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वर्ल्ड कप के बाद पहली बार दिखे रोहित शर्मा, गुजरात टाइटन्स ने नया कप्तान चुनकर लिखा ‘शुभ शुरुआत’: MI की जर्सी में हार्दिक पांड्या

वर्ल्ड कप के बाद इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2024 के लिए टीमों की आपस में खिलाड़ियों की अदला-बदली जारी है। आईपीएल के ट्रेडिंग सिस्टम के तहत कई खिलाड़ी इधर से उधर हुए हैं। सबसे बड़ा नाम हार्दिक पांड्या का है जिन्हें मुंबई इंडियंस ने गुजरात टाइटन्स से लिया है। हार्दिक पहले मुंबई से ही खेला करते थे।

बाद में हार्दिक गुजरात टाइटन्स में गए और कप्तान बने। बताया जा रहा है कि हार्दिक को मुंबई को देने के लिए गुजरात ने बड़ी राशि ली है। गुजरात ने हार्दिक को ₹15 करोड़ में खरीदा था। मुंबई ने हार्दिक को खरीदने के लिए अपने खिलाड़ी कैमरून ग्रीन को भी रिलीज किया है।

मुंबई इंडियंस की मालिक नीता अम्बानी ने हार्दिक के आने पर कहा है, “हम हार्दिक के घर वापस आने पर बहुत खुश हैं। यह परिवार के साथ काफी भावात्मक मिलाप है। मुंबई इंडियंस के संवारे हुए एक युवा जोश से आज भारतीय टीम के स्टार होने की हार्दिक की लम्बी यात्रा रही है। हम उनके और मुंबई इंडियंस के भविष्य को लेकर उत्साहित हैं।”

हार्दिक के रोहित शर्मा की जगह पर मुंबई का कप्तान बनने की भी संभावनाएँ जताई जा रही हैं। गुजरात टाइटन्स ने ट्विटर पर एक पोस्ट करके यह बताया है कि हार्दिक के जाने के बाद अब शुभमन गिल उनके कप्तान होंगे।

12 दिसम्बर तक आईपीएल की सभी टीमों को आपस में खिलाड़ियों को ट्रेड करने की अनुमति दी गई है। हालाँकि, अधिकाँश टीमों ने अपने बड़े खिलाड़ियों को साथ ही रखा है। यह खिलाड़ी आईपीएल की नीलामी में नहीं जाएँगे। यह सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आईपीएल नीलामी की प्रक्रिया चालू होगी।

इन सब के बीच भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा सोशल मीडिया पर वापस आ गए हैं। 19 नवम्बर 2023 को ऑस्ट्रेलिया से वर्ल्डकप फाइनल मुकाबले में हार के बाद वह सोशल मीडिया पर अधिक एक्टिव नहीं थे। वह सार्वजनिक रूप से अधिक दिखे भी नहीं थे। अब उन्होंने एक स्टोरी लगाई है जिसमें वह अपनी पत्नी रितिका सज्देह के साथ घूम रहे हैं।

यह स्पष्ट नहीं है कि वह अभी भारत में हैं या नहीं लेकिन वह वर्ल्डकप की हार से उबरने के लिए थोड़ा समय ले रहे हैं।

श्रीराम कॉलेज में बुर्के में लड़कियों का कैटवॉक, गुजरे जमाने की हिरोइन मंदाकिनी रहीं थी निहार: आगबबूला हुआ जमीयत, मुजफ्फरनगर का मामला

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के एक कॉलेज का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें लड़कियाँ बुर्के और हिजाब में कैटवॉक करती दिख रही हैं। वीडियो श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेज का है। कार्यक्रम में गुजरे जमाने की हिरोइन मंदाकिनी भी मौजूद थी।

जमीयत उलेमा ए हिन्द ने बुर्के में कैटवॉक को मुस्लिमों की भावनाओं को भड़काने की साजिश बताते हुए कार्रवाई की माँग की है। वहीं कॉलेज प्रशासन ने ऑपइंडिया से बातचीत में इसे एक अच्छा इवेंट बताया और विरोध पर हैरानी जताई।

यह कॉलेज मुजफ्फरनगर जिले के नई मंडी थाना क्षेत्र में स्थित है। वायरल वीडियो में रंग बिरंगी लाइटों वाले स्टेज पर लड़कियाँ कैटवॉक करती दिख रही हैं। तेज आवाज में बैकग्राउंड म्यूजिक चल रही रही है। कई लड़कियाँ इस्लामी परिधान में रैम्प पर नजर आती हैं। इनमें से कुछ ने स्कार्फनुमा हिजाब पहना था तो एक ने पूरा शरीर काले बुर्के से ढँक रखा था। ये सभी अलग-अलग अंदाज में दर्शकों के आगे पोज देती दिख रही हैं। एक लड़की ने इस्लामी तरीके से दर्शकों को 2 बार आदाब करती है और फिर इठलाते हुए वापस लौट जाती है।

दर्शकों ने भी गर्मजोशी से इस प्रस्तुति का लुत्फ उठाया। शोरगुल वीडियो में सुना जा सकता है। बाद में इस्लामी परिधान पहने सभी लड़कियों ने सामूहिक कैटवॉक किया। उन्होंने एक साथ दर्शकों का अभिवादन भी कबूल किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जमीयत उलेमा ए हिन्द ने इस आयोजन पर नाराजगी जताई है। जमीयत ने इसे मुस्लिमों की भावनाओं को भड़काने वाली हरकत बताते हुए कॉलेज प्रशासन और और इसके आयोजकों पर कार्रवाई की माँग की है। जमीयत उलेमा ने कॉलेज प्रशासन से दोबारा ऐसा न करने को कहा है।

वहीं इस्लामी परिधान में कैटवॉक करने वाली कॉलेज की छात्राओं ने बताया कि उनको कॉलेज के मनोज सर ने इस तरह की प्रस्तुति देने के निर्देश दिए थे। मनोज इस शो वीडियो भी बना रहे थे। लड़कियों ने बताया कि चूँकि वे मुस्लिम हैं, इसलिए उन्होंने अपनी प्रस्तुति इस्लामी तौर-तरीकों से दी। कैटवॉक करने वाली लड़कियों ने इस प्रस्तुति के पीछे कुछ अलग करने की सोच बताया है। साथ ही उन्होंने कहा कि इससे पहले उन्होंने ऐसा कुछ देखा नहीं था।

बॉलीवुड और TV अभिनेत्रियाँ भी इवेंट में थीं शामिल

ऑपइंडिया ने इस वीडियो की पुष्टि के लिए श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेज के डायरेक्टर सुभाष चंद्र कुलश्रेष्ठ से सम्पर्क किया। फोन मानिक तोमर नाम के व्यक्ति ने उठाया जिसने खुद को डॉयरेक्टर का PA बताया। मानिक ने इस फैशन शो की पुष्टि करते हुए वायरल हो रहे वीडियो को एक दिन पहले यानी रविवार (26 नवंबर 2023) का बताया। उन्होंने कहा कि श्रीराम कॉलेज में 3 दिनों का इवेंट आयोजित हुआ था। इसमें अलग-अलग दिनों पर विभिन्न मुद्दों पर शो हुए। खासतौर पर लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण प्रमुख थे।

मानिक तोमर को जमीयत उलेमा द्वारा किए जा रहे विरोध की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कॉलेज में हुए इवेंट को अच्छा और सराहनीय बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि उनका कॉलेज ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के स्लोगन पर काफी गंभीर रहता है और उस नारे को साकार करने की दिशा में प्रयासरत भी। श्रीराम कॉलेज को मुस्लिम बहुल इलाके में बताते हुए मानिक तोमर ने हमें यह भी बताया कि उसमें पढ़ने वाले मुस्लिम छात्र-छात्राओं की भी अच्छी-खासी तादाद है।

कॉलेज के जिस इवेंट पर विवाद खड़ा हो रहा है, उसमें मानिक ने कई बड़ी हस्तियों के शामिल होने की भी जानकारी दी। इनमें बॉलीवुड अदाकारा मंदाकिनी, TV अभिनेत्री विंद्या तिवारी और मॉडल महक चहल आदि शामिल हैं। बकौल मानिक तोमर रैम्प पर कैटवॉक में स्कूल की छात्राओं के साथ विदेश की भी मॉडल शामिल हुईं थीं। मानिक तोमर ने पूरे शो में बुर्के वाले इवेंट को खासतौर पर सराहा। हालाँकि उन्होंने जमीयत उलेमा के बयान और माँग पर कॉलेज की तरफ से जवाब के लिए डायरेक्टर सुभाष चंद्र कुलश्रेष्ठ को ही अधिकृत बताया। डॉयरेक्टर का बयान आने पर खबर में अपडेट किया जाएगा।

‘नीम का पत्ता कड़वा है, खालिस्तानी…’ : कनाडा के लक्ष्मी नारायण मंदिर के बाहर कर रहे थे हंगामा, हिंदुओं ने खदेड़ा

कनाडा में खालिस्तानियों ने एक बार फिर एक मंदिर को निशाना बनाया है। खबर है कि कनाडा के सरे शहर में स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर के बाहर खालिस्तानियों ने श्रद्धालुओं को परेशान किया और जमकर बवाल मचाया। हालाँकि जब हिंदू उनका विरोध करने आगे आए तो वो लोग भाग गए।

यह घटना 26 नवम्बर (स्थानीय समय) 2023 की है। खालिस्तानियों के हंगामे और श्रद्धालुओं को परेशान करने की खबर पर हिंदू मंदिर के बाहर इकट्ठा हो गए और खालिस्तानियों का विरोध किया। हिंदुओं ने हाथों में भगवा झंडे ले रखे थे। इन लोगों ने यहाँ साथ में तिरंगा भी लहराया और देशभक्ति वाले गीत चलाए।

खालिस्तानियों की बेइज्जती करने के लिए भीड़ ने नारे भी लगाए। इसी घटना के वायरल वीडियो में खालिस्तानियों को गालियाँ भी पड़ती दिख रही हैं। एक वीडियो में भीड़ नारे लगाते हुए दिखती है,”नीम का पत्ता कड़वा है, खालिस्तानी @&वा है।”

इस घटना के बाद पुलिस ने कुछ खालिस्तानियों को हिरासत में लिया लेकिन मंदिर प्रशासन अभी भी चिंता में है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि वह दोबारा भक्तों को परेशान करने आ सकते हैं ऐसे में समस्या होगी। मंदिर पर हमला करने वाले खालिस्तानी हिंसक भी थे।

जब एक श्रद्धालु ने पुलिस की हिरासत में खालिस्तानी के चेहरे पर से मास्क हटाने को कहा तो वह हिंसक हो गया। उसने पुलिस के सामने ही हिंदुओं पर हमला करने की कोशिश की। मंदिर के एक व्यक्ति ने बताया कि खालिस्तानी लगातार मंदिर के बाहर आकर विरोध करते हैं। इसलिए वह वहाँ अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

इससे पहले भी कनाडा में मंदिरों पर हमले और हंगामा हो चुका है। हाल ही में कनाडा के मिसीसागा में काली बाड़ी मंदिर के बाहर भी खालिस्तानियों ने हंगामा किया था। यह खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।

सितम्बर 2023 में भी सरे में एक मंदिर में तोड़फोड़ हुई थी। फरवरी 2023 में मिसीसागा में राम मंदिर पर खालिस्तानी भारत विरोधी पेंटिंग बना कर गए थे। सितम्बर 2022 में भी टोरंटो में स्वामीनारायण मंदिर पर हमला हुआ था।

गौरतलब है कि भारत और कनाडा के रिश्ते बीते कुछ महीनों से काफी खराब हैं। कनाडा ने भारत पर खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या करवाने का आरोप लगाया है। भारत ने इन आरोपों से मना करते हुए कनाडा को कड़ी फटकार लगाई है। भारत ने कनाडा को अपराधियों को शरण देने वाला बताया है।

उत्तरकाशी की जिस सुरंग में 41 मजदूर फँसे उसमें अडानी को भी घसीटा, दावा- निर्माण से जुड़े हुए हैं ‘हित’: कंपनी ने बयान जारी कर बताई सच्चाई

उत्तरकाशी में सुरंग ध्वस्त होने और उसमें 41 मजदूरों के फँसने के मामले में अडानी समूह का नाम घसीटा जा रहा है। यहाँ तक कि सुब्रमण्यन स्वामी ने भी एक ट्वीट कर के लिखा, “उत्तराखंड के टनल को किस कंपनी ने बनाया था? जब सुरंग ध्वस्त हुआ, उस समय वहाँ कौन से हितधारक थे? क्या उनमें अडानी का भी नाम था? मैं पूछ रहा हूँ, बता नहीं रहा।” वहीं सोशल मीडिया पर कुछ अन्य लोग भी कह रहे हैं कि इस मामले में कांट्रेक्टर का लिंक अडानी समूह से है।

उत्तरकाशी सुरंग हादसे में जोड़ा जा रहा अडानी समूह का नाम

मीनाक्षी कुमारी नामक यूजर ने लिखा, “ये गोदी मीडिया नहीं बताएगा कि सुरंग में फँसे मजदूर अडानी की कंपनी ‘नवयुग’ के लिए काम कर रहे हैं।

यहाँ तक कि अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने भी इसमें अडानी का नाम घसीटा। उन्होंने लिखा, “उत्तराखंड में जो टनल ध्वस्त हुआ उसे कौन बना रहा था? ‘नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड’ के बारे में कुछ विवरण सामने आए हैं, जिन पर ध्यान देना ज़रूरी है।” इसके साथ ही उन्होंने ‘द वायर’ का एक लिंक भी शेयर किया।

एक यूजर ने तो दावा कर दिया कि सुरंग का निर्माण करने वाली कंपनी का 75% स्वामित्व अडानी समूह के पास है।

इसी रिपोर्ट के आधार पर चीन की फंडिंग लेने वाले न्यूज़क्लिक से जुड़े अभिसार शर्मा ने भी दावा किया कि अडानी के जुड़े होने के कारण इस मामले में जाँच नहीं हो रही है।

उत्तराखंड सुरंग हादसा: अडानी समूह ने जारी किया स्पष्टीकरण

वहीं इस तरह की अफवाहों के फैलने के बाद अब अडानी समूह ने बयान जारी कर के सफाई दी है। सोमवार (27 नवंबर, 2023) को अहमदाबाद से बयान जारी कर के अडानी समूह ने इस तरह की हरकतों को कुटिल करार दिया है। कंपनी ने उत्तरकाशी में सुरंग ध्वस्त होने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि उसका इससे कोई संबंध नहीं। अडानी समूह ने कहा कि हमारे संज्ञान में आया है कि कुछ तत्व कंपनी का नाम उत्तरकाशी की घटना से जोड़ने में लगे हुए हैं।

अडानी समूह ने आगे कहा, “हम उत्तरकाशी में सुरंग ध्वस्त होने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में अपना नाम जोड़ने जाने के कुटिल प्रयासों और ऐसा करने वालों की कड़ी निंदा करते हैं। हम पूरा जोर देकर स्पष्ट कर रहे हैं कि अडानी समूह या इसकी कोई भी कंपनी या किसी भी प्रकार के सुरंग के निर्माण से कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष कनेक्शन नहीं है। यहाँ तक कि टनल बनाने में जो कंपनी शामिल है, उसमें भी हमारा न कोई निवेश है और न ही उसके कोई शेयर हमारे पास हैं।”

अडानी समूह ने अपने प्रवक्ता का जरिए बयान जारी कर के साफ़ किया कि सुरंग में फँसे मजदूरों और उनके परिवारों से उसकी पूरी सहानुभूति है।

उत्तरकाशी की सुरंग में महादेव की आकृति उभरने का दावा, पाइप में घुसकर अब हाथों से खुदाई: मोर्चे पर सेना, फँसे हुए हैं 41 मजदूर

उत्तरकाशी में सुरंग में फँसे मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन का आज 16वाँ दिन है। सिलक्यारा सुरंग में 12 नवम्बर 2023 से फँसे मजदूरों के बाहर आने की आशाएँ और बढ़ गईं हैं। क्योंकि, मलबे के बीच से डाले गए पाइप में फँसी ऑगर मशीन को निकाल लिया गया है, वर्टिकल ड्रिलिंग भी 36 मीटर पहुँच गई है। वहीं रेस्क्यू के बीच उत्तरकाशी में टनल के बाहर चौंकाने वाली घटना घटित हुई है।

दरअसल, आजतक सहित कई मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि यहाँ टनल के बाहर भगवान शिव जैसी आकृति उभर आई है। टनल के बाहर स्थापित बौखनाग देवता के मंदिर के पीछे भगवान शिव जैसी आकृति उभरी है। जिसकी तस्वीर भी सामने आई है।

बता दें कि ठीक सुरंग के बाहर स्थित बाबा बौखनाग के मंदिर को सुरंग निर्माण से पहले विस्थापित कर दिया गया था वहीं अब इस इस घटना के बाद मंदिर को पुनः अपनी स्थान पर लाया गया है जिसके बाद ही भगवान शिव की आकृति को मंदिर के पीछे की पहाड़ी पर देखने का दावा किया जा रहा है। मंदिर के अंदर भगवान नागराज की मूर्ति है जो वहाँ के कुल देवता माने जाते हैं।

वहीं कुछ लोगों का दावा है कि शिव जी जैसी ये आकृति पानी के रिसाव से बनी है। लेकिन ये पानी कहाँ से आ रहा है, इसका पता नहीं चल पाया है। हालाँकि, यह एकलौती ऐसी जगह नहीं है जहाँ पानी का रिसाव हो रहा है ऐसी और भी कई जगह पर हो रहा है लेकिन इस स्थान पर भगवान शिव की आकृति को देखकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

बता दें कि घटनास्थल पर प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा और गृह सचिव अजय भल्ला भी पहुँचे हैं। 12 नवम्बर 2023 को सिलक्यारा सुरंग में मलबा आ जाने की वजह से 41 मजदूर अन्दर फँस गए थे। तब से ही इन्हें निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है।

सबसे पहले मलबा हटाने का प्रयास किया गया था लेकिन वह विफल हो जाने पर मलबे के भीतर ऑगर मशीन की सहायता से 3 फीट व्यास वाले पाइप को डाला जा रहा था। इस काम में अच्छी सफलता भी मिली थी। इसकी सहायता से 60 मीटर मलबे के हिस्से में लगभग 46 मीटर तक पाइप पहुँच गई थी। लेकिन पाइप के सामने लोहे के टुकड़े आने से मशीन अन्दर ही फँस गई है जिसे अब काट कर निकाला गया है।

वहीं अब सुरंग के भीतर पाइप डालने के लिए हाथों से खुदाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि लगभग 9 मीटर खुदाई करनी है, यदि कोई और अड़चन नहीं आई तो जल्द ही रास्ता बना लिया जाएगा।

वहीं विकल्प के तौर पर सुरंग के ऊपर से भी खुदाई का काम चालू है। ऊपर से भी एक ड्रिलिंग मशीन खुदाई कर रही है। इस रास्ते से लगभ 86 मीटर खुदाई होनी है। इस रास्ते से अब तक 36 मीटर खुदाई (वर्टिकल ड्रिलिंग) की जा चुकी है।

अब हाथों से खुदाई के लिए रैट होल माइनिंग एक्सपर्ट को पाइप के अन्दर भेजा जाएगा। बता दें कि रैट माइनिंग का उपयोग कोयले की खुदाई के लिए संकरी सुरंगों में होता है। यहाँ पाइप में जगह नहीं है इसलिए यह विशेषज्ञ अब हाथों से खुदाई के ऑपरेशन को देखेंगे। इसमें सेना भी शामिल है।

वहीं सुरंग के दूसरे मुहाने से भी रास्ता बनाने के प्रयास जारी हैं। इसके लिए सीमा सड़क संगठन (BRO) की सहायता ली जा रही है। अन्दर फँसे सुरंगों तक अभी खाना-पानी और अन्य जरूरत का सामान 6 इंच व्यास वाले पाइप के जरिए ही भेजा जा रहा है।

‘दिल से चाहता था योगी CM न बनें’: दृष्टि IAS वाले विकास दिव्यकीर्ति को तेजस्वी यादव में दिखा ‘बिहार का भविष्य’, माना 2024 में राहुल गाँधी के लिए मौका नहीं

UPSC कोचिंग संस्थान ‘दृष्टि’ के संस्थापक विकास दिव्यकीर्ति ने ‘साहित्य आजतक’ कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को लेकर अपनी बात रखी है। इस दौरान उन्होंने राहुल गाँधी को लेकर भी टिप्पणी की। स्टार शिक्षक माने जाने वाले विकास दिव्यकीर्ति ने कहा कि राहुल गाँधी अपने बेस्ट संस्करण लगातार बन रहे हैं, पहले की तुलना व बेहतर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2024 में तो उन्हें कोई संभावना नज़र नहीं आ रही, लेकिन 2029 में कुछ हो सकता है।

विकास दिव्यकीर्ति ने कहा कि हम क्यों मान कर चलें कि एक ही पार्टी और नेता देश चलाते रहेंगे, अलग-अलग नेताओं को सामने आना चाहिए और देश चलाना चाहिए। वहीं CM योगी आदित्यनाथ के संबंध में उन्होंने कहा कि जब उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की चर्चा चल रही थी तब वो दिल से चाहते थे कि वो सीएम न बनें। लेकिन, पिछले 6-7 साल के परफॉर्मेंस की बात करते हुए उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ एक शानदार मुख्यमंत्री रहे हैं।

विकास दिव्यकीर्ति ने कहा कि पहले उन्हें संदेह था कि मठ से आया हुआ व्यक्ति धर्म से राजनीति में आकर ठीक काम करेगा या नहीं। विकास दिव्यकीर्ति ने इसके बाद बिहार पर भी अपनी राय दी। बिहार पर उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में वो नीतीश कुमार को अच्छे मुख्यमंत्री मानते रहे हैं और नए लोगों में उन्हें तेजस्वी यादव से उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा कि इस बार राजद सरकार में आई तो उन्हें लालू यादव वाले जंगलराज को लेकर डर था, लेकिन राजद ने पूरी ताकत लगाई कि वो छवि फिर से न बन जाए।

उन्होंने कहा कि अगर तेजस्वी यादव उन गलतियों से मुक्ति के साथ CM बनने के रास्ते पर हैं तो वो अच्छे नेता साबित होंगे। वहीं UPSC की तैयारी कराने वालों और इसमें चुने जाने वालों को दिए जाने वाले डेमीगॉड स्टेटस को लेकर उन्होंने कहा कि पहले उन्हें यूट्यूब के धुरंधरों ने छोटे वीडियो डालने की सलाह दी थी, लेकिन उनके घंटों के वीडियो भी करोड़ों लोग देखते थे। उन्होंने कहा कि हिंदी समाज भी ज्ञान-पढ़ाई का भूखा है और यदि उनके जैसे कुछ लोग इसमें कुछ भूमिका निभा रहे हैं तो ये स्वागत की बात है।

15 दिन के भीतर ‘हलाल’ माल का सारा स्टॉक हटाओ: योगी सरकार का निर्देश, UP में बैन के बाद 92 जगहों पर छापेमारी

उत्तर प्रदेश में हलाल प्रोडक्ट बैन होने के बाद वहाँ की योगी सरकार ने राज्य के सभी थोक और फुटकर विक्रेताओं को आदेश दिया है कि वो 15 दिनों के अंदर अपने स्टॉक में मौजूद हलाल उत्पादों को हटा लें। साथ ही हलाल सर्टिफिकेट के साथ सामान बनाने वाले UP की 92 कंपियों से कहा गया है कि वो दुकानों पर बेचा गया अपना माल वापस मँगा लें और उसे बिना हलाल के ठप्पे वाले नए पैक में भर कर बेचें। हलाल उत्पादों में मिलावट की आशंका को देखते हुए इसके सैंपल भी जाँच के लिए प्रयोगशाला में भेजे गए हैं।

खाद्य सुरक्षा प्रशासन की आयुक्त अनीता सिंह ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया को बताया कि 18 नवंबर 2023 को हजरतगंज थाने में हलाल सर्टिफिकेट से जुड़े लोगों पर FIR दर्ज होने के बाद इस मामले में कार्रवाई तेज कर दी गई है। अब तक प्रदेश भर में 92 दबिश के साथ 500 स्थानों पर जाँच-पड़ताल की जा चुकी है। इस दौरान लगभग 3000 किलो हलाल प्रोडक्ट को जब्त किया गया है। जब्त हुए सामान की अनुमानित कीमत 7 से 8 लाख रुपए के बीच बताई जा रही है।

इसके अलावा मिलावट की आशंका के चलते 81 सैम्पलों को जाँच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। आयुक्त अनीता के अनुसार मिलावट पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने गुरुवार (23 नवंबर) को इस बाबत सभी जिले के अधिकारियों से कॉन्फ्रेंसिंग पर बात भी की। मीटिंग के दौरान उन्होंने छापेमारी तेज करने के निर्देश दिए। छापेमारी के दौरान तेलंगाना, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र आदि की कंपनियों के प्रोडक्ट हालात सर्टिफिकेट के साथ उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में बिकते मिले जिन्हे जब्त किया जा रहा है।

जब्त हुए सामानों में चीनी, तेल और बेकरी के सामान अदि हैं। आयुक्त अनीता सिंह ने आगे बताया कि माँस और उसके उत्पादों को सर्टिफिकेट देने के लिए पूरे देश में महज 3 कम्पनियाँ अधिकृत हैं। इसमें से एक लखनऊ में है। फिलहाल पूरे देश में 700 से 800 ऐसे संस्थान पाए गए हैं हलाल सर्टिफिकेट जारी कर रहे थे। इन सभी संस्थानों को उत्तर प्रदेश में बैन किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने हलाल सर्टिफिकेट को वर्ग विशेष को लाभ पहुँचाने का हथकंडा बताया है।

पवन सिंह के पीछे-पीछे पॉलिटिक्स में अक्षरा सिंह, PK की बनेंगी ‘हमसफर’: कभी भोजपुरी की थी ‘सबसे हॉट जोड़ी’, जानिए फिर कैसे हुआ कट्टमकट्टा

भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह ‘जन सुराज’ में शामिल होने वाली हैं। बता दें कि इस संगठन की स्थापना प्रशांत किशोर ने की है और वो पूरे बिहार में घूम-घूम कर इससे लोगों को जोड़ रहे हैं। अक्षरा सिंह से उनकी मुलाकात के बाद अब अभिनेत्री के ‘जन सुराज’ में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं। प्रशांत किशोर एक सफल चुनावी रणनीतिकार हैं, जो नरेंद्र मोदी, नीतीश कुमार, कैप्टन अमरिंदर सिंह, ममता बनर्जी और जगमोहन रेड्डी जैसे नेताओं के चुनाव का प्रबंधन देख चुके हैं।

बता दें कि पवन सिंह के साथ करीबी रिश्ते को लेकर अक्षरा सिंह अक्सर चर्चा में रही हैं। भोजपुरी स्टार पवन सिंह के साथ उन्होंने कई फिल्मों में काम किया है। पवन सिंह ने 2017 में ही भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया था और तब से वो पार्टी के कुछ कार्यक्रमों में दिखते भी रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले अब दोनों ही राजनीति में सक्रिय हो गए हैं। अक्षरा सिंह पटना के कंकड़बाग की रहने वाली हैं।

पवन सिंह संकेतों में बता चुके हैं कि वो भोजपुर लोकसभा क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा रखते हैं, वहीं अक्षरा सिंह पटना को अपनी राजनीति का कार्यक्षेत्र बनाना चाहती हैं। फ़िलहाल भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद प्रसाद पटना से सांसद हैं। अक्षरा सिंह का बचपन भी यहीं से गुजरा है। वहीं आरा (भोजपुर) से केंद्रीय मंत्री आरके सिंह सांसद हैं। पवन सिंह कह चुके हैं कि कौन आगे नहीं बढ़ना चाहता, उन्हें बस ऊपर से आदेश का इंतज़ार है।

इसका सीधा अर्थ है कि पवन सिंह की तैयारी पूरी है। भोजपुरी इंडस्ट्री में ये बात प्रचलित है कि अक्षरा सिंह मानती हैं कि पवन सिंह ने उन्हें धोखा दिया। इसके बाद वो कई दिनों तक एकदम टूट गई थीं। ज्योति सिंह की एंट्री के बाद पवन सिंह ने अक्षरा से अपने रिश्ते तोड़ लिए थे। वहीं अब पवन और ज्योति के बीच भी तलाक का केस चल रहा है और दोनों अलग रहते हैं। पवन सिंह की एक पत्नी ने शादी के 1 साल बाद ही आत्महत्या कर ली थी।

मस्जिदों से लाउडस्पीकर उतरवाने में जुटी UP पुलिस, कई जगहों पर वॉल्यूम करवाया कम: मजहबी स्थलों पर बिजली चोरी भी पकड़ी

उत्तर प्रदेश पुलिस ने इबादतगाहों, मस्जिदों और धर्मस्थलों पर लगे अवैध लाऊडस्पीकर उतारने का एक विशेष अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत पहले राज्य के सभी जिलों में ऐसे स्थानों को चिन्हित किया गया जिन पर मानकों के अनुरूप लाउडस्पीकर नहीं लगे हैं। अब उन अवैध लाउडस्पीकरों को उतरवाया जा रहा है। सोमवार (27 नवंबर, 2023) की सुबह से शुरू किए गए इस अभियान के तहत अब तक सैकड़ों लाउडस्पीकरों को या तो जब्त कर लिया गया है या उनकी आवाज को कम करवाया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस अभियान की शुरुआत सोमवार की सुबह 5 बजे से हुई। इसके तहत लखनऊ में तकिया वाली मस्जिद सहित कई अन्य हिस्सों में लाउडस्पीकरों को उतरवाया गया। इसके साथ ही कानपुर, हमीरपुर सहित अन्य जिलों में भी पुलिस ने या तो माइकों के वॉल्यूम को कम करवाया या तो लाउडस्पीकरों को नीचे उतरवा दिया। इस अभियान के दौरान अयोध्या और चित्रकूट जैसे जिलों में भी मस्जिदों पर मानक के अनुरूप लाउडस्पीकर नहीं दिखे। चित्रकूट की एक मस्जिद से लाउडस्पीकर उतरवाया गया। इस अभियान में पुलिस के साथ मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी भी मौजूद रहे।

प्रतापगढ़ जिले में 350 ऐसे स्थानों पर कार्रवाई हुई जहाँ अवैध लाउडस्पीकर लगाए गए थे। पुलिस ने बताया कि उन लोगों के खिलाफ FIR भी दर्ज करवाई जा रही है जो बार-बार समझाने के बावजूद सरकारी आदेश का पालन नहीं किए।

कौशाम्बी जिले में ऐसे 203 स्थान चिन्हित किए गए जहाँ नियमों के विरुद्ध लाउडस्पीकर बजाए जा रहे थे। पुलिस ने इन सभी स्थलों से लाउडस्पीकर उतरवा लिए। इसमें से कुछ ऐसे मज़हबी स्थल भी दिखे जहाँ बिजली का कनेक्शन नहीं था। पुलिस ने विद्युत् विभाग को पत्र लिख कर वहाँ हो रही बिजली चोरी की जानकारी और कार्रवाई की अपेक्षा की है।

फर्रुखाबाद जिले में कुल 46 स्थानों पर मानकों के खिलाफ लाउडस्पीकर लगे पाए गए। इसमें से 37 स्थानों पर माइक की आवाज कम करवाई गई जबकि 9 जगहों पर लाउडस्पीकर उतार लिए गए। ललितपुर जिले में कई मस्जिदों में लगे माइक की आवाज कम करवाया गया जबकि 3 जगहों पर लाउडस्पीकरों को उतार लिया गया। कन्नौज जिले की 20 मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकरों की आवाज कम करवाई गई। फतेहपुर जिले में 14 मस्जिदों से माइक उतारे गए जबकि 21 जगहों पर आवाज कम करवाई गई।

इन सभी के अलावा औरैया जिले में 4 स्थानों पर माइक उतार कर 19 जगहों पर उनकी आवाज कम करवाई गई। कुछ जिलों में पुलिस अधीक्षकों ने मौलानाओं, इमामों और मौलवियों के साथ बैठकें की हैं। इस दौरान उनको तय शासकीय मानकों को पालन करने के लिए कहा गया। इस कार्रवाई के दौरान कई मंदिरों और मठों से भी माइक उतारे गए हैं। इस अभियान का निर्देश उत्तर प्रदेश के स्पेशल DG प्रशांत कुमार ने दिया था। मिल रही जानकारी के मुताबिक इस अभियान में मौलानाओं का भी सहयोग मिला। अभी तक का अभियान शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ है।

बैट पर फिलिस्तीन का झंडा लगाकर खेलने आए आजम खान, जुर्माना लगा तो समर्थन में उतरे पाकिस्तानी विशेषज्ञ: कहा- जिगरा चाहिए

पाकिस्तानी क्रिकेटर आज़म खान ने अपने बल्ले पर फिलिस्तीन का झंडा लगा कर मैच में हिस्सा लिया, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया है। उन पर मैच फी का 50% जुर्माना भी लगाया गया है, जिसके बाद पाकिस्तान में लोग वहाँ के क्रिकेट बोर्ड PCB का विरोध कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि ICC (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बोर्ड) के क्लॉथिंग एन्ड इक्विपमेंट रेगुलेशंस का उल्लंघन करने के लिए उन पर ये जुर्माना लगाया गया है।

मामला कराची में झेले जा रहे एक नेशनल T20 टूर्नामेंट का है। आज़म खान ‘कराची व्हाइट्स’ नामक टीम से खेल रहे हैं। ये मैच रविवार (26 नवंबर, 2023) को खेला गया जब आज़म खान अपने बैट पर फिलिस्तीन का झंडा लगा कर बल्लेबाजी करने आए। आज़म खान फिलिस्तीनियों के लिए समर्थन दिखाना चाहते थे। लेकिन, ICC का नियम है कि बल्ला या ग्लव्स वगैरह पर किसी भी प्रकार के राजनीतिक, मजहबी या फिर बयानों वाला लोगो नहीं लगाया जा सकता।

बता दें कि अभी इजरायल और फिलिस्तीन के बीच युद्ध चल रहा है। 7 अक्टूबर, 2023 को हमास के इस्लामी आतंकियों ने इजरायल में घुस कर 1500 लोगों का नरसंहार किया और यहूदी राष्ट्र पट 5000 रॉकेट्स दागे गए, जिसके बाद इजरायल ने गाजा में घुस कर आतंकियों को मिटाने के लिए अभियान शुरू किया। इसके बाद दुनिया भर के इस्लामी संगठन हमास के समर्थन में उतर आए और इस्लामी मुल्क इजरायल की निंदा करने लगे।

पाकिस्तानी टीवी पर विशेषज्ञों ने आज़म खान का समर्थन करते हुए कहा कि इसके लिए जिगरा चाहिए। चेतावनी के बावजूद आज़म खान ने अपने बल्ले से इसे नहीं हटाया। पाकिस्तान में इस्लामी लोग इसका समर्थन कर रहे हैं। आज़म खान पहले भी 2 मैचों में ऐसा कर चुके हैं। इससे पहले ODI वर्ल्ड कप में पाकिस्तानी बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान में लीग मैच में जीत फिलिस्तीन को समर्पित की थी। पाकिस्तानी पत्रकार हामिद मीर ने भी पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड से इस पर सफाई माँगी है।