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‘CM शिवराज सिंह चौहान से खुश हैं 77% मतदाता’: ओपिनियन पोल में मध्य प्रदेश में BJP को पूर्ण बहुमत, महिलाओं का रुझान भाजपा को दिलाएगा बड़ी जीत

मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसके लिए सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कॉन्ग्रेस जोर-शोर से प्रचार में लगे हुए हैं। अब ‘Pollsters India’ नामक एजेंसी ने राज्य में ओपिनियन पोल किया है, जिसमें कॉन्ग्रेस पार्टी पिछड़ती हुई दिख रही है। इस ओपिनियन पोल की मानें तो राज्य में जहाँ भाजपा 124 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत पा सकती है, वहीं कॉन्ग्रेस मात्र 97 सीटों पर सिमटती हुई दिख रही है। एजेंसी ने बताया है कि महिला मतदाताओं का भाजपा के प्रति रुझान इसका प्रमुख कारण है।

‘पोल्स्टर्स इंडिया’ के ओपिनियन पोल के हिसाब से महिला मतदाताओं के बीच भाजपा 20% से आगे है। इतना ही नहीं, OBC और जनजातीय समाज के बीच भी भाजपा आगे दिख रही है। 41% मतदाताओं ने कहा है कि मुख्यमंत्री के रूप में शिवराज सिंह चौहान का प्रदर्शन उत्कृष्ट है, वहीं 36% ने कहा कि उनका काम संतोषजनक है। ये सर्वे 3 अक्टूबर से लेकर 30 अक्टूबर के बीच 35,268 सैम्पल लेकर किया गया। इसमें पाया गया कि कॉन्ग्रेस पर भाजपा की बढ़त 5% है, जो उसे चुनाव जीता सकता है।

इस ओपिनियन पोल की मानें तो 2018 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले उसका वोट 3.1 प्रतिशत बढ़ जाएगा। वहीं कॉन्ग्रेस के वोट शेयर में 2.1% की कमी आने की उम्मीद है। भाजपा को जहाँ 44.7% वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है, वहीं कॉन्ग्रेस का वोट शेयर 39.4% रहने की उम्मीद है। बीच में 15 महीने छोड़ दें (जब कमलनाथ CM थे) तो भाजपा यहाँ 19 वर्षों से सत्ता में है। जहाँ 31% मतदाताओं ने कहा कि भाजपा की जन-कल्याणकारी योजनाएँ गेमचेंजर साबित होंगी, जबकि 34% ने कहा कि इसका प्रभाव पड़ेगा।

कॉन्ग्रेस में 2 पूर्व मुख्यमंत्रियों कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बीच खींचातानी और अंदरूनी कलह को भी पार्टी के खराब प्रदर्शन का कारण माना गया है। 44% ने कहा कि उनका कार्यकाल अच्छा है, जबकि 21% ने ही पूर्व सीएम कमलनाथ के कार्यकाल को उनसे बेहतर बताया। केंद्र सरकार के कामकाज के कारण भी भाजपा को फायदा हो रहा है। जहाँ 54% उत्तरदाताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रदर्शन को उत्कृष्ट बताया, वहीं 35% ने कहा कि उनका काम संतोषजनक है।

‘जमीन होनी थी सरकार की, कब्जा मुफीद और रिहाना जैसों का’: जो पाकिस्तान चला गया उसके नाम पर बनाते रहे फर्जी कागजात, आज़ादी के 76 साल बाद FIR

उत्तर प्रदेश के नोएडा जिले में पाकिस्तान की सम्पत्ति पर हेराफेरी का मामला सामने आया है। यहाँ मुफीद खान, रिहाना और कुछ अन्य लोगों पर 1947 में पाकिस्तान चले गए एक व्यक्ति की जमीन को फर्जी कागजात बनवा कर अपने नाम करवाने का आरोप लगा है। अदालत के आदेश पर नोएडा पुलिस ने 24 अक्टूबर, 2023 को कई धाराओं में FIR दर्ज कर ली है। फिलहाल मामले की जाँच की जा रही है।

इस मामले में शिकायतकर्ता नूर मोहम्मद नाम का एक व्यक्ति है जो मूलतः मेवात के पुन्हाना क्षेत्र का रहने वाला है। शिकायतकर्ता ने बताया है कि साल 1947 में हुए बँटवारे में जेवर का रहने वाला तौफीक नाम का व्यक्ति भारत से पाकिस्तान चला गया था। जाते हुए तौफीक की 6.838 हेक्टेयर जमीन भारत में रह गई थी। यह जमीन नोएडा के मेहंदीपुर आलियाबाद में मौजूद है। शिकायतकर्ता का कहना है कि तौफीफ की जमीन नियमानुसार भारत सरकार की होनी चाहिए थी।

अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप लगा कर शिकायतकर्ता ने बताया कि यह जमीन तौक़ीफ के पाकिस्तान जाने के बाद भी लम्बे समय तक उसी के नाम पर कागजातों में बनी रही। शिकायत में आगे मुफीद खान उर्फ़ एम ए खान को नटवरलाल बताते हुए आरोप लगाया गया है कि उसने तौक़ीफ की जमीन के फर्जी लोगों के साथ मिल कर नकली कागजात बनवाए। दावा है कि इन्हीं नकली कागजातों के आधार पर पाकिस्तान चले गए तौफीक की जमीन को मुफ़ीद खान द्वारा अपनी बीवी रिहाना के नाम करवा दिया गया।

दोनों आरोपित जेवर थानाक्षेत्र के किला कॉलोनी के निवासी बताए गए हैं। शिकायतकर्ता द्वारा इस मामले की शिकायत 9 और 10 अक्टूबर, 2023 को थाना प्रभारी जेवर, पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्ध नगर और SDM जेवर से स्पीड पोस्ट व ई मेल के जरिए करने की बात कही गई है। हालाँकि, इस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उलटे आरोप है कि 11 अक्टूबर को रिहाना और मुफीद ने पीड़ित को केस वापसी का दबाव बनाते हुए अंजाम भुगतने की धमकी दी।

हालाँकि, पुलिस स्तर से कार्रवाई न होता देख पीड़ित ने अदालत की शरण ली है। अदालत के आदेश पर जेवर थानाक्षेत्र में यह मुकदमा IPC की धारा 420, 467, 468, 471, 120 B और 506 के तहत 24 अक्टूबर 2023 को दर्ज हुआ। मामले में रिहाना और मुफीद खान को नामजद करते हुए अन्य अज्ञात लोगों का नाम है। मामले की जाँच सब इंस्पेक्टर अजय कुमार को सौंपी गई है। मीडिया से बात करते हुए थाना प्रभारी जेवर ने बताया कि केस की जाँच करवाई जा रही है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

पूर्व के कई अधिकारियों पर उठे सवाल

ऑपइंडिया ने इस मामले पर शिकायतकर्ता के वकील इरशाद चौधरी से बात की। इरशाद ने दावा किया कि यदि मामले की उच्चस्तरीय जाँच हो तो पाकिस्तानी व्यक्ति की जमीन को हथियाने में कई पूर्व अधिकारी भी शामिल मिलेंगे। उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति पाकिस्तान चला गया था भारत में उसका न सिर्फ निवास प्रमाण पत्र बनता रहा बल्कि उसकी मौत का भी सर्टिफिकेट जारी करके जमीन की हेराफेरी में पूर्व के कई अधिकारियों ने साजिश में हाथ बँटवाया है।

एडवोकेट इरशाद चौधरी का दावा है कि तौकीक की जमीन जेवर कोर्ट के पास ही है जो सरकार के कई बड़े कामों में प्रयोग आ सकती है जिसमें पुलिस लाइन या अदालत तक खुल सकती है। एडवोकेट इरशाद के मुताबिक केस में नामजद आरोपित इससे पहले भी कुछ जमीनों की हेराफेरी में शामिल रह चुके हैं लेकिन उन पर अभी तक प्रशासन ने कोई एक्शन नहीं लिया है। हालाँकि उन्होंने इस कानूनी लड़ाई को आगे भी जारी रखने का ऐलान किया। इरशाद चौधरी ने इस बात में भी हैरत जताई है कि देशद्रोह से भी गंभीर इस मामले में अभी तक किसी भी आरोपित को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया है।

राजस्थान पुलिस ने एल्विश यादव को छोड़ा, कार रोक कर की थी पूछताछ: नोएडा पुलिस से बातचीत के बाद जाने दिया

राजस्थान पुलिस ने एल्विश यादव को हिरासत में लिए जाने के बाद उनसे पूछताछ की, अब उन्हें छोड़ दिया गया है। मीडिया में उनकी गिरफ़्तारी की खबर सामने आई, उसके कुछ ही देर बाद सूचना आई कि उन्हें छोड़ दिया गया है। राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (DGP) उमेश मिश्रा ने उन्हें हिरासत में लिए जाने की पुष्टि की थी। मीडिया में बताया गया कि एक चेकपॉइंट के पास उनकी कार को रोका गया था। उनकी पहचान ज़ाहिर होने के बाद कोटा पुलिस ने हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की।

फिर उन्हें छोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि कोटा पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने के बाद नोएडा पुलिस से संपर्क किया और इसकी सूचना दी। हालाँकि, यूपी पुलिस ने स्पष्ट किया कि वो फ़िलहाल वॉन्टेड नहीं हैं और फरार नहीं चल रहे, जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया। दोनों राज्यों की पुलिस ने आपस में बातचीत की, फिर उन्हें छोड़ दिया गया। एल्विश यादव फ़िलहाल अपने अगले प्रोजेक्ट्स की शूटिंग और प्रमोशन से जुड़े गतिविधियों में व्यस्त हैं।

राजस्थान पुलिस ने बताया कि राजस्थान पुलिस ने चुनाव के मद्देनज़र रखते हुए नाकाबंदी लगाई थी और इसी दौरान कार में बैठे व्यक्ति व्यक्ति की पहचान एल्विश यादव के रूप में हुई, तभी उन्हें रोका गया था। नोएडा पुलिस से बातचीत करने के बाद उन्हें रोकने की ज़रूरत नहीं महसूस हुई और उन्हें छोड़ दिया गया।

एल्विश यादव की सोशल मीडिया पर बहुत बड़ी फैन फॉलोविंग है। जहाँ यूट्यूब पर उनके 1.46 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं, वहीं इंस्टाग्राम पर उनके पेज को 1.56 करोड़ लोगों ने लाइक कर रखा है। वहीं फेसबुक पर भी एल्विश यादव के 45 लाख फॉलोवर्स हैं। ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर भी अक्सर उनके सपोर्ट में उनके फैंस ट्रेंड चलते रहते हैं, जहाँ उनके हैंडल पर 7.12 लाख फॉलोवर्स हैं। अब उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। साँपों के साथ उनके कुछ वीडियो भी सामने आए थे।

हालाँकि, उन्होंने एक स्पष्टीकरण जारी कर के कहा था कि ये सभी वीडियो 5-6 महीने पुराने हैं। उनका कहना है कि गानों की शूटिंग के लिए इनका इस्तेमाल किया गया था। मीडिया में यहाँ तक दावा किया गया था कि वो भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। कोटा ग्रामीण स्थित रामगंज सुकेत थाने की पुलिस ने ये कार्रवाई की थी। रेव पार्टी और साँपों के ज़हर से नशे के मामले में नोएडा पुलिस उनकी तलाश कर रही थी।

I.N.D.I. गठबंधन ने किया बहिष्कार, कॉन्ग्रेसी पूर्व CM ने किया सत्कार: कमलनाथ के साथ दिखीं नविका कुमार तो भड़का विपक्षी गिरोह

लोकसभा चुनाव-2024 से पहले भारतीय जनता पार्टी और मोदी सरकार को हराने के लिए विपक्षी दलों का इंडी गठबंधन (INDI Alliance ) उससे पहले ही टूटता दिख रहा है। आए दिन गठबंधन के दल एक दूसरे के खिलाफ तीखे बयान-बाजी कर रहे हैं।

दल में देश की विपक्षी पार्टियों को पीएम मोदी के खिलाफ एकजुट करने का झंडा बुलंद करने वाली कॉन्ग्रेस पार्टी से गठबंधन के बाकी दल खार खाए बैठे हैं। इस कड़ी में अब मध्य प्रदेश समाजवादी पार्टी की यूनिट ने कॉन्ग्रेस नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रहे कमलनाथ के इंडी गठबंधन के बहिष्कृत पत्रकारों में शामिल नविका कुमार के साथ घूमने पर आड़े हाथों लिया।

समाजवादी पार्टी मध्य प्रदेश यूनिट ने अपने एक्स हैंडल पर कॉन्ग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सपा के हैंडल पर पत्रकार नविका कुमार और वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता कमलनाथ की फोटो के साथ ही इंडी गठबंधन के बहिष्कृत पत्रकारों की लिस्ट के साथ लिखा गया, “इंडिया अलायन्स की मीटिंग में सर्वसम्मति से तय हुआ था कि कुछ पत्रकार जो भाजपा के एजेंडे पर डिबेट्स करते हैं उनके किसी कार्यक्रम में अलायन्स में शामिल दलों के प्रतिनिधि नहीं जाएँगे और ना ही उन्हें बुलाएँगे। अब कॉन्ग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता। पूर्व मुख्यमंत्री तथा मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस के सर्वेसर्वा कमलनाथ जी इंडिया अलायन्स द्वारा बहिष्कृत पत्रकार को लेकर अपने साथ चुनाव प्रचार में घूम रहे। कॉन्ग्रेस पार्टी खुद इंडिया अलायन्स के साथी दलों के साथ ईमानदार नहीं है और कॉन्ग्रेस खुद भाजपा के एजेंडे पर काम कर रही।”

गौरलतब है I.N.D.I. अलायंस ने गुरुवार, (14 सितंबर, 2023 ) को खुलेआम 14 समाचार एंकरों की एक सूची जारी कर उनके ‘बहिष्कार’ का फैसला लिया था। इनकी लिस्ट इसी दिन कॉन्ग्रेस नेता पवन खेड़ा द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई थी। 

अब उसी कॉन्ग्रेस के नेता कमलनाथ मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले लिस्ट में 9वें नबंर पर शामिल पत्रकार नविका कुमार के साथ चुनाव प्रचार अभियान पर जाते हैं और उनसे बात करते हैं। इससे इंडी गठबंधन के दलों की छाती पर साँप लोटना स्वाभाविक था।

इससे पहले भी चुनावी राज्य एमपी में सीटों को लेकर नाराज समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव कॉन्ग्रेस पार्टी की छिछालेदार कर चुके हैं। उन्हें यहाँ कॉन्ग्रेस ने पूरी तरह से नजरअंदाज करते हुए वादे के मुताबिक 6 सीटें तो छोड़िए, एक भी सीट नहीं दी।

इसके बाद अखिलेश यादव ने कहा कि अगर उन्हें पता होता कि राज्यों के स्तर पर गठबंधन नहीं है, तो वो कभी इंडी गठबंधन की किसी बैठक में जाते ही नहीं। इसके बाद उनकी पार्टी ने यहाँ अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया।

यहाँ के प्रदेश प्रभारी व्याजी गोंड ने कहा समाजवादी पार्टी सभी 230 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करने की कोशिश कर रही है। अभी तक 31 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया गया है। उधर दूसरी तरफ सभी विपक्षी दलों को बटोर कर लाने वाले बिहार के सीएम नीतिश कुमार का भी कुछ ऐसा ही हाल है।

इस बीच, अखिलेश यादव ने भी साफ कर दिया है कि वो इंडी गठबंधन को परे रखकर उत्तर प्रदेश की 80 में से 65 लोकसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ेंगे। उन्हें किसी दल के संग-साथ की जरूरत नहीं है।

वहीं जम्मू-कश्मीर से भी इंडी गठबंधन में शामिल दल जम्मू कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (जेकेएनसी) के भी इसे लेकर बगावती तेवर दिखने लगे हैं। जेकेएनसी के वाइस प्रेजिडेंट उमर अब्दुल्ला भी कॉन्ग्रेस नेता कमलनाथ के संग पत्रकार नाविका कुमार को देख अपनी त्यौरियाँ चढ़ा रहे हैं। उन्होंने अपने एक्स हैंडल से तंज करते हुए पोस्ट किया, “एंकरों का बहिष्कार करने वाली एक मूर्खतापूर्ण सूची के लिए इतना ही। मुझे खुशी है कि यह अपनी ही मौत मर गया INDIA गठबंधन।”

खुद को सभी को साथ लेकर चलने वाला नेता बताते हुए बिहारी बाबू नीतीश कुमार ने गुरुवार (2 नवंबर, 2023) को सीपीआई और वामदलों की पटना में हुई एक रैली के मंच से कॉन्ग्रेस पर सवालिया निशान लगाए। उन्होंने कहा कि अभी कॉन्ग्रेस पार्टी गठबंधन पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। उसका तवज्जो महज 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों पर है।

नीतीश कुमार का ये बयान समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव जैसा ही है। कॉन्ग्रेस पर हमलावर होते हुए सीएम नीतीश कुमार ने इंडी गठबंधन से बाहर जाने की बात साफ तो नहीं की, लेकिन ये कहा कि वो सभी को साथ लेकर चलना चाहते हैं। इसलिए ही सभी को एकजुट कर रहे हैं।

उन्होंने खुद को सोशलिस्ट का तमगा देते हुए कहा कि सीपीआई से पुराना रिश्ता है। कम्युनिस्ट और सोशलिस्ट को एक होकर आगे चलना है। अब एक बार पाँचों राज्यों के विधानसभा चुनाव खत्म हो जाए, उसके बाद इस गठबंधन के भविष्य पर चर्चा होगी।

भाजपा के खिलाफ गठबंधन बनाने में सीएम नीतीश कुमार अहम रोल में रहे। उन्होंने भाजपा के खिलाफ सभी दलों को इकट्टा करने में एड़ी चोटी का जोर लगाया था। इसी वजह से पटना की बैठक के बाद मुंबई और फिर बेंगलुरु में बैंठके हुईं।

इस बैठक में ही राहुल गाँधी ने उनसे पूछे बगैर ही गठबंधन का नामकरण I.N.D.I. Alliance कर डाला था। इससे सुशासन बाबू खासे नाराज हुए थे और गठबंधन की तरफ से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल नहीं हुए थे। हालाँकि बाद में साझा बयान जारी कर इस घटना पर लीपापोती करने की कोशिश की गई थी।

यही नहीं एजेंडा के तौर पर शामिल की गई जातीय जनगणना की माँग पर सभी दलों की रजामंदी नहीं थी। इसके बाद इस मुद्दे को भी राहुल गाँधी ने हाईजैक करने की कोशिश की है और वो लगातार इस मुद्दे पर खुलकर बयानबाजी कर रहे हैं।

वहीं दक्षिण में इंडी गठबंधन का हिस्से डीएमके पार्टी ने सनातन पर उल्टी-सीधी बयानबाजी की। इस पर गठबंधन चुप्पी साधे बैठे रहा। हालाँकि उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म पर दिए बयान के बाद इंडी गठबंधन की भोपाल की रैली चुनावों की वजह से कॉन्ग्रेस के दबाव में रद्द कर दी गई।

उधर दूसरी तरफ आरजेडी के नेताओं की सनातन और हिंदू विरोधी बयानों पर गठबंधन के सभी दल होठ सिले बैठे रहे। इसी तरह पंजाब से लेकर दिल्ली तक आम आदमी पार्टी और कॉन्ग्रेस की तनातनी जगजाहिर है। उधर सीएम ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल में वामदलों के साथ काम करने में एतराज हैं।

एल्विश यादव को राजस्थान पुलिस ने पकड़ा, नोएडा पुलिस ने कहा – ‘वांछित नहीं’ तो छोड़ा: रेव पार्टी और साँपों के ज़हर से नशा मामले में दर्ज है मुकदमा


ताज़ा अपडेट: एल्विश यादव को राजस्थान पुलिस ने छोड़ दिया है। नोएडा पुलिस ने बातचीत के दौरान कहा कि वो वांछित नहीं हैं, जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया।

रेव पार्टी और साँपों के ज़हर का नशे के रूप में इस्तेमाल के आरोपों में फँसे यूट्यूबर एल्विश यादव को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में 6 लोगों के खिलाफ यूपी पुलिस ने FIR दर्ज की थी। इनमें से 5 आरोपित 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेजे भी जा चुके हैं। 9 ज़िंदा साँप और 20 मिलीलीटर ज़हर बरामद किए जाने के संबंध में ये कार्रवाई की गई है। एल्विश यादव ‘बिग बॉस OTT’ के 2023 संस्करण के विजेता हैं और खासे चर्चा में रहते हैं।

एल्विश यादव की सोशल मीडिया पर बहुत बड़ी फैन फॉलोविंग है। जहाँ यूट्यूब पर उनके 1.46 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं, वहीं इंस्टाग्राम पर उनके पेज को 1.56 करोड़ लोगों ने लाइक कर रखा है। वहीं फेसबुक पर भी एल्विश यादव के 45 लाख फॉलोवर्स हैं। ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर भी अक्सर उनके सपोर्ट में उनके फैंस ट्रेंड चलते रहते हैं, जहाँ उनके हैंडल पर 7.12 लाख फॉलोवर्स हैं। अब उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। साँपों के साथ उनके कुछ वीडियो भी सामने आए थे।

हालाँकि, उन्होंने एक स्पष्टीकरण जारी कर के कहा था कि ये सभी वीडियो 5-6 महीने पुराने हैं। उनका कहना है कि गानों की शूटिंग के लिए इनका इस्तेमाल किया गया था। बताया जा रहा है कि पुलिस की नाकेबंदी को देख कर एल्विश यादव भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। कोटा ग्रामीण स्थित रामगंज सुकेत थाने की पुलिस ने ये कार्रवाई की है। रेव पार्टी और साँपों के ज़हर से नशे के मामले में नोएडा पुलिस उनकी तलाश कर रही थी।

खबर ये भी है कि एल्विश यादव को गिरफ्तार कर के नोएडा लाया जा रहा है। उनकी गाड़ी को भी जब्त कर लिया गया है। कुछ खबरों में उन्हें फरार बताया जा रहा था। नोएडा के सेक्टर-49 में उनके खिलाफ मुकदमा दायर किया गया था। भाजपा सांसद मेनका गाँधी ने बढ़-चढ़ कर उनकी गिरफ़्तारी की माँग की थी। उनकी संस्था ‘पीपल फॉर एनिमल’ ने ही इस मामले का खुलासा भी किया था। राहुल नामक एक तस्कर के साथ उनके संबंध होने के आरोप भी हैं।

‘रामलला के लिए दान करना चाहता हूँ 11 किलो का सोने का मुकुट, उसमें लगे हैं 101 हीरे’: राम मंदिर ट्रस्ट को महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने लिखा पत्र

महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने एक बार फिर से जेल से पत्र लिखा है। उसने इच्छा जताई है कि वो राम मंदिर के लिए दान देना चाहता है। बकौल महाठग, वो रामलला के लिए सोने का मुकुट दान करना चाहता है। उसने ये चिट्ठी ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ के नाम लिखी है और इसमें कहा गया है कि वो जो मुकुट दान में देना चाहता है वो 11 किलोग्राम का है और 916.24 कैरेट सोने से बनी है। उसका कहना है कि इस मुकुट में 101 हीरे भी लगे हुए हैं।

उसने दावा किया है कि हर हीरा 5 कैरेट का है। मुकुट के बीच में एक पन्ना का पत्थर भी लगा हुआ है, जो 50 कैरेट का है। उसने यहाँ तक दावा किया है कि इस मुकुट को दक्षिण भारत के एक बड़े ज्वेलर्स द्वारा तैयार किया गया है। उसने इस पत्र में खुद और अपने परिवार की भगवान रामचंद्र के प्रति अटूट भक्ति होने का भी दावा किया है और कहा है कि इसी कारण वो ये मुकुट दान करने के लिए प्रेरित हुआ है। उसने इसे सपने सच होने जैसा बताया है।

उसने दावा किया है कि ये एक गहन आशीर्वाद है। सुकेश चंद्रशेखर ने कहा कि उसके जीवन में जो भी है वो भगवान श्रीराम के आशीर्वाद का भी प्रमाण है। उसने कहा कि यह योगदान उसके लिए एक बड़े मील का पत्थर बन गया है। उसने अनंत मलिक को अपना क़ानूनी सलाहकार और स्टाफ बताते हुए कहा है कि आगे की कार्यवाही के लिए उसे अधिकृत किया गया है। उसने आवश्यक बिल, रसीदें और प्रमाण पत्र प्रदान करने सहित सभी कानूनी औपचारिकताएँ पूरी करने का आश्वासन भी दिया है।

उसने लिखा है कि दिसंबर के पहले सप्ताह तक काम पूरा हो जाएगा। महाठग सुकेश चंद्रशेखर का कहना है कि 22 जनवरी, 2024 को अभिषेक समारोह में वो अपना मुकुट रामलला को पहनाए जाने की इच्छा रखता है। फ़िलहाल वह राष्ट्रीय राजधानी स्थित मंडोली में जेल-11 में बंद है। हालाँकि, ये जान लेने वाली बात है राम मंदिर ट्रस्ट ने इसका कोई जवाब नहीं दिया है और न ही मुकुट को स्वीकार किया गया है। सुकेश इससे पहले अक्सर अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को पत्र लिखने के लिए जाना जाता रहा है।

‘जोहिद अख्तर के घर पर चले बुलडोजर’: हिन्दू बच्ची की आत्महत्या के बाद सड़क पर शव रख कर प्रदर्शन, जाँच के लिए पहुँच रही बाल आयोग की टीम

लखीमपुर खीरी के संपूर्णानगर में आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने से आहत किशोरी की आत्महत्या के बाद माहौल गरमा गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव शनिवार (4 नवंबर, 2023) को घर पहुँचने के बाद कस्बे के लोगों, परिजनों और हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जाम लगाने की कोशिश की। आरोपित जोहिद के घर पर बुलडोजर चलाने की माँग भी प्रदर्शनकारियों द्वारा की जा रही है।

दरअसल, गुरुवार (2 नवंबर, 2023) को 17 वर्षीय किशोरी का शव घर के अंदर फंदे से लटका मिला था। आत्महत्या के इस मामले में बताया गया है कि पीड़िता आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने से आहत थी। इस मामले में आरोपित का जोहिद अख्तर को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं जोहिद के परिवार के दूसरे नामजद आरोपितों की गिरफ़्तारी और कार्रवाई को लेकर हंगामा हो रहा है।

NCPCR ने लिया संज्ञान 

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है। NCPCR के चेयरपर्सन प्रियंक कानूनगो ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए एक टीम लखीमपुर खीरी भेजी है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया, “उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में अपराधियों द्वारा एक नाबालिग बच्ची से निकाह के लिए उस पर धर्मांतरण का दबाव बनाने व शारीरिक शोषण के लिए ब्लैकमेल किए जाने पर बच्ची द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना का संज्ञान लिया जा रहा है। NCPCR की एक टीम लखीमपुर खीरी पहुँच कर मामले की जाँच करेगी। किसी भी दोषी को बचने नहीं दिया जाएगा।”

बता दें के आत्महत्या के इस मामले में परिजनों ने ग्रामीणों को साथ लेकर शनिवार (4 नवंबर, 2023) की सुबह सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया। इस बीच कुछ लोगों ने आरोपित की दुकान में तोड़फोड़ कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। इसके बाद भड़की भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया जा रहा है कि कस्बे की दुकानों में भी तोड़फोड़ की गई।

चूँकि मामला हिन्दू-मुस्लिम होने के कारण घटना से कस्बे में तनाव के हालात बन गए हैं। जिसके बाद पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है।

रात जुटने लगी थी भीड़

किशोरी का शव शनिवार रात करीब 10.30 बजे घर लाया गया। इसकी सूचना पर बजरंग दल के कार्यकर्ता हजारा थाने की तरफ इकठ्ठा होने लगे। रात करीब 11.30 बजे थाना गेट पर एसओ से वार्ता कर फरार चल रहे आरोपितों को गिरफ्तार करने की माँग होने लगी। गिरफ्तारी न होने पर शव का अंतिम संस्कार न करने की बात कही गई। इस पर थाना प्रभारी सियाराम वर्मा, गौरीफंटा एसओ अनिल कुमार सैनी ने लोगों को समझाते हुए कहा कि मुख्य आरोपित जोहिद को पकड़ा जा चुका है। अन्य की गिरफ्तारी को लेकर टीम गठित की गई है।

क्या है पूरा मामला 

इस घटना के बारे में जानकारी देते हुए मृतका की माँ ने कस्बे के ही मुस्लिम समुदाय के युवक जोहिद अख्तर पर वीडियो वायरल करने और शिकायत पर पिटाई करने का आरोप लगाया। इस घटना का शिकायत पत्र ऑपइंडिया के पास है। जिसमें 17 वर्षीय किशोरी को प्रेम प्रसंग में बहला-फुसलाकर रेप करने और फिर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने का आरोप लगाया गया है।

इस मामले में शिकायत में कहा गया है कि जाहिद नूर का बेटा जोहिद अख्तर लव जिहाद के उद्देश्य से हिन्दू लड़की की अश्लील वीडियो बनाकर उससे शारीरिक सम्बन्ध बनाता रहा और बाद में जोहिद ने वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। 

जब इस घटना की खबर परिजनों को हुई तो पीड़िता के माता-पिता जब जोहिद के घर शिकायत लेकर पहुँचे तो मार-पिटाई की नौबत आ गई। जोहिद के अब्बू जाहिद ने बेटे से इज्जत जाने और निकाह पढ़वाने की बात कही। कहा कि जब बदनामी हो ही गई तो अब निकाह पढ़वा लो। 

शिकायत में जोहिद अख्तर, शोएब अख्तर, शोहिल और इनके अब्बू जाहिद नूर और अम्मी पर पिटाई करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है। जिनकी अब गिरफ्तारी की माँग हो रही है। 

सरकारी अधिकारी बोलने गए थे पराली मत जलाओ, किसानों ने उन्हीं के हाथों लगवा दी आग: पंजाब का वीडियो वायरल

दिल्ली में एक ओर जहाँ बढ़ते प्रदूषण के पीछे आम आदमी पार्टी सरकार हरियाणा में जलने वाली पराली को दोष देने में लगी है और ये बता रही है कि पंजाब में तो सरकारी अधिकारी गाँव गाँव जाकर किसानों को पराली जलाने से रोक रहे हैं। उसी बीच सोशल मीडिया पर पंजाब के बठिंडा से एक वीडियो सामने आई है।

इस वीडियो में देखने को मिल रहा है कि कई किसान शर्ट-पैंट में खड़े दो व्यक्तिों को घेरकर उनसे तेज-तेज बात कर रहे हैं और उसके बाद उनमें से एक को देकर पराली में आग लगवा रहे हैं। वीडियो बनाने वाले को कहते सुना जा सकता है- ये देखो भाई ये आग बुझाने आए थे और अब खुद आग लगा रहे हैं।

ये वीडियो एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर तो वायरल है ही इसके अलावा मीडिया ने भी इस घटना की वीडियो को शेयर किया है। दावा है कि ये शर्ट पैंट में नजर आ रहे व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि सरकारी अधिकारी हैं। जो किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए गाँव गए थे।

एबीपी पंजाबी की रिपोर्ट के अनुसार, किसानों और सरकारी अधिकारियों के बीच में पहले बहुत देर तक खुले खेत में बहस होती रही। अधिकारी उन लोगों से पहले मना करते रहे कि वो पराली में आग नहीं लगाएँगे। बाद में किसान उन्हें कहते हैं कि वो अपने ऊपर अधिकारियों को जाकर बता दें कि उनपर दबाव बनवाकर पराली जलवाई गई थी।

अधिकारी उन्हें समझाते हैं कि इसके परिणाम बुरे हो सकते हैं, किसानों पर मामला दर्ज हो सकता है… लेकिन किसान तब भी बोलते हैं कि अगर ऐसा कुछ होता है तो वो खुद देख लेंगे। इसके बाद उनसे पराली में आग लगवा दी जाती है।

रिपोर्ट्स् के अनुसार ये मामला पंजाब के भटिंडा जिले के बुर्ज महमा का है। पत्रकार गगनदीप ने भी इस वीडियो को शेयर किया है। वीडियो की शुरुआत में स्पष्ट है कि कैसे दो अधिकारियों को धक्का दे देकर आगे किया गया और फिर सबके सामने उनसे आग लगवा दी गई।

गगनदीप सिंह के ट्वीट के अनुसार पंजाब मुख्यमंत्री ने कहा कि इस किसानों पर एफआईआर होगी जिन्होंने पराली जलाने से रोकने गए सरकारी अधिकारियों से जबरदस्ती की।

‘सिर्फ गुजराती ही ठग हो सकते हैं…’: कोर्ट के समन के बावजूद अहमदाबाद नहीं गए तेजस्वी यादव, मानहानि का चल रहा मुकदमा

गुजरातियों को ठग कहने के मामले में मानहानि केस का सामना कर रहे बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव शनिवार (4 नवंबर 2023) को अहमदाबाद के मेट्रोपोलिटन कोर्ट में पेश नहीं हुए। उन्होंने अपने वकील के माध्यम से ट्रायल कोर्ट को बताया कि इस मामले को स्थानांतरित करने की माँग वाली उनकी याचिका सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए उन्होंने पेशी से छूट देने की भी माँग की।

कोर्ट में पेशी की छूट की माँग करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि वह बिहार के उपमुख्यमंत्री हैं और कानून का पालन करने वाले नागरिक हैं। तेजस्वी यादव ने अपने वकील के माध्यम से कोर्ट को बताया कि उनके द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 6 नवंबर 2023 को सुनवाई कर सकता है। इसलिए उन्हें राहत दी जाए।

दलीलें सुनने के बाद ट्रायल कोर्ट ने सुनवाई 2 दिसंबर 2023 तक टाल दी है। हालाँकि, हरेश मेहता के वकील ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट ने अभी तक इस मामले में कोई निर्देश नहीं दिया है। ऐसे में ट्रायल कोर्ट तेजस्वी यादव की गैर-मौजूदगी में भी सुनवाई जारी रख सकती है।

दरअसल, तेजस्वी यादव ने अपने एक बयान में कहा था कि ‘सिर्फ गुजराती ही ठग हो सकते हैं और उनका अपराध माफ भी कर दिया जाएगा। अगर वह देश से फरार भी हो जाएँ तो उसके लिए कौन जिम्मेदार होगा?’ उनके इस बयान को लेकर गुजरात के सामाजिक कार्यकर्ता हरेश मेहता ने मानहानि का मामला दर्ज कराया था।

मेहता ने अपनी याचिका में कहा था कि तेजस्वी यादव ने पूरे गुजरातियों को ठग कहकर उनका अपमान किया गया है। उन्होंने इस मामले में कोर्ट से तेजस्वी यादव को सजा देने की माँग की है। मामले की सुनवाई करते हुए अहमदाबाद की ट्रायल कोर्ट ने 22 सितंबर 2023 को तेजस्वी यादव को मानहानि मामले में समन जारी किया था। 

बिहार में मुख्यमंत्री वाली सड़क ही लूट कर ले गए: RJD विधायक ने किया था उद्घाटन, सोशल मीडिया पर वीडियो देख अचम्भे में लोग

बिहार से अक्सर अजब-गजब वीडियो सामने आ रहे हैं। कई ऐसे वीडियो सामने आए हैं जहाँ शराब, मछली, प्याज या पेट्रोल-डीजल लूट लिए जाते हैं। यहाँ तक कि एक मोबाइल टॉवर भी लूट लिया गया। अब बिहार के जहानाबाद का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि ग्रामीणों ने सड़क ही लूट ली। वीडियो में लोग सड़क की पूरी कंक्रीट ही उठा कर ले गए। वीडियो देख कर लोग हैरत में हैं। घटना मखदुमपुर प्रखंड के औदान बिगहा की है।

असल में बात ये है कि लगभग 3 महीने पहले RJD विधायक सतीश कुमार दास ने सड़क बनाने के काम को शुरू करवाया था, लेकिन बिहार की परियोजनाओं की तरह ये भी अटकी ही रह गई। लेकिन, यहाँ इसका कारण अजीब है। बात ये है कि जब भी सड़क बनाने का काम शुरू किया जाता है, लोग मटेरियल ही लूट कर ले जाते हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि इस कृत्य में महिलाएँ भी शामिल हैं। पूरी की पूरी सड़क ही साफ़ कर दी जाती है। ये सड़क 3 किलोमीटर तक बनाई जानी है। लूट के बाद विधायक का बयान भी सामने आया है।

ABP न्यूज़ से बात करते हुए विधायक सतीश कुमार दास ने बताया कि उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से मिल कर ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना’ के अंतर्गत उन्होंने यहाँ रोड बनवाने का काम शुरू करवाया था। 3 किलोमीटर में से अधिकतर हिस्से का काम पूरा भी कर लिया गया था। सिर्फ PCC का काम होना बाकी था। हालाँकि, पीसीसी के मैटेरियल को गाँव वालों ने अपने निजी काम के लिए लूटना शुरू कर दिया। विधायक ने इस तरह की प्रवृत्ति को गलत करार दिया।

उन्होंने इसके बाद पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वो अपनी निगरानी में इस सड़क के निर्माण का कार्य फिर से शुरू करवाएँ और ये सुनिश्चित किया जाए कि ये पूरा हो। सोशल मीडिया पर भी लोग इस वीडियो के मजे लेते हुए कह रहे हैं कि बिहार में स्थिति ऐसी है कि लोग मुख्यमंत्री की योजना की सड़क ही चुरा कर ले जा रहे हैं। बड़ी बात ये है कि ये सड़क पहले भी कई बार चोरी की जा चुकी है। बिहार बदहाल कानून-व्यवस्था को लेकर पहले से ही चर्चा में है।