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पकड़ा गया देश का गद्दार कलीम, ISI के इशारे पर UP के कई शहरों को दहलाने का था प्लान: पाकिस्तान से हाल ही में लौटा था परिवार

उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने शामली जिले से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के एक एजेंट को गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान कलीम के रूप में हुई। वह अपनी अम्मी आमना और अब्बू नफीस के साथ पाकिस्तान को जेल से रिहा होकर 12 अगस्त 2023 को भारत लौटा था। वह व्हाट्सएप के जरिए ISI को सेना से जुड़ी फोटो भेजता था। उसके फोन से राफेल विमान व अखण्ड भारत की फोटो तथा अखबारों की कटिंग मिली हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एसटीएफ मेरठ को सूचना मिली थी कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ लोग कई शहरों में हथियारों के जरिए आतंक फैलाने की योजना बना रहे हैं। इसके बाद एसटीएफ ने 16 अगस्त 2023 को शामली के नोकुआँ में छापेमारी कर कलीम को हिरासत में लेकर करीब 10 घण्टे तक पूछताछ की थी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने तहसीम निवासी मोमीनपुरा घेरबुखारी नोकुआँ रोड शामली और यूसुफ समसी निवासी तेलीय वाला चौक आली सहारनपुर के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल, तहसीम और युसुफ फरार चल रहे हैं। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

गौरतलब है कि पकड़े गए कलीम का भाई तहसीम पुराना आर्म्स डीलर है। उस पर पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हथियारों की तस्करी के मुकदमे दर्ज हैं। कलीम पाँच भाई है। वह तीसरे नंबर पर है। उसके सभी भाइयों का निकाह हो चुका है और वह अभी अविवाहित है।

करीब 4-5 दिन पहले कलीम पाकिस्तान से भारत लौटा था। आरोप है कि कलीम यहाँ पर लोगों को जेहाद फैलाने के लिए उकसा रहा था। वह भारत में मुजाहिदीन की जमात बनाने की तैयारी में था। वह लोगों से कहता था कि ‘आप मेरे लिए शहादत की दुआ करना’ तथा ‘आपके जो दोस्त मुजाहिद बनना चाहते हैं उनसे मेरी बात करा देना’।

जाँच में सामने आया है कि कलीम, तहसीम और यूसुफ भारत में दहशतगर्दी फैलाने की तैयारी में थे। इसके लिए वे कुछ अन्य लोगों को भी भड़का रहे थे। STF ने कलीम के मोबाइल से रक्षा संस्थान, आर्मी ऑफिसर, राफेल विमान, अखण्ड भारत की तस्वीर, कुछ अखबारों की कटिंग और उर्दू में लिखे कुछ दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। इन्हें उसने पाकिस्तान भेजा था।

पूछताछ में कलीम ने यह भी खुलासा किया है कि ISI के इशारे पर वह राजस्थान के अनूपगढ़ गया था। यहीं से सेना से जुड़े फोटो खींचे थे। वह व्हाट्सएप पर 5 संदिग्ध ग्रुपों से जुड़ा हुआ था। व्हाट्सएप के जरिए ही वह सेना से जुड़े फोटो ISI को भेजता था। उसके फोन में पाकिस्तान के कई नंबर मिले हैं।

कलीम ने फर्जी आईडी पर एक सिम खरीदी थी। इस फर्जी सिम के जरिए ही वह व्हाट्सएप चलाता था। कलीम का व्हाट्सएप पाकिस्तान के आईएसआई ऑपरेटिव आतंकी दिलशाद उर्फ मिर्जा उर्फ शेख खालिद हाफिज के मोबाइल पर भी एक्टिव था। कलीम का भाई तहसीम भी आतंकी दिलशाद के संपर्क में था। वह भी व्हाट्सएप के जरिए दिलशाद से बात करता था।

मामले की जाँच कर रहे SSP का कहना है कि पूछताछ में सामने आया है कि कलीम की बुआ पाकिस्तान में रहती है। उससे मिलने वह अक्सर पाकिस्तान जाता था। बुआ की ISI हैंडलर और एजेंट से पहचान है। वह भी उन लोगों से मिलता था। इसी दौरान पैसों का लालच देकर उसे ISI के इशारे पर काम करने के लिए कहा गया था।

ISI ने कलीम को भारत में शरीयत कानून लागू कराकर देश को इस्लामिक राष्ट्र बनाने के नाम पर भड़काया था। साथ ही भारत में दहशत फैलाने और दंगा कराने के लिए हथियार व गोला-बारूद देने की बात कही थी। कलीम तीन ह्वाट्सएप चलाता था। उसके पास से दो सिम कार्ड भी बरामद किए गए हैं।

बता दें कि कलीम 12 अगस्त को ही अपनी अम्मी आमना और अब्बू नफीस के साथ पाकिस्तान जेल से रिहा होकर भारत लौटा था। ये लोग अवैध पिस्टल रखने के आरोप में जुलाई 2022 से पाकिस्तान जेल में बंद थे।

अजमेर की राजस्थान सेंट्रल यूनिवर्सिटी में छात्रा का फोटो शेयर करने पर बवाल, 1992 के सेक्स कांड में भी तस्वीरों से ही लड़कियों को किया था ब्लैकमेल

90 के दशक में राजस्थान के अजमेर में देश के सबसे बड़े सेक्स कांड को अंजाम दिया गया था। पीड़ित छात्राओं को तस्वीरों के जरिए ही तब ब्लैकमेल किया गया था। अब इसी अजमेर के किशनगंज स्थित राजस्थान सेंट्रल यूनिवर्सिटी में एक छात्रा की तस्वीर शेयर किए जाने को लेकर बवाल हुआ है।

गुरुवार (17 जून 2023) देर रात तक यूनिवर्सिटी में इस घटना को लेकर हंगामा चलता रहा। छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी के सिक्योरिटी ऑफिसर ने एक छात्रा की तस्वीरें एक अन्य गार्ड के साथ शेयर कर उसके बारे में जानकारी जुटाने को कहा। छात्रा की तस्वीरें दिखाकर गार्ड जानकारी हासिल कर रहे था, तभी हंगामा हो गया। छात्रों का आरोप है कि 6 माह पहले एक छात्रा की आत्महत्या के मामले में भी इस सिक्योरिटी इंचार्ज का हाथ हो सकता है।

सिक्योरिटी ऑफिसर की गिरफ्तारी को लेकर छात्रों का हंगामा गुरुवार रात 9 बजे शुरू हुआ। ऐसा न होने पर छात्रों ने जमकर तोड़फोड़ की और एक बोलेरो में आग भी लगा दिया। सिक्योरिटी ऑफिसर की गिरफ्तारी और बर्खास्तगी का भरोसा मिलने के बाद गुरुवार रात 1 बजे हंगामा थमा। हंगामे के दौरान छात्रों ने एक गार्ड से उसका फोन भी छीन लिया था, लेकिन उसने छात्रों से फोन लेकर तस्वीर डिलीट कर दी। इस मामले में शुक्रवार (18 जून 2023) को पुलिस ने एक गार्ड को हिरासत में लिया है।

छात्राओं ने लगाए गंभीर आरोप

छात्राओं का आरोप है कि सिक्योरिटी ऑफिसर पसंद आने वाली लड़कियों का पीछा करता है। उन्हें गलत नीयत से देखता है। उनकी पूरी जानकारी निकलवाने की कोशिश करता है। जिस छात्रा की तस्वीर शेयर करने का आरोप है उसे सीसीटीवी फुटेज से लिया गया था। कथित तौर पर गार्ड से इस छात्रा की व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, फाइनेंसियल बैंकग्राउंड और किस रूम में रहती है, जैसी जानकारियाँ निकालने को कहा था। सुरक्षा गार्ड जब लड़कियों से उस लड़की का फोटो दिखाकर जानकारी इकट्ठा कर रहा था तो पूरे मामले का खुलासा हुआ।

ईटीवी भारत की रिपोर्ट में छात्रों के हवाले से लिखा गया है कि 6 माह पूर्व एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली थी। उस मामले से भी सिक्योरिटी ऑफिसर जुड़ा हो सकता है। 22 दिन पहले भी यहाँ एक छात्रा ने जान दी थी।

1992 के बदनाम अजमेर कांड की याद आई

बता दें कि देश का सबसे बड़ा सेक्स स्कैंडल अजमेर में ही हुआ था। इसका खुलासा अप्रैल 1992 में हुआ था। इस दौरान सौ से अधिक लड़कियों से रेप हुआ था। 250 से अधिक लड़कियों की न्यूड फोटो बँटी थी। इस मामले में लड़कियों को निजी तस्वीरें खींचकर ब्लैकमेल किया गया था। मामले का खुलसा होने के बाद कई पीड़ितों ने आत्महत्या कर ली थी। कुछ समय पहले इस स्कैंडल पर ‘अजमेर 92’ नाम से एक फिल्म भी आई थी।

रेलवे स्टेशन की भीड़भाड़ में हुई ‘टक्कर’ तो महिला के पति ने मारा थप्पड़, ट्रैक पर गिरकर ट्रेन से कटा: मुंबई की घटना, Video वायरल

मुंबई के सायन रेलवे स्टेशन पर पत्नी से टकराने पर गुस्साए पति ने एक व्यक्ति को जितनी जोर से मारा कि वह रेलवे ट्रैक पर गिर पड़ा। उसी वक्त ट्रेन आ गई और उस व्यक्ति की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। मृतक की पहचान दिनेश राठौड़ के रूप में हुई है। पुलिस ने पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, घटना रविवार (13 अगस्त 2023) रात की है। जानकारी के अनुसार, भीड़भाड़ वाले स्टेशन पर मृतक दिनेश थप्पड़ मारने वाले शख्स की पत्नी से टकरा गया था। इसके पहले पत्नी और फिर बाद में पति ने उस पर हमला कर दिया। पुलिस ने बताया कि दंपति के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

क्या है मामला ?

रेलवे स्टेशन की रविवार रात करीब 9.15 बजे की सीसीटीवी फुटेज सामने आई है। इससे पता चलता है कि सफेद शर्ट और उसी रंग की पतलून पहना मृतक दिनेश प्लेटफॉर्म पर 30 साल की शीतल माने से कथित रूप से टकरा गया। इसके बाद गुस्से में शीतल अपने छाते से दिनेश को बार-बार मारती नजर आती है।

इसके तुरंत बाद, शीतल के 35 साल के पति अविनाश ने दिनेश को इतनी जोर से उसके सिर पर मारा कि दिनेश का संतुलन बिगड़ गया और वह रेलवे ट्रैक पर गिर गया। उस समय ट्रैक पर ट्रेन आ गई, जिससे उस शख्स की मौत हो गई।

मृतक दिनेश ने ट्रैक ने उठकर प्लेटफ़ॉर्म पर वापस चढ़ने की कोशिश की, लेकिन ट्रेन बेहद नजदीक थी और वह चढ़ नहीं पाया। इसके बाद ट्रेन उसे कुचलते हुए प्लेटफॉर्म पर आकर रूक गई। इस दौरान ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच कुचलने से दिनेश की मौके पर ही मौत हो गई। दिनेश राठौड़ बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) में काम करता था।

रेलवे पुलिस ने शुरुआत में घटना के संबंध में आकस्मिक मौत रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज की थी। हालाँकि, स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज से पुष्टि हुई कि थप्पड़ मारे जाने के बाद दिनेश पटरी पर गिरा था। बाद में पुलिस ने माने कपल को गिरफ्तार कर लिया।

बिहार में दैनिक जागरण के पत्रकार की हत्या, घर में घुसकर मारी गोली: पूजा रे… पूजा… की आवाज सुनकर दौड़ी पत्नी तो सीने से निकल रहा था खून

बिहार के अररिया में दिन-दहाड़े पत्रकार की हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान विमल कुमार यादव के रूप में हुई। वह दैनिक जागरण में पत्रकार थे। शुक्रवार (18 अगस्त 2023) सुबह 4 बदमाशों ने उनके घर में घुसकर उन्हें गोली मार दी। इससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला जिले के रानीगंज थाना क्षेत्र का है। शुक्रवार सुबह विमल कुमार यादव अपने घर में सो रहे थे। इसी दौरान 4 आरोपित घर में घुस आए। इसके बाद उन्हें जगाकर उनके सीने में ताबड़तोड़ गोलियाँ बरसा दीं। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। गोली लगने के बाद उनकी पत्नी ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया।

लोगों ने इस घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुँची। इसके बाद विमल कुमार को हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। विमल कुमार के शव को पोस्टमार्टम के लिए अररिया सदर हॉस्पिटल भेजा गया, जहाँ पत्रकारों एवं अन्य लोगों ने घटना के विरोध में हंगामा किया।

पुलिस प्रशासन के साथ ही स्थानीय नेता भी मौके पर मौजूद हैं। लोग प्रशासन से आरोपितों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी करने की माँग कर रहे हैं। पुलिस भी हत्यारोपितों की तलाश में जुट गई है। इससे पहले विमल कुमार के सरपंच भाई शशिभूषण उर्फ गब्बू यादव की साल 2019 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के यह मामला फिलहाल कोर्ट में लंबित है।

विमल कुमार अपने भाई की हत्या के इकलौते गवाह थे। उनकी हत्या को भाई के केस से जोड़कर देखा जा रहा है। बदमाशों ने उन्हें कई बार गवाही देने से मना किया था। हालाँकि, इन धमकियों से डरे नहीं और उन्होंने गवाही दी थी। इस मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त 2023 को होनी थी।

दैनिक जागरण ने विमल कुमार के परिचितों के हवाले से कहा है कि आरोपित 2-3 दिनों से उनकी हत्या की फिराक में थे। विमल ने अपने साथियों से बताया था कि कुछ लोग उनका पीछा कर रहे हैं। विमल कुमार अपने पीछे पत्नी, 15 साल का बेटा और 13 साल की एक बेटी छोड़ गए हैं।

मृतक की पत्नी पूजा देवी ने बताया, “सुबह मेरे पति का नाम लेकर कुछ लोग घर का दरवाजा पीट रहे थे। हम दोनों उठे और घर का दरवाजा खोलने निकले। मैंने घर का ग्रिल खोला और मेरे पति मेन गेट खोलने निकल गए। इसके बाद गोली चलने की आवाज आई। फिर मेरे पति की आवाज आई कि पूजा रे… पूजा रे… हमको गोली मार दिया। जब मैं वहाँ पहुँची तो देखा कि वो जमीन पर गिरे हुए हैं और उनके सीने से खून निकल रहा है।”

करण सांगवान को अनएकेडमी ने नौकरी से निकाला, छात्रों को पढ़ा रहे थे ‘पॉलिटकल एजेंडा’: अंग्रेजों के कानून में बदलाव पर निकाली थी भड़ास

ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म अनएकेडमी (Unacademy) ने किरण सांगवान को नौकरी से निकाल दिया है। सांगवान का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह अंग्रेजों के कानून में बदलाव के लिए लाए गए बिल को लेकर अपनी भड़ास निकालते दिखे थे। इसके जरिए वे छात्रों के बीच एक खास पॉलिटिकल एजेंडा का प्रसार कर रहे थे।

अनएकेडमी ने इस वीडियो को राजनीति से प्रेरित मानते हुए उन पर कार्रवाई की है। ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म के को-फाउंडर रोमन सैनी ने कहा कि क्लास निजी राय और विचार साझा करने की जगह नहीं है। यह छात्रों को गलत तरीके से प्रभावित कर सकता है। सांगवान ने ऐसा कर संस्थान की आचार संहिता का उल्लंघन किया है।

सैनी ने एक ट्वीट में कहा है, “हमने अपने सभी शिक्षकों के लिए एक सख्त आचार संहिता बनाई है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि हमारे छात्रों की निष्पक्ष ज्ञान तक पहुँच हो। हम जो कुछ भी करते हैं उसके केंद्र में हमारे छात्र होते हैं। कक्षा निजी राय और विचार साझा करने की जगह नहीं है, क्योंकि इस तरह के विचार छात्रों को गलत तरीके से प्रभावित कर सकते हैं। मौजूदा हालातों में हमें करण सांगवान से अलग होने के लिए मजबूर होना पड़ा, क्योंकि वह आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे थे।”

हाल ही में संपन्न हुए संसद के मॉनसून सत्र में केंद्र सरकार ने अंग्रेजों के जमाने के कानूनों में बदलाव के लिए कुछ बिल पेश किए थे। लोकसभा में पेश किए गए ये बिल हैं- भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम। ये बिल ब्रिटिश काल की भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम में बदलाव के लिए लाए गए हैं।

करण सांगवान ने क्या कहा था?

करण सांगवान जिस वीडियो को लेकर विवादों में आए हैं, उसमें वे इन्हीं बिलों पर भड़ास निकाल रहे हैं। यह वीडियो 13 अगस्त 2023 का है। लीगल पाठशाला नामक यूट्यूब चैनल पर इसे अपलोड किया गया है। इसमें सांगवान कह रहे हैं, “यह सरासर झूठ है कि अंग्रेजों का बनाया गया कानून रद्द कर दिया गया है। सरकार ने दावा किया कि उन्होंने कानून बदल दिया है। यह संभव नहीं है। आप ऐसा नहीं कर सकते। यह कानून अंग्रेजों ने खूबसूरती से तैयार किया था।”

आगे वे छात्रों से कहते हैं, “मुझे नहीं पता कि इस पर हँसूँ या रोऊँ। मेरे पास भी इस कानून की बहुत सारी डिक्शनरी है, केस नोट और नोट्स हैं जो मैंने तैयार किए थे। लेकिन एक बात का ध्यान रखें। अगली बार किसी ऐसे शख्स को वोट दें जो पढ़ा-लिखा हो ताकि आपको दोबारा इससे न गुजरना पड़े। ठीक है?” वह कहते हैं, “किसी ऐसे व्यक्ति को चुनें जो पढ़ा-लिखा हो, जो चीजों को समझता हो। किसी ऐसे व्यक्ति को न चुनें जो केवल नाम बदलना जानता हो। अपना फैसला ठीक से लें।”

राजनीति पर उतरा विपक्ष

अनएकेडमी से सांगवान की छुट्टी के बाद विपक्ष राजनीति पर उतर आया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप मुखिया अरविंद केजरीवाल ने कहा है, “क्या पढ़े लिखे लोगों को वोट देने की अपील करना अपराध है? यदि कोई अनपढ़ है, व्यक्तिगत तौर पर मैं उसका सम्मान करता हूँ। लेकिन जनप्रतिनिधि अनपढ़ नहीं हो सकते। ये साइंस और टेक्नोलॉजी का जमाना है। 21वीं सदी के आधुनिक भारत का निर्माण अनपढ़ जनप्रतिनिधि कभी नहीं कर सकते।”

कॉन्ग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने पीएम मोदी के साथ अनएकेडमी के संस्थापक गौरव मुंजाल की तस्वीर पोस्ट की है। उन्होंने कहा है, “जो लोग दबाव में झुक जाते हैं और जिन्हें धमकाया जा सकता है, वे कभी भी उन नागरिकों को बढ़ने में मदद नहीं कर सकते हैं जो इस दुनिया में सभी बाधाओं के खिलाफ खड़े होते हैं। ऐसे रीढ़हीन और कमजोर लोगों को शैक्षणिक प्लेटफॉर्म चलाते हुए देखकर दुख होता है।”

सांगवान भी रखेंगे अपना पक्ष

इस बीच करण सांगवान ने कहा है कि वे 19 अगस्त को अपने यूट्यूब चैनल पर इस विवाद के बारे में पूरी जानकारी साझा करेंगे। उन्होंने कहा, “पिछले कुछ दिनों से एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसके कारण मैं विवादों में हूँ और उस विवाद के कारण मेरे कई छात्र जो न्यायिक सेवा परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें बहुत सारे परिणाम भुगतने पड़ रहे हैं। उनके साथ-साथ मैंने भी इसका परिणाम भुगता है।”

अनएकेडमी की आधिकारिक साइट के मुताबिक, सांगवान 2020 में उनसे जुड़े थे। उनके पास ​क्रिमिनल लॉ में मास्टर की डिग्री की है। उनके पास 7 साल से अधिक का अनुभव है। वे शिमला के हिमाचल प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से पढ़े हैं।

इंदौर में शिकायत के बाद कॉन्ग्रेस ने रणदीप सुरजेवाला को बनाया MP का प्रभारी, BJP ने कहा- जनता को ‘राक्षस’ बताने का मिला इनाम

मध्य प्रदेश में इसी साल विधानसभा चुनाव होने है। कॉन्ग्रेस ने इसे देखते हुए रणदीप सुरजेवाला को प्रदेश का प्रभारी बनाया है। उन्हें पार्टी ने अतिरिक्त जिम्मेदारी ऐसे समय में दी है जब वे बीजेपी को वोट देने वालों को राक्षस बताने को लेकर विवादों में हैं। इसको लेकर उनके खिलाफ मध्य प्रदेश के इंदौर में शिकायत भी दर्ज कराई गई है।

सुरजेवाला को यह जिम्मेदारी जय प्रकाश अग्रवाल की जगह मिली है। इससे पहले उन्हें मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षक भी नियुक्त किया गया था। कर्नाटक में भी विधानसभा चुनावों के दौरान पार्टी ने उन्हें प्रभारी बनाया था। सुरजेवाला के अलावा भी कॉन्ग्रेस ने संगठन में कुछ अन्य फेरबदल किए हैं। महासचिव मुकुल वास​निक को रघु शर्मा की जगह गुजरात का प्रभार दिया गया है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़ चुके अजय राय को उत्तर प्रदेश कॉन्ग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया है।

सुरजेवाला की नियुक्ति को बीजेपी ने जनता को राक्षस बताने का इनाम करार दिया है। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ट्वीट कर कहा है, “कॉन्ग्रेस ने जनता को राक्षस कहने वाले रणदीप सुरजेवाला को अतिरिक्त पद और ताकत इनाम में दिया है। कॉन्ग्रेस में जो लोग प्रधानमंत्री को और जनता को गालियाँ देते हैं, उन्हें पद मिलता है। कॉन्ग्रेस गालियों की दुकान है। अब ये जनता तय करेगी कि वो किसे आशीर्वाद देती है और किसे श्राप।”

इंदौर में भाजपा नेता ने कोर्ट में की है शिकायत

बता दें कि पिछले दिनों रणदीप सुरजेवाला ने हरियाणा के कैथल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था, “भारतीय जनता पार्टी और उसके समर्थक राक्षस हैं। जो बीजेपी को वोट देते हैं, वे भी राक्षस हैं। मैं महाभारत की इस भूमि से आज उन्हें श्राप देता हूँ।” उनके इस बयान के खिलाफ मध्य प्रदेश भाजपा विधि प्रकोष्ठ के सोशल मीडिया प्रभारी गोविंद सिंह बैस ने इंदौर की जिला अदालत में शिकायत दायर की है। शिकायत में माँग की गई है कि सुरजेवाला के खिलाफ धारा 290, 504, 505, 506 और 153 ए के तहत मामला दर्ज किया जाए। इस शिकायत पर अदालत ने पुलिस से जाँच कर 15 सितंबर तक रिपोर्ट देने के लिए कहा है।

नाबालिग बहनों को ट्यूशन देने घर आता था 5वीं पास मौलाना आमिर, मोबाइल पर गंदी फिल्म दिखा करता था छेड़छाड़: पुलिस ने दबोचा

उत्तर प्रदेश के कानपुर में नाबालिग बहनों को अश्लील फिल्म दिखाकर छेड़छाड़ करने के आरोप में ट्यूशन पढ़ाने वाले मौलाना को गिरफ्तार किया गया हैं। आरोपित की पहचान मौलाना आमिर के रूप में हुई। आरोप है कि मौलाना आमिर ट्यूशन देने के नाम पर मासूम लड़कियों को अश्लील वीडियो दिखाकर उनसे छेड़छाड़ करता था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला कानपुर के चमनगंज थाना क्षेत्र का है। यहाँ मौलाना आमिर 4-5 साल से दो बहनों को उनके घर जाकर ट्यूशन दे रहा था। इस दौरान वह अपने मोबाइल पर लड़कियों को अश्लील वीडियो दिखाता। इसके बाद जैसा वीडियो में दिखाई देता, वैसा ही करने के लिए कहता। साथ ही लड़कियों से छेड़छाड़ करता। किसी से बताने पर मारने की धमकी देता। डरी-सहमी लड़कियों ने कई दिन तक यह बात छिपाई रखी। अपने माता-पिता को भी इस बारे में कुछ नहीं बताया।

लेकिन जब मौलाना आमिर की हरकतें बढ़ने लगी तो पीड़ित लड़कियों में से बड़ी बहन ने परिजनों को आपबीती सुना दी। इसके बाद परिजनों ने स्थानीय चमनगंज थाने में मौलाना आमिर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। साथ ही मौलाना आमिर को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपित ट्यूशन टीचर मौलाना आमिर खुद 5वीं तक पढ़ा हुआ है। ऐसे में सवाल यह भी है कि वह बच्चों को कैसे पढ़ाता रहा होगा? इस मामले में थाना प्रभारी नवाब अहमद ने आरोपित की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा है कि मौलाना आमिर के खिलाफ जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी। आरोपित को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट में भी अपील की जाएगी। वहीं, ज्वाइंट कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी का कहना है कि आरोपित का मोबाइल जब्त कर जाँच की जा रही है।

नूहं की पहाड़ियों में 7 साल की बच्ची को रेप कर मुकीम ने मार डाला, बकरी के CCTV फुटेज से पकड़ा गया: कोर्ट ने दी उम्रकैद

हरियाणा के मेवात के नूहं जिले में दुष्कर्म और हत्या के एक आरोपित को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। मुकीम उर्फ मुक्की ने दिसंबर 2019 में 7 साल की बच्ची की रेप के बाद हत्या कर दी थी। दिलचस्प बात यह है कि बकरी की सीसीटीवी फुटेज से उसकी पहचान हुई थी और वह पकड़ा गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला नूहं जिले के फिरोजपुर झिरका थाना क्षेत्र के ग्यासीनियावास का है। अधिवक्ता आकाश तंवर ने बताया कि 7 साल की बच्ची रोज की तरह 26 दिसंबर 2019 को बकरियाँ चराने गई थी। लेकिन शाम होने के बाद भी वह घर नहीं लौटी। काफी तलाश के बाद अगले दिन उसकी लाश नग्न अवस्था अरावली की पहाड़ियों की झाड़ी से मिला था।

पीड़ित पिता की शिकायत मिलने के बाद मामले की जाँच के लिए एसआईटी गठित की गई। आरोपित की पहचान के लिए जाँच टीम ने आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज खँगाले। इसी दौरान फुटेज में एक युवक बकरी ले जाता हुआ दिखाई दिया। पीड़ित पिता को जब सीसीटीवी फुटेज दिखाया गया तो उन्होंने उसमें अपनी बकरी पहचान ली। इसके आधार पर पुलिस ने युवक की पहचान मुकीम उर्फ मुक्की के तौर पर की और उसे गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उसके घर से चुराई गई बकरियाँ भी बरामद हुई।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मुकीम नशा करने के लिए बकरी चोरी कर बेचना चाहता था। लेकिन मृतक लड़की ने उसे बकरी चुराते देख लिया था। इसके बाद वह अपनी बकरियाँ छुड़ाने के लिए उसके पास गई। इसी दौरान मुकीम ने उसे पकड़ कर पहले रेप किया। फिर गला दबाकर हत्या कर दी। 3 साल तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने 11 अगस्त, 2023 को मुकीम को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 व संबंधित अन्य धाराओं का दोषी पाया। इसके बाद 16 अगस्त 2023 को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही कोर्ट ने मुकीम उर्फ मुक्की पर 75 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने पीड़ित पक्ष को उचित मुआवजा देने की भी सिफारिश की है।

इतिहास का सच है गुलाम नबी का कथन… क्योंकि सच ज्ञानवापी की दीवारों से झाँक-झाँककर अपना पता देगा, तहखानों में चीख-चीखकर पुकारेगा

पश्चिम की दुनिया ने तो इस सदी में 9/11 का स्वाद चखा और इस्लामी आतंक की शक्ल ठीक से देखी। मगर भारत का चप्पा-चप्पा ऐसे अनगिनत 9/11 से भरा हुआ है। एक ही शहर में कई-कई 9/11 हैं। ये हजार साल में इतनी-इतनी बार हुए हैं कि इंसानी याददाश्त ही चकरा जाए।

जिस समय यह अंधड़ चल रहे थे उसी समय 50 से ज्यादा लेखकों के लिखे दस्तावेजों में इनकी भयावहता दर्ज है और इन लेखकों में सारे ही मुस्लिम थे। मैंने ये दस्तावेज अनेक बार पढ़े-पलटे हैं और इन घटनाओं को रेखांकित किया है।

धर्मांतरण के ब्यौरे ऐसे अपमानजनक हैं कि आज कोई भी आत्मसम्मान वाला व्यक्ति अपने अतीत में झाँकने भर से खुदकुशी कर ले। इसलिए कश्मीर में गुलाम नबी आजाद ने जो कहा है, उसे इतिहास की रोशनी में देखिए, किंतु राजनीति की आँख से नहीं।

अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316) के समय दिल्ली में गुलामों के बाजार में बिकती लड़कियों और महिलाओं से जियाउद्दीन बरनी मिलवाया है। वे बाजार सदियों तक सजे रहे और लाखों गुलाम बेची गईं। वे खरीदी गईं। उपहारों में दी गईं। उनके साथ क्या हुआ होगा, किरदार में उतरकर सोचिए। स्पष्ट है कि उनके बच्चे हुए होंगे, बच्चों के बच्चों के बच्चे हुए होंगे। 2023 के भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश में आज उनकी संतानों की पहचान किनमें की जाए?

इब्नबतूता ने मोहम्मद तुगलक के समय के ईद के जलसों की लाइव रिपोर्टिंग की है, जहाँ लड़कियाँ तोहफों में बाँटी जा रही हैं। जिन्हें ये लड़कियाँ बाँटी गईं, उन हितग्राहियों में हर बार कई आलिम और सूफी भी इब्नबतूता ने चिन्हित किए हैं। वह लिखता है कि ये लड़कियाँ हमलों में हारे हिंदू राजघरानों से लूटकर लाई गईं राजकन्याएँ थीं। वे कहाँ गईं? उनकी संतानें आज अखंड भारत का हिस्सा रहे अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश में कहाँ किन शक्लों में पहचानी जाएँ? धर्मांतरण केवल ऐसा नहीं था कि कोई तलवार सहित आया और आपने खुश होकर कहा- कुबूल है जी!

आइए पाँच मिनट में केवल पलटकर झाँकें कि कहाँ-क्या हुआ-

  • सिंध पर 712 में अरबों के कब्जे के बाद देवल, अलोर, सेहवान, नरूनकोट और ब्राह्मणाबाद सबसे शुरुआती 9/11 हैं। देवल के मंदिर से 700 देवदासियों समेत हजारों लोगों को कैद किया गया। नरूनकोट की हिफाजत एक बौद्ध को सौंपी गई थी जो बिना लड़े ही सरेंडर हो गया। वड नाम के शहर में अरबों के दाखिल होने के पहले दाहिर की रानी और राज्य की प्रमुख महिलाओं ने सामूिहक चिता में आत्मदाह किया। यहाँ 30 हजार लोगों को गुलाम बनाया गया, जिनमें दाहिर की दो बेटियों सहित सिंध के सम्मानित राजप्रमुखों की 30 बेटियाँ भी शामिल थीं।
  • महमूद गजनवी के हमलों में सोमनाथ गुजरात का पहला 9/11 है। सोमनाथ पर लगातार मुगलों तक ऐसे 6 बार 9/11 हैं।
  • पृथ्वीराज चौहान की हार के बाद तुर्कों के हाथों महरौली के 27 मंदिरों को मटियामेट करना दिल्ली का पहला 9/11 है। अजमेर में भी ठीक इसी समय का 9/11 अढ़ाई दिन के झोपड़े में देखिए।
  • इल्तुतमिश के हाथों 1232 में ग्वालियर पर हमला। पड़ाव पर हिंदुओं का हत्याकांड, उज्जैन के महाकाल मंदिर और विदिशा के विजय मंदिर की तबाही 1234 में इसी इल्तुतमिश के हाथों पहली बार हुई, जिसके समय दिल्ली में महरौली के मंदिरों को मलबा बनाकर उसी मलबे से कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद बनाई गई।
  • 1266 में बलबन ने दिल्ली से सटे मेवात और उत्तर प्रदेश के कटेहर इलाके में हिंदुओं की ‘लाशों के खलिहान’ लगवा दिए और सख्त निगरानी के लिए ये इलाके बेरहम अफगानियों के हवाले कर दिए। यह रामपुर, बरेली, संभल, मुरादाबाद, बंदायू और अमरोहा का इलाका है।
  • जलालुद्दीन खिलजी ने 1290 में रणथंभौर के मंदिर नींव तक खुदवा दी। अलाउद्दीन खिलजी ने 1295 में देवगिरि पर हमला किया और 600 मन सोना लूटकर लाया। 1299 में गुजरात पर हमला और एक बार फिर सोमनाथ तबाह।
  • 1301 में एक बार फिर रणथंभौर पर हमला, मंदिरों का विनाश और जौहर। इसी साल मध्यप्रदेश के उज्जैन और मांडू में आखिरी परमार राजा महलकदेव पर हमला, हत्याएँ और लूट। 1303 में चित्तौड़गढ़ पर हमला, 30 हजार हिंदुओं का कत्लेआम और जौहर। 1307 में देवगिरि को फिर से लूटा गया और 1310 में तेलंगाना और कर्नाटक के मंदिर लूटकर तबाह किए। 1308 में सिवाना और जालौर पर हमले में राजा शीतलदेव और हजारों हिंदुओं का कत्ल।
  • 1320 में गयासुद्दीन तुगलक के दिल्ली पर कब्जा करते ही गुजरात मूल के परवार जाति के लोगाें का एक ही दिन में कत्लेआम का आदेश। मुहम्मद तुगलक के महल के सामने तो दिन भर मौत की सजा पाने वालों के सिर कलम करने के लिए जल्लाद नियुक्त कर दिए गए।
  • 1327 में इस तुगलक के हाथों में कर्नाटक में कम्पिला नाम का पूरा राज्य तबाह, दो महीने तक खून-खराबा किया गया और दक्षिण में राज परिवार की स्त्रियों के पहले जौहर का धुआँ आसमान में देखा गया।
  • फिरोजशाह तुगलक ने 1353 में बंगाल के 9/11 में एक लाख 80 हजार लोगों के कत्ल किए, कटे हुए सिर पर नकद इनाम की स्कीम और इसी तुगलक के हाथों 1365 में जगन्नाथ और ज्वालामुखी के मंदिर मिटाए गए। फिरोजशाह की माँ नाएला भट्टी एक हिंदू राजा की बेटी थी।
  • 1528 में आगरे पर बाबर के कब्जे के बाद उसने चंदेरी पर हमला बोला। राजा मेदिनीराय के 5 हजार राजपूत सीधी टक्कर में मारे गए, जिनके कटे हुए सिरों की मीनार बनवाई गई। रानी मणिमाला का जौहर स्मारक आज भी है।
  • 1543 में शेर शाह सूरी ने मध्य प्रदेश के रायसेन पर हमला किया और एक ही दिन में राजा पूरनमल के पूरे परिवार को धोखे से मरवा दिया।
  • 1565 में अकबर ने जबलपुर के पास रानी दुर्गावती पर हमले के लिए आसफ खां को भेजा, रानी ने सीधी लड़ाई में जीवित पकड़े जाने की बजाए मैदान में खुदकुशी की, उनका बेटा मारा गया, महल में स्त्रियों ने जौहर किया, पूरे वंश का विनाश। अकबर के चित्तौड़ के हमले में एक बार 30 हजार बेकसूर नागरिक कत्ल किए गए और जौहर हुआ।
  • ठीक इसी समय दूर दक्षिण में 1565 में तालिकोट की लड़ाई में पाँच मुस्लिम बहमनी सुलतानों ने एकजुट होकर भारत के आखिरी हिंदू साम्राज्य विजयनगर को जलाकर राख कर दिया। कर्नाटक के बेल्लारी जिले में वह शहर आज भी खंडहरों में खोया हुआ है।
  • कश्मीर में सिकंदर बुतशिकन, आगरा में सिकंदर लोदी और गुजरात में महमूद बेगड़ा ने मुगलों के आने के पहले हजारों मंदिरों को मिटाया और हिंदुओं के कत्लेआम जारी रखे। बीदर के महमूद गवां ने कर्नाटक में विजयनगर के पास एक ही हमले में 20 हजार लोगों को कत्ल कराया और इतने ही बंदी बनाकर गुलामों की तरह 5-10 तनकों में बेच दिया।
  • मध्य प्रदेश के मांडू में गुजरात के एक हमलावर के हमले में एक ही दिन में 18 हजार हिंदू राजपूत कत्ल किए गए।
  • सबसे बदनाम मुगल औरंगजेब के फरमान से काशी और मथुरा के मंदिरों के विनाश इतिहास में दर्ज हैं।
  • 1398 में तैमूरलंग के दिल्ली हमले में एक लाख हिंदुओं का कत्लेआम हुआ। नादिरशाह और अहमदशाह अब्दाली के हमलों में भी लूटमार के पहले कत्लेआम किए गए।

जिन्हें लक्ष्य करके इस्लाम कुबूल करने पर मजबूर किया गया और अगर इस्लाम कुबूल नहीं किया तो उसकी सजाएँ आज के सीरिया में हुए सार्वजनिक कत्लेआमों जैसी ही थीं। दिल्ली के चाँदनी चौक पर गुरु तेग बहादुर, भाई जतीदास और भाई मतीदास आइसक्रीम खाने नहीं आए थे! छत्रपति शिवाजी के बेटे छत्रपति संभाजी की मृत्यु ह्दयाघात से किसी एम्स में नहीं हुई थी। सरहिंद के किले पर गुरु गोविंद सिंह के वीर बालकों को चिप्स खिलाने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था। चौराहों पर सार्वजनिक उनके सिर कलम किए गए, उन्हें जीवित जलाया गया, आरों से काटा गया, दीवारों में चुनवाया गया, टुकड़े-टुकड़े किए गए और शहर के हर दरवाजों पर टाँगे गए।

इतिहासकार हरबंश मुखिया ने एक व्याख्यान में कहा था कि इस्लामी धर्मांतरण भी जिंदा रहने की सजा का एक विकल्प ही था। अगर आप जजिया नहीं दे सकते हैं और इज्जत से मुस्लिम हुकूमत में रहना भी चाहते हैं तो इस्लाम कुबूल कर लें। यह एक ऐसी सजा थी, जो पीढ़ियों से भोगी जा रही है।

आप सच से भाग नहीं सकते। सच को दबा नहीं सकते। सच ज्ञानवापी की दीवारों से झाँक-झाँककर अपना पता देगा और तहखानों में चीख-चीखकर पुकारेगा। गुलाम नबी आजाद के भीतर अपने अपमानित पुरखों का कोई अंश ही होगा, जो वे साहसपूर्वक एक सच सबके सामने कह गए! सच को स्वीकार करना चाहिए, किंतु तथ्यों की रोशनी में और तथ्य अब किसी से छिपे हुए नहीं हैं!

वैसे एक प्यारे जंतु के रूप में हम शुतुरमुर्गों का भी सम्मान करते हैं!

मर्दों को घर बुलाकर बिकनी में चुम्मा-चाटी करने लगती थी ‘मॉडल’ मेहर, फिर इस्लाम कबूलने और खतना करवाने का डालती थी दबाव

कर्नाटक पुलिस ने हनीट्रैप के मामले में बुधवार (16 अगस्त 2023) को मुंबई की एक कथित मॉडल को गिरफ्तार कर लिया। मेहर नाम की यह मॉडल एक गिरोह चलाती है, जिसने 20-50 वर्ष की आयु के लगभग एक दर्जन से अधिक पुरुषों को धमकी देकर उनसे भारी मात्रा में धन ऐंठा है। इस मामले में बेंगलुरु के पुत्तेनहल्ली पुलिस ने अब्दुल खादर, यासीन सहित तीन आरोपितों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, मेहर अब तक फरार थी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हनीट्रैप के इस मामले में मुख्य आरोपित महिला की पहचान मेहर के रूप में हुई है। वह नेहा नाम से टेलीग्राम एप्लिकेशन पर पुरुषों को फँसाती थी। पुरुषों को अपने चंगुल में फँसाने के बाद मेहर और उसका गिरोह ब्लैकमेल करता था। इस गिरोह ने पीड़ितों को धर्म बदलकर इस्लाम कबूल करने और खतना कराने के लिए भी मजबूर किया। इसके बदले में गिरोह पीड़ितों से मोटी रकम वसूलता था।

कैसे फँसाते थे शिकार 

पुलिस के अनुसार, नेहा उर्फ ​​मेहर बेंगलुरु में 20 से 50 साल की उम्र के बीच के कई लोगों से संपर्क करती थी। फँसाने के बाद उन्हें जेपी नगर स्थित अपने घर में यौन संबंध बनाने के लिए बुलाती थी। घर बुलाने के बाद वह बिकिनी पहनकर उनका स्वागत करती थी। इसके बाद वह पीड़ितों को जबरदस्ती गले लगाती और फिर उन्हें चूम लेती थी।

इस दौरान गिरोह के अन्य सदस्य उसके घर में छिपे होते और मॉडल के साथ पीड़ित पुरुषों के अपमानजनक अश्लील वीडियो बना लेते थे। इसके बाद गिरोह के सदस्य पीड़ित का फोन छीन लेते थे और सभी कॉन्टैक्ट की लिस्ट बना लेते थे। वे पीड़ित को ब्लैकमेल कर पैसे माँगते थे और धमकी देते थे कि अगर उनकी डिमांड पूरी नहीं हुईं तो वे तस्वीरें भेजकर उसके परिवार और मित्र मंडली में उसे बदनाम कर देंगे।

गिरोह पीड़ित पर आरोपित मॉडल मेहर से निकाह करने का दबाव बनाता था। वे इस बात पर ज़ोर देते थे कि मॉडल एक मुस्लिम है, इसलिए पीड़ित को इस्लाम कबूल करने के बाद ही उससे निकाह करना होगा। इसके साथ ही वे पीड़ितों का तुरंत खतना भी कराने का दबाव बनाते थे। इन माँगों से डरकर पीड़ित आरोपितों को मोटी रकम सौंप देते थे। 

कैसे हुआ भंडाफोड़ 

गिरोह का यह ब्लैकमेलिंग का खेल तब समाप्त हुआ जब एक पीड़ित इंजीनियर ने पुलिस को इसके बारे में बताने की हिम्मत की। शुरुआती जाँच में यह बात सामने आई कि इस ग्रुप ने अब तक 12 लोगों को ब्लैकमेल किया है। वहीं, पुलिस अधिकारी अन्य मामलों की जाँच कर रहे हैं, जहाँ उन्हें गिरोह की संलिप्तता का संदेह है।

कर्नाटक पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए शरण प्रकाश बालिगेरा, अब्दुल खादर और यासीन को गिरफ्तार किया था। हालाँकि, आरोपित मॉडल मेहर फरार थी। पुलिस ने उसे 16 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इस मामले में शामिल एक अन्य आरोपित नदीम की तलाश कर रही है।