के देवता होते हैं, जिन्हें अलग-अलग नामों से जाना जाता है।

स्थानीय लोग बताते हैं यह आवश्यक नहीं है कि इन सभी देवताओं का एक निश्चित स्थान पर भव्य मंदिर बना हो। कहीं-कहीं स्थानीय देवता के नाम पर मात्र किसी पत्थर की भी पूजा हो सकती है। जहाँ पर यह सुरंग हादसा हुआ है, वहाँ भी कोई भव्य मंदिर नहीं बना था।

बौखनाग देवता के अलावा इस क्षेत्र में ऐसे कई देवता हैं, जिन्हें नागराजा और अन्य नामों से जाना जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाग शब्द वाले देवताओं का संबंध भगवान विष्णु की शैया के रूप से सेवा देने वाले भगवान शेषनाग से है।

राजस्थान को पीछे धकेल देश का सबसे बड़ा दूध उत्पादक राज्य बना UP, देश की 16% जरूरत करता है पूरी: 5 सालों में देश के डेयरी में 23% की जबरदस्त वृद्धि

बीते पाँच वर्षों में देश में दूध के उत्पादन में लगभग 23% की वृद्धि देखी गई है। वहीं, उत्तर प्रदेश अब राजस्थान को पछाड़कर देश का सबसे बड़ा दूध उत्पादक राज्य बन गया है। केंद्रीय कृषि एवं पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन मंत्री परषोत्तम रूपाला ने इससे संबंधित ‘बेसिक एनिमल हसबैंड्री स्टैटिक्स’ जारी किया है।

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि बीते एक वर्ष में देश में दूध, अंडा, मांस और ऊन का उत्पादन तेजी से बढ़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, देश में 50% से अधिक दूध की आपूर्ति केवल पाँच राज्य से हो रही है। यह भी सामने आया है कि देश में अब उत्तर प्रदेश सबसे अधिक दूध का उत्पादन कर रहा है। यूपी देश के 15.70% दूध की जरूरत को पूरा करता है।

उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक दूध उत्पादित करता है। (BG साभार: The Statesman)
उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक दूध उत्पादित करता है। (BG साभार: The Statesman)

उत्तर प्रदेश में 2017-18 के बाद से दूध के उत्पादन में लगभग 25% की बढ़ोतरी हुई है। यूपी ने 2022-23 में कुल 36.11 मिलियन (3.6 करोड़) टन दूध का उत्पादन किया है। वर्ष 2017-18 में यह 29.05 मिलियन (2.9 करोड़) टन था। उत्तर प्रदेश ने 2021-22 के दौरान देश के सबसे बड़े दूध उत्पादक राज्य होने का दर्जा खो दिया था। इस समय यूपी में 1.9 करोड़ गाय और 3.3 करोड़ भैंसें हैं।

उत्तर प्रदेश ने अब राजस्थान को पीछे छोड़ दिया है। राजस्थान अब 14.44% दूध उत्पादन के साथ दूसरे नंबर पर है। इन दोनों के बाद मध्य प्रदेश (8.73%), गुजरात (7.49%) और आंध्र प्रदेश (6.7%) देश के सबसे बड़े दूध उत्पादक राज्य हैं।

वहीं, देश भर में दूध उत्पादन की बात की जाए तो वर्ष 2018 से लेकर 2023 तक इसमें लगभग 23% की बढ़ोतरी हुई है। साल 2018 में देश में दूध का कुल उत्पादन 187 मिलियन (18.7 करोड़) टन था, जो बढ़कर अब लगभग 230 मिलियन (23 करोड़) टन हो गया है। वर्ष 2022-23 में दूध उत्पादन में 3.8% की वृद्धि हुई है।

इस कारण से अब देश में प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता भी बढ़ रही है। वर्ष 2013-14 में यह 303 ग्राम प्रति व्यक्ति प्रतिदिन थी। देश में दूध की उपलब्धता बढ़ने के साथ ही यह अब 452 ग्राम प्रति व्यक्ति प्रतिदिन हो चुकी है। 2013-14 से लेकर 2022-23 के बीच इसमें लगभग 50% की बढ़ोतरी हुई है।

दूध के अलावा देश में मांस, अंडा और ऊन के उत्पादन में भी बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2022-23 के दौरान देश में 13.8 हजार करोड़ अंडों का उत्पादन हुआ, जो कि बीते पाँच वर्षों में लगभग 33.3% की बढ़ोतरी है। 2018-19 के दौरान देश में 10.03 हजार करोड़ अंडों का उत्पादन हुआ था। आंध्र प्रदेश देश में अंडों का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है, यह कुल उत्पादन में 20.13% हिस्सा रखता है। तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल अन्य बड़े उत्पादक राज्य हैं।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 2022-23 के दौरान देश में मांस का उत्पादन भी बढ़ा है। देश में 2022-23 के दौरान मांस का उत्पादन 9.77 मिलियन (97.7 लाख) टन रहा है। इसने पिछले पाँच वर्षों में 20.39% की वृद्धि हासिल की है। मांस के उत्पादन में उत्तर प्रदेश (12.2%) देश में आगे है। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल भी बड़े मांस के बड़े उत्पादक राज्य हैं।

2022-23 में देश में ऊन का उत्पादन देश में 336 लाख किलोग्राम रहा है। इसके उत्पादन में कमी आई है। वित्त वर्ष 2018-19 में यह 400 लाख किलोग्राम से ऊपर था। राजस्थान (47.9%) और जम्मू-कश्मीर (22.6%) मिलकर देश की लगभग 70% ऊन का उत्पादन करते हैं।

जिस अभिनेत्री पर की बलात्कार वाली टिप्पणी, अब उसी पर केस ठोकने जा रहे एक्टर मंसूर अली खान: माफ़ी पर कहा – ये सबसे बड़ा मजाक

तमिल अभिनेता मंसूर अली खान ने हाल ही में अपने साथी अभिनेत्री तृषा कृष्णन के बारे में रेप से जुड़ा कॉमेंट करने पर उनसे माफी माँगी थी, लेकिन अब यही मंसूर अली इस मामले में तृषा पर केस दर्ज कराने जा रहे हैं और इस माफी को सबसे बड़ा मजाक करार दे रहे हैं।

तृषा कृष्णन को लेकर मंसूर अली खान अपनी विवादित टिप्पणी वायरल होने के बाद से ही सुर्खियाँ बटोर रहे हैं। अब तृषा से माफी माँगने के कुछ दिनों बाद ही उन्होंने अब खुलासा किया है कि वह तृषा के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे। ‘CNN News18‘ के साथ एक खास बातचीत में खान ने इस बात का खुलासा किया कि वो तृषा के खिलाफ मामला दर्ज करेंगे।

उन्होंने कहा, “हम आज यह (मानहानि का मामला दायर) कर रहे हैं। हमने सारे दस्तावेज तैयार कर लिए हैं। (मेरे) वकील अन्य सभी जानकारी आज शाम 4 बजे साझा करेंगे।” मंसूर अली खान ने कहा, ”वह प्रेस से मिलेंगे।” उनकी माफी के बारे में पूछे जाने पर खान ने कहा, ”यह सबसे बड़ा मजाक है।”

बताते चलें कि मंसूर अली खान ने कहा था, “मुझे जब पता चला कि मैं तृषा के साथ काम कर रहा हूँ तो मुझे लगा कि यह एक बेडरूम सीन होगा। मुझे लगा कि मैं फिल्म में तृषा को उठाकर बेडरूम में ले जाऊँगा, जैसा मैंने और भी कई अभिनेत्रियों के साथ पहले फिल्मों में किया है। मैंने पहले भी कई रेप सीन किए हैं और मेरे लिए यह कोई नई बात नहीं है। लेकिन, इन लोगों ने कश्मीर में शूटिंग के दौरान मुझे तृषा को देखने तक नहीं दिया।”

उनके इस बयान ने अच्छे खासे विवाद को जन्म दिया था। इसके बाद मंसूर ने अपने अभद्र बयान पर तृषा से माफी माँगने से इनकार कर दिया था। पुलिस ने मंसूर अली पर यौन उत्पीड़न के धारा 354 ए (यौन उत्पीड़न) और धारा 509 (शब्द, इशारा या महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने का इरादा) के तहत मामला दर्ज किया गया था। 

यही नहीं, चेन्नई के थाउजेंड लाइट्स ऑल वुमेन पुलिस स्टेशन ने मंसूर को एक नोटिस जारी किया। इस नोटिस को लेकर और अपने खिलाफ दर्ज मामले को पर सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।

इसका बाद मंसूर अली खान वो बैकफुट पर आ गए और उन्होंने अपने इस अश्लील और अभद्र बयान को लेकर माफी माँगते हुए कहा था,  “मेरी को-स्टार तृषा, कृपया मुझे माफ कर दें। ईश्वर मुझे मौका दें कि मैं आपकी शादी में आशीर्वाद दे सकूँ। आमीन।”

हिंदू छात्र ने किया पैगंबर मोहम्मद का अपमान? हुआ NIT श्रीनगर से सस्पेंड, FIR भी: नेटिजन्स ने बताया – हमास संस्थापक के बेटे की वीडियो और मुस्लिम लड़की का कनेक्शन

जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में NIT (नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी) के छात्रों ने एक हिन्दू छात्र पर ईशनिंदा का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया है। उनका आरोप है कि छात्र ने सोशल मीडिया पर पैगंबर मोहम्मद का अपमान किया है। इस प्रदर्शन के दौरान ‘लब्बैक या रसूल अल्लाह’ के नारे लगे। इस प्रदर्शन के लिए हमास समर्थकों और पाकिस्तानियों की प्रोफ़ाइल फोटो वाले हैंडलों से भी हवा दी गई।

पैगंबर मोहम्मद के कथित अपमान को लेकर श्रीनगर के NIT में बवाल और प्रदर्शन के बाद पुलिस ने आरोपित छात्र के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। साथ ही आरोपित को इंस्टिट्यूट से सस्पेंड करते हुए आने वाले सेमेस्टर के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है। यह पूरी घटना मंगलवार (28 नवंबर 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोप है कि यहाँ पढ़ने वाले एक छात्र (जो हिंदू है) ने इस्लाम के नबी पैगंबर मोहम्मद के विरुद्ध आपत्तिजनक वीडियो अपने व्हाट्सएप स्टेस्ट्स और इंस्टाग्राम पर डाला था। इसके उलट हालाँकि सोशल मीडिया पर कई लोग उस वीडियो का स्क्रीनशॉट लगा कर यह दावा कर रहे हैं कि वो वीडियो हमास के संस्थापक के बेटे का है, खुद आरोपित लड़के ने अपनी ओर से कोई बात नहीं कही है।

सोशल मीडिया में आरोपित लड़के से संबंधित जिस स्क्रीनशॉट को शेयर किया जा रहा है, उसके अनुसार इस वीडियो में हमास संस्थापक का बेटा इस्लाम के बारे में कुछ बता रहा है। कट्टर मुस्लिमों ने इसे पैगंबर मोहम्मद की आपत्ति से जोड़ दिया, ईशनिंदा का आरोप लगा दिया। ऊपर के सोशल मीडिया पोस्ट में आरोपित लड़के और उसकी मुस्लिम गर्लफ्रेंड के बारे में भी लिखा गया है। नेटिजन्स इस पर भी बात कर रहे हैं कि स्थानीय कट्टर मुस्लिम भीड़ को इस बात से दिक्कत है कि एक हिंदू लड़के की गर्लफ्रेंड मुस्लिम क्यों?

ईशनिंदा की बात सुन कट्टर मुस्लिमों की भीड़ जुट गई। कुछ ही देर में इस वीडियो को ईशनिंदा बताते हुए श्रीनगर NIT के तमाम मुस्लिम छात्र ‘लब्बैक या रसूल अल्लाह’ (रसूल अल्लाह हम तेरे लिए हाजिर हैं) का नारा लगाते हुए प्रदर्शन करने लगे।

ये सभी प्रदर्शनकारी यूनिवर्सिटी प्रशासन और पुलिस से आरोपित छात्र पर कड़ा एक्शन लेने की माँग कर रहे थे। सोशल मीडिया पर भी ‘NIT चलो’ का ट्रेंड चलाया जाने लगा। इस ट्रेंड को चलाने में कुछ ऐसे वेरिफाइड हैंडल भी शामिल हैं, जो खुल कर आतंकी समूह हमास का समर्थन कर रहे हैं और पाकिस्तान के क्रिकेट खिलाडियों की प्रोफ़ाइल फोटो लगा रखी है।

चित्र साभार:- X/@@Keahwaa

ऊपर के सोशल मीडिया पोस्ट में आप देख सकते हैं कि लोग आरोपित हिंदू लड़के को फाँसी देने का ट्रेंड भी सोशल मीडिया पर चला रहे। NIT श्रीनगर कैम्पस में माहौल गर्म होता देख कर पुलिस ने हालात को संभाला और प्रदर्शनकरियों को समझा-बुझा कर शाँत करवाया।

मीडिया से बातचीत में पुलिस ने बताया कि आरोपित छात्र के खिलाफ केस दर्ज करके जाँच की जा रही है। कार्रवाई के लिए पत्र NIT के रजिस्ट्रार की तरफ से पुलिस को दिया गया है। वहीं NIT ने आरोपित छात्र को बाकी सेमेस्टरों से अयोग्य घोषित करते हुए संस्थान से निकाल दिया है।

बताते चलें कि साल 2016 में भी NIT श्रीनगर में क्रिकेट में वेस्टइंडीज से भारत की हार पर जश्न मनाया गया था। तब कुछ छात्रों ने इसका विरोध किया था, जिससे विवाद खड़ा हो गया था।

120 दिन का रिलेशन, 13000+ नंगी तस्वीरें/वीडियो: बेंगलुरु के कॉल सेंटर में करते थे दोनों लड़का-लड़की काम, पुलिस ने किया गिरफ्तार

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक लड़की उस समय हैरान रह गई, जब उसने अपनी 13000 से अधिक नग्न तस्वीरें अपने पूर्व बॉयफ्रेंड के मोबाइल में देखी। आरोपित के मोबाइल में पीड़िता के अलावा कुछ अन्य लड़कियों की भी आपत्तिजनक चित्र थे। पीड़िता एक कॉल सेंटर में नौकरी करती है। गुरुवार (23 नवंबर 2023) को इस मामले की शिकायत पुलिस में की गई है। आरोपित को गिरफ्तार करके पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक मामला बेंगलुरु के बेलंदूर इलाके का है। यहाँ 22 वर्षीया एक लड़की BPO में जॉब करती है। काम करने के दौरान लड़की की जान पहचान आदित्य संतोष नाम के एक युवक से होती है। आदित्य भी इसी BPO में कस्टमर सर्विस एजेंट के तौर पर पिछले 5 महीने से काम करता है। दोनों लगभग 4 महीने तक एक दूसरे के साथ रिलेशनशिप में रहे। इस दौरान आदित्य ने कुछ प्राइवेट पलों की तस्वीरें खींच ली और उसके वीडियो भी बना डाले। कुछ दिनों पहले पीड़िता ने अपने संबंध आदित्य संतोष से तोड़ लिए थे।

बताया जा रहा है कि पीड़िता को डर था कि उसका पूर्व बॉयफ्रेंड कहीं उसकी पर्सनल तस्वीरों को वायरल न कर दे। वह आदित्य से अपनी तस्वीरें डिलीट करने के लिए कहने लगी। हालाँकि बार-बार निवेदन के बावजूद आदित्य ने तस्वीरें नहीं डिलीट की।

आखिरकार 20 नवंबर 2023 को पीड़िता ने खुद ही आदित्य का फोन तब ले लिया, जब वो अपनी सीट पर नहीं था। जैसे ही पीड़िता ने फोन को खोला, वो हैरान रह गई। आदित्य की फोन गैलरी में उसकी लगभग 13000 नग्न तस्वीरें मिलीं।

इसके बाद पीड़िता ने आदित्य की गैलरी को और अच्छे से खंगाला तो उसमें अपने अलावा कुछ अन्य लड़कियों की भी आपत्तिजनक तस्वीरें पाईं। फ़ौरन ही इस मामले की शिकायत लड़की ने अपने सीनियरों से की और बाकी स्टाफ को सावधान किया।

इसके बाद कॉल सेंटर की लीगल हेड ने आदित्य संतोष के खिलाफ पुलिस की साइबर शाखा में तहरीर दी। कम्पनी ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि अगर संतोष ने उन तस्वीरों को वायरल कर दिया तो उनकी प्रतिष्ठा को काफी धक्का लगेगा। इस शिकायत पर पुलिस ने आदित्य संतोष को गिरफ्तार कर लिया है।

मामले की जाँच इस एंगल से भी की जा रही है कि कहीं आरोपित इन तस्वीरों के माध्यम से पीड़िताओं को ब्लैकमेल तो नहीं करता था। पुलिस के मुताबिक आरोपित के फोन में मौजूद कुछ तस्वीरें एडिटेड हैं जबकि कुछ असली भी हैं।

दिन में 5 बार लाउडस्पीकर से नमाज ध्वनि प्रदूषण नहीं: गुजरात हाईकोर्ट, कहा – मंदिर में आरती के घंटे से भी आती है आवाज

मस्जिदों में लाउडस्पीकर लगा होता है। इस लाउडस्पीकर से हर दिन पाँच बार नमाज सबको सुनाई जाती है। नमाज से लेकिन किसी प्रकार का ध्वनि प्रदूषण नहीं होता है, ऐसा गुजरात हाईकोर्ट का मानना है। गुजरात हाईकोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई करते हुए यह मानने से इंकार किया कि दिन में पाँच बार नमाज से ध्वनि प्रदूषण होता है। कोर्ट ने तर्क दिया कि मंदिर में आरती के समय बजने वाले घंटे-घड़ियालों की आवाज भी बाहर जाती है।

सामाजिक कार्यकर्ता शक्ति सिंह झाला की तरफ से लगाई गई इस जनहित याचिका में माँग की गई थी कि मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकर पर प्रतिबन्ध लगाया जाए। याचिकाकर्ता का कहना था कि इससे जनता और विशेषकर बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ होती हैं। इस मामले की सुनवाई गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल और न्यायधीश अनिरुद्ध पी मायी कर रहे थे।

मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल ने कहा, “दिन में कितने मिनट तक नमाज होती है? 5 मिनट से भी कम, इसमें ध्वनि प्रदूषण कहाँ से आया। हमें डेसिबल (ध्वनि प्रदूषण मापने का मानक) बताइए? तकनीकी रूप से कितने डेसिबल अजान से बढ़ते हैं?”

मुख्य न्यायाधीश ने इसके बाद मंदिरों में होने वाली आरती की तुलना मस्जिदों में होने वाली नमाज से कर दी। जब याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि अज़ान दिन में भी हो रही है और यहाँ तक कि सुबह भी हो रही है। इस पर उन्होंने कहा, “मंदिरों में भी आरती सुबह संगीत के साथ चालू हो जाती है। उससे किसी प्रकार का ध्वनि प्रदूषण नहीं होता? क्या आप कह सकते हैं कि घंटे-घड़ियालों की आवाज मंदिरों में ही रहती है। यह मंदिर परिसर के बाहर नहीं जाती?”

इसके बाद मुख्य न्यायाधीश ने मस्जिदों में होने वाली अज़ान के समय को लेकर बात की। उनका कहना है कि यदि कोई व्यक्ति 10 मिनट में अज़ान कर रहा है तो इससे कितना ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है, इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे बढ़ने वाले ध्वनि प्रदूषण को मापा नहीं गया, इसलिए इस पर बहस नहीं हो सकती।

कोर्ट ने इसके बाद मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध ना लगाने के पक्ष में और भी तर्क दिए। मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल ने कहा, “हम यह नहीं समझ पा रहे हैं कि लाउडस्पीकर में अज़ान करने वाले व्यक्ति की आवाज ध्वनि प्रदूषण के उस स्तर पर पहुँच सकती है, जिससे स्वास्थ्य को नुकसान हो।”

कोर्ट ने यह सब तर्क देते हुए अज़ान के लिए लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध की माँग करने वाली इस याचिका को ख़ारिज कर दिया। गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि वो इस तरह की याचिका की सुनवाई नहीं कर सकते हैं।

गौरतलब है कि हाल ही में उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों से उन लाउडस्पीकरों को उतारा जा रहा है, जो शोर मचा रहे थे। उत्तर प्रदेश में पुलिस और प्रशासन ने इसके लिए विशेष अभियान चलाया हुआ है। अब तक लगभग 3,200 स्थानों से लाउडस्पीकर उतारे जा चुके हैं।

घर-वापसी कर आफरीन बनीं निशा: वेदमंत्रों के बीच सीतापुर के प्रिंस गुप्ता को चुना जीवन साथी, अब्बा ने भड़क कर लगा दी थी पाबंदियाँ

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक मुस्लिम लड़की ने घर-वापसी की है। घर-वापसी करने वाली लड़की का नाम आफरीन है जो अब निशा नाम से जानी जाएँगी। निशा ने अपने प्रिंस गुप्ता नाम के लड़के से वेदमंत्रों के बीच हिन्दू रीति-रिवाज़ से शादी भी कर ली है। इस शादी में प्रिंस के परिजनों के अलावा हिन्दू संगठन के लोग भी शामिल हुए। यह विवाह सोमवार (27 नवंबर, 2023) को सम्पन्न हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला सीतापुर जिले के थाना क्षेत्र तम्बौर का है। वहाँ के रहने वाले प्रिंस गुप्ता नाम का युवक हरिद्वार में रह कर एक प्राइवेट कम्पनी में नौकरी करता है। काफी समय पहले उसकी मुलाकात शाहजहाँपुर जिले के कटरा क्षेत्र की रहने वाली आफरीन से हुई। दोनों में शुरुआत में बातचीत हुई और फिर मिलना-मिलाना शुरू हो गया। अंत में दोनों में प्यार हो गया और आफरीन व प्रिंस ने शादी करने का फैसला कर लिया।

प्रिंस गुप्ता ने अपने परिजनों को इस रिश्ते के लिए मना लिया। हालाँकि, जब आफरीन के अब्बा को अपनी बेटी के प्रिंस से रिश्ते की भनक लगी तो वो भड़क गए। उन्होंने आफरीन पर तमाम तरह की पाबंदियाँ लगा दीं। इस बीच दोनों एक दूसरे से सम्पर्क की कोशिश में लगे रहे। आखिरकार आफरीन ने प्रिंस को एक मोबाइल से कॉल किया। प्रिंस ने आफरीन को अपने पास सीतापुर जिले में बुलवा लिया। यहाँ दोनों ने हिन्दू संगठनों से अपनी शादी के लिए मदद माँगी।

इस मामले की जानकारी जब हिन्दू संगठनों को हुई तो उन्होंने आफरीन की घर-वापसी और प्रिंस से उनके विवाह की तैयारियाँ सीतापुर के सेउता इलाके में पड़ने वाले एक मंदिर में की।

यह मंदिर माँ देवी सोनासर के नाम से जाना जाता है। सोमवार को हुई इस शादी के दौरान मंदिर में प्रिंस के परिवार के अलावा गाँव के संभ्रांत लोग और हिन्दू संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। वेदमंत्रों के साथ विधि-विधान से दोनों की शादी सम्पन्न हुई। पहले आफरीन और अब निशा गुप्ता भी अपनी शादी से बेहद खुश नजर आईं। मंदिर में मौजूद लोगों ने आफरीन और प्रिंस को सुखद दाम्पत्य जीवन का आशीर्वाद दिया। अब आफरीन प्रिंस के साथ रह रहीं हैं।

भारत में पाकिस्तानी कलाकारों को बैन करने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, कहा- इतनी छोटी सोच मत रखो

सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तानी कलाकारों के भारत में प्रदर्शन पर रोक लगाने की माँग को ले कर दायर याचिका को ख़ारिज कर दिया। सुनवाई के दौरान अदालत ने इसे याचिकाकर्ता की छोटी सोच बताया। मंगलवार (28 नवम्बर, 2023) सुनाए गए इस फैसले के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ता से ऐसा न करने के लिए भी कहा। यह याचिका एक स्वघोषित सिनेमा वर्कर फैज़ कुरैशी ने दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट से पहले मुंबई हाईकोर्ट से भी फैज़ कुरैशी की यही याचिका ख़ारिज हो चुकी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तानी कलाकारों पर बैन लगाने की याचिका की सुनवाई न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और एसवीएन भट्टी की बेंच में हुई। याचिकाकर्ता ने इस याचिका में सूचना और प्रसारण मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय को पक्षकार बनाया था। याचिका में कहा गया था कि संबंधित मंत्रालय पाकिस्तानी कलाकारों को न सिर्फ आने से रोकें बल्कि उनके द्वारा एप्लाई किया जाने वाला वीजा भी निरस्त कर दिया करें। फैज़ कुरैशी ने कहा था कि अगर ऐसा न किया गया तो इससे भारतीय कलाकारों के प्रति भेदभाव की भावना बढ़ेगी।

दोनों देशों की तुलना करते हुए याचिका में यह भी बताया गया था कि जो सुविधा और सहूलियत पाकिस्तानी कलाकारों को भारत में प्रदर्शन के लिए दी जाती है वो पाकिस्तान में भारतीय कलाकारों को नहीं मिलती। साथ ही कहा गया कि अगर पाकिस्तानी खिलाड़ियों को भारत में खेलने की अनुमति दी जाती है तो उसकी आड़ में पाकिस्तान अपने गायक आदि जैसे कई कलाकार भेज कर खेल के आयोजन का दुरूपयोग कर सकते हैं।

सुनवाई के दौरान ही जस्टिस खन्ना ने कहा, “क्षमा करें। ऐसा न कीजिए। ये आपको एक अच्छी सलाह है। छोटी सोच का प्रदर्शन मत कीजिए।” अदालत ने याचिका को ख़ारिज करते हुए कहा कि अपने देश से प्रेम दिखाने के लिए किसी और देश से नफ़रत करना जरूरी नहीं है। सच्चे देशभक्त की पहचान के तौर पर सुप्रीम कोर्ट ने देश के लिए निस्वार्थ समर्पण की भावना होना जरूरी बताया। अदालत ने यह भी कहा कि कला, संगीत, खेल, संस्कृति, नृत्य आदि शांति लाती हैं।

बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट से पहले मुंबई हाईकोर्ट भी फैज़ कुरैशी की यही याचिका खारिज कर चुका है। तब हाईकोर्ट ने याचिका में दम न होना बताते हुए इसे शांति और सद्भाव के खिलाफ बताया था। मुंबई हाईकोर्ट ने अपनी टिप्पणी में यह भी कहा था कि इस प्रकार के प्रतिबंध लगाने से भारतीय नागरिकों द्वारा किए जा रहे व्यापार आदि पर भी गलत असर पड़ेगा।

खलिस्तानी आतंकी अर्श डल्ला के गैंग के 5 शार्प शूटर धराए: ‘खालिस्तान टाइगर फ़ोर्स’ ने दिल्ली में कई हत्याओं की रची थी साजिश, गोला-बारूद और हथियार भी बरामद

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार (27 नवंबर, 2023) को खालिस्तानी आतंकी अर्शदीप सिंह उर्फ़ अर्श डल्ला गैंग के 5 शार्प शूटरों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम राजप्रीत सिंह उर्फ़ राजा, वीरेंद्र सिंह उर्फ़ विम्मी, सचिन भाटी, अर्पित और सुशील प्रधान हैं। इनके पास से पुलिस ने अवैध हथियार बरामद किए हैं। पकड़े गए शूटर पंजाबी गायक एली मंगत की हत्या के साथ दिल्ली में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, स्पेशल सेल आतंकवाद सहित अन्य गंभीर अपराधों में संलिप्त संदिग्धों की निगरानी कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को दिल्ली में आतंकी हमलों की साजिश रचे जाने के इनपुट मिले। इस मामले की तह तक जाते हुए पुलिस ने कुछ लोगों को चिह्नित भी किया। इन सभी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई। पता चला कि लंदन में बैठे ‘खालिस्तान टाइगर फ़ोर्स’ के आतंकी अर्शदीप डल्ला ने इन्हें हरिद्वार के एक भाजपा नेता कविंदर चौधरी से पैसे वसूलने का काम सौंपा है।

दिल्ली में KTF ने कई हत्याओं की रची थी साजिश

संदिग्धों के नाम राजप्रीत सिंह उर्फ राजा, वीरेंद्र सिंह उर्फ़ विम्मी, सचिन भाटी, अर्पित और सुशील प्रधान के तौर पर सामने आए। इनमें राजप्रीत और वीरेंद्र पहले से ही हत्या, हत्या के प्रयास और रंगदारी जैसे कई मामलों में वांछित थे। स्पेशल सेल को यह भी पता चला कि सभी आरोप दिल्ली में कई लोगों की हत्या भी करना चाह रहे थे। इसके लिए इन्होंने गोला-बारूद के साथ घातक हथियार भी खरीद रखे थे। खरीदे गए हथियारों में सैन्य ग्रेड के हथगोले भी शामिल थे।

तमाम सूचनाएँ जुटाने के बाद दिल्ली पुलिस अर्श डल्ला गुट के इन आतंकियों की तलाश में जुट गई। 26 नवंबर, 2023 की रात लगभग 11 बजे पुलिस को सूचना मिली कि डल्ला गैंग के 2 शूटर मयूर विहार के समाचार अपार्टमेंट के सामने से दिल्ली-नोएडा लिंक रोड से अक्षरधाम मंदिर की तरफ जा रहे हैं। ये सभी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। स्पेशल सेल ने रास्ते में अपना जाल बिछाया। रात में 2 संदिग्ध बाइक सवार आते दिखे। उनको रोकने की कोशिश की गई तो दोनों ने पुलिस पर अंधाधुंध गोलियाँ बरसानी शुरू कर दीं।

बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से पुलिसकर्मी इस हमले में बाल-बाल बच गए। आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी गोलियाँ चलाईं। इस जवाबी कार्रवाई में एक संदिग्ध के पैर में गोली लगी और वो घायल हो गया। घायल की पहचान वीरेंद्र सिंह उर्फ़ विम्मी के तौर पर हुई। दूसरे संदिग्ध को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया जिसकी पहचान राजप्रीत सिंह के तौर पर हुई। इन दोनों के पास से पुलिस ने आधुनिक हथियार और हथगोले बरामद किए। दोनों से हुई पूछताछ के बाद पुलिस ने इस गैंग के सचिन भाटी, अर्पित धनखड़ और सुशील प्रधान को गिरफ्तार कर लिया। इन सभी पर अर्शदीप सिंह डल्ला गैंग को रसद पहुँचाने का आरोप है।

इन सभी के पास से पुलिस ने अलग-अलग बोर की कई पिस्टल, कारतूस और 2 हथगोले भी बरामद किए। जिस हीरो हौंडा लिवो बाइक पर राजप्रीत और वीरेंद्र सवार थे वह भी चोरी की निकली। बाद में विस्तार से हुई पूछताछ ने निकल कर आया कि सभी आरोपित खालिस्तान टाइगर फ़ोर्स (KTF) के लिस्टेड आतंकी अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला के नियमित सम्पर्क में थे। ये अर्श डल्ला के भाई की आत्महत्या का जिम्मेदार परमजीत सिंह को मानते थे।

इन सभी के पास से पुलिस ने अलग-अलग बोर की कई पिस्टल, कारतूस और 2 हथगोले भी बरामद किए। जिस हीरो हौंडा लिवो बाइक पर राजप्रीत और वीरेंद्र सवार थे वह भी चोरी की निकली। बाद में विस्तार से हुई पूछताछ ने निकल कर आया कि सभी आरोपित ‘खालिस्तान टाइगर फ़ोर्स’ (KTF) के लिस्टेड आतंकी अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला के नियमित सम्पर्क में थे। ये अर्श डल्ला के भाई की आत्महत्या का जिम्मेदार परमजीत सिंह को मानते थे।

इन सभी के पास से पुलिस ने अलग-अलग बोर की कई पिस्टल, कारतूस और 2 हथगोले भी बरामद किए। जिस हीरो हौंडा लिवो बाइक पर राजप्रीत और वीरेंद्र सवार थे वह भी चोरी की निकली। बाद में विस्तार से हुई पूछताछ ने निकल कर आया कि सभी आरोपित ‘खालिस्तान टाइगर फ़ोर्स’ (KTF) के लिस्टेड आतंकी अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला के नियमित सम्पर्क में थे। ये अर्श डल्ला के भाई की आत्महत्या का जिम्मेदार परमजीत सिंह को मानते थे। बाद में राजप्रीत और वीरेंद्र ने कुछ लोगों के साथ मिल कर जनवरी 2023 में पंजाब के जगरौन गाँव के निवासी परमजीत सिंह की हत्या भी कर दी थी।

परमजीत सिंह के अलावा इस गैंग के निशाने पर पंजाबी गायक एली मंगत और नवदीप चड्ढा नाम एक अपराधी भी था। ये सभी एली मंगत और नवदीप चड्ढा की रेकी भी कर चुके थे। एली मंगत की हत्या का प्रयास राजप्रीत और वीरेंद्र ने अक्टूबर 2023 में भी बठिंडा में किया था। हालाँकि, एली के न मिलने से प्लान फेल रहा। वहीं ये दोनों अपराधी नवदीप चड्ढा की हत्या मुक्तसर साहिब की कोर्ट में पेशी के दौरान करना चाहते थे। इसके अलावा साल 2023 में इन दोनों ने हरिद्वार जिले के कवीन्द्र चौधरी से पैसे उगाही का प्रयास किया था। इस मामले में मंगलौर थाना उत्तराखंड में केस भी दर्ज है।

पकड़े गए 25 वर्षीय शूटर राजप्रीत सिंह के पिता का नाम लेफ्टिनेनेट गुरुचरण सिंह है जो मूलतः फ़िरोज़पुर का रहने वाला है। राजप्रीत इस से पहले भी साल 2017 में पंजाब में हत्या के प्रयास में गिरफ्तार हुआ था। यह जानलेवा हमला उसने विनय बजाज नाम के व्यक्ति पर किया था। वहीं दूसरा 22 वर्षीय आरोपित वीरेंद्र सिंह उर्फ विम्मी बठिंडा का रहने वाला है। उस पर साल 2023 में पंजाब के मोड़ मंडी स्थित प्रेम ज्वेलर्स पर अर्श डल्ला के इशारे पर फायरिंग का आरोप है। ऑपइंडिया के पास पुलिस प्रेसनोट मौजूद है।

कौन है अर्शदीप डल्ला

बताते चलें कि अर्शदीप सिंह डल्ला भारत सरकार की लिस्ट में एक वांटेड और प्रतिबंधित आतंकी है। पंजाब मोगा जिले में जन्मा डल्ला गैंगस्टर से आतंकी बन गया था। फिलहाल वो कनाडा में रहता है। अर्शदीप की खालिस्तानी आतंकी निज्जर से भी काफी नजदीकी थी। कनाडा में रह कर अर्शदीप सिंह पाकिस्तान सीमा से तस्करी, टारगेट किलिंग और पंजाब में आतंकी हरकतों के लिए पैसे जुटाने का आरोप है। उस पर NIA ने कई मामले दर्ज कर रखे हैं।