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अंत-अंत तक विकेट के लिए तरसते रह गए शाहीन अफरीदी, पाकिस्तान को फिर एक ‘भारतीय’ ने ही दे दिया घाव: न्यूजीलैंड ने ठोक दिए 400+ रन

ICC वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में जहाँ भारत की एंट्री हो चुकी है, वहीं पाकिस्तान की हालत खस्ता है। अब न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने पाकिस्तानी गेंदबाजों को दिन में तारें दिखाने का काम किया है। शनिवार (4 नवंबर, 2023) को न्यूजीलैंड और पाकिस्तान के बीच खेले गए ICC वनडे वर्ल्ड कप 2023 के लीग मैच को पाकिस्तानी खेल प्रशसंक शायद ही याद करना चाहेंगे। इसमें पाकिस्तान के पहले गेंदबाजी चुनी और 68 रन के स्कोर पर सलामी बल्लेबाज डिवॉन कॉनवे का विकेट गिरा।

हालाँकि, इसके बाद जो हुआ उससे पाकिस्तानी गेंदबाजों के छक्के छूट गए। 11वें ओवर में कॉनवे का विकेट गिरा, इसके बाद अगले 23 ओवर तक पाकिस्तानी गेंदबाजों को विकेट नहीं मिला। इसका कारण रहा चोट के बाद लौटे कप्तान केन विलियम्सन की 95 रनों की पारी और रचिन रवींद्र की 108 रनों की शतकीय पारी। दोनों ने मिल कर 193 रनों की पार्टनरशिप की। आउट होने से पहले दोनों पाकिस्तान को अच्छा-खासा डैमेज दे चुके थे।

इस मैच में पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी की भी जम कर पिटाई हुई। भारतीय मूल के रचिन रवींद्र अब तक इस टूर्नामेंट में 523 रन बना चुके हैं और किसी भी वर्ल्ड कप में 25 वर्ष से कम उम्र के खिलाड़ी के लिए ये सर्वाधिक हैं। इससे पहले ये रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था, जिन्होंने 1996 के वर्ल्ड कप में इतने ही रन जड़े थे। न्यूजीलैंड ने 40वाँ ओवर खत्म होने से पहले ही 300 रनों का आँकड़ा पार कर लिया था। डेरिल मिशेल 18 गेंदों में 29 रनों की तेज़ पारी खेल कर आउट हुए।

वहीं मार्क चैपमैन भी 27 गेंदों पर 39 रन मार कर आउट हुए। शाहीन अफरीदी इस मैच में अंत-अंत तक एक अदद विकेट के लिए तरस गए। उन्हें 10 ओवर में कुल 90 रनों की मार पड़ी। अंत में उतरे मिशेल सैंटनर की पारी की बदौलत न्यूजीलैंड ने 400 रनों के आँकड़े को पार किया। उन्होंने 17 गेंदों पर 26 रनों की उपयोगी पारी खेली। न्यूजीलैंड ने कुल 401 रन जड़े। पाकिस्तान के युवा तेज़ गेंदबाज मोहम्मद वसीम जूनियर ने सर्वाधिक 3 विकेट लिए।

‘मस्जिद, मदरसे और कब्रिस्तान पर मत लो कोई एक्शन’: दिल्ली के ढाँचे को हाईकोर्ट ने माना 100 साल पुराना, याचिकाकर्ता बता रहे वक्फ बोर्ड की प्रॉपर्टी

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक नोटिस जारी करते हुए धौला कुआँ स्थित शाही मस्जिद, मदरसा और कब्रिस्तान पर फिलहाल कोई भी कार्रवाई न करने का आदेश दिया है। यह अंतरिम आदेश जस्टिस प्रतीक जालान ने गुरुवार (2 नवंबर 2023) को कंगाल शाह की प्रबंध समिति की याचिका पर दिया है। याचिकाकर्ता ने मस्जिद को 100 साल से अधिक पुराना बताते हुए मदरसा और कब्रिस्तान को भी प्रशासन द्वारा तोड़े जाने की आशंका जताई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंगाल शाह की प्रबंध समिति ने एडवोकेट फ़ुजैल अहमद अयूबी के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस याचिका में एडवोकेट फ़ुजैल ने बताया था कि धौला कुआँ क्षेत्र में एक 100 साल पुरानी मस्जिद है जिसके पास ही बच्चों को पढ़ाने वाला मदरसा मौजूद है। इसी जगह पर एक सार्वजनिक कब्रिस्तान भी मौजूद है जहाँ अभी भी आसपास के मृतकों को दफनाया जाता है।

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि दिल्ली सरकार इन जगहों को तोड़ना चाहती है। साथ ही प्रशासन को ऐसा करने से रोकने की भी अपील की गई थी। याचिकाकर्ता की माँग पर दिल्ली विकास प्राधिकरण, दिल्ली छावनी क्षेत्र के SDM और वक्फ बोर्ड को नोटिस किया गया। इनसे चार सप्ताह में जवाब दमाँगा गया है। याचिका की सुनवाई जस्टिस प्रतीक जालान की अदालत में हुई।

दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने मस्जिद, मदरसा और कब्रिस्तान पर फिलहाल अगले आदेश तक कोई भी कार्रवाई न करने के निर्देश दिए। न्यायमूर्ति जालान ने इस बात पर जोर दिया कि याचिकाकर्ता के मुताबिक संरचना 100 साल से अधिक पुरानी हैं। दिल्ली सरकार की तरफ से वकील अरुण पंवार ने बहस की।

यह तीनों स्थल बाग़ मोची इलाके में किचनर झील के पास बनी हुई हैं। याचिकाकर्ताओं द्वारा इसे वक्फ बोर्ड की प्रॉपर्टी बताया गया है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 31 जनवरी 2024 तय की है। फिलहाल अगले किसी आदेश तक मस्जिद, मदरसे और कब्रिस्तान पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई न करने के निर्देश दिए गए। इस बावत संबंधित विभागों को नोटिस भी जारी किया गया है।

टीपू सुल्तान तान कर खड़ा सीना, छत्रपति शिवाजी महाराज जूतों के पास नीचे बैठे: सलमान ने डाली विवादित Video, महाराष्ट्र में केस दर्ज

महाराष्ट्र पुलिस ने इंस्टाग्राम पर छत्रपति शिवाजी महाराज की गलत फोटो पोस्ट कर हिंदुओं और मराठा समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के लिए सलमान (पूरा नाम नामालूम) के खिलाफ केस दर्ज किया है। दरअसल आरोपित ने गुरुवार (19 अक्टूबर, 2023) को एक वीडियो पोस्ट किया था। इसमें कट्टर इस्लामिक टीपू सुल्तान के सामने छत्रपति शिवाजी महाराज को हाथ जोड़े दिखाया गया है।

मामले का वीडियो और आरोपित पर की गई FIR की कॉपी ऑपइंडिया के हाथ लगी है। बताया जा रहा है कि ये वाकया महाराष्ट्र के सांगली जिले का है। सलमान की इस हरकत की सांगली के जत पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने 21 साल के प्रसाद सालुंखे की शिकायत के आधार पर 20 अक्टूबर को ये एफआईआर दर्ज की। सालुंखे ने अपनी शिकायत में कहा है कि उन्हें वीडियो के बारे में उनके एक चाचा ने जानकारी दी थी।

इसके बाद उन्होंने रील की जाँच की। इसे सलमान ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट salman_sheikh.792 आईडी पर पोस्ट किया था। इसमें आरोपित सलमान ने मालाबार और कोडागु के हिंदुओं का कत्लेआम करने वाले कट्टर इस्लामिक टीपू सुल्तान की जमकर तारीफ की है। ये वही सुल्तान है जिसने लाखों लोगों को मार डाला और उनका धर्म परिवर्तन कराया था।

ऑप इंडिया को मिली एफआईआर की कॉपी

आरोपित के इस वीडियो में महाराष्ट्र के गौरव छत्रपति शिवाजी महाराज और मराठा समुदाय को टीपू सुल्तान के सामने झुकते हुए और उससे हाथ जोड़ते हुए अनुरोध करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में टीपू सुल्तान की तारीफ करते हुए आरोपित ने इस्लामी तानाशाह को ‘भारत की शान’ कहा।

इसके बाद शिकायतकर्ता प्रसाद सालुंखे ने आरोपित का फोन नंबर ढूँढ कर उसे फोन किया। आरोपित की तरफ से कॉल का जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद प्रसाद सालुंखे किसी तरह आरोपित का पता हासिल करने में कामयाब रहे।

उन्होंने अपने दोस्तों के साथ वहाँ जाकर यह पता लगाया कि आरोपित ने ऐसा वीडियो क्यों बनाया और पोस्ट किया। सालुंखे के सांगली की नदाफ लेन में आरोपित के घर पहुँचे तो उसके अब्बा ने उसके घर पर न होने की बात कही। इसके बाद शिकायतकर्ता सालुंखे ने वीडियो के स्क्रीनशॉट ले लिए और एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन पहुँच गए।

पुलिस ने इस घटना का संज्ञान लिया। इसके बाद आरोपित पर धारा 295ए (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य, किसी भी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का इरादा), 153ए (धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और आईपीसी 1860 की धारा 298 (जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से शब्दों आदि का उच्चारण करना) के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस मामले की आगे जाँच कर रही है।

वन विभाग वालों को घर में बुला कर पीटा; गोली भी चलाई… FIR दर्ज होते ही AAP का विधायक फरार, बीवी और निजी सचिव गिरफ्तार

गुजरात पुलिस ने नर्मदा जिले में आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक चैतर वसावा सहित कुछ अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह FIR वन विभाग द्वारा दी गई शिकायत पर दर्ज हुई है। डेडियापाड़ा से AAP विधायक पर वन विभाग के एक कर्मचारी को अपने घर बुलाकर मारने-पीटने के अलावा जान से मारने की भी धमकी देने का आरोप है। पुलिस ने अब तक विधायक की पत्नी, निजी सचिव सहित एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। चैतर वसावा फिलहाल फोन बंदकर के फरार हैं।

नर्मदा जिले के पुलिस अधीक्षक प्रशांत सुंबे ने इस मामले की विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि डेडियापाड़ा के एक गाँव में कुछ किसानों ने वन विभाग की जमीन पर कब्जा कर लिया था। इन अवैध कब्जेदारों को वन विभाग के कर्मियों ने 29 अक्टूबर को हटवा दिया। अवैध कब्ज़ा हटाए जाने की जानकारी APP के विधायक चैतर वसावा को हुई तो उन्होंने किसानों से बात करके पूरी जानकारी ली। मामले की जानकारी लेकर विधायक चैतर ने 30 अक्टूबर 2023 को वन विभाग के कर्मचारियों को अपने घर बुलाया।

पुलिस अधीक्षक ने आगे बताया कि आप विधायक ने न सिर्फ वनकर्मियों के साथ मारपीट की, बल्कि कब्जा मुक्त करवाई गई जमीन के बदले पैसे देने का फरमान सुना दिया। ऐसा नहीं करने पर उन्होंने वन विभाग के स्टाफ को जान से मार डालने की भी धमकी दी। पुलिस अधिकारी का यह भी दावा है कि इस दौरान विधायक ने हवाई फायरिंग भी की। पिटाई के बाद लौटे वनकर्मियों को अगले दिन विधायक के निजी सचिव ने फोन कर के एक किसान को जबरन पैसे भी दिलवाए।

आखिरकार पीड़ित वनकर्मियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने FIR दर्ज कर के विधायक, उनकी बीवी, निजी सचिव के साथ एक किसान को भी नामजद किया है। इन सभी पर दंगा करने, सरकारी कर्मचारी पर हमला करने, जबरन वसूली (फिरौती) और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई हुई है। अब तक विधायक की पत्नी शकुंतला बेन, पीए जीतेन्द्रभाई के साथ किसान रमेशभाई को गिरफ्तार कर लिया गया है।

आरोपित विधायक अंडरग्राउंड हैं। चैतर वसावा का फोन भी स्विच ऑफ आ रहा है। गुजरात पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है। पुलिस ने आरोपित MLA की जल्द गिरफ्तारी होने की आशा जताई है। मामले में आगे की जाँच की जा रही है। बताते चलें कि नियानुसार वन विभाग की जमीन पर सरकार की अनुमति के बिना किसी भी तरह की खेती नहीं की जा सकती। पहले से सूचना देने के बावजूद नर्मदा के किसानों ने वहाँ फसल उगाई जिसके चलते मजबूरन वन विभाग को कार्रवाई करनी पड़ी थी।

पाकिस्तान में 3 लड़ाकू विमान फूँक डाले गए: जिस ‘जिहाद’ का करता है पोषण उसने ही एयरबेस कर दिया तबाह, फ्यूल टैंकर भी आग के हवाले

पाकिस्तान के मियाँवाली एयरबेस पर शनिवार (4 नवंबर, 2023)  तड़के एक बड़ा आत्मघाती हमला हुआ। इस हमले में पाकिस्तान के तीन फाइटर एयरक्राफ्ट सहित एयरबेस को भारी नुकसान पहुँचा है। इस हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-जिहाद पाकिस्तान ने ली है। 

कैसे हुआ हमला?

हमलावरों ने मियाँवाली एयरबेस में घुसने के लिए सीढ़ियों का इस्तेमाल किया था। सीढ़ी के सहारे वे एयरबेस परिसर में दाखिल हुए और एक के बाद एक कई धमाके किए। जिसमें पाकिस्तानी वायु सेना को भारी नुकसान पहुँचा है। 3 लड़ाकू विमान को भी आत्मघाती हमलावरों ने भारी नुकसान पहुँचाया है, वहीं फ्यूल टैंकर को आग के हवाले कर दिया गया।

एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर शेयर होती वीडियो में ज्यादातर अंधेरा नजर आ रहा है। लेकिन अगर ध्यान से सुनें तो साफ पता चल रहा है कि किस तरह से बेस कैंप पर गोलियाँ चलीं और धमाकों का धुआँ दूर तक उठता दिखाई दिया।

डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने कहा कि पाकिस्तान वायु सेना के मियाँवाली वाली ट्रेनिंग एयर बेस पर हमले को नाकाम कर दिया। इस हमले को उन घटनाओं की श्रृंखला के रूप देखा जा रहा है जिनमें बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में कम से कम 17 सैनिक शहीद हो गए थे।

इनमें ग्वादर में एक हमला, डेरा इस्माइल खान में एक रिमोट-नियंत्रित बम विस्फोट और केपी के लक्की मारवत में एक सुरक्षा अभियान भी शामिल है। इसके अलावा चौथी घटना, डीएल खान में एक और रिमोट-नियंत्रित विस्फोट, जिसमें पाँच लोग मारे गए और पुलिस अधिकारियों सहित कम से कम 24 घायल हुए थे।

वहीं शनिवार 4 नवंबर को हुए हमले को नाकाम बताते हुए पाकिस्तानी सेना का कहना कि उसने सभी 9 हमलावरों को मार गिराया है। हमलावरों के खिलाफ ऑपरेशन खत्म हो गया है। साथ ही इस बात की पुष्टि भी की कि फिदायीन हमले की वजह से एयरफोर्स के तीन एयरकाफ्ट को नुकसान पहुँचा है।

तहरीक-ए-जिहाद ने ली जिम्मेदारी 

इस हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-जिहाद नामक संगठन ने ली है। दरअसल, तहरीक-ए-जिहाद पाकिस्तान (टीजेपी), एक नया उभरा समूह जो तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से संबद्ध है। हमले की जिम्मेदारी लेते हुए तहरीक-ए-जिहाद के प्रवक्ता मुल्ला मोहम्मद कासिम ने दावा किया कि पाकिस्तानी एयरफोर्स पर हुए फिदायीन हमले में कई हमलावर शामिल थे। 

कहाँ है मियाँवाली एयरबेस

एमएम आलम एयरबेस मियाँवाली, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में है। यह पाकिस्तानी एयरफोर्स के नॉर्दर्न एयर कमांड के अंतर्गत आता है। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में इस एयरबेस को पूरी तरह से ऑपरेशनल किया गया था। 

रफीक ने चाय पिलाने के बहाने किया बूढ़ी महिला का कत्ल, मुँह बुरी तरह जलाया, लाश मरोड़कर फेंकी: मुंबई पुलिस ने पकड़ा

मुंबई पुलिस ने 71 वर्षीया एक वृद्ध महिला की हत्या मामले में 27 साल के मोहम्मद फैज रफीक सैयद उर्फ ​​बाबा को गिरफ्तार किया है। मृतका का नाम सुगराबी हुसैन मुल्ला है। मुल्ला की क्षत-विक्षत लाश पुलिस ने 26 अक्टूबर 2023 को मुंबई के वडाला इलाके से बरामद की थी। शव को जलाने की भी कोशिश हुई थी। कत्ल की वजह आरोपित द्वारा वृद्धा के गहने लूट कर सबूत मिटाने की सोच बनी। मोहम्मद फैज रफीक सैय्यद को इलाके में बाबा के नाम से भी जाना जाता था जिसकी गिरफ्तारी बुधवार (2 नवंबर, 2023) को हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना मुंबई के वडाला क्षेत्र की है। 26 अक्टूबर को मुंबई के MBPT इलाके में पुलिस को एक महिला की अधजली लाश मिली थी। शव के चेहरे पर कई घाव के अलावा कोहनी और घुटनों पर चोट के निशान थे। महिला के चेहरे को बुरी तरह से जला दिया गया था जिससे उसकी पहचान होने में दिक्कत आ रही थी। पुलिस ने अज्ञात आरोपित के खिलाफ केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी थी। इसी बीच शहीद भगत सिंह रोड के दोस्ती बिल्डिंग में रहने वाले एक वकील ने पुलिस को सूचना दी कि उनके घर काम करने वाली महिला 4 दिनों से नहीं आ रही है।

पुलिस ने वकील को लावारिश मिली लाश की तस्वीरें दिखाई। वकील ने महिला के बालों के रंग से शिनाख्त की। पुलिस ने वकील से मिली जानकारी के आधार पर वृद्धा के परिजनों को खोज निकाला। नवी मुंबई में रहने वाले मृतका के बेटे ने बताया कि उनकी माँ 24 अक्टूबर को ट्रेन से वडाला के लिए निकली थीं। पुलिस ने मृतका की मिली लोकेशन के आधार पर CCTV फुटेज की जाँच शुरू की। एक फुटेज में मृतका सुगराबी हुसैन मुल्ला को मोहम्मद फैज रफीक सैयद उर्फ ​​बाबा के घर जाते देखा गया।

पुलिस ने मोहम्मद फैज रफीक सैयद उर्फ ​​बाबा को पूछताछ के लिए बुलाया। थोड़े समय इधर-उधर की बातें करने के बाद आखिरकार आरोपित टूट गया और उसने सच उगल दिया।

रफीक सैयद उर्फ़ बाबा ने बताया कि उसको मृतका के गहनों का लालच था। इसके के उसने मृतका को अपने घर पर चाय पीने के लिए बुलाया था। घर आने के बाद आरोपित ने महिला के सिर पर लोहे की रॉड से वार किया। इस हमले में पीड़िता की मौत हो गई। बाद में आरोपित ने शव से गहने उतार लिए।

मोहम्मद फैज रफीक सैयद उर्फ ​​बाबा ने अपनी करतूत छिपाने के लिए महिला के चेहरे को बुरी तरह से जला दिया। बाद में शव को बोरे में भरा और सुनसान इलाके में जा कर फेंक दिया। आरोपित को जेल भेज दिया गया है।

30 टका कक्का, आपका काम पक्का… PM मोदी ने पूछा बेटिंग एप वालों से क्या हैं छत्तीसगढ़ के CM भूपेश बघेल के संबंध, बोले – इन्होंने महादेव के नाम को भी नहीं छोड़ा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (4 नवंबर, 2023) को छत्तीसगढ़ के दुर्ग में एक चुनावी रैली को संबोधित किया जिसमें वो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर जम कर बरसे। पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा का ये रिकॉर्ड रहा है कि वो जो कहती है, वो कर के दिखाती है। उन्होंने इस दौरान याद दिलाया कि भाजपा की केंद्र सरकार ने ही छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया था। साथ ही उन्होंने कॉन्ग्रेस पार्टी के घोषणापत्र को ‘झूठ का पुलिंदा’ भी करार दिया।

पीएम मोदी ने कहा कि आज पूरा छत्तीसगढ़ ‘भाजपा आवत है’ और ‘अबकी बार भाजपा सरकार’ का नारा लगा रहा है। भाजपा द्वारा जारी किए गए संकल्प-पात्र को लेकर उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संकल्प पत्र में छत्तीसगढ़ की माताएँ-बहनें, यहाँ के युवा और यहाँ के किसानों को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी गई है। जबकि, उन्होंने कॉन्ग्रेस पार्टी की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि वो सिर्फ भ्रष्टाचार से अपना खजाना भरना चाहती है।

पीएम मोदी ने कहा, “कॉन्ग्रेस की प्राथमिकता है भ्रष्टाचार के अपनी तिजोरियाँ भरना। कॉन्ग्रेस की प्राथमिकता है अपने नेताओं के चहेतों को नौकरियाँ बाँटना, आपके बच्चों को नौकरियों से बाहर करना। PSC घोटाले में कॉन्ग्रेस ने यही तो किया। आप यहाँ सरकारी दफ्तरों में जाते हैं, तो एक ही बात बोलते हैं – 30 टका कक्का, आपका काम पक्का। कॉन्ग्रेस की हर घोषणा में 30 टके का खेल पक्का है। इस सरकार से छत्तीसगढ़ छुटकारा चाहता है। इसलिए छत्तीसगढ़ कह रहा है – अऊ नहीं सहिबो, बदल के रहिबो।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की कॉन्ग्रेस सरकार ने तो महादेव के नाम को भी नहीं छोड़ा है। उन्होंने याद दिलाया कि 2 दिन पहले ही रायपुर में बहुत बड़ी कार्रवाई हुई है, रुपयों का बहुत बड़ा ढेर मिला है। उन्होंने बताया कि लोग कह रहे हैं कि ये पैसा सट्टेबाजों का है, जुए का खेल खेलने वालों का है, जो उन्होंने छत्तीसगढ़ के गरीबों और नौजवानों को लूट कर जमा किया है। बकौल पीएम मोदी, लूट के इसी पैसे से कांग्रेस के नेता अपना घर भर रहे हैं और मीडिया में आ रहा है कि इस पैसे के तार छत्तीसगढ़ में ऊपर तक जा रहे हैं।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में ‘महादेव’ नाम के बेटिंग एप के मामले में हाल ही में 5 करोड़ रुपए जब्त किए गए हैं। ‘महादेव’ बेटिंग एप के तार दुबई से जुड़े हैं। पीएम मोदी ने स्पष्ट जवाब माँगा कि भूपेश बघेल के ‘महादेव’ बेटिंग एप वालों से क्या संबंध हैं। उन्होंने कहा कि पैसा पकड़े जाने के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बौखला गए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि वो हर एक गरीब के भाई, बेटे और दोस्त हैं। उन्होंने कॉन्ग्रेस पर गरीबों से नफरत करने का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्रीय योजनाओं के लाभ से राज्य सरकार ने जनता को दूर रखा।

पीएम मोदी ने 2 हजार करोड़ रुपए का शराब घोटाला, 500 करोड़ रुपए का सीमेंट घोटाला, 5 हजार करोड़ रुपए का चावल घोटाला, 1,300 करोड़ रुपए का गौठान घोटाला, 700 करोड़ रुपए का DMF घोटाला गिनाया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को लूटने का कॉन्ग्रेस ने कोई भी मौका नहीं छोड़ा है, लेकिन मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद ऐसे घोटालों की सख्ती से जाँच की जाएगी, आपका पैसा लूटने वालों को जेल भेजा जाएगा।

महादेव ऐप: दुबई से ऑपरेशन, अधिकांश यूजर छत्तीसगढ़ के, लेनदेन के लिए बेनामी खाते, जीरो टैक्स… CM भूपेश बघेल से ऐसे जुड़ा नाम

लगभग 5,000 करोड़ रुपए के महादेव बेटिंग ऐप घोटाले में बॉलीवुड के कई सितारों एवं अपराधियों के बाद अब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम भी सामने आया है। केंद्रीय जाँच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कहा है कि महादेव ऐप के प्रमोटरों ने भूपेश बघेल को 508 करोड़ रुपए दिए हैं। इन पैसों का इस्तेमाल विधानसभा चुनावों के दौरान प्रचार में किया जाना था।

इस घोटाले से जुड़े कैश कूरियर असीम दास ने सीएम भूपेश बघेल का नाम लिया है। दास के पास के पास से 5.39 करोड़ रुपए बरामद हुए थे। बताते चलें कि इस मामले में ED ने 4 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही 450 करोड़ रुपए भी जब्त कर चुकी है। इसके अलावा, 14 आरोपी के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दर्ज की है। अब भूपेश बघेल का नाम सामने आया है।

ED ने कहा, “महादेव ऐप के कुछ बेनामी बैंक खातों का पता लगाया है, जिसमें 15.59 करोड़ रुपए की शेष राशि फ्रीज कर दी गई है। असीम दास को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ और उसके पास से बरामद फोन की फोरेंसिक जाँच से शुभम सोनी (महादेव नेटवर्क के उच्च पदस्थ आरोपितों में से एक) द्वारा भेजे गए एक ईमेल में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पूर्व में नियमित भुगतान किए गए हैं और अब तक महादेव ऐप द्वारा लगभग 508 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है।”

रिपब्लिक भारत के एक स्टिंग ऑपरेशन में महादेव बेटिंग ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर के राजनेताओं से जुड़ा एक बयान सामने आया है। स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो में सामने आया है कि सौरभ चंद्राकर का प्रमुख सहयोगी सौरभ शुक्ला सौरभ कहता दिख रहा है कि चंद्राकर इस पूरी सरकार को खरीद सकते है। शुक्ला कहता है कि चंद्राकर ही इस छत्तीसगढ़ सरकार को चला रहा है।

पैसे को लेकर सौरभ शुक्ला कहता, “चुनावों के लिए पैसा निजी जेट या हेलीकॉप्टर के जरिए आएगा, क्योंकि पैसे के लेनदेन के लिए वे अब हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। पैसे के लेनदेन के लिए एयर एम्बुलेंस का भी उपयोग किया गया है। ये सब प्रवर्तन निदेशालय (ED) के छापे के चलते हुआ है।”

वहीं, महादेव ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर के चाचा दिलीप ने खुलासा किया, “अवैध काम चलाने के लिए अपने साथ पुलिस और राजनेताओं की जरूरत होती है। हर कोई इसमें शामिल है। सभी ने चुनाव और आगामी चुनावों के दौरान भी पैसे की माँग की है। गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को चुनाव के समय तक छोड़ दिया जाएगा।” हालाँकि, बघेल ने इन सारे आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

बॉलीवुड हस्तियों से भी पूछताछ

फरवरी 2023 में UAE के रास अल खैमाह शहर में एक आलीशान शादी हुई थी। इसमें कई मेहमानों को चार्टर्ड प्लेन से लाया गया था। शादी में शामिल होने के लिए सनी लियोनी, नेहा कक्कड़, आतिफ असलम, टाइगर श्रॉफ जैसे दर्जनों सेलिब्रिटी बुलाए गए। शादी में करीब 200 करोड़ रुपए खर्च हुए और पूरा भुगतान नकद में या हवाला के जरिए किया गया। इसमें योगेश बापट की इवेंट मैनेजमेंट कंपनी आर-1 इवेंट्स प्राइवेट लिमिटेड को हायर किया गया था।

ये शादी छ्त्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले 28 साल के सौरभ चंद्राकर की थी। शादी में बड़े पैमाने पर खर्च और बॉलीवुड के बड़े-बड़े स्टार्स के शामिल होने के बाद जाँच एजेंसियों के कान खड़े हो गए। एजेंसियों ने जाँच की पता चला कि यह महादेव बेटिंग ऐप संचालित करता है।

इसके बाद पुलिस ने कपिल शर्मा, रणबीर कपूर, सनी लियोनी सहित 14 बॉलीवुड स्टार्स को समन भेजा गया। बिग बॉस ओटीटी-2 की मनीषा रानी सहित लगभग 50 सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर भी पार्टी में शामिल हुए थे। ये भी अब एजेंसियों के निशाने पर हैं।

कौन है सौरभ चंद्राकर

सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है। वह भिलाई में ही ‘जूस फैक्ट्री’ नाम से जूस की एक दुकान चलाता था। उसके पिता का नाम रामेश्वर चंद्राकर है, नगर निगम में पानी के पंप के ऑपरेटर हैं। बीतते समय के साथ उसकी दोस्ती दोस्ती रवि उप्पल नाम के शख्स हो गई। रवि एक इंजीनियर था। दोनों ने दिमाग चलाया और साल 2017 में एक ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए वेबसाइट शुरू की।

शुरुआत में वेबसाइट पर यूजर बेहद कम थे। इसलिए कमाई के अवसर भी बेहद सीमित थे। सौरभ जूस की कमाई से अपना परिवार चलाता रहा और रवि प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता रहा। साल 2019 में सौरभ नौकरी के लिए दुबई चला गया। वहाँ उसने रवि को भी बुला लिया। वहाँ पहुँचकर दोनों ने इस सट्टेबाजी कंपनी पर फोकस करना शुरू कर दिया और पैसा कमाने पर पूरा ध्यान लगाना शुरू कर दिया।

कैसे खड़ा किया हजारों करोड़ रुपए का एम्पायर

सट्टेबाजी वाली बेसाइट के बाद दोनों ने महादेव बुक ऑनलाइन नाम से एक ऐप भी बनाया। इस ऐप को उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रमोट करना शुरू कर दिया। उसने इसे प्रमोट करने के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के जरिए भी इसे प्रमोट करवाया। आमदनी बढ़ी तो दोनों ने दूसरी सट्टेबाजी ऐप को भी खरीद लिया। दोनों ने अपने सट्टेबाजी के कारोबार को बढ़ाना शुरू कर दिया।

कोरोना काल में लॉकडाउन के कारण इस बिजनेस में उछाल आया। साल 2020 में कोरोना के दौरान इस ऐप से भारी संख्या में यूजर्स जुड़े। सिर्फ तीन महीने में इस ऐप से 12 लाख लोग जुड़ गए। इस ऐप ने अपनी वेबसाइट पर दावा किया कि उसके पास लगभग एक करोड़ यूजर्स हैं। बॉलीवुड ऐक्टर रणबीर कपूर ने इसका विज्ञापन भी किया। इस तरह इस ऐप के प्रमोटर्स ने इसके जरिए 5,000 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई की है।

ED के अनुसार, महादेव ऑनलाइन ऐप पोकर और अन्य कार्ड गेम, चांस गेम, क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस, फुटबॉल, ‘तीन पत्ती’, पोकर, ‘ड्रैगन टाइगर’, वर्चुअल क्रिकेट गेम सहित विभिन्न प्रकार के लाइव गेम में अवैध सट्टेबाजी के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने लगा। यहाँ तक ​​कि भारत में होने वाले विभिन्न चुनावों पर भी उस ऐप के जरिए सट्टेबाजी होने लगी।

पुलिस का कहना है कि महादेव ऐप का हेडक्वाटर संयुक्त अरब अमीरात में स्थित है, लेकिन देश में 30 से ज्यादा केंद्रों से इसे ऑपरेट किया जा रहा था। इस बेटिंग ऐप को फ्रेंचाइजी के जरिए चलाया जाता था, जिसमें लाभ का अनुपात 70:30 रखा गया था। इसके बाद लाभ के हवाला के जरिए UAE भेज दिया जाता था।

कैसे काम करता था महादेव ऐप

महादेव ऐप भले ही दुबई से ऑपरेट होता था, लेकिन इसके अधिकांश यूजर छत्तीसगढ़ के थे। लोग ऐड के साथ-साथ एजेंटों के जरिए सट्टेबाजी के इस जाल में फँसते थे। इसके बाद वे दिए गए या बताए गए नंबर वे संपर्क करते थे। इस ऐप की खास बात यह थी कि यूजर दिए गए नंबर पर सिर्फ ह्वाट्सएप के जरिए ही संपर्क कर सकते थे। संपर्क करने के बाद उन्हें एक प्राइवेट ग्रुप में जोड़ा जाता था, जहाँ सट्टेबाजी का खेल शुरू होता था।

प्राइवेट ग्रुप में जोड़ने के बाद यूजर को कंपनी से संबंधित 5-6 वेबसाइटों पर अपना अकाउंट बनाना पड़ता था। इसके बाद यूजर को एक कॉन्टैक्ट नंबर दिया जाता था। इस नंबर के जरिए यूजर अपने अकाउंट में पैसे जमा करते थे। इससे उन्हें प्वॉइंट मिलते थे। इन प्वॉइंट के आधार पर ऐप पर विभिन्न खेलों में सट्टेबाजी की जाती थी।

शुरुआत में यूजर को खूब जिताया जाता था। इससे उसमें उत्साह जगता था और वह और अधिक पैसे जमा करके प्वॉइंट्स बटोर कर सट्टेबाजी करता था। हालाँकि, बाद में वह अपना सारा पैसा हार जाता था। इससे कंपनी को फायदा होता था। जो यूजर शुरुआत में जीतने के बाद अपने प्वॉइंट को एनकैश कराना चाहता था, उसे एक और नंबर दिया जाता था। उससे संपर्क करने पर उसे भुगतान हो जाता था। ये सारे लेनदेन बेनामी खाते से होते थे।

ED ने अपनी जाँच में पाया कि सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल सट्टेबाजी से होने वाली कमाई को अपने विदेशी खातों में भेजने के लिए हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल करते थे। महादेव ऐप के हवाला का सारा काम कोलकाता का रहने वाला विकास छपरिया देखता था। जब ED ने दबाव जारी रखा तो सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के परिवार के ज्यादातर लोग दुबई में शिफ्ट हो गए। हालाँकि,

इस तरह वे दुबई में बैठकर भारत से कमाई करते थे, लेकिन भारत सरकार को किसी तरह का टैक्स नहीं देते थे। भारत सरकार ही नहीं, बल्कि यूजर्स को भी हजारों करोड़ रुपए का चूना इस ऐप के जरिए लगाया गया और इससे कमाई को फिल्म इंडस्ट्री, होटल व्यापार, रियल एस्टेट सहित विभिन्न जगहों पर इन्वेस्ट करने के साथ-साथ हवाला के जरिए नौकरशाहों और सफेदपोशों को भी भुगतान की गई।

भारतीय एजेंसियों की कार्रवाई

फरवरी 2020 में आयकर विभाग ने छत्तीसगढ़ में कई नौकरशाहों और राजनेताओं के घर छापा मारा। उस दौरान पहली बार महादेव ऐप के बारे में आम लोगों को भी जानकारी हुई। इसके बाद दुबई में होने वाले सौरभ की हाई प्रोफाइल पार्टियों और बॉलीवुड हस्तियों से उसके रिश्तों ने एजेंसियों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जाँच शुरू की।

अगस्त 2023 में ED ने छत्तीसगढ़ पुलिस के ASI चंद्रभूषण वर्मा, सतीश चंद्राकर को गिरफ्तार कर लिया। ये दोनों हवाला ऑपरेटर हैं। इन दोनों को व्यवसायी अनिल दम्मानी और सुनील दम्मानी ने हवाला के जरिए विदेश से पैसा भेजा था। बाद में दोनों व्यवसायियों के महादेव बुक से कनेक्शन सामने आने के बाद उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया है। अब असीम दास को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, 100 से अधिक लोग ED के रडार पर हैं।

क्या भारत में प्रतिबंधित है सट्टेबाजी

अब सवाल उठता है कि भारत में सट्टेबाजी वैध है या अवैध। इसको समझने के लिए मार्च 2020 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए एक फैसले से देखा जा सकता है। सर्वोच्च न्यायालय ने ऑनलाइन सट्टेबाजी को दो भागों में बाँटा था। पहले पार्ट में उन खेलों को रखा था, जिन्हें कौशल के आधार पर खेला जाता है। इन्हें गेम ऑफ स्किल कहा गया। इनमें अपनी जानकारी एवं बुद्धिमता के हिसाब पैसे दाँव पर लगाए जाते हैं।

दूसरा है गेम ऑफ चांस। यानी जो ऑनलाइन गेम भाग्य के आधार पर जीते जाते हैं और इनमें किसी खास बुद्धिमता या जानकारी की जरूरत नहीं होती उन्हें इस कैटेगरी में रखा गया है। इनमें कौशल वाले ऑनलाइन गेम भारत में वैध हैं, जबकि चांस के आधार पर खेले जाने वाले गेम अवैध हैं। महादेव ऐप इसी दूसरी कैटेगरी में आता है।

मैं चिट्ठी लिखूँगा पक्का… PM मोदी ने छत्तीसगढ़ की बच्ची से किया वादा निभाया, पत्र भेजकर दिया आशीर्वाद

छत्तीसगढ़ में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्केच लेकर नजर आने वाली छोटी बच्ची आकांक्षा ठाकुर को पीएम ने चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में पीएम ने बच्ची को धन्यवाद दिया है। उन्होंने पत्र में बच्ची को अपना आशीर्वाद देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों ने उन्हें हमेशा प्यार दिया है।

बता दें कि बीते गुरुवार (2 नवंबर) को पीएम मोदी छत्तीसगढ़ के कांकेर में एक रैली कर रहे थे। रैली के दौरान छोटी आकांक्षा पीएम का स्केच लेकर खड़ी हो गई। जब प्रधानमंत्री की नजर उसपर पड़ी तो उन्होंने बच्ची को कहा, “मैंने तुम्हारी बनाई तस्वीर देख ली है। मैं तुम्हें आशीर्वाद देता हूँ, लेकिन बेटी थक जाओगी तुम कबसे खड़ी हो।”

इसके बाद पीएम ने रैली में खड़े पुलिस के जवानों से कहा -“अगर बच्ची तस्वीर देना चाहती हो तो उससे ले लें और ये तस्वीर मुझतक जरूर पहुँच जाएगी। अपना पता भी उसमें लिख देना। मैं तुम्हें जरूर चिट्ठी लिखूँगा।”

गुरुवार को पीएम मोदी ये वादा आकांक्षा ठाकुर से करके आए थे और शनिवार को उन्होंने इसे पूरा भी कर दिया। आकांक्षा को लिखा गया पीएम मोदी का पत्र अब इंटरनेट पर वायरल है।

इसमें प्रधानमंत्री ने आकांक्षा ठाकुर को अपना आशीर्वाद देते हुए लिखा- “शुभाशीष और आशीर्वाद। कांकेर के कार्यक्रम में आप जो स्केच लेकर आईं थीं वो मुझ तक पहुँच गया है। इस स्ननेहपूर्ण अभिव्यक्ति के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।”

पीएम ने लिखा- “भारत की बेटियाँ ही देश का उज्जवल भविष्य हैं। आप सभी से मिलने वाला यह स्नेह और अपनापन राष्ट्र की सेवा में मेरी ताकत है। हमारी बेटियों के लिए एक स्वास्थ्य, सुरक्षित और सुविधाओं से युक्त राष्ट्र का निर्माण ही हमारा लक्ष्य है।”

प्रधानमंत्री लिखते हैं- “छत्तीसगढ़ के लोगों से मुझे हमेसा प्यार मिला है। देश की तरक्की की राह में भी प्रदेश के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहयोग दिया है।”

उन्होंने आकांक्षा को लिखे पत्र में कहा अगले 25 साल आप जैसे युवा साथियों और देश के लिए महत्तवपूर्ण रहने वाले हैं। इन वर्षों में हमारी युवा पीढ़ी विशेष रूप से आप जैसी बेटियाँ और सपनों को पूरा करते हुए देश के भविष्य को नई दिशा प्रदान करेंगी।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में 7 और 17 नवंबर को 2 चरणों में मतदान होगा। ऐसे में सभी राजनैतिक पार्टियाँ अपनी रैली करने में व्यस्त हैं। लेकिन पीएम मोदी के इस तरह प्रदेश की बेटी को चिट्ठी लिखने के अंदाज जनता का दिल जीत लिया है।

सत्ता में रह कर सट्टा का खेल: छत्तीसगढ़ चुनाव जीतने के लिए अरब से आदमी, महादेव ऐप वालों से पैसा – CM भूपेश बघेल पर करोड़ों की रिश्वत का आरोप

कॉन्ग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल पर आरोप है कि उन्होंने महादेव ऐप प्रमोटर्स से ₹508 करोड़ लिए हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के इस खुलासे को लेकर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने दिल्ली बीजेपी मुख्यालय में शनिवार (4 नवंबर, 2023) को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें उन्होंने सीएम बघेल पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के खुलासे के बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने मीडिया से कहा कि सत्ता में रहकर सट्टा का खेल खेलना छत्तीसगढ़ सरकार का चेहरा बन चुका है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ चौंका देने वाले तथ्य सामने आए हैं। उनके अनुसार असीम दास नाम के एक शख्स से 5 करोड़ 30 लाख रुपए से ज्यादा बरामद हुआ है। केंद्रीय मंत्री ने सवाल करते हुए कहा कि क्या ये सच है कि कॉन्ग्रेस के नेताओं को शुभम सोनी के जरिए असीम दास पैसा पहुँचाते थे?

स्मृति ईरानी ने एक वॉयस मैसेज का जिक्र करते हुए कहा कि असीम दास को ये आदेश दिया गया था कि वो रायपुर जाएँ और सीएम बघेल को चुनाव के खर्चे के लिए पैसा दें। उन्होंने मीडिया से सवाल करते हुए पूछा कि क्या ये सच है कि 2 नवंबर को होटल ट्राइडेंट में असीम दास से सर्च में पैसे बरामद हुए? क्या यह सत्य है कि अलग-अलग बैंक खातों से 15.50 करोड़ रुपए प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत फ्रीज किया गया?

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने ये भी कहा कि जिस शुभम सोनी के बारे में असीम दास ने बयान दिया है, ये माना जा रहा है कि जाँच एजेंसी के पास शुभम सोनी से संबंधित सबूत मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि लिखित बयान में ये कहा गया है कि महादेव ऐप के प्रमोटर्स ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को 538 करोड़ रुपए रिश्वत दी है।

स्मृति ईरानी के अनुसार एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। उन्होंने कहा कि महादेव ऐप के प्रमोटर्स प्रशासन और कॉन्ग्रेस के नेताओं से सुरक्षा चाहते थे। इसी को लेकर चंद्रभूषण वर्मा नाम के एक अधिकारी के जरिए सुरक्षा के बदले पैसे की माँग की गई थी। चंद्रभूषण वर्मा पर अब तक 65 करोड़ रुपए की रिश्वत का आरोप लगा है।

इससे पहले ईडी ने कहा था कि 2 नवंबर को एक तलाशी अभियान के बाद ताजा सबूतों से ये जानकारी मिली कि सीएम बघेल को महादेव ऐप प्रमोटर्स ने नियमित भुगतान किया है। उनको किया गया ये भुगतान अब तक 508 करोड़ रुपए तक जा पहुँचा है। गौरतलब है कि विश्वसनीय इनपुट के बाद ईडी ने 2 नवंबर को छत्तीसगढ़ में सफल तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान चुनावी राज्य में 5.39 करोड़ रुपए नकद बरामद किए गए।

2 नवंबर को ईडी को खुफिया जानकारी मिली कि 7 और 17 नवंबर को होने वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों के संबंध में महादेव ऐप के प्रमोटरों द्वारा बड़ी मात्रा में नकदी ले जाया जा रहा है। ईडी ने होटल ट्राइटन और भिलाई में एक अन्य जगह पर तलाशी ली और कैश कूरियर असीम दास को रोका।

असीम को खास तौर से सत्तारूढ़ कॉन्ग्रेस पार्टी के चुनावी खर्चों के लिए बड़े पैमाने पर नकदी पहुँचाने के लिए संयुक्त अरब अमीरात से भेजा गया था। ईडी ने असीम की कार और घर से 5.39 करोड़ रुपए की नकद राशि बरामद की। असीम दास ने स्वीकार किया है कि जब्त किए गए पैसे को महादेव ऐप प्रमोटरों ने छत्तीसगढ़ राज्य में आगामी चुनाव खर्चों के लिए एक राजनेता, ‘बघेल’ तक पहुँचाने की व्यवस्था की थी।

तलाशी अभियान के बाद ईडी ने ‘एक्स’ पर छत्तीसगढ़ के तलाशी अभियान को लेकर लिखा, “ईडी ने 2/11/2023 को छत्तीसगढ़ में महादेव सट्टेबाजी ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के खिलाफ तलाशी अभियान चलाया है। इसमें 5.39 करोड़ रुपए नकद जब्त किए गए जबकि बैंक खाते में 15.59 करोड़ रुपए को फ्रीज किया गया।”

ईडी अब महादेव बुक ऑनलाइन बेटिंग ऐप सिंडिकेट की जाँच कर रही है। इस सट्टेबाजी सिंडिकेट के प्रमोटर विदेश में हैं और अपने दोस्तों और सहयोगियों की मदद से भारत भर में हजारों पैनल चला रहे हैं, जो खासकर छत्तीसगढ़ से हैं और उन्होंने अपराध के जरिए हजारों करोड़ रुपए कमाए हैं।

इस मामले में ईडी ने पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और 450 करोड़ रुपए से अधिक जब्त भी की जा चुकी है। 14 आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत भी दर्ज है।