उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र में एक लड़की के घर में घुसे परवेज की पिटाई से मौत का मामला सामने आया है। 10वीं में पढ़ने वाली यह लड़की कथित तौर पर उसकी प्रेमिका थी। पकड़े जाने पर लड़की के परिजनों और पड़ोसी ने उसकी पिटाई की। इससे उसकी मौत हो गई। घटना बकरीद की शाम यानी गुरुवार (29 जून 2023) की है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मामला खोड़ा थाना क्षेत्र के वंदना विहार इलाके का है। गुरुवार शाम करीब 7 बजे परवेज अपनी कथित प्रेमिका से मिलने उसके घर में घुस गया। इसी दौरान लड़की के पिता और उसकी माँ भी घर पहुँच गए। उन्होंने परवेज और अपनी बेटी को एक साथ देख लिया। इसके बाद उसकी पिटाई शुरू कर दी।
इसी दौरान लड़की का चचेरा भाई और पड़ोस में रहने वाला एक अन्य व्यक्ति भी वहाँ पहुँच गया। मारपीट के दौरान परवेज के सिर समेत अन्य हिस्सों में चोटें आई। वह बुरी तरह घायल हो गया। परवेज के सिर पर लोहे की रॉड से हमला करने की बात भी कही जा रही है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुँच गई। परवेज को हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
@Uppolice दिनाँक 29.06.23 को थाना खोडा क्षेत्र की पीआरवी से एक सूचना प्राप्त हुई कि एक 23 वर्षीय परवेज नामक युवक जोकि मुस्तफाबाद लोनी का रहने वाला है को वंदना विहार थाना खोडा क्षेत्रान्तर्गत कुछ व्यक्तियों द्वारा चोरी के शक में पीटा गया है । (1/3) pic.twitter.com/xwEV7s2h0d
— POLICE COMMISSIONERATE GHAZIABAD (@ghaziabadpolice) June 30, 2023
शुरुआती पूछताछ में लड़की के परिजनों का कहना था कि उन्होंने चोरी के शक में परवेज के साथ मारपीट की है। हालाँकि पुलिस की जाँच में सामने आया कि मामला प्रेम प्रसंग का है। परवेज और लड़की एक साल से एक-दूसरे को जानते थे। दोनों को एक साथ देखने के बाद परिजनों ने पिटाई कर दी। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि परवेज पहले भी लड़की से मिलने उसके घर आया करता था। इस मामले में पुलिस ने मृतक परवेज के परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करते हुए लड़की के पिता, उसके चचेरे भाई और पड़ोसी को गिरफ्तार कर लिया है।
23 नवंबर 2019 की सुबह-सुबह महाराष्ट्र के राज्यपाल ने दो लोगों को शपथ दिलाई। इनमें से एक थे बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) जो अभी राज्य के उप मुख्यमंत्री हैं। दूसरे थे एनसीपी नेता अजीत पवार। 72 घंटे में दोनों का इस्तीफा भी हो गया था। फडणवीस और अजीत पवार इस मोड़ तक कैसे आए थे, इससे अब पर्दा उठ गया है। फडणवीस ने शरद पवार (Sharad Pawar) के ‘डबल गेम’ को इसका जिम्मेदार बताया है। वहीं एनसीपी सुप्रीमो ने इसे अपनी ‘गुगली’ बताया है।
रिपब्लिक भारत को दिए इंटरव्यू में देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री की कुर्सी चाहते थे। इसलिए जब उद्धव जी ने हमारा फोन उठाना बंद कर दिया तो हम समझ गए थे कि वह हमारे साथ नहीं आएँगे। उसी दौरान एनसीपी के कुछ लोगों ने हमसे कहा कि एनसीपी हमारे साथ आना चाहती है। मैं यह बताना चाहता हूँ कि हमने शरद पवार के साथ बैठक की थी। बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि भाजपा और एनसीपी मिलकर सरकार बनाएँगे। यह भी तय हुआ था कि मैं और अजित पवार और सरकार का नेतृत्व करेंगे। लेकिन फिर शरद पवार अचानक ही पीछे हट गए।”
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री ने कहा, “शरद पवार के पीछे हटने के बाद अजित पवार और क्या कर सकते थे? हमने सारी तैयारियाँ कर ली थी, इसलिए उन्हें मेरे साथ आना पड़ा। हमने शपथ ली और अजित पवार सोच रहे थे कि पवार साहब हमारे साथ आएँगे क्योंकि हमारे बीच कई बार मीटिंग हुई थी। मैं यह फिर से स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि शरद पवार ने ही उस समय सरकार बनाने की पहल की थी।” फडणवीस ने आगे कहा, “शरद पवार हमारे साथ नहीं आए। इसलिए मैं यह नहीं कहूँगा कि उन्होंने हमारी पीठ में छुरा घोंपा। बल्कि मैं कहूँगा कि उन्होंने डबल गेम खेला और उद्धव ठाकरे ने हमें धोखा दिया।”
देवेंद्र फडणवीस के इस दावे के बाद शरद पवार ने कहा है कि उन्होंने सच सामने लाने के लिए फडणवीस के साथ मीटिंग की थी। पवार ने कहा, “हम जनता को यह दिखाना चाहते थे कि सत्ता पाने के लिए वे किसी भी हद तक जा सकते हैं। जनता को यह समझना चाहिए कि फडणवीस सत्ता के बिना कितने असहज हो जाएँगे।” उन्होंने क्रिकेट का उदाहरण देते हुए कहा, “मैंने कभी क्रिकेट नहीं खेली। लेकिन मुझे पता है कि कैसे और कहाँ गुगली फेंकनी है। अब अगर कोई गुगली पर आउट हो जाता है तो मैं क्या कर सकता हूँ।”
#WATCH | I am happy that at least I could bring out the truth from Sharad Pawar. I had bowled a googly after which he spoke this. But this is a half-truth, I will make sure he speaks the entire truth: Maharashtra Deputy CM Devendra Fadnavis on NCP Chief Sharad Pawar's "wicket on… pic.twitter.com/UAAy4E9x7G
शरद पवार के इस बयान के बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी पलटवार किया है। उन्होंने कहा है, “मुझे बहुत खुशी है कि कमसे कम मैं शरद पवार साहब के मुँह पर सच तो ला सका। लेकिन यह अभी आधा सच है। बचा हुआ सच भी जल्द ही सामने लाऊँगा। मैं भी गुगली फेकूँगा, जिससे बचा हुआ सच बाहर आएगा। मेरी एक गुगली ने कुछ सच तो बाहर ला ही दिया है। अब बचा हुआ सच भी आएगा, अब मैं धीरे-धीरे उनसे सब बुलवाऊँगा।”
क्या है पूरा मामला
साल 2019 में महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव हुए थे। इस चुनाव में भाजपा को 105 और शिवसेना को 56 सीटों में जीत मिली थी। वहीं, एनसीपी को 54 और कॉन्ग्रेस को 44 सीटें मिलीं थीं। चुनाव से पहले भाजपा-शिवसेना का गठबंधन था। लेकिन मुख्यमंत्री बनने के मुद्दे पर यह गठबंधन टूट गया। इसके बाद शिवसेना ने धुर विरोधी कॉन्ग्रेस और एनसीपी से हाथ मिलाते हुए सरकार बनाने की बातचीत शुरू की।
हालाँकि राज्य में सरकार बनने के आसार नहीं देख राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया। इसके बाद भी उद्धव ठाकरे कॉन्ग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाने की बातचीत में जुटे हुए थे। इसी बीच देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार सरकार बनाने का दावा लेकर राज्यपाल के पास पहुँच गए। उन्होंने 23 नवंबर 2019 को सुबह-सुबह पद और गोपनीयता की शपथ ली। हालाँकि बाद में फडणवीस और अजित पवार सरकार बनाने के लिए आवश्यक विधायक नहीं जुटा पाए और 72 घण्टे के भीतर ही इस सरकार की विदाई हो गई।
उत्तर प्रदेश के एटा जिले के हसनपुर गाँव में 14 जून 2023 को 2 पड़ोसी परिवारों के बीच एक पेड़ को लेकर विवाद हो गया। इसमें सतेन्द्र नाम के युवक को चोटें आईं थी। इस घटना को कुछ मीडिया संस्थानों और नेताओं ने जातिगत रूप दलित बनाम ठाकुर की लड़ाई बताकर दुष्प्रचारित किया। दावा किया गया कि दलित का लिंग काट दिया गया। मेडिकल रिपोर्ट में लिंग की चोट को ‘साधारण’ बताया गया है। दलित परिवार ने खुद मीडिया और नेताओं पर इस मामले को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया है।
क्या है FIR में
16 जून 2023 को एटा जिले के कोतवाली देहात में सतेन्द्र कुमार जाटव की तहरीर पर विक्रम और सत्येंद्र पर FIR दर्ज हुई। पीड़ित के मुताबिक 14 जून को आरोपितों ने उसकी जमीन पर लगे बबूल के पेड़ को काटना शुरू कर दिया। इसका विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। शिकायत के मुताबिक हमले में कुल्हाड़ी और चाकू का इस्तेमाल किया गया जिससे उसका लिंग आधे से अधिक कट गया। उसने अपनी गर्भवती पत्नी को भी पीटने का आरोप लगाया है।
पुलिस ने सतेन्द्र कुमार जाटव की शिकायत पर सत्येंद्र सिंह और विक्रम सिंह के खिलाफ IPC की धारा 452, 323, 504 और 506 के साथ SC-ST एक्ट में केस दर्ज कर लिया और मामले की जाँच शुरू कर दी। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।
क्या कहना है पुलिस का
एटा पुलिस ने इस पूरे मामले को पेड़ काटने के चलते 2 पक्षों में गाली-गलौज और विवाद बताया है। पुलिस का यह भी कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट में प्राइवेट पार्ट काटे जाने की पुष्टि नहीं हुई है। गाँव से पलायन के दावों को भी पुलिस ने गलत बताया है।
पेड़ काटने को लेकर हुए विवाद में दो पक्षों में गाली गलौज व मारपीट हुई, मेडिकल रिपोर्ट से निजी अंग काटे जाने की पुष्टि नहीं हुई है, प्रारंभिक छानबीन से भय के कारण घर छोड़ने की पुष्टि नहीं हुई है, प्रकरण में अभियोग पंजीकृत है, थानास्तर से आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
ऑपइंडिया के पास मेडिकल रिपोर्ट मौजूद है। इस रिपोर्ट में निजी अंग पर लगी चोट को ‘साधारण’ श्रेणी का बताया गया है।
वामपंथी मीडिया और जातिवादी नेताओं ने फैलाया भ्रम
इस मामले को भीम आर्मी सहित कुछ मीडिया संस्थानों ने जातिवादी एंगल से तूल देने का प्रयास किया। लिंग काटने से लेकर गाँव से दलितों के पलायन जैसी खबरें प्रचारित की गईं।
मीडिया में प्रकाशित खबरें
एटा शहर से हसनपुर करीब 6 किमी दूर है। एटा से इस गाँव में जाने के रास्ते में एक नहर आती है। इस नहर से सटा है पृथ्वीपुर। इस गाँव में ठाकुरों और दलितों (कठेरिया) की मिश्रित आबादी है। गाँव के बाहर आम तोड़ रहे और गाय चरा रहे कुछ दलित युवक और किशोर ऑपइंडिया को मिले। उन्होंने बताया कि उनके गॉव में सब मिल जुलकर रहते हैं और जातिवाद जैसी कोई बात नहीं है।
गाँव के धर्मस्थल में सब बराबर
पृथ्वीपुर पार करते ही हम दलित पीड़ित सत्येंद्र के गाँव हसनपुर पहुँचे। गाँव की सीमा जहाँ से शुरू होती है, वहाँ सड़क किनारे भगवान महादेव की लगी हुई है। गाँव में घुसते ही सरकारी स्कूल है। स्कूल के सामने भी एक मंदिर है। इस मंदिर के पुजारी राम शंकर ने ऑपइंडिया को बताया कि गाँव में जाति के नाम पर कभी भेदभाव नहीं रहा। सभी लोग एक साथ पूजा-पाठ करते हैं।
हसनपुर गाँव के मुहाने पर शिव मूर्ति और पुजारी राम शंकर
घर पर ही मिला पीड़ित परिवार
कुछ मीडिया संस्थानों ने पीड़ित दलित परिवार के गाँव छोड़कर चले जाने की खबरें प्रकाशित की थी। लेकिन ऑपइंडिया को पीड़ित सत्येंद अपने घर में ही मौजूद मिले। उनके साथ उनकी पत्नी और बच्चे भी थे। हमने गाँव छोड़ने के मीडिया के दावों को लेकर उनसे सवाल किया तो उन्होंने बताया कि वे इलाज के लिए बाहर गए थे।
दो परिवारों का झगड़ा, मीडिया और नेताओं ने दिया जातीय रंग
ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़ित सत्येंद्र जाटव ने बताया कि खुद के बारे में फैलाई जा रही खबरों से वे परेशान हैं। उन्होंने दो परिवारों के झगड़े को दलित बनाम सवर्ण का रंग देने वाली मीडिया और नेताओं को लेकर नाराजगी जताई। कहा, “मेरे गाँव के ही कई ठाकुरों, ब्राह्मणों और यादवों आदि से अच्छे रिश्ते हैं। कुछ ठाकुर मुझे बेटा कहते हैं और मैं उन्हें चाचा।” सत्येंद्र ने अपनी शिकायत में आरोपित किए गए विक्रम और सत्येंद्र को असामाजिक तत्व बताते हुए कहा कि उनसे गाँव के पंडित, ठाकुर और यादव भी परेशान हैं।
ऑपइंडिया की टीम को घर पर ही मिले पीड़ित सत्येंद्र जाटव
सत्येंद्र जाटव की पत्नी पूजा ने ऑपइंडिया को बताया कि मीडिया और कुछ नेता उनके मामले को तूल दे रहे हैं। लेकिन यह जाति का झगड़ा नहीं है। पूजा कहती है, “मुझे तो नेताओं से डर लगता है।”पति-पत्नी ने आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग करते हुए हमें हमें वह पेड़ भी दिखाया जिसके चलते झगड़ा हुआ।
ऑपइंडिया से बात करती सत्येंद्र की पत्नी पूजा
पुलिस पर है भरोसा: पीड़ित परिवार
सत्येंद्र और उसकी पत्नी ने इस मामले में पुलिस कार्रवाई पर संतोष जताया। साथ ही बताया कि उसके चाचा के बेटे भी यूपी पुलिस में काॅन्स्टेबल हैं। रिपोर्टिंग के दौरान हमें भी गाँव में गश्त करते पुलिसकर्मी दिखे।
आरोपित फरार
फ़िलहाल सतेन्द्र सिंह और विक्रम सिंह फरार चल रहे हैं। दोनों फरार आरोपित एक ही परिवार के हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपितों की तलाश में लगातार छापेमारी चल रही है और जल्द ही उन्हें पकड़ा जाएगा। जब ऑपइंडिया की टीम आरोपितों के घर पहुँची तो वहाँ 1 बुजुर्ग और कुछ महिलाएँ दिखीं। 1 दरवाजे पर ताला लटक रहा था।
फरार आरोपितों के घर
VHP ने अफवाहबाजों पर माँगी कार्रवाई
ऑपइंडिया के वीडियो का संज्ञान लेते हुए विश्व हिन्दू परिषद ने एटा मामले में अफवाह उड़ाने वालों पर कार्रवाई करने की माँग की है। VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने एटा में किए गए दुष्प्रचार को हिन्दू समाज की एकता को तोड़ने की साजिश करार दिया है। उन्होंने UP पुलिस को टैग करते हुए मामले की जाँच कर दोषियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने की अपील की है।
सुरक्षित यूपी के संगठित हिंदू समाज में दरार डाल कर वैमनस्य फैलाने वाले कथित मीडिया के उन शांपों को भी अब @Uppolice को कुचलना होगा जो मनगढ़ंत कहानियां बनाकर शासन व समाज को बदनाम करने के षड्यंत्र रच रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्ट हेतु धन्यवाद @STVRahul जी। https://t.co/ZYka1CUtUP
— विनोद बंसल Vinod Bansal (@vinod_bansal) June 27, 2023
विनोद बंसल ने लिखा है, “सुरक्षित यूपी के संगठित हिंदू समाज में दरार डाल कर वैमनस्य फैलाने वाले कथित मीडिया के उन साँपों को भी अब UP पुलिस को कुचलना होगा जो मनगढ़ंत कहानियाँ बनाकर शासन व समाज को बदनाम करने के षड्यंत्र रच रहे हैं।”
मध्य प्रदेश का एक और स्कूल विवादों में है। खंडवा के सेंट पाॅयस सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बकरीद से पहले छात्रों से नमाज और कलमा पढ़वाने का मामला सामने आया है। मिशनरी स्कूल में 28 जून को हुई इस घटना की जाँच के आदेश एसडीएम ने दिए हैं। वहीं विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने स्कूल की मान्यता रद्द करने की माँग की है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 28 जून को प्रार्थना के दौरान स्कूल की प्रिंसिपल ने 4 मुस्लिम छात्रों को मंच पर बुलाकर उनसे बाकी छात्रों को बकरीद के बारे में जानकारी देने के लिए कहा। इसके बाद उन छात्रों ने मंच से कलमा और नमाज पढ़ी। घर जाकर बच्चों ने इसके बारे में अपने परिजनों को बताया। घटना की जानकारी मिलने के बाद VHP कार्यकर्ताओं ने स्कूल के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने मामले में जाँच के निर्देश जिला शिक्षा विभाग को दिए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी पीएस सोलंकी ने बताया है कि इस संबंध में स्कूल को नोटिस देकर जवाब माँगा गया है। वहीं स्कूल की प्रिंसिपल विक्टोरिया का कहना है कि वे लोग देश के सभी त्योहार मनाते हैं। इसी क्रम में बकरीद से एक दिन पहले यह कार्यक्रम हुआ था। प्रार्थना सभा के दौरान सभी बच्चों ने मिलकर बकरीदी के बारे में जाना और उसे सेलिब्रेट किया।
VHP का आरोप है कि इस स्कूल में तिलक, कलावा, कड़ा, बाली, पायल, बिंदी इन सब पर भी प्रतिबंध है। VHP के जिला मंत्री अनिमेष जोशी का कहना है कि धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों को लेकर यह स्कूल पहले भी विवादित रहा है। इससे पहले स्कूल में बिना किसी अनुमति के यूथ कन्वेंशन के नाम पर 500 से अधिक जनजातीय छात्रों को ईसाइयत की शिक्षा देने के लिए स्कूल लाया गया था। तब हिंदू संगठनों के विरोध के बाद स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई हुई थी।
मद्रास हाईकोर्ट ने मंदिर के रास्ते में मुस्लिमों द्वारा नमाज पढ़ने पर प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया। हिंदू पक्ष द्वारा दायर याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि 30 मिनट के लिए नमाज पढ़ने से कोई नुकसान नहीं है और ना ही इससे किसी व्यक्ति पर कोई असर पड़ेगा।
मदुरै जिले के थिरुप्पारनकुंद्रम में स्थित काशी विश्वंथर मंदिर की ओर जाने वाले नेल्लीथोपु (रास्ते) में मुस्लिम पक्ष नमाज पढ़ता है। इसको लेकर हिंदू पक्ष ने याचिका दायर की थी। इस पर जस्टिस आर सुब्रमण्यम और जस्टिस एल विक्टोरिया गौरी की पीठ ने रोक लगाने से इनकार कर दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने बुधवार (28 जून 2023) को इस पर सुनवाई करते हुए तमिलनाडु सरकार की हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग को अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। इसके लिए कोर्ट ने चार सप्ताह का समय दिया है।
कोर्ट में याचिका अघिला भारत हनुमान सेना की ओर से दायर की गई थी। याचिका में संगठन के राज्य सचिव रामलिंगम ने कहा कि जो भक्त थिरुप्परकुंड्रम के शीर्ष पर स्थित काशी विश्वंथर मंदिर में प्रार्थना करने जाते थे, वे नेल्लीथोपु स्थान पर आराम करते थे और अपना भोजन करते थे।
अपनी याचिका में उन्होंने कहा कि इसी बीच सिकंदर बदुशा दरगाह के जमात सदस्यों ने नेल्लीथोपु स्थान पर नमाज अदा करना शुरू कर दिया। उन्होंने आगे कहा कि जमात के सदस्य आमतौर पर पल्लीवासल (मस्जिद) में नमाज करते हैं। इस प्रकार की घटना पहले कभी नहीं हुई है।
रामलिंगम ने कहा कि सिकंदर बदुशा दरगाह भी थिरुप्पाराकुंड्रम पर्वत पर स्थित है और नमाज करने के लिए पास में ही दूसरी जगह खाली जमीन उपलब्ध थी। इसके बावजूद उन्होंने नेल्लीथोपु को ही नमाज के चुना। जमात के सदस्य लोगों के बीच भय उत्पन्न कर रहे हैं। साथ ही कचरा आदि फेंक कर मार्ग को भी प्रदूषित कर रहे हैं।
याचिका में आगे कहा गया है कि जमात के सदस्य दावा कर रहे हैं कि थिरुप्परकुंड्रम अरुलमिघु सुब्रमण्यम स्वामी थिरुकोइल पर्वत को ‘सिकंदर पर्वत’ के रूप में जाना जाता था। इस तरह वे भूमि पर अतिक्रमण करने और कानून और व्यवस्था की समस्या पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। हालाँकि अदालत ने इस पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई।
काशी विश्वंथर मंदिर जिस थिरुप्पाराकुंड्रम पर्वत पर स्थित है, उसी पर्वत पर स्थित दरगाह में कथित इस्लामी संत सुल्तान सिकंदर बदुशाह शहीद की कब्र है। इनके बारे में कहा जाता है कि उन्होंने 12वीं शताब्दी के दौरान मदुरै का दौरा किया था।
तमिलनाडु के बिजली मंत्री सेंथिल बालाजी को जॉब स्कैम में गिरफ्तार किए जाने के बाद अब गवर्नर आर.एन रवि ने उन्हें मंत्रिपरिषद से बर्खास्त कर दिया है। गवर्नर के इस फैसले के बाद मुख्यमंत्री स्टालिन भड़के हुए हैं। उन्होंने धमकी दी है कि इस मुद्दे का सामना वो कानूनी रूप से करेंगे।
बता दें कि सेंथिल बालाजी के गिरफ्तार होने के बाद तमिलनाडु राजभवन ने बयान जारी कर कहा कि मंत्री वी सेंथिल बालाजी नौकरियों के बदले पैसे लेने और मनी लॉन्ड्रिंग सहित भ्रष्टाचार के कई मामलों में गंभीर आपराधिक कार्यवाही का सामना कर रहे हैं। इन परिस्थितियों में राज्यपाल ने उन्हें तत्काल प्रभाव से मंत्रिपरिषद से बर्खास्त कर दिया है।
Tamil Nadu Governor RN Ravi dismisses jailed V Senthil Balaji from the Council of Ministers with immediate effect. pic.twitter.com/fhDJdxUZxE
राजभवन के बयान में कहा गया कि थिरु वी सेंथिल बालाजी एक मंत्री के रूप में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए जाँच को प्रभावित कर रहे हैं और कानून और न्याय की उचित प्रक्रिया में बाधा डाल रहे हैं। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के तहत कुछ और आपराधिक मामलों की जाँच राज्य पुलिस की ओर से की जा रही है। ऐसे में आशंकाएँ हैं कि मंत्रिपरिषद में सेंथिल बालाजी के मंत्रिमंडल में बने रहने से निष्पक्ष जाँच पर सीधा प्रभाव पड़ेगा और इससे राज्य में संवैधानिक तंत्र टूट सकता है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए राज्यपाल ने उनको तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है।
राजभवन के इस फैसले के बाद मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा, “राज्यपाल के पास किसी मंत्री को कैबिनेट से बर्खास्त करने का कोई अधिकार नहीं है, हम कानूनी रूप से इस मुद्दे का सामना करेंगे।”
#WATCH | "The Governor doesn't have rights, we will face this legally," says Tamil Nadu Chief Minister MK Stalin on the dismissal of Tamil Nadu Minister V Senthil Balaji by Governor RN Ravi https://t.co/ba818uQX8tpic.twitter.com/B4NXeYM3kI
बता दें कि जॉब स्कैम मामले में 13 जून की करीब सुबह 7 बजे ईडी ने सेंथिल बालाजी के घर पर छापा मारा था। इसकी सूचना मिलने पर बालाजी टैक्सी पकड़ कर घर गए। इसके बाद शुरू हुई लंबी पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। जब ED ने सेंथिल बालाजी को हिरासत में लिया, तब उन्होंने सीने में दर्द होने की शिकायत की।
इसके बाद उन्हें मेडिकल जाँच के लिए चेन्नई के ओमंदुरार सरकारी हॉस्पिटल ले जाया गया। जहाँ वह रोते हुए नजर आए। इस दौरान मंत्री के समर्थक हॉस्पिटल के बाहर नारेबाजी करते दिखाई दिए। उनकी शिकायत के बाद अस्पताल में उनकी बायपास सर्जरी हुई थी। बाद में उन्हें 14 दिन न्यायिक हिरासत में भेजा गया और फिर हिरासत को बढ़ाकर 12 जुलाई तक कर दिया गया।
फ्रांस में एक पुलिसकर्मी द्वारा 17 साल के नाबालिग लड़के की हत्या किए जाने के बाद वहाँ हिंसा भड़क रखी है। गुस्साई जनता ने कई वाहनों में आग लगाई है। वहीं पुलिस पर पत्थरबाजी भी हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस पूरे मामले में अब तक 150 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। नानतेरे के नेल्सन मंडेला स्क्वॉयर में भी गोलीबारी की घटना सामने आई है।
फ्रांस के गृह मंत्रालय ने बताया, युवक की पुलिस की गोली से हुई मौत के बाद जारी बवाल में दर्जनों पुलिस अधिकारी घायल हो गए हैं। अभी भी देश के कई हिस्सों से आगजनी और पथराव की खबरें आ रही हैं। कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया है।
Macron’s France, Nanterre. This is what happens with indiscriminate welcome and open ports. France has failed. Stop the invasion, save Europe. pic.twitter.com/TOiha5rRRt
बता दें कि मृतक की पहचान 17 साल के नाहेल के तौर पर हुई है। घटना के समय वह अपनी मर्सिडीज से जा रहा था। लेकिन ट्रैफिक नियम का उल्लंघन का इल्जाम लगाकर उसे गोली मार दी गई। शुरू में इस मामले में कहा गया कि युवक पुलिस पर गाड़ी चढ़ा रहा था। हालाँकि बाद में एक वीडियो सामने आई जिसमें दिख रहा था कि कैसे पुलिस वाले एक खड़ी कार में बैठे युवक को धमकी दे रहे थे- “हम तुम्हारे सिर में गोली मारेंगे।” इस वीडियो से बोले गए झूठ की पोल खुली और लोग भड़क उठे।
Another crisis begins in France due to the spread of protests
The French interior ministry said 150 people had been arrested, 24 officers wounded and 40 cars burned. pic.twitter.com/6MWAtSXiqh
गुस्साई जनता जब सड़कों पर उतरी तो फ्रांस में हिंसा फैल गई। कई पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया गया, कई जगह पत्थरबाजी हुई। बाद में अशांति फैलाने के लिए 150 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। फ्रांस के इंटीरियर मिनिस्टर ने गुरुवार को इस संबंध में जानकारी दी कि उन्होंने स्थिति संभालने के लिए 40 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। बताया जा रहा है कि गुरुवार को 6200 लोग मृतक श्रद्धांजलि देने के लिए इकट्ठा हुए थे। इस दौरान उन पर आँसू गैस भी छोड़े गए। वहीं नाहेल को गोली वाले पुलिसकर्मी ने अपने ऊपर लगे इल्जाम को नकार दिया है।
Conquered: Riots Continue To Rage Across Culturally Enriched France
This is the second night of destruction and violent attacks – Stores plundered, buildings ravaged, law enforcement hunted, while flames engulf cars and stores alike…
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने बिहार की रैली में संबोधित करते हुए नीतीश कुमार की सरकार पर जमकर निशाना साधा। अमित शाह ‘मोदी सरकार के नौ साल बेमिसाल’ कार्यक्रम के तहत गुरुवार (29 जून 2023) को बिहार पहुँचे। अमित शाह ने मोदी सरकार की उपलब्धियाँ भी गिनाई। इसके साथ ही नीतीश कुमार को ‘पलटू राम’ कहा और राहुल गाँधी और राजद पर जमकर निशाना साधा।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने लखीसराय स्थित श्री इन्द्रदमनेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने 2014 में मोदी जी को 31 सीटें दीं और 2019 में 53% वोट के साथ 39 सीटें दीं। उन्होंने कहा, “एक-दो सीटों की जो कमी रह जाती है उसको भी पूरा कर दीजिए और 2024 में सभी की सभी सीटें NDA को दीजिए।”
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पलटू राम बताते हुए अमित शाह ने कहा, “अभी-अभी पलटू नीतीश बाबू पूछ रहे थे कि 9 साल में मोदी जी ने क्या किए है। अरे नीतीश बाबू… थोड़ा सा लिहाज करो… मोदी जी के 9 साल गरीब कल्याण के 9 साल हैं। मोदी जी के 9 साल भारत गौरव के 9 साल हैं। मोदी जी के 9 साल भारत की सुरक्षा के 9 साल हैं।”
नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, “जो नेता हर बार घर बदले, उस पर विश्वास कर सकते हैं क्या? ऐसे व्यक्ति के हाथ में बिहार सौंपना चाहिए क्या? अब उनको भी मालूम है, इसलिए आज कॉन्ग्रेस के घर पर जाकर चौखट पर बैठे हैं प्रधानमंत्री बनने के लिए… लेकिन उनको कुछ नहीं बनना है। वो लालू जी को मूर्ख बना रहे हैं। वो सिर्फ मुख्यमंत्री रहना चाहते हैं।”
वहीं, विपक्षी एकजुटता और कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी पर हमला बोलते हुए कहा, “कॉन्ग्रेस 20 साल से राहुल बाबा का लॉन्चिंग कर रही है, लेकिन ये लॉन्च ही नहीं होते हैं। इस बार भी कॉन्ग्रेस ने पटना में राहुल गाँधी के लॉन्चिंग का विफल प्रयास किया है।” उन्होंने कहा, “नीतीश बाबू आपको शर्म आनी चाहिए कि 20 लाख करोड़ रुपए के घपले-घोटाले करने वाली कॉन्ग्रेस, लालू यादव और अरविंद केजरीवाल के साथ बैठकर आप सत्ता हथियाने का प्रयास कर रहे हैं।”
नीतीश बाबू आप शर्म करो…
20 लाख करोड़ के घपले, घोटाले और भ्रष्टाचार करने वाली कांग्रेस, लालू प्रसाद यादव और अरविंद केजरीवाल के साथ बैठकर आप सत्ता हथियाने का प्रयास कर रहे हैं।
केंद्र सरकार की उपलब्धियों को बताते हुए उन्होंने आगे कहा, “आजादी से अब तक, भारत के किसी प्रधानमंत्री ने देश के किसानों को 6,000 रुपए की आर्थिक सहायता देने का काम नहीं किया, जबकि मोदी जी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत देश के करोड़ों किसानों को सालाना 6,000 रुपए उनके बैंक खाते में ट्रांसफर करने का काम किया।”
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत गरीबों के घरों में पीने का शुद्ध जल, आयुष्मान भारत योजना के तहत करोड़ों गरीबों को 5 लाख रुपए तक का हेल्थ कवर, स्वच्छ भारत अभियान के तहत अकेले बिहार में सवा करोड़ माताओं को घर में शौचालय बनाकर दिया। एक करोड़ 80 लाख लोगों को ढाई साल से मुफ्त अनाज देने का काम मोदी सरकार कर रही है।
अमित शाह ने हाल ही में हुई पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विश्व भर में पीएम मोदी जहाँ-जहाँ जाते हैं, वहाँ मोदी-मोदी के नारे लगते हैं। अभी हाल ही में अमेरिका गए थे तो वहाँ कोई ऑटोग्राफ माँग रहा था, कोई अपॉइंटमेंट माँग रहा था तो कोई पैर छूकर आशीर्वाद ले रहा था। उन्होंने कहा कि ये मोदी जी का सम्मान नहीं है, भारत के लोगों और पूरे देश का सम्मान है।
उन्होंने कश्मीर से धारा 370 हटाने का भी जिक्र किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “कॉन्ग्रेसी कहते थे कि कश्मीर से धारा-370 हटेगी तो खून की नदियाँ बह जाएँगी, लेकिन कश्मीर से धारा-370 को हटाया गया और किसी की कंकड़ चलाने की भी हिम्मत नहीं हुई। आज कश्मीर भारत का मुकुटमणि बन गया है।”
मुंगेर के लोगों के लिए केंद्र सरकार द्वारा किए गए काम का उदाहरण देते हुए कहा कि बिहार में मुंगेर से बेगूसराय तक रेल सड़क को डबल करने और पुल के निर्माण का काम मोदी सरकार ने किया। मुंगेर में इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित करने का काम और मुंगेर में मेडिकल कॉलेज बनाने का काम, रोडवेज के लिए 3 लाख करोड़ के 13 ग्रीन फिल्ड एक्सप्रेसवे बनाने का काम भी मोदी सरकार ने किया।
यूरोप की विवादस्पद स्वीडन सेक्स चैंपियनशिप की विजेता क्रोएशियाई की 27 वर्षीय ‘स्वीट मेरी’ को चुना गया है। उनका असली नाम मारिजा जादरावेक है। पूरी चैंपियनशिप में सिर्फ एक पर्फॉर्मेंस जीतने के बावजूद उन्हें इसका विजेता करार दिया गया और उनके नाम जीत की 8 करोड़ राशि हुई।
इस प्रतियोगिता में अलग-अलग जगहों के 16 वयस्कों ने आकर भाग लिया था। शुरू में इस चैंपियनशिप का बहुत हल्ला हुआ। लेकिन बाद में प्रतियोगियों ने दावा किया कि इस चैंपियनशिप के कारण उन्हें हजारों पाउंड का नुकसान हुआ। कुछ ने इसे बीच में छोड़ दिया तो कुछ ने बड़े इल्जाम लगाए कि यहाँ उन्हें परेशान किया गया है।
जैसे महिला प्रतिभागियों को लगा था कि उन्हें वहाँ रहने के लिए 690 पाउंड (71,423.97 रुपए) दिए जाएँगे जबकि पुरूषों को 345 पाउंड (35,719.23 रुपए) देंगे और विजेता को 860,000 पाउंड (8,90,53,000 रुपए) पुरस्कार दिया जाएगा। हालाँकि बाद में वयस्क लोगों ने इसे बाद में वॉक आउट कर दिया। जिसके बाद कुछ लोगों ने इस चैंपियनशिप को लो बजट का बिग ब्रदर भी कहा था। प्रतिभागियों ने दावा किया कि शो के आयोजक उनकी पेमेंट तक नहीं कर पाए।
वहीं शो की विजेता की कहानी पूरी तरह से अलग थी। उन्होंने शो के आयोजकों की बहुत तारीफ की। मारिजा ने कहा, यह एक बहुत बड़ा प्रोजेक्ट था और आयोजक हम सभी को विश्व में बड़ा, प्रसिद्ध नाम बनाना चाहता था। इसने हमें बहुत अच्छा लाभ कमाने का अवसर दिया था, इसलिए सभी को इसके लिए आभारी होना चाहिए क्योंकि पूरी दुनिया ने इसके बारे में लिखा और सभी को उस परियोजना से विज्ञापन से लाभ हुआ।
मारिजा ने आयोजकों का पक्ष लेते हुए शो में हुई कथित “अराजकता” के बारे में बताया। उन्होंने दावा कि ये सिर्फ गलतफहमी थी कि शो के प्रतियोगियों को बाहर जाने की अनुमति नहीं थी। उनका कहना है कि लोग अलग-अलग बाहर हवा खाने जाते थे। एक साथ सबको भेजना आयोजकों को ठीक नहीं लगता था।
वहीं अन्य लोगों ने इस चैंपियनशिप को लेकर शिकायत की कि उन्हें शुरू में परिसर से निकलने को मना किया था। हालाँकि बाद में एक घंटा बाहर जाकर हवा खाने देने की अनुमति दे दी गई। कुछ ने आयोजकों पर यह इल्जाम भी लगाया कि उन्हें उसी बेड पर सुलाया जा रहा था जिसपर उनसे दिन में 45 मिनट सेक्स करने को कहा जाता था। वहीं मारिजा ने कहा कि ये दावा गलत है सेक्स के लिए अलग रूम बनाए गए थे।
बता दें कि अगली सेक्स चैंपियनशिप एशियन सेक्स चैंपियनशिप होगी। लेकिन आने वाले समय में इसे लेकर और जानकारी दी जाएगी।
Eto kako got da je završilo, proglašena sam europskom prvakinjom, iako sam imala samo jedan nastup, dali ste mi dovoljan broj bodova da osvojim prvo mjesto na prvenstvu. Hvala još jednom svima koji ste me u zaista velikom broju podržali te glasali za mene od samog početka. Šta se… pic.twitter.com/YFw7UPSvNO
— Sweet Mery ( Marija Zadravec ) (@zadravecmarija1) June 21, 2023
भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के निवर्तमान अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) के खिलाफ धरना देने वाले पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया विदेश में ट्रेनिंग करेंगे। इसके लिए उन्होंने खेल मंत्रालय से मंजूरी माँगी थी। मंत्रालय ने उनकी माँग को स्वीकार कर लिया है।
विश्व चैंपियनशिप और एशियाई खेलों में चयन के लिए होने वाले ट्रायल की तैयारी के लिए दोनों विदेश में प्रशिक्षण लेंगे और इस सप्ताह के अंत में वे विदेश जाएँगे। विनेश की यात्रा 29 दिन की होगी, जबकि बजरंग पुनिया 36 दिनों तक विदेश में रहकर प्रशिक्षण लेंगे।
बजरंग 1 जुलाई से 5 अगस्त तक किर्गिस्तान के इस्सिक-कुल को अपना बेस बनाएँगे। उनके साथ उनके कोच सुजीत मान, फिजियोथेरेपिस्ट अनुज गुप्ता, स्पारिंग पार्टनर जितेंद्र किन्हा और स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच काजी किरण मुस्तफा हसन भी होंगे। बजरंग की यात्रा के लिए कुल 9 लाख 27 हजार रुपए मंजूर किए गए हैं।
वहीं, विनेश फोगाट 2 जुलाई से 10 जुलाई तक किर्गिस्तान के बिश्केक जाएँगी। उसके बाद हंगरी के बुडापेस्ट में 28 जुलाई तक प्रशिक्षण लेंगी। उनके साथ स्पारिंग पार्टनर के रूप में उनकी बहन संगीता फोगाट रहेेंगी। इसके अलावा, कोच सुदेश और फिजियोथेरेपिस्ट अश्विनी जीवन पाटिल भी साथ होंगी। इनके टूर के लिए 8.50 लाख रुपए आवंटित हुए हैं।
सरकार की टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) के तहत गुरुवार (29 जून 2023) को इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन लोगों ने इसके लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) को लिखा था। दोनों पहलवानों के फिजियो सरकार से बिना किसी शुल्क के यात्रा करेंगे।
बताते चलें कि बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण के आरोपों को लेकर विनेश फोगाट, संगीता फोगाट, बजरंग पुनिया और जितेंद्र किन्हा लगभग छह महीने से आंदोलन कर रहे थे। इनके साथ साक्षी मलिक भी थी। साक्षी मलिक की ट्रेनिंग को लेकर अभी प्रस्ताव नहीं भेजा गया है। प्रस्ताव मिलते ही उन्हें भी भेज दिया जाएगा।
TOI के अनुसार, साक्षी मलिक TOPS का हिस्सा नहीं हैं। उनका प्रस्ताव मिलते ही प्रशिक्षण और प्रतियोगिता के लिए उनके वार्षिक कैलेंडर के हिस्से के रूप में कुश्ती महासंघ को आवंटित धन के माध्यम से मंजूरी दे दी जाएगी। साक्षी ने अब तक मिशिगन या किसी अन्य देश में प्रशिक्षण का कोई प्रस्ताव मंत्रालय को नहीं भेजा है।
गौरतलब है कि विनेश फोगाट की बहन संगीता फोगाट हैं। संगीता फोगाट बजरंग पुनिया की पत्नी हैं। वहीं, साक्षी मलिक के पति का नाम सत्यव्रत कादियान है। अभी सप्ताह भर पहले कई पहलवानों के माता-पिता ने इन 6 पहलवानों को दी गई विशेष छूट को हटाने की माँग की है।
रिपोर्ट के अनुसार, जितेंद्र किन्हा ने पिछले दो वर्षों में एक भी ट्रायल नहीं जीता है। वह नियमित रूप से अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भारतीय टीम में भी नहीं रहे हैं। वहीं, साक्षी को हाल के दिनों में 62 किलोग्राम के कई ट्रायल में सोनम मलिक को हराने के लिए संघर्ष करना पड़ा है।