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गाजा के लिए रोए, Pak हिंदुओं पर बात तक नहीं: इरफान पठान का एकतरफा झुकाव देख दानिश कनेरिया ने दिया जवाब, नेटीजन्स ने भी लगाई क्लास

इजरायल-हमास युद्ध के बीच गाजा में बच्चों की मौत को लेकर भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान के ट्वीट पर पाकिस्तानी क्रिकेटर दानिश कनेरिया ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने पठान को लिखा- “भाई आपकी बात से सहमत हूँ, लेकिन ऐसी ही संवेदनशीलता आप पाकिस्तानी हिंदुओं को लेकर क्यों नहीं दिखाते हैं।”

दरअसल पठान ने शुक्रवार (3 नवंबर, 2023) को इरफान ट्वीट कर गाजा के बच्चों की मौत पर दुख जताते हुए कहा था कि दुनिया को अब चुप्पी तोड़नी चाहिए। उन्होंने एक खिलाड़ी के तौर अपील की कि दुनिया के नेता एकजुट होकर इन असंवेदनशील हत्याओं पर रोक लगाएँ।

इजरायल – हमास की जंग के बीच करीबन एक महीने बाद उन्हें ये होश आया कि वहाँ बच्चे मर रहे हैं, लेकिन हमास के 7 अक्टूबर 2023 को किए गए वहशी हमले में बच्चों के सिरकटी लाशों का उन्होंने कोई जिक्र नहीं किया।

उनकी टाइमलाइन में 20 अक्टूबर 2023 को बच्चों की मौत पर किया महज एक ट्वीट था, लेकिन इसमें इजरायल में मारे गए बच्चों को लेकर कुछ नहीं कहा गया था।

उनके इसी एक तरफा रवैये पर पाकिस्तानी क्रिकेटर दानिश कनेरिया ने अपने एक्स हैंडल से पठान के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा, “इरफ़ान भाई, मुझे ख़ुशी है कि आप बच्चों का दर्द समझते हैं और मैं इस पर आपके साथ खड़ा हूँ। लेकिन कृपया पाकिस्तानी हिंदुओं के बारे में भी बोलें। यहाँ पाकिस्तान में हालात बहुत अलग नहीं हैं।”

कनेरिया को जवाब देते हुए भी पठान ने बचकर निकल जाने वाला रवैया अख्तियार कर ट्वीट किया। उन्होंने लिखा “ज़रूर भाई दानिश, खुशी है कि आप इस मामले पर मेरे साथ खड़े हैं। आइए दुनिया भर की सभी बुराइयों के बारे में बात करें, इसलिए उम्मीद है कि हम किसी भी आस्था की परवाह किए बगैर गलत कामों को खत्म कर सकते हैं।”

अपने ट्वीट में फिर से पठान ने न तो पाकिस्तानी हिंदुओं के सपोर्ट में क्लियर स्टैंड लेते हुए खुद को दिखाया और न किसी ट्वीट में इजरायल में हुई बच्चों की मौतों पर बात की। यही कारण है कि कनेरिया का ट्वीट देखने के बाद सोशल मीडिया यूजर ने भी पठान की क्लास लगाने में कसर नहीं छोड़ी।

मैं भारतवासी नाम के एक्स हैंडल से ट्वीट किया गया, “वह इसके लिए एक शब्द भी नहीं बोलेगा क्योंकि उसे अच्छा पेंमेट नहीं मिला है। ये लोग कहीं भी हिन्दुओं पर होने वाले अत्याचारों के बारे में नहीं बोलते, चाहे पाकिस्तान हो या बांग्लादेश..इन्हें सिर्फ मुसलमानों का दर्द महसूस होता है, ये भी कोई परेशानी नहीं है क्योंकि गाजा में निश्चित तौर पर से निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं। लेकिन वो भी इसलिए क्यों उन्होंने हमास आतंकवादियों का समर्थन किया।”

एक्स यूजर राज जी ने पाकिस्तान का एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, ये है पाकिस्तान में हिंदू बच्चों और महिलाओं की हालत। इरफान पठान‌, मुझे नहीं लगता कि आपमें इस बारे में बोलने की हिम्मत है।”

गौरतलब है कि पाकिस्तानी क्रिकेटर दानिश कनेरिया पाकिस्तान में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों और शोषण के खिलाफ खासे मुखर रहे हैं। इस वजह से उनका क्रिकेटर का करियर तक दाँव पर लग गया, लेकिन वो चुप नहीं रहे। इस बार भी उन्होंने इरफान पठान का एकतरफा रवैया देख आवाज उठाई, जिसे देख भारतीयों ने उनको सपोर्ट किया

7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजरायल पर हमलों में 1400 से अधिक लोगों की जान गई। इसमें बच्चे, बूढ़े, जवान, बुजुर्ग सब शामिल थे। यहीं नहीं हमास के आतंकी 240 से अधिक लोगों को बंधक बना गाजा उठा ले गए थे। इसे लेकर इजरायल ने गाजा पट्टी पर जवाबी हमला बोला, जिसमें अब तक 9000 से अधिक लोगों की मौत हो गई है।

viagogo वेबसाइट पर क्रिकेट वर्ल्ड कप का टिकट, ₹25000 में 3: टिकटों की कालाबाजारी में अब तक 16 गिरफ्तार, सौरभ गांगुली के भाई स्नेहाशीष को भी नोटिस

स्टेडियम जाकर क्रिकेट वर्ल्ड कप देखने का मन है लेकिन टिकट नहीं मिल रही? इसलिए नहीं मिल रही क्योंकि वर्ल्ड कप के मैचों के टिकट बिक्री में कालाबाजारी की जा रही है। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली के भाई स्नेहाशीष गंगोपाध्याय (स्नेहाषीश गांगुली) को इस मामले में अब नोटिस भेजा गया है, 24 घंटे के भीतर उनसे जवाब माँगा गया है।

बंगाल क्रिकेट असोसिएशन के प्रेजिडेंट स्नेहाशीष गंगोपाध्याय (स्नेहाषीश गांगुली) को कोलकाता पुलिस ने नोटिस भेजा है। वर्ल्ड कप के मैचों के टिकट बिक्री में कालाबाजारी को लेकर कोलकाता पुलिस अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इस मामले में अब तक 7 FIR भी दर्ज हो चुकी है।

कोलकाता पुलिस के अनुसार ईडन गार्डन में खेले जाने वाले मैच में एक टिकट का दाम 900 रुपए है। कालाबाजारी करके इन टिकटों को 8000 रुपए तक में बेचा जा रहा। ICC ने क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 में टिकट बेचने के लिए BookMyShow को अपना ऑफिशियल पार्टनर बनाया है। इस कारण से कोलकाता पुलिस ने इसे भी टिकट की कालाबाजारी को लेकर नोटिस भेजा।

नोटिस मिलने के बाद BookMyShow की ओर से 2 अधिकारी जाँच में सहयोग करने पुलिस के पास पहुँचे। वहीं बंगाल क्रिकेट असोसिएशन की ओर से कोई भी अधिकारी जाँच के लिए सामने नहीं आया। उनकी ओर से हालाँकि ईमेल भेज कर यह कहा गया कि टिकटों की खरीद-बिक्री में उनका कोई रोल नहीं है। कोलकाता पुलिस ने कालाबाजारी से प्राप्त किए गए अब तक 94 ऐसे टिकट भी जब्त किए हैं।

5 नवंबर 2023 को कोलकाता के ईडन गार्डन स्टेडियम में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच मैच है। इसी मैच के टिकटों की कालाबाजारी की जा रही है। क्रिकेट के एक फैन ने पुलिस से इसकी शिकायत की थी, उसके बाद से ही पुलिस अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही है।

viagogo.com नाम की वेबसाइट पर क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 के टिकट बिकने की जानकारी पर एक शख्स ने वहाँ से 25161 रुपए ऑनलाइन देकर 3 टिकट खरीदे। कोलकाता पुलिस को दी शिकायत में इस शख्स ने बताया कि पेमेंट हो जाने के बाद भी उसे अभी तक टिकट नहीं दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में वेबसाइट पर भी केस दर्ज किया है।

सौरभ गांगुली ने क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 में टिकटों की कालाबाजारी को लेकर कहा है कि इसमें बंगाल क्रिकेट असोसिएशन का कोई लेना-देना नहीं है। उनके अनुसार ईडन गार्डेन स्टेडियम की क्षमता 67000 दर्शकों की है जबकि टिकटों की माँग 100000 से भी अधिक रही।

‘युवाओं का पार्टी करना, तेज म्यूजिक बजाना, उसमें शराब पीना अपराध नहीं’: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, पड़ोसी की याचिका खारिज

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि युवाओं की पार्टियों प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता है। युवाओं द्वारा पार्टी आयोजित किया जाना आम बात है। कोर्ट ने यह भी कहा कि इन पार्टियों ने शराब सेवन को अपराध नहीं माना जा सकता। कोर्ट उस मामले की सुनवाई में यह बात कही, जिसमें एक फ्लैट में युवकों द्वारा तेज म्यूजिक के साथ शराब पीने को लेकर याचिका दाखिल की गई थी।

न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी ने इस टिप्पणी के साथ ही इस मामले को खारिज कर दिया। दरअसल, एक निजी अपार्टमेंट में आयोजित पार्टी के दौरान ‘बेहद तेज संगीत’ बजाने और शराब पीने का आरोप के मामले में 10 लोगों के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया था। यह मामला पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति ने दर्ज कराई थी।

याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा, “आजकल आम बात है कि युवा ऐसी जगह पर मिलन समारोह और पार्टियाँ आयोजित करते हैं, जहाँ वे इकट्ठा हो सकें और उन पर किसी तरह पाबंदी ना लगाई जा सके। इसमें कोई विवाद नहीं है कि पार्टी याचिकाकर्ता के स्वामित्व वाले फ्लैट में चल रही थी। केवल शराब के सेवन को अपराध नहीं माना जा सकता है।”

अदालत इस निष्कर्ष पर पहुँचा कि ये बताने के लिए कोई ठोस सामग्री नहीं है कि इन आरोपितों ने कोई अपराध किया है। इसको देखते हुए अदालत ने आरोपितों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले को रद्द कर दिया। इस तरह अदालत ने आरोपितों की उस याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसमें उनके खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की की माँग की गई थी।

बार एंड बेंच के अनुसार, यह पूरा मामला गोरखपुर के एक निवासी से संबंधित है। याचिकाकर्ता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके इलाके में तेज संगीत बजाया जा रहा है, जिसके कारण उसे या उसके बुजुर्ग पिता को सोने में दिक्कत हो रही थी।

इस पर बचाव पक्ष के वकील ने कोर्ट में तर्क दिया कि यह पार्टी एक निजी फ्लैट में आयोजित की गई थी और संगीत स्वीकृत सीमा के भीतर बजाया गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इमारत में रहने वाले एक अन्य निवासी को फ्लैट के मालिक के खिलाफ व्यक्तिगत शिकायत थी और इसलिए उसने झूठी शिकायत की थी।

वहीं, सरकारी वकील ने तर्क दिया कि जब किसी पार्टी के कारण पड़ोसी असुविधा महसूस करते हैं और उसकी शिकायत पुलिस से करते हैं तो उस पर कार्रवाई करना पुलिस का दायित्व बन जाता है। इस पर आरोपितों के वकील ने कहा कि अगर पुलिस ने आपराधिक मामला दर्ज करने के बजाय पार्टी को रोक दिया होता तो यह काफी होता।

नेपाल में भूकंप से हाहाकार… डिप्टी मेयर समेत 128+ लोगों की मौत: भूवैज्ञानिकों ने दी चेतावनी- अभी नहीं टला खतरा, PM मोदी बोले- देंगे हर संभव मदद

नेपाल में शुक्रवार (3 नवम्बर 2023) की रात तेज भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर 6.4, के इस विनाशकारी भूकंप का केंद्र जाजरकोट जिले में जमीन के अंदर 10 किलोमीटर की गहराई में था। इसके झटके पूरे नेपाल के साथ भारत में उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा तक महसूस किए गए। भूकंप से नेपाल में ही अब तक लगभग 128 लोगों की मौत की खबर है। इन आँकड़ों के बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी है।

नेपाली मीडिया के मुताबिक पिछले काफी समय से भूवैज्ञानिक नेपाल के पश्चिमी हिस्से में बड़े भूकंप की चेतावनी दे रहे थे। रिक्टर स्केल पर इसके 8 के आसपास होने की भविष्यवाणी की जा रही थी। इसकी वजह टेक्टॉनिक प्लेट के हिसाब से संवेदनशील इस क्षेत्र में पिछले 600 साल से कोई बड़ा भूकंप न आना था।

जाजरकोट जिला करनाली प्रान्त में है। इस प्रान्त में अब तक लगभग 128 लोगों की मौत हो चुकी है। नेपाली प्रशासन ने मृतकों की संख्या में अभी इजाफा होने की आशंका जताई है। रात 11:47 पर आए इस भूकंप से प्रभावित इलाकों के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में ध्वस्त हुए मकानों को देखा जा सकता है।

मृतकों के हिसाब से सबसे अधिक मौतें 90 जाजरकोट जिले में हुई हैं। उसके अलावा रुकुम जिले में 35 लोगों के मरने की जानकारी है। लगभग 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं जिनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। मृतकों में जाजरकोट की उप-मेयर सरिता सिंह भी शामिल हैं। सरिता सिंह का शव बचावकर्मियों ने बरामद कर लिया है।

भूकंप की वजह से लगभग 40 सेकेंड तक धरती हिलती रही। इसके झटके तिब्बत-चीन पठार के अलावा भारत की राजधानी नई दिल्ली तक महसूस किए गए। भूकंप के केंद्र जाजरकोट से लगभग 500 किलोमीटर दूर काठमांडू में तो लोग डर से घरों के बाहर निकल आए। कुछ भूवैज्ञानिकों ने अभी खतरे के न टलने और भविष्य में एक बड़े भूकंप की आशंका बताई है।

नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ने इस घटना पर दुःख प्रकट किया है। उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्यों के लिए सरकारी एजेंसियों को लगा दिया गया है। नेपाली प्रधानमंत्री ने प्रभावित इलाकों का हवाई दौरा भी किया है।

भारत ने दिया हरसंभव मदद का भरोसा

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप से हुई मौतों पर दुःख जताया। घायलों की शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हुए उन्होंने दुःख की इस घड़ी में नेपाल को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।

फिलहाल राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। सुरक्षा बल और बचावकर्मी सुदूर ग्रामीण इलाकों तक पहुँचने की कोशिशों में जुटे हुए हैं।

पाकिस्तान के एयर बेस पर बरसे गोला-बारूद, धमाकों वाली Video सामने आई: बलूचिस्तान में भी सेना के काफिले पर हमला, 14 फौजी मरे

पाकिस्तानी सेना पर हमले थमने का नाम नहीं ले रहे। शनिवार (नवंबर 4, 2023) की तड़के खबर आई है कि वहाँ पंजाब के मियांवाली में पाकिस्तान एयर फोर्स बेस पर ताबड़तोड़ गोलीबारी और बम धमाका हुए। कुछ लोग बेस पर हुए हमले की वीडियोज को सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं।

दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान एयर फोर्स बेस पर कई फिदायीन हमलावरों ने इस अटैक को अंजाम दिया है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पूरे हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-जिहाद पाकिस्तान ने ली है।

एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर शेयर होती वीडियो में ज्यादातर अंधेरा नजर आ रहा है। लेकिन अगर ध्यान से सुनें तो साफ पता चल रहा है कि किस तरह से बेस कैंप पर गोलियाँ चलीं और धमाकों का धुआँ दूर तक उठता दिखाई दिया।

बता दें कि इससे एक दिन पहले यानी कल (3 नवंबर 2023) पाकिस्तानी फौज पर बलूचसिस्तान में बड़ा हमला होने की खबर आई थी। इस हमले में मुल्क के 14 फौजियों की जान चली गई थी। ये अटैक पाकिस्तानी सेना पर होने वाला इस साल का सबसे बड़ा हमला था। मीडिया में बताया गया कि घटना तब हुई जब पसनी से ग्वादर जा रही दो गाड़ियों पर हमला किया गया।

इसी तरह से एक दिन पहले खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पाकिस्तानी पुलिस को निशाना बनाया गया था। वहाँ डेरा इस्माइल खान जिले में पुलिसकर्मियों के काफिले को निशाना बनाकर उसपर हमला हुआ था। हमले में 5 लोगों की मौत हो गई थी और 20 से अधिक लोग घायल हुए थे।

गौरतलब है कि नवंबर 2022 में तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान और पाकिस्तान सरकार के बीच सीजफायर का समझौता खत्म हुआ था। इसके बाद से PAK फौज पर हमले की घटनाएँ बढ़ीं। जिसके कारण पाकिस्तान के कई फौजियों की जान गई।

‘किसी ग्रंथ में नहीं लिखा कि भगवान को खुश करने के लिए पटाखे फोड़ना जरूरी’: केरल हाईकोर्ट ने धार्मिक स्थानों पर रखे पटाखों पर रेड का दिया आदेश

केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार (3 नवंबर 2023) को एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश में राज्य के अधिकारियों को सभी धार्मिक स्थानों पर रेड डालकर अवैध रूप से रखे गए पटाखों को अपने कब्जे में लेने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि देर रात धार्मिक स्थलों पर पटाखे नहीं फोड़े जाएँगे। भगवान को प्रसन्न करने के लिए पटाखे फोड़ने का आदेश किसी भी पवित्र ग्रंथ में नहीं है।

न्यायमूर्ति अमित रावल की एकल पीठ ने कहा, “मैं कोचीन और अन्य जिलों के पुलिस आयुक्त की सहायता से डिप्टी कलेक्टर को निर्देश देता हूँ कि वे सभी धार्मिक स्थानों पर छापेमारी करें और सभी धार्मिक स्थानों में अवैध रूप से रखे गए पटाखों को अपने कब्जे में लें। इसके साथ ही निर्देश जारी करें कि अब से कोई भी पटाखे न चलाए।”

केरल के सभी धार्मिक स्थलों पर पटाखे जलाने पर रोक लगाने की माँग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने आगे कहा, “धार्मिक स्थानों पर देर रात (Odd Hours) में पटाखे नहीं फोड़े जाएँगे, क्योंकि प्रथम दृष्टया किसी भी पवित्र पुस्तक में भगवान को प्रसन्न करने के लिए पटाखे फोड़ने का कोई आदेश नहीं है।”

याचिका में दलील दी गई थी कि जिला कलेक्टर द्वारा विस्फोटक नियमों के तहत विस्फोटक लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं और सभी मंदिरों के पास पटाखे फोड़ने का लाइसेंस नहीं है। याचिका में आगे कहा गया कि अगर लाइसेंस जारी भी किए जाते हैं तो उन्हें विस्फोट के लिए जारी नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे ध्वनि और वायु प्रदूषण के साथ-साथ शांति भी भंग होती है।

हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार और धार्मिक प्रतिष्ठानों ने भी याचिकाकर्ता के रुख पर कोई आपत्ति नहीं जताई है। न्यायाधीश ने कहा कि उन्होंने भी आधी रात के बाद पटाखों की आवाज सुनी है। इसलिए, हाईकोर्ट ने पुलिस कमिश्नर की सहायता से डिप्टी कलेक्टर को सभी धार्मिक स्थानों पर छापेमारी करने और सभी धार्मिक स्थानों में अवैध रूप से संग्रहीत पटाखों को अपने कब्जे में लेने का निर्देश दिया।

अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि आज के आदेश के बाद पटाखे फोड़े गए तो अदालत अवमानना की ​​कार्यवाही शुरू करने के लिए मजबूर हो सकती है। कोर्ट ने सरकारी वकील को अगली सुनवाई यानी 24 नवंबर 2023 से पहले इस पर एक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।

बता दें कि प्रदूषण एवं अन्य कारणों को देखते हुए कोर्ट ने दिल्ली और हरियाणा में भी रात 10 बजे के बाद पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध लगा रखा है। अब केरल हाईकोर्ट ने इसे अपने राज्य में भी देर रात में पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया।

‘कॉन्ग्रेसी माँ और सजा काट रहे चाचा ने हड़पे ₹7 करोड़, बहन मेरे पति को रेप में फँसाने की दे रही धमकी’: उन्नाव पीड़िता ने MLA पर लगाया था आरोप, अब परिवार से ही जान को खतरा

साल 2017 के चर्चित उन्नाव रेप कांड की पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसकी कॉन्ग्रेस नेत्री माँ, सगी बहन, तिहाड़ जेल में 10 साल की सजा काट रहे चाचा और चाचा की महिला मित्र ने रुपयों को लेकर उसका जीना हराम कर दिया है। पीड़िता ने कहा कि इन लोगों ने रेपकांड कांड के बाद सरकार और विभिन्न जगहों से मिले करोड़ों रुपयों को हड़प लिया। इतना ही नहीं, पीड़िता को दिल्ली में मिली फ्लैट पर इन लोगों द्वारा कब्जे का आरोप लगाया।

पीड़िता ने इस संबंध में पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता ने कहा कि 8 माह की गर्भवती होने के बावजूद उसे फ्लैट से निकाल फेंका गया। पीड़िता ने आगे कहा, “मेरी बहन मेरे पति को रेप केस में फँसाने की कोशिश कर FIR कराने की धमकी दे रही है, ताकि मेरा आखिरी सहारा भी छिन जाए।” उन्नाव रेप पीड़िता ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर इन चारों आरोपितों पर कार्रवाई की माँग की है।

पीड़िता ने कहा है कि उसका चाचा आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है और इस समय वह हत्या के प्रयास में तिहाड़ जेल में 10 साल जेल की सजा काट रहा है। वहीं, उसकी माँ की राजनीतिक पहुँच ऊँची है। वह पिछले चुनाव में कॉन्ग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुकी है। पीड़िता का कहना है कि ये सभी लोग उसे परेशान कर रहे हैं और उसे मिले 7 करोड़ रुपए को भी हड़प चुके हैं।

पीड़ित ने कहा है कि इस घटना के समय वो नाबालिग बताई गई थी, जिसकी वजह से सारा पैसा उसके चाचा और उसकी माँ के खातों में डाल दिए गए थे। उन लोगों ने ये सारे पैसे हड़प लिए। पीड़िता ने आरोप लगाया कि जब उसने अपने चाचा से पैसे माँगे तो उसने कहा कि केस लड़ने में इससे अधिक पैसे खर्च हुए हैं। ।

ऑपइंडिया के पास मौजूद एफआईआर के मुताबिक, पीड़िता का कहना है कि उसके पति ने उसकी हालत को समझते हुए उसका पूरा साथ दिया है, इसलिए उसके परिवार के लोग ही पीछे पड़ गए हैं। पीड़िता ने पुलिस से खुद के लिए और अपने पति के लिए सुरक्षा की माँग की है। इसके साथ ही उसने सारे पैसे भी दिलाने की माँग कही है। पीड़िता है कि वह 8 माह की गर्भवती है और उसकी माँ-चाचा प्रभावशाली हैं, इसलिए वे उसे नुकसान पहुँचा सकते हैं।

बता दें कि उन्नाव रेपकांड काफी चर्चित मामला था। इस मामले में मुख्य आरोपित के तौर पर भाजपा के तत्कालीन विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए सजा भी सुनाई थी। अब पीड़िता के इस पत्र से मामले में नया मोड़ आता दिख रहा है। इसको लेकर पत्रकार दीपिका नारायण भारद्वाज ने सवालिया चिन्ह खड़े किए हैं।

दीपिका नारायण भारद्वाज ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस मामले को लेकर कहा, “इस मामले में अभी बहुत कुछ सामने आना बाकी है। मुझे उम्मीद है कि एक दिन यह देश इस मामले की वास्तविक सच्चाई को जानेगा। पीड़ित ये परिवार नहीं है। उन्होंने हर किसी को अपराधी के रूप में पेश किया, जो असली पीड़ित हैं।”

क्या फिर शुरू होगा क्रूसेड वॉर? : आतंकी संगठन हिज्बुल्लाह के नेता नसरल्लाह ने इजरायल पर हमास के हमले को ठहाराया सही, बोला- सभी विकल्प खुले, लोगों में डर

गाजा पर इजरायल के हमले के बीच हिज्बुल्लाह के सैयद हसन नसरल्लाह के शुक्रवार (3 नवंबर, 2023) को दिए भाषण से लेबनान में तनाव बढ़ गया है। लेबनान वासी और विशेषज्ञों को डर है कि अगर वह इजरायल के खिलाफ हमले तेज करते हैं तो क्षेत्रीय तनाव बढ़ सकता है। वहीं हिज्बुल्लाह के सैयद हसन नसरल्लाह ने अपने भाषण में लेबनान द्वारा सभी संभावनाओं के खुले होने पर जोर दिया। लेकिन युद्ध की कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की। नसरल्लाह ने अरब और मुस्लिम देशों से इजरायल को गाजा पर हमले करने से रोकने की अपील की है। 

अपने भाषण में नसरल्लाह ने हमास द्वारा इजरायल पर हमले की सराहना की। साथ ही कहा कि इजरायल अपने बंदियों को समझौते के बाद ही हासिल कर सकता है।

बता दें कि नसरल्लाह ने बार-बार इज़रायल को मान्यता देने से इनकार कर दिया है, यह कहते हुए कि वह इसके अस्तित्व को गैरकानूनी और अन्यायपूर्ण मानता है। जिससे पहले ही इस आतंकी संगठन और इजरायल के बीच टकराव होता रहा है। 

वहीं नसरल्लाह का यह भाषण तब आया जब हाल के सप्ताहों में हिज़्बुल्लाह और इज़रायल के बीच सीमा पर लेबनान सीमा पर लड़ाई तेज हो गई है। लेबनानी आतंकी समूह का दावा है कि उसके 47 लड़ाके मारे गए हैं जबकि इज़रायल का कहना है कि उसके छह सैनिक मारे गए हैं। वहीं कम से कम छह नागरिकों की भी मौत हो गई है। 

फिर भी, कुछ लोगों का मानना ​​है कि नसरल्ला दक्षिणी लेबनान में अपने आतंकियों को हमले तेज करने के लिए तैयार कर सकता है, भले ही कई लोग इस बात से डरे हैं कि है कि युद्ध उनके जीवन को प्रभावित कर सकता है जैसा कि पहले भी हो चुका है। 

बता दे कि दक्षिण लेबनान को ऐतिहासिक रूप से इजरायल के साथ पहले के युद्दों में देश के किसी भी अन्य क्षेत्र की तुलना में काफी अधिक नुकसान उठाना पड़ा है। जिसमें से 1985 और 2000 के बीच इजरायल द्वारा 15 साल तक लेबनान के कुछ क्षेत्रों पर नियंत्रण रहा। 

वहीं युद्ध की आशंका के बीच दक्षिण लेबनान के आम निवासी डरे हुए हैं।  लोगों का कहना है कि हम पहले से ही टूटे हुए हैं अभी फिर युद्ध हुआ तो हमारी रोजी रोटी को और भी नुकसान पहुँचेगा। हालाँकि लोग हिज्बुल्लाह के खिलाफ खुलकर बोलने से डर रहे हैं लेकिन वो नहीं चाहते हैं कि लेबनान फिर से इजरायल के साथ युद्ध में उलझे। क्योंकि पहले भी लेबनान को इजरायल के खिलाफ लड़ने के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ी है।

गौरतलब है कि हिज्बुल्लाह के नसरल्लाह का यह भाषण तब आया है जब हमास आतंकियों द्वारा इजरायल पर हमले के एक महीने बीत चुके हैं। वहीं गाजा में इजरायल के जवाबी हमले में करीब 9000 मारे गए हैं।

बता दें कि हमास के आतंकवादियों द्वारा 7 अक्टूबर को गाजा सीमा में घुसकर इजरायल के अंदर घातक हमला करने के बाद, 1,400 से अधिक लोगों की हत्या कर दी गई। उनमें से ज्यादातर आम नागरिक थे जो मारे गए और 240 से अधिक लोगों को गाजा में अपहरण कर लिया गया। साथ ही लेबनान की दक्षिणी सीमा पर गोलीबारी में वृद्धि देखी गई है। मुख्य रूप से इजराइल और हमास के सहयोगी हिज्बुल्लाह के बीच भी झड़प जारी है। वहीं अब नसरल्लाह के भाषण के बाद व्यापक टकराव की आशंका पैदा हो गई है।

‘राहुल गाँधी ‘राष्ट्रीय पप्पू’, नहीं मिलेगी एक भी सीट’: तेलंगाना CM के बेटे और राज्य सरकार में मंत्री केटीआर ने कहा- कॉन्ग्रेस का ‘कर्नाटक मॉडल’ बकवास

तेलंगाना विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी है। इस बीच सत्ताधारी दल BRS के नेता और मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर (KCR) के बेटे केटीआर (केटी रामाराव) ने कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी को ‘राष्ट्रीय पप्पू’ कहा है। केटीआर तेलंगाना सरकार में मंत्री हैं। हाल ही में राहुल गाँधी ने एक जल परियोजना में भ्रष्टाचार को लेकर केटीआर पर आरोप लगाया था।

तेलंगाना सरकार में कैबिनेट मंत्री केटीआर ने कहा कि राहुल गाँधी को बातों की समझ ही नहीं रही है। वो जो आरोप लगा रहे हैं, वो गलत है। केटीआर ने आगे कहा कि राहुल गाँधी जल परियोजना से जुड़े खंभों के पानी में डूबने को भ्रष्टाचार कह रहे हैं, जबकि वो एक्सटेंशन का हिस्सा है और वहाँ पर काम चल रहा है।

केटीआर ने रिपब्लिक से बातचीत में कहा, “कालेश्वरम परियोजना तेलंगाना के लोगों के लिए आशीर्वाद है, जबकि कॉन्ग्रेस तेलंगाना के लिए अभिशाप है। राहुल गाँधी को न तो तेलंगाना का इतिहास पता है और न ही उन्होंने राज्य के बारे में जानने का कोई प्रयास किया है। अब समय आ गया है कि वह अपना स्क्रिप्ट राइटर बदल लें और जो कुछ उनकी पार्टी के नेता उन्हें देते हैं, उसे पढ़ना बंद कर दें।”

केटीआर ने कहा कि राहुल गाँधी और तेलंगाना प्रदेश कॉन्ग्रेस अध्यक्ष ए. रेवंत रेड्डी ने मेदिगड्डा बैराज के एक्सटेंशन को जोड़ने वाले बैराज के लिए बन रहे पिलर्स को बैराज के टूटने के सबूत के रूप में पेश करने की कोशिश की। इसके जरिए ये लोगों में डर पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं कि यह बहने वाला है। उन्होंने राहुल गाँधी को ‘भारत का पप्पू’ और रेवंत रेड्डी को ‘तेलंगाना का पप्पू’ बताया।

केटीआर ने कहा कि ये लोग इंजीनियरों की तरह बात करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि उन्हें ये भी नहीं पता कि वो क्या कह रहे हैं। उन्होंने इंडिया टुडे से बातचीत में भी ये बाते दोहराई। केटीआर ने रेवंत रेड्डी को ‘नोट के बदले वोट मामले में रंगे हाथों पकड़ा गया ब्लैकमेलर और भ्रष्ट नेता बताया। साथ ही कहा कि ये अब पैसे के लिए पार्टी के टिकट बेचता है।

केटीआर ने कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी का नाम कॉन्ग्रेस नहीं, बल्कि ‘घोटाला’ होना चाहिए। उन्होंने कॉन्ग्रेस के कर्नाटक मॉडल पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के गाँव तक में पानी की सप्लाई नहीं आती। ये कैसा मॉडल है? ये तो बकवास है।

राहुल गाँधी ने केटीआर को कहा था भ्रष्टाचारी

बता दें कि राहुल गाँधी ने ट्वीट करके केटीआर को घेरा था। उन्होंने कहा था कि केसीआर और उनके परिवार के लिए कालेश्वरम परियोजना ‘एटीएम’ है। उन्होंने इस परियोजना को एक लाख करोड़ रुपए का घोटाला करार दिया था। राहुल गाँधी ने कहा था कि केसीआर जनता का पैसा लूट रहे हैं।

30 नवंबर को होंगे मतदान

गौरतलब है कि तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023 में 119 सीटों के लिए चुनाव होने हैं, जिसके लिए मतदान 30 नवंबर 2023 को संपन्न होंगे। इसकी मतगणना 3 दिसंबर 2023 को होगी। चुनाव में भारत राष्ट्र समिति (पूर्व में तेलंगाना राष्ट्र समिति), कॉन्ग्रेस और भारतीय जनता पार्टी मुख्य पार्टियाँ हैं। वहीं, बीआरएस की सहयोगी पार्टी के तौर पर असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM अहम भूमिका में है।

साँप के जहर से मजा! रेव पार्टियों में कैसे पहुँचता है स्नेकबाइट?: ‘मस्ती’ के लिए ड्रग्स की लत में फँसकर जान गँवा रहे हैं युवा

दिल्ली से सटे नोएडा में पुलिस और एक एनजीओ ने मिलकर एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो पार्टियों में साँप और साँप का जहर सप्लाई करते थे। उनके पास से लाखों रुपए की कीमत का 20 मिलीलीटर जहर भी बरामद हुआ है। इस जहर का इस्तेमाल रेव पार्टियों में होता है। ऐसी ही एक रेव पार्टी का जाल बुनकर 5 लोगों को साँपों के साथ पकड़ा गया है। इनका लिंक बिग बॉस ओटीटी के विजेता एल्विश यादव से जुड़ता पाया गया है। अब एल्विश यादव को भी इस मामले में आरोपित के तौर पर शामिल किया गया है।

सवाल ये उठ रहा है कि एल्विश यादव और 5 लोगों को साँप के जहर से संबंधित जिस मामले में आरोपित बनाया गया है उसका काम क्या है? क्यों उन लोगों ने अपने पास साँप रखे हुए थे? अगर ये पार्टी में इस्तेमाल होने थे तो पार्टी में इनका क्या काम होता है? ऐसे कई सवालों के जवाब लोग तलाश रहे हैं। हमारी कोशिश है कि इस बारे में लोगों को जागरुक किया जाए और ये बताया जाए कि लोग नशे के नाम पर अपनी जिंदगी से खिलवाड़ करते हैं और कई मामलों में इस ‘मजे’ का अंत मौत होता है।

रेव पार्टियों का चलन भारत में तेजी से बढ़ा है। पिछले एक दशक में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें खतरनाक ड्रग्स के सेवन से लोगों की जान भी गई हैं। उन्हीं खतरनाक ड्रग्स में से एक है साँप का जहर, जिसका सेवन करने वाले इसे ‘स्नेक वेनम’ कहकर प्रचारित करते हैं और इसे मर्दानगी से जोड़कर देखते हैं। इन रेव पार्टियों में पैसा, नशा, सेक्स और ताकत का ऐसा कॉकटेल होता है, जो इसका सेवन करने वालों को कथित तौर पर ‘थ्रिल’ देता है। ये थ्रिल ही उनमें जोखिम लेने का जोश पैदा होता है।

जाहिर सी बात है कि साँप का जहर सीमित मात्रा में हो तो आपको कथित तौर पर ‘मजा’ दे सकता है, लेकिन मात्रा थोड़ी-सी भी ज्यादा हुई तो सीधे यमराज के पास भी भेज सकता है। इन सब बातों का प्रचार तो बॉलीवुडिया फिल्में लंबे समय से कर ही रही हैं।

रेव पार्टियों में साँप के जहर का इस्तेमाल कब से शुरू हुआ?

रेव पार्टियों में साँप के जहर का इस्तेमाल कब से शुरू हुआ, इसका कोई एक निश्चित जवाब नहीं है। कुछ रिपोर्ट के अनुसार, भारत में यह प्रवृत्ति 2010 के दशक की शुरुआत में शुरू हुई थी। हालाँकि, अन्य रिपोर्टों के अनुसार, यह प्रवृत्ति 2020 के दशक की शुरुआत में अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई दी। 2010 के दशक की शुरुआत में, भारत में रेव पार्टियों की लोकप्रियता बढ़ने लगी थी।

इन पार्टियों में लोग अक्सर नशीले पदार्थों का उपयोग करते थे, जिनमें कोकीन, एमडीएमए और एक्स्टसी शामिल हैं। कुछ लोगों ने साँप के जहर का उपयोग करना शुरू किया, क्योंकि वे इसे एक नया और अधिक शक्तिशाली नशा मानते थे। इस दौरान भारत में साँप के जहर के उपयोग के बारे में अधिक जानकारी सामने आने लगी। इसने इस पदार्थ के उपयोग के बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद की।

हालाँकि, इसने साँप के जहर के उपयोग को भी बढ़ावा दिया, क्योंकि कुछ लोगों ने इसे एक खतरनाक और चुनौतीपूर्ण नशा माना। 2022 में भारत में रेव पार्टियों में साँप के जहर के उपयोग की रिपोर्ट लगातार आ रही हैं। यह चिंता का विषय है, क्योंकि साँप का जहर अत्यधिक विषाक्त पदार्थ है और इसके गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं, जिसमें मृत्यु भी शामिल है।

रेव पार्टी क्यों प्रतिबंधित है?

रेव पार्टी को कई कारणों से प्रतिबंधित किया गया है। इसका एक कारण यह है कि उन्हें अक्सर अवैध नशीले पदार्थों के उपयोग के लिए एक स्थान माना जाता है। दूसरा कारण यह है कि उन्हें अक्सर अनियमित और खतरनाक माना जाता है। कई देशों में रेव पार्टी को कानूनी रूप से प्रतिबंधित किया गया है।

भारत में रेव पार्टी को एक ‘सार्वजनिक उपद्रव’ माना जाता है और इन्हें आयोजित करने या इसमें भाग लेने के लिए दंडित किया जा सकता है। इन पार्टियों में अक्सर सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज किया जाता है और यह भीड़ से भरा हो सकता है। रेव पार्टी अक्सर कानून-व्यवस्था के लिए चुनौतियाँ पैदा करती हैं। इन पार्टियों में अक्सर शोर, अव्यवस्था और हिंसा होती हैं।

दिल्ली में तेजी से बढ़ रहा स्नेकबाइट का चलन

गल्फ न्यूज ने IANS की अपनी रिपोर्ट में लिखा था कि स्नेकबाइट दिल्ली में युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, खासकर रेव पार्टियों में। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य ड्रग्स के मुकाबले महंगा होता है, फिर भी इसकी माँग तेजी से बढ़ रही है। हालाँकि, इसके इस्तेमाल की वजह से कई बार मौत तक हो जाती है। इसका नशा सीमित स्तर पर हो, इसके लिए पार्टियों के आयोजक अपनी तरफ से नशेड़ियों का ध्यान रखते हैं कि कहीं वो ज्यादा जहर का इस्तेमाल न कर बैठे।

कहा जाता है कि यह स्नेक बाइट इसका इस्तेमाल करने वालों को एक मजबूत नशा देता है, जिसकी वजह से वो लंबे समय तक पार्टी में डांस करते हैं, मजे करते हैं। नशीली दवाओं के नियंत्रण से जुड़े एक अधिकारी ने बताया है कि स्नेकबाइट दिल्ली में युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। अधिकारी ने यह भी कहा कि दवा का पता लगाना और इलाज करना मुश्किल है, क्योंकि इसकी जाँच के लिए कोई विशेष व्यवस्था ही नहीं है।

भारत में रेव पार्टियों में साँप के जहर के उपयोग के कुछ कारण

भारतीय जर्नल ऑफ साइकेट्री एंड फार्माकोलॉजी में ‘भारत में मनोरंजन के लिए साँप के जहर का उपयोग: केस रिपोर्ट और कुछ रिपोर्ट्स की समीक्षा’ नाम से एक लेख प्रकाशित हुआ है। ये पूरा शोध आधारित लेख मनोरंजन के लिए साँप के जहर के उपयोग से संबंधित है। इस लेख में बताया गया है कि एक 25 साल का लड़का पिछले 6 माह से साँप के जहर का इस्तेमाल नशे के रूप में कर रहा था। उसने दोस्तों से इस बारे में जानकारी ली थी और फिर वो इसका आदी बन गया, लेकिन एक घटना में उसे अस्पताल में दाखिल होने पर मजबूर होना पड़ा।

इसी लेख में बताया गया है कि आखिर क्यों मनोरंजन या मजे के लिए साँप के जहर का इस्तेमाल बढ़ा है। कुछ लोगों ने दावा किया है कि साँप के जहर से होने वाले तीखे नशे के गुलाम हैं तो कुछ ने कहा कि वे साँप के जहर का उपयोग ऊर्जावान महसूस करने या अपने यौन प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए करते हैं।

साँप का जहर एक बहुत ही शक्तिशाली उत्तेजक है और यह हृदय गति, रक्तचाप और श्वसन दर में वृद्धि का कारण बन सकता है। यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं या मृत्यु का कारण बन सकता है। साँप का जहर एक अपेक्षाकृत दुर्लभ नशीला पदार्थ है और इसकी गुणवत्ता को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है। साँप का जहर एक बहुत ही नशे की लत वाला पदार्थ है।

स्नेकबाइट का इस्तेमाल!

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन पर मई-जून 2018 को प्रकाशित एक केस स्टडी में साँप के जहर का नशे के लिए इस्तेमाल करने के मामले में बड़ा खुलासा किया गया था। इस लेख में ऐसे 33 वर्षीय व्यक्ति के बारे में बताया गया है, जिसने छोटे-मोटे नशों से शुरुआत कर खुद को साँप के जहर का आदी बना लिया।

एक समय बाद जब अस्पताल में भर्ती हुआ, तब जाकर ये खुलासा हो पाया कि वो साँप के जहर का इस्तेमाल आखिर कर क्यों रहा था। इस रिपोर्ट में विस्तार से जानकारी दी गई है कि किस तरह से एक व्यक्ति जो नशे की गिरफ्त में होता है, उसने विकल्प के तौर पर स्नेकबाइट को चुना। रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान में एक खास जगह पर लोग बंजारों और सपेरों की मदद से इस तरह का नशा करते है। चूँकि सपेरे साँपों को पालते हैं, इसलिए उन्हें उसके जहर के बारे में पता होता है।

साँप के जहर में कई अहम पदार्थ

वैज्ञानिकों ने साँप के जहर में विभिन्न प्रकार के विषाक्त पदार्थों की पहचान की है। इन विषाक्त पदार्थों में प्रोटीन, न्यूक्लिक एसिड और कार्बोहाइड्रेट का मिश्रण शामिल हैं। वैज्ञानिकों ने पाया है कि साँप के जहर में एंटी-वायरल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। इन गुणों का उपयोग दवा बनाने के काम में किया जाता है। वैज्ञानिकों ने साँप के जहर के जीन की खोज की है। इस खोज से साँप के जहर के उत्पादन और अनुवांशिक रूपांतरण में मदद मिलेगी।

इन दवाओं का उपयोग कैंसर, एड्स और अन्य बीमारियों के इलाज में किया जा सकता है। साँप के जहर का उपयोग चिकित्सा उपकरणों में सुधार के लिए किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, साँप के जहर का उपयोग एंटीबायोटिक युक्त नैनो-कैप्सूल बनाने के लिए किया जा सकता है। साँप के जहर पर शोध एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है जो चिकित्सा, रक्षा और अन्य क्षेत्रों में कई संभावित अनुप्रयोगों की पेशकश करता है।

नशे के लिए स्नेकबाइट के खिलाफ उठाएँ कदम, खतरे को कहें ‘न’।

स्नेकबाइट एक नया पार्टी ड्रग है, जो भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। स्नेकबाइट का उपयोग करने से गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं, जिनमें मतिभ्रम, दौरे और मृत्यु शामिल हैं। अधिकारियों ने लोगों से स्नेकबाइट का उपयोग करने से बचने का आग्रह किया है। ऐसे में नशीले पदार्थों का उपयोग न करें, विशेष रूप से उन नशीले पदार्थों का उपयोग न करें जो अज्ञात या अनियमित हैं।

यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति को स्नेकबाइट का उपयोग करते हुए देखते हैं तो उन्हें इसके बारे में बात करने की कोशिश करें और यदि आवश्यक हो तो चिकित्सा सहायता लें। यदि आपको संदेह है कि आपने या आपके किसी परिचित ने स्नेकबाइट का उपयोग किया है तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।