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औरंगाबाद के हनुमान मंदिर में फिर फेंका गया मांस, 4 महीने में ये तीसरी घटना: भड़के ग्रामीणों ने की नारेबाजी, मौके पर पुलिस बल तैनात

बिहार के औरंगाबाद जिले में असामाजिक तत्वों के मंदिर में प्रतिबंधित मांस फेंकने से वहाँ सांप्रदायिक तनाव की खबर है। फिलहाल वहाँ माहौल शांत हैं, लेकिन मौके की नजाकत को देखते हुए जिला प्रशासन ने वहाँ पुलिस बल तैनात कर दिया है।

गुरुवार सुबह (2 नवंबर, 2023) जिले के हसपुरा ब्लॉक की अमझर शरीफ पंचायत के तहत आने वाले बिगहा टोले सुखाड़ी बिगहा के हनुमान मंदिर में मांस फेंका गया था। इसके बाद वहाँ गाँव वाले जुटने लगे। इसके बाद गुस्से से भरी ग्रामीणों की भीड़ ने वहाँ नारेबाजी शुरू कर दी।

सूचना मिलने पर आनन-फानन में प्रशासन का अमला वहाँ पहुँचा और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। सूचना मिलते ही दाउदनगर एसडीएम मनोज कुमार, एसडीपीओ कुमार ऋषिराज पुलिसकर्मियों सहित तुरंत मौके पर पहुँच गए थे।

गौरतलब है कि हसपुरा ब्लॉक की अमझर शरीफ पंचायत के तहत आने वाले मंदिर में मांस फेंकने की 4 महीने के अंदर ये तीसरी घटना है। इससे पहले भी यहाँ मंदिर में मांस के टुकड़े फेंकने की वारदातें होती रही हैं।

गाँव वालों ने अधिकारियों से डॉग स्कवायड की टीम बुलाने की माँग की थी। वहाँ पहुँचे प्रशासनिक अधिकारियों ने डॉग स्कवायड टीम बुलाने का दिलासा दिया। इसके बाद मंदिर से मांस को हटाया गया।

वहीं इलाके में सांप्रदायिक तनाव की सूचना मिलते ही जिले के डीएम श्रीकांत शास्त्री, एसपी गौतम मेश्राम काफी संख्या में पुलिसबल लेकर घटना स्थल पर पहुँचे। वहाँ मंदिर के निरीक्षण के बाद आला अधिकारियों ने गाँव वालों उपप्रमुख सत्येंद्र चौधरी, मुखिया प्रतिनिधि ओमप्रकाश चौधरी, राकेश कुमार, मुखिया चुन्नु शर्मा, उपमुखिया विकास कुमार से घटना को लेकर बात की।

ग्रामीणों को संयम बरतने की सलाह देने के साथ ही अधिकारियों ने उनको आश्वासन दिया कि आरोपितों को पकड़ने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। तब कहीं जाकर ग्रामीण शांत हुए। वहीं एसपी ने कहा कि इस तरह की घटनाएँ बार-बार होना गंभीर हैं।

इस घटना पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने की बात कही है। पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है और नजदीकी सीसीटीवी खंगाल रही है। गाँव वालों ने डीएम और एसपी को बताया कि चार महीने में ये तीसरी घटना है जब मंदिर में मांस फेंका गया है।

गौरतलब है कि इस इलाके में एक जुलाई 2023 की रात हसपुरा के दो, अमझरशरीफ में एक मंदिर, एक दुकान के शटर तथा 20 जुलाई की रात बाला बिगहा के मंदिर में मांस फेंकने की तीन वारदातों में पुलिस ने अमझरशरीफ के तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

केरल में हुआ ब्लास्ट, मीडिया चैनल ने दिखाया… यासीन अराफात ने की शिकायत, केरल की पुलिस ने दर्ज किया ‘मजहबी सद्भाव बिगाड़ने’ वाला FIR

केरल के ईसाई समुदाय यहोवा की प्रार्थना सभा में 29 अक्टूबर, 2023 को हुए ब्लास्ट की मीडिया कवरेज को गैरजिम्मेदाराना बताते हुए थ्रीक्काकारा थाने में लोकस टीवी चैनल के पत्रकारों और संपादकों के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज की है। यह मामला कोच्चि के कलामासेरी में जहाँ ब्लास्ट हुआ था वहीं के निवासी यासीन अराफात की शिकायत के आधार पर 31 अक्टूबर, 2023 को दर्ज की गई थी। 

मजहबी सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश के तहत FIR 

मामले के बारे में जानकारी देते हुए केरल के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 29 अक्टूबर को कोच्चि में ईसाई संप्रदाय यहोवा के साक्षियों की एक सभा में हुए विस्फोटों के कवरेज के माध्यम से विभिन्न मजहबी  समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने वाले रिपोर्टिंग के लिए एक मलयालम टीवी समाचार चैनल और कोऑर्डिनेटिंग एडिटर सुजॉय पार्वती (Sujaya Parvathy) के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। 

उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता यासीन अराफात ने आरोप लगाया कि पत्रकार और टीवी चैनल ने आईईडी विस्फोटों को मौजूदा इजरायल-फिलिस्तीन युद्ध से जोड़ने का प्रयास किया। इसके आधार पर राज्य में मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने की कोशिश की गई। 

वहीं इस मामले की जाँच कर रहे कोच्चि के थ्रीक्काकारा पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया, “एफआईआर भारतीय दंड संहिता की धारा 153, 153 (ए) और केरल पुलिस अधिनियम की धारा 120 (ओ) के तहत दर्ज की गई है। हम मामले की जाँच कर रहे हैं कि IPC की ये धाराएँ सद्भावना बिगाड़ने और साजिश रचने के लिए लगायी जाती हैं। ये गैरजमानती हैं और कैद के साथ जुर्माने का भी प्रावधान है। 

क्या है मलयाली न्यूज़ चैनल का जवाब

बम ब्लास्ट से जुड़ी रिपोर्टिंग को लेकर चैनल की ओर से कहा गया है कि पुलिस की इस प्राथमिकी के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। यह तुष्टिकरण के लिए मीडिया की स्वतंत्रता को बाधित करने का प्रयास है। इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके खिलाफ हर तरह के कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। 

गौरतलब है कि 28 अक्टूबर को केरल में मुस्लिम समुदाय की एक बड़ी जनसभा फिलिस्तीन और गाजा के समर्थन में और इजरायल के खिलाफ हुई थी। उसमें फिलिस्तीन के चरमपंथी गुट हमास के आतंकी ने भी संबोधन किया था।

इसके अगले ही दिन केरल में जब ईसाई समुदाय की प्रार्थना सभा में धमाके हुए तो शुरू में इसे, एक दिन पहले की जनसभा से जोड़ा जा रहा था। हालाँकि,  बाद में पता चला कि ब्लास्ट को अंजाम देने वाला शख्स डोमिनिक मार्टिन भी यहोवा विटनेस समुदाय से ही जुड़ा हुआ है। और इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए उसने केरल पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था। 

22 जनवरी 2024: ‘श्रीराम जय राम जय जय राम’ विजय मंत्र का 108 बार सामूहिक जाप, पूरे विश्व में करोड़ों हिंदू घरों में दीपोत्सव – ऐसे होगा प्रभु श्रीरामलला का स्वागत

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण कार्य जोर-शोर से जारी है। 22 जनवरी 2024 को नव निर्मित इस मंदिर के गर्भगृह में भगवान श्रीराम के बाल रूप वाले विग्रह का प्राण प्रतिष्ठा किया जाएगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उपस्थित रहेंगे। यह कार्यक्रम बेहद भव्य होगा, जिसे दुनिया भर के श्रद्धालु लाइव देख चुके हैं।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्राण-प्रतिष्ठा का समय सुबह 11 बजे से 1 बजे के बीच होगा। इस अवसर पर देश-विदेश के हिंदुओं को अपने-अपने गाँव और मोहल्ले में या उसके नजदीक स्थित मंदिरों में श्रद्धालुओं को एकजुट होकर भजन-कीर्तन करने का आह्वान किया गया है। इसके साथ यह भी कहा गया है कि जो जहाँ है वहीं से टीवी पर अयोध्या में भगवान की प्राण-प्रतिष्ठा का लाइव प्रसारण वीडियो देखे।

अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा के दौरान मंदिर में हवन-पूजन, शंख ध्वनि, घंटानाद, आरती और प्रसाद वितरण का भी आह्वान किया है। इस दौरान श्रद्धालुओं से ‘श्रीराम जय राम जय जय राम’ का विजय मंत्र 108 बार जपने के लिए भी कहा गया है। इसके अलावा, इस दौरान श्रीराम रक्षा स्त्रोत, हनुमान चालीसा, सुंदरकांड का आदि का सामूहिक पाठ किया जा सकता है।

प्राण-प्रतिष्ठा के दिन शाम को अपने-अपने घरों के सामने दीप जलाने और दीपमालिका बनाने के लिए कहा गया है। ट्रस्ट की ओर से इन आयोजनों को मंदिर केंद्रित बनाए रखने का आह्वान किया गया है। विज्ञप्ति में कहा गया है, “इससे देवी-देवता प्रसन्न होंगे। संपूर्ण भारत का वातावरण सात्विक और राममय हो जाएगा।”

कैसा होगा अपना राम मंदिर

इस मंदिर को परंपरागत नागर शैली में बनाया गया है। मंदिर की लंबाई (पूर्व से पश्चिम की ओर) 380 फीट, चौड़ाई 250 फीट और ऊँचाई 161 फीट है। यह मंदिर तीन मंजिल का होगा, जिसमें प्रत्येक मंजिल की ऊँचाई 20 फीट होगी। पूरी मंदिर में 392 खंभे और 44 दरवाजे होंगे। इन खंभों पर देवी-देवताओं एवं देवांगनाओं की मूर्तियाँ होंगी।

इसमें भूतल यानी गर्भगृह में भगवान रामलला विराजेंगे, जबकि प्रथम तल पर राम दरबार होगा। राम दरबार में भगवान राम अपने तीनों भाइयों, धर्म पत्नी सीता और अपने प्रिय भक्त हनुमान के साथ विराजेंगे। मंदिर में कुल पाँच मंडप होंगे- नृत्य मंडप, रंग मंडप, गढ़ मंडप (सभा मंडप), प्रार्थना मंडप और कीर्तन मंडप।

पूर्व की ओर से प्रवेश करने के बाद 32 सीढ़ियाँ चढ़कर सिंहद्वार होगा। दिव्यांगजनों के लिए यहाँ रैम्प और लिफ्ट की व्यवस्था की जाएगी। मंदिर के चारों ओर प्रकोटा होगा। इन प्रकोटा के चारों कोनों पर चार मंदिर होंगे। यहाँ भगवान सूर्य, भगवान शंकर, गणपति, देवी भगवती होंगे। परकोटे के दक्षिणी ओर भगवान हनुमान और उत्तरी ओर माता अन्नपूर्णा का मंदिर है।

मंदिर के दक्षिण में पौराणिक सीताकूप स्थित है। परकोटा के बाहर दक्षिण में जिनके प्रस्तावित मंदिर हैं, वे हैं- महर्षि वाल्मीकि, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि वसिष्ठ, महर्षि अगस्त्य, निषादराज, माता शबरी और देवी अहिल्या। दक्षिण-पश्चिमी भाग में नवरत्न कुबेर टीले पर भगवान शिव के मंदिर का जीर्णोद्धार और रामभक्त जटायु की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

गाजा में मर रहे बच्चों पर दुनिया चुप क्यों? दुखी हो इरफान पठान ने पूछा, जवाब मिला – इजरायली बच्चों की मौत पर 1 महीने तक खुद क्यों थे चुप, क्यों नहीं लिखा

भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान को गाजा की फ्रिक्र सताने लगी है। इस युद्ध के कारण गाजा में जो बच्चे मारे जा रहे हैं, उन सबको लेकर इनका दिल दुख रहा है। ये दुनिया भर के नेताओं से अपील करके कह रहे हैं कि युद्ध रोकने में वे लोग मदद करें। गाजा के बच्चों के मारे जाने पर दुनिया भर के लोग शांत हैं, चुप हैं… इरफान पठान को इस बात का दुख है।

इरफान पठान ने ट्वीट कर अपने दुख को जाहिर किया है। उनके ट्वीट में सिर्फ गाजा में मारे जा रहे बच्चों की बात है। इसके लिए वो पूरी दुनिया को कोसने से भी गुरेज नहीं कर रहे। उन्होंने एक खिलाड़ी के तौर अपील तक कर डाली है कि दुनिया भर के नेता एकजुट होकर इन असंवेदनशील हत्याओं पर रोक लगाएँ।

अपने एक्स हैंडल पर इरफान ने पोस्ट किया, “गाजा में हर दिन 0-10 साल के मासूम बच्चों की जान जा रही है और दुनिया चुप है। एक खिलाड़ी के रूप में, मैं केवल कह सकता हूँ, लेकिन दुनिया के नेताओं के लिए एकजुट होने और इस संवेदनहीन हत्या को खत्म करने का वक्त आ गया है।”

3 नवंबर 2023 को इरफान पठान ने ट्वीट किया है। ट्वीट में गाजा के बच्चों की मौत का जिक्र है। लेकिन एक महीने पहले इस्लामी हमास आतंकियों ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल में घुस कर कत्लेआम मचाया था। महिलाएँ-बच्चे सबको बेरहमी से मारा था। इरफान के एक्स हैंडल पर तब इससे संबंधित एक भी ट्वीट नहीं था… मतलब इजरायली बच्चों की मौत पर खुद इरफान चुप रहे, लगभग एक महीने तक। सोशल मीडिया के जमाने में नेटिजन्स ने तुरंत ही उनके टाइमलाइन का स्क्रीनशॉट शेयर कर दिया… और शुरू हो गया इरफान का छीछालेदर।

6 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक इरफान पठान के अंदर का इंसान नहीं जागा… जबकि इस्लामी हमास आतंकियों ने 7 अक्टूबर को मचाया था कत्लेआम

पूर्व भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान इजरायल-हमास युद्ध के बीच सिर्फ गाजा में बच्चों की मौत पर दुनिया के चुप्पी साधने पर कोस रहे हैं, लेकिन कोई इनसे पूछे कि क्या इजरायल में इस्लामी हमास आतंकियों के हमले में मारे गए बच्चे क्या बच्चे नहीं थे? क्या वो असंवेदनशीलता का चरम नहीं था? इस दोगलेपन का जवाब शायद उनके पास न हो।

7 अक्टूबर 2023 को जब हमास ने इजरायल पर हमला किया तो तब उनकी जबान हमास के इस वहशीपन के नरसंहार के खिलाफ क्यों नहीं खुली, वो चुप्पी साधे क्यों बैठे रहे? इस हमले के दिन और उसके एक दिन बाद भी उनके अंदर का ये संवेदनशील इंसान नहीं जागा। वो कहीं किसी क्रिकेटर और कहीं टीम तो कही बॉलीवुड के सितारों के साथ मजा करते नजर आए।

7 से 8 अक्टूबर तक इरफान पठान लगातार विश्व कप 2023 के खिलाड़ियों की तारीफ में मशगूल रहे थे। उन्हें तब न तो इजरायल में मारे गए लोग दिख रहे थे, न बच्चे और न वो युवतियाँ जिनकी इस्लामी हमास आतंकियों ने मौत के बाद भी सड़कों पर नंगी परेड निकाली थी। तब उनकी इंसानियत शायद झपकी ले रही थी और उनका रहम दिल टाइप की धड़कनें किसी और के लिए धड़क रही थीं।

इरफान 9 अक्टबूर 2023 को जैकी श्रॉफ के बेटे टाइगर श्रॉफ और कीर्ति सेनन की मूवी गणपत का शो देखकर कह रहे थे कि मजा आ गया। 11 अक्टूबर 2023 तक भी उन्हें इजरायल के बच्चे याद नहीं आए, जब उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर अमिताभ बच्चन के जन्मदिन पर खिलखिलाती हुई अपनी तस्वीर पोस्ट की।

इरफान पठान के दोहरे रवैये पर सोशल मीडिया यूजर्स ने आईना दिखाने में देर नहीं की। इरफान पठान के फेसबुक अकाउंट पर गाजा के बच्चों के लिए की गई पोस्ट पर सूर्यभान ने लिखा, “इरफान सर यह जो हो रहा है, बिल्कुल गलत हो रहा है। हम आपकी बातों से सहमत हैं, लेकिन जो गाजा के लोगों ने किया, क्या वह सही था? जब पता है कि हम इतने ताकतवर नहीं हैं, इजरायल के साथ लड़ नही सकते हैं तो क्या जरूरत थी इजरायल के लोगों को मारने की? पहले शुरुआत गाजा के लोगों ने की है तो उसका अंजाम भुगत रहे हैं वह लोग।”

वहीं अजीत मित्रा ने लिखा, “मैं गाजा में अत्याचारों का समर्थन नहीं करता, लेकिन इजराइल में जो जानें गईं, वे भी महत्वपूर्ण हैं। उनके लिए कुछ शब्द कहें।”

इरफान पठान की पूरी टाइमलाइन देखने पर बच्चों की मौत को लेकर सिर्फ एक ट्वीट मिला। 20 अक्टूबर 2023 का। लेकिन जैसे गाजा के बच्चे को चिह्नित करते हुए उन्होंने आज ट्वीट किया, उसमें ऐसा कुछ नहीं।

इरफान पठान के इसी दोगलेपन का एक वाकया साल 2022 में सामने आया था। तब रामनवमी, हनुमान जयंती जैसे कई त्योहारों पर पत्थरबाजी और जहाँगीरपुरी सहित कई इलाकों में हिंसा और बुलडोजर एक्शन के बीच इरफ़ान ने भारत पर तंज कसते हुए एक ट्वीट किया था।

आटा चक्की में फँस हुई मौत, मीडिया ने जोड़ा ‘रेप-हत्या’ का एंगल, SP-भीम आर्मी-BSP ने फैलाई खबर: UP पुलिस ने बताई पूरी बात

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के पतौरा गाँव में दलित महिला का शव आटा चक्की से क्षत-विक्षत हालत में मिलने की घटना ने सबको झकझोर दिया। मीडिया में कुछ बयानों को आधार बनाकर इस खबर को एंगल दिया गया कि महिला से पहले रेप हुआ और उसके के बाद धारदार हथियार से उसके टुकड़े किए गए…

संबंधित खबर पर मीडिया संस्थानों की कवरेज, जिनके शीर्षक में रेप की बात कही गई

तमाम मीडिया संस्थानों ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कैसे दलित महिला राज कुमार शुक्ला की चक्की में लिपाई करने गई थी और बाद में उसका शव वहीं से मिला। उसके अंग पर कपड़े न होने के कारण दिखाया गया कि जैसे महिला का रेप हुआ। हालाँकि पुलिस ने अपनी जाँच में पाया महिला की मृत्यु आटा चक्की में फँस जाने के कारण हुई है और पोस्टमार्टम में भी सामने आया है कि अंदरूनी अंगों में चोट नहीं लगी।

पुलिस ने बार-बार दिया अपडेट

पुलिस ने इस घटना की बाबत एक बयान 31 अक्टूबर को जारी किया था जिसमें उन्होंने बताया था कि एक 40 वर्षीय दलित महिला जो आटा चक्की पर काम करती थी, वो दुर्घटनावश चक्की की लपेट में आ गई और उसकी वहाँ मौत हो गई। फॉरेंसिक टीम से जाँच करवाई जा रही।

इस बयान के साथ ही पुलिस ने तब साफ किया था कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

इसके बाद फिर जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो बांदा पुलिस ने दोबारा बयान जारी किया। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने बताया कि 31 अक्टूबर को उन्हें सूचना प्राप्त हुई थी कि एक महिला की आटा चक्की में फँसने से मौत हो गई है। पुलिस वहाँ गई तो पता चला महिला मिट्टी से लिपाई का काम कर रही थी। पुलिस ने मौके पर पहुँच शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम कराया। प्रथम दृष्ट्या में जो मामला सामने आया है वो यही है कि आटा चक्की में फँसने के कारण हुई मौत ही है। महिला के किसी अंदरूनी अंग में चोट लगने के सबूत नहीं मिले हैं। लेकिन परिवार की तहरीर पर एक मामला दर्ज किया गया है। पुलिस सारे साक्ष्य जुटा रही है, जल्दी विवेचना की जाएगी।

विपक्ष की राजनीति और UP पुलिस की चेतावनी

अब एक ओर जहाँ पुलिस लगातार इस खबर पर अपडेट दे रही थी, वहीं विपक्षी पार्टी के नेता एक्टिव होकर इस मामले पर योगी सरकार को घेरने लगे। जैसे:

अखिलेश यादव ने बांदा की घटना के बाद ट्वीट में लिखा यूपी की महिलाएँ डरी हुई हैं और आक्रोशित भी हैं। उनका यकीन भाजपा सरकार से उठ गया है।

स्वामी प्रसाद मौर्या ने लिखा, “जनपद बाँदा के थाना गिरवाँ में आटा चक्की में लिपाई के बहाने बुलाकर दलित महिला के साथ सामूहिक बलात्कार करना, उसके बाद उसे तीन हिस्सों में काटकर अपराधियों ने जो बर्बरता दिखाई है, वह अत्यंत हृदय विदारक है। दलित और पिछड़ों पर बेतहाशा जुर्म-ज्यादती, अत्याचार बढ़ा है, इसे आप क्या कहेंगे रामराज्य या जंगल राज?”

इसी तरह भीम आर्मी जय भीम के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत सिंह नोटियाल लिखते हैं कि वो इस केस में महिला को न्याय दिलाने के लिए ट्विटर पर ट्रेंड चलाएँगे।

अब बांदा पुलिस बार-बार बयान देने के बाद गलत एंगल से खबर को फैलता देख एक्टिव हो गई है। घटना से संबंधित फर्जी समाचार और ट्विट्स पर पुलिस लोगों को चेतावनी दे रही है। बांदा पुलिस ने साफ लिखा है- कृपया भ्रामक खबरें न फैलाएँ। भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है ।

‘विवाहित महिलाओं को सालाना ₹12000, रामलला के दर्शन, 5 शक्तिपीठों का विकास’: ‘मोदी की गारंटी’ में छत्तीसगढ़ को 5 साल में विकसित राज्य बनाने का BJP का वादा

छत्तीसगढ़ में जारी विधानसभा चुनावों को लिए भाजपा ने अपना घोषणा-पत्र जारी कर दिया है। ‘मोदी की गारंटी’ नाम से जारी इस घोषणा-पत्र में समाज के हर तबके का ध्यान रखा गया है। खासकर किसानों, जनजातीय समुदाय और महिलाओं का विशेष ख्याल रखा गया है। घोषणा पत्र को जारी करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आती है तो पाँच साल में राज्य की तस्वीर बदल जाएगी।

घोषणा पत्र समिति के संयोजक विजय बघेल बोल का कहना है कि यह घोषणा-पत्र तीन महीने में तैयार हुआ है। इसे 3 अगस्त 2023 से 3 नवम्बर 2023 के बीच तैयार किया गया है। इस समिति में 35 सदस्य थे। घोषणा-पत्र बनाने से पहले समाज के सभी वर्गों से राय ली गई है, जिसके लिए 2 लाख से ज़्यादा सुझाव आए थे।

वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “हमने लाखों लोगों से चर्चा करके एक घोषणा पत्र “मोदी की गारंटी” तैयार किया है। इसमें हमने तय किया है कि हम कृषि उन्नति योजना की शुरुआत करेंगे जिसके अंतर्गत 21 क्विंटल/एकड़ धान 3,100 रुपये के मूल्य पर हम खरीदेंगे। इसका एक मुश्त भुगतान किसानों को किया जाएगा।”

केंद्रीय मंत्री शाह ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर हमला बोलते हुए कहा, “मैं छत्तीसगढ़ की जनता से कहना चाहता हूँ कि मोदी जी छत्तीसगढ़ का विकास करना चाहते हैं, लेकिन भूपेश बघेल उसमें सबसे बड़े विघ्न हैं। बघेल जी को डर है कि अगर यहाँ विकास के इतने कार्य हो गए तो उनकी कुर्सी चली जाएगी। इन्होंने 300 से ज्यादा वादे किए थे, जो पूरे नहीं किए गए।”

केंद्रीय गृहमंत्री ने पाँच वर्षों में छत्तीसगढ़ को पूर्ण विकसित राज्य बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्ति दिलाने का काम बीजेपी ने किया है। पोषण की गारंटी देने वाला पहला राज्य छत्तीसगढ़ बना। वहीं, मनरेगा में 150 दिन का रोजगार देने वाला राज्य छत्तीसगढ़ बना है। उन्होंने कहा कि छात्रों को निशुल्क लैपटॉप और टैब देने का काम किया है।

भाजपा की ‘मोदी की गारंटी’ बातें

  1. हर विवाहित महिला को प्रत्येक साल 12,000 रुपए की वित्तीय सहायता
  2. 18 लाख पीएम आवास योजना के तहत घर और निर्मल जल योजना
  3. तेंदूपत्ता 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा में खरीदी
  4. अतिरिक्त संग्रह करने वाले 4,500 रुपए बोनस
  5. आयुष्मान भारत योजना इसके साथ 10 लाख रुपए तक का हेल्थ स्कीम
  6. सस्ते में दवाई उपलब्ध कराने के लिए 500 नए जन औषधि केंद्र खोलेंगे
  7. UPSC की तर्ज पर CGPSC की परीक्षा, पीएससी परीक्षा घोटाले की जाँच
  8. दिल्ली की एनसीआर की दर्ज पर एचसीआर बनाया जाएगा. रायपुर दुर्ग भिलाई को मिलाकर बनाए जाएगा
  9. गरीब परिवार की महिलाओं को 500 रुपए में गैस कनेक्शन
  10. कॉलेज स्टूडेंट को बस की सुविधा दी जाएगी
  11. एम्स के दर्ज हर संभाग सिम्स बनाया जाएगा
  12. छत्तीसगढ़ के 5 शक्तिपीठों को विकसित किया जाएगा
  13. अयोध्या में राम मंदिर बन रहा है, छत्तीसगढ़ के गरीब लोगों को रामलला के दर्शन के लिए रामलला दर्शन योजना
  14. BPL परिवार में जन्म लेने वाली लड़कियों के नाम पर 1.5 लाख रुपए

हिंदू बच्ची ने की आत्महत्या… क्योंकि जोहिद अख्तर ने किया रेप, वीडियो भी वायरल: मुस्लिम परिवार ने कहा था- इज्जत चली गई, इसलिए निकाह पढ़वा लो

लखीमपुर खीरी के संपूर्णानगर कस्बे में गुरुवार (2 नवंबर, 2023) को 17 वर्षीय किशोरी का शव घर के अंदर फंदे से लटका मिला। आत्महत्या के इस मामले में बताया गया है कि पीड़िता आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने से आहत थी। जिससे आहत होकर उसने आत्महत्या कर ली। इस मामले में आरोपित का जोहिद अख्तर बताया जा रहा है, साथी ही जान से मारने की धमकी देने के मामले में जोहिद के परिवार के दूसरे लोगों के नाम भी सामने आए हैं। 

इस घटना के बारे में जानकारी देते हुए मृतका की माँ ने कस्बे के ही मुस्लिम समुदाय के युवक जोहिद अख्तर पर वीडियो वायरल करने और शिकायत पर पिटाई करने का आरोप लगाया। वहीं नाबालिग की आत्महत्या के बाद इस मामले में न्याय के लिए गुस्साए परिजन और बजरंग दल के कार्यकर्ता शुक्रवार (3 नवंबर, 2023) को सड़क पर उतर आए। परिजनों ने सड़क पर जाम करने का भी प्रयास किया।

क्या है पूरा मामला 

इस घटना का शिकायत पत्र ऑपइंडिया के पास है। जिसमें 17 वर्षीय किशोरी को प्रेम प्रसंग में बहला-फुसलाकर रेप करने और फिर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में शिकायत में कहा गया है कि जाहिद नूर का बेटा जोहिद अख्तर लव जिहाद के उद्देश्य से हिन्दू लड़की की अश्लील वीडियो बनाकर उससे शारीरिक सम्बन्ध बनाता रहा। और बाद में जोहिद ने वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। 

जब इस घटना की खबर परिजनों को हुई तो पीड़िता के माता-पिता जब जोहिद के घर शिकायत लेकर पहुँचे तो मार-पिटाई की नौबत आ गई। जोहिद के अब्बू जाहिद ने बेटे से इज्जत जाने और निकाह पढ़वाने की बात कही। कहा कि जब बदनामी हो ही गई तो अब निकाह पढ़वा लो। लड़की के परिजनों को जोहिद के परिवार के इरादे नेक नहीं लगे। वह किसी तरह वहाँ से जान बचाकर चले आए और लोकलाज के भय से लगभग सप्ताह भर इस मामले की जानकारी किसी को नहीं दी। यह वाकया करीब सप्ताह भर पहले का है। 

वहीं मृतका की माँ ने बताया कि गुरुवार (2 नवंबर, 2023) को उनकी 17 वर्षीय बेटी घर में अकेली थी। वह दूसरी बेटी और बेटे के साथ पलिया गई थी। जब वह शाम करीब चार बजे घर लौटी तो दरवाजा खुला मिला। घर के अंदर जाकर देखा तो कमरे में पंखे से बेटी का शव लटका हुआ था।

शिकायत में जोहिद अख्तर, शोएब अख्तर, शोहिल और इनके अब्बू जाहिद नूर और अम्मी पर पिटाई करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है। 

पुलिस ने जोहिद को किया गिरफ्तार 

वहीं इस पूरे मामले में खेरी पुलिस ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जवाब में लिखा कि थाना संपूर्णानगर पुलिस द्वारा प्राप्त तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर नामजद अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु सार्थक प्रयास किए जा रहे है।

‘बंदूक की नोंक पर एक तरफ ले गए… पहले किस किया और फिर कपड़े उतारने को मजबूर’: छात्रा ने सुनाई उस रात की सिहरने वाली कहानी, CM योगी सख्त, PMO की भी नजर

उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) के परिसर में बंदूक की नोंक पर IIT की छात्रा के कपड़े उतरवाकर अश्लील वीडियो बनाने का मसला मुख्यमंत्री कार्यालय और प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुँच चुका है। इस मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों ने कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं, PMO भी इस पर नजर बनाए हुए है। अब लड़की ने उस रात हुई घटना का पूरा ब्यौरा दिया है।

मामला बुधवार (1 नवंबर, 2023) का है। कैम्पस में रात करीब 1.30 बजे छात्रा अपने साथी अपने हॉस्टल के पास टहल रही थी। इसी दौरान बुलेट पर सवार 3 बदमाश आए और छात्रा को रोका। तीनों बदमाशों ने बंदूक की नोंक पर उसके कपड़े फाड़ डाले और उसका वीडियो बना लिया। इतना ही नहीं, बदमाशों ने छात्रा का फोन नंबर भी लिया और धमकी दी कि अगर इस संबंध में किसी को कुछ बताया तो वे उसे जान से मार देंगे।

छात्रा ने बताई आपबीती

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा ने उस रात की घटना को याद करते हुए बताया, “मैं बुधवार रात 1:30 बजे एक जरूरी काम से अपने हॉस्टल से निकली थी। कैंपस के गाँधी स्मृति चौराहे के पास मुझे मेरा दोस्त मिल गया तो हम दोनों साथ में जाने लगे। रास्ते में कर्मन बाबा मंदिर से करीब 300 मीटर दूर पीछे से एक बुलेट आई। उस पर 3 लड़के सवार थे। उन लोगों ने बाइक खड़ी करके मुझे और मेरे दोस्त को रोक लिया।”

न्यू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली मैथेमेटिकल इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक की पीड़ित छात्रा ने बताया, “इसके बाद हथियार दिखाकर और मेरा मुँह दबाकर एक कोने में ले गए। वहाँ पहले मुझे किस किया, उसके बाद गन पॉइंट पर मेरे कपड़े उतरवाए। मेरा वीडियो बनाया और फोटो खींची। मैं जब बचाव के लिए चिल्लाई तो मुझे मारने की धमकी दी। करीब 10-15 मिनट तक मुझे अपने कब्जे में रखा और फिर छोड़ दिया।”

पीड़िता ने कहा, “मैं अपने हॉस्टल की ओर भागी तो पीछे से वे भी आने लगे। डर के मारे मैं एक प्रोफेसर के घर में घुस गई। वहाँ पर 20 मिनट तक रुकी और प्रोफेसर को आवाज दी। प्रोफेसर ने मुझे गेट तक छोड़ा। उसके बाद पार्लियामेंट सिक्योरिटी कमेटी के राहुल राठौर मुझे IIT-BHU पेट्रोलिंग गार्ड के पास लेकर पहुँचे। जहाँ से मैं अपने हॉस्टल तक सुरक्षित आ पाई।”

तीनों आरोपितों के हुलिये को याद करते हुए पीड़ित छात्रा ने बताया कि इन तीनों आरोपियों में से एक मोटा और दूसरा पतला थी। वहीं, तीसरे लड़के की हाईट मीडियम थी। तीनों युवक रॉयल इनफील्ड क्लासिक 350 बाइक पर सवार थे। घटनास्थल का सीसीटीवी फुटेज खराब था। वहीं, देर रात हैदराबाद गेट के पास बुलेट पर सवार तीन लोग जाते दिखे हुए सीसीटीवी में दिखे हैं। हालाँकि, बाइक का नंबर स्पष्ट नहीं हो पाया है।

CM योगी ने कठोर कार्रवाई के दिए निर्देश, PMO ने भी माँगी रिपोर्ट

इस घटना को यूपी के मख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खासे नाराज बताए जा रहे हैं। सीएम योगी ने मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा और बीएचयू के कुलपति प्रोफेसर एसके जैन से भी बात की। उन्होंने आरोपितों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि कठोर कार्रवाई का संदेश जनता तक जानी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए विश्वविद्यालय में तैनात पुलिस को प्रशिक्षण देने को कहा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के नाते इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की नजर बनी हुई है। PMO ने इस मामले पर बनारस के पुलिस कमिश्नर मुथा अशोक जैन से रिपोर्ट माँगी है। इस घटना के कारण पुलिस कमिश्नर ने लंका थाने के SHO अश्विनी पांडेय को लाइन हाजिर कर दिया है।

कैंपस में दिवार बनाने पर विद्यार्थियों का विरोध

इस घटना के विरोधी में 2500 छात्र-छात्राओं ने गुरुवार (2 नवंबर 2023) को राजपूताना हॉस्टल के सामने लगभग 11 घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद पुलिस-प्रशासन और IIT-BHU के डायरेक्टर ने छात्रों के साथ बैठक की। उन्हें भरोसा दिया कि 7 दिनों के भीतर सभी आरोपितों को पकड़कर जेल भेज दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरोपितों को कड़ी सजा दी जाएगी। आश्वासन के बाद विद्यार्थियों ने प्रदर्शन खत्म कर दिया।

इस घटना के बाद प्रशासन ने IIT-बनारस और BHU के बीच दीवार बनाने का फैसला किया है। हालाँकि, विद्यार्थी इसका भी विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि कैंपस को दो हिस्सों में नहीं किया जाना चाहिए। इस निर्णय का विरोध कर रहे यूनिवर्सिटी के छात्र नेता अभय सिंह ने कहा कि प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा की अनदेखी के कारण छात्रा के साथ छेड़छाड़ हुई है।

विद्यार्थियों ने कैंपस में CCTV कैमरे लगाने, सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाने और शाम के बाद कैंपस में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाने की माँग की है। उन्होंने कैंपस में दिवार बनाने का पूरी तरह विरोध किया। इस घटना के लेकर यूनिवर्सिटी के एक छात्र निखिल ने बताया कि बनारस देश का पहला IIT है, जहाँ बाहरी लड़के कार और बाइक की रेस लगाते हैं और लड़कियाँ छेड़ते हैं।

प्रशासन का निर्णय

इस घटना के बाद प्रशासन और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कई निर्णय लिए हैं। हालात को देखते हुए अब प्रॉक्टर ऑफिस में सब-इंस्पेक्टर और 4 पुलिस कर्मी तैनात किए जाएँगे। बैरिकेड्स लगाकर रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक कैंपस में आवाजाही को प्रतिबंधित किया जाएगा। इसके अलावा, ग्रीन जोन बनाया जाएगा, जिसमें कई तरह के बदलाव आगे होंगे।

स्थानीय प्रशासन के सहयोग से यूनिवर्सिटी एक इंटीग्रेटेड मॉनिटरिंग सिस्टम बनाएगा, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा को मॉनिटर किया जा सके। संवेदनशील स्थानों पर मिलिट्री के रिटायर्ड लोगों को सुरक्षा गार्ड्स के तौर पर तैनाती की जाएगी। कैंपस के सभी सातों गेटों पर जिला पुलिस और संस्थान के कर्मियों की चौबीसों घंटा ड्यूटी रहेगी।

‘माफी तैयार रखें मैडम’: मेनका गाँधी पर एल्विश यादव का पलटवार, झूठा केस करके लोकसभा टिकट पाने के जुगाड़ पर कसा तंज

नोएडा पुलिस की एफआईआर में मशहूर यूट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी विनर एल्विश यादव के रेव पार्टी और पार्टी में साँपों के जहर मामले में नाम आने के बाद अब मेनका गाँधी उनको लेकर हमलावर हैं। सासंद मेनका गाँधी ने कहा है कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एल्विश यादव को तुरंत गिरफ्तार करने की जरूरत है। एल्विश के खिलाफ एफआईआर मेनका गाँधी के एनजीओ ने ही कराई है।

मेनका गाँधी ने कहा है कि एल्विश यादव ही इस पूरे केस का सरगना है। पीपल फॉर एनिमल्स (पीएफए) की फाउंडर मेनका गाँधी ने बताया कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एल्विश यादव इस तरह की चीजों को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने मीडिया से कहा “ये जो बंदा है, इसके ऊपर हमारी नजर बहुत दिनों से हैं। ये जो फिल्में बनाता है, फोटो खींचता है और यूट्यूब पर लगाता है, अक्सर वो जो साँप गले में लटकाता है, वो सब लुप्तप्राय प्रजातियों के कोबरा हैं और इनको इस्तेमाल करने पर 7 साल की जेल की सजा है।”

उन्होंने आगे कहा कि पीएफए ने इसको लेकर जाल बिछाया और इन लोगों को पकड़ लिया। मेनका गाँधी के अनुसार एल्विश यादव को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा:

“बाद में हमें पता चला कि वह नोएडा और गुरुग्राम में साँपों का जहर बेचता है।”

इस पूरे मामले को लेकर एल्विश यादव ने कहा है कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। एल्विश ने अपने एक्स हैंडल पर वीडियो शेयर कर सफाई दी है। उन्होंने कहा, “मैंने देखा कि कैसे न्यूज फैल रही है, मेरे खिलाफ मीडिया में बात चल रही है कि मैं अरेस्ट हो गया। मैं नशीले पदार्थों के साथ पकड़ा गया। ये जितने भी आरोप मेरे खिलाफ लगे हैं, सब बेबुनियाद हैं। सारे फेक हैं, एक फीसदी भी इसमें सच्चाई नहीं हैं।”

खुद को बेगुनाह बताने के बाद एल्विश यादव ने मेनका गाँधी के लिए ट्वीट किया कि उन्हें आश्चर्य होता है कि ऊँचे पदों पर कैसे-कैसे लोग बैठे हुए हैं। इसके अलावा एल्विश ने यह भी लिखा:

“जिस हिसाब से इल्जाम लगाया है मैडम ने, उस हिसाब की माफी भी तैयार रखें।”

मेनका गाँधी का बिना नाम लिए लोकसभा टिकट पाने की जुगाड़ पर तंज कसते हुए एल्विश ने यहाँ तक लिख दिया कि उनके सहित किसी पर भी इल्जाम लगा देने से सांसदी की टिकट नहीं मिलने वाली।

इस मामले में नोएडा के सेक्टर-49 थाने में एल्विश यादव के खिलाफ रेव पार्टी कराने, इसमें प्रतिबंधित साँपों का जहर और नशीले पदार्थों का इस्तेमाल करने को लेकर शिकायत की गई थी। उनके खिलाफ ये शिकायत सांसद मेनका गाँधी की संस्था पीएफए ऑर्गेनाईजेशन के एनिमल वेलफेयर ऑफिसर गौरव गुप्ता ने कराई थी।

इसे लेकर पुलिस ने नोएडा के सेक्टर 51 के सेवरोन बैंक्वेट हाल में छापेमारी की और पाँच आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज किया। नौ जिंदा साँपों की बरामदगी के साथ ही साँपों का जहर पुलिस ने रेड के दौरान पकड़ा। एल्विश यादव सहित सभी आरोपितों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 48 ए, 49, 50, 51 और आईपीसी की धारा 120-B के तहत केस दर्ज किया गया है।

गैस चैंबर में बदला दिल्ली-NCR, केजरीवाल चुनाव प्रचार में व्यस्त: AAP के पंजाब से आया सबसे ज्यादा धुआँ, जली 4000+ पराली

देश की राजधानी दिल्ली गैस चैंबर में बदल चुकी है। सर्दी बढ़ने के साथ ही दिल्ली वालों पर प्रदूषण का वार इतना बढ़ गया है कि आधिकारिक तौर पर भले ही अभी तक कोहरा नहीं गिरा हो, लेकिन पूरी दिल्ली सूरज के किरणों के लिए तरस रही है। दिल्ली के लगभग हर हिस्से में हवा में प्रदूषण का स्तर ‘खतरनाक’ रूप से गंभीर स्थिति में पहुँच चुका है। प्रदूषण की वजह से स्कूल बंद किए जा चुके हैं। कमर्शियल गाड़ियों की एंट्री पर बैन लगा दिया गया है और भी बहुत कुछ।

बस, एक काम सालों से नहीं हो पाया है, वो है इस प्रदूषण को रोकने का स्थाई उपाय। ये अलग बात है कि आम आदमी पार्टी की दिल्ली से लेकर पंजाब तक की सरकारें प्रदूषण की मुख्य वजह बताई जाने वाली पराली के जलाने पर न तो रोक लगा सकी हैं, न ही कोई अन्य उपाय ही कर सकी हैं। सिवाय जिम्मेदारी एक-दूसरे के सिर डालने की।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शुक्रवार (03 नंबर 2023) को सुबह 8 बजे दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 346 था। दिल्ली के लोधी रोड, जहांगीरपुरी, आरके पुरम और आईजीआई एयरपोर्ट जैसे इलाकों में हवा की हालत खराब है। इन जगहों पर एक्यूआई रीडिंग क्रमश: 438, 491, 486 और 473 है।

पंजाब की पराली से गैस चैंबर बनी दिल्ली

दिल्ली में पीएम 2.5 कणों की उपस्थिति इतनी अधिक है कि वो अब साँस के साथ फेफड़ों में घुसकर पूरी दिल्ली को मौत के मुँह में ढकेल सकते हैं। निगरानी संस्था आईक्यूएयर के मुताबिक, दिल्ली की हवा में पीएम 2.5 की उपस्थिति स्वीकार्य मात्रा से 35 गुना अधिक है। सोचिए, दिल्ली के लोगों को किस हवा में साँस लेने को मजबूर होना पड़ रहा है, जबकि इसमें उनकी गलती उतनी ही है, जितनी सब्जी में पड़ा धनिए का पत्ता। अगर सरकारों ने अपने स्तर पर काम किए होते, तो दिल्ली की ये हालत नहीं होती।

वैसे, तो आम आदमी पार्टी की सरकार जब दिल्ली में थी, तब लगातार ये दावा किया जा रहा था कि पंजाब की पराली की वजह से दिल्ली में प्रदूषण रहता है। फिर पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बन गई। आम आदमी पार्टी ने दावा किया कि अब दिल्ली के लोगों को दमघोंटू हवा से मुक्ति मिल जाएगी, क्योंकि पंजाब की सरकार पराली पर रोक लगाएगी, जबकि हकीकत ये है कि दिल्ली के एक अन्य पड़ोसी राज्य हरियाणा ने पराली जलाने की घटनाओं पर काफी हद तक काबू पा लिया है, जबकि आम आदमी पार्टी शासित पंजाब राज्य में पराली की घटनाएँ आश्चर्यजनक रूप से बढ़ी हैं, वो भी इसके बावजूद कि सरकार ने कई तरह की घोषणाएँ कागजों पर कर रखी हैं।

पंजाब में पराली जलाने की घटना में रिकॉर्डतोड़ बढ़ोतरी

दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने के पीछे के कई कारण हैं, जिसमें गाड़ियों का धुआँ, निर्माण कार्य, हवा की कम गति और पराली जलाने से होने वाला प्रदूषण मुख्य है। दिल्ली में प्रदूषण 1 नवंबर से 15 नवंबर तक अपनी चरम सीमा पर होता है, क्योंकि इसी समय पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में पराली जलाई जाती है। हालाँकि अभी के आँकड़ों के मुताबिक, हरियाणा में आश्चर्यजनक रूप से पराली जलाने की घटनाओं में काफी कमी आई है, तो पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में अकेले अक्टूबर माह में ही काफी बढ़त दर्ज की गई है। सिर्फ बीते रविवार ही पंजाब में पराली जलाने की 1068 घटनाएँ दर्ज की गई, जो एक दिन के मुकाबले 74 प्रतिशत अधिक है। जबकि एक दिन पहले शनिवार को पराली जलाने की 127 घटनाएँ हुई थी।

जेल-कोर्ट कचहरी और चुनाव प्रचार में व्यस्त सरकार

दिल्ली में आम आदमी पार्टी के मुख्य नेता जेल में हैं। पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल को भी ईडी का बुलावा है। अब तक अपने नेताओं को बेकसूर बताते रहे अरविंद केजरीवाल पर जब आँच आई, तो खुद को वो चुनावी स्टार प्रचारक बताकर दिल्ली से बाहर निकल गए और मध्य प्रदेश में चुनावी सभाएँ करने लगे।

वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी उनके पीछे-पीछे पूरे साल भर चलते रहते हैं। ऐसे में पराली हो या कोई भी मुद्दा, आम आदमी पार्टी की सरकारें काम कर ही कहाँ रही हैं? उनके लिए पहली प्राथमिकता जनता होती, तो वो जनहित के कामों में जुटते, लेकिन उन्हें अपनी जिम्मेदारियों को दूसरों पर डालने और काम न करने के बहाने ढूँढने की आदत है।

वैसे, एक बात बता दें कि अरविंद केजरीवाल ने ईडी को लिखी चिट्ठी में खुद पर प्रशासनिक भार होने और चुनाव प्रचार में व्यस्त रहने की बात कही है, लेकिन वो तो बिना मंत्रालय के मुख्यमंत्री हैं? क्या ही काम उनके ऊपर है? बात बची चुनाव प्रचार की, तो दिल्ली की जनता को गैस चैंबर में डाल कर वो उसी काम में व्यस्त हैं।

शनिवार से पहले भी पंजाब रहा अव्वल

गौरतलब है कि पंजाब में ‘आम आदमी पार्टी’ (AAP) की सरकार आने से पहले आतिशी स्वयं और केजरीवाल दिल्ली के प्रदूषण का पूरा भार हरियाणा और पंजाब में किसानों के पराली जलाने पर डालते रहते थे। उनका खुद का एक वर्ष 2020 का बयान इसी विषय में है।

दिल्ली के अलावा पंजाब में भी आम आदमी पार्टी की सरकार प्रदूषण को नियंत्रित करने में असफल साबित हो रही है। जहाँ हरियाणा की सरकार ने पराली जलाने की घटनाओं पर नियन्त्रण पाया है वहीं पंजाब में लगातार पराली जल रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि पंजाब में पराली जलाने के कारण दृश्यता कम हो गई है। पंजाब में 15 सितम्बर से लेकर 28 अक्टूबर तक पराली जलाने की 4186 घटनाएँ सामने आई थी, जबकि हरियाणा में यह इसकी एक चौथाई 1019 ही हैं।

पंजाब में किसान पराली जलाने के नायाब तरीके भी ढूँढ रहे हैं। एक रिपोर्ट में बताया गया है कि पराली में आग लगाने के तुरंत बाद किसान उस पर ट्रैक्टर चला रहे हैं ताकि जलती हुई पराली दब जाए और उसका धुआँ ज्यादा ना उठे। इस तरीके से पंजाब की एजेंसियाँ सैटेलाइट में यह धुआँ नहीं देख पाती। पंजाब के किसान यह कदम उठाने के लिए इस लिए भी मजबूर हैं क्योंकि उन्हें आम आदमी पार्टी की सरकार पराली का स्थायी निस्तारण अभी तक नहीं दे पाई है, ऐसे में किसानों के पास इसे जलाने के अलावा और कोई रास्ता भी नहीं बचता है भले ही यह पर्यावरण के लिए कितना ही हानिकारक क्यों ना हो।