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कोहली-पंड्या को पछाड़ शुभमन गिल टीम इंडिया के ‘सबसे फिट’ क्रिकेटर: 5 खिलाड़ियों ने नहीं दिया यो-यो टेस्ट, लीक हुई रिपोर्ट से खुलासा

एशिया कप के लिए टीम इंडिया का ऐलान होने के बाद प्लेयर्स इसके लिए कमर कस चुके हैं। इसके लिए प्लेयर्स का मेडिकल और यो-यो टेस्ट हुआ। इसमें केएल राहुल, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, तिलक वर्मा, संजू सैमसन ने भाग नहीं लिया। वहीं, शुभमन गिल ने कप्तान रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या को पछाड़ते हुए टॉप किया।

यो-यो टेस्ट में दिखा शुभमन गिल का जलवा

बेंगलुरु के अलूर में स्थित कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन के ‘थ्री ओवल परिसर’ में 6 दिन की ट्रेनिंग आयोजन किया गया है। इसके लिए 24 अगस्त, 2023 को मेडिकल और यो-यो टेस्ट हुआ। इसमें ओपनर शुभमन गिल ने 18.7 के स्कोर के साथ टीम इंडिया के सबसे फिट खिलाड़ी बन गए। इसका मतलब यह है कि अब शुभमन गिल ने BCCI के फिटनेस के पैमाने पर विराट कोहली और हार्दिक पांड्या को पीछे छोड़ दिया है। बता दें कि विराट कोहली का यो-यो स्कोर 17.2 रहा

अपने यो-यो टेस्ट को लेकर विराट कोहली ने इंस्टाग्राम पर स्टोरी भी अपलोड की थी। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि यो-यो टेस्ट के आँकड़े सार्वजनिक करने पर बीसीसीआई ने विराट कोहली को फटकार लगाई है। साथ ही कहा है कि प्लेयर्स सोशल मीडिया पर अपनी फोटो या अन्य चीजें पोस्ट कर सकते हैं। इससे कोई समस्या नहीं है। लेकिन बीसीसीआई से जुड़ी गोपनीय जानकारी शेयर नहीं करनी चाहिए। यह कॉन्ट्रेक्ट के नियमों का उल्लंघन है।

5 खिलाड़ियों ने नहीं दिया यो-यो टेस्ट

वनडे विश्व कप की तैयारियों को देखते हुए एशिया कप को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में BCCI सभी प्लेयर्स की फिटनेस पर जोर दे रही है। हालाँकि टीम इंडिया के 5 खिलाड़ियों ने यो-यो टेस्ट में भाग नहीं लिया। इसमें केएल राहुल, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, तिलक वर्मा और संजू सैमसन का नाम शामिल है।

दरअसल, केएल राहुल चोट के चलते टीम इंडिया से लंबे समय से बाहर चल रहे हैं। उनकी फिटनेस टीम मैनेजमेंट की चिंता का विषय बनी हुई है। ऐसे में एशिया कप से पहले रिस्क से बचने के लिए BCCI ने राहुल का यो-यो टेस्ट न लेने का फैसला किया। वहीं बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, तिलक वर्मा और सैमसन हाल ही में आयरलैंड दौरे से लौटे हैं। इसलिए BCCI ने उन्हें यो-यो टेस्ट से छूट दी है।

एशिया कप के लिए टीम इंडिया कुछ इस प्रकार है:

रोहित शर्मा (कप्तान),शुभमन गिल, विराट कोहली, केएल राहुल, श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव, ईशान किशन (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या (उपकप्तान), रवींद्र जडेजा, शार्दूल ठाकुर, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, मोहम्मद शमी और प्रसिद्ध कृष्णा और संजू सैमसन (स्टैंड बाय)।

एशिया कप की शुरुआत 30 अगस्त से शुरू होगी। मेजबान पाकिस्तान और नेपाल के बीच पहला मैच मुल्तान में होना है। टूर्नामेंट के 4 मैच पाकिस्तान और 9 मुकाबले श्रीलंका में होंगे। टीम इंडिया अपने सभी मैच श्रीलंका में ही खेलेगी। टीम इंडिया 30 अगस्त को श्रीलंका के लिए रवाना होगी। भारत का पहला मैच 2 सितंबर को पाकिस्तान के खिलाफ बालागोला में होगा। वहीं, टूर्नामेंट का फाइनल 17 सितंबर को कोलंबो में होगा।

‘साड़ी को पिछड़ेपन की निशानी बताने वालो, ये देखो शिक्षा और संस्कृति का मिश्रण’: ISRO की महिला वैज्ञानिकों को देख बोले लोग – ये है भारतीय परिधान की ताकत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (26 अगस्त, 2023) को चंद्रयान-3 प्रोजेक्ट में शामिल भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की महिला वैज्ञानिकों से मुलाकात की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के ऐतिहासिक मून मिशन की कामयाबी में इन महिला वैज्ञानिकों की महत्वपूर्ण भूमिका की तारीफ की।

23 अगस्त को भारत के चंद्रयान-3 ने चन्द्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग की थी। इसके साथ ही भारत चाँद के इस इलाके में सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया। भारत की इस उपलब्धि में खासतौर से महिला वैज्ञानिकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वहीं आज  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को विदेश यात्रा से सीधे बेंगलुरु पहुँचकर, वैज्ञानिकों को बधाई देने इसरो पहुँचे। 

पीएम मोदी ने वैज्ञानिकों को सम्बोधित करते हुए सभी वैज्ञानिकों की उपलब्धियों की तारीफ की। वहीं अपना भाषण समाप्त करने के बाद PM मोदी महिला वैज्ञानिकों के बीच पहुँचे और हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया। उनके  साथ पीएम मोदी ने थोड़ी देर बातचीत की, फिर सभी महिला वैज्ञानिकों के साथ फोटो सेशन कराया। जिसका एक वीडियो सामने आया है। जिसमें सभी महिला वैज्ञानिक साड़ी में नजर आ रही हैं। 

वहीं सोशल मीडिया पर एक बार फिर साड़ी ट्रेंडिंग है।  लोग वामपंथियों सहित उन सभी को आइना दिखा रहे हैं जो साड़ी को पिछड़ा बताते आए हैं। हालाँकि, साड़ी उसी दिन से ट्रेन में बना हुआ है जिस दिन चंद्रयान-3 चाँद की सतह पर उतरा था। 

बता दें कि  भारत ने 23 अगस्त 2023 की शाम 6 बजकर 4 मिनट पर चाँद के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक लैंडर उतारने वाला पहला देश बन गया है।  वहीं बेंगलुरु स्थित इसरो के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “चंद्रयान-3 मिशन की सफलता कोई साधारण सफलता नहीं है। आपने पूरी दुनिया में भारत का लोहा मनवाया है, देश को गौरवान्वित किया है। इसमें महिला वैज्ञानिकों ने अहम भूमिका निभाई है।”

समाचार एजेंसी एएनआई ने महिला वैज्ञानिकों से प्रधानमंत्री मोदी के मुलाकात का एक वीडियो जारी किया है। जिसमें देखा जा सकता है कि पीएम मोदी से तारीफ के बाद इसरो की महिला वैज्ञानिकों में खुशी का माहौल है। वहीं इस वीडियो के वायरल होने के बाद साड़ी ट्रेंडिंग में है।  लोग साड़ी को जमकर प्रमोट कर रहे हैं। साथ ही लोग उन सभी को लताड़ लगा रहे हैं जो बुर्का को प्रोग्रेसिव और साड़ी को पिछड़ा बताते आए हैं। 

मिस्टर सिन्हा नाम के यूजर ने लिखा, “जरा भारत की इन उच्च शिक्षित महिला वैज्ञानिकों को देखिए, लगभग सभी साड़ी पहनने वाली विनम्र महिलाएँ हैं! शिक्षा और संस्कृति का उत्तम संयोजन… एकदम क्लासी।”

वहीं रोजी नाम की यूजर ने पोस्ट किया, “इंडिया टुडे – साड़ी पहनकर काम करना “कठिन” है? देखो इसरो की नारी शक्ति को! सभी महिला वैज्ञानिक शालीनता और आराम से भारतीय पोशाक साड़ी पहन रही हैं।”

सोशल मीडिया पर ऐसे कई ट्वीट हैं जो साड़ी और महिला वैज्ञानिकों की तारीफों से भरे हैं। ऐसे कई पोस्ट आप भी देखिए।

वहीं शुद्धदेशी नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “साड़ियाँ भारतीय महिलाओं की तरह हैं – बहुमुखी। वैज्ञानिकों से लेकर, व्यावसायिक बैठकों, राजनीतिक भाषणों, लाल कालीनों से लेकर भारतीय रसोई तक, वास्तव में उनके कई अवतार हैं। जो कोई भी कहता है कि साड़ी पिछड़ेपन की निशानी है, उसे यह देखना चाहिए। अपनी परंपरा को गर्व से पहनें।”

बता दें इससे पहले उस दिन भी साड़ी की खूब तारीफ हुई थी और सोशल मीडिया पर जमकर ट्रेंड किया था जिस दिन चंद्रयान लैंड हुआ था। ट्विटर पर तस्वीरें शेयर कर लोग अपनी प्रतिक्रियाएँ व्यक्त कर रहे थे। तब एक यूजर ने लिखा लिखा, “उन सब लोगों के मुँह पर यह एक तमाचा है जो कहते हैं कि साड़ी गरीब औरतें पहनती हैं। इसरो की वैज्ञानिकों पर गर्व है।”

दरअसल, भारतीय परंपरा को दर्शाती साड़ी शुरु से ही हर भारतीय महिला की पसंदीदा पोशाक रही है। यह जीत, सशक्तिकरण और प्रगति का प्रतीक मानी जाती है। ऐसे में इसरो की महिला वैज्ञानिकों का साड़ी, गजरा, बिंदी के साथ होना पूरे देश के लोगों का दिल जीत लिया है। यह उन लोगों के गाल पर तगड़ा तमाचा है जो साड़ी को पिछड़ेपन की निशानी बताते आए हैं।

वीडियो बनाने वाला निकला बच्चे का चचेरा भाई, अब्बा ने कहा – ‘मैंने ही शिक्षिका से कहा था कि मेरे बच्चे को टाइट करो, इसमें कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं’

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में स्थित नेहा पब्लिक स्कूल के वीडियो को प्रशासन ने वायरल नहीं करने के निर्देश दिए हैं। इस वीडियो में टीचर के निर्देश पर एक बच्चे को क्लास के अन्य छात्र पीटते दिखाई दे रहे हैं। इस घटना के बाद पीड़ित छात्र के अब्बा ने मामले को साम्प्रदायिक रंग न देने की अपील की है। वीडियो बनाने वाले छात्र के चचेरे भाई ने भी अपने वीडियो को गलत तरीके से वायरल किए जाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपित टीचर पर केस दर्ज कर लिया है। वहीं, स्कूल की मान्यता की जाँच स्थानीय प्रशासन द्वारा करवाई जा रही है।

ताजा घटनाक्रम में पीड़ित छात्र के अब्बा मीडिया के सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि उनका 7 वर्षीय बेटा क्लास 1 का छात्र है। घटना गुरुवार (24 अगस्त 2023) की है। छात्र के पिता ने अपने बेटे को महिला टीचर द्वारा बाकी छात्रों से पिटवाने के आरोपों की तस्दीक की है। घटना का वीडियो पीड़ित छात्र के चचेरे भाई ने बनाया है, जो उस दिन किसी काम से स्कूल गया था। छात्र के पिता ने बताया कि घटना से 3 दिन पहले उन्होंने टीचर से अपने बच्चे को टाइट रखने के लिए कहा था। हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि बच्चे पर हाथ केवल मैडम या कोई सीनियर छात्र ही उठा सकता था।

पीड़ित छात्र के अब्बा ने आरोप लगाया है कि उनके बच्चे को 1 से 2 घंटे टॉर्चर किया गया। फिलहाल बच्चे की तबियत ठीक है, लेकिन वो डरा हुआ है। इस दौरान उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी द्वारा फोन कर बेटे को हैदराबाद में पढ़ाई का ऑफर देने की जानकारी दी। हालाँकि, इस ऑफर को छात्र के अब्बा ने ठुकरा दिया और कहा कि इतनी कम उम्र में उतना दूर भेजने से मना कर दिया। वीडियो के अंत में पीड़ित के अब्बा ने इस मामले में हिन्दू-मुस्लिम का कोई मैटर होने से इंकार कर दिया। साथ ही उन्होंने माहौल ठीक होने और भाईचारा बरकरार रहने की जानकारी दी।

छात्र के अब्बा ने यह भी बताया कि जब वो शिकायत लेकर टीचर के पास गए तो उन्हें स्कूल में ऐसे ही नियम होने की जानकारी दी गई। वहीं, वीडियो बनाने वाले पीड़ित छात्र के चचेरे भाई का भी बयान सामने आया है। पीड़ित के चचेरे भाई ने बताया कि आरोपित टीचर ने कहा, “ये जो मुस्लिम महिलाएँ हैं ये अपने मायके चली जाती हैं और बच्चे पढ़ाई पर ध्यान नहीं देते।” उसने कहा कि वीडियो को बढ़ा-चढ़ा कर पेश की जा रही है।

‘रॉकेट्री’ को मिला नेशनल अवॉर्ड तो AR रहमान ने भी दी बधाई, बताया ‘ओपनहाइमर’ से बेहतर: R माधवन बोले – निःशब्द हूँ

आर माधवन के एक्शन, डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘रॉकेट्री: द नंबी इफेक्ट’ को 69वें नेशनल अवॉर्ड्स में बेस्ट फीचर फिल्म का अवॉर्ड मिला है। इस पर दो ऑस्कर और दो ग्रैमी अवॉर्ड पाने वाले गायक और संगीतकार एआर रहमान ने माधवन को बधाई दी है। साथ ही उनकी फिल्म को ‘ओपेनहाइमर’ से बेहतर बताया है।

‘रॉकेट्री: द नंबी इफेक्ट’ को नेशनल अवॉर्ड मिलने पर एआर रहमान ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कान्स फिल्म फेस्टिवल के दौरान किए अपने पुराने पोस्ट को रीपोस्ट किया। साथ ही लिखा, “बधाई हो माधवन। मुझे आज भी कान्स में आपकी फिल्म देखने का प्रभाव याद है। अब कबूल करना होगा कि मुझे आपकी फिल्म ओपेनहाइमर से ज्यादा पसंद आई।”

एआर रहमान के इस पोस्ट पर जवाब देते हुए आर माधवन ने उन्हें धन्यवाद दिया। साथ ही लिखा, “सर आप हमेशा से मेरे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा रहे हैं, लेकिन आज मैं नि:शब्द हूँ। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि मैंने जितना सोचा था कि मैं कर सकता हूँ, उससे कहीं अधिक मोटिवेटेड फील कर रहा हूँ। आप हर मायने में अद्भुत हैं और टीम रॉकेट्री आपको बता नहीं सकती कि इसका हमारे लिए क्या अर्थ है। भगवान का आशीर्वाद आप पर बना रहे।”

बता दें कि इससे पहले साउथ के सुपर स्टार रजनीकांत ने भी आर माधवन की तारीफ की थी। यही नहीं, उन्होंने नंबी नारायण की मौजूदगी में माधवन को सम्मानित भी किया था। वहीं अनुपम खेर ने फिल्म की तारीफ करते हुए कहा था कि इसे देखते-देखते वह रो पड़े थे।

गौरतलब है कि 69वाँ राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार साल 2021 की फिल्मों के लिए दिया गया है। बेस्ट फीचर फिल्म का अवॉर्ड पाने वाली फिल्म ‘रॉकेट्री: द नंबी इफेक्ट’ नंबी नारायणन नामक वैज्ञानिक के जीवन पर आधारित है। उन पर जासूसी का झूठा आरोप लगा था। यह फिल्म 1 जुलाई 2022 को सिनेमाघरों में आई थी। आर माधवन ने इस फिल्म की स्क्रिप्ट को लिखा, इसे डायरेक्ट किया और इसमें लीड रोल निभाया।

चन्द्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर 12 मीटर टहल आया ‘प्रज्ञान’: ISRO के पास अब आने लगेगा डेटा, पेलोड में गए मशीनों ने भी शुरू किया काम

‘चंद्रयान-3’ मिशन के चंद्रयान की चंद्रमा की सतह पर कामयाब सॉफ्ट लैंडिंग को तीन दिन हो गए हैं। इस शानदार खुशखबरी के बाद वहाँ से लगातार अच्छी खबरों का आना जारी है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने शनिवार (26 अगस्त, 2023) को चंद्रमा के साउथ पोल पर उतरे लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान के बारे में नई जानकारी दी। इसरो चैयरमेन ने कहा कि शनिवार सुबह रोवर ने 12 मीटर की दूरी तय कर ली है।

इसरो ने बताया रोवर वहाँ योजना के मुताबिक काम कर रहा है। ये रोवर कुल 500 मीटर की दूरी तय करने में सक्षम है। रोवर ने 25 अगस्त तक 8 मीटर की दूरी सफलतापूर्वक तय की थी। इसके साथ ही दो पेलोड भी सक्रिय कर दिए हैं। ये दोनों चंद्रमा की सतह पर विभिन्न डेटा जमा कर के विक्रम लैंडर को देंगे और उसके जरिए ये धरती पर इसरो के पास पहुँचेगा।

गौरतलब है कि दुनिया में भारत चौथा देश हैं जिसने चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिग की है तो वहीं वो पहला ऐसा देश है जिसने चंद्रमा के साउथ पोल पर पहुँचने में कामयाबी पाई है। इसी गौरवपूर्ण पल को यादगार बनाने के लिए पीएम मोदी भी शनिवार 26 अगस्त को बेंगलुरू पहुँचे हैं।

वो वहाँ इसरो के वैज्ञानिकों की हौसला-आफजाई और उनसे मिलने के लिए पहुँचे हैं। इस दौरान उन्होंने ऐलान किया कि ‘चंद्रयान-3’ की कामयाबी को देश में हर साल 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

लैंडर विक्रम का नाम ‘शिव शक्ति’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह इसरो के ट्रैकिंग और टेलीमेट्री घोषणा की कि जिस बिंदु पर चंद्रयान-3 का लैंडर विक्रम उतरा उसका नाम ‘शिव शक्ति’ रखा जाएगा, जबकि चंद्रयान-2 का लैंडर जिस बिंदु के पास पहुँचा था, उसे ‘तिरंगा’ कहा जाएगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि 23 अगस्त जिस दिन चंद्रयान-3 चंद्रमा पर सफलतापूर्वक उतरा को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

पीएम मोदी ने भावुक होते हुए कहा, “मैं 23 अगस्त के उस दिन का हर पल अपनी आँखों के सामने देख सकता हूँ। मैं आपके समर्पण को सलाम करता हूँ। मैं आपके धैर्य को सलाम करता हूँ। आपकी कड़ी मेहनत को सलाम करता हूँ। मैं आपकी प्रेरणा को सलाम करता हूँ।”

पीएम मोदी ने कहा, “भारत चंद्रमा पर है। हमारा राष्ट्रीय गौरव चंद्रमा पर है। हम उस स्थान पर पहुँच गए हैं जहाँ पहले कोई नहीं पहुँचा था। हमने वह उपलब्धि हासिल की है जो पहले किसी ने हासिल नहीं की थी! यह आज का भारत है, साहसी और बहादुर।” उन्होंने यह भी दोहराया कि कैसे अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी ने रोजमर्रा की जिंदगी में मदद की है। देश को दिन-प्रतिदिन चलाने और पारदर्शिता और दक्षता को सक्षम बनाने में मदद की।

रोवर चला 12 मीटर

इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने कहा, “चंद्रयान-3 रोवर प्रज्ञान ने शनिवार सुबह तक 12 मीटर की दूरी तय की थी। उन्होंने चंद्रमा से कई तस्वीरें पीएम के साथ साझा कीं।

दरअसल बुधवार (23 अगस्त, 2023) को ही ‘चंद्रयान-3’ चंद्रमा की सतह पर उतरा था। वहाँ लैंडर विक्रम ने साउथ पोल पर रोवर प्रज्ञान को उतारा था। लैंडर मॉड्यूल पर दो खंडों के फोल्डेबल रैंप ने रोवर को एक तार के साथ साउथ पोल की सतह पर नीचे लुढ़कने में मदद की। रोवर के चंद्रमा की सतह को छूने के बाद ये तार हटा दिया गया था। जैसे ही यह चल रहा था, एक सौर पैनल भी खुल गया, जिससे रोवर को अपने 500 मीटर के सफर के लिए 50W बिजली पैदा करने सुविधा मिल गई। इसी लैंडर को लेकर शुक्रवार इसरो ने ताजा अपडेट एक्स हैंडल पर डाला है।

इसरो ने लिखा, “सभी योजनाबद्ध रोवर गतिविधियों का सत्यापन किया गया है। रोवर ने लगभग आठ मीटर की दूरी सफलतापूर्वक पार कर ली है।” इसरो ने कहा, रोवर पेलोड एलआईबीएस (लेजर प्रेरित ब्रेकडाउन स्पेक्ट्रोस्कोप) और एपीएक्सएस (अल्फा पार्टिकल एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर) भी चालू कर दिए गए हैं।

सरल भाषा में कहें तो रोवर के चंद्रमा से आँकड़ा जुटाने के लिए जो योजनाएँ थी वो सटीक बैठी हैं और रोवर के इन आँकड़ों को इकट्ठा करने वाले दो पेलोड ने भी अपना काम शुरू कर दिया है। पेलोड के सभी संचालन वाले मॉड्यूल, लैंडर मॉड्यूल और रोवर सांकेतिक तौर पर काम कर रहे हैं।

रोवर इकट्ठा किया गया डेटा लैंडर को भेजेगा और फिर ये पिछले चंद्रयान मिशन-2 के ऑर्बिटर को ये भेजेगा। इसके बाद चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर ये डेटा पृथ्वी पर भेजेगा। चंद्रमा के साउथ पोल यानी दक्षिणी ध्रुव पर दिन होने के दौरान डेटा इकट्ठा करने के लिए सभी प्रयोग चालू कर दिए गए हैं। ये उपकरण वहाँ अगले दो सप्ताह यानी एक चंद्र दिन (चंद्रमा पर एक दिन 14 दिनों का होता है) तक प्रयोग और अवलोकन करेंगे। क्योंकि चंद्रमा में रात होते ही सूर्य के प्रकाश की कमी के वजह से इनके निष्क्रिय हो जाने की आशंका है।

‘चंद्रयान 3’ की लैंडिंग पॉइंट का नाम ‘शिवशक्ति’ रखे जाने से भड़की कॉन्ग्रेस, राशिद अल्वी ने बताया गलत: बोले – ‘जवाहर पॉइंट’ से समस्या नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंद्रयान 3 की लैंडिंग वाली जगह का नामकरण ‘शिवशक्ति’ क्या किया, कॉन्ग्रेस भड़क ही गई। राशिद अल्वी ने कहा कि ‘हम चाँद के मालिक थोड़े न हैं कि उसका नामकरण अपने हिसाब से कर लेंगे।’। राशिद अल्वी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ‘ऐसे ही’ काम करती है। इस बीच, जब एंकर ने राशिद अल्वी से पूछा कि चंद्रयान 1 के इंपैक्ट प्वॉइंट को कॉन्ग्रेस सरकार ने ‘जवाहर प्वॉइंट’ नाम दिया था, इस पर राशिद अल्वी अलग राग अलापने लगे।

राशिद अल्वी ने इंडिया टुडे चैनल पर फोन के माध्यम से जुड़े हुए थे। इसी दौरान उन्होंने यह बयान दिया। इस दौरान एंकर ने उन्हें याद दिलाया कि भाजपा सरकार भी चाहती तो उसका नाम अटल बिहारी वाजपेयी या नरेंद्र मोदी के नाम पर रख सकती थी। भाजपा भी तो यही कह रही है कि ‘हम राष्ट्र प्रथम रखते हैं, न कि परिवार प्रथम’।

इस पर राशिद अल्वी ने कहा कि की इसकी कोई तुलना ही नहीं है। जवाहरलाल नेहरू ने तो इसरो को ही बनाया है। उनका नाम रखने में दिक्कत नहीं। उन्होंने और विक्रम साराभाई ने मिलकर बनाया था। इसरो आज जो कुछ भी है, वो जवाहरलाल नेहरू की वजह से है। वहीं, भाजपा ऐसा करके सियासी फायदा उठाने की कोशिश की है। इस पर राजनीति की जा रही है।

इस मामले में जब एंकर ने कॉन्ग्रेस नेता राशिद अल्वी से पूछा कि ‘शिवशक्ति’ नाम रखने में राजनीति किस तरह से हो रही है, तो उन्होंने फोन कट कर दिया।

देखें पूरा वीडियो:

भाजपा ने परिवारवाद को लेकर बोला था हमला

इस कार्यक्रम में भाजपा के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कॉन्ग्रेस पर जोरदार हमला बोला था। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-2 के लैंडिंग प्वॉइंट का नाम पीएम मोदी ने ‘तिरंगा प्वॉइंट’ रखा तो चंद्रयान 3 की लैंडिंग साइट का नाम ‘शिवशक्ति’ रखा। कॉन्ग्रेस ने चंद्रयान1 के दौरान अपने परिवार के नाम पर रखा था।

उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस ने अपने समय में ‘जवाहर प्वॉइंट’ रखा। अगर ये यूपीए का शासनकाल होता तो इन प्वॉइंट्स का नाम वो इंदिरा, राजीव प्वॉइंट, राहुल और रॉबर्ट के नाम पर रख देती। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कॉन्ग्रेस और यूपीए की सोच परिवार प्रथम की है, जबकि भाजपा की सोच राष्ट्र प्रथम की।

ग्रीस से लौटते ही सीधे इसरो कमांड सेंटर पहुँचे थे पीएम मोदी

बता दें कि चंद्रयान 3 के लैंडर और रोवर के सफलतापूर्वक चाँद पर पहुँचने के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण अफ्रीका में थे। वो उस समय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसरो कमांड सेंटर से जुड़े थे। दक्षिण अफ्रीका से वे सीधे ग्रीस की आधिकारिक यात्रा पर चले गए थे।

ग्रीस की यात्रा खत्म करते ही वो सीधे इसरो के कमांड सेंटर पहुँचे और वैज्ञानिकों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने चंद्रयान 2 और चंद्रयान 3 की लैंडिंग साइट का नामकरण भी किया। साथ ही 23 अगस्त के दिन को ‘इंडियन स्पेस डे’ के तौर पर हर साल मनाने की घोषणा की।

दिल्ली के सरकारी स्कूल में मीड-डे-मील खाने के बाद बीमार हुए बच्चे, 70 छात्रों को कराया गया अस्पताल में भर्ती

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सागरपुर इलाके के एक सरकारी स्कूल में 70 से अधिक छात्रों ने स्कूल में मीड-डे-मील खाने के बाद पेट दर्द और उल्टी की शिकायत की। फिर बच्चों को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति स्थिर बताई जा रही है। यह घटना शुक्रवार, 25 अगस्त 2023 की है। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को मध्याह्न भोजन खाने के बाद कक्षा 6 से 8 तक के लगभग 70 छात्रों ने पेट में परेशानी और उलटी आने की शिकायत की। वहीं इस मामले में वहाँ के एक चिकित्सक ने बताया कि इन छात्रों को गंभीर उल्टी, उनींदापन और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं की शिकायत के बाद दीन दयाल उपाध्याय और दादा देव अस्पताल दोनों में भर्ती कराया गया था।

डीसीपी मनोज सी ने कहा कि लगभग शाम 6 बजे, सागरपुर पुलिस स्टेशन को एक पीसीआर कॉल मिली जिसमें बताया गया कि सागरपुर के दुर्गापार्क स्थित सर्वोदय बाल विद्यालय स्कूल में कक्षा छह से आठ तक के लगभग 70 छात्रों को दोपहर का खाना खाने के बाद उल्टी हुई है। 

पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) ने कहा कि छात्रों को पूड़ी, सब्जी और सोया ड्रिंक खाने में दिया गया था जिसके बाद छात्रों को उल्टी और पेट में परेशानी का अनुभव हुआ। डीसीपी ने कहा, “जब कुछ छात्रों ने दर्द की शिकायत की, तो भोजन और सोया ड्रिंक को बाँटने से रोक दिया गया।”

मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, यह बताया कि छात्रों को स्कूल में एक ऐसा सोया ड्रिंक दिया गया, जो एक्सपायर हो चुका था, उसके बाद ही बच्चों को पेट दर्द और उल्टी शुरू हुआ। फिलहाल, बच्चों को इलाज के बाद निगरानी में रखा गया है।

डॉक्टरों ने कहा, “लगातार उल्टी के कारण उनमें से कुछ को डिहाइड्रेशन की समस्या है। शुक्रवार शाम तक, हमने कुछ बच्चों को छुट्टी दे दी थी, जिन्हें हल्की समस्या थी। बाकी बच्चों की स्थिति पर हम बारीकी से नजर रख रहे हैं।”

वहीं इस मामले में दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने कहा, “स्कूल के मध्याह्न भोजन आपूर्तिकर्ता को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही पुलिस ने बचे हुए मीड डे मील के सैंपल को जाँच के लिए भेज दिया है।”

तिलक लगाने पर एजाज और कासिम ने हिन्दू बच्चे को पीटा, पैसे छीन कर तोड़ डाला फोन: मस्जिद जाकर नमाज पढ़ने और इस्लामी धर्मांतरण का भी दबाव

उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में एक नाबालिग हिन्दू लड़के को चंदन लगाने पर पीटने का मामला सामने आया है। नाबालिग पर इस्लाम कबूलने और मस्जिद में जा कर नमाज़ पढ़ने के दबाव का भी आरोप है। धर्मांतरण करने के लिए कासिम और एजाज नाम के आरोपितों द्वारा लालच भी दिया गया। पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है। घटना सोमवार (21 अगस्त, 2023) की है। फिलहाल दोनों आरोपित फरार हैं।

यह मामला थाना क्षेत्र सैनी का है। यहाँ ‘केसरिया हिन्दू वाहिनी’ नाम के संगठन के मंडल अध्यक्ष रामेन्द्र मिश्रा ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में बताया गया है कि 21 अगस्त को रामपुर धरावां गाँव में पीड़ित लड़का पंचायत भवन पर टीका लगा कर खड़ा था। इसी दौरान वहाँ कासिम और एजाज नाम के 2 युवक पहुँचे। दोनों ने पीड़ित को टीका लगाने के लिए टोका। साथ ही उन्होंने पीड़ित से मस्जिद में जा कर नमाज़ पढ़ने के लिए कहा। दोनों ने नमाज़ पढ़ने की एवज में हर दिन 50 रुपए देने का लालच भी दिया।

शिकायत में आगे बताया गया है कि पीड़ित ने कासिम और एजाज के इस ऑफर को ठुकरा दिया। मना करने से नाराज दोनों आरोपितों ने पीड़ित को बेरहमी से मारा-पीटा। आरोप है कि पीड़ित के पैसे भी छीन कर उसके मोबाइल को तोड़ डाला गया। शिकायत में एक अवैध मदरसे का भी जिक्र है जो रामपुर गाँव में चल रहा है। मदरसे के बारे में बताया गया है कि वहाँ समाज विरोधी गतिविधियाँ संचालित हो रही हैं। शिकायतकर्ता रामेन्द्र ने पुलिस से कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा जताई है। साथ ही कार्रवाई न होने पर आंदोलन का भी ऐलान किया गया है।

ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। पुलिस ने रामेन्द्र की शिकायत पर कासिम और एजाज पर IPC की धारा 323, 392 और 427 के साथ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म सम्परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 की धारा 3/5(1) के तहत केस दर्ज कर लिया है। SHO सैनी चंद्रभूषण मोरे ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि दोनों आरोपित फरार हैं जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।

ज़ुबैर के साथ मिल कर आतंकी नेटवर्क तैयार कर रही थी मुनीरा बेगम, हथियारों के जखीरे के साथ दोनों धराए: पाकिस्तान से आ रहे थे पैसे

कश्मीर में एक आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। इसमें मामले में सुरक्षाबलों ने एक आतंकी और उसकी एक महिला सहयोगी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आतंकी उत्तरी कश्मीर का है है, जबकि महिला मारे गए एक आतंकी की बीवी है। दोनों आतंकी नेटवर्क तैयार कर रहे थे।

दरअसल, सुरक्षाबलों ने संदिग्ध गतिविधियों को देखकर उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा इलाके में तलाशी अभियान चलाया था। इसी दौरान आतंकी नेटवर्क तैयार करने के षडयंत्र में शामिल एक स्थानीय आतंकी शफायत जुबैर ऋषि और मारे जा चुके आतंकी की बीवी मुनीरा बेगम को गिरफ्तार किया गया।

दोनों की निशानदेही पर हथियारों का एक बड़ा जखीरा भी बरामद किया गया है। ये दोनों पाकिस्तान में छिपकर बैठे आतंकी कमांडर मुश्ताक मीर के संपर्क में थे। मीर ने इन्हें हथियार और पैसा भेजा था। इसके जरिए वे घाटी में आतंकी नेटवर्क तैयार कर रहे थे।

सुरक्षाबलों को अपने सूत्रों से जानकारी मिली कि एक स्थानीय आतंकी दारदगुंड पेठकूट इलाके में आने वाला है। इसके आधार पर पुलिस ने सेना और सीआरपीएफ के जवानों के साथ मिलकर शुक्रवार यानी 25 अगस्त 2023 की रात को कुछ स्थानों पर नाके लगा दिए। दारदगुंड के बाहरी हिस्से में एक संदिग्ध व्यक्ति आते हुए दिखा।

उस उसने रास्ते में नाका देखा तो रास्ता बदलकर भागने का प्रयास किया। इसके बाद सुरक्षाबलों ने उसका पीछा कर उसे पकड़ लिया। उसके पास से एक पिस्तौल, एक मैगजीन, आठ कारतूस सहित अन्य सामान मिले। पकड़े गए आतंकी की पहचान शफायत जुबैर ऋषि के रूप में हुई है। वह नेसबल सुंबल का रहने वाला है।

जुबैर को निकट के पुलिस स्टेशन ले जाया गाया। वहाँ पूछताछ में उसने बताया कि वह पजलपोरा में रहने वाली मुनीरा बेगम से मिलने जा रहा था। उसने बताया कि मुनीरा के पास के पाकिस्तान से हथियारों का जखीरा आया हुआ है और वह उसे लेकर अन्य आतंकियों तक पहुँचाने वाला है। इसके अलावा, उसने एक व्यक्ति से 47 लाख रुपए लेने की बात कही।

मुनीरा की निशानेदही सुरक्षाबलों ने उसके घर से कुछ दूरी पर स्थित जंगल में से एक क्रेनकोव एसाल्ट राइफल, तीन मैगजीन, 90 कारतूस, एक पेन पिस्तौल बरामद किया है। पूछताछ में मुनीरा ने बताया कि वह भी पाकिस्तान के रास्ते दो बार गुलाम जम्मू कश्मीर जा चुकी है।

शफायत जुबैर आतंकी बनने से पहले एक कुख्यात पत्थरबाज और आतंकियों का ओवरग्राउंड वर्कर था। साल 2009 में सुंबल में एक सैन्य वाहन को जलाने की घटना में भी वह शामिल था। इस मामले में वह जमानत पर रिहा हो गया था। वहीं, मुनीरा बेगम खुंखार आतंकी युसुफ चौपान की बीवी है। कुछ साल पहले सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ के दौरान उसे मार गिराया था।

वहीं, आतंकी मुश्ताक अहमद मीर सुरक्षाबलों से बचने के लिए 1999 में पाकिस्तान भाग गया था। अब वह पाकिस्तान से ही कश्मीर में अपनी आतंकी गतिविधियाँ चला रहा है। साल 2000 में श्रीनगर के कोठीबाग पुलिस स्टेशन के पास हुए आइईडी धमाके में भी मुश्ताक शामिल बताया जाता है। इस हमले में 12 पुलिसकर्मी और 2 नागरिक बलिदान हो गए थे।

‘पिछड़े समाज की तरह ट्रीट किए जाएँ ट्रांसजेंडर’: आरक्षण की माँग के बाद सरकार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, कभी कहा था – राष्ट्रपति तय करेंगे कौन पिछड़ा

देश में हर उस समाज के उत्थान के लिए प्रयास होना चाहिए, जो आर्थिक या सामाजिक रूप से पिछड़े हुए हैं। इसके लिए भारत के संविधान के कुछ नियम तय कर रखे हैं, राज्य और केंद्र सरकारें समय-समय पर तय करती हैं कि किन्हें ‘बैकवर्ड’ या पिछड़े समाज में सम्मिलित किया जाएगा। कभी-कभी मुस्लिम तुष्टिकरण के नाम पर राजनीति करने के लिए उन्हें भी आरक्षण दिए जाने की घोषणाएँ होती रही हैं। हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट ने तय कर रखा है की 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण की सीमा पार नहीं करनी चाहिए।

हालाँकि, विशेष परिस्थितियों में इसे बढ़ाया जाता रहा है। कई राज्य ऐसे हैं, जिन्होंने इस सीमा का उल्लंघन करते हुए कानून बनाए हैं। अब सुप्रीम कोर्ट का ताज़ा फैसला आया है। ट्रांसजेंडर समुदाय को आरक्षण देने के संबंध में केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया गया है। सार्वजनिक नौकरियों में ट्रांसजेंडर समुदाय को आरक्षण दिए जाने के लिए दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को भी नोटिस जारी किया है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश DY चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पार्दीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने सुबि KV नामक ट्रांसजेंडर व्यक्ति की याचिका पर शुक्रवार (25 अगस्त, 2023) को सुनवाई की। इस याचिका में 2014 के एक जजमेंट का हवाला देते हुए ये माँग की। बता दें कि उस दौरान ‘NALSA बनाम यूनियन ऑफ इंडिया (2014) 5 SCC 438’ जजमेंट में कहा गया था, “हम केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश देते हैं कि वो ट्रांसजेंडर समुदाय को सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़ा समाज माने।”

इस जजमेंट में ये भी कहा गया था कि शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक संस्थानों में उन्हें उन्हें सभी प्रकार के आरक्षण के दायरे में लाया जाए। ताज़ा याचिका में केरल सरकार की ट्रांसजेंडर पॉलिसी की भी चर्चा की गई। साथ ही कर्नाटक, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु के सरकारों द्वारा ट्रांसजेंडर समूह के लिए बनाई गई योजनाओं का जिक्र किया गया। कहा गया कि समाज की मुख्यधारा में उन्हें अभी भी स्वीकार्यता नहीं मिली है। लिखा गया कि राजनीतिक और सांस्कृतिक मामलों में उन्हें शामिल नहीं किया जाता है।

साथ ही इस याचिका में संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट का हवाला दिया गया, जिसमें बताया गया था कि भारत में ट्रांसजेंडर समुदाय को स्किल ट्रेनिंग के मौके नहीं मिले हैं। अधिवक्ता मोहम्मद सादिक TA के माध्यम से ये याचिका दायर की गई है। याद दिला दें कि सुप्रीम कोर्ट ने ही मई 2021 में एक फैसले में कहा था कि शैक्षिक और सामाजिक रूप से पिछड़ा समूह कौन है, इसका निर्णय लेने का अधिकार सिर्फ राष्ट्रपति का है। राष्ट्रपति केंद्र सरकार की सिफारिश पर फैसलों पर हस्ताक्षर करते हैं।

यानी, संसद से कानून बना कर ही ये तय किया जा सकता है। यानी, सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसजेंडर समुदाय को शैक्षिक और सामाजिक रूप से पिछड़े समाज की तरह ट्रीट करने के लिए भी कहा, साथ ही ये भी कहा कि ये निर्णय सिर्फ राष्ट्रपति, अर्थात केंद्र सरकार ही ले सकती है। यानी, संसद के द्वारा कानून बना कर ही ऐसा किया जा सकता है। अब देखना ये है कि केंद्र सरकार इस पर क्या निर्णय देती है। ट्रांसजेंडर समुदाय के उत्थान को लेकर ‘SMILE’ नामक योजना भी चलाई जा रही है।