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जिस मोहम्मद रिजवान ने गाजा को समर्पित की थी जीत, ‘राजस्थान रॉयल्स’ ने बाँधे उसकी तारीफों के पुल: डिलीट किया ट्वीट तो पाकिस्तानियों को लगी मिर्ची

‘इंडियन प्रीमियर लीग (IPL)’ की फ्रेंचाइजी ‘राजस्थान रॉयल्स’ हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ ICC विश्व कप 2023 में मैच जिताने वाली पारी के बाद पाकिस्तान के विकेटकीपर मुहम्मद रिजवान के समर्थन में अपने ट्वीट के बाद चर्चा में थी। रॉयल्स ने रिजवान की 131 रन की नाबाद पारी की सराहना की जिससे पाकिस्तान को 345 रन का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिली और यह वनडे विश्व कप के इतिहास में सबसे सफल रन चेज का रिकॉर्ड बन गया।

रॉयल्स ने 10 अक्टूबर को एक्स पर ट्वीट किया, “आर फॉर रेस्पेक्ट। आर फॉर रिज़वान।” लेकिन फ्रेंचाइजी की सोशल मीडिया टीम ने भारतीय प्रशंसकों की प्रतिक्रिया का सामना करने के बाद पोस्ट को हटा दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एडमिन को भी ‘राजस्थान रॉयल्स’ ने निकाल दिया है।

राजस्थान रॉयल्स द्वारा ट्वीट हटाए जाने पर पाकिस्तानियों को मिर्ची लग गई है। वो राजस्थान रॉयल्स और भारतीयों पर जमकर भड़ास निकाल रहे हैं। फरीद खान नाम के पाकिस्तानी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “राजस्थान रॉयल्स ने मोहम्मद रिज़वान के लिए तारीख वाला ट्वीट हटा दिया है और एडमिन को भी निकाल दिया है। एक और शर्मनाक कृत्य!”

फाजिला नाम की पाकिस्तानी यूजर ने इसे भारतीयों की छोटी सोच करार दिया।

शहरयार नाम के यूजर का दुख भी देख लीजिए, वो लिखता है, “पाकिस्तानियों के लिए किसी को भी कुछ अच्छा लिखने की इजाजत नहीं है। राजस्थान रॉयल्स को अपना ट्वीट डिलीट करना पड़ा।”

बता दें कि इस मैच के दौरान रिजवान कई बार दर्द से कराहते दिखे थे। मैच के बाद जब उन्हें प्रेंजेंटर ने चोट के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि ये कई बार सही होता है और कई बार लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए। उनके इस बयान की तीखी आलोचना भी हुई थी। उनकी इन्हीं हरकतों की वजह से संभवत: ‘राजस्थान रॉयल्स’ ने ट्वीट हटाया हो। इस बारे में राजस्थान रॉयल्स से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।

रिजवान के खिलाफ ICC से शिकायत

इस बीच, हैदराबाद में पाकिस्तान की जीत के बाद मैदान पर नमाज पढ़ने को लेकर भारतीय वकील विनीत जिंदल ने रिजवान के खिलाफ आईसीसी में शिकायत भी दर्ज कराई है। जिंदल वही वकील हैं जिन्होंने 2014 में पाकिस्तानी एंकर जैनब अब्बास के खिलाफ उनके भारत विरोधी और हिंदू विरोधी ट्वीट्स को लेकर शिकायत दर्ज की थी। इसके बाद जैनब को वापस पाकिस्तान भेज दिया गया था। इस मामले में जैनब ने माफी भी माँगी थी।

‘जो जिम्मेदार हैं उन पर कार्रवाई हो’: गाजा के अस्पताल पर हमले की PM मोदी ने की निंदा, तेल अवीव पहुँचे अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा- इसमें इजरायल का हाथ नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन बुधवार (18 अक्टूबर 2023) को इजरायल के तेल अवीव पहुँचे। वहाँ उन्होंने इजरायल के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। बायडेन ने गाजा के एक अस्पताल पर हुए हमले में इजरायल का हाथ होने से इनकार कर दिया। इस अस्पताल पर रॉकेट से हमले में 500 से अधिक लोगों की मौत हो गई है।

वहीं, इस मामले में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने अस्पताल पर हमले की निंदा की है। इसके साथ ही उन्होंने हमले के जिम्मेदार पर कार्रवाई की माँग की है। वहीं, इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने इसे ‘इस्लामिक जेहाद’ संगठन की करतूत बताते हुए ऑडियो-वीडियो सबूत जारी किए हैं।

जो बायडेन ने किया इजरायल का बचाव

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने तेल अवीव पहुँचकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की और इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर अपनी प्रतिबद्ध दोहराई। बायडेन ने गाजा पट्टी में स्थित अस्पताल पर इजरायल के हमले से इनकार किया और कहा कि इजरायल ने ‘हर संभव प्रयास’ के साथ अस्पताल को बचाने की कोशिश की थी।

पीएम नरेंद्र मोदी ने की जवाबदेही तय करने की माँग

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अस्पताल पर हमले की निंदा की और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की माँग की। पीएम मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “गाजा के अल अहली अस्पताल में लोगों की दुखद क्षति से गहरा सदमा लगा।”

पीएम मोदी ने कहा, “पीड़ितों के परिवारों के प्रति हमारी हार्दिक संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना करता हूँ। जारी संघर्ष में नागरिकों की हताहत होना गंभीर और निरंतर चिंता का विषय है। इसमें शामिल लोगों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।”

गाजा शहर के अल-अहली अरब अस्पताल में मिसाइल हमले में सैकड़ों लोगों के मारे जाने की सूचना के बाद मंगलवार (17 अक्टूबर 2023) की रात को इजरायली सेना ने कहा कि ये हमला उसने नहीं किया है।

इस मामले में इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने आतंकी संगठन ‘इस्लामिक जिहाद’ के हमले का ऑडियो-वीडियो सबूत जारी किया है। इस वीडियो में हमले वाली जगह को दिखाया गया है।

वीडियो के बाद आईडीएफ ने हमास के दो कमांडरों की बातचीत का ऑडियो शेयर किया है, जिसमें साफ तौर पर हमास का एक कमांडर दूसरे को बता रहा है कि इस्लामिक जेहाद के हमलावर का रॉकेट भटककर अस्पताल पर गिरा है। ये हमला अस्पताल के परिसर में ही स्थित कब्रिस्तान से किया गया।

हमास के हमले में करीब 1400 इजरायलियों की मौत

गौरतलब है कि हमास के हमलों में इजरायल के करीब 1,400 लोगों की मौत हुई है। 3,000 से ज्यादा घायल हैं। हमास ने इस हमले में करीब 250 इजरायली नागरिकों को बंधक भी बना लिया था। इजरायली बंधकों को छुड़ाने और हमास को मिटाने के लिए गाजा की घेराबंदी कर दिया है।

इसके साथ ही उन्होंने बिजली, पानी, राशन की सप्लाई भी रोक दी है। इजरायल के जवाबी कार्रवाई में करीब तीन हजार आतंकी मारे गए हैं। इजरायल वार टीम ने एक एक्स पोस्ट के जरिए बताया है कि इजरायल को टारगेट कर हमास के दागे रॉकेट में से 30 से 40% मिसफायर होकर गाजा पट्टी में ही गिरे हैं।

2 समलैंगिकों ने सुप्रीम कोर्ट परिसर में ही कर ली सगाई, 1 दिन पहले ठुकरा दी गई थी क़ानूनी मान्यता वाली इनकी माँग

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (17 अक्टूबर 2023) को समलैंगिक शादी यानी सेम सेक्स मैरिज को कानूनी मान्यता देने से इनकार कर दिया। इस याचिका को डालने वाले याचिकाकर्ताओं में शामिल अनन्य कोटिया और उत्कर्ष सक्सेना ने कोर्ट के इस फैसले के एक दिन बाद बुधवार (18 अक्टूबर 2023 ) को कोर्ट के लॉन में सगाई कर ली।

इसे लेकर अनन्य कोटिया ने अपने एक्स हैंडल पर जानकारी दी है। कोटिया ने पोस्ट किया, “कल दुख हुआ। आज मैं अदालत में वापस गया, जिसने हमारे अधिकारों को अस्वीकार कर दिया और अंगूठियों का आदान-प्रदान किया। इसलिए यह सप्ताह कानूनी नुकसान के बारे में नहीं था, बल्कि हमारी सगाई के बारे में था। हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।”

वहीं इस पोस्ट को उत्कर्ष सक्सेना ने भी अपने एक्स हैंडल पर रिपोस्ट किया। उत्कर्ष सक्सेना और अनन्य कोटिया की प्रेम कहानी बॉलीवुड फिल्म जैसी है। बस अंतर इतना है कि प्रेम में पड़े ये दोनों ही एक ही सेक्स यानी लड़के हैं। सुप्रीम कोर्ट के वकील उत्कर्ष सक्सेना ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में पीएचडी कर रहे हैं।

उनके साथी अनन्य कोटिया भी लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) में पीएचडी स्कॉलर हैं। दोनों की ये प्रेम कहानी दिल्ली यूनिवर्सिटी कॉलेज के दिनों शुरू हुई थी। ये वो वक्त था, जब भारत में समलैंगिकता (Homosexuality) एक अपराध था।

अनन्य कोटिया अपने लव स्टोरी को वेरी टिपिकल बताते हैं। वह कहते हैं, “हम हंसराज कॉलेज, डीयू में मिले। यह मेरा पहला साल था और उत्कर्ष अपने तीसरे साल में था और हम डिबेटिंग सोसायटी मिले। किसी भी दूसरे कॉलेज के युवाओं की तरह हमें भी प्यार हो गया और हम तब से साथ हैं।”

कोटिया कहते हैं कि लेकिन उनका रिश्ता सामान्य नहीं था, क्योंकि वे बहुत लंबे समय तक किसी के साथ अपना रिश्ता शेयर करने के काबिल नहीं थे। अनन्य ने कहा, “मुझे लगता है कि पहली बार हमने हम दोनों के बारे में बाहर किसी को बताया वो साल 2014 या 2013 था।”

युवा उत्कर्ष वकील के तौर पर इस केस का हिस्सा रहे। इस केस में 2017 में जस्टिस केएस पुट्टास्वामी बनाम भारत संघ का फैसला काफी अहम रहा। सुप्रीम कोर्ट की नौ जजों की बेंच ने सर्वसम्मति से 24 अगस्त 2017 के अपने इस ऐतिहासिक फैसले में ये ऐलान किया कि भारत के संविधान के तहत एकान्तता का अधिकार मौलिक अधिकार है। इस फैसले ने LGBTQ+ अधिकारों में अहम भूमिका निभाई।

इस समलैंगिक कपल का कहना था कि 2018 के ऐतिहासिक फैसले के बाद चीजें बदलने लगीं। वो कहते हैं, “हमने बहुत मुश्किल और लंबी लड़ाई लड़ी। समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के 5 साल बाद देश के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को निर्धारित किया कि समलैंगिक विवाह और नागरिक संघों को कानूनी मान्यता देने का अधिकार खास तौर से संसद और राज्य विधानसभाओं के पास है।”

कोर्ट ने कानूनों के निर्माता के बजाय उनके व्याख्याकार तौर पर अपनी भूमिका पर जोर दिया और कहा कि विवाह से संबंधित मामले विधायी निकायों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने भारत में अनगिनत LGBTQIA+ लोगों को निराश कर दिया है, क्योंकि वे अपने बढ़े हुए हकों और उनकी मंजूरी की उम्मीद कर रहे थे।

रईसुद्दीन ने दामाद रमेश चंद्र को घर बुलाया, फिर मार डाला: रस्सी से घोंट डाला बेटी का भी गला, फेंक दी दोनों की लाशें

मुंबई में हिन्दू युवक से शादी करने पर नाराज एक मुस्लिम लड़की के अब्बा ने अपनी बेटी और दामाद की हत्या कर दी है। 50 वर्षीय आरोपित का नाम गोरा रईसुद्दीन खान है। मृतक पति-पत्नी का नाम करन रमेश चंद्र और गुलनाज है। पुलिस ने इस मामले में कुल 3 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इसमें मृतका का भाई सलमान भी शामिल है। पुलिस 3 नाबालिगों को भी हिरासत में ले कर पूछताछ कर रही है। मुंबई पुलिस ने मंगलवार (17 अक्टूबर, 2023) को इस घटना का खुलासा किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई के RCF थानाक्षेत्र की पुलिस ने 14 अक्टूबर को कुएँ से एक युवक की लावारिस लाश बरामद की थी। यह लाश गोवंडी क्षेत्र के एक सुनसान पड़ी टेलिकॉम फैक्ट्री कैम्पस में मिली थी। तब पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति पर हत्या का केस दर्ज कर के शव और आरोपितों की पहचान के प्रयास शुरू कर दिए थे। पुलिस ने मृतक की तस्वीरों को शेयर कर के उसके बारे में जानकारियाँ जुटानी शुरू कर दीं। कुछ समय बाद पुलिस ने पता लगा लिया कि शव उत्तर प्रदेश के करन रमेश चंद्र का है।

पुलिस ने यह भी पता लगाया कि 22 वर्षीय करन रमेश चंद्र कुछ ही समय पहले अपनी 20 वर्षीया पत्नी गुलनाज के साथ मुंबई आया था। पुलिस ने गुलनाज की तलाश शुरू की तो वो भी गायब मिली। जाँच के दौरान पुलिस को यह जानकारी मिली कि गुलनाज का परिवार अपनी बेटी की करन से शादी से काफी नाराज था। लड़की के अब्बा गोरा रईसुद्दीन खान ने फोन कर के दोनों को मुंबई बुलाया था। इस दौरान रईसुद्दीन ने मामले को सुलझाने का भरोसा दिया था। हालाँकि, इस बुलावे को खान की साजिश माना जा रहा है।

पुलिस ने गोरा रईसुद्दीन और उसके बेटे सलमान को ले कर पूछताछ की। शुरू में झूठ बोलने के बाद अंत में दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। गोरा और सलमान ने बताया कि इस हत्या में उसका साथी मोहम्मद कैफ भी शामिल था। ये सभी बातचीत के बहाने करन को एक सुनसान इलाके में ले गए। यहाँ इन सबने मिल कर करन की हत्या कर दी और लाश को एक कुएँ में फेंक दिया। जब सलमान और उसके अब्बा गोरा घर लौट कर आए तो गुलनाज अपने पति के बारे में पूछताछ करने लगी।

बताया जा रहा है कि अपनी पोल खुल जाने और शिकायत किए जाने के डर से सलमान और रईसुद्दीन ने गुलनाज को भी गले को रस्सी से घोंट कर मार डाला। रईसुद्दीन ने अपनी बेटी की लाश को भी नवी मुंबई इलाके में फेंक दिया था। पुलिस ने इस घटना में पूछतछ के लिए 3 नाबालिगों को हिरासत में लिया है। सलमान और गोरा रईसुद्दीन के साथ तीसरे आरोपित मोहम्मद कैफ को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। इन तीनों को कोर्ट में पेश कर के विस्तृत पूछताछ के लिए 27 अक्टूबर तक का रिमांड लिया गया है।

‘जब हमारे भगवान नहीं मानते तो यहाँ क्यों आते हो?’: गुजरात के गरबा पंडाल में घुसे मुस्लिम युवक को दबोचा, उज्जैन में आधार कार्ड चेक करके प्रवेश

गुजरात के अहमदाबाद में नवरात्रि के अवसर पर चल रहे गरबा कार्यक्रम में घुसपैठ किए हुए एक मुस्लिम युवक को हिन्दू संगठनों ने पकड़ा है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बाद में उसे पंडाल से भगा दिया गया। वहीं, मध्य प्रदेश के उज्जैन में गरबा पंडाल में गैर-हिन्दुओं के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया गया है। आयोजकों ने बिना आधार कार्ड के पंडाल में इंट्री बैन कर दी है।

पहला मामला गुजरात के अहमदाबाद से है। यहाँ के YMCA क्लब में गरबा कार्यक्रम चल रहा था। इस बीच एक मुस्लिम युवक हिन्दू जैसे कपड़े पहनकर गरबा कार्यक्रम में शामिल हो गया। वहाँ मौजूद बजरंग दल के सदस्यों को उस व्यक्ति पर शक हुआ तो उसे रोककर पूछताछ की। इस दौरान उस व्यक्ति का आधार कार्ड चेक किया गया। आधार कार्ड से मुस्लिम युवक की असलियत सामने आ गई। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वीडियो में एक हिन्दू कार्यकर्ता कहते हुए सुनाईने कहा, “तुम भगवान में विश्वास नहीं करते तो यहाँ क्यों आए हो? यह कोई डिस्कोथेक नहीं है। यहाँ मत आओ।” बाद में हिन्दू संगठन के लोग मुस्लिम युवक को वहाँ से धक्का देकर भगा देते हैं। हिन्दू संगठनों ने आयोजकों से भी अपील की है कि वो नवरात्रि में गैर हिन्दुओं को गरबा पंडाल में न आने दें।

उज्जैन के गरबा पंडाल में हिन्दू को ही इंट्री

उज्जैन में एक गरबा आयोजक ने पोस्टर लगा कर गैर हिंदुओं से पंडाल में न आने की अपील की है। आयोजन समिति का नाम संकल्प संस्कृति संस्था है, जिसने अपने इस कदम को लव जिहाद पर रोक लगाने के लिए जरूरी बताया है।

इस संस्था के अध्यक्ष बहादुर सिंह राठौर ने आने वाले हिन्दुओं से भी तिलक लगाकर पंडाल में प्रवेश करने की अपील की है। उन्होंने यह भी कहा कि वो किसी धर्म के खिलाफ नहीं हैं और जिसे आना भी है वो अपने परिवार की महिलाओं को साथ लेकर आए।

पंडाल में इंट्री के दौरान लोगों के आधार कार्ड भी चेक किए जा रहे हैं। इस मामले में TOI से बात करते हुए उज्जैन के पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने इस निर्णय को आयोजक का व्यक्तिगत फैसला बताया।

जिस बक्सर में था महर्षि विश्वामित्र का आश्रम, वहीं के जनसेवक ने निभाया उनका किरदार: लाल किले वाली रामलीला में मोदी के मंत्री अश्विनी चौबे का अभिनय

दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला परिसर में ‘लव कुश कमेटी’ की तरफ से आयोजित हो रही मशहूर रामलीला में इस बार केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे खास रहे। उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम राम के गुरु महर्षि विश्वामित्र का किरदार निभाया।

बक्सर के सांसद ने इस दौरान महर्षि विश्वामित्र से अपने कनेक्शन के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि उनकी कर्मभूमि बक्सर ऐसा पावन स्थल है जहाँ खुद महर्षि विश्वामित्र ने अपना आश्रम बनाया था। इस वजह से उन्होंने रामलीला में गुरु विश्वामित्र का पात्र निभाने पर खुद को भाग्यशाली कहा। अश्विनी कुमार चौबे मोदी सरकार में केंद्रीय उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण के अलावा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मामलों के राज्य मंत्री हैं।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने आगे कहा कि बिहार के बक्सर से सांसद होने के नाते रामलीला में महर्षि विश्वामित्र जी का किरदार निभाना और भी खास हो जाता है। बक्सर महर्षि विश्वामित्र की तपोस्थली है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये भगवान विष्णु के प्रथम मनुज अवतार वामनावतार का स्थल है। उन्होंने कहा कि बक्सर की पावन भूमि पर पहुँच कर भगवान विष्णु के मानव अवतार श्रीराम ने गुरु विश्वामित्र के मार्गदर्शन में ताड़का राक्षसी का वध किया था।

केंद्रीय मंत्री ने ये भी कहा कि ये मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की पहली कर्मभूमि है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संस्कृति को रामलीला मंचन के जरिए नई पीढ़ी तक पहुँचाने की परंपरा अति सराहनीय है। उन्होंने कहा इससे युवा अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ते हैं। इस मंचन से पूरी दुनिया ये संदेश जाएगा कि भगवान राम को उनके गुरु विश्वामित्र ने अच्छी शिक्षा दी थी।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे हास्य कलाकार ब्रजेन्द्र काला के साथ (फोटो साभार: केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे एक्स हैंडल)

उन्होंने कहा कि बीते 9 साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बक्सर का सर्वांगीण विकास हुआ है। बक्सर पर्यटन के नजरिये से भारत सहित दुनिया के नक्शे में पर पहचाने जाना लगा है।

केंद्रीय मंत्री चौबे ने कहा कि बक्सर के रामायण सर्किट से जुड़ने और भारत की कई दिशाओं से सैलानी यहाँ पहुँचे हैं। गंगा में बड़े क्रूज के चलने से बड़ी संख्या में विदेशी सैलानियों को इस जगह के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को जानने मौका मिला। बक्सर के चारों तरफ सड़कों का जाल बिछने से सैलानियों को पटना से वाराणसी आने में सुविधा हुई। उन्होंने आगे कहा कि रामलीला में अभिनय करने का उद्देश्य भी यही है कि बक्सर के बारे में पूरी दुनिया और युवा पीढ़ी को जानकारी मिले।

उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से आधुनिकता की तरफ बढ़ रही है, इस वजह से पर्यटन के जरिए रोजगार के नए दरवाजे खुल रहे हैं। ऐसे में बक्सर के बारे में अधिक से अधिक प्रचार करने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इस दौरान उन्होंने बॉलीवुड के कलाकारों मुकेश ऋषि और ब्रजेन्द्र काला के साथ हुई आत्मीय मुलाकात के बारे में भी बताया।

कभी सनी लियोनी के साथ डेट तो कभी यूट्यूबर, मर्दाना ताकत की गारंटी भी देता था ‘सेक्स डॉक्टर’ अब्दुल्ला: हेल्थ डिपार्टमेंट की रेड के बाद हुआ फरार

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में राज्य स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार (16 अक्टूबर 2023) को अब्दुल्ला पठान नाम के एक यूट्यूबर के अस्पताल पर छापेमारी की। इस छापेमारी के बाद खुद को ‘सेक्स डॉक्टर’ बताने वाले अब्दुल्ला का अस्पताल सील कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल से एलोपैथिक, होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक दवाओं के कुल 33 नमूने लिए हैं। इन सभी सैम्पलों को जाँच के लिए लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब्दुल्ला का कथित अस्पताल मुरादाबाद के कुंदरकी इलाके में है। अब्दुल्ला ना सिर्फ सेक्स संबंधी, बल्कि किडनी और लीवर की समस्याओं की शर्तिया इलाज का दावा करता था। अब्दुल्ला की परामर्श फीस 200 रुपए थी, जो बीमारी को गंभीर बताकर और दवाओं के लिए मरीज से 5,000 से 50,000 रुपए तक ऐंठ लेता था।

बीमारी ठीक नहीं होने पर अब्दुल्ला पैसे वापसी की भी गारंटी देता था। हालाँकि, जब इन दवाओं से मरीजों को कोई फायदा नहीं होता था तब वे अपने पैसे वापस माँगने लगते थे। ऐसे में अब्दुल्ला पैसे वापसी से साफ़ मना कर दिया करता था। बताया जा रहा है कि अपने द्वारा ठगे गए मरीजों को अब्दुल्ला कहीं भी शिकायत करने की चुनौती भी देता था।

दावा किया जा रहा है कि अब्दुल्ला ने सैकड़ों मरीजों को ठग कर करोड़ों रुपए कमाए हैं। इन पैसों से अब्दुल्ला पठान ने कई सम्पत्तियाँ भी खरीदी हैं। वह सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव है। फेसबुक पर उसके 7,82,000 से अधिक फॉलोअर्स हैं। उसका यूट्यूब चैनल भी है। वह ज्यादातर सेक्स संबंधी समस्याओं को ठीक करने, मर्दाना ताकत बढ़ाने आदि के बड़े-बड़े दावे करता था।

छापेमारी के बाद से अब्दुल्ला फरार चल रहा है। स्वास्थ्य, औषधि और आयुर्वेद विभाग की संयुक्त छापेमारी में अब्दुल्ला पठान के अस्पताल से निर्माता और बिना प्रिंट रेट वाली दवाएँ मिलीं। उसका अस्पताल भी बिना रजिस्ट्रेशन का चल रहा था। बताया जा रहा है कि अब्दुल्ला के खिलाफ 44 से अधिक शिकायतें हुईं थीं, लेकिन वो पैसों के दम पर बचता रहा।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अब्दुल्ला पठान पर FIR दर्ज करने के लिए पुलिस में शिकायत भी दे दी है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, फर्जी डॉक्टर अब्दुल्ला पठान ने पहले फिटनेस संबंधी ब्लॉग और वीडियो बनाया करता था। वह WWE (वर्ल्ड रेसलिंग एंटरटेनमेंट) में जाने की इच्छा रखता था।

वह WWE सुपरस्टार द ग्रेट खली से भी मिल चुका है। साल 2020 में आरोपित अब्दुल्ला ने VMate नामक वीडियो-शेयरिंग एप्लिकेशन के साथ एक ब्लाइंड डेट प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था और उसमें जीत भी हासिल की थी। इस प्रतियोगिता के विजेता के तौर पर अब्दुल्ला पठान बॉलीवुड अदाकारा सनी लियोन के साथ डेट पर भी गया था।

आज़म खान, बीवी तंजीम फातिमा और बेटे अब्दुल्ला – सबको 7-7 साल की सज़ा: फर्जी जन्म प्रमाण पत्र का है मामला, कोर्ट बोला – यहाँ से सीधे जेल जाइए

समाजवादी पार्टी के नेता और सजायाफ्ता अपराधी आजम खान, उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम और आजम खान की बीवी पूर्व सांसद तंजीम फातिमा को 7-7 साल की सज़ा सुनाई गई है। रामपुर की MP-MLA अदालत ने तीनों को दोषी माना है और सज़ा का ऐलान किया है। तीनों दोषियों को सीधे जेल ले जाए जाने का आदेश दिया है। अब्दुल्ला आजम ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर स्वार विधानसभा सीट से साल 2017 में चुनाव जीता था, क्योंकि चुनाव के समय उनकी उम्र पूरी नहीं हुई थी। उन पर 2 जन्म प्रमाण पत्र रखने के आरोप हैं।

2 जन्म प्रमाण पत्र रखने का आरोप

जानकारी के मुताबिक, अब्दुल्ला आजम ने साल 2017 में जिस जन्म प्रमाण के आधार पर चुनाव लड़ा था, उसमें उनकी जन्मतिथि 30 सितंबर, 1990 दर्शाई गई थी। ये जन्म प्रमाण लखनऊ से साल 2015 में जारी किया गया था। वहीं, दूसरे जन्म प्रमाण पत्र को रामपुर से साल 2012 में जारी किया गया था। उस जन्म प्रमाण पत्र में उनका जन्मदिन 1 जनवरी, 1993 दिखाया गया है, शैक्षणिक प्रमाण पत्रों में भी यही जन्म तिथि दर्शाई गई थी।

रामपुर नगर पालिका द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र में उनका जन्मस्थान रामपुर बताया गया है, जबकि लखनऊ से जारी जन्म प्रमाण पत्र में उनका जन्म स्थान लखनऊ दिखाया गया था।

दो बार रद्द हुई विधानसभा की सदस्यता

इस मामले में भाजपा नेता आकाश सक्सेना की ओर से गंज कोतवाली में 3 जनवरी, 2019 को मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस केस के बाद 16 दिसंबर 2019 को अब्दुल्ला आजम की विधानसभा सदस्यता चली गई थी, लेकिन साल 2022 में उन्होंने फिर से स्वार विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की। इस मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने इसी साल उन्हें दोषी पाया और फिर से उनकी विधानसभा सदस्यता चली गई। इस मामले में कोर्ट ने 7-7 की सजा तीनों लोगों को सुनाई है।

रिवीजन दाखिल किया, लेकिन रिजेक्ट किया गया

इस मामले में 16 अक्टूबर को आजम परिवार को कोर्ट ने झटका दिया था। आजम फैमिली की तरफ से इस मामले में समय माँगा गया था और रिवीजन दाखिल किया गया था। इस मामले में रामपुर के एमपी-एमएलए कोर्ट ने एडीजे फर्स्ट कोर्ट को सुनवाई के लिए कहा था, लेकिन कोर्ट ने इस रिवीजन को निरस्त कर दिया था। इसके बाद अब एमपी-एमएलए कोर्ट ने आजम खान, उनकी पत्नी तंजीम फातिमा और अब्दुल्ला आजम को 7-7 साल की सज़ा सुनाई है।

आजम खान की भी विधायकी जा चुकी, हो चुकी है सजा

आजम खान को अब तक दो मामलों में सज़ा हो चुकी है। दिसंबर 2022 में उन्हें कोर्ट ने तीन साल की सज़ा सुनाई थी, जिसके बाद उनकी विधायकी चली गई थी। इस साल की शुरुआत में रामपुर की सीट पर आकाश सक्सेना ने उपचुनाव में जीत हासिल की और पहली बार रामपुर विधानसभा सीट पर कोई हिंदू विधायक बना। आकाश सक्सेना की ही शिकायत पर अब आजम खान, अब्दुला आजम और तंजीम फातिमा को सात-सात साल की सजा सुनाई गई है।

उज्जैन के श्मशान में कमलनाथ की फोटो रख कर 6 लोग कर रहे जादू-टोना, मध्य प्रदेश का CM बनाने के लिए रात के अँधेरे में नींबू और शराब रख कर जलाई जा रही आग

मध्य प्रदेश चुनाव में जीत के लिए कॉन्ग्रेस जादू-टोने सहारा लेने पर उतर आई है। उज्जैन में कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाने के लिए तंत्र साधना कराई जा रही है। इसके लिए कमलनाथ की तस्वीर रखकर 6 तांत्रिक अपनी क्रियाओं में लगे हुए हैं। ये सब कुछ हो रहा है महाकाल की नगरी कहे जाने वाले उज्जैन में। इस समय नवरात्रि का समय चल रहा है, तो देश भर से तंत्र साधक अपने अनुष्ठानों में जुटे हुए हैं।

विजय अनुष्ठान का आयोजन

‘दैनिक भास्कर’ की रिपोर्ट के मुताबिक, कॉन्ग्रेस को जीत दिलाने और कमलनाथ को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने के लिए महाकाल की नगरी उज्जैन में तंत्र साधना की जा रही है। तंत्र क्रिया का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें कई तांत्रिक कमलनाथ की फोटो लेकर मंत्रोच्चार करते नजर आ रहे हैं। उनके पास पुतलियाँ, हवन सामग्री और नींबू और शराब भी रखी हुई थी। श्मशान के बीच रात के अँधेरे में छह तांत्रिक भगवान भैरवनाथ की मूर्ति के पास तंत्र साधना कर रहे हैं।

खरीद-फरोख्त रोकने के लिए पूजा-पाठ

उज्जैन में तंत्र साधना में जुटे तांत्रिक भय्यू महाराज ने मीडिया से बताया कि जीत के लिए बगलामुखी, भैरवी, भैरव, पुतली साधना के साथ विजय अनुष्ठान किया जाता है। मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस की सरकार बने, इसके लिए ‘विजय अनुष्ठान’ का आयोजन किया जा रहा है। नवरात्रि के पहले दिन रविवार को इंदौर की विधानसभा सीट क्रमांक एक से विधायक संजय शुक्ला की जीत के लिए भी विजय अनुष्ठान किया गया। कमलनाथ के लिए किया गया अनुष्ठान 9 दिन तक चलेगा।

उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में कॉन्ग्रेस के विधायकों को खरीद-फरोख्त हो गई थी, इस बार ऐसा नहीं होगा, क्योंकि पूजा-पाठ कराया जा रहा है।

कॉन्ग्रेस हुई दो फाड़? कमलनाथ-दिग्विजय में कपड़े फाड़ने की होड़!

बता दें कि मध्य प्रदेश चुनाव के लिए कॉन्ग्रेस ने प्रत्याशियों की जब घोषणा की, तो कई दावेदार जिन्हें टिकट नहीं मिला, वो विरोध पर उतर आए। ऐसे ही एक कैंडिडेट के समर्थकों ने जब कमलनाथ को घेरा कि उन्होंने उनके प्रत्याशी का टिकट क्यों काटा, तो कमलनाथ ने कहा कि जाकर दिग्विजय सिंह के कपड़े फाड़ो। यही नहीं, उन्होंने कॉन्ग्रेस के ही एक कार्यक्रम में कहा कि मैंने दिग्विजय को गालियाँ खाने के लिए एक पॉवर ऑफ अटार्नी दी है।

गलती किसी की भी होगी, गालियाँ दिग्विजय सिंह को ही पड़ेंगी। माना जा रहा है कि आपसी तनातनी में दोनों तरफ से एक-दूसरे के समर्थकों का टिकट काटा जा रहा है।

इजरायल से अब जॉर्डन नहीं जाएँगे बायडेन, गाजा के अस्पताल पर हमले के बाद सम्मेलन रद्द: मिस्र-फिलिस्तीन के मुखिया से भी नहीं होगी बात

आतंकी संगठन हमास के इजरायल पर हमले के बाद इजरायल लगातार कार्रवाई करते हुए गाजा पर हमले कर रहा है। अमेरिका इस युद्ध में इजरायल के साथ खड़ा है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन इजरायल से एकजुटता दिखाने के लिए तेल अवीव का दौरा कर रहे हैं। वो जॉर्डन भी जाने वाले थे, लेकिन एक अस्पताल पर रॉकेट हमले की वजह से उनका जॉर्डन दौरा रद्द हो गया है।

जानकारी के मुताबिक, इजरायल के दौरे के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन जॉर्डन की राजधानी अम्मान में जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला, मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतह अल सीसी और फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से मिलने वाले थे। इसके लिए अम्मान में अरब समिट का आयोजन किया जाना था।

इस समिट में फिलिस्तीन को मानवीय सहायता पहुँचाने पर बात होने वाली थी। इसी बीच गाजा पट्टी में स्थित एक अस्पताल पर रॉकेट से हमला हो गया, जिसमें 500 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर आई। इस खबर के बाद जो बायडेन की मुलाकात इजरायल तक ही सिमट कर रह गई।

दरअसल, हमास का कहना है कि अस्पताल पर यह हमला इजरायल ने किया है। वहीं, इज़रायली सेना ने कहा कि इस हमले में उसका कोई हाथ नहीं है और गाजा आतंकवादियों द्वारा छोड़े गए एक गलत रॉकेट के कारण विस्फोट हुआ है। ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं, जिसमें दिख रहा है कि गाजा से लॉन्च किया गया रॉकेट फेल हो गया। इससे फिलिस्तीनी क्षेत्र में ही विस्फोट हो गया।

गाजा में सहायता पहुँचाने को लेकर होनी थी मुलाकात

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इजरायल को हमास के खिलाफ हरसंभव सहायता की घोषणा की है तो दूसरी तरफ वो गाजा में आम लोगों की सुरक्षा के प्रति भी चिंतित हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि गाजा पर कब्जा करना इजरायल की बड़ी भूल होगी।

ऐसे में वो उत्तरी गाजा से निकलकर दक्षिणी गाजा पहुँचे लोगों को मदद पहुँचाने के लिए जॉर्डन में अरब समिट में हिस्सा लेने वाले थे। इसकी मेजबानी जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला कर रहे थे, लेकिन अस्पताल पर हमले के बाद इन लोगों ने बायडेन से मिलने से इनकार कर दिया।

जो बायडेन ने जारी किया बयान

जो बायडेन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “मैं गाजा के अल अहली अरब अस्पताल में हुए विस्फोट और उसके परिणामस्वरूप हुई जानमाल की भयानक क्षति से क्षुब्ध और बेहद दुखी हूँ। यह समाचार सुनते ही मैंने जॉर्डन के सुल्तान अब्दुल्ला द्वितीय और इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बात की।”

उन्होंने आगे कहा, “मैंने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम को इस घटना की विस्तार से जानकारी इकट्ठा करने का निर्देश दिया है। संयुक्त राज्य अमेरिका संघर्ष के दौरान नागरिक जीवन की सुरक्षा के लिए स्पष्ट रूप से खड़ा है और हम इस त्रासदी में मारे गए या घायल हुए मरीजों, चिकित्सा कर्मचारियों और अन्य निर्दोष लोगों के लिए शोक व्यक्त करते हैं।”

मिस्र के रास्ते सहायता पहुँचाना चाहता है अमेरिका

अमेरिका की कोशिश है कि वो राफा क्रॉसिंग से होकर गाजा के लोगों तक मानवीय सहायता पहुँचाए और गाजा में फँसे फिलिस्तीनी-अमेरिकी नागरिकों को बचाए। मिस्र ने राफा क्रॉसिंग बंद कर रखा है। बीच में ये बातें सामने आ रही थीं कि इस क्रॉसिंग को थोड़े समय के लिए खोल दिया जाएगा, लेकिन इसे खोलने पर सहमति नहीं बन पाई।

बता दें कि हमास के हमले में 1400 इजरायलियों की मौत के बाद इजरायल ने हमास के खात्मे का संकल्प लिया है। हमास ने इस हमले में 199 इजरायली नागरिकों को बंधक भी बना लिया था। इजरायल बंधकों को छुड़ाने और हमास को मिटाने के लिए गाजा की घेराबंदी कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने बिजली, पानी, राशन की सप्लाई भी रोक दी है।