Saturday, July 13, 2024
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मेरा हृदय पीड़ा और क्रोध से भरा है, किसी को बख्शा नहीं जाएगा: संसद के बाहर से PM मोदी ने देश को दिलाया कठोर कार्रवाई का भरोसा

"आज जब मैं आपके बीच आया हूँ, लोकतंत्र के इस मंदिर के पास खड़ा हूँ, तब मेरा हृदय पीड़ा और क्रोध से भरा हुआ है। मणिपुर की जो घटना सामने आई है, वो किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मसार करने वाली घटना है। मैं देशवासियों को विश्वास दिलाता हूँ कि किसी भी गुनहगार को बख्शा नहीं जाएगा।"

संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई 2023 से शुरू हो गया है। सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया से बात की। उन्होंने मणिपुर की घटना को लेकर कठोर कार्रवाई का भरोसा देश को दिलाया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका हृदय पीड़ा और क्रोध से भरा हुआ है। ये घटना किसी भी सभ्य समाज के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी गुनहगार को बख्शा नहीं जाएगा।

पीएम मोदी ने कहा, “मणिपुर की जो घटना सामने आई है, वह किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मसार करने वाली घटना है। पाप करने वाले, गुनाह करने वाले कितने हैं, कौन हैं, वो अपनी जगह पर हैं। लेकिन बेइज्जती पूरे देश की हो रही है। इससे 140 करोड़ देशवासियों को शर्मसार होना पड़ रहा है।” उन्होंने कहा, “मैं सभी मुख्यमंत्रियों से आग्रह करता हूँ कि वे अपने राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करें। खासकर माताओं-बहनों की रक्षा के लिए कठोर से कठोर कदम उठाएँ। घटना चाहे राजस्थान की हो, घटना चाहे छत्तीसगढ़ की हो, चाहे मणिपुर की हो। देश में, हिंदुस्तान के किसी भी कोने में, किसी भी सरकार में राजनीतिक वाद-विवाद से ऊपर उठकर कानून व्यवस्था का महात्मय, नारी का सम्मान जरूरी है।”

पीएम ने कहा, “आज जब मैं आपके बीच आया हूँ, लोकतंत्र के इस मंदिर के पास खड़ा हूँ, तब मेरा हृदय पीड़ा और क्रोध से भरा हुआ है। मणिपुर की जो घटना सामने आई है, वो किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मसार करने वाली घटना है। मैं देशवासियों को विश्वास दिलाता हूँ कि किसी भी गुनहगार को बख्शा नहीं जाएगा। कानून अपनी पूरी शक्ति से एक के बाद एक कदम उठाएगा। मणिपुर की इन बेटियों के साथ जो हुआ है, इसको कभी माफ नहीं किया जा सकता।”

उल्लेखनीय है कि मणिपुर में महिलाओं के साथ दरिंदगी का एक वीडियो वायरल है। यह वीडियो 4 मई 2023 का है। इसमें दो महिलाओं का नग्न परेड करवा रही भीड़ उन्हें खींचकर गैंगरेप के लिए खेतों की तरफ ले जाती दिखाई पड़ रही है। इस घटना को लेकर 18 मई को दर्ज हुई एफआईआर के मुताबिक तीन महिलाओं के साथ भीड़ ने दरिंदगी की थी। इन्हें पुलिस की कस्टडी से छीनकर ले जाया गया था। केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को इस वीडियो को शेयर होने से रोकने के निर्देश दिए हैं।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक इस घटना को लेकर अज्ञात हथियारबंद बदमाशों के खिलाफ नोंगपोक सेकमाई पीएस (थौबल जिला) में FIR दर्ज की गई थी। यह केस अपहरण, गैंगरेप और हत्या की धाराओं में दर्ज है। हालाँकि इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो में दिख रही महिलाओं में से एक की उम्र 20 साल, जबकि दूसरी की उम्र 40 साल है। वहीं FIR के मुताबिक 50 साल की एक तीसरी महिला भी इसी दरिंदगी का शिकार हुई थी, जो वीडियो में नजर नहीं आ रही है। इस घटना का विरोध करने पर एक महिला के पिता और दूसरे के भाई की भी हत्या कर दी गई थी।

इस घटना की शिकायत में पीड़िताओं ने बताया है कि 4 मई 2023 को उनके गाँव पर लगभग 800 से 1000 हमलावरों की भीड़ ने हमला किया था। भीड़ के पास इंसास और AK सीरीज की रायफलें जैसे घातक हथियार थे। इनसे बचने के लिए 3 महिलाओं सहित गाँव के 5 लोग जंगल की तरफ भाग गए। मौके पर पहुँची पुलिस ने इन सभी को बचा लिया और साथ लेकर थाने आने लगी। रास्ते में भीड़ ने पुलिस बल को रोक कर पीड़ितों को कस्टडी से छीन लिया।

आरोप है कि हिंसक भीड़ ने पहले 20 वर्षीय पीड़िता के पिता की हत्या कर दी। इसके बाद तीनों महिलाओ को कपड़े उतारने पर मजबूर किया गया। जब एक पीड़िता के भाई ने इसका विरोध किया तो भीड़ ने उसकी हत्या कर दी। बाद में इन सभी महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। गैंगरेप के बाद तीनों महिलाएँ जैसे-तैसे वहाँ से निकल पाईं। फिलहाल तीनों पीड़िताएँ एक राहत कैम्प में हैं। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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