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PM मोदी के स्वागत के लिए उमड़े बोहरा मुस्लिम, हाथों में दिखा तिरंगा: एयरपोर्ट पर रिसीव करने पहुँचे इजिप्ट के प्रधानमंत्री, दिया गया ‘गार्ड ऑफ ऑनर’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजिप्ट पहुँच गए हैं। अमेरिका के राजकीय दौरे के बाद वो मिस्र पहुँचे, जहाँ एयरपोर्ट में उनके समकक्ष मुस्तफा मैडबौली ने उनका स्वागत किया। काइरो स्थित रिट्ज कार्लटन में बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग भी पीएम मोदी के स्वागत के लिए जुटे थे। इजिप्ट में पीएम मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। लगभग 300-500 की संख्या में भारतीय समाज के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए पहुँचे थे।

इस दौरान इजिप्ट की ‘इंडियन कम्युनिटी एसोसिएशन’ के अध्यक्ष दीप्ति सिंह ने कहा कि हमलोग पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए खासे उत्साहित हैं। इजिप्ट में पीएम मोदी वहाँ के ग्रैंड मुफ़्ती डॉ शौकी इब्राहिम अब्देल-करीम अल्लम से शनिवार (24 जून, 2023) को ही मुलाकात करेंगे। परंपरागत तरीके से पीएम मोदी का मिस्र में स्वागत हुआ। 28 साल बाद भारत का कोई प्रधानमंत्री इजिप्ट के दौरे पर है। दोनों पीएम को गर्मजोशी से गले मिलते हुए और हाथ मिलाते हुए भी देखा गया।

इस दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ऐतिहासिक अल-हकीम मस्जिद में भी जाना है। ये उनका दो दिवसीय दौरा है। पीएम मोदी ने इजिप्ट में भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की। बोहरा मुस्लिम समाज के लोगों ने भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के साथ रिट्ज कार्लटन होटल में पहुँचे, जहाँ पीएम मोदी रुके हुए हैं। बता दें कि शिया मुस्लिम समाज से ताल्लुक रखने वाले दाउदी बोहरा ‘फातिमी इस्लाम तय्यिबी’ विचारधारा का अनुसरण करते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें इसका पूरा विश्वास है कि ये दौरा भारत और मिस्र के रिश्ते को प्रगाढ़ करेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि वो इजिप्ट के राष्ट्रपति अब्देल फराह एल-सीसी से मुलाकात के लिए भी खासे उत्साहित हैं। उन्हें कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेना है। उन्होंने एयरपोर्ट पर स्वागत और विशेष सम्मान के लिए अपने इजिप्ट के समकक्ष को भी धन्यवाद दिया। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते सुधरने से आम लोगों का फायदा है।

काशी विश्वनाथ मंदिर के सामने ‘छोकरा जवाँ’ गाने पर रील्स की शूटिंग: BHU के छात्रों ने अश्लील बता कर किया विरोध, ‘राहगीर’ का कार्यक्रम भी रद्द करने की माँग

वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर के सामने रील्स छूट किए जाने का मामला सामने आया है। ये रील्स किसी भक्ति गाने या लोकगीत पर नहीं, बल्कि बॉलीवुड के भद्दे गानों पर शूट किया गया। BHU स्थित विश्वनाथ मंदिर में ही हर वर्ष सत्र के आरंभ होने से पहले रुद्राभिषेक का आयोजन होता है। मंदिर में रोज हजारों श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने आते हैं। ऐसे में वहाँ ‘छोकरा जवाँ’ गाने पर एक छात्र और एक छात्रा ने रील्स की शूटिंग की।

बताया जा रहा है कि ये सब सामाजिक विज्ञान संकाय के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम के नाम पर किया गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ छात्र-छात्राएँ बैठ कर ताली बजा रहे होते हैं, वहीं एक छात्र और छात्रा बॉलीवुड के गानों पर डांस कर के रील्स बना रहे होते हैं। पीछे मंदिर के शिखर भी दिखाई पड़ते हैं। इसी संकाय कुछ लड़कियों और लड़कों द्वारा एक और अश्लील रील्स शूट किए जाने की तस्वीरें सामने आई है, जिसका यूनिवर्सिटी के छात्र ही विरोध कर रहे हैं।

BHU के कई छात्रों ने ही कहा है कि अगर कैम्पस में रील्स शूट करना ही है तो इसके लिए कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन काशी विश्वनाथ मंदिर के आसपास इस तरह की हरकतें न की जाएँ। छात्रों ने इसे अपनी आस्था का प्रतीक बताते हुए कहा कि आगे चल कर इस तरह की घटनाएँ बढ़ भी सकती हैं और ज्यादा अश्लील गाने शूट किए जा सकते हैं, ऐसे में इस पर लगाम लगाया जाना आवश्यक है। छात्रों ने कहा कि BHU सांस्कृतिक आयोजनों के लिए जाना जाता है, न कि इस तरह की हरकतों के लिए।

वहीं बुधवार (28 जून, 2023) को BHU में गायक सुनील कुमार गुर्जर उर्फ़ ‘राहगीर’ द्वारा परफॉर्मेंस दिया जाना है। छात्र इस कार्यक्रम का विरोध करते हुए इसका पास न खरीदने की अपील कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय हर साल कल्चरल एक्टिविटी, स्टूडेंट वेलफेयर और एक्सट्रा एक्टिविटी के नाम पर छात्रों से पैसे लेता हैं, फिर इस कार्यक्रम को फ्री में दिखाने की बजाए इसका पास क्यों बेचा जा रहा है। छात्रों के ‘BHU अड्डा’ नामक पेज ने पास प्रणाली का विरोध करते हुए कार्यक्रम रद्द करने की माँग की है।

जहाँ हुए बलिदान मुखर्जी, वहीं अमित शाह ने रखी ‘बलिदान स्तंभ’ की नींव: वीरगति प्राप्त करने वाले जवानों के परिजनों को सौंपा नौकरी का लेटर

जम्मू-कश्मीर यात्रा के श्रीनगर में आज (24 जून) केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने श्रीनगर के प्रताप पार्क में ‘बलिदान स्तंभ’ का शिलान्यास किया। यह प्रताप पार्क लाल चौक के पास स्थित है। इसे श्यामा प्रसाद मुखर्जी की याद में देश के बलिदानियों को श्रद्धांजलि देने के लिए बनवाया गया है। इस स्मारक का निर्माण श्रीनगर स्मार्ट सिटी के तहत किया जा रहा है।

गृहमंत्री ने श्रीनगर में बलिदानियों के परिवारों से मुलाकात की और बलिदानियों के सबसे करीबी परिजनों को जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से नियुक्ति पत्र दिया।

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, आतंकवादियों से लड़ते हुए और निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले जम्मू कश्मीर के कई जवानों की शहादत इस बात का प्रमाण है कि कश्मीर और उसके लोग किसके लिए खड़े हैं।

अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में अपने 2 दिवसीय दौरे के दौरान जम्मू में रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा ये डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस है। उनके कारण ही आज बंगाल भारत का हिस्सा है। उन्होंने आर्टिकल 370 का विरोध किया था। उन्हीं के शब्द थे कि एक देश में 2 विधान, 2 प्रधान, 2 निशान नहीं चलेंगे।

शाह ने कहा कि जब अनुच्छेद 370 के खिलाफ श्यामा प्रसाद मुखर्जी 1953 में जम्मू-कश्मीर आए तो उन्हें धोखे से गिरफ्तार किया गया और बाद में उनकी हत्या कर दी गई। आज जब आर्टिकल 370 खत्म हो गया है तो उनकी आत्मा को शांति मिली होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नया कश्मीर बन रहा है।

पुरोला में फेरीवालों के घुसने पर रोक, महिला सैलून में नहीं होंगे पुरुष कर्मचारी: बाहर से आने वालों का होगा सत्यापन, मुस्लिमों की अब खुलने लगी दुकानें

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित पुरोला में पिछले दिनों लव जिहाद को लेकर काफी बवाल हो गया था। स्थानीय लोगों ने अपने दुकानों को बाहरी लोगों से खाली कराना शुरू कर दिया था। अब यह बात सामने आई है कि वहाँ के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं। पुरोला में फेरी लगाने वाले को प्रवेश देने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही महिला सैलून में पुरूषों को रखने पर भी पाबंदी लगा दी गई है।

पिछले दिनों लव जिहाद की घटना सामने आने के बाद पुरोला में बवाल हो गया था। इसकी आँच पूरे प्रदेश में देखने को मिली थी। लव जिहाद के खिलाफ जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे थे। अब पुरोला में प्रशासन द्वारा शांति स्थापित करने की पूरी कोशिश की जा रही है।

इस संबध में पुरोला के नए थानाध्यक्ष ने बीते बृहस्पतिवार (21 जून 2023) को व्यापार मंडल की बैठक की थी। इस बैठक में निर्णय लिया गया कि इलाके में जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती है, तब तक फेरीवालों का पुरोला में प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।

पुरोला के नए थानाध्यक्ष अशोक चक्रवर्ती ने पदभार ग्रहण करते ही व्यापार मंडल और सभी समुदाय के लोगों के साथ बैठक की। पूर्व की भाँति इलाके में शांति और सौहार्द्र को स्थापित करने के लिए बाहरी लोगों पर फोकस करने पर सहमति बनी है। थानाध्यक्ष ने कहा कि यहाँ दूसरी जगहों से आने वाले व्यक्तियों का सत्यापन अनिवार्य किया गया है।

भविष्य में लव जिहाद की घटनाएँ ना हो, इसको लेकर भी इंतजाम किए गए हैं। बैठक में निर्णय लिया गया है कि सैलून और ब्यूटी पार्लर में कोई भी पुरूष कर्मचारी किसी महिला के बाल नहीं काटेगा। इनमें सिर्फ महिला कर्मचारियों की ही नियुक्त करनी होगी।

थानाध्यक्ष ने कहा कि फिलहाल नगर में फेरी वालों का प्रवेश पूर्ण वर्जित किया गया है। पुरोला नगर क्षेत्र में मामला शांत होने के बाद समुदाय विशेष के 22 लोगों की दुकानें खुल चुकी हैं। इन व्यापारियों में चार वैसे व्यापारी भी शामिल हैं, जो अपनी दुकानें छोड़कर जा चुके थे।

बताते चलें कि पुरोला में एक नाबालिग हिंदू लड़की को भगाने का एक मुस्लिम लड़के पर आरोप लगा था। इसे लव जिहाद बताया गया था और इसके कारण क्षेत्र में तनाव पैदा हो गया था। इस दौरान मुस्लिम दुकानदारों को निशाना बनाने का भी आरोप लगा था। हालाँकि, दुकान खाली करने वाले मुस्लिम दुकानदारों ने कहा था कि वे खुद दुकान खाली किए है।

मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि हालात को देखते हुए कुछ मुस्लिम दुकानदारों ने अपनी किराए की दुकानों को खाली करने के बाद यहाँ से पलायन कर गए थे। तनाव को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में धारा 144 लगा दिया था। हालाँकि, स्थिति अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।

बिंदी-सिंदूर छोड़ा, बुर्का मँगवाया-पढ़ने लगी नमाज: राजस्थान की हिंदू महिला को ऑनलाइन गेम से बनाया मुस्लिम, अलीगढ़ के तैयब खान ने किया ब्रेनवाॅश

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की तरह अब राजस्थान में भी ऑनलाइन गेम से धर्मांतरण का मामला सामने आया है। फ्री फायर गेम के जरिए सीकर की हिंदू महिला के संपर्क में अलीगढ़ का तैयब खान आया। फिर ब्रेनवॉश कर उसका धर्मांतरण करा दिया। इसके बाद महिला ने सिंदूर और बिंदी लगाना छोड़ दिया। नमाज पढ़ने लगी। अपना नाम हर्षिता से हानिया कर लिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला राजस्थान के सीकर जिले के सदर थाना क्षेत्र का है। धर्मांतरण का शिकार हुई महिला का पति विदेश में रहता है। वह टाइमपास करने के लिए ऑनलाइन गेम खेलती थी। फ्री फायर गेम खेलते हुए उसने लव लाइफ नामक ग्रुप जॉइन किया। इसी ग्रुप में उसकी पहचान अलीगढ़ निवासी तैयब खान से हुई। शुरुआती बातचीत के बाद दोनों इंस्टाग्राम पर घंटों चैटिंग करने लगे। 

इसी दौरान तैयब ने हर्षिता को प्यार के जाल में फँसा लिया और इस्लाम कबूलने करने के लिए कहने लगा। उसने हर्षिता को नमाज और दुआ पढ़ना भी सिखाया। तैयब हर्षिता से इस्लाम से जुड़ी बातें कर लगातार उसका ब्रेनवॉश करने में जुटा हुआ था। उसकी बातों से प्रभावित होकर हर्षिता ने बुर्के जैसे दिखने वाले गाउन खरीद लिए। साथ ही अपना नाम हानिया कर लिया।

हर्षिता का परिवार उसकी इन हरकतों से अनजान था। एक दिन उसके भाई ने कपड़ों के बीच बुर्का देखा तो उसे शक हुआ। घर में बातचीत की तो पता चला कि हर्षिता ने बिंदी और सिंदूर लगाना भी छोड़ दिया है। उसने मंदिर जाना बंद कर दिया था और अपने बेटे को लेकर भी लापरवाह हो गई थी। इसके बाद भाई ने जब उसका मोबाइल चेक किया तो उसमें इस्लाम से जुड़ी चीजें मिलीं। घर वालों के समझाने पर हर्षिता सब पर चिल्लाने लगी और इस्लाम से जुड़ी रहने की बात करने लगी।

पीड़ित हर्षिता का कहना है कि इस्लाम कबूल न करने पर तैयब खान उसे आत्महत्या की धमकी देता था। उसने ब्रेनवॉश कर उसके आधार कार्ड की फोटो भी ले ली थी। जब हर्षिता ने तैयब से उसका आधार कार्ड माँगा तो उसने देने से इनकार कर दिया। हर्षिता के भाई ने तैयब खान और उसके साथी साबिर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस का कहना है कि आरोपितों के मोबाइल नंबर से उन्हें ट्रेस कर तलाश की जा रही है। 

बताते चलें कि इससे पहले उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के जैन परिवार के एक 17 साल के लड़के का ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए ब्रेनवॉश करने का मामला सामने आया था। लड़का वह 5 वक्त की नमाज पढ़ने लगा था। मस्जिद जाने लगा था। जब परिवार को इसका पता चला तो उसने भगोड़े कट्टरपंथी जाकिर नाईक से प्रभावित होकर मुस्लिम बन जाने की बात कबूली।

पीड़ित पिता ने बेटे की धर्मांतरण की कोशिश और ब्रेनवॉश करने के आरोप में गाजियाबाद के कवि नगर थाने में केस दर्ज करवाया। इसके बाद गाजियाबाद पुलिस ने मौलवी को गिरफ्तार कर गेमिंग एप के जरिए धर्मान्तरण करवाने के मामले में कई खुलासे किए हैं। देश के अंदर तेजी से फैल रहे धर्मान्तरण के इस रैकेट के तार उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और महाराष्ट्र से जुड़े पाए गए हैं।

PM मोदी की अमेरिका यात्रा: तस्करी वाली 100 कलाकृतियाँ लौटाएगा USA, गूगल भारत में ₹91,957 करोड़ और अमेजॉन ₹1.23 लाख करोड़ करेगा निवेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अमेरिका यात्रा का असर दिखने लगा है। एक तरफ जहाँ अमेरिकी सरकार ने 100 से अधिक चोरी हुए कलाकृतियों को भारत वापस लौटाने की कही है, वहीं दूसरी तरफ गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजॉन जैसी कंपनियों ने पीएम से मुलाकात के बाद भारत में निवेश की घोषणा की है।

पीएम मोदी का चार दिवसीय अमेरिका का राजकीय दौरा शनिवार (24 जून 2023) को समाप्त हो गया है। अपने दौरे के अंतिम दिन उन्होंने गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेजॉन जैसी टेक कंपनियों के सीईओ से मुलाकात की थी। इसके पहले उन्होंने प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया था।

प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि अमेरिकी सरकार भारत से चोरी हुईं 100 धरोहरों को लौटाने पर सहमति व्यक्त की है। इस पर उन्होंने खुशी जताई और अमेरिका की जो बाइडेन सरकार को धन्यवाद दिया।

पीएम मोदी ने कहा, “भारतीय मूल की ये कलाकृतियाँ सही या गलत रास्तों से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँच गई थीं, लेकिन अमेरिका द्वारा इन्हें भारत को लौटाने का फैसला दोनों देशों के बीच भावनात्मक संबंध को दर्शाता है।”

बताते चलें कि कई विदेशी दौरों पर प्रधानमंत्री ने विश्व के नेताओं से इस मामले पर चर्चा की और अब तक कुल 251 कलाकृतियों को भारत वापस लाया गया है। इनमें से 238 को 2014 के बाद वापस लाया गया है। साल 2022 में भी अमेरिकी अधिकारियों ने 307 कलाकृतियों को भारत को लौटाया, जो तस्करी द्वारा चुराए गए थे। इनकी कीमत लगभग 40 लाख अमरीकी डॉलर (लगभग 33 करोड़ रुपए) थी।

मैनहट्टन जिला अटॉर्नी एल्विन एल ब्रैग जूनियर ने अक्टूबर 2022 में कहा था कि वे भारत के लगभग 4 मिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य की 307 कलाकृतियों को लौटा रहे हैं। उनमें से अधिकांश को बदनाम आर्ट स्मगलर सुभाष कपूर से जब्त किया गया था। सुभाष कपूर ने अफगानिस्तान, कंबोडिया, भारत, इंडोनेशिया, म्यांमार, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका, थाईलैंड और अन्य देशों से वस्तुओं की तस्करी की थी।

गूगल का ऐलान

गूगल और उसकी पैरेंट कंपनी अल्फाबेट (Alphabet) के सीईओ सुंदर पिचाई (Sundar Pichai) ने वॉशिंगटन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पीएम से मिलने के बाद पिचाई ने भारत के डिजिटाइजेशन फंड में 10 अरब डॉलर (91,957 करोड़ रुपए) का निवेश करेगी। सुंदर पिचाई भारतीय मूल के शख्स हैं और गूगल की अगुवाई कर रहे हैं।

पीएम से मिलने के बाद पिचाई ने कहा, “पीएम मोदी की अमेरिका की ऐतिहासिक यात्रा के दौरान उनसे मिलना सम्मान की बात है। हमने पीएम को बताया है कि भारत के डिजिटाइजेशन फंड में गूगल 10 अरब डॉलर का निवेश कर रही है।” पीएम मोदी ने पिचाई के अलावा माइक्रॉन और अप्लाइड मैटेरियल्स के सीईओ के साथ बैठक की। इन दोनों कंपनियों ने भी भारत में निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।

Amazon का भी होगा बड़ा निवेश

ई-कॉमर्स सेक्टर की दिग्गज कंपनी Amazon ने भी भारत में अगले 7 वर्षों में 15 अरब डॉलर (1.23 लाख करोड़ रुपए) के और निवेश की योजना का ऐलान किया है। इस निवेश के बाद अमेजॉन का भारत में कुल निवेश 26 अरब डॉलर हो जाएगा। कंपनी के सीईओ एंडी जैस्सी (Andy Jassy) ने पीएम मोदी के साथ बैठक के बाद इसकी घोषणा की।

जैस्सी ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के साथ मेरी बहुत अच्छी और प्रोडक्टिव बातचीत हुई। मुझे लगता है कि हमारे कई साझा लक्ष्य हैं। Amazon भारत में निवेश करने वाली सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है। हमने अब तक 11 अरब डॉलर का निवेश किया है और 15 अरब डॉलर का और निवेश करना चाहते हैं।”

रामायण बनाने वाले रामानंद सागर की परपोती का यौन शोषण: कहा- नेटफ्लिक्स वाले शो में देते थे गंदे टास्क, कमरे में बंद कर खाना तक नहीं देते थे

रामानंद सागर की परपोती साक्षी चोपड़ा ने अपने इंस्टा पोस्ट में यौन शोषण होने का दावा किया है। उन्होंने नेटफ्लिक्स रिएलिटी शो ‘सोशल करेंसी’ के मेकर्स पर अनकम्फर्टेबल करने वाले टास्क देने का आरोप लगाया। उनके अनुसार उन्हें शो में कहा जाता था कि या तो व गंदी-गंदी बातें करें वरना उन्हें खाना नहीं मिलेगा।

साक्षी चोपड़ा ने अपने पोस्ट में बताया कि जब नेटफ्लिक्स वाले उनसे शो करवाना थे तो उन्हें कहा गया था कि ये सिर्फ खेल है जिसमें फन टास्क होंगे। जैसे- गाने को गाना और कंटेंट क्रिएशन जैसी चीज आदि। इस कॉन्ट्रैक्ट को साइन करवाने के लिए उन्हें साल भर तंग किया और जब वो बातें मानकर शो में गईं तों उन्हें कमरे में बंद कर दिया गया और खाना भी नहीं दिया गया।

साक्षी बोलती हैं, “सिर्फ इसीलिए कि मैं अपने पहनावे के मामले में बोल्ड हूँ, इन्हें लगा मैं गंद भी करूँगी। मैं अपना संगीत, परिवार, सेल्फ एक्सप्रेशन और शांति को एंजॉय करती हूँ। मुझे बस इतना ही चाहिए। मैं इसे लेकर क्लियर हूँ इसलिए मैंने कहा था कि अगर मुझे मेरी माँ से बात करने नहीं दी जाएगी तो मैं ये शो नहीं करूँगी। इन्होंने मुझसे इसका भी वादा किया। लेकिन शो में जाते ही एक कंटेस्टेंट मृदुल ने खुलेआम मेरी ब्रेस्ट और मेरी ASS के बारे में बोल दिया ताकि ये रिकॉर्ड हो और चले ताकि सब इसे सुन सकें। इन लोगों ने सोचा मैं भी कुछ बोलूँ ताकि इनकी रेटिंग बढ़े…”

सोशल मीडिया इनंफ्लूएंसर साक्षी पोस्ट में लिखती हैं, “ऐसी हरकतों के बावजूद नेटफ्लिक्स, सोलो प्रोडक्शन, @fazila_sol @showrunnerchad @SanvariAlaghNair & @kamnameneze ने उसे (मृदुल) मेरे साथ एक घर में बंद करके रखा। मैं बता भी नहीं सकती ये कितना घुटन वाला था। ये दिखाता है कि घटिया मनोरंजन के लिए ये कितना गिर सकते हैं। इन सबके बाद जब मैंने अपने माँ को कॉल करने को कहा उन्होंने मुझे बात कराने से मना कर दिया। टास्क ऐसे दिए जैसे सड़क पर जाकर ऑर्गेस्म वाली आवाज निकालें या फिर अंजान लोगों के साथ डांस करें उन्हें सेक्शुअल बातें करें वरना आपको खाना नहीं मिलेगा।”

साक्षी कहती हैं, “इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैं कैसे कपड़े पहनती हूँ, यह आपको सार्वजनिक रूप से मेरी सम्मान को अपमानित करने की अनुमति नहीं देता है। आप मुझे यौन कार्य करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते वो भी ये कहकर कि आप मुझे खाना नहीं देंगे।”

साक्षी बताती हैं कि जिस समय उनके साथ ये सब हो रहा था उस समय उनकी माँ को नहीं पता था कि वो किस हाल में हैं। वो लोग हर कॉल मैसेज पर नजर बनाए थे। जब उन्होंने कोशिश की कि वो ऐसे टास्कों और यौन शोषण के बारे में माँ को बताए तो उनके हाथ से फोन ले लिया गया और फोन नहीं करने दिया गया। वह कहती हैं कि शो में पहले स्क्रिप्टिड बातें और यौन शोषण के ब्लर मैसेज थे जो बताते हैं कि वो लोग आखिर क्या चाहते थे। साक्षी के अनुसार उन्हें एक सबक मिला है। वो गलती मान रही हैं कि उन्होंने इतने नीच प्रोड्यूसर्स के साथ साइन किया। वो पूछती हैं कि आखिर कैसे एक महिला को कमरे में बंद करके कहा जा सकता है कि वो अपने परिवार वालों से बात न करें।

‘हिंदू-सिख विभाजन के लिए कॉन्ग्रेस ने खालिस्तान मुद्दे को दिया जन्म, भिंडरांवाले को बढ़ाया’: 1 अकबर रोड की बैठक का पूर्व रॉ अधिकारी ने किया खुलासा, कमलनाथ भी थे शामिल

भारत की ख़ुफ़िया एजेंसी RA&W के पूर्व स्पेशल सेक्रेटरी GBS सिद्धू ने खालिस्तान के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन भिंडरांवाले’ की शुरुआत और इसका प्रबंधन 1, अकबर रोड स्थित प्रधानमंत्री आवास में बैठे कुछ नेता कर रहे थे, जिनमें ज्ञानी जैल सिंह, संजय गाँधी, कमलनाथ और इंदिरा गाँधी शामिल थीं। उन्होंने जानकारी दी कि ये सब 1978 के मध्य में शुरू हुआ, जब ज्ञानी जेल सिंह और संजय गाँधी ने अकाली दल और जनता पार्टी के बीच तनाव पैदा करने की साजिश रची।

उन्होंने इसके लिए ‘एक हाईप्रोफाइल’ संत को अपनी तरफ से भेजने की बात कही। उनकी साजिश थी कि वो कथित संत अकाली दल की नरम नीतियों पर कुछ बोलेगा, जवाब में जनता पार्टी की तरफ से भी प्रतिक्रिया आएगी और अंततः दोनों एक-दूसरे से रिश्ता तोड़ लेंगे। यानी, कॉन्ग्रेस ने हिन्दुओं को डराने के लिए भिंडरांवाले को पैदा किया और खालिस्तान जैसे मुद्दे को जन्म दिया, जिससे देश की एक बड़ी जनसंख्या ये सोचने लगे कि देश की अखंडता को खतरा है।

उन्होंने बताया कि कमलनाथ ने उस समय कट्टर सिख संतों की भर्ती करने की बात कही थी। उन्होंने बताया कि पुलिस-प्रशासन से लेकर सभी लोग भिंडरांवाले को ‘सर/जनाब’ कहते थे। उसे एक बड़ा आदमी बनाया गया। उन्होंने बताया कि इंदिरा गाँधी ये कहती थीं कि उनकी हत्या हो सकती है, लेकिन उन्हें इसकी कोई चिंता नहीं है। ANI की संपादक स्मिता प्रकाश से बात करते हुए पूर्व रॉ अधिकारी ने कहा कि तब गृह मंत्री रहे ज्ञानी जैल सिंह ने मीडिया में भिंडरांवाले की छवि बनाई थी।

GBS सिद्धू ने बताया कि उस दौर में उन्हें कनाडा में भी भेजा गया था, उस दौरान उन्हें पता चला कि वहाँ सिर्फ दो ही लोग थे जो खालिस्तान की बातें करते थे। 1979 में भारत लौटने के बाद जब उन्हें रॉ में भेजा गया, तब इसकी अलग से कोई इमारत तक नहीं थी। उन्होंने बताया कि इसी दौरान सिख कट्टरवाद और ISI के संबंधों की जाँच के लिए रॉ का एक नया विभाग दिसंबर 1980 में बनाया गया, जबकि उस समय ऐसा कोई मामला आया ही नहीं था।

इसके बाद संजय गाँधी और जेल सिंह जैसों ने खालिस्तान को मुद्दा बनाने की ठानी। इस दौरान सिद्धू को रॉ के नए ब्रांचों के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया, अमेरिका-यूरोप में उन जगहों पर जहाँ सिखों की जनसंख्या ज्यादा थी। जबकि कनाडा में जब वो थे तो उन्हें 2 लोगों के अलावा खालिस्तान का कोई नामोंनिशान नहीं मिला। उन्होंने बताया कि उन्हें बाद में पता चला कि उनका इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने ये भी बताया कि भिंडरांवाले को गिरफ्तार करने के लिए भी पूरी साजिश रची गई थी।

उन्होंने बताया, “कॉन्ग्रेस ने अकाली दल से बातचीत की योजना बनाई, ताकि उन्हें ऐसा लगे कि समस्या का समाधान किया जा रहा है। 26 दौर की बातचीत चली, जिनमें से कुछ में इंदिरा गाँधी भी शामिल हुई। संजय गाँधी ने 1985 से पहले का चुनाव भिंडरांवाले-खालिस्तान मुद्दे पर जीतने की योजना बनाई। 1982 के मध्य के बाद हमें सूचना मिली कि इंदिरा गाँधी की जान खतरे में है। भिंडरांवाले स्वर्ण मंदिर में शिफ्ट हो गया था। उसे गिरफ्तार करने की साजिश भी ऐसे रची गई, जैसे वो बहुत बड़ा व्यक्ति था और उसे पकड़ना आसान नहीं था।”

यह रूस के साथ गद्दारी, हथियार उठाने वालों को देंगे कठोर सजा: वैगनर आर्मी को पुतिन की सख्त चेतावनी, बगावत को बताया ‘पीठ में छुरा घोंपना’

वैगनर ग्रुप के प्रमुख येेवगेनी प्रिगोझिन द्वारा विद्रोह का ऐलान करने के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसे गद्दारी बताया है और कहा है कि आरोपितों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। सशस्त्र विद्रोह को कुचलने के लिए रूसी सेना के कमांडर-इन-चीफ यानी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा, “मैं आंतरिक विश्वासघात से अपने देश की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करूँगा।”

रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, शनिवार (24 जून 2023) को टेलीविजन संबोधन में पुतिन ने कहा, “हम आंतरिक विश्वासघात सहित किसी भी खतरे से अपने लोगों और अपने राज्य की रक्षा करेंगे। हमें जिस चीज का सामना करना पड़ा है, उसे निश्चित रूप से विश्वासघात कहा जा सकता है। असीमित महत्वाकांक्षाओं और व्यक्तिगत हितों ने देश और उसके लोगों के साथ देशद्रोह और विश्वासघात को जन्म दिया है।”

पुतिन ने जोर देकर कहा कि देश में गृहयुद्ध दोबारा नहीं होने दिया जाएगा। पुतिन ने वैगनर समूह की कार्रवाई को ‘पीठ में छुरा घोंपना’, ‘देशद्रोह कृत्य’ और ‘सशस्त्र विद्रोह’ बताया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने देश के खिलाफ हथियार उठाए हैं, उन्हें दंडित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दक्षिणी शहर रोस्तोव-ऑन-डॉन में स्थिरता बहाल करने के लिए निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।

निजी सैन्य कंपनी वैगनर के संस्थापक येवगेनी प्रिगोझिन के टेलीग्राम चैनल ने पहले देश के सैन्य नेताओं पर आरोप लगाते हुए कई ऑडियो पोस्ट किए थे। इसके बाद रूस की संघीय सुरक्षा सेवा (एफएसबी) ने सशस्त्र विद्रोह के आह्वान पर एक आपराधिक मामला खोला है। एफएसबी ने वैगनर के सेनानियों से आग्रह किया कि वे प्रिगोझिन के आदेशों का पालन न करें।

दरअसल, 24 जून 2023 को सुबह-सुबह वैगनर ग्रुप के सैनिकों ने यूक्रेन से कई एंट्री पॉइंट के जरिए रूस में प्रवेश किया। उन्होंने दक्षिणी कमान के मुख्यालय वाले शहर रोस्तोव पर कब्जा करने की भी बात कही। समूह के नेता येवगेनी प्रिगोझिन ने इस ऑपरेशन को ‘स्वतंत्रता का मार्च’ बताया है।

प्रिगोझिन की सेनाएँ राजधानी मास्को की तरफ भी मार्च कर रही हैं। इसको देखते हुए शहर में टैंक और बख्तरबंद गाड़ियाँ उतार दी गई हैं। यूके रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि वैगनर समूह की अन्य इकाइयाँ संभवतः मॉस्को पहुँचने के इरादे से वोरोनिश ओब्लास्ट के माध्यम से उत्तर की ओर आगे बढ़ रही हैं। वैगनर ग्रुप और रूसी सुरक्षा बलों के बीच सीधी झड़प के सीमित सबूत सामने आए हैं।

उधर, वेरोनिश शहर के गवर्नर अलेक्जेंडर गुसेव ने क्षेत्र की सड़कों पर सैन्य वाहनों के काफिले को अफवाह बताते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने अपने टेलीग्राम चैनल पर लिखा, “सोशल मीडिया में अब वोरोनिश क्षेत्र के क्षेत्र में सैन्य उपकरणों के काफिले की कथित गतिविधियों के बारे में बहुत सारी गलत जानकारी है।”

उन्होंने आगे कहा, “ऐसे संदेशों का प्रसार रूसी कानून के तहत दंडनीय है। संचार निगरानी संस्था रोसकोम्नाडज़ोर और क्षेत्रीय अभियोजक का कार्यालय ऐसे सभी मामलों पर प्रतिक्रिया देगा। मुझे यकीन है कि वोरोनिश क्षेत्र के निवासी उन लोगों द्वारा फैलाए गए सूचना के उकसावे में नहीं आएँगे, जो देश को अस्थिर करने में रुचि रखते हैं।”

कौन है वैगनर ग्रुप

वैगनर ग्रुप एक निजी सैन्य कंपनी है, जिसकी स्थापना रूस में की गई थी। इसे साल 2014 में तब प्रमुखता मिली, जब इसने पूर्वी यूक्रेन में रूस समर्थक अलगाववादी ताकतों का समर्थन किया। शुरुआत में यह लगभग 5,000 लड़ाकों के साथ अफ्रीका और मध्य पूर्व में काम कर रहा था, तब से इसका काफी विस्तार हुआ है।

यूके के रक्षा मंत्रालय का अनुमान है कि यूक्रेन में उसके लगभग 50,000 लड़ाके हैं, जो इसे रूस-यूक्रेन संघर्ष में एक महत्वपूर्ण निभाते हैं। वैगनर भारी संख्या में भर्तियाँ करता है। यह भी कहा जा रहा है कि यूक्रेन की जेलों में बंद उसके लगभग 80% सैनिक बाहर निकल आए हैं।

रूस में भाड़े की सेना अवैध है। इसके बावजूद वैगनर समूह एक छद्म सैन्य संगठन के रूप में काम करता है और रूसी शहरों में खुलेआम भर्ती करता रहा है। वैगनर की गतिविधियाँ यूक्रेन से परे फैली हुई हैं। इसके भाड़े के सैनिक सीरिया, लीबिया, मध्य अफ़्रीकी गणराज्य और माली में संघर्षों में शामिल हैं। जहाँ पर इस समूह के सैनिक हैं, वहाँ उन पर हत्या, यातना और युद्ध अपराध के आरोप लगे हैं।

अब बिहार के किशनगंज में मेची नदी पर बन रहा पुल धँसा, गुणवत्ता पर उठे सवाल: सालभर में राज्य में गिर चुके हैं 8 पुल

अब बिहार के किशनगंज जिले में मेची नदी पर बन रहा पुल धँस गया है। NH 327 E में बन रहा यह पुल पहली बारिश भी नहीं झेल पाया। यह घटना तब हुई है जब नदी में पानी भी काफी कम है। ऐसे में पुल के निर्माण में भारी भ्रष्टाचार की आशंका जताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, किशनगंज के गलगलिया से अररिया तक 1546 करोड़ रुपए की लागत से नेशनल हाइवे 327 E चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इसी नेशनल हाइवे में ठाकुरगंज और बहादुरगंज प्रखंड के बीच स्थित गौरी चौक में मेची नदी पर पुल बनाया जा रहा है। 6 पाये वाले इस पुल का एक पाया धँसने के कारण अब यह बीच से झुका हुआ नजर आ रहा है।

94 किलोमीटर लंबे इस हाइवे पर अभी दर्जनों पुलों का निर्माण होना बाकी है। निर्माणाधीन होने के चलते अभी इस पुल में लोगों की आवाजाही शुरू नहीं हुई थी। अररिया से गलगलिया के बीच बन रही इस सड़क के पूरे हो जाने से बिहार से नेपाल जाने वाले लोगों को काफी आसानी होगी। यही नहीं, यह सड़क NH 57 के व्यस्त होने की स्थिति में भी यह सड़क बढ़िया विकल्प होगी। वहीं किशनगंज, अररिया समेत सुपौल, मधुबनी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर जिलों से नेपाल और बंगाल जाने वाले लोगों के लिए भी यह रास्ता कम दूरी वाला बेहतरीन विकल्प होगा।

बता दें कि बिहार में पुल टूटने या धँसने की यह पहली घटना नहीं है। बीते एक साल में 8 पुल भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुके हैं। इससे पहले 4 जून, 2023 को बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी पर 1700 करोड़ रुपए की लागत से बना रहा पुल टूट कर नदी में गिर गया था। वहीं, बीते महीने 16 मई को बिहार के पूर्णिया जिले में एक निर्माणाधीन पुल कंक्रीट पड़ने के महज चार घंटे बाद ही ढह गया था।

इससे पहले 19 मार्च 2023 को राज्य के सारण जिले में अंग्रेजों के जमाने का एक सड़क पुल गिरने से दो लोग घायल हो गए थे। वहीं, 19 फरवरी 2023 को पटना जिले के बिहटा सरमेटा में एक निर्माणाधीन पुल गिर गया था। इस साल की शुरुआत यानी कि 16 जनवरी 2023 को दरभंगा जिले के कुशेश्वर में ओवरलोड ट्रक के कारण लोहे का पुल गिर गया था।

इससे पहले 18 नवंबर 2022 को बिहार के नालंदा जिले के वेना में एक निर्माणाधीन फोर लेन सड़क पुल गिरने से एक व्यक्ति की गौत हो गई थी। इसी प्रकार की घटना 9 जून 2022 को बिहार के सहरसा जिले के सिमटी बख्तियारपुर में हुई। यहाँ पुल का एक हिस्सा गिरने से तीन मजदूर घायल हो गए थे। वहीं, 20 मई 2022 को पटना में अत्यधिक बारिश के चलते 136 साल पुराना पुल ढह गया था।