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बिहार में SSB जवान की गोली मारकर हत्या, रिपोर्ट में दावा- सड़क पर तड़पते रहे पर पुलिस ने नहीं रोकी गाड़ी: माँ का इलाज करवाकर लौट रहे थे घर

बिहार के मोतिहारी जिले में सशस्त्र सीमा बल (SSB) के एक जवान की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। मृतक का नाम धर्मेंद्र कुमार है, जो मधुबनी में तैनात थे। 40 वर्षीय धर्मेंद्र अपनी बीमार माँ के इलाज के लिए 15 दिनों की छुट्टी पर मोतिहारी आए थे। घटना बुधवार (6 सितंबर 2023) की है। पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार करने का दावा किया है। बाकी आरोपितों की तलाश की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना मोतिहारी के चिरैया थाना क्षेत्र में पड़ने वाले नयाका टोला की है। मृतक के भाई मनोेज ने बताया कि वो अपने भाई के साथ बीमार माँ का इलाज करवाने ट्रेन से पटना गए थे। बुधवार रात वो अपनी माँ और अपने भाई धर्मेंद्र के साथ हनुमान मंदिर के पास बाइक से अपने घर की तरफ लौट रहे थे।

इसी दौरान एक अन्य मोटरसाइकिल पर सवार होकर 2 संदिग्ध बदमाश वहाँ पहुँचे। दोनों ने धर्मेंद्र की बाइक रुकवाई और सारे पैसे उन्हें देने के लिए दबाव बनाया। जब मनोज ने पैसे न होने की बात कही तो आरोपितों ने गोली मारने की धमकी दी। मनोज का दावा है कि इस दौरान 2 अन्य संदिग्ध भी मौके पर मौजूद थे, जो थोड़ी दूर पर खड़े थे।

बताया जा रहा है कि थोड़ी ही देर में एक बदमाश ने धर्मेंद्र को निशाना बनाकर गोली मार दी। गोली SSB जवान की बाँह में लगी और वो जमीन में गिर पर छटपटाने लगे। मौका देखकर दोनों बदमाश वहाँ से भाग निकले। मनोज का आरोप है कि पुलिस घटनास्थल पर लगभग आधे घंटे बाद आई।

मृतक के भाई का कहना है कि उन्होंने पुलिस को रोकने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं रुके। पुलिस की गाड़ी को भी मृतक के भाई ने बीच सड़क पर खड़े होकर रोका। पुलिस की गाड़ी से मनोज अपने भाई को लेकर मोतिहारी के रहमानिया मेडिकल सेंटर पहुँचे। डॉक्टरों ने घायल का इलाज शुरू किया, लेकिन इसी दौरान उनकी मौत हो गई।

मृतक जवान बिहार के ही जिला मधुबनी में तैनात थे। वह मूल रूप से घोड़ासहन थाना क्षेत्र के सेखौन बगहा गाँव के निवासी थे। धर्मेंद्र 18 और 15 साल की 2 बेटियों के साथ 14 वर्षीय एक बेटे के पिता थे। पुलिस ने इस घटना में शामिल एक आरोपित को गिरफ्तार करने का दावा किया है। साथ ही अन्य संदिग्धों की तलाश जारी होने की जानकारी दी है। घटना से नाराज ग्रामीणों ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

‘मोदी-मोदी’ के नारों से राजस्थान के CM अशोक गहलोत का ‘स्वागत’, कॉन्ग्रेस में किनारे लगे सचिन पायलट: 8 चुनाव कमिटी में से एक की भी नहीं दी कमान

राजस्थान के भीलवाड़ा में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सामने ही मोदी-मोदी के नारे लगने से जहाँ राज्य की चुनावी हवा बदली हुई नजर आ रही है। वहीं पूर्व डिप्टी सीएम और राजस्थान कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट को पार्टी द्वारा गठित किसी भी चुनाव पैनल कमेटी में बड़ा पद नहीं दिया गया है। पार्टी ने बुधवार (6 सितम्बर, 2023) को 8 चुनाव समितियों की घोषणा की लेकिन सचिन को किसी भी समिति की अध्यक्षता नहीं दी गई है। हालाँकि उन्हें कुछ समितियों में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

वहीं दूसरी ओर भीलवाड़ा में युवाओं को देखकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जैसे ही अपना काफिला रोका तो युवा मुख्यमंत्री के सामने ही मोदी-मोदी के नारे लगाने लगे जिससे मुख्यमंत्री झेंपते नजर आए। इससे बीजेपी के परिवर्तन यात्रा का प्रभाव भी देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर इससे लोग राजस्थान के बदलते माहौल का कयास लगा रहे हैं।  

हालाँकि, मोदी-मोदी के नारेबाज़ी के बीच CM अशोक गहलोत अपनी गाड़ी से निकलकर सभी का हाथ जोड़कर अभिवादन करते हुए मुस्कुराए और वापस गाड़ी में बैठ कर चले गए। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है। 

कॉन्ग्रेस की चुनाव समितियों में सचिन पायलट को नहीं मिली बड़ी जिम्मेदारी

राजस्थान कॉन्ग्रेस ने पहले राज्य चुनाव समिति, राजनीतिक मामलों की समिति और स्क्रीनिंग समिति नाम से तीन चुनाव पैनल बनाए थे। इन सभी समितियों में से किसी भी समिति की कमान सचिन पायलट को न देकर पार्टी हाईकमान ने क्या सन्देश देना चाहा यह साफ नहीं है। लेकिन उन्हें सदस्य बनाया गया है। हालाँकि, उनके करीबी उम्मीद कर रहे थे कि उन्हें पार्टी का चुनाव अभियान चलाने वाली कैंपेन कमेटी की अध्यक्षता मिलेगी, लेकिन इस कमेटी के अध्यक्ष सीएम अशोक गहलोत के करीबी कैबिनेट मंत्री गोविंद राम मेघवाल को बनाया गया है। कहीं न कहीं राजस्थान में पार्टी अशोक गहलोत के सामने सचिन पायलट को उनका कद बताती नजर आ रही है। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के हवाले से कहा जा रहा है कि पार्टी द्वारा गठित चुनाव पैनल से पता चलता है कि यह केवल अशोक गहलोत का शो होने वाला है। बता दें कि पार्टी द्वारा गठित दो सबसे महत्वपूर्ण समितियाँ कोर कमेटी और समन्वय समिति (Coordination Committee) हैं।

जहाँ कोर कमेटी की अध्यक्षता पार्टी के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा करेंगे वहीं समन्वय समिति की अध्यक्षता खुद अशोक गहलोत करेंगे, क्योंकि वह मुख्यमंत्री हैं। प्रचार समिति और मीडिया समिति की जिम्मेदारी भी गहलोत कैबिनेट के करीबी मंत्रियों को दी गई है। घोषणापत्र समिति की अध्यक्षता डॉ. सीपी जोशी करेंगे जो राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष हैं। अभी तक जिस तरह से पार्टी सचिन पायलट को राजस्थान में कोई बड़ी जिम्मेदारी देती नजर नहीं आ रही है इससे ​​साफ पता चलता है कि चुनाव का नेतृत्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ही करेंगे।

‘होश आया तो शरीर पर एक कपड़ा नहीं था’: घर में घुस शारीरिक संबंध बनाता था बचपन का दोस्त शुएब, निकाह को कहा तो भाई और दोस्तों के हवाले किया

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद की गैंगरेप पीड़िता आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की माँग को लेकर 6 सितंबर 2023 को SSP ऑफिस पहुँची। इस मामले में केस 19 अगस्त को दर्ज किया गया था। लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। पीड़िता के अनुसार गैंगरेप की घटना 18 जून 2023 की है। पर शुरुआत में लोकलाज के कारण उसने मुकदमा दर्ज नहीं कराया था।

पीड़िता ने अपने प्रेमी, उसके भाई सहित 2 अन्य आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज करवा रखी है। उसका कहना है कि पहले प्रेमी शुएब ने उससे रेप किया। फिर उसे अपने भाई और दोस्तों के सामने परोस दिया। कथित तौर पर आरोपितों ने गैंगरेप का वीडियो बना कर उसे वायरल करने की भी धमकी दी थी।

मुरादाबाद के पत्रकार सुमित टंडन ने ऑपइंडिया को बताया कि उनको आपबीती सुनाते हुए पीड़िता ने धमकी मिलने की भी बात कही है। उसका कहना है उस पर केस वापस लेने का दबाव डाला जा रहा है। कथित तौर पर आरोपित पीड़िता के रिश्तेदारों पर फर्जी केस करने की धमकी दे रहे हैं। पीड़िता की माने तो उसके फुफेरे भाइयों पर एक फर्जी केस करवा भी दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना मुरादाबाद के थाना क्षेत्र मझोला की है। पीड़िता और शुएब एक-दूसरे के पड़ोसी थे। बचपन में ही पीड़िता की माँ की मौत हो गई थी। शुएब से उसकी बचपन से दोस्ती थी। बालिग होने पर दोनों में प्यार हो गया। इसके बाद शुएब ने निकाह का वादा कर कई बार शारीरिक संबंध बनाए।

पीड़िता के अनुसार जब भी उसके पिता नहीं होते शुएब घर में घुस जाता और शारीरिक संबंध बनाता था। वह पीड़िता को अपने घर भी बुलाया करता था। लेकिन जब लड़की ने शुएब के परिजनों के सामने निकाह की इच्छा जताई तो उन्होंने इसका विरोध किया। शुएब भी रिश्ते से मुकर गया।

बचपन की दोस्ती और डेढ़ साल के रिश्ते के धोखा मिलने के बाद पीड़िता ने मझोला थाने में शिकायत दर्ज करवाई। इसके शुएब और उसके परिजनों ने रिश्ते के लिए हामी भर दी। पीड़िता के अनुसार यह साजिश थी। आरोप है कि 18 जून 2023 को शुएब एक कार में अपने भाई उवैश और 2 अन्य साथियों के साथ पीड़िता से मिला। उसने लड़की को हाइवे पर घुमाने के बहाने कार में बिठा लिया। कार में ही लड़की को समोसा खिला कर कोल्ड ड्रिंक पिलाई गई। इसके बाद लड़की बेहोश हो गई।

लड़की का आरोप है कि लगभग आधी रात को जब उसे होश आया तो उसने खुद को कुंदरकी में टॉवर के पास खड़ा पाया। उसके शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं था। वहाँ शुएब भी था जो मोबाइल से उसका वीडियो बना रहा था। आरोपित ने पीड़िता को उसका न्यूड वीडियो दिखा वायरल करने की धमकी दी। लड़की ने बदनामी के डर से काफी दिनों तक मुँह बंद रखा। 30 जुलाई को शुएब की अम्मी ने पीड़िता को धमकी दी। इस धमकी के बाद पीड़िता ने अपने प्रेमी शुएब, उसके भाई ओवैसी और 2 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। लड़की का कहना है कि आरोपितों की तरफ से उसे लगातार धमकियाँ मिल रही है।

मीडिया से बात करते हुए थाना प्रभारी कुंदरकी ने बताया कि अभी इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। साथ ही उन्होंने बताया कि महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की जाँच की जा रही है।

‘जैसे HIV और कुष्ठ सामाजिक कलंक, वैसा ही है सनातन’: उदयनिधि के बाद अब ए राजा के बिगड़े बोल, RJD नेता बोले- तिलकधारियों ने देश को गुलाम बनाया

सनातन धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का सिलसिला रूक नहीं रहा है। तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि के बाद अब डीएमके सांसद ए राजा ने सनातन धर्म की तुलना HIV और कुष्ठ रोग जैसी बीमारियों से तुलना की है। वहीं, राजद नेता जगदानंद सिंह ने कहा कि तिलक लगाकर घुमने वालों ने देश को गुलाम बनाया।

दरअसल, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया के मच्छर तथा कोरोना से की थी। साथ ही कहा था कि सनातन ने लोगों को जातियों के आधार पर बाँटा। अब ए राजा ने इसकी तुलना असाध्य बीमारियों से की है। इतना ही नहीं, ए राजा ने उदयनिधि का बचाव भी किया।

डीएमके सांसद ए राजा ने कहा कि सनातन धर्म पर उदयनिधि का रुख बहुत नरम था। इसकी तुलना सामाजिक कलंक वाली कुछ बीमारियों से की जानी चाहिए, जबकि उदयनिधि ने इसकी तुलना डेंगू और मलेरिया से की है। राजा ने कहा, “सनातन धर्म की तुलना HIV और कुष्ठ रोग जैसी सामाजिक कलंक वाली बीमारियों से की जानी चाहिए।” 

वहीं, I.N.D.A. गठबंधन का हिस्सा बिहार के राष्ट्रीय जनता दल के नेता जगदानंद सिंह ने भाजपा और RSS पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि तिलक लगाकर घुमने वालों ने भारत को गुलाम बनाया। RJD बिहार के अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा, “देश गुलाम किस समय हुआ? क्या उस समय कर्पूरी ठाकुर, लालू प्रसाद, राम मनोहर लोहिया जैसे नेता थे?”

राजद के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जगदानंद सिंह ने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में हिंदू मुस्लिम को बाँटने से काम नहीं चलेगा और ना ही देश मंदिर बनाओ या मस्जिद तोड़ो से चलेगा।

जगदानंद सिंह के बयान पर बिहार भाजपा के प्रवक्ता अरविंद सिंह ने कहा कि भारत को गुलाम वैसे टीकाधारी लोगों ने बनाया, जो सत्ता के लिए, कुर्सी के लिए, पद के लिए, राज्य के लिए अपना सब कुछ…. जमीर से लेकर जागीर और धर्म तक को बेच दिया। उन्होंने लालू यादव और नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग पुत्र को मुख्यमंत्री बनाने के लिए और कुछ लोग खुद प्रधानमंत्री बनने के लिए नकली जनेऊ पहन रहे हैं और नकली बाइबल पढ़ रहे हैं। 

उधर, एमके स्टालिन ने अपने बेटे उदयनिधि के बयान के बाद उनका बचाव किया है। स्टालिन ने कहा कि उदयनिधि ने अनुसूचित जातियों, जनजातियों और महिलाओं के खिलाफ भेदभाव करने वाले सनातन सिद्धांतों पर अपने विचार व्यक्त किए थे। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म या धार्मिक मान्यताओं को ठेस पहुँचाने का कोई इरादा नहीं था।

दरअसल, सनातन धर्म मिटाने की बात कही थी। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए जा रहे उनके भाषण की एक वीडियो क्लिप में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है, “सनातन धर्म को खत्म करने के लिए इस सम्मेलन में मुझे बोलने का मौका देने के लिए मैं आयोजकों को धन्यवाद देता हूँ। मैं सम्मेलन को ‘सनातन धर्म का विरोध’ करने के बजाय ‘सनातन धर्म को मिटाओ‘ कहने के लिए आयोजकों को बधाई देता हूँ।”

उदयनिधि ने कहा, “कुछ चीजें हैं जिनका हमें उन्मूलन करना है और हम केवल विरोध नहीं कर सकते। मच्छर, डेंगू, मलेरिया, कोरोना ये सभी चीजें हैं जिनका हम विरोध नहीं कर सकते, हमें इन्हें मिटाना है। सनातन ​​भी ऐसा ही है। विरोध करने की जगह सनातन ​​को ख़त्म करना हमारा पहला काम होना चाहिए।”

उन्होंने सवालिया लहज़े में पूछा, “सनातन क्या है? यह संस्कृत भाषा से आया शब्द है। सनातन समानता और सामाजिक न्याय के खिलाफ होने के अलावा कुछ नहीं है। सनातन का क्या अभिप्राय है? यह शाश्वत है, जिसे बदला नहीं जा सकता, कोई सवाल नहीं कर सकता है। यही इसका मतलब है। सनातन ने लोगों को जातियों के आधार पर बाँटा है और इसे बदला नहीं जा सकता।”

चीन का जहर रहा बेअसर, बोले नेपाल के विदेश मंत्री- भारत जैसा पड़ोसी होना सौभाग्य और गर्व की बात, हमारे विकास में है योगदान

भारत और नेपाल सदाबहार पड़ोसी रहे हैं। लेकिन चीन दोनों के रिश्तों में जहर घोलने की कोशिश करता रहता है। चीनी राजदूत की ऐसी ही कोशिशों का जवाब देते हुए नेपाल ने भारत का पड़ोसी होना सौभाग्य और गर्व की बात बताई है।

नेपाल के विदेश मंत्री नारायण प्रकाश सऊद ने बुधवार (6 सितंबर 2023) को कहा कि उनका देश भाग्यशाली है कि उसे भारत जैसा पड़ोसी मिला। उनके इस बयान से ठीक पहले नेपाल में चीन के राजदूत चेन सोंग ने पड़ोसी देश के साथ ‘गलत’ व्यवहार का आरोप भारत पर लगाया था। यह दर्शाने की कोशिश की थी कि भारत के साथ संबंध रखना नेपाल के हित में नहीं है।

सऊद ने संखुवासभा में शैक्षणिक संस्थान हिमालय किरण पब्लिक कैंपस भवन का उद्घाटन करते हुए कही। यह स्कूल भारत के आर्थिक सहयोग से बनाया गया है। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव भी इस दौरान मौजूद थे। नेपाल के भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें भी साझा की है।

क्या बोले नेपाल के विदेश मंत्री

नेपाल के भारतीय दूतावास ने सऊद की टिप्पणी का जिक्र अपने बयान में किया है। इसमें कहा गया है, “यह गर्व की बात है और नेपाल भाग्यशाली है कि उसके पास भारत जैसे पड़ोसी हैं, जिसने नेपाल और उसके लोगों के विकास में योगदान दिया है।”

नेपाल के विदेश मंत्री ने कहा कि यह विकासात्मक परियोजना खास तौर से अहम है, क्योंकि यह नेपाली छात्रों की पीढ़ियों के लिए शिक्षा सुनिश्चित करेगी और उनके भविष्य के करियर में मदद करेगी। सऊद ने यह भी कहा कि वह नेपाल के विकास में भारत से लगातार समर्थन की आशा रखते हैं।

कार्यक्रम में भारत के राजदूत श्रीवास्तव ने कहा कि यह परियोजना दोनों देशों की मजबूत विकास साझेदारी का अहम हिस्सा है। बयान के अनुसार, यह परियोजना नेपाल के साथ भारत की विकास साझेदारी का प्रतिबिंब है और नेपाल में शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी ढाँचे को बढ़ाने में नेपाल सरकार की कोशिशों की पूरक है।

क्या थी परियोजना?

हिमालय किरण पब्लिक कैंपस से जुड़ी परियोजना 37.40 मिलियन नेपाली रुपए की लागत यानी 23 करोड़ भारतीय रुपए की है। नेपाल में भारतीय दूतावास के बयान के मुताबिक, हिमालय किरण पब्लिक कैंपस की स्थापना 1949 में हिमालय मिडिल स्कूल के रूप में की गई थी।

साल 2005 में इस स्कूल को हिमालय किरण पब्लिक कैंपस नाम देकर डिग्री पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए अपग्रेड किया गया था। इस परिसर में 600 से अधिक छात्र हैं, जिनमें से 60 फीसदी लड़कियाँ हैं। यह परिसर वर्तमान में बैचलर इन मैनेजमेंट एंड एजुकेशन और मास्टर इन एजुकेशन कार्यक्रमों की पेशकश कर रहा है।

साल 2003 से नेपाल में भारत लगभग 550 सामुदायिक विकास परियोजनाएँ शुरू कर चुका है। इनमें से 483 पूरी हो चुकी हैं। इनमें से 84 परियोजनाएँ कोशी प्रांत में हैं। इसके अलावा भारतीय स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के मौके पर नेपाल के विभिन्न अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और शैक्षणिक संस्थानों को 974 एम्बुलेंस और 234 स्कूल बसें उपहार में दी गई हैं।

गौरतलब है कि नेपाल में चीन के राजदूत चेन सोंग ने भारत के साथ नेपाल के संबंधों को नकारात्मक तौर से पेश करने की कोशिश की थी। सोंग ने ‘नेपाल में भारत के प्रभाव’ के बारे में बात करते हुए उसे सावधानी से चलने की सलाह दी थी।

लव जिहाद के खिलाफ बंद रहा लेह, बौद्ध लड़की को लेकर भागे मुस्लिम युवक का अब तक पता नहीं: धर्मांतरण विरोधी कानून की उपराज्यपाल से माँग

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख से इसी साल जुलाई में लव जिहाद का एक मामला सामने आया था। बौद्ध लड़की को लेकर भागे मंजूर अहमद का अब तक पता नहीं चल पाया है। इसके विरोध में बुधवार (6 सितंबर 2023) को लेह बंद रहा। बौद्धों की एसोसिएशन ने उपराज्यपाल से इस तरह की घटनाओं पर रोक के लिए धर्मांतरण विरोधी कानून की माँग की है।

बुधवार को लद्दाख बुद्धिस्ट एसोसिएशन ने उपराजयपाल बी डी मिश्रा से मुलाकात की। उन्हें ज्ञापन सौंपते हुए लव जिहाद के खिलाफ कड़ा कानून बनाने की माँग की। दावा किया कि इलाके में लव जिहाद का गिरोह सक्रिय है। एसोसिएशन के कार्यवाहक प्रधान छीरिंग दोरजे ने मंजूर अहमद पर बौद्ध लड़की को पैसे का लालच देकर साथ ले जाने का आरोप लगाया। बंदी के दौरान प्रशासन से भी लव जिहाद के आरोपित पर सख्ती और लड़की को मंजूर अहमद की कैद से छुड़ा कर परिवार के हवाले करने की अपील की गई।

इस बंदी के दौरान निकले एक जुलूस में महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। जुलूस अंत में एक सभा के रूप में समाप्त हुआ। सभा में बौद्धों ने अपने समाज से भी लव जिहाद के खिलाफ जागरूकता की अपील की।

गौरतलब है कि आरोपित मंजूर अहमद कारगिल का रहने वाला है। उसके पिता नजीर अहमद बीजेपी से जुड़े थे। इस घटना के बाद उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया था। 74 साल के नजीर अहमद उस समय लद्दाख भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष हुआ करते थे। उनके 39 वर्षीय बेटे मंजूर अहमद पर 35 साल की बौद्ध लड़की को भगाकर ले जाने का आरोप जुलाई 2023 में लगा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नजीर का कहना था कि घटना के समय वे हज करने गए थे। उनका दावा था कि उनके बेटे ने बौद्ध महिला से साल 2011 में ही निकाह कर लिया था। कोर्ट मैरिज जुलाई 2023 में दोनों ने की। नजीर ने खुद को इस मामले में बेकसूर बताते हुए कहा था कि उनका पूरा परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। तब लद्दाख के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष प्रमुख फुंचोक स्टैनजिन ने कहा था कि ऐसी हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएँगी।

लद्दाख में धर्म से बाहर जाकर शादी करने को लेकर वहाँ का बौद्ध समुदाय हमेशा संवेदनशील रहा है। पिछले कुछ समय में मुस्लिम समुदाय के द्वारा बौद्ध समुदाय की लड़कियों से शादी की घटनाओं को लेकर तनाव की स्थिति सामने आती रही है।

जकार्ता से PM मोदी ने दिया ‘वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर’ का मंत्र, ASEAN को बताया भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का स्तंभ

दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के संगठन ASEAN का शिखर सम्मेलन इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में चल रहा है। 7 सितंबर 2023 से 20वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर’ का मंत्र दिया। आसियान को भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का केंद्रीय स्तंभ बताया।

पीएम मोदी ने कहा, “पिछले साल हमने भारत-आसियान मैत्री दिवस मनाया और इसे व्यापक रणनीतिक साझेदारी का रूप दिया। हमारी साझेदारी (भारत-इंडोनेशिया) चौथे दशक में पहुँच गई है। इस शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करना मेरे लिए गर्व और सम्मान की बात है। मैं इस शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो को बधाई देना चाहता हूँ।”

21वीं सदी को एशिया का बताते हुए पीएम मोदी ने कहा है कि वैश्विक विकास में आसियान की भूमिका अहम है। आसियान में सभी देशों की आवाज सुनी जाती है और हम पूरी दुनिया में ग्लोबल साऊथ की आवाज उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मुझे यकीन है कि आज हमारी बातचीत से भारत और आसियान क्षेत्र के भावी भविष्य को और सुदृढ़ बनाने के लिए नए संकल्प लिए जाएँगे।

आसियान को भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का केंद्रीय स्तंभ बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत की इंडो-पैसिफिक पहल में भी आसियान क्षेत्र का प्रमुख स्थान है। वैश्विक अनिश्चितताओं के माहौल में भी हर क्षेत्र में हमारे आपसी सहयोग में लगातार प्रगति हो रही है। उन्होंने वसुधैव कुटुंबकम का जिक्र करते हुए कहा कि ‘वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर’ की भावना भारत की जी-20 अध्यक्षता की थीम है।

इससे पहले जकार्ता में भारतीय समुदाय के लोगों ने प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत किया। गौरतलब है कि आसियान की स्थापना 1976 को हुई थी। मौजूदा वक्त में इसमें 10 देश शामिल हैं। इसका उद्देश्य दक्षिण-पूर्वी एशिया में राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक सहयोग स्थापित करना है। आसियान-भारत शिखर सम्मेलन के बाद पीएम मोदी 18वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इसके बाद वह जी20 शिखर सम्मेलन के लिए दिल्ली लौटेंगे। भारत 9 और 10 सितंबर को जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।

सनतान विरोधी बातें तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने की, पर नफरत फैलाने की FIR बीजेपी नेता अमित मालवीय पर

बीजेपी आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय पर तमिलनाडु में दर्ज की गई है। उन पर उदयनिधि स्टालिन के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने और नफरत फैलाने का आरोप है। उदयनिधि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे हैं।

उदयनिधि की सनातन विरोधी टिप्पणी को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा करते हुए मालवीय ने कथित तौर पर दावा किया था कि द्रमुक नेता और तमिलनाडु के मंत्री ने 80 प्रतिशत आबादी के ‘नरसंहार’ का आह्वान किया है। इसके खिलाफ सत्ताधारी डीएमके नेता की शिकायत पर 6 सितंबर को एफआईआर दर्ज की गई। यह एफआईआर जानबूझकर उदयनिधि की टिप्पणी को गलत तरीके से पेश करने और विभिन्न वर्गों के बीच वैमनस्य पैदा करने के आरोप में दर्ज की गई है।

यह FIR तिरुचिरापल्ली दक्षिण जिला की डीएमके शाखा के सदस्य व वकील केएवी दिनाकरन द्वारा त्रिची नगर पुलिस कमिश्नर को शिकायत दे कर दर्ज करवाई गई है। शिकायत में बताया गया है कि युवा कल्याण एवं खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन 2 सितम्बर 2023 को चेन्नई में तमिलनाडु प्रोग्रेसिव राइटर्स एंड आर्टिस्ट्स एसोसिएशन के सम्मेलन में विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। तब उदयनिधि ने सनातन धर्म के बारे में बात की और अपने भाषण का वीडियो ट्विटर पर शेयर किया था। शिकायत में आगे बताया गया है कि इस वीडियो को काट-छाँट कर गलत तरीके से पेश किया गया।

शिकायत के मुताबिक एडिट किए गए भ्रामक वीडियो से एक झूठा संदेश वायरल किया गया कि उदयनिधि ने सनातन धर्म मानने वाले 80% लोगों के नरसंहार का आह्वान किया है। DMK कार्यकर्ताओं के मुताबिक उदयनिधि स्टालिन ने कभी भी नागरिकों के नरसंहार का आह्वान नहीं किया। बताया गया कि स्टालिन ने सनातन के सिद्धांतों में मौजूद जाति और धार्मिक आधार पर होने वाले भेदभाव पर सवाल खड़ा किया और इससे प्रभावित लोगों की पैरवी की।

FIR Copy

स्टालिन के बयान पर सफाई पेश करते हुए इसी शिकायत में बताया गया है कि स्टालिन का कहना था कि जैसे कोरोना, डेंगू और मलेरिया सामाजिक नुकसान के लिए जिम्मेदार हैं, वैसे ही सनातन धर्म मनुष्यों के लिए हानिकारक है। शिकायतकर्ता ने अमित मालवीय पर अपने व्यक्तिगत लाभ और राजनैतिक स्वार्थ के लिए उदयनिधि स्टालिन के बयान को तोड़-मरोड़ कर वायरल करने का आरोप लगाया है। साथ ही इसे समुदायों के बीच नफरत व हिंसा फैलाने की साजिश करार दिया है।

शिकायतकर्ता दिनाकरन ने यह भी आरोप लगाया है कि अमित मालवीय के नेतृत्व में भाजपा लगातार यह वीडियो वायरल कर रही है, जिससे भाईचारा कमजोर हो रहा है। इस शिकायत पर त्रिची पुलिस ने अमित मालवीय पर IPC की धारा 153 (दंगा भड़काने के इरादे से जानबूझकर किया गया कार्य), 153 (ए) (विभिन्न वर्गों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना और एकता के लिए हानिकारक कार्य करना), 504 (जान-बूझकर इरादे से अव्यवस्था भड़काना), 505 के तहत मामला दर्ज किया है।

बताते चलें कि अपने बयान पर लगातार देशव्यापी विरोध होने के बावजूद उदयनिधि स्टालिन ने माफ़ी माँगने से इनकार किया था। उदयनिधि और उनका समर्थन करने वाले कॉन्ग्रेस नेता प्रियांक खड़गे के खिलाफ उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में FIR भी दर्ज हुई है।

‘G20 की अध्यक्षता सही समय पर सही हाथों में’: भारत आने से पहले बोले ऋषि सुनक- हिंदू होने के कारण भारत के लोगों से हमेशा जुड़ा रहूँगा

राजधानी दिल्ली में 9 और 10 सितंबर को G20 शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक भी आएँगे। भारत आने से पहले सुनक ने कहा है कि G20 की अध्यक्षता सही समय पर सही देश के हाथ में है। पीएम मोदी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा है कि भारत पूरी दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। खालिस्तानियों से निपटने के लिए ब्रिटेन और भारत साथ काम कर रहे हैं।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने समाचार एजेंसी PTI को दिए इंटरव्यू में कहा, “क्रिकेट की बात आती है तो मेरी बेटियाँ भारत का समर्थन करती हैं। वहीं फुटबॉल मैच में इंग्लैंड का समर्थन करती हैं। मुझे अपनी भारतीय जड़ों और भारत से अपने संबंधों पर बेहद गर्व है। मेरी पत्नी भारतीय हैं। एक गौरवान्वित हिंदू होने का मतलब है कि मेरा भारत और भारत के लोगों से हमेशा जुड़ाव रहेगा।”

सुनक ने प्रधानमंत्री बनने के बाद ब्रिटेन में अपनी पहली दीवाली को याद करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री बनने के बाद मैंने सबसे पहले डाउनिंग स्ट्रीट में दीवाली पर एक कार्यक्रम आयोजित किया था। वहाँ कई ब्रिटिश भारतीयों का स्वागत करने का अवसर मिला और इमारत को ऊपर से नीचे तक रोशनी और फूलों से सजाया हुआ देखना अविश्वसनीय था। यह मेरे लिए गर्व और भावुक कर देना वाला क्षण था।”

ब्रिटेन में तेजी से पैर पसारते खालिस्तानियों को लेकर पीएम सुनक ने कहा, “ब्रिटेन में किसी तरह का उग्रवाद स्वीकार नहीं है। मैं किसी भी प्रकार की हिंसक और विभाजनकारी विचारधाराओं को कंट्रोल करने के सरकार की स्थितियों को अच्छी तरह से समझता हूँ। हम खालिस्तान समर्थकों के चलते उत्पन्न खतरे से निपटने के लिए भारत सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “ब्रिटेन की पुलिस किसी भी हिंसक गतिविधि से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। भारत में इस तरह की राय है कि खालिस्तान का मुद्दा भारत और ब्रिटेन के आपसी संबंधों को खराब कर रहा है, लेकिन ऐसा नहीं है।” भारत और ब्रिटेन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) यानि मुक्त व्यापार समझौते को लेकर सुनक ने कहा है कि यह समझौता तभी होगा, जब यह ब्रिटेन के हित में होगा। 

सुनक ने PM मोदी की तारीफ करते हुए कहा, “भारत का आकार, विविधता और इसकी असाधारण सफलताओं का अर्थ है कि यह G20 की अध्यक्षता के लिए सही समय और सही देश है। मैं बीते वर्षों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करता रहा हूँ। भारत जिस प्रकार वैश्विक नेतृत्व कर रहा है, उसे देखना अद्भुत है।” 

‘इंडियन’ नहीं ‘भारत’… अक्षय कुमार ने बदल डाला फिल्म का नाम: बंगाल के कोयला खदान की कहानी, 34 साल पहले हुआ था ‘ग्रेट रेस्क्यू’

जब से मोदी सरकार ने देश के नाम के रूप में ‘भारत’ को प्राथमिकता देनी शुरू की है, तब से ये चर्चा चल रही है कि क्या 18 सितंबर को बुलाए जा रहे संसद के विशेष सत्र में देश का नाम ‘India’ हटा कर इसे सिर्फ भारत कर दिया जाएगा? विपक्षी दल इस पर जहाँ निशाना साधने में लगे हुए हैं, सोशल मीडिया में भी ‘इंडिया’ बनाम ‘भारत’ की बहस चालू है। इसी बहस के बीच अक्षय कुमार की आ रही नई फिल्म भी चर्चा का विषय बनी है। इस फिल्म में अक्षय कुमार सिख के किरदार में दिखाई दे रहे हैं।

अक्षय कुमार ने बुधवार (6 सितंबर, 2023) को अपनी नई फिल्म ‘मिशन रानीगंज: द ग्रेट भारत रेस्क्यू’ का पोस्टर जारी किया। बता दें कि पहले इस फिल्म का नाम ‘मिशन रानीगंज: द ग्रेट इंडियन रेस्क्यू’ रखा गया था, लेकिन ताज़ा विवाद के बीच ‘इंडियन’ को ‘भारत’ कर दिया गया है। ये कहानी भारत में कोयले के खदान में पहले रेस्क्यू ऑपरेशन की कहानी कहती है। ये कहानी पश्चिम बंगाल के रानीगंज कोल माइंस की है, जो 1989 में घटित हुई थी।

इस खादान में 64 ऐसे मजदूर थे जो कोयले की खदान में बाढ़ आने के कारण अंदर ही फँस गए थे। उस समय जसवंत सिंह नाम के एक शख्स ने खुद की जान दाँव पर लगा कर उन्हें बचाया था। उन्हीं के किरदार में अक्षय कुमार दिखने वाले हैं। अक्षय कुमार ने पोस्टर शेयर करते हुए लिखा कि 1989 में एक व्यक्ति ने असंभव को संभव बना दिया। उन्होंने लिखा, “भारत के सच्चे नायक की कहानी 6 अक्टूबर, 2023 को सिनेमा हॉल में देखिए।” उन्होंने फिल्म के 2 और पोस्टर जारी किए।

अक्षय कुमार ने पोस्टर शेयर करते हुए लिखा कि नायक कभी मेडल के लिए इंतजार नहीं करते हैं और वही करते हैं जो सही है। इस फिल्म का टीजर गुरुवार (7 सितंबर, 2023) को रिलीज होने वाला है। इस कहानी को टीनू सुरेश देसाई ने निर्देशित किया है। वो अक्षय कुमार के साथ ‘रुस्तम’ (2016) में काम कर चुके हैं। फिल्म में परिणीति चोपड़ा, कुमुद मिश्रा, पवन मल्होत्रा और रवि किशन जैसे कलाकार हैं। अक्षय कुमार की ‘OMG 2’ हाल ही में अच्छी चली है, ऐसे में उनके लोग इसे उनकी कमबैक फिल्म भी बता रहे हैं।