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रात भर सुनता था पाकिस्तानी मौलाना की तकरीरें, घर से मिली जिहादी सामग्रियाँ: जिस लारेब हाशमी ने की ‘सर तन से जुदा’ की कोशिश, खँगाले जा रहे बैंक खाते

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में शुक्रवार (24 नवंबर 2023) को B.Tech के छात्र लारेब हाशमी ने सरकारी बस के कंडक्टर हरिकेश विश्वकर्मा पर चापड़ से हमला कर दिया था। इस हमले में गंभीर रूप से घायल हरिकेश का अस्पताल में इलाज चल रहा है। एक मुठभेड़ के बाद पुलिस ने लारेब हाशमी को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने हाशमी 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

पूछताछ में पता चला है कि हाशमी यूट्यूब पर मौलानों की भड़काऊ तकरीरें सुनता था, जिनमें पाकिस्तानी मौलाना भी शामिल हैं। उसकी मोबाइल की सर्च हिस्ट्री में इसके सबूत मिले हैं। उसके लैपटॉप, मोबाइल, पेन ड्राइव और चिप को जब्त करके फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजा गया है। जाँच में मिले सबूतों के आधार पर अब मामले में आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने भी इंट्री की है।

हाशिम के बैंक खातों की भी जाँच की जा रही है। एजेंसियाँ ये भी पता लगा रही हैं कि पॉल्ट्री की दुकान चलाने वाले के बेटे हाशिम की इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए पैसे कहाँ से आए। उसे कहाँ-कहाँ से और किसने पैसे भेजे, इसकी पड़ताल की जा रही है। लारेब के कमरे में कुछ किताबें भी मिली हैं। इसमें से कुछ जिहादी साहित्य बताए जा रहे हैं।

एजेंसियों ने पूछताछ के लिए उसके परिवार के लोगों और साथियों की लिस्ट तैयार कर रही है। वहीं, उसके कुछ करीबियों को पूछताछ के लिए उठाया भी गया है। जिस यूनाइटेड इंजीनियरिंग कॉलेज में लारेब B.Tech की पढ़ाई कर रहा था, उसने निलंबित कर दिया है। अब उसे कॉलेज से निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

अब तक की जाँच में ये बात भी सामने आई है कि लारेब हाशमी पिछले 8 माह से कट्टरपंथ की राह पर तेजी से बढ़ा। वो सुबह के 4 बजे तक ऑनलाइन जिहादी वीडियो देखा करता था। अंतिम 2 माह में उसने पाकिस्तानी मौलाना खादिम हुसैन रिज़वी की तकरीरें सबसे ज्यादा सुनीं। वह बातचीत में अरबी और उर्दू के शब्दों के अधिक से अधिक इस्तेमाल करता था।

बस कंडक्टर पर हमले के बाद लारेब हाशमी ने जो वीडियो जारी किया था, उसमें भी उसने इस पाकिस्तानी मौलाना का जिक्र किया था। उसने कहा था, “ए खादिम हुसैन रिज़वी, आपने कहा था, अल्लाह के नाम पर निकलो, फ़रिश्ते आएँगे, एक भी हत्या मत करना, इस्लाम के दुश्मन करेंगे लाशों का ढेर लगाना।” मौलाना रिज़वी तहरीक-ए-लब्बेक का संस्थापक था।

पता चला है कि लारेब हाशमी दो भाइयों और एक बहन में लारेब दूसरे नंबर पर है। परिवार और आसपास के लोग उसे काफी गुस्सैल स्वभाव वाला बताते हैं। इस मामले में उससे और अधिक पूछताछ के लिए पुलिस जल्दी ही अदालत से लारेब की कस्टडी रिमांड माँग सकती है।

चीन में फैला निमोनिया, भारत हुआ अलर्ट: स्वास्थ्य मंत्रालय ने सारे राज्यों को दिए निर्देश- तैयारी पूरी रखो

चीन में फैले निमोनिया ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। भारत में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सारे प्रदेशों और केंद्रशासित प्रदेशों को उनके सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र और अस्पताल में तैयारी करके रखने को कहा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्हें अस्पताल के बिस्तर, इन्फ्लूएंजा के लिए दवाएँ और टीके, ऑक्सीजन, एंटीबायोटिक्स, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण, परीक्षण किट जैसे चिकित्सा बुनियादी ढाँचे को बढ़ाने के लिए उपाय करने के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को ‘कोविड-19 के संदर्भ में संशोधित निगरानी रणनीति के लिए परिचालन दिशानिर्देश’ लागू करने के लिए कहा है। ऐसे में जिला एवं राज्य अधिकारी ILI/SARI (इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी/गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण) के मामलों पर नजर रखेंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने भी कहा है क‍ि स्वास्थ्य मंत्रालय चीन में बच्चों में फैली सांस की बीमारी के मामलों में वृद्धि पर करीब से नजर रख रहा है।

बता दें कि इससे पहले स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कहा गया था कि रहस्यमयी बीमारी से भारत को खतरा कम है लेकिन सरकार हर प्रकार से आपात स्थिति के लिए तैयार है। मंत्रालय ने बताया था कि फिलहाल किसी भी तरह की चेतावनी का कोई मामला सामने नहीं आया है। वहीं चीन से भी जब साँस संबंधी बीमारी को लेकर विवरण माँगा गया तो उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन को सूचित किया कि उन्हें कोई नया रोगाणु नहीं मिला है। उनके मुताबिक मौसमी बीमारी के अलावा उन्हें कोई नया वायरस का नहीं पता चला है।

‘ऐ चुप बैठो, सुनना है तो सुनो नहीं तो Get Out’: कॉन्ग्रेस की रैली में खड़गे को नहीं मिली ‘इज्जत’? वायरल वीडियो में कार्यकर्ताओं को ही खूब सुनाया

तेलंगाना में एक चुनावी रैली में संबोधन के दौरान कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे अपना आपा खो बैठे। इस दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोगों द्वारा शोर मचाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें सुनो या फिर भाग जाओ। उन्होंने मंच से खुद को AICC का नेता बताया। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में खड़गे कह रहे हैं, “(चीखते हुए) ऐ चुप बैठो। अगर सुनना है तो सुनो नहीं तो गेट आउट (हाथ की चले जाने का इशारा करते हुए)। डॉन्ट टॉल्क दैट वे (इस तरह बात मत करो)। आपको मालूम नहीं होता?”

खड़गे ने आगे कहा, “ये जो यह मीटिंग चल रही है, एक ऑल इंडिया कॉन्ग्रेस कमिटी का नेता बोल रहा है। और तुम्हारे में मुँह में तुमको जो होना है कहते हैं (और तुमको जो मुँह में आता है, कहे जा रहे हो)। अगर सुनना है तो सुनो नहीं तो अपने जगह को जाओ।”

इस वीडियो को सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है और लोग कॉन्ग्रेस और मल्लिकार्जुन खड़गे पर तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं। हालाँकि, यह वीडियो कहाँ का है इसको लेकर स्पष्टता नहीं है, लेकिन कहा जा रहा है कि यह तेलंगाना विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए आयोजित की गई एक रैली का है।

भाजपा नेता सुनील देवधर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “दिल्ली में मीडिया नहीं सुनती, पार्टी में गाँधी परिवार नहीं सुनता, रैली में कार्यकर्ता नहीं सुनते! बेचारे खड़गे जी…।”

इतना ही नहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसे भाजपा नेता डॉक्टर अजय आलोक ने भी 16 नवंबर 2023 को अपने एक्स हैंडल पर शेयर किया था। इस वीडियो में खड़गे के बयान को जोड़ा गया है।

बता दें कि तेलंगाना में 30 नवंबर 2023 को मतदान होना है, जबकि 3 दिसंबर को मतगणना होगा। यहाँ सत्ताधारी BRS के साथ असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM का गठबंधन है। वहीं, भाजपा राज्य में एक बड़ी शक्ति के रूप में उभर रही है।

हरियाणा में लड़कियों की कॉलेज शिक्षा का खर्च उठाएगी सरकार! कम आय वाले परिवारों के लिए CM खट्टर का बड़ा ऐलान, प्राइवेट कॉलेजों में भी मिलेगी ये सुविधा

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने राज्य में कम आय वाले परिवारों की लड़कियों की कॉलेज शिक्षा को मुफ्त करने का ऐलान किया है। उन्होंने यह ऐलान पानीपत जिले के समालखा में किया है।

मुख्यमंत्री खट्टर समालखा में आयोजित ‘जन आशीर्वाद रैली‘ को संबोधित करने पहुँचे थे। समालखा में उन्होंने इस योजना का ऐलान किया। हरियाणा सरकार ऐसे परिवार, जिनकी वार्षिक आय ₹1.8 लाख से कम है उनकी बेटियों की कॉलेज में पढ़ाई का खर्चा वहन करेगी।

हरियाणा सरकार ₹1.8 लाख से लेकर ₹3 लाख के बीच है, ऐसी बेटियों की पढ़ाई का 50% खर्च सरकार वहन करेगी। हरियाणा सरकार की यह व्यवस्था सरकारी और निजी, दोनों तरह के कॉलेज पर लागू होगी। इसका अर्थ है कि पूरे प्रदेश में किसी भी तरह के कॉलेज में पढ़ने वाली लड़कियाँ इस योजना का लाभ ले सकेंगी।

इससे पहले मुख्यमंत्री खट्टर ने प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों के लिए मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन को भी बढ़ा कर ₹3000/माह कर दिया था। यह व्यवस्था राज्य में 1 जनवरी 2024 से चालू होगी। इसके अलावा राज्य में 80 वर्ष से ऊपर के नागरिकों के लिए ‘वरिष्ठ नागरिक सेवा आश्रम योजना’ का ऐलान किया था।

समालखा में मुख्यमंत्री खट्टर ने कॉन्ग्रेस पर हमला भी बोला। उन्होंने कॉन्ग्रेस को देश में भ्रष्टाचार और अपराध की जनक भी बताया है। उनका कहना है कि जिस तरह प्रदेशों में कॉन्ग्रेस साफ़ हो रही है, उसका देश से भी खात्मा हो जाएगा। वह एक दिवसीय दौरे में पानीपत में ही स्थित ब्रह्मकुमारी संस्थान में भी पहुँचे। यहाँ मुख्यमंत्री ने ‘नशा मुक्त हरियाणा अभियान’ की शुरुआत की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री खट्टर ने ‘दादी चंद्रमणि यूनिवर्सल पीस ऑडिटोरियम’ का उद्घाटन और ‘मनमोहिनी भवन’ का शिलान्यास किया। साथ ही प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, पानीपत हेतु सरकार की तरफ से ₹21 लाख अनुदान राशि देने की घोषणा की।

‘हमारा वोट BJP को’: युवक-युवतियों के बीच PM मोदी का क्रेज देख कर खीझे यूट्यूबर अजीत अंजुम, नहीं चला प्रोपेगंडा तो निकल लिए

राजस्थान विधानसभा चुनावों के लिए शनिवार (25 नवंबर, 2023) को मतदान सम्पन्न हो गया है। राजस्थान में प्रत्येक 5 वर्षों पर सरकार बदलने का चलन रहा है और इस बार भी यही रुझान सामने आ रहे हैं कि सत्ता परिवर्तन होने वाला है। हालाँकि, यह बात कॉन्ग्रेस के लिए दिन भर प्रोपेगंडा चलाने वाले यूट्यूबर अजीत अंजुम को पच नहीं रही है।

अजीत अंजुम लोगों के प्रधानमंत्री के नाम पर वोट देने को लेकर प्रश्न उठा रहे हैं। वह वोटरों को रास्ते में रोक कर लोगों के भाजपा को वोट देने पर चिंता जता रहे हैं।

इसको लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। दरअसल, अजीत अंजुम 25 नवंबर को जयपुर की हवामहल सीट पर मतदान के दौरान वोटर्स से बातचीत करने गए थे जहाँ पर पहली बार वोट डालने वाले कुछ वोटर्स थे।

अजीत अंजुम ने इन वोटरों से मतदान के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के काम को देख कर वोट दिया है। इस पर अंजुम खीझ गए और कहा कि मोदी तो यहाँ मुख्यमंत्री बनने आएँगे नहीं। इस पर युवाओं ने कहा कि उन्होंने देश के फायदे के लिए वोट दिया है।

आप इस वीडियो में 41 मिनट के बाद उनकी यह क्लिप देख सकते हैं।

एक अन्य युवती से जब उन्होंने पूछा तो उसने भी कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी को वोट देकर आई है। यह भी अंजुम को अच्छा नहीं लगा। कई युवाओं ने इस बात की शिकायत की कि पूरे शासन के दौरान सचिन पायलट और अशोक गहलोत आपस में ही लड़ते रहे। लोगों ने कहा कि इसी कारण से राजस्थान का विकास नहीं हो पाया।

वोटर्स ने यह भी गिनाया कि बीते कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में काफी काम किया गया है। राजस्थान में यदि वैसी ही सरकार आ जाए तो यहाँ भी विकास हो सकता है। अजीत अंजुम ने इस दौरान वोटर्स की बातों को मानने से भी इनकार किया।

अजीत अंजुम इस दौरान लोगों को समझाते दिखे कि बीते 9 वर्षों में महँगाई बढ़ी है लेकिन वोटर्स का कहना था कि वह राजस्थान में विकास देखना चाहते हैं और साथ ही महँगाई के बराबर ही कमाई भी बढ़ी है। इस पर अजीत को जब अपने पक्ष की बात नहीं सुनाई दी तो वह वहाँ से हट लिए।

पोलिंग बूथ पर पहुँचने वाले लोगों का कहना था कि राजस्थान सरकार विकास के मामले में पीछे है। उनका यह भी कहना था कि पेपर लीक और रोजगार जैसे बड़े मुद्दे थे जिन्हें कॉन्ग्रेस नहीं सुलझा पाई। एक महिला ने राजस्थान पुलिस की कार्रवाई पर भी अपनी नाराजगी जताई। इससे पहले भी अजीत अंजुम कुछ महिलाओं को परेशान करते हुए नजर आए थे।

AI की मदद से दुनिया की पहली ‘वैदिक सिटी’ बनेगी अयोध्या, टेक्नोलॉजी कंपनी के साथ फाइनल हो गई डील: दिखेगा परंपरा और आधुनिकता का मेल

उत्तर प्रदेश की अयोध्या नगरी 25 जनवरी 2024 भगवान रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर सज-सँवर रही है। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार इसके विकास को लेकर कई पहल भी कर रही है। अयोध्या के विकास के लिए AI तकनीक की मदद ली जा रही है और इसे देश के पहले वैदिक आत्मनिर्भर नगरी के रूप में विकसित किया जा रहा है।

अयोध्या विकास प्राधिकरण ने इसके लिए गुरुग्राम आधारित एक निजी कंपनी अराहास टेक्नोलॉजीज के साथ करार किया है। यह कंपनी AI की मदद से शहर का पहला वैदिक सिटी सस्टेनेबल इंडेक्स प्लेटफॉर्म स्थापित करेगी। इस इंडेक्स की रिपोर्ट के आधार पर सरकार को पता चल सकेगा कि उसके पास क्या संसाधन है और बढ़ते दबाव के अनुसार उसे क्या तैयारी करनी है।

अयोध्या जिले की कुल संख्या 24 लाख से अधिक है। इस तकनीक से यह पता किया जाएगा कि राम मंदिर निर्माण के बाद अगर 10 करोड़ लोग अयोध्या आते हैं तो शहर के वातारण और संसाधनों पर इसका असर पड़ेगा। सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स की रिपोर्ट के आधार पर इससे निपटने के लिए पहले से ही योजना बनाई जाएगी, ताकि स्थानीय लोगों को असुविधा ना हो।

AI की मदद से लगभग 24.70 लाख की आबादी वाले अयोध्या शहर के पर्यावरण, सामाजिक और आर्थिक गतिशीलता में अंदर की जानकारी ली जाएगी। इसके साथ-साथ इस प्लेटफॉर्म की मदद से रियल टाइम में निकायों के विकास की प्रगति की निगरानी करने, उसके लिए मानक निर्धारित करने और शहर के अनुकूल नीतियाँ बनाने में मिलेगी।

इस तकनीक के अपनाने के बाद अयोध्या अपना खुद का सस्टेनेबिलिटी डेवलपमेंट इंडेक्स (SDI) जारी करने वाला देश का पहला धार्मिक शहर बन जाएगा। नगर आयुक्त एवं प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह ने बताया कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप यह इंडेक्स लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करने वाला होगा।

वैदिक सस्टेनेबल सिटी इंडेक्स का उद्देश्य शहर की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं पुनर्जीवित करना है। इसके साथ ही यहाँ की आध्यात्मिकता और समग्र कल्याण को बढ़ावा देना, पर्यावरणीय प्रबंधन को नियोजित और नैतिक परंपराओं एवं रिवाजों के माध्यम से आर्थिक समृद्धि एवं विकास को बढ़ावा देना है। आराहास टेक्नोलॉजीज के सीईओ सौरभ राय का कहना है कि अयोध्या विश्वस्तरीय शहर बनेगा।

राय का कहना है, “परियोजना के पहले चरण में लगभग 1 मिलियन डॉलर (8.33 करोड़ रुपए) के निवेश की आवश्यकता होगी। इसे अराहास टेक्नोलॉजीज द्वारा कवर किया जाएगा। वैदिक सस्टेनेबिलिटी सिटी इंडेक्स की पहली रिलीज तिमाही अपडेट के साथ जनवरी 2024 में निर्धारित है।”

विशाल सिंह के मुताबिक, वैदिक सस्टेनेबल सिटी इंडेक्स अयोध्या के लिए दूरदर्शिता को परिभाषित करता है, जो परंपरागत और आधुनिकता का सामंजस्यपूर्ण समिश्रण पेश करेगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या विकास प्राधिकरण वैदिक सिद्धांतों पर आधारित शहर के विकास की कल्पना करना चाहता है। इसलिए इस दिशा में AI की मदद ली जा रही है।

सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने सस्टेनेबल उपायों के माध्यम से शहर के समग्र विकास में तेजी लाने के लिए इस महीने की शुरुआत में ‘अयोध्या धाम तीर्थ विकास परिषद’ नाम का एक विशेष बोर्ड का गठन किया था। इस समय अयोध्या में प्रतिदिन 35 हजार से 50 हजार की संख्या तक यात्री आते हैं। आने वाले समय में इस संख्या के कई गुना बढ़ने की उम्मीद है।

पॉर्न दिखाता, नंगा नचाता, नशा देता, बलात्कार करता… अशपाक शेख ने जिस हिन्दू महिला से किया ‘लव जिहाद’, 3 साल से उसी की नाबालिग बेटी को बनाता था शिकार

महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में एक ‘लव जिहाद’ की शिकार हिन्दू महिला की नाबालिग बेटी के साथ बलात्कार होने की खबर है। रेप का आरोप महिला के ही प्रेमी पर लगा है जिसका नाम अशपाक शेख है। आरोप है कि शेख पिछले 3 साल से नाबालिग को नशा दे कर उस से बलात्कार कर रहा था। पीड़िता ने अपनी माँ के भी लापता होने की बात कही है। गुरुवार (23 नवंबर 2023) को पुलिस ने केस दर्ज कर के अशपाक को गिरफ्तार कर लिया है। FIR में घटनाओं का समय 1 जनवरी, 2020 से 23 नवंबर, 2023 के बीच बताया गया है। मामले की जाँच जारी है।

यह घटना औरंगाबाद के पुंडलीक नगर थाना क्षेत्र की है। इस मामले की शिकायत ‘विश्व हिन्दू परिषद’ (VHP) से जुड़े सदस्यों ने दर्ज करवाई है। शिकायत में पीड़िता ने बताया कि जब वो महज 2 साल की थी तब उनकी माँ ने अपने पहले पति से तलाक ले लिया था। तलाक के बाद वो भरत नगर इलाके में अशपाक शेख के साथ रहने लगीं थीं। इस दौरान महिला ने एक बेटे को जन्म दिया। इस बच्चे को अशपाक अपनी औलाद नहीं मानता था जिसको ले कर आए दिन मियाँ-बीवी में झगड़े होने लगे।

तब से अब तक 15 वर्षीया पीड़िता अपनी माँ और अशपाक से जन्मे भाई के साथ भरत नगर इलाके में रह रही है। लगभग 3 साल पहले की एक घटना का जिक्र करते हुए नाबालिग ने बताया कि एक दिन वो अपने भाई के साथ किसी शादी में गई थी। इसी दौरान उसकी माँ की कॉल जिन्होंने झगड़ा होने की बात कह कर दोनों को घर वापस बुलाया। जब पीड़िता अपने भाई के साथ घर लौटी तो देखा कि वहाँ काँच के कई टुकड़े पड़े हुए थे। अशपाक के गले में खरोंच दिख रही थी।

पीड़िता को इस दौरान अपनी माँ कहीं नहीं दिखाई दी। पूछने पर अशपफ ने बच्चों को बताया कि वो सबको छोड़ कर चली गई है। अशपाक पीड़िता और उसके भाई को औरंगाबाद से मुंबई ले जाने की भी तैयारी करने लगा। पीड़िता को अशपाक की बातों पर विश्वास नहीं हुआ तो उसने पड़ोसियों से पूछताछ की। पड़ोसियों ने बताया कि उन्होंने घटना के दिन पीड़िता की माँ के सिर पर चोट लगी देखी थी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि अशपाक को लकड़ी की छड़ी ले कर पीड़िता की माँ के पीछे भागते भी देखा गया था।

इस घटना के बाद अशपाक पीड़िता और समीर को ले कर मुंबई चला गया। यहाँ वो 8 दिनों तक रहा। इसी दौरान एक रात वो फोन पर औरंगाबाद के माहौल की जानकारी ले रहा था। वो पूछ रहा था कि क्या वहाँ सब ठीक है और वो वापस आ सकता है क्या? इस बात को पीड़िता ने सुन लिया। दूसरे दिन सुबह इस फोन के बाद अशपाक पीड़िता और समीर को ले कर वापस औरंगाबाद लौट आया। यहाँ पर वो 1 महीने रहा। इस दौरान एक दिन उसने एक दिन पीड़िता से रेप किया।

थोड़े समय बाद अशपाफ पीड़िता को ले कर औरंगाबाद के ही फुलंब्री नाम की जगह गया। यहाँ वो दूध में चॉकलेट और नशे की गोली खिला कर पीड़िता से रेप करने लगा। ऐसा अशपाक ने कई बार किया। यहाँ से अशपाक नाबालिग पीड़िता को ले कर अपनी बहन इरफाना के घर नरेगाँव चला गया। यह जगह भी औरंगाबाद में ही है। यहाँ उसने एक लड़के के साथ पीड़िता का निकाह तय करने की बात कही। साथ ही पीड़िता की हल्दी की रस्म भी तय होने की जानकारी दी।

नाबालिग पीड़िता ने यह निकाह करने से इंकार कर दिया। इस पर अशपाफ ने पीड़िता को 2 विकल्प दिए। पहले विकल्प में खुद के द्वारा चुने लड़के से निकाह करना और दूसरे में अपने साथ शारीरिक संबंध बनाना था। इन दोनों में से कोई विकल्ल्प न चुनने पर पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी गई। इसी डर के साथ अशपफ लगातार नाबालिग से रेप करता रहा। थोड़े समय बाद अशपाक वापस पीड़िता के साथ औरंगाबाद लौट आया। यहाँ पर भी वो पीड़िता को चॉकलेटी रंग की गोलियाँ दूध और पानी में मिला कर खिलाता रहा और उसके साथ दुष्कर्म करता रहा।

आरोपित अक्सर नाबालिग को अपने मोबाइल में पॉर्न फ़िल्में दिखाता था। कई बार तो वो पीड़िता को नंगा हो कर नाचने पर भी मजबूर करता था। 23 अक्टूबर 2023 के दिन शाम लगभग 6 बजे पीड़िता अपनी सहेली व उनकी माँ के साथ कर्णपुरा इलाके में गई। कर्णपुरा औरंगाबाद में ही है। यहाँ से उसे घर लौटने में देर हो गई। घर आने पर अशपाक ने फिर से पीड़िता के साथ रेप का प्रयास किया। इस दौरान पीड़िता ने अशपाक जो जोर से लात मारी और मौक़ा पा कर घर से निकल गई। यहाँ से वो अपनी सहेली के घर पहुँची और रात में वहीँ रुकी। सुबह किसी को दिक्कत न हो इसके लिए पीड़िता बिना किसी को बताए वहाँ से सीधे पुंडलीक नगर पुलिस स्टेशन पहुँची।

लड़की के घर से जाने के बाद अशपाक ने थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। हालाँकि पीड़िता ने बताया कि वो सुरक्षित है और ऐसा अशपाफ अपने बचाव में कर रहा था। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि पिछले 3 साल से वो अशपाक की दरिंदगी का शिकार हो रही है। साथ ही उसने बताया कि पिछले 3 वर्षों से उनकी माँ का कुछ भी अता-पता नहीं। पूछने पर अशपाक बताया है कि वो किसी के साथ भाग गई।

मामले की जानकारी मिलते ही हिन्दू संगठन के सदस्य पहुँचे और उन्होंने पीड़िता की मदद की। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर IPC की धारा 376, 376 (2)(n), 376 (3), 323 और 504 के साथ पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज किया है। आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

41 मजदूरों को वापस लाने के लिए आई जो अमेरिकी मशीन, वो भी अंदर ही फँस गई: उत्तरकाशी के सुरंग रेस्क्यू में लोहे का टुकड़ा बना रोड़ा, अब इन विकल्पों पर विचार

उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में फँसे 41 मजदूरों को निकालने में अभी तक सफलता नहीं मिल सकी है। सुरंग के अन्दर आए मलबे को हटा कर पाइप धकेलने में लगी ऑगर मशीन एक बार फिर खराब हो गई है और रेस्क्यू तीन दिन से रुका हुआ है।

गौरतलब है कि उत्तरकाशी में आल वेदर परियोजना के तहत बन रही सिलक्यारा सुरंग में 12 नवम्बर, 2023 को सुबह मलबा आने की वजह से 41 मजदूर अन्दर फँस गए थे। उन्हें तब से निकालने का प्रयास जारी है। पहले मलबा हटाने का प्रयास किया गया था लेकिन नया मलबा आने की वजह से ये प्रयास सफल नहीं हुए थे।

इसके पश्चात ऑगर मशीन लाई गई थी जिसके जरिए मलबे के भीतर से लगभग 3 फुट व्यास वाले पाइप डाले जाने थे जिससे मजदूर बाहर आते, लेकिन मशीन के बार-बार खराब होने के कारण यह काम नहीं पूरा नहीं हो पा रहा है। अब प्रशासन मजदूरों के लिए दूसरे विकल्पों पर काम कर रहा है। इससे पहले सुरंग के भीतर एक 6 इंच व्यास वाला पाइप भेजने में सफलता मिली थी जिसके माध्यम से अन्दर कैमरा भेजा गया था। इसी के माध्यम से मजदूरों को कपड़े और खाना, पानी तथा दवाइयाँ भेजी जा रही हैं।

क्या है ऑगर मशीन, क्यों हुई खराब?

अमेरिकन ऑगर्स नाम की कम्पनी यह मशीन बनाती है। यह अमेरिका की कम्पनी है जो कि ड्रिलिंग के लिए मशीनें बनाती है। यह कम्पनी इसी काम के लिए प्रसिद्ध है। उत्तराखंड में काम में ली जा रही मशीन इसी का एक उत्पाद है जिसका नाम 60-1200 है।

यह मशीन मलबे या जमीन के भीतर या बराबर में सीधे-सीधे जाकर रास्ता बनाती है। इससे मलबा भी कम निकलता है और रास्ता भी जल्दी बनता जाता है। मलबे को एक पाइप या अन्य किसी रास्ते निकाला जाता है। मशीन के मुहाने पर एक मिट्टी काटने के लिए हेड लगा होता है जिसके पीछे ड्रिल जैसी मोटी रॉड होती है। इसे जमीन पर बने एक फाउंडेशन पर लगाया जाता है। यह मशीन रास्ता बनाने के साथ ही उसकी स्थिति और अन्य चीजों पर भी तकनीक के सहारे जानकारी देती है।

सिलक्यारा में रेस्क्यू टीम की योजना थी कि वह मलबे के भीतर से इस ऑगर ड्रिलिंग मशीन को भेजेंगे और और इसी के ऊपर से पाइप धकेलते जाएँगे। इसके लिए मशीन का ड्रिल वाला हिस्सा पाइप के अन्दर होते हुए रास्ता बनाता है और बाहर निकाल लिया जाता है। अन्दर भेजे गए एक पाइप में दूसरे पाइप की वेल्डिंग की जाती है और पुनः यही प्रक्रिया दोहराई जाती है।

जानकारी के अनुसार, सुरंग में लगभग 60 मीटर के इलाके में मलबा आया है। मशीन अभी तक 46 मीटर तक पाइप डाल चुकी है, बाकी का काम होना बाकी है। पहले मशीन में अन्य खराबी आ रही थी लेकिन इस बार सामने लोहे एक बड़ा टुकड़ा आने के कारण यह फँस गई है।

ऐसी समस्या रेस्क्यू के दौरान कई बार आई है लेकिन तब मशीन को बाहर निकाल लिया जाता था। इस बार मशीन अन्दर लोहे के टुकड़े से टकरा कर फँस गई है। जानकारी के अनुसार, अभी 32 मीटर का हिस्सा पाइप के अन्दर ही है। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि एक साथ कई ड्रिलिंग वाली रॉड जोड़ी गई थी और यह टूट गईं।

अब क्या होगा?

पाइप के अन्दर फँसे ऑगर ड्रिल को अभी मजदूर काट कर निकाल रहे हैं। यह काम अभी हाथों से ही हो रहा है इसलिए इसकी गति बहुत धीमी है। जानकारी के अनुसार, अभी मात्र 1.5 मीटर/घंटा की रफ़्तार से काम हो रहा है।

मशीन को जल्दी काटने के लिए हैदराबाद से प्लाज्मा कटिंग मशीन मँगाई गई है। यह मशीन इस काम की गति को 4 मीटर/घंटा तक बढ़ा देगी। यह मशीन उत्तरकाशी पहुँच गई है। जल्द से जल्द अब ऑगर ड्रिल के फंसे हिस्से को निकालने का प्रयास चल रहा है।

दूसरे विकल्पों पर भी काम चालू

ऑगर मशीन से पाइप डालने के अलावा दूसरे विकल्पों पर रेस्क्यू टीम काम कर रही है। सुरंग के भीतर पहुँचने के लिए ऊपर की तरफ से भी रास्ता बनाया जा रहा है। जिस पहाड़ी में यह सुरंग बन रही है, वहाँ सही जगह की पहचान करके अब ड्रिलिंग की जाएगी।

जहाँ ऑगर मशीन अभी जमीन के बराबर में ड्रिलिंग कर रही थी वहीं यह मशीन बोरिंग करते हुए अन्दर जाएगी। इस पर काम भी चालू हो गया है। इस काम के लिए लाई गई मशीन सतलुज जल विद्युत् निगम की है। बताया गया है कि इस तरीके से लगभग 68 मीटर का रास्ता बनाया जाएगा।

हालाँकि, अभी भी ऑगर ड्रिलिंग मशीन के हिस्से हटाकर मजदूरों से खुदाई करवाने के लिए विकल्प पर भी विचार चल रहा है। इसलिए सबसे पहली प्राथमिकता 3 फीट वाले पाइप के रास्ते को ही दी जा रही है। आशा की जा रही है कि मशीन के ठीक होने के बाद जल्द ही मजदूर बाहर निकल आएँगे।

जिस SAMU (स्टूडेंट्स ऑफ़ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी) के 7 आतंकी गिरफ्तार, उसे 2022 में क्लीन चिट क्यों… जबकि 3 साल से था खुफिया एजेंसियों के रडार पर

उत्तर प्रदेश पुलिस की आतंकवाद निरोधक शाखा (ATS) ने नवंबर माह 2023 में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से जुड़े 7 आतंकियों को गिरफ्तार किया। इनमें से अधिकांश SAMU (स्टूडेंट्स ऑफ़ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी) के सदस्य थे। अब मिल रही जानकारी के मुताबिक SAMU नाम के संगठन पर ख़ुफ़िया एजेंसियों की नजर साल 2020 से ही थी। तब हालाँकि ATS के अलीगढ़ यूनिट के प्रभारी सब इंस्पेक्टर मोहम्मद अकरम खान ने अपनी जाँच में इस संगठन में कुछ भी संदिग्ध या राष्ट्रविरोधी हरकतों में संलिप्त न होने का दावा किया था। 3 साल के बाद अब इसी SAMU से आतंक के आरोपित दबोचे गए।

ऑपइंडिया को उच्च आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक SAMU ग्रुप साल 2020 में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अंदर CAA-NRC विरोधी हिंसा के दौरान ही ख़ुफ़िया एजेंसियों की नजर में आ चुका था। तब ATS को इस संगठन की निगरानी के ऊपर से निर्देश मिले थे। उस समय अलीगढ़ यूनिट ATS के प्रभारी सुशांत गौड़ हुआ करते थे। उन्होंने इस संगठन की निगरानी शुरू कर दी।

कुछ समय बाद सुशांत गौड़ का ट्रांसफर कहीं अन्यत्र हो गया। उनके ट्रांसफर के बाद अलीगढ़ ATS यूनिट की कमान सब इंस्पेक्टर मोहम्मद अकरम खान को मिल गई। मोहम्मद अकरम खान पूर्व में भी अलीगढ़ के अलग-अलग थानों में तैनात रह चुके थे।

मोहम्मद अकरम के नेतृत्व में चल रही ATS अलीगढ़ यूनिट में हेड कॉन्स्टेबल इरशाद भी हुआ करते थे। इनकी यूनिट ने जाँच की और साल 2022 में अपनी जाँच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी। दरोगा अकरम की जाँच रिपोर्ट में SAMU का किसी भी तरह की देश विरोधी या आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता से इनकार किया गया।

एक साल के भीतर ही अब उसी SAMU से जुड़े 7 आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। साल 2022 के बाद SAMU से कई और कट्टरपंथी जुड़े और धीरे-धीरे यह संगठन अपनी जड़ें गहरी करता चला गया। सवाल उठता है कि क्या 2022 की जाँच रिपोर्ट में कोई चूक हुई थी?

शाहनवाज की गिरफ्तारी के बाद उधड़ी परतें

जाँच रिपोर्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साल 2022 से लेकर पिछले महीने तक SAMU तेजी से फल-फूल रहा था। यह लेकिन एक बार फिर से चर्चा में तब आया, जब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 2 अक्टूबर 2023 को पुणे ISIS मॉड्यूल के सदस्य शाहनवाज की गिरफ्तारी की। यहीं से SAMU का कनेक्शन जुड़ा।

शाहनवाज़, अरशद वारसी और रिज़वान से दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की हुई पूछताछ में पुणे ISIS मॉड्यूल के तार अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) से जुड़े पाए गए थे। AMU का SAMU ग्रुप तब चर्चा में आया और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साथ NIA की भी नजरें अलीगढ़ की तरफ मुड़ीं।

दिल्ली पुलिस और NIA की तेजी भाँप कर उत्तर प्रदेश ATS ने भी सक्रियता दिखाई और महज 1 माह से भी कम समय में SAMU के टॉप 7 आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल अभी भी SAMU से जुड़े फैज़ान बख्तियार और अब्दुल समद मलिक फरार चल रहे हैं। इन दोनों की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है।

एक अन्य संदिग्ध हारिश फारुखी भी एजेंसियों के रडार पर है, जो लम्बे समय से पकड़ से बाहर है। फिलहाल मोहम्मद अकरम खान अभी भी ATS अलीगढ़ यूनिट के प्रभारी हैं। SAMU ग्रुप के खिलाफ नवंबर 2023 में दर्ज FIR में अकरम खान ही वादी हैं।

दूसरों को बताते हैं ‘गोदी मीडिया’, खुद कॉन्ग्रेसी CM के लिए बन गए ‘बाथरूम सिंगर’: पाकिस्तानी हिन्दू क्रिकेटर ने टोका तो चरित्र हनन पर उतर गए राजदीप सरदेसाई

‘इंडिया टुडे’ के एंकर राजदीप सरदेसाई अब पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर दानिश कनेरिया के चरित्र हनन पर उतर आए हैं। हालाँकि, कनेरिया की ‘गुगली’ से वह ‘क्लीन बोल्ड’ भी हो गए हैं। पूरा मामला राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के एक इंटरव्यू से जुड़ा है।

दरअसल, हाल ही में ‘इंडिया टुडे’ के एंकर राजदीप सरदेसाई ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का इंटरव्यू किया था। इसके लिए वह अशोक गहलोत के चार्टड प्लेन से उनके साथ इंटरव्यू करते हुए गए थे। उन्होंने लगभग 1 घंटे लम्बा इंटरव्यू किया। झूठी खबरें फैलाने के लिए कुख्यात राजदीप ने इस दौरान अशोक गहलोत के लिए गाने गाए। राजदीप ने अशोक गहलोत से मुख्यमंत्री बनने का प्रश्न पूछने के बाद ‘ज़िंदगी के सफ़र में’ और ‘मुसाफिर हूँ यारों’ गाना गाया और खुद को एक बाथरूम सिंगर (नहाते वक्त गाना गाने वाला) बताया।

राजदीप का अशोक गहलोत के लिए गाने गाना सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोगों ने उनकी आलोचना की। लोगों ने यह प्रश्न उठाए कि सदैव दूसरों को ‘गोदी मीडिया’ बताने वाले राजदीप अब खुद कॉन्ग्रेसी मुख्यमंत्री के लिए गाने गा रहे हैं।

राजदीप के इसी बरताव पर पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर दानिश कनेरिया ने एक्स (पहले ट्विट्टर) लिखा, “जब बाथरूम सिंगर पत्रकार बन जाते हैं।” साथ ही उन्होंने हँसने वाला इमोजी उपयोग किया। इस पर राजदीप भड़क गए और कनेरिया को आईटी सेल का आदमी बताने और उनका चरित्र हनन करने पर उतर आए।

राजदीप ने लिखा, “जब एक पाकिस्तानी मैच फिक्सर/स्पॉट फ़िक्सर ‘मैसूर पाक’ आईटी सेल का हिस्सा बन जाता है। जाकर अपनी जिन्दगी जियो दानिश कनेरिया। अगली बार आधे घंटे का पूरा इंटरव्यू देखना, ना कि 60 सेकेण्ड की वो क्लिप जो तुम्हें तुम्हारे आईटी सेल के चीफ ने ट्वीट करने को कहा है।”

दरअसल, मैसूर पाक आईटी सेल से राजदीप का अभिप्राय यहाँ भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल से है। कर्नाटक चुनावों पर एक बहस के दौरान भाजपा के आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने राजदीप को कॉन्ग्रेस का प्रोपगैंडा फैलाने वाला कहा था जिसके जवाब में राजदीप ने मालवीय के पास मैसूर पाक भेजा था।

भले ही कनेरिया पर मैच फिक्सिंग के कोई सीधे आरोप ना हो लेकिन राजदीप का चरित्र हनन पर उतरना उन्हें भारी पड़ गया। कनेरिया ने स्वयं और ट्विटर पर बाकी लोगों ने राजदीप की धुलाई कर दी। कनेरिया की गुगली ने राजदीप को बोल्ड कर दिया।

कनेरिया ने इस पर लिखा, “कितनी बार राजदीप ने अपनी खबरों को इस तरह से फिक्स किया है कि वह उनके या उनके मास्टर के एजेंडा से मैच करें। वह ‘मैसूर पाक’ नाम का उपयोग दुरूपयोग वैसे ही कर रहे हैं जैसे वह ‘पत्रकार’ शब्द का अपने साथ करते हैं। हालाँकि, मैंने मुकेश अम्बानी का पूरा इंटरव्यू आपके साथ देखा है।”

गौरतलब है कि एक इंटरव्यू के दौरान कारोबारी मुकेश अम्बानी ने राजदीप सरदेसाई से कहा था कि मैं आपको सीरियस लेता ही नहीं हूँ। इस इंटरव्यू के बाद राजदीप की काफी बेइज्जती और खिंचाई हुई थी। अब राजदीप फिर से ट्रोल हो रहे हैं।

एक व्यक्ति ने लिखा कि मैसूर पाक आईटी सेल होना भारत में रह कर पाकिस्तानी आईटी सेल का हिस्सा होने अच्छा है।

दूसरे व्यक्ति ने पूछा कि क्या वो मोहम्मद अज़हरुद्दीन को मैच फ़िक्सर कह सकते हैं, जिनका इंटरव्यू उन्होंने लिया है।

अब राजदीप से कोई जवाब नहीं देते बन रहा है। इससे पहले दानिश सुप्रीम कोर्ट में वकील प्रशांत भूषण की भी गिल्लियाँ उड़ा चुके हैं।