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2 ही बच्चे पैदा करो, बेटियों को स्कूल भेजो, कट्टरता छोड़ो, बाल विवाह रोको: बोले असम के CM हिमंता – 4 शर्तें पूरी करें मियाँ, वरना नहीं चाहिए वोट

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने कहा है कि भाजपा को ‘चार क्षेत्रों में’ अगले 10 साल तक मुस्लिमों के वोट की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम भाजपा और पीएम मोदी के समर्थन में नारे रहे हैं तो वह लगा सकते हैं। लेकिन ‘परिवार नियोजन’ अपनाने और कट्टरता छोड़ने के बाद ही मुस्लिम भाजपा को वोट दें। बता दें कि असम में ब्रह्मपुत्र नदी व उसकी सहायक नदियों के आसपास के रेतीले क्षेत्र को ‘चार’ क्षेत्र कहा जाता है।

असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने यह बात रविवार (2 अक्टूबर, 2023) को गुवाहाटी में आयोजित एक कार्यक्रम में कही। सीएम हिमंता ने एक पत्रकार के सवाल के जवाब में कहा, “बीजेपी लोक कल्याण करेगी और मुस्लिम हमारा समर्थन करेंगे। लेकिन मियाँ लोगों को हमें वोट देने की जरूरत नहीं है। हमारा समर्थन करने में कोई समस्या नहीं है। वे हिमंता बिस्वा सरमा, नरेंद्र मोदी और बीजेपी जिंदाबाद के नारे लगाते हैं तो लगाने दीजिए।”

इस दौरान CM सरमा ने यह भी बताया कि वह मुस्लिमों से वोट माँगने कब जाएँगे। उन्होंने कहा, “जब चुनाव आएँगे तो मैं खुद उनसे अनुरोध करूँगा कि वे हमें वोट न दें। अगर वे परिवार नियोजन अपनाते हैं, बाल विवाह को रोकते हैं और कट्टरता छोड़ देते हैं तो हमें वोट दें। हालाँकि, इन चीजों का पूरा करने में 10 साल लग जाएँगे। इसलिए हम अभी नहीं, 10 साल बाद वोट माँगेंगे।”

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा को वोट देने वालों को दो या तीन से अधिक बच्चे नहीं पैदा करने चाहिए। अपनी बेटियों को स्कूल भेजना चाहिए। बाल विवाह नहीं करना चाहिए और कट्टरता छोड़कर सूफीवाद अपनाना चाहिए। उन्होंने ऐलान किया कि जब ये सभी शर्तें पूरी हो जाएँगी तो वो खुद वोट माँगने ‘चार’ क्षेत्र जाएँगे।

इस दौरान पत्रकारों ने उन्हें बताया कि ‘चार’ के कुछ इलाकों जहाँ बंगाली मुस्लिम रहते हैं, वहाँ स्कूल नहीं है। इस पर सीएम हिमंता ने कहा कि वे जल्द ही इन स्थानों में पढ़ाई के लिए व्यवस्था करेंगे। उन्होंने कहा, “ऐसा नहीं हो सकता कि अल्पसंख्यक छात्रों को पढ़ने का मौका नहीं मिलेगा। हम आने वाले दिनों में अल्पसंख्यक क्षेत्रों में सात कॉलेज खोलेंगे।”

बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब सीएम हिमंता ने मुस्लिमों से वोट लेने के लिए मना किया हो। इससे पहले इसी साल अगस्त में भी उन्होंने कहा था कि फिलहाल उन्हें मुस्लिमों के वोट नहीं चाहिए। सभी समस्याएँ वोट बैंक की राजनीति के चलते होती हैं। वह हर महीने एक मुस्लिम इलाके में जाते हैं और उनके कार्यक्रमों में शामिल होते हैं। लेकिन वह यह सब वोट के लिए नहीं करते। वह चाहते हैं कि मुस्लिमों को यह पता चले कि कॉन्ग्रेस और मुस्लिमों का रिश्ता सिर्फ वोट बैंक से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने यह भी कहा था कि मुस्लिम उन्हें वोट न दें। अगले 10 साल तक वह विकास करेंगे। वह चाहते हैं कि बाल विवाह पूरी तरह से खत्म हो और लोग मदरसों की जगह कॉलेजों में पढ़ने जाएँ। सीएम सरमा ने यह भी कहा था कि कॉन्ग्रेस ने मुस्लिम इलाकों में स्कूल नहीं बनाए। लेकिन वे उनका विकास करना चाहते हैं। 10-15 साल तक विकास करेंगे। फिर मुस्लिमों से वोट माँगेंगे।

भारत की Indri दुनिया की बेस्ट व्हिस्की: 2 साल के भीतर जीत चुकी है 14 इंटरनेशनल अवॉर्ड, जानिए ‘इंद्रीसुख’ की क्या है कीमत

क्या आप शराब पीते हैं? व्हिस्की लवर हैं? जवाब हाँ है तो फिर यह खबर आपके लिए है। भारत की स्वदेशी ब्रांड इंद्री (Indri Whisky) ने ‘व्हिस्की ऑफ द वर्ल्ड अवॉर्ड्स’ में दुनिया की सबसे बेहतरीन व्हिस्की का खिताब जीता है। भारतीय सिंगल मॉल्ट को ‘बेस्ट इन शो, डबल गोल्ड’ के अवॉर्ड से नवाजा गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘व्हिस्की ऑफ द वर्ल्ड अवॉर्ड्स’ में खुद को सबसे बेहतरीन व्हिस्की कंपनी साबित करने के लिए हर साल दुनियाभर की कई बड़ी कंपनियाँ हिस्सा लेती हैं। यह प्रतियोगिता कई राउंड तक चलती है। शराब के स्वाद को परखने वाले शीर्ष लोगों और इंफ्लूएंसर्स का एक पैनल इन व्हिस्की को टेस्ट करता है। इसके बाद प्रतियोगिता में शामिल हुई व्हिस्की में से सबसे अच्छी व्हिस्की का चयन किया जाता है।

‘मेड इन इंडिया’ इंद्री व्हिस्की सिंगल माल्ट ने स्कॉच, बोरबॉन, कैनेडियन, ऑस्ट्रेलियाई और ब्रिटिश सिंगल माल्ट समेत सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों को हराकर खुद को सर्वश्रेष्ठ व्हिस्की साबित किया है। ‘व्हिस्की ऑफ द वर्ल्ड अर्ड्स’ में ‘इंद्री दिवाली कलेक्टर एडिशन 2023’ को ‘बेस्ट इन शो, डबल गोल्ड’ के खिताब से नवाजा गया है। इंद्री की यह जीत भारतीय व्हिस्की की गुणवत्ता और दुनिया भर में तेजी से बढ़ती लोकप्रियता का बड़ा सबूत है।

व्हिस्की ब्रांड इंद्री को लॉन्च हुए अभी मात्र 2 ही साल हुए हैं। इसके बावजूद यह अब तक 14 से अधिक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी है। पिकाडिली डिस्टिलरीज ने इसे साल 2021 में हरियाणा में लॉन्च किया था। अपनी पहली सीरीज में इंद्री ने ट्रिपल-बैरल सिंगल माल्ट लॉन्च किया था। इसे जमकर पसंद किया गया।

सबसे बेहतरीन व्हिस्की होने का खिताब जीतने के बाद पिकाडिली डिस्टिलरीज के संस्थापक सिद्धार्थ शर्मा ने एक बयान में कहा, “यह भारत के लिए रोमांचक समय है। भारतीय व्हिस्की अब पीछे नहीं हैं। भारत की कहानी में हम अपनी भूमिका निभा रहे हैं।”

देश के अलग-अलग राज्यों में इंद्री व्हिस्की की कीमत अलग-अलग है। महाराष्ट्र में इसकी कीमत 5100 रुपए है। वहीं हरियाणा, गोवा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और कर्नाटक में इसकी कीमत 3100 रुपए के आसपास है। फिलहाल इंद्री दुनियाभर के 17 देशों के अलावा भारत के 19 राज्यों में उपलब्ध है। इसके अलावा इसी साल नवंबर से अमेरिका और यूरोप के कुछ राज्यों में इसकी सप्लाई शुरू होने जा रही है।

कपड़े सिलवाने के बहाने आते हैं, दर्जी का गला काट देते हैं… PM मोदी ने चित्तौड़गढ़ में उठाया कन्हैया लाल तेली की हत्या का मुद्दा, बोले – कॉन्ग्रेस को इसमें भी दिखा वोट बैंक

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई विकास योजनाओं की नींव रखी। उन्होंने कहा कि राजस्थान का चहुँमुखी विकास सिर्फ भारतीय जनता पार्टी ही कर सकती है। चित्तौड़गढ़ में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने अशोक गहलोत की सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने उदयपुर की घटना को महापाप करार दिया, तो महिला आरक्षण पर कॉन्ग्रेस पार्टी के स्टैंड को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने राजस्थान में भ्रष्टाचार को लेकर भी गहलोत पर हमला बोला।

कॉन्ग्रेस ने राजस्थान को लूटने में कोई कमीं नहीं छोड़ी

पीएम मोदी ने चितौड़गढ़ में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “यहाँ अशोक गहलोत सोते-जागते मुख्यमंत्री की कुर्सी बचाने में लगे थे और आधी कॉन्ग्रेस उनकी कुर्सी गिराने में जुटी थी। जनता को अपने हाल पर छोड़कर ये लोग आपसी लड़ाई में व्यस्त रहे। कॉन्ग्रेस ने राजस्थान को लूटने में कोई कमी नहीं छोड़ी।” उन्होंने आगे कहा, “5 साल में कॉन्ग्रेस सरकार ने राजस्थान की साख को तबाह कर दिया है। मैं बहुत दुखी मन से कहता हूँ कि जब अपराध, दंगे, महिलाओं-दलितों पर अत्याचार की बात होती है तो राजस्थान टॉप पर आता है। मैं बहुत दुःख के साथ आपने पूछता हूँ कि क्या 5 साल पहले आपने इसलिए राजस्थान को वोट दिया था?”

उदयपुर में हुआ महापाप

पीएम मोदी ने कहा कि उदयपुर में जो हुआ उसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने कहा कि लोग कपड़े सिलवाने के बहाने आते हैं और बिना किसी डर या खौफ के दर्जी का गला काट देते हैं, इस मामले में भी कॉन्ग्रेस को वोट बैंक नजर आया। उन्होंने कॉन्ग्रेस से पूछा कि उदयपुर दर्जी हत्याकांड में कॉन्ग्रेस पार्टी ने क्या किया, वोट बैंक की राजनीति की? बता दें कि भाजपा की निलंबित नेता नूपुर शर्मा का समर्थन करने के कारण कन्हैया लाल तेली की हत्या कर दी गई थी, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था।

पीएम मोदी ने दी राजस्थान को गारंटी

पीएम मोदी ने कहा, “आज मैं राजस्थान के हर गरीब, दलित, पिछड़े और आदिवासी परिवारों को गारंटी दे रहा हूँ कि हर गरीब को पक्की छत, पक्का घर दिया जाएगा। हमने राजस्थान के लाखों लोगों को पाइप से पानी पहुँचाने की गारंटी दी है। आज एक राज्य दूसरे राज्य को पानी देने से मना करता है, दोनों राज्यों में लड़ाई होती है लेकिन ये मेरी गारंटी थी कि अगर नर्मदा का पानी गुजरात को मिलता है और राजस्थान को जरूरत है तो राजस्थान को भी मिलेगा। आज बिना किसी विवाद के राजस्थान के कई गाँव, जिलों में नर्मदा का पानी पहुँच रहा है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चितौड़गढ़ में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “राजस्थान के नौजवानों के साथ जो धोखा किया गया है भाजपा उसकी तह तक जाएगी। यहाँ के पेपर लीक माफिया का पाताल में भी जाकर हिसाब किया जाएगा। मैं आपको भरोसा देता हूँ कि नौजवानों के भविष्य के साथ जिसने खिलवाड़ किया है ऐसे पेपर लीक माफिया को छोड़ा नहीं जाएगा, कड़ी सजा दिलाई जाएगी।”

‘कॉन्ग्रेस की विदाई की उल्टी गिनती शुरू’

पीएम मोदी ने कहा, “सीएम अशोक गहलोत को पता है कि कॉन्ग्रेस की विदाई की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। खुद गहलोत जी को भरोसा है कि वो जा रहे हैं और इसीलिए उन्होंने पहले ही भाजपा को बधाई दे दी है। उनकी गुजारिश है कि राजस्थान में भाजपा की सरकार बनने के बाद उनकी योजनाएं बंद न की जाएँ। मैं सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने के लिए गहलोत जी को धन्यवाद देना चाहता हूँ कि राजस्थान में भाजपा सत्ता में आएगी।”

कॉन्ग्रेस नहीं चाहती महिलाओं को हक मिले

चित्तौड़गढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “कॉन्ग्रेस के घमंडिया गठबंधन के नेता महिलाओं को लेकर कैसी अपमानित करने वाली बातें कर रहे हैं यह हम आए दिन देखते हैं। ये इस (महिला आरक्षण) कानून से नाराज़ हैं, ये नहीं चाहते कि महिलाओं को उनका हक मिले इसलिए जाति-धर्म के नाम पर भ्रम फैला रहे हैं।”

पुणे पुलिस की गिरफ्त से भागे ISIS आतंकी शाहनवाज को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार, बम धमाके की बना रहा था योजना: जामिया से दो साथी भी धराए

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ISIS के एक आतंकी शाहनवाज आलम उर्फ़ शैफी उज्जमा उर्फ अब्दुल्ला को गिरफ्तार किया है। शाहनवाज पर NIA ने 3 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। ISIS से जुड़े एक मामले में वह पुणे पुलिस की गिरफ्त से फरार था और दिल्ली में छिपकर रहता था।

शाहनवाज दिल्ली में आतंकी संगठन ISIS के स्लीपर सेल तैयार कर रहा था। शाहनवाज से हुई पूछताछ के आधार पर 2 अन्य संदिग्ध भी पकड़े गए हैं। इन सभी को जामिया इलाके से पकड़ा गया है। सोमवार (2 अक्टूबर 2023) को दिल्ली पुलिस ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरफ्तार आतंकी शाहनवाज मूल रूप से दिल्ली का रहने वाला है। पेशे से वह इंजिनियर है और पुणे में रहता था। शाहनवाज इसी साल महाराष्ट्र के पुणे में सामने आए ISIS मॉड्यूल का मेंबर था। तब उसके नेटवर्क में अब्दुल्ला शेख, रिज़वान अब्दुल हाजी और तलहा लियाकत खान भी शामिल मिले थे।

शाहनवाज को पुणे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन वो पुलिस कस्टडी से भाग निकला था। तब से उसकी तलाश NIA सहित बाकी एजेंसियाँ कर रहीं थीं। रविवार (1 अक्टूबर) को NIA ने दिल्ली के कुछ हिस्सों में दबिश भी डाली थी। हालाँकि तब शाहनवाज को गिरफ्तार नहीं किया जा सका था।

इस बीच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को शाहनवाज के जामिया इलाके में होने की सूचना मिली। पुलिस ने दबिश डालकर शाहनवाज को गिरफ्तार कर लिया। शाहनवाज ने पूछताछ में अपने 2 साथियों के भी नाम बताए। पुलिस ने उन दोनों संदिग्धों को भी जामिया इलाके से दबोच लिया।

बताया जा रहा है कि आरोपितों के पास से कुछ तरल पदार्थ बरामद हुआ है। प्रथम दृष्टया इसे हथियार बनाने का सामान माना जा रहा है। हालाँकि, बरामद सामान को जाँच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा कि वह है क्या। पकड़े गए आरोपितों से पूछताछ भी की जा रही है।

शाहनवाज ने ISIS के विदेशी आतंकियों से टेलीग्राम एप पर दोस्ती की थी। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक ये सभी विदेशी आकाओं से निर्देश ले रहे थे। तीनों मिलकर उत्तरी दिल्ली में किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में भी थे।

क्या था पुणे ISIS मॉड्यूल

दरअसल में पुणे पुलिस ने इसी साल जुलाई महीने में चोरी की बाइक के साथ 2 लोगों को पकड़ा था। इसमें शाहनवाज भी था। शुरुआत में पुलिस ने दोनों को वाहन चोर समझा पर जाँच में उनके ISIS नेटवर्क से जुड़े होने की बात सामने आई। इस बीच शाहनवाज पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था।

ISIS का संबंध सामने आने के बाद इस मामले की जाँच में NIA भी शामिल हुई। इसके बाद इस साल अगस्त माह में पुणे के कोंढवा स्थित एक घर में दबिश डाली। दबिश के दौरान बम बनाने और ब्लास्ट करने की ट्रेनिंग लेते हुए 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 3 अन्य संदिग्ध फरार हो गए थे।

फरार होने वालों के नाम रिज़वान अब्दुल हाजी, अब्दुल्लाह फ़ैयाज़ शेख और तलहा लियाकत खान है। इन तीनों के साथ शाहनवाज पर भी 3-3 लाख रुपए का इनाम रखा गया था। शाहनवाज की गिरफ्तारी के बाद अधिकारियों का दावा है कि पुणे ISIS केस में फरार अन्य आरोपितों को भी जल्दी गिरफ्तार किया जाएगा।

भारत को छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं… ‘तेजस’ के टीजर में फाइटर पायलट के अवतार में दिखीं कंगना रनौत, भारतीय वायुसेना के शौर्य का प्रदर्शन

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत की फिल्म ‘तेजस’ का रिलीज हो गया है। सोमवार (2 अक्टूबर, 2023) को सामने आए टीजर में कंगना रनौत फाइटर पायलट के अवतार में नजर आ रहीं हैं। उनकी यह फिल्म 27 अक्टूबर को बड़े पर्दे पर रिलीज होगी।

टीजर की शुरुआत ही रोंगटे खड़े कर देने वाले साउंड से होती है। इसके बाद कंगना रनौत भारतीय एयरफोर्स के बेस में फाइटर पायलट की यूनिफार्म में तैयार होती नजर आ रही हैं। उनकी यूनिफॉर्म में ‘तेजस गिल’ लिखा नजर आता है। यानी वह इस फिल्म में इसी रोल में नजर आने वाली हैं। उनके फाइटर जेट की भी एक झलक नजर आती है।

इसी बीच शानदार बैकग्राउंड म्यूजिक के साथ कंगना की आवाज में नैरेशन सुनाई पड़ता है, “जरूरी नहीं है हर बार बातचीत होनी चाहिए। जंग के मैदान में अब जंग होनी चाहिए। हो गया है मेरे वतन पे बहुत ही सितम। अब तो आकाश से बारिश नहीं, आग बरसनी चाहिए।” इसके बाद कंगना अपने फाइटर जेट की ओर बढ़ती नजर आ रही हैं।

ऐसा लगता है कि कंगना रनौत भारतीय वायुसेना के किसी बड़े मिशन की तैयारी में हैं। टीजर का अंत भी कंगना की आवाज में बेहद शानदार डॉयलॉग के साथ किया गया है, इसमें कंगना कहती हैं, “भारत को छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं।”

‘तेजस’ का यह टीजर सोशल मीडिया पर तेजी वायरल हो रहा है। खबर लिखे जाने तक फिल्म निर्माता RSPV के यूट्यूब चैनल पर ही महज 4 घंटों में 1.87 लाख से अधिक बार इसे देखा जा चुका है। टीजर के साथ ही फिल्म के ट्रेलर रिलीज को लेकर भी जानकारी दी गई है। टीजर में दिखाया गया है कि ट्रेलर भारतीय वायुसेना दिवस यानी 8 अक्टूबर को जारी किया जाएगा। वहीं फिल्म 27 अक्टूबर को रिलीज होगी।

फिल्म ‘तेजस’ भारतीय वायुसेना की फाइटर पायलट ‘तेजस गिल’ के इर्द गिर्द घूमती है। फिल्म में वायु सेना के पायलटों को होने वाली परेशानियों और उनके सामने आने वाली चुनौतियों को दिखाया गया है। साथ ही यह भी दिखाया गया कि सभी चुनौतियों का सामना करते हुए पायलट देश की रक्षा में लगे रहते हैं। ‘तेजस’ के टीजर को सोशल मीडिया में भी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।

टीपू सुल्तान की तलवार, अखंड भारत को हरे रंग से पोत छाप दी औरंगजेब की तस्वीर… कर्नाटक के शिवमोगा में ईद मिलाद पर पत्थरबाजी

कर्नाटक के शिवमोगा जिले में 1 अक्टूबर 2023 को ईद मिलाद के जुलूस के दौरान पत्थरबाजी की घटना हुई। कई वाहनों और घरों को भी निशाना बनाया गया। इस घटना के बाद धारा 144 लागू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार हालात अब नियंत्रण में हैं।

इस जुलूस की वायरल तस्वीरों और वीडियो में देखा जा सकता है कि अखंड भारत के नक्शे को हरे रंग से पोत कर उस पर मुगल शासक औरंगजेब की तस्वीर छाप दी गई है। साथ ही इस्लामी शासक टीपू सुल्तान के कटआउट और उसकी तलवार को भी प्रदर्शित किया गया था।

इसको लेकर भाजपा ने राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने राज्य की सिद्धारमैया सरकार को ‘तुगलक सरकार’ बताते हुए एक्स/ट्विटर पर पूछा है, “कॉन्ग्रेस सरकार ने कट्टरपंथियों को तलवार के साथ जुलूस निकालने की इजाजत क्यों दी? उनका असली इरादा क्या है? सरकार ने कर्नाटक पुलिस के हाथ क्यों बाँध दिए?”

वहीं मल्लेश्वरम से बीजेपी विधायक अश्वथ नारायण ने कॉन्ग्रेस सरकार को घेरते हुए कहा है कि कावेरी जल विवाद के निपटारे को प्राथमिकता देने की जगह वह सांप्रदायिक कट्टरता को बढ़ावा देने में लगी है। शिवमोगा में कट्टर टीपू सुल्तान के कटआउट और तलवार के साथ जुलूस लगाने की अनुमति देना निंदनीय है। यह मजहबी कट्टरपंथ को खुलेआम समर्थन जैसा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हिंसा जुलूस के दौरान शिवमोगा के रानीगुड्डा इलाके के शांति नगर में अचानक ही पत्थरबाजी शुरू हो गई। इसके बाद तनाव फ़ैल गया। दो पक्ष आमने-सामने आ गए। पत्थरबाजी में 6 लोग घायल हो गए। हालत बिगड़ते देख कर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इलाके में रैपिड एक्शन फ़ोर्स के साथ भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

नवभारत टाइम्स के अनुसार विवाद की जड़ में टीपू सुल्तान का एक विवादित कटआउट है। कटआउट में टीपू को दक्षिण भारत के एक हिन्दू योद्धा का कत्ल करते हुए दिखाया गया था। इसी चित्र पर एक मुस्लिम युवक द्वारा अपने खून से शेर टीपू लिख दिया गया। हिन्दू संगठनों ने इस कटआउट पर आपत्ति दर्ज करवाई। पुलिस ने भी जुलूस में शामिल लोगों से विवादित कटआउट को हटाने के लिए कहा। आखिरकार कटआउट को ढक दिया गया जिससे जुलूस में शामिल लोग नाराज हो गए।

आरोप है कि पत्थरबाजी में कई घरों को भी निशाना बनाया गया। शिवमोगा के एसपी जीके मिथुन कुमार ने बताया है कि इस घटना को लेकर कुछ लोगों की गिरफ्तारी की गई है। स्थिति अब नियंत्रण में है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।

जुलूस में टीपू सुल्तान की तलवार और औरंगज़ेब की होर्डिंग

जुलूस में टीपू सुल्तान की तलवार मेहराब की झाँकी निकाली गई थी। इस तलवार को बाकायदा मशीन से चारों तरफ घुमाया जा रहा था। तलवार की धार पर नीचे लाल रंग का निशान खून के प्रतीक के तौर पर दिखाया गया था। जुलूस के साथ चल रहे DJ पर जोर-जोर से म्यूजिक बज रहा था। इस वीडियो को @astitvam ने अपने (X) हैंडल पर शेयर किया है।

इसके अलावा जुलूस के एक एंट्री गेट पर अखंड भारत का कटआउट हरे रंग से पुता हुआ था। नक्शे के बीचोबीच औरंगजेब की फोटो लगी हुई थी। गेट के पिलर पर भी औरंगज़ेब को दिखाया गया था। औरंगजेब की फोटो के नीचे अंग्रेजी में मुस्लिम साम्राज्य लिखा हुआ था। इसी तरह से टीपू की तलवार के होर्डिंग पूरे शिवमोगा शहर में लगाए गए थे।

गौरतलब है शिवमोगा में ही फरवरी 2022 में बजरंग दल के कार्यकर्ता हर्षा की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। हिजाब के विरोध और भगवा शॉल के समर्थन में फेसबुक पोस्ट लिखने के कारण इस ह​त्या को अंजाम दिया गया था।

पादरी के रेप और टॉर्चर से परेशान महिला ने खाई 40 से ज्यादा नींद की गोलियाँ, अस्पताल में जिंदगी-मौत के बीच झूल रही; तमिलनाडु की घटना

तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में एक महिला ने नींद की 40 गोलियाँ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया है। महिला ने पादरी के यौन शोषण और प्रताड़ना से तंग आकर ये कदम उठाया है। आरोपित पादरी का नाम जगन (39) है, जो स्थानीय चर्च में पादरी है। उसका महिला से संपर्क चर्च में प्रार्थना के लिए आने-जाने के दौरान हुआ था।

महिला की हालत नाजुक

पुलिस के अनुसार, 40 वर्षीय महिला एक प्रार्थना सभा में शामिल हुई थी, जहाँ उसका पादरी जगन ने यौन उत्पीड़न किया। उत्पीड़न से दुखी होकर महिला ने आत्महत्या का प्रयास किया। महिला को बेहोशी की हालत में परिजनों ने तिरुनेलवेली सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया है। उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

आरोपित पादरी जगन पुलिस की गिरफ्त से बाहर

महिला के परिजनों ने पुलिस को शिकायत दर्ज करा दी है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जगन के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है। पुलिस ने पादरी द्वारा यौन उत्पीड़न की इस घटना को गंभीर बताया है। फिलहाल पादरी की तलाश की जा रही है।

देवरिया में प्रेम यादव की हत्या के शक में गिरा दी 5 लाशें, दुबे परिवार के पति-पत्नी और उनके 3 बच्चों की हत्या: किसी का गला काटा तो किसी को मारी गोली

उत्तर प्रदेश के देवरिया के रुद्रपुर तहसील स्थित फतेहपुर गाँव के लेहड़ा टोला हुई नरसंहार की घटना की खबर पूरे राज्य में आग की तरह फ़ैल गई है। तनाव और हिंसा की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस-प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं। मामला यादव और दुबे परिवार के बीच हिंसा का है। यादव परिवार के एक व्यक्ति की मौत के बाद ब्राह्मण परिवार के 5 लोगों को मार डाला गया। कुल 6 लोग घायल हुए थे, जिन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया।

इनमें से 5 की मौत की पुष्टि अस्पताल की तरफ से की गई है। स्पेशल DG प्रशांत कुमार (कानून-व्यवस्था) ने बताया है कि ये प्रथम दृष्टया आपसी रंजिश का मामला है। सोमवार (2 अक्टूबर, 2023) के दिन सत्यप्रकाश दुबे के घर प्रेम यादव नामक व्यक्ति आया हुआ था। दोनों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि सत्यप्रकाश दुबे व उसके परिजनों ने मिल कर प्रेम यादव की हत्या कर दी। कुछ देर बाद प्रेम यादव के टोले अभयपुर से भड़के हुए लोगों ने दुबे परिवार के घर पर हमला बोल दिया।

इसे 5 लोगों की मौत हो गई। इस घटना में अब तक 2 को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुःख जताते हुए इसकी निंदा की है और ADG, IG एवं कमिश्नर को घटनास्थल पर पहुँचने का निर्देश दिया है। उन्होंने घायलों के समुचित उपचार का आदेश देते हुए आश्वासन दिया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। दुबे परिवार के मृतकों में पति-पत्नी, 2 बेटी और एक बेटा शामिल हैं। वहीं एक बेटा गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज चल रहा है।

सुबह-सुबह इलाका गोलियों की तड़तड़ाहट से गूँज उठा, जिससे लोगों में डर और तनाव का का माहौल बन गया। आनन-फानन में DM मौके पर पहुँचे। प्रेम यादव जिला पंचायत सदस्य भी रह चुका था। सत्य प्रकाश दुबे का आरोप था कि प्रेम यादव उसकी जमीन पर कब्ज़ा करता जा रहा है। सोमवार की सुबह प्रेम यादव का गला कटा हुआ शव मिला, जिसके बाद हंगामा हो गया। हत्या का शक सत्यप्रकाश दुबे पर गया और लाठी-डंडा, बंदूक और धारदार हथियारों से उसके घर पर हमला कर दिया गया।

सत्यप्रकाश दुबे के घर में भीड़ के सामने जो भी आया उसकी हत्या कर दी गई। किसी का गला काट डाला गया तो किसी को गोली मार दी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से चल रहे इस जमीनी विवाद की खबर पुलिस को भी थी। मृतकों में शामिल हैं – सत्यप्रकाश दुबे (52), उनकी पत्नी किरण दुबे (52), इन दोनों की बेटियाँ सलोनी (18) और नंदिनी (10), उनके बेटे गाँधी (15) और प्रेम यादव। जहाँ सत्यप्रकाश दुबे के पिता का नाम जनार्दन दुबे है, वहीं प्रेम यादव के पिता का नाम रामभवन यादव है।

ट्रैफिक रूल तोड़ने पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न, पैसे लेकर आतंकवादियों की मदद: हिलाकर रख देगा DSP आदिल मुश्ताक का सेक्स और टेरर ट्रैप

हाल ही में गिरफ्तार किए गए जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी शेख आदिल मुश्ताक को निलंबित कर दिया गया है। उन्हें अगले आदेश तक प्रदेश सरकार ने जोनल पुलिस मुख्यालय कश्मीर के साथ अटैच कर दिया है। मुश्ताक पर टेरर फंडिंग से जुड़े एक आरोपित को बचाने के लिए सबूतों से छेड़छाड़ करने और घूस लेने का आरोप है।

श्रीनगर पुलिस मुश्ताक को 21 सितंबर 2023 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस उसे 6 दिन की रिमांड पर लिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पाँच सदस्यीय एक SIT का गठन किया गया है और उसे इस मामले की जाँच सौंपी गई है।

प्रशासन की जाँच में सामने आया है कि आदिल मुश्ताक ने लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी उमल आदिल डार और जहूर मुज्जमिल पर सर्विलांस लगाया था। इसके बाद इसी साल फरवरी में उनके कब्जे से 32 लाख रुपए बरामद किए गए हुए। इस दौरान आदिल मुश्ताक की करतूत का पता चला।

इस दौरान पता चला कि इस पूरे मामले की जाँच करने वाला डीएसपी आदिल मुश्ताक ही था और उसने टेरर फंडिंग के आतंकियों को बचाने के लिए 2.7 लाख रुपए की घूस ली थी।मार्च 2023 में उसे नौगाम और जाँच से हटा दिया गया। तब मुश्ताक ने अपने जूनियर के जरिए फर्जी बयान दिलाकर मुज्जमिल को बचाने की कोशिश की थी।

मुश्ताक के खिलाफ लगने वाले आरोपों से जम्मू-कश्मीर पुलिस की हर तरफ आलोचना हो रही थी। इससे केंद्रशासित प्रदेश की पुलिस की छवि को भारी नुकसान हो रहा था। इसके बाद पुलिस ने आदिल मुश्ताक के खिलाफ सबूत जुटाने की कोशिश शुरू कर दी और आखिर कार पुलिस को ये सबूत हाथ लग ही गए। इसके बाद सरकार ने एक्शन लिया।

जाँच के दौरान यह बात भी सामने आई कि आदिल मुश्ताक अपनी गुड लुकिंग परनालिटी के साथ-साथ DSP जैसे महत्वपूर्ण पद का भरपूर मिसयूज करता था। जब वह ट्रैफिक पुलिस में था तो वह अपने पद का दुरुपयगो करते हुए लड़कियों का यौन शोषण करता था। इसके लिए उसने एक होटल में कमरा तक ले रखा था।

ट्रैफिक डिपार्टमेंट में बतौर डीएसपी मुश्ताक पैसे वाली परिवार से ताल्लुक रखने वाली लड़कियों को ट्रैफिक नियम तोड़ने पर अपने सामने पेश करवाता था। इनमें फर्जी मामले भी होते थे, जो उसके कहने पर बनाए जाते थे। मुश्ताक ने श्रीनगर के एक टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर में कमरा ले रखा था। वहीं पर धमकाकर इन लड़कियों का वह यौन शोषण करता था।

उस पर पिछले 6 महीनों तक लगाए सर्विलांस में सामने आए तथ्यों के आधार पर बनाए डोजियर में कहा गया है कि मुश्ताक होटल के कमरे में ले जाकर युवा महिला का शोषण का वीडियो भी बनाता था। इसके आधार पर उन्हें वह ब्लैकमेल भी करता था। उन्हें वह धमकाता था कि उसका सर्विस अभी लंबा है और आगे जाकर वे परेशानी में पड़ जाएँगी।

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, जाँच में यह बात भी सामने आई है कि आदिल मुश्ताक ने सीज किए गए 200 से अधिक जानवरों को उसने बेच दिया। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर पर्यटन विभाग के दरफ्तर से वह 4 टेंट और 16 स्लीपिंग एवं कैरी बैग से भी लेकर अपने घर चला गया।

आदिल अपने ऐशो-आराम की जिंदगी जीने के लिए सरकारी संपत्तियों का भी खूब दुरुपयोग करता था। उसे सोशल मीडिया का भी खूब शौक था। वह इन पर खूब सक्रिय रहता था। उसके लगभग 47000 फॉलोअर हैं। वह सोशल मीडिया पर अपनी ऐशो आराम की जिंदगी का खूब प्रदर्शन करता था।

साल 2020 में ऐसे ही एक और डिप्टी एसपी देविंदर सिंह को गिरफ्तार किया गया था। टेरर फंडिंग में सहयोग करने के कारण देविंदर को आखिरकार सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। कहा जा रहा है कि आदिल को भी बर्खास्त किया जा सकता है।

डीएसपी शेख आदिल के दिल्ली के कई मीडिया संस्थानों से अच्छे संबंध थे। इसके अतिरिक्त, वह जम्मू और कश्मीर पुलिस विभाग के बड़े अधिकारियों के साथ भी लंबे समय से संपर्क बनाए हुए था। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपने घर से कूदकर भागने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

सबने मान लिया डूबकर मर गया 14 साल का लखन, लेकिन समुद्र में सहारा बने रहे गणेश जी: मूर्ति पकड़कर 36 घंटे तक तैरता रहा

गुजरात के सूरत से एक अविश्वसनीय मामला सामने आया है। 14 साल का एक बच्चा समुद्र में डूब गया। परिवार वाले उसके शव की बाट जोह रहे थे। लेकिन 36 घंटे बाद जब वह नवसारी में बीच समुद्र में मछुआरे को मिला तो उसकी साँसे चल रही थी। इस दौरान यह बच्चा गणेश जी की प्रतिमा के फ्रेम के सहारे तैरता रहा था।

यह बच्चा 14 साल का लखन है। वह 29 सितंबर 2023 को अपने भाई करन करन और बहन अंजली तथा अपनी दादी के साथ अम्बाजी मंदिर घूमने आया था। मंदिर में दर्शन के बाद बच्चे समुद्र तट पर जाने की जिद दादी से करने लगे। दादी उन्हें डुमास तट पर सैर के लिए लेकर गईं।

दोनों भाई समुद्र की लहरों के बीच खेल रहे थे। दोपहर का समय होने के कारण समुद्र की लहरे तेज थीं। दोनों को लहरे अपने साथ बहा ले गई। शोर मचाने पर करन को आसपास खड़े लोगों ने बचा लिया, लेकिन लखन लहरों के साथ बह गया।

लखन के लहरों में बहने के बाद पुलिस और अग्निशमन विभाग को जानकारी दी गई। लेकिन समुद्र में हलचल के कारण उसका कोई पता नहीं लगाया जा सका। परिवार ने लखन के जीवित मिलने की उम्मीद छोड़ दी। उसका शव मिलने की बाट जोह रहे थे।

लेकिन 1 अक्टूबर की शाम को लखन के पिता विकास देवीपूजक को नवसारी से एक फ़ोन आया। लखन का परिवार नवसारी पहुँचा तो पाया कि वह जीवित और पूरी तरह से स्वस्थ है। लखन को कोई चोट भी नहीं आई थी।

गणेश प्रतिमा के अवशेषों के सहारे समुद्र में डूबने से बचा लखन

लखन के समुद्र में बहने के पश्चात एक गणेश प्रतिमा के अवशेष उसके हाथों में आ गए। इसके सहारे वह समुद्रतल पर तैरता रहा। लखन बहते-बहते डुमास से गुजरात के नवसारी जिले की तरफ पहुँच गया था। नवसारी के एक मछुआरे रासिक टंडेल समुद्र में मछलियाँ पकड़ने गए हुए थे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि कोई एक लकड़ी के सहारे तैर रहा है और सहयाता माँग रहा है।

इसके पश्चात रासिक ने नाव लखन की तरफ मोड़ दी और रस्सी के सहारे उसे अपनी नाव में खींच लिया। बदहवास हालत में मिले लखन को रासिक ने खाना-पानी और चाय दी तथा उसके परिवार को सूचित किया। इसके पश्चात पुलिस ने लखन के परिवार से सम्पर्क साधा।

परिवार ने छोड़ दी थी उम्मीद

परिवार ने लखन के जीवित मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी। लखन के पिता ने कहा है कि अम्बा माता की कृपा से उनका बच्चा बच सका है। समुद्र तट पर लाए जाने के बाद लखन को प्राथमिक उपचार दिया गया था।

लखन से मिलने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सी आर पाटिल भी पहुँचे थे।