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जिसके इशारे पर हुआ इजरायल में नरसंहार वो मारा गया, हमास की वायुसेना का मुखिया भी ढेर: इजरायल ने गाज़ा में 1000 ठिकानों पर बोला हमला

इजरायल ने हमास ने वायुसेना अध्यक्ष को मार गिराया है। साथ ही जिस आतंकी सरगना के आदेश पर नरसंहार हुआ, उसे बह ढेर कर दिया गया है। इजरायल की सेना IDF ने जानकारी दी है कि अली क़ादी नामक अमानवीय और बर्बर आतंकवादी को मार गिराया गया है, जिसके आदेश पर 7 अक्टूबर, 2023 को इजरायल में नरसंहार हुआ। इजरायल ने कहा है कि उसे ढेर कर दिया गया है। साथ ही ऐलान किया कि हमास के जितने भी आतंकी होंगे, उन सबका यही हश्र होगा।

IDF ने बताया कि लगातार 7वें दिन इजरायली परिवारों को बम शेलटर्स का सहारा लेना पड़ा, ताकि वो गाज़ा की तरफ से की जा रही बमबारी से बच सकें। दक्षिणी इजरायल में एक बार फिर सायरन बज रहे हैं, यानी हमास फिर से रॉकेट दाग रहा है। सेन्ट्रल इजरायल में भी शनिवार (14 अक्टूबर, 2023) को ऐसे ही सायरनों की आवाज़ सुनाई दी। गाज़ा में अब भी इजरायल के 120 नागरिकों को बंधक बना कर रखे जाने की पुष्टि की गई है।

इजरायल ने हमास की वायुसेना के मुखिया अल मुराद को भी मार गिराया है। हमास अपने जिस मुख्यालय से सारे हवाई हमलों को मैनेज कर रहा था, उसे ही इजरायल ने निशाना बनाया है। 7 अक्टूबर को हुए नरसंहार में उसका भी बड़ा हाथ था। हमास के कमांडो फ़ोर्स के भी दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इजरायल की तरफ से हताहतों की बात करें तो अब तक 1300 की हत्या की गई है। वहीं 3300 लोग घायल भी हैं।

वहीं IDF ने हमास के 1000 ठिकानों को निशाना बनाए जाने की जानकारी दी है। जहाँ तक अली क़ादी की बात है, वो ‘नकबा फ़ोर्स’ का मुख्य सरगना था। 2005 में भी उसे गिरफ्तार किया गया था लेकिन गिलाद शालित एक्सचेंज डील के तहत उसे लौटा दिया गया था। इजरायल ने गाजा में रहने वाले 6 लाख लोगों को वहाँ से हटने के लिए कह दिया है। इजरायल ने कहा है कि आम नागरिक हमारे दुश्मन नहीं हैं और हम उन्हें नुकसान नहीं पहुँचा रहे।

भगवान हनुमान की मूर्ति तोड़ी, तालाब में फेंके मिले टुकड़े: हरियाणा के करनाल में माहौल तनावपूर्ण, पुलिस ने बैठाई जाँच 

करनाल के शामगढ़ गाँव में भगवान हनुमान की मूर्ति तोड़ने का मामला सामने आया है। मामला शुक्रवार (13 अक्टूबर, 2023) की रात का बताया जा रहा है। भगवान हनुमान की मूर्ति पंचायती जमीन में स्थापित की गई थी, जिसे अज्ञात शरारती तत्वों ने तोड़ दिया। मूर्ति के टुकड़े पास ही बने तालाब में फेंके पाए गए। इस घटना के बाद वहाँ का माहौल तनावपूर्ण है।

घटना के बारे में जानकारी मिलते ही DSP पुलिस फोर्स के साथ गाँव में पहुँचे। पुलिस ने करीब 2 घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया और भगवान हनुमान की खंडित मूर्ति के टुकड़ों को तालाब से बरामद किया।

घटना की कैसे हुई जानकारी 

मूर्ति के खंडित होने के बारे में जानकारी देते हुए उसी गाँव के एक व्यक्ति ने बताया कि शनिवार (14 अक्टूबर, 2023) की सुबह जब वह घर से बाहर निकले तो भगवान हनुमान की मूर्ति पूरी तरह से टूटी हुई थी। यहाँ तक कि मूर्ति के टुकड़े भी वहाँ पर नहीं थे। जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी।

पंचायती जमीन पर कब्जे का आरोप

हालाँकि, इस मामले में पंचायती जमीन पर कब्जे की बात भी सामने आई है। कहा जा रहा है मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने यह आरोप लगाया कि यह पंचायती जमीन है। जिस पर दूसरे पक्ष के लोगों कब्जा है। यह मामला अभी कोर्ट में चल रहा है। पंचायती जमीन होने के चलते हमने कुछ समय पहले ही यहाँ पर पूजा पाठ के लिए हनुमान की मूर्ति को स्थापित किया था। जिसपर दूसरे पक्ष के लोगों को ऐतराज था। 

दूसरे पक्ष की ओर से मूर्ति को हटाने की कई बार धमकी दी जा चुकी थी। कहा जा रहा है कि शुक्रवार शाम को भी उन्होंने मूर्ति को उस जगह से उठाने की धमकी दी थी। ऐसे में गाँव वालों का कहना है कि उन लोगों ने ही इस वारदात को अंजाम दिया। घटना स्थल पर गाँव के सरपंच भी मौजूद रहे।

हरियाणा पुलिस कर रही जाँच 

मूर्ति के खंडित और गायब होने की खबर लगते ही गाँव वालों ने DSP से शिकायत की थी। मामला धार्मिक होने की वजह से पुलिस ने तुरंत ही सर्च ऑपरेशन चलाकर गोताखोरों की मदद से मूर्ति की टुकड़ों को तालाब से बरामद कर लिया था।

वहीं इस मामले में DSP सोनू नरवाल ने बताया कि ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में दूसरे पक्ष के ही लोगों पर मूर्ति खंडित करने के आरोप लगाए हैं। पुलिस इस मामले में हर पहलू पर गहनता से जाँच कर रही है। जल्द ही भगवान हनुमान की मूर्ति को खंडित करने वाले आरोपितों पर कार्रवाई होगी। 

अब नाइट सूट और शॉर्ट्स में वैष्णो देवी जाने की अनुमति नहीं: मंदिर प्रशासन ने पवित्रता और मर्यादा के लिए जारी किया नया ड्रेस कोड, कहा- महिलाएँ साड़ी पहनें तो बेहतर

जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित माता वैष्णो देवी के मंदिर में दर्शन करना है तो अब कुछ नियमों का पालन करना ही होगा। अब मंदिर में पूजा-पाठ और दर्शन के लिए पहुँचने वाले श्रद्धालुओं के लिए कुछ ड्रेस कोड लागू किए गए हैं। इसके तहत श्रद्धालुओं को शालीन वस्त्र पहनने की सलाह दी गई है। इस संबंध में मंदिर प्रशासन ने सलाह जारी की है।

मंदिर प्रशासन ने कहा है कि मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को शालीन कपड़े पहनकर आना होगा। महिलाओं को साड़ी पहनने की सलाह दी गई है। इसमें छोटे कपड़े, जैसे कि निक्कर, बरमूडा, टी-शर्ट, नाइट सूट आदि पहनकर आने की अनुमति नहीं होगी। उन्हें आरती में भी शामिल नहीं होने दिया जाएगा।

श्री वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की तरफ से कहा गया है कि नवरात्रि से माँ वैष्णो देवी मंदिर में कड़ाई से ड्रेस कोड लागू किया जाएगा। ये नियम तो पुराना है, लेकिन मंदिर प्रशासन अब कड़ाई कर रहा है। इस बारे में सभी को सूचित भी किया जा रहा है कि माता वैष्णो देवी के मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को शालीन कपड़े पहनकर आना होगा।

मंदिर में छोटे कपड़े जैसे कि निक्कर, बरमूडा, टी-शर्ट, नाइट सूट आदि पहनकर आने की अनुमति नहीं होगी। वहीं महिलाएँ साड़ी पहनेंगी तो वो बेहतर रहेगा। मंदिर प्रशासन का कहना है कि यह कदम मंदिर की पवित्रता और मर्यादा को बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

15 अक्टूबर से नवरात्रि की शुरुआत

15 अक्टूबर 2023 से शारदीय नवरात्रि शुरू हो रही है। इस साल नवरात्रि 15 अक्टूबर से शुरू होकर 24 अक्टूबर 2023 तक चलेगी। नवरात्रि के नौ दिन देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इस साल नवरात्रि के पहले दिन देवी शैलपुत्री की पूजा की जाएगी और नवें दिन देवी सिद्धिदात्री की पूजा की जाएगी।

नवरात्रि के दौरान लोग व्रत रखते हैं, पूजा-अर्चना करते हैं और देवी दुर्गा से आशीर्वाद माँगते हैं। इस त्योहार के दौरान कई तरह के मेले और धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। नवरात्रि का त्योहार हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो देवी दुर्गा की शक्ति और दया का प्रतीक है। यह त्योहार लोगों को सकारात्मक ऊर्जा और आशा प्रदान करता है।

गर्भवती का पेट फाड़ा, फिर बच्चे को निकालकर चाकू घोंपा: इजरायल में आतंकी हमास की दहलाने वाली बर्बरता, 20 बच्चों को हाथ बाँध जलाया

हमास के इस्लामी आतंकवादियों पर इजरायली सेना का कहर जारी है। इस दौरान लाशों को इकट्ठा करने वाले एक शख्स की आँखों देखी हालात हर किसी की रूह कंपा देने के लिए काफी है। इजरायली सेना के उस शख्स का कहना है कि उन्होंने ऐसी हिंसा पहले कभी नहीं देखी। इसे लफ्जों में बयां करना मुश्किल है।

हालाँकि, ये युद्ध के मोर्चे पर राहत और बचाव के लिए डटे हर दूसरे शख्स की कहानी है, फिर चाहे वो इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) से हो या स्वयंसेवी समूह से। आईडीएफ ने ऐसी लाशें बरामद की हैं, जो हमास आंतकियों के हमलों की वहशीपन की कहानी खुद-ब-खुद बता रही हैं।

आईडीएफ के मुताबिक, ये ऐसे क्रूर हमले हैं जिनमें नवजात शिशुओं को भी नहीं बख्शा गया। कुछ को जलाकर मारा गया तो कुछ को चेहरे पर गोली मारी गई। वहीं, कुछ लोगों को चाकू घोंप दिए गए। हमास के आतंकवादियों ने सड़कों पर निर्दोष इज़रायली नागरिकों को गोलियों से भून डाला। जो कोई दिखा उसे खत्म कर डाला।

संयुक्त राष्ट्र में इज़रायल के स्थायी प्रतिनिधि जिलाद एर्दान के मुताबिक, “इन आतंकवादियों ने घरों में तोड़फोड़ की और लोगों को ऐसे गोली मार दी, जैसे वो कीड़े मार रहे हों।” वहीं अप्राकृतिक मौत के शिकार लोगों की लाशें बरामद करने वाली संस्था जका से जुड़े योसी लांदौ ने ऐसे-ऐसे मंजर देखे, जिन्होंने उन्हें हिलाकर रख दिया।

हमास की बर्बरता की कहानी योसी लांदौ की जुबानी

स्वयंसेवक योसी लांदौ बताते हैं कि उन्होंने इज़रायल में लाशें इकट्ठा करने में दशकों बिताए हैं, लेकिन देश के सबसे घातक हमले में गाजा आतंकवादियों के हमले में मारे गए लोगों के अवशेषों को इकट्ठा करने में वो मानसिक और भावनात्मक तौर पर बुरी तरह टूट गए।

लांदौ शनिवार (14 अक्टूबर 2023) को सायरन की आवाज़ सुनकर जागे। इसे सुनकर रॉकेट फायर से बचने के लिए इजरायली शेल्टर में चले गए। ये एक ऐसा पल था, जिसके लांदौ आदी थे। उन्हें अब इससे फर्क नहीं पड़ता। लांदौ गाजा के उत्तर में एक तटीय शहर अशदोद रहने वाले हैं।

दरअसल, उनके जेहन में सेडरोट का वो खौफनाक मंजर इस तरह छप चुका है कि अब भी उसे याद कर वो सिहर उठते हैं। वहाँ उन्हें एक इज़रायली गर्भवती औरत की लाश देखी थी, जिसका पेट हमास के आंतकियों ने फाड़ डाला था, लेकिन इस फटे पेट की गर्भनाल से बच्चा जुड़ा हुआ था।

आतंकियों ने उसे भी नहीं छोड़ा उस अजन्मे बच्चे को भी चाकू गोदकर लहुलुहान कर दिया था। उन्होंने इसे याद करते हुए कहा, “मुझे लगा कि मैं टूट रहा हूँ, न केवल मैं, बल्कि मेरा पूरी टीम टूट रही है।” योसी ने कहा कि हमलों के बाद उन्होंने दर्जनों लाशों को रेफ्रिजरेटर वाले ट्रकों पर लादा था।

उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लाशें ऐसी हालत थीं कि उसे देखकर लग रहा था कि उनका यौन शोषण किया गया है। लांदौ ने कहा कि उन्होंने लगभग 20 बच्चों सहित कई ऐसे नागरिकों को देखा, जिनके दोनों हाथों को गोली मारने और फिर जलाने से पहले पीछे करके बाँध दिए गए थे।

उन्होंने और उनकी टीम ने ये भयावहता उस वक्त देखी थी, जब वे इज़रायल पर हमास के आतंकवादी हमले से सबसे अधिक प्रभावित शहर की तरफ जा रहे थे। उन्होंने आगे कहा, “मैंने कारों को पलटा हुआ देखा, मैंने सड़क पर लोगों को मरे देखा। सड़क का एक हिस्सा जिसमें 15 मिनट लगने चाहिए थे, उसे पार करने में हमें 11 घंटे लग गए, क्योंकि वहाँ से सभी को उठाते और उन्हें एक बैग में रखते जा रहे थे।”

गौरतलब है कि हमास आतंकवादी समूह ने इजरायल के दक्षिण में गाजा पट्टी की सीमा से लगे शहर किबुत्ज बीरी, सेडरोट और अश्कलोन पर सबसे पहले शनिवार (7 अक्टूबर 2023) को हमला किया था। हमास के आतंकवादियों ने पिछले छह दिनों में अनुमानित 1,200 लोगों की हत्या कर दी है।

‘सशस्त्र बलों के बलिदान से शांत और सुरक्षित है जम्मू कश्मीर’: JNU वाली शेहला रशीद ने PM मोदी को दिया श्रेय, बोलीं – मिडिल-ईस्ट को देख लीजिए

जम्मू कश्मीर की एक्टिविस्ट शेहला रशीद ने इजरायल-हमास युद्ध को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए मोदी सरकार और भारतीय सेना की तारीफ़ की है। पहले अक्सर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयान देने वाली JNU के छात्र संघ की पूर्व उपाध्यक्ष रहीं शेहला रशीद लेफ्ट पार्टियों के छात्र संगठन AISA की तरफ से राजनीति करती थीं। हालाँकि, पिछले कुछ दिनों से उन्होंने कश्मीर में समय गुजारा और उसके बाद उनका ‘हृदय परिवर्तन’ भी हुआ है।

शेहला रशीद ने ट्वीट कर कहा, “मध्य-पूर्व में चल रही गतिविधियों को देखें तो आज मुझे इसका एहसास हुआ है कि हम भारतीय कितने भाग्यशाली हैं। भारतीय सेना व सुरक्षा बलों ने हमारी सुरक्षा के लिए अपना सब कुछ बलिदान कर दिया है। जहाँ बनता हो, वहाँ श्रेय दिया जाना चाहिए। जम्मू कश्मीर में शांति लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जम्मू कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा, भारतीय सेना और भारतीय सेना के चिनार कॉर्प्स का धन्यवाद।”

शेहला रशीद ने स्पष्ट कहा कि बिना सुरक्षा के शांति संभव नहीं है, जैसा कि मिडल-ईस्ट में चल रही लड़ाई ने साबित किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के चिनार कॉर्प्स ने CRPF और जम्मू कश्मीर पुलिस के बहादुर जवानों के साथ मिल कर जम्मू कश्मीर में लंबे समय तक शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए असाधारण बलिदान दिया है। शेहला रशीद ने अपनी इन ट्वीट्स पर रिप्लाइज ऑफ कर रखा है। कई लोगों ने इस दौरान सच बोलने के लिए शेहला रशीद की तारीफ़ भी की।

इससे पहले इसी साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शेहला रशीद ने लश्कर-ए-तैय्यबा के आतंकवादी जावेद के भाई रईस मट्टू द्वारा भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराए जाने की खबर पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि प्रदेश में हालात सुधरे हैं। कभी शेहला रशीद ने अनुच्छेद-370 को निरस्त किए जाने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया था। हालाँकि, अब उन्होंने अपनी याचिका वापस ले ली है। उन्होंने भारतीय सेना पर रात को घर में घुस कर लड़कों को उठाने के आरोप लगाए थे, जिसके बाद उन पर मुकदमा चलाने की स्वीकृति भी LG ने दी थी।

त्योहारों पर देश को दहलाने की साजिश: पंजाब में पकड़ाया लश्कर का आतंकी मॉड्यूल, गोला-बारूद और हथियारों के साथ फिरदौस अहमद के 2 गुर्गे गिरफ्तार

पंजाब में सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पंजाब राज्य के विशेष ऑपरेशन सेल- अमृतसर (एसएसओसी-अमृतसर) ने एक केंद्रीय एजेंसी के साथ मिलकर लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक मॉड्यूल को ध्वस्त कर दिया और जम्मू-कश्मीर के दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

पंजाब पुलिस ने इस मॉड्यूल ने दो आतंकियों से दो इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेस (IED), दो हैंड ग्रेनेड, एक पिस्टल के साथ दो मैगज़ीन, 24 कारतूस, एक टाइमर स्विच, आठ डेटोनेटर और चार बैटरी बरामद की हैं।

त्योहारी सीजन में धमाकों की थी तैयारी

लश्कर के इस आतंकी मॉड्यूल का संचालन उसका सक्रिय सदस्य फिरदौस अहमद भट्ट करता था। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने कहा कि आतंकवादी मॉड्यूल को ध्वस्त करना राज्य में आतंकियों के लिए एक बड़ा झटका है।

उन्होंने कहा कि मॉड्यूल त्योहारी सीजन के दौरान पंजाब में शांति भंग करने के लिए हमलों की योजना बना रहा था। डीजीपी ने कहा कि पुलिस हाईअलर्ट पर है और राज्य में किसी भी आतंकवादी हमले को रोकने के लिए आवश्यक उपाय कर रही है।

15 माह में पंजाब में 200 आतंकी गिरफ्तार

बीते 15 महीनों में पंजाब पुलिस ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। इस दौरान पुलिस ने 197 आतंकियों और कट्टरपंथियों को गिरफ्तार किया है और 32 आतंकी मॉड्यूलों का भंडाफोड़ किया है।

2 अक्टूबर 2023 को केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) अमृतसर के संयुक्त अभियान में लश्कर-ए-तैयबा के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया। इस अभियान में दो आतंकियों को गिरफ्तार किया गया और उनसे भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया।

इस गिरफ्तारी के बाद, पंजाब पुलिस ने अब तक पकड़े गए आतंकियों की संख्या 200 हो गई है। पंजाब पुलिस ने बीते 15 महीनों में आतंकियों से 32 राइफलें, 222 रिवॉल्वर, पिस्तौल, 9 टिफिन इम्प्रोवाइज्ड विस्फोटक उपकरण बरामद किए हैं।

आधे घंटे तक मरने का नाटक करता रहा किशोर, माँ-बाप की हत्या के बाद ऐसे बचाई जान: हमास आतंकियों ने घर में घुस कर दंपति को गोलियों भून डाला

एक इजरायली-अमेरिकी किशोर सप्ताहांत में हमास द्वारा किए गए हमले में बच गया, जबकि उसके माता-पिता ने उसे गोलियों से बचाने के लिए खुद को गोलियों के हवाले कर दिया। यह परिवार गाजा की सीमा के पास दक्षिणी इज़राइल में एक किबुतज़ पर रहता था। परिवार को हमले की चेतावनी मिलने के बाद सुरक्षा की तलाश करने के लिए उनके पास एक मिनट से भी कम समय था।

ऐसे में जैसे ही हमास के आतंकियों ने उनके घर पर हमला किया, वे रॉकेट हमलों से खुद को बचाने के लिए बने एक छोटे से कमरे में घुस गए। रिश्तेदारों ने बताया कि लड़ाकों को कमरे से बाहर रखने की कोशिश में श्लोमी माथियास का हाथ उड़ गया। इसके बाद जैसे ही आतंकियों ने कमरे को गोलियों से भर दिया, डेबी माथियास ने अपने बेटे रोटेम को नीचे उतरने के लिए चिल्लाया। फिर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई; गोली उनके आर-पार हो गई और सीधे पेट में जा लगी।

इस मामले में जानकारी देते हुए रिश्तेदारों ने द एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि 16 वर्षीय रोटेम माथियास अपनी माँ के नीचे पड़ा रहा और लगभग 30 मिनट तक मृत अवस्था में बना रहा, फिर एक बिस्तर के नीचे आश्रय की तलाश में भाग गया और अंततः बगल के कपड़े धोने वाले कमरे में एक कंबल के नीचे छिप गया। दो बार, रोटेम माथियास लड़ाकों से बच निकलने में कामयाब रहा – उनमें से कुछ हँस रहे थे – इससे पहले कि उसे इजरायली सैनिकों ने बचाया था।

“मेरे पिताजी ने जो आखिरी बात कही वह यह कि उन्होंने अपना हाथ खो दिया है। फिर मेरे ऊपर मेरी माँ की मृत्यु हो गई।”- रोटेम माथियास ने अस्पताल से एक साक्षात्कार में एबीसी न्यूज को बताया, जहाँ उनका बंदूक की गोली और छर्रे के घावों का इलाज किया जा रहा था। उन्हें मंगलवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। 

उसने कहा, “मैंने बस साँस लेना बंद कर दिया। जितना संभव हो सका मैंने किया। मैं नहीं हिला और डरा हुआ था। मैंने कोई शोर नहीं मचाया। मैंने किसी भगवान से प्रार्थना की। मुझे वास्तव में परवाह नहीं थी कि कौन सा भगवान है। मैंने बस भगवान से प्रार्थना की कि वे मुझे न पकड़ पाएँ।”

माथियास ने अपने घर पर हमला करने वाले आतंकवादियों से बचने के लिए लगभग 30 मिनट तक मरने का अभिनय किया। बाद में उन्हें इजरायली रक्षा बलों ने बचा लिया।

उसने यह भी बताया कि कैसे उनके माता-पिता ने हमले से पहले एक पारिवारिक ग्रुप चैट पर संदेश भेजा था कि उन्हें अरबी में आवाज़ें सुनाई दे रही हैं। दंपति ने यह भी कहा कि उन्हें दूर से गोलियों की आवाजें सुनाई दे रही थीं। फिर रोटेम माथियास के जवाब देने से पहले वे 20 मिनट के लिए चुप हो गए: “माँ और पिताजी मर गए, क्षमा करें। मदद करें।”

गौरतलब है कि हमास ने शनिवार को इज़राइल पर 5,000 रॉकेट दागे। आतंकियों ने बुलडोजर, मोटरसाइकिल और यहाँ तक कि पैराग्लाइडर का उपयोग करके इज़राइल में घुसपैठ की।

वहीं इजराइल ने जवाबी कार्रवाई में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं और गाजा सीमा के पास सैनिकों को जुटाना भी शुरू कर दिया है। प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनकी सरकार हमास का खात्मा करने के लिए  तैयार है।

अरिजीत सिंह और सुनिधि चौहान ने किया परफॉर्म, लेकिन नहीं देख पाए दर्शक! भारत-Pak मैच से पहले हुए रंगारंग कार्यक्रम का नहीं हुआ प्रसारण, PCB ने डिलीट किया डिनर वाला ट्वीट

गुजरात के अहमदाबाद स्थित नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और पाकिस्तान के बीच वर्ल्ड कप 2023 का लीग मैच चल रहा है। उससे पहले शंकर महादेवन और अरिजीत सिंह जैसे गायकों का परफॉर्मेंस हुआ, रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए गए। हालाँकि, कई फैंस इससे निराश नज़र आए कि इस कार्यक्रम का ऑनलाइन प्रसारण क्यों नहीं हुआ। बताया गया कि ये रंगारंग कार्यक्रम सिर्फ स्टेडियम में मौजूद दर्शकों के लिए था, ऑनलाइन या सैटेलाइट टीवी पर देखने वाले दर्शकों के लिए नहीं।

हालाँकि, मैच का प्रसारण ऑनलाइन और टीवी पर चल रहा है। जहाँ टीवी पर आप इसे स्टार स्पोर्ट्स चैनल पर देख सकते हैं, OTT पर हॉटस्टार पर इसका प्रसारण चल रहा है। अरिजीत सिंह, सुनिधि चौहान, सुखविंदर सिंह और शंकर महादेवन का परफॉर्मेंस हुआ। दोपहर के 12:30 बजे ही शनिवार (14 अक्टूबर, 2023) को ये कार्यक्रम शुरू हो गया था। लेकिन, प्री-मैच सेरेमनी का ब्रॉडकास्ट न होने के कारण स्टेडियम न पहुँच पाए कई दर्शक कन्फ्यूजन में नज़र आए।

इसके कुछ ही देर बाद ‘स्टार स्पोर्ट्स’ ने ऐलान कर दिया कि ये कार्यक्रम सिर्फ स्टेडियम में मौजूद फैंस के लिए ही है। इस दौरान चैनल ने कहा कि बाक़ी के मैच, हाइलाइट्स और अन्य चीजों का प्रसारण किया जाएगा। बता दें कि इस मैच से पहले कई लोगों ने पाकिस्तान के साथ मैच को महत्व देने का आरोप लगाते हुए इसके बॉयकॉट की अपील भी की थी। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने पूछा कि जब इस कार्यक्रम का प्रसारण ही नहीं होना था तो इसके लिए इतनी हाइप क्यों क्रिएट की गई?

कुछ लोगों ने ये भी कहा कि विरोध के कारण इस जश्न का प्रसारण नहीं किया गया। वहीं कई फैंस ने BCCI से अपनी निराशा भी जताई। अक्सर ऐसे कार्यक्रम टूर्नामेंट की शुरुआत में होते हैं, लेकिन इस बार भारत-पाकिस्तान मैच में इसे आयोजित किया गया जो विरोध का कारण बना। इस टूर्नामेंट का ओपनिंग मैच इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच 5 अक्टूबर को खेला गया था। भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर BCCI ने भी सोशल मीडिया के जरिए हाइप बनाई थी।

वहीं ‘पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड’ (PCB) ने ‘भारतीय क्रिकेट कन्ट्रोल बोर्ड’ (BCCI) द्वारा पीसीबी अध्यक्ष ज़का अशरफ के सम्मान में डिनर आयोजित किए जाने की खबर एक ट्वीट के जरिए दी थी। हालाँकि, अब ये ट्वीट डिलीट कर लिया गया है। ‘PCB मीडिया’ द्वारा किए गए इस ट्वीट में बताया गया था कि इस डिनर में कई सरकारी अधिकारी और BCCI के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। साथ ही पीसीबी ने इस कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो भी शेयर करने का वादा किया था।

MP बहाउद्दीन बहार ने दुर्गा पूजा को कहा ‘शराब का त्योहार’: बांग्लादेश में हिंदुओं ने विरोध में निकाला मार्च, मुस्लिमों ने कोमिला में किया हमला

बांग्लादेश में सांसद बहउद्दीन बहार के खिलाफ विरोध मार्च निकाल रहे हिंदू समुदाय पर हमला किया गया है। इसमें कई लोग घायल हो गए हैं। इन हिंदुओं का कसूर महज इतना था कि इन लोगों ने सांसद बहार द्वारा दुर्गा पूजा को ‘शराब का त्योहार’ बताने पर विरोध कर रहे थे। ये हमला कोमिला महानगर के नजरूल एवेन्यू इलाके में शुक्रवार (13 अक्टूबर) सुबह 11 बजे हुआ।

इस देश में ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है कि सरकार में बैठे लोग हिंदुओं के खिलाफ इस तरह की आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कर रहे हैं। ये वहीं देश है, जिसकी मुक्ति वाहिनी को भारत ने सैनिक सहयोग दिया था और ये पाकिस्तान से स्वाधीनता प्राप्त कर नरसंहार से निजात पाया था।

ग्लोबल टेलीविज़न के यूट्यूब पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में हिंदू समुदाय के सदस्यों को बचने के लिए भागते हुए देखा जा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले के दौरान एक महिला समेत कुल 5 लोग घायल हो गए। उनमें से एक के सिर पर भी गंभीर चोट भी आई। पीड़ितों में से तीन की पहचान आदित्य दास, सुनील दास और तन्मय दास के रूप में हुई है।

इस प्रदर्शन की अगुवाई बांग्लादेश युवा एकता परिषद, हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद (एचबीसीयूसी), छात्र एकता परिषद और महिला एकता परिषद ने किया था। ये संगठन कोमिला-6 निर्वाचन क्षेत्र अवामी लीग के सांसद बहउद्दीन बहार के दुर्गा पूजा को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के खिलाफ सड़क पर उतरे थे।

हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के महासचिव राणा दास गुप्ता के मुताबिक, सत्ताधारी आवामी लीग के सांसद बहउद्दीन ने 4 अक्टूबर 2023 को वार्षिक हिंदू बंगाली त्योहार को ‘मदजुक्तो पूजा’ (शराब का त्योहार) कहकर बदनाम किया था।

सांसद बहउद्दीन बहार ने यह भी दावा किया था कि अगर शराब की खपत कम कर दी जाए तो पूजा पंडालों की संख्या भी कम हो जाएगी। बहउद्दीन ने एक बार फिर से गुरुवार (12 अक्टूबर) को दुर्गा पूजा को शराब से जोड़ दिया।

गौरतलब है कि 28 सितंबर 2023 को ही मुंशीगंज जिले के मेयर फैसल बिप्लब ने हिंदू सांसद मृणाल कांति दास को ‘मलौं’ (हिंदुओं के लिए अपमानजनक शब्द), ‘नोपुंगशाक’ (नपुंसक) और ‘चांडाल’ (दलितों के लिए अपमानजनक शब्द) कहा था।

हिंदू त्योहारों को शातिर तरीके से निशाना बनाने से नाराज समुदाय के सदस्यों ने एक विरोध मार्च निकाला और अवामी लीग के सांसद के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। हालाँकि, प्रदर्शन पर ‘छात्र लीग’ और ‘जुबो लीग’ से जुड़े इस्लामवादियों ने हमला कर दिया।

जहाँ ‘छात्र लीग’ शेख हसीना के नेतृत्व वाली बांग्लादेश अवामी लीग की स्टूडेंट ब्रांच है तो वहीं ‘जुबो लीग’ इसी पार्टी की युवा बिग्रेड हैं। दुर्गा पूजा को लेकर विवादित टिप्पणी करने वाले बहउद्दीन बहार अवामी लीग के सांसद भी हैं।

‘ऐ मेरे अल्लाह, हिंदुस्तान में बसने वाली जातियों का खात्मा जल्द फरमा’: राजस्थान के आरिफ ने हमास-इजरायल के बहाने किया हिन्दुओं के नरसंहार का ऐलान, इंस्टा पर 92000 फॉलोवर्स

फ़िलिस्तीन और इज़राइल के बीच चल रहे संघर्ष के बीच पूरी दुनिया के मुस्लिम हमास के समर्थन में खड़े नजर आ रहे हैं। हमास द्वारा बेरहमी से मरे गए इजरायलियों की मौत का जश्न अधिकांश देशों में मुस्लिमों ने सड़क पर उतरकर मनाया। ऐसे में भारत में भी कट्टरपंथी पीछे नहीं हैं। वे इजराइल में हुए रक्तपात पर खुशी मना रहे हैं और भारत में हिंदुओं के खिलाफ इसी तरह के अत्याचार करने के मंसूबे पाले हुए हैं। वे अपनी कौम के दूसरे मुस्लिमों को हिंदुओं की हत्या के लिए उकसाने के लिए बार-बार नरसंहार का आह्वान कर रहे हैं।

ऐसा ही एक वीडियो सामने आया है राजस्थान के आरिफ नशरियात का, जो खुलेआम यहूदियों की तरह हिंदुओं के खून की वकालत कर रहा है। इंस्टाग्राम पर उसके लगभग 92 हजार फॉलोअर्स हैं और यूट्यूब पर पैंतीस हजार से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं और वह अक्सर अपने दर्शकों को जिहाद के लिए हथियार उठाने के लिए प्रेरित करता है। 

मुस्लिमों को हिन्दुओं के नरसंहार के लिए अपने हालिया वीडियो में आरिफ नशरियात ने कहा, ”जिन संघियों ने इकबाल, नासिर, जुनैद, वारिस और तबरीज़ की हत्या की और बसों, बाजारों, मस्जिदों, जंगलों और जेलों में मुसलमानों की हत्या की, मैं उन्हें चेतावनी देना चाहता हूँ कि वे अधिक से अधिक मुसलमानों को मारें। जैसा कि वे जानवरों की तरह चाहते हैं, लेकिन यह ध्यान में रखना चाहिए कि जब पैगंबर मुहम्मद का गुलाम चिल्लाएगा, तो वह पहाड़ों को हिला देगा।”

यहाँ यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि आरिफ ने वीडियो में जो नाम गिनाएँ हैं वे चोरों और गौ तस्करों के नाम थे और न्याय सुनिश्चित करने के लिए कानून अपना काम कर रहा है। दिलचस्प बात यह है कि उसने  अपने आरोपों का कोई सबूत नहीं दिया, क्योंकि वास्तव में, हिंदू ही हैं जिन्होंने मुसलमानों के हाथों अपनी जान गँवाई है, चाहे इस्लामी आतंकवाद के परिणामस्वरूप, हिंदुओं और उनके धार्मिक जुलूसों पर लगातार हमले या लव जिहाद के कारण, वजह कुछ भी हो। 

राजस्थानी मुस्लिम आरिफ ने इजराइल में निर्दोष नागरिकों की दिल दहला देने वाली मौतों के लिए अपनी ख़ुशी का इजहार  किया और दावा किया, “आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) और संघी ठग पहले से ही इजराइल में जो हुआ उसके बाद भयभीत हैं। दुनिया ने देखा कि इज़राइल, जिसे आप प्रचुर सुरक्षा और हथियारों के साथ एक प्रमुख शक्ति मानते थे, को फ़िलिस्तीनी मुसलमानों द्वारा कुत्तों की तरह मार डाला गया।”

उसने आगे कहा, “जिस तरह से आप भारतीय मुसलमानों को प्रताड़ित कर रहे हैं, सहाबा (इस्लाम के पैगंबर के साथी) को मक्का में काफिरों द्वारा बहुत अधिक प्रताड़ित किया गया था। हालाँकि, उन्होंने अल्लाह का कहर बनकर जवाबी कार्रवाई की और आप उमर के इतिहास और अली की तलवार से वाकिफ हैं। उमर और अली दोनों रशीदुन ख़लीफ़ा के ख़लीफ़ा थे, जो इस्लामी पैगंबर के उत्तराधिकारी के रूप में पहले  ख़लीफ़ा थे।

वहीं एक दूसरे वीडियो में वह इंटरनेट, गूगल और फेसबुक पर भड़ास निकालता नजर आ रहा है।

दिलचस्प बात यह है कि आईएसआईएस (इस्लामिक स्टेट ऑफ सीरिया एंड इराक) सहित दुनिया भर के कई कट्टरपंथी खिलाफत को बहाल करना चाहते हैं जहाँ मुस्लिम शासक हैं और काफिर या तो धर्म परिवर्तन करते हैं, गुलामी में रहते हैं या अपनी जान गँवा देते हैं।

आरिफ नशरियात ने हमास से जुड़े हमलावरों द्वारा किए गए जघन्य अपराधों पर खुशी जाहिर की और पोस्ट किया, “मेरे अल्लाह, आपने हम मुसलमानों के दिलों को बहुत शांति दी है। फ़िलिस्तीन के मुसलमानों को भी इसी प्रकार सफलता प्रदान करें और भारत में रहने वाले अत्याचारियों का भी शीघ्र अंत करें। आमीन।”

वहीं आरिफ नशरियात ने एक अन्य क्लिप में दावा किया कि पैगंबर मुहम्मद के दो दुश्मन थे, काफिर जो उन पर खुलेआम हमला करते थे और दूसरे धार्मिक पाखंडी जो उनकी पीठ पीछे भी ऐसा ही करते थे। “भारतीय मुसलमानों के भी दो विरोधी हैं। एक है बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) जो उन्हें सार्वजनिक तौर पर निशाना बनाती है और दूसरी कॉन्ग्रेस है जो छुपकर ऐसा करती है। जो भारतीय मुस्लिम इन पार्टियों का समर्थन करते हैं उन्हें समझ लेना चाहिए कि या तो वे काफिरों के साथ हैं या धार्मिक पाखंडियों के साथ। यदि मुस्लिमों का अंत भाजपा या कॉन्ग्रेस के साथ रहकर होता है तो यह काफिर या धार्मिक पाखंडी का होगा।”

उन्होंने गैर-मुसलमानों के प्रति अपनी घृणा व्यक्त करते हुए मुस्लिमों से पूछा, “इस्लाम में कहाँ कमी रह गई कि आप अपने लाभ के लिए इन राजनीतिक दलों में शामिल होना चाहते हैं? क्या पैगंबर कभी काफ़िरों या धार्मिक पाखंडियों के साथ जुड़े थे? आप किस तरह के इस्लाम का पालन करते हैं।”