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‘अंजाम तक पहुँचेगा शराब की दलाली खाने वाला’: ED ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को समन किया, सुप्रीम कोर्ट ने भी मानी है ₹338 करोड़ के लेनदेन की बात

शराब घोटाले की आँच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तक पहुँच गई है। दिल्ली में AAP सरकार के मुखिया को अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने समन भेजा है। सोमवार (30 अक्टूबर, 2023) को ये कार्रवाई की गई। इस मामले में दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री रहे मनीष सिसोदिया और AAP सांसद संजय सिंह पहले से ही जेल में बंद हैं। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी 338 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए जाने जा जिक्र करते हुए मनीष सिसोदिया को जमानत देने से इनकार कर दिया है।

ED ने अरविंद केजरीवाल से कहा है कि वो गुरुवार (2 नवंबर, 2023) को जाँच एजेंसी के समक्ष पूछताछ के लिए पेश हों। 55 वर्षीय अरविंद केजरीवाल को PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत समन किया गया है। दिल्ली में उन्हें जाँच अधिकारी के समक्ष पेश होकर अपना बयान दर्ज कराना होगा। ED ने इस मामले की चार्जशीट में कई बार अरविंद केजरीवाल के नाम का जिक्र किया है। इसमें बताया गया है कि शराब घोटाले के आरोपित उनसे संपर्क में थे।

शराब नीति बनाने और इसे लागू करने के क्रम में अरविंद केजरीवाल से ये लोग संपर्क में थे। इससे पहले अप्रैल 2023 में इसी मामले को लेकर CBI भी उन्हें समन कर चुकी है। हालाँकि, अगस्त में जब CBI ने FIR दर्ज की तो उसमें आरोपित के रूप में अरविंद केजरीवाल का नाम बतौर आरोपित नहीं शामिल किया गया था। दिल्ली की शराब नीति को विरोध के बाद वापस लिया जा चुका है। ताज़ा कार्रवाई के बाद भड़के AAP नेताओं ने मोदी सरकार पर किस्म-किस्म के आरोप लगाने भी शुरू कर दिए हैं।

मंत्री आतिशी ने दावा कर डाला कि BJP आम आदमी पार्टी से डर गई है। उन्होंने केजरीवाल को समन किए जाने को साजिश करार देते हुए कहा कि उन्हें गिरफ्तार करने के लिए ये सब हो रहा है। उन्होंने कहा कि हम जेल जाने से नहीं डरते। वहीं दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल जो अपने आप को कट्टर ईमानदार का सर्टिफिकेट देते फिरते हैं, अब उनकी काली परते खुलने लगी हैं। उन्होंने कहा कि जो सवाल दिल्ली की जनता कई महीनों से मुख्यमंत्री जी से पूछ रही है, अब उसका जवाब उन्हें देना होगा।

वीरेंद्र सचदेवा ने सवाल दागे – शराब नीति में बदलाव क्यों किया गया? 5% से 12% कमीशन क्यों की गई? 7% का किकबैक किसे मिला? इतने बड़े घोटाले का पैसा कहाँ खर्च हुआ? उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी शुरू से कहती आई है कि इस घोटाले के असली साजिशकर्ता अरविंद केजरीवाल हैं। उन्होंने कहा कि खुद को ईमानदार बताने वाली इस जमात के चेहरे बेनकाब हो गए हैं। दिल्ली भाजपा ने कहा कि बहुत हुआ घोटाले का खेल, अब भ्रष्टाचारी केजरीवाल भी जाएगा जेल।

पार्टी ने कहा, “कट्टर भ्रष्ट मनीष सिसोदिया की सुप्रीम कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब शराब घोटाले के सरगना केजरीवाल को ईडी ने पूछताछ के लिए समन जारी किया है। उम्मीद ही नहीं हमे भरोसा है कि गली गली शराब के ठेके खोलने वाला, दिल्ली को शराब नगरी बनाने वाला, शराब की दलाली खाने वाला भी अब जल्द ही अपने अंजाम तक पहुँचेगा।” भाजपा के नेशनल सेक्रेटरी मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि इस पूरे घोटाले के मास्टरमाइंड अरविंद ही हैं और ‘शीशमहल’ भी इन्हीं पैसों से बना है।

इस्तीफा देकर भागे PCB के चीफ सेलेक्टर इंजमाम उल हक़: खिलाड़ियों को मैनेज करने वाली कंपनी के निकले पार्टनर, जाँच के लिए बनाई गई कमिटी

पाकिस्तान की क्रिकेट टीम का मौजूदा विश्वकप में प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। बाबर आजम की कप्तानी में पाकिस्तानी टीम ने शुरुआती दो मैच जीतकर पाकिस्तानियों की उम्मीदें तो जगाईं, लेकिन उसके बाद भारतीय टीम ने उसे ऐसा हराया कि लगातार हार ही उसे मिलने लगी। एक-एक करके लगातार 4 मैच हारकर सेमीफाइनल की दौड़ से लगभग बाहर हो चुकी पाकिस्तानी टीम को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जी हाँ, ये खुलासा पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के चीफ सेलेक्टर इंजमाम उल हक को लेकर हुआ है कि वो एक ऐसी कंपनी के मालिकों में से एक हैं, जो खिलाड़ियों को ‘मैनेज’ करती है।

वो कंपनी जिन खिलाड़ियों को मैनेज करती है, उनमें बाबर आजम, मोहम्मद रिजवान और शाहीन शाह अफरीदी जैसे खिलाड़ी हैं, जो इस वर्ल्ड कप में खेल रहे हैं।

पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के बुरे प्रदर्शन के बाद जब खोजबीन शुरू हुई, तो इंजमाम उल हक लपेटे में आ गए। इंजमाम उल हक पर आरोप लगा है कि उन्होंने विश्वकप के लिए टीम को चुनते समय ‘न्याय’ नहीं किया, बल्कि उस कंपनी द्वारा मैनेज किए जाने वाले प्लेयर्स को टीम में चुना, जिसके लिए उन्हें बोला गया। इन प्लेयर्स की खराब परफॉर्मेंस के बाद इंजमाम उल हक पर जब उंगली उठने लगी, तो ये मामला निकल कर सामने आया। अब उन पर ‘हितों के टकराव’ का आरोप लग रहा है।

ये मामला जब गरमाने लगा, तो इंजमाम उल हक ने इस्तीफा देकर भाग निकलने में भलाई समझी।

इंजमाम उल हक ने मीडिया से बातचीत में कहा, “लोग बिना ‘रिसर्च’ के बोलने लगे हैं, ऐसे में मैंने इस्तीफा देना बेहतर समझा। अब पीसीबी के साथ जाँच में सहयोग करूँगा।” आरोप है कि इंजमाम ने खिलाड़ियों के एजेंट तल्हा रहमानी की कंपनी में हिस्सेदारी की। इस खुलासे ने हितों के संभावित टकराव के बारे में चिंताएँ पैदा कर दीं, यह देखते हुए कि रहमानी पाकिस्तान के कई प्रमुख क्रिकेटरों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिनमें बाबर आजम, मोहम्मद रिजवान और शाहीन शाह अफरीदी शामिल हैं।

बता दें कि इंजमाम उल हक पहले भी पाकिस्तानी टीम के मुख्य चयनकर्ता रहे हैं। वो अगस्त 2016 से जुलाई 2019 तक इसी पद पर रहे थे। अब इंजमाम ने कहा है कि वो इन आरोपों से दुखी हैं। उनका तल्हा की कंपनी से कोई लेना-देना नहीं है। अगर बोर्ड इसकी जाँच करती है, और उसे कोई संदेह है तो वो जाँच में सहयोग करेंगे।

PCB ने जाँच के लिए बनाई कमेटी

अब पीसीबी ने इंस मामले में एक कमेटी का गठन कर दिया है। ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर पीसीबी ने सूचना देते हुए लिखा, “पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने टीम सेलेक्शन प्रोसेस से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स, जिसमें हितों के टकराव का आरोप लगाया गया है, की जाँच के लिए पाँच सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया है। कमेटी अपनी रिपोर्ट और सिफारिश जल्द से जल्द पीसीबी मैनेजमेंट को सौंपेगी।”

बता दें कि पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के खराब प्रदर्शन के बाद टीम पर उँगली उठी, तो एक और विवाद सामने आया। जिसमें बताया गया कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को कई महीने से सैलरी नहीं दी गई। इस बारे में कप्तान बाबर आजम ने कथित तौर पर पीसीबी के चीफ से संपर्क साधा था। इसके बाद पीसीबी के चीफ ने एक मीडिया चैनल से बातचीत के दौरान बाबर आजम के साथ अपनी बातचीत को लीक कर दिया और कहा कि बाबर ने उनसे संपर्क नहीं किया। ये विवाद भी अब बढ़ रहा है।

130 फ़ीट की हूरों का बखान करता था जो पाकिस्तानी मौलाना, उसके बेटे की गोली लगने से मौत: ‘अज्ञात’ मार कर चले गए या कर ली आत्महत्या?

पाकिस्तान के नामी मौलाना तारिक जमील के बेटे की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। मृतक का नाम आसिम जमील उर्फ़ कारी इस्माइल है। मौत की वजह गोली लगना बताया जा रहा है। कुछ लोगों का दावा है कि तारिक के बेटे को अज्ञात लोगों ने गोली मारी है। एक आतंकी संगठन ने तो इस हत्या की जिम्मेदारी भी ले ली है। हालाँकि, खुद मौलाना के परिजन इसे आत्महत्या बता रहे हैं। घटना रविवार (29 अक्टूबर, 2023) की है।

आतंकी संगठन ने ली हत्या की जिम्मेदारी

पाकिस्तान के कारी इस्माइल उर्फ़ आसिम जमील को गोली खैबर पख्तूनवा के बाजौर जिले के मरमोड इलाके में लगी है। गोली मृतक की छाती में लगी है। ‘न्यूज़ 18’ के मुताबिक, पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी समूह इस्लामिक स्टेट खोरासन प्रोविंस (आईएसकेपी) ने तारिक जमील के बेटे की हत्या की जिम्मेदारी ली है। तारिक के बेटे को तालिबान समर्थक बताते हुए आतंकी संगठन ने अपने लड़ाकों द्वारा उन्हें मार गिराने का दावा किया है। ISKP कारी इस्माइल को अपने विरोधी मत अहले हदीस समूह की विचारधारा से जुड़ा मानता है।

परिजन बता रहे आत्महत्या

हालाँकि, चरमपंथी संगठन ISKP के इस बयान को तालिबान भुना सकता है। तालिबान ISKP के खिलाफ अपनी लड़ाई में चीन का साथ मिलने की उम्मीद जताए बैठा है। वहीं इन खबरों के मीडिया में सामने आने के बाद तारिक जमील का परिवार सामने आया है। मृतक के भाई युसूफ जमील ने वीडियो जारी कर के इस घटना को आत्महत्या करार दिया। युसूफ का कहना है कि उनके भाई आसिम काफी दिनों से बीमार चल रहा था जिसके इलाज के लिए बिजली के झटके दिए जा रहे थे।

घटना के दिन का जिक्र करते हुए यूसुफ ने दावा किया कि उनके भाई ने मानसिक तौर पर परेशान को हो कर घर की सुरक्षा में तैनात गार्ड की बंदूक छीनी और खुद को गोली मार ली।

इस मामले में छाती में गोली लगने से आत्महत्या के दावों पर शंका की जा रही है। हालाँकि पुलिस ने घर के आसपास लगे CCTV फुटेज निकलवाए हैं जिन्हे फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजा गया है। पुलिस इस मामले में जाँच के ही बाद किसी निष्कर्ष पर आने की बात कही है।

हूर के जिक्र से हुए मशहूर

बताते चलें कि मौलाना तारिक जमील अक्सर अपनी मज़हबी तकरीरों में जन्नत की हूरों का जिक्र किया करते हैं। वो बताते हैं कि जन्नत में बईदक नाम की नहर है जो मोतियों से ढकी है। हूरें इसी इसी नहर से पैदा होती हैं। मौलाना के अनुसार, “बईदक में मुसकामबर जाफ़रान का हूर बहता है। जब अल्लाह किसी जन्नत की लड़की को बनाने का हुक्म फरमाता है तो अपने नूर की तजल्ली डालता है। पूरी 130 फीट की लड़की निकल कर बाहर आ जाती है। फुल ड्रेस्ड।”

मौलाना जमील के अनुसार, “जन्नत की लड़की सिर्फ सूरज को ऊँगली दिखा दे तो सूरज नजर नहीं आएगा, क्योंकि जन्नत की हूर का साइज 130 फ़ीट है। उसके इतने लम्बे बाल होते हैं कि जब सर हिलाती है तो पूरे जन्नत में सर्च लाइट जल जाती है।”

आमिर खान के साथी, जिन्ना की ‘चूसी उँगली’

मौलाना तारिक जमील तब्लीगी जमात से जुड़े हुए हैं। अगस्त 2020 में उनके वायरल हुए एक वीडियो में उनको पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की ‘शहद से भरी उंगलियाँ’ सपने में चूसने का जिक्र करते के बारे में बताया है। इस दौरान उन्होंने उँगलियों से शहद निकलने का दावा किया। अक्टूबर 2012 में सऊदी अरब में हज के दौरान मौलाना तारिक जमील और भारतीय अभिनेता आमिर खान की मुलाकात हुई थी। इस मुलाकात की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हुईं थीं।

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तान में अज्ञात लोगों द्वारा कई वांटेड आतंकियों को गोली मारने की घटनाएँ सामने आईं हैं। इन घटनाओं के बाद पनाह लिए आतंकियों में काफी दहशत है।

20 दिन तक 5 लोग करते रहे 19 साल की लड़की से गैंगरेप: आसिम और अरशद ने किया था अपहरण, जेबा और सायरा नाम की महिलाएँ भी दे रही थीं साथ

उत्तर प्रदेश के संभल में सोमवार (30 अक्टूबर, 2023) को गैंगरेप की ऐसी हैरान करने वाली वारदात सामने आई है, जिसने लोगों को हिलाकर रख दिया है। संभल में एक 19 साल की लड़की का अपहरण करने के बाद उसका रेप किया गया, फिर उसे मुरादाबाद ले जाया गया। यहाँ पर एक घर में कैद करके कई दिनों तक पाँच लोगों ने उसका गैंगरेप किया। यही यहीं, इस काम में दो महिलाओं ने भी अपहरणकर्ताओं और गैंगरेप करने वालों का साथ दिया है। पीड़ित लड़की किसी तरह से बीसवें दिन उनकी चंगुल से निकल कर भागने में सफल रही।

पीड़ित लड़की जब घर पहुँची, तो उसने घर वालों को इसकी सूचना दी। उसकी खराब हालत को देखते हुए पहले तो उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका लंबा इलाज चला। इसके बाद जब उसकी हालत में सुधार हुआ, तो पुलिस को खबर दी गई। जानकारी के मुताबिक, संभल कोतवाली पुलिस ने सातों आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और उनकी तलाश शुरू कर दी है।

एफआईआर के मुताबिक, आसिम और मोहम्मद अरशद ने 27 सितंबर को ही संभल से उसका अपहरण किया था। इसके बाद दोनों ने उसके साथ रेप किया। दोनों उसे नशीला पदार्थ खिलाकर मुरादाबाद ले गए और आशिक खान नाम के व्यक्ति के घर में कैद कर लिया। यहाँ तीनों ने उसके साथ रेप किया। इसके बाद फैज़ आलम और सोनी हुसैन नाम के दो अन्य व्यक्ति भी इस गैंगरेप कांड में शामिल हो गए। उन लोगों ने लड़की की पिटाई भी की और उसे चुप रहने के लिए मजबूर करते रहे।

अपराध में जेबा खान और सायरा बेगम ने भी दिया साथ

पीड़ित के मुताबिक, इस मामले में जेबा खान और सायरा बेगम नाम की दो महिलाओं ने भी हैवानों का साथ दिया। वो किसी तरह से 12 अक्टूबर को उनकी कैद से भागने में कामयाब हो पाई और किसी तरह से अपने घर पहुँची। यहाँ परिजनों ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जब उसकी हालत में सुधार हुआ तो उसने पुलिस से संपर्क किया और मामले में FIR दर्ज कराई।

लड़की का कराया मेडिकल, सभी आरोपित फरार

इस वारदात के बारे में मीडिया से बात करते हुए संभल कोतवाली के सीओ, डीएसपी जितेंद्र कुमार सरगम ने कहा, “एक महिला ने 7 लोगों के खिलाफ अपहरण और सामूहिक बलात्कार का आरोप लगाया और प्रारंभिक जाँच के बाद हमने सभी आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है।” उन्होंने कहा कि पीड़िता को मेडिकल जाँच के लिए भेजा गया और हमने CRPC की धारा 161 के तहत उसका बयान दर्ज किया है।

पुलिस ने 7 आरोपितों पर धारा 376 डी (सामूहिक बलात्कार), 366 (शादी के लिए मजबूर करने के लिए एक महिला का अपहरण करना), 323 (जानबूझकर चोट पहुँचाना), 328 (ज़हर के माध्यम से नुकसान पहुँचाना), 344 (10 से अधिक दिनों तक बंधक बनाना) और भारतीय दंड संहिता (IPC) की 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

यूट्यूबर ने सांसद से हाथ मिलाया और घोंप दिया चाकू: तेलंगाना में चुनाव प्रचार कर रहे थे सीएम KCR की पार्टी के नेता, ‘दलित बंधु’ का लाभ नहीं मिलने से था नाराज़

तेलंगाना के सिद्दीपेट में बीआरएस सांसद कोठा प्रभाकर रेड्डी पर चुनाव प्रचार के दौरान एक व्यक्ति ने जानलेवा हमला किया। वो चुनाव प्रचार के दौरान लोगों से मिल रहे थे, तभी उन्हें एक व्यक्ति ने हाथ मिलाने के बाद चाकू घोंप दिया। कोठा प्रभाकर रेड्डी दुब्बक विधानसभा क्षेत्र से भारत राष्ट्र समिति (BRS) पार्टी के उम्मीदवार हैं। हमले के समय वो दुब्बक क्षेत्र के सुरमपल्ली गाँव में एक चुनाव अभियान में हिस्सा ले रहे थे।

इस हमले में वो घायल हो गए, जिसके तुरंत बाद मौके पर मौजूद BRS कार्यकर्ताओं ने आरोपित को पकड़ लिया। कोठा प्रभाकर रेड्डी को इलाज के लिए तुरंत गजवेल अस्पताल ले जाया गया, और फिर बाद में उन्हें हैदराबाद के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल वो खतरे से बाहर हैं।

सिद्दीपेट की कमिश्नर एन श्वेता ने ANI से बातचीत में कहा, “सांसद कोठा प्रभाकर रेड्डी सुरक्षित हैं। ये घटना दौलताबाद मंडल के सुरमपल्ली गाँव में हुई। उन्हें गजवेल अस्पताल में भर्ती कराया गया। हमने हमलावर को पकड़ लिया है और मामले की जाँच कर रहे हैं।”

यूट्यूबर के तौर पर हुई हमलावर की पहचान

‘न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ के मुताबिक, हमलावर की पहचान हो चुकी है। हमलावर करीमनगर का रहने वाला राजू है। वो यूट्यूब के माध्यम से पत्रकारिता करता है। राजू ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उसने सांसद से उसे ‘तेलंगाना दलित बंधु योजना’ का लाभार्थी बनाने के लिए कहा था लेकिन सांसद ने इसे मंजूरी नहीं दी थी। सांसद से हाथ मिलाते समय राजू चाकू निकाल लाया और उससे सांसद के पेट में घोंप दिया।

स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में की मुलाकात

मंत्री तन्निरु हरीश राव ने कोठा प्रभाकर रेड्डी से मुलाकात की, जिनका हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में इलाज चल रहा है। ये जानकारी प्रभाकर रेड्डी के एक्स हैंडल पर पोस्ट की गई है, जिसमें उनकी अस्पताल की तस्वीर भी है।

सिर्फ ₹3000 में ही केरल में किए 6 बम प्लांट, दुबई में भी रहा है डोमिनिक मार्टिन: रिपोर्ट में दावा- जिस प्रार्थना सभा में किया ब्लास्ट, उसमें सास भी थी मौजूद

केरल के एर्नाकुलम में ‘यहोवा के साक्षी’ (Jehovah’s Witnesses) की प्रार्थना सभा में धमाका करने वाले डोमिनिक मार्टिन के बारे में नया खुलासा हुआ है। साथ ही यह भी सामने आया है कि डोमिनिक 2 माह पहले ही दुबई से केरल लौटा था। इससे पहले 2 वर्ष तक दुबई में काम कर रहा था। इस धमाके में 3 लोगों की मौत हो गई है जबकि लगभग 50 लोग घायल हुए हैं।

धमाका करने के बाद डोमिनिक मार्टिन ने खुद ही थ्रिसुर के एक थाने में जा कर आत्मसमर्पण कर दिया था और इस धमाके की जिम्मेदारी ली थी। उसने आत्मसमर्पण करने से पहले एक फेसबुक लाइव भी किया था। इसमें उसने बताया था कि ‘यहोवा के साक्षी’ देश विरोधी बातें करते हैं इसलिए उसने यह धमाका किया। अंग्रेजी समाचार चैनल ‘इंडिया टुडे’ से बात करते हुए डोमिनिक के मकान मालिक जलील ने बताया है कि वह अपने परिवार के साथ बीते साढ़े 5 वर्षों से उनके मकान में रह रहा है। वह यहाँ पर रह कर इंग्लिश स्पीकिंग की क्लास चलाता था।

कोरोना महामारी के दौरान उसका यह काम मंदा पड़ने के कारण वह दुबई चला गया और वहाँ उसने 2 वर्ष तक काम किया। इसके पश्चात वह भारत आ गया। ज़लील ने यह भी बताया है कि डोमिनिक को प्लम्बर का काम बहुत अच्छे से आता था। डोमिनिक के साथ उसका बेटा और बेटी भी यहीं रहते थे।

डोमिनिक मार्टिन का बेटा वर्तमान में इंग्लैंड में रहता है। उसकी पत्नी को भी उसके इन इरादों की जानकारी नहीं थी, वह धमाके वाले दिन जल्दी सुबह ही घर से निकल गया था। यह भी सामने आया है कि सुबह पति-पति में किसी बात को लेकर लड़ाई भी हुई थी। वहीं अन्य रिपोर्ट्स में डोमिनिक के दुबई में रहने को लेकर अलग-अलग दावे किए गए हैं। एबीपी न्यूज ने बताया है कि वह 15 वर्ष दुबई में रहा था और वहाँ इलेक्ट्रीशियन के तौर पर काम करता था। केरल की समाचार वेबसाइट ऑनमनोरमा ने बताया है कि वह 6 वर्षों बाद धमाका करने के लिए दुबई से लौटा था।

इस बीच डोमिनिक मार्टिन ने कई खुलासे पुलिस की पूछताछ में किए हैं। डोमिनिक ने बताया है कि उसने पिछले 6 महीने में बम बनाना सीखा है। इसके लिए उसने इंटरनेट का सहारा लिया। उसने यह भी बताया है कि बम बनाने के लिए उसने कुल ₹3000 रुपए खर्चे।

डोमिनिक ने पुलिस को बताया कि उसने बम बनाने के लिए 50 गुंडू (एक प्रकार का पटाखा) और आठ लीटर पेट्रोल का उपयोग किया है। उसने यह सब विस्फोटक येहोवास विटनेस प्रार्थना सभा में 6 जगह रखे थे। उसने पुलिस के सामने अपना दावा मजबूत करने के लिए इस धमाके की वीडियो भी फ़ोन में रिकॉर्ड की थी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मार्टिन ने जिस प्रार्थना सभा में धमाका किया उसमें उसकी सास भी मौजूद थीं।

जिस महिला की नग्न लाश का हमास ने निकाला जुलूस, उसकी मौत की हुई पुष्टि: आतंकियों को क्लीन-चिट देने के लिए कपड़ों और लिंग की बात कर रहा था इस्लामी गिरोह

इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने जिन जर्मन महिला शानी लौक की नग्न लाश को गाजा में एक पिकअप ट्रक में डाल कर परेड करवाई थी, उनकी मौत की पुष्टि हो गई है। इससे पहले शानी की माँ ने दावा किया था कि वह जीवित हैं और गाजा के एक अस्पताल में हैं।

शानी के विषय में इजराइल के विदेश मंत्रालय ने ‘X’ (पहले ट्विटर) पर एक ट्वीट में बताया है कि इजरायली-जर्मन नागरिक शानी लौक की मौत की पुष्टि कर ली गई है। वह हमास के हमले के दिन 7 अक्टूबर 2023, के बाद से गायब थीं। फिर उनकी मौत के बाद हैवानियत का वीडियो सामने आया था।

23 वर्षीय शानी जर्मन नागरिक थीं और हमास के हमले के समय दक्षिणी इजरायल के किब्बुत्ज़ इलाके में सुपरनोवा म्यूजिक फेस्टिवल में शामिल थीं। हमास के आतंकियों ने इस फेस्टिवल पर हमला करके 260 लोगों को मार दिया था और बड़ी संख्या में लोगों को अगवा किया था। अगवा किए जाने वालों में शानी भी एक थीं।

शानी की डेड बॉडी को नग्न कर के हमास के आंतकियों ने यह कह कर प्रदर्शित किया था कि यह एक इजरायली महिला सैनिक की लाश है। हालाँकि, बाद में शानी की पहचान सामने आई थी। यह स्पष्ट नहीं हो पाया था कि जब शानी को हमास के आतंकियों ने अगवा किया था तब वह जीवित थी या मृत।

शानी की देह पिकअप ट्रक पर देख कर यह कहा गया था कि आतंकियों ने उन्हें मार दिया है लेकिन कुछ दिनों बाद ही उनकी माँ रिकार्डा ने यह दावा किया था कि उनकी बेटी गाजा के एक अस्पताल में जीवित है और गंभीर हालत में है। शानी की मौत पर सोशल मीडिया पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने उनका मजाक उड़ाया था और उनके साथ हुई नृशंसता पर संवेदनहीनता दर्शाई थी। यहाँ तक कि शानी की देह को नग्न घुमाए जाने पर भी इसे सही ठहराया था।

एक अकाउंट ने जहाँ उसकी मृतप्राय देह के साथ बलात्कार करने की बात कही थी। ट्विटर पर लगातार घृणा फैलाने वाले अली सोहराब ने यह सिद्ध करने का प्रयास किया था शानी कोई महिला नहीं बल्कि पुरुष है।

प्रोफ़ेसर नूरुल नाम के एक अकाउंट ने शानी के मृत शरीर को नग्न घुमाए जाने पर कहा था कि हमास ने उतने ही कपड़े दिखाए हैं जितनी इजरायली महिलाएँ पहनती हैं। यहाँ तक कि ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की पूर्व पत्रकार इरेना अकबर ने भी यह कह कर हमास के पापों को धुलने का प्रयास किया था कि वह उतने ही कपड़े पहने हुए थी।

इस्लामी कट्टरपंथियों ने शानी का इन्स्टाग्राम अकाउंट खोज कर भी उस पर भद्दे कमेंट्स किए थे और उनकी मृत्यु और अगवा किए जाने का मजाक उड़ाया था। अब शानी का शव का बरामद हो गया है और यह भी स्पष्ट हो गया है कि वह मृत हैं।

किसी को गरबा खेलते तो किसी को जिम करते आया हार्ट अटैक, बोले स्वास्थ्य मंत्री- जो हुए थे कोरोना संक्रमित वे ज्यादा भागदौड़ न करें

अहमदाबाद के रवि पांचाल 28 साल के थे। गरबा खेलते हुए हार्ट अटैक आया और मौत हो गई। सूरत के 26 साल के रोहित राठौड़ के की भी इसी तरह मौत हुई थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गुजरात में गरबा खेलते हुए हार्ट अटैक से कम से कम 6 मौतें हुई है। राज्य में नवरात्र के दौरान कम से कम 22 लोगों की जान हार्ट अटैक से गई है।

यह केवल गुजरात तक ही सीमित नहीं है। हाल के समय में देशभर से युवाओं की हार्ट अटैक से मौत के कई मामले सामने आए हैं। इनमें से कई मामलों में तो हार्ट अटैक कसरत करते समय आए थे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने एक अध्ययन का हवाला देते हुए इसके पीछे कोविड संक्रमण को वजह बताया है।

उन्होंने कहा है कि जिन लोगों को बीते समय में गंभीर कोविड हुआ है, वह आराम करें और ज्यादा काम ना करें। मांडविया ने कहा, “ICMR ने इस विषय पर एक विस्तृत स्टडी की है। स्टडी का कहना है कि जिन लोगों को बीते समय में कोविड की गंभीर समस्या हुई है और ज्यादा समय नहीं बीते है, ऐसे लोगों को अधिक मेहनत नहीं करनी चाहिए। इन लोगों को दौड़ने या ज्यादा काम करने से एक से दो साल तक परहेज करना चाहिए ताकि हार्ट अटैक से बचा जा सके।”

एक रिपोर्ट बताती है कि नवरात्रि के दौरान 15 अक्टूबर से 22 अक्टूबर बीच गुजरात में एम्बुलेंस सेवा 108 को 750 फ़ोन ह्रदय से सम्बंधित समस्याओं को लेकर आईं। गुजरात सरकार ने गरबा पांडाल के बाहर एक एम्बुलेंस की तैनाती सुनिश्चित करने को भी कहा था।

बीते कुछ समय में यह भी देखने को मिला है कि किसी भी तरह की शारीरिक गतिविधि करने वाले लोग एकाएक हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं। जिम करते हुए युवाओं को हार्ट अटैक की कई खबरें भी इस दौरान आई हैं।

सितम्बर माह में गाजियाबाद से एक मामला सामने आया कि ट्रेडमिल पर दौड़ रहे एक 26 वर्षीय युवा को हार्ट अटैक आया और वह ट्रेडमिल से गिर पड़ा। अस्पताल ले जाए जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर से एक घटना सामने थी आई जहाँ एक मूवी थिएटर में सामान्य रूप से चलते हुए एक युवक को हार्ट अटैक आया और उसकी मौत हो गई।

डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे लोग जो सिगरेट आदि पीते हैं आया जिन्हें साँस सम्बंधित समस्याएँ हैं, वह जिम के दौरान अधिक सावधानी बरतें। कुछ विशेषज्ञों का भी कहना है कि कोरोना से प्रभावित लोगों के फेफड़ों की क्षमता कम हो जाती है और जब इस पर जोर पड़ता है तो लोगों को हार्ट अटैक जैसी समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है।

‘₹338 करोड़ ट्रांसफर किए जाने का लिंक मिला, काफी चीजें संदेहास्पद’: पढ़िए सुप्रीम कोर्ट ने क्यों मनीष सिसोदिया को नहीं दी जमानत, BJP बोली – अब केजरीवाल की बारी

शराब घोटाले में फँसे दिल्ली के पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। इस फैसले के बाद भाजपा नेताओं ने सिसोदिया और आम आदमी पार्टी (AAP) पर कड़े आरोप लगाए हैं। भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से आप के सभी बचाव और झूठ का पर्दाफाश हो गया है। वहीं, मनोज तिवारी ने कहा कि इस फैसले से साबित हो गया है कि मनीष सिसोदिया और AAP भ्रष्ट हैं।

उन्होंने कहा कि अब AAP के शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी करीब है और केजरीवाल भी गिरफ्तार हो सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एसवीएन भट्टी की बेंच ने सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई की। जस्टिस खन्ना ने जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि 338 करोड़ रुपए के इस लेनदेन का लिंक मिला है, इसीलिए हम सिसोदिया की बेल याचिका को खारिज करते हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के बाद भारतीय जनता पार्टी ने आम आदमी पार्टी और उसकी लीडरशिप पर जोरदार हमला बोला।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विश्लेषण में कई ऐसे पहलू मिले हैं जो संदेहास्पद हैं। जैसे, 338 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए जाने की बात प्रतीत हो रही है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कई कानूनी सवालों के जवाब सीमित तरीके से ही दिए गए हैं। फ़िलहाल तक की जाँच से प्रतीत होता है कि 338 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए।

आम आदमी पार्टी के झूठ बेनकाब, सामने आ गया पैसों का कनेक्शन

दिल्ली शराब नीति मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली के पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज किए जाने पर बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने कहा, “ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने भी मनीष सिसोदिया को जमानत देने से इनकार कर दिया है। आम आदमी पार्टी की ओर से किए गए सारे बचाव सुप्रीम कोर्ट में बुरी तरह से फेल रहे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 338 करोड़ रुपए का मनी ट्रेल लिंक जुड़ चुका है। इस मामले में आम आदमी पार्टी पूछ रही थी कि मनी ट्रेल कहाँ है? लोगों को इस झूठ से बरगलाया जा रहा था कि मनी ट्रेल नहीं है, आरोप झूठे हैं, लेकिन वो कब तक झूठ बोलेंगे? तब तक अरविंद केजरीवाल इन लोगों का बचाव करते रहेंगे?”

मनोज तिवारी बोले, अब केजरीवाल की बारी

इस मामले में भाजपा सांसद और दिल्ली भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद साबित हो गया है कि मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचार में पूरी तरह से डूबे हुए हैं। अब ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ से शीर्ष नेताओं की भी गिरफ्तारी एकदम करीब है। इस मामले में अरविंद केजरीवाल भी गिरफ्तार होंगे और जेल जाएंगे।

मनीष को सीबीआई ने 26 फरवरी को किया था गिरफ्तार

बता दें कि मनीष सिसोदिया को पहले सीबीआई ने 26 फरवरी, 2023 को उत्पाद शुल्क नीति से संबंधित एक मामले में गिरफ्तार किया था और बाद में 9 मार्च को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई द्वारा दर्ज की गई FIR में सिसोदिया और अन्य को 2021-22 की आबकारी नीति के संबंध में ‘सिफारिश’ करने और ‘निर्णय लेने’ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आरोप लगाया गया। केंद्रीय एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि सिसोदिया को इसलिए गिरफ्तार किया गया क्योंकि उन्होंने गोल-मोल जवाब दिए और सबूतों के सामने आने के बावजूद जांच में सहयोग करने से इनकार कर दिया।

दूसरी ओर, प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप लगाया है कि कुछ निजी कंपनियों को थोक व्यापार में 12 प्रतिशत का लाभ देने की साजिश के तहत उत्पाद शुल्क नीति लागू की गई थी, हालाँकि, मंत्रियों के समूह की बैठकों के मिनटों में ऐसी किसी शर्त का उल्लेख नहीं किया गया था। एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि थोक विक्रेताओं को असाधारण लाभ मार्जिन देने के लिए विजय नायर और साउथ ग्रुप के साथ अन्य व्यक्तियों द्वारा एक साजिश रची गई थी। एजेंसी के मुताबिक, नायर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया की ओर से काम कर रहे थे।

सीबीआई और ईडी की ओर से दर्ज किए गए दोनों मामलों में सिसोदिया की जमानत याचिकाएँ दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल ने 31 मार्च और 28 अप्रैल को खारिज कर दी थी। वहीं, 3 जुलाई को दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी में पिछली शराब नीति के कार्यान्वयन से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सिसोदिया को जमानत देने से इनकार कर दिया था। इससे पहले, 30 मई को हाईकोर्ट ने शराब नीति के संबंध में सीबीआई द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

मनीष सिसोदिया ने इन दोनों फैसलों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

कश्मीर में यूपी के हिन्दू मजदूर को आतंकियों ने मार डाला, 1 दिन पहले पुलिस अधिकारी को मार दी थी गोली

दक्षिण कश्मीर के पुलवामा इलाके में आतंकियों ने एक प्रवासी मजदूर की हत्या कर दी है। मृतक का नाम मुकेश है जो मूलतः उत्तर प्रदेश का रहने वाला था। मृतक का पोस्टमॉर्टम करवाया जा रहा है। घटना सोमवार (30 अक्टूबर, 2023) की है। आतंकियों की तलाश में पुलिस और पैरामिलिट्री ने इलाके को घेर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला पुलवामा के नौपोरा इलाके का है। यहाँ के तुमची क्षेत्र में सोमवार को पुलिस को एक व्यक्ति के घायल होने की सूचना मिली। मौके पर पहुँची पुलिस ने घायल की पहचान मुकेश के तौर पर की। उत्तर प्रदेश से मजदूरी करने आए मुकेश को गोली लगी थी। पुलिस घायल को अपने साथ अस्पताल ले जाने लगी। रास्ते में मुकेश ने दम तोड़ दिया। मुकेश की हत्या आतंकियों द्वारा किए जाने की आशंका है। पुलिस ने पैरामिलिट्री के साथ मिल कर इलाके को घेर कर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

इस मामले में कश्मीर पुलिस के DGP दिलबाग सिंह का बयान आया है। उन्होंने कहा कि पुलिस टीमें हमलावरों की पहचान में जुटी हुई हैं। जाँच और कार्रवाई के लिए ADG स्तर के अधिकारी की टीम काम पर लगाई गई है। DGP का दावा है कि जाँच दल को पुख्ता सबूत मिले हैं।

1 दिन पहले इंस्पेक्टर को बनाया था निशाना

आतंकियों द्वारा उन्नाव जिले के मुकेश की हत्या से 1 दिन पहले कश्मीर में आतंकियों ने पुलिस के एक इंस्पेक्टर को निशाना बनाया था। घटना श्रीनगर के ईदगाह क्षेत्र की है जहाँ पुलिस इंस्पेक्टर मसरूर अहमद कुछ बच्चों के साथ क्रिकेट खेल रहे थे। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल मसरूर अहमद का इलाज अस्पताल में चल रहा है। इंस्पेक्टर पर हमला करने वालों की तलाश की जा रही है।

पहले भी हुए हैं गैर प्रदेशों से आए लोगों पर हमले

बताते चलें कि कश्मीर में प्रवासी मजदूरों पर हमले की ये पहली घटना नहीं है। इस से पहले भी सिलसिलेवार ढंग से गैर-मुस्लिम व्यापारियों को निशाना बनाया गया था। गुरुवार (13 जुलाई, 2023) को शोपियाँ के गगरान गाँव में 2 नकाबपोश आतंकियों ने बिहार के मजदूर पिंटू, हीरालाल और अनमोल को गोली मार दी थी। तीनों को गंभीर हालात में अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।

इसके अलावा अक्टूबर 2022 को शोपियां में उत्तर प्रदेश के कन्नौज से कमाने गए मजदूर मोनिश कुमार और राम सागर पर ग्रेनेड फेंका गया था। इस हमले में दोनों की मौत हो गई थी। इस हमले को इमरान बशीर गनी ने अंजाम दिया था जिसका संबंध लश्कर-ए-तैय्यबा से पाया गया था। आतंकी को गिरफ्तार कर लिया गया था।