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नूहं में जलाभिषेक यात्रा पर हुए हमले के विरोध में पूरे देश में होगा प्रदर्शन, VHP ने कहा- मेवात को नहीं बनने देंगे हिंदुओं का कब्रिस्तान

हरियाण के मेवात के नूहं में जलाभिषेक यात्रा पर हुए हमले के विरोध में विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल दो अगस्त 2023 को देशव्यापी प्रदर्शन करेगा। जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन के दौरान जिहाद का पुतला फूॅंका जाएगा। इसकी घोषणा 1 अगस्त को मीडिया को जारी बयान में विहिप ने की है। साथ ही मेवात को मिनी पाकिस्तान बताते हुए संकल्प लिया है कि इस हिंदुओं का कब्रिस्तान नहीं बनने दिया जाएगा।

नूहं में हिंदुओं की यात्रा पर 31 जुलाई को इस्लामी भीड़ ने हमला किया था। पत्थरबाजी, फायरिंग और आगजनी हुई थी। कई घंटों तक हिंदू बंधक की तरह फँसे रहे। सोमवार की रात उन्हें रेस्क्यू कर बचाया गया। इस दौरान हिंदू जिस नल्हड़ शिव मंदिर में जुटे थे, उस पर भी पहाड़ियों से फायरिंग की गई थी।

जारी बयान में विहिप के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा है, “हरियाणा के मेवात में कल जो भी हुआ वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। यात्रा शुरू हुए 15 मिनट भी नहीं हुए थे कि उपद्रवियों ने पत्थरबाजी, फायरिंग और आगजनी शुरू कर दी। श्रद्धालुओं ने जब हालात बिगड़ते देख पीछे हटने का प्रयास किया, तो पीछे से भी उन पर हमला हुआ। पेट्रोल बम फेंके गए। लोग मुश्किल से जान बचाकर महादेव मंदिर में पहुँचे तो दंगाई वहाँ भी आ गए। जो भी वाहन थे उनको आग लगा दी। गोलियाँ चलाई। पुलिस के आने के बाद उपद्रवियों ने तीन तरफ से पहाड़ियों से मंदिर पर फायरिंग की।”

जैन ने बताया कि जो कुछ नूहं में हुआ वह डायरेक्ट एक्शन डे जैसा था। ऐसा लग रहा था पूरा मेवात मिनी पाकिस्तान बन गया है। चारों तरफ से घेराबंदी की गई थी। मंदिरों और पुलिस चौकियों पर हमले किए गए। उन्होंने कहा कि यह दुष्कृत्य किसी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन को चाहिए कि पूरे मेवात क्षेत्र को सील कर एक-एक जिहादी को पकड़े। हिंदू और राष्ट्र विरोधी आतंवाद को रोके।

नूहं में इस्लामी भीड़ के हमलों के जो शिकार, अब उनको गुरुग्राम में फँसाने का कैंपेन: जानिए प्रवीण हिंदुस्तानी और अमित हिंदू के साथ क्या हुआ

इस्लामी भीड़ ने 31 जुलाई 2023 को हरियाणा के मेवात के नूहं में हिंदुओं की जलाभिषेक यात्रा पर हमला किया। घंटों हिंदू श्रद्धालु बंधक जैसी स्थिति में फँसे रहे। मंदिर पर फायरिंग की गई। पत्थरबाजी और आगजनी हुई। हिंसा के सुनियोजित होने और कई दिनों से इसकी तैयारी चलने की बात सामने आने के बाद से इस्लामवादी ‘मुस्लिम विक्टिम’ वाला नैरेटिव गढ़ने के लिए सोशल मीडिया में फर्जी दावों के साथ उतर आए हैं।

इस्लामवादियों ने पहला फेक दावा मोनू मानेसर को लेकर किया। ऑपइंडिया ने फैक्टचेक कर बताया है कि मोनू मानेसर का जो वीडियो शेयर किया जा रहा है, वह पिछले साल का है और वह 31 जुलाई को जलाभिषेक यात्रा में मौजूद नहीं था। इसके बाद दूसरा दावा गुरुग्राम की एक मस्जिद को कथित तौर पर जलाने और इमाम की हत्या को लेकर किया जा रहा है। इस कथित मस्जिद के निर्माण पर अदालती रोक लगी हुई है। कई सोशल मीडिया अकाउंट इस घटना के लिए अमित हिंदू और प्रवीण हिंदुस्तानी को जिम्मेदार बता रहे हैं।

इस्लामी नाम वाले हैंडलों से आरोपित किए जा रहे इन दोनों व्यक्तियों से ऑपइंडिया ने संपर्क किया। ऑपइंडिया से बात करते हुए अमित हिंदू ने बताया कि वे और प्रवीण हिंदुस्तानी उस जलाभिषेक यात्रा में शामिल थे, जिस पर नूहं में इस्लामी भीड़ ने हमला किया था। उन्होंने बताया कि सोमवार की रात करीब 2-2:30 बजे वे पुलिस सुरक्षा में गुरुग्राम पहुँचे थे।

अमित हिंदू ने बताया कि इस्लामवादी उन्हें फँसाने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि वे हिंदुओं की सुरक्षा के लिए जमीन पर काम करते हैं। वे हिंदू लड़कियों को लव जिहाद से बचाते हैं। वे गो रक्षा के लिए काम करते हैं। जब हिंदुओं को प्रताड़ित किया जाता है तो उनके साथ खड़े होते हैं। ऑपइंडिया से बात करते हुए अपने और प्रवीण हिंदुस्तानी के खिलाफ फर्जी खबर फैलाने वालों पर कार्रवाई की माँग भी उन्होंने हरियाणा पुलिस से की।

उन्होंने कहा कि इस फर्जी खबर की वजह से शहर में और अशांति फैल सकती है। अमित ने बताया कि नूहं में हुए हमले के दौरान उनके घुटनों में चोटें भी आई है। उनकी आँखों में लाल मिर्च भी झोंक दिया गया था। मस्जिद जलाने की घटना के पीछे उन्होंने ‘साजिश’ की आशंका जताते हुए कहा है कि उन्हें इसमें जलाभिषेक यात्रा में शामिल हिंदुओं की संलिप्तता को लेकर संदेह है।

प्रवीण हिंदुस्तानी ने भी ऑपइंडिया को बताया है कि फर्जी तरीके से गुरुग्राम की घटना में उनका और अमित का नाम जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा है, “कल (31 जुलाई) रात हम पुलिस लाइन नूहं में थे। करीब 2 बजे गुरुग्राम पहुँचे। हमें इस घटना के विषय में कुछ नहीं पता। कुछ लोग टि्वटर पर फेक न्यूज़ चलाकर, नूहं दंगा की फोटो लगाकर, हमें गुरुग्राम में बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं। यह बहुत गहरी साजिश है। प्रशासन को फेक खबर चलाने के जुर्म में इन सभी पर मुकदमा दर्ज करना चाहिए।”

दिलचस्प यह भी है कि सूत्रों के अनुसार इस मामले में 5 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इनमें अमित हिंदू और प्रवीण हिंदुस्तानी नहीं हैं। हमें यह भी पता चला है कि गिरफ्तार लोगों और मस्जिद के कथित इमाम के बीच व्यक्तिगत दुश्मनी का एक कोण भी हो सकता है। सभी पहलुओं की जाँच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नुपूर जे शर्मा की यह रिपोर्ट मूल रूप से अंग्रेजी में लिखी गई है। विस्तार से पढ़ने के लिए आप इस लिंक पर क्लिक कर सकते हैं।

मोदी सरकार ने लोकसभा में पेश किया दिल्ली वाला बिल, राज्यसभा में भी पास होना तय: बीजद ने दिया समर्थन, अविश्वास प्रस्ताव का भी विरोध करेगी

संसद के मॉनसून सत्र के दौरान मंगलवार (1 अगस्त, 2023) को केंद्र सरकार ने लोकसभा में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली क्षेत्र सरकार संशोधन विधेयक 2023 पेश किया। इस पर बुधवार को चर्चा होगी। इस बिल के खिलाफ दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने कॉन्ग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों का समर्थन जुटाया है। लेकिन लोकसभा में संख्या बल केंद्र सरकार के पक्ष में है। वहीं बीजेडी के समर्थन के बाद राज्यसभा में भी इस बिल का पास होना तय हो गया है।

विपक्ष के भारी हंगामे के बीच केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में दिल्ली सेवा बिल पेश किया। बिल के पेश होते ही विपक्ष का हंगामा तेज हो गया। इसके कारण लोकसभा की कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी। इस बिल के विरोध को लेकर गृह मंत्री अमित शाह का कहना है कि विपक्ष का विरोध राजनीतिक है। इसका कोई संवैधानिक आधार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने आदेश में कहा है कि केंद्र सरकार दिल्ली को लेकर कोई भी कानून बना सकती है।

भाजपा को मिला बीजेडी का साथ

बीजू जनता दल (BJD) के सांसद सस्मित पात्रा ने कहा है, “पार्टी ने दिल्ली सेवा बिल के समर्थन का फैसला किया है। हम विपक्ष द्वारा लाए जा रहे अविश्वास प्रस्ताव का भी विरोध करेंगे। इसको लेकर पार्टी द्वारा लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को 3 लाइन का व्हिप जारी किया गया है। दोनों सदनों के सासंदों को सदन में उपस्थित रहने के लिए कहा गया है।”

भाजपा को मिले बीजेडी के इस समर्थन को विपक्ष और खासतौर से आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। दरअसल, केजरीवाल दिल्ली सेवा बिल के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने में जुटे हुए हैं। वहीं YSR कॉन्ग्रेस के बाद अब BJD ने भी समर्थन का ऐलान किया है। ऐसे में इस बिल को विपक्ष के नए-नवेले गठबंधन I.N.D.I.A. के लिए अग्निपरीक्षा के रूप में भी देखा जा रहा है।

चूँकि लोकसभा में भाजपा के पास पर्याप्त बहुमत है। ऐसे में बिल के लोकसभा में आसानी से पास होने की संभावना है। वहीं राज्यसभा में बहुमत का आँकड़ा 120 है। लेकिन भाजपा और उसके सहयोगी दलों के गठबंधन NDA के पास 103 सांसद ही हैं। इसके अलावा, 5 मनोनीत व एक निर्दलीय सांसद के समर्थन की भी संभावना है। चूँकि राज्यसभा में 9 सदस्यों वाली YSR कॉन्ग्रेस ने पहले ही बिल के समर्थन का ऐलान किया है। वहीं BJD के 9 सांसद भी बिल का राज्यसभा में समर्थन करेंगे। ऐसे में इस बिल का अब राज्यसभा से पास होना भी तय हो गया है।

नूहं में अभिषेक को पहले गोली मारी, फिर गला काट पत्थर से भी कुचला: प्रत्यक्षदर्शियों का दावा, कहा- महिलाओं को दबोचने दौड़ी थी भीड़

हरियाणा के नूहं इलाके में सोमवार (31 जुलाई 2023) को जलाभिषेक यात्रा निकाल रहे हिन्दुओं पर हमला किया गया था। इस हमले में 2 होमगार्ड सहित मिठाई विक्रेता शक्ति सैनी की हत्या हो गई है। इसके अलावा, अभिषेक राजपूत नाम के बजरंग दल कार्यकर्ता गोली मार दी गई। उसके बाद उनका गला काटकर सिर को पत्थरों से कूच दिया गया। यह सब ISIS और तालिबान के स्टाइल में किया गया।

ऑपइंडिया ने मेवात के हथीन इलाके में रहने वाले भारत भूषण से बात की। उन्होंने बताया कि घटना के दिन 31 जुलाई को अभिषेक पानीपत से नल्हड मंदिर में जल चढ़ाने आए थे। इस दौरान वह मुस्लिमों भीड़ के हमले की चपेट में आ गए। भारत भूषण के मुताबिक, दंगाइयों ने अभिषेक को पहले गोली मारी और बाद में उनका गला रेत दिया। उन्होंने कहा कि अभिषेक के परिजन लाश लेने नूहं आए हुए हैं।

ऑपइंडिया ने अभिषेक हत्याकांड की और ज्यादा जानकारी लेने के लिए पानीपत के जिला संयोजक बॉबी को कॉल किया। बॉबी ने हमें बताया कि वो और अभिषेक सहित लगभग 100 लोग एक बस और कुछ गाड़ियों से नूह के नल्हड मंदिर गए थे। इस दौरान मंदिर में पूजा करके निकलने के कुछ ही देर बाद उन पर लगभग 250 मुस्लिमों की भीड़ ने अचानक हमला कर दिया।

बॉबी का दावा है कि उनके काफिले के साथ हरियाणा पुलिस का एक DSP कुछ सिपाहियों के साथ चल रहा था, जो सिर्फ एकाध हवाई फायर कर के अपनी इतिश्री कर लिया। खुद को घटना का चश्मदीद बताते हुए बॉबी ने आगे बताया कि हिन्दू संगठनों ने पुलिस वालों की रक्षा की और उनके साथ खड़े रहे।

इस दौरान मुस्लिमों की भीड़ महिलाओं की तरफ आगे बढ़ी तो हिन्दू संगठनों ने पहले उन्हें सुरक्षित करने का निर्णय लिया। महिलाओं को वापस मंदिर की तरफ भेजा जाने लगा तो मुस्लिमों की तरफ से फायरिंग शुरू हो गई। फायरिंग में पानीपत के नूरवाला क्षेत्र के निवासी अभिषेक राजपूत के कमर में गोली लगी और वो वहीं गिर पड़े। बॉबी के अनुसार, अभिषेक के साथ चल रहे व्यक्ति ने उन्हें उठाने की कोशिश की पर वो अचेत हो गए थे।

बॉबी ने यह भी दावा किया कि महिलाओं को कुछ लोग लेकर सुरक्षित जगहों पर भागे तो मुस्लिमों की भीड़ बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के पास तक पहुँच गई। बकौल बॉबी, बुरी तरह से घायल होने के चलते अभिषेक राजपूत अपना बचाव नहीं कर सके। आरोप है कि भीड़ में शामिल हमलावरों ने पहले तालिबानी अंदाज़ में अभिषेक का गला काटा और बाद में पत्थरों से उनके सिर को कूँच डाला। अभिषेक की मौके पर ही मौत हो गई।

बॉबी ने बताया कि अभिषेक बजरंग दल के प्रखंड संयोजक थे और वह पानीपत के एक गरीब परिवार से आते थे। घर का गुजारा करने के लिए वो कार मैकेनिक का काम करते थे। अभिषेक का एक भाई और है, जो किसी फैक्ट्री में काम करता है। मृतक के पिता भी मेहनत-मजदूरी कर के बच्चों को पाले पोसे थे।

बताते चलें कि नूहं हिंसा को लेकर यह बात सामने आई है कि इसकी तैयारी 6 महीने से की जा रही थी। हमले के दौरान मंदिर परिसर में घिरे लोगों पर एके-47 से फायरिंग की गई थी। 14 साल के छोटे-छोटे बच्चे गोली चला रहे थे।

पहाड़ियों से मंदिर पर फायरिंग कर रही थी भीड़, लग रहे थे अल्लाहू अकबर-पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे: जिन हिंदुओं ने मेवात में भोगा, उन्होंने सब कुछ बताया

हरियाणा के मेवात के नूहं जिले में सोमवार (31 जुलाई, 2023) को हिंदुओं की ‘बृजमंडल यात्रा’ पर मुस्लिमों की भीड़ ने हमला किया था। पीड़ित हिंदुओं का कहना है कि नल्हड़ शिव मंदिर पर करीब 150 कट्टरपंथियों की भीड़ फायरिंग कर रही थी। इस मंदिर में सैकड़ों की संख्या में लोग फँसे हुए थे, जिन्हें पुलिस-प्रशासन ने सोमवार की रात बाहर निकाला था। प्रत्यक्षद​र्शियों के अनुसार हिंदुओं को निशाना बनाने वाली भीड़ ‘अल्लाह-हू अकबर’ और ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगा रही थी।

हमले के दौरान मंदिर में फँसे लोगों में संदीप बंसल भी शामिल थे। वे विश्व हिंदू परिषद हिसार के जिला सह महामंत्री हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर को बताया है कि वे दो बसों में करीब 125 श्रद्धालुओं के साथ हिसार से सुबह के सात बजे निकले थे। 11 बजे के करीब मंदिर में पहुँच गए थे। जब हिंसा शुरू हुई तो वे मंदिर में जलाभिषेक कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि यह मंदिर तीन तरफ से पहाड़ियों से घिरा है। पहाड़ियों से करीब 150 लोगों की भीड़ मंदिर पर फायरिंग कर रही थी। जैसे-जैसे शाम ढलती गई फायरिंग तेज होती गई। उनके अनुसार शाम के करीब आठ बजे उन लोगों को प्रशासन ने मंदिर से बाहर निकाला था। लेकिन जब पुलिस लोगों को नूहं के पुलिस लाइन ले जा रही थी, तब भी मुस्लिमों की भीड़ ने पत्थरबाजी की थी।

ओ न्यूज ने हिंसा के दिन का एक वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया है। इसमें एक पीड़ित को कहते सुना जा सकता है, “गाड़ियों पर पत्थरबाजी हो रही है। अल्लाह हू अकबर और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लग रहे हैं। मेरी गाड़ी तोड़ दी गई है।” एक अन्य व्यक्ति कह रहा है, “लोग कहते हैं भाईचारा रखो। आज देख लिया भाईचारा। कोई भाईचारा नहीं बचा है।” एक अन्य युवक कह रहा है, “यहाँ पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लग रहे हैं। यह पाकिस्तान है या हिंदुस्तान? देश के किसी भी हिस्से में देख लो, जहाँ मुस्लिम ज्यादा संख्या में वहाँ पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लग रहे हैं।”

इस घटना को कवर कर रहे ‘ओ न्यूज’ के पत्रकार को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि हिंदुओं की शोभायात्रा पर पत्थरबाजी हो रही है। मस्जिदों और घरों से पत्थर फेंके जा रहे हैं। यहाँ आए हुए हिंदुओं को टारगेट कर पत्थर फेंके गए हैं। छतों पर पत्थर इकट्ठे कर रखे गए थे।

एक व्यक्ति ने इसी वीडियो में कहता है, “छोटे-छोटे बच्चे हाथों में पत्थर लेकर हमले कर रहे थे। उन्होंने पहले ही पत्थर इकट्ठा कर रखा था। हम किसी भी प्रकार से तैयार नहीं थे। कई लोग घायल हुए हैं। गाड़ियों के शीशे टूट गए हैं। हम बड़ी मुश्किल से जान बचाकर भागे हैं। पुलिस मौजूद है, लेकिन पत्थरबाजी नहीं रुक रही।” वीडियो में बस के टूटे हुए शीशे और बस के अंदर बिखरे हुए पत्थर नजर आ रहे हैं।

हिंदुओं पर हिंसक हमले के विरोध में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने प्रदर्शन की घोषणा की है। VHP के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे व बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक नीरज दौनेरिया ने संयुक्त बयान में कहा है “बजरंग दल द्वारा प्रतिवर्ष ‘धार्मिक बृजमंडल यात्रा’ का आयोजन होता है। मेवात के नूहं में नल्हड़ शिव मंदिर में आयोजित इस धार्मिक यात्रा में इस्लामिक जिहादियों ने तीर्थयात्रियों पर भारी पथराव, हिंसा, आगजनी और पहाड़ियों से सीधी गोलियाँ चलाई हैं। इससे सैकड़ों गाड़ियाँ क्षतिग्रस्त और आगजनी की भेंट चढ़ी हैं। दो होमगार्ड के जवानों की मृत्यु हुई है। तीर्थयात्री व बजरंग दल कार्यकर्ता घायल हुए हैं। इसके विरोध में 2 अगस्त 2023 को बजरंग दल जिला स्तर पर इस्लामिक जिहाद, आतंकवाद के विरुद्ध व्यापक प्रदर्शन करेगा।”

पुणे में सजा नया राजनीतिक मंच! PM मोदी के साथ दिखे दोनों पवार भी, तिलक पुरस्कार की राशि नमामि गंगे योजना को समर्पित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) मंगलवार (1 अगस्त 2023) को महाराष्ट्र के पुणे दौरा पर हैं। पुणे में पीएम मोदी ने पुणे के श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई मंदिर में पूजा-अर्चना की और देश के कल्याण के लिए प्रार्थना की। इस दौरान पीएम मोदी को विरोधी I.N.D.I.A खेमे के शरद पवार के साथ मंच साधा किया। इसको लेकर सियासत तेज हो गई है।

PM मोदी ने कहा, “आज मैंने दगड़ूशेठ मंदिर में पूजा की। यह सम्मान अविस्मरणीय है। जो संस्थान सीधे तौर पर तिलकजी से जुड़ा हो, उससे लोकमान्य तिलक सम्मान सौभाग्य की बात है।” दगड़ूशेठ पहले व्यक्ति थे, जो तिलक के आह्वान पर गणेश प्रतिमा की स्थापना में शामिल हुए थे।

दरअसल प्रधानमंत्री मोदी पुणे में तिलक स्मारक ट्रस्ट की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ मंच साझा किया। दोनों नेताओं ने एक दूसरे का हाल-चाल भी लिया। इतना ही नहीं, इस कार्यक्रम में चाचा शरद पवार से विद्रोह कर NDA हिस्सा बनने वाले भतीजे अजित पवार भी शामिल हुए। अब विपक्षी एकता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

ट्रस्ट द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पुरस्कार में मिली एक लाख रुपए की राशि को नमामि गंगे योजना को देने का ऐलान किया। तिलक की पुण्यतिथि पर दिए जाने वाले पुरस्कार को लेकर आयोजकों ने कहा कि यह पुरस्कार पीएम मोदी के सर्वोच्च नेतृत्व को मान्यता देता है, जिसके तहत भारत प्रगति की सीढ़ियाँ चढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने बाल गंगाधर तिलक को श्रद्धांजलि देकर वहाँ उपस्थित लोगों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा, “आज हम सबके आदर्श और भारत के गौरव बाल गंगाधर तिलक जी की पुण्यतिथि है। साथ ही, आज अण्णा भाऊ साठे की जन्म जयंती भी है। भारत की आज़ादी में तिलक की भूमिका को, उनके योगदान को कुछ घटनाओं और शब्दों में नहीं समेटा जा सकता है।”

पीएम मोदी ने आगे कहा, “अंग्रेजों ने धारणा बनाई थी कि भारत की आस्था, संस्कृति, मान्यताएँ, ये सब पिछड़ेपन का प्रतीक हैं, लेकिन तिलक जी ने इसे भी गलत साबित किया। तिलक जी ने आज़ादी की आवाज़ को बुलंद करने के लिए पत्रकारिता और अखबार की अहमियत को भी समझा। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के साहस और आदर्शों की ऊर्जा से समाज को भरने के लिए शिव जयंती आयोजन शुरू किया। उन्होंने समाज को जोड़ने के लिए सार्वजनिक गणपति महोत्सव की नींव डाली।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुणे मेट्रो फेज-I के दो गलियारों के पूर्ण खंडों पर मेट्रो ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। ये मेट्रो फुगेवाड़ी स्टेशन से सिविल कोर्ट स्टेशन और गरवारे कॉलेज स्टेशन से रूबी हॉल क्लिनिक स्टेशन तक चलेगी। प्रधानमंत्री ने मोदी ने साल 2016 में इस परियोजना की आधारशिला रखी थी।

इससे पुणे शहर के शिवाजी नगर, सिविल कोर्ट, पुणे नगर निगम कार्यालय, पुणे RTO और पुणे रेलवे स्टेशन जुड़ जाएंगे। सिविल कोर्ट मेट्रो स्टेशन देश के सबसे गहरे मेट्रो स्टेशनों में से एक है, इसमें 33.1 मीटर का सबसे गहरा पॉइंट है। इस स्टेशन की छत को इस तरह से बनाया गया है कि धूप सीधी प्लेटफॉर्म पर पड़े।

उन्होंने पुणे में शिवाजी नगर पुलिस मुख्यालय में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। पीएम मोदी ने कहा कि लगभग 15,000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई है, जो हजारों लोगों के लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने की दिशा में काम करेगी।

उधर, एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने देश के लिए जो काम किया, उसके लिए उन्हें सम्मानित किया जा रहा है। पवार ने कहा कि यह पुरस्कार अटल बिहारी वाजपेई, डॉ मनमोहन सिंह, शंकर दयाल शर्मा, इंदिरा गाँधी को भी दिया गया। अब इस सूची में पीएम का नाम शामिल किया जा रहा है। इसके लिए उन्हें बधाई।

दरवाजा तोड़ घर में घुसी ‘भीड़’, बाल पकड़कर महिला को निकाला, सड़क पर पटक-पटक कर मारा: राजस्थान में BJP समर्थक होने की सजा

राजस्थान के जयपुर में एक महिला की बेरहमी से पिटाई का वीडियो वायरल हुआ है। घर के दरवाजे तोड़ भीड़ ने इस महिला को बाल और कपड़े पकड़कर बाहर निकाला। फिर सड़क पर कीचड़ में उसे पटक-पटक कर मारा। महिला का गुनाह यह है कि वह बीजेपी समर्थक है।

मामला जयपुर के मालपुरा गेट थाना क्षेत्र की कल्याण कॉलोनी का है। घटना 20 जुलाई 2023 की है, लेकिन वीडियो अब सामने आया है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार मोहर्रम के कारण राजस्थान पुलिस ने उस समय आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं की थी। 30 जून को इस मामले में 7 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इस घटना में शामिल लोगों के नाम मीडिया रिपोर्ट में नाजिर, एजाज, मुस्ताक, कलामुद्दीन, इकरार, इरफान वगैरह बताए गए हैं। 40 वर्षीय पीड़ित महिला के पति सहादत अली ने मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया है। भास्कर की ही रिपोर्ट में बताया गया है कि पुलिस के अनुसार महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। उसने मजहब विरोधी बातें घर पर लिख दी थी, जिसके कारण मोहल्ले के लोग उग्र हो गए।

लेकिन NBT की रिपोर्ट के अनुसार, 40 वर्षीय पीड़ित मुस्लिम महिला भाजपा समर्थक है। वह अक्सर बीजेपी नेताओं की तारीफ करती थी। यह बात उसके अपने ही समुदाय के लोगों को पसंद नहीं थी। घटना वाले दिन उसने अपने घर की दीवार पर BJP लिख ‘कमल का फूल’ बना दिया था। दावा है कि इससे लोगों की भावनाएँ आहत हो गईं। इसके बाद मोहल्ले में रहने वाले मुस्लिमों की भीड़ ने उसके घर पर धावा बोल दिया।

इससे घबराई महिला घर के दरवाजे बंद कर एक कमरे में छिप गई। लेकिन भीड़ ने पहले घर का मेन गेट तोड़ा। फिर पहली मंजिल पर बने कमरे का दरवाजा तोड़ अंदर घुस गए। पहले कमरे के अंदर ही महिला के साथ मारपीट की गई। इसके बाद बाल पकड़कर उसे खींचते हुए बाहर लाया गया। घर के सामने की सड़क पर पटक कर उसे लात-घूँसों से पीटा गया।

महिला के साथ मारपीट करने वाली भीड़ में पुरूष, बच्चे और महिलाएँ भी शामिल थीं। इसके कुछ वीडियो भी सामने आए हैं। वीडियो में घर की दीवार पर BJP और कमल का फूल बना हुआ देखा जा सकता है। वहीं भीड़ महिला के घर का गेट तोड़ अंदर घुसती दिखाई दे रही है। एक अन्य वीडियो में सड़क पर गिरी हुई महिला को महिलाएँ पीटती हुई नजर आ रहीं हैं। इस दौरान वहाँ मौजूद महिला पुलिसकर्मी पीड़ित महिला को बचाती हुई भी नजर आ रही है।

पीड़िता महिला को बचाने वाली महिला पुलिसकर्मी धोली बाई का कहना है कि 100-150 लोगों की भीड़ ने महिला के साथ मारपीट की थी। जब वह महिला को बचाने की कोशिश कर रहीं थी, तब उनके साथ भी धक्का-मुक्की की गई।

एक टीम उनके आगे, एक टीम उनके पीछे… मेवात में हिंदुओं पर हमले का पहले से तैयार था प्लान, सोशल मीडिया से फैलाया गया

हरियाणा के मेवात के नूहं जिले में सोमवार (31 जुलाई, 2023) को हिंदुओं की जलाभिषेक यात्रा पर मुस्लिम भीड़ ने हमला किया। पथराव, आगजनी और गोलीबारी की। विहिप ने कहा है कि इस हिंसा की कई दिनों से तैयारी चल रही थी। राज्य के गृह मंत्री अनिल विज ने भी इस हिंसा को पूर्व नियोजित साजिश करार दिया है। सोशल मीडिया में भी इस्लामी कट्टरपंथियों के ऐसे पोस्ट भरे पड़े हैं जिनसे पता चलता है कि हमले का प्लान पहले से रेडी था। सोशल साइट्स की मदद से इन्हें यात्रा से पहले फैलाकर हिंदुओं पर हमले के लिए उकसाया गया।

हमले से कुछ घंटे पहले मोहम्मद साबिर खान ने फेसबुक लाइव किया था। इस लाइव में उसने सड़क पर गैस सिलेंडर रखकर सरकार, मोनू मानेसर, और बजरंग दल को धमकी दी थी। उसने बताया था कि कैसे गैस सिलेंडर से विस्फोट कर हिंदुओं को निशाना बनाया जा सकता है।

एक अन्य पोस्ट में साबिर ने कहा था कि जितने भी लोग आ जाएँ, उनसे ज्यादा लोग तैयार रहो। किसी से कुछ मत कहो। एक टीम उनके आगे और एक उनके पीछे। उनको बीच में रहने दो। इसका मतलब साफ है कि कई टीमें बनाकर तैयारी की जा रही थी। दोनों तरह मुस्लिमों की भीड़ और बीच में हिंदुओं को रखकर खून-खराबे की प्लानिंग की गई थी।

अज़हर इसाब रानिया ने लिखा था, “मेरा सभी मेवात वासियों से निवेदन है वो 31 जुलाई को मेवात में गाड़ी (डंफर) अपने लिए नहीं मेवात की इज्ज़त के लिए चलाएँ।” मतलब साफ है कि मुस्लिम वाहन चालकों को भी हिंदुओं पर हमले की साजिश में शामिल होने के लिए उकसाया गया था।

एहसान अदबारया ने फेसबुक पर लिखा था, “अल्लाह हू अकबर… 31 जुलाई दिन सोमवार को देखते हैं।” इस पोस्ट में उसने आगे लिखा था, “तारीख-ए-फिरोजशाह तुगलक में मेव जाति का उल्लेख किया गया है। इसमें बताया गया है कि मेवातियों के डर से दिल्ली के चारों तरफ के दरवाजे बंद थे। हम तैयार हैं।” इस पोस्ट से ऐसा लगता है कि मेवात में मुस्लिमों की भीड़ हिंदुओं को घेरकर उन्हें खत्म करने की प्लानिंग में थी। दिल्ली के चारों तरफ के दरवाजे बंद होने का मतलब शायद बाहर भागने के रास्ते बंद करने और बाहर से किसी प्रकार की आने वाली सहायता को रोक देने से था।

अरबाज खान दहंगल ने मेवात के रास्ते में हिंदू संगठन के काफिले का वीडियो शेयर किया था। साथ में उसने कैप्शन में लिखा था, “नूहं मेवात नल्हड़ बजरंग दल गुंडागर्दी।” इस वीडियो के जरिए अरबाज खान अपने साथियों को हिंदूओं की लोकेशन भेज रहा था।

अरबाज खान दहंगल ने भी मोनू मानेसर का वीडियो शेयर कर धमकी दी थी। उसने लिखा था कि इसका स्वागत नहीं करोगे मेवाती भाई। इसका वेट करना भूल गए।

इसी तरह कुछ अन्य पोस्ट देखने से आपको इस्लामवादियों के ‘ईमान’ का अंदाजा हो जाएगा।

बिहार में जारी रहेगी जाति जनगणना, पटना हाईकोर्ट का निर्णय: नीतीश सरकार ने दलील दी थी कि आरक्षण को 50 प्रतिशत करने के लिए जाति जानना जरूरी

पटना हाईकोर्ट ने मंगलवार (1 अगस्त 2023) बिहार की नीतीश कुमार की सरकार द्वारा राज्य में कराई जा रही जातीय सर्वे को हरी झंडी दे दी है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने जाति गणना को रोकने की माँग करने वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद जाति गणना का काम जारी रहेगा।

बिहार में जाति जनगणना के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट ने 6 जनहित याचिकाएँ दाखिल की गई थीं। इन याचिकाओं में जनगणना पर रोक लगाने की माँग की गई थी। इस राज्य सरकार ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए जाति जनगणना जरूरी है।

हाईकोर्ट में बिहार सरकार ने दलील दी है कि नगर निकाय एवं पंचायत चुनावों को लेकर कहा कि ओबीसी को 20 प्रतिशत, एससी को 16 फीसदी और एसटी को एक फीसदी आरक्षण दिया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत तक निर्धारित की है। राज्य सरकार ने तर्क दिया कि वह नगर निकाय और पंचायत चुनावों में 13 प्रतिशत और आरक्षण दे सकती है।

राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता पीके शाही ने कोर्ट को बताया था कि यह सर्वेक्षण है और इसका मकसद आम नागरिकों के बारे में सामाजिक अध्ययन के लिए आँकड़े जुटाना है। इन आँकड़ों का उपयोग आम लोगों के कल्याण और हितों के लिए किया जाएगा।

महाधिवक्ता ने कहा था कि जाति संबंधी सूचना शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश या नौकरियों के लिए आवेदन या नियुक्ति के समय भी दी जाती है। जातियाँ समाज का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण के दौरान जानकारी देने के लिए किसी को बाध्य नहीं किया जा रहा है। यह स्वैच्छिक सर्वेक्षण है, जिसका लगभग 80 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है।

जनगणना को लेकर राज्य सरकारों के अधिकार पर उठाए गए सवाल पर उन्होंने कोर्ट में तर्क दिया था कि ऐसा सर्वेक्षण राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में है। सर्वेक्षण से किसी की निजता का कोई उल्लंघन नहीं हो रहा है। शाही ने कोर्ट को बताया कि बहुत सी सूचनाएँ पहले से ही सार्वजनिक हैं।

बताते चलें कि पटना हाईकोर्ट ने सभी पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद 7 जुलाई 2023 को फैसला सुरक्षित रख लिया था। जातीय जनगणना के खिलाफ दायर याचिकाओं पर चीफ जस्टिस केवी चंद्रन की खंडपीठ ने लगातार पाँच दिनों तक सुनवाई की। अब 25 दिन बाद कोर्ट ने अंतिम फैसला सुनाया है।

सर्वे दो चरणों में शुरू किया गया था। पहला चरण 7 जनवरी से 21 जनवरी 2023 तक चला था। वहीं, दूसरा चरण 15 अप्रैल को शुरू हुआ था और मई 2023 तक जारी रहनी थी। हालाँकि, यह प्रक्रिया पूरी होती इससे पहले ही मामला कोर्ट में चला गया था।

नूहं की जलाभिषेक यात्रा में शामिल नहीं थे शक्ति सैनी, चौराहे पर मिली लाश: ग्रामीण ने बताया- शोएब मिष्ठान्न भंडार में करते थे काम

हरियाणा के नूहं में 31 जुलाई 2023 (सोमवार) को हिन्दू संगठनों द्वारा निकाली गई जलाभिषेक यात्रा पर इस्लामी भीड़ ने हमला किया था। इस हिंसा में होमगार्ड के 2 जवानों सहित कुल 3 लोगों की मौत हो गई। इलाके में धारा 144 लगाई गई है।

ताजा जानकारी के मुताबिक, 1 अगस्त 2023 को हरियाणा के नगीना इलाके से और 3 शव बरामद हुए हैं। इसमें से 2 शवों की पहचान नहीं हो पाई है। तीसरा शव 34 वर्षीय शक्ति सैनी का बताया जा रहा है। शक्ति सैनी नगीना में मिठाई की दुकान में काम करते थे।

हरियाणा शिवसेना शिंदे गुट के पदाधिकारी रितुराज ने ऑपइंडिया को बताया कि मृतक शक्ति सैनी के पिता का नाम सोमपाल है। वह मुस्लिम बहुल भाड़स गाँव का रहने वाला था। शक्ति सैनी मिठाई की दुकान में काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। रितुराज ने बाकी 2 शवों के भी हिन्दुओं का होने की आशंका जताई। हालाँकि, आधिकारिक तौर पर दोनों शवों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कुछ अन्य लाशों के खेतों से बरामद होने की अपुष्ट खबर भी सुनाई देने की जानकारी दी।

रितुराज ने हमें आगे बताया कि आशंका इस बात की जताई जा रही है कि हमले के दौरान शक्ति सैनी अपनी दुकान पर मौजूद थे। उन्हें दुकान से अपहरण कर कहीं और ले जाया गया और बाद में मारकर बड़कली चौराहे पर फेंक दिया गया। इसी चौक पर वह मिठाई दुकान है जिसमें शक्ति काम करते थे। शक्ति के ग्रामीण अंशुल सैनी ने ऑपइंडिया को बताया कि इस दुकान का नाम शोएब मिष्ठान भंडार है। दुकान मालिक शोएब साकरस गांव का रहने वाला है। उनके अनुसार जब शक्ति की लाश मिली तो उसके सिर पर चोट और घाव देखे गए।

जिस भाड़स गाँव के शक्ति सैनी रहने वाले थे, वह मुस्लिम बाहुल्य है। रितुराज ने पूरे नगीना को ही मेवात का हिस्सा बताते हुए मुस्लिम बाहुल्य बताया। गुरुग्राम के ही ऑपइंडिया ने इस मामले की पुष्टि के लिए SHO नगीना को कॉल किया। उन्होंने कहा, “बताएँगे। केस रजिस्टर कर दिया है इस मामले में।” इसके बाद उन्होंने खुद को बेहद व्यस्त बताते हुए फोन काट दिया।