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भटक कर आ गया बच्चा, कर्नाटक मिशनरी स्कूल ने अवैध रूप से कई महीने रखा: बाल आयोग ने निरीक्षण में पाई कई गड़बड़ियाँ, ईसाई मजहब का प्रचार भी

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो को रविवार (19 नवंबर, 2023) को बेंगलुरु में ‘डॉन बॉस्को मिशनरी’ द्वारा संचालित एक बाल गृह में निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएँ मिलीं।

निरीक्षण के बाद NCPCR के चेयरमैन प्रियांक कानूनगो ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, “बैंगलुरु, कर्नाटक में डॉन बॉस्को मिशनरी के एक चिल्ड्रेन होम के निरीक्षण में राजस्थान के जोधपुर का एक बालक मिला जो कि घर से भटक कर यहाँ आ गया था और यहाँ कई महीनों से रह रहा था, इसको वापस जोधपुर भेजने का निर्देश दिया है।”

NCPCR अध्यक्ष ने बताया कि नियमों के मुताबिक बच्चे को घर भेजा जाना चाहिए था लेकिन बाल गृह ने इसका पालन नहीं किया। साथ ही वीडियो में वह वहाँ काम करने वाली दो महिलाओं से पूछताछ करते नजर आ रहे हैं। वह महिलाओं से आश्रय गृह में मजहबी शिक्षा को लेकर सवाल कर रहे हैं।

मिशनरीज द्वारा बच्चों को उनकी इच्छा के विरुद्ध आश्रय गृहों में रखने की बार-बार आने वाली समस्या पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “धन के लालच में, कुछ बाल आश्रय गृह बच्चों को उनकी इच्छा के विरुद्ध रखते हैं और उन्हें उनके परिवारों से दूर रखते हैं। यह सब स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत से किया जाता है।”

एनसीपीसीआर अध्यक्ष ने इस बात पर चिंता जताई कि ‘डॉन बॉस्को मिशनरी’ के आश्रय गृह में रखे गए बच्चों को स्कूल नहीं भेजा जाता है। उसी समय उन्हें बाल गृह में एक ईसाई धर्म प्रचारक लम्बे समय से अवैध रूप से रहते हुए मिला।

IMF ने पाकिस्तान के कर्ज में की कटौती, कहा – नहीं मानेंगे तुम्हारे आर्थिक आँकड़े: UAE-सऊदी से उधार में ले रहा तेल

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने आर्थिक संकट में फँसे पाकिस्तान द्वारा पेश किए गए आर्थिक आँकड़ों को मानने से इंकार कर दिया है। पाकिस्तान ने चालू खाता घाटे (सीएडी), आयात, आर्थिक विकास, मुद्रास्फीति और सकल वित्तपोषण आवश्यकताओं का अनुमान पेश किया था।

IMF ने पाकिस्तान चालू वित्त वर्ष 2023-24 में उसकी ऋण आवश्यकताओं को घटाकर $25 बिलियन कर दिया है। IMF ने इसमें 3.4 अरब अमेरिकी डॉलर की कटौती की है। दरअसल, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था इस समय IMF, अरब देशों, चीन आदि से कर्ज लेकर चल रही है।

IMF से नया कर्जा लेने के लिए पाकिस्तान ने अपने आँकड़े पेश किए थे, जिन्हें IMF ने बदल दिया है। संस्था का कहना है कि पाकिस्तान इस साल अब तक लगभग $6 बिलियन डॉलर का कर्ज ले चुका है। वह अपने $12.5 बिलियन पुराने उधार को चुकाने से बचने के लिए रोलओवर भी पा चुका है। इन सबके बाद भी उसे कम से कम $6.5 बिलियन डॉलर का नया कर्ज चाहिए ही होगा।

पाकिस्तान को डिफ़ॉल्ट होने से कुछ ही दिन पहले IMF ने लगभग $3 बिलियन का कर्ज जून में दिया था। अब उसने पाकिस्तान की GDP बढ़त दर को भी घटा दिया है। अब इसके मात्र 2% रहने का अनुमान लगाया गया है। पहले यह 2.5% रहने की उम्मीद लगाई गई थी।

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की मुख्य समस्या उसका आयात पर निर्भर रहना है। आयात के बदले भुगतान करने के लिए उसके पास डॉलर की भारी कमी है। निर्यात से मिले डॉलर इतने पर्याप्त नहीं हैं कि आयात का वह भुगतान कर सके। ऐसे में आयात और निर्यात के बीच के अंतर को वह कर्ज लेकर पाटता आया है।

इन कर्जों का ब्याज पाकिस्तान के लिए अब एक नई देनदारी बन गई है। पाकिस्तान सऊदी अरब और UAE जैसे देशों से उधार तेल खरीद रहा है। चीन उसे पहले दिए गए कर्जों में राहत दे रहा है। IMF से मिले कर्ज का उपयोग वह अपना विदेशी मुद्रा कोष स्थिर बनाए रखने में कर रहा है।

IMF ने अनुमान लगाया है कि पाकिस्तान इस साल भी लगभग $59 बिलियन के आयात करेगा, जबकि उसके निर्यात लगभग $29 बिलियन के ही रहेंगे। उसने यह भी अनुमान लगाया है कि इस साल पाकिस्तान में महंगाई लगभग 22.8% के स्तर पर रहेगी।

पाकिस्तान की अंग्रेजी समाचार वेबसाइट ट्रिब्यून में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने IMF से कहा था कि उसका चालू खाता घाटा $4-$4.5 बिलियन डॉलर रहेगा। IMF ने इसे माननेसे इंकार करते हुए कहा कि यह $5.7 बिलियन रहना चाहिए। चालू खाता घाटा, किसी भी देश से बाहर जाने वाली विदेशी मुद्रा और उसको आने वाली विदेशी मुद्रा का अंतर होता है।

अनवार उल हक काकर की अगुवाई वाली पाकिस्तान की अंतरिम सरकार को नया कर्ज लेने में भी समस्या हो रही है। उसकी आंतरिक स्थिति को देखते हुए बाहरी बैंक और अन्य संसथान उसे कर्ज देने को राजी नहीं हैं। पाकिस्तान में जनवरी में आम चुनाव भी प्रस्तावित हैं, ऐसे में IMF भी अपने नए कर्जे का समझौता नई सरकार से करने को सोच रहा है।

आने वाले समय में यह देखने वाली बात होगी कि यदि पाकिस्तान यह कर्जे लेने में असफल होता है और नई सरकार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की शर्तों से राजी नहीं होती तो उसकी आर्थिक हालत का क्या होगा।

UP पुलिस को सामने देख गोतस्कर साजिद की हालत हुई खराब, बचने के लिए चलाई ताबड़तोड़ गोलियाँ: एनकाउंटर में ढेर हुआ, साथीदार भी घायल

उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में पुलिस और गोतस्करों के बीच मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में एक गोतस्कर ढेर हो गया है। मृतक का नाम साजिद है जो मूल रूप से मुरादाबाद का रहने वाला था। पुलिस ने इस एनकाउंटर में बबलू नाम के दूसरे गोतस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने पुलिस पर गोलियाँ भी चलाईं थी। घटना शनिवार (18 नवंबर 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना रामपुर के पटवाई थानाक्षेत्र की है। शनिवार को पुलिस को कुछ संदिग्ध लोगों के मूवमेंट की सूचना मिली थी। इस सूचना पर पुलिस चेकिंग कर रही थी। इसी बीच मुरादाबाद जिले से आती एक संदिग्ध होंडा कम्पनी की कार नजर आई। पुलिस को देखकर ये वाहन थोड़ी देर रुका और वहीं से वापस लौटने लगा। पुलिस को शक हुआ तो वाहन को रुकने का इशारा किया गया। पुलिस के इशारे पर वाहन ने गति पकड़ ली जिसका पीछा शुरू कर दिया गया।

पुलिस प्रेसनोट

पुलिस का कहना है कि भागने के दौरान आरोपितों की गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क के नीचे गिर पड़ी। वाहन से 2 संदिग्ध उतरे और भागने लगे। पीछे से आ रही पुलिस टीम ने घेराबंदी की और दोनों संदिग्धों को सरेंडर करने के लिए कहा। हालाँकि पुलिस की इस अपील का दोनों पर कोई फर्क नहीं पड़ा। उलटे उन्होंने पुलिस टीम पर ही गोलियाँ बरसानी शुरू कर दीं। पुलिस की आत्मरक्षा में हुई जवाबी कार्रवाई में दोनों संदिग्धों के पैर में गोली लगी। पुलिस ने दोनों को अस्पताल पहुँचाया जहाँ संदिग्ध ने दम तोड़ दिया।

वहीं मुठभेड़ में घायल दूसरे संदिग्ध का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मृतक की पहचान 23 वर्षीय साजिद के तौर पर हुई। जाहिद का बेटा साजिद कुख्यात गोतस्कर बताया जा रहा है जो मूलतः मुरादाबाद के कुंदरकी थानाक्षेत्र का रहने वाला है। मुठभेड़ में घायल हुआ दूसरा संदिग्ध 30 वर्षीय बबलू है। जमील का बेटा बबलू भी मूलतः मुरादाबाद के बिलारी थानाक्षेत्र का निवासी है। पुलिस साजिद और बबलू के आपराधिक रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है। पुलिस ने आरोपितों पर IPC 307 और आर्म्स एक्ट के तहत केस भी दर्ज किया है।

बताते चलें कि दीपावली (12 नवम्बर) की रात गोतस्करों ने 3 गोवंश की हत्या कर दी थी। घटना पर हिन्दू संगठनों ने नाराजगी जताई थी और आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की थी। इस घटना के बाद रामपुर पुलिस ने गोतस्करों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ रखा है।

टॉस हार कर पहले बल्लेबाजी करेगा भारत, अहमदाबाद में ‘नरेंद्र मोदी स्टेडियम’ के बाहर भी जुटा नीला समुद्र: PM बोले – 140 करोड़ भारतीय कर रहे आपकी जीत की कामना

भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमों के बीच क्रिकेट विश्व कप 2023 का फाइनल मुकाबला अहमदाबाद में हो रहा है। पूरा अहमदाबाद शहर टीम इंडिया के नीले रंग में डूबा हुआ है। देश-विदेश से क्रिकेट प्रशंसक इस फाइनल मुकाबले के लिए अहमदाबाद में जमा हैं। हर तरफ नीला रंग ही दिखाई पड़ रहा है। इस मैच के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी टीम इंडिया को शुभकामनाएँ भेजी हैं। मैच में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीता और गेंदबाजी का निर्णय लिया।

‘अहमदाबाद के ‘नरेंद्र मोदी स्टेडियम’ के बाहर फैंस की भीड़ उमड़ चुकी है। ये स्टेडियम एक लाख से अधिक दर्शकों की क्षमता वाला दुनिया का सबसे बड़ा स्टेडियम है और इसके बाहर घंटों से क्रिकेट प्रशंसक पहुँचे हुए हैं। क्रिकेट विश्वकप का फाइनल मुकाबला अपने आप दुनिया के सबसे बड़े खेल मुकाबलों में से एक बन जाना है, जिसका गवाह हर कोई बनना चाहता है।

टीम इंडिया सुबह के समय जब स्टेडियम पहुँची थी, तो उस समय प्रशंसकों ने जोरदार स्वागत किया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भेजी शुभकामनाएं

पीएम मोदी ने इस मैच के लिए टीम इंडिया को शुभकामनाएँ भेजी हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि 140 करोड़ भारतीय आपकी सफलता की कामना कर रहे हैं। पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से चमकदार प्रदर्शन, शानदार खेल और खेल भावना के उच्चतम स्तर को बनाए रखने का भरोसा जताया है।

भारतीय टीम के प्रशंसकों में पूरे भारत में जोश देखा जा रहा है। महाराष्ट्र के पुणे में रोहित शर्मा और विराट कोहली के फैंस ने उनके पोस्टर को दूध से नहलाया है।

अजेय भारत का मुकाबला खतरनाक ऑस्ट्रेलिया से

भारत अभी तक दो बार क्रिकेट विश्वकप जीत चुका है, तो ऑस्ट्रेलिया 5 बार विश्वकप की चैंपियन रही है। इस बार भारत के घर में विश्वकप का आयोजन हो रहा है, जिसमें लगातार 10 मैचों में शानदार जीत दर्ज करते हुए भारतीय टीम फाइनल में पहुँची है। भारतीय टीम लगातार 11वाँ जीत दर्ज कर ट्रॉफी पर कब्जा जमाना चाहेगी, वहीं ऑस्ट्रेलियाई टीम शुरुआती दोनों मैच हारने के बाद जबरदस्त तरीके से वापस लौटी है। अफगानिस्तान के खिलाफ जादुई जीत दर्ज करने के बाद सेमीफाइनल के कड़े मुकाबले में उसने दक्षिण अफ्रीका को मात दी है। ऐसे में माना जा रहा है कि ये मुकाबला काफी कड़ा होने वाला है।

कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद पर फिल्म बनाने वाले थे डायरेक्टर, सुबह टहलते-टहलते हो गई मौत: उधर कार से मिला मलयालम अभिनेता का शव

सुपरहिट फिल्म  ‘धूम’ और ‘धूम 2’ के निर्देशक संजय गढ़वी का रविवार (19 नवंबर, 2023 ) को हार्ट अटैक से निधन हो गया है। 57 साल के फिल्म निर्देशक ने हाल ही में मथुरा की कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह को केंद्र में रखकर फिल्म बनाने की घोषणा की थी। उससे पहले ही आज रविवार सुबह उनके सीने में दर्द उठा और जमीन पर गिर गए। जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं फिल्म जगत के लिए एक और बुरी खबर। दरअसल, मलयालम अभिनेता विनोद थॉमस केरल के कोट्टायम में पंपडी के पास एक होटल में खड़ी कार के अंदर मृत पाए गए हैं। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मॉर्निंग वॉक के दौरान संजय को हार्ट अटैक हुआ था। कहा जा रहा है कि गिर कर बेहोश हो जाने के बाद संजय गढ़वी को फौरन अंधेरी स्थित कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। खबर है कि 19 नवंबर की देर शाम तक संजय गढ़वी का अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं 45 वर्षीय मलयालम अभिनेता की मौत की सूचना तब मिली जब होटल प्रबंधन ने सूचित किया कि एक व्यक्ति लंबे समय से उसके परिसर में खड़ी कार के अंदर है।

कृष्ण जन्मभूमि विवाद पर फिल्म बनाने वाले थे संजय गढ़वी

मीडिया  रिपोर्ट के अनुसार, संजय गढ़वी ने बीते दिनों ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद के विवाद पर बेस्ड फिल्म बनाने की घोषणा की थी। इस फिल्म के बारे में यह भी कहा जा रहा है कि फिल्म की शूटिंग भी शुरू हो गई थी।

संजय का फिल्मी ग्राफ 

संजय गढ़वी के फिल्मों की बात करें तो 2000 में फिल्म ‘तेरे लिए’ से उन्होंने डायरेक्टोरियल डेब्यू किया था। हालाँकि, कम बजट के कारण यह फिल्म डब्बा बंद हो गई थी। वहीं संजय को पहली बार फेम 2004 में तब मिला जब उन्होंने एक्शन थ्रिलर फिल्म धूम डायरेक्ट की थी। फिल्म धूम में अभिषेक बच्चन, उदय चोपड़ा, जॉन अब्राहम, ईशा देओल और रिमी सेन जैसे स्टार्स नजर आए थे। मूवी ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। 

इसके अलावा संजय गढ़वी ने ने धूम 2, ‘मेरे यार की शादी है’ और इमरान खान स्टारर फिल्म ‘किडनैप’ को भी डायरेक्ट किया है।  2012 में उन्होंने ‘अजब गजब लव’ डायरेक्ट की थी। इसके बाद आई थी  फिल्म’ऑपरेशन परिंदे’ जो 2020 में रिलीज हुई थी। 

रहस्यमय हालत में हुई मलयालम अभिनेता की मौत 

मलयालम अभिनेता विनोद थॉमस केरल के कोट्टायम में पंपडी के पास एक होटल में खड़ी कार के अंदर मृत पाए गए। पुलिस को भी अभिनेता की मौत की सूचना तब मिली जब होटल प्रबंधन ने सूचित किया कि एक व्यक्ति लंबे समय से उसके परिसर में खड़ी कार के अंदर पड़ा है। 

पुलिस ने कहा, “हमने उन्हें कार के अंदर पाया और पास के अस्पताल ले गए। जहाँ डॉक्टरों ने उनकी जाँच की और उसे मृत घोषित कर दिया।” पुलिस ने बताया कि मौत के कारण का पता लगाने के लिए शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।

हालाँकि अभी तक विनोद थॉमस की मौत के पीछे की वजह सामने नहीं आई है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, यह संदेह है कि मौत का कारण कार के एसी से निकली जहरीली गैस में साँस लेना हो सकता है। पुलिस ने बताया कि इसकी पुष्टि पोस्टमॉर्टम के बाद ही हो सकेगी। 

गौरतलब है कि थॉमस को ‘अय्यप्पनम कोश्युम’ ( ‘Ayyappanum Koshyum’,), ‘नाथोली ओरु चेरिया मीनल्ला’ (‘Natholi Oru Cheriya Meenalla’,) ‘ओरु मुराई वनथ पथाया’, ‘हैप्पी वेडिंग’ और जून जैसी फिल्मों में उनकी भूमिकाओं के लिए जाना जाता है।

90 देशों की सुंदरियों के बीच निकारगुआ की मॉडल ने जीता ‘मिस यूनिवर्स का खिताब’, 2 ट्रांसवुमन ने भी लिया था हिस्सा: इस सवाल के जवाब से जजों को किया इम्प्रेस

साल 2023 की मिस यूनिवर्स का खिताब रविवार (19 नवंबर 2023) को निकारगुआ की शेन्निस पलासियोस को मिला। भले ही ब्रह्मांड सुंदरी का ताज पलासियोस के सिर पर सजा हो, लेकिन इस साल का ये ब्यूटी पेजेंट कॉन्टेस्ट इतिहास रच गया। 72वें ब्यूटी पेजेंट में पहली बार दो ट्रांसवुमन भी इस दौड़ में शामिल थीं। ये ट्रांसवीमेन मिस पुर्तगाल मरीना मशेट और मिस नीदरलैंड 2023 रिक्की कोले थीं।

इसके अलावा, पहली बार इस सौंदर्य प्रतियोगिता की मेजबानी टीम में सभी महिलाएँ शामिल रहीं। पूर्व मिस यूनिवर्स 2012 ओलिविया कल्पो और टीवी हस्ती जेनी मेई, मारिया मेननोस ने इसकी मेजबानी की। शो और ग्लैमर वाली इस सौंदर्य प्रतियोगिता में 90 देशों की सुंदरियों ने भाग लिया था।

इस साल ये ब्यूटी पेजेंट सेंट्रल अमेरिकी देश अल साल्वाडोर की राजधानी सैन साल्वाडोर के जोस एडोल्फो पिनेडा एरिना में हुआ। इस पेजेंट में टॉप थ्री में निकारागुआ की मॉडल शेन्निस पलासियोस, ऑस्ट्रेलिया की मोरया विल्सन और थाईलैंड की एन्टोनिया पोर्सिल्ड ने जगह बनाई।

सवालों के आखिरी दौर में एक साल तक किसी अन्य महिला की जगह लेने वाले सवाल पर निकारागुआ की पलासियोस बाजी मार ले गईं। उन्होंने इस सवाल का जवाब दिया कि वो ब्रिटिश लेखिका और दार्शनिक मैरी वॉल्स्टनक्राफ्ट को चुनेंगी, क्योंकि उन्होंने महिलाओं और पुरुषों के बीच अवसरों की समानता पर बात की। उन्हें मिस यूनिवर्स 2022 यूएसए की आर’बोनी गेब्रियल ने ताज पहनाया।

वहीं थाईलैंड की पोर्सिल्ड ने मलाला यूसुफजई का नाम लिया और फर्स्ट रनर-अप बनी तो ऑस्ट्रेलियाई की विल्सन ने एक मजबूत महिला अपनी माँ की जगह लेने की बात कहीं और दूसरी रनर-अप का खिताब हासिल किया । हालाँकि इस खिताब की दौड़ में भारत और पाकिस्तान की प्रतिभागी स्विमसूट राउंड के बाद टॉप 10 फाइनलिस्टों की लिस्ट से बाहर हो गई।

बदकिस्मती से बोल्ड ग्लिटर स्विमसूट में भारत की श्वेता शारद और बुर्किनी में पाकिस्तान की एरिका रॉबिन शाम की गाउन प्रतियोगिता के स्विमवीयर में जाने से नाकाम रहीं। इस सबके बीच इस साल की इस सौंदर्य प्रतियोगिता में मिस नीदरलैंड 2023 का खिताब जीतने वाली 22 साल की ट्रांस जेंडर वुमन रिक्की वैलेरी कोले और 28 साल की उम्र में मिस पुर्तगाल का खिताब जीतने वाली मरीना मशेट आकर्षण का केंद्र रहीं।

जहाँ रिक्की एलजीबीक्यूटी एक्टिविस्ट है और उनके हकों के लिए लड़ती रही हैं तो मरीना को इसके लिए कई दिक्कतों से दो-चार होना पड़ा। ये प्रतियोगिता इस मामले में भी खास रही कि इस बार प्रतियोगिता में भाग लेने वाली ग्वातेमाला की मिशेल कोह्न और कोलंबिया की मारिया कैमिला अवेला मॉन्टेनेज शादीशुदा होने के साथ ही माँ भी बन चुकी हैं।

भारत की ओर से इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली 23 साल श्वेता शारदा मॉडल हैं। उन्होंने इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया है। मूलत: चंडीगढ़ की रहने वाली शारदा अपने माता-पिता के साथ 16 साल की उम्र में मुंबई शिफ्ट हो गई थीं। उन्होंने डांस प्लस और डांस इंडिया डांस जैसे रियलिटी शो में भी हिस्सा लिया था।

जिन लोगों को अतीक अहमद ने मरवाया, अब उन्हीं के कब्रों के बीच मिट्टी में दबा पड़ा है: रिश्तेदार ने बताया- शाइस्ता सिखाती थी बच्चों को वसूली करना, सब पैसों के भूखे थे

प्रयागराज में मारे गए माफिया अतीक अहमद की बेनामी सम्पत्तियों की जाँच के लिए प्रशासन ने ‘ऑपरेशन ऑक्टोपस’ शुरू किया है। इस अभियान में 20 सदस्य शामिल हैं जिनका नेतृत्व डिप्टी एसपी रैंक के अधिकारी कर रहे हैं। ऑपरेशन ऑक्टोपस के तहत न सिर्फ जमीनी पड़ताल बल्कि ऑनलाइन निगरानी के जरिए भी अतीक अहमद की बेनामी सम्पत्तियों की डिटेल निकलवाई जाएगी। अभियान में अतीक के तमाम सहयोगियों की गतिविधियों के साथ उनके बैंक खातों पर भी नजर रखी जा रही है। इस बीच अतीक अहमद के रिश्तेदार ने ऑपइंडिया को बताया कि माफिया ने उन्हें भी अपनी आपराधिक करतूतों का शिकार बनाया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इससे पहले प्रशासन ने अतीक अहमद के खिलाफ ‘ऑपरेशन जिराफ’ चलाया था। इसके तहत अतीक की 2 बेनामी सम्पत्तियों को सीज कर दिया गया था। ये सम्पत्तियाँ खासतौर पर लखनऊ और प्रयागराज में हैं। इसमें प्लॉट और बेशकीमती फ़्लैट शामिल हैं। इस अभियान के तहत यह भी जानने का प्रयास किया जा रहा है कि अतीक की मौत के बाद उसकी सम्पत्ति पर कौन-कौन लोग काबिज़ हैं। ऑपरेशन जिराफ और ऑक्टोपस अभियान एक साथ चल रहे हैं जिनका मकसद अतीक अहमद के आर्थिक साम्राज्य की कमर तोड़ना है।

ऑपइंडिया ने अतीक अहमद के साढ़ू के भाई जीशान से बात की। जीशान और अतीक अहमद का प्रयागराज में घर 2 किलोमीटर के अंदर ही है। जीशान ने हमें बताया कि अतीक अहमद, उसकी बीवी शाइस्ता व उसके अपराधी बच्चों के लिए नाते-रिश्ते, हिन्दू-मुस्लिम जैसी बातें कोई मायने नहीं रखती हैं। बकौल जीशान अतीक का परिवार सिर्फ और सिर्फ पैसों का भूखा है। जीशान का आरोप है कि अतीक की बीवी शाइस्ता ने न सिर्फ अपनी सगी बहन की जमीन हड़पने के लिए अपने बेटे अली के साथ गुंडे भेजे थे बल्कि अपने ही जीजा पर हमला भी करवाया था।

अपने द्वारा कत्ल हुए लोगों से घिरा है अतीक

अतीक अहमद के साढ़ू के भाई जीशान ने हमें आगे बताया कि कब्रिस्तान में जहाँ अतीक अहमद की कब्र है उसके ईर्द गिर्द उन्हीं लोगों की कब्रे हैं जिनका उसने कत्ल किया था। जीशान ने कहा, “जहाँ अतीक, उसके भाई अशरफ और बेटे असद की कब्र है वहाँ आसपास दर्जनों लोग ऐसे हैं जिन्हें अतीक अहमद और उसके परिवार वालों ने कत्ल करवाया है। इनमें कुछ कब्रें नस्सन, अशरफ, कारी अहमद, कुन्नू, जग्गा और मुब्बा आदि की हैं। जीशान ने बताया कि इन सभी का दोष बस इतना था कि उन्होंने अतीक अहमद की दादागीरी के आगे झुकने से मना कर दिया था।

अपने बेटों को अपराध के लिए उकसाती थी शाइस्ता

जीशान ने बताया कि दुनिया की हर माँ अपने बच्चों को अपराध और बुरे काम से दूर रखने की कोशिश करती है लेकिन ये नियम शाइस्ता परवीन पर लागू नहीं होता था। उन्होंने बताया कि शाइस्ता अपने बच्चों को इस बात के लिए डाँटा करती थी कि उन्होंने किसी नए शिकार का अपहरण क्यों नहीं किया या फिरौती क्यों नहीं वसूली। दावा है कि अपनी खुद की बहन की भी जमीन हड़पने के लिए अपने बेटे अली अहमद को गुंडे और बुलडोजर लेकर खुद शाइस्ता परवीन ने ही भेजा था। शाइस्ता की बहन ने अपनी जमीन व अपने शौहर की जान की गुहार भी लगाई थी लेकिन उसका कोई फर्क नहीं पड़ा।

अतीक के समर्थकों को बद्दुआ

अतीक अहमद की मौत के बाद उनके वामपंथी और चरमपंथी समर्थकों द्वारा उनके समर्थन में हुई बयानबाजी पर ऑपइंडिया ने जीशान से सवाल किया। जीशान ने हमें बताया कि अतीक की कब्र पर सलामी मारने वाले, उसको जन्नत जाने की दुआ करने वाले या उसके किसी भी प्रकार के समर्थक जब भी कभी खुद ऊपर जाएँगे तो वो अतीक को अपने जैसे ही हाल में पाएँगे। जीशान का कहना है कि पूरी जिंदगी गुनाह करने वाले अतीक जैसे अपराधियों को कभी जन्नत हासिल नहीं होती है।

मानसिक तनाव से मर चुके कई लोग

जीशान ने हमें बताया कि अतीक अहमद के गुंडों की पिटाई और गोली के अलावा कई बेगुनाह उसके द्वारा दिए गए मानसिक तनाव की वजह से मर चुके हैं। कुछ लोग शहर भी छोड़ कर भाग गए। उन्होंने बताया कि अतीक के गुंडे किसी का पीछा करते थे और घर के आसपास टहलते दिखाई देते थे। कभी-कभार हल्की-फुल्की पिटाई करवा देता था। घर में पत्थरबाजी हो जाया करती थी। ऐसे में अतीक के दिए तनाव से पीड़ित अक्सर खुद या पूरे परिवार सहित जहर तक खाने की सोच लिया करते थे।

तनाव में आया व्यक्ति अंतिम विकल्प के तौर पर अतीक के पैरों में गिर पड़ता था और उसकी हर बात मान लिया करता था। जीशान के ड्राइवर और दोस्तों को भी अतीक ने धमकियाँ दिलाई थी। उन्होंने प्रयागराज के किसी सरदार जी का भी जिक्र किया जो अतीक अहमद के दिए गए तनाव की वजह से मर गए थे। हालाँकि जीशान ने उनका नाम नहीं बताया।

मीडिया में असद का महिमामंडन प्रोपेगेंडा

इसी तरह असद अहमद के एनकाउंटर के बाद खबरें आई थीं कि वो पढ़ने में बहुत तेज और कुशाग्र बुद्धि वाला था। हालाँकि अतीक अहमद के साढ़ू भाई ने इन खबरों को अफवाह बताया। उन्होंने कहा कि ये तमाम बातें फालतू की और मनगढ़ंत हैं। असद के बारे में उन्होंने बताया कि बचपन में वो आपराधिक स्वभाव का नहीं था लेकिन कुछ सालों के अंदर उसमें अपने अब्बा जैसा बनने की इच्छा जग गई थी।

योगी और अखिलेश की सरकार में जमीन-आसमान का फर्क

जीशान ने हमें बताया कि योगी आदित्यनाथ की वर्तमान सरकार में ही अतीक अहमद जैसे लोग काबू में आ पाए थे वरना अखिलेश शासन में तो उनके आतंक के आगे मंत्री भी फेल हुआ करते थे। जीशान का दावा है कि प्रयागराज तो दूर इसके आसपास से भी गुजरने वाले सभी बड़े राजनैतिक नाम अतीक के घर होकर ही जाया करते थे। अब योगी सरकार में स्थिति बदली है। आम लोगों में हिम्मत आई है और कानून में विश्वास जागा है।

5 तरफ से प्रयास, बाबा बौखनाथ से प्रार्थना, अभी और लगेगा समय… उत्तरकाशी में फँसे मजदूरों को निकालने के लिए अब तलाशे जा रहे नए रास्ते, वर्टिकल ड्रिलिंग के लिए प्रयास

उत्तराखंड के उत्तरकाशी की सिल्क्यारा सुरंग में फँसे 41 मजदूरों को बचाने के प्रयासों को एक सप्ताह हो गया है। अब मजदूरों को बचाने के लिए 5 तरफ से प्रयास किया जा रहा है। सुरंग के दोनों मुहानों और ऊपर से भी मजदूरों तक पहुँचने के प्रयास किए जा रहे हैं।

गौरतलब है कि 12 नवम्बर की सुबह 41 मजदूर उत्तरकाशी की इस सिल्क्यारा सुरंग में मलबा आ जाने की वजह से फँस गए थे। यह तब से वहीं फँसे हुए हैं। मजदूरों के पास मलबे के भीतर से सुरंग बना कर पहुँचने का प्रयास हो रहा है। इसके अलावा अब सुरंग के ऊपर से भी ड्रिलिंग करके मजदूरों को निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।

सबसे पहले यह निर्णय लिया गया था कि मलबा हटा कर मजदूरों को बचाया जाए लेकिन इसमें लगातार नया मलबा आने के कारण यह संभव नहीं हो सका। इसके पश्चात निर्णय लिया गया कि 900 मिलीमीटर व्यास वाली पाइप डाल मजदूरों को निकाला जाएगा।

इस काम को ऑगर मशीनों से किया जाना था। हालाँकि, इन मशीनों की ड्रिलिंग से पहाड़ में लगातार दरकने की आवाजें आ रही हैं जिससे काम प्रभावित हो रहा है। दिल्ली से नई ऑगर मशीन भी वायुसेना ने उत्तराखंड पहुँचाई थी। मलबे के भीतर से पाइप डालने के दौरान कई बार काम रुक रहा है। इसके अलावा मजदूरों तक पहुँचने के लिए अब नए रास्ते तलाशे जा रहे हैं।

एक टीम ने सिल्क्यारा के दूसरे मुहाने से ड्रिलिंग करने की संभावना जताई है। सुरंग के दूसरे मुहाने तक मशीनें पहुँचाने के लिए रोड बनाने का काम भी किया जा रहा है। सुरंग के ऊपर से वर्टिकल ड्रिलिंग के लिए जगह की पहचान की गई है। इस तक पहुँचने के लिए रास्ता बनाने का काम भारतीय सेना को सौंपा गया है। यहाँ तक पैदल पहुँचने के लिए रास्ता बनाया जाएगा।

इस रेस्क्यू आपरेशन में अब प्रधानमंत्री कार्यालय सीधे तौर पर जुड़ गया है। राज्य सरकार में सलाहकार भाष्कर खुलबे और पीएमओ में अफसर मंगेश घिल्डियाल घटनास्थल पहुँच हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी आज उत्तरकाशी की सिल्क्यारा सुरंग वाली जगह पर पहुँच रहे हैं।

मजदूरों को खाना पानी और दवाइयाँ पहुँचाने का काम इस दौरान जारी है। सुरंग में पानी पहुँचाने वाले पाइप के जरिए यह काम किया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि लगातार समस्या आने के कारण समय ज्यादा लग रहा है और अभी हो सकता है मजदूरों को निकालने में 4-5 दिन लग सकते हैं।

सुरंग के भीतर जिस 60 मीटर के इलाके में मलबा आया है, उसमें से 24 मीटर तक मशीनें पाइप डालने में सफल रही हैं। हालाँकि, इनकी रफ़्तार काफी कम है। मजदूरों ने बाहर मौजूद लोगों से बात भी की है। उत्तर प्रदेश के एक अधिकारी ने भी अंदर फंसे मजदूरों से बात की, उन्होंने कहा कि उन्हें जल्दी निकाला जाए।

सुरंग के बाहर स्थानीय देवता बाबा बौखनाग देवता का एक मंदिर भी स्थापित किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वह यहाँ के देवता हैं इसलिए मजदूरों को बचाने में उनका आशीर्वाद अति आवश्यक है।

भारत की जीत के लिए देश भर के मंदिरों में हवन-पूजन: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच को लेकर देश भर में उत्साह, तेंदुलकर सहित कई हस्तियाँ पहुँचीं अहमदाबाद

विश्वकप 2023 का फाइनल मुकाबला आज (19 नवम्बर 2023) को अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जाएगा। इस मैच में भारत की जीत के लिए देश भर में व्रत, हवन-पूजन और प्रार्थनाओं का दौर चल रहा है। यह मैच दोपहर 2 बजे शुरू होगा। मैच के लिए एक दिन पहले से ही फैन्स स्टेडियम के बाहर जुटने लगे हैं। दोनों टीमें भी अहमदाबाद पहुँच चुकी हैं।

भारत की जीत के लिए देश भर में कई जगह हवन किया गया है। रतलाम, कानपुर, पंचकूला, मुंबई, ऋषिकेश समेत देश के तमाम शहरों में भारतीय टीम की जीत के लिए भारतीय टीम के खिलाडियों की तस्वीरों के साथ पूजा अर्चना की जा रही है। कहीं-कहीं सुन्दरकांड का पाठ किया जा रहा है।

कुछ फैन्स ने भारत की जीत के लिए निर्जला व्रत तक रखा है। यूपी के मुजफ्फरनगर के 10 लड़कों ने भारत की जीत की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखा है। उनका कहना है कि भारत के जीतने तक वे ना ही कुछ खाएँगे और ना ही कुछ पिएँगे।

देश के कई बड़े मंदिरों में भी भारत की जीत के लिए प्रार्थनाएँ हो रही हैं। उज्जैन के महाकाल मंदिर के पुजारी महेश शर्मा ने कहा है, “हम भारत को सभी क्षेत्र में विश्वगुरु बनते देखना चाहते हैं।” महाकाल मंदिर में भस्म आरती के दौरान भारत की जीत के लिए पूजा अर्चना की गई।

वाराणसी में कुछ मुस्लिम महिलाओं ने भारत की जीत के लिए नमाज पढ़ीं। वहीं, अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में भी भारत की जीत की कामना की गई। तमिलनाडु के सालेम स्थित पेरूमल मंदिर में जीत के लिए देशवासियों ने पूजा-अर्चना की।

आज होने वाले मुकाबले में ड्रोन शो, लेजर शो और कई कलाकारों की प्रस्तुतियाँ भी होंगी। फैन्स भारत की जीत के लिए कई पुराने मुकाबलों में हुई घटनाओं की भी इस बार से तुलना कर रहे हैं।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यह फाइनल मैच देखने के लिए कई बड़ी हस्तियाँ भी स्टेडियम पहुँच रही हैं। पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, अभिनेता मनोज जोशी समेत पूर्व में विश्वकप जीतने वाली टीमों के कप्तान समेत अन्य बड़े खिलाड़ी अहमदाबाद पहुँचे हैं।

जनवरी 2024 में भव्यता के साथ श्रद्धालुओं के लिए खुलने जा रहे अयोध्या के श्रीराम मंदिर के पुजारी ने भी रामलला से प्रार्थना की है। आचार्य सत्येन्द्र दास ने भारत की ऑस्ट्रेलिया के ऊपर जीत के लिए पूजा अर्चना की है। अयोध्या की हनुमान गढ़ी में भी प्रार्थनाएँ हो रही हैं।

हलाल सर्टिफिकेट के नाम पर हिंदू एवं अन्य समुदाय के व्यापारियों का बहिष्कार, आतंकियों को फंडिंग की आशंका: FIR में साजिशों का खुलासा

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 17 नवम्बर 2023 को हलाल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी और जमीयत उलेमा-ए-हिन्द सहित कुछ अन्य संस्थाओं एवं लोगों पर FIR दर्ज हुई थी। इस FIR में हलाल सर्टिफिकेट को हिन्दू आस्था पर आघात बताते हुए इससे जुड़े लोगों पर कार्रवाई करने की माँग की गई थी। केस दर्ज होने के बाद उत्तर प्रदेश शासन ने अगले दिन 18 नवम्बर को हलाल के बजाय FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) प्रमाण पत्र को मानकों के लिए उचित बताया।

ऑपइंडिया के पास मौजूद इस केस में दर्ज हुई FIR में हलाल इंडिया के चेन्नई और मुंबई कार्यालय के साथ जमीयत उलेमा ए हिन्द के दिल्ली और मुंबई ऑफिस को नामजद किया है। इसके अलावा हलाल सर्टिफिकेट को बढ़ावा देने वाली कुछ अज्ञात कम्पनियाँ, राष्ट्र विरोधी साजिश रचने वाले कुछ अन्य अज्ञात लोग, आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे अज्ञात समूह और जनआस्था से खिलवाड़ करने के साथ दंगे करवाने की साजिश रच रहे कुछ अज्ञात लोगों को नामजद किया गया है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

शिकायतकर्ता शैलेन्द्र कुमार ने अपनी शिकायत में बताया है कि हलाल सर्टिफिकेट मजहब के नाम पर मजहब विशेष के लोगों द्वारा जारी किया जा रहा है। इस साजिश में एक मजहब विशेष के लोगों के सामानों की बिक्री बढ़ाने के लिए हलाल के नाम पर छल किया जा रहा है। FIR में कहा गया है कि जिन कंपनियों ने इनसे हलाल सर्टिफिकेट नहीं लिया है, उनकी बिक्री घटाने के लिए आपराधिक कृत्य किया जा रहा है।

शिकायत में हलाल सर्टिफिकेट को मुस्लिमों की अपनी तरफ आकर्षित करने का खास तरीका बताया गया है। FIR में आरोप है कि हलाल सर्टिफिकेट देने वाली कंपनियों ने सरकार के नाम का भी फर्जी कागजातों से दुरूपयोग किया है। हालात सर्टिफिकेट देने वाली कंपनियों के कागजातों में भी गड़बड़ी होने की बात कही गई है। इसके साथ ही गया है कि इसके जरिए समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

शिकायतकर्ता ने सभी आरोपितों पर समाज में विद्वेष फैलाने, आपराधिक कृत्य कर के करोड़ों रुपए कमाने, राष्ट्र विरोधी साजिश रचने के साथ हलाल सर्टिफिकेट से मिल रहे पैसे से आतंकियों को फंडिंग होने की आशंका जताई गई है। FIR में कहा गया है कि इससे होने वाले अनुचित लाभ को देश विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा रहा है।

FIR में कहा गया है कि तेल, साबुन, टूथपेस्ट, शहद आदि तक के लिए हलाल सर्टिफिकेट दिए जा रहे हैं, जबकि इनके लिए हलाल सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि ये शाकाहारी वस्तुएँ हैं। शाकाहारी वस्तुओं के लिए हलाल सर्टिफिकेट की आवश्कयता नहीं होती। इसमें आगे कहा गया है कि एक विशेष वर्ग द्वारा प्रचार किया जा रहा है कि उन वस्तुओं का इस्तेमाल ना करो, जिन्हें हलाल सर्टिफिकेट नहीं दिया गया हो। इससे दूसरे वर्ग के व्यापारियों के हितों को नुकसान पहुँचाया जा रहा है।